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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

समस्तीपुर

आपातकाल की वर्षगांठ पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया धरना– प्रदर्शन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : आज ही के दिन 25 जून 1975 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी ने सुबह-सुबह आपातकाल की घोषणा की थी। दरअसल वह घोषणा लोकतंत्र को कब्जे में लेने की थी, मौलिक कर्तव्यों को बन्दी बनाने की थी। कांग्रेस की इस काली करतूत को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। हिंदुस्तानीय लोकतंत्र का सबसे दुःखद व काला अध्याय आपातकाल था। इस निमित्त गुरुवार को भाजपा सरायरंजन दक्षिणी में अपने कार्यकर्ताओं के द्वारा बांह में काली पट्टी बांधकर खजुरी चौक पर धरना एवं विरोध –प्रदर्शन किया। मौके पर उपस्थित कार्यकर्ताओं में मण्डल प्रभारी राजकुमार दास, मण्डल महामंत्री कुंदन सिंह,दुर्गा सिंह,कन्हाईलाल साह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

शिक्षा, समस्तीपुर

भारत की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी की जयंती मनी 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन , : प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गंगापुर में गुरुवार को प्रसिद्ध हिंदुस्तानीय स्वतंत्रता सेनानी एवं नेतृत्वज्ञ सुचेता कृपलानी की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश ठाकुर ने कहा कि सुचेता कृपलानी का जन्म 25 जून 1908 को हरियाणा राज्य के अंबाला शहर में हुआ था। वह उत्तर प्रदेश की चौथी एवं हिंदुस्तान की प्रथम स्त्री मुख्यमंत्री थी। उन्होंने संविधान के साथ हिंदुस्तानीय समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर शिक्षक –शिक्षिकाओं में त्रिभुवन प्रसाद शर्मा, राज कुमार,नूतन कुमारी ज्योति कुमारी रुबी कुमारी आरती कुमारी,रिंकू कुमारी, शुभम कुमारी,सृष्टि सिंह सहित सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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वेनेजुएला में भूकंप का कहर, अब तक 164 लोगों की मौत 971 घायल; राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने किया कंफर्म

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में बुधवार शाम आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी. देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने गुरुवार को बताया कि इस आपदा में अब तक कम से कम 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 971 लोग घायल हुए हैं. रोड्रिगेज ने कहा कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि मलबे में कई और लोग दबे हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि 7.2 और 7.5 तीव्रता के इन भूकंपों के बाद आपातकालीन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. पड़ोसी देशों तक महसूस हुए झटके कार्यवाहक राष्ट्रपति ने बताया कि ला गुएरा प्रांत इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा- कई इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं और बचाव अभियान लगातार जारी है. भूकंप के झटके इतने ताकतवर थे कि पड़ोसी देशों तक भी महसूस किए गए. ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में एहतियात के तौर पर कई इमारतों को खाली कराया गया, जबकि अन्य प्रभावित इलाकों में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी अधिकारियों के अनुसार, दोनों शक्तिशाली भूकंपों के बाद बचावकर्मी लगातार क्षतिग्रस्त इमारतों और मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं. कई क्षेत्रों में सड़क और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां सामने आ रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा दुख जाहिर किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की जनता वेनेजुएला की प्रशासन और वहां के लोगों के साथ खड़ी है. पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि हिंदुस्तान इस कठिन समय में हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है. अमेरिका ने भेजी राहत और बचाव सहायता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी घोषणा की है कि अमेरिका तत्काल खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा संसाधन तथा मानवीय सहायता वेनेजुएला भेज रहा है. रुबियो ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने और बचाव कार्यों को मजबूत करने के लिए अमेरिकी एजेंसियां स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर रही हैं. जापान में भी आया 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप इसी बीच जापान के उत्तरी तट के पास गुरुवार को 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. हालांकि जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने साफ कर दिया है कि इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है. एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 50 किलोमीटर की गहराई में स्थित था. प्रारंभिक रिपोर्ट में इसकी तीव्रता 6.9 बताई गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 7.2 कर दिया गया. भूकंप के झटके जापान के पूर्वोत्तर क्षेत्रों के साथ-साथ राजधानी तोक्यो में भी हल्के रूप से महसूस किए गए. इसे भी पढ़ें वेनेजुएला भूकंप का दर्द : गिरी इमारतें, बिखरे सपने, मलबे में दबी जिंदगी, 12 तस्वीरों में देखें विनाश का मंजरवेनेजुएला में तबाही का डबल झटका: एक मिनट में आए दो बड़े भूकंप फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं जापान प्रशासन के शीर्ष प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने बताया कि भूकंप के बाद तत्काल किसी व्यक्ति के हताहत होने या बड़े पैमाने पर संपत्ति नुकसान की सूचना नहीं मिली है. हालांकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि प्रशासन की आपातकालीन टीम स्थिति का लगातार आकलन कर रही है और जरूरत पड़ने पर राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है. Also Read: ऐसा लग रहा जैसे वेनेजुएला पर हजारों बम बरसे हों, बदहवास अपनों को ढूंढती आंखें; भूकंप से मचा हाहाकार; लगी इमरजेंसी The post वेनेजुएला में भूकंप का कहर, अब तक 164 लोगों की मौत 971 घायल; राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने किया कंफर्म appeared first on Naya Vichar.

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लव और मर्डर का खेल : मंगेतर केतन की हत्या के बाद अब प्रेमी-प्रेमिका सिया और चेतन में ब्लेम गेम

Ketan Agarwal Murder Case : इंडियन एक्सप्रेस की समाचार के अनुसार, पुलिस पूछताछ में आरोपी चेतन चौधरी ने दावा किया कि वह सिया के साथ भाग जाना चाहता था, लेकिन सिया ही थी जिसने केतन को रास्ते से हटाने की जिद की. दूसरी तरफ, सिया ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए पुलिस को बताया कि केतन को मारने का आइडिया पूरी तरह चेतन का था. सिया ने यह भी आरोप लगाया कि 14 जून को जब हत्या की पहली कोशिश नाकाम रही, तो चेतन उसके सामने फूट-फूटकर रोया था. यह सिर्फ खुद को बचाने का है पैंतरा : पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने बताया- दोनों आरोपी खुद को पाक-साफ दिखाने और सजा से बचने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. लेकिन हमारे पास ऐसे पुख्ता सबूत हैं जो साबित करती हैं कि केतन को ठिकाने लगाने की इस साजिश में दोनों बराबर के भागीदार थे. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पुलिस को यह भी पता चला है कि 31 मई से 4 जून के बीच सिया और चेतन ने पुणे के एक कैफे में मुलाकात की थी. पुलिस को शक है कि इसी बैठक में हत्या का पूरा खाका तैयार किया गया था. 18 जून को लोहागढ़ किले के निकट एक घाटी में हुई थी केतन की हत्या पुलिस ने बताया कि 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे में लोहागढ़ किले के निकट एक घाटी में उन्हें कथित तौर पर धक्का दे दिया था. सिया गोयल (20) और चौधरी (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है. अग्रवाल और गोयल की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक महल में होने वाली थी. पिता के रियल एस्टेट बिजनेस में डायरेक्टर था केतन मृतक केतन अग्रवाल बोस्टन से मास्टर डिग्री पूरी कर हिंदुस्तान लौटा था और अपने पिता के रियल एस्टेट बिजनेस में डायरेक्टर था. केतन और सिया का परिवार 1990 के दशक से एक-दूसरे को जानता था. इसी साल फरवरी में गुलबर्गा में एक शादी के दौरान दोनों मिले और परिवारों की मर्जी से एक हफ्ते के भीतर दोनों की सगाई हो गई. पुणे कारोबारी हत्या मामले में एसआईटी गठित करने का निर्देश महाराष्ट्र विधानसभा के पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने प्रशासन को केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया. NCP नेता सुनील शेलके ने गोयल के परिवार को भी आरोपी बनाने की मांग की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सदस्य सुनील शेलके ने राज्य विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और मांग की कि हत्या के मामले में गोयल के परिवार को भी आरोपी बनाया जाये. उन्होंने दावा किया कि गोयल परिवार ने अग्रवाल परिवार से उसके (सिया) किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी छिपाई थी और कहा कि हत्या का मुकदमा त्वरित अदालत में चलाया जाना चाहिए. खरे ने प्रशासन को हत्या की जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया. ये भी पढ़ें: पुणे मर्डर केसः दीवाली पार्टी में हुई दोस्ती, मंगेतर की मौत तक पहुंची कहानी The post लव और मर्डर का स्पोर्ट्स : मंगेतर केतन की हत्या के बाद अब प्रेमी-प्रेमिका सिया और चेतन में ब्लेम गेम appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर दान विवाद पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का बयान, बोले- SIT रिपोर्ट के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर की दान राशि की चोरी का मामला अब नेतृत्वक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. जांच को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इस बीच, मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रशासन को सौंप दी है. यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को दी गई है. SIT रिपोर्ट के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई दिल्ली में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए SIT का गठन किया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. इसके साथ ही, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के संभावित इस्तीफे की अटकलों पर भी उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया. #WATCH | Delhi | On alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement case, Uttar Pradesh BJP chief Pankaj Chaudhary says, “The CM has taken strict action in this matter and an SIT has been constituted. Once the SIT report comes, everything will become clear.” “It would be too… pic.twitter.com/asRMQxUYJT — ANI (@ANI) June 25, 2026 जानिए राम मंदिर दान विवाद बतादें कि राम मंदिर दान राशि चोरी का मामला उस समय चर्चा में आया जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों पर मंदिर में आने वाले दान और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए. आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुई है. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम भी चर्चाओं में आया, लेकिन उनके खिलाफ कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है. जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: CM योगी का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- कांग्रेस संग मिलकर मुलायम की विरासत डुबो रही सपा The post राम मंदिर दान विवाद पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का बयान, बोले- SIT रिपोर्ट के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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वेनेजुएला भूकंप का दर्द : गिरी इमारतें, बिखरे सपने, मलबे में दबी जिंदगी, 12 तस्वीरों में देखें विनाश का मंजर

Venezuela Earthquake Photos: वेनेजुएला में बुधवार 24 जून 2026 की रात को आए दो बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है. इनकी तीव्रता क्रमश: 7.1 और 7.5 दर्ज की गई. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, ये दोनों बड़े झटके राजधानी काराकस के पास मात्र 39 सेकंड के अंतर पर आए, जिससे कई बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, सड़कें फट गईं और हालात बिल्कुल युद्ध जैसे नजर आने लगे.  1967 के बाद आए इस सबसे भयानक भूकंप के चलते कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है. उन्होंने कहा कि अब तक इस घटना में 32 लोगों के मारे जाने और 700 लोगों के घायल होने की सूचना है. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर मृतकों का सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन USGS ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस आपदा में 10 हजार से 1 लाख लोगों तक के मारे जाने की आशंका है. सोशल मीडिया पर इस त्रासदी के दिल दहला देने वाले वीडियो सामने आ रहे हैं, जहाँ बदहवास लोग नम आँखों से अपनों को तलाशते हुए भाग रहे हैं. 10 फोटोज में देखें तबाही के मंजर कभी किसी का घर अब मलबे का ढेर… भूकंप के बाद टूटे कंक्रीट के बीच बचाव दल जिंदगी के निशान तलाश रहा है. मलबे के अंधेरे में जिंदगी की तलाश… वेनेजुएला में भूकंप के बाद रातभर राहतकर्मी टूटी इमारतों के बीच फंसे लोगों को बचाने की कोशिश में जुटे रहे. हर पत्थर के नीचे किसी की उम्मीद छिपी है. सुबकती मां को बेटे की सांत्वना… भूकंप की दहशत के बाद घर छोड़कर बाहर आए फिर घर ही नहीं बचा. रोती और आंसुओं को संभालने की कोशिश करती मां को सहारा और सांत्वाना देता बेटा. तबाही के बीच भी डटे हैं रक्षक… सुरक्षा बल और राहत दल रात के अंधेरे में लोगों की मदद और बचाव अभियान में जुटे हैं. प्रकृति के एक झटके ने सब कुछ बदल दिया… गिरी हुई दीवारों के नीचे फंसी कार उस तबाही की गवाही दे रही है, जिसने पलभर में शहर का चेहरा बदल दिया. मलबे से ज्यादा दर्द आंखों में दिखता है… भूकंप के बाद अपनों और अपने घरों को खोने के डर से टूटे एक इंसान को लोग संभालते नजर आए. जो अपने हाथ नहीं उन्हें बचाना जरूरी… भूकंप के बाद वृद्ध लोगों को सबसे पहले रेस्क्यू किय गया. उन्हें हॉस्पिटल कंपाउंड में ही व्यवस्थित तरीके से सभी जरूरी चीजों के साथ सुरक्षित किया गया. उजड़े आशियाने के बीच एक बुजुर्ग अपने हाथों से रास्ता बना रहा है… तबाही के बाद जिंदगी को फिर से जोड़ने की छोटी सी कोशिश. ताश के पत्तों की तरह ढह गई इमारतें… कंक्रीट के इन मलबों में दबे हैं कई सपने, कई यादें और कई अधूरी कहानियां. सर्च लाइट की रोशनी में जारी है उम्मीद की तलाश… बचावकर्मी मलबे के हर हिस्से में जिंदगी की एक आहट खोज रहे हैं. एक मां की गोद में सिमटी बच्ची और आंखों में छिपा डर… भूकंप की त्रासदी के बीच यह तस्वीर इंसानी दर्द की सबसे मार्मिक कहानी कहती है. मलबे के पहाड़ के बीच इंसानियत की मिसाल… नागरिक, स्वयंसेवक और बचावकर्मी मिलकर उम्मीद की एक नई सुबह तलाश रहे हैं. ये भी पढ़ें:- न्यूयॉर्क के किंगमेकर बने जोहरान ममदानी, प्राइमरी चुनावों उनके 3 कैंडिडेट ने दर्ज की धमाकेदार जीत, हैवीवेट नेताओं को हराया ये भी पढ़ें:- PoK को तड़पाकर दम लेगी मुनीर की पलटन! विरोध करने की सजा- आटा, तेल और दवाई की नाकेबंदी; हालात बेकाबू The post वेनेजुएला भूकंप का दर्द : गिरी इमारतें, बिखरे सपने, मलबे में दबी जिंदगी, 12 तस्वीरों में देखें विनाश का मंजर appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी एनकाउंटर पर पहली बार बोले CM सम्राट चौधरी, कहा- जो गलत होगा उस पर होगी कार्रवाई

Samrat Choudhary On Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से देख रही है और यदि किसी स्तर पर गलती पाई जाती है तो कार्रवाई तय है. उन्होंने यह बात पटना के ज्ञान भवन में आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई समस्या सामने आती है, प्रशासन तुरंत चिंतित होकर आगे बढ़ती है. इस मामले में राज्य के सबसे उच्च स्तर के आयोग का गठन किया गया है. जो गलत होगा, उस पर कार्रवाई होगी. न्यायिक जांच शुरू, बिलौटी पहुंचे रिटायर्ड जज भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है. गुरुवार को पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा अपनी टीम के साथ शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंचे. उनके साथ शाहाबाद रेंज के DIG सत्य प्रकाश, भोजपुर के DM तनय सुल्तानिया, SP राज और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. परिजनों से मिले, घटनास्थल का किया निरीक्षण रिटायर्ड जज ने भरत तिवारी के माता-पिता और भाई से मुलाकात की. उन्होंने परिवार का पक्ष सुना और घटना से जुड़े स्थानों का भी निरीक्षण किया. जांच आयोग पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी जुटाने में लगा है. भरत की मां बोलीं- दोषियों को फांसी मिले जांच टीम से मुलाकात के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि उन्होंने जज से अपने बेटे की हत्या में शामिल सभी लोगों को फांसी देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मामले की CBI जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 8 दिन बाद परिजनों से मिले भोजपुर SP एनकाउंटर के आठ दिन बाद भोजपुर के SP राज भी भरत तिवारी के घर पहुंचे. उन्होंने करीब एक घंटे तक परिवार से बातचीत की. SP ने कहा कि वे परिवार का दर्द और पक्ष सुनने आए हैं. साथ ही निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिलाया. महापंचायत से विधानसभा घेराव की चेतावनी बुधवार को बिलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में महापंचायत आयोजित की गई. इसमें शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि यदि भरत तिवारी की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो श्राद्धकर्म के बाद विधानसभा का घेराव किया जाएगा. Also Read: भरत की मां रिटायर्ड जज से बोलीं- बेटे के हत्यारों को फांसी हो, SDM भी दोषी, बिलौटी पहुंचकर विनोद कुमार सिन्हा ने की जांच The post भरत तिवारी एनकाउंटर पर पहली बार बोले CM सम्राट चौधरी, कहा- जो गलत होगा उस पर होगी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले हैं, तो जानिए आपकी कमाई पर कितना बनेगा टैक्स?

ITR Filing 2026: फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख अब ज्यादा दूर नहीं है. ऐसे में लाखों नौकरीपेशा के मन में एक सवाल है कि आखिर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उनकी टैक्स देनदारी (Tax Liability) कैसे तय करता है. रिटर्न दाखिल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि टैक्स की गणना किन चरणों में होती है और किन बातों का ध्यान रखा जाता है. सबसे पहले क्या देखा जाता है? इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सबसे पहले यह तय करता है कि करदाता (Taxpayer) हिंदुस्तान का निवासी (Resident) है या अनिवासी (Non-Resident). निवासी व्यक्ति की वैश्विक आय (Global Income) पर टैक्स लागू हो सकता है. अनिवासी व्यक्ति पर केवल हिंदुस्तान में प्राप्त या अर्जित आय पर टैक्स लगता है. यही आधार आगे की पूरी टैक्स गणना को प्रभावित करता है. कुल इनकम कैसे निकाली जाती है? टैक्स डिपार्टमेंट आपकी इनकम को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर गणना करता है. इसमें मुख्य रूप से 5 स्रोत शामिल होते हैं. इनकम का स्रोत उदाहरण वेतन (Salary) नौकरी से मिलने वाली इनकम  हाउस प्रॉपर्टी किराए की इनकम  बिजनेस या प्रोफेशन व्यापार या पेशे से कमाई कैपिटल गेन शेयर, प्रॉपर्टी आदि बेचने से लाभ अन्य स्रोत ब्याज, एफडी, डिविडेंड आदि इसके बाद विभाग कुछ अन्य जरूरी कदम उठाता है: जरूरत होने पर क्लबिंग ऑफ इनकम लागू की जाती है. पुराने नुकसान (Losses) का सेट-ऑफ और कैरी फॉरवर्ड किया जाता है. धारा 80C, 80D जैसी योग्य कटौतियां (Deductions) घटाई जाती हैं. इसके बाद कुल कर योग्य आय (Total Income) तय होती है. टैक्स देनदारी कैसे तय होती है? कुल इनकम तय होने के बाद उसे दो हिस्सों में बांटा जाता है: सामान्य आय (Normal Income) विशेष दर वाली आय (Special Income) सामान्य इनकम पर चुने गए टैक्स रिजीम और स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है, जबकि कुछ विशेष इनकम पर अलग दरें लागू हो सकती हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि कृषि आय (Agricultural Income) टैक्स मुक्त रहती है, हालांकि कुछ मामलों में टैक्स दर तय करने के लिए इसे गणना में शामिल किया जाता है. अंतिम टैक्स कितना देना होगा? अंतिम टैक्स देनदारी निकालते समय विभाग पहले कुल टैक्स की गणना करता है और फिर पहले से जमा टैक्स को घटाता है. इसमें शामिल हैं: एडवांस टैक्स TDS (Tax Deducted at Source) TCS (Tax Collected at Source) सेल्फ असेसमेंट टैक्स अगर रिटर्न देर से भरा गया है या टैक्स समय पर जमा नहीं किया गया है तो ब्याज और लेट फीस भी जोड़ी जा सकती है. आखिर में सरचार्ज और हेल्थ-एंड-एजुकेशन सेस जोड़कर अंतिम देनदारी तय की जाती है. क्या है आपके लिए जरूरी? ITR भरने से पहले अपनी इनकम, कटौतियों और पहले से कटे हुए TDS का मिलान जरूर कर लें. इससे रिटर्न दाखिल करते समय किसी तरह की गलती या अतिरिक्त टैक्स भुगतान से बचा जा सकता है. सही जानकारी के साथ रिटर्न भरना न सिर्फ आसान होता है, बल्कि भविष्य में नोटिस जैसी परेशानियों की संभावना भी कम हो जाती है. ये भी पढ़ें: Passport मिला तो क्या बन गए पक्के हिंदुस्तानीय? MEA ने दूर किया सालों पुराना कन्फ्यूजन! The post इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले हैं, तो जानिए आपकी कमाई पर कितना बनेगा टैक्स? appeared first on Naya Vichar.

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क्या गैर-नागरिकों को भी मिल सकता है भारतीय पासपोर्ट? जानिए क्या कहता है पासपोर्ट अधिनियम 1967

Passports: सोशल मीडिया पर बहस छिड़ने के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मोदी प्रशासन ने पिछले 12 सालों में पासपोर्ट को लेकर कोई नया फैसला नहीं लिया है. यह कल तय नहीं किया गया है कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार प्रशासन ने बताया- पासपोर्ट अधिनियम 1967 के अनुसार, गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट दिया जा सकता है. क्या है पासपोर्ट अधिनियम 1967 ? पासपोर्ट अधिनियम 1967 पूरे हिंदुस्तान में विदेश यात्रा और पासपोर्ट से जुड़े नियमों (जैसे पासपोर्ट बनाना, रिन्यू करना या रद्द करना) को संभालता है. इस कानून में एक विशेष नियम है कि प्रशासन जरूरत पड़ने पर किसी विदेशी या गैर-नागरिक को भी पासपोर्ट या यात्रा से जुड़े दस्तावेज दे सकती है. इसी वजह से पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं माना जाता. पासपोर्ट आपकी पहचान और विदेश यात्रा के लिए एक जरूरी दस्तावेज है, जो यह तो दिखाता है कि आप नागरिक हो सकते हैं, लेकिन आपकी असली नागरिकता देश के संविधान और नागरिकता कानून (Citizenship Act) से तय होती है, किसी एक पासपोर्ट से नहीं. बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2013 में क्या दिया था फैसला? बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2013 में अपने फैसले में यह स्पष्ट किया था कि हिंदुस्तान में किसी भी व्यक्ति की नागरिकता ‘नागरिकता अधिनियम, 1955’ (The Citizenship Act, 1955) के तहत तय होती है. निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार नागरिकता का पक्का सबूत नहीं है, बल्कि सिर्फ पहचान का दस्तावेज है. पीआईबी ने 20 दिसंबर 2019 को नागरिकता को लेकर दिया था जवाब 20 दिसंबर 2019 को प्रशासन की संस्था पीआईबी (PIB) ने एनआरसी और सीएए से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब दिए थे. उन्होंने बताया था कि कोई भी व्यक्ति अपनी जन्म तिथि और जन्म के स्थान का प्रमाण देकर अपनी नागरिकता साबित कर सकता है. पीआईबी ने यह भी साफ किया कि हिंदुस्तान में नागरिकता देने या तय करने का काम नागरिकता नियम 2009 के तहत होता है, जो कि हमारे मूल नागरिकता कानून 1955 पर बने हैं. पासपोर्ट को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या दिया था बयान विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 24 जून पासपोर्ट सेवा दिवस के दिन बयान दिया कि पासपोर्ट यात्रा का दस्तावेज है, नागरिकता का सबूत नहीं. यह ऐसा दस्तावेज नहीं है जो नागरिकता साबित करता हो. बयान सामने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने इस मामले पर प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर कहा, तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का साक्ष्य है? बीएलओ मेरी नागरिकता पर शक कर सकता है, मुझे वोट देने से रोक सकता है. नतीजा : भाजपा चुनाव जीत जाती है. MEAJune 24, 2026 : “A passport is a travel document, and not a document of citizenship.” Which document then is proof of citizenship? BLO can doubt my citizenship Deprive me of my vote Result BJP wins the election Over to Supreme Court ! — Kapil Sibal (@KapilSibal) June 24, 2026 भाजपा नेता अमित मालवीय ने क्या कहा? भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने कोई नई नीति घोषित नहीं की है, बल्कि केवल एक स्थापित कानूनी स्थिति को दोहराया है. एक्स पर एक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय अदालतों ने बार-बार यह माना है कि पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है, और 2013 के बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले और बाद के उन कथनों का हवाला दिया है जिनमें कहा गया है कि नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत पात्रता और सहायक साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है. महुआ मोइत्रा ने प्रशासन पर कसा तंज तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने इस मुद्दे पर प्रशासन पर तंज कसा. उन्होंने एक्स पर कहा, ऐसा लगता है कि आज हिंदुस्तानीय नागरिकता का एकमात्र सबूत हिंदू और भाजपा का मतदाता होना है. इसके अलावा और कुछ नहीं चलेगा. गीतकार जावेद अख्तर ने विदेश मंत्रालय के बयान को बताया बेतुका गीतकार जावेद अख्तर ने विदेश मंत्रालय के स्पष्टीकरण को बेतुका बताया. उन्होंने एक्स पर कहा, विदेश मंत्रालय का कहना है कि पासपोर्ट यात्रा का दस्तावेज है, नागरिकता का सबूत नहीं. सच में??? तो क्या वे कुछ लोगों को यह यात्रा दस्तावेज पूरी तरह आश्वस्त हुए बिना दे रहे हैं कि यह व्यक्ति हिंदुस्तानीय नागरिक है?? यह बेतुका है. The post क्या गैर-नागरिकों को भी मिल सकता है हिंदुस्तानीय पासपोर्ट? जानिए क्या कहता है पासपोर्ट अधिनियम 1967 appeared first on Naya Vichar.

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AI हब बनेगा बिहार, Google-Microsoft के साथ सम्राट सरकार का मेगा प्लान, नहीं होगी रोजगार की कमी

Bihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का केंद्र बनाने, नई टाउनशिप विकसित करने और ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार देने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं. AI हब बनेगा बिहार बिहार प्रशासन ने राज्य में AI आधारित इकोसिस्टम विकसित करने का फैसला किया है. इसके लिए Google Cloud India, Microsoft India, Sarvam और CoRover जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा. आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि इन कंपनियों के सहयोग से प्रशासनी अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी. इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के लिए विशेष पाठ्यक्रम भी तैयार होंगे. स्थानीय भाषाओं पर भी होगा काम प्रशासन शोधकर्ताओं को हिंदुस्तानीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों पर AI आधारित रिसर्च के लिए सहयोग देगी. इसके अलावा डेटा सुरक्षा, क्लाउड नीति, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं के लिए एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी काम होगा. स्टार्टअप और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा प्रशासन का मानना है कि इन समझौतों से स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होगा. नए निवेश आएंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. साथ ही तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा. डेहरी में बनेगी नई सैटेलाइट टाउनशिप कैबिनेट ने रोहतास जिले के डेहरी में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दे दी है. यह बिहार की 12वीं सैटेलाइट टाउनशिप होगी. टाउनशिप के विकास के लिए हडको से एक लाख करोड़ रुपए तक का दीर्घकालिक ऋण लेने का रास्ता भी साफ कर दिया गया है. शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार प्रशासन का दावा है कि नई टाउनशिप से आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित होगी. इससे निजी निवेश आकर्षित होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे. साथ ही सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर आयोजना क्षेत्रों के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है. इससे इन शहरों में नए आवासीय और व्यावसायिक विकास को गति मिलेगी. पर्यटन के लिए 5 हजार करोड़ का इंतजाम बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को 5 हजार करोड़ रुपए तक के वित्तपोषण की मंजूरी दी गई है. इस राशि का उपयोग पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने और नए पर्यटन प्रोजेक्ट शुरू करने में किया जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिन रोजगार कैबिनेट ने विकसित हिंदुस्तान-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत नई बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के गठन को भी मंजूरी दी है. नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी. योजनाओं की निगरानी भी होगी मजबूत नई परिषद प्रशासन को योजना से जुड़े मामलों में सलाह देगी. साथ ही निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा भी करेगी. प्रशासन का दावा है कि इससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और समयबद्ध होगा. बिहार प्रशासन के इन फैसलों को राज्य में तकनीकी विकास, शहरी विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. Also Read: भरत की मां रिटायर्ड जज से बोलीं- बेटे के हत्यारों को फांसी हो, SDM भी दोषी, बिलौटी पहुंचकर विनोद कुमार सिन्हा ने की जांच Also Read: मां का साथ बचपन में छूट गया, लेकिन सपना नहीं टूटा, नानी के घर पली हिमाली अब बनेंगी SDM, पढ़िए सफलता की पूरी कहानी The post AI हब बनेगा बिहार, Google-Microsoft के साथ सम्राट प्रशासन का मेगा प्लान, नहीं होगी रोजगार की कमी appeared first on Naya Vichar.

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