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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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OpenAI पर एलन मस्क का हमला पड़ा कमजोर, कोर्ट ने खारिज किए दावे

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में चल रही सबसे बड़ी कानूनी लड़ाइयों में से एक में एलन मस्क को बड़ा झटका लगा है. अमेरिका की एक फेडरल ज्यूरी ने OpenAI, सैम ऑल्टमैन, ग्रेग ब्रॉकमैन और माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ दायर मस्क के कई दावों को खारिज कर दिया है. दिलचस्प बात यह रही कि कोर्ट ने मामले के असली आरोपों पर फैसला देने के बजाय इसे समय सीमा पार होने के आधार पर खारिज किया. यानी अदालत ने यह नहीं कहा कि OpenAI सही था या गलत, बल्कि यह माना कि मस्क ने मुकदमा बहुत देर से दायर किया. AI इंडस्ट्री में पहले ही OpenAI, Google, xAI और Microsoft जैसी कंपनियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है. ऐसे में इस फैसले को सिर्फ कानूनी मामला नहीं बल्कि AI की भविष्य की दिशा तय करने वाली बड़ी घटना के तौर पर भी देखा जा रहा है. आखिर कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया? कैलिफोर्निया के ओकलैंड में चली करीब तीन हफ्ते की सुनवाई के बाद नौ सदस्यीय ज्यूरी ने सर्वसम्मति से माना कि एलन मस्क के दावे तय कानूनी समय सीमा के बाद दाखिल किए गए थे. इसी वजह से कोर्ट ने उनके ब्रीच ऑफ चैरिटेबल ट्रस्ट और अनजस्ट एनरिचमेंट जैसे आरोपों को खारिज कर दिया. जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने भी कहा कि रिकॉर्ड में ऐसे पर्याप्त सबूत मौजूद थे, जिनसे यह साबित होता है कि मस्क ने मुकदमा दायर करने में काफी देर कर दी थी. इस फैसले के बाद OpenAI को फिलहाल भारी आर्थिक नुकसान या कंपनी संरचना में बदलाव जैसे बड़े जोखिमों से राहत मिल गई है. OpenAI और Microsoft के लिए क्यों अहम है यह फैसला? इस फैसले को OpenAI के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है. अगर मस्क का केस सफल होता, तो कंपनी के फॉर-प्रॉफिट मॉडल पर बड़ा असर पड़ सकता था. इतना ही नहीं, नेतृत्व में बदलाव और कारोबारी ढांचे को तोड़ने जैसी स्थिति भी बन सकती थी. OpenAI पिछले कुछ वर्षों में AI सेक्टर की सबसे तेजी से बढ़ती कंपनियों में शामिल रही है. माइक्रोसॉफ्ट ने इसमें अरबों डॉलर का निवेश किया है और भविष्य में संभावित IPO को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. ऐसे में यह फैसला कंपनी की स्थिरता और निवेशकों के भरोसे के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एलन मस्क ने फैसले पर क्या कहा? फैसले के बाद एलन मस्क ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने मामले के असली मुद्दों पर कोई फैसला नहीं दिया, बल्कि सिर्फ कैलेंडर टेक्निकलिटी के आधार पर केस खत्म कर दिया. मस्क का आरोप है कि OpenAI ने अपने शुरुआती गैर-लाभकारी मिशन से हटकर निजी मुनाफे को प्राथमिकता दी. मस्क ने यह भी साफ कर दिया कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे. उनका कहना है कि अगर ऐसे मामलों में सिर्फ समय सीमा को आधार बनाकर फैसले दिए जाएंगे, तो इससे भविष्य में चैरिटी और रिसर्च संस्थानों पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है. गैर-लाभकारी संस्था से अरबों डॉलर की AI कंपनी तक का सफर OpenAI की शुरुआत 2015 में एक नॉन-प्रॉफिट AI रिसर्च लैब के रूप में हुई थी. उस समय एलन मस्क भी इसके को-फाउंडर्स में शामिल थे और उन्होंने कंपनी को करोड़ों डॉलर की फंडिंग दी थी. लेकिन बाद में कंपनी ने बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए कैप्ड-प्रॉफिट मॉडल अपनाया. 2018 में मस्क ने OpenAI छोड़ दिया और बाद में अपनी खुद की AI कंपनी xAI शुरू की. इसके बाद से ही OpenAI और मस्क के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया. मौजूदा मुकदमा सिर्फ व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि AI इंडस्ट्री में मुनाफा बनाम रिसर्च और सुरक्षा जैसे बड़े सवालों को भी सामने लाता है. क्या मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया? फिलहाल नहीं. मस्क की तरफ से दायर कुछ अन्य कॉन्ट्रैक्ट और फेडरल दावे अभी भी सक्रिय हैं. आने वाले समय में कोर्ट की अगली सुनवाई तय करेगी कि यह कानूनी लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी. AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए यह विवाद आने वाले महीनों में और ज्यादा सुर्खियां बटोर सकता है, खासकर तब जब OpenAI, xAI और अन्य कंपनियां नई AI टेक्नोलॉजी लॉन्च करने की तैयारी में हैं. यह भी पढ़ें: Elon Musk vs OpenAI: कोर्ट में आमने-सामने आये टेक दुनिया के दो बड़े नाम, अब क्या होगा आगे? The post OpenAI पर एलन मस्क का हमला पड़ा कमजोर, कोर्ट ने खारिज किए दावे appeared first on Naya Vichar.

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गर्मियों में बार-बार चिपचिपा और ऑयली हो जाता है चेहरा? ये ट्रिक्स आपकी स्किन को रखेंगी फ्रेश और क्लीन

Summer Skincare Tips: गर्मियों के इन दिनों में हमें स्किन से जुड़ी कई तरह की प्रॉब्लम्स होनी शुरू हो जाती है. इन्हीं प्रॉब्लम्स में से एक प्रॉब्लम है चेहरे का बार-बार ऑयली हो जाना. कुछ लोगों के साथ तो ऐसा भी होता है कि घर से बाहर निकलने के थोड़ी देर बाद ही उनके चेहरे पर इतना ज्यादा पसीना और ऑयल आ जाता है कि पूरा लुक ही बिगड़कर रह जाता है. इसके अलावा ज्यादा ही ऑयली स्किन होने की वजह से आपके चेहरे पर कई बार पिंपल्स और एक्ने भी निकलने लगते हैं. इसके अलावा एक ऑयली चेहरा धूल और मिट्टी को भी ज्यादा एब्जॉर्ब करने लगता है. अगर आपके साथ भी गर्मियों के इन दिनों में ऐसा हो रहा है, तो अब आपको टेंशन लेने की जरूरत बिलकुल भी नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी स्किन को ज्यादा लंबे समय तक सिर्फ ऑयल फ्री नहीं, बल्कि फ्रेश भी बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं. दिन में दो बार जरूर करें फेस वॉश गर्मियों के इन दिनों में आपके चेहरे को सफाई की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. जब आपके चेहरे पर ऑयल, धूल और पसीना इकठ्ठा होने लग जाता है, तो वह काफी ज्यादा चिपचिपा और बेजान सा दिखाई देने लग जाता है. ऐसा न हो इसलिए आपको दिन में दो बार जरूर फेस वॉश करना चाहिए. एक सुबह के समय और दूसरा रात को सोने से पहले. अपने लिए हमेशा एक ऐसा फेस वॉश चुनें जो आपकी स्किन को ऑयल फ्री तो बनाए लेकिन उसे ज्यादा ड्राई भी न करे. यह भी पढ़ें: इन 5 तरीकों से आपकी खूबसूरती निखार सकता है गुलाब जल, जान लें इस्तेमाल करने का सही तरीका ऑयल फ्री मॉइश्चराइजर का करें इस्तेमाल कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो ऑयली स्किन होने की वजह से मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना ही छोड़ देते हैं. अगर आप भी इन्हीं में से हैं तो आपकी यह आदत आपके लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकती है. आपकी स्किन को सही मात्रा में मॉइस्चर मिलता रहे, इस बात का ख्याल आपको जरूर रखना चाहिए. जब आपकी स्किन खुद को ड्राई महसूस करती है तो वह हाइड्रेशन के लिए ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करना शुरू कर देती है. ऐसा न हो इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप हमेशा एक लाइट, जेल बेस्ड और ऑयल फ्री मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करें. ठंडे पानी से धोएं अपना चेहरा गर्मियों के इन दिनों में जब आप अपने चेहरे को ठंडे पानी से धोते हैं तो आपको एक इंस्टेंट रिलीफ का एहसास होता है. जब भी आप बाहर से आएं तो अपने चेहरे को ठंडे पानी से जरूर धोएं. जब आप ऐसा करते हैं तो पसीना, धूल और एक्स्ट्रा ऑयल आसानी से साफ हो जाता है. इसके अलावा ठंडे पानी की वजह से आपकी स्किन फ्रेश भी फील करती है और साथ ही चेहरा पहले से ज्यादा साफ भी नजर आने लगता है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि आप ज्यादा बर्फीले पानी का इस्तेमाल न करें. ज्यादा फ्राइड और मसालेदार खाना खाने से बचें हम जो भी चीजें खाते हैं उसका सीधा असर हमारी स्किन और चेहरे पर देखने को मिलता है. जब आप काफी ज्यादा ऑयली, मसालेदार और जंक फूड्स खाना शुरू करते हैं तो आपके शरीर के अंदर गर्मी बढ़ने लग जाती है. ऐसा होने की वजह से भी आपकी स्किन ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करने लग जाती है. गर्मियों के इन दिनों में जितना हो सके लाइट और हेल्दी डाइट लेने की कोशिश करें. आपको अपनी डाइट में खीरे, तरबूज, नारियल पानी, सलाद और फ्रेश फलों को भी शामिल करना शुरू कर देना चाहिए. यह भी पढ़ें: सुबह उठते ही चेहरे पर दिखेगा नैचुरल ग्लो, रात को सोने से पहले जरूर कर लें ये 5 काम चेहरे पर बर्फ लगाने से मिलेगा फायदा अगर आपका चेहरा बहुत ही ज्यादा ऑयली हो जाता है तो इस कंडीशन में बर्फ का इस्तेमाल करना आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके लिए आपको एक साफ कपड़ा लेकर उसके बर्फ को लपेट लेना है. इसके बाद हल्के हाथों से इस बर्फ को अपने चेहरे पर कुछ देर तक मसाज करें. जब आप यह उपाय अपनाते हैं तो आपकी स्किन को इंस्टेंट रिलीफ मिलता है और साथ ही चेहरा ज्यादा फ्रेश भी दिखने लगता है. जब आप चेहरे पर बर्फ लगाते हैं तो पसीने और एक्स्ट्रा ऑयल की प्रॉब्लम से आपको छुटकारा मिल सकता है. हमेशा साथ रखें ब्लॉटिंग पेपर अगर आपका ज्यादातर समय ऑफिस, कॉलेज या फिर घर से बाहर बीतता है, तो आपको अपने साथ ब्लोटिंग पेपर जरूर रखना चाहिए. जब भी आपको लगे कि आपका चेहरा बहुत ही ज्यादा ऑयली हो गया है तो इसे हल्के से अपने चेहरे पर प्रेस करें. यह ब्लोटिंग पेपर एक्स्ट्रा ऑयल को एब्जॉर्ब करता है और वह भी मेकअप को खराब किये बिना. यह ब्लोटिंग पेपर आपके चेहरे को इंस्टेंट साफ और फ्रेश बना देता है. यह भी पढ़ें: सिर्फ पेट ही नहीं, स्किन और बालों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है पपीता, जानिए इसके अन्य फायदे The post गर्मियों में बार-बार चिपचिपा और ऑयली हो जाता है चेहरा? ये ट्रिक्स आपकी स्किन को रखेंगी फ्रेश और क्लीन appeared first on Naya Vichar.

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India’s Got Latent 2: समय रैना के शो में जज बनीं आलिया भट्ट और शरवरी? सेट से लीक हुई तस्वीर ने बढ़ाया उत्साह

India’s Got Latent 2: बॉलीवुड एक्ट्रेसेस आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि यह फोटो कॉमेडियन समय रैना के मशहूर शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ सीजन 2 के सेट की है, जहां दोनों जज की कुर्सी पर बैठी दिख रही हैं. दरअसल, पिछले महीने ही समय रैना ने अपने स्टैंड-अप स्पेशल ‘स्टिल अलाइव’ के दौरान  इस शो के दूसरे सीजन का ऐलान किया था, जिसके बाद से फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अब दोनों एक्ट्रेस की इस वायरल तस्वीर ने इस खास एपिसोड को लेकर दर्शकों का उत्साह बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है. जज की कुर्सी पर नजर आईं आलिया और शरवरी वायरल हो रही इस लीक फोटो में शो के जजों के साथ बॉलीवुड स्टार आलिया भट्ट और शरवरी वाघ दिखाई दे रहे हैं. इस फोटो को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स तुरंत अंदाजा लगाने लगे हैं कि दोनों एक्ट्रेसेस यहां अपनी आने वाली स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ का प्रमोशन करने पहुंची हैं. हालांकि, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह तस्वीर असली नहीं है, बल्कि इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है. इसके अलावा, तेज नजर रखने वाले फैंस ने शो के लोगो पर लगी हथकड़ी और सेट पर रखी नींबू-मिर्ची को भी पहचान लिया है. Guyss we have Alia Bhatt at the Latent Season 2 pic.twitter.com/AVHLZG8Xq6 — vedika (@vedikabaisa) May 18, 2026 किस वजह से बंद करना पड़ा था पहला सीजन दरअसल, साल 2025 में इस शो के एक एपिसोड में मशहूर पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया बतौर गेस्ट जज बनकर आए थे. उन्होंने शो के दौरान एक कंटेस्टेंट से बेहद अजीब और अश्लील सवाल पूछ लिया था. इस बयान के बाद पूरे देश में बहुत बड़ा बवाल खड़ा हो गया था. रणवीर अल्लाहबादिया पर अश्लीलता फैलाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई थी. यह मामला मुंबई पुलिस कमिश्नर और राष्ट्रीय स्त्री आयोग तक पहुंच गया था, जिसके बाद रणवीर, अपूर्वा मखीजा और समय रैना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. इसी कानूनी कार्रवाई और हंगामे की वजह से समय रैना को अपने यूट्यूब चैनल से इस शो के सारे एपिसोड डिलीट करने पड़े थे. यह भी पढ़ें: Sreeleela Dating: क्या तिलक वर्मा को डेट कर रही हैं श्रीलीला? साउथ एक्ट्रेस की मां ने खोल दी पोल The post India’s Got Latent 2: समय रैना के शो में जज बनीं आलिया भट्ट और शरवरी? सेट से लीक हुई तस्वीर ने बढ़ाया उत्साह appeared first on Naya Vichar.

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9 साल की शादी और दो बच्चों के बाद Haarsh से अलग होंगी Bharti Singh? बोलीं- इरिटेशन होने लगी है

Bharti Singh and Haarsh Limbachiyaa Divorce Rumors: मशहूर कॉमेडी क्वीन हिंदुस्तानी सिंह हमेशा अपने जोक्स और मजेदार अंदाज से सबको हंसाती हैं. लेकिन हाल ही में इंटरनेट पर ऐसी समाचारें सामने आईं, जिनमें दावा किया गया कि हिंदुस्तानी सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया के बीच अनबन चल रही है और दोनों का तलाक होने वाला है. जैसे ही यह अफवाहें तेजी से फैलने लगीं, हिंदुस्तानी सिंह ने अपने यूट्यूब व्लॉग के जरिए खुद सामने आकर सच बताया. “हम दोनों के बीच में दरारें आने लगी हैं” अपने व्लॉग की शुरुआत में हिंदुस्तानी ने मजाकिया अंदाज में वही बातें कही जो अफवाहों में चल रही थीं. उन्होंने कहा, “दोस्तों, मैं अब हर्ष के साथ नहीं रह सकती क्योंकि हमारे बीच दरारें आने लगी हैं, इरिटेशन होने लगी है और बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो हर्ष बर्दाश्त नहीं कर पाते.” उन्होंने आगे कहा कि ऐसी बातें की जा रही हैं कि हमारे रिश्ते में दरार पड़ गई है और हम अलग हो रहे हैं. “हम बिल्कुल भी अलग नहीं हो सकते” इसके बाद हिंदुस्तानी ने साफ किया कि यह सारी समाचारें पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने कहा, “ऐसी बहुत सारी घटिया न्यूज आ रही हैं जो बिल्कुल गलत हैं. हम दोनों कभी अलग नहीं हो सकते, शायद मर कर भी नहीं.” उन्होंने फैंस को भरोसा दिलाया कि उनके और हर्ष के रिश्ते में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है. अफवाह फैलाने वालों पर तंज हिंदुस्तानी सिंह ने फेक न्यूज फैलाने वालों पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा, “ये जो न्यूज होती है, वो सुनने में बहुत मजा आता है कि हिंदुस्तानी और हर्ष के बीच पड़ी दरार, उनके रिश्ते में आई खटास! हमारे घर में नींबू अच्छे नहीं आ रहे हैं और खटास? व्लॉग में कई बोली गई चीजें होती हैं जो पोर्टल उठा लेते हैं.” “कहीं आप कपिल शर्मा से आगे न निकल जाओ” आखिर में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “आप लोग बहुत फनी हो, मुझे लगता है कि कहीं इन सबसे आप लोग हिंदुस्तानी सिंह और कपिल शर्मा से आगे न निकल जाओ.” उनका मतलब था कि जितनी मनगढ़ंत और मजेदार कहानियां ये लोग बनाते हैं, उतने तो हम कॉमेडियन भी नहीं सोच पाते. हिंदुस्तानी और हर्ष की प्यारी फैमिली View this post on Instagram A post shared by Bharti Siingh (@bharti.laughterqueen) हिंदुस्तानी और हर्ष की मुलाकात टीवी शो ‘कॉमेडी सर्कस’ के दौरान हुई थी. हर्ष वहां हिंदुस्तानी के लिए स्क्रिप्ट लिखते थे. धीरे-धीरे दोनों दोस्त बने और फिर दोनों को प्यार हो गया. साल 2017 में दोनों ने गोवा में धूमधाम से शादी की थी. आज उनके दो प्यारे बेटे हैं, बड़ा बेटा लक्ष्य (गोला) जिसका जन्म 2022 में हुआ था और छोटा बेटा यशवीर जिसका जन्म साल 2025 में हुआ है. दोनों आज एक बहुत ही खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं. यह भी पढ़ें: राम चरण ने बताया ‘Peddi’ देखने के बाद पिता चिरंजीवी का रिएक्शन, बोले- ‘मगधीरा’ या ‘RRR’ जैसी फिल्में बार-बार नहीं बनतीं The post 9 साल की शादी और दो बच्चों के बाद Haarsh से अलग होंगी Bharti Singh? बोलीं- इरिटेशन होने लगी है appeared first on Naya Vichar.

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NEET UG री-एग्जाम ने छिना AIR 1 का ताज, टॉपर्स लिस्ट से हुए बाहर

NEET UG Re Exam 2024: नीट यूजी 2024 में ग्रेस मार्क्स और कुछ सवालों को लेकर सवाल उठाए थे. नीट यूजी 2024 की परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 4 जून 2024 को जारी हुआ था. इसके बाद मामला सप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और फिर रिजल्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला. शुरुआती रिजल्ट में 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक हासिल किए थे और सभी को AIR 1 मिला था. बाद में ग्रेस मार्क्स हटाए गए तो यह संख्या घटकर 61 रह गई. इसके बाद फिजिक्स के एक विवादित सवाल पर दिए गए बोनस अंक भी हटाए गए. NEET UG के 50 छात्रों से छिन गया AIR 1 का ताज सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब 26 जुलाई 2024 को फाइनल रिवाइज्ड रिजल्ट जारी हुआ तो 50 छात्र ऐसे थे जिनका 720 का परफेक्ट स्कोर खत्म हो गया. इसके साथ ही वे सीधे AIR 1 की लिस्ट से बाहर हो गए. आखिर में सिर्फ 17 छात्र ही ऐसे बचे जो 720 अंक के साथ अपनी ऑल इंडिया रैंक 1 बचाने में सफल रहे. पहले रिजल्ट आने पर 67 छात्रों का नाम रैंक 1 पर था. NEET UG 2024 Final Revised Result Cut Off and Toppers List Check Here बिहार के तथागत अवतार भी हुए बाहर बिहार के रहने वाले तथागत अवतार उन छात्रों में शामिल थे जिन्हें शुरुआती NEET UG 2024 रिजल्ट में AIR 1 मिला था. उन्होंने 720 अंक हासिल किए थे और मीडिया में उनकी खूब चर्चा हुई थी. जब रिवाइज्ड रिजल्ट आया तो उनका स्कोर कम हो गया और वे टॉपर्स लिस्ट से बाहर हो गए. तथागत को नीट यूजी 2024 में रिवाइज्ड रिजल्ट के बाद 715 मार्क्स मिले. फिलहाल वो एम्स दिल्ली में MBBS कर रहे हैं. तथागत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. कई राज्यों के छात्रों पर पड़ा असर रिवाइज्ड रिजल्ट में जिन छात्रों की AIR 1 चली गई, उनमें बड़ी संख्या राजस्थान और तमिलनाडु के छात्रों की थी. इसके अलावा बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, केरल और कर्नाटक के छात्रों को भी नुकसान हुआ. इस पूरे विवाद के बाद NEET UG 2024 लगातार सुर्खियों में बना रहा. छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए. वहीं दूसरी तरफ कई छात्रों ने कहा कि फाइनल फैसला आने के बाद मेरिट लिस्ट ज्यादा निष्पक्ष हुई. इन 50 स्टूडेंट्स का घटा रैंक क्रमांक छात्र का नाम राज्य 1 वेद सुनीलकुमार शेंडे महाराष्ट्र 2 सैयद आरिफिन यूसुफ एम तमिलनाडु 3 रुपायन मंडल पश्चिम बंगाल 4 अक्षत पंगारिया उत्तराखंड 5 शौर्य गोयल पंजाब 6 तथागत अवतार बिहार 7 चंद मल्लिक त्रिपुरा 8 शैलाजा एस तमिलनाडु 9 आदर्श सिंह मोयल राजस्थान 10 आदित्य कुमार पांडा तमिलनाडु 11 श्रीराम पी तमिलनाडु 12 ईशा कोठारी राजस्थान 13 कस्तूरी संदीप चौधरी आंध्र प्रदेश 14 शशांक शर्मा राजस्थान 15 सक्षम अग्रवाल पश्चिम बंगाल 16 आर्यन शर्मा हिमाचल प्रदेश 17 कहकशा परवीन झारखंड 18 देवदर्शन आर. नायर केरल 19 गट्टू भानुतेजा साई आंध्र प्रदेश 20 उमायमा मलाबारी महाराष्ट्र 21 कल्याण वी कर्नाटक 22 सुजॉय दत्ता दिल्ली 23 श्याम झंवर राजस्थान 24 मानव प्रियदर्शी झारखंड 25 ध्रुव गर्ग राजस्थान 26 कृष्णमूर्ति पंकज शीवाल महाराष्ट्र 27 वेद पटेल गुजरात 28 सैम श्रेयस जोसेफ कर्नाटक 29 जयाथी पूर्वाजा एम तमिलनाडु 30 हृतिक राज बिहार 31 कृति शर्मा गुजरात 32 अर्जुन किशोर कर्नाटक 33 रोहित आर तमिलनाडु 34 अभिषेक वी जे केरल 35 सबरीसन एस तमिलनाडु 36 दर्श पघदार गुजरात 37 शिखिन गोयल पंजाब 38 अमीना आरिफ कादीवाला महाराष्ट्र 39 ऋषभ शाह गुजरात 40 पोरेड्डी पवन कुमार रेड्डी आंध्र प्रदेश 41 अभिनव सुनील प्रसाद केरल 42 समित कुमार सैनी राजस्थान 43 वडलापुडी मुखेश चौधरी आंध्र प्रदेश 44 अभिनव किसना बिहार 45 खुशबू हरियाणा 46 कृष हरियाणा 47 लक्ष्य दिल्ली 48 अंजलि हरियाणा 49 जाह्नवी हरियाणा 50 प्रतीक हरियाणा आखिर क्यों बदला गया रिजल्ट? पूरा विवाद फिजिक्स के एक सवाल और ग्रेस मार्क्स को लेकर शुरू हुआ था. कुछ छात्रों को उस सवाल पर बोनस अंक दिए गए थे, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों का स्कोर 720 पहुंच गया था. यह भी पढ़ें: जब NEET UG री-एग्जाम ने बदली तस्वीर, 44 छात्र टॉपर्स लिस्ट से हुए थे बाहर The post NEET UG री-एग्जाम ने छिना AIR 1 का ताज, टॉपर्स लिस्ट से हुए बाहर appeared first on Naya Vichar.

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क्या आप भी लहसुन छीलने में बर्बाद करते हैं अपना समय? ये 4 ट्रिक्स बदल देंगे आपका किचन एक्सपीरियंस

Kitchen Hacks: अक्सर ऐसा होता है कि जब हम किचन में काम कर रहे होते हैं, तो छोटे-छोटे कामों को करने में ही सबसे ज्यादा समय लग जाता है. इन्हीं कामों में से एक काम है लहसुन छीलना. जब भी हम घर पर कोई स्पेशल सब्जी, दाल या फिर कोई और डिश बनाते हैं, तो हमें लहसुन की जरूरत सबसे ज्यादा पड़ती है. इस समय लहसुन की एक-एक कली को छीलते रहना हमारे लिए सिर्फ थका देने वाला काम नहीं होता है इसकी वजह से अक्सर हम चिड़चिड़े भी हो जाते हैं. जब ऐसा होता है तो हमारे दिमाग में एक ही ख्याल आता है कि क्या कोई ऐसा तरीका हो सकता है जिसे अपनाकर लहसुन छीलने के इस काम को आसान और मिनटों में पूरा होने वाला बनाया जा सके? अगर आपके दिमाग में भी आये दिन यह सवाल आता है तो आज की यह आर्टिकल सिर्फ आपके लिए ही है. आज हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप लहसुन छिलने के झंझट से पूरी तरह से बच सकते हैं. जब आप इन ट्रिक्स को अपनाएंगे तो कुछ ही मिनटों में ढेर सारे लहसुन छीलना आपके लिए बाएं हाथ का स्पोर्ट्स बन जाएगा. तो चलिए इन ट्रिक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. ट्राय करें डिब्बे वाला आसान ट्रिक इस ट्रिक को सबसे ज्यादा आसान और इफेक्टिव माना जाता है. इसके लिए आपको सबसे पहले लहसुन की सभी कलियों को अलग कर लेना होगा. इसके बाद इन्हें एक प्लास्टिक या फिर स्टील के डिब्बे में डालकर ढक्कन को अच्छे से बंद कर देना है. अब आपको इस डिब्बे को 20 सेकंड्स तक जोर-जोर से हिलाते रहना है. ऐसा करने से अंदर में कलियां आपस में टकराती हैं और छिलके भी अलग होने लग जाते हैं. जब आप डिब्बे को खोलकर देखते हैं तो आपको ज्यादातर लहसुन की कलियां बिना किसी मेहनत के छिली हुई मिलेंगी. अगर कुछ कलियां सही से नहीं छिली हैं तो आप हल्के हाथों से ही उन्हें आसानी से साफ कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: फ्रिज में रखने के बाद भी खराब हो जाते हैं करी पत्ते? ये आसान ट्रिक्स उन्हें हफ्तों तक रखेगी फ्रेश और खुसबूदार लहसुन छीलने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल अगर लहसुन के छिलके आपस में बहुत ही ज्याद चिपके हुए हैं तो ऐसे में आपको गर्म पानी वाले तरीके को अपनाना चाहिए. इसके लिए आपको सबसे पहले लहसुन की कलियों को गर्म पानी में भिगोकर करीबन 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ देना है. यह गर्म पानी छिलके को सॉफ्ट करने के साथ ही उसे आसानी से छीलने लायक भी बना देता है. इसके बाद आपको इन कलियों को निकाल लेना है और हल्के हाथों से इन्हें दबाना है. ऐसा करने से छिलके काफी आसानी से उतर जाएंगे. चाकू से दबाकर छीलें लहसुन यह तरीका छोटे कामों के समय काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके लिए आपको एक बड़ी चाकू या फिर ब्लेड से लहसुन की कली को हल्का-हल्का सा दबाना है. जैसे ही आप लहसुन की कलियों को दबाएंगे, तो छिलका अपने आप फटकार अलग ही जाएगा. इसके बाद आप काफी आसानी से एक-एक करके सभी छिलकों को हटा सकते हैं. इस ट्रिक की सबसे खास बात है कि इसमें समय बिलकुल भी नहीं लगता है और एक-एक करके लहसुन को हाथों से छीलने की जरूरत भी नहीं पड़ती है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि आप लहसुन की कलियों को ज्यादा जोर से न दबाएं. माइक्रोवेव का भी कर सकते हैं इस्तेमाल अगर आप आसानी से लहसुन की कलियों को छीलना चाहते हैं तो इसके लिए आप माइक्रोवेव का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको लहसुन की सभी कलियों को लेकर उन्हें माइक्रोवेव में करीबन 10 सेकंड्स के लिए गर्म करना है. आपको इससे ज्यादा समय नहीं लगाना है क्योंकि इसकी वजह से लहसुन की कलियां पक भी सकती हैं. जब लहसुन हल्के गर्म हो जाते हैं तो उनके छिलके आसानी से उतरने लग जाते हैं. अगर आप कामों को जल्दी निपटाना चाहते हैं तो यह तरीका आपको जरूर अपनाना चाहिए. ये भी पढ़ें: Cleaning Tips: पीले पड़े प्लास्टिक के लंच बॉक्स को स्कूल नहीं ले जाना चाहते शिशु? इस तरह बनाएं उसे नए जैसा The post क्या आप भी लहसुन छीलने में बर्बाद करते हैं अपना समय? ये 4 ट्रिक्स बदल देंगे आपका किचन एक्सपीरियंस appeared first on Naya Vichar.

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OnePlus 15R खरीदने से पहले जान लें नई कीमतें, लॉन्च के बाद दूसरी बार महंगा हुआ फोन

अगर आप OnePlus 15 सीरीज के नये बजट फ्लैगशिप मॉडल OnePlus 15R को खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो फिर यह समाचार आपकी जेब पर असर डाल सकती है. क्योंकि, अब यह मॉडल बजट फ्लैगशिप फोन नहीं रहा. कंपनी ने एक बार फिर इसकी कीमत में बढ़ोतरी कर दी है. मॉडल के लॉन्च के सिर्फ दो महीनों के भीतर फोन दूसरी बार महंगा हो गया है, जिसके बाद अब इसकी कीमत पहले के मुकाबले करीब 7000 रुपये तक बढ़ चुकी है. OnePlus 15R की नई कीमतें नई कीमतों के अनुसार, वनपल्स का 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट अब 54,999 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 50,499 रुपये थी. मॉडल का दूसरा 12GB RAM + 512GB स्टोरेज वेरिएंट अब 59,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि पहले इसकी कीमत 54,499 रुपये थी. मॉडल के लॉन्च प्राइस की बात करें, तो मॉडल का बेस वेरिएंट 47,999 रुपये और टॉप वेरिएंट 52,999 रुपये में आया था. ऐसे में अब दोनों वेरिएंट लॉन्च प्राइस से पूरे 7000 रुपये तक महंगे हो गए हैं. वहीं, नई कीमतें अमेजन पर लाइव हो गई हैं. क्यों बढ़ रहे हैं स्मार्टफोन्स के दाम? कंपनी ने कीमत बढ़ाने की आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक RAM और स्टोरेज कंपोनेंट्स के बढ़ते कॉस्ट इसकी बड़ी वजह हो सकती है. फिलहाल कई स्मार्टफोन कंपनियां मेमोरी चिप्स और दूसरे हार्डवेयर कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों का असर झेल रही हैं, जिसकी वजह से लगातार स्मार्टफोन्स महंगे हो रहे हैं. क्या अब भी खरीदने लायक है OnePlus 15R? नई कीमतों के बाद OnePlus 15R अब कंपनी के ही पिछले साल लॉन्च हुए कॉम्पैक्ट फ्लैगशिप OnePlus 13s से भी महंगा हो गया है. OnePlus 13s का बेस वेरिएंट फिलहाल करीब 52,999 रुपये में उपलब्ध है. OnePlus 15R के फीचर्स की बात करें, तो इसमें 7,400mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जिसकी वजह से फोन थोड़ा भारी भी हो जाता है. इसमें लेटेस्ट OxygenOS 16 मिलता है और कंपनी लंबे समय तक सॉफ्टवेयर सपोर्ट देने का दावा करती है. फोन में गेमिंग के लिए चुनिंदा टाइटल्स पर 165fps सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे स्मूद गेमिंग एक्सपीरियंस मिलता है. हालांकि, OnePlus 13s में ज्यादा पावर-एफिशिएंट डिस्प्ले, बेहतर बैटरी ऑप्टिमाइजेशन और 50MP टेलीफोटो कैमरा मिलता है. ऐसे में कई यूजर्स के लिए OnePlus 13s ज्यादा बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है. अगर आप खासतौर पर नया मॉडल और बड़ी बैटरी चाहते हैं, तो OnePlus 15R पर विचार कर सकते हैं. लेकिन कीमत बढ़ने के बाद इसका मुकाबला अब ज्यादा मजबूत स्मार्टफोन्स से होने लगा है. यह भी पढ़ें: Realme 16 Series खरीदना अब पड़ेगा महंगा, कंपनी ने ₹7000 तक बढ़ाए दाम The post OnePlus 15R खरीदने से पहले जान लें नई कीमतें, लॉन्च के बाद दूसरी बार महंगा हुआ फोन appeared first on Naya Vichar.

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मंदिरों के सोने को लेकर फैल रही अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान, सभी दावे बेबुनियाद

Fact Check : केंद्र प्रशासन ने सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चल रहे उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि प्रशासन मंदिरों के पास रखे सोने का मुद्रीकरण (Monetisation) करने जा रही है या इसे किसी नई गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत इस्तेमाल करेगी. मंगलवार सुबह वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि देश भर के मंदिर ट्रस्टों या धार्मिक संस्थानों के पास मौजूद स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) के बदले गोल्ड बॉन्ड जारी करने का कोई भी प्रस्ताव प्रशासन के पास विचाराधीन नहीं है. वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर क्या कहा ? मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए स्थिति साफ करते हुए लिखा. “देश भर के मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्थान के पास रखे सोने के लिए मुद्रीकरण योजना शुरू करने से जुड़ी तमाम अटकलें और अफवाहें पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और बिना किसी आधार के हैं.” 👉 Clarification on false claims on monetisation of temple gold holdings 👉 Speculation and rumours suggesting that the Government is planning to introduce monetisation scheme for Gold held by temple trusts, or any religious institution, across the country are completely false,… pic.twitter.com/BcuGaogGM7 — Ministry of Finance (@FinMinIndia) May 19, 2026 इस स्पष्टीकरण में उन दावों को भी सिरे से खारिज किया गया है जिनमें कहा जा रहा था कि मंदिरों के शिखरों, दरवाजों या अन्य ढांचों पर चढ़ी सोने की परतों को देश का सामरिक स्वर्ण भंडार (Strategic Gold Reserves) माना जाएगा. प्रशासन ने इन बातों को भी पूरी तरह मनगढ़ंत और आधारहीन बताया है. आधिकारिक सूचनाओं पर ही करें भरोसा प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अपुष्ट (Unverified) समाचार पर न तो विश्वास करें और न ही उसे आगे शेयर करें, क्योंकि इससे जनता के बीच बेवजह का भ्रम पैदा होता है. मंत्रालय ने साफ किया है कि प्रशासन की किसी भी नीति या योजना से जुड़ा कोई भी फैसला केवल आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, प्रशासनी वेबसाइटों और अधिकृत सार्वजनिक संचार माध्यमों के जरिए ही देश के सामने रखा जाएगा. Also Read : सोने-चांदी की कीमतों में ‘महा-कन्फ्यूजन’: कहीं गिरावट तो कहीं रिकॉर्ड उछाल, जानें अपने शहर का सटीक भाव The post मंदिरों के सोने को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रशासन का बड़ा बयान, सभी दावे बेबुनियाद appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं नॉर्वे में PM मोदी से सवाल करने वाली पत्रकार हेले लिंग? जिस पर मचा है बवाल, भारतीय राजदूत ने दिया करारा जवाब

Helle Lyng Question PM Modi Norway: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान मीडिया से जुड़े सवालों को लेकर नई बहस शुरू हो गई. ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गार स्टोर के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उपस्थिति के दौरान नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने सवाल पूछने की कोशिश की. दोनों नेताओं के संबोधन के बाद जब पीएम मोदी वहां से निकल रहे थे, तभी हेले लिंग ने ऊंची आवाज में पूछा कि दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस से सवाल लेने में आखिर दिक्कत क्या है. हालांकि पीएम मोदी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कार्यक्रम स्थल से आगे बढ़ गए. उन्होंने नॉर्वे की प्रेस स्वतंत्रता रैंकिंग का जिक्र करते हुए कहा कि उनका देश वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में शीर्ष स्थानों पर है, जबकि हिंदुस्तान की रैंकिंग 157 बताई जाती है. पत्रकार ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछना पत्रकारिता की मूल जिम्मेदारी होती है. हालांकि, अब हेले लिंग के इंटेशन पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं.  हेले लिंग ने इस घटना के बारे में सोशल मीडिया एक्स पर कई पोस्ट शेयर किए. उन्होंने कहा कि प्रेस इंटरेक्शन के दौरान सवाल पूछने का प्रयास किया था, हालांकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पीएम मोदी सीधे जवाब देंगे. हेले लिंग ने कहा कि पत्रकारिता कई बार टकरावपूर्ण भी हो सकती है और रिपोर्टरों का काम सिर्फ तैयार बयान सुनना नहीं, बल्कि सीधे जवाब हासिल करना भी होता है. Primeminister of India, Narendra Modi, would not take my question, I was not expecting him to. Norway has the number one spot on the World Press Freedom Index, India is at 157th, competing with Palestine, Emirates & Cuba. It is our job to question the powers we cooperate… pic.twitter.com/vZHYZnAvev — Helle Lyng (@HelleLyngSvends) May 18, 2026 Tried to ask PM Modi a question on the way to the elevator to, but the closing doors stopped me. What I was wondering was whether he thinks he deserves the trust of the Nordic countries given his human rights violations and his restrictions on press freedom. pic.twitter.com/W2HFFNcCKh — Helle Lyng (@HelleLyngSvends) May 18, 2026 पत्रकारों को सवाल पूछने का मौका मिलना चाहिए- हेले लिंग उनके मुताबिक, अगर सार्वजनिक पदों पर बैठे लोग सवालों से बचते हैं, तो पत्रकार स्पष्ट जवाब पाने के लिए बीच में हस्तक्षेप भी कर सकते हैं. पत्रकार ने बताया कि बाद में उन्होंने उस वीडियो के कमेंट सेक्शन बंद कर दिए, जिसमें यह प्रेस इंटरेक्शन दिखाया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती प्रेस मीटिंग में भी पत्रकारों को सवाल पूछने का मौका मिलना चाहिए था. पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री दोनों देशों के बीच हुई साझेदारियों के बारे में जानकारी दे रहे थे. यह वैसी प्रेस कांफ्रेंस नहीं थी, जिसमें अमूमन प्रश्न पूछे जाते हैं. हालांकि, पत्रकार का दावा है कि इन सवालों के सीधे जवाब नहीं मिले.  Journalism is sometimes confrontational. We seek answers. If any interview subject, especially with power, do not answer what I asked, I will try to interrupt and get a more focused response. That is my job & duty. I want answers and not just talking points. — Helle Lyng (@HelleLyngSvends) May 19, 2026 हिंदुस्तानीय विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब हिंदुस्तानीय विदेश मंत्रालय ने हेले लिंग की घटना का संज्ञान लिया. उन्हें अपनी प्रेस ब्रीफिंग में भी बुलाया. लेकिन इस दौरान मामला और गर्म हो गया. हेले लिंग ने वहां भी लगातार सवाल पूछे और हिंदुस्तानीय अधिकारियों से मानवाधिकार तथा प्रेस स्वतंत्रता को लेकर जवाब मांगे. पत्रकार ने सवाल किया कि नॉर्वे को हिंदुस्तान पर भरोसा क्यों करना चाहिए और क्या हिंदुस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन को रोका जाएगा. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या पीएम मोदी आलोचनात्मक सवालों का सामना करने के लिए तैयार होंगे.  हिंदुस्तानीय विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम क्षेत्र) सिबी जॉर्ज ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देनी शुरू की, तो हेले लिंग ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि वह जवाब दे रहे हैं, लेकिन पत्रकार ने टोका-टाकी जारी रखी. जॉर्ज ने  हिंदुस्तान के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का बचाव किया.  Journalist: Why should Norway trust India? Will you stop human rights violations in your country? Amb. Sibi George: *starts to answer* Journalist: *interrupts* Amb. George: No, you asked me a question. Let me answer it pic.twitter.com/hjT4dC75tW — Shashank Mattoo (@MattooShashank) May 19, 2026 सिबी जॉर्ज ने दिया जवाब प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान दुनिया की लगभग छठी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा हिंदुस्तान में नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय संविधान नागरिकों को मौलिक अधिकार देता है और हिंदुस्तान में स्त्रीओं को आजादी के तुरंत बाद 1947 में ही मतदान का अधिकार मिल गया था. हिंदुस्तान में अधिकारों की रक्षा के लिए अदालतें मौजूद- जॉर्ज सिबी जॉर्ज ने कहा कि हिंदुस्तान समानता और मानवाधिकारों में विश्वास रखता है. अगर किसी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उसके पास अदालत जाने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को अपने लोकतांत्रिक ढांचे पर गर्व है और दुनिया के कई लोग हिंदुस्तान की विशालता और उसकी जटिल व्यवस्था को पूरी तरह समझ नहीं पाते. ये भी पढ़ें:- लाहौर के सुन्नत नगर-मुस्तफाबाद-खान चौक बने संत नगर-धर्मपुरा-लक्ष्मी चौक, पाकिस्तान में बदले जा रहे नाम, लेकिन क्यों? ये भी पढ़ें:- खाड़ी के 3 नेताओं ने की अपील, तो ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को टाला, अब बातचीत से समाधान हिंदुस्तानीय मीडिया व्यवस्था का भी किया जिक्र हिंदुस्तानीय राजदूत ने कहा कि सिर्फ दिल्ली में ही करीब 200 टीवी चैनल अलग-अलग भाषाओं में काम करते हैं. इनमें अंग्रेजी, हिंदी और कई अन्य हिंदुस्तानीय भाषाओं के चैनल शामिल हैं. उन्होंने उन लोगों की भी आलोचना की जो हिंदुस्तान को समझने के लिए “अपर्याप्त जानकारी रखने वाले NGO की रिपोर्टों” पर निर्भर रहते हैं. उन्होंने कहा कि, हिंदुस्तान जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश को बाहर से पूरी तरह समझना आसान नहीं है. पूरे प्रेस कांफ्रेंस को हिंदुस्तान के पत्रकार सिद्धांत सिब्बल ने साझा किया है. आप इसे नीचे देख सकते हैं. Full blown clash at MEA presser as reporter asks “why should India be trusted”. MEA’s Secy West @AmbSibiGeorge

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भारत का इमरजेंसी तेल स्टॉक कितने दिन चलेगा, 1 दिन का खर्च कितना, किन गुफाओं में है स्ट्रेटजिक ऑयल रिजर्व, जानें

India Strategic Oil Reserve: पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते अमेरिका-ईरान टकराव ने  पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है. खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हालात बेहद संवेदनशील हैं. दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है. हिंदुस्तान इस संकट से अछूता नहीं है. अमेरिका और चीन ऐसे देश हैं, जिनके पास क्रूड ऑयल का बंपर स्टॉक है. स्टॉक तो हिंदुस्तान के पास भी है, लेकिन केवल महज 2.5 महीने का. हालांकि, हिंदुस्तान जैसी 140 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले देश  के लिए पेट्रोल-डीजल की जरूरत भी बड़ी है. ऐसे में हिंदुस्तान अपने तेल रखता कहां है?   इससे पहले कि हम आपको हिंदुस्तान के स्ट्रेटजिक ऑयल रिजर्व्स के बारे में बताएं, कुछ आंकड़े आप जान लीजिए. हिंदुस्तान को एक दिन में लगभग 55 लाख बैरल तेल की जरूरत होती है. एक बैरल में 158.99 लीटर यानी मोटा-माटी 159 लीटर तेल होता है. अब अंदाजा लगा लीजिए हिंदुस्तान को कितना रिजर्न बनाकर रखना होगा. हिंदुस्तान अपनी कुल जरूरत का 85-90 प्रतिशत क्रूड ऑयल लगभग 40 देशों से आयात करता है. उसमें से होर्मुज स्ट्रेट के संकरे समुद्री रास्ते से लगभग 30 प्रतिशत आता है. अब यहां लगी है नाकेबंदी तो तेल के रेट भी बढ़े. शुरुआत में हिंदुस्तानीय तेल कंपनियों ने घाटा सहा, लेकिन जब नहीं रहा गया, तो तेल के दाम बढ़ा दिए गए. पहले 3 रुपये और अब करीब 90 पैसे रेट बढ़ा है.  क्या हैं हिंदुस्तान के Strategic Petroleum Reserves? इसी तरह आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए हिंदुस्तान ने कई विशाल भूमिगत तेल भंडारण केंद्र बनाए हैं. ये प्राकृतिक चट्टानों को काटकर तैयार की गई अंडरग्राउंड केव्स हैं, जहां लाखों टन कच्चा तेल सुरक्षित रखा जाता है. इनका मकसद युद्ध, वैश्विक संकट, सप्लाई बाधित होने या तेल की कीमतों में भारी उछाल जैसी परिस्थितियों में देश की ऊर्जा जरूरतों को बनाए रखना है. हिंदुस्तान के पास 3 फंक्शनल सहित 4 बड़ी अंडरग्राउंड ऑयल केव्स हैं. इनमें संयुक्त रूप से 5.33 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल की स्टोरेज क्षमता है.  1. विशाखापत्तनम: हिंदुस्तान का पहला रणनीतिक तेल भंडार विशाखापत्तनम में हिंदुस्तान का पहला रणनीतिक तेल भंडारण केंद्र बनाया गया था. पूर्वी तट पर स्थित इस विशाल भूमिगत संरचना में लगभग 1.33 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल रखा जा सकता है. इस फैसिलिटी को दो हिस्सों में बांटा गया है. एक हिस्सा रणनीतिक रिजर्व के लिए सुरक्षित है, जबकि दूसरा हिस्सा HPCL के नियमित संचालन में इस्तेमाल किया जाता है. इस मॉडल से आपात स्थिति के दौरान भी तेल सप्लाई और रिफाइनरी संचालन को लगातार जारी रखने में मदद मिलती है. 2. मंगलुरु: UAE के सहयोग वाला अहम केंद्र मंगलुरु में स्थित रणनीतिक तेल भंडारण केंद्र की क्षमता लगभग 1.5 मिलियन मीट्रिक टन है. यह सुविधा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा साझेदारी के लिए भी खास मानी जाती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई की कंपनी ADNOC यहां पहले से अपना कच्चा तेल स्टोर करती रही है. इससे हिंदुस्तान और UAE के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हुआ है. मंगलुरु का यह केंद्र हिंदुस्तान की पश्चिमी तट की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है. 3. पडूर: पहले चरण का सबसे बड़ा तेल भंडारण स्थल तमिलनाडु का तेजी विकसित हो रहे उपनगर पडूर में मौजूद रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व हिंदुस्तान के SPR प्रोजेक्ट के पहले चरण का सबसे बड़ा केंद्र है. यहां चार अलग-अलग कम्पार्टमेंट बनाए गए हैं और हर एक की क्षमता करीब 0.625 मिलियन मीट्रिक टन है. यानी कुल 2.5 एमएमटी की बड़ी स्टोरेज क्षमता के कारण पडूर को हिंदुस्तान की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का प्रमुख हिस्सा माना जाता है. 4. चांदीखोल: भविष्य की सबसे बड़ी स्टोरेज परियोजना ओड़िशा के चांदीखोल में एक नई रणनीतिक तेल भंडारण परियोजना पर काम चल रहा है. इस सुविधा को लगभग 4 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल रखने के हिसाब से डिजाइन किया गया है. बाकी का स्टोरेज कहां है? इन भंडारों से हिंदुस्तान की मात्र 9-10 दिन की जरूरत पूरी होती है. तो हमने शुरुआत में बताया था कि हिंदुस्तान के पास लगभग 2.5 महीने का स्टॉक है. यानी 74 दिन तक हिंदुस्तान को तेल न मिले तो काम चल सकता है. तो बाकी का कहां है? दरअसल, हिंदुस्तान की तेल कंपनियां भी इमरजेंसी स्टॉक बनाकर रखती हैं. इन्हीं के पास बड़ा भंडार है. यानी 64-65 दिन का तेल इन तेल कंपनियों के पास रखा है. हालांकि, यह आंकड़े 2019-20 के हैं. ये भी पढ़ें:- कर्नाटक में सस्ती होगी शराब! देश में पहली बार लागू हुआ ‘AIB’ टैक्स सिस्टम, जानें नया नियम ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान का कौन सा शहर ‘गोल्ड कैपिटल’ के लिए है फेमस, जानें इसके पीछे की वजह   अन्य स्टोरेज बनाने पर भी ध्यान दे रहा हिंदुस्तान हिंदुस्तान अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का असर यहां पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों पर तेजी से दिखाई देता है. होर्मुज संकट के वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को लेकर दबाव बढ़ा है.ऐसे हालात ने यह साफ कर दिया कि केवल तेल खरीदना ही काफी नहीं है, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षित भंडारण की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है. यही वजह है कि हिंदुस्तान अब अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को मजबूत करने पर तेजी से काम कर रहा है. राजस्थान, मध्य प्रदेश में प्रशासन जमीन के ऊपर भी तेल भंडारण करने की योजना बना रही है. राजस्थान में सबसे ज्यादा 5.625 मीट्रिक टन क्षमता का स्टोरोज रखने का प्लान है. वहीं, मंगलुरु और मध्य प्रदेश के बीना में भी इसी तरह की तैयारी है. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत इन प्रोजेक्ट्स को डेवलप किया जाएगा. इसके साथ ही फिलहाल हिंदुस्तान के पास जो तेल भंडार हैं, उनकी स्टोरेज क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है.  हिंदुस्तान की यूएई के साथ अहम डील तेल समस्या के समाधान की इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया यूएई दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई अहम समझौते हुए. इनमें LPG सप्लाई, रक्षा सहयोग और रणनीतिक तेल भंडारण से जुड़े समझौते शामिल हैं. सबसे महत्वपूर्ण समझौता यूएई की अबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के साथ हुआ, जिसके तहत कंपनी हिंदुस्तान के रणनीतिक तेल भंडार नेटवर्क में लगभग 30 मिलियन बैरल तक कच्चा तेल स्टोर कर सकेगी. यानी

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