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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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पलाश के पेड़ों से चमकी किस्मत: पलामू के मनातू में लाह खेती से 12 लाख रुपये सालाना कमा रहे ग्रामीण 

पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट  Palamu lac Cultivation From Palash Tree : पलामू का मनातू प्रखंड कभी अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा था. लेकिन अब यहां की तस्वीर बदल रही है. इलाके के लोग वन समिति का गठन कर पलाश के पेड़ों पर लाह उत्पादन के जरिये लाखों की कमाई कर रहे हैं. विभाग ने वन समिति का गठन किया. विभाग के देखरेख में यहां बड़े पैमाने पर लाह की खेती शुरू की गयी है. वर्तमान में वन समिति द्वारा सेवती के जंगलों में पलाश के 300 पेड़ों पर लाह की खेती की जा रही है. इससे समिति प्रत्येक वर्ष लगभग 12 लाख रुपये की आमदनी हो रही है.  पेड़ काटने पर 200 रुपया जुर्माना, सूचना देने वाले को 100 रुपया मनातू के जंगलों में पेड़ों को बचाने के लिए वन विभाग के द्वारा वन समिति का गठन किया गया है. वनों की सुरक्षा के लिए समिति ने बेहद कड़े नियम बनाये हैं. इस क्षेत्र में यदि कोई भी व्यक्ति पेड़ काटते हुए पकड़ा जाता है, तो उससे प्रति पेड़ 200 रुपया जुर्माना के रूप में वसूला जाता है. जंगलों की अवैध कटाई रोकने के लिए ग्रामीणों की भागीदारी भी तय की गयी है. जो भी व्यक्ति पेड़ काटने की सूचना समिति को देता है, उसे वन समिति की ओर से 100 रुपया इनाम के रूप में दिया जाता है. उल्लंघन पर आजीवन प्रतिबंधआम लोगों के साथ-साथ वन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के लिए भी कड़े अनुशासन के नियम बनाये गये हैं. यदि वन समिति का कोई सदस्य खुद पेड़ काटते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ दोगुनी सख्ती बरती जाती है. ऐसे सदस्यों पर न सिर्फ आर्थिक जुर्माना लगाया जाता है, बल्कि उन्हें तुरंत वन समिति की सदस्यता से बाहर कर दिया जाता है. इसके साथ ही, उन पर आजीवन वन समिति का सदस्य बनने पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है.  साल में दो बार होती है लाह की खेती वन समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान ने बताया कि सेवती, सरईडीह और सिकनी क्षेत्र में काफी संख्या में पलाश के पेड़ हैं, जहां लाह की खेती हो रही है. उन्होंने बताया कि साल में दो बार लाह की फसल ली जाती है. फरवरी में पेड़ों की टहनियों की छंटाई होती है. इसके बाद मार्च में पेड़ों पर लाह का बीज चढ़ाया जाता है, जो अक्टूबर में तैयार हो जाता है. दूसरी बार नवंबर में बीज चढ़ाया जाता है और फरवरी महीने में लाह निकाली जाती है.  एक पेड़ से 10 किलो उत्पादन, बाजार में अच्छी मांग अध्यक्ष के अनुसार, एक पेड़ से करीब 10 किग्रा लाह तैयार होता है, जिसे बाजार में 200 रुपए प्रति केजी की दर से बेचा जाता है. इस प्रकार 300 पेड़ों से एक साल में लगभग छह हजार केजी लाह का उत्पादन होता है, जिससे करीब 12 लाख की आमदनी होती है. अगले वर्ष से बैर के पेड़ों पर होगी रंगीन लाह की खेतीसमिति ने अपनी योजनाओं का विस्तार करते हुए बताया कि अगले वर्ष से बैर के पेड़ में भी लाह की खेती की जायेगी. बैर के पेड़ से दो तरह का उत्पादन होता है – एक रंगीन लाह व दूसरा साधारण लाह. रंगीन लाह की बाजार में काफी ऊंची कीमत मिलती है. यह बाजार में डेढ़ से दो हजार रुपए प्रति किग्रा तक बिकता है. जंगल में लगाए जा रहे औषधीय व छायादार पौधेवन समिति सिर्फ कमाई ही नहीं, बल्कि जंगलों को समृद्ध करने में भी जुटी है. समिति द्वारा बीज से आंवला, इमली, पीपल, बरगद, जामुन, महुआ, बांस और जंगल जलेबी के पौधे तैयार किए जा रहे हैं. बरसात शुरू होते ही इन पौधों को जंगल की खाली जमीनों पर लगाया जाएगा. lपलामू: कभी नक्सल प्रभावित रहा मनातू अब लाह की खेती से नई पहचान बना रहा है. 300 पलाश के पेड़ों पर लाह उत्पादन से ग्रामीणों को हर साल करीब 12 लाख रुपये की आमदनी हो रही है. वन समिति की पहल से जंगल भी बच रहे हैं और रोजगार भी बढ़ रहा है.#Palamu #PrabhatKhabarJharkhand pic.twitter.com/scgDiRnG4p — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) July 6, 2026 लोगों को प्रेरित करने से जंगल बचेगा और रोजगार मिलेगा : डीएफओ मेदिनीनगर वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार ने बताया कि सुदूर इलाके के लोगों को जंगल बचाने के प्रति जागरूक करना होगा, तभी जंगल बच पाएगा. मनातू जैसे अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र के जंगली इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रेरित किया गया. इससे जंगल भी बच रहा है और लोगों को रोजगार भी मिल रहा है. लाह का उत्पादन शुरू कराया गया है. लोगों को अच्छी मुनाफा भी हो रहा है. लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. ये भी पढ़ें: सरायकेला-खरसावां में सुस्त पड़ा मानसून, कम बारिश से धान की खेती प्रभावित  ये भी पढ़ें: धनबाद में ई-रिक्शा चालकों में डर और नाराजगी, मोबाइल ऐप से गाड़ियां बंद करने का आरोप The post पलाश के पेड़ों से चमकी किस्मत: पलामू के मनातू में लाह खेती से 12 लाख रुपये सालाना कमा रहे ग्रामीण  appeared first on Naya Vichar.

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कब शुरू हो रहा है श्रावणी मेला 2026? शुरुआत से समापन तक यहां देखें पूरा कैलेंडर

Shravani Mela 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इस दौरान झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का आयोजन किया जाता है. देशभर से लाखों शिवभक्त बिहार के सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं.  श्रावणी मेला 2026: प्रमुख तिथियां इस वर्ष सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना के लिए कई शुभ संयोग बन रहे हैं. बाबा बैद्यनाथ पर जलाभिषेक और सावन सोमवार के व्रत की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं: मुख्य आयोजन / व्रत तिथि और दिन श्रावणी मेला प्रारंभ 30 जुलाई 2026, गुरुवार प्रथम सावन सोमवार व्रत 3 अगस्त 2026, सोमवार द्वितीय सावन सोमवार व्रत 10 अगस्त 2026, सोमवार सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026, मंगलवार तृतीय सावन सोमवार (नाग पंचमी का संयोग) 17 अगस्त 2026, सोमवार चतुर्थ सावन सोमवार व्रत 24 अगस्त 2026, सोमवार श्रावणी मेला समापन (सावन पूर्णिमा/रक्षाबंधन) 28 अगस्त 2026, शुक्रवार श्रावणी मेला 2026 कैलेंडर इस बार सावन का तीसरा सोमवार के दिन नाग पंचमी का शुभ संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. श्रावणी मेले का धार्मिक महत्व श्रावणी मेला सनातन धर्म में अटूट आस्था, कठिन तपस्या और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है. यह हिंदुस्तान की सबसे लंबी पैदल धार्मिक यात्राओं में से एक है. इस दौरान लाखों श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालु भगवा वस्त्र धारण कर समान भाव से ‘बोल बम’ का जयघोष करते हुए आगे बढ़ते हैं.  यह भी पढ़ें: Shravani Mela 2026: भगवान शिव की भक्ति से सज रहा सुल्तानगंज, दीवारों पर दिखेगा ‘बोल बम’ का रंग The post कब शुरू हो रहा है श्रावणी मेला 2026? शुरुआत से समापन तक यहां देखें पूरा कैलेंडर appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर सीट पर RJD ने ठोका दावा, शक्ति यादव ने किया ऐलान, आज से शुरू होगा नॉमिनेशन

Bankipur By Election: बांकीपुर सीट पर उपचुनाव को लेकर आज से नॉमिनेशन की प्रक्रिया अधिसूचना जारी होते ही शुरू हो जाएगी. नामांकन आज से 13 जुलाई तक चलेगा. इस बीच अब राजद ने भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने ऐलान किया कि बांकीपुर सीट से आरजेडी भी चुनाव लड़ेगी. बांकीपुर उपचुनाव को लेकर शक्ति यादव ने क्या कहा? उन्होंने यह भी कहा, बांकीपुर उपचुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है. पिछली बार राष्ट्रीय जनता दल ने बांकीपुर से चुनाव लड़ा था और लगभग 50000 वोट मिले थे. कार्यकर्ताओं ने लगन के साथ योगदान दिया था. हम भले चुनाव हार गए थे लेकिन हमारी जमीन बांकीपुर में मजबूत हुई है. राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने ऐलान किया है कि आरजेडी इस बार बांकीपुर का चुनाव लड़ेगी और जीतेगी भी. राजद-कांग्रेस में ठनी आगे शक्ति यादव ने यह भी कहा कि बांकीपुर की जनता ने ठाना है, इस बार राष्ट्रीय जनता दल को जिताना है. हमने काम करना वहां शुरू कर दिया है और राजद को जनता योगदान देगी. इस चुनाव को लेकर महागठबंधन से ही कांग्रेस की तरफ से भी उम्मीदवार उतारे जाने का दावा किया जा रहा है. यानी कि आरजेडी और कांग्रेस दोनों बांकीपुर सीट पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारना चाह रही है. लेकिन आखिर में महागठबंधन में क्या फैसला, लिया जाता है यह देखने वाली बात होगी. अन्य की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें प्रशांत किशोर लड़ेंगे चुनाव दूसरी तरफ, प्रशांत किशोर पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं. इसका ऐलान जन सुराज चीफ मनोज हिंदुस्तानी ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस कर रविवार को किया. प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, पिछले 4 सालों से जन सुराज ही मेरी जिंदगी है. पार्टी ने जो मुझे जिम्मेदारी दी है, उसे पूरा करने का प्रयास करूंगा. अगर बांकीपुर सीट से हमारी पार्टी जीतती है तो पार्टी का मनोबल बढ़ेगा. तेज प्रताप ने भी उतारा उम्मीदवार जन सुराज से पहले जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की तरफ से उम्मीदवार का ऐलान कर दिया था. उन्होंने सोशल एक्‍ट‍िविस्‍ट वीणा मानवी को कैंडिडेट बनाया है. 30 जुलाई को इस सीट के लिए वोटिंग होगी. जबकि 3 अगस्त को रिजल्ट जारी किया जाएगा. इससे पहले सियासी हलचल तेज है. Also Read: भरत तिवारी के परिजनों की सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहेंगे 5 पुलिसकर्मी, शिकायत के बाद DSP ने लिया फैसला The post बांकीपुर सीट पर RJD ने ठोका दावा, शक्ति यादव ने किया ऐलान, आज से शुरू होगा नॉमिनेशन appeared first on Naya Vichar.

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नितिन नवीन के यूपी दौरे पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- BJP अध्यक्ष अयोध्या दर्शन करने नहीं जाएंगे?

UP Politics: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रही नेतृत्वक बहस के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे थे. BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नीतीन नवीन के इस दौरे को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए सवाल किया है. अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा है कि क्या वह अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन भी करेंगे. हालांकि बीजेपी की ओर से इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. नितिन नवीन का यह दौरा मुख्य रूप से संगठनात्मक बैठकों और आगामी नेतृत्वक रणनीति पर केंद्रित रहा. इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया. विपक्ष पर साधा निशाना लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में नितिन नवीन ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार कमजोर हो रही है और बीजेपी कार्यकर्ता 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा को नेतृत्वक रूप से पराजित करने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए विकास की नेतृत्व करती है, जबकि विपक्ष पर उन्होंने तुष्टिकरण, परिवारवाद और समाज को बांटने की नेतृत्व करने का आरोप लगाया. अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आएं हैं, ‘दर्शन’ करने नहीं जाएंगे? — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 5, 2026 2027 चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में भरा उत्साह बीजेपी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में फिर से जीत हासिल करना है और इसके लिए कार्यकर्ताओं को पूरी ऊर्जा के साथ जुटना होगा. नितिन नवीन ने कहा कि बीजेपी सभी वर्गों के विकास और सम्मान की बात करती है तथा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने भरोसा जताया कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की मजबूती के बल पर पार्टी 2027 में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी. यह भी पढ़ें: चंदा चोरी मामला : राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज, चंपत राय और अनिल की विदाई पर लगेगी मुहर The post नितिन नवीन के यूपी दौरे पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- BJP अध्यक्ष अयोध्या दर्शन करने नहीं जाएंगे? appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा, जानें क्या है शेड्यूल

West Bengal Rajya Sabha Bypoll: कोलकाता. पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन खाली सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है. ये सीटें सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं. इन तीनों सीटों पर 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान होगा. ये उपचुनाव राज्यसभा की तीन आकस्मिक सीटों को भरने के लिए कराए जाएंगे. भाजपा की झोली में जा सकती है तीनों सीट तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसदों ने कुछ दिनों पहले ही अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. चुनाव आयोग ने बताया है कि 24 जुलाई को इन तीनों सीटों के लिए चुनाव होंगे और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे. इस बात की पूरी उम्मीद है कि जिन तीन सांसदों ने इस्तीफा दिया उन्हीं को अब हिंदुस्तानीय जनता पार्टी अपना उम्मीदवार बना सकती है और अपने विधायकों की संख्या के आधार पर उसके तीनों उम्मीदवार आसानी से जीत भी सकते हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें तीनों पूर्व सांसदों को उम्मीदवार बनाने की चर्चा इस्तीफा देने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक के नाम शामिल हैं. अभी तक ये तीनों नेता बीजेपी में शामिल तो नहीं हुए हैं, लेकिन इस्तीफा देने के तुरंत बाद से ही ये नेता बीजेपी नेताओं से मिलते नजर आए हैं. ये लोग खुलकर बीजेपी की तारीफ भी करने लगे हैं. इनमें से सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बड़ाईक वाली सीटों का कार्यकाल मार्च 2029 और सुष्मिता देव वाली सीट का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है. इन तीनों ने जून के महीने में अपनी सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ ही टीएमसी का साथ भी छोड़ दिया था. Also Read: “मुझे हाउस अरेस्ट कर रखा है”, ममता बनर्जी ने भाजपा प्रशासन पर लगाये कई आरोप The post पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा, जानें क्या है शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में ISIS-अलकायदा से जुड़े 61 संदिग्ध एटीएस के रडार पर, जांच और कार्रवाई की तैयारी तेज 

Jharkhand ATS Identifies:  झारखंड में आतंकी गतिविधियों पर नकेल कसने की दिशा में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने पहल शुरू की है. एटीएस ने आइएसआइएस और अलकायदा से जुड़े 61 संदिग्धों और आरोपियों को चिह्नित किया है. इनमें 12 का संबंध आइएसआइएस और 49 का संबंध अलकायदा से है. इनके विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी है. जानकारी के अनुसार एटीएस ने इस संबंध में एडीजी (अभियान) और डीजी (अभियान) और सभी जिलों के एसपी को पत्र भेजा था. एटीएस द्वारा भेजे गये पत्र में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय ने तीन अप्रैल 2026 को राज्यों को एक पत्र भेजकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के निर्णय की जानकारी दी थी. इसके अनुसार गत 26 मार्च को परिषद ने आइएसआइएस व अलकायदा से जुड़े व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू करने का निर्णय लिया है.  61 संदिग्धों पर एटीएस की नजर इसके तहत संपत्ति जब्त करने, यात्रा पर प्रतिबंध लगाने और हथियारों से संबंधित रोक जैसे प्रावधान शामिल हैं. एटीएस के अनुसार, झारखंड में 61 ऐसे लोगों की पहचान की गयी है, जिनका नाम अथवा आइएसआइएस अलकायदा से जुड़े मामलों में संदिग्ध हैं. इसी आधार पर जिला पुलिस को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, आनेवाले दिनों में चिन्हित लोगों की वित्तीय गतिविधियों, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच की जा सकती है. आइएसआइएस से जुड़े 12 संदिग्ध 1. मो अरशद वारसी 2. आरिज हसनैन 3. नसीम उर्फ मोहसिन 4 आदिल हसन 5. रेहान आलम 6. शाहनवाज आलम 7. मो शहबाज 8. मोहम्मद 9. साकिब अरमान 10. फैजान अंसारी 11. फैसल रहमान 12. मो जिकिरूल्लाह अलकायदा से जुड़े 49 संदिग्ध : कारी तैयब, मुफ्ती सोहैब, इम्तियाज खलीफा, मो सरवर आलम, फैजान अहमद, तौफीक अहमद, अहमद मसूद, मौलाना, मो अब्दुल शामी, राजू उर्फ नसीम, सैयद मो जिसान, नसीम अख्तर, अहमद मसूद अकरम, मौलाना कलीमुद्दीन, मो हुजैफा, बिलाल तबिस, असद, आदिल, तबारक अंसारी, अल्ताफ अंसारी, जैनुल अंसारी, अरशद अंसारी, इनामुल अंसारी, हसन अंसारी, मो. रिजवान बाबर, मतिउर रहमान, मुफ्ती रहमतउल्लाह, सहबाज अंसारी, उमर फारूकी, मुदब्बिर परवेज, कारी इरफान अंसारी, अनवर अंसारी, जीसान अलतमस, मो तौहीद अंसारी, शकील अहमद, हकीम अंसारी, फिरोज अंसारी, युनूस अंसारी, वसीम अंसारी, जेबा, मो सरफराज आलम और इश्तियाक शामिल हैं. ये भी पढ़ें: सरायकेला-खरसावां में सुस्त पड़ा मानसून, कम बारिश से धान की खेती प्रभावित  ये भी पढ़ें: धनबाद में ई-रिक्शा चालकों में डर और नाराजगी, मोबाइल ऐप से गाड़ियां बंद करने का आरोप The post झारखंड में ISIS-अलकायदा से जुड़े 61 संदिग्ध एटीएस के रडार पर, जांच और कार्रवाई की तैयारी तेज  appeared first on Naya Vichar.

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड ने मेक्सिको को रोमांचक मुकाबले में दी मात, अंतिम-8 में बनाई जगह

FIFA World Cup 2026: एस्टाडियो एज्टेका स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए इस हाई-वोल्टेज मैच में इंग्लिश टीम ने हालात के हर दबाव को पार करते हुए जबरदस्त संघर्ष और शानदार टीम स्पिरिट का परिचय दिया. दूसरे हाफ में एक समय टीम 10 खिलाड़ियों तक सीमित हो गई थी, जब डिफेंडर जारेल क्वांसा को रेड कार्ड दिखाया गया, लेकिन इसके बावजूद इंग्लैंड ने हार नहीं मानी और अपने आक्रामक और अनुशासित स्पोर्ट्स से मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी. निर्धारित समय तक चले इस रोमांचक संघर्ष में इंग्लैंड ने निर्णायक क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की और क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल किया. View this post on Instagram A post shared by FIFA World Cup (@fifaworldcup) इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत मैच की शुरुआत से ही इंग्लैंड ने आक्रामक रुख अपनाया. युवा मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम ने 36वें और 38वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर टीम को 2-0 की मजबूत बढ़त दिला दी. हालांकि, मेक्सिको ने भी हार नहीं मानी. 42वें मिनट में जूलियन क्विन्योनेस ने गोल कर वापसी की उम्मीद जगाई और पहला हाफ 2-1 के स्कोर पर समाप्त हुआ. दूसरे हाफ में ड्रामा दूसरे हाफ में मैच और भी ज्यादा रोमांचक हो गया। 54वें मिनट में इंग्लैंड के डिफेंडर जारेल क्वांसा को रेड कार्ड दिखाया गया, जिससे टीम को 10 खिलाड़ियों के साथ स्पोर्ट्सना पड़ा. इसके बावजूद इंग्लैंड ने दबाव में शानदार स्पोर्ट्स दिखाया और मैच पर पकड़ बनाए रखी. कप्तान केन की पेनल्टी से टीम को बढ़त 60वें मिनट में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 3-1 कर दिया. यह गोल मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ और इंग्लैंड ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली. मेक्सिको की वापसी की कोशिश मेक्सिको ने हार नहीं मानी और 69वें मिनट में राउल जिमेनेज ने पेनल्टी पर गोल कर अंतर को 3-2 कर दिया. इसके बाद मेक्सिको ने लगातार हमले किए, लेकिन इंग्लैंड की मजबूत डिफेंस को भेद नहीं पाया. एस्टाडियो एज्टेका का रिकॉर्ड टूटा एस्टाडियो एज्टेका में मेक्सिको का रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा था, जहां पिछले कई वर्षों में उसे बहुत कम हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन इस मैच में इंग्लैंड ने घरेलू दबाव को दरकिनार करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की. क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे से होगी भिड़ंत इस जीत के साथ इंग्लैंड ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसका सामना नॉर्वे से होगा. नॉर्वे ने अपने पिछले मुकाबले में ब्राजील को हराकर अगले दौर में जगह बनाई है, जिससे यह मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है. इसे भी पढ़े- क्या 2026 फीफा विश्व कप के बाद संन्यास लेंगे रोनाल्डो? स्टार फुटबॉलर ने किया खुलासा The post फीफा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड ने मेक्सिको को रोमांचक मुकाबले में दी मात, अंतिम-8 में बनाई जगह appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के इन 10 बड़े पुलों पर चुकाने पड़ेंगे टोल टैक्स, स्टेट हाइवे के ब्रिज को लेकर सर्वे शुरू

Toll Tax Rule In Bihar: बिहार में गाड़ी लेकर सड़क और पुलों पर चलना अब महंगा होने वाला है. टोल टैक्स को लेकर कड़े नियम लाए जाने के साथ-साथ इसे सख्ती से लागू भी किया जा रहा है. ऐसे में अब बिहार की उन पुलों पर गाड़ी मालिकों को टोल टैक्स चुकाने पड़ेंगे, जिसकी लंबाई 250 मीटर से ज्यादा है. इसे लेकर प्रशासन की तरफ से सर्वे का काम भी शुरू कर दिया गया है. सर्वे पूरा होने के बाद तय होगा रेट जानकारी के मुताबिक, पथ निर्माण विभाग के अंदर आने वाले ऐसे पुलों की संख्या लगभग 94 है. फिलहाल 10 ऐसे पुलों की लिस्ट सामने आई है, जिस पर टोल टैक्स चुकाने पड़ेंगे. लेकिन बाकी पुलों का भी सर्वे किया जा रहा है. सर्वे पूरा होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि किस-किस पुल पर टोल टैक्स लिए जायेंगे. पुलों की लंबाई के अनुसार ही टोल टैक्स का रेट भी तय किया जाएगा. इन पुलों पर लिए जायेंगे टोल टैक्स 1. बख्तियारपुर ताजपुर पुल2. नवगछिया-कोसी नदी पुल3. आरा-छपरा मंगा नदी पुल4. कच्ची दरगाह बिदुपुर पुल5. दरभंगा-करेह नदी पुल6. गोपालगंज और बेतिया पुल7. गया-फल्गु नदी पुल8. सहरसा में बलुआहा घाट9. फुलतौरा घाट खगड़िया10. नालंदा सकरी पुल कैबिनेट से मिली थी मंजूरी पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में ‘बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली’ को मंजूरी दी गई थी, जिसका उद्देश्य पुलों और सड़कों की बेहतर देखभाल थी. विभाग से मिली जानकारी की माने तो, राज्य के हर एक पुल का स्टडी किया जाएगा. इस दौरान देखा जाएगा कि पुल से कितनी गाड़ियां हर रोज गुजरती हैं, इनमें से कितने शहर में हैं और पुलों की नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा से कितनी दूरी है. इन सभी को ध्यान में रखते हुए ही रेट तय किए जायेंगे. इस एजेंसी को दी जाएगी जिम्मेदारी जानकारी के मुताबिक, 250 मीटर से ज्यादा लंबाई वाले पुल ज्यादातर गयाजी और पटना में हैं. कच्ची दरगाह बिदुपुर पुल और बख्तियारपुर ताजपुर पुल को उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है. बताया जा रहा है कि राज्य की सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली एजेंसी को यह काम दिया जा रहा है. इसके लिए स्टेट हाइवे और पुलों की निलामी की जाएगी. साथ ही अधिक दबाव वाली पुलों और सड़कों को टोल के लिए चुना जाएगा. Also Read: बिहार के इन 4 जिलों में जमीन की खरीद-बिक्री पर क्यों लगी रोक? नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई, जानिए पूरी प्लानिंग The post बिहार के इन 10 बड़े पुलों पर चुकाने पड़ेंगे टोल टैक्स, स्टेट हाइवे के ब्रिज को लेकर सर्वे शुरू appeared first on Naya Vichar.

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Video : घुटनों तक भरा पानी, मुंबई-पुणे रूट पर ब्रेक, तेज बारिश के चलते दोनों प्रमुख सड़कें बंद

Video : लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से फिलहाल मुंबई और पुणे के बीच यात्रा नहीं करने की अपील की है. पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर दोनों तरफ से गाड़ियों की आवाजाही अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रहेगी. प्रशासन ने लोगों से कहा है कि अगले आदेश तक मुंबई और पुणे के बीच सफर करने से बचें. जिन लोगों ने यात्रा की योजना बनाई है, वे फिलहाल उसे टाल दें. साथ ही, पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके. Mumbai–Pune Expressway | 6 July 2026 (Morning) Traffic came to a halt after water accumulated near the food court just before Lonavala, forcing authorities to temporarily stop vehicles. 🎥Road Dairies Page pic.twitter.com/AxqSZYW3Ay — Naveen Reddy (@navin_ankampali) July 6, 2026 पुलिस के मुताबिक, मावल और ताम्हिणी घाट के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. इससे मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले ऑप्शनल रास्ते भी प्रभावित हुए हैं. वहीं, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक कंक्रीट का खंभा गिरने के बाद ‘कनेक्टिंग लिंक’ और ‘मिसिंग लिंक’ के बीच का हिस्सा यातायात के लिए बंद कर दिया गया. इसके अलावा पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर कई जगह पानी भर जाने से वहां भी गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है. Avoid travelling via Mumbai Pune express highway Vehicles towards pune is redirected via Old highway Missing link is also temporarily shut because of landslides #Expressway #MumbaiPune pic.twitter.com/e70HEBYgdZ — Dinesh Naidu (@naidudinesh2) July 6, 2026 पुलिस ने बताया कि लोहगढ़ किले के पास पाटन गांव में भूस्खलन हुआ है. यहां एक परिवार के फंसे होने की सूचना मिली है, जिसके बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है. वहीं, लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है. यह भी पढ़ें : भारी बारिश का कहर, पुणे के सभी स्कूल बंद, ठाणे और मुंबई में भी छुट्टी अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार तड़के भारी बारिश के बीच खोपोली-कुसगांव ‘मिसिंग लिंक’ की सुरंग-2 के बाहर भूस्खलन हो गया. इसके बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो गई. यह 13 किलोमीटर लंबा ‘मिसिंग लिंक’ बाईपास करीब दो महीने पहले ही शुरू हुआ था, जिससे मुंबई और पुणे के बीच सफर का समय 25 से 30 मिनट तक कम हो गया था. #Missinglink joining #Pune and #Mumbai is now shut because of landslide.. rocks, mud, worse situation. The authorities have urged people not travel #PuneMumbai because all tye routes including #expressway is also dangerous at the moment#rain #rainupdate #monsoon #alert #IMD pic.twitter.com/Oxy3InnWlS — Revati Hingwe (@revati_hingwe) July 6, 2026 महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरडीसी) ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सोमवार सुबह 4 बजे से ट्रैफिक का रूट बदल दिया गया है. निगम ने कहा कि वह हाईवे पुलिस के साथ मिलकर हालात पर लगातार नजर रख रहा है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बहुत जरूरी होने पर ही इस रास्ते से यात्रा करें. The post Video : घुटनों तक भरा पानी, मुंबई-पुणे रूट पर ब्रेक, तेज बारिश के चलते दोनों प्रमुख सड़कें बंद appeared first on Naya Vichar.

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Tata Sierra.ev vs MG Windsor EV Pro: कीमत में 1 लाख का फर्क, लेकिन इन 5 मामलों में है बड़ा अंतर

हिंदुस्तानीय बाजार में इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए अब कई शानदार ऑपशंस मौजूद हैं. इस लिस्ट में अब नई Tata Sierra.ev भी शामिल हो गई है, जिसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 18.79 लाख रुपये है. वैसे तो इसका सीधा मुकाबला Hyundai Creta Electric, Mahindra BE 6 और MG ZS EV जैसी इलेक्ट्रिक SUVs से है, लेकिन कीमत बढ़ने के बाद MG Windsor EV Pro भी इसके काफी करीब पहुंच गई है. दोनों EVs की कीमत में करीब 1 लाख रुपये का अंतर है, लेकिन बैटरी, रेंज, पावर और फीचर्स के मामले में दोनों की अपनी खूबियां हैं. ऐसे में अगर आपका बजट 18 से 20 लाख रुपये के आसपास है और इन दोनों में से किसी एक को खरीदने की सोच रहे हैं, तो यहां जानिए Tata Sierra.ev और MG Windsor EV Pro में आपके लिए कौन ज्यादा बेहतर ऑप्शन साबित हो सकती है. Tata Sierra.ev Vs MG Windsor EV Pro: कीमत में करीब 1 लाख रुपये का अंतर दोनों इलेक्ट्रिक कारों की कीमत की बात करें, तो MG Windsor Exclusive Pro की एक्स-शोरूम कीमत 17.90 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि टॉप-स्पेक Essence Pro की कीमत 19 लाख रुपये है. दूसरी तरफ, Tata Sierra.ev के बेस Pure वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 18.79 लाख रुपये से शुरू होती है. इस हिसाब से MG Windsor EV Pro और Sierra.ev की कीमत में करीब 1 लाख रुपये का अंतर है. हालांकि, इस अंतर के बदले Sierra.ev में बड़ी बैटरी, ज्यादा रेंज और काफी ज्यादा पावर मिलती है. Sierra.ev में मिलती है बड़ी बैटरी और ज्यादा रेंज दोनों इलेक्ट्रिक कारों के बीच सबसे बड़ा अंतर उनके बैटरी पैक में है. Tata Sierra.ev में 63kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है, जबकि MG Windsor EV Pro में 52.9kWh की बैटरी मिलती है. यानी दोनों के बैटरी पैक में 10kWh से ज्यादा का अंतर है. बड़ी बैटरी का फायदा ज्यादा ड्राइविंग रेंज के रूप में मिलता है. Tata Sierra.ev के लिए कंपनी 565km तक की MIDC Part 1+2 रेंज का दावा करती है. दूसरी तरफ, MG Windsor EV Pro की क्लेम्ड रेंज 449km है. इस हिसाब से Sierra.ev करीब 116km ज्यादा रेंज ऑफर करती है. परफॉर्मेंस में Sierra.ev काफी आगे पावर और टॉर्क के मामले में दोनों इलेक्ट्रिक कारों के बीच बड़ा अंतर है. Tata Sierra.ev 238PS की पावर और 315Nm का टॉर्क जेनरेट करती है. इसके मुकाबले MG Windsor EV Pro 136PS की पावर और 200Nm का टॉर्क देती है. यानी Sierra.ev में 100PS से ज्यादा पावर और 115Nm ज्यादा टॉर्क मिलता है. ज्यादा पावर का फायदा तेज एक्सेलरेशन, हाईवे पर आसानी से ओवरटेक करने और ज्यादा दमदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस के रूप में मिल सकता है. दोनों कारों के ड्राइवट्रेन में भी अंतर है. Sierra.ev एक रियर-व्हील-ड्राइव इलेक्ट्रिक SUV है, जबकि Windsor EV Pro में फ्रंट-व्हील-ड्राइव सेटअप मिलता है. रियर-व्हील-ड्राइव सेटअप आमतौर पर बेहतर ट्रैक्शन और ज्यादा मजेदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस देने में मदद करता है. Sierra.ev का डिजाइन देता है SUV वाला अहसास डिजाइन के मामले में दोनों कारों का अंदाज काफी अलग है. Tata Sierra.ev का डिजाइन ज्यादा मस्कुलर और सीधा है. इसका SUV जैसा स्टांस, मजबूत बॉडी डिजाइन और रोड प्रेजेंस इसे एक ट्रेडिशनल SUV वाला लुक देता है. दूसरी ओर, MG Windsor EV Pro का डिजाइन क्रॉसओवर जैसा है. इसके डिजाइन में SUV और MPV दोनों की झलक देखने को मिलती है. इसका ज्यादा फोकस केबिन स्पेस और पैसेंजर्स के आराम पर है. ऐसे में डिजाइन को लेकर चुनाव पूरी तरह खरीदार की पसंद पर निर्भर करेगा. राइड क्वालिटी में भी Sierra.ev से ज्यादा उम्मीद दोनों इलेक्ट्रिक कारों की सीधी तुलना अभी बाकी है, लेकिन Sierra.ev से बेहतर राइड क्वालिटी की उम्मीद की जा सकती है. इसके सभी वेरिएंट्स में Ultra Glide सस्पेंशन सेटअप मिलता है. बड़े SUV साइज और रियर-व्हील-ड्राइव सेटअप के साथ यह खराब सड़कों और हाईवे पर ज्यादा आरामदायक और स्टेबल महसूस हो सकती है. दूसरी तरफ, MG Windsor EV Pro शहर में आरामदायक राइड के लिए जानी जाती है. हालांकि, टूटी-फूटी सड़कों और हाईवे पर Sierra.ev ज्यादा स्टेबल महसूस हो सकती है. फीचर्स के मामले में दोनों कारें दमदार Tata Sierra.ev का बेस Pure वेरिएंट भी कई फीचर्स से लैस है. इसमें 12.3-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, 10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 8-स्पीकर ऑडियो सिस्टम, Amazon Alexa सपोर्ट और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल मिलता है. इसके अलावा, इसमें क्रूज कंट्रोल, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, OTA अपडेट्स, ड्राइव मोड्स, रीजनरेटिव ब्रेकिंग पैडल्स, रेन-सेंसिंग वाइपर्स, ऑटोमैटिक हेडलाइट्स, रियर AC वेंट्स, रियर सनशेड्स, इलेक्ट्रिक टेलगेट, एयर प्यूरिफायर, कीलेस एंट्री और पुश-बटन स्टार्ट जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. हालांकि, Pure वेरिएंट में पैनोरमिक सनरूफ नहीं मिलता है. दूसरी ओर, MG Windsor EV Pro फीचर्स और केबिन कम्फर्ट पर ज्यादा फोकस करती है. इसमें 15.6-इंच की बड़ी टचस्क्रीन, Infinity ऑडियो सिस्टम, पैनोरमिक ग्लास रूफ, वेंटिलेटेड सीट्स, V2L और V2V चार्जिंग, 80 से ज्यादा कनेक्टेड कार फीचर्स, 360-डिग्री कैमरा और Level 2 ADAS जैसे फीचर्स मिलते हैं. किसे खरीदना बेहतर? अगर आपकी प्रायोरिटी आरामदायक केबिन, प्रीमियम फीचर्स, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और रोजाना शहर में ड्राइविंग है, तो MG Windsor EV Pro आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकती है. इसमें बड़ा टचस्क्रीन, पैनोरमिक ग्लास रूफ, वेंटिलेटेड सीट्स और ADAS जैसे कई प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं. हालांकि, अगर आप करीब 1 लाख रुपये तक बजट बढ़ा सकते हैं और आपकी प्रायोरिटी बड़ी बैटरी, ज्यादा रेंज, दमदार परफॉर्मेंस और SUV जैसा रोड प्रेजेंस है, तो Tata Sierra.ev ज्यादा बेहतर ऑप्शन नजर आती है. इसमें 10kWh से ज्यादा बड़ी बैटरी, करीब 116km ज्यादा क्लेम्ड रेंज, 100PS से ज्यादा एक्स्ट्रा पावर और 115Nm ज्यादा टॉर्क मिलता है. आखिर में दोनों में से सही कार का चुनाव आपकी जरूरत, ड्राइविंग पैटर्न और बजट पर निर्भर करेगा. यह भी पढ़ें: Tata Sierra EV vs Harrier EV: जानिए दोनों में कौन-सी 5 बड़ी बातें बनाती हैं इन्हें अलग The post Tata Sierra.ev vs MG Windsor EV Pro: कीमत में 1 लाख का फर्क, लेकिन इन 5 मामलों में है बड़ा अंतर appeared first on Naya Vichar.

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