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Author name: Vinod Jha

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Keralam Accident: केरलम के त्रिशूर में सड़क हादसा, तमिलनाडु के 8 इंजीनियरिंग छात्रों की दर्दनाक मौत; चालक पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज

Keralam Accident: हादसा शुक्रवार रात लगभग 11:40 बजे काईपमंगलम के पनमबिक्कुन्नू में हुआ. गुरुवायुर से कोडुंगल्लूर की ओर जा रही छात्रों की तेज रफ्तार कार सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी एक महाराष्ट्र पंजीकृत लॉरी के पिछले हिस्से में जा घुसी. मृतकों की हुई पहचान टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छह छात्रों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य को अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया. मृतकों की पहचान डिंडीगुल के सूर्या, युवासंजीत, विश्व व जोहुआ और मदुरै के संतोष व प्रसन्ना के रूप में हुई है, जबकि दो अन्य छात्रों की शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं. स्थानीय निवासियों, पुलिस और दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकालकर त्रिशूर मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर भिजवाया. फरार लॉरी चालक पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज पुलिस जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य के कारण रास्ते में अवरोधक (बैरिकेट्स) लगाए गए थे और लॉरी चालक ने अपने वाहन को अवरोधक वाले हिस्से के पास सड़क के दाहिनी ओर अवैध रूप से पार्क कर रखा था. अंधेरा होने और कार की गति तेज होने के कारण चालक संभवतः अवरोधक और खड़ी लॉरी को समय रहते देख नहीं पाया. हादसे बाद लॉरी छोड़कर चालक फरार हादसे के तुरंत बाद लॉरी चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया. काईपमंगलम पुलिस ने फरार चालक के खिलाफ हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. त्रिशूर के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मोहम्मद नदीमुद्दीन ने स्पष्ट किया कि हालांकि प्रारंभिक जांच के अनुसार मुख्य गलती लॉरी चालक की ही है, लेकिन मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कोडुंगल्लूर के पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है. पुलिस ने छात्रों के पास मिले पहचान पत्रों के जरिए उनके परिजनों को सूचित कर दिया है. केरलम के स्पोर्ट्स मंत्री ने NHAI की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल इस दुखद घटना के बाद कोडुंगल्लूर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले केरलम के स्पोर्ट्स मंत्री ओ जे जनीश ने हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और ठेकेदारों की लापरवाही पर तीखा हमला बोला है. मंत्री ने आरोप लगाया कि NHAI जनप्रतिनिधियों की चिंताओं और बार-बार आयोजित होने वाली बैठकों को पूरी तरह नजरअंदाज करता है. उन्होंने राजमार्ग पर अपर्याप्त रोशनी, निर्माण स्थलों पर साइनबोर्ड की कमी और गति-नियंत्रण के उपायों में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया. जनीश ने कहा कि जिला प्रशासन और विधायकों के साथ हुई कई बैठकों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन NHAI स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाए बिना काम करता है, मानो उसे मानव जीवन की कोई परवाह ही न हो. पुलिस अब इस जांच में NHAI और ठेकेदारों की संभावित भूमिका को भी शामिल कर रही है. ये भी पढ़ें: Nepal Floods: 9 दिन सुरंग में जपते रहे हरे कृष्ण, जन्माष्टमी पर हुआ रेस्क्यू, जिंदा निकले 2 लोग The post Keralam Accident: केरलम के त्रिशूर में सड़क हादसा, तमिलनाडु के 8 इंजीनियरिंग छात्रों की दर्दनाक मौत; चालक पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के इन 7 गेज प्वाइंट पर खतरे के निशान से ऊपर गंगा, 18 जिलों में घुसा पानी, पुनपुन समेत कई और नदियां भी उफान पर

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ रहा है. राज्य के 18 जिलों में बाढ़ का पानी फैल चुका है. इससे 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. पटना में गंगा और पुनपुन का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. वहीं, उत्तर बिहार की कई नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. गंगा की रफ्तार कुछ जगह धीमी जरूर हुई है, लेकिन तीनों गेज प्वाइंट पर जलस्तर लाल निशान से ऊपर है. पुनपुन नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है. पुनपुन ने बढ़ाई पटना की चिंता पुनपुन नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 28 सेंटीमीटर बढ़ा है. श्रीपालपुर में यह खतरे के निशान से करीब 2.57 मीटर ऊपर पहुंच गया है. पुनपुन का जलस्तर 53.16 मीटर दर्ज किया गया है. खतरे का निशान 50.60 मीटर है. नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने 1976 की बाढ़ की याद ताजा कर दी है. उस साल पुनपुन का जलस्तर 91 मीटर के उच्च स्तर तक पहुंचा था. फिलहाल सबसे ज्यादा असर पुनपुन प्रखंड के निचले इलाकों में है. कई गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं. ग्रामीणों का सामान्य आवागमन भी लगभग ठप हो गया है. गंगा सात गेज प्वाइंट पर लाल निशान के ऊपर गंगा राज्य के सात गेज प्वाइंट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. भागलपुर में नदी करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है. इससे राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर दबाव बढ़ गया है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, भागलपुर में पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 46 सेंटीमीटर बढ़ा है. यहां नदी पहली बार खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची है. कहलगांव में भी गंगा लाल निशान से काफी ऊपर है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और आवागमन के लिए राज्य में 693 प्रशासनी नावों का परिचालन शुरू किया गया है. इन गेज प्वाइंट पर खतरे के निशान से ऊपर गंगा बक्सर: 19 सेंटीमीटर ऊपर दीघा: 127 सेंटीमीटर ऊपर गांधी घाट: 178 सेंटीमीटर ऊपर हाथीदह: 153 सेंटीमीटर ऊपर मुंगेर: 9 सेंटीमीटर ऊपर भागलपुर: 32 सेंटीमीटर ऊपर कहलगांव: 82 सेंटीमीटर ऊपर पुनपुन के साथ दरधा नदी भी उफान पर पुनपुन की सहायक नदी दरधा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इससे पटना के निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है. वहीं, सोन नदी में भी पानी का दबाव बढ़ा है. इंद्रपुरी बराज से डिस्चार्ज बढ़ाया गया है. शुक्रवार को यहां से 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. उत्तर बिहार की चार नदियां भी लाल निशान के ऊपर उत्तर बिहार में कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर है. कोसी: खगड़िया के बलतारा में 124 सेंटीमीटर और कटिहार के कुरसेला में 80 सेंटीमीटर ऊपर. गंडक: गोपालगंज के डुमरिया में 75 सेंटीमीटर और हाजीपुर में 9 सेंटीमीटर ऊपर. बूढ़ी गंडक: खगड़िया में 111 सेंटीमीटर ऊपर. घाघरा: सीवान के दरौली में 32 सेंटीमीटर ऊपर. भागलपुर और पटना में तटबंधों की निगरानी तेज गंगा और पुनपुन के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. इंजीनियरों को 24 घंटे तटबंधों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है. भागलपुर के राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध की निगरानी के लिए पटना मुख्यालय से वरीय इंजीनियरों की टीम भेजी गई है. मरम्मत कार्य की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. पुनपुन रिंग बांध में रिसाव के बाद अलर्ट पुनपुन नदी के रिंग बांध में रिसाव की सूचना के बाद निगरानी और बढ़ा दी गई है. कार्यपालक अभियंता को जरूरी सामग्री और मजदूरों के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. बांध में कहीं भी रिसाव मिलने पर तत्काल मरम्मत की जाएगी. इसका मकसद पानी को फैलने से रोकना है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, पुनपुन का बायां तटबंध और दरधा का बायां तटबंध पटना शहर की तरफ है. यहां रिसाव होने पर शहर के लिए खतरा बढ़ सकता है. वहीं, दाहिनी तरफ रिसाव होने पर गांवों और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. इन जिलों में हजारों लोग प्रभावित निचले इलाकों में पानी फैलने से कई जिलों में बड़ी आबादी प्रभावित हुई है. अरवल: 32,000 बक्सर: 10,000 बेगूसराय: 21,700 समस्तीपुर: 11,800 खगड़िया: 85,000 मुंगेर: 38,000 कटिहार: 36,000 बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है. तटबंधों पर किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. Also Read: पिता और इकलौते भाई को खोया, बेटी को छोड़कर पढ़ाई की, लोगों के ताने सहे, पढ़िए बिहार की शिक्षिका चंचला तिवारी की कहानी The post बिहार के इन 7 गेज प्वाइंट पर खतरे के निशान से ऊपर गंगा, 18 जिलों में घुसा पानी, पुनपुन समेत कई और नदियां भी उफान पर appeared first on Naya Vichar.

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New World Map : बदल गया दुनिया का नक्शा! जानें अब कहां दिखेंगे भारत और पाकिस्तान?

दुनिया का नक्शा देखकर हमें लगता है कि असल दुनियां ऐसी ही होंगी, लेकिन हम या आप जिस नक्शा से दुनियां की असल तस्वीर की कल्पना करते हैं वो 100 फीसदी नहीं होता है. वास्तविक तौर पर उसकी छवि अलग होती है. आज दुनिया को जानने और समझने के लिए हम जिस नक्शे का इस्तेमाल करते हैं वो करीब 450 साल से इस्तेमाल हो रहे मर्केटर द्वारा तैयार किया गया था. अब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस तस्वीर को बदलने की पहल की है, 4 सितंबर 2026 को महासभा ने करेक्ट द मैप प्रस्ताव को मंजूरी दी. इसमें ऐसे नक्शों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई है, जिनमें दुनिया के महाद्वीपों का आकार असल क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखे. इनमें खास तौर पर इक्वल अर्थ नक्शे का जिक्र है. इसके पक्ष में 164 देशों ने वोट किया, अमेरिका ने विरोध किया और 6 देश मतदान से दूर रहे. हालांकि संयुक्त राष्ट्र का यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है. क्या है इक्वल अर्थ नक्शा? इक्वल अर्थ एक ऐसा मानचित्र प्रक्षेपण है, जिसमें अलग-अलग जगहों का क्षेत्रफल वास्तविक आकार के ज्यादा करीब रखने की कोशिश की गई है. इसे कार्टोग्राफरों बोजन शाव्रिच, टॉम पैटरसन और बर्नहार्ड जेनी ने 2018 में तैयार किया था. इस नक्शे में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण एशिया और ओशिनिया पहले की तुलना में ज्यादा बड़े दिखाई देते हैं. दूसरी तरफ उत्तरी हिस्सों में मौजूद यूरोप और उत्तरी अमेरिका का आकार अपेक्षाकृत छोटा नजर आता है. नए नक्शे में कहां दिखेगा हिंदुस्तान और पाकिस्तान ? अब सवाल आता है कि नए नक्शे में हिंदुस्तान और पाकिस्तान कैसे दिखेंगे? क्या दोनों देशों की जगह बदल जाएगी? इसका सीधा जवाब है नहीं. हिंदुस्तान और पाकिस्तान जहां आज हैं, नए नक्शे में भी वहीं रहेंगे. उनकी सीमाओं में कोई बदलाव नहीं होगा. यानी ऐसा बिल्कुल नहीं है कि नया नक्शा आने के बाद हिंदुस्तान या पाकिस्तान की जमीन बढ़ जाएगी या कम हो जाएगी. फर्क सिर्फ इतना होगा कि नक्शे पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान का आकार दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा सही नजर आएगा. दरअसल, पुराने मर्केटर नक्शे में धरती के ऊपरी और निचले हिस्से के देश असल से काफी बड़े दिखाई देते हैं. इसकी वजह यह है कि हमारी धरती गोल है, लेकिन नक्शा कागज के एक सपाट पन्ने पर बनाया जाता है. इसे कागज पर उतारते समय कुछ जगहों का आकार बढ़ जाता है और कुछ जगहों का छोटा दिखाई देने लगता है. हालांकि भूमध्य रेखा के पास होने के कारण हिंदुस्तान और पाकिस्तान के साथ ऐसी गड़बड़ी नहीं होती, जैसी ग्रीनलैंड या उत्तरी ध्रुव के आसपास के इलाकों के साथ होती है. फिर भी पुराने नक्शे में दोनों देशों का आकार बिल्कुल उसी अनुपात में नहीं दिखता, जैसा जमीन पर है. इक्वल अर्थ नक्शा में कोशिश की गई है कि किसी देश को सिर्फ उसकी नक्शे वाली जगह की वजह से जरूरत से ज्यादा बड़ा न दिखाया जाए, यानी जिस देश की जमीन असल में जितनी बड़ी है, नक्शे पर भी उसका आकार उसी के करीब दिखाई दे. इसका मतलब यह भी नहीं है कि हिंदुस्तान के लिए नक्शे पर बहुत बड़ा दिखाई देने लगेगा और इसी तरह पाकिस्तान भी अचानक बड़ा या छोटा नहीं हो जाएगा. दोनों देशों के आकार में कोई जमीन पर बदलाव नहीं होगा. सिर्फ दूसरे देशों के साथ तुलना करने पर उनका आकार ज्यादा सही नजर आएगा. तो क्या अब मर्केटर नक्शा खत्म हो जाएगा? नहीं, मर्केटर नक्शे का इस्तेमाल पूरी तरह बंद नहीं होगा. यह नक्शा समुद्री और हवाई दिशा-निर्धारण जैसे कामों में आज भी उपयोगी है, क्योंकि इसमें दिशा और कोण को खास तरीके से दिखाया जाता है.असल बदलाव सामान्य दुनिया के नक्शे में लाने की कोशिश है. आने वाले समय में स्कूलों, किताबों, मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इक्वल अर्थ जैसे नक्शों का इस्तेमाल बढ़ सकता है. उदाहरण के लिए हिंदुस्तान और पाकिस्तान अपनी जगह पर ही रहेंगे, लेकिन उन्हें दुनिया के नक्शे पर देखने का तरीका बदल सकता है. ये भी पढ़ें: हर दिन 6,766 लीटर इंसानी पेशाब से पिघल रहा ग्लेशियर! नेपाल में बाढ़ से क्या है इसका कनेक्शन? The post New World Map : बदल गया दुनिया का नक्शा! जानें अब कहां दिखेंगे हिंदुस्तान और पाकिस्तान? appeared first on Naya Vichar.

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Aaj Ka Rashifal: आज कर्क राशि वालों को परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी, तुला राशि के जातकों को नौकरी में उलझन

Aaj Ka Rashifal 5 September 2026: आज 5 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद मास की नवमी तिथि के अवसर पर ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव सभी राशियों पर दिखेगा. जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कल का दिन कैसा रहेगा. मेष राशि का आज का राशिफल कल शनिवार 5 सितंबर 2026 को कर्मक्षेत्र में कठिनाईयों का सामना होगा,इस समय शत्रु हावी हो सकता है,उदर पीड़ा,सेहत में गिरावट आएगी.आर्थिक परेशानी. लकी नंबर – 2 लकी कलर – मैजेंटा उपाय – हनुमान जी को सिंदूर चढाएं. वृष राशि का आज का राशिफल भौतिक सुख-सम्पन्नता में वृद्धि होगी,कारोबार की स्थिति में सुधार,आर्थिक लाभ,घर-परिवार में शांति का वातावरण रहेगा. लकी नंबर – 7 लकी कलर – हल्का नीला उपाय – आज शनिवार के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं. मिथुन राशि का आज का राशिफल कर्मक्षेत्र में संतोषजनक वातावरण,प्रशंसनीय कार्य करने का अवसर,मान-यश-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी,नयी आर्थिक-व्यापारिक योजना बनेगी. लकी नंबर – 9 लकी कलर – पर्पल उपाय – गणेश जी की पूजा और मंत्र ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करें. कर्क राशि का आज का राशिफल शुभ समाचार की प्राप्ति होगी,बच्चों की तरफ से खुशसमाचारी प्राप्त होगी.परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी. लकी नंबर – 7 लकी कलर – सिल्वर उपाय – शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें. सिंह राशि का आज का राशिफल रोजगार-व्यापार के क्षेत्र में विरोधियों पर विजय मिलेगा,आज का दिन सुख-शांति से व्यतीत होगा,आर्थिक लाभ,घर में खुशी का वातावरण. लकी नंबर – 4 लकी कलर – पीच कलर उपाय – सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. कन्या राशि का आज का राशिफल पुराने मित्रों से मुलाकात होगी.अनायास धन व कार्य की प्राप्ति होगी.अपनी सूझबूझ से सारे कार्य बना लेंगे. लकी नंबर – 8 लकी कलर – ऑलिव ग्रीन उपाय – गाय को हरा चारा खिलाएं और भगवान विष्णु का ध्यान करें. तुला राशि का आज का राशिफल नौकरी नया पद-पोजीशन-अधिकार मिलने में उलझन होने की संभावना,महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने में विलम्ब होगा. लकी नंबर – 4 लकी कलर – लैवेंडर उपाय – मां लक्ष्मी की पूजा करें और नारियल का दान करें. वृश्चिक राशि का आज का राशिफल नौकरी की क्षेत्र से कोई शुभ समाचार मिलेगा,मान-यश-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, विवाह संबंधित शुभ कार्य में व्यस्त रहेंगे. लकी नंबर – 7 लकी कलर – गहरा लाल उपाय – आज शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें. धनु राशि का आज का राशिफल सफलता आपके दरवाजे पर दस्तक देगी,प्रशासनी कार्य में प्रगति होगी.शुभ समाचारों की प्राप्ति,आमदनी के स्रोत बढ़ेंगे. लकी नंबर – 9 लकी कलर – सरसों पीला उपाय – भगवान विष्णु की पूजा करें और पीली वस्तु का दान करें. मकर राशि का आज का राशिफल नये जॉब का ऑफर मिलने की संभावना,रोजगार संबंधीं समस्यायें हल होगी,कोई नया कार्य की योजना सफल होगी. लकी नंबर – 5 लकी कलर – भूरा उपाय – पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि मंत्र का जाप करें. कुंभ राशि का आज का राशिफल आपको कोई नया कार्य या प्रोजेक्ट प्राप्त हो सकता है,घर में कोई शुभ कार्य सम्पन्न कर सकते हैं,आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. लकी नंबर – 5 लकी कलर – नीला उपाय – शनि देव को सरसों के तेल का दीपक अर्पित करें और जरूरतमंद को काले तिल का दान करें. मीन राशि का आज का राशिफल नौकरी में परिवर्तन होने की संभावना,दूर की यात्रा के योग बन सकते हैं,परिवार में नए मेहमान का आगमन होगा. लकी नंबर – 6 लकी कलर – हरा उपाय – भगवान शिव को जल या गंगाजल अर्पण करें. The post Aaj Ka Rashifal: आज कर्क राशि वालों को परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी, तुला राशि के जातकों को नौकरी में उलझन appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल बाढ़ से भारी तबाही: अब तक 1344 लोगों की मौत, 5053 लापता; 32963 लोग प्रभावित

Nepal Flash Floods Update: नेपाल राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से अब तक 32,963 लोग प्रभावित हो चुके हैं. जबकि 13,095 लोगों को अब तक बचाया गया है. राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है. कहां से कितने लोगों की हो चुकी है मौत कुल मौत – 1,344 रसुवा: 140 नुवाकोट: 184 धादिंग: 67 गोरखा: 73 तनहुं: 38 नवलपरासी पूर्व: 221 नवलपरासी पश्चिम: 212 चितवन: 359 (विभिन्न मानव अंगों सहित) शिनाख्त कर सौंपे गए शवों की संख्या: 96 घायलों की संख्या: 5,663 लापता लोगों की संख्या: 5,053 बचाए गए लोगों की संख्या: 13,095 7570 घरों को हुआ नुकसान निजी घर: कुल 7570 प्रशासनी संरचना: कुल 48 (35 पूर्ण क्षति, 13 आंशिक क्षति) विद्यालय: कुल 18 (11 पूर्ण क्षति, 7 आंशिक क्षति) स्वास्थ्य संस्था: कुल 7 (4 पूर्ण क्षति, 3 आंशिक क्षति) सड़क: 55 किलोमीटर पूर्ण क्षति पुल: कुल मोटरेबल 37 (33 पूर्ण क्षति) और 68 झोलुंगे (झूला) पुल 26 अगस्त को आई थी विनाशकारी बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से अचानक आई बाढ़ ने उत्तर और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई और व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ. ये भी पढ़ें: Nepal Floods: 9 दिन सुरंग में जपते रहे हरे कृष्ण, जन्माष्टमी पर हुआ रेस्क्यू, जिंदा निकले 2 लोग The post नेपाल बाढ़ से भारी तबाही: अब तक 1344 लोगों की मौत, 5053 लापता; 32963 लोग प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति का विशेष लेख: शिक्षक नियति के निर्माता, गढ़ते हैं भविष्य, वही हमारे आदर्श

यह सर्वविदित है कि हमारे देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन चाहते थे कि उनका जन्मदिन ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाया जाए. वे विश्वविख्यात विद्वान, लेखक और स्टेट्समैन थे, लेकिन शिक्षक की भूमिका को उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण माना. अत्यंत लोकप्रिय पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम से एक बार पूछा गया कि उन्हें लोग एक वैज्ञानिक के रूप में याद करेंगे या राष्ट्रपति के रूप में, कलाम साहब ने उत्तर दिया कि वे चाहेंगे कि उन्हें एक शिक्षक के रूप में याद किया जाए. शिक्षक श्रद्धेय हों और विद्यार्थी श्रद्धालु हों, वही हमारा आदर्श रहा है. हमारे प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है कि शिक्षक विद्यार्थियों से अपनी संतान की तरह प्यार करें, उनसे भेदभाव रहित समानता का व्यवहार करें, उन पर क्रोध न करें, धैर्यवान हों, विद्यार्थियों के कल्याण पर दृष्टि केंद्रित रखें तथा उनकी ग्रहणशक्ति के अनुसार शिक्षा प्रदान करें. ऐसे शिक्षकों के प्रति सम्मान के भाव से ही लगभग तीन हजार वर्ष पहले तैत्तिरीय उपनिषद की शिक्षावल्ली में ‘आचार्यदेवो भव’ का संदेश दिया गया है. सौभाग्य से अपने विद्यार्थी जीवन में मुझे बहुत अच्छे और स्नेही शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलता रहा. हमारी टीचर्स, स्कूल की छुट्टी के बाद भी, कभी-कभी अपने घर में ही हमें पढ़ाती थीं और हमारी देख-भाल भी करती थीं. सातवीं कक्षा के बाद अपने गांव से बाहर जाकर पढ़ाई करने वाली मैं पहली छात्रा थी. आगे की पढ़ाई के दौरान भुवनेश्वर में भी मुझे शिक्षकों का भरपूर स्नेह और मार्गदर्शन मिलता रहा। अपने शिक्षकों का विनम्रतापूर्वक उल्लेख मैंने यह बताने के लिए किया है कि स्नेही और समर्पित शिक्षक विद्यार्थियों में असीम क्षमता और प्रेरणा का संचार करते हैं. इससे शक्ति पाकर विद्यार्थियों में किसी भी चुनौती का सामना करने का साहस और बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने का उत्साह बना रहता है. मैं मानती हूं कि शिक्षक पाठ्यक्रम तो पढ़ाते ही हैं, अपनी गतिविधियों से, विद्यार्थियों को जीने की कला भी सिखाते हैं. इस प्रकार, शिक्षक अपने विद्यार्थियों के मार्गदर्शक तो होते ही हैं, उनके शुभचिंतक, मित्र और सहयात्री भी होते हैं. श्रेष्ठ शिक्षक की विशेषता के बारे में हमारी संस्कृति और परंपरा में प्राचीन काल से चले आ रहे विचार आज भी पूर्णतः प्रासंगिक हैं. सदियों पहले, अपने नाटक ‘मालविकाग्निमित्रम्’ में महाकवि कालिदास कहते हैं कि जिस अध्यापक में प्रचुर ज्ञान हो तथा उस ज्ञान को समझाने की क्षमता भी हो, वही अच्छा शिक्षक होता है. एक लोकप्रिय संस्कृत सुभाषित में कहा गया है- ‘सर्वत्र विजयम् इच्छेत् शिष्यात् इच्छेत् पराजयम्’. इसका आशय यह है कि सर्वत्र विजय की कामना करनी चाहिए, परंतु शिष्य से पराजय की इच्छा होनी चाहिए। विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन को प्रोत्साहित करना, जिज्ञासा उत्पन्न करना, प्रश्न करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना, तर्क-शक्ति का विकास करना तथा उनके स्वतंत्र व्यक्तित्व के निर्माण में योगदान देना शिक्षण कार्य के प्रेरक और उपयोगी आयाम हैं। ऐसी प्रेरक शिक्षा से ही सफल उद्यमी, प्रतिभाशाली वैज्ञानिक, सृजनशील कलाकार और चुनौतियों के नवीन समाधान प्रस्तुत करने वाले नागरिकों की पीढ़ियां तैयार होंगी. शिक्षण कर्म केवल एक वृत्ति नहीं है, एक व्रत है। यह केवल व्यवसाय या नौकरी नहीं है, अपितु मानवता के निर्माण का पवित्र कार्य है. यह भावी पीढ़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त करने का सत्कार्य है. शिक्षणकार्य से जुड़ी स्मृतियां मुझे विशेष संतोष देती हैं. मैंने ओडिशा के रायरंगपुर में स्थित ‘श्री अरबिंदो इंटीग्रल स्कूल’ में बच्चों को पढ़ाया है. विभिन्न विषयों को पढ़ाने के अलावा मैं बच्चों के साथ संगीत, स्पोर्ट्स-कूद और नाटक की तैयारियों में पूरे मन से उनकी सहायता करती थी. बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तैयारी और उन समारोहों में उनके उत्साह को याद करके आज भी मुझे रोमांच होता है. विद्यार्थियों को सुंदर प्राकृतिक स्थलों पर पिकनिक के लिए ले जाना तथा स्पोर्ट्स-स्पोर्ट्स में उन्हें जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के बारे में जानकारी देना मुझे बहुत सार्थक लगता था. स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बरसों बाद भी मेरे विद्यार्थी मुझे अपने पारिवारिक उत्सवों में बुलाते रहे हैं. मुझे अपने अनेक विद्यार्थियों के नाम तो याद हैं ही, उनको पुकारने के उपनाम भी मुझे आज तक याद हैं. मैंने जिन बच्चों को पढ़ाया है, उनसे बहुत कुछ सीखा भी है. मैं समझती हूं कि बच्चों की सहजता और जिज्ञासा सभी शिक्षकों को बहुत कुछ सिखाती है. राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल का दूसरा वर्ष पूरा होने के अवसर पर मैंने राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित स्कूल के विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के विषय पर पढ़ाया और उनसे बातचीत की. मेरा प्रयास रहता है कि मैं विद्यार्थियों से मिलूं और उनके विचारों को समझूं. उनकी बातें मेरे ध्यान में बनी रहती हैं. लगभग ग्यारह वर्ष पहले, मैंने गांव के अपने निवास-स्थान में एक आवासीय विद्यालय की स्थापना की थी. उस विद्यालय में अनाथ तथा वंचित परिवारों के शिशु शिक्षा प्राप्त करते हैं. उन बच्चों से मिलने मैं वहां जाती रहती हूं. इस वर्ष 20 जून को अपने जन्मदिन पर उन बच्चों से मिलकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई. उस दिन मेरे साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी उस विद्यालय में जाकर उन बच्चों का उत्साहवर्धन किया. उनसे मिलने का असाधारण अनुभव बच्चों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बना रहेगा. उन बच्चों की प्रगति को देखकर मुझे विशेष सार्थकता की अनुभूति होती है. शिक्षा प्रदान करने का कार्य केवल शिक्षकों तक ही सीमित नहीं होता है. प्रत्येक ऐसा व्यक्ति जो अपने आचरण और उपलब्धियों से बच्चों के लिए ‘रोल मॉडल’ बनता है, वह भी शिक्षा और प्रेरणा का अमूल्य स्रोत होता है. माता-पिता और अभिभावक बड़े विश्वास के साथ अपने बच्चों को शिक्षकों के पास भेजते हैं. वे यह मानकर चलते हैं कि शिक्षक अपनेपन की भावना से बच्चों की सुरक्षा और प्रगति पर ध्यान देंगे. इस पवित्र आस्था की रक्षा करना प्रत्येक शिक्षक का धर्म है. शिक्षक की भावना, आचरण और व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जिससे बच्चों में भय और आशंका न उत्पन्न हो, उनका मनोबल न टूटे तथा उनमें हीन भावना न पैदा हो. अच्छे शिक्षक यह सुनिश्चित करते हैं कि विद्यार्थी अपने सर्वोत्तम स्वरूप को प्राप्त कर सकें. विद्यार्थियों को अच्छा व्यक्ति बनाना शिक्षक का पावन कर्तव्य है. नैतिकता के पथ पर चलते हुए समृद्धि और यश प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ही शिक्षक की

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JPSC परीक्षा घोटाला: स्ट्रांग रूम से बाहर निकलीं कॉपियां, एक्सपर्ट ने लिखे जवाब; आरोपियों के बयान से हुआ खुलासा

JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच में जुटी सीआइडी नये सिरे से मामले की जांच में जुटी है. जांच एजेंसी को अब आरोपी एक्सपर्ट शिक्षकों, प्रोफेसरों और साल्वरों की तलाश है. उन्हें TDPL निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी और सानंद प्रकाश के इशारे पर हरियाणा, लखनऊ, पंजाब और दिल्ली से रांची तथा हजारीबाग बुलाया गया था. उनसे जेपीएससी की ACF और FRO की परीक्षा की कॉपियां परीक्षा के बाद जेपीएससी दफ्तर के स्ट्रांग रूम से निकाल कर लिखवायी गयी थीं, ताकि कमजोर अभ्यर्थी भी सफल हो सकें. CID को गिरफ्तार हुए कई लोगों ने बाहरी एक्सपर्ट को झारखंड में बुलाकर कॉपी लिखाने की बात बतायी है. इसके बाद फिर कई अभ्यर्थियों से भी पूछताछ हुई. दिल्ली और लखनऊ में भी CID की चल रही छापेमारी अब सीआइडी इन एक्सपर्ट्स की तलाश में दिल्ली और लखनऊ में भी जाकर छापेमारी कर रही है. सीआइडी की पूछताछ में अब तक करीब छह से नौ ऐसे लोगों के नाम सामने आये हैं, जिनकी भूमिका इस पूरे स्पोर्ट्स में संदिग्ध बतायी जा रही है. सीआइडी के अधिकारियों का कहना है कि बयानों में आये नामों का सत्यापन किया जा रहा है, जिससे कि उनकी सही पहचान और वर्तमान ठिकाने का पता लगाया जा सके. सत्यापन पूरा होते ही उन्हें आरोपी बनाकर गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की जायेगी. एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन एक्सपर्ट्स को हर अभ्यर्थी के एवज में कितनी रकम दी जाती थी. नहीं आने वाले सवालों के जवाब एक्सपर्ट से लिखवाने का आरोप बताया जा रहा है कि जिन अभ्यर्थियों को जवाब नहीं आते थे, उनकी उत्तर पुस्तिका स्ट्रांग रूम से बाहर निकाल कर एक्सपर्ट तक पहुंचायी जाती थीं. वहां एक्सपर्ट टीम मॉडल आंसर के आधार पर जवाब लिखती थी. इसके बाद कॉपी को दोबारा स्ट्रॉन्ग रूम में जमा करया जाता था. यह पूरी प्रक्रिया अभय तिवारी और सानंद प्रकाश की देखरेख में संचालित होने का आरोप है. किस आरोपी ने क्या कहा ? प्रदीप का बयान : आरोपी प्रदीप ने अपने क्यान में बताया है कि ACF और FRO की मुख्य परीक्षा की करीब 30 छात्रों की उत्तर पुस्तिका उसने जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकाली थी. इन कॉपियों को उसने रामवीर को सौंपा था. बाहर उत्तर पुस्तिका को लिखवाकर वापस JPSC में जमा कराया गया था. संजय का बयान : आरोपी संजय ने अभय और रामवीर के बयान का आगे समर्थन करते हुए बताया है कि एफआरओ मेस में करीव 25 और एसीएफ मेस में करीब 15 यानी कुल करीब 40 अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका पीडीएफ एडिटर के जरिये परिवर्तित कर पास करायी गयी थी. अभय का बयान : मुख्य आरोपी अभय तिवारी के बयान से यह तथ्य भी सामने आया है कि जिन अभ्यर्थियों को जवाब नहीं आता था, उनकी कॉपी को स्ट्रॉन्ग रूम से निकाल कर बाहर ले जाया जाता था और मॉडल उत्तर उपलब्ध करा जवाब लिखवाये जाते थे. जिन अभ्यर्थियों ने खुद ठीक उत्तर लिखे थे, उनके नंबर बढ़ाने के लिए प्रोफेसरों से संपर्क किया जाता था. उस्मान का बयान : आरोपी उस्मान ने अपने बयान में बताया है कि करीब 100 छात्रों को अनुचित माध्यम से एफआरओ और एसीएफ परीक्षा पास करायी गयी थी. इसकी जानकारी उसने सीआइडी को दी है. रामवीर का बयान : प्रदीप के बयान का समर्थन करते हुए रामवीर ने बताया है कि एफआरओ परीक्षा के दौरान अभय तिवारी, धर्मेंद्र और आनंद ने करीब 15 अभ्यर्थियों का रोल नंबर उसे दिया था. प्रति कैंडिडेट 8 से 10 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी. रामवीर के मुताविक धर्मेंद्र के जरिये दिये गये 10-12 अभ्यर्थियों का काम पूरा हुआ, जबकि अभय तिवारी के करीब 50 अभ्यर्थियों का. इसके एवज में अभय तिवारी ने उसे 1.20 करोड़ रुपये नकद दिये थे. रामवीर ने यह भी बताया कि मुख्य परीक्षा के पेपर हजारीबाग और रांची में बाहर लिखे गये थे. इसके अलावा उसने यह भी खुलासा किया कि खाली छूटी OMR सीट को भरने के लिए लखनऊ और दिल्ली से टीम को बुलाया गया था. The post JPSC परीक्षा घोटाला: स्ट्रांग रूम से बाहर निकलीं कॉपियां, एक्सपर्ट ने लिखे जवाब; आरोपियों के बयान से हुआ खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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India vs Pakistan Women Asia Cup 2026: भारत-पाकिस्तान मैच से पहले जानिए किसका पलड़ा भारी?

India vs Pakistan Women Asia Cup 2026: स्त्री एशिया कप 2026 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान की स्त्री क्रिकेट टीमें 5 सितंबर को आमने-सामने होंगी. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में शामिल है. हिंदुस्तान लगातार दो जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, जबकि पाकिस्तान के लिए यह मैच अहम है. इसे भी पढ़े- Team India Asian Games 2026: एशियन गेम्स में क्रूज शिप पर रहेगी टीम इंडिया? BCCI ने उठाया कमरा शेयरिंग का मुद्दा हिंदुस्तान-पाकिस्तान का रिकॉर्ड एकतरफा हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच स्त्री क्रिकेट में आंकड़े टीम इंडिया के पक्ष में हैं. दोनों के बीच अब तक 12 वनडे हुए हैं और हिंदुस्तान ने सभी मुकाबले जीते हैं. टी20 इंटरनेशनल में भी हिंदुस्तान ने 17 में से 14 मैच अपने नाम किए हैं. पाकिस्तान को तीन टी20I जीत मिली हैं. हिंदुस्तान स्त्री एशिया कप के इतिहास में सबसे सफल टीम है और अब उसकी नजर रिकॉर्ड आठवें खिताब पर है. प्रारूप हिंदुस्तान की जीत पाकिस्तान की जीत ड्रॉ/बेनतीजा वनडे (ODI) 12 12 0 टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) 17 14 3 कुल 29 26 3 पिछले मैच में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को रौंदा दोनों टीमों की पिछली भिड़ंत जून 2026 के स्त्री टी20 विश्व कप में हुई थी. एडिनबर्ग में स्पोर्ट्से गए उस मुकाबले में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 64 रन से हराया था. इससे पहले 2025 स्त्री वनडे विश्व कप में भी हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 88 रन से मात दी थी. टूर्नामेंट खिताब वर्ष स्त्री वनडे विश्व कप 1 2025 स्त्री टी20 विश्व कप 0 उपविजेता (2020) स्त्री एशिया कप (ODI) 4 2004, 2005-06, 2006, 2008 स्त्री एशिया कप (T20I) 3 2012, 2016, 2022 स्मृति मंधाना के रिकॉर्ड से बढ़ा हिंदुस्तान का आत्मविश्वास हिंदुस्तान ने एशिया कप में शानदार शुरुआत की है. हांगकांग चीन के खिलाफ पिछले मुकाबले में स्मृति मंधाना ने 64 गेंदों पर 124 रन की तूफानी पारी स्पोर्ट्सी. इस पारी के साथ वह स्त्री अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज भी बन गईं. हिंदुस्तान ने यह मैच 137 रन से जीता और सेमीफाइनल में जगह पक्की की. हिंदुस्तान बनाम पाक स्त्री क्रिकेट मैच (एक्स) टूर्नामेंट खिताब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्त्री वनडे विश्व कप 0 ग्रुप चरण स्त्री टी20 विश्व कप 0 ग्रुप चरण स्त्री एशिया कप 0 उपविजेता (2012, 2016) इसे भी पढ़े- Hardik Pandya BSF jawans viral photo: BSF जवानों संग हार्दिक पांड्या की फोटो वायरल, गंजे लुक ने खींचा ध्यान The post India vs Pakistan Women Asia Cup 2026: हिंदुस्तान-पाकिस्तान मैच से पहले जानिए किसका पलड़ा भारी? appeared first on Naya Vichar.

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5 सितंबर की टॉप 20 खबरें: जंतर-मंतर मारपीट का आरोपी गिरफ्तार, बंगाल में UCC बिल होगा सबसे अलग, JSSC CGL जांच में CID का एक्शन

1. जंतर-मंतर पर मारपीट के बाद फरार था स्वतंत्र भारद्वाज, बुलंदशहर से दिल्ली पुलिस ने दबोचा जंतर-मंतर पर CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से हिरासत में लिया है. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाश तेज कर दी थी.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. बंगाल का यूनिफार्म सिविल कोड बिल होगा सबसे अलग, विवाह के 13 कानूनों की जगह बनेगा एक कानून पश्चिम बंगाल में यूनिफार्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं. राज्य प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो 13 अलग-अलग विवाह कानूनों की जगह एक समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करेगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. JSSC CGL गड़बड़ी की जांच करने आयोग कार्यालय पहुंची CID की टीम ; कई दस्तावेज जब्त, अधिकारियों से पूछताछ CID की टीम ने JSSC कार्यालय से सीजीएल परीक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं. यह कार्रवाई परीक्षा में सामने आई गड़बड़ी की जांच के सिलसिले में हुई है. आयोग के सचिव सहित अन्य अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. भाजपा के 48 घंटे के अल्टीमेटम पर JMM का पलटवार, विनोद पांडेय बोले- ‘छात्रों के नाम पर हो रही नेतृत्वक नौटंकी’ झामुमो के विनोद पांडेय ने भाजपा के छात्रों के मुद्दे पर दी गई चेतावनी का कड़ा जवाब दिया है. उन्होंने भाजपा पर छात्रों के नाम पर नेतृत्वक स्पोर्ट्स स्पोर्ट्सने का आरोप लगाया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. 35 नेताओं में सिर्फ PM Modi क्यों हैं ट्रंप की पहली पसंद? अमेरिकी राजदूत गोर ने बताया हिंदुस्तान और अमेरिका के रिश्तों को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बयान दिया है. उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और कूटनीति के क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी की तारीफ की. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों को लेकर भी अहम बात कही. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. Nepal Flash Floods: मौतों का आंकड़ा 1,287 पहुंचा, 5000 से ज्यादा लापता, सुरंग से जिंदा निकले 2 लोग Nepal Flash Floods: नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक हैं. NDRRMA के अनुसार मृतकों की संख्या 1,287 पहुंच चुकी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. Nepal Floods: 9 दिन सुरंग में जपते रहे हरे कृष्ण, जन्माष्टमी पर हुआ रेस्क्यू, जिंदा निकले 2 लोग Nepal Floods: नेपाल में भीषण बाढ़ की तबाही के बीच जन्माष्टमी के दिन उम्मीद भरी समाचार सामने आई. त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में नौ दिन से फंसे दो कर्मचारियों को जिंदा बचा लिया गया. इनमें से एक ने बताया कि वह पूरे समय हरे कृष्ण मंत्र का जाप करता रहा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. कागजों पर बन गई 15 लाख की सड़क, जमीन पर ढूंढते रह गए SDO! खगड़िया के कोलवारा में महाघोटाले की खुली पोल खगड़िया के कोलवारा में 15 लाख रुपये की पेवर ब्लॉक सड़क निर्माण योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. प्रशासनिक जांच में योजना स्थल पर निर्माण कार्य नदारद पाया गया है. मामले में आगे की कार्रवाई संचिका की जांच के बाद होगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. Explainer : बिहार में हर साल हजारों करोड़ पानी में बह रहा, फिर क्यों बाढ़ नहीं रोक पा रही प्रशासन? बिहार में गंगा, कोसी, सोन समेत कई नदियों के उफान से हर साल बाढ़ की स्थिति बनती है। सवाल है कि बाढ़ नियंत्रण पर हजारों करोड़ खर्च होने के बावजूद बिहार को इस संकट से स्थायी राहत क्यों नहीं मिल पा रही? यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. UP Politics: आसिम वकार के कांग्रेस में जाने पर AIMIM ने खोला मोर्चा, बोले- टीवी डिबेट से नहीं, जमीन पर काम करने वालों से बनती है पार्टी UP Politics: AIMIM ने राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार के कांग्रेस में जाने पर प्रतिक्रिया दी है. प्रदेश महासचिव मोहम्मद शमीम खान ने कहा कि ऐसे नेताओं के जाने से पार्टी पर कोई खास असर नहीं पड़ता. उन्होंने जोर देकर कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत होते हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. Air India Pilot Fired: Phuket-Delhi फ्लाइट के पायलट को नौकरी से निकाला गया, हवा में 300 फीट गिरा था विमान Air India ने एक पायलट को नौकरी से निकाल दिया है जिसके ड्रग टेस्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ पाया गया था. यह फैसला 4 अगस्त को हुई एक घटना के बाद लिया गया, जब उनकी फ्लाइट में अचानक ऊंचाई में बदलाव आया था. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. पीएम मोदी ने दी बधाई तो मेलोनी का आया रिप्लाई, कहा- आपकी बातों और दोस्ती के लिए शुक्रिया इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 4 सितंबर को युद्धोत्तर इटली के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने का रिकॉर्ड बनाया. इस उपलब्धि पर पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी. जवाब में मेलोनी ने हिंदुस्तान-इटली संबंधों को पहले से ज्यादा मजबूत बताते हुए मोदी की दोस्ती के लिए धन्यवाद दिया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. Ayesha Zafar India vs Pakistan: ऑलराउंडर आयशा जफर ने बताया हिंदुस्तान के खिलाफ पाकिस्तान का खास प्लान Ayesha Zafar India vs Pakistan: स्त्री एशिया कप में हिंदुस्तान-पाकिस्तान भिड़ंत से पहले, आयशा जफर ने बताई पाक की रणनीति, स्पिन और फील्डिंग पर खास फोकस. जानिए पूरी योजना.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. Kia Syros का Flex-Fuel मॉडल हुआ पेश, 85% एथेनॉल तक वाले फ्यूल से चलेगी ये SUV Kia India ने Syros Flex-Fuel SUV का कॉन्सेप्ट पेश किया है, जो पेट्रोल के साथ E85 यानी 85% एथेनॉल वाले फ्यूल पर भी चल सकेगी. इसमें 1.0-लीटर टर्बो इंजन और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलेगा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 15. Teachers Day History: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानें पूरी कहानी Teachers Day History: हिंदुस्तान में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. जानें शिक्षक दिवस की शुरुआत कब हुई, 5 सितंबर का दिन क्यों चुना गया और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का इससे क्या संबंध है. साथ ही जानें Teachers Day से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 16. Computer Science

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जमशेदपुर से Jaguar-Land Rover तक Tata Motors का सफर, Ford ने किया अपमानित तो दिया कॉर्पोरेट दुनिया का सबसे मशहूर ‘कमबैक’

झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में जब भी कोई सायरन बजता है, तो वह केवल एक कारखाने की शिफ्ट बदलने का संकेत नहीं होता. बल्कि वह हिंदुस्तान की औद्योगिक धड़कन का भी अहसास कराता है. 1945 में जिस कंपनी की नींव हिंदुस्तानीय रेलवे के भाप के इंजन यानी लोकोमोटिव बनाने के लिए रखी गई थी, आज वह दुनिया की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों को टक्कर दे रही है. हम बात कर रहे हैं Tata Motors की. वो कंपनी, जिसके ट्रक दशकों से हिंदुस्तान की वित्तीय स्थिति का भार उठा रहे हैं और जिसकी पैसेंजर कारें आज लोगों के बीच ‘5-स्टार सेफ्टी’ और ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल’ का पर्याय बन चुकी हैं. Tata Group के संस्थापक जमशेदजी नुसरवानजी टाटा जिन्हें जमशेदजी टाटा के नाम से भी जाना जाता है, के नाम पर जमशेदपुर का नाम पड़ा. इससे पहले यह इलाका ‘साकची’ के नाम से जाना जाता था. 1919 में लॉर्ड चेम्सफोर्ड ने जमशेदजी टाटा के सम्मान में इसका नाम साकची से बदलकर ‘जमशेदपुर’ किया था. इसी इलाके के रेलवे स्टेशन का नाम पहले ‘कालीमाटी’ था, जिसे आज ‘टाटानगर’ कहा जाता है. उन्होंने ही इस शहर की नींव रखी और यहां ‘Tata Steel’ प्लांट की परिकल्पना की. लॉजिस्टिक्स की रीढ़ माने जाने वाले टाटा के ट्रकों से लेकर, हिंदुस्तान की पहली स्वदेशी कार ‘Indica’ और आज की एडवांस ‘Nexon EV’ तक का सफर किसी हॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं है. नया विचार के इस स्पेशल ऑटोमोबाइल सीरीज ‘सफरनामा’ में, आज हम पढ़ेंगे ‘Tata Motors’ की कहानी. इस सफरनामे में हम कंपनी के संघर्ष, अपमान और प्रयोगों की भट्टी में तपकर खुद को एक ग्लोबल लीडर बनाने की यात्रा को इस लेख के जरिए महसूस करेंगे. टाटा मोटर्स का सफरनामा जमशेदजी का वो सपना, जिस पर दौड़ी टाटा की गाड़ियां भले ही टाटा मोटर्स की आधिकारिक शुरुआत 1945 में हुई, लेकिन इसके बीज बहुत पहले बोए जा चुके थे. टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नुसीरवानजी टाटा ने जब हिंदुस्तान के पहले औद्योगिक शहर (जिसे आज हम जमशेदपुर कहते हैं) का सपना देखा था, तब उनका विजन केवल स्टील (TISCO) बनाने तक सीमित नहीं था; वे एक ऐसा ‘आत्मनिर्भर हिंदुस्तान’ चाहते थे जो सुई से लेकर भारी मशीनरी तक खुद बनाए. 1904 में जमशेदजी के निधन के बाद, उनके इसी औद्योगिक सपने को साकार करने और हिंदुस्तान को ‘पहिए’ देने की जिम्मेदारी उनके वंशज जेआरडी टाटा ने उठाई. जमशेदजी की दूरदृष्टि और जेआरडी टाटा के एग्जीक्यूशन का ही नतीजा था कि जमशेदपुर की जमीन से ‘टेल्को’ (TELCO) का जन्म हुआ टाटा मोटर्स का सफरनामा ‘सिएरा’ का दौर और स्वदेशी ‘इंडीका’ का जन्म (1991-1998) 1991 में रतन टाटा ने कमान संभाली. उदारीकरण के उस दौर में उन्होंने भांप लिया था कि कंपनी सिर्फ कमर्शियल गाड़ियां बनाकर भविष्य में सर्वाइव नहीं कर सकती. 1991 में ही टाटा ने हिंदुस्तान की पहली स्वदेशी एसयूवी टाटा सिएरा (Tata Sierra) उतारी. इसके बाद एस्टेट (Estate) और सूमो (Sumo) ने बाजार में दस्तक दी. लेकिन असली भूचाल 1998 के नई दिल्ली ऑटो एक्सपो (Auto Expo) में आया. रतन टाटा ने हिंदुस्तान की पहली पूरी तरह से स्वदेशी रूप से निर्मित कार टाटा इंडीका (Tata Indica) पेश की. इसका नारा था- “More car per car”. यह कार रातों-रात हिट हुई और पहली बार हिंदुस्तानीय कार बाजार में मारुति सुजुकी के वर्चस्व को सीधी चुनौती मिली. टाटा मोटर्स का सफरनामा नैनो का सपना: इंजीनियरिंग में हिट, पर मार्केटिंग में फ्लॉप 2008 में ही टाटा मोटर्स ने 1 लाख रुपये की टाटा नैनो (Nano) पेश की. विचार शानदार था- बारिश में भीगने वाले दोपहिया वाहन के परिवारों को एक सुरक्षित, किफायती कार देना. इंजीनियरिंग के नजरिए से नैनो एक चमत्कार थी, लेकिन यह एक बड़ी मार्केटिंग फेलियर साबित हुई. सिंगूर विवाद के कारण प्लांट शिफ्ट करना पड़ा, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान इसकी ब्रांडिंग से हुआ. कंपनी ने इसे “दुनिया की सबसे सस्ती कार” (Cheapest Car) कहकर प्रमोट किया. हिंदुस्तान में कार खरीदना एक ‘स्टेटस सिंबल’ होता है और कोई भी व्यक्ति अपने पड़ोसियों को यह नहीं दिखाना चाहता था कि उसने देश की सबसे ‘सस्ती’ कार खरीदी है. नतीजतन, यह शानदार प्रयोग बाजार में फ्लॉप हो गया. टाटा मोटर्स का सफरनामा सेफ्टी फर्स्ट: माइलेज के दीवाने देश को क्रैश टेस्ट सिखाना दशकों तक हिंदुस्तानीय कार बाजार सिर्फ एक सवाल के इर्द-गिर्द घूमता था- “माइलेज कितना देती है?” टाटा ने इस नैरेटिव को जड़ से बदल दिया. 2018 में, टाटा नेक्सन (Tata Nexon) ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग हासिल करने वाली हिंदुस्तान की पहली कार बनी. टाटा ने ग्राहकों को सिखाया कि कार में सबसे महत्वपूर्ण चीज टचस्क्रीन नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा है. आज जब हिंदुस्तान प्रशासन ने अपना खुद का ‘हिंदुस्तान NCAP (B-NCAP)’ लागू किया है, तो उसमें भी टाटा की गाड़ियां लगातार 5-स्टार हासिल कर रही हैं. टाटा मोटर्स का सफरनामा 2025 का ऐतिहासिक बंटवारा: दो हिस्सों में क्यों बंटी कंपनी? टाटा मोटर्स के 80 साल के इतिहास में सबसे बड़ा फैसला हाल ही में लागू हुआ है. अक्टूबर-नवंबर 2025 में टाटा मोटर्स का आधिकारिक रूप से डिमर्जर (Demerger) पूरा हो गया. अब टाटा मोटर्स एक नहीं, बल्कि शेयर बाजार में दो अलग-अलग कंपनियां बन चुकी है: Tata Motors Limited (TMCV): यह कंपनी सिर्फ कमर्शियल गाड़ियां (ट्रक, बस, पिकअप) बनाएगी. Tata Motors Passenger Vehicles Limited (TMPV): यह कंपनी सिर्फ कारें, ईवी और जगुआर लैंड रोवर (JLR) का बिजनेस देखेगी. ऐसा क्यों किया गया? ट्रक बिजनेस वित्तीय स्थिति और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है, जबकि कार बिजनेस लोगों की लाइफस्टाइल और पसंद पर. दोनों को अलग करने से अब मैनेजमेंट अपने-अपने सेक्टर पर बेहतर फोकस कर पाएगा. टाटा मोटर्स का सफरनामा एक नजर में: टाटा मोटर्स के ऐतिहासिक माइलस्टोन (Timeline) 1945: जमशेदपुर में जेआरडी टाटा द्वारा TELCO की स्थापना. 1954: मर्सिडीज बेंज (Daimler) के सहयोग से हिंदुस्तान का पहला कमर्शियल ट्रक (TMB 312) लॉन्च. 1991: हिंदुस्तान की पहली स्वदेशी SUV ‘टाटा सिएरा’ (Sierra) की एंट्री. 1998: ‘टाटा इंडीका’ (Indica) लॉन्च, जो पूर्ण रूप से हिंदुस्तानीय पैसेंजर कार थी. 2008: ‘टाटा नैनो’ का पेश हुई और जगुआर-लैंड रोवर (JLR) का ऐतिहासिक अधिग्रहण. 2018: ‘नेक्सन’ (Nexon) ने हिंदुस्तान की पहली 5-स्टार G-NCAP सेफ्टी रेटिंग हासिल की और सुरक्षा की नई बहस छेड़ी. 2020+: नेक्सन ईवी (Nexon EV) के साथ हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक क्रांति का

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