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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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Mouni Roy से अलग होकर कुछ यूं जी रहे हैं सूरज नांबियार, शेयर किया पहला इंस्टाग्राम पोस्ट, देखें PHOTOS

मौनी रॉय इन-दिनों कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपना जलवा बिखेर रही हैं. अभिनेत्री से अलग होने की अनाउंसमेंट करने के बाद सूरज नांबियार ने अपना पहला इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर किया. दुबाई बेस्ड बिजनेसमैन ने कई फोटोज और वीडियो साझा किए. जिसमें वह डैंशिग लुक में नजर आए. मौनी के बिना कुछ यूं जी रहे हैं सूरज नांबियार सूरज नांबियार ने पहले तो मिरर सेल्फी पोस्ट की. इसमें उन्होंने ब्लैक शर्ट के साथ ब्राउन पैंट्स पहना था. ब्लैक सनग्लासेस में वह काफी हैंडसम लग रहे थे. दूसरी तसवीर में मौनी के पति ब्लू फॉर्मल्स में डैंसिंग लग रहे थे. तीसरा वीडियो था, जिसमें आउटडोर व्यू था. चौथे फोटो में वह अपने कुत्ते को प्यार कर रहे थे. सूरज ने कैप्शन में कुछ नहीं लिखा और ट्रोल से बचने के लिए उन्होंने अपनी पोस्ट का कमेंट सेक्शन भी बंद कर दिया. View this post on Instagram A post shared by Suraj Nambiar (@nambiar13) मौनी और सूरज ने 4 साल की शादी खत्म की 14 मई को मौनी और सूरज ने कंफर्म किया कि उन्होंने शादी के चार साल बाद अलग होने का फैसला किया है. अपने बयान में, एक्स कपल ने बताया कि वे इस मुश्किल दौर को शांति और आपसी समझ के साथ निजी तौर पर संभालना चाहते हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि शादी खत्म होने के बावजूद उनके बीच की दोस्ती हमेशा खास बनी रहेगी. सूरज ने मौनी से अलग होने पर कही थी ये बात अलगाव की समाचार सामने आने के बाद सूरज ने भी बयान जारी कर कई तरह की अफवाहों पर विराम लगाया. उन्होंने कहा कि उनके रिश्ते के टूटने के पीछे न तो कोई तीसरा व्यक्ति है और न ही किसी तरह का विवाद या एलिमनी का मामला. सूरज ने लिखा कि हाल ही में फैल रही झूठी समाचारें बेहद गलत और दुर्भावनापूर्ण हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके बीच किसी तरह का झगड़ा, पैसों का विवाद या तीसरे व्यक्ति की कोई भूमिका नहीं है. यह भी पढ़ें- Sreeleela Dating: क्या तिलक वर्मा को डेट कर रही हैं श्रीलीला? साउथ एक्ट्रेस की मां ने खोल दी पोल The post Mouni Roy से अलग होकर कुछ यूं जी रहे हैं सूरज नांबियार, शेयर किया पहला इंस्टाग्राम पोस्ट, देखें PHOTOS appeared first on Naya Vichar.

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झुका ‘पुष्पा’, फाल्टा उपचुनाव की रेस से बाहर हुए TMC उम्मीदवार जहांगीर खान

मुख्य बातें तृणमूल की साजिश से इनकार नहीं भाग गया क्योंकि पोलिंग एजेंट नहीं मिला पता चला है कि जहांगीर चुनाव नहीं लड़ेंगे क्या कहता है नियम Jahangir Khan: कोलकाता. तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान, जिन्होंने ‘पुष्पा झुकेगा नहीं…’ का नारा लगाया था, आखिरकार झुक गए. दरअसल, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के फाल्टा विधानसभा में 21 मई को उपचुनाव होना हैं. उससे पहले, जहांगीर ने मैदान छोड़ने का एलान कर दिया है. उन्होंने साफ कर दिया कि वे आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे फलता के आम लोगों की शांति की रक्षा के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे, उन्होंने फलता के विकास के लिए संघर्ष से अपना नाम वापस लिया. तृणमूल की साजिश से इनकार नहीं जहांगीर ने कहा-फाल्टा के विकास के लिए, फाल्टा के आम लोगों के हितों के लिए, मैंने 21 मई को होने वाले पुनर्चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है. यह फैसला किसने लिया, जहांगीर ने पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया. हालांकि, उन्होंने इत्र लगाने और ईवीएम पर टेप लगाने के आरोपों का खंडन किया. उन्होंने यह भी नहीं बताया कि यह किसने या किस चीज ने किया. हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि जहांगीर ने अचानक यह फैसला क्यों लिया या क्या यह तृणमूल की साजिश थी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भाग गया क्योंकि पोलिंग एजेंट नहीं मिला मंगलवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन जहांगीर ने एलान किया, मैं अब यह चुनाव नहीं लड़ रहा हूं. जहांगीर खान ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा- मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्ता के विकास के लिए ‘स्पेशल पैकेज’ की घोषणा की है. मैं इस चुनाव से पीछे हट रहा हूं. हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या यह फैसला अभिषेक बनर्जी या तृणमूल शीर्ष नेतृत्व के किसी निर्देश पर लिया गया है. बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि वह इसलिए भाग गया, क्योंकि उसे कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिलेगा. इस नाटकीय घटनाक्रम के बीच, फलता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के रोड शो के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने भगवा गुलाल उड़ाकर जमकर जश्न मनाया. पता चला है कि जहांगीर चुनाव नहीं लड़ेंगे विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि उसे पता चला है कि फालता विधानसभा क्षेत्र से उसके उम्मीदवार जहांगीर खान ने 21 मई को होने वाले पुन: चुनाव से हटने का फैसला किया है. पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी को खान के फैसले की जानकारी मिल गयी है, लेकिन इसके पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा- हमें पता चला है कि जहांगीर खान ने फालता से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. उन्होंने कहा- हमें अभी तक उनके मैदान से हटने के कारण का पता नहीं चला है. चुनाव नहीं लड़ने का फैसला उनका व्यक्तिगत है. क्या कहता है नियम चूंकि नामांकन वापस लेने की तारीख पहले ही बीत चुकी है, इसलिए ईवीएम पर जहांगीर खान का नाम और चुनाव चिह्न बरकरार रहेगा, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से रेस से बाहर हो चुके हैं. चुनाव मैदान से हटने की घोषणा का कानूनी तौर पर कोई संवैधानिक मूल्य नहीं है. हिंदुस्तानीय चुनाव प्रणाली (रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट) के मुताबिक स्क्रूटनी के बाद उम्मीदवारी वापस लेने के लिए एक खास दिन और समय तय होता है. एक बार वह समय खत्म होने पर कोई भी उम्मीदवार कानूनी तौर पर अपना नाम वापस नहीं ले सकता. फालता में नामांकन वापस लेने की तिथि गुजर गयी है. बैलेट पेपर और इवीएम फाइनल हो चुके हैं, इसलिए पोलिंग के दिन इवीएम पर जहांगीर खान का नाम और तृणमूल का सिंबल बना रहेगा. मैदान से हटने से बैलेट बॉक्स पर एकतरफा व निगेटिव असर पड़ेगा. Also Read: बंगाल में औद्योगिकीकरण के लिए तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट, अशोक लाहिड़ी ने शुरू किया काम The post झुका ‘पुष्पा’, फाल्टा उपचुनाव की रेस से बाहर हुए TMC उम्मीदवार जहांगीर खान appeared first on Naya Vichar.

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इस इंडियन इलेक्ट्रिक बाइक की गजब दीवानगी, सिर्फ 15 दिनों में 25,000 लोगों ने कर दी बुकिंग, जानें खासियत

इंडियन इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल कंपनी Oben Electric की नई इलेक्ट्रिक बाइक Oben Rorr Evo लॉन्च होते ही ग्राहकों के बीच जबरदस्त चर्चा में आ गई है. कंपनी का दावा है कि इस बाइक ने लॉन्च के सिर्फ 15 दिनों के अंदर ही 25,000 से ज्यादा बुकिंग हासिल कर ली है. कीमत की बात करें तो शुरुआती 10,000 ग्राहकों के लिए इसकी इंट्रोडक्टरी कीमत 99,999 रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. वहीं इसके बाद खरीदने वालों को यह बाइक 1,24,999 रुपये (एक्स-शोरूम) में मिलेगी.  खास बात यह है कि कंपनी ने अब अपनी वेबसाइट पर पेमेंट पोर्टल भी खोल दिया है, ताकि ग्राहक 99,999 रुपये वाली शुरुआती कीमत का फायदा उठा सकें. इस बाइक की डिलीवरी जून 2026 शुरू होने वाली है. Oben Rorr Evo: बैटरी और रेंज  इसमें 3.4 kWh की LFP बैटरी दी गई है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 180km तक की IDC रेंज देने का दावा करती है. परफॉर्मेंस की बात करें तो यह बाइक काफी फुर्तीली है. 0 से 40 km/h की रफ्तार पकड़ने में इसे सिर्फ 3 सेकंड लगते हैं, जबकि इसकी टॉप स्पीड 110 km/h तक जाती है. खास बात यह है कि अगर बैटरी कम हो जाए, तो फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ इसे 0 से 80% तक सिर्फ 90 मिनट में चार्ज किया जा सकता है. कंपनी 8 साल की बैटरी वारंटी भी दे रही है. इस बाइक में Oben Electric का खुद का तैयार किया गया IPMSM मोटर मिलता है, जिसकी पीक पावर 9 kW है. यह मोटर न सिर्फ IP68 रेटिंग के साथ पानी और धूल से सेफ है, बल्कि पिछले मॉडल के मुकाबले 40% ज्यादा कॉम्पैक्ट और 20% ज्यादा ताकतवर भी है. साथ ही 250 Nm का व्हील टॉर्क इसे तेज पिकअप देता है. Oben Rorr Evo: फीचर्स इसमें Fall Alert with Emergency Assist जैसे फीचर दिए गए हैं, जो अगर बाइक गिरने की सिचुएशन महसूस करते हैं, तो Oben ऐप के जरिए आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को तुरंत अलर्ट भेज सकते हैं. सेफ्टी को और मजबूत बनाने के लिए इसमें Unified Brake Assist (UBA), Driver Alert System (DAS), सिक्योर चार्जिंग और चौड़ा रियर टायर जैसे फीचर्स मिलते हैं. इसमें 5-इंच का कलर TFT डिस्प्ले दिया गया है, जहां आपको नेविगेशन, राइड की जरूरी जानकारी और कॉल, मैसेज, म्यूजिक जैसे स्मार्ट अलर्ट मिलते हैं. वहीं Oben ऐप के जरिए राइड हिस्ट्री देखना, जियो-फेंसिंग सेट करना, रिमोट डायग्नोस्टिक्स, थेफ्ट प्रोटेक्शन, ‘Find My Rorr’ और 24×7 सर्विस सपोर्ट जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. Oben Rorr Evo: ग्राउंड क्लीयरेंस और सीट हाइट Oben Rorr Evo में अपने सेगमेंट की सबसे लंबी सीट दी गई है. इसकी सीट 680mm लंबी है और सीट की ऊंचाई 780mm रखी गई है. इसके साथ 200 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस और 230mm तक पानी में चलने की क्षमता भी मिलती है. सीट के नीचे कुल 10 लीटर का स्टोरेज दिया गया है, जिसमें अंडर-सीट और टैंक पॉड स्टोरेज दोनों शामिल हैं. साथ ही फोन चार्ज करने के लिए ड्यूल USB चार्जिंग पोर्ट भी दिए गए हैं. यह भी पढ़ें: ये 5 सस्ती 110cc बाइक्स हर दिन बचाएंगी पेट्रोल का खर्च, कीमत 57,350 रुपये से शुरू The post इस इंडियन इलेक्ट्रिक बाइक की गजब दीवानगी, सिर्फ 15 दिनों में 25,000 लोगों ने कर दी बुकिंग, जानें खासियत appeared first on Naya Vichar.

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NEET UG री-एग्जाम ने छीना AIR 1 का ताज, टॉपर्स लिस्ट से बाहर हुए थे 50 छात्र

NEET UG Re Exam 2024: नीट यूजी 2024 में ग्रेस मार्क्स और कुछ सवालों को लेकर सवाल उठाए थे. नीट यूजी 2024 की परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 4 जून 2024 को जारी हुआ था. इसके बाद मामला सप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और फिर रिजल्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला. शुरुआती रिजल्ट में 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक हासिल किए थे और सभी को AIR 1 मिला था. बाद में ग्रेस मार्क्स हटाए गए तो यह संख्या घटकर 61 रह गई. इसके बाद फिजिक्स के एक विवादित सवाल पर दिए गए बोनस अंक भी हटाए गए. सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था NEET UG का मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब 26 जुलाई 2024 को फाइनल रिवाइज्ड रिजल्ट जारी हुआ तो 50 छात्र ऐसे थे जिनका 720 का परफेक्ट स्कोर खत्म हो गया. इसके साथ ही वे सीधे AIR 1 की लिस्ट से बाहर हो गए. आखिर में सिर्फ 17 छात्र ही ऐसे बचे जो 720 अंक के साथ अपनी ऑल इंडिया रैंक 1 बचाने में सफल रहे. पहले रिजल्ट आने पर 67 छात्रों का नाम रैंक 1 पर था. NEET UG 2024 Final Revised Result Cut Off and Toppers List Check Here बिहार के तथागत अवतार भी हुए थे बाहर बिहार के रहने वाले तथागत अवतार उन छात्रों में शामिल थे जिन्हें शुरुआती NEET UG 2024 रिजल्ट में AIR 1 मिला था. उन्होंने 720 अंक हासिल किए थे और मीडिया में उनकी खूब चर्चा हुई थी. जब रिवाइज्ड रिजल्ट आया तो उनका स्कोर कम हो गया और वे टॉपर्स लिस्ट से बाहर हो गए. तथागत को नीट यूजी 2024 में रिवाइज्ड रिजल्ट के बाद 715 मार्क्स मिले. फिलहाल वो एम्स दिल्ली में MBBS कर रहे हैं. तथागत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. कई राज्यों के छात्रों पर पड़ा असर रिवाइज्ड रिजल्ट में जिन छात्रों की AIR 1 चली गई, उनमें बड़ी संख्या राजस्थान और तमिलनाडु के छात्रों की थी. इसके अलावा बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, केरल और कर्नाटक के छात्रों को भी नुकसान हुआ. इस पूरे विवाद के बाद NEET UG 2024 लगातार सुर्खियों में बना रहा. छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए. वहीं दूसरी तरफ कई छात्रों ने कहा कि फाइनल फैसला आने के बाद मेरिट लिस्ट ज्यादा निष्पक्ष हुई. इन 50 स्टूडेंट्स का घटा रैंक क्रमांक छात्र का नाम राज्य 1 वेद सुनीलकुमार शेंडे महाराष्ट्र 2 सैयद आरिफिन यूसुफ एम तमिलनाडु 3 रुपायन मंडल पश्चिम बंगाल 4 अक्षत पंगारिया उत्तराखंड 5 शौर्य गोयल पंजाब 6 तथागत अवतार बिहार 7 चंद मल्लिक त्रिपुरा 8 शैलाजा एस तमिलनाडु 9 आदर्श सिंह मोयल राजस्थान 10 आदित्य कुमार पांडा तमिलनाडु 11 श्रीराम पी तमिलनाडु 12 ईशा कोठारी राजस्थान 13 कस्तूरी संदीप चौधरी आंध्र प्रदेश 14 शशांक शर्मा राजस्थान 15 सक्षम अग्रवाल पश्चिम बंगाल 16 आर्यन शर्मा हिमाचल प्रदेश 17 कहकशा परवीन झारखंड 18 देवदर्शन आर. नायर केरल 19 गट्टू भानुतेजा साई आंध्र प्रदेश 20 उमायमा मलाबारी महाराष्ट्र 21 कल्याण वी कर्नाटक 22 सुजॉय दत्ता दिल्ली 23 श्याम झंवर राजस्थान 24 मानव प्रियदर्शी झारखंड 25 ध्रुव गर्ग राजस्थान 26 कृष्णमूर्ति पंकज शीवाल महाराष्ट्र 27 वेद पटेल गुजरात 28 सैम श्रेयस जोसेफ कर्नाटक 29 जयाथी पूर्वाजा एम तमिलनाडु 30 हृतिक राज बिहार 31 कृति शर्मा गुजरात 32 अर्जुन किशोर कर्नाटक 33 रोहित आर तमिलनाडु 34 अभिषेक वी जे केरल 35 सबरीसन एस तमिलनाडु 36 दर्श पघदार गुजरात 37 शिखिन गोयल पंजाब 38 अमीना आरिफ कादीवाला महाराष्ट्र 39 ऋषभ शाह गुजरात 40 पोरेड्डी पवन कुमार रेड्डी आंध्र प्रदेश 41 अभिनव सुनील प्रसाद केरल 42 समित कुमार सैनी राजस्थान 43 वडलापुडी मुखेश चौधरी आंध्र प्रदेश 44 अभिनव किसना बिहार 45 खुशबू हरियाणा 46 कृष हरियाणा 47 लक्ष्य दिल्ली 48 अंजलि हरियाणा 49 जाह्नवी हरियाणा 50 प्रतीक हरियाणा आखिर क्यों बदला गया रिजल्ट? पूरा विवाद फिजिक्स के एक सवाल और ग्रेस मार्क्स को लेकर शुरू हुआ था. कुछ छात्रों को उस सवाल पर बोनस अंक दिए गए थे, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों का स्कोर 720 पहुंच गया था. यह भी पढ़ें: जब NEET UG री-एग्जाम ने बदली तस्वीर, 44 छात्र टॉपर्स लिस्ट से हुए थे बाहर The post NEET UG री-एग्जाम ने छीना AIR 1 का ताज, टॉपर्स लिस्ट से बाहर हुए थे 50 छात्र appeared first on Naya Vichar.

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नहीं रहे उत्तराखंड के पूर्व सीएम बीसी खंडूरी; 3 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा

BC Khanduri Death: उत्तराखंड प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के आकस्मिक निधन के बाद, 19 से 21 मई तक तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है. पूर्व मुख्यमंत्री का अंतिम संस्कार कल, 20 मई को पूरे पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा. कल राज्य प्रशासन के सभी कार्यालय बंद रहेंगे. The Uttarakhand government has declared a three-day period of state mourning from May 19 to 21, following the sudden demise of the state’s former Chief Minister, Major General Bhuwan Chandra Khanduri. The last rites of the former Chief Minister will be performed tomorrow, May… pic.twitter.com/qUT3rPCv7M — ANI (@ANI) May 19, 2026 The post नहीं रहे उत्तराखंड के पूर्व सीएम बीसी खंडूरी; 3 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के छात्रों के लिए ये खास स्कॉलरशिप, BTech MBBS के लिए मिलेंगे 50000 रुपये

Scholarship Scheme for Jharkhand Students: झारखंड प्रशासन और कई अन्य संस्थाओं ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई छात्रवृत्ति योजनाओं (Scholarship Schemes) को लागू किया है. चाहे आप इंटरमीडिएट पढ़ रहे हों, ग्रेजुएशन कर रहे हों या विदेश में हायर स्टडीज हासिल करना चाहते हों. इस बार आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के लिए भरपूर अवसर उपलब्ध हैं. e-Kalyan से लेकर Vidyadhan तक, ये योजनाएं हजारों छात्रों के सपनों को पंख दे रही हैं. ऐसे में आइए 4 स्कॉलरशिप स्कीम्स के बारे में जानते हैं. झारखंड के छात्रों के लिए Scholarship Scheme e-Kalyan Scholarship यह झारखंड प्रशासन की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय छात्रवृत्ति योजना है. ये SC, ST और BC/OBC वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई के खर्च में मदद करती है. Pre-Matric Scholarship: कक्षा 1 से 10 तक ( प्रशासनी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए). Post-Matric Scholarship: इंटरमीडिएट, ग्रेजुएट, अंडरग्रेजुएट, इंजीनियरिंग, मेडिकल, डिप्लोमा, ITI आदि किसी भी कोर्स के लिए (राज्य के अंदर या बाहर). योग्यता: झारखंड के स्थायी निवासी होने चाहिए , SC/ST के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए. आवेदन: ekalyan.cgg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. 2026-27 सत्र के लिए Pre-Matric आवेदन खुले हैं. Vidyadhan Intermediate Scholarship Sarojini Damodaran Foundation (SDF) द्वारा चलाई जाने वाली ये प्राइवेट स्कॉलरशिप है. ये मेधावी और गरीब परिवार के छात्रों को इंटरमीडिएट (कक्षा 11-12) में आर्थिक सहायता देती है. राशि: 10,000 प्रति वर्ष (2 वर्ष तक). अच्छा प्रदर्शन करने पर ग्रेजुएशन में भी 10,000 से 75,000 रुपये तक मिल सकती है. योग्यता: 2026 में 10वीं पास की हो, कम से कम 75% अंक या 7.5 CGPA (दिव्यांग के लिए 60%) होनी चाहिए. परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख से कम होनी चाहिए. आवेदन: 5 जुलाई 2026 आखिरी तारीख है. आप वेबसाइट vidyadhan.org/apply पर चेक कर सकते है. Marang Gomke Jaipal Singh Munda Overseas Scholarship ये झारखंड प्रशासन की फेमस स्कॉलरशिप स्कीम है जो मेधावी छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा (Masters, MPhil, PhD) का सपना पूरा करने का मौका देती है. कवरेज: ट्यूशन फीस, रहन-सहन, यात्रा खर्च आदि पूरी तरह कवर. योग्यता: छात्र SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के होने चाहिए. आवेदन: आप वेबसाइट mgos.jharkhand.gov.in पर चेक कर सकते है. Medhavi Putra/Putri Chhatravritti Yojana यह योजना JBOCWWB (निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड) में रजिस्टर्ड मजदूरों के बच्चों के लिए चलाई जाती है. ये मेधावी बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक मदद के लिए है. राशि: कक्षा 1-8 के लिए 5,000 रुपये, कक्षा 9-12 के लिए 10,000 रुपए, UG/PG (नॉन-टेक्निकल) के लिए 20,000 रुपये, इंजीनियरिंग या मेडिकल के लिए 50000 रुपये तक मिलते हैं. योग्यता: छात्र झारखंड का निवासी होना चाहिए, बोर्ड में रजिस्टर्ड मजदूर के शिशु होने चाहिए, रीक्षा में न्यूनतम 45-50% अंक होने चाहिए. अगर आप छात्रवृत्ति (Scholarship Schemes) के लिए अप्लाई करना चाहते है तो पहले e-Kalyan और Vidyadhan पर अप्लाई करें. सभी दस्तावेज जैसे आय प्रमाण, जाति प्रमाण, निवास प्रमाण, मार्कशीट, बैंक डिटेल तैयार रखें. समय पर आवेदन करें क्योंकि डेडलाइन मिस होने पर मौका चला जाता है. यह भी पढ़ें: प्रशासनी स्कूल से पढ़ाई करके टॉप कॉलेज में एडमिशन, किसान के बेटे ने UPSC में गाड़ा झंडा The post झारखंड के छात्रों के लिए ये खास स्कॉलरशिप, BTech MBBS के लिए मिलेंगे 50000 रुपये appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिमी सिंहभूम के पोड़ाहाट जंगल में सुरक्षा बलों की नक्सलियों से मुठभेड़, दो नक्सली ढेर

सोनुआ से राधेश सिंह, सूरज गुप्ता और संजय पांडेय की रिपोर्ट Naxal Encounter: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत लोंजो के समीप केड़ाबीर जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना सामने आ रही है. हालांकि, पुलिस ने अभी आधिकारिक रूप से केवल मुठभेड़ की पुष्टि की है और विस्तृत जानकारी सर्च अभियान पूरा होने के बाद देने की बात कही है. सुबह सात बजे से चल रहा अभियान जानकारी के अनुसार, सुबह करीब सात बजे जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों की टीम अभियान चला रही थी. इसी दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की. दोनों ओर से कुछ देर तक गोलीबारी होती रही. इसके बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भागने की कोशिश करने लगे. पुलिस कप्तान ने मुठभेड़ की पुष्टि की पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि सोनुआ थाना क्षेत्र के लोंजो-केड़ाबीर इलाके में सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. फिलहाल पूरे इलाके को घेरकर सर्च अभियान चलाया जा रहा है. अभियान समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने नक्सली मारे गए हैं और मौके से क्या बरामदगी हुई है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार इलाके में कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम लगातार अभियान चला रही है. जंगल के कई हिस्सों को सील कर दिया गया है ताकि नक्सली भाग न सकें. मिसिर बेसरा और सालुका कायम दस्ते की तलाश सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सारंडा क्षेत्र में लगातार बढ़ते दबाव के बाद कई बड़े नक्सली नेता पोड़ाहाट के जंगलों में शरण लिए हुए हैं. इनमें करोड़ों के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के भी इलाके में सक्रिय होने की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को मिली थी. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर सक्रिय 10 लाख के इनामी नक्सली सालुका कायम और उसके दस्ते की मौजूदगी की भी समाचार थी. इसी सूचना के आधार पर सुरक्षा बल लगातार इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे थे. माना जा रहा है कि मंगलवार को हुई मुठभेड़ उसी अभियान का हिस्सा थी. सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि मारे गए नक्सली किस दस्ते से जुड़े थे. पूर्व नक्सली की हत्या के बाद बढ़ी थी सतर्कता कुछ दिन पहले गोईलकेरा थाना क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से ही अलर्ट थीं. उस घटना के बाद संकेत मिले थे कि नक्सली संगठन सारंडा से निकलकर कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगल क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में अभियान तेज कर दिया था. 29 अप्रैल को भी सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मार गिराया था. उस कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के जंगलों में सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ जल्द और बड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें: BCCL में नौकरी दिलाने के नाम पर 200 लोगों से 20 करोड़ की ठगी, धनबाद-बंगाल से जुड़ रहे तार जंगलों में जारी है शह और मात का स्पोर्ट्स पोड़ाहाट और सारंडा के घने जंगल लंबे समय से नक्सलियों की गतिविधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माने जाते रहे हैं. हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों ने लगातार अभियान चलाकर कई बड़े नक्सली नेताओं को गिरफ्तार या ढेर किया है. इसके बावजूद जंगल क्षेत्रों में समय-समय पर नक्सलियों की गतिविधियां सामने आती रही हैं. फिलहाल, केड़ाबीर जंगल में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है. सुरक्षा एजेंसियां इलाके की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पोड़ाहाट और आसपास के इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: सेल में 11 करोड़ के फर्जी भुगतान का आरोप, पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने खोला मोर्चा The post पश्चिमी सिंहभूम के पोड़ाहाट जंगल में सुरक्षा बलों की नक्सलियों से मुठभेड़, दो नक्सली ढेर appeared first on Naya Vichar.

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क्या परिवार को सांसद-विधायक बनाने में एक भी रुपया लगा? आनंद मोहन के बयान पर जदयू का पलटवार

Bihar Politics: पूर्व सांसद आनंद मोहन के विवादास्पद बयान पर जदयू ने तीखा पलटवार किया है. जदयू के मुख्य प्रवक्ता और MLC नीरज कुमार ने बिना नाम लिए आनंद मोहन पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या उनके परिवार को सांसद या विधायक बनने में एक भी रुपये की पूंजी लगी है? पत्रकारों से बातचीत में नीरज कुमार ने कहा कि विधान परिषद सदस्य, आयोग के सदस्य, लोकसभा, राज्यसभा या जिला अध्यक्ष बनने तक में किसी ने यह नहीं कहा कि यहां पैसे का स्पोर्ट्स हुआ. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘नकद नारायण का यहां कोई धंधा नहीं है. पेट में दर्द हो तो सेरिडन खाने से असर नहीं होगा. नीरज कुमार बोले- स्वास्थ्य विभाग मुरेठा बांधकर नहीं चलेगा नीरज कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि क्या मुरेठा बांधकर स्वास्थ्य विभाग चलेगा? विभाग शालीनता और सादगी से चलता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई नेताओं को नेतृत्वक रूप से मजबूत बनाया है. कई लोग नेतृत्व में उनके कारण स्थापित हुए हैं. ऐसे में बयान देते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए. ‘नीतीश और निशांत के चरित्र पर सवाल उठाने की हिम्मत किसी में नहीं’ जदयू नेता ने कहा कि कोई भी व्यक्ति नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार के व्यक्तिगत चरित्र पर सवाल नहीं उठा सकता. उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास कोई आरोप है तो उसका सबूत देना चाहिए. सिर्फ बयानबाजी करने से नेतृत्व नहीं चलती. ‘जदयू में नहीं हैं, फिर टिप्पणी क्यों?’ नीरज कुमार ने कहा कि संबंधित नेता खुद कह चुके हैं कि वे जदयू में नहीं हैं. ऐसे में पार्टी के नेता पर टिप्पणी करने का कोई औचित्य नहीं बनता. उन्होंने कहा कि जदयू ने हमेशा सहयोगी नेताओं को सम्मान दिया. शिवहर जैसी सीट भाजपा से लेकर दी गई. नवीनगर सीट भी सहयोगियों को सौंपी गई. इसके बावजूद ऐसी बातें करना ईमानदारी नहीं मानी जा सकती. ‘नीतीश कुमार ग्लोबल थिंकर हैं’ नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि नीतीश कुमार क्लाइमेट और विकास को लेकर सोचने वाले ग्लोबल थिंकर हैं. उन्होंने साइंस कॉलेज से पढ़ाई की है. उन्होंने यह भी कहा कि निशांत कुमार ने भी अपने दम पर साइंस कॉलेज में पढ़ाई की. वे किसी मैनेजमेंट कोटा से नहीं आए थे. Also Read: CM सम्राट बोले- मरीज को रेफर किया तो CS पर होगा एक्शन, बिहार में 30 दिन में शिकायत नहीं सुलझी तो अफसर हटेंगे The post क्या परिवार को सांसद-विधायक बनाने में एक भी रुपया लगा? आनंद मोहन के बयान पर जदयू का पलटवार appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला; बोले- आने वाला है ‘आर्थिक तूफान’, जनता पर टूटेगा बड़ा संकट

Rahul Gandhi Economic Storm Warning: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र प्रशासन की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि देश जल्द ही एक बड़े आर्थिक संकट का सामना कर सकता है और इसका सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा. अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तैयार की गई आर्थिक व्यवस्था लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक ढांचा कुछ चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों के फायदे के लिए बनाया गया है, जबकि आम लोग लगातार दबाव में आ रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि आने वाला आर्थिक संकट बड़े उद्योगपतियों पर असर नहीं डालेगा, बल्कि इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर होगा. उन्होंने कहा, ‘मैं कई दिनों से कह रहा हूं कि मोदी जी ने जिस तरह देश की आर्थिक संरचना बदली है, उससे एक बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है. अडानी और अंबानी के पक्ष में जो ढांचा खड़ा किया गया है, वह ज्यादा दिन नहीं चलेगा और अंत में पूरी तरह ढह जाएगा.’ राहुल गांधी ने आगे कहा कि बड़े कारोबारी और सत्ता में बैठे लोग सुरक्षित रहेंगे, लेकिन आम जनता को इस संकट की सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. पीएम मोदी के विदेश दौरों पर भी उठाए सवाल कांग्रेस सांसद राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार विदेश दौरों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘एक तरफ नरेंद्र मोदी लोगों से विदेश यात्राएं कम करने की बात कर रहे हैं, दूसरी तरफ खुद पूरी दुनिया घूम रहे हैं. लेकिन देश के अंदर मौजूद आर्थिक समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा.’ राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाला समय बेहद कठिन हो सकता है और कई वर्षों में ऐसा बड़ा आर्थिक दबाव शायद पहली बार देखने को मिले. मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रशासन पर बोला हमला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी केंद्र प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रशासन को घेरा और इसे ‘मोदी प्रशासन की बनाई हुई आर्थिक परेशानी’ बताया. खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी नीतिगत विफलताओं का बोझ आम जनता पर डाल रही है, जबकि बड़े कॉरपोरेट समूहों को राहत दी जा रही है. उन्होंने कहा, ‘कीमतें बढ़ाने के कुछ ही दिनों बाद प्रशासन ने फिर पेट्रोल-डीजल महंगा कर दिया. जनता पर बोझ डाला जा रहा है और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है.’ ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान का इमरजेंसी तेल स्टॉक कितने दिन चलेगा, 1 दिन का खर्च कितना, किन गुफाओं में है स्ट्रेटजिक ऑयल रिजर्व, जानें पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता देशभर में ईंधन की कीमतें बढ़ने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. मंगलवार को प्रशासन द्वारा ईंधन कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई. वहीं डीजल 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया. ये भी पढ़ें:- अभी दिल्ली के लोगों को और सताएगी गर्मी, लू के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी पश्चिम एशिया संकट का असर हिंदुस्तान पर भी वैश्विक ऊर्जा बाजारों में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सैन्य कार्रवाइयों के कारण तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पेट्रोलियम निर्यात में कमजोरी की वजह से हिंदुस्तान का ऑयल ट्रेड डेफिसिट वित्त वर्ष 2027 में और बढ़ सकता है. आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदुस्तान की तेल आयात पर भारी निर्भरता आने वाले समय में आर्थिक दबाव को और बढ़ा सकती है. The post राहुल गांधी का मोदी प्रशासन पर बड़ा हमला; बोले- आने वाला है ‘आर्थिक तूफान’, जनता पर टूटेगा बड़ा संकट appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में गरीब छात्रों को शुभेंदु अधिकारी देंगे सहारा, मिलेगी विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप

मुख्य बातें इन्फ्रास्ट्रक्चर बेस्ड शिक्षा पर जोर ममता प्रशासन ने की थी शुरुआत राज्य से बाहर नहीं जायेगी मेधा Suvendu Adhikari: कोलकाता. बंगाल बोर्ड के मेधावियों का अभिनंदन करते हुए बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए फिर से विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप शुरू होगी, जिससे बंगाल के मेधावी बच्चों के लिए वित्त कभी उनके मार्ग की समस्या न बने. हम चाहते हैं कि बंगाल की मेधा बंगाल में रहे. स्वामी विवेकानंद और कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर के सपनों का बंगाल जमीनी हकीकत पर सार्थक करेंगे. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने नारी शिक्षा पर विशेष जोर दिया था, नारी शिक्षा हमारी प्राथमिकता रहेगी. सत्ता में आने के बाद, बीजेपी प्रशासन ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि किसी भी पब्लिक सर्विस अलाउंस को बंद नहीं करेंगे. इन्फ्रास्ट्रक्चर बेस्ड शिक्षा पर जोर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा- बोर्ड परीक्षा में सफल होनेवाले ये मेधावी देश का भविष्य हैं और इनकी सफलता में शिक्षकों व उनके अभिभावकों की अहम भूमिका है. हम चाहते हैं कि बंगाल शिक्षा के क्षेत्र में फिर से अग्रणी बने, इसके लिए राज्य के प्रशासनी स्कूलों में ‘स्मार्ट विद्यालय, स्मार्ट क्लासरूम’ बनाये जायेंगे. पीएमश्री योजनाओं से भी स्कूलों को जोड़ा जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनी स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर बेस्ड शिक्षा पर जोर दिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसे के लिए किसी की पढ़ाई नहीं बाधित होगी. प्रशासन मेधा को हर हाल में मदद करने को तैयार है. बंगाल का परिचय उसके मेधा से ही है. ममता प्रशासन ने की थी शुरुआत स्वामी विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप तृणमूल प्रशासन के समय गरीब मेधावी छात्रों के लिए शुरू की गयी थी. यह फिर से शुरू की गयी है. विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप, मेधावी छात्रों को उच्च माध्यमिक स्तर से अनुसंधान स्तर तक अपनी पढ़ाई जारी रखने में सक्षम बनाने के लिए पुन: शुरू की गयी. सीएम ने कहा कि इसका लाभ आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को उनकी योग्यता और आर्थिक स्थिति के आधार पर दिया जायेगा. अधिकारी ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार करने के साथ, ऐसी शिक्षा पर जोर दिया जायेगा, जो चरित्र निर्माण के साथ छात्रों को जीवन के लिए तैयार करे. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें राज्य से बाहर नहीं जायेगी मेधा कार्यक्रम में भाजपा के राज्य अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि नयी प्रशासन बनने के बाद अब बंगाल में मेधावियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आइएएस सुब्रत गुप्त, भाजपा के वरिष्ठ लीडर स्वप्न दासगुप्ता, कई नवनिर्वाचित विधायक व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विनोद कुमार, मदरसा एजुकेशन के सचिव अनूप अग्रवाल सहित कई टीचर्स व अभिभावक उपस्थित रहे. Also Read: बंगाल में औद्योगिकीकरण के लिए तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट, अशोक लाहिड़ी ने शुरू किया काम The post बंगाल में गरीब छात्रों को शुभेंदु अधिकारी देंगे सहारा, मिलेगी विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप appeared first on Naya Vichar.

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