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Author name: Vinod Jha

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20 साल का प्रेमी ही निकला तलाकशुदा प्रेमिका का हत्यारा; यूपीआई पेमेंट कर फंसा आरोपी

Jamshedpur News: हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस ट्रेन में पिछले महीने घायल अवस्था में मिली एक तलाकशुदा स्त्री की मौत के मामले में रेल पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. प्रेम, धोखा और बेरहमी से कत्ल की इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतका का 20 वर्षीय प्रेमी कुमार ऋषभ है, जो रांची के मारवाड़ी कॉलेज में बीसीए का छात्र है. शादी का दबाव बनाने पर 27 साल की प्रेमिका को मौत के घाट उतारने वाला यह शातिर आरोपी सब कुछ बेहद प्लानिंग के साथ कर रहा था, लेकिन स्टेशन पर ऑनलाइन यूपीआई पेमेंट कर पानी की बोतल खरीदने की उसकी एक छोटी सी भूल ने पुलिस को उस तक पहुंचा दिया और टाटानगर रेल पुलिस व आरपीएफ ने ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत उसे धर दबोचा. 6 जून को हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में घायल मिली थी स्त्री 6 जून को हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में एक स्त्री यात्री लहूलुहान और अचेत अवस्था में मिली थी. स्त्री के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी और उसके कान से खून बह रहा था. जीआरपी ने उसे तत्काल जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया. करीब 10 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के दौरान स्त्री न तो बयान देने की स्थिति में थी और न ही कोई उसका सुराग लेने अस्पताल पहुंचा था. अंततः 15 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मारपीट का यह मामला एक ‘ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री’ में तब्दील हो गया और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया. रांची की बरियातू की रहने वाली थी स्त्री जांच के बाद मृतका की पहचान रांची के बरियातू निवासी के रूप में हुई, जो तलाकशुदा थी. वहीं, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत राजेपुर थाना क्षेत्र के कुमार ऋषभ (20 वर्ष) के रूप में की गई है. ऋषभ फिलहाल रांची के मारवाड़ी कॉलेज से बीसीए की पढ़ाई कर रहा है. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पहले स्त्री को अपने प्रेम जाल में फंसाया और करीब एक महीने तक उसके साथ अवैध संबंध बनाए रखा. जब स्त्री ने उस पर सामाजिक रूप से शादी करने का दबाव बनाना शुरू किया, तो ऋषभ ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और धोखे से ट्रेन में बैठा दिया. मोबाइल चार्जर के तार से स्त्री का गला घोटा गया रात के वक्त जब ट्रेन टाटानगर स्टेशन के नजदीक पहुंची, तो ऋषभ ने प्रेमिका को समझाने का खूब प्रयास किया. जब वह अपनी मांग पर अड़ी रही, तो आरोपी ने गुस्से में आकर मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला घोंटकर हत्या करने का प्रयास किया और उसे मरा हुआ समझकर अचेत अवस्था में ही बोगी में छोड़कर भाग निकला. रांची स्टेशन के फुटेज से सुलझी गुत्थी इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए आरपीएफ के एएसआई बलबीर प्रसाद की टीम ने रांची से लेकर टाटानगर तक के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. रांची स्टेशन के फुटेज में स्त्री एक संदिग्ध युवक के साथ स्टेशन में प्रवेश करती दिखी. इसी दौरान वह युवक ट्रेन पकड़ने से पहले स्टेशन के एक स्टॉल पर ऑनलाइन भुगतान यूपीआई के जरिए पानी की बोतल खरीदता हुआ कैमरों में कैद हो गया. पुलिस ने तुरंत उस वेंडर से डिजिटल भुगतान का विवरण हासिल किया और बिष्टुपुर साइबर थाने की मदद से ट्रांजेक्शन का गहन विश्लेषण किया. कॉल डिटेल और लोकेशन से पकड़ाया आरोपी इससे पुलिस को आरोपी का प्राथमिक मोबाइल नंबर और उसकी पूरी गतिविधियों का सुराग मिल गया. इसके बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड और टावर लोकेशन से पुष्टि हो गई कि घटना के समय आरोपी उसी ट्रेन मार्ग पर मौजूद था. तकनीकी जांच के दौरान आरोपी का एक दूसरा सक्रिय मोबाइल नंबर भी पुलिस के हाथ लगा. बैंक खातों और केवाईसी दस्तावेजों की पड़ताल से आरोपी का नाम कुमार ऋषभ और उसका पता पूरी तरह स्पष्ट हो गया. बरियातू थाने में दर्ज थी स्त्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट इस बीच, 30 जून को रांची के बरियातू थाने में स्त्री की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया था. टाटानगर रेल पुलिस ने जब रांची पुलिस से संपर्क कर मृतका की तस्वीर का मिलान कराया और संदेही ऋषभ को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है. ये भी पढ़ें… हिमांशु सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल पर दो लाख का इनाम, सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गुप्त हेमंत प्रशासन का बड़ा फैसला: वकारिब बने जमशेदपुर के नये SSP, मनोज स्वर्गियारी को सरायकेला पुलिस की कमान The post 20 साल का प्रेमी ही निकला तलाकशुदा प्रेमिका का हत्यारा; यूपीआई पेमेंट कर फंसा आरोपी appeared first on Naya Vichar.

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ISRO Bomb Threat: इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

ISRO Bomb Threat: हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को धमकी मिलने के बाद पूरे परिसर में हडकंप मच गया. सुरक्षा एजेंसियां तुरंत एक्शन में आ गईं. सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे परिसर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया. धमकी मिलने के बाद पुलिस टीम, डॉग स्क्वॉड और बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाला दस्ता मौके पर पहुंचा. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर खाली कराकर गहन जांच शुरू की गई. हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला और धमकी फर्जी साबित हुई. जांच में नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान पुलिस ने बताया कि धमकी के बाद एहतियात के तौर पर इसरो मुख्यालय में मौजूद सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया. इसके बाद इमारत के हर हिस्से की गहन तलाशी ली गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला. प्रारंभिक जांच में यह धमकी झूठी साबित हुई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है. Karnataka | North Bengaluru DCP Babasab Nemagouda says, “Around afternoon ISRO headquarters in Sanjay Nagar police station limits received a bomb threat call. Our officials rushed to ISRO and thoroughly checked, nothing found. ISRO officials are filing a complaint with us and… — ANI (@ANI) July 2, 2026 फोन करने वाले की तलाश जारी पुलिस ने बताया कि मामले की जांच संजय नगर थाना कर रहा है. फोन किसने और कहां से किया इसका पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है. फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है. Also Read: हिंदुस्तान-जापान दोस्ती और भरोसे का नया अध्याय शुरू, डिफेंस से लेकर AI तक कई अहम समझौतों पर मुहर The post ISRO Bomb Threat: इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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उत्तराखंड में भारी बारिश, 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट; बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग प्रभावित

Uttarakhand Heavy Rain: मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. वहीं, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के लिए कहीं-कहीं भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने जिलाधिकारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने और एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ यात्रा मार्ग प्रभावित उत्तराखंड में लगातार वर्षा के बीच पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है. अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर एहतियातन वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है. उत्तराखंड में 30 जून को पहुंचा था मानसून उत्तराखंड में 30 जून को मानसून ने दस्तक दी थी और बुधवार तक यह पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया. इसके बाद से देहरादून सहित कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश हो रही है. पिछले 24 घंटे के दौरान नरेंद्रनगर में 110 मिलीमीटर वर्षा देहरादून स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान नरेंद्रनगर में 110 मिलीमीटर, धनोल्टी में 100 मिलीमीटर, खटीमा में 85.5 मिलीमीटर, जौलीग्रांट में 80.4 मिलीमीटर, देहरादून में 79.6 मिलीमीटर, मसूरी में 77.8 मिलीमीटर, लक्सर में 73.5 मिलीमीटर, बनबसा में 72 मिलीमीटर, पंतनगर में 70.6 मिलीमीटर, बड़कोट में 65 मिलीमीटर, रुद्रप्रयाग में 64.5 मिलीमीटर, जखोली में 63 मिलीमीटर और यमकेश्वर में 60 मिलीमीटर बारिश हुई. बारिश के कारण तापमान में गिरावट बारिश के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई. पिछले 24 घंटे के दौरान मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहा. मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री कम था. वहीं, गुरुवार को न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है. ये भी पढ़ें: VIDEO: सड़कें बनीं झील, तैरती दिखीं कारें; भारी बारिश से मुंबई का हाल बेहाल, एक की मौत The post उत्तराखंड में भारी बारिश, 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट; बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान में पटवारी और डिप्टी जेलर की भर्ती जल्द, RSSB CET के लिए नोटिफिकेशन जारी

RSSB CET 2026 Notification: राजस्थान में प्रशासनी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए काम की समाचार है. राजस्थान स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड (RSSB) की तरफ से ग्रेजुएट लेवल सीईटी के लिए नोटिफिकेशन जारी हो गया है. इसमें आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट- rssb.rajasthan.gov.in पर जाना होगा. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने ग्रेजुएट लेवल कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2026 नोटिफिकेशन के अनुसार, इस परीक्षा के लिए 4 जुलाई से आवेदन कर सकते हैं. इसमें आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स को 2 अगस्त 2026 तक का समय मिलेगा. इसमें आवेदन करने के लिए नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करना होगा. RSSB CET 2026 के लिए ऐसे करें आवेदन सबसे पहले RSSB की आधिकारिक वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in पर जाएं. ग्रेजुएट लेवल CET 2026 के आवेदन लिंक पर क्लिक करें. SSO ID से लॉगिन करें या नया रजिस्ट्रेशन करें. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें. जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें. अपनी श्रेणी के अनुसार फीस ऑनलाइन जमा करें. सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें. भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित रख लें. RSSB CET 2026 से इन पदों पर होगी भर्तियां एप्लीकेशन फीस RSSB CET 2026 के लिए सामान्य वर्ग, ओबीसी क्रीमी लेयर और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को 600 रुपये एप्लीकेशन फीस देना होगा. वहीं राजस्थान के ओबीसी, एमबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एप्लीकेशन फीस 400 रुपये तय किया गया है. आवेदन फॉर्म में सुधार करने के लिए 300 रुपये का एप्लीकेशन फीस देना होगा. क्यों जरूरी है RSSB CET परीक्षा? राजस्थान में अब कई ग्रेजुएट लेवल प्रशासनी भर्तियों के लिए CET को अनिवार्य स्क्रीनिंग परीक्षा बनाया गया है. यानी बिना CET पास किए उम्मीदवार संबंधित भर्तियों में आवेदन नहीं कर पाएंगे. इसलिए अगर आपका लक्ष्य पटवारी, डिप्टी जेलर, ग्राम विकास अधिकारी, प्लाटून कमांडर, छात्रावास अधीक्षक या अन्य ग्रेजुएट लेवल प्रशासनी पद है, तो इस परीक्षा में शामिल होना जरूरी है. यह भी पढ़ें: प्रशासनी बैंक में क्रेडिट ऑफिसर की वैकेंसी, सैलरी होगी 90000 से ज्यादा The post राजस्थान में पटवारी और डिप्टी जेलर की भर्ती जल्द, RSSB CET के लिए नोटिफिकेशन जारी appeared first on Naya Vichar.

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20 साल बाद बदला लालू परिवार का पता, राबड़ी देवी ने खाली किया 10 सर्कुलर रोड वाला सरकारी बंगला

Rabri Devi Bungalow Row: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आखिरकार पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित प्रशासनी आवास को खाली कर दिया है. गुरुवार को लालू परिवार ने बंगले से अपना सामान हटा लिया और औपचारिक रूप से भवन निर्माण विभाग को इसकी जानकारी दे दी. करीब 20 साल तक इस बंगले में रहने के बाद अब लालू परिवार अस्थायी रूप से अपने निजी आवास में रहेगा. बाद में 39 हार्डिंग रोड स्थित नए प्रशासनी आवास में शिफ्ट होगा. 20 साल बाद खाली हुआ चर्चित प्रशासनी बंगला 10 सर्कुलर रोड का प्रशासनी बंगला लंबे समय से लालू परिवार का नेतृत्वक और पारिवारिक केंद्र रहा है. राबड़ी देवी मुख्यमंत्री रहने के दौरान यहां रहने आई थीं. इसके बाद सत्ता बदलने के बावजूद परिवार इसी आवास में रहा. पिछले साल नवंबर में बिहार प्रशासन ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राबड़ी देवी के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित प्रशासनी आवास आवंटित कर दिया था. इसके बाद कई बार नोटिस भी भेजे गए, लेकिन बंगला खाली नहीं हुआ. अब करीब सात महीने बाद परिवार ने यह आवास छोड़ दिया है. फिलहाल निजी घर में रहेगा लालू परिवार हालांकि राबड़ी देवी अभी नए प्रशासनी बंगले में नहीं गई हैं. उन्होंने 10 सर्कुलर रोड से सामान हटाकर पटना के कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट किया है. बताया जा रहा है कि 39 हार्डिंग रोड स्थित प्रशासनी बंगले में अभी कुछ निर्माण कार्य चल रहा है. काम पूरा होने के बाद ही लालू परिवार वहां जाएगा. नए बंगले में लालू यादव के लिए कराए जा रहे बदलाव राबड़ी देवी ने कुछ दिन पहले भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर नए आवास में विशेष सुविधाएं देने की मांग की थी. उन्होंने लालू प्रसाद यादव की खराब सेहत का हवाला देते हुए रैंप, लिफ्ट और एक आउटहाउस बनाने का अनुरोध किया था. विभाग ने उनकी मांग पर काम शुरू करा दिया है. बंगले की मरम्मत के साथ रंग-रोगन भी कराया जा रहा है. माना जा रहा है कि सभी काम पूरे होने के बाद ही परिवार नए आवास में प्रवेश करेगा. सामान कहां-कहां पहुंचाया गया? 10 सर्कुलर रोड से हटाया गया जरूरी सामान कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में रखा गया है. वहीं, अन्य सामान तेजस्वी यादव के 1 पोलो रोड स्थित प्रशासनी आवास और परिवार के दूसरे परिसरों में भेजा गया है. फिलहाल लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में ही रहेंगे। राबड़ी देवी ने पहले किया था विरोध बंगला खाली करने को लेकर पिछले कुछ महीनों से नेतृत्व भी तेज थी. राबड़ी देवी ने पहले सार्वजनिक तौर पर कहा था कि वह प्रशासनी आवास खाली नहीं करेंगी. उन्होंने यहां तक कहा था कि प्रशासन चाहे तो फोर्स भेज दे. इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने लगातार नोटिस जारी किए. हाल ही में राबड़ी देवी ने 5 जुलाई तक का समय भी मांगा था. लेकिन तय समय से पहले ही उन्होंने बंगला खाली कर दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें अब 10 सर्कुलर रोड में कौन रहेगा? राबड़ी देवी के बंगला खाली करने के बाद अब यह आवास बिहार प्रशासन के मंत्री नंदकिशोर राम को मिलेगा. भवन निर्माण विभाग ने मई 2026 में ही यह बंगला उनके नाम आवंटित कर दिया था. राबड़ी देवी के आवास खाली नहीं करने की वजह से वे अब तक यहां शिफ्ट नहीं हो सके थे. अब विभाग जल्द ही उन्हें बंगला सौंपेगा. हालांकि इससे पहले कुछ मरम्मत और रखरखाव का काम कराया जाएगा. बंगले के बाहर बदला नजारा राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास खाली करते ही वहां का माहौल भी बदल गया. लंबे समय से बंगले के बाहर मौजूद रहने वाले राजद कार्यकर्ता और समर्थक भी गुरुवार दोपहर बाद वहां से हट गए. करीब दो दशक तक बिहार की नेतृत्व का केंद्र रहे 10 सर्कुलर रोड का यह अध्याय अब समाप्त हो गया है. आने वाले दिनों में लालू परिवार 39 हार्डिंग रोड स्थित नए प्रशासनी आवास में शिफ्ट होगा, जबकि 10 सर्कुलर रोड पर प्रशासन के नए मंत्री का निवास होगा. Also Read: नितिन नवीन वाली बांकीपुर सीट पर उपचुनाव का ऐलान, 30 जुलाई को होगी वोटिंग, इलेक्शन कमीशन ने जारी किया पूरा शेड्यूल The post 20 साल बाद बदला लालू परिवार का पता, राबड़ी देवी ने खाली किया 10 सर्कुलर रोड वाला प्रशासनी बंगला appeared first on Naya Vichar.

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तमिलनाडु गैस रिसाव घटना के बाद सकुशल लौटे पश्चिमी सिंहभूम के 14 श्रमिक, चक्रधरपुर में स्वागत

चक्रधरपुर से रविशंकर मोहंती की रिपोर्ट West Singhbhum News: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद पश्चिमी सिंहभूम जिले के 14 प्रवासी श्रमिक सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं. गुरुवार को सभी श्रमिक रेल मार्ग से राउरकेला होते हुए चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. प्रशासन ने सभी श्रमिकों की कुशलक्षेम की जानकारी ली और उन्हें सुरक्षित उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की. यह पूरी प्रक्रिया झारखंड प्रशासन, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से पूरी की गई. गैस रिसाव की घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. अमोनिया गैस रिसाव के बाद शुरू हुई सुरक्षित वापसी जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले स्थित एक औद्योगिक इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की घटना सामने आने के बाद वहां कार्यरत झारखंड के श्रमिकों को लेकर चिंता बढ़ गई थी. घटना की जानकारी मिलते ही झारखंड प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने तत्काल जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया. प्रभावित श्रमिकों से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी ली गई और उन्हें सुरक्षित झारखंड वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रमिक को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े. चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर प्रशासन ने किया स्वागत गुरुवार को जब सभी 14 श्रमिक रेल मार्ग से राउरकेला होते हुए चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे तो जिला प्रशासन की टीम पहले से वहां मौजूद थी. अधिकारियों ने सभी श्रमिकों का स्वागत किया और एक-एक कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति तथा यात्रा संबंधी अनुभवों की जानकारी ली. प्रशासन ने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि राज्य प्रशासन उनके साथ खड़ी है और भविष्य में भी किसी आपात स्थिति में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों ने श्रमिकों से बातचीत कर यह भी जाना कि तमिलनाडु में गैस रिसाव की घटना के दौरान उन्हें किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. घर पहुंचाने के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था रेलवे स्टेशन पर औपचारिक स्वागत के बाद जिला प्रशासन ने सभी श्रमिकों को उनके-अपने गांव और घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था की. इससे श्रमिकों को आगे की यात्रा के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. इसके साथ ही प्रशासन की ओर से प्रत्येक श्रमिक को खाद्य सामग्री से युक्त फूड बास्केट भी उपलब्ध कराया गया. इसका उद्देश्य यह था कि घर पहुंचने के बाद उन्हें तत्काल भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी महसूस न हो. प्रशासन की इस पहल की श्रमिकों और उनके परिजनों ने सराहना की. प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता जिला प्रशासन ने कहा कि झारखंड प्रशासन प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. राज्य के बाहर कार्यरत श्रमिक किसी भी आपात स्थिति में अकेले नहीं हैं. प्रशासन लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर तत्काल हस्तक्षेप करती है. प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग ओपन जेल की सुविधाओं पर हाईकोर्ट सख्त, प्रशासन से 20 जुलाई तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट भविष्य में भी तत्पर रहेगी झारखंड प्रशासन भविष्य में भी यदि किसी राज्य में कार्यरत झारखंड के श्रमिक किसी संकट में फंसते हैं तो उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य प्रशासन और जिला प्रशासन तत्पर रहेगा. तमिलनाडु की गैस रिसाव घटना के बाद 14 श्रमिकों की सकुशल घर वापसी इस बात का उदाहरण है कि विभिन्न विभागों के समन्वय और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से संकट की घड़ी में प्रभावित लोगों को समय पर राहत और सुरक्षा प्रदान की जा सकती है. इसे भी पढ़ें: दुमका और गोड्डा कोर्ट पर हमले की धमकी से हड़कंप, स्पीड पोस्ट से भेजे गए पत्र के बाद हाई अलर्ट The post तमिलनाडु गैस रिसाव घटना के बाद सकुशल लौटे पश्चिमी सिंहभूम के 14 श्रमिक, चक्रधरपुर में स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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चुनाव आयोग पहुंचा तृणमूल का ‘सिंबल’ युद्ध, 10 बागी विधायक दिल्ली में, ममता बनर्जी बोलीं- गद्दार हमेशा गद्दार ही रहेंगे

खास बातें विश्वासघातियों को पार्टी में दोबारा कभी नहीं लेंगे : ममता बनर्जी TMC Split: दो-तिहाई बहुमत का दावा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी से ममता की छुट्टी कुणाल घोष ने कहा- यह भाजपा प्रायोजित साजिश TMC Split: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में चल रहा तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आंतरिक घमासान अब देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गया है. रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के बागी गुट के विधायक बुधवार को दिल्ली पहुंचे. रीतब्रत बनर्जी, संदीपन साहा, जावेद खान, अखरुज्जमां और अरूप रॉय सहित कुल 10 बागी विधायक गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात करने वाले हैं. बैठक में बागी गुट आधिकारिक तौर पर पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न (सिक्का/सिंबल) और पार्टी फंड पर दावा पेश करेगा. विश्वासघातियों को पार्टी में दोबारा कभी नहीं लेंगे : ममता बनर्जी इस नेतृत्वक बवंडर के बीच, कोलकाता के महाराष्ट्र निवास में ममता बनर्जी के वफादार नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन आयोजित किया गया. बैठक को पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने फोन के जरिये संबोधित किया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा- असली तृणमूल हम ही हैं. जिन लोगों ने हमारे साथ विश्वासघात किया है, जिन्होंने गद्दारी की है, हम उन्हें कभी भी पार्टी में वापस नहीं लेंगे. गद्दार हमेशा गद्दार ही रहेंगे. बैठक में चंद्रिमा भट्टाचार्य, मदन मित्रा, कुणाल घोष और शोभनदेव चट्टोपाध्याय जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी की नयी मुसीबत ‘सेवाश्रय’, विष्णुपुर थाने में दर्ज हुआ केस, जानें पूरा मामला TMC Split: दो-तिहाई बहुमत का दावा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी से ममता की छुट्टी तृणमूल कांग्रेस का विवाद तब और बढ़ गया, जब बागी गुट ने विशेष सत्र बुलाकर ममता बनर्जी को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटा दिया था. बागियों ने एक समानांतर राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन कर लिया था. इसके बाद दोनों गुटों ने चुनाव आयोग को अपने-अपने पदाधिकारियों की सूची सौंपी थी. दिल्ली रवाना होने से पहले रीतब्रत बनर्जी ने कहा- हम ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) हैं. हमारे पास दो-तिहाई विधायकों का समर्थन है. इसलिए सिंबल पर दावा करने का सवाल ही नहीं उठता, वह हमारा ही है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कुणाल घोष ने कहा- यह भाजपा प्रायोजित साजिश ममता बनर्जी के करीबी बेलियाघाटा के विधायक और टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस पूरे विद्रोह को भाजपा (BJP) द्वारा प्रायोजित साजिश करार दिया है. घोष ने आरोप लगाया कि कई बागी नेता विभिन्न आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं. केवल कानूनी व नेतृत्वक सुरक्षा पाने के लिए वे हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये नेता डर के मारे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भी नहीं जा पा रहे हैं. इसे भी पढ़ें सत्ता छिनते ही TMC के अस्तित्व पर संकट, जानें क्यों अब ममता बनर्जी के लिए वापसी की राह है कठिन मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला The post चुनाव आयोग पहुंचा तृणमूल का ‘सिंबल’ युद्ध, 10 बागी विधायक दिल्ली में, ममता बनर्जी बोलीं- गद्दार हमेशा गद्दार ही रहेंगे appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर दान चोरी विवाद में चंपत राय बोले- अयोध्या में सेवा पूरी हुई, कलंक के साथ नहीं रहेंगे

Ayodhya Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के बीच चंपत राय का एक बयान ने यूपी की सियासत में भूचाल ला दिया हैं. चंपत राय ने अपने सहयोगियों से कहा हैं कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो गई है और वह कथित विवादों के “कलंक” के साथ आगे नहीं रहेंगे. सूत्रों के अनुसार यह बयान उस समय सामने आया है जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर दान में कथित गबन को लेकर जांच तेज है और उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा गठित SIT की रिपोर्ट पर चर्चा की तैयारी हो रही है. एकांतवास में चंपत राय ‘पीटीआई-भाषा’ के अनुसार, चंपत राय फिलहाल एकांतवास में रह रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि उनके साथ ‘विश्वासघात’ हुआ है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किसकी ओर था. यह जानकारी मीडिया में बृहस्पतिवार को सामने आई. चंपत राय का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की वकीलों के एक वर्ग द्वारा मांग की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, चंपत राय और उनके साथ ट्रस्ट में अपने पद से इस्तीफा दे चुके अनिल मिश्रा का भविष्य छह जुलाई को अयोध्या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दो-तिहाई बहुमत से तय होने की संभावना है. आरएसएस की रिपोर्ट तैयार, शीर्ष नेतृत्व को भेजा गया फीडबैक अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण से उपजे हालात को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी सक्रिय हो गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने लगभग एक सप्ताह तक अयोध्या में प्रवास कर पूरे घटनाक्रम का फीडबैक लिया और इस दौरान उन्होंने साधु-संतों, सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों तथा राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत कर स्थिति का आकलन किया. बताया जा रहा है कि इसी आधार पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट संघ के शीर्ष नेतृत्व को भेज दी गई है. संघ ने वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजा था अयोध्या सूत्रों के अनुसार, संघ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को अयोध्या भेजा था, जिनका आधिकारिक दौरा संघ के एक वर्ग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बताया गया, लेकिन प्रवास के दौरान उन्होंने विभिन्न स्तरों पर लोगों से मुलाकात कर फीडबैक भी जुटाया और संत समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों, रामभक्तों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों तथा मंदिर व्यवस्था से जुड़े जानकारों से अलग-अलग बातचीत कर उनके द्वारा जानकारी जुटाई गयी. यह भी पढ़ें: राम मंदिर भर्ती पर उठे सवाल, 125 नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों की जांच तेज The post राम मंदिर दान चोरी विवाद में चंपत राय बोले- अयोध्या में सेवा पूरी हुई, कलंक के साथ नहीं रहेंगे appeared first on Naya Vichar.

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रोबोट डॉग विवाद के बाद गलगोटिया का कमबैक, 16 स्टूडेंट्स कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के लिए सेलेक्ट

Galgotias University Comeback: गलगोटिया यूनिवर्सिटी के 16 छात्रों का चयन यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के गर्टन कॉलेज में होने वाले दो हफ्ते के ग्रेजुएट समर प्रोग्राम के लिए हुआ है. इन सभी छात्रों का पूरा खर्च यूनिवर्सिटी उठाएगी. इससे छात्रों को बिना आर्थिक चिंता के दुनिया की नामी यूनिवर्सिटी में पढ़ने और सीखने का मौका मिलेगा. Galgotias University Comeback: क्या है रोबोट डॉग विवाद? इस साल की शुरुआत में नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन हुआ था. इस कार्यक्रम में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर एक रोबोट डॉग (Galgotias University) दिखाया था. दावा किया गया कि यह यूनिवर्सिटी का अपना इनोवेशन है. लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद टेक एक्सपर्ट्स ने बताया कि यह चीन की कंपनी Unitree का Go2 रोबोट है, जो पहले से बाजार में बिक रहा है. इसके बाद मामला तेजी से फैल गया और यूनिवर्सिटी को समिट से अपना स्टॉल हटाना पड़ा. इस घटना को लेकर काफी बहस हुई. अब यूनिवर्सिटी अपने छात्रों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के जरिए नई पहचान बना रही है. कैंब्रिज में मिलेगा सीखने का मौका सेलेक्टेड स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के गर्टन कॉलेज में दो हफ्ते तक पढ़ाई और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेंगे. यहां उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनोवेशन, स्टार्टअप, बिजनेस, लीडरशिप और कम्युनिकेशन जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी. From Galgotias to Cambridge: 16 Galgotians selected for Prestigious AI and Entrepreneurship Summer Programme at Girton College, University of Cambridge Read @ANI Story | https://t.co/ociXnwcsj0 #GalgotiasUniversity #UniversityOfCambridge pic.twitter.com/zV39TXzb0j — ANI Digital (@ani_digital) July 2, 2026 गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) के स्टूडेंट्स इस साल कई बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में अपनी पहचान बना चुके हैं. हांगकांग में हुए EDVentures 2026 में यूनिवर्सिटी के स्टार्टअप Project TACTO को AWS Championship Award मिला था. Galgotias University में प्लेसमेंट और ग्लोबल एक्सपोजर पर जोर गलगोटिया यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग, AI, कंप्यूटर साइंस, बिजनेस, लॉ, मीडिया, डिजाइन और हेल्थ साइंस समेत कई विषयों की पढ़ाई होती है. यूनिवर्सिटी के मुताबिक, साल 2026 में उसके छात्रों को 5,500 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले. इसके लिए 1,250 से अधिक कंपनियां कैंपस पहुंचीं. यूनिवर्सिटी की Apple, Intel, Infosys, Cisco, Capgemini, Salesforce, Tata Technologies और L&T EduTech जैसी बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी है. कैंब्रिज समर प्रोग्राम में 16 छात्रों का चयन इस बात का संकेत है कि यूनिवर्सिटी अब अपने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर देने पर लगातार काम कर रही है. यह भी पढ़ें: AI इंपैक्ट समिट: ‘चीनी रोबो डॉग’ ने कटवाई नाक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी की गई बाहर, राहुल गांधी का प्रशासन पर तंज The post रोबोट डॉग विवाद के बाद गलगोटिया का कमबैक, 16 स्टूडेंट्स कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के लिए सेलेक्ट appeared first on Naya Vichar.

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कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, राममंदिर चंदा चोरी की जांच SC की निगरानी में कराने की मांग

Ram Mandir Donation : राम मंदिर के चंदे में हुई गड़बड़ी के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुए गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में किसी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए. वेणुगोपाल ने दावा किया कि इस पूरे मामले से करोड़ों हिंदुस्तानीय नागरिकों की आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है. संस्थागत विफलता के संकेत मिले केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में यह लिखा है कि मामले की प्रारंभिक जांच में संगठित गिरोह के सक्रिय होने और हर स्तर पर ट्रस्ट के विफल के प्रमाण मिलते हैं. इस बात से यह स्पष्ट होता है कि यह कथित लूट संस्थागत संरक्षण के बिना संभव नहीं थी. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि नकदी गिनने वाले कर्मचारियों ने नियमित निगरानी व्यवस्था को दरकिनार कर नकदी और बहुमूल्य आभूषणों की चोरी की. इतना ही नहीं इस पूरे साजिश के सबूत मिटाने के लिए कई महीनों की सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दी गई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गबन और चोरी की शिकायतों को या तो नजरअंदाज किया गया या फिर दबा दिया गया. Congress MP KC Venugopal (@kcvenugopalmp) posts, “The massive Chanda Chori at the Ayodhya Ram Temple has shaken the nation. Crores of innocent devotees gave their hard-earned savings in the name of Lord Rama. He who is known as ‘Maryada Purushottam’ has been misused and tarnished… pic.twitter.com/9Sz6ebEq52 — Press Trust of India (@PTI_News) July 2, 2026 अनियमितताओं की चेतावनी को नजर अंदाज किया गया केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि ट्रस्ट के पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी द्वारा अनियमितताओं को लेकर दी गई चेतावनियों और हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक की ओर से उठाए गए सवालों की भी अनदेखी की गई. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और उसके बाद दर्ज प्राथमिकी महज दिखावा है.उनका कहना था कि अब तक केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जबकि असली दोषियों पर अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. वेणुगोपाल ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट वर्ष 2020 में केंद्र प्रशासन द्वारा गठित एक सार्वजनिक ट्रस्ट है और इसलिए इससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप हिंदू आस्था और भगवान राम के नाम पर स्थापित संस्था की पवित्रता के साथ बड़ा विश्वासघात हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि आप इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और निष्पक्ष जांच कराएं. ये भी पढ़ें : राम मंदिर भर्ती पर उठे सवाल, 125 नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों की जांच तेज The post कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, राममंदिर चंदा चोरी की जांच SC की निगरानी में कराने की मांग appeared first on Naya Vichar.

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