Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पुणे मर्डर : पुलिस ने सिया और चेतन को बताया कातिल, लेकिन अदालत में कैसे साबित होगा आरोप?

पुणे के लोहागढ़ किला हत्याकांड की गुत्थी अब उस चट्टान पर आकर टिक गई है, जहां से 18 जून को 26 साल के केतन अग्रवाल नीचे गिरा था. जांच एजेंसियां अब इसी जगह को मामले का सबसे अहम सबूत मानकर जांच आगे बढ़ा रही हैं. तीन हफ्ते पहले तक इसे ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब मामला हत्या की जांच में बदल चुका है. शादी से पहले केतन अग्रवाल की मौत हो गई. पुलिस ने उनकी मंगेतर 20 साल की सिया गोयल और उसके प्रेमी 22 साल के चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देकर मारने की साजिश रची. सिया गोयल और चेतन चौधरी हत्या के आरोपी पुणे के ग्रामीण पुलिस का दावा है कि सिया गोयल अपनी तयशुदा शादी से खुश नहीं थी और चेतन चौधरी से प्यार करती थी. इसी वजह से दोनों ने मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची. पुलिस के मुताबिक, इस प्लान के लिए दोनों कई बार कैफे में मिले, पूरी प्लानिंग की, घटना की पहले रिहर्सल भी की. एक बार हत्या की कोशिश नाकाम होने के बाद दोबारा वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल यही कहानी सुर्खियों में है, लेकिन अभी तक इनमें से कोई भी आरोप अदालत में साबित नहीं हुआ है. सिया गोयल और चेतन चौधरी इस मामले में केवल आरोपी हैं और जांच अभी जारी है. पुलिस के सामने अब क्या है चुनौती? अगर अदालत को दोनों को दोषी ठहराना है, तो पुलिस को हर आरोप ठोस सबूतों से साबित करना होगा. प्रेम संबंध से हत्या की वजह, कैफे में मुलाकातों से साजिश और फोन रिकॉर्ड, सीसीटीवी, लोकेशन, कपड़े व घटना के बाद का व्यवहार जैसे सबूत पुलिस के पक्ष को मजबूत कर सकते हैं. लेकिन अदालत में सबसे अहम बात यह साबित करना होगी कि केतन की मौत हादसा नहीं थी. वह खुद नहीं फिसला या गिरा, बल्कि उसे जानबूझकर चट्टान से धक्का दिया गया था. ये भी पढ़ें: पुणे मर्डर : परिवार के एक शक से खुल गई पोल, केतन की मौत का सच आया सामने पुलिस के लिए इन आरोपों को साबित करना, आरोप लगाने से कहीं ज्यादा मुश्किल होगा. इसी वजह से उसने पहले दोनों का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी. रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने अदालत को बताया कि उसके पास कोई प्रत्यक्ष चश्मदीद गवाह या ऐसा पक्का सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि केतन को किसने धक्का दिया. पुलिस का दावा है कि उसके पास सिर्फ दोनों आरोपियों के कथित कबूलनामे हैं. सिनियर एडवोकेट तनवीर अहमद मीर ने क्या कहा? सिनियर एडवोकेट तनवीर अहमद मीर ने इंडिया टुडे से मामले पर बात की. उनका कहना है कि पुलिस हिरासत में दिए गए कथित कबूलनामों पर भरोसा नहीं किया जा सकता. 2008 के आरुषि-हेमराज हत्याकांड में तलवार दंपती की ओर से पैरवी कर चुके मीर का मानना है कि अदालत में ऐसे कबूलनामों की कानूनी अहमियत बहुत सीमित होती है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी मामले को लेकर बनी जनधारणा और अदालत में सबूतों के आधार पर होने वाला फैसला, दोनों अलग-अलग बातें हैं. The post पुणे मर्डर : पुलिस ने सिया और चेतन को बताया कातिल, लेकिन अदालत में कैसे साबित होगा आरोप? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुरादाबाद डबल मर्डर : पति ने पकड़े पैर, देवर ने रेता गला, मां के बारे में पूछ रहे बेटे की भी कर दी हत्या

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में मां-बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने स्त्री सीमा और उसके 10 वर्षीय बेटे अंकुश की हत्या के आरोप में पति जसराम और देवर जयराम को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों भाइयों ने मिलकर पहले सीमा की हत्या की और बाद में वारदात का राज खुलने के डर से मासूम अंकुश को भी मौत के घाट उतार दिया. एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने मीडिया को बताया कि मौढ़ा तैय्या निवासी सीमा (35) और उसके बेटे अंकुश (10) की हत्या के मामले में पति जसराम और देवर जयराम को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वारदात से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं. हत्या से पहले पति-पत्नी के बीच हुआ था झगड़ा पुलिस के मुताबिक, सीमा करीब दो साल से शेरुआ चौराहे पर किराये के मकान में रह रही थी. उसके साथ पति जसराम और बेटा अंकुश भी रहते थे. जसराम अपना मकान छोटे भाई जयराम को बेच चुका था. जयराम ने 60 हजार रुपये दे दिए थे, जबकि 2 लाख 40 हजार रुपये बाकी थे. बकाया रकम को लेकर सीमा अक्सर विवाद करती थी. जांच में यह भी सामने आया कि जसराम अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था. इस बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था. सोमवार रात भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद सीमा ने पुलिस चौकी में शिकायत की थी. बाद में समझौता होने पर वह पति के साथ घर लौट गई थी. इस समझौते में जयराम भी शामिल था. दोनों भाइयों ने रची थी सीमा की हत्या की साजिश पुलिस के अनुसार, घर लौटने के बाद दोनों भाइयों ने सीमा की हत्या की साजिश रची. जसराम ने जयराम से कहा कि यदि वह सीमा की हत्या कर देगा तो मकान के बाकी रुपये भी नहीं मांगे जाएंगे. जयराम भी बकाया रकम देने से बचना चाहता था, इसलिए वह इस साजिश में शामिल हो गया. मंगलवार शाम करीब छह बजे जयराम अगवानपुर पहुंचा और सीमा से कहा कि वह उसे बाकी रुपये दे देगा. इस बहाने वह सीमा और अंकुश को बाइक पर बैठाकर मौढ़ा तैय्या की ओर ले गया. रास्ते में पेट्रोल पंप पर उसने अंकुश को उतार दिया और सीमा को खेत में ले गया, जहां पहले से जसराम मौजूद था. वहां जसराम ने सीमा के पैर पकड़ लिए, जबकि जयराम ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया. हत्या के बाद जयराम दोबारा पेट्रोल पंप पहुंचा और बोतल में पेट्रोल लेकर वापस लौटा, इसके बाद वह अंकुश को भी अपने साथ घटनास्थल पर ले आया. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल पुलिस पूछताछ में जयराम ने बताया कि वह अपने भतीजे को नहीं मारना चाहता था. लेकिन अंकुश लगातार अपनी मां के बारे में पूछ रहा था. जब उसने खेत में अपनी मां का शव देखा तो वह रोने और चिल्लाने लगा. आरोपी को डर था कि बच्चा घर जाकर पूरी घटना बता देगा. इसी डर से उसने अंकुश का गला दबाकर उसकी भी हत्या कर दी. वारदात के बाद दोनों भाइयों ने सीमा के शव पर पेट्रोल डालकर उसका चेहरा जला दिया. इसके बाद अंकुश के शव को करीब 500 मीटर दूर प्रदीप के खेत में फेंक दिया और उसका चेहरा भी जला दिया, ताकि दोनों की पहचान न हो सके. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए. एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि आरोपी देवर जयराम को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है. वहीं शुक्रवार देर रात पुलिस ने पति जसराम को भी गिरफ्तार कर लिया. यह है मामला पाकबड़ा थाना क्षेत्र में मां-बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. मौढ़ा तैय्या निवासी सीमा का गला रेता गया था, जबकि उसके 10 वर्षीय बेटे अंकुश की गला दबाकर हत्या की गई थी. सीमा का शव बुधवार को गन्ने के खेत से बरामद हुआ था, जबकि अगले दिन करीब 500 मीटर दूर दूसरे खेत से अंकुश का शव मिला था. हत्यारों ने दोनों के चेहरे जलाकर पहचान मिटाने की कोशिश की थी, लेकिन अंकुश का चेहरा पूरी तरह नहीं जल पाया, जिससे उसकी पहचान हो गई. पुलिस के अनुसार, सीमा पिछले दो साल से पति जसराम से विवाद के बाद अलग रह रही थी. 15 साल पहले हुई थी शादी पुलिस के मुताबिक, जसराम की शादी करीब 15 साल पहले गोरखपुर निवासी सीमा से हुई थी. दोनों का एक 10 वर्षीय बेटा अंकुश था. जसराम ट्रक चालक है, लेकिन कुछ समय से बीमारी के कारण ट्रक नहीं चला रहा था. बताया गया कि करीब दो साल पहले पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद सीमा अलग रहने लगी थी. जमीन बेचने को लेकर भी था विवाद पुलिस के अनुसार, मौढ़ा तैय्या निवासी पातीराम सैनी के पांच बेटे सोमपाल, जयराम, जसवंत, कुलवंत और जसराम हैं. जसराम के हिस्से में दो बीघा जमीन आई थी. करीब दो साल पहले सीमा ने एक बीघा जमीन बेच दी थी, जिसका जसराम ने विरोध किया था. इसके बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया. बताया जा रहा है कि सीमा बची हुई एक बीघा जमीन भी बेचना चाहती थी, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था. यह भी पढ़ें: यूपी में 15 की मौत, तीन दिन की बारिश ने बढ़ाई मुसीबत,75 जिलों में अलर्ट The post मुरादाबाद डबल मर्डर : पति ने पकड़े पैर, देवर ने रेता गला, मां के बारे में पूछ रहे बेटे की भी कर दी हत्या appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ट्रंप की कड़ी चेतावनी – अगर ईरान ने मेरी हत्या की कोशिश की तो 1 हजार मिसाइलें तैयार हैं

Trump Iran Threat : अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करके ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने लिखा कि अगर ईरान उनकी हत्या करने का प्रयास करता है तो अमेरिका ने 1 हजार मिसाइलें तैयार कर रखी हैं और सभी मिसाइलों का टारगेट ईरान ही है. Trump Truth Social अमेरिकी सेना को दे दिए गए हैं निर्देश उन्होंने आगे कहा कि किसी भी प्रारंभिक जवाबी कार्रवाई के तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सेना को पहले ही आवश्यक निर्देश मिल चुके हैं और वह उन्हें अंजाम देने के लिए तैयार है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने धमकी भरे पोस्ट में कहा कि अमेरिकी सेना ईरान को तबाह करने में पूरी तरह से सक्षम है. पहले भी इंटरव्यू में दे चुके हैं धमकी ये टिप्पणियां न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए गए एक साक्षात्कार में उनके द्वारा की गई टिप्पणियों से मिलती-जुलती हैं. जहां उन्होंने कहा था कि यदि उनकी हत्या कर दी जाती है तो अभूतपूर्व सैन्य प्रतिक्रिया के लिए उन्होंने पहले से ही निर्देश दे रखे हैं. इजरायल की रिपोर्ट खारिज ट्रम्प ने कहा कि ऐसी कोई नई खुफिया जानकारी नहीं है जो उनकी हत्या की साजिश को लेकर नई जानकारी देती हो. उन्होंने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि इजरायल ने उन्हें निशाना बनाने वाली ईरानी योजना के बारे में नई जानकारी का पता लगाया है. ये भी पढ़ें : अमेरिका के नए रूसी प्रतिबंध कानून से बढ़ सकती हैं हिंदुस्तान की मुश्किलें, जानिए पूरा मामला The post ट्रंप की कड़ी चेतावनी – अगर ईरान ने मेरी हत्या की कोशिश की तो 1 हजार मिसाइलें तैयार हैं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

देवशयनी एकादशी से शुरू होगा चातुर्मास, जानें इस दौरान कौन-से कार्य करने चाहिए

Chaturmas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार चातुर्मास की शुरुआत देवशयनी एकादशी से होती है. वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास का आरंभ होता है. भगवान विष्णु की योग निद्रा का महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर विश्राम करते हैं. इस अवधि को देवताओं के विश्राम काल के रूप में देखा जाता है. मान्यता है कि इस दौरान सृष्टि के संचालन की जिम्मेदारी भगवान शिव संभालते हैं. इसलिए यह समय भक्ति, साधना और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. चातुर्मास में कौन-से कार्य करने चाहिए? चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन विशेष फलदायी माना गया है. भक्तों को ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए. इसके अलावा श्रीमद्भागवत पुराण, भगवद्गीता और विष्णु सहस्रनाम का पाठ आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है. तुलसी पूजा, दान-पुण्य और एकादशी व्रत का भी विशेष महत्व बताया गया है. मांगलिक कार्य क्यों नहीं किए जाते? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु के विश्राम काल में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और जनेऊ जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते. इस अवधि को आध्यात्मिक साधना और संयम के लिए समर्पित माना गया है. चातुर्मास का वैज्ञानिक पक्ष चातुर्मास वर्षा ऋतु में पड़ता है. प्राचीन समय में भारी वर्षा के कारण यात्रा और सामाजिक आयोजन करना कठिन होता था. जलभराव और खराब मार्गों के कारण बड़े समारोहों से बचा जाता था. इसी वजह से विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रमों को स्थगित करने की परंपरा विकसित हुई. साधु-संत भी इस दौरान एक स्थान पर रहकर साधना और धर्म प्रचार करते थे. The post देवशयनी एकादशी से शुरू होगा चातुर्मास, जानें इस दौरान कौन-से कार्य करने चाहिए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

15 जुलाई से बिहार में बदल जाएगा जमीन रजिस्ट्री का तरीका, अब ऐसे होगी पूरी प्रक्रिया

Bihar Jamin Registry: बिहार में जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया में बदलाव होने जा रहा है. 15 जुलाई से राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है. नई व्यवस्था के तहत जमीन से जुड़े दस्तावेजों की रजिस्ट्री पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से होगी. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को नई व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. विभाग ने पात्र आवेदकों को जल्द से जल्द सर्विस प्रोवाइडर का लाइसेंस जारी करने को कहा है, ताकि डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू हो सके. कातिब और स्टांप वेंडर बनेंगे सर्विस प्रोवाइडर नई व्यवस्था में वर्तमान में काम कर रहे अनुज्ञप्तिधारी दस्तावेज नवीस (कातिब), प्रशिक्षु दस्तावेज नवीस, स्टांप वेंडर और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं को सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करने की अनुमति दी गई है. बिहार स्टांप नियमावली, 2026 के तहत इन्हें निर्धारित शैक्षणिक और अन्य योग्यताओं में विशेष छूट भी दी गई है. इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े अनुभवी लोगों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी. ऑनलाइन होगी रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया नई व्यवस्था में सर्विस प्रोवाइडर की भूमिका काफी अहम होगी. वे आईआरएस पोर्टल पर जमीन खरीद-बिक्री करने वाले पक्षकारों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे. इसके अलावा दस्तावेजों की ई-फाइलिंग, ई-साइन, बायोमेट्रिक सत्यापन, संपत्ति का प्रशासनी मूल्यांकन, स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क का निर्धारण भी ऑनलाइन किया जाएगा. रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और ई-स्टांप कोड उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी सर्विस प्रोवाइडर की होगी. लोगों को मिलेगी राहत, कम होंगे कागजी काम पेपरलेस रजिस्ट्री लागू होने के बाद लोगों को निबंधन कार्यालयों में कागजी प्रक्रिया से काफी राहत मिलेगी. पूरी प्रक्रिया एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने से समय की बचत होगी. प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी, तेज और आसान बनेगी. इससे निबंधन सेवाओं में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. बिहार में हर साल लाखों दस्तावेजों की होती है रजिस्ट्री बांका जिले में हर दिन औसतन करीब 100 दस्तावेजों की रजिस्ट्री होती है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 25,103 दस्तावेजों का निबंधन किया गया. इसमें बांका निबंधन कार्यालय में 13,248 और अमरपुर निबंधन कार्यालय में 11,882 दस्तावेजों की रजिस्ट्री हुई. राजस्व वसूली में भी आगे रहा विभाग वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बांका जिले को 86.38 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था. इसके मुकाबले 31 मार्च तक 92.89 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो लक्ष्य का 107 फीसदी है. बांका निबंधन कार्यालय को 55.45 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था, जबकि यहां 59.33 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ. वहीं, अमरपुर निबंधन कार्यालय ने 30.93 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 33.56 करोड़ रुपये की वसूली की. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 15 जुलाई से शुरू होगी नई डिजिटल व्यवस्था बांका के जिला अवर निबंधक हेमंत कुमार ने बताया कि 15 जुलाई से रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस हो जाएगी. इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां अंतिम चरण में हैं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार में जमीन रजिस्ट्री का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और लोगों को डिजिटल माध्यम से आसान व तेज सेवा मिल सकेगी. Also Read: बिहार के प्रशासनी दफ्तरों में बदलेगा कामकाज का तरीका, अब लंबी मीटिंग पर लगेगी रोक, जानिए नई गाइडलाइन The post 15 जुलाई से बिहार में बदल जाएगा जमीन रजिस्ट्री का तरीका, अब ऐसे होगी पूरी प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ताड़ी बेचने वाले का बेटा बनेगा SDM, 4 बार फेल होने के बाद BPSC में मिली सफलता

BPSC Success Story: मुश्किलें कितनी भी होगी अगर एक बार मन में ठान लिया जाए तो बड़ी-से-बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है. कुछ ऐसी ही कहानी बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले सूरज कुमार की है, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और संकल्प से BPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. सूरज कुमार के पिता ने ताड़ी बेचकर उन्हें पढ़ाया. आज पूरा परिवार सूरज की इस सफलता से खुश है. सूरज कुमार ने BPSC 70वीं CCE परीक्षा में 1274 वीं रैंक हासिल की है. अनुसूचित जाति से आने वाले सूरज का सेलेक्शन अब SDM पद के लिए होगा. सूरज एक गरीब परिवार से आते हैं. ऐसे में उनकी इस सफलता से माता-पिता भी काफी खुश हैं.  ताड़ी बेचकर पिता ने पढ़ाया  सूरज बेगूसराय के नावकोठी गांव के रहने वाले हैं. सूरज कुमार के पिता रामचंद्र चौधरी ताड़ी बेचकर परिवार चलाते हैं. ऐसे में सूरज के पास सीमित संसाधन थे. लेकिन उनके पिता ने कभी मनोबल टूटने नहीं दिया और उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित करते रहे. रामचंद्र चौधरी ने हर मुश्किल का सामना किया लेकिन कभी बेटे की पढ़ाई से समझौता नहीं किया.  तमिलनाडु के इस फेमस यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई सूरज की शुरुआती पढ़ाई नावकोठी के एक स्कूल से हुई. 10वीं के बाद 12वीं उन्होंने जीडी कॉलेज बेगूसराय से की. इसके बाद तमिलनाडु की फेमस अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में BE की डिग्री हासिल की.  पहले चार प्रयास में मिली असफलता BTech की पढ़ाई करके भी सूरज संतुष्ट नहीं थे. उन्होंने दिल्ली जाकर सिविल सेवा की पढ़ाई करने का मन बनाया. वे तैयारी में जुट गए. लेकिन इस दौरान उन्हें संघर्ष करना पड़ा. पिछले चार अटेंप्ट में सूरज को असफलता मिली थी. बार-बार मिल रही असफलता से टूट चुके थे जब-जब वे परीक्षा में असफल होते तब तब परिवार और समाज की नजर में एक ही सवाल होता है कि क्या वे काबिल नहीं हैं. परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था तो ऐसे में नौकरी लेकर सेटल होना ही उनकी प्राथमिकता थी. लेकिन परीक्षा की तैयारी करते हुए सूरज कुछ इस हद तक जुनूनी हो गए थे कि उन्हें हर हाल में सिविल सेवा में ही सफलता हासिल करनी थी. उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार अपने पांचवें प्रयास में BPSC परीक्षा में सफलता हासिल की.  सूरज ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया सूरज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और पूरे परिवार को दिया है. उनका मानना है कि परिवार ने अगर उनमें हिम्मत नहीं दिखाई होती तो वे शायद आज इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाते. 5वें प्रयास में सूरज ने अपनी गलतियों से सीख लेकर फिर से तैयारी की. वे अन्य अभ्यर्थियों को भी यही सलाह देते हैं कि अपनी गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ें. यह भी पढ़ें- IIT से लेकर IIIT तक, जानें बिहार के बेस्ट BTech कॉलेज में कैसे मिलता है एडमिशन The post ताड़ी बेचने वाले का बेटा बनेगा SDM, 4 बार फेल होने के बाद BPSC में मिली सफलता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान को अमेरिका का अल्टीमेटम, कहा- अगर नहीं रोका होर्मुज पर हमला तो…

US Iran Conflict : अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) पर हमले रोकने को कहा है. अमेरिका ने अल्टीमेटम जारी करते हुए मांग की है कि ईरान जल्द से जल्द होर्मुज के रास्ते को जहाजों के लिए खोल दे. साथ ही तेल कंटेनरों में लगातार कर रहे हमलों को रोके. ऐसा नहीं करने पर ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. युद्धविराम समाप्ति की घोषणा अमेरिका की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम के समाप्ति की घोषणा कर दी है. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ युद्धविराम समाप्त हो गया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए बताया कि हालिया दुश्मनी के बावजूद ईरान ने बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया था. उन्होंने लिखा कि अमेरिका इसके लिए सहमत है, लेकिन उन्हें बता दिया गया है कि अब युद्धविराम खत्म हो गया है. ईरान से आधिकारिक बयान की मांग हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी अधिकारी ईरान से सार्वजनिक घोषणा की मांग कर रहे हैं. जिसमें ईरान बताए कि वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी नहीं करेगा. साथ ही उनसे कोई भी ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा. समझौते पर पहुंचने का सीमित समय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि तेहरान के साथ बातचीत सफल रही. ट्रंप प्रशासन ईरान को एक सीमित समय दे रही है, जिससे वे अपने विकल्पों पर विचार कर लें. ईरान ने किया अमेरिकी दावों को खारिज ईरान ने वाशिंगटन द्वारा किए जा रहे इस दावे को खारिज कर दिया है कि उसने यूएस के साथ बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया था. ईरान ने अमेरिका से सीधे बातचीत के बजाए कतर की मध्यस्थता पर स्वीकृति जाहिर की है. चेतावनी दी है कि अमेरिकी किसी भी प्रकार से अगर उग्रता दिखाता है तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा. अमेरिकी मांगो पर जताया विरोध तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर की जाने वाली अमेरिकी मांगो पर कड़ा विरोध जताया है. इस बात पर जोर दिया है कि जलडमरूमध्य पर होने वाली कोई भी गतिविधि ईरान के अधिकार क्षेत्र में आती हैं. उनका कहना है कि बाहरी शक्तियों का होर्मुज स्ट्रेट प्रबंधन पर हस्तक्षेप पहले के समझौतों का उल्लंघन है. इससे इलाके में तनाव घटने के बजाए और बढ़ेगा. हमलों के पीछे ईरानी प्रशासन नहीं कोई और ! अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान ने स्वीकार किया कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के पीछे बागी समूह का हाथ है. इस पर अमेरिका का साफ रुख है कि चाहे ईरान की प्रशासन इसमें इनवॉल्व न हो लेकिन इसका जिम्मेदार उन्हें ही ठहराया जाएगा. नई वार्ता की योजना हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया कि कतर के अधिकारी अमेरिका-ईरान तनाव कम करने को लेकर चर्चा करने तेहरान गए. वहीं इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची होर्मुज के प्रशासन और सुरक्षित मार्गों पर बातचीत करने ओमान जाने वाले हैं. क्यों है होर्मुज स्ट्रेट का महत्व? होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो ओमान की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ता है. अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से पहले विश्व के कुल तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा रोज इसी रास्ते से होकर गुजरता था. हाल में हुए जहाजों पर हमले के बाद तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं. इसलिए इस युद्ध की समाप्ति बेहद जरूरी बताई जा रही है. The post ईरान को अमेरिका का अल्टीमेटम, कहा- अगर नहीं रोका होर्मुज पर हमला तो… appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

8th Pay Commission: सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, रेलवे इंजीनियरों को अब वेतन और प्रमोशन में भी चाहिए बराबरी

8th Pay Commission: इस बार सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, बल्कि रेलवे इंजीनियरों ने वेतन, प्रमोशन और करियर ग्रोथ से जुड़े कई पुराने मुद्दे भी आयोग के सामने रखे हैं. उनका कहना है कि 6वें वेतन आयोग के बाद उनकी स्थिति पहले जैसी नहीं रही और अब 8वें वेतन आयोग से उन्हें बड़ी उम्मीद है. भुवनेश्वर में हुई बैठक के दौरान रेलवे इंजीनियरों के संगठनों ने आयोग को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. हालांकि, अभी किसी भी मांग पर फैसला नहीं हुआ है. आयोग फिलहाल देशभर से कर्मचारियों और पेंशनर्स की राय जुटा रहा है. कहां हुई बैठक और किसने रखीं मांगें? 8वें वेतन आयोग ने 6 और 7 जुलाई को ओडिशा के भुवनेश्वर में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के साथ स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन किया. इस बैठक में ऑल इंडिया रेलवे इंजीनियर्स फेडरेशन (AIREF) और ईस्ट कोस्ट रेलवे इंजीनियर्स एसोसिएशन (ECoREA) ने आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन को अपना ज्ञापन सौंपा. AIREF के महासचिव बी.पी. दाश ने कहा कि रेलवे इंजीनियर रेलवे के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन 6वें वेतन आयोग के बाद उनकी वेतन व्यवस्था कमजोर हुई. उनका दावा है कि आज भी उन्हें गैर-तकनीकी और गैर-सुरक्षा कैडर के कई कर्मचारियों की तुलना में कम अनुकूल वेतन मिलता है. रेलवे इंजीनियरों ने क्या-क्या मांग रखी? रेलवे इंजीनियरों ने आयोग के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सबसे बड़ी मांग वेतन समानता और करियर ग्रोथ की रही. मांग क्या चाहते हैं इंजीनियर? वेतन समानता 6वें वेतन आयोग से पहले जैसी पे स्ट्रक्चर दोबारा लागू की जाए. ग्रुप B स्टेटस अन्य केंद्रीय प्रशासनी विभागों की तरह रेलवे इंजीनियरों को भी ग्रुप B का दर्जा मिले. ग्रुप B पद बढ़ें रेलवे में ग्रुप B पदों की हिस्सेदारी 0.29% से बढ़ाकर 7.5% की जाए. प्रमोशन लंबे समय से रुके प्रमोशन और करियर में आ रही रुकावट को दूर किया जाए. बैठक के दौरान AIREF के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी जनरल सिवाकांत सिंह ने भी कहा कि रेलवे इंजीनियर लंबे समय से करियर स्टैगनेशन यानी प्रमोशन और ग्रोथ रुकने की समस्या झेल रहे हैं. क्या सिर्फ रेलवे कर्मचारियों की मांगें सुनी जा रही हैं? नहीं. 8वां वेतन आयोग देशभर में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से सुझाव ले रहा है. इससे पहले दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में भी बैठकें हो चुकी हैं. भुवनेश्वर के बाद आयोग ने 10 जुलाई को कोलकाता में अंतिम दौर की चर्चा करने की योजना बनाई है. इन बैठकों में सिर्फ रेलवे कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि दूसरे कर्मचारी संगठनों ने भी फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने, भत्तों में संशोधन, पेंशन सुधार, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बदलाव और Modified Assured Career Progression (MACP) व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें रखी हैं. क्या अभी कोई फैसला हो गया है? अभी नहीं. ये बैठकें सिर्फ सुझाव और मांगें जुटाने के लिए हो रही हैं. आयोग सभी कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स से मिले सुझावों पर विचार करने के बाद अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा. इसलिए फिलहाल वेतन, पेंशन, भत्तों या प्रमोशन से जुड़ा कोई नया फैसला लागू नहीं हुआ है. गौरतलब है कि 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. आयोग का काम केंद्र प्रशासन के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, पेंशन और भत्तों की समीक्षा करना है. साथ ही कर्मचारियों की मांगों और प्रशासन की वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी अंतिम सिफारिशें देना भी इसकी जिम्मेदारी है. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 65% तक सैलरी बढ़ाने की मांग, ₹9000 ट्रांसपोर्ट अलाउंस का भी प्रस्ताव The post 8th Pay Commission: सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, रेलवे इंजीनियरों को अब वेतन और प्रमोशन में भी चाहिए बराबरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

187KM रेंज के साथ आया Hero का नया EV स्कूटर, मिलेगा फास्ट चार्जिंग वाली रिमूवेबल बैटरी का दम

हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है और इसी बीच हीरो मोटोकॉर्प के इलेक्ट्रिक ब्रांड वीडा ने ग्राहकों के लिए नया VIDA VX2 Plus 4.4 kWh पेश कर दिया है. यह नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खास तौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो लंबी दूरी तय करते हैं और बार-बार चार्जिंग की परेशानी से बचना चाहते हैं. कंपनी का दावा है कि नया मॉडल लंबी रेंज, तेज चार्जिंग और मजबूत चार्जिंग नेटवर्क के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल को और आसान बना देगा. सबसे खास बात यह है कि इसी स्कूटर ने 12,111 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी अपनी जगह बनाई है. 187 किलोमीटर की रेंज और रिमूवेबल बैटरी का फायदा VIDA VX2 Plus 4.4 kWh में कुल 4.4 kWh क्षमता का बैटरी पैक दिया गया है. इसमें 2.2 kWh की दो रिमूवेबल बैटरियां मिलती हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर अलग से भी चार्ज किया जा सकता है. कंपनी के मुताबिक यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 187 किलोमीटर तक की IDC सर्टिफाइड रेंज देने में सक्षम है. जो लोग रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं या चार्जिंग की सुविधा हर जगह नहीं मिलती, उनके लिए रिमूवेबल बैटरी बड़ा फायदा साबित हो सकती है. बैटरी को घर या ऑफिस में आसानी से चार्ज किया जा सकता है. सिर्फ 65 मिनट में होगी फास्ट चार्जिंग चार्जिंग के मामले में भी कंपनी ने इस स्कूटर को काफी मजबूत बनाया है. 1kW पोर्टेबल चार्जर से बैटरी 0 से 80 प्रतिशत तक लगभग 3 घंटे 30 मिनट में चार्ज हो जाती है. वहीं डीसी फास्ट चार्जर की मदद से यही काम केवल 65 मिनट में पूरा किया जा सकता है. तेज चार्जिंग की यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी होगी जिन्हें दिनभर में कई बार स्कूटर का इस्तेमाल करना पड़ता है. देशभर में मिलेगा बड़ा चार्जिंग और सर्विस नेटवर्क Hero MotoCorp ने नए VIDA VX2 Plus के साथ मजबूत आफ्टर सेल्स सपोर्ट पर भी जोर दिया है. कंपनी के अनुसार देशभर में 6,000 से अधिक फास्ट चार्जिंग स्टेशन और 700 से ज्यादा सर्विस टचपॉइंट उपलब्ध हैं. इसके अलावा कंपनी Battery-as-a-Service (BaaS) प्लान भी ऑफर कर रही है. इस सुविधा के जरिए ग्राहक बैटरी से जुड़े खर्च को अधिक लचीले तरीके से मैनेज कर सकते हैं, जिससे शुरुआती लागत भी कम हो सकती है. 12,111 किलोमीटर चलकर बनाया नया रिकॉर्ड स्कूटर की विश्वसनीयता साबित करने के लिए वीडा ने राइडर गिरीश शेट के साथ एक खास अभियान चलाया. इस यात्रा की शुरुआत बेंगलुरु से हुई और इसका समापन दिल्ली में हुआ. कुल 52 दिनों के दौरान स्कूटर ने 12,111 किलोमीटर की दूरी तय की. इस सफर के दौरान यह विभिन्न शहरों से होकर गुजरा और इसी उपलब्धि के दम पर “इलेक्ट्रिक स्कूटर द्वारा सबसे लंबी यात्रा” का रिकॉर्ड बनाते हुए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया. कीमत और उपलब्धता की बात Hero VIDA VX2 Plus 4.4 kWh की दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत 1,43,990 रुपये रखी गई है. कंपनी का कहना है कि यह स्कूटर जुलाई 2026 के अंत तक देशभर की अधिकृत डीलरशिप पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगा. अगर आप लंबी रेंज, फास्ट चार्जिंग, रिमूवेबल बैटरी और मजबूत सर्विस नेटवर्क वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो नया VIDA VX2 Plus आपके लिए एक मजबूत विकल्प बन सकता है. ये भी पढ़ें: EV Scooter Buying Guide 2026: बजट, रेंज और भरोसे पर चुनें अपना बेस्ट मॉडल; यहां देखें टॉप ऑप्शंस ये भी पढ़ें: Electric Scooter खरीदने जा रहे हैं? पहले जानिए कौन-सी बैटरी है सबसे भरोसेमंद, वरना बाद में होगा बड़ा नुकसान The post 187KM रेंज के साथ आया Hero का नया EV स्कूटर, मिलेगा फास्ट चार्जिंग वाली रिमूवेबल बैटरी का दम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बचे हुए चावल से मिनटों में बनाएं क्रिस्पी कटलेट, स्वाद ऐसा कि हर कोई करेगा तारीफ

Leftover Rice Cutlet Recipe: अक्सर घर में खाना खाने के बाद थोड़ा-बहुत चावल बच जाता है. कई लोग इसे दोबारा खाने की बजाय फेंक देते हैं, लेकिन अगर थोड़ी-सी क्रिएटिविटी दिखाई जाए तो यही बचे हुए चावल एक स्वादिष्ट और क्रिस्पी स्नैक में बदल सकते हैं. अगर शाम की चाय के साथ कुछ टेस्टी और झटपट बनाना चाहते हैं, तो लेफ्टओवर राइस कटलेट एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही यह आसानी से तैयार हो जाता है.  कटलेट बनाने के लिए जरूरी सामग्री 2 कप बचे हुए पके चावल 2 उबले हुए आलू 1 बारीक कटा प्याज 2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई 1 छोटा चम्मच अदरक का पेस्ट 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर ½ छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर ½ छोटा चम्मच गरम मसाला नमक स्वादानुसार 3 से 4 बड़े चम्मच ब्रेड क्रम्ब्स या सूजी तलने या शैलो फ्राई करने के लिए तेल PC: AI Generated स्वाद बढ़ाने के आसान टिप्स कटलेट में कद्दूकस की हुई गाजर, शिमला मिर्च या मटर मिलाने से स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाते हैं.  हल्का-सा चाट मसाला ऊपर से छिड़कने पर कटलेट का स्वाद और भी मजेदार हो जाता है.  अगर चीज पसंद है, तो बीच में थोड़ा-सा चीज भरकर भी कटलेट बना सकते हैं.  कटलेट को एयर फ्रायर में भी बनाया जा सकता है, जिससे यह कम तेल में तैयार होगा.  यह भी पढ़ें: बिहार की स्पेशल खुरमा रेसिपी, इस आसान तरीके से घर पर बनाएं भोजपुर की फेमस और रसीली मिठाई नया विचार की पेशकश The post बचे हुए चावल से मिनटों में बनाएं क्रिस्पी कटलेट, स्वाद ऐसा कि हर कोई करेगा तारीफ appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top