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Author name: Vinod Jha

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क्या 2026 फीफा विश्व कप के बाद संन्यास लेंगे रोनाल्डो? स्टार फुटबॉलर ने किया खुलासा

Cristiano Ronaldo: पुर्तगाल के कप्तान ने यह बात अपने देश के एक बड़े मुकाबले से ठीक पहले कही, जिससे उनके संन्यास को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया है. रोनाल्डो ने यह तो साफ कर दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कब तक स्पोर्ट्सना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने क्लब स्तर पर अपने पेशेवर फुटबॉल से संन्यास लेने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है. उन्होंने बहुत ही संयमित अंदाज में कहा है कि वे इस बारे में कोई भी निर्णय ‘सही समय आने पर’ लेंगे, जिससे यह साफ है कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपने स्पोर्ट्स को जारी रखने पर है और वे जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करने वाले हैं. 🇵🇹 The legends we grew up watching are taking their final bows. Cristiano Ronaldo: “It’s going to be my last World Cup.” End of an era. Writer: Daniyalpic.twitter.com/aNiTXtFmpr — Mario Nawfal (@MarioNawfal) July 6, 2026 6 वर्ल्ड कप स्पोर्ट्सने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बने रोनाल्डो क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 2026 में एक नया इतिहास रच दिया है. वे दुनिया के पहले ऐसे पुरुष फुटबॉल खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने अपने करियर में 6 फीफा वर्ल्ड कप स्पोर्ट्से हैं. यह उपलब्धि साबित करती है कि रोनाल्डो इतने लंबे समय से फुटबॉल की दुनिया में अपनी फिटनेस और बेहतरीन प्रदर्शन को बनाए रखने में कितने सफल रहे हैं. यह उनके शानदार करियर का एक और यादगार पल है. रोनाल्डो के नाम दर्ज हैं फुटबॉल की हर बड़ी उपलब्धि पिछले दो दशकों में रोनाल्डो ने खुद को फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में स्थापित किया है. वह पाँच बार बैलन डी’ओर विजेता रहे हैं और उन्होंने इंग्लैंड, स्पेन और इटली में लीग खिताब जीते हैं. इसके अलावा उन्होंने यूईएफए चैंपियंस लीग में भी कई बार सफलता हासिल की है और पुर्तगाल के सर्वकालिक शीर्ष गोलस्कोरर और सबसे ज्यादा मैच स्पोर्ट्सने वाले खिलाड़ी बने हैं. रोनाल्डो की कप्तानी में पुर्तगाल का सुनहरा दौर पुर्तगाल के कप्तान के रूप में रोनाल्डो ने देश को ऐतिहासिक सफलता दिलाई. उनकी अगुवाई में पुर्तगाल ने 2016 में अपना पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब UEFA यूरो कप जीता और 2019 में UEFA नेशंस लीग का पहला संस्करण भी अपने नाम किया. इसके बावजूद, फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी अब भी उनके करियर की सबसे बड़ी अधूरी उपलब्धि बनी हुई है. नॉकआउट दौर में रोनाल्डो की अग्निपरीक्षा पुर्तगाल अब नॉकआउट दौर में है, जिसका मतलब है कि अब हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा है. हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी, इसलिए दबाव बहुत ज्यादा है. माना जा रहा है कि यह रोनाल्डो का आखरी वर्ल्ड कप हो सकता है. ऐसे में उनकी पूरी कोशिश वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतकर अपने सुनहरे करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा करने की है. अब हर मैच उनके लिए एक फाइनल की तरह है, जिसे जीतकर वे फुटबॉल की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल करना चाहेंगे. रोनाल्डो के आइकॉनिक सेलिब्रेशन की अनसुनी कहानी रोनाल्डो ने इंटरव्यू में अपने आइकॉनिक “Siuuu” सेलिब्रेशन के पीछे की दिलचस्प कहानी साझा करते हुए बताया कि इसकी शुरुआत पूरी तरह से स्वाभाविक थी. उन्होंने खुलासा किया कि यह जश्न पहली बार 2013 में अमेरिका में चेल्सी के खिलाफ स्पोर्ट्से गए एक मैच के दौरान सामने आया था. रोनाल्डो के अनुसार, पुर्तगाली शब्द ‘Sí’ (जिसका अर्थ “हां” होता है) से निकले इस सेलिब्रेशन को उन्होंने गोल करने की खुशी में जोश के साथ चिल्लाया था. देखते ही देखते यह स्वाभाविक प्रतिक्रिया उनका ट्रेडमार्क बन गई और समय के साथ फुटबॉल की दुनिया का सबसे प्रसिद्ध जश्न बन गई. जिसे आज न केवल रोनाल्डो, बल्कि दुनिया भर के प्रशंसक और खिलाड़ी अपने गोल का जश्न मनाने के लिए अपनाते हैं. इसे भी पढ़े- फीफा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड-मेक्सिको मुकाबले पर मौसम की मार, भारी बारिश के कारण मैच एक घंटे देरी से शुरू The post क्या 2026 फीफा विश्व कप के बाद संन्यास लेंगे रोनाल्डो? स्टार फुटबॉलर ने किया खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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चंदा चोरी मामला : राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज, चंपत राय और अनिल की विदाई पर लगेगी मुहर

अयोध्या राम मंदिर में दान के कथित गबन की जांच के बीच सोमवार (6 जुलाई) को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होगी. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से समाचार दी है कि बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के भविष्य पर चर्चा हो सकती है. दोनों के सौंपे गए इस्तीफों के साथ SIT की अंतरिम जांच रिपोर्ट भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रहेगी. यह बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ मणिराम छावनी में होगी. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने सभी नियमित और पदेन सदस्यों को बैठक में शामिल होकर अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. ऐसे में उनके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होने की संभावना है. वहीं, उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन भी वर्चुअली बैठक में हिस्सा ले सकते हैं. अब आगे क्या? 1. ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार, ट्रस्ट के कार्यालयों के प्राधिकारी ट्रस्ट के हितों के खिलाफ कार्य करने वाले ट्रस्टी को दो-तिहाई बहुमत से हटा सकते हैं. हालांकि, किसी भी ट्रस्टी को हटाने से पहले उसे कारण बताओ नोटिस देना और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर प्रदान करना अनिवार्य है. 2. ट्रस्टी कम-से-कम एक महीने का लिखित नोटिस देकर अपना इस्तीफा दे सकता है. ट्रस्ट अगली बैठक में उस इस्तीफे पर विचार कर उसे स्वीकार या अस्वीकार करने का निर्णय ले सकता है. वहीं, सोमवार को होने वाली बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी विचार करते हुए उसे स्वीकार या अस्वीकार किया जा सकता है. 3. वर्तमान में बचे हुए 12 ट्रस्टी निर्णय लेंगे. दो तिहाई बहुमत यानी 8 सदस्यों का किसी एक बिंदु पर सहमत होना जरूरी होगा. यह भी पढ़ें : राम मंदिर चंदा विवाद : VHP अध्यक्ष की मांग- केजरीवाल और प्रियंका गांधी के बयान हों दर्ज करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई : आलोक कुमार इस बीच राम मंदिर चंदा गबन मामले को लेकर जारी विवाद के बीच VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि इस मामले से करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज के लिए वीएचपी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उनके मुताबिक, ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और उसके फैसले वही खुद लेता है. The post चंदा चोरी मामला : राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज, चंपत राय और अनिल की विदाई पर लगेगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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नयी दिल्ली में समीक्षा बैठक : अमित शाह का आदेश- अवैध कोयला खनन रोकें, सीआइएसएफ करे शक्तियों का इस्तेमाल

Amit Shah on Illegal Coal Mining : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) को निर्देश दिया कि धनबाद क्षेत्र में अवैध कोयला खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए “जीरी कोल लीकेज योजना” लागू की जाए. अमित शाह ने ये निर्देश केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी के साथ हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए. नयी दिल्ली में आयोजित बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री और कोयला मंत्री ने संयुक्त रूप से की. इसमें अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव तथा कोयला मंत्रालय, सीआइएसएफ, कोल इंडिया लिमिटेड और बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, गृह मंत्री ने धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन तथा कोयला चोरी की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जतायी. कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने गृह मंत्री को बताया कि अक्तूबर 2025 के पहले सप्ताह में हुई समीक्षा के बाद से कई ठोस कदम उठाये गये हैं. यह भी बताया गया कि सीआइएसएफ और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को “खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957” के तहत कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है. यह अधिकार उन्हें न्यायालय में मामला दर्ज कराने, उन स्थानों पर जाने जहां अवैध कोयले के होने की आशंका हो, तलाशी और जब्ती की कार्रवाई करने और अवैध रूप से निकाले गये खनिजों के साथ-साथ ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किये गये औजारों, उपकरणों और वाहनों को जब्त करने की अनुमति देता है. अधिकारों के इस्तेमाल से सुनिश्चित हो कि उपभोक्ता वैध कोयले का ही इस्तेमाल करें गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीआइएसएफ और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारी एमएमडीआर एक्ट के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल सख्ती से और आपसी तालमेल के साथ, स्वीकृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के अनुसार करें. यह सुनिश्चित किया जाये कि उपभोक्ता केवल कानूनी रूप से खनन किये गये कोयले का ही इस्तेमाल करें. अवैध कोयले के परिवहन को रोकने के लिए जीएसटी अधिकारियों को भी इसमें शामिल करना जरूरी है. परिवहन किये जा रहे कोयले के लिए ई-वे बिलों की जांच की व्यवस्था होनी चाहिए. संवेदनशील इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा-व्यवस्था लागू हो केंद्रीय गृह मंत्री ने सीआइएसएफ को विचक रिस्पॉन्स टीमें गठित करने और संवेदनशील इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने प्रौद्योगिकी के अधिक प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध खनन गतिविधियों में शामिल इलाकों और लोगों की पहचान करने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों में लगे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाये. ये निर्णय लिये गये  धनबाद में लागू होगी जीरो कोल लीकेज योजना संवेदनशील क्षेत्रों में बनेंगी क्विक रिस्पॉन्स टीमें सभी कोयला परिवहन के ई-वे बिलों की होगी जांच हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से होगी निगरानी जीरो कोल लीकेज प्लान क्या है ? जीरो कोल लीकेज प्लान का उद्देश्य खदान से निकलने वाले कोयले की पूरी निगरानी, अवैध खनन पर रोक और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है. इसके तहत संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, संयुक्त छापेमारी, अवैध मुहानों को बंद करने और कोयले के परिवहन पर नजर रखने जैसे कदमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है. क्या है एमएमडीआर एक्ट ? एमएमडीआर एक्ट यानी खान व खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम, 1957 एक प्रमुख कानून है. इसके तहत देश में खनिजों के खनन, परिवहन, भंडारण और कारोबार को नियंत्रित किया जाता है. इस कानून के तहत बिना वैध अनुमति के कोयला निकालना, उसका परिवहन या भंडारण करना दंडनीय अपराध है. दोषी पाये जाने पर जुर्माना, खनिज और वाहन की जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. एमएमडीआर एक्ट के तहत मिले अधिकार एक्ट के तहत सीआइएसएफ और कोल इंडिया के अधिकारियों को तलाशी और जब्ती का अधिकार है.  संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी, अवैध कोयला, उपकरण और वाहन जब्त करने की शक्ति दी गयी है. अवैध खनन से जुड़े मामलों में न्यायालय में शिकायत दर्ज करने का भी अधिकार है.  ये भी पढ़ें: गैंगस्टर प्रिंस खान के घर पर चला बुलडोजर, सांसद और विधायक के आरोपों से गरमाई सियासत ये भी पढ़ें: धनबाद में ई-रिक्शा चालकों में डर और नाराजगी, मोबाइल ऐप से गाड़ियां बंद करने का आरोप The post नयी दिल्ली में समीक्षा बैठक : अमित शाह का आदेश- अवैध कोयला खनन रोकें, सीआइएसएफ करे शक्तियों का इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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बॉक्स ऑफिस पर वीकेंड टेस्ट में ‘अल्फा’ पास हुई या फेल, देखें संडे की कमाई

Alpha Box Office Collection Day 3: यश राज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल लीड फिल्म अल्फा बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म कर रही है. 3 जुलाई को रिलीज हुई आलिया भट्ट और शरवरी की मूवी को क्रिटिक्स और दर्शकों से मिली जुली प्रतिक्रिया मिली थी. आइए देखते हैं कि रविवार को अल्फा ने कितने करोड़ कमाए. Alpha Box Office Day 3: वीकेंड पर अल्फा की कितनी हुई कमाई Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक अल्फा ने रविवार (5 जुलाई) को 7,439 शोज के साथ 13.25 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद फिल्म का टोटल कलेक्शन 34 करोड़ पहुंच गया, जबकि इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 40.80 रहा. वहीं, ओवरसीज मार्केट में भी फिल्म ने सपोर्ट हासिल किया. तीसरे दिन 5 करोड़ (ग्रॉस) की कमाई के बाद फिल्म का कुल ओवरसीज कलेक्शन 18 करोड़ हो गया. टोटल वर्ल्डवाइड अल्फा ने 58.80 करोड़ खाते में जोड़ लिए हैं. Alpha box office day 3 Alpha Better Collections Than Mardaani: मर्दानी के मुकाबले अल्फा ने किया बेहतर कलेक्शन दूसरी फीमेल लीड फिल्मों की तुलना में, अल्फा अभी भी ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रही है. यश राज फिल्म्स की ‘मर्दानी 3’ ने 4,940 शो से तीसरे दिन 7.25 करोड़ कमाए थे, जिससे इसका टोटल कलेक्शन 17.50 करोड़ हो गया. Alpha Star Cast: अल्फा में मौजूद हैं ये स्टार्स शिव रावेल की ओर से निर्देशित फिल्म अल्फा में आलिया भट्ट के अलावा शरवरी, बॉबी देओल और अनिल कपूर भी हैं. ऋतिक रोशन फिल्म वॉर के अपने पॉपुलर रोल कबीर के साथ कैमियो कर रहे हैं. अल्फा वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की लेटेस्ट मूवी है, इसकी शुरुआत एक था टाइगर (2012) से हुई थी और तब से इसमें टाइगर जिंदा है (2017), वॉर (2019), पठान (2023), टाइगर 3 (2023) और वॉर 2 (2025) जैसी फिल्में शामिल हो चुकी हैं. यह भी पढ़ें- Bobby Deol: जब फ्लॉप फिल्मों के बाद खत्म होता दिखा करियर, ऐसे बने इंडस्ट्री के खूंखार विलेन, जानिए सेकेंड इनिंग्स की कहानी यह भी पढ़ें- बिहार-झारखंड में आलिया भट्ट की ‘अल्फा’ हिट या फेल, टिकट सेल्स ने खोली पोल, इन थिएटर्स में लगी है फिल्म The post बॉक्स ऑफिस पर वीकेंड टेस्ट में ‘अल्फा’ पास हुई या फेल, देखें संडे की कमाई appeared first on Naya Vichar.

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राष्ट्र की एकता-अखंडता के रक्षक डॉ मुखर्जी, पढ़ें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आलेख

Dr Shyama Prasad Mukherjee: आज, 6 जुलाई, उन अनगिनत लोगों के लिए एक विशेष दिन है, जो देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को मानते हैं. हम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं, जिनका जीवन साहस और मां हिंदुस्तानी के प्रति अटूट समर्पण का एक कालातीत उदाहरण है. आधुनिक हिंदुस्तान में ऐसे बहुत कम नेता हुए हैं, जिनमें बुद्धि, जनसेवा और नैतिक दृढ़ता का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला हो. युवा श्यामा प्रसाद का जन्म ऐसे परिवेश में हुआ था, जहां उन्हें आसानी से एक सुरक्षित और आरामदायक जीवन मिल सकता था. उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी अपने समय के प्रमुख शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों में से एक थे. भाग्य ने उन्हें सुख-सुविधाओं का मार्ग दिखाया, इसके बावजूद, उनकी अंतरात्मा ने उन्हें त्याग और राष्ट्र-सेवा के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया. उन्हें पक्का यकीन था कि वे अपने समय की उथल-पुथल भरी परिस्थिति में मूकदर्शक बने नहीं रह सकते- चाहे वह उपनिवेशवाद, सांप्रदायिकता या मानवीय चुनौतियों के खिलाफ लड़ाई ही क्यों न हो. इस यात्रा में उन्होंने गहरी व्यक्तिगत त्रासदियों का सामना किया, जिसमें एक शिशु और बाद में उनकी पत्नी की मौत शामिल है. तथापि, इन त्रासदियों ने केवल उनके संकल्प को और सुदृढ़ किया और सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को मजबूत किया. अगर कोई एक आदर्श था, जो डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सार्वजनिक जीवन को सबसे ज्यादा परिभाषित करता था, तो वह था हिंदुस्तान की अखंडता. विभाजन के उथल-पुथल भरे दौर में वे मजबूती से डटे रहे और सुनिश्चित किया कि पश्चिम बंगाल हिंदुस्तान का एक अभिन्न अंग बना रहे. कुछ साल बाद, यही विश्वास उन्हें जम्मू और कश्मीर की ओर ले गया. कारावास ने उन्हें हतोत्साहित नहीं किया और अलगाव ने उन्हें कमजोर नहीं किया. उनका जीवन हिरासत में अचानक समाप्त हो गया, उन अनगिनत लोगों से दूर – जिनकी पीड़ा को उन्होंने अपना उद्देश्य बनाया था. इतिहास में ऐसे पल आते हैं, जब किसी व्यक्ति का अंतिम बलिदान नेतृत्व से परे जाकर राष्ट्रीय स्मृति में शामिल हो जाता है. डॉ मुखर्जी की अंतिम यात्रा भी ऐसा ही एक पल रही. आचार्य विनोबा भावे ने कहा कि डॉ मुखर्जी ने उस मकसद के लिए खुद को बलिदान कर दिया, जिसमें उन्हें विश्वास था. सालों बाद, 2019 में अनुच्छेद 370 और 35(ए) को रद्द करना उनकी शहादत के प्रति सबसे सच्ची श्रद्धांजलि थी. डॉ मुखर्जी ने हिंदुस्तान और हिंदुस्तानीय मूल्यों को सबसे ऊपर रखा. उन्होंने ऐसे संस्थान बनाये और ऐसी प्रणालियां विकसित कीं, जो उस समय की पारंपरिक सोच को चुनौती देती थीं. वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने. अपने विशिष्ट अंदाज में, उन्होंने ऐसे सकारात्मक बदलाव किए, जो देशभक्तिपूर्ण और भविष्योन्मुखी थे. शिक्षाविदों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, डॉ मुखर्जी ने बहुत अच्छे तरीके से इस बात को व्यक्त किया- ”शैक्षिक संस्थानों को केवल लिपिक और कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों के रूप में देखना गलत है. हमें ऐसे छात्र तैयार करने होंगे, जो हमारे स्व-शासी संस्थानों- जैसे नगर निगम, प्रांतीय और केंद्रीय विधायिका- का नेतृत्व कर सकें और साथ ही जीवन के विभिन्न क्षेत्रों – जैसे वित्तीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक- में कामकाज का संचालन कर सकें.” उनके नेतृत्व में, कलकत्ता विश्वविद्यालय ने अनूठे प्रयास किये, जैसे पुस्तकालय अवसंरचना में सुधार करना, विज्ञान में शोध को बढ़ावा देना, कलाकृतियों के अध्ययन को प्रोत्साहित करना और कृषि में पाठ्यक्रम स्थापित करना, आदि. उन्होंने स्पोर्ट्स, शिक्षक प्रशिक्षण और छात्र कल्याण जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया. छात्रों और पूर्व छात्रों में गर्व की भावना जगाने के लिए, उन्होंने 24 जनवरी को विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के तौर पर मनाने की शुरुआत की. उन्होंने स्वयं गुरुदेव टैगोर से विश्वविद्यालय के लिए एक गीत की रचना करने का आग्रह किया. उनकी इस भावना का एक अन्य उदाहरण, उनके जीवन के बाद के दौर में देखने को मिलता है, जब उन्होंने हिंदुस्तानीय जनसंघ बनाने का फैसला किया. एक ऐसे समय, जब कांग्रेस पार्टी का हर जगह बोलबाला था, उन्हें लगा कि हिंदुस्तान की प्रगति के लिए एक ऐसे वैकल्पिक आवाज बनाने के कारण मौजूद हैं, जो हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी हो. शायद यह उचित ही था कि पार्टी का चुनाव चिह्न ‘दीया’ – मिटटी का दीपक- रखा गया. एक छोटा-सा दीपक साधारण लग सकता है, लेकिन इसमें इतनी ताकत होती है कि यह अपने से बहुत दूर तक अंधकार को दूर कर सकता है. जनसंघ ने भी ठीक यही काम किया- चाहे उनके सक्रिय रहने के दौरान हो या उसके बाद हो. हिंदुस्तान के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री के तौर पर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कार्यकाल एक ऐसे राजनेता की छवि पेश करता है, जिनके विकास का दृष्टिकोण बहुत व्यापक और मानवीय था. उन्होंने उद्योग को नव स्वतंत्र राष्ट्र में सम्मान, अवसर और आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करने का साधन माना. वे धन सृजन और मूल्य संवर्धन का सम्मान करते थे. दामोदर घाटी निगम, सिंदरी उर्वरक संयंत्र और एक मजबूत औद्योगिक नीति जैसी महत्वपूर्ण पहलों के माध्यम से आधुनिक औद्योगिक हिंदुस्तान की आधारशिला रखते हुए, उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि हिंदुस्तान की पारंपरिक खूबियों की अनदेखी न हो. हथकरघा, कुटीर उद्योगों, कारीगरों और वस्त्र मजदूरों को डॉ मुखर्जी के रूप में एक ऐसा समर्थक मिला, जो उनके लिए पूरी तरह समर्पित था. यहाँ, मैं एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करना चाहूँगा. सिंदरी संयंत्र, जिसे डॉ. मुखर्जी ने आत्मनिर्भरता की स्पष्ट दृष्टि के साथ स्थापित किया था, को उन लोगों ने नजरअंदाज किया, जो कई दशकों तक राष्ट्र चला रहे थे. मुझे गर्व महसूस होता है कि हमारी प्रशासन को इसके पुनरुद्धार में योगदान देने का अवसर मिला. उस कार्यक्रम में उपस्थिति, वास्तव में मेरे लिए सबसे खास पलों में से एक थी. हिंदुस्तान की सभ्यतागत परंपरा में लंबे समय से संवाद और चर्चा को महत्त्व दिया गया है. डॉ मुखर्जी इस लोकतांत्रिक भावना के प्रतीक थे. वे पंडित नेहरू की कैबिनेट में शामिल हुए, क्योंकि उनका मानना था कि शुरुआती वर्षों में राष्ट्र-निर्माण का काम नेतृत्वक मतभेदों से कहीं ऊपर था. उन्होंने ईमानदारी और रचनात्मक भावना के साथ सेवा की, लेकिन जब उन्हें लगा कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों के लिए अलग रास्ते की जरूरत है, तो उन्होंने सम्मान के साथ

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हरियाणा की स्टार डांसर सपना चौधरी एक शो के लिए लेती हैं लाखों रुपये, जानें कितनी है कुल संपत्ति

Sapna Choudhary Net Worth: हरियाणा के छोटे-छोटे स्टेज शो से अपने करियर की शुरुआत करने वाली सपना चौधरी आज करोड़ों की मालकिन बन चुकी हैं. कभी गांव और लोकल इवेंट्स में डांस परफॉर्म करने वाली सपना अब देश की सबसे चर्चित डांसर्स और सिंगर्स में गिनी जाती हैं. आइए आपको देसी क्वीन की कमाई, स्टेज शो की फीस के बारे में बताते हैं. Sapna Choudhary Net Worth: करोड़ों में पहुंची सपना चौधरी की नेटवर्थ आज तक की छपी रिपोर्ट के अनुसार, सपना चौधरी की कुल नेटवर्थ करीब 50 करोड़ रुपये बताई जाती है. स्टेज शो, लाइव परफॉर्मेंस, सोशल मीडिया और म्यूजिक वीडियो से उनकी अच्छी कमाई होती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, वह एक बड़े स्टेज शो के लिए करीब 25 से 50 लाख रुपये तक फीस लेती हैं. दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में उनका एक शानदार बंगला भी बताया जाता है View this post on Instagram A post shared by Sapna Choudhary (@itssapnachoudhary) Sapna Choudhary Car Collection: सपना चौधरी का कार कलेक्शन biographywiki.net के अनुसार, सपना चौधरी के पास Audi Q7, BMW 7 Series और Ford जैसी महंगी कारें हैं. इंस्टाग्राम पर उनके 6.5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और अब तक उन्होंने 132 पोस्ट किए हैं. इसके अलावा वह 73 लोगों को फॉलो करती है. View this post on Instagram A post shared by Sapna Choudhary (@itssapnachoudhary) Bigg Boss 11 Changed Sapna Career: बिग बॉस से मिली पहचान सपना चौधरी को सबसे ज्यादा पहचान उनके सुपरहिट हरियाणवी गाने ‘तेरी आंख्या का यो काजल’ से मिली. इस गाने ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया और वह देशभर में मशहूर हो गईं. इसके बाद सपना ने ‘बिग बॉस 11’ में हिस्सा लिया, जहां से उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई. साल 2018 में वह सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली सेलिब्रिटीज में भी शामिल रही थी. रियलिटी शो के बाद सपना का ग्लैमरस अंदाज भी लोगों को देखने को मिला. सपना बॉलीवुड फिल्मों ‘दोस्ती के साइड इफेक्ट्स’, ‘नानू की जानू’ और ‘जर्नी ऑफ भांगओवर’ में भी नजर आ चुकी हैं. View this post on Instagram A post shared by Sapna Choudhary (@itssapnachoudhary) यह भी पढ़ें– नेट ड्रेस पहन सपना चौधरी ने दिखाई कातिलाना अदाएं, हर तस्वीर में बरपा रही कहर यह भी पढ़ें- Sapna Choudhary Dance: सपना चौधरी ने किया गदर डांस, हरियाणवी डांसर की अदाएं देख दीवाने हुए, देखें VIDEO यह भी पढ़ें-– Sapna Choudhary Dance: सपना चौधरी ने स्टेज पर मचाया गदर, ठुमकों से लूटी महफिल, देखें VIDEO The post हरियाणा की स्टार डांसर सपना चौधरी एक शो के लिए लेती हैं लाखों रुपये, जानें कितनी है कुल संपत्ति appeared first on Naya Vichar.

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सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर केस में अभिषेक बनर्जी पर फिर प्राथमिकी दर्ज, सुमित भी नामजद

खास बातें जहांगीर खान और दिलीप मंडल भी आरोपी ड्रग्स एक्ट से परमाणु ऊर्जा अधिनियम तक की लगी धाराएं मुख्य आरोपियों में सबसे ऊपर अभिषेक का नाम शिविर लगाने और फंडिंग नेटवर्क की जांच शुरू Abhishek Banerjee News Today: जहांगीर और दिलीप की हो चुकी है गिरफ्तारी कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट Abhishek Banerjee News Today: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की महत्वाकांक्षी योजना ‘सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर’ को लेकर कानूनी मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही. डायमंड हार्बर के बाद अब विष्णुपुर थाने में इस मामले में दूसरी प्राथमिकी दर्ज की गयी है. स्थानीय भाजपा नेता अभिजीत दास उर्फ बॉबी की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभिषेक बनर्जी सहित कई हाई-प्रोफाइल नेताओं और उनके करीबियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. जहांगीर खान और दिलीप मंडल भी आरोपी नयी प्राथमिकी में अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित रॉय, डायमंड हार्बर से तृणमूल के कद्दावर नेता जहांगीर खान और पूर्व टीएमसी विधायक दिलीप मंडल को भी नामजद किया गया है. ड्रग्स एक्ट से परमाणु ऊर्जा अधिनियम तक की लगी धाराएं सेवाश्रय और सेवाश्रय-2 स्वास्थ्य शिविरों के संचालन को लेकर पुलिस को कुल 16 अलग-अलग शिकायतें मिली थीं. इन शिकायतों की प्रारंभिक जांच के बाद विष्णुपुर थाने में यह दूसरा बड़ा मामला दर्ज किया गया है. एफआईआर में हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ कई केंद्रीय और राज्यस्तरीय कड़े कानूनों की धाराएं लगायी गयी हैं. ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट (Drugs and Cosmetics Act) पीसीपीएनडीटी एक्ट (PCPNDT Act – लिंग चयन निषेध अधिनियम) परमाणु ऊर्जा अधिनियम (Atomic Energy Act – एक्स-रे/रेडिएशन मशीनों के अवैध उपयोग के संदर्भ में) राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) अधिनियम पश्चिम बंगाल क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी की नयी मुसीबत ‘सेवाश्रय’, विष्णुपुर थाने में दर्ज हुआ केस, जानें पूरा मामला मुख्य आरोपियों में सबसे ऊपर अभिषेक का नाम इस एफआईआर में मुख्य आरोपी के तौर पर डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी का नाम सबसे ऊपर है. उनके अलावा अयन घोष दस्तीदार, शमीम अहमद, गौतम अधिकारी, मेहेबाबुर गायेन, नवकुमार बेताल, बाबन गाजी सहित कई सहयोगी संगठनों, अज्ञात चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और कुछ प्रशासनी कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें शिविर लगाने और फंडिंग नेटवर्क की जांच शुरू शिकायतकर्ताओं का मुख्य आरोप है कि इन स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन के दौरान प्रशासनी नियमों, चिकित्सा प्रोटोकॉल और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया. बिना किसी वैध वैधानिक अनुमति के शिविर आयोजित किये गये और वहां चिकित्सा उपकरणों, दवाइयों तथा पैथोलॉजिकल जांच संबंधी मशीनों का उपयोग भी अवैध रूप से किया गया. इससे आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन को सीधे तौर पर खतरे में डाला गया. Abhishek Banerjee News Today: जहांगीर और दिलीप की हो चुकी है गिरफ्तारी शिकायत में अभिषेक बनर्जी को पूरे अभियान का मुख्य आयोजक और सार्वजनिक चेहरा बताया गया है. उनकी योजना और क्रियान्वयन में प्रत्यक्ष भूमिका थी. इस मामले में नामजद जहांगीर खान और पूर्व विधायक दिलीप मंडल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन शिविरों के लिए करोड़ों रुपए कहां से आये और उसका वित्तीय लेन-देन कैसे किया गया. इसे भी पढ़ें कैश फॉर जॉब स्कैम : अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय पर FIR, लुकआउट नोटिस जारी, कालीघाट में छापा अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा की बढ़ी मुश्किलें, 2 PAN कार्ड, 2 पिता और 2 देशों की नागरिकता? मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला युवराज से कैसे संकटग्रस्त नेता बन गये अभिषेक बनर्जी, ममता दीदी के भतीजे की 4 सबसे बड़ी चुनौतियां The post सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर केस में अभिषेक बनर्जी पर फिर प्राथमिकी दर्ज, सुमित भी नामजद appeared first on Naya Vichar.

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: ब्राजील को लगा झटका, नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया

Neymar Retirement confirms: मैच के बाद मीडिया से बातचीत में नेमार ने कहा कि ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के साथ उनका सफर अब खत्म हो गया है. उन्होंने स्वीकार किया कि विश्व कप ट्रॉफी जीतना उनका सबसे बड़ा सपना था, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया. 16 वर्षों तक ब्राजील की जर्सी पहनने वाले नेमार ने कहा कि उन्होंने अपने देश के लिए हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी टीम की जिम्मेदारी संभाले. उनके इस ऐलान के साथ ही ब्राजील के सबसे सफल और लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक का अंतरराष्ट्रीय करियर भावुक अंदाज में समाप्त हो गया. नॉर्वे ने किया बड़ा उलटफेर मैच में ब्राजील को खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन नॉर्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उसे 2-1 से हरा दिया. नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड ने दो गोल दागकर अपनी टीम को पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया. ब्राजील की ओर से एकमात्र गोल नेमार ने इंजरी टाइम में पेनल्टी पर किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. 🚨🚨 BREAKING: Neymar announces his RETIREMENT FROM INTERNATIONAL FOOTBALL. 👋🏼🇧🇷 “I tried. I tried. It started here at Met Life stadium and I finished here. It is now over”, Ney said after the game. His story with the Brazilian national team is over. pic.twitter.com/vPIFflyJHq — Fabrizio Romano (@FabrizioRomano) July 5, 2026 नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा हार के बाद नेमार अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके. उन्होंने कहा कि उन्होंने ब्राजील के लिए अपना सब कुछ दिया, लेकिन टीम को विश्व कप नहीं जिता सके. नेमार ने कहा कि उन्होंने पूरी कोशिश की और अब उनका अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो गया है. यह बयान देते समय वह बेहद भावुक नजर आए और साथी खिलाड़ियों ने उन्हें संभाला. 16 साल का यादगार करियर नेमार ने 2010 में ब्राजील के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था. इसके बाद उन्होंने 16 वर्षों तक राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और ब्राजील के इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई. उन्होंने अपने करियर में 129 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 80 गोल दागे और ब्राजील के सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने. उनके नाम 58 से अधिक असिस्ट भी दर्ज हैं. विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया नेमार का सबसे बड़ा सपना ब्राजील को छठा विश्व कप जिताना था, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका. चोटों ने उनके करियर को कई बार प्रभावित किया और 2026 विश्व कप भी उनके लिए निराशा के साथ समाप्त हुआ. ब्राजील की यह 1990 के बाद विश्व कप के नॉकआउट चरण में सबसे शुरुआती विदाई मानी जा रही है. कोच कार्लो एंचेलोटी के सामने नई चुनौती नेमार के संन्यास के बाद अब ब्राजील की टीम नए दौर में प्रवेश करेगी. मुख्य कोच कार्लो एंचेलोटी को अब ऐसी टीम तैयार करनी होगी जो आने वाले वर्षों में ब्राजील को फिर से विश्व फुटबॉल की शीर्ष टीमों में स्थापित कर सके. इसे भी पढ़े- कौन हैं एरलिंग हालैंड की गर्लफ्रेंड इसाबेल? जानिए फुटबॉल स्टार की निजी जिंदगी से जुड़ी खास बातें The post फीफा वर्ल्ड कप 2026: ब्राजील को लगा झटका, नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया appeared first on Naya Vichar.

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2026 Renault Kwid का कौन-सा वेरिएंट है पैसा वसूल? खरीदने से पहले जान लें पूरा फर्क

2026 Renault Kwid को कंपनी ने हल्के-फुल्के अपडेट्स के साथ पेश किया है. हालांकि इसके डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं, लेकिन अब इसमें Renault का नया लोगो और कुछ कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिलते हैं. ऐसे में अगर आप नई Renault Kwid खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसका कौन-सा वेरिएंट आपके लिए सबसे ज्यादा वैल्यू फॉर मनी होगा? आइए जानते हैं. 2026 Renault Kwid: पावरट्रेन स्पेसिफिकेशन 2026 Renault Kwid इंजन 1.0-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन पावर 69 hp टॉर्क 92.5 Nm ट्रांसमिशन 5-स्पीड मैनुअल (MT) / 5-स्पीड ऑटोमैटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT) ड्राइव कॉन्फिगरेशन फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) फ्यूल टैंक कैपेसिटी 28 लीटर 2026 Renault Kwid: Evolution वेरिएंट फीचर्स बॉडी-कलर फ्रंट और रियर बंपर 14-इंच स्टील व्हील्स के साथ व्हील कवर LED DRLs डोर डिकल्स रियर स्पॉइलर रिमोट कीलेस एंट्री फैब्रिक सीट अपहोल्स्ट्री पियानो ब्लैक और क्रोम फिनिश वाले इंटीरियर इंसर्ट्स अंदर से एडजस्ट होने वाले ORVMs फ्रंट पावर विंडोज LED मोनोक्रोम इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मैनुअल एयर कंडीशनर 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस/वायर्ड Apple CarPlay और Android Auto सपोर्ट 2-स्पीकर ऑडियो सिस्टम USB और AUX पोर्ट 12V पावर सॉकेट ड्यूल फ्रंट एयरबैग्स ABS के साथ EBD ब्रेक असिस्ट हिल-स्टार्ट असिस्ट (केवल AMT वेरिएंट में) इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP) ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम (TCS) टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) रियर पार्किंग सेंसर स्पीड सेंसिंग ऑटो डोर लॉक/अनलॉक रियर डोर चाइल्ड लॉक सभी सीटों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट स्पीड अलर्ट सिस्टम यह भी पढ़ें: Tata Sierra EV vs Harrier EV: जानिए दोनों में कौन-सी 5 बड़ी बातें बनाती हैं इन्हें अलग 2026 Renault Kwid: Evolution वेरिएंट के मुकाबले Climber वेरिएंट में मिलने वाले एक्स्ट्रा फीचर्स ORVM में इंटीग्रेटेड टर्न इंडिकेटर्स डोर क्लैडिंग डुअल-टोन व्हील कवर डुअल-टोन एक्सटीरियर पेंट स्कीम आगे और पीछे फॉक्स स्किड प्लेट्स C-पिलर पर ‘Climber’ बैजिंग क्रोम फिनिश इनर डोर हैंडल्स डुअल-टोन केबिन थीम रियर पावर विंडोज स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स इलेक्ट्रिकली एडजस्ट होने वाले ORVMs रियर पार्सल ट्रे साइड एयरबैग्स रिवर्स पार्किंग कैमरा मैनुअली एडजस्ट होने वाला इनसाइड रियर व्यू मिरर (IRVM) 2026 Renault Kwid: कीमत वेरिएंट 5-स्पीड मैनुअल 5-स्पीड AMT Evolution 4.53 लाख रुपये 4.90 लाख रुपये Climber 5.15 लाख रुपये 5.61 लाख रुपये 2026 Renault Kwid: आपको कौन सा वेरिएंट लेना चाहिए? अगर आप Renault Kwid का Climber MT वेरिएंट चुनते हैं, तो इसके लिए Evolution वेरिएंट के मुकाबले करीब 1.08 लाख रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे. लेकिन यह एक्स्ट्रा प्राइस कई ऐसे फीचर्स लेकर आती है. सबसे बड़ा फायदा है 6 एयरबैग्स, जबकि Evolution में सिर्फ 2 एयरबैग्स मिलते हैं. इसके अलावा Climber में रियरव्यू कैमरा और मैनुअली एडजस्ट होने वाला IRVM भी दिया गया है. कम्फर्ट फीचर्स की बात करें तो इसमें सभी सभी लोगों के लिए पावर विंडो, स्टीयरिंग-माउंटेड ऑडियो कंट्रोल्स, पावर्ड ORVMs और रियर पार्सल ट्रे मिलते हैं. वहीं. अगर आप AMT (ऑटोमैटिक) वेरिएंट चुनते हैं, तो इसके साथ हिल-स्टार्ट असिस्ट जैसी एक्स्ट्रा सेफ्टी फीचर भी मिलती है. यह भी पढ़ें: Volkswagen Virtus की चौथी सालगिरह पर कस्टमर्स को बड़ा तोहफा, कंपनी ने किए स्पेशल ऑफर्स का ऐलान The post 2026 Renault Kwid का कौन-सा वेरिएंट है पैसा वसूल? खरीदने से पहले जान लें पूरा फर्क appeared first on Naya Vichar.

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भारी बारिश का कहर, पुणे के सभी स्कूल बंद, ठाणे और मुंबई में भी छुट्टी

School Holiday : महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए सोमवार (6 जुलाई) को पुणे, ठाणे, और पालघर के सभी प्रशासनी, प्राइवेट, नगर निगम और सहायता प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. वहीं, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने भी मुंबई के लिए आईएमडी द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश, तेज हवाएं और कुछ इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है. इसलिए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है. बीएमसी द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि प्रशासनी और प्राइवेट ऑफिस सामान्य रूप से काम करेंगे. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें. मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बहुत भारी बारिश हो रही है जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया है. पेड़ गिरने की घटनाएं हुई हैं. 30 जून से अब तक इन घटनाओं में एक स्कूली छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है. यह भी पढ़ें : मूसलाधार बारिश से मुंबई बेहाल, स्कूल-कॉलेज बंद, रुकी उड़ानें, दो लोगों की मौत छह जुलाई को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित मौसम विभाग द्वारा भारी से बहुत भारी बारिश का ‘रेड’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पुणे जिला प्रशासन ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है. जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने इस संबंध में जानकारी दी. इस बीच, आईएमडी द्वारा भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुंबई यूनिवर्सिटी ने छह जुलाई को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. यूनिवर्सिटी के परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड द्वारा रविवार (5 जुलाई) को जारी परिपत्र में कहा गया है कि संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जल्द ही यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा. The post भारी बारिश का कहर, पुणे के सभी स्कूल बंद, ठाणे और मुंबई में भी छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

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