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Author name: Vinod Jha

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अक्षय की फिल्म भूत-बंगला का टीजर रिलीज, पुराने अंदाज में लौटे राजपाल यादव

Bhooth Bangla Teaser: बॉलीवुड में कॉमेडी फिल्मों की बात हो और अक्षय कुमार व प्रियदर्शन की जोड़ी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. इस जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार कॉमेडी फिल्में दी हैं. अब पूरे 14 साल बाद दोनों एक बार फिर फिल्म भूत बंगला के साथ वापसी कर रहे हैं. ऐसे में फैंस के बीच इस फिल्म को लेकर जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रहा है. रिलीज हुआ ‘भूत बंगला’ का टीजर मेकर्स ने आज ‘भूत बंगला’ का टीजर रिलीज कर दिया है. इसके साथ ही फिल्म का एक खास कास्ट पोस्टर भी सामने आया है, जिसमें फिल्म की डरावनी दुनिया की पहली झलक देखने को मिली है. टीजर में कॉमेडी और हॉरर का दिलचस्प मिक्सचर देखने को मिलता है. हालांकि, इसमें डरावने एलिमेंट्स को ज्यादा नहीं दिखाया गया है, लेकिन इतना जरूर है कि ट्रेलर को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट और बढ़ गयी है. यहां देखें फिल्म का टीजर इन एक्टर्स की एक झलक ने बढ़ा दी एक्साइटमेंट टीजर में कई शानदार कलाकारों की झलक भी देखने को मिलती है. इसमें परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव जैसे दिग्गज कलाकार नजर आते हैं. इन एक्टर्स की छोटी सी झलक ही दर्शकों को पुरानी क्लासिक कॉमेडी फिल्मों की याद दिला देती है. यही वजह है कि फिल्म को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट और भी बढ़ गया है. हॉरर और कॉमेडी का खास तड़का टीजर में दिखाई गई झलक से साफ है कि फिल्म में डर और हंसी का जबरदस्त कॉम्बिनेशन देखने को मिलने वाला है. इंटरेस्टिंग विजुअल्स, मजेदार पंचलाइन्स और दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म के माहौल को और खास बना देते हैं. ‘भूत बंगला’ को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर दर्शकों के बीच ला रहे हैं. फिल्म का डायरेक्शन प्रियदर्शन ने किया है, जबकि इसे अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया है. यह फिल्म 10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. यह भी पढे़ं: अचानक पेड़ से लटके अक्षय कुमार, फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर किया बड़ा ऐलान The post अक्षय की फिल्म भूत-बंगला का टीजर रिलीज, पुराने अंदाज में लौटे राजपाल यादव appeared first on Naya Vichar.

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नवरात्रि व्रत में क्या बनाएं? ट्राई करें ये 9 स्वादिष्ट रेसिपी आइडिया

Navratri Vrat Recipes: नवरात्रि का पर्व भक्ति और आस्था के साथ-साथ खानपान की खास परंपराओं के लिए भी जाना जाता है. इन नौ दिनों में लोग व्रत रखते हैं और सात्विक भोजन करते हैं. अगर आप भी व्रत के दौरान स्वादिष्ट और अलग-अलग रेसिपी बनाना चाहते हैं, तो Rajshri Food ने अपने यूट्यूब चैनल पर नवरात्रि के लिए 9 खास व्रत रेसिपी आइडिया शेयर किए हैं. इन रेसिपीज़ को बनाना आसान है और ये स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखती हैं. साबूदाना खिचड़ी साबूदाना खिचड़ी व्रत के दौरान सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली डिश है. इसमें साबूदाना, मूंगफली, आलू और हल्के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. यह हल्की, स्वादिष्ट और जल्दी बनने वाली रेसिपी है. कुट्टू के आटे की पूरी कुट्टू के आटे से बनी कुरकुरी पूरी व्रत में बहुत लोकप्रिय होती है. इसे आलू की सब्जी या दही के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. साबूदाना वड़ा साबूदाना, उबले आलू और मूंगफली से तैयार होने वाला साबूदाना वड़ा बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम होता है. इसे हरी चटनी या दही के साथ खाया जा सकता है. यह भी पढ़ें: Moong Palak Appe: ब्रेकफास्ट के लिए आसानी से तैयार करें मूंग पालक अप्पे, नोट करें स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी समा के चावल की खिचड़ी समा के चावल व्रत में खाए जाने वाले खास अनाज हैं. इनसे बनी खिचड़ी हल्की और पौष्टिक होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखती है. शकरकंद चाट उबली हुई शकरकंद को छोटे टुकड़ों में काटकर उसमें सेंधा नमक, नींबू और हरी मिर्च डालकर स्वादिष्ट चाट तैयार की जाती है. मखाना खीर मखाने से बनी खीर नवरात्रि के व्रत में मीठे के तौर पर बहुत पसंद की जाती है. दूध, मखाना और ड्राई फ्रूट्स से बनने वाली यह खीर स्वादिष्ट और हेल्दी होती है. राजगिरा पराठा राजगिरा के आटे से बना पराठा व्रत के लिए बेहतरीन विकल्प है. इसे दही या व्रत की सब्जी के साथ खाया जा सकता है. यह भी पढ़ें: सर्दियों में मेथी-मटर से तैयार करें गरमा-गरम स्वादिष्ट कचौड़ी  फलाहारी टिक्की उबले आलू, मूंगफली और हल्के मसालों से बनी फलाहारी टिक्की एक स्वादिष्ट स्नैक है, जिसे व्रत में आसानी से बनाया जा सकता है. नारियल लड्डू नारियल, दूध और चीनी से बनने वाले नारियल लड्डू मीठा खाने की इच्छा को पूरा करते हैं और इन्हें बनाना भी बहुत आसान होता है. यह भी पढ़ें: प्रतीक सिंह की आसान रेसिपी बनाएं स्वादिष्ट आलू मसाला पूरी The post नवरात्रि व्रत में क्या बनाएं? ट्राई करें ये 9 स्वादिष्ट रेसिपी आइडिया appeared first on Naya Vichar.

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LPG या इंडक्शन चूल्हा ? किस पर खाना पकाना पड़ेगा सस्ता, समझें पूरा कैलकुलेशन

Lpg vs induction: आजकल मिडिल ईस्ट की टेंशन और गैस की किल्लत की समाचारों ने हर किसी को रसोई के बजट की चिंता में डाल दिया है. आलम यह है कि लोग अब गैस सिलेंडर के भरोसे बैठने के बजाय इंडक्शन (Induction) की तरफ भाग रहे हैं. लेकिन क्या सच में इंडक्शन पर खाना बनाना गैस से सस्ता पड़ता है? आइए, इस उलझन को आसान भाषा में समझते हैं. इंडक्शन और गैस: कौन है ज्यादा ‘स्मार्ट’? गैस चूल्हा (LPG): जब आप गैस जलाते हैं, तो उसकी 60% गर्मी बर्तन के अगल-बगल से निकलकर हवा में बर्बाद हो जाती है. यानी आप ₹100 की गैस जलाते हैं, तो सिर्फ ₹40 का काम होता है.इंडक्शन (Induction): यह मैग्नेटिक (Magnetic) फील्ड पर काम करता है. इसमें गर्मी सीधे बर्तन के पेंदे (Bottom) में पैदा होती है. इसकी कार्यक्षमता 90% तक होती है, यानी इसमें बर्बादी न के बराबर है. जेब पर कितना असर ? खर्चा गैस सिलेंडर (14.2 kg) इंडक्शन (बिजली) महीने का खर्च लगभग ₹913 लगभग ₹624 (78 यूनिट) यूनिट रेट – ₹8 प्रति यूनिट (अंदाजन) सालाना बचत – लगभग ₹3,500 से ₹4,000 शुरुआत में थोड़ा खर्चा, फिर मजे ही मजे इंडक्शन अपनाते वक्त आपको दो चीजों पर इन्वेस्ट करना होगा. इंडक्शन चूल्हा: ₹2,000 से ₹4,000 के बीच एक अच्छा मॉडल मिल जाता है. खास बर्तन: इंडक्शन के लिए फ्लैट बॉटम वाले स्टील या लोहे के बर्तन चाहिए होते हैं. हालांकि यह खर्चा एक बार का है और एक साल के अंदर ही आपकी गैस की बचत से यह पैसा वसूल हो जाता है. इसके अलावा, इंडक्शन पर खाना बनाने से रसोई में गर्मी कम लगती है और सफाई करना भी बेहद आसान है. रेस्टोरेंट वाले क्यों नहीं बदल रहे ? घर के लिए तो इंडक्शन बेस्ट है, लेकिन बड़े होटलों और रेस्टोरेंट के लिए यह थोड़ा मुश्किल सौदा है. बिजली का लोड: रेस्टोरेंट में बहुत ज्यादा खाना बनता है, जिसके लिए भारी-भरकम बिजली कनेक्शन (High Tension) चाहिए, जो काफी महंगा पड़ता है. महंगे चूल्हे: कमर्शियल ग्रेड का एक इंडक्शन सेटअप लगाने में ही करीब ₹3.5 लाख तक का खर्चा आ सकता है. बैकअप की समस्या: अगर बिजली चली गई, तो इतने भारी लोड के लिए जनरेटर चलाना बहुत महंगा पड़ता है. इसलिए होटल वाले अभी भी गैस को ही बेहतर मानते हैं. अगर आप एक आम परिवार हैं और गैस की बढ़ती कीमतों या किल्लत से बचना चाहते हैं, तो इंडक्शन एक बेहतरीन और बेस्ट ऑप्शन है. यह न सिर्फ आपके पैसे बचाएगा, बल्कि खाना बनाने के अनुभव को भी मॉडर्न बना देगा. Also Read: ईरान-इजरायल तनाव से हिला ग्लोबल मार्केट, दुनियाभर में पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं The post LPG या इंडक्शन चूल्हा ? किस पर खाना पकाना पड़ेगा सस्ता, समझें पूरा कैलकुलेशन appeared first on Naya Vichar.

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नया इंडक्शन चूल्हा लेने जा रहे हैं? खरीदते समय चेक करें ये 5 जरूरी चीजें

दुनिया में चल रही उथल-पुथल के कारण नेचुरल गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इसी को देखते हुए प्रशासन ने LPG सिलेंडर की बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. इस बीच देश के कुछ हिस्सों से सिलेंडर की कमी की समाचारें भी आ रही हैं. ऐसे में कई लोग खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हे को एक ऑप्शन के तौर पर देखने लगे हैं. अगर आप भी इंडक्शन खरीदने की सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों को जरूर ध्यान में रखें ताकि आप अपने घर के लिए सही और किफायती इंडक्शन चुन सकें. आइए जानते हैं. पावर और वॉटेज चेक करें इंडक्शन कुकटॉप खरीदते समय उसकी पावर यानी वॉटेज पर जरूर ध्यान दें. आसान शब्दों में समझें तो जितना ज्यादा वॉटेज होगा, उतनी तेजी से हीटिंग और उतना जल्दी से खाना पकेगा. आम तौर पर रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए 1200W से 2000W के बीच वाला इंडक्शन कुकटॉप ज्यादातर घरों के लिए सही होता है. इससे खाना भी जल्दी बनता है और कुकिंग का काम भी काफी आसान हो जाता है. कुकवेयर कम्पैटिबिलिटी चेक करें इंडक्शन कुकटॉप हर तरह के बर्तनों के साथ काम नहीं करता. इसमें खाना बनाने के लिए ऐसे बर्तन चाहिए होते हैं जिनमें मैग्नेटिक बेस हो, जैसे स्टेनलेस स्टील या कास्ट आयरन. इसलिए अगर आप इंडक्शन कुकटॉप खरीदने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपके घर में मौजूद बर्तन इंडक्शन के साथ कम्पैटिबल हैं या नहीं. अगर नहीं हैं, तो आपको नए बर्तन लेने पड़ सकते हैं. पैन का सही साइज चुनें  हर कुकटॉप एक तय पैन साइज को सपोर्ट करता है. अगर आप उसी साइज के बर्तन का इस्तेमाल करते हैं, तो हीट बराबर फैलती है और खाना भी बेहतर तरीके से पकता है. यानी सही साइज का पैन चुनना न सिर्फ कुकिंग को आसान बनाता है, बल्कि रिजल्ट भी बढ़िया देता है. सेफ्टी फीचर्स जरूर चेक करें इंडक्शन कुकर लेते समय यह जरूर देखें कि उसमें ऑटो शट-ऑफ, चाइल्ड लॉक और ओवरहीट प्रोटेक्शन जैसे फीचर्स हों. ऑटो शट-ऑफ जरूरत पड़ने पर कुकर को खुद ही बंद कर देता है, चाइल्ड लॉक बच्चों से होने वाली गड़बड़ी से बचाता है. ओवरहीट प्रोटेक्शन मशीन को ज्यादा गर्म होने से रोकता है. प्रीसेट कुकिंग मेन्यू चेक करें  आजकल कई इंडक्शन कुकटॉप्स में अलग-अलग डिश के लिए प्रीसेट कुकिंग मेन्यू मिलते हैं. जैसे अगर आपको चावल, दूध या करी बनानी है, तो बस उससे जुड़ा मेन्यू चुनिए और कुकटॉप खुद ही सही टेम्परेचर और समय सेट कर देता है. इससे कुकिंग काफी आसान हो जाती है. यह खासकर उन लोगों के लिए जो नए-नए खाना बनाना सीख रहे हैं या रोजमर्रा के काम को जल्दी और बिना झंझट के निपटाना चाहते हैं. यह भी पढ़ें: Induction Usage Tips: इंडक्शन यूज करते समय कभी न भूलें ये 5 बातें, वरना बार-बार पड़ेगा मैकेनिक के पास जाना The post नया इंडक्शन चूल्हा लेने जा रहे हैं? खरीदते समय चेक करें ये 5 जरूरी चीजें appeared first on Naya Vichar.

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विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता

Strait of Hormuz : दुनिया भर में जारी एनर्जी क्राइसिस के बीच नई दिल्ली को बड़ी राहत मिली है. ईरान ने हिंदुस्तान के झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है. सूत्रों के हवाले से NDTV ने समाचार दी है. समाचार में बताया गया है कि यह कामयाबी विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बातचीत के बाद मिली. इस डेवलपमेंट के बाद, कम से कम दो हिंदुस्तानीय टैंकर (पुष्पक और परिमल) के स्ट्रेटेजिक रूप से अहम स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजरने की समाचार है. सऊदी अरब का कच्चा तेल ले जा रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर दो दिन पहले होर्मुज की खाड़ी से निकला. इसे एक हिंदुस्तानीय चला रहा था. यह मुंबई के बंदरगाह पर रुका. यह हिंदुस्तान जाने वाला पहला जहाज बन गया जो सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजरा. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमला करने के बाद से समुद्री यातायात इस एरिया में लगभग बंद हो गया था. तेल की कीमतें छू रही हैं आसमान ईरान के खिलाफ US-इजरायली का हमला (युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ) 12वें दिन में प्रवेश कर गया है. इसका कोई अंत नहीं दिख रहा है. इस तनाव की वजह से समुद्री ट्रैफिक बहुत कम हो गया है. दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू रहीं हैं. यह भी पढ़ें : डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान का नेवी-एयरफोर्स खत्म, अब कंपनियां बेधड़क चलाएं तेल के जहाज ईरान ने किन जहाजों पर लगाई है रोक? ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने पर अपनी रोक और बढ़ा दी है. तेहरान ने कहा है कि केवल वही जहाज पानी के रास्ते से सुरक्षित रूप से नहीं गुजर सकते जो यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के साथ अपना हित साधने के लिए जुड़े हैं. होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम? होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच 55 किलोमीटर चौड़ा पानी का चैनल है. यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से अलग करता है. यह एनर्जी सेक्टर के हिसाब से एक खास हिस्सा है. यह दुनिया के सबसे बिजी और स्ट्रेटेजिक रूप से सबसे अहम शिपिंग रूट में से एक है. आम तौर पर हर दिन लगभग 13 मिलियन बैरल तेल इन पानी के रास्तों से गुजरता है. The post विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, हिंदुस्तान के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता appeared first on Naya Vichar.

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अब छुपकर किसी से चैट नहीं कर पाएंगे बच्चे, WhatsApp लाया नया पेरेंटल कंट्रोल फीचर

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने एक नया फीचर पेश किया है, जिससे माता-पिता या अभिभावक (Guardian) बच्चों के अकाउंट पर ज्यादा कंट्रोल रख सकेंगे. इस फीचर का मकसद छोटे यूजर्स को सुरक्षित माहौल देना है, ताकि वे बिना किसी रिस्क के सिर्फ मैसेजिंग और कॉलिंग का इस्तेमाल कर सकें. व्हाट्सएप का कहना है, कि इस फीचर को फैमिली और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के सजेशन्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. खासतौर पर उन बच्चों के लिए जो 13 साल से कम उम्र में WhatsApp इस्तेमाल करना शुरू करते हैं. कंपनी के ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, फिलहाल यह फीचर कुछ ही क्षेत्रों में रोलआउट किया गया है. आने वाले महीनों में इसे धीरे-धीरे अन्य देशों में रोलआउट किया जाएगा. क्या है Parent-Managed WhatsApp Account? Parent-Managed Account WhatsApp का एक खास अकाउंट टाइप है, जिसे खास तौर पर प्री-टीन यानी 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है. इस अकाउंट को माता-पिता या अभिभावक बनाते और कंट्रोल करते हैं. यह अकाउंट डायरेक्ट पेरेंट्स के WhatsApp अकाउंट से लिंक रहता है, जिससे वे शिशु की हर एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं. WhatsApp का कहना है, कि इन अकाउंट्स में सख्त प्राइवेसी सेटिंग्स और लिमिटेड फीचर्स होंगे. शिशु इसमें केवल प्राइवेट मैसेज और वॉइस कॉल कर सकेंगे, जिससे वे सिर्फ परिवार या भरोसेमंद लोगों से जुड़े रहेंगे. इन फीचर्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे शिशु Parent-Managed Accounts में कुछ फीचर्स को बंद रखा गया है, ताकि बच्चों के लिए प्लेटफॉर्म ज्यादा सुरक्षित बन सके. इन अकाउंट्स में Status अपडेट, Channels और Meta AI फीचर्स जैसे फीचर्स उपलब्ध नहीं होंगे. इसके अलावा, एक निर्धारित समय पर हट जाने वाले मैसेज (Disappearing Messages) का ऑप्शन भी वन-टू-वन चैट में बंद रहेगा. अनजान नंबरों पर रहेगा सख्त कंट्रोल WhatsApp के इस नए फीचर में अनजान कॉन्टैक्ट्स से आने वाले मैसेज डायरेक्ट Message Request फोल्डर में जाएंगे. इस फोल्डर को केवल पेरेंट PIN के जरिए ही एक्सेस किया जा सकेगा. इससे शिशु बिना परमिशन के किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा, जब भी बच्चा कोई नया कॉन्टैक्ट जोड़ता है,किसी नंबर को ब्लॉक करता है या किसी को रिपोर्ट करता है, तो उसकी जानकारी पेरेंट्स को भी मिल जाएगी. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन रहेगा सुरक्षित इन अकाउंट्स में कई सीमाएं होंगी, लेकिन WhatsApp ने साफ किया है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुरक्षा पहले की तरह ही बनी रहेगी. इसका मतलब है कि बच्चों की चैट और कॉल पूरी तरह सुरक्षित और प्राइवेट रहेंगी. कैसे सेट कर सकते हैं Parent-Managed Account? WhatsApp के मुताबिक, अगर पेरेंट्स अपने शिशु के लिए अकाउंट बनाना चाहते हैं, तो वे साइन-अप के दौरान Parent-Managed Account का ऑप्शन सेलेक्ट कर सकते हैं. इसके बाद- रजिस्ट्रेशन के समय शिशु की जन्म तिथि (Date of Birth) देनी होगी, जिससे यह तय होगा कि अकाउंट Parent-Managed होगा या नहीं. सेटअप के दौरान पेरेंट्स और शिशु दोनों के फोन जरूरी होंगे, ताकि दोनों अकाउंट आपस में लिंक हो सकें. पेरेंट्स को यह भी कन्फर्म करना होगा कि वे एडल्ट हैं. इसके लिए पेरेंट्स सेल्फी के जरिए पहचान सत्यापन (Identity Verification) करना पड़ सकता है. शिशु की उम्र बढ़ने के बाद क्या होगा? शिशु की उम्र 13 साल होने के बाद WhatsApp शिशु के अकाउंट को स्टैंडर्ड अकाउंट में बदलने का नोटिफिकेशन पेरेंट्स को भेजेगी. हालांकि, ये पेरेंट्स को इस ट्रांजिशन को 12 महीने तक रोकने या आगे बढ़ाने का ऑप्शन मिलेगा. यानी पेरेंट्स चाहे तो एक साल और अपने शिशु के अकाउंट को अपने अकाउंट से लिंक रख सकते हैं. यह भी पढ़ें: डिजिटल पायरेसी पर प्रशासन की नकेल, 3142 चैनलों पर कार्रवाई के लिए टेलीग्राम को नोटिस The post अब छुपकर किसी से चैट नहीं कर पाएंगे शिशु, WhatsApp लाया नया पेरेंटल कंट्रोल फीचर appeared first on Naya Vichar.

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मृत्यु को याद रखो, जीवन सुधरेगा: जया किशोरी का गहरा संदेश

Jaya Kishori message: प्रसिद्ध कथा वाचिका जया किशोरी अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों को भक्ति, जीवन मूल्यों और आध्यात्मिकता का संदेश देती हैं. उनके अनुसार श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने वाली अमृतधारा है. यह कथा हमें जीवन का सच्चा उद्देश्य समझाती है और भगवान की भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है. नीचे दिए गए प्रसंग के माध्यम से जया किशोरी ने जीवन, मृत्यु, संगत और समर्पण का गहरा संदेश दिया है. संगत का जीवन पर गहरा प्रभाव जया किशोरी बताती हैं कि मनुष्य के जीवन में संगत यानी साथियों का बहुत बड़ा महत्व होता है. व्यक्ति जिस तरह के लोगों के साथ रहता है, धीरे-धीरे वैसा ही उसका स्वभाव बन जाता है. अगर मनुष्य अच्छे विचारों वाले लोगों के साथ रहता है तो उसके विचार, व्यवहार और जीवन भी सकारात्मक बन जाते हैं. वहीं यदि संगत गलत हो तो उसका प्रभाव भी नकारात्मक पड़ता है. यही कारण है कि माता-पिता हमेशा अपने बच्चों की मित्र मंडली और संगत पर ध्यान देते हैं. मनुष्य जिस व्यक्ति के साथ अधिक समय बिताता है, वह अनजाने में ही उसकी भाषा, आदतें और सोच को अपनाने लगता है. इसलिए यदि जीवन में आगे बढ़ना है और कुछ अच्छा करना है, तो अच्छे मित्रों और सकारात्मक सोच वाले लोगों की संगति करना बेहद जरूरी है. मृत्यु का स्मरण जीवन को सुधार देता है जया किशोरी एक सुंदर प्रसंग के माध्यम से समझाती हैं कि यदि मनुष्य हर पल मृत्यु को याद रखे तो उसका जीवन अपने आप सुधर सकता है. उन्होंने एक कहानी सुनाई कि एक व्यक्ति अपने भविष्य के बारे में जानने के लिए एक संत के पास गया. संत ने उससे कहा कि उसकी मृत्यु केवल 10 दिनों में होने वाली है. यह सुनकर वह व्यक्ति घबरा गया और अगले दस दिनों में उसने अपने जीवन को पूरी तरह बदल दिया. उसने जिन लोगों को दुख पहुंचाया था उनसे माफी मांगी, भगवान की भक्ति में मन लगाया और दान-पुण्य करना शुरू कर दिया. लेकिन जब 15 दिन बाद भी वह जीवित रहा तो वह संत के पास गया और पूछा कि आपने मुझे गलत क्यों बताया? तब संत ने मुस्कुराकर कहा कि जो परिवर्तन तुम्हारे जीवन में आया, वह पहले क्यों नहीं आया? जब तुम्हें लगा कि मृत्यु सामने खड़ी है, तब तुमने सही जीवन जीना शुरू कर दिया. इस प्रसंग का संदेश यह है कि यदि मनुष्य हर दिन यह याद रखे कि जीवन अनिश्चित है और अगला पल किसी को नहीं पता, तो वह झगड़े, लालच और बुरे कर्मों से दूर हो जाएगा और प्रेम, भक्ति तथा अच्छे कर्मों की ओर बढ़ेगा. भजन-कीर्तन में ताली बजाने का महत्व कथा में आगे जया किशोरी ने भजन और कीर्तन में ताली बजाने के महत्व को भी समझाया. उनके अनुसार ताली बजाने से मन में ऊर्जा का संचार होता है. इससे आलस्य और नकारात्मकता दूर होती है और मनुष्य का अहंकार भी कम होता है. जब व्यक्ति पूरे मन से भजन और कीर्तन में शामिल होता है, तो उसका मन भगवान की भक्ति में अधिक एकाग्र हो जाता है. सुखदेव मुनि की कथा से मिलने वाली शिक्षा कथा के दौरान सुखदेव मुनि के जन्म का प्रसंग भी बताया गया. मान्यता है कि भगवान शिव एक बार माता पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे. उसी समय एक तोते के शिशु ने यह कथा सुन ली. आगे चलकर वही तोता महान ऋषि सुखदेव मुनि के रूप में जन्मे. बाद में उन्होंने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई. इस कथा के माध्यम से राजा परीक्षित को मोक्ष का मार्ग प्राप्त हुआ. यह प्रसंग बताता है कि भगवान की कथा और भक्ति मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की ओर ले जाती है. भक्ति में समर्पण सबसे महत्वपूर्ण कथा का सबसे महत्वपूर्ण संदेश समर्पण है. जया किशोरी कहती हैं कि भक्ति का पहला कदम समर्पण होता है. जब मनुष्य अपने अहंकार को छोड़कर पूरी श्रद्धा के साथ भगवान पर विश्वास करता है, तब भगवान भी उसकी सहायता अवश्य करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जीवन अनिश्चित है, इसलिए भगवान की भक्ति को बुढ़ापे तक टालना उचित नहीं है. जब मनुष्य युवा और सक्षम होता है, तभी उसे भगवान का स्मरण, भजन और शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए. अंत में यही संदेश दिया गया कि ज्ञान का मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन भक्ति का मार्ग सरल और प्रभावी है. सच्ची श्रद्धा और प्रेम से की गई भक्ति से भगवान स्वयं भक्त के जीवन में आ जाते हैं और उसका मार्गदर्शन करते हैं. The post मृत्यु को याद रखो, जीवन सुधरेगा: जया किशोरी का गहरा संदेश appeared first on Naya Vichar.

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क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: अंश के बेटे की एंट्री, इन 2 नामों पर सस्पेंस-कौन बनेगा तुलसी का पोता?

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: एकता कपूर का सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ एक बार फिर नए मोड़ के साथ दर्शकों का ध्यान खींचने की तैयारी कर रहा है. मेकर्स शो में ऐसा ट्विस्ट लाने वाले हैं, जो कहानी को नई दिशा दे सकता है. समाचार है कि जल्द ही शो में अंश गुजराल के बेटे की एंट्री दिखाई जाएगी. अब अंश गुजराल के बेटे का किरदार कौन निभाएगा, इसपर अपडेट आया है. पर्ल वी पुरी या प्रियांक शर्मा ? कौन लेगा शो में एंट्री? बॉम्बे टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्टर पर्ल वी पुरी को ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2‘ के लिए अप्रोच किया गया है. उन्हें अंश गुजराल के बेटे का रोल करने के लिए मेकर्स मना रहे हैं. फिलहाल दोनों में बातचीत अभी चल रही है. इसके अलावा एक्टर प्रियांक शर्मा को भी इस रोल के लिए संपर्क किया गया है. हालांकि अभी तक दोनों में से किसी के भी नाम पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. अंश गुजराल का किरदार याद है आपको? अगर आपको अंश गुजराल याद नहीं है, तो बता दें कि वह तुलसी का बेटा था. अंश का किरदार काफी नेगेटिव था. सीरियल में ऐसे हालात बने कि आखिर में तुलसी को ही अपने बेटे अंश की जान लेनी पड़ी थी. इस भूमिका को आकाशदीप सहगल ने निभाया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब मेकर्स ने कहानी को आगे बढ़ाने की योजना बनाई, तो सबसे पहले आकाशदीप से ही अंश गुजराल के किरदार में वापसी के लिए संपर्क किया गया था. हालांकि किसी कारण से यह बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और दोनों के बीच बात तय नहीं हो पाई. इसके बाद मेकर्स ने अंश की कहानी को नए तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया. यह भी पढ़ें- ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ से बरखा बिष्ट की विदाई? पोस्ट से मची हलचल The post क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2: अंश के बेटे की एंट्री, इन 2 नामों पर सस्पेंस-कौन बनेगा तुलसी का पोता? appeared first on Naya Vichar.

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कहां गया कृषि विभाग का 1.65 करोड़? पलामू में दफ्तर बनाने के लिए 15 साल पहले हुआ था आवंटित

पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट Palamu News: पलामू प्रमंडल मुख्यालय में कृषि विभाग का अपना भवन नहीं है. झारखंड प्रशासन की ओर से संयुक्त कृषि भवन बनाने के लिए 15 साल पहले एक करोड़ 65 लाख 77 हजार 124 रुपये आवंटित किए गए थे. पूर्व डीसी के आदेश से बुक ट्रांसफर के माध्यम से भवन निर्माण विभाग की ओर से दो किस्तों में इन पैसों की निकासी भी कर ली गई थी. इसके बावजूद न तो टेंडर निकाला गया और न ही पैसे सरेंडर किए गए. 29 मार्च 2012 को कोषागार से एक करोड़ 29 लाख और 31 मार्च 13 को 36 लाख 77 हजार 124 रुपये की निकासी की गई थी. फिर 18 मार्च 2023 को एस्टीमेट को रिवाइस करते हुए तीन करोड़ 97 लाख दो हजार 200 रुपए का राज्य प्रशासन को भेजा गया है. लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण आगे की प्रक्रिया रूकी हुई है. 91 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है छह विभाग संयुक्त कृषि भवन नहीं बनने के कारण इससे जुड़े हुए छह विभाग 91 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है. यह भवन आजादी के पहले 1935 का बना हुआ है. इस भवन में जिला कृषि कार्यालय, अनुमंडल कृषि कार्यालय, जिला उद्यान कार्यालय, आत्मा, जिला भूमि संरक्षण कार्यालय, भूमि संरक्षण कार्यालय और कनीय पौधा संरक्षण कार्यालय चल रहा है. कर्मचारी और अधिकारियों का कहना है कि यह मकान काफी पुराना है. कभी भी कोई हादसा हो सकता है. खासकर, बरसात के दिनों में अधिकारी और कर्मचारी काफी डरे सहमे रहते हैं. गुण नियंत्रण भवन में बैठते हैं कृषि पदाधिकारी वर्तमान में गुण नियंत्रण भवन 75 लाख की लागत से बनाया गया है. इसका निर्माण फर्टिलाइजर जांच के लिए किया गया था. लेकिन इसके लिए कोई अधिकारी नहीं है, क्योंकि राज्य प्रशासन के स्तर से किसी तरह का पद स्वीकृति नहीं है. सिर्फ भवन बना दिया गया है. इसी भवन में जिला कृषि पदाधिकारी बैठते हैं. इसे भी पढ़ें: पेट्रोलियम कंपनियों का दावा, रांची में नहीं है गैस की कोई किल्लत! अफवाहों से न हों पैनिक काम करने में हो रही है परेशानी: डीएओ जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार वर्मा ने कहा कि एक जगह भवन नहीं रहने से काम करने में परेशानी होती है. कहा कि जी प्लस टू भवन बनना है. उसके बनने से सभी कार्यालय एक जगह पर काम करने लगेंगे. इससे आम लोगों को भी आसानी होगी. इसे भी पढ़ें: पलामू में पुलिस-प्रशासन चुस्त, डीआईजी ने सिविल कोर्ट परिसर और कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण The post कहां गया कृषि विभाग का 1.65 करोड़? पलामू में दफ्तर बनाने के लिए 15 साल पहले हुआ था आवंटित appeared first on Naya Vichar.

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ग्लोबल तनाव से महंगा हुआ सोना, चांदी खरीदारों को मिली राहत, जानें आज के रेट

Aaj Ka Sona Chandi Bhav 12 March 2026: अगर आप आज सोने-चांदी के गहने खरीदने या इनमें निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की हलचल पर नजर डालना जरूरी है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण इंटरनेशनल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर हिंदुस्तानीय सर्राफा बाजार पर दिख रहा है. सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ने से इसकी कीमतों में तेजी दर्ज की गई है. हालांकि आपको बता दें कि नीचे दिए गए रेट पिछले सेशन के बंद भाव और आज की शुरुआती रुझानों के आधार पर दिए गए हैं. क्या आज सोना महंगा हो गया? जी हां, आज 12 मार्च को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी जा रही है. 24 कैरेट सोना आज 16,332 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है. बीते दिन के मुकाबले इसमें 1 रुपये प्रति ग्राम की बढ़त हुई है. वहीं, 22 कैरेट सोना 14,971 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया है. जानकारों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता जब तक जारी रहेगी, सोने की कीमतों को सहारा मिलता रहेगा.  सोने का रेट टेबल 12 मार्च 2026: कैरेट प्रति 1 ग्राम प्रति 10 ग्राम प्रति 100 ग्राम कल से बदलाव 24 कैरेट ₹16,332 ₹1,63,320 ₹16,33,200 + ₹10 22 कैरेट ₹14,971 ₹1,49,710 ₹14,97,100 + ₹10 18 कैरेट ₹12,249 ₹1,22,490 ₹12,24,900 + ₹10 प्रमुख शहरों में सोने का रेट (प्रति 1 ग्राम) शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट मुंबई ₹16,332 ₹14,971 ₹12,249 दिल्ली ₹16,347 ₹14,986 ₹12,264 कोलकाता ₹16,332 ₹14,971 ₹12,249 चेन्नई ₹16,496 ₹15,121 ₹12,951 बेंगलुरु ₹16,332 ₹14,971 ₹12,249 हैदराबाद ₹16,332 ₹14,971 ₹12,249 पटना ₹16,337 ₹14,976 ₹12,254 रांची ₹16,494 ₹15,120 ₹12,370 चांदी के कीमतों की चमक आज फीकी पड़ी या बढ़ी? चांदी की बात करें तो आज इसकी कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई है. जहां सोना बढ़ रहा है, वहीं चांदी में प्रति किलो 100 रुपये की कमी आई है. आज हिंदुस्तान में चांदी 2,89,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है. इंडस्ट्रियल डिमांड में सुस्ती और डॉलर की मजबूती के कारण चांदी की कीमतों पर थोड़ा दबाव नजर आ रहा है, जो खरीदारों के लिए एक छोटा सा राहत का मौका हो सकता है.  चांदी का रेट टेबल 12 मार्च 2026: वजन   आज की कीमत   कल की कीमत  बदलाव   1 ग्राम ₹289.90 ₹290 – ₹0.10 10 ग्राम ₹2,899 ₹2,900 – ₹1 100 ग्राम ₹28,990 ₹29,000 – ₹10 1 किलोग्राम ₹2,89,900 ₹2,90,000 – ₹100 प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम) शहर प्रति 10 ग्राम प्रति 100 ग्राम प्रति 1 किलोग्राम मुंबई ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 दिल्ली ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 कोलकाता ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 बेंगलुरु ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 चेन्नई ₹2,999 ₹29,990 ₹2,99,900 हैदराबाद ₹2,999 ₹29,990 ₹2,99,900 पटना ₹2,899 ₹28,990 ₹2,89,900 रांची ₹3,000 ₹30,000 ₹3,00,000 ये भी पढ़ें: क्या आज सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल? देखें 12 मार्च की पूरी रेट लिस्ट The post ग्लोबल तनाव से महंगा हुआ सोना, चांदी खरीदारों को मिली राहत, जानें आज के रेट appeared first on Naya Vichar.

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