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Author name: Vinod Jha

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RIMS से कैसे बनें Cardiologist? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप पूरा रास्ता

How to Become Cardiologist In Ranchi: डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले बहुत से युवा कार्डियोलॉजिस्ट (दिल की बीमारी के एक्सपर्ट) में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं. इस फील्ड में करियर बनाने के लिए स्कूल से अच्छी पढ़ाई करनी पड़ती है. अगर आप झारखंड में हैं और यहां से कार्डिलॉजिस्ट बनना चाहते हैं तो RIMS यानी कि राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. आइए, स्टेप-बाय-स्टेप जानते हैं कि रिम्स से कार्डियोलॉजिस्ट बनने के लिए क्या करना होगा.  Step 1: 12वीं साइंस से करें कार्डियोलॉजिस्ट बनने की शुरुआत 12वीं से होती है. कैंडिडेट को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) सब्जेक्ट के साथ 12वीं पास करनी होती है. इसी दौरान NEET UG की तैयारी शुरू करना सबसे बेहतर माना जाता है. Step 2: NEET UG पास कर करें MBBS 12वीं के बाद कैंडिडेट्स को NEET UG परीक्षा पास करनी होगी. इसके आधार पर RIMS रांची या किसी अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन मिलता है.  MBBS कोर्स की अवधि 5.5 वर्ष होती है-  4.5 वर्ष की पढ़ाई 1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप Step 3: NEET PG के जरिए करें MD MBBS पूरा करने के बाद कैंडिडेट को NEET PG परीक्षा पास करनी होगी. इसके बाद MD General Medicine या MD Paediatrics में 3 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट कोर्स करना होता है. कार्डियोलॉजी में आगे बढ़ने के लिए आमतौर पर MD General Medicine सबसे बेस्ट कोर्स माना जाता है. Step 4: DM Cardiology करें MD पूरा करने के बाद कैंडिडेट को NEET SS (Super Speciality) परीक्षा पास करनी होती है. इसके बाद DM Cardiology में एडमिशन मिलता है. यह 3 वर्षीय सुपर-स्पेशलिटी कोर्स होता है, जिसमें हृदय रोगों की पहचान और एडवांस बीमारियों और उनके इलाज की ट्रेनिंग दी जाती है.  RIMS रांची में है Cardiology विभाग RIMS रांची में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट है. 2010 में इस विभाग की शुरुआत हुई थी. यहां से MBBS सहित सुपर स्पेशलिटी विषयों में डीएम (DM) और एमसीएच (MCh) का कोर्स कर सकते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि DM का मतलब डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन और MCh यानी कि Master of Chirurgiae (Surgical Degree) है.  कार्डियोलॉजिस्ट क्या करते हैं? कार्डियोलॉजिस्ट हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का इलाज करते हैं. वे हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट फेल्योर, एंजाइना, जन्मजात हृदय रोग और अन्य कार्डियक समस्याओं की जांच, इलाज और रोकथाम में एक्सपर्ट होते हैं. प्रशासनी और प्राइवेट अस्पतालों के अलावा मेडिकल कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों में भी इनके लिए अच्छे करियर अवसर उपलब्ध हैं. यह भी पढ़ें- NEET UG Result के बाद अब काउंसिलिंग की बारी, ये जरूरी डॉक्यूमेंट्स अभी देख लें The post RIMS से कैसे बनें Cardiologist? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप पूरा रास्ता appeared first on Naya Vichar.

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कहीं पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा तो कहीं सस्ता, पटना-रांची समेत चेक करें आपके शहर के नए रेट

Petrol-Diesel Price Today: बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और गिरावट देखने को मिली. वहीं, दिल्ली, कोलकाता और मुंबई जैसे बड़े शहरों में फ्यूल के दाम स्थिर रहे. जानिए आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितने रुपये लीटर मिल रहा है.  पेट्रोल के दाम में क्या बदला? पटना में पेट्रोल ₹113.37 प्रति लीटर है, जो कल के मुकाबले ₹0.06 सस्ता हुआ है. वहीं, भागलपुर में पेट्रोल ₹0.80 महंगा होकर ₹114.37 प्रति लीटर पहुंच गया. लखनऊ में भी पेट्रोल की कीमत ₹0.30 बढ़ी है. नोएडा में ₹0.16 और गया में ₹0.39 की गिरावट आई है. झारखंड के देवघर में पेट्रोल ₹0.28 महंगा हुआ, जबकि धनबाद और जमशेदपुर में कीमतों में कमी आई है. रांची में पेट्रोल का रेट स्थिर है. पेट्रोल रेट टेबल: शहर आज का रेट (20 जुलाई) कल का रेट (19 जुलाई) बदलाव पटना ₹113.37 ₹113.43 -₹0.06 बेगूसराय ₹113.94 ₹113.94 ₹0.00 भागलपुर ₹114.37 ₹113.57 +₹0.80 दरभंगा ₹114.16 ₹114.10 +₹0.06 गया ₹114.31 ₹114.70 -₹0.39 मुजफ्फरपुर ₹114.10 ₹114.10 ₹0.00 रांची ₹105.17 ₹105.17 ₹0.00 देवघर ₹105.94 ₹105.66 +₹0.28 धनबाद ₹105.49 ₹105.62 -₹0.13 जमशेदपुर  ₹105.22 ₹105.75 -₹0.53 लखनऊ ₹101.89 ₹101.59 +₹0.30 नोएडा ₹101.96 ₹102.12 -₹0.16 गुरुग्राम ₹102.97 ₹102.97 ₹0.00 दिल्ली ₹102.12 ₹102.12 ₹0.00 कोलकाता ₹113.51 ₹113.51 ₹0.00 मुंबई ₹111.21 ₹111.21 ₹0.00 चेन्नई ₹107.76 ₹107.77 -₹0.01 बेंगलुरु ₹111.68 ₹111.68 ₹0.00 भोपाल ₹114.57 ₹114.80 -₹0.23 डीजल के रेट में कितना बदलाव हुआ? डीजल की कीमतों में भी कई शहरों में बदलाव हुआ है. पटना में डीजल ₹99.36 प्रति लीटर है, जो ₹0.08 सस्ता हुआ. भागलपुर में डीजल ₹0.75 महंगा होकर ₹100.30 प्रति लीटर हो गया. झारखंड के देवघर में डीजल ₹0.27 महंगा हुआ, जबकि धनबाद और जमशेदपुर में कीमतें घटी हैं. रांची में डीजल का रेट आज स्थिर है. डीजल रेट टेबल: शहर आज का रेट (20 जुलाई) कल का रेट (19 जुलाई) बदलाव पटना ₹99.36 ₹99.44 -₹0.08 बेगूसराय ₹99.90 ₹99.90 ₹0.00 भागलपुर ₹100.30 ₹99.55 +₹0.75 दरभंगा ₹100.10 ₹100.05 +₹0.05 गया ₹100.26 ₹99.90 +₹0.36 मुजफ्फरपुर ₹100.05 ₹100.05 ₹0.00 रांची ₹100.41 ₹100.41 ₹0.00 देवघर ₹101.06 ₹100.79 +₹0.27 धनबाद ₹100.67 ₹100.77 -₹0.10 जमशेदपुर  ₹100.42 ₹100.88 -₹0.46 लखनऊ ₹95.36 ₹95.06 +₹0.30 नोएडा ₹95.44 ₹95.56 -₹0.12 गुरुग्राम ₹95.64 ₹95.64 ₹0.00 दिल्ली ₹95.20 ₹95.20 ₹0.00 कोलकाता ₹99.82 ₹99.82 ₹0.00 मुंबई ₹97.83 ₹97.83 ₹0.00 चेन्नई ₹99.55 ₹99.55 ₹0.00 बेंगलुरु ₹99.56 ₹99.56 ₹0.00 भोपाल ₹99.64 ₹99.89 -₹0.25 The post कहीं पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा तो कहीं सस्ता, पटना-रांची समेत चेक करें आपके शहर के नए रेट appeared first on Naya Vichar.

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45 ओवर तक सब सही था, फिर अचानक क्या हुआ? शुभमन गिल ने बताई हार की वजह

Shubman Gill on India vs England 3rd ODI loss: हिंदुस्तान के कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे में 27 रन की हार के बाद माना कि टीम ने मैच के अहम मोड़ पर गेंदबाजी में बड़ी चूक की. गिल के अनुसार, इंग्लैंड की पारी के आखिरी ओवरों में जरूरत से ज्यादा रन देना ही हार का सबसे बड़ा कारण बना. हिंदुस्तान को 388 रन का विशाल लक्ष्य मिला, जिसका पीछा करते हुए टीम अच्छी शुरुआत के बावजूद जीत से 27 रन दूर रह गई। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली. शुभमन गिल ने मानी हार की वजह पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में शुभमन गिल ने कहा कि हिंदुस्तान 45वें ओवर तक मुकाबले में पूरी तरह बना हुआ था, लेकिन अंतिम तीन ओवरों में इंग्लैंड ने तेज बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया. गिल ने कहा कि टीम ने आखिरी तीन ओवरों में काफी ज्यादा रन लुटा दिए और वहीं से मुकाबला हाथ से निकल गया. उनके मुताबिक यदि हिंदुस्तान डेथ ओवरों में रन रोक लेता तो लक्ष्य काफी हद तक नियंत्रित रहता और चेज आसान हो सकता था. क्या थी टीम इंडिया की रणनीति? हिंदुस्तानीय कप्तान ने बताया कि टीम ने लक्ष्य का पीछा करने के लिए पहले से स्पष्ट रणनीति बनाई थी. योजना थी कि शुरुआती 40 ओवर तक विकेट बचाकर रखा जाए और पावरप्ले के बाद 6 से 6.5 रन प्रति ओवर की गति से रन बनाए जाएं. इसके बाद अंतिम 10 ओवरों में करीब 10 रन प्रति ओवर के हिसाब से तेजी लाई जाए. हालांकि बड़े लक्ष्य के दबाव और अंत में धीमी होती पिच के कारण टीम अपनी योजना को पूरी तरह अमल में नहीं ला सकी. रोहित शर्मा की पारी की जमकर तारीफ हार के बावजूद शुभमन गिल ने रोहित शर्मा की शानदार शतकीय पारी की सराहना की. उन्होंने कहा कि रोहित और विराट कोहली ने वर्षों से दुनिया के अलग-अलग देशों में हिंदुस्तान के लिए शानदार प्रदर्शन किया है. गिल ने कहा कि मैच के आखिर में पिच काफी धीमी हो गई थी और बल्लेबाजी आसान नहीं रही, लेकिन ऐसे हालात में भी रोहित की बल्लेबाजी देखने लायक थी. उनके मुताबिक रोहित ने एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजों में शामिल हैं. पहले पावरप्ले में भी पिछड़ा हिंदुस्तान गिल ने स्वीकार किया कि केवल डेथ ओवर ही नहीं, बल्कि शुरुआती 10 ओवरों की गेंदबाजी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. उन्होंने कहा कि पहले पावरप्ले में हिंदुस्तानीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके, जिसका पूरा फायदा मेजबान टीम ने उठाया. इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने लगातार रन बनाए और हिंदुस्तान को मैच में वापसी का मौका नहीं दिया. गिल ने कहा कि जब लगभग सभी बल्लेबाज योगदान दें और टीम अंत में तेजी से रन जोड़ दे तो विपक्षी टीम के लिए वापसी बेहद मुश्किल हो जाती है. डकेट, बेथेल और रूट ने रखी मजबूत नींव इंग्लैंड की बड़ी पारी की नींव बेन डकेट, जैकब बेथेल और जो रूट ने रखी. तीनों बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी के साथ रन बनाए और हिंदुस्तान के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. इसके बाद अंतिम ओवरों में जोस बटलर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 388 रन तक पहुंचा दिया. यही अतिरिक्त रन बाद में हिंदुस्तान के लिए निर्णायक साबित हुए. इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने क्या कहा इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि पहले वनडे में हार के बाद जिस तरह खिलाड़ियों ने वापसी की, वह शानदार रही. ब्रूक ने कहा कि पूरी टीम ने बेहतरीन संवाद बनाए रखा, कठिन परिस्थितियों में धैर्य दिखाया और दुनिया की नंबर-1 वनडे टीम के खिलाफ सीरीज जीतना गर्व की बात है. उन्होंने बेन डकेट और जैकब बेथेल की साझेदारी को मैच का अहम मोड़ बताया. साथ ही जो रूट की क्लासिक बल्लेबाजी और जोस बटलर की फिनिशिंग की भी जमकर तारीफ की. ब्रेंडन मैकुलम की सलाह से बदला मैच हैरी ब्रूक ने खुलासा किया कि मैच के दौरान उन्होंने मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम से बातचीत की थी. मैकुलम ने उन्हें सलाह दी कि जैकब बेथेल पर भरोसा बनाए रखें और उन्हें लगातार सात-आठ ओवर गेंदबाजी करने दें. ब्रूक ने कहा कि शुरुआत में बेथेल को थोड़ी मुश्किल हुई, लेकिन उन्होंने धैर्य रखा और आखिरकार टीम के लिए अहम सफलता दिलाई. इसे भी पढ़े- रोहित शर्मा के शतक पर फिरा पानी, इंग्लैंड ने 27 रन से मुकाबला जीतकर 2-1 से सीरीज अपने नाम की The post 45 ओवर तक सब सही था, फिर अचानक क्या हुआ? शुभमन गिल ने बताई हार की वजह appeared first on Naya Vichar.

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लगातार 9वीं रात ईरान पर बरसे अमेरिकी बम: तबरीज-चाबहार में धमाकों से हड़कंप, होर्मुज में बढ़ा टेंशन

अमेरिका ने सोमवार (20 जुलाई) तड़के लगातार नौवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए. अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है. उधर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुली जंग के करीब पहुंच गया है. पिछले महीने हुआ युद्धविराम समझौता टूटने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं. इसका असर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर भी पड़ा है, जहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज समेत कई इलाकों पर हवाई हमले किए. वहीं, ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी शहर चाबहार में भी कई जोरदार धमाके हुए. इसके बाद किसी भी नए हमले से निपटने के लिए कोनारक इलाके में ईरान ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय कर दिया. ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं हालात तब और बिगड़ गए जब रविवार को अमेरिका ने बताया कि एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है. इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान पर फिर हवाई हमले किए. वहीं, ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे यह डर और बढ़ गया कि यह लड़ाई अब दूसरे देशों तक भी फैल सकती है. इजराइल भी इसकी चपेट में आ सकता है. CENTCOM ने क्या बताया हमले को लेकर? अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार तड़के ईरान पर नए हवाई हमलों की जानकारी दी. वहीं, ईरान में मौजूद लोगों ने बताया कि स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब 2:30 बजे कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. अमेरिकी सेना का कहना है कि ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल कमर्शियल से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों के जहाजों पर हमले करने में किया जाता है. इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत अमेरिकी सेना ने बताया कि शनिवार (18 जुलाई) को इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई. सेना के मुताबिक, एक ईरानी ड्रोन को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के दौरान यह हादसा हुआ. इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए थे. सेना ने यह भी बताया कि एक लापता सैनिक के कुछ अवशेष (शव के कुछ हिस्से) रविवार (19 जुलाई) को मिले हैं, जिनकी पहचान की जा रही है. इस युद्ध की शुरुआत से अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है. ये भी पढ़ें: कुवैत का दावा : ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमला, अलर्ट मोड पर एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका के निशाने पर क्या-क्या? अमेरिका और ईरान के बीच हमले अब दूसरे हफ्ते में पहुंच गए हैं. अमेरिका लगातार ईरान के पुलों, पानी साफ करने वाले संयंत्रों और बिजली से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है. वहीं, ईरान भी अमेरिका के सहयोगी देशों पर जवाबी हमले कर रहा है. ईरानी ड्रोन और मिसाइलों के खतरे को देखते हुए कुवैत, जॉर्डन और बहरीन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं. उधर, इजराइल ने चेतावनी दी है कि जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइलों से पहली बार उसके इलाके में भी आग और नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है.  The post लगातार 9वीं रात ईरान पर बरसे अमेरिकी बम: तबरीज-चाबहार में धमाकों से हड़कंप, होर्मुज में बढ़ा टेंशन appeared first on Naya Vichar.

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20 जुलाई की टॉप 20 खबरें: आज से मानसून सत्र, संसद मार्च पर हाई अलर्ट, ‘वंदे मातरम्’ अपमान पर नए नियम

1. संसद सत्र से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट: धारा 163 लागू, 5 से ज्यादा लोगों के जुटने और प्रदर्शन पर रोक 20 July CJP Sansad March: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. 20 जुलाई को CJP द्वारा संसद तक प्रस्तावित मार्च की समाचारों के बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस विरोध मार्च या जुलूस के लिए पुलिस से न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन द्वारा ऐसी कोई अनुमति दी गई है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. सोनम वांगचुक की जगह पत्नी गीतांजलि करेंगी संसद मार्च का नेतृत्व, कहा- डरी हुई है प्रशासन 20 July Sansad March : डॉ गीतांजलि आंग्मो ने तय किया है कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च प्रदर्शन में अपने पति और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का प्रतिनिधित्व करेंगी. उन्होंने दावा किया कि प्रशासन मार्च को लेकर डरी हुई है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. वांगचुक की भूख हड़ताल से बदल सकती है संसद की सियासत, क्या विपक्ष जोड़ पाएगा बिखरी कड़ियां? सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन पर प्रशासन की कार्रवाई ने विपक्षी दलों को एक साथ ला दिया है, हालांकि सबसे अहम सवाल ये है कि यह मुद्दा संसद के मानसून सत्र में विपक्ष को एकजुट कर पाएगा? यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने वालों की खैर नहीं; मानसून सत्र के पहले ही दिन कानून लाएंगे गृह मंत्री अमित शाह Parliament Monsoon Session: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 जुलाई को सत्र के पहले दिन ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में और संशोधन करने के लिए एक विशेष विधेयक संसद में पेश करेंगे. इस नए कानून के जरिए राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और इसे दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, जानें अदालत ने क्या कहा कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को तोड़े जाने पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने जुलाई के अंत तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है. यह फैसला ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी की याचिका पर सुना गया. जानें पूरा मामला और हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या कहा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. कोलकाता में खुला देश का पहला अनूठा भाषा संग्रहालय ‘शब्दलोक’, अमित शाह ने किया उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में ‘शब्दलोक’ का उद्घाटन किया. यह हिंदुस्तान का पहला अनूठा भाषा संग्रहालय है. यह आधुनिक तकनीक से लैस है और देश की समृद्ध भाषाई विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. दाखिल-खारिज और जीएसटी में बदलाव की तैयारी, बिहार विधानसभा में आएंगे नए कानून, 24 जुलाई तक चलेगा मॉनसून सत्र Bihar Assembly Monsoon Session: बिहार विधानमंडल का 5 दिवसीय मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जिसमें जुआ प्रतिषेध और दाखिल-खारिज संशोधन समेत 13 अहम विधेयक पेश किए जाएंगे. इस सत्र में पहली बार विधायकों को शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ऑनलाइन देने की नई डिजिटल सुविधा दी गई है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. अनंत सिंह की जगह मोकामा से अब ये लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, बाहुबली ने किया नाम का ऐलान Anant Singh: मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे. उनकी जगह बड़े बेटे अभिषेक सिंह मैदान में उतरेंगे. अभिषेक ने भी जनता के बीच रहकर काम करने और शिक्षा-स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की बात कही. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. करोड़ों की लागत… फिर भी ताला! झारखंड के पतरातू लेक रिसॉर्ट में मंत्री जी के उद्घाटन के बाद भी क्यों मायूस हैं पर्यटक? झारखंड का पतरातू लेक रिसॉर्ट, जो कभी अपनी विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए जाना जाता था, अब प्रशासनी उपेक्षा का शिकार है. करोड़ों की लागत से बनी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और बोट क्लब जैसी सुविधाएं बंद पड़ी हैं, जिससे पर्यटकों को भारी निराशा हो रही है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. झारखंड में बारिश का संकट गहराया, सामान्य से 38% कम वर्षा; सिर्फ 18% क्षेत्र में हुई फसल झारखंड में खरीफ सीजन 2026 पर सूखे का खतरा मंडरा रहा है. राज्य में सामान्य से 38% कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर धान की बुआई और रोपनी पर पड़ रहा है. विशेषकर पलामू और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संसद में संग्राम की तैयारी, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी बोले सदन में सत्ता पक्ष के साथ होगी बहस Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. कांग्रेस अब इसे संसद में उठाने की तैयारी कर रही है. पार्टी ने बीजेपी पर आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. EarthquakeTremors: पेरू के एंडीज में 5.5 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत Earthquake Tremors: पेरू के एंडीज क्षेत्र में शनिवार रात आए 5.5 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई. इस हादसे में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं. भूकंप के कारण बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हुए और सैकड़ों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. मां को खोया, YouTube, Telegram से सेल्फ स्टडी, अमीषा बनीं BPSC ऑफिसर BPSC Success Story Amisha Gautam: अमीषा गौतम ने BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को क्रैक किया है. उनका सेलेक्शन बिहार में Rural Development Officer (RDO) का पद पद हुआ है. अमीषा गौतम के लिए BPSC की यह सफलता आसान नहीं थी. आइए उनकी जर्नी पर एक नजर डालते हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. तुमसे नहीं हो पाएगा…सुनने के बाद ट्रक ड्राइवर की बेटी ने क्रैक किया NEET NEET Success Story: दरभंगा जिले की बेटी कायनात ने 3 बार असफलता मिलने के बाद भी हार नहीं मानी और NEET परीक्षा क्रैक कर लिया. उनके पिता ट्रक ड्राइवर हैं. आर्थिक चुनौतियों के बाद भी उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ाया. आइए, जानते हैं

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Monsoon Session: क्या संसद में चली जाएगी राजनीति की सबसे दिलचस्प शतरंज?

जोहार. आज है 20 जुलाई. आज से शुरू होने वाला संसद का monsoon session कई कारणों से चर्चा में रहेगा.  एक ओर Sonam Wangchuk का आमरण अनशन, E20 एथेनॉल मिश्रण पर बहस, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े प्रश्न और दक्षिण हिंदुस्तान में कांग्रेस की नई नेतृत्वक सक्रियता. यह सब विपक्ष को प्रशासन के खिलाफ मुद्दे उपलब्ध कराएगी. दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए यह सत्र न केवल सवालों के जवाब देने का, बल्कि लंबे समय के विधायी और नेतृत्वक बिसात बिछाने का भी मौका होने वाला है. इन्हीं संभावित मुद्दों के बीच यदि कोई विषय पूरे सत्र की दिशा तय करने की क्षमता रखता है, तो वह है परिसीमन (Delimitation).  शायद इस मानसून सत्र में, संसद केवल बहस का मंच नहीं रहेगा. मानो ना मानो, ये मौजूदा नेतृत्व के सबसे रोचक शतरंज के स्पोर्ट्स में बदलने वाला है… जहां भाषणों की तुलना में रणनीति, कूटनीति, संतुलन और ‘फ्लोर मैनेजमेंट’ खूब देखने को मिलेगा. जहां हर वोट, हर अनुपस्थिति, हर नया समूह और हर बाहरी समर्थन अपने भीतर एक बड़ा नेतृत्वक संदेश छिपाए होगा.  परिसीमन आखिर है क्या? परिसीमन का अर्थ केवल संसदीय क्षेत्रों की सीमाएं बदलना नहीं है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि जनसंख्या के अनुपात में प्रत्येक सांसद लगभग समान संख्या के नागरिकों का प्रतिनिधित्व करे. हिंदुस्तानीय संविधान के अनुच्छेद 82 और अनुच्छेद 170 संसद और विधानसभाओं के लिए परिसीमन का संवैधानिक आधार प्रदान करते हैं. सामान्यतः प्रत्येक जनगणना के बाद परिसीमन किया जाना चाहिए.  हालांकि, 1976 में 42वें संविधान संशोधन द्वारा सीटों के पुनर्वितरण पर रोक लगा दी गई थी, ताकि परिवार नियोजन अपनाने वाले राज्यों को तत्काल नेतृत्वक नुकसान न हो. बाद में 84वें संविधान संशोधन (2001) ने यह व्यवस्था आगे बढ़ाई और लोकसभा सीटों के राज्यों के बीच पुनर्वितरण को पहली जनगणना के बाद तक स्थगित रखा, जो 2026 के बाद होगी. यानी आने वाले वर्षों में परिसीमन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की संघीय नेतृत्व का सबसे बड़ा संवैधानिक अभ्यास बनने जा रहा है. मतदान से अधिक चर्चा में रह सकती है ‘अनुपस्थिति’ हिंदुस्तानीय संसदीय नेतृत्व में कई बार मतदान जितना महत्वपूर्ण होता है, उतना ही महत्वपूर्ण होता है मतदान के समय सदन में उपस्थित या अनुपस्थित रहना. हर नेतृत्वक दल अपनी रणनीति तैयार करेगा. कौन मतदान करेगा? कौन मतदान से अनुपस्थित रहेगा? कौन संशोधन प्रस्ताव लाएगा? कौन बाहर से समर्थन देगा? कौन आखिरी समय तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करेगा? इन सभी कदमों का नेतृत्वक महत्व बराबर होगा. संसदीय नेतृत्व में कई बार संख्या जितनी महत्वपूर्ण होती है, उतनी ही महत्वपूर्ण होती है समय पर बनाई गई नेतृत्वक सहमति. यदि परिसीमन पर व्यापक बहस होती है, तो मतदान की प्रक्रिया स्वयं नेतृत्वक विश्लेषण का विषय बन सकती है. इसलिए यह सत्र संसदीय रणनीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन सकता है. उत्तर-दक्षिण पर फिर बवाल होगा… डिलिमिटेशन पर चर्चा के साथ, उत्तर और दक्षिण हिंदुस्तान के रिप्रेजेंटेशन का मुद्दा एक बार फिर नेशनल चर्चा का हिस्सा बन सकता है. दक्षिणी राज्यों का तर्क है कि उन्होंने शिक्षा, हेल्थकेयर और जनसंख्या कंट्रोल को बढ़िया मैनेज किया है. इसलिए, रिप्रेजेंटेशन के सवाल को सिर्फ जनसंख्या वृद्धि के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. दूसरी ओर, ज्यादा आबादी वाले राज्यों का डेमोक्रेटिक नजरिया है कि पार्लियामेंट्री रिप्रेजेंटेशन जनसंख्या के साइज के हिसाब से होना चाहिए. इन दोनों नजरियों के बीच बैलेंस बनाना किसी भी प्रशासन के लिए एक बड़ी नेतृत्वक और संवैधानिक चुनौती होगी. मोदी-शाह: संख्या से आगे, सहमति की नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नेतृत्वक कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पक्ष दीर्घकालिक तैयारी रही है. पिछले वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण विधेयकों के दौरान प्रशासन ने सहयोगी दलों के साथ संवाद, संसदीय प्रबंधन और चरणबद्ध नेतृत्वक तैयारी का प्रदर्शन किया है. यदि परिसीमन जैसा संवेदनशील विषय आगे बढ़ता है, तो प्रशासन केवल अपने बहुमत पर निर्भर नहीं रहेगी. राज्यों की चिंताओं को सुनना, सहयोगी दलों से निरंतर संवाद बनाए रखना और व्यापक नेतृत्वक सहमति तैयार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा. बड़े संवैधानिक विषयों की स्थिरता केवल संख्यात्मक बहुमत से नहीं, बल्कि व्यापक नेतृत्वक स्वीकार्यता से भी आती है. नया विचार UPSC पर खास कवरेज कर रहा है, ताकि आपको एक्सपर्ट गाइडेंस के लिए कहीं और न जाना पड़े. UPSC परीक्षाओं से जुड़ी सभी ताजा जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें. वास्तव में परिसीमन की बहस उन सभी दलों की परीक्षा लेगी जो एक ओर राष्ट्रीय गठबंधनों का हिस्सा हैं और दूसरी ओर अपनी नेतृत्वक पहचान क्षेत्रीय अस्मिता, स्थानीय हितों और राज्य-विशेष मुद्दों पर आधारित रखते हैं. यही कारण है कि इस बार संसद में केवल यह नहीं देखा जाएगा कि कौन प्रशासन के साथ है और कौन विपक्ष के साथ. अधिक महत्वपूर्ण यह होगा कि कौन-सा दल अपने घोषित सिद्धांतों, अपने राज्य के हितों और अपने राष्ट्रीय नेतृत्वक संबंधों के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित करता है.  INDIA block के सामने सबसे बड़ी चुनौती परिसीमन INDIA block के लिए भी आसान विषय नहीं होगा. राष्ट्रीय दल इसे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न के रूप में देख सकते हैं. दक्षिण हिंदुस्तान के दल इसे संघीय संतुलन के संदर्भ में उठाएंगे। कुछ दल सामाजिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण की नई संरचनाओं पर चर्चा करेंगे. कुछ दल निर्वाचन क्षेत्रों की नई सीमाओं के नेतृत्वक प्रभाव पर प्रश्न उठाएंगे. यानी विपक्ष के सामने चुनौती केवल प्रशासन का विरोध करना नहीं होगी, बल्कि विभिन्न क्षेत्रीय हितों को एक साझा नेतृत्वक दृष्टिकोण में बदलना भी होगी. यही इस बहस को और अधिक रोचक बनाता है. 2030 के दशक की नेतृत्व की पटकथा यहीं से लिखी जा सकती है… यदि मानसून सत्र में परिसीमन पर गंभीर विधायी पहल होती है, तो उसका प्रभाव केवल वर्तमान संसद तक सीमित नहीं रहेगा. यह 2030 के दशक की हिंदुस्तानीय नेतृत्व की दिशा तय करने वाली प्रक्रिया बन सकती है. आने वाले वर्षों में कौन-से राज्य राष्ट्रीय नेतृत्व के केंद्र में होंगे, किन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, क्षेत्रीय दलों की भूमिका कैसी होगी, राष्ट्रीय दल अपनी चुनावी रणनीति किस प्रकार पुनर्गठित करेंगे और नए सामाजिक-नेतृत्वक समीकरण कैसे बनेंगे… इन सभी प्रश्नों की नींव इसी प्रक्रिया में दिखाई दे सकती है. इसीलिए परिसीमन को केवल एक संवैधानिक अभ्यास या संसदीय विधेयक के रूप में नहीं देखा

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सुबह किचन में सबसे पहले किस चीज की सफाई करनी चाहिए? गैस, स्लैब या फिर सिंक में कौन आता है पहले? यहां जानें सही क्रम

Kitchen Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में हमारे घर के किचन को सबसे जरूरी जगहों में से एक बताया गया है. वास्तु की मानें, तो हमारे घर का किचन पॉजिटिव और निगेटिव एनर्जी को बहुत ही जल्दी अट्रैक्ट करता है. माना जाता है कि किचन में ही मां अन्नपूर्णा का वास होता है, इसलिए इसकी साफ सफाई का सीधा असर हमारी जिंदगी और सेहत पर पड़ता है. अक्सर बहुत से लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं कि सुबह सोकर उठने के बाद सबसे पहले किस चीज की सफाई करनी चाहिए, गैस चूल्हा, किचन स्लैब या फिर सिंक? अगर आप सही चीजों को सही तरीके से साफ करने लगेंगे, तो आपके घर में हमेशा सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी. तो चलिए विस्तार से जानते हैं कि आपको सुबह उठकर किचन में किस चीज को सबसे पहले साफ करना चाहिए और किस चीज को उसके बाद. morning kitchen vastu tips सबसे पहले करें गैस स्टोव यानी चूल्हे की सफाई वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब आप सुबह किचन में कदम रखते हैं, तो सबसे पहले आपको अपने गैस स्टोव यानी कि चूल्हे की सफाई अच्छे से करनी चाहिए. गैस चूल्हे को हमेशा से ही अग्नि देव का रूप माना जाता रहा है और हमारे घर परिवार की तरक्की के साथ ही हमारी सेहत भी इसी से जुड़ी हुई होती है. अगर रात की कोई गंदगी या चाय दूध के दाग चूल्हे पर रह गए हैं, तो उस पर सुबह की पहली चाय या खाना भूलकर भी नहीं बनाना चाहिए. जब आप सुबह सोकर उठें, तो सबसे पहले एक साफ कपड़े से गैस स्टोव को अच्छी तरह से पोंछ लें. जब आप ऐसा करते हैं, तो आपके घर में कभी भी पैसों या फिर खाने पीने की चीजों की कमी नहीं होती है. इसके अलावा, जब साफ चूल्हे में खाना बनता है, तो पूरे घर में एक पॉजिटिव एनर्जी का फैलना शुरू हो जाता है. ये भी पढ़ें: मोरपंख की असली ताकत जानकर रह जाएंगे हैरान, किस्मत और जिंदगी बदलनी है तो इसे घर की इन जगहों पर जरूर रखें आपका दूसरा काम है किचन स्लैब को चमकाना जब आप गैस चूल्हे को अच्छे से साफ कर लेते हैं, तो इसके तुरंत बाद बारी आती है किचन स्लैब यानी कि काउंटरटॉप की सफाई करने की. किचन में स्लैब वह जगह है, जहां पर सब्जियां काटते हैं, बर्तन रखते हैं और खाना बनाने की तैयारी करते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, गंदे स्लैब पर अगर आप खाना बनाते हैं, तो इसकी वजह से घर में राहु और केतु का काफी बुरा असर पड़ता है. वहीं, अगर साइंस के नजरिये से देखें, तो रातभर में स्लैब पर कई छोटे छोटे बैक्टीरिया जमा होने लग जाते हैं. ऐसा न हो, इसलिए सुबह चूल्हा साफ करने के बाद स्लैब को किसी साफ गीले कपड़े से अच्छे से पोंछ लें. इस बात का खास ख्याल रखें कि स्लैब पर कोई भी फालतू का कबाड़ या फैला हुआ सामान न हो, क्योंकि साफ सुथरा स्लैब देखने में भी अच्छा लगता है और खाना बनाते समय मूड भी फ्रेश रहता है. सिंक की सफाई करें और नेगेटिव एनर्जी को कहें बाय बाय जब चूल्हे और स्लैब की अच्छे से सफाई हो जाती है, तो इसके बाद लास्ट में बारी आती है किचन सिंक की सफाई करने की. सिंक का कनेक्शन पानी से होता है और इसी वजह से वास्तु शास्त्र में पानी का सही इस्तेमाल सीधे हमारी पॉकेट यानी फिनांशियल कंडीशन से जुड़ा हुआ बताया गया है. अगर सिंक में रात के जूठे बर्तन बचे हैं, तो सुबह सबसे पहले उन्हें धो लें और अगर बर्तन रात में ही धुल चुके थे, तो सुबह सिंक में थोड़ा पानी डालकर उसे अच्छे से साफ कर लें. मान्यताओं के अनुसार, सिंक में गंदगी या बदबू रहने से घर में दरिद्रता आती है और फिजूलखर्ची बढ़ती है, जबकि साफ सिंक घर में पैसों की तंगी को दूर रखता है और बरकत लाता है. सुख समृद्धि के लिए कुछ एक्स्ट्रा टिप्स अगर आप अपने घर और जीवन में सुख समृद्धि चाहते हैं, तो आपको कुछ छोटी छोटी बातों का ख्याल रखना चाहिए. सबसे पहली बात यह है कि आपको कभी भी रात के समय सिंक में जूठे बर्तन छोड़कर नहीं सोना चाहिए. कोशिश करें कि रात को सोने से पहले ही सारे बर्तनों को अच्छे से साफ कर लें, क्योंकि रातभर सिंक में जूठे बर्तन छोड़ना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है और इससे घर में तंगी आती है. इसके अलावा, किचन साफ करने वाले कपड़े को भी रोज अच्छी तरह धोकर सुखाना चाहिए, क्योंकि गंदा कपड़ा रसोई में बीमारी और निगेटिविटी बढ़ाता है. साथ ही, सुबह किचन में खाना पकाने से पहले फर्श पर एक बार झाड़ू या हल्का पोछा जरूर लगा लेना चाहिए. ऐसा करने से रातभर की धूल मिट्टी साफ हो जाती है और रसोई में एकदम फ्रेश और पॉजिटिव माहौल बन जाता है. ये भी पढ़ें: सिर्फ 10 रुपये की फिटकरी बदल सकती है आपकी किस्मत और जिंदगी, घर के मुख्य दरवाजे पर टांगते ही दिख सकते हैं ये चमत्कारी फायदे The post सुबह किचन में सबसे पहले किस चीज की सफाई करनी चाहिए? गैस, स्लैब या फिर सिंक में कौन आता है पहले? यहां जानें सही क्रम appeared first on Naya Vichar.

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FIFA World Cup 2026: एम्बाप्पे ने फिर जीता गोल्डन बूट, लगातार दूसरी बार बने विश्व कप के टॉप स्कोरर

फीफा विश्व कप 2026 का गोल्डन बूट अवॉर्ड फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे के नाम रहा. एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट दर्ज करते हुए लगातार दूसरी बार यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किया. इससे पहले उन्होंने 2022 विश्व कप में भी सबसे ज्यादा गोल कर गोल्डन बूट जीता था. विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी के पास एम्बाप्पे को चुनौती देने का मौका था, लेकिन वह गोल्डन बूट की दौड़ में उनसे आगे नहीं निकल सके. मेसी ने टूर्नामेंट का अंत 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ किया. वहीं इंग्लैंड के जूड बेलिंगहम 7 गोल के साथ तीसरे स्थान पर रहे. गोल्डन बूट 2026: टॉप स्कोरर खिलाड़ी टीम गोल असिस्ट किलियन एम्बाप्पे फ्रांस 10 4 लियोनेल मेसी अर्जेंटीना 8 4 जूड बेलिंगहम इंग्लैंड 7 1 एर्लिंग हालैंड नॉर्वे 6 2 हैरी केन इंग्लैंड 6 1 एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी तेज रफ्तार, बेहतरीन फिनिशिंग और बड़े मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन से विपक्षी टीमों को लगातार परेशान किया. 10 गोल के साथ वह 2026 विश्व कप के सबसे सफल गोल स्कोरर रहे और उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वह मौजूदा दौर के सबसे खतरनाक फॉरवर्ड खिलाड़ियों में से एक हैं. लगातार दो विश्व कप में गोल्डन बूट जीतकर एम्बाप्पे ने इतिहास रच दिया है और खुद को विश्व फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों की सूची में और मजबूती से स्थापित कर लिया है. स्पेन ने जीता 2026 का खिताब न्यू जर्सी के न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया. निर्धारित 90 मिनट और 9 मिनट के इंजरी टाइम तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा. फेरन टॉरस से गोल से जीता स्पेन एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में स्पेन के फेरन टॉरस ने शानदार गोल दागकर मैच को अपने तरफ मोड़ लिया. यह गोल अंततः निर्णायक साबित हुआ और स्पेन ने 1-0 की जीत के साथ विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ स्पेन 16 साल बाद फिर से विश्व चैंपियन बना, जबकि अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना टूट गया. फेरन टोरेस का गोल स्पेन के लिए इतिहास रचने वाला पल साबित हुआ. ये भी पढ़ें: FIFA World Cup 2026: विश्व चैंपियन बनते ही मालामाल हुई स्पेन, ट्रॉफी के साथ मिले 481 करोड़ रुपये The post FIFA World Cup 2026: एम्बाप्पे ने फिर जीता गोल्डन बूट, लगातार दूसरी बार बने विश्व कप के टॉप स्कोरर appeared first on Naya Vichar.

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मौसम : झारखंड में येलो, बिहार में ऑरेंज अलर्ट, जानें और कहां होगी मूसलाधार बारिश

Weather Forecast : मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि 20 से 23 जुलाई के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में, 20 से 24 जुलाई तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान कई इलाकों में बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में होगी भारी बारिश आईएमडी के अनुसार, 20 से 25 जुलाई के दौरान मध्य हिंदुस्तान में बारिश का दौर जारी रहेगा. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 21 जुलाई के बीच कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि 22 से 25 जुलाई के दौरान यहां बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 25 जुलाई तक भारी बारिश के आसार हैं. विदर्भ में 20-21 जुलाई और फिर 22 से 24 जुलाई के दौरान कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. उत्तर बंगाल में भारी बारिश का अनुमान आईएमडी ने बताया कि सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने बताया कि 21 से 23 जुलाई के बीच दक्षिण बंगाल के उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हावड़ा, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य की राजधानी कोलकाता में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग का प्रेस रिलीज पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट रांची मौसम केंद्र के अनुसार, 20 और 21 जुलाई को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है. इस दौरान राज्य में गरज-चमक के साथ बारिश होगी और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. वहीं, रांची, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने के आसार हैं. बिहार का मौसम राजस्थान के कई इलाकों में फिर से बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में आने वाले दिनों में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है. 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. इसके बाद 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी मानसून सक्रिय होगा, जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं, 23 से 28 जुलाई के बीच पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में व्यापक और अच्छी बारिश होने के आसार हैं. दिल्ली का मौसम दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? मौसम विभाग के अनुसार, 20 और 21 जुलाई को दिल्ली में मौसम बदला हुआ रहेगा. इस दौरान आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है. सुबह के समय कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि दोपहर और शाम के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. The post मौसम : झारखंड में येलो, बिहार में ऑरेंज अलर्ट, जानें और कहां होगी मूसलाधार बारिश appeared first on Naya Vichar.

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फेरन टॉरस ने एक्स्ट्रा टाइम में दिलाया खिताब, स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर जीता फीफा विश्व कप 2026

न्यू जर्सी के न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया. निर्धारित 90 मिनट और 9 मिनट के इंजरी टाइम तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा. पहले हाफ में स्पेन ने अपने पारंपरिक पजेशन फुटबॉल के दम पर गेंद पर ज्यादा नियंत्रण बनाए रखा, जबकि अर्जेंटीना ने तेज काउंटर अटैक के जरिए मौके बनाने की कोशिश की. हालांकि दोनों टीमों के डिफेंडरों और गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए किसी भी प्रयास को गोल में तब्दील नहीं होने दिया. पहले हाफ में अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेज को मिकेल ओयारजाबल पर फाउल करने के कारण यलो कार्ड भी दिखाया गया. एंजो फर्नांडेज को मुकालबे के दौरान मिला रेड कार्ड दूसरे हाफ में भी दोनों टीमों ने कई हमले किए, लेकिन स्कोरलाइन नहीं बदली. मैच का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडेज को रेड कार्ड दिखाया गया. इसके बाद गत चैंपियन अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ स्पोर्ट्सना पड़ा, जिससे स्पेन को अतिरिक्त समय में दबाव बनाने का मौका मिला. फेरन टॉरस से गोल से जीता स्पेन एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में स्पेन के  फेरन टॉरस ने शानदार गोल दागकर मैच का गतिरोध तोड़ दिया. यह गोल अंततः निर्णायक साबित हुआ और स्पेन ने 1-0 की जीत के साथ विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ स्पेन 16 साल बाद फिर से विश्व चैंपियन बना, जबकि अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना टूट गया. फेरान टोरेस का गोल स्पेन के लिए इतिहास रचने वाला पल साबित हुआ. ये भी पढ़ें: FIFA World Cup 2026: विश्व चैंपियन बनते ही मालामाल हुई स्पेन, ट्रॉफी के साथ मिले 481 करोड़ रुपये The post फेरन टॉरस ने एक्स्ट्रा टाइम में दिलाया खिताब, स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर जीता फीफा विश्व कप 2026 appeared first on Naya Vichar.

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