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Author name: Vinod Jha

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झारखंड CM के ऐलान के बाद रद्द होंगी ये प्रमुख भर्ती परीक्षाएं, देखें TDPL एजेंसी से जुड़ी 8 परीक्षाओं की लिस्ट

Jharkhand Jobs Cancelled List: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बाद प्रशासन एक्शन में है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विवादित और पुरानी भर्तियों को रद्द करने का ऐलान किया है. इस फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थी कंफ्यूजन की स्थिति में हैं. हर कोई जानना चाहता है कि आखिर किन-किन भर्तियों पर इसका सीधा असर पड़ा है. राज्य में पेपर विवाद और सीआईडी जांच के चलते कई परीक्षाएं पहले ही रुकी हुई थीं. अब आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) द्वारा ली गई 8 प्रमुख भर्तियों की प्रक्रिया सीधे तौर पर प्रभावित हुई है. एक नजर में: रद्द और प्रभावित 8 प्रमुख परीक्षाओं की पूरी डिटेल क्र. परीक्षा का नाम कुल पद परीक्षा – रिजल्ट की स्थिति वर्तमान स्थिति 1 14वीं सिविल सेवा रेगुलर पीटी 103 1.10 लाख शामिल, 2204 मुख्य परीक्षा के लिए सफल 25 जुलाई की मुख्य परीक्षा स्थगित, अब प्रक्रिया रद्द 2 सिविल सेवा बैकलॉग पीटी 2023 07 125 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल CID जांच के कारण मुख्य परीक्षा स्थगित, प्रक्रिया रद्द 3 सिविल सेवा बैकलॉग पीटी 2025 45 759 अभ्यर्थी सफल घोषित 8-10 अगस्त की मुख्य परीक्षा स्थगित, प्रक्रिया रद्द 4 फॉरेस्ट रेंज अफसर 170 743 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण 11-13 अगस्त की शारीरिक जांच स्थगित 5 सहायक वन संरक्षक (ACF) 78 368 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल 17-18 अगस्त की शारीरिक जांच स्थगित 6 एपीपी (APP) रेगुलर नियुक्ति 134 20 दिसंबर को पीटी, 2515 अभ्यर्थी सफल आगामी प्रक्रिया प्रभावित 7 एपीपी (APP) बैकलॉग नियुक्ति 26 13 दिसंबर को पीटी, 351 अभ्यर्थी सफल प्रक्रिया प्रभावित 8 सिविल जज जूनियर 138 पीटी में 1844 अभ्यर्थी सफल घोषित आगे की प्रक्रिया अटकी सिविल सेवा परीक्षाएं: मुख्य परीक्षा से ठीक पहले लगी रोक 14वीं सिविल सेवा (103 पद): 564 केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पीटी दी थी. 2 जुलाई को रिजल्ट आने के बाद 2204 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए थे, जिसे 25 जुलाई को होना था लेकिन स्थगित कर दिया गया. बैकलॉग पीटी (2023 और 2025): 7 पदों वाली 2023 बैकलॉग और 45 पदों वाली 2025 बैकलॉग दोनों परीक्षाओं की मुख्य परीक्षाएं अगस्त में होनी थीं, जिन्हें सीआईडी जांच के चलते रोक दिया गया था. ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द होते ही छलके खुशी के आंसू, Video में देखें छात्रों का जश्न वन विभाग की भर्तियां: फिजिकल टेस्ट के मुहाने पर अटकी प्रक्रिया फॉरेस्ट रेंज अफसर (170 पद): मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद 743 अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट के लिए क्वालिफाई हुए थे. 11 से 13 अगस्त तक होने वाली शारीरिक जांच परीक्षा को ऐन वक्त पर स्थगित करना पड़ा. सहायक वन संरक्षक (78 पद): 368 सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच 17 से 18 अगस्त को प्रस्तावित थी, जिसे रोक दिया गया. अभियोजन और न्यायिक सेवा की भर्तियां असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP): रेगुलर के 134 पदों पर 2515 और बैकलॉग के 26 पदों पर 351 अभ्यर्थी पीटी में सफल हुए थे, जिनका आगे का चरण अब नए सिरे से तय होगा. सिविल जज जूनियर (138 पद): इस परीक्षा में पीटी के आधार पर 1844 अभ्यर्थी सफल हुए थे, लेकिन एजेंसी विवाद के चलते यह प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी. ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द होने से एक झटके में गई 1975 की नौकरी, भारी बारिश में सचिवालय गेट पर बैठे प्रभावित कर्मचारी (Note: ये जानकारी नया विचार न्यूजपेपर में प्रकाशित समाचार पर आधारित हैं) The post झारखंड CM के ऐलान के बाद रद्द होंगी ये प्रमुख भर्ती परीक्षाएं, देखें TDPL एजेंसी से जुड़ी 8 परीक्षाओं की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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अहमदाबाद पुलिस का खुलासा: ‘बॉस स्कैम’ के पीछे इंटरनेशनल साइबर नेटवर्क, पाकिस्तान-चीन से जुड़े तार

अहमदाबाद पुलिस ने हाई-प्रोफाइल ‘बॉस स्कैम’ साइबर अपराध मामले में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पुलिस के मुताबिक यह गिरोह पिछले 4 से 5 वर्षों से सक्रिय था और पाकिस्तान तथा चीन में बैठे साइबर अपराधियों को साइबर फ्रॉड के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहा था. पश्चिम बंगाल से दो आरोपी गिरफ्तार अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले में पश्चिम बंगाल से अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान ऐसे उपकरण बरामद किए, जिनसे एक साथ चार सिम कार्ड चलाए जा सकते थे. आरोपियों के पास करीब 4,500 सिम कार्ड मिले, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था. इस्लामाबाद से चल रहा था कॉल सेंटर पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सिम कार्ड विदेशों में बैठे अपराधियों तक पहुंचाए. इनका इस्तेमाल चीनी मैलवेयर और इस्लामाबाद से संचालित कॉल सेंटर के जरिए साइबर हमलों में किया जाता था. किसी व्यक्ति के लिंक पर क्लिक करते ही ठगी और अवैध पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती थी. 26 राज्यों में 251 शिकायतें पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ देश के 26 राज्यों में अब तक 251 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं. जांच से पता चला कि आरोपी साइबर अपराधियों को ओटीपी भी उपलब्ध कराते थे. अब तक करीब 21,000 ओटीपी दिए जाने की जानकारी सामने आई है और हर ओटीपी के बदले लगभग 100 रुपये लिए जाते थे. 10 हजार डिवाइस नेटवर्क से जुड़े गिरोह ने करीब 10,000 लैपटॉप और मोबाइल फोन को अपने नेटवर्क से जोड़ा हुआ था. पुलिस ने इन सभी डिवाइस को निष्क्रिय कर दिया है. आरोपियों ने जांच एजेंसियों से बचने के लिए पहले टेलीग्राम और बाद में व्हाट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल शुरू कर दिया था. पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट CP अनुपम सिंह गहलोत ने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी फाइल को न खोलें और अनजान लिंक पर क्लिक न करें. उन्होंने कहा कि ऐसे लिंक साइबर अपराधियों के लिए अवैध पैसे ट्रांसफर कराने का प्रमुख हथियार बन रहे हैं. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय आरोपियों की तलाश में जुटी है. ये भी पढ़ें: केदारनाथ मार्ग पर हादसा: तीर्थयात्रियों पर गिरे पत्थर, एक की मौत और दो घायल The post अहमदाबाद पुलिस का खुलासा: ‘बॉस स्कैम’ के पीछे इंटरनेशनल साइबर नेटवर्क, पाकिस्तान-चीन से जुड़े तार appeared first on Naya Vichar.

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चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सली’ ट्वीट पर बवाल, नक्सल पीड़ित बोले- हम दिमाग से भी नक्सवाद निकालेंगे

कांकेर के कामेश्वर कुमार सिन्हा ने कहा कि चिदंबरम के एक्स अकाउंट से यह बयान सामने आया कि वह ‘दिमागी नक्सलियों’ के साथ खड़े हैं और उन्हें उन पर गर्व है. उन्होंने कहा, “मुझे यह देखकर बहुत दुख हुआ. एक बार बस्तर आकर देखिए. यहां लोग बयानबाजी नहीं कर रहे हैं, बल्कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों और जवानों के साथ खड़े हैं.” कामेश्वर ने बताया कि नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी धमाके में उन्होंने अपने पिता को खो दिया. उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली से इस तरह के बयान आना नक्सल हिंसा के पीड़ितों के जख्मों को और गहरा करता है. इसी वजह से उन्होंने दिल्ली आकर चिदंबरम के बयान पर सवाल उठाने का फैसला किया. पति को खो चुकीं आरती ने भी जताया विरोध बस्तर के कांकेर की रहने वाली आरती ने कहा कि उनके पति सुरक्षा बल में एसटीएफ के जवान थे और सुकमा में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में उनकी मौत हो गयी. उन्होंने कहा कि बस्तर में उनके जैसी कई स्त्रीएं हैं, जिन्होंने नक्सली हिंसा में अपने पति खोये हैं. आरती ने कहा, “हम सोशल मीडिया पर पी चिदंबरम के उस बयान का विरोध कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने ‘दिमागी नक्सलियों’ के समर्थन की बात कही है. आज बस्तर नक्सल-मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. हम नहीं चाहते कि जो कुछ पहले हुआ, वह दोबारा हो.” ‘बस्तर को फिर उसी नर्क में नहीं धकेलना चाहिए’ कांकेर निवासी तरुण कुमार ने कहा कि बस्तर करीब चार दशक तक नक्सली हिंसा की आग में जलता रहा. एक नक्सली हमले में उन्होंने अपना पैर खो दिया और उनकी रीढ़ की हड्डी भी टूट गयी. उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति कायम करने के लिए हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई है. अब जब क्षेत्र विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, तो उसे फिर हिंसा के दौर में नहीं धकेला जाना चाहिए. तरुण ने कहा, “क्या बस्तर को तरक्की नहीं करनी चाहिए? बिल्कुल करनी चाहिए. ऐसे बयानों से बस्तर फिर 40 साल पीछे चला जाएगा, जहां हिंसा और गोलीबारी होगी और जवान अपनी जान गंवाएंगे.” तरुण ने बताया कि उनके साथ 9 अक्टूबर 2022 को नक्सली हिंसा की घटना हुई थी और अब करीब चार साल होने को हैं. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग नक्सली हिंसा के शिकार हुए हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि नेतृत्वक नेता पीड़ितों के साथ खड़े होंगे. ‘ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए’ नक्सलवाद से प्रभावित सियाराम ने भी चिदंबरम के बयान पर नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि बस्तर अब शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ जैसे बयान पीड़ित लोगों को दुख पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा, “उन्हें हमारे साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वे उनके समर्थन में बोल रहे हैं. हमें यह पसंद नहीं है। ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए.” चिदंबरम ने ‘दिमागी नक्सल’ को बताया था नया नेतृत्वक अपशब्द दरअसल, पी चिदंबरम ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी. उन्होंने इसे बीजेपी की ओर से पहले इस्तेमाल किए गए ‘अर्बन नक्सल’, ‘आंदोलनजीवी’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे शब्दों का नया रूप बताया था. चिदंबरम ने सवाल उठाया था कि ‘अर्बन नक्सल’, ‘आंदोलनजीवी’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे शब्द आखिर किसके लिए इस्तेमाल किए जाते थे. उन्होंने कहा था कि ये शब्द विपक्ष के सदस्यों के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने वाले अपशब्द थे और ‘दिमागी नक्सल’ भी उसी तरह का नया नेतृत्वक अपशब्द है. ये भी पढ़ें: ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर खरगे का पलटवार, बोले- गांधी-नेहरू वाला ही संस्करण गाया, अपराध है तो FIR करें The post चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सली’ ट्वीट पर बवाल, नक्सल पीड़ित बोले- हम दिमाग से भी नक्सवाद निकालेंगे appeared first on Naya Vichar.

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BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, 32388 पदों पर शिक्षकों की होगी भर्ती, जानिए कब से शुरू होगा आवेदन

BPSC TRE-4 Vacancy: BPSC TRE-4 के अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चतुर्थ चरण की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा यानी TRE-4.0 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग के तहत कुल 32,388 पदों पर विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी. सबसे पहले नया विचार ने यह जानकारी दी थी कि आज शाम तक नोटिफिकेशन आ सकता है. समाचार पर मुहर लग गई है. नोटिफिकेशन जारी होने से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे थे. वैकेंसी जारी होने में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी भी थी. 32,388 पदों पर होगी भर्ती BPSC की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत शिक्षा विभाग, बिहार के अंतर्गत विद्यालय अध्यापक के कुल 32,388 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी. इन पदों के लिए योग्य हिंदुस्तानीय उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं. 1 सितंबर से शुरू होगा आवेदन TRE-4 के लिए आवेदन प्रक्रिया सितंबर से शुरू होगी. अभ्यर्थी तय तारीख के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. ऑनलाइन आवेदन शुरू: 1 सितंबर 2026 ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026 शुल्क भुगतान शुरू: 1 सितंबर 2026 शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 29 सितंबर 2026 अभ्यर्थियों को सलाह है कि आवेदन शुरू होने के बाद आयोग की ओर से जारी निर्देशों को ध्यान से पढ़कर ही फॉर्म भरें. शिक्षा मंत्री ने पहले ही दिया था संकेत TRE-4 के नोटिफिकेशन में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लगातार सवाल उठ रहे थे. इसी बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा था कि नोटिफिकेशन किसी भी समय जारी किया जा सकता है. उन्होंने अभ्यर्थियों से पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की थी. मंत्री ने यह भी कहा था कि भर्ती को लेकर विभागीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और BPSC की प्रक्रिया भी चल रही है. अब आखिरकार नोटिफिकेशन जारी हो गया है. राज्यपाल से मुलाकात के बाद आया नोटिफिकेशन शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की थी. मंत्री ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया. उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान बिहार की शिक्षा व्यवस्था और विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई. इसके बाद BPSC की ओर से TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया. अब आंदोलन नहीं, पढ़ाई पर फोकस की अपील TRE-4 में देरी को लेकर अभ्यर्थियों के आंदोलन पर शिक्षा मंत्री ने उनसे पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की थी. मंत्री ने कहा था कि सभी तैयारियां पूरी हैं और अभ्यर्थियों का उज्ज्वल भविष्य उनका इंतजार कर रहा है. अब नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है. 32,388 पदों पर होने वाली इस भर्ती के लिए 1 सितंबर से आवेदन शुरू होंगे. Also Read: बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती नियमावली पर चिराग पासवान का CM सम्राट को पत्र, डोमिसाइल और उम्र सीमा समेत की ये 6 मांगें The post BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, 32388 पदों पर शिक्षकों की होगी भर्ती, जानिए कब से शुरू होगा आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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IND vs SL: द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ने से चूके पड्डिक्कल, दूसरी पारी में भारत ने श्रीलंका को दिया 372 रन का टारगेट

IND vs SL Test : हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच गॉल में स्पोर्ट्से जा रहे पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य रखा है. हिंदुस्तान अपनी दूसरी पारी में 193 रन पर सिमट गया. इस पारी में ऋषभ पंत ने 66 रनों की अहम पारी स्पोर्ट्सी, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 75 गेंदों पर 44 रन और केएल राहुल ने 35 रन बनाए. देवदत्त पडिक्कल के पास इस मैच में राहुल द्रविड़ का श्रीलंका के खिलाफ एक खास रिकॉर्ड तोड़ने का मौका था, लेकिन वह महज 5 रन से चूक गए. 5 रन से चूके पडिक्कल पहली पारी में 230 गेंदों पर शानदार 167 रन बनाने वाले पडिक्कल ने दूसरी पारी में भी अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन केशरा नुवान्था की गेंद पर एलबीडब्ल्यू होकर 44 रन पर आउट हो गए. इस तरह उन्होंने मैच में कुल 211 रन बनाए. वह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में हिंदुस्तानीय नंबर-3 बल्लेबाज के तौर पर एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने के द्रविड़ के रिकॉर्ड से सिर्फ पांच रन पीछे रह गए. द्रविड़ ने 2009 में अहमदाबाद टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ नंबर-3 पर स्पोर्ट्सते हुए कुल 215 रन बनाए थे. उस मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में 177 और दूसरी पारी में 38 रन बनाए थे. पहली पारी में हिंदुस्तान ने बनाए थे 462 रन इससे पहले टीम इंडिया ने पहली पारी में 462 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था. इसके जवाब में श्रीलंका की टीम 284 रन पर ऑलआउट हो गई और हिंदुस्तान को 178 रन की बढ़त मिली. श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा ने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया और निरोशन डिकवेला के साथ छठे विकेट के लिए 146 रनों की साझेदारी कर हिंदुस्तानीय गेंदबाजों को काफी देर तक परेशान किया. डिकवेला 80 रन बनाकर प्रसिद्ध कृष्णा का शिकार बने. इसके बाद मानव सुथार ने 4 विकेट और रवींद्र जडेजा ने 3 विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई. Also Read: कुमारा की गेंद पर छक्का जड़ पंत ने बनाया न्यू रिकॉर्ड, टेस्ट में 100 सिक्स लगाने वाले फर्स्ट इंडियन श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य हिंदुस्तान ने दूसरी पारी में 193 रन बनाकर कुल बढ़त को 371 रन तक पहुंचाया और श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा. श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 9 ओवर में 4 हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. उनके अलावा प्रभात जयसूर्या ने 3, लाहिरू कुमारा ने 2 और केशरा नुवान्था ने 1 विकेट हासिल किया. हिंदुस्तानीय पारी में इन तीन बल्लेबाजों के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका. Also Read: 18 अगस्त, 18 जर्सी नंबर और 18 साल…जानिए किंग कोहली के वो रिकॉर्ड जो उन्हें बनाते हैं सबसे खास The post IND vs SL: द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ने से चूके पड्डिक्कल, दूसरी पारी में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को दिया 372 रन का टारगेट appeared first on Naya Vichar.

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अनशन तोड़ने के बाद देवेंद्र नाथ महतो बोले- सिस्टम रिफॉर्म होने पर मिलेगा छात्रों को न्याय

JPSC Sutdent Protest: झारखंड प्रशासन की ओर से JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने इसे छात्रों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे थे. प्रशासन के फैसले से छात्रों की मांगों को बड़ी सफलता मिली है. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि सीबीआई-सीआईडी जांच से नहीं, बल्कि सिस्टम रिफॉर्म होने पर छात्रों को न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि सिस्टम रिफॉर्म होने तक छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा. टीडीपीएल द्वारा ली गईं सभी 14 परीक्षाएं रद्द देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अब तक 14 परीक्षाएं रद्द की जा चुकी हैं. उन्होंने इसे झारखंड के छात्र आंदोलन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उनके अनुसार, परीक्षा रद्द होना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि यह छात्रों की लगातार उठायी जा रही आवाज और उनके संघर्ष का परिणाम है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन की लड़ाई केवल परीक्षाएं रद्द कराने तक सीमित नहीं है. CBI-CID जांच पर सवाल छात्र नेता ने कहा कि केवल CBI या CID से जांच कराने से छात्रों को न्याय नहीं मिल सकता. जांच एजेंसियां किसी मामले की जांच कर सकती हैं और दोषियों की पहचान कर सकती हैं, लेकिन इससे भविष्य की परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार अपने आप नहीं हो जाएगा. छात्रों की मांग है कि प्रशासन परीक्षा प्रणाली में स्थायी बदलाव करे. लीक-प्रूफ सिस्टम की मांग महतो ने कहा कि छात्रों की सबसे बड़ी मांग भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें पेपर लीक या किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश नहीं हो. परीक्षा प्रक्रिया में प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा आयोजित करने तक हर स्तर पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है. प्रशासन को देंगे ब्लूप्रिंट देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनके पास परीक्षा व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए एक ब्लूप्रिंट तैयार है. वह इसे प्रशासन के सामने रखेंगे. उनका कहना है कि इस प्रस्ताव के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकता है. प्रशासन यदि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करती है, तो भविष्य में छात्रों को ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. परीक्षा रद्द होना समाधान नहीं उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद हजारों अभ्यर्थियों को फिर से तैयारी करनी पड़ेगी. कई अभ्यर्थी लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दोबारा परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया स्पष्ट और समयबद्ध हो. साथ ही अभ्यर्थियों को परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर भरोसा दिलाया जाए. इसे भी पढ़ें: पति के नाम जारी जाति प्रमाणपत्र पर JPSC ने खारिज की उम्मीदवारी, हाईकोर्ट ने नियुक्ति का दिया आदेश पारदर्शी व्यवस्था पर जोर महतो ने कहा कि छात्रों की लड़ाई सिर्फ किसी एक परीक्षा को लेकर नहीं है. यह पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की लड़ाई है. उन्होंने प्रशासन से ऐसी स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिसमें भविष्य में किसी भी परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल न उठे. उनके अनुसार, 14 परीक्षाओं का रद्द होना संघर्ष की बड़ी जीत है, लेकिन वास्तविक सफलता एक लीक-प्रूफ और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनने पर ही मानी जाएगी. इसे भी पढ़ें: Dumka: 250 बच्चों के सिर पर टपकती छत और सिर्फ 5 चालू टॉयलेट, आदिवासी छात्रावास की दास्तां सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे The post अनशन तोड़ने के बाद देवेंद्र नाथ महतो बोले- सिस्टम रिफॉर्म होने पर मिलेगा छात्रों को न्याय appeared first on Naya Vichar.

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UP चुनाव से पहले एक्शन मोड में BJP : विनोद तावड़े बने नए प्रदेश प्रभारी, क्या बदलेंगे सियासी समीकरण?

UP News: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं. पार्टी की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के मुताबिक, विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. विनोद तावड़े को यूपी की जिम्मेदारी बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के लिए विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है. वहीं, जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से जारी नियुक्ति पत्र में इन नियुक्तियों की जानकारी दी गई है. बीजेपी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी नई जिम्मेदारियों की घोषणा की. पंजाब और गुजरात में भी नई नियुक्तियां उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब और गुजरात के लिए भी नए प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए गए हैं. डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जबकि तरुण चुघ को गुजरात का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है. बीजेपी के मुताबिक, ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी. तीन राज्यों में संगठन को नई जिम्मेदारी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के संगठनात्मक प्रभार में बदलाव किया है. नियुक्ति पत्र में कहा गया है कि अन्य सभी प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति समयानुसार किए जाने तक वर्तमान प्रभारी व्यवस्था जारी रहेगी. तीनों राज्यों में नई जिम्मेदारियां ऐसे समय में तय की गई हैं, जब उत्तर प्रदेश समेत इन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर नेतृत्वक गतिविधियां तेज होने वाली हैं. Must Read- DM का आदेश मिलते ही एक्शन में योगी पुलिस! 40 साल पुराने मदरसे पर चला बुलडोजर, सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा The post UP चुनाव से पहले एक्शन मोड में BJP : विनोद तावड़े बने नए प्रदेश प्रभारी, क्या बदलेंगे सियासी समीकरण? appeared first on Naya Vichar.

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जिस नक्सली पर था 25 लाख का इनाम, अब उसी के कंधों पर असीम मंडल के सरेंडर की जिम्मेदारी

जमशेदपुर: प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश, सचिन और उसके दस्ते के लगभग पांच से छह सदस्यों के जल्द ही आत्मसमर्पण करने की चर्चा तेज हो गयी है. हालांकि, इस बात को लेकर पशोपेश बना हुआ है कि यह आत्मसमर्पण किस राज्य में होगा. एक तरफ जहां झारखंड पुलिस असीम मंडल को अपने राज्य में सरेंडर कराने के लिए बिसात बिछा रही है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल पुलिस भी इस पूरे घटनाक्रम को अपनी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज कराने की फिराक में जुटी हुई है. दोनों राज्यों की पुलिस की निगाहें आकाश और उसके दस्ते पर टिकी हैं, ताकि इस बड़े इनामी नक्सली के सरेंडर का श्रेय लिया जा सके. सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस ने असीम मंडल उर्फ आकाश और उसके दस्ते को आत्मसमर्पण के लिए राजी करने का जिम्मा पूर्व एरिया कमांडर रंजीत पाल उर्फ राहुल को सौंपा है. राहुल झारखंड के चर्चित झामुमो सांसद सुनील महतो हत्याकांड का मुख्य आरोपी है. राहुल पूर्व में असीम मंडल के दस्ते का ही सक्रिय सदस्य रह चुका है, जिसके कारण उसे आकाश की कार्यशैली, सोचने के तरीके और उसके संभावित ठिकानों की गहरी समझ है. इसके अलावा, उसे कोल्हान और त्रि-सीमावर्ती इलाकों के जंगलों के चप्पे-चप्पे की सटीक जानकारी है. इसी रणनीति के तहत, राहुल पिछले दिनों गालूडीह थाना क्षेत्र के बेको इलाके में पहुंचा था. उसने बेको के नजदीकी जंगलों में असीम मंडल और उसके दस्ते से संपर्क साधने और मुलाकात करने का प्रयास किया था. यद्यपि सख्त चौकसी और सुरक्षा कारणों की वजह से यह मुलाकात पूरी तरह संभव हो पायी या नहीं, इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इस पहल ने दोनों राज्यों के प्रशासनिक और पुलिस महकमों में सरगर्मियां बढ़ा दी हैं. 25 लाख का इनामी था राहुल, बंगाल में सरेंडर के बाद मिली होमगार्ड की नौकरी रंजीत पाल उर्फ राहुल का इतिहास भी माओवादी संगठन में काफी चर्चित रहा है. झारखंड प्रशासन ने पूर्व में राहुल पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. लेकिन माओवादी संगठन के कद्दावर एरिया कमांडर कान्हू मुंडा और उसके दस्ते के सदस्यों के झारखंड में आत्मसमर्पण कर देने के बाद रंजीत पाल ने अपनी रणनीति बदली और पश्चिम बंगाल पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था. पश्चिम बंगाल प्रशासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ राहुल को मिला. पुनर्वास योजना के तहत पश्चिम बंगाल प्रशासन ने उसे न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि होमगार्ड में नौकरी भी दी. वर्तमान में वह समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर अपना जीवन व्यतीत कर रहा है. पश्चिम बंगाल की पुनर्वास नीति से प्रभावित हो रहे माओवादी पश्चिम बंगाल की सरेंडर पॉलिसी और पुनर्वास सुविधाओं के कारण माओवादी संगठन के कई बड़े कैडर पहले भी वहां आत्मसमर्पण कर चुके हैं. रंजीत पाल के बंगाल में सरेंडर के बाद उसके दस्ते के कई प्रमुख आरोपियों ने भी हथियार डाल दिये. इनमें ज्ञानेश्वरी ट्रेन हादसे का मुख्य आरोपी जयंतो, लक्ष्मी महतो, कार्तिक उर्फ भीम सोरेन, विजय सिंह, समर तथा स्त्री नक्सली बेला और पुष्पा शामिल हैं. इन सभी ने पश्चिम बंगाल पुलिस के समक्ष सरेंडर कर प्रशासन की पुनर्वास सुविधाओं का लाभ उठाया. इसी वजह से असीम मंडल और उसका दस्ता भी झारखंड की तुलना में पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण को अधिक सुरक्षित और फायदेमंद मान रहा है. कान्हू मुंडा और उसके दस्ते के सदस्यों के सरेंडर के बाद झारखंड प्रशासन की ओर से उसके सभी केस खत्म किये जाने के बाद उसे पुरुलिया जेल भेज दिया गया. कान्हू मुंडा पर पुरुलिया में भी केस दर्ज है. वहीं, सांसद सुनील महतो की हत्या समेत झारखंड के 35 से ज्यादा केस का अभियुक्त रहा रंजीत पाल उर्फ राहुल पश्चिम बंगाल में आराम से रह रहा है. झारखंड पुलिस अबतक रंजीत पाल, जयंतो समेत पश्चिम बंगाल में सरेंडर करने वाले नक्सलियों को केस में कोर्ट में अबतक पेश नहीं कर सकी है. यही कारण है कि नक्सलियों का दस्ता पश्चिम बंगाल के सरेंडर पॉलिसी से ज्यादा प्रभावित हैं. बंगाल में सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जेल के बजाय पुलिस लाइन या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर तीन वर्ष तक रखने का प्रावधान है, जबकि झारखंड में आत्मसमर्पण करने वालों को इनामी राशि देने के साथ जेल भेजा जाता है. इसके अलावा बंगाल में सरेंडर करने वाले नक्सली चाहें तो होमगार्ड में सीधे बहाल हो सकते हैं. The post जिस नक्सली पर था 25 लाख का इनाम, अब उसी के कंधों पर असीम मंडल के सरेंडर की जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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JSSC CGL रद्द होने से एक झटके में गई 1975 की नौकरी, भारी बारिश में सचिवालय गेट पर बैठे प्रभावित कर्मचारी

सुनील चौधरी की रिपोर्ट रांची. कल तक जो युवा सचिवालय के प्रोजेक्ट भवन में ASO CI और LDC जैसे पदों पर फाइल चला रहे थे. आज सुबह वही गेट के बाहर खड़े हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को JSSC CGL की नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी किया था. प्रोजेक्ट भवन में घुसने से रोका इसके अगले ही दिन मंगलवार को चयनित 1975 कर्मियों को प्रोजेक्ट भवन में घुसने से रोक दिया गया. भारी बारिश के बीच सभी प्रभावित कर्मचारी सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन कर रहे हैं. नहीं मिला कोई लिखित नोटिस प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हमें काम पर नहीं आने का कोई लिखित नोटिस नहीं मिला है फिर भी पुलिसकर्मी हमें अंदर जाने से रोक रहे हैं. JSSC CGL 2023 की इस नियुक्ति में कुल 1975 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था. ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द होने के बाद प्रोजेक्ट भवन का दरवाजा बंद, सड़क पर उतरे कर्मचारी एक आदेश के बाद नौकरी समाप्त एक आदेश के बाद सभी की नौकरी समाप्त कर दी गई है. कर्मचारियों की मांग है कि प्रशासन जल्द स्पष्ट जवाब दे और बिना नोटिस नौकरी से हटाने के फैसले पर पुनर्विचार करे. इस पूरे मामले को लेकर सचिवालय परिसर में तनाव का माहौल है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. ये भी पढ़ें: JSSC CGL मामला: पत्थलगड्डा के BSO को पुलिस ने लिया हिरासत में, CID के निर्देश पर पूछताछ शुरू The post JSSC CGL रद्द होने से एक झटके में गई 1975 की नौकरी, भारी बारिश में सचिवालय गेट पर बैठे प्रभावित कर्मचारी appeared first on Naya Vichar.

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‘किसी भी समय TRE-4 का नोटिफिकेशन हो सकता है जारी’, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बोले- अभ्यर्थी पढ़ाई पर ध्यान दें

BPSC TRE-4 Vacancy: ‘किसी भी समय नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है. सभी तैयारी हो चुकी है. अभ्यर्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें.’ यह बात शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कही. बीपीएससी टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी किए जाने में देरी को लेकर अभ्यर्थी नाराज हैं. ऐसे में शिक्षा मंत्री ने नया अपडेट दिया है. राज्यपाल से क्या हुई बात? शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की. इस मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा, राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात हुई. बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जो अच्छा काम कर रहे हैं, उसके बारे में जानकारी देनी थी. महामहिम से मंत्रियों का मिलना-जुलना लगा रहता है. वैकेंसी को लेकर और क्या दी जानकारी? मीडिया से बातचीत के दौरान एक और अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी जानकारी शिक्षा मंत्री ने यह भी दी कि जितनी पदों पर वैकेंसी की सूचना दी गई थी, उससे ज्यादा ही वैकेंसी आएगी. किसी भी समय नोटिफिकेशन जारी हो सकती है. बीपीएससी इसमें जुटा है और विभागीय स्तर पर भी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. छात्रों के आंदोलन पर उन्होंने कहा, छात्र आंदोलन क्यों कर रहे हैं. वे पढ़ाई में जुटें. उनका उज्जवल भविष्य उनका इंतजार कर रहा है. तेजस्वी के लोकभवन मार्च पर भी बोले साथ ही लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव और आरजेडी के कार्यकर्ताओं की ओर से 19 अगस्त को लोकभवन मार्च किया जाएगा. इसे लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा, तेजस्वी यादव ऐसे विपक्ष के नेता हैं जिन्हें जो बात विधानसभा के अंदर करनी चाहिए, उसके लिए वह सड़क चुन रहे हैं. लेकिन जब असेंबली चलता है तो वह पर्यटन पर रहते हैं. अखबार में आज कल उनका फोटो नहीं आ रहा होगा, इसलिए कल वे फोटो सेशल करायेंगे. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें आज शाम जारी हो सकता है नोटिफिकेशन दूसरी तरफ, सूत्रों के हवाले से यह भी समाचार सामने आई थी कि आज शाम तक बीपीएससी टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है. इतना ही नहीं, अभ्यर्थियों ने 3 दिनों में नोटिफिकेशन जारी नहीं होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है. अभ्यर्थी लगातार जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी किए जाने की मांग कर रहे हैं. Also Read: छात्रों पर गोलीबारी करने वाले सिपाही के पास AK-47 आई कैसे? तेजस्वी ने प्रशासन से किए ताबड़तोड़ 15 सवाल The post ‘किसी भी समय TRE-4 का नोटिफिकेशन हो सकता है जारी’, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बोले- अभ्यर्थी पढ़ाई पर ध्यान दें appeared first on Naya Vichar.

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