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Author name: Vinod Jha

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राम मंदिर भर्ती पर उठे सवाल, 125 नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों की जांच तेज

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. दान राशि में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही पुलिस को पूछताछ के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है. गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ के दौरान एक ट्रस्ट सदस्य का नाम बार-बार सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने भर्ती प्रक्रिया की पड़ताल तेज कर दी है. पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या मंदिर में नौकरियों के नाम पर अभ्यर्थियों से धन लिया गया था और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था. 125 नियुक्तियों पर जांच एजेंसियों की नजर द टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी समाचार के अनुसार जांच में यह आरोप सामने आया है कि राम मंदिर प्रतिष्ठान में विभिन्न पदों पर करीब 125 लोगों की नियुक्ति कथित रूप से रिश्वत लेकर की गई थी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उम्मीदवारों से नौकरी दिलाने के बदले धन लिया गया था. SIT इस पहलू को अपनी विस्तृत रिपोर्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकती है. अधिकारियों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए गए तो यह मामला केवल दान राशि तक सीमित न रहकर भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार से भी जुड़ सकता है. नियुक्ति दस्तावेजों की हो रही पड़ताल जांच के दौरान पुलिस को कई नियुक्त कर्मचारियों से जुड़े जरूरी दस्तावेज नहीं मिले हैं. सूत्रों के मुताबिक कई मामलों में नियुक्ति पत्र, सेवा अनुबंध और अन्य औपचारिक अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए. इससे भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं. जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन नियुक्तियों को किसके निर्देश पर मंजूरी दी गई थी. पुलिस उस ट्रस्ट सदस्य से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है, जिसके संबंध में नियुक्तियों को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है. बैंक खातों और लेन-देन की होगी जांच जांच एजेंसियों ने नियुक्त किए गए लोगों की सूची हासिल कर ली है और उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है, इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया से जुड़े लोगों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच होगी. पुलिस यह जानना चाहती है कि नियुक्ति से पहले या बाद में किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं. अधिकारियों का मानना है कि बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की पुष्टि या खंडन करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. रिश्तेदारों और संपत्तियों की भी जांच न्यायिक हिरासत में बंद अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की भूमिका भी जांच एजेंसियों के रडार पर है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या दोनों ने नियुक्तियों में किसी प्रकार की भूमिका निभाई थी. सूत्रों के अनुसार दोनों का संबंध एक ट्रस्ट सदस्य से बताया जा रहा है और इसी संबंध की भी जांच की जा रही है. इसके अलावा संबंधित ट्रस्ट सदस्य की संपत्तियों की भी पड़ताल हो रही है. जांच एजेंसियां यह सत्यापित कर रही हैं कि ट्रस्ट से जुड़े रहने के दौरान उनकी संपत्ति में कोई असामान्य वृद्धि तो नहीं हुई और उसका संबंध किसी कथित अनियमितता से तो नहीं है. यह भी पढ़ें: राम मंदिर दान विवाद: चंपत राय की भूमिका पर VHP प्रमुख आलोक बोले- जांच के बाद होगा फैसला The post राम मंदिर भर्ती पर उठे सवाल, 125 नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों की जांच तेज appeared first on Naya Vichar.

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आलिया और बॉबी देओल को कितनी फीस मिली? 2 घंटे 20 मिनट 48 सेकंड की ‘अल्फा’ की शूटिंग कहां हुई?

Alpha Cast Fees: यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की नई फिल्म ‘अल्फा’ 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. यह फिल्म इस यूनिवर्स की पहली फीमेल-ड्रिवन एक्शन फिल्म बताई जा रही है, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी. उनके साथ अनिल कपूर और बॉबी देओल भी अहम किरदार निभा रहे हैं. शिव रवैल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आलिया- शरवरी ने कितनी फीस ली, यहां जानिए. Alpha Cast Fees: ‘अल्फा’ के लिए आलिया भट्ट ने कितना किया चार्ज? रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ‘अल्फा’ की कास्ट को अलग-अलग मॉडल पर पेमेंट किया गया है. आलिया भट्ट ने फिल्म के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया है, यानी उन्होंने कम बेस फीस ली है और प्रॉफिट से हिस्सा मिलेगा. शरवरी को लगभग 3 करोड़ रुपये मिले हैं. अनिल कपूर और बॉबी देओल दोनों को करीब 6-6 करोड़ रुपये दिए गए हैं. View this post on Instagram A post shared by αlia bhatt 💛 (@aliaabhatt) Alpha Runtime: ‘अल्फा’ का रन टाइम सेंसर बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार, फिल्म की कुल लंबाई 140.48 मिनट (2 घंटे 20 मिनट 48 सेकंड) है. फिल्म को U/A सर्टिफिकेट मिल चुका है, लेकिन मेकर्स को कुछ बदलाव करने पड़े हैं- जिसमें पहले हाफ से एक गाली को हटाया गया है. इसके अलावा हिंसक सीन को थोड़ा कम करने के लिए कहा गया है. इन बदलावों के बाद फिल्म को फाइनल अप्रूवल मिला है. View this post on Instagram A post shared by Yash Raj Films (@yrf) Alpha Shooting Locations: इन जगहों पर की गई ‘अल्फा’ की शूटिंग ‘अल्फा’ की शूटिंग हिंदुस्तान और विदेश दोनों जगह हुई है. मुंबई के स्टूडियो में इसके एक्शन और फाइट सीक्वेंस शूट किए गए. वहीं कश्मीर के सोनमर्ग और पहलगाम में इसके इमोशनल और आउटडोर हिस्से फिल्माए गए हैं. इसके अलावा स्कॉटलैंड और पोलैंड इंटरनेशनल लोकेशंस ने फिल्म को ग्लोबल टच दिया है. यह भी पढ़ें- समय रैना ने आलिया भट्ट को नहीं बख्शा, ‘जिगरा’ से ‘कान्स’ तक पर किया रोस्ट, एक्ट्रेस ने भी दिए जवाब The post आलिया और बॉबी देओल को कितनी फीस मिली? 2 घंटे 20 मिनट 48 सेकंड की ‘अल्फा’ की शूटिंग कहां हुई? appeared first on Naya Vichar.

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हॉर्मुज से परमाणु प्रतिबंध तक, दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता के केंद्र में रहे अहम मुद्दे

US-Iran Agreement : अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता में परमाणु समझौते के साथ-साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा सबसे अहम रहा. अमेरिका ने ईरान से साफ कहा कि अगर वह इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना छोड़ देता है, तो प्रतिबंध हटने के बाद उसे कहीं अधिक आर्थिक फायदा होगा. पुराने तनाव के बीच फिर गरमाया हॉर्मुज का मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा हॉर्मुज के पास नए शिपिंग रूट बनने के बाद कई व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया. इससे पहले भी ईरान कई बार हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव बढ़ाने की बात कहता रहा है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक रास्तों में गिना जाता है. यह भी पढ़ें- वेनेजुएला से लाया गया हिंदुस्तानीय नाविक का शव, परिजनों का आरोप-शव से दिमाग, हृदय, फेफड़े गायब ईरान का दावा- ओमान के साथ मिलकर करेंगे प्रबंधन ईरान का कहना है कि वह ओमान के साथ मिलकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संयुक्त प्रबंधन करना चाहता है. उसका दावा है कि 60 दिनों की समझौता अवधि पूरी होने के बाद वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जा सकता है. उधर, अमेरिका का कहना है कि इस तरह का कोई भी फैसला खाड़ी देशों की सहमति के बिना नहीं हो सकता. यह भी पढ़ें- इजराइल की दो टूक: ईरान पर भरोसा खतरनाक, हिंदुस्तान भी रहे अलर्ट 18 अगस्त तक समझौते की कोशिश अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून 2026 को हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत 18 अगस्त तक अंतिम समझौते की कोशिश की जा रही है. हालांकि कई बिंदुओं की अलग-अलग व्याख्या को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं. कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद दोनों पक्षों की अगली वार्ता होगी. दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह बातचीत परमाणु समझौते और हॉर्मुज विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाल पाएगी. यह भी पढ़ें- मेरा फोन बीजिंग नहीं, दिल्ली जाता है… अमेरिकी सीनेटर ने हिंदुस्तान की तारीफ की और चीन पर जताई नाराजगी The post हॉर्मुज से परमाणु प्रतिबंध तक, दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता के केंद्र में रहे अहम मुद्दे appeared first on Naya Vichar.

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4.76 करोड़ की GMC Hummer EV ड्राइव करते दिखे रोहित शेट्टी, पहले से गैरेज में हैं कई लग्जरी कारें

बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने ‘लाफ्टर शेफ्स’ के ग्रैंड फिनाले में अपनी करोड़ों की नई GMC Hummer EV के साथ मारी. जैसे ही उनकी इलेक्ट्रिक SUV सेट पर पहुंची, पैपराजी ने इसे कैप्चर किया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. GMC Hummer EV Price: ऑरेंज कलर की लग्जरी कार की कीमत है 4.76 करोड़ रोहित शेट्टी के पास ऑरेंज कलर की GMC Hummer EV है. जिसकी कीमत 4.67 करोड़ है. यह कोई आम इलेक्ट्रिक SUV नहीं है. इसका बॉक्सी डिजाइन, बड़ा साइज और रोड प्रेजेंस इस बाकी गाड़ियों से काफी अलग बनाता है. कंपनी ने अभी तक इस मॉडल को हिंदुस्तान में ऑफिशियल तौर पर लॉन्च नहीं किया है. फिर भी कुछ चुनिंदा यूनिट्स प्राइवेट इम्पोर्ट के जरिए हिंदुस्तान पहुंच चुकी हैं. धुरंधर एक्टर रणवीर सिंह के पास भी ये कार है. View this post on Instagram A post shared by Instant Bollywood (@instantbollywood) Rohit Shetty Car Collection: रोहित शेट्टी के गैरेज में हैं कई लग्जरी गाड़ियां रोहित शेट्टी का लग्जरी कारों के प्रति प्यार किसी से छिपा नहीं है. उनकी सिंघम देख लीजिए या फिर गोलमाल या फिर सूर्यवंशी, हर किसी में कार स्टंट होता ही है. उनकी गैरेज में भी कई शानदार गाड़ियां हैं, जिनमें Ford Mustang, Range Rover Sport, Mercedes-Benz AMG G63 और Lamborghini Urus जैसी सुपर लग्जरी कारें शामिल हैं. View this post on Instagram A post shared by Rohit Shetty (@itsrohitshetty) Rohit Shetty Upcoming Projects: रोहित शेट्टी अपकमिंग प्रोजेक्ट्स वर्कफ्रंट की बात करें तो, रोहित शेट्टी को आखिरी बार सिंघम अगेन का निर्देशन करते देखा गया था. उन्होंने स्टंट बेस्ड रियालिटी शो खतरों के खिलाड़ी सीजन 15 की शूटिंग भी खत्म की है. जल्द ही वह मुंबई के एक्स पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया के जीवन पर आधारित एक नई एक्शन फिल्म पर काम कर रहे हैं, जिसमें जॉन अब्राहम और तमन्ना भाटिया के भी शामिल हो सकते हैं. हालांकि ऑफिशियल तौर पर कुछ भी सामने नहीं आया है. यह भी पढ़ें- Khatron Ke Khiladi 15 में होंगे रॉ और रियल स्टंट्स, रोहित शेट्टी ने शेयर किया जबरदस्त प्रोमो यह भी पढ़ें- Khatron Ke Khiladi 15: पहले कभी नहीं देखे होंगे ऐसे स्टंट… रोहित शेट्टी ने नए सीजन को लेकर किया बड़ा दावा The post 4.76 करोड़ की GMC Hummer EV ड्राइव करते दिखे रोहित शेट्टी, पहले से गैरेज में हैं कई लग्जरी कारें appeared first on Naya Vichar.

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साड़ी पहनने का असली सीक्रेट जान लें, हर बार लोग कहेंगे, वाह! वाह!

Saree Draping Tips: शादी, त्योहार, ऑफिस या किसी खास मौके पर साड़ी पहनना आज भी पहली पसंद है. हालांकि कई बार महंगी और खूबसूरत साड़ी पहनने के बाद भी मनचाहा लुक नहीं मिल पाता. इसकी वजह केवल साड़ी का डिजाइन या फैब्रिक नहीं, बल्कि उसे पहनने का तरीका भी हो सकता है. यदि आप साड़ी में लंबी और स्लिम दिखना चाहती हैं, तो ये हैं रांची की मशहूर ब्यूटीशियन और साड़ी ड्रेपिंग एक्स्पर्ट स्वीटी सिंह के बताए हुए कुछ खास टिप्स. पहले पहनें फुटवियर, फिर बांधें साड़ी PC- Gemini साड़ी पहनने से पहले हमेशा अपनी हील्स या सैंडल पहन लें. इससे साड़ी की लंबाई सही रहती है और उसका फॉल भी बेहतर दिखाई देता है. अगर साड़ी पहनने के बाद फुटवियर बदले जाते हैं, तो साड़ी छोटी लग सकती है और आपकी हाइट भी कम नजर आ सकती है. बहुत चौड़ी प्लेट्स बनाने से बचें PC- Gemini साड़ी की प्लेट्स पूरे लुक को प्रभावित करती हैं. यदि प्लेट्स बहुत चौड़ी हों, तो पेट के आसपास अतिरिक्त फैब्रिक इकट्ठा हो जाता है, जिससे शरीर भारी दिखाई देता है. बेहतर होगा कि पतली, बराबर और साफ प्लेट्स बनाकर उन्हें अच्छी तरह पिन कर लें. इससे लुक ज्यादा सलीकेदार और स्लिम नजर आता है. पेटीकोट या शेपवियर की सही फिटिंग रखें PC- Gemini साड़ी का लुक काफी हद तक पेटीकोट या शेपवियर पर भी निर्भर करता है. इसे बहुत ऊपर या बहुत नीचे बांधने से शरीर का अनुपात बिगड़ सकता है. इसे नाभि के आसपास या थोड़ा नीचे बांधना बेहतर माना जाता है. अगर आप ज्यादा फिट और आकर्षक लुक चाहती हैं, तो साड़ी शेपवियर का इस्तेमाल कर सकती हैं. पल्लू की लंबाई का रखें ध्यान PC- Gemini अगर आप खुद को लंबा दिखाना चाहती हैं, तो पल्लू को बहुत छोटा न रखें. थोड़ा लंबा और अच्छी तरह सेट किया गया पल्लू शरीर पर एक सीधी लाइन का प्रभाव देता है, जिससे हाइट ज्यादा नजर आती है. साथ ही पल्लू को बहुत कसकर पिन करने से बचें, ताकि कंधे चौड़े न दिखें. सही फैब्रिक का चुनाव भी है जरूरी ड्रेपिंग के साथ-साथ साड़ी का फैब्रिक भी आपके लुक को प्रभावित करता है. शिफॉन, जॉर्जेट और साटन जैसे हल्के फैब्रिक शरीर पर अच्छी तरह बैठते हैं और आपको स्लिम व एलिगेंट लुक देने में मदद करते हैं. सही ड्रेपिंग और सही फैब्रिक के साथ आपकी साड़ी का स्टाइल और भी निखर सकता है. यह भी पढ़ें: अलमारी में रखी बनारसी साड़ी को दें नया लुक, इन 5 लेस से बनाएं डिजाइनर दुपट्टा The post साड़ी पहनने का असली सीक्रेट जान लें, हर बार लोग कहेंगे, वाह! वाह! appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर चंदा चोरी : VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा-चंपत राय लापरवाही के दोषी हो सकते हैं, हम जिम्मेदार नहीं

Ram Mandir : आलोक कुमार ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि राम मंदिर के चंदा चोरी के मामले के लिए विश्व हिंदू परिषद जिम्मेदार नहीं है और वह चंपत राय पर एक्शन लेने के लिए केस की जांच का इंतजार करेगी. चंपत राय विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. एसआईटी सभी एंगल से करेगी जांच आलोक कुमार ने कहा कि हमें पक्का विश्वास है कि पुलिस और SIT इस केस की जांच विभिन्न एंगल से करेगी और सच्चाई को सामने लेकर आएगी. जो हुआ है वह बहुत बुरा है और इससे दुनिया भर के हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. इसी वजह से जो कुछ हुआ है उसका बचाव करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. हमें उम्मीद है कि जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसे सजा दी जाएगी. क्या चंदा चोरी होने से वीएचपी की साख पर असर पड़ा है? आलोक कुमार से जब हिंदुस्तान टाइम्स ने पूछा कि क्या राम मंदिर के चंदा चोरी होने से विश्व हिंदू परिषद की साख पर असर हुआ है, तो उन्होंने कहा कि हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं. जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, मैंने साफ कर दिया था कि वीएचपी का काम खत्म हो गया है. मंदिर बनाना और उसे चलाना हमारा काम नहीं है. क्या परिषद चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई करेगी? चंपत राय के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद क्या कार्रवाई करेगी, इसपर आलोक कुमार कहते हैं कि हमने उन्हें ट्रस्ट के महासचिव पद पर नियुक्त नहीं किया था. इस वजह से वीएचपी इस चोरी के लिए जिम्मेदार नहीं है. जो कुछ भी हुआ है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन वीएचपी, आरएसएस और प्रधानमंत्री कार्यालय को दोषी ठहराने की कोशिशें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं. आप चाहते हैं कि मैं जांच के नतीजे के बिना ही चंपत राय को बर्खास्त कर दूं, लेकिन अभी तक किसी ने राय पर आरोप नहीं लगाया है. आरोप उनके ड्राइवर पर हैं. चोरी के मामले में चंपत राय की भूमिका को आप कैसे देखते हैं? राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में चंपत राय की भूमिका पर आलोक कुमार ने कहा किमैं मान रहा हूं कि वह लापरवाही का दोषी हो सकते हैं. वीएचपी ने पहले से ही जांच की मांग की है जो चल रही है और इसलिए, हम कुछ समय इंतजार करेंगे. उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी. ये भी पढ़ें : राम मंदिर दान चोरी मामला: SIT जांच की समय-सीमा बढ़ी, 15 जुलाई तक देनी होगी रिपोर्ट The post राम मंदिर चंदा चोरी : VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा-चंपत राय लापरवाही के दोषी हो सकते हैं, हम जिम्मेदार नहीं appeared first on Naya Vichar.

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वेनेजुएला से लाया गया भारतीय नाविक का शव, परिजनों का आरोप-शव से दिमाग, हृदय, फेफड़े गायब

Indian Sailor : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हिंदुस्तानीय नाविक राकेश चौहान की वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई. जब उनका शव हिंदुस्तान लाया गया तो परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए. परिजनों का कहना है कि शव से कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे. जिसका वीडियों सोशल पर मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस मामले के सामने आने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी है. दोबारा पोस्टमॉर्टम में मिले 22 टांके सोशल मीडिया पर वीडियों में दावा किया कि शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया. इस दौरान शरीर पर 22 टांके पाए गए. परिजनों का कहना है कि जांच के दौरान पता चला कि शव में कई आंतरिक अंग मौजूद नहीं थे. उन्होंने मामले मर्चेंट नेवी कंपनी के अधिकारियों पर फोन नहीं का आरोप लगाया है और मौत को हत्या बताया है. किन अंगों के गायब होने का दावा मृतक की पत्नी मुताबिक, राकेश के शव से दिमाग, हृदय, फेफड़े, लीवर, किडनी, तिल्ली, अग्न्याशय, आंतें, थायरॉयड, गॉल ब्लेडर और श्वास नली सहित कई अंग गायब मिले है, हालांकि, इन दावों की अभी तक संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. नवंबर 2025 में जॉइन की थी मर्चेंट नेवी राकेश चौहान ने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी ज्वाइन की थी। वे वेनेजुएला में मरीन फिटर के रूप में काम कर रहे थे। ड्यूटी के दौरान उनकी मौत कैसे हुई, इसे लेकर भी परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मृतक के परिजनों ने केंद्र और राज्य प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि मौत की असली वजह और शव से अंग गायब होने के आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए. फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से मामले में कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है. यह भी पढ़ें- मेरा फोन बीजिंग नहीं, दिल्ली जाता है… अमेरिकी सीनेटर ने हिंदुस्तान की तारीफ की और चीन पर जताई नाराजगी The post वेनेजुएला से लाया गया हिंदुस्तानीय नाविक का शव, परिजनों का आरोप-शव से दिमाग, हृदय, फेफड़े गायब appeared first on Naya Vichar.

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कब शुरू हो रहा है चातुर्मास? यहां जानें तिथि, धार्मिक महत्व और नियम 

Chaturmas 2026: चातुर्मास वह पवित्र काल होता है, जब सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु क्षीर सागर में चार महीनों के लिए योगनिद्रा (विश्राम) में चले जाते हैं. इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है. वहीं, इस अवधि में व्रत, तप, जप, भगवान की आराधना तथा गरीबों और जरूरतमंदों को दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है. चातुर्मास 2026: तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार, चातुर्मास की शुरुआत हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से होती है और इसका समापन कार्तिक मास की देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी पर होता है. वर्ष 2026 में चातुर्मास की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:  चातुर्मास आरंभ (देवशयनी एकादशी): 25 जुलाई 2026 (शनिवार) चातुर्मास समाप्त (देवउठनी/प्रबोधिनी एकादशी): 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) चार पवित्र महीने: सावन, भाद्रपद (भादों), आश्विन और कार्तिक. चातुर्मास का धार्मिक महत्व चातुर्मास का समय भौतिक सुख-सुविधाओं से दूरी बनाकर आध्यात्मिक साधना करने का माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में किए गए जप, तप, दान, व्रत और भगवान की आराधना का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक प्राप्त होता है. मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती सृष्टि के संचालन का दायित्व संभालते हैं. चातुर्मास में क्या करें? इन चार महीनों में केवल सात्विक भोजन करें. जितना संभव हो, सादा और सुपाच्य भोजन ग्रहण करें. भगवान विष्णु और भगवान शिव की नियमित पूजा-अर्चना करें. गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र तथा जल का दान करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान पलंग के बजाय जमीन पर चटाई बिछाकर सोना शुभ और लाभकारी माना जाता है. हालांकि, गर्भवती स्त्रीओं, बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए यह नियम अनिवार्य नहीं है. वे सामान्य रूप से पलंग पर ही सो सकते हैं. चातुर्मास में क्या न करें? लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा तथा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचें. इस अवधि में किसी की निंदा न करें, झूठ न बोलें तथा ब्रह्मचर्य का पालन करने का प्रयास करें. घर और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें. घर में कूड़ा-कचरा या अनावश्यक कबाड़ जमा न होने दें. यह भी पढ़ें: Krishnapingala Sankashti Chaturthi के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में करें गणेश पूजा, मिलेगा शुभ फल The post कब शुरू हो रहा है चातुर्मास? यहां जानें तिथि, धार्मिक महत्व और नियम  appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 21000 करोड़ रुपये से बिछेगा सड़कों और पुलों का जाल, बीरपुर में तैयार होगा एयरपोर्ट

Bihar Cabinet Decision: बिहार में रोड कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार नए निर्माणों से जुड़े फैसले लिए जा रहे हैं. ऐसे में बुधवार को सम्राट कैबिनेट की बैठक में अहम एजेंडे पर मुहर लगी. इस दौरान राज्य में सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए पूरे 21 हजार करोड़ रुपये कर्ज लेने की मंजूरी दी गई. बिहार कैबिनेट का यह फैसला बेहद खास माना जा रहा है. राज्य प्रशासन की गारंटी पर लिया जाएगा लोन जानकारी के मुताबिक, बिहार कैबिनेट ने बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 15000 करोड़ रुपये और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को 6000 करोड़ रुपये कर्ज लेने की मंजूरी दी. यह लोन वित्तीय संस्थानों या बैंक से राज्य प्रशासन की गारंटी पर ही लिया जाएगा. इस राशि का उपयोग राज्य में सड़कों और पुलों के समय पर निर्माण पूरा करने में किया जाएगा. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें बिहार प्रशासन के फैसले से होगा ये फायदा राज्य प्रशासन के इस फैसले से राज्य में रोड कनेक्टिविटी पहले से और भी ज्यादा मजबूत, सुरक्षित और डेवलप्ड होगी. इससे जिलों के बीच आधारभूत संरचना का भी तेजी से विकास हो सकेगा. राज्य प्रशासन के इस फैसले से ग्रामीण इलाकों के लोगों को ज्यादा फायदा हो सकेगा. खासकर बारिश के समय जिन इलाकों का संपर्क मुख्य सड़क से टूट जाता है, उन्हें राहत मिल सकेगी. बीरपुर में नए एयरपोर्ट के लिए इतने करोड़ मंजूर बिहार कैबिनेट की बैठक में 29 मुख्य एजेंडों पर मुहर लगी थी. इनमें बीरपुर में एयरपोर्ट बनाने का फैसला भी लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, बीरपुर में बनने वाले एयरपोर्ट के लिए कैबिनेट से 29 करोड़ 56 लाख 99 हजार रुपये की मुआवजा राशि की स्वीकृति दी गई है. एयरपोर्ट के निर्माण के लिए लगभग 88.83 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इस तरह से प्रशासन हवाई कनेक्टिविटी को भी मजबूत करने की तैयारी में है. Also Read: ‘भरत के हत्यारे DSP को इनाम क्यों?’ मां आशा देवी बोलीं- जख्मों पर नमक छिड़का जा रहा The post बिहार में 21000 करोड़ रुपये से बिछेगा सड़कों और पुलों का जाल, बीरपुर में तैयार होगा एयरपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं? UGC के नए नियम जानिए, कब जरूरी होगा NET और किसे मिलेगी छूट

Bihar Assistant Professor Guidelines: बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से जारी इंतजार अब खत्म हो गया है. राज्यपाल ने ‘स्टैच्यूट्स फॉर अपॉइंटमेंट ऑफ असिस्टेंट प्रोफेसर्स, इनक्लूडिंग कॉन्ट्रैक्चुअल अपॉइंटमेंट्स ऑफ असिस्टेंट प्रोफेसर्स, 2026’ को मंजूरी दे दी है. नई नियमावली 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य के विश्वविद्यालयों में लागू हो गई है. 175 अंकों की लिखित परीक्षा और 25 अंकों का इंटरव्यू नई नियमावली के अनुसार सहायक प्राध्यापकों का चयन 200 अंकों के आधार पर होगा. इसमें 175 अंकों की तीन घंटे की लिखित परीक्षा और 25 अंकों का इंटरव्यू शामिल होगा. इंटरव्यू में 13 अंक टीचिंग डेमो और 12 अंक बोर्ड के साथ संवाद के आधार पर दिए जाएंगे. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टीचिंग डेमो की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी. अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष की गई नई नियुक्ति नियमावली में अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष निर्धारित की गई है. पहले जारी ड्राफ्ट में यह सीमा 40 वर्ष थी, लेकिन शोधार्थियों के विरोध के बाद प्रशासन ने इसे तीन वर्ष बढ़ा दिया. हालांकि 10वीं और 12वीं के अंकों को मेरिट से हटाने की मांग स्वीकार नहीं की गई. नेट अनिवार्य, पीएचडी अभ्यर्थियों को मिलेगी छूट नियमावली के अनुसार संबंधित विषय में कम-से-कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक होगी. बिहार के एससी, एसटी, ईबीसी, बीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) और दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंकों में 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी. NET या SET उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा, जबकि यूजीसी के नियमों के अनुसार पीएचडी डिग्रीधारकों को NET से छूट मिलेगी. Ai द्वारा बनाया गया सांकेतिक तस्वीर Bihar Assistant Professor Guidelines: PhD के लिए नए मानक तय पीएचडी का मूल्यांकन दो बाहरी परीक्षकों द्वारा किया जाना अनिवार्य होगा. साथ ही अभ्यर्थी के कम-से-कम दो शोध पत्र प्रकाशित होना और एक शोध जर्नल प्रकाशित होना आवश्यक होगा. विदेश से पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विश्वविद्यालय का विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में शामिल होना जरूरी होगा. नियमित नियुक्ति विश्वविद्यालय सेवा आयोग करेगा नई नियमावली के तहत नियमित नियुक्तियां बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की अनुशंसा पर की जाएंगी. इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है. कैबिनेट ने इंटरव्यू बोर्ड बढ़ाने को भी दी मंजूरी राज्य कैबिनेट ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की संचालन नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी है. अब आवश्यकता पड़ने पर राज्य प्रशासन की पूर्व अनुमति से आयोग अतिरिक्त इंटरव्यू बोर्ड गठित कर सकेगा. इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साक्षात्कार कम समय में पूरे किए जा सकेंगे और नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आएगी. नई नियमावली की प्रमुख बातें 175 अंकों की लिखित परीक्षा और 25 अंकों का इंटरव्यू. अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष. NET या SET अनिवार्य, पात्र पीएचडी अभ्यर्थियों को छूट. टीचिंग डेमो की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य. नियमित नियुक्ति बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की अनुशंसा पर होगी. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इंटरव्यू बोर्ड बनाए जा सकेंगे. ALSO READ: महाराष्ट्र TET पेपर लीक में बिहार कनेक्शन आया सामने, 3 और परीक्षा माफियाओं की तलाश, हाजीपुर से एक हिरासत में The post असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं? UGC के नए नियम जानिए, कब जरूरी होगा NET और किसे मिलेगी छूट appeared first on Naya Vichar.

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