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Author name: Vinod Jha

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Nepal Flood: सांस थमने से पहले पहुंची रेस्क्यू टीम, 10 दिन बाद मलबे में दबी 60 साल की महिला जिंदा मिली

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के करीब 10 दिन बाद एक और चमत्कारी रेस्क्यू हुआ है. नुवाकोट जिले के बेत्रावती इलाके में मलबे में दबे चार मंजिला मकान से 60 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ को जिंदा बाहर निकाला गया. नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) की टीम ने शनिवार को उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. मकान की ऊपरी मंजिल पर फंसी हुई थीं स्त्री रिपोर्ट के मुताबिक, चंडिका श्रेष्ठ मकान की ऊपरी मंजिल पर फंसी हुई थीं. APF इंस्पेक्टर सुमन बीके के नेतृत्व वाली टीम ने उन्हें बाहर निकाला और उन्हें हेलिकॉप्टर से काठमांडू ले जाने की तैयारी की गई. ये भी पढ़ें: Video: नेपाल के दार्चुला में अब भारी भूस्खलन, चौलानी नदी का बहाव प्रभावित, निचले इलाकों में अलर्ट नेपाल में 26 अगस्त की भयावह बाढ़ और भूस्खलन के बाद हजारों लोग अब भी लापता हैं. इससे एक दिन पहले भी त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो कर्मचारियों को 9 दिन बाद जिंदा निकाला गया था, जिससे अन्य लापता लोगों के जिंदा मिलने की उम्मीद बढ़ी है. The post Nepal Flood: सांस थमने से पहले पहुंची रेस्क्यू टीम, 10 दिन बाद मलबे में दबी 60 साल की स्त्री जिंदा मिली appeared first on Naya Vichar.

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सहारनपुर में 100 साल से ज्यादा पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, DIG ने कहा- अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई

Saharanpur Mosque Controversy: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी 100 साल से अधिक पुरानी मस्जिद को जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण माना है. प्रशासन की कार्रवाई के तहत आज सुबह करीब 5 बजे मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया. बताया जाता है कि अंग्रेजों के दौर में कलक्ट्रेट में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों के लिए यह मस्जिद बनवाई गई थी, ताकि उन्हें नमाज पढ़ने के लिए दूर न जाना पड़े. 16 जुलाई को जिला प्रशासन ने मस्जिद के निर्माण को अवैध माना था. मस्जिद कमेटी ने कोर्ट में 1 जनवरी 1911 का बिजली बिल पेश कर दावा किया कि कलक्ट्रेट से पहले ही यहां मस्जिद मौजूद थी, जबकि प्रशासन ने दलील दी कि सहारनपुर में बिजली की शुरुआत 1912 में हुई थी. रात में सील की बात, सुबह मस्जिद जमींदोज सहारनपुर मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे. रात में भी मस्जिद तोड़े जाने की सूचना फैलने के बाद डीएम ने लोगों को मस्जिद सील किए जाने की बात कहकर शांत किया था, लेकिन सुबह तक मस्जिद जमींदोज हो चुकी थी. कार्रवाई के विरोध में आने वाले कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किए जाने की सूचना है. सपा सांसद इकरा हसन को कैराना स्थित उनके घर से निकलने नहीं दिया गया. दिल्ली में सांसद इमरान मसूद ने कार्रवाई पर कहा, ‘बुलडोजर मस्जिद पर नहीं कानून पर चला है. ये संविधान, कानून पर बुलडोजर चला रहे हैं. 100 साल से बनी मस्जिद गिरा दी गई. जबरदस्ती रातों-रात मस्जिद बुलडोज कर दी. हम इसे नजीर नहीं बनने देंगे, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.’ सहारनपुर में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बने मस्जिद का ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है. मौके पर एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है. सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने निर्माण को अवैध मानते हुए इसे गिराने का आदेश जारी किया था. इसी आदेश के तहत प्रशासन की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण किया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर तैनात हैं. मायावती ने मस्जिद ध्वस्तीकरण पर जताई चिंता बसपा प्रमुख मायावती ने सहारनपुर की मस्जिद समेत उत्तर प्रदेश में मस्जिदों को अवैध बताकर जल्दबाजी में ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई को अनुचित बताया है. उन्होंने प्रशासन से ऐसे कदमों पर तत्काल रोक लगाने और विवादों के समाधान के दूसरे रास्ते अपनाने की मांग की. मायावती ने कहा कि संवैधानिक प्रशासन का दायित्व सभी धर्मों और उनके धार्मिक स्थलों का समान सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने अभियुक्तों के मकान ध्वस्त कर परिवार को सामूहिक सजा देने वाली कार्रवाई पर भी चिंता जताते हुए कानून के तहत कानून का राज कायम करने की जरूरत बताई. मायावती ने न्यायालय से भी ऐसे मामलों पर समुचित ध्यान देने की अपील की और सभी पक्षों से सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने का आह्वान किया. अवैध निर्माण पर कार्रवाई: DIG सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने प्रशासनी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित पाया था. उन्होंने बताया कि मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल अपील भी खारिज हो चुकी है, जिसके बाद अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है. विपक्षी नेताओं के बयानों पर DIG ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी निवारक कदम उठाए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस कार्रवाई में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इकरा हसन बोलीं- मस्जिद गिराना शर्मनाक सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि निचली सिविल कोर्ट का आदेश आने के बाद पूरी मस्जिद को सील कर दिया गया था और आसपास बैरिकेडिंग लगा दी गई थी. उन्होंने कहा कि इस दौरान लोग अधिकारियों से बात कर कुछ समय मांगना चाहते थे, क्योंकि वे हाई कोर्ट जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया. इकरा हसन ने कहा कि सहारनपुर जिले के सभी प्रमुख लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया और सुबह-सुबह मस्जिद ढहा दी गई. उन्होंने इसे शर्मनाक और पूरी तरह निंदनीय बताते हुए कहा कि वह इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगी. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या दिखाती है और ‘क्विक जस्टिस’ को मानक तरीका बनाया जा रहा है. इकरा हसन ने सवाल उठाया कि अगर हर फैसला सिर्फ प्रशासनी आदेशों के आधार पर होना है, तो फिर कानूनी व्यवस्था की जरूरत ही क्या है. उन्होंने कहा कि इस गुनाह का अंजाम जिम्मेदार लोगों को जरूर भुगतना होगा. मस्जिद पर बुलडोजर क्यों? मजहबी आजादी पर सवाल सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद को आज सुबह 5 बजे गिराने पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि क्या मुसलमानों की मजहबी आजादी का संवैधानिक अधिकार अब भी सुरक्षित है? मस्जिद कमेटी ने अदालत में 1911 के दस्तावेज पेश कर यह बताने की कोशिश की कि मस्जिद कलेक्ट्रेट से पहले से मौजूद थी और एक सदी से अधिक समय से वहां लगातार नमाज होती रही है. ऐसे में वक्फ बाय यूजर, Limitation Act और लंबे समय से चले आ रहे कब्जे के कानूनी पहलुओं पर भी सवाल उठते हैं. कहा गया कि जब मस्जिद पहले थी और कलेक्ट्रेट बाद में बना, तो इतने पुराने इबादतगाह पर अचानक बुलडोजर क्यों चलाया गया? मजहबी आजादी किसी की रहम-ओ-करम पर निर्भर नहीं है और अपनी खुन्नस मिटाने के लिए मस्जिद को निशाना नहीं बनाया जा सकता. शमीम खान बोले- धार्मिक स्थलों को ढहाना समाज बांटने वाला कदम AIMIM के यूपी प्रदेश महासचिव मोहम्मद शमीम खान ने कहा कि 1950 में संविधान लागू होने के समय यह तय किया गया था कि संविधान लागू होने से पहले मौजूद धार्मिक स्थलों को यथास्थिति में रखा जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव करीब आने पर धार्मिक स्थलों को ध्वस्त कर वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश करती है. शमीम खान ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई समाज को बांटने वाली और सामाजिक स्थिरता को प्रभावित करने वाली है. इससे सामाजिक भाईचारे और

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ज्यादा माइलेज के लिए हाइब्रिड गाड़ी लेना चाहते हैं? जानिए Kia Sorento और MG Hector Tomahawk के बीच कौन है ज्यादा वैल्यू फॉर मनी?

हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल बाजार में हाइब्रिड गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी सेगमेंट में मुकाबला कड़ा करने के लिए दो बड़ी 3-रो वाली प्रीमियम SUVs आमने-सामने हैं-Kia Sorento Hybrid और MG Hector Tomahawk PHEV. Kia जहां अपनी दमदार स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड तकनीक और पावर के साथ आती है, वहीं MG ने हिंदुस्तान में पहली बार प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) सेटअप पेश कर दांव स्पोर्ट्सा है. अगर आप एक बड़ी फैमिली SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं साइज, इंजन, माइलेज और कीमत के आधार पर कौन किस पर भारी है. साइज में कौन सी गाड़ी है ज्यादा बड़ी? साइज के मामले में Kia Sorento, Hector Tomahawk से हर पैमाने पर बड़ी नजर आती है. Sorento की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और व्हीलबेस हेक्टर के मुकाबले ज्यादा है, जिससे इसके केबिन में बेहतर स्पेस मिलने की उम्मीद है. हालांकि, तीसरी पंक्ति की सीटों के पीछे बूट स्पेस के मामले में MG हेक्टर 13 लीटर ज्यादा जगह देती है. डायमेंशन कंपैरिजन स्पेसिफिकेशन Kia Sorento Hybrid    MG Hector Tomahawk PHEV लंबाई 4,815 मिमी 4,745 मिमी चौड़ाई 1,900 मिमी 1,850 मिमी ऊंचाई 1,785 मिमी 1,770 मिमी व्हीलबेस 2,815 मिमी 2,810 मिमी बूट स्पेस 179 लीटर 192 लीटर पहिए (Alloy Wheels) 18-19 इंच 18 इंच ये भी पढ़ें: Kia Sorento vs Toyota Fortuner: कीमत, इंजन और फीचर्स के मामले में कौन है असली किंग? देखें तुलना स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड vs प्लग-इन हाइब्रिड दोनों गाड़ियों की हाइब्रिड तकनीक में बुनियादी अंतर है: MG Hector Tomahawk (PHEV): इसमें 20.5 kWh का बड़ा बैटरी पैक मिलता है, जिसे घरेलू AC चार्जर या DC फास्ट चार्जर से प्लग करके चार्ज किया जा सकता है. कंपनी का दावा है कि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक (EV) मोड में 115 किमी से ज्यादा चल सकती है. Kia Sorento (Strong Hybrid): इसकी बैटरी को बाहर से चार्ज करने की जरूरत नहीं होती. यह कार के पेट्रोल इंजन और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग से खुद-ब-खुद चार्ज होती रहती है. इंजन और परफॉर्मेंस स्पेसिफिकेशन फीचर Kia Sorento Hybrid MG Hector Tomahawk PHEV इंजन 1.6L टर्बो-पेट्रोल (180 hp / 265 Nm) 1.5L नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इलेक्ट्रिक मोटर 65 hp / 264 Nm PMSM मोटर कुल सिस्टम आउटपुट घोषणा बाकी 198 hp / 230 Nm बैटरी क्षमता कॉम्पैक्ट बैटरी 20.5 kWh ट्रांसमिशन 6-स्पीड ऑटोमैटिक (AT) डेडिकेटेड हाइब्रिड ट्रांसमिशन (DHT) ड्राइव टाइप FWD और AWD केवल FWD 0-100 किमी/घंटा TBA 9.0 सेकंड दावा किया गया माइलेज TBA 50 किमी/लीटर चार्जिंग समय लागू नहीं DC फास्ट चार्ज: 35 मिनट (30-80%) फ्यूल टैंक क्षमता 67 लीटर 52 लीटर ड्राइविंग मोड्स और फीचर्स Kia Sorento हाइब्रिड: इसमें बेहतर ग्रिप के लिए ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) का विकल्प मिलता है. साथ ही Eco, Sport और Smart ड्राइविंग मोड्स के अलावा Snow, Mud और Sand जैसे टेरेन मोड्स भी दिए गए हैं. MG Hector Tomahawk PHEV: यह केवल फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) में आती है. इसमें बैटरी चार्ज के आधार पर तीन ड्राइविंग मोड्स मिलते हैं- सीरीज-हाइब्रिड (इंजन बैटरी चार्ज करता है, मोटर पहिए चलाती है), पैरेलल-हाइब्रिड (इंजन और मोटर दोनों मिलकर ताकत देते हैं), और प्योर इंजन मोड. कीमत और वेरिएंट्स कीमत के मोर्चे पर MG Hector Tomahawk काफी आक्रामक नजर आती है, जबकि Kia Sorento का प्रीमियम टैग साफ दिखाई देता है. मॉडल शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत टॉप मॉडल एक्स-शोरूम कीमत Kia Sorento Hybrid ₹29.49 लाख ₹40.19 लाख (6 वेरिएंट्स) MG Hector Tomahawk PHEV ₹25.70 लाख ₹27.79 लाख (2 वेरिएंट्स) Kia Sorento का बेस मॉडल भी हेक्टर के बेस मॉडल से करीब 3.79 लाख रुपये महंगा है. वहीं, Sorento के टॉप AWD वेरिएंट की कीमत हेक्टर के टॉप वेरिएंट से लगभग 12.40 लाख रुपये ज्यादा है. आपके लिए कौन सी SUV बेहतर? MG Hector Tomahawk PHEV चुनें अगर: बजट ₹26 से ₹28 लाख के बीच है, आप रोजाना 80-100 किमी का सफर सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड (सस्ते खर्च) में तय करना चाहते हैं और आपको एक बजट-फ्रेंडली 7-सीटर फैमिली कार चाहिए. Kia Sorento Hybrid चुनें अगर: बजट ज्यादा है, आपको ऑल-व्हील ड्राइव (AWD), बड़ा रोड प्रेजेंस, टर्बो-पेट्रोल की दमदार परफॉर्मेंस और 6-सीटर कैप्टन सीट्स का लग्जरी अनुभव चाहिए. ये भी पढ़ें: Kia Syros का Flex-Fuel मॉडल हुआ पेश, 85% एथेनॉल तक वाले फ्यूल से चलेगी ये SUV The post ज्यादा माइलेज के लिए हाइब्रिड गाड़ी लेना चाहते हैं? जानिए Kia Sorento और MG Hector Tomahawk के बीच कौन है ज्यादा वैल्यू फॉर मनी? appeared first on Naya Vichar.

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JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को नहीं मिली राहत, CID की विशेष अदालत ने खारिज की जमानत याचिका

JPSC CID Probe: 14वीं जेपीएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है. सीआईडी की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. इससे पहले बुधवार को जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब अदालत ने फैसला सुनाते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है. छापेमारी में नहीं मिला आपत्तिजनक दस्तावेज सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि एल खियांग्ते के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है. उनके अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सीआईडी द्वारा की गई छापेमारी में भी ऐसा कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या सामग्री बरामद नहीं हुई, जिससे यह साबित हो सके कि उनके मुवक्किल किसी आपराधिक साजिश में शामिल थे. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि केवल आरोपों के आधार पर उन्हें लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए. एल खियांग्ते की भूमिका गंभीर दूसरी ओर, सीआईडी ने अदालत के समक्ष अपनी जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए एल खियांग्ते की भूमिका को गंभीर बताया. जांच एजेंसी का आरोप है कि ब्लैकलिस्टेड निजी कंपनी ट्रिपल डी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को JPSC की परीक्षाएं आयोजित कराने का काम दिलाने में एल खियांग्ते की मुख्य भूमिका रही. सीआईडी के अनुसार, इस पूरे मामले में भारी कमीशन लेने का आरोप भी उनके खिलाफ जांच में सामने आया है. पूछताछ के दौरान साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान साक्ष्य नष्ट करने की कोशिशों से जुड़े तथ्य सामने आए थे. इसी आधार पर सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं. सीआईडी कर रहा मामले की जांच यह मामला JPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा संचालन में निजी एजेंसियों की भूमिका को लेकर चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है. सीआईडी इस मामले में पूर्व अधिकारियों, निजी कंपनी के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: तीन दिनों की पूछताछ के बाद पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते जेल भेजे गये फिलहाल जेल में ही रहेंगे एल खियांग्ते अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद एल खियांग्ते को फिलहाल जेल में ही रहना होगा. वहीं, सीआईडी अब मामले में आगे की जांच और साक्ष्यों को मजबूत करने की दिशा में कार्रवाई जारी रखेगी. JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में यह फैसला जांच एजेंसी के लिए अहम माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें: JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को नहीं मिली राहत, CID की विशेष अदालत ने खारिज की जमानत याचिका The post JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को नहीं मिली राहत, CID की विशेष अदालत ने खारिज की जमानत याचिका appeared first on Naya Vichar.

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किसे करें नमस्ते, किसे नमस्कार और किसे प्रणाम? ये कन्फ्यूजन आज कर लें दूर

हिंदुस्तान में किसी से मिलने पर अभिवादन करना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. घर में बड़ों से लेकर ऑफिस में सीनियर और बाहर किसी परिचित से मिलने तक हम किसी न किसी तरीके से सामने वाले का अभिवादन करते हैं. हालांकि, कई बार मन में सवाल आता है कि नमस्ते, नमस्कार और प्रणाम में आखिर फर्क क्या है? तीनों शब्द सम्मान से जुड़े हुए हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल का तरीका और भाव थोड़ा अलग होता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि किस मौके पर कौन-सा अभिवादन करना बेहतर रहता है. नमस्ते कब बोलना चाहिए? नमस्ते सबसे आम और रोजाना इस्तेमाल होने वाला अभिवादन है. किसी एक व्यक्ति से मिलने पर आप आसानी से नमस्ते कह सकते हैं. दोस्तों, परिचितों, सहकर्मियों या अपने बराबर उम्र के लोगों से मिलते समय इसका इस्तेमाल सामान्य तौर पर किया जाता है. हाथ जोड़कर नमस्ते करना हिंदुस्तानीय संस्कृति में सम्मान जताने का सहज तरीका माना जाता है. किसी से पहली बार मुलाकात हो या रोजाना मिलना-जुलना हो, दोनों ही मौकों पर नमस्ते कहा जा सकता है. नमस्कार किस मौके पर कहें? नमस्कार भी सम्मान के साथ अभिवादन करने का तरीका है. इसका इस्तेमाल खासतौर पर औपचारिक माहौल में काफी सहज लगता है. अगर किसी कार्यक्रम में कई लोगों का एक साथ अभिवादन करना हो, तो नमस्कार कहना अच्छा विकल्प है. ऑफिस की मीटिंग, सार्वजनिक कार्यक्रम, समारोह या किसी वरिष्ठ व्यक्ति से मुलाकात के दौरान भी आप नमस्कार कह सकते हैं. इसमें सम्मान के साथ थोड़ा औपचारिक भाव भी जुड़ा होता है. बड़ों के लिए क्यों कहते हैं प्रणाम? प्रणाम शब्द में आदर और सम्मान का भाव अधिक गहरा माना जाता है. आमतौर पर माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, गुरुजनों और घर के बड़े-बुजुर्गों का अभिवादन करते समय प्रणाम कहा जाता है. कई परिवारों में शिशु बड़ों के पैर छूकर प्रणाम भी करते हैं. यह सिर्फ अभिवादन नहीं, बल्कि सामने वाले के प्रति सम्मान और आदर दिखाने की पारंपरिक भावना है. तीनों में आसान अंतर समझिए अगर इसे बिल्कुल आसान तरीके से समझें, तो किसी सामान्य मुलाकात में नमस्ते, औपचारिक या सामूहिक अभिवादन में नमस्कार और बड़ों या गुरुजनों के प्रति विशेष सम्मान जताने के लिए प्रणाम कहना सहज माना जाता है. हालांकि, इन शब्दों का इस्तेमाल परिवार, क्षेत्र और परिस्थिति के अनुसार थोड़ा अलग भी हो सकता है. सबसे जरूरी बात यह है कि अभिवादन में आपके शब्दों के साथ-साथ सम्मान और अपनापन भी नजर आए. यह भी पढ़ें:  किराए के घर की सजावट का आसान जुगाड़, बिना दीवार खराब किए मिलेगा प्रीमियम लुक The post किसे करें नमस्ते, किसे नमस्कार और किसे प्रणाम? ये कन्फ्यूजन आज कर लें दूर appeared first on Naya Vichar.

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कर्ज वापस नहीं करने पर महिला के कपड़े उतरवा कर बनाया वीडियो, बेटे को भी 4 दिनों तक रखा बंधक, जानें पूरा मामला

बेंगलुरु में कर्ज और ब्याज को लेकर एक स्त्री के साथ कथित तौर पर मारपीट, अपहरण और बंधक बनाने का मामला सामने आया है. स्त्री का आरोप है कि उससे 11 लाख रुपये की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर उसे निर्वस्त्र कर वीडियो बनाया गया. पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है. 50 हजार के कर्ज से शुरू हुआ मामला न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार मामला बेंगलुरु के चंद्रा लेआउट थाना क्षेत्र का है. शिकायतकर्ता स्त्री घरेलू काम करती है. दर्ज FIR के मुताबिक उसने नजथ बेगम से 50 हजार रुपये उधार लिए थे. जिसे वो हर हफ्ते 5 हजार रुपये की किस्त में चुकाने वाली थी. आर्थिक परेशानी के कारण वह कुछ हफ्तों से किस्त नहीं दे पा रही थी. पीड़ित स्त्री ने एक और स्त्री (रेशमा बानू) से करीब दो साल पहले 1 लाख रुपये उधार लिए थे. इस रकम पर वह हर महीने ब्याज दे रही थी. लेकिन करीब छह महीने से इसका ब्याज भी नहीं दे रही थी. ब्याज नहीं चुका पाने के के कारण कथित तौर पर उस पर लगातार भुगतान का दबाव बनाया जा रहा था.पीड़ित स्त्री का कहना है कि उसने रेशमा के फोन नंबर ब्लॉक कर दिए और डर के कारण कुछ समय तक अपने घर से दूर रही. नौकरी का झांसा देकर स्त्री को बुलाया शिकायत के मुताबिक 27 अगस्त को नजथ ने स्त्री को फोन कर काम दिलाने और पैसे देने की बात कही. स्त्री अपने छोटे बेटे के साथ शाम करीब साढ़े पांच बजे उसके घर पहुंची. आरोप है कि इसी दौरान रेशमा, उसका पति सुहैल और कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और दरवाजा बंद कर दिया. स्त्री का आरोप है कि सुहैल ने उससे 11 लाख रुपये की मांग की. उसने दावा किया कि कर्ज और ब्याज मिलाकर रकम इतनी हो चुकी थी. विरोध करने पर उसके हाथ पर चाकू से वार किया गया और मोबाइल फोन भी छीन लिया गया. इसके बाद स्त्री और उसके बेटे को कथित तौर पर एक ऑटो में बैठाकर कुंबलगोडु इलाके के एक घर में ले जाया गया. ये भी पढ़ें: घर बैठे 10 लाख रुपये का हेल्थ कार्ड दे रही प्रशासन, लाभ लेने के लिए करना होगा ये काम वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप स्त्री ने पुलिस को बताया कि कुंबलगोडु के घर में उसके साथ मारपीट की गई और उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया. शिकायत में यह भी आरोप है कि उसे वेश्यावृत्ति करने के लिए मजबूर करने की धमकी दी गई. सबसे गंभीर आरोप 29 अगस्त की घटना को लेकर है. स्त्री का कहना है कि आरोपियों ने उसे कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया और मोबाइल फोन से उसका वीडियो रिकॉर्ड किया. इसके बाद धमकी दी गई कि अगर कर्ज की रकम नहीं चुकाई तो वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा. पुलिस के मुताबिक स्त्री को बाद में एक वकील के पास भी ले जाया गया, जहां उससे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप है. शिकायत के बाद मामले की जांच कर रही पुलिस स्त्री ने बताया कि उसे जब शौचालय जाने के लिए कमरे से बाहर निकलने का मौका मिला, तब उसने किसी तरह अपने परिवार तक घटना की जानकारी पहुंचाई. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्त्री को वहां से बाहर निकाला। चंद्रा लेआउट पुलिस ने शिकायत के आधार पर नज़थ बेगम, रेशमा बानू और सुहैल को गिरफ्तार किया है. एक अन्य आरोपी सैफ के फरार होने की बात सामने आई है. पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं और उनमें मौजूद डाटा की जांच के लिए उन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. स्त्री की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. ये भी पढ़ें: हर दिन 6,766 लीटर इंसानी पेशाब से पिघल रहा ग्लेशियर! नेपाल में बाढ़ से क्या है इसका कनेक्शन? The post कर्ज वापस नहीं करने पर स्त्री के कपड़े उतरवा कर बनाया वीडियो, बेटे को भी 4 दिनों तक रखा बंधक, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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Prabhat Khabar Exclusive: बिहार के चर्चित IPS की पत्नी ने किए कई खुलासे, कहा-मेरे पति ने मेरी बेटी को मुझसे दूर कर दिया, मैंने जहर खा लिया फिर भी…

IPS Bhanu Pratap Singh Family Controversy: खगड़िया SP भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा ने नया विचार से एक्सक्लूसिव बातचीत की हैं. उन्होंने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पूजा का दावा है कि वह लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना झेल रही हैं. उनका आरोप है कि उनकी 6 साल की बेटी को उनसे दूर कर दिया गया है. पूजा ने बताया कि मानसिक तनाव के बीच उन्होंने फिनाइल पी लिया था. इसके बाद उन्हें पटना के IGIMS में भर्ती कराया गया. बातचीत के दौरान उन्होंने IPS मेस में खुद को कमरे में बंद किए जाने, बेटी से नहीं मिलने देने, तलाक के लिए दबाव बनाने और पति के कथित व्यवहार को लेकर कई बातें कहीं. पूजा की सबसे बड़ी मांग यही है कि उन्हें उनका पति और बेटी वापस मिल जाए. उन्होंने कहा कि वह अपना परिवार टूटता नहीं देखना चाहतीं. ‘मैंने पॉइजन खाया, मैं परेशान हूं, मुझे मेरी बेटी से मिलवा दीजिए’ नया विचार के रिपोर्टर रोहित वर्मा से बातचीत में पूजा ने कहा कि वह मानसिक रूप से बहुत परेशान थीं. इसी दौरान उन्होंने जहर खा लिया. उन्होंने कहा, “मैंने पॉइजन खाया… मैं परेशान हूं. मुझे मेरी बेटी से मिलवा दीजिए. मुझे मेरा सुखी परिवार चाहिए.” पूजा के मुताबिक, वह अपनी बेटी से मिलने के लिए लगातार कोशिश कर रही हैं. उनका आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है. ‘बच्ची को वो लेकर चले गए, मैं पटना से खगड़िया SP आवास पहुंची’ पूजा ने बताया कि उनकी बेटी को भानु प्रताप सिंह अपने साथ लेकर चले गए. इसके बाद वह पटना से खगड़िया स्थित SP आवास पहुंचीं. उनका आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद भी उन्हें अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया गया. पूजा ने कहा कि उनके पीछे उनकी बेटी को खगड़िया लाया गया, लेकिन उन्हें बच्ची से मिलने का मौका नहीं दिया गया. उनका यह भी दावा है कि भानु प्रताप सिंह उनसे मिलने तक अस्पताल नहीं आए. ‘रीना नाम की स्त्री सिपाही ने मुझे फोन करके बताया’ पूजा के मुताबिक, उनकी बेटी के साथ करीब एक साल से रीना नाम की स्त्री सिपाही रह रही थीं. उन्होंने दावा किया कि रीना ने उन्हें फोन करके बताया कि “भानु सर बच्ची को अपने साथ लेकर चले गए.” पूजा का कहना है कि उन्होंने भानु से कहा था कि वह भी उनके साथ चलेंगी, लेकिन उन्हें साथ नहीं ले जाया गया. ‘मेरे पीछे वो बेटी को खगड़िया लेकर आए’ पूजा ने दावा किया कि जब वह बेटी को लेकर परेशान थीं, उसी दौरान उनके पति बच्ची को लेकर खगड़िया आए. उनका आरोप है कि वह खुद खगड़िया पहुंचीं, लेकिन इसके बावजूद बेटी से मिलने नहीं दिया गया. पूजा ने कहा कि वह सिर्फ अपनी बेटी से मिलना चाहती हैं और उसके साथ रहना चाहती हैं. ‘हॉस्पिटल वालों से कहा गया कि मुझे अभी डिस्चार्ज न करें’ पूजा ने अस्पताल में इलाज के दौरान की स्थिति का भी जिक्र किया. उनका आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों से कहा गया था कि उन्हें अभी डिस्चार्ज नहीं किया जाए. पूजा ने दावा किया कि वह अपनी बेटी और पति से मिलने के लिए परेशान थीं, लेकिन इस दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. ‘8 महीने तक प्रशासनी आवास छोड़कर IPS मेस में रहे’ पूजा ने दावा किया कि भानु प्रताप सिंह करीब आठ महीने तक प्रशासनी आवास छोड़कर IPS मेस में रहते थे. उनके मुताबिक, इस दौरान पति-पत्नी के रिश्ते में दूरी बढ़ती गई. पूजा का कहना है कि वह लगातार मानसिक तनाव से गुजर रही थीं. ‘मैंने रक्षा बंधन पर फोन किया तो कहा- अब हमारा साथ यहीं तक है’ पूजा ने बताया कि रक्षा बंधन के मौके पर उन्होंने अपने पति को फोन किया था. उनका दावा है कि उस समय भानु प्रताप सिंह की बहन और जीजा उनके पास आए थे. पूजा ने कहा कि उन्होंने फोन पर पति से बात की, लेकिन उन्हें जवाब मिला कि “तुम मत आओ, अब हमारा साथ यहीं तक है.” पूजा के मुताबिक, इस बात से वह और ज्यादा टूट गईं. ‘उन्होंने कहा- मुझे मन करता है तुम्हें कूट डालूं’ पूजा ने अपने पति पर मानसिक प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि भानु प्रताप सिंह उनसे कहते थे, “मुझे मन करता है तुम्हें आकर कूट डालूं.” पूजा ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें छत से कूदने और जहर खाने जैसी बातें कही जाती थीं. उन्होंने कहा, “वो कहते हैं कि छत से कूद जाओ तुम, जहर खा लो. फिर मुझे बाथरूम में जो मिला, मैंने पी लिया.” पूजा के मुताबिक, लगातार तनाव के कारण वह डिप्रेशन में चली गई थीं. डिप्रेशन में चली गई थीं, 6 दिन पहले पी लिया था फिनाइल पूजा ने बताया कि मानसिक तनाव के बीच करीब छह दिन पहले उन्होंने फिनाइल पी लिया था. इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें पटना के IGIMS में भर्ती कराया गया. इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ. पूजा का दावा है कि इस घटना के पीछे लंबे समय से चल रहा मानसिक तनाव था. ‘क्या आप पर तलाक के लिए दबाव बनाया जा रहा है?’ जब पूजा से पूछा गया कि क्या उन पर तलाक लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, तो उन्होंने इसका जवाब हां में दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति उनसे कहते हैं कि “तुम डाइवोर्स दे दो, जितना पैसे चाहिए तुम ले लो.” पूजा ने कहा कि उन्होंने पति से पूछा कि ऐसा क्यों कर रहे हैं. उनका कहना है कि उन्होंने यह तक कहा कि वह नमक-रोटी खाकर भी रह लेंगी और अचार-रोटी भी खा लेंगी, लेकिन परिवार नहीं टूटना चाहिए. ‘शादी के 4 साल बाद ये IPS बने, हमने लव मैरिज की थी’ पूजा ने अपने रिश्ते के शुरुआती दिनों को भी याद किया. उन्होंने बताया कि दोनों ने लव मैरिज की थी. उनके मुताबिक, शादी के करीब चार साल बाद भानु प्रताप सिंह IPS बने. पूजा का कहना है कि उन्होंने पति के संघर्ष के दिनों में उनका साथ दिया. अब वह सवाल उठा रही हैं कि जब दोनों ने साथ मिलकर जीवन

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पीएम मोदी ने शिक्षिका से पूछा, अगर मैं आपका स्टूडेंट होता…टीचर ने दिया मजेदार जवाब, देखें वीडियो

पीएम मोदी ने पूछा, “अगर मैं आपका स्टूडेंट होता और एक कुशल वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या सुझाव देतीं? मुझे क्या करना चाहिए?” इस पर एक शिक्षिका ने जवाब दिया, “सबसे पहले, आपमें आत्मविश्वास होना चाहिए… आत्मविश्वास बहुत ज्यादा अभ्यास से आता है. आपका व्यक्तित्व देखकर मैं खुद भी थोड़ी घबरा गई थी.” नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों में से एक से बातचीत करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “काशी के सांसद के तौर पर, मैंने वहां ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया था, और मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि अब स्त्रीएं खुद आगे आकर जांच करवा रही हैं. पहले हालात ऐसे नहीं थे. एक और अच्छा अनुभव एक ही दिन में सबसे ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना था.” View on Instagram पीएम मोदी ने कहा, बच्चों को स्क्रीन से बाहर निकालकर स्पोर्ट्स के मैदान तक लाएं नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों में से एक से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बन गया है. मेरे मन में एक बात आती है: अगर कोई बच्चा स्पोर्ट्सों में गहरी दिलचस्पी लेने लगे – और स्पोर्ट्सों से मेरा मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान पर असल में स्पोर्ट्सना है – तो हो सकता है कि वह धीरे-धीरे इस लत से बाहर निकल आए. इस संदर्भ में, हम बच्चों को जितना ज्यादा रचनात्मक कामों में लगाएंगे, हमें ऐसे प्रोग्राम बनाने की आदत उतनी ही ज्यादा डालनी चाहिए जो इसे बढ़ावा दें.” शिक्षक का कर्तव्य है कि शिशु के भीतर का बचपन जिंदा रहे : पीएम मोदी “ड्रेस कोड के मुद्दे पर, जो कुछ बड़े शहरों या विश्वविद्यालयों में सामने आया है, अक्सर जानकारी की कमी होती है; कभी-कभी बिना किसी स्पष्टीकरण के नियम थोप दिए जाते हैं. आज शिक्षकों को इससे जुड़े नतीजों और डर के बारे में लगातार जागरूक रहने और यह देखने की जरूरत है कि क्या ऐसे उपायों से बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव आ रहा है. मैं आप सभी से बात कर रहा हूं, लेकिन मैं पूरे शिक्षा समुदाय तक भी एक संदेश पहुंचाना चाहता हूं: बच्चों की जिंदगी से सच में जुड़ने के लिए हमें पाठ्यपुस्तकों और सिलेबस से आगे बढ़ना होगा. हमें बचपन को खत्म नहीं होने देना चाहिए; इसे बचाने के लिए शिक्षक सबसे अच्छी स्थिति में हैं. यह सुनिश्चित करना शिक्षक का कर्तव्य है कि शिशु के भीतर का बचपन जिंदा रहे.” The post पीएम मोदी ने शिक्षिका से पूछा, अगर मैं आपका स्टूडेंट होता…टीचर ने दिया मजेदार जवाब, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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Farakka Rail Line: शाम तक दुरुस्त हो जायेगा फरक्का रेल लाइन, जानें कब से शुरू होगा ट्रेनों का परिचालन

Farakka Rail Line: मुर्शिदाबाद : रेलवे उत्तर बंगाल से संपर्क बहाल करने के लिए काम कर रहा है. पिछले तीन दिनों से, न्यू फरक्का रेलवे लाइन पर भूस्खलन के कारण उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच रेल यातायात लगभग ठप्प पड़ा है. रेलवे कर्मचारी लगातार मरम्मत कार्य में जुटे हैं. इस बीच, प्रतिदिन कई ट्रेनें रद्द हो रही हैं. अंत में, एक अच्छी समाचार है. पता चला है कि न्यू फरक्का रेलवे लाइन पर भूस्खलन के बाद मरम्मत कार्य लगभग अंतिम चरण में है. काम में कितनी हुई है प्रगति रेलवे ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में युद्धकालीन उपाय के रूप में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है. यह मरम्मत कार्य आईआईटी के विशेषज्ञों के परामर्श से किया जा रहा है. भूस्खलन के कारण रेल पटरी के नीचे 6 फुट का गड्ढा बन जाने से गंभीर दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा था. अब उस अपलाइन पर केवल एक फुट मिट्टी हटानी बाकी है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य दो से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा. पिलिंग के काम में हुई देरी अधिकारियों का कहना है कि यह काम कल आधी रात तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अप लाइन के पास भूस्खलन वाली जगह पर पिलिंग का काम करने में समय लग गया. नयनजुली की ओर पिलिंग का काम पूरा हो चुका है. इधर पिलिंग का काम पूरा होते ही काम में तेजी आएगी और लाइन की मरम्मत का काम कुछ ही घंटों में पूरा हो जाएगा. हालांकि, अभी ट्रेन सेवाएं शुरू नहीं हो रही हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पहले परीक्षण फिर परिचालन रेलवे ने सूचित किया है कि नवीनीकरण कार्य पूरा होने के बाद पहले एक परीक्षण किया जाएगा. परीक्षण सफल रहने पर रेल सेवाएं धीरे-धीरे फिर से शुरू की जाएंगी. उम्मीद है कि उत्तर बंगाल में रेल सेवाएं आज देर शाम तक फिर से शुरू हो जाएंगी. आपदा से बचने के लिए, विशेषज्ञों की सलाह लेते हुए रेलवे लाइन पर भूस्खलन से हुए नुकसान की मरम्मत का काम अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जा रहा है. Also Read: फरक्का में रेलवे लाइन पर भूस्खलन, उत्तर बंगाल का रेल संपर्क टूटा, कई ट्रेनें रद्द, हवाई किराया पहुंचा आसमान पर The post Farakka Rail Line: शाम तक दुरुस्त हो जायेगा फरक्का रेल लाइन, जानें कब से शुरू होगा ट्रेनों का परिचालन appeared first on Naya Vichar.

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सहारनपुर में मस्जिद पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट, UP में सियासी हलचल तेज

Saharanpur Masjid Bulldozer Action: यूपी के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. मस्जिद को लेकर कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी. इसी बीच कैराना से सपा सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की तैयारी में थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने नहीं दिया. इकरा हसन ने इसे लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. मस्जिद पर प्रशासन की कार्रवाई सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सिटी मजिस्ट्रेट ने पिछले महीने मस्जिद को अवैध मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था. मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय का रुख किया था. कोर्ट ने पहले सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगाई थी. हालांकि, शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से किया गया दावा खारिज कर दिया गया. इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई की. सहारनपुर जाने से पहले रोकी गईं इकरा हसन कार्रवाई की जानकारी के बाद कैराना की सपा सांसद इकरा हसन शनिवार को सहारनपुर जाने वाली थीं. उनका मकसद मौके की स्थिति का जायजा लेना और अधिकारियों से मुलाकात करना था. लेकिन उनके सहारनपुर रवाना होने से पहले ही पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई. रात से ही पुलिस की तैनाती रही और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई. इकरा हसन ने उठाए सवाल इकरा हसन ने कहा कि वह अधिकारियों से मिलकर जनता की आवाज उठाने के लिए सहारनपुर जाना चाहती थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी वजह के उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया. सांसद का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया, जिसके चलते उन्हें घर से निकलने से रोका जाए. इमरान मसूद बोले- प्रशासन माहौल बिगाड़ रही कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी कार्रवाई और इकरा हसन को रोके जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इकरा हसन वहां हालात देखने और अधिकारियों से मिलने जा रही थीं. उनके मुताबिक, सांसद को अधिकारियों से मिलकर जानकारी लेने का अधिकार है. इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि प्रशासन को माहौल बिगाड़ने के बजाय स्थिति को शांत रखने की कोशिश करनी चाहिए. Also Read: Prayagraj Flood: प्रयागराज में घटने लगा गंगा-यमुना का पानी, लेकिन 24 गांवों में अब भी मंडरा रहा आफत का साया! The post सहारनपुर में मस्जिद पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट, UP में सियासी हलचल तेज appeared first on Naya Vichar.

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