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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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रूसी राष्ट्रपति पुतिन सितंबर में इस दिन आएंगे भारत, BRICS समिट में होंगे शामिल

BRICS Summit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12 और 13 सितंबर को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. दक्षिण अफ्रीका में रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी पुष्टि की है. एक साल में यह रूसी राष्ट्रपति की दूसरी हिंदुस्तान यात्रा होगी. इससे पहले 23वें हिंदुस्तान-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दिसंबर 2025 में पुतिन ने हिंदुस्तान का दौरा किया था. अब एक बार फिर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वो हिंदुस्तान आने वाले हैं. ⚡️President of Russia Vladimir #Putin will attend the #BRICS summit in New Delhi on September 12-13 – Kremlin aide Yury Ushakov pic.twitter.com/WCrrf0EQRC — Russian Embassy in South Africa 🇷🇺 (@EmbassyofRussia) May 19, 2026 हिंदुस्तान कर रहा है ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी इस बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी हिंदुस्तान कर रहा है. हिंदुस्तान ने साल 2012, 2016 और 2021 के बाद चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है. 21 सालों में 13 गुना बढ़ा ब्रिक्स देशों का व्यापार वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बीते दिनों गुजरात के गांधीनगर में ब्रिक्स देशों के व्यापार और आर्थिक मामलों से जुड़े अधिकारियों की एक बैठक में बताया कि ब्रिक्स देशों के बीच वस्तु व्यापार (Commodity Trading) में 13 गुना इजाफा हुआ है. उन्होंने बताया कि साल 2003 में 84 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में यह 1.17 लाख करोड़ डॉलर हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह व्यापार अब भी वैश्विक व्यापार का केवल करीब पांच प्रतिशत है. कई नये देश बने हैं ब्रिक्स के सदस्य ब्रिक्स में शुरुआत में ब्राजील, रूस, हिंदुस्तान, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे. साल 2024 में इसका विस्तार कर इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को भी शामिल किया गया. साल 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का सदस्य बना. ब्रिक्स दुनिया की 11 प्रमुख उभरती वित्तीय स्थितिओं का समूह है जो वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का करीब 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है. Also Read: ग्रीन एनर्जी से लेकर ब्लू इकोनॉमी तक, पीएम मोदी ने नॉर्डिक नेताओं के साथ की द्विपक्षीय वार्ता The post रूसी राष्ट्रपति पुतिन सितंबर में इस दिन आएंगे हिंदुस्तान, BRICS समिट में होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह ने कहा- बस्तर हुआ नक्सलमुक्त, लेकिन कांग्रेस ने इस अभियान में हमारा साथ नहीं दिया

Amit Shah : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बस्तर में कहा कि तय तारीख 31 मार्च 2026 से पहले ही देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो गया. यह हम सबके लिए खुशी की बात है कि बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है. बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने में कांग्रेस प्रशासन ने साथ नहीं दिया #WATCH | Bastar, Chhattisgarh: Union Home minister Amit Shah says, “Just yesterday, I inaugurated the Shaheed Veer Gundadhur Seva Dera. It is a concept in order to free the entire district, including the larger Bastar region, from Naxalism, the Home Ministry of the Government of… pic.twitter.com/UdwUXaLRaU — ANI (@ANI) May 19, 2026 मैं 31 मार्च, 2026 के बाद पहली बार बस्तर आया हूं. यहां सेंट्रल रीजनल काउंसिल की 26वीं मीटिंग हुई. बस्तर के लोगों में भविष्य को लेकर उत्साह, आत्मविश्वास का माहौल हर जगह दिख रहा है. कई गैर-बीजेपी प्रशासनों ने हमारे नक्सल-मुक्त अभियान का समर्थन किया है. लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रशासन ने नक्सल-मुक्त अभियान में हमारा साथ नहीं दिया. 13 दिसंबर, 2023 को यहां बीजेपी की प्रशासन बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलियों को निशाना बनाया. 200 सुरक्षा कैंपों को सेवा डेरा में बदला जाएगा अमित शाह ने कहा कि कल ही मैंने शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा का उद्घाटन किया. बस्तर में जो 200 सुरक्षा कैंप हैं, उन्हें सेवा डेरा में बदला जाएगा. अमित शाह ने कहा कि पूरे जिले नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए हिंदुस्तान प्रशासन यहां लगभग 200 सुरक्षा कैंप बनाए थे.सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान इन कैंपों में रहकर इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित करते थे. लेकिन अब बस्तर नक्सल-मुक्त है, इसलिए हमने यह तय किया है कि पहले चरण में इन 200 कैंपों में से 70 या उनमें से लगभग एक-तिहाई को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा में बदल दिया जाएगा. बस्तर के लोगों ने अपना दर्द साझा किया छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से कहा कि बस्तर के लोगों ने अपना दर्द हमसे साझा किया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रशासन बनने के बाद हमें लगातार उनका गाइडेंस मिला है. बस्तर को नक्सल मुक्त करने का जो संकल्प लिया गया था, उसे जमीन पर उतारना बहुत मुश्किल काम था, लेकिन 31 मार्च, 2026 की तय तारीख तक, सभी नक्सल कैडर खत्म कर दिए गए हैं. ये भी पढ़ें : कौन हैं सिबी जॉर्ज, जिन्होंने नॉर्वे में हिंदुस्तान का पक्ष जोरदार तरीके से रखा The post अमित शाह ने कहा- बस्तर हुआ नक्सलमुक्त, लेकिन कांग्रेस ने इस अभियान में हमारा साथ नहीं दिया appeared first on Naya Vichar.

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कम सैलरी में भी कैसे जिएं लग्जरियस लाइफ? जानें स्मार्ट लोगों के वो सीक्रेट्स जो बदल सकते हैं आपकी जिंदगी

Lifestyle Tips: आज के समय में हर किसी की यही चाहत होती है कि उसकी लाइफ बेहतरीन होने के साथ-साथ लग्जरी भी हो. अक्सर लोगों का यह मानना होता है कि अगर एक लग्जरी लाइफ जीना है तो काफी ज्यादा पैसा होना जरूरी है. अगर आपका भी ऐसा ही मानना है तो हो सकता है कि काफी हद तक गलत हैं. इस महंगाई में भी कुछ लोग कम सैलरी में भी एक शानदार और स्टाइलिश जीवन जी लेते हैं। अगर आपको लग रहा है कि कम सैलरी के बावजूद भी वे ऐसा लाइफस्टाइल जी कैसे रहे हैं, तो इसके पीछे सिर्फ उनकी कमाई नहीं, बल्कि स्मार्ट प्लानिंग और कुछ अच्छी आदतों में भी छिपा हुआ होता है. अगर आप भी कम सैलरी में एक बेहतरीन लाइफस्टाइल जीना चाहते हैं तो आज की यह आर्टिकल आपके काम आने वाली है. आज हम आपको कुछ ऐसे हैक्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनी जिंदगी में शामिल करके आप कम सैलरी में भी एक बेहतरीन और लग्जरी लाइफस्टाइल जी सकते हैं. जरूरत और शौक के बीच फर्क समझें अगर आप एक लग्जरी लाइफस्टाइल पाना चाहते हैं तो इसके लिए सिर्फ महंगी चीजें खरीदना ही जरूरी नहीं है. सबसे पहले आपके लिए आपको यह बात समझनी है कि आपकी जरूरत क्या है और किन चीजों को आप सिर्फ दिखावे के लिए खरीद रहे हैं. कई लोग बिना जरूरत के भी पैसे खर्च कर देते हैं और इसके बाद परेशान रहने लग जाते हैं. वहीं, जो लोग स्मार्ट होते हैं वे सिर्फ अपनी जरूरतों को ही प्रायोरिटी देते हैं. स्मार्ट लोग हमेशा बेकार के खर्चों से भी बढ़ने की कोशिश करते हैं. यह छोटी सी आदत उनके पैसे बचाने में मदद करती है और साथ ही फिनांशियल स्ट्रेस को भी कम करने में मदद मिलती है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी अपना फोन हमेशा रखते हैं साइलेंट? जानें आपकी इस आदत का मेंटल हेल्थ से क्या है कनेक्शन बजट बनाकर चलना है सबसे जरूरी अगर आप कम सैलरी में भी एक लग्जरी लाइफ पाना चाहते हैं तो इसका सबसे आसान तरीका है एक सही बजट बनाना. ऐसे में आपके लिए हर महीने की इनकम और खर्चों का हिसाब रखना बेहद ही जरूरी हो जाता है. जब आप एक बजट फिक्स करते हैं तो आपको यह पता होता है कि आपका पैसा खर्च कहां पर हो रहा है. जब आप ऐसा करते हैं तो बेकार के खर्चे भी काफी हद तक कम हो जाते हैं. आपको हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि आप महीने की शुरुआत में ही कुछ पैसे सेविंग्स के तौर पर अलग करके रख दें. यह आदत एक अच्छी-खासी सेविंग्स तैयार करके देता है. ब्रांड नहीं, क्वालिटी पर करें फोकस कुछ लोगों की यह आदत होती है कि वे सिर्फ बड़े ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स में ही पैसे खर्च करते हैं. वहीं, समझदार लोग अपने लिए सिर्फ अच्छी क्वालिटी के चीजों को खरीदते हैं. उनके लिए यह मायने नहीं रखता है कि इन चीजों की कीमत कम ही क्यों न हो. आज के समय में आपको ऑनलाइन और लोकल मार्केट में ही कुछ ऐसे ऑप्शंस मिल जाते हैं जो आपको एक कम कीमत पर ही बेहतरीन क्वालिटी का सामान दे. जब आप स्मार्टली शॉपिंग करते हैं, तो कम बजट में भी एक स्टाइलिश और क्लासिक लुक हासिल कर सकते हैं. छोटी-छोटी सेविंग्स से बनता है बड़ा फर्क कुछ लोग यह सोचते हैं कि थोड़े से पैसे अगर बचा भी लिए जाएं, तो इससे क्या हो जाएगा. लेकिन, आपकी यही छोटी सी सेविंग आगे चलकर आपको बड़े फायदे पहुंचाती हैं. हर दिन बाहर का खाना कम कर देना, बेकार के सब्सक्रिप्शन को बंद कर देना, बिजली और पानी की बचत करना जैसी छोटी-छोटी आदतें भी हर महीने आपके ढेर सारे पैसे बचा सकते हैं. इन्हीं बचाये हुए पैसों को आप आगे चलकर कहीं ट्रैवल करते समय, शॉपिंग या फिर किसी अन्य जरूरी काम में खर्च कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: ऑफिस की कुर्सी से चिपके रहने के कारण अकड़ गई है कमर? हर दिन करें ये 5 आसान एक्सरसाइज और पाएं तुरंत आराम खुद को समय के साथ अपग्रेड करते रहें आपके लिए सिर्फ पैसों की बचत करना काफी नहीं होता है, आपको खुद पर भी काम करना शुरू कर देना चाहिए. नयी स्किल्स सीखें, अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स डेवलप करें और साथ ही अपने सेल्फ कॉन्फिडेंस को भी बूस्ट करने की कोशिश करें. आपकी ये आदतें आपकी पर्सनालिटी को बेहतर बनाने में मदद करता है. कई बार आपका अच्छा व्यवहार और कॉन्फिडेंस ही आपको एक लग्जरी लुक अचीव करने में मदद करता है. सोशल मीडिया के दिखावे से बचें आज के समय में सोशल मीडिया एक ऐसी चीज है जो हमारी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है. ऐसे में लोग अक्सर सोशल मीडिया में देखकर दूसरों की तुलना में अपनी जिंदगी को कम आंकने लग जाते हैं. उन्हें यह समझ में नहीं आता है कि हर एक चमकने वाली चीज असली हो यह जरूरी नहीं है. कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए एक महंगी लाइफ सोशल मीडिया पर जीते हैं. आपके लिए यह बेहतर होगा कि आप दूसरों को देखकर नहीं बल्कि अपनी फिनांशियल कंडीशन के हिसाब से खुश रहना सीख लें. ये भी पढ़ें: 30 की उम्र के बाद आपकी ये पुरानी आदतें पड़ सकती हैं भारी, आज ही अपनाएं नया लाइफस्टाइल The post कम सैलरी में भी कैसे जिएं लग्जरियस लाइफ? जानें स्मार्ट लोगों के वो सीक्रेट्स जो बदल सकते हैं आपकी जिंदगी appeared first on Naya Vichar.

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Garhwa: बंद मकान से आ रही थी तेज दुर्गंध, ताला खोला तो फर्श पर पड़ा मिला युवती का शव

केतार से संदीप कुमार की रिपोर्टGarhwa (केतार): केतार थाना क्षेत्र के परती गांव में मंगलवार की अहले सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक बंद पक्के मकान से असहनीय दुर्गंध आने लगी. स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दंडाधिकारी और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में जब घर का ताला खुलवाया, तो अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए. कमरे के फर्श पर 17 वर्षीय युवती का सड़ चुका शव पड़ा हुआ था. मृतका की पहचान निर्मल सिंह की पुत्री आकृति कुमारी (17 वर्ष) के रूप में हुई है. शव दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है. ग्रामीणों ने सुबह घर से तेज बदबू आने पर इसकी सूचना थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी को दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया. इसके बाद दंडाधिकारी-सह-बीडीओ प्रशांत कुमार, इंस्पेक्टर गुलाब सिंह और सीडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. घर में अकेले रहती थी युवती घर पर कोई परिजन मौजूद नहीं था. काफी प्रयास के बाद उत्तर प्रदेश के कोन थाना क्षेत्र (ससुराल) में रह रहे निर्मल सिंह के पुत्र अविनाश सिंह से संपर्क कर उसे बुलाया गया. इसके बाद गढ़वा से बुलाई गई फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीम और दंडाधिकारी की उपस्थिति में मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा गया, जिसके बाद भीतर युवती का शव बरामद हुआ. जानकारी के अनुसार, मृतका के पिता निर्मल सिंह राजस्थान में रहकर मजदूरी का काम करते हैं और कभी-कभार ही गांव आते थे. उनकी बेटी आकृति घर में अकेली रहती थी. पिता का मोबाइल आ रहा बंद ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले ही निर्मल सिंह को गांव में देखा गया था, वे राजस्थान से घर लौटे थे, लेकिन इस खौफनाक घटना के सामने आने के बाद से ही निर्मल सिंह का मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है. पिता के गायब होने और मोबाइल बंद रहने से पुलिस का शक गहरा गया है. पुलिस का मानना हैं कि यह मामला ऑनर किलिंग का भी हो सकता हैं, फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है. सस्पेंस: बाहर से बंद ताला तो अंदर कैसे हुई मौत कमरे का दरवाजा बाहर से लॉक था. पुलिस अनुसंधान दल का कहना हैं कि यदि युवती ने आत्महत्या की होती या उसकी स्वाभाविक मौत होती, तो बाहर ताला कौन मारता? पहली नजर में यह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फिंगरप्रिंट्स की जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा. संदिग्धों की तलाश की जा रही है. ये भी पढ़ें… गढ़वा में पेयजल संकट पर डीसी साहब सख्त, झार जल पोर्टल पर 7 दिनों से अधिक पेंडिंग नहीं रहेगी शिकायत जंगल में चुआड़ी का पानी पीने से गढ़वा की तीन स्त्रीएं बीमार, एक की हालत गंभीर The post Garhwa: बंद मकान से आ रही थी तेज दुर्गंध, ताला खोला तो फर्श पर पड़ा मिला युवती का शव appeared first on Naya Vichar.

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भीषण गर्मी में आपका AC भी हो रहा बार-बार खराब? जानें इसके पीछे की बड़ी वजहें

AC Breaks Down Reasons: हिंदुस्तान में इस बार गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इसका असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि घरों और ऑफिस में चलने वाले एसी पर भी साफ दिख रहा है. तेज धूप और लगातार बढ़ते टेम्परेचर की वजह से एसी अब पहले से कहीं ज्यादा देर तक बिना रुके चल रहे हैं. ऐसे में कई लोगों को कूलिंग कम होना, एसी का बार-बार बंद पड़ना या खराबी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. जो एसी पहले पूरे गर्मी के मौसम में आराम से काम करते थे, वही अब इस भीषण गर्मी में जवाब देने लगे हैं. अगर आपका एसी भी बार-बार खराब हो रहा है और बार-बार मरम्मत करवानी पड़ रही है, तो इसके पीछे की असली वजह जानना जरूरी है. नॉन-स्टॉप चलने की वजह से AC होता खराब तेज गर्मी में कई घरों में एसी लगभग पूरे दिन-रात चलता रहता है. लगातार बिना रुके चलने की वजह से उसका कंप्रेसर और अंदर के दूसरे पार्ट्स नॉर्मल से ज्यादा मेहनत करने लगते हैं. जब मशीन को सही तरीके से आराम नहीं मिलता, तो वह जल्दी गर्म हो जाती है. ऐसे में पार्ट्स पर लोड बढ़ता है, घिसावट तेज होती है और गर्मियों के सबसे जरूरी समय में अचानक एसी के खराब पड़ने की चांस भी काफी बढ़ जाती है. गंदे एयर फिल्टर्स अंदरूनी पार्ट्स पर बढ़ाते हैं लोड  अगर एसी ठीक से ठंडा नहीं कर रहा, तो इसकी एक बड़ी वजह गंदे और धूल से भरे एयर फिल्टर्स हो सकते हैं. जब फिल्टर्स में धूल जम जाती है, तो हवा का फ्लो रुकने लगता है. इसका असर ये होता है कि एसी को कमरे को ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. लंबे समय तक अगर फिल्टर्स की सफाई और सर्विसिंग को नजरअंदाज किया जाए, तो यह दबाव एसी के अंदरूनी पार्ट्स पर भी पड़ने लगता है. गलत जगह आउटडोर यूनिट बढ़ाता है परेशानी  एसी का आउटडोर यूनिट घर के अंदर की गर्म हवा को बाहर निकालने का काम करता है. लेकिन अगर इसे किसी तंग जगह पर लगाया गया हो, या उसके आसपास धूल, पौधे या दीवारें हों, तो गर्मी सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाती. ऐसे में एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वह ओवरहीट होने लगता है. इसका असर सीधा कूलिंग पर पड़ता है और तकनीकी खराबी आने का खतरा भी बढ़ जाता है. रेफ्रिजरेंट गैस कम होने की वजह से कंप्रेसर पर पड़ता है लोड एसी की कूलिंग सही रहने में रेफ्रिजरेंट गैस का बहुत बड़ा रोल रहता है. अगर किसी वजह से गैस लीक हो जाए या सर्विसिंग के दौरान सही तरीके से भराई न हो, तो एसी पहले जैसी कूलिंग देना बंद कर देता है. ऐसे में मशीन को कमरे को ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, और इसका सीधा लोड कंप्रेसर पर पड़ता है. वोल्टेज ऊपर-नीचे होने से नाजुक पार्ट्स पर पड़ता है असर गर्मी बढ़ते ही बिजली की मांग भी अचानक काफी बढ़ जाती है. यही वजह है कि कई इलाकों में वोल्टेज ऊपर-नीचे होने लगता है. ऐसे उतार-चढ़ाव का सीधा असर आपके एसी पर पड़ सकता है, खासकर उसके नाजुक पार्ट्स जैसे सर्किट बोर्ड और कंप्रेसर पर. अगर एसी के साथ सही वोल्टेज प्रोटेक्शन या स्टेबलाइजर न हो, तो बार-बार आने वाला यह इलेक्ट्रिकल स्ट्रेस मशीन की उम्र कम कर सकता है. यह भी पढ़ें: एसी का स्लीप मोड यूज कर रहे हैं? जानिए इससे कूलिंग और बिजली बिल पर क्या असर पड़ता है The post भीषण गर्मी में आपका AC भी हो रहा बार-बार खराब? जानें इसके पीछे की बड़ी वजहें appeared first on Naya Vichar.

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ग्रीन एनर्जी से लेकर ब्लू इकोनॉमी तक, पीएम मोदी ने नॉर्डिक नेताओं के साथ की द्विपक्षीय वार्ता

PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (19 मई) को आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के राष्ट्राध्यक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं. इन बैठकों में ट्रेड, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और सतत विकास (Sustainable Development) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई. ये बैठकें इंडिया-नॉर्डिक समित (India-Nordic Summit) से पहले आयोजित की गईं. प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रन फ्रॉस्टडॉटिर, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ हिंदुस्तान और नॉर्डिक देशों के बीच संबंधों पर विचार-विमर्श किया. इस समिट का मकसद हिंदुस्तान और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना है क्या हैं नॉर्डिक देश? नॉर्डिक देश उत्तरी यूरोप और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण भू-नेतृत्वक और सांस्कृतिक समूह हैं. इसमें डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन शामिल हैं. इन पांचों देशों की संयुक्त जीडीपी 1.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है. नॉर्डिक देश नवीकरणीय ऊर्जा, सतत समुद्री शासन और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश माने जाते हैं. ओस्लो में हो रहा तीसरा हिंदुस्तान-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन ओसलो में आयोजित तीसरे हिंदुस्तान-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भाग ले रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, यह सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में हुए पूर्व शिखर सम्मेलनों की चर्चाओं को आगे बढ़ाएगा. सम्मेलन में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन , हरित परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक सहयोग जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा. पांच देशों के दौरे पर हैं पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के तहत सोमवार को स्वीडन से से नॉर्वे पहुंचे हैं. 15 से 20 मई तक चल रहे इस दौरे में वह संसुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा कर रहे हैं. नॉर्वे के बाद प्रधानमंत्री अपने दौरे के अंतिम चरण में इटली जाएंगे. आइसलैंड में हिंदुस्तानीय संस्कृति को लेकर उत्साह रेकजाविक स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास के अनुसार, हिंदुस्तान और आइसलैंड के बीच सांस्कृतिक संबंध काफी मजबूत हैं. आइसलैंड के लोग योग, हिंदुस्तानीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, फिल्मों और हिंदुस्तानीय खान-पान में विशेष रुचि रखते हैं. वर्तमान में लगभग 600 हिंदुस्तानीय नागरिक आइसलैंड में रह रहे हैं. फिनलैंड में हिंदुस्तानीय कारोबार और छात्रों की मजबूत मौजूदगी हेलसिंकी स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास के अनुसार, हिंदुस्तान में फिनलैंड की 100 से अधिक कंपनियां सक्रिय हैं. नोकिया, कोने एलिवेटर्स, मेट्सो आउटोटेक, वार्सिला, यूपीएम, लिंडस्ट्रॉम, फोर्टम, अहल्स्ट्रॉम और एल्कोटेक जैसी बड़ी फिनिश कंपनियों के हिंदुस्तान में विनिर्माण संयंत्र स्थापित किए हैं. फिनलैंड में हिंदुस्तानीय मूल के करीब 33,445 लोग रहते हैं, जिनमें 15,115 एनआरआई और 18,330 ओसीआई शामिल हैं. वहीं करीब 2,400 हिंदुस्तानीय छात्र फिनलैंड के विश्वविद्यालयों में हायर एजुकेशन हासिल कर रहे हैं. Also Read: अपाचे हेलिकॉप्टर और होवित्जर तोपों से और मजबूत होगा हिंदुस्तान, अमेरिका ने 428 मिलियन डॉलर पैकेज को दी मंजूरी The post ग्रीन एनर्जी से लेकर ब्लू इकोनॉमी तक, पीएम मोदी ने नॉर्डिक नेताओं के साथ की द्विपक्षीय वार्ता appeared first on Naya Vichar.

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जय प्रकाश यूनिवर्सिटी में एडमिशन शुरू, यहां करें रजिस्ट्रेशन

JPU Admission 2026: जो छात्र 12वीं पास कर चुके हैं और बिहार के जय प्रकाश यूनिवर्सिटी (JPU) ग्रेजुएशन में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे अब JPU की आधिकारिक वेबसाइट jpv.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. यूनिवर्सिटी ने आवेदन की तारीख, फीस और मेरिट लिस्ट से जुड़ी पूरी जानकारी जारी कर दी है. JPU बिहार की प्रमुख यूनिवर्सिटी में गिनी जाती है और यहां हर साल बड़ी संख्या में छात्र एडमिशन लेते हैं. JPU UG Admission 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 मई 2026 से शुरू हो चुकी है. इच्छुक छात्र 10 जून 2026 तक आवेदन कर सकेंगे. इसी तारीख तक ऑनलाइन फीस जमा करने का भी मौका मिलेगा. JPU Admission 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन ऐसे करें सबसे पहले JPU की आधिकारिक वेबसाइट jpv.ac.in पर जाएं. UG Admission 2026 लिंक पर क्लिक करें. नया रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन आईडी बनाएं. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरें. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें. ऑनलाइन फीस जमा करें. फॉर्म सबमिट करके उसका प्रिंट आउट निकाल लें. JPU Admission 2026 Application Form Check Here यूनिवर्सिटी की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक पहली मेरिट लिस्ट 22 जून 2026 को जारी की जाएगी. मेरिट लिस्ट में चयनित छात्रों को तय समय के अंदर संबंधित कॉलेज में जाकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी. कितनी है आवेदन फीस? JPU UG Admission Form 2026 भरने के लिए सभी वर्गों के छात्रों को 500 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा. इसमें General, OBC, SC, ST और PH सभी कैटेगरी शामिल हैं. फीस का भुगतान ऑनलाइन मोड में किया जाएगा. छात्र डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS और मोबाइल वॉलेट की मदद से भुगतान कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: नालंदा यूनिवर्सिटी में लैंग्वेज कोर्स, 3000 की फीस में सीखें जर्मन और फ्रेंच जैसी भाषा The post जय प्रकाश यूनिवर्सिटी में एडमिशन शुरू, यहां करें रजिस्ट्रेशन appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं सिबी जॉर्ज, जिन्होंने नॉर्वे में भारत का पक्ष जोरदार तरीके से रखा

Sibi George: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय यूरोप के डिप्लोमैटिक दौरे पर हैं. नॉर्वे की यात्रा से पहले पीएम मोदी यूनाइटेड अरब अमीरात, नीदरलैंड्स और स्वीडन का दौरा कर चुके हैं.पीएम की नॉर्वे यात्रा ने लोगों का ध्यान तब खिंचा जब हिंदुस्तान और नॉर्वे की ज्वाइंट प्रेस ब्रीफिंग के बाद पीएम मोदी वहां से निकलने लगे तो एक पत्रकार ने उनसे सवाल लेने को कहा, लेकिन पीएम मोदी वहां से चले गए. नॉर्वे की उस स्त्री पत्रकार ने एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो शेयर किया, जिसमें वे ज्वाइंट ब्रीफिंग के बाद जाते हुए दिख रहे हैं. इस वीडियो पर स्त्री पत्रकार ने लिखा- नॉर्वे वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पहले नंबर पर है जबकि हिंदुस्तान बहुत नीचे है. इस घटना के बाद सीनियर हिंदुस्तानीय डिप्लोमैट सिबी जॉर्ज खासा चर्चा में है. इसकी वजह यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे पर विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान नॉर्वे के एक पत्रकार के साथ उनकी तीखी बहस हो गई. इस बहस के दौरान सिबी जॉर्ज ने हिंदुस्तानीय डेमोक्रेसी, ह्यूमन राइट्स और प्रेस फ्रीडम पर हिंदुस्तान की जोरदार वकालत की. कौन हैं सिबी जॉर्ज? सिबी जॉर्ज वर्तमान समय में विदेश मंत्रालय में सेक्रेटरी (वेस्ट) के तौर पर काम कर रहे हैं. साथ ही वे यूरोप, पश्चिम एशिया और मल्टीलेटरल फोरम के देशों के साथ हिंदुस्तान के रिश्तों को देख रहे हैं. वे 1993 बैच के IFS ऑफिसर हैं. वे जापान, स्विट्जरलैंड, द होली सी, लिचेंस्टीन और कुवैत में पहले राजदूत रहे हैं. उन्होंने रियाद, तेहरान, इस्लामाबाद, वाशिंगटन, दोहा और काहिरा में भी सेवा दी है. जॉर्ज ने अपना डिप्लोमैटिक करियर काहिरा में शुरू किया और बाद में दोहा, इस्लामाबाद और वाशिंगटन डीसी में कार्यरत रहे. मूलत: केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले सिबी जॉर्ज ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन दोनों में गोल्ड मेडलिस्ट हैं. उन्होंने IIM अहमदाबाद और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस जैसे इंस्टीट्यूशन से ट्रेनिंग ली है. 2014 में, उन्हें इंडियन फॉरेन सर्विस में एक्सीलेंस के लिए विदेश मंत्रालय ने पुरस्कार भी दिया है. प्रेस ब्रीफिंग में क्यों हुआ तनाव नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, नॉर्वे की पत्रकार ने पूछा कि दुनिया को हिंदुस्तान पर भरोसा क्यों करना चाहिए? साथ ही यह भी पूछा गया कि हिंदुस्तान में ह्यूमन राइट्स से जुड़ी जो चिंताएं हैं, उन्हें हिंदुस्तान प्रशासन कब दूर करेगी. यह सवाल भी किया कि पीएम मोदी मीडिया से जरूरी सवाल लेना कब शुरू करेंगे. इन सवालों का सिबी जॉर्ज ने मजबूती से जवाब दिया और कहा कि हिंदुस्तान कि सभ्यता 5,000 साल पुरानी है और हमने हमेशा मानवाधिकारों का सम्मान किया है. सिबी जॉर्ज ने कहा कि हमारे देश में एक मजबूत लोकतंत्र है और हमारे देश में एक मजबूत संविधान है. हम समानता में विश्वास करते हैं. हमने वैश्विक संकट के दौरान विश्व का साथ दिया है.जब उनके जवाब के दौरान उन्हें टोका गया तो जॉर्ज ने एक बार कहा, आप सवाल पूछें, मुझसे किसी खास तरीके से जवाब देने के लिए न कहें. आलोचना और तारीफ का दौर जारी नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में ज्वाइंट ब्रीफिंग के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब ना लेने पर उनकी आलोचना और तारीफ दोनों हो रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पत्रकार हेले लिंग के पोस्ट को शेयर करते हुए यह लिखा है कि जब कुछ छिपाने को नहीं होता है, तो डरने की जरूरत नहीं होती है. हिंदुस्तान की इमेज का क्या होता है जब दुनिया देखती है कि एक कॉम्प्रोमाइज़्ड पीएम कुछ सवालों से घबरा जाता है और भाग जाता है? सोशल मीडिया में जारी बहस में भी यह कहा जा रहा है कि पीएम मोदी को सवाल ले लेना चाहिए, वहीं कुछ लोग पीएम मोदी के स्टैंड के साथ हैं. ये भी पढ़ें : संघर्ष पानी का : सूर्योदय के साथ शुरू होती पानी की तलाश , गर्भवती होने पर भी जारी रहती है जद्दोजहद The post कौन हैं सिबी जॉर्ज, जिन्होंने नॉर्वे में हिंदुस्तान का पक्ष जोरदार तरीके से रखा appeared first on Naya Vichar.

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अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम का ऐलान, रोहित-विराट की वनडे में वापसी; टेस्ट में कई नए चेहरे

India Team Announced: अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए हिंदुस्तानीय टीम की घोषणा कर दी गई है. इस सीरीज के दौरान तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है. जबकि रवींद्र जडेजा को भी इस सीरीज में शामिल नहीं किया गया है. वनडे में एक बार विराट कोहली और रोहित शर्मा की जोड़ी देखने को मिलेगी. 6 जून से मुल्लांपुर में स्पोर्ट्से जाने वाला मुकाबला ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं होगा. इस टेस्ट के लिए हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम में तीन नए चेहरे को शामिल किया गया है. इससे पहले दोनों टीमें 2018 में पहली बार टेस्ट मैच में आमने-सामने आई थीं. जिसमें हिंदुस्तानीय टीम ने जीत दर्ज की थी. अफगानिस्तान के खिलाफ हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल. अफगानिस्तान के खिलाफ हिंदुस्तानीय वनडे टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे. वनडे टीम में तीन नए खिलाड़ियों को मौका अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे को शामिल किया है. वहीं टी20 टीम में वापसी के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन की वनडे स्क्वाड में भी वापसी हुई है. दूसरी ओर, स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का चयन उनके फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगा. फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही उन्हें अंतिम टीम में जगह मिलेगी. टेस्ट और वनडे सीरीज का शेड्यूल मैच तारीख (2026) वेन्यू समय (IST) एकमात्र टेस्ट 6 जून – 10 जून मुल्लांपुर सुबह 09:30 बजे पहला वनडे 14 जून एचपीसीए स्टेडियम दोपहर 01:30 बजे दूसरा वनडे 17 जून इकाना क्रिकेट स्टेडियम दोपहर 01:30 बजे तीसरा वनडे 20 जून एम.ए चिदंबरम स्टेडियम दोपहर 01:30 बजे यह भी पढ़ें: चेन्नई के मैदान पर भिड़े सैमसन और क्लासेन, अंपायर को करना पड़ा बीच बचाव; वायरल हुआ VIDEO The post अफगानिस्तान के खिलाफ हिंदुस्तानीय टीम का ऐलान, रोहित-विराट की वनडे में वापसी; टेस्ट में कई नए चेहरे appeared first on Naya Vichar.

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तेजस्वी बोले- बिहार में जाति देखकर हो रहे एनकाउंटर, बालिका गृह कांड का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरा

Bihar News: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार प्रशासन पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नई प्रशासन बनने के बाद सिर्फ एक महीने में ही स्त्री अपराध तेजी से बढ़े हैं. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में छह महीने के भीतर दो बार मुख्यमंत्री बदले गए. जनता द्वारा चुने गए ‘इलेक्टिव चीफ मिनिस्टर’ को हटाकर ‘सिलेक्टिव चीफ मिनिस्टर’ बनाया गया है. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास गृह विभाग भी है, लेकिन बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है. ‘स्त्रीओं को सुरक्षा देने में प्रशासन फेल’ तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रशासन स्त्री सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर हालात बेहद खराब हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सम्राट प्रशासन स्त्रीओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता जब अपराध की घटना सामने नहीं आती हो. इसके बावजूद प्रशासन इन मामलों को गंभीरता से नहीं ले रही है. ‘क्रिमिनल डिसऑर्डर की स्थिति’ तेजस्वी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्त्री अपराध के मुद्दे पर भी प्रशासन के साथ खड़ा है, तो उसके अंदर संवेदनशीलता नहीं बची है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में ‘लॉ एंड ऑर्डर’ अब ‘क्रिमिनल डिसऑर्डर’ में बदल चुका है. अपराधी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और प्रशासन सिर्फ दिखावे में लगी है. तेजस्वी ने X पर जारी किए अपराध के आंकड़े 𝟔 महीनों में दुबारा बनी नई प्रशासन के नए सम्राट के अपावन सानिध्य में सत्ता संपोषित अपराधी अब प्रदेश की माताओं-बहनों और बेटियों पर कहर बनकर टूट रहे है। चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ (इसमें छेड़खानी के मामले नहीं है)। 𝟏. दरभंगा में नाबालिग लडकी से… — Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 19, 2026 तेजस्वी बोले- 10-10 हजार देकर वोट खरीदे गए तेजस्वी यादव ने चुनावी वादों को लेकर भी प्रशासन पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय स्त्रीओं को 10-10 हजार रुपये देकर वोट खरीदने की कोशिश की गई. उन्होंने दावा किया कि करीब 1 करोड़ 90 लाख स्त्रीओं को प्रभावित करने की कोशिश हुई. साथ ही चेतावनी दी कि अगर प्रशासन स्त्रीओं को 2 लाख रुपये नहीं देती है, तो स्त्रीएं ही इस प्रशासन को सत्ता से बाहर कर देंगी. ‘प्रशासन सिर्फ रील और फोटोशूट में व्यस्त’ तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रशासन विकास और कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय सिर्फ रील बनाने और फोटोशूट कराने में लगी है. उन्होंने कहा कि बिहार में जाति देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं. बालिका गृहकांड का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने पूछा कि उसके संरक्षकों पर कार्रवाई कब होगी. तेजस्वी ने कहा कि अपराध के मामलों में पीड़ित और आरोपी दोनों की जाति देखी जा रही है, जो बेहद गंभीर स्थिति है. ‘अपराधी बिल्कुल नहीं डर रहे’ प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी के एक महीने के कार्यकाल में स्त्री अपराध पूरी तरह बेपटरी हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अपराधियों के अंदर पुलिस और कानून का डर खत्म हो चुका है और वे पूरी तरह निश्चिंत होकर अपराध कर रहे हैं. Also Read: बिहार में नाबालिग वाहन चलाते पकड़े गए तो पैरेंट्स को होगी जेल, स्कूल-कॉलेज समेत इन जगहों पर चलेगा महा अभियान The post तेजस्वी बोले- बिहार में जाति देखकर हो रहे एनकाउंटर, बालिका गृह कांड का मुद्दा उठाकर प्रशासन को घेरा appeared first on Naya Vichar.

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