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Author name: Vinod Jha

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राजस्थान रॉयल्स के कोच-कप्तान का फूटा गुस्सा, लाइव मैच में कटा बवाल

 Riyan Parag: आईपीएल 2026 का 62वां मैच राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच स्पोर्ट्सा गया. टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार जीत के साथ करने वाली रियान पराग की टीम अब थोड़ी मुश्किल में नजर आ रही है. दिल्ली से हार के बाद राजस्थान के लिए प्लेऑफ की राह कठिन हो गई है. ऐसे में अगर टीम को प्लेऑफ का टिकट पक्का करना है, तो उसे अपने बचे हुए दोनों मैचों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. अब राजस्थान के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है.  लाइव मैच के दौरान कोच का फूटा गुस्सा दिल्ली के खिलाफ स्पोर्ट्से गए मुकाबले में राजस्थान की हार का सबसे बड़ा कारण खराब फील्डिंग रही. आईपीएल मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगकारा और बल्लेबाज रियान पराग के बीच तीखी बहस का मामला भी सामने आया है. इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं. मैच के दौरान राजस्थान के खिलाड़ियों ने जिस तरह से कैच टपकाए और मिसफील्डिंग की, उसने टीम मैनेजमेंट को हैरान कर दिया. खराब फील्डिंग देखकर डगआउट में बैठे मुख्य कोच कुमार संगकारा और मैदान पर मौजूद रियान पराग अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाए और दोनों बुरी तरह भड़के हुए नजर आए.  RR के लिए प्लेऑफ की राह हुई बेहद मुश्किल राजस्थान रॉयल्स के लिए अब प्लेऑफ का गणित काफी पेचीदा हो चुका है. सीजन की शुरुआत में लगातार चार मैच जीतकर धमाकेदार आगाज करने वाली राजस्थान की टीम बाद में बिखर गई. पिछले 8 मैचों में से टीम को 6 में करारी हार का सामना करना पड़ा है. लीग स्टेज में अब राजस्थान के सिर्फ 2 मैच बचे हैं और टीम के खाते में फिलहाल 12 अंक हैं. आगे की राह तय करने के लिए अब उन्हें हर हाल में दोनों मैच जीतने होंगे.  The post राजस्थान रॉयल्स के कोच-कप्तान का फूटा गुस्सा, लाइव मैच में कटा बवाल appeared first on Naya Vichar.

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वीडी सतीशन बने केरलम के नए मुख्यमंत्री, राहुल गांधी ने लगाया गले, 10 साल बाद सत्ता में लौटा कांग्रेस गठबंधन

VD Satheesan Keralam Chief Minister Oath: वीडी सतीशन ने सोमवार को केरलम के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की नेतृत्व में बड़ा बदलाव दर्ज किया. कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 2026 विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल कर दस साल बाद सत्ता में वापसी की है. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सतीशन और उनके 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल हुए. कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल मौजूद रहे. इसके अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी समारोह में शामिल हुए. केरलम के निवर्तमान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर और सीपीआई नेता बिनय विश्वम भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. सतीशन के केरलम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद राहुल गांधी ने उन्हें गले लगाया. इसके बाद वह उनके कान में कुछ कहते भी नजर आए. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है. देखें- #WATCH | Thiruvananthapuram: VD Satheesan and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi share a hug after Satheesan took oath as Chief Minister of Keralam (Source: PRD) pic.twitter.com/IJPSyjepjo — ANI (@ANI) May 18, 2026 सतीशन का राजनैतिक करियर वीडी सतीशन ने 2026 विधानसभा चुनाव में परावुर सीट से लगातार छठी बार जीत हासिल की. उन्होंने सीपीआई उम्मीदवार ईटी टायसन मास्टर को 20,600 वोटों से हराया. 1964 में कोच्चि के पास नेट्टूर में जन्मे सतीशन पेशे से वकील हैं. उन्होंने छात्र नेतृत्व से अपने नेतृत्वक करियर की शुरुआत की थी और बाद में यूथ कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाई. 2021 विधानसभा चुनाव के बाद वे केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने और लेफ्ट प्रशासन के खिलाफ UDF के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे. 24 घंटे में बनी प्रशासन शपथ ग्रहण के बाद सतीशन ने कहा कि केरलम के इतिहास में पहली बार इतनी तेजी से प्रशासन गठन की प्रक्रिया पूरी हुई है. उन्होंने बताया कि सहयोगी दलों से चर्चा के बाद 24 घंटे के भीतर मंत्रिमंडल का गठन कर लिया गया. सतीशन ने कहा कि मंत्रिमंडल बनाते समय क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व, स्त्रीओं और अनुसूचित जाति समुदाय को विशेष महत्व दिया गया. 20 सदस्यीय कैबिनेट ने ली शपथ सतीशन के साथ 20 मंत्रियों ने भी शपथ ली. इनमें कांग्रेस और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं. कैबिनेट में रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और सनी जोसेफ जैसे नेताओं को जगह मिली. वहीं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेताओं पीके कुन्हालिकुट्टी, पीके बशीर, एन समसुद्दीन और केएम शाजी को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया. ये भी पढ़ें:- शुभेंदु प्रशासन का प्रतियोगी छात्रों को बड़ा गिफ्ट! पश्चिम बंगाल में 40 पार वाले भी प्रशासनी नौकरी के लिए एलिजिबल विधानसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के नाम तय सतीशन ने घोषणा की कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता तिरुवन्नचूर राधाकृष्णन विधानसभा अध्यक्ष होंगे. वहीं शनिमोल उस्मान को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. प्रशासन ने विधायक अपू जॉन जोसेफ को मुख्य सचेतक (Chief Whip) नियुक्त किया है. राहुल गांधी की 5 गारंटी लागू करने का दावा शपथ ग्रहण से पहले रमेश चेन्निथला ने कहा कि नई प्रशासन चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करेगी. कांग्रेस की पांच प्रमुख गारंटी में शामिल हैं: स्त्रीओं के लिए मुफ्त बस यात्राकॉलेज जाने वाली छात्राओं को हर महीने 1000 रुपये सहायता3000 रुपये सामाजिक पेंशनहर परिवार को 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमाछोटे कारोबारियों को 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण ये भी पढ़ें:- योगी प्रशासन के मंत्रिमंडल में विस्तार, भूपेंद्र चौधरी, मनोज पाण्डेय समेत कई नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट 2026 चुनाव में UDF की बड़ी जीत 2026 केरलम विधानसभा चुनाव में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया. कांग्रेस 63 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि IUML को 22 सीटें मिलीं. वहीं वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) 35 सीटों तक सिमट गया और भाजपा को 3 सीटों पर जीत मिली. The post वीडी सतीशन बने केरलम के नए मुख्यमंत्री, राहुल गांधी ने लगाया गले, 10 साल बाद सत्ता में लौटा कांग्रेस गठबंधन appeared first on Naya Vichar.

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क्या चीन ने पूरी दुनिया के सामने ट्रंप को अपमानित किया? बीजिंग में जिनपिंग के साथ मुलाकात का वीडियो वायरल

Trump-Xi Jinping Viral Video: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बीजिंग में हुई मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई कि क्या बैठक के दौरान ट्रंप को जानबूझकर छोटा दिखाने की कोशिश की गई थी. इस वीडियो में ट्रंप और जिनपिंग के सोफे की ऊंचाई को लेकर चर्चा शुरू हुई है.  वायरल क्लिप में देखा गया कि शी जिनपिंग जिस सोफे पर बैठे थे, वह ट्रंप की सीट से थोड़ा ऊंचा दिखाई दे रहा था. इसके बाद सोशल मीडिया एक्स पर कई यूजर्स ने इस पर अलग-अलग दावे करने शुरू कर दिए. कुछ लोगों ने दावा किया कि चीन की तरफ से बैठक की सेटिंग इस तरह तैयार की गई थी ताकि दोनों नेताओं की ऊंचाई बराबर दिखाई दे. एक यूजर ने लिखा कि ट्रंप वास्तविक तौर पर शी जिनपिंग से लंबे हैं, लेकिन बैठने की व्यवस्था अलग होने से तस्वीरों और वीडियो में वे छोटे नजर आए. राष्ट्रपति ट्रंप प्रेसिडेंट जिनपिंग से 10 सेमी लंबे हैं. ट्रंप की लंबाई लगभग 190 सेमी है, जबकि जिनपिंग लगभग 180 सेमी लंबे हैं. वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि ट्रंप बैठने में थोड़े असहज हैं. उनके लंबे पैर मुड़े हुए हैं. एक्स पर वायरल हो रहे वीडियो में बाला नाम के यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘शी जिनपिंग एक ऊँची कुर्सी पर बैठे, जबकि ट्रंप को एक छोटी कुर्सी दी गई जिसकी सीट नरम थी, ताकि वे उसमें धँस जाएँ और शी जिनपिंग से छोटे नजर आएँ. चीन ने पूरी दुनिया के सामने ट्रंप को जलील किया. जरा उनके चेहरे को तो देखिए.’ Xi Jinping sat on a tall chair while Trump was given a shorter chair with a soft seat so he sinks & appears smaller than Xi Jinping. China humiliated Trump in front of the world. Just look at his face 😂 pic.twitter.com/uQkZwTB80i — BALA (@erbmjha) May 17, 2026 कुशन हटाने को लेकर भी वायरल हुआ दावा इसी बीच एक अन्य वायरल पोस्ट में अलग कहानी सामने आई. उसमें दावा किया गया कि ट्रंप की कुर्सी पर अतिरिक्त कुशन रखा गया था, जिसे उन्होंने खुद हटवा दिया. पोस्ट में कहा गया कि कुशन हटने के बाद ट्रंप बैठते समय शी जिनपिंग से छोटे दिखाई देने लगे. हालांकि इन दोनों दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. नया विचार भी Trump-Xi Jinping Sofa Controversy Viral Video वायरल वीडियो की सत्यता को पुष्ट नहीं करता.  इस घटना का एक और लंबा वीडियो सामने आया, जिसमें ट्रंप की असहजता और साफ दिख रही है. इस वीडियो के अंत में थोड़ी देर के लिए अंधेरा हो जाता है. हालांकि, फिर तुरंत ही लाइट आती है और दोनों नेता फिर से सोफे पर बैठते हैं. देखें- 沙发肯定是特制的,习近平座的沙发明显高过川普的沙发,而川普比习近平身高10厘米,中共在这些细节上处处用尽心机。 pic.twitter.com/qP4ifU8im7 — David Tsai/蔡慎坤 (@cskun1989) May 15, 2026 तीन दिन के चीन दौरे पर थे ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप चीन के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर पहुंचे थे. यह पिछले नौ वर्षों में किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला चीन दौरा था. ट्रंप के चीन दौरे से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. इसमें शी जिनपिंग, ट्रंप के साथ ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल, टेंपल ऑफ हेवन और आधिकारिक भोज के दौरान वाइन वाली वीडियो सबसे ज्यादा वायरल हुईं. ट्रंप पहले कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे शराब नहीं पीते. हालांकि, इस बार उन्होंने संभवतः एक घूंट जरूर पिया. ये भी पढ़ें:- घड़ी की टिक-टिक…जल्दी फैसला लो वरना वहां कुछ नहीं बचेगा, ट्रंप की ईरान को अल्टीमेट वार्निंग ये भी पढ़ें:- एयर शो के दौरान हवा में टकराए दो अमेरिकी फाइटर जेट, जमीन पर बने आग का शोला, Video गंभीर मुद्दों पर हुई बातचीत ट्रंप की इस हालिया बीजिंग यात्रा में दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. ट्रंप ने दौरे के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौते हुए हैं और कई पुराने विवादों पर भी चर्चा आगे बढ़ी है. बैठक के दौरान चीन ने अमेरिका को ताइवान मुद्दे को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी. इसके साथ ही बीजिंग ने ईरान युद्ध को लेकर भी अमेरिकी नीतियों की आलोचना की. विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार, सुरक्षा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की नेतृत्व को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं. The post क्या चीन ने पूरी दुनिया के सामने ट्रंप को अपमानित किया? बीजिंग में जिनपिंग के साथ मुलाकात का वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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111 डॉलर पार तेल, ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी बाजार में टेंशन

Crude Oil Prices Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोमवार, 18 मई को कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेज उछाल देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता दिखा. पिछले एक हफ्ते में तेल की कीमतों में करीब 7% और एक महीने में 23% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है.  आखिर क्यों बढ़ रही है टेंशन? तेल बाजार में यह उछाल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए साफ कहा कि समझौते के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है. उनके इस बयान के बाद बाजार में बेचैनी बढ़ गई. इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंता भी बनी हुई है.  यह रास्ता दुनिया के बड़े हिस्से के तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है. यहां किसी भी तरह की रुकावट सीधे तेल कीमतों पर असर डालती है.  UAE में क्या हुआ? वीकेंड में यूनाइटेड अरब एमिरेट्स के बराकाह न्यूक्लियर प्लांट के बाहरी हिस्से में ड्रोन हमले के बाद आग लगने की समाचार सामने आई. हालांकि स्थानीय प्रशासन ने कहा कि किसी के घायल होने या रेडिएशन रिसाव जैसी कोई घटना नहीं हुई. फिर भी इस समाचार ने बाजार की चिंता बढ़ा दी.  सोने पर क्या असर पड़ा? जहां तेल चढ़ा, वहीं सोने की कीमतों पर दबाव दिखा. COMEX गोल्ड करीब 0.62% गिरकर 4,533 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया. इसकी बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती रही. डॉलर मजबूत होने पर सोना खरीदना महंगा पड़ता है, जिससे मांग घटती है. फिलहाल निवेशकों की नजर इस हफ्ते अमेरिका-ईरान बातचीत और व्हाइट हाउस की अगली रणनीति पर टिकी है. अगर तनाव बढ़ता है तो तेल और महंगा हो सकता है.  ये भी पढ़ें: गहने लेने का है प्लान? पहले जान लें 18 मई के लेटेस्ट सोने-चांदी के रेट्स The post 111 डॉलर पार तेल, ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी बाजार में टेंशन appeared first on Naya Vichar.

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आज चेन्नई के लिए करो या मरो का मुकाबला, SRH या CSK किसका पलड़ा रहेगा भारी? जानें

CSK vs SRH:आईपीएल इस सीजन का 63वां मुकाबला CSK और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा, जो दोनों ही टीमों के लिए बेहद अहम है. यह मैच शाम 7:30 बजे से चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में शुरू होगा. प्लेऑफ के लिहाज से देखें तो यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए ‘करो या मरो’ जैसा है. पिछले मैच में लखनऊ से हार का सामना करने के बाद चेन्नई को जहाँ हर हाल में जीत की तलाश होगी. वहीं पैट कमिंस की कप्तानी वाली हैदराबाद की टीम इस मैच को जीतकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी.  CSK vs SRH दोनों टीमों के आकड़ें हालांकि, इन दोनों टीमों के बीच अब तक 23 मैच स्पोर्ट्से गए हैं, जिनमें से सीएसके ने 15 और हैदराबाद ने 8 मुकाबलों में जीत हासिल की है. पिछले सीजन में दोनों के बीच हुए मुकाबले में हैदराबाद ने बाजी मारी थी. वहीं, इस सीजन में दोनों टीमें दूसरी बार एक-दूसरे से भिड़ेंगी. इससे पहले इस सीजन में हैदराबाद के मैदान पर स्पोर्ट्सा गया पहला मुकाबला भी हैदराबाद ने ही जीता था.  चैपॉक स्पिनर्स के लिए अनुकूल चेन्नई के एमए चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम में इस साल पिच का मिजाज काफी बदला हुआ है। अक्सर यहाँ स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती थी, लेकिन इस सीजन में यह पिच बल्लेबाजों के लिए बहुत शानदार रही है। यही वजह है कि यहाँ लगातार 200 से ज्यादा रन बन रहे हैं। हालांकि, कुछ मैचों में गेंद रुककर भी आई है, जिससे स्पिनरों को थोड़ी मदद और टर्न भी मिला है।   टॉस की भूमिका इस सीजन में यहाँ अब तक 6 मैच स्पोर्ट्से जा चुके हैं, जिनमें से 4 बार बाद में बल्लेबाजी करने वाली (चेज करने वाली) टीम जीती है। इसे देखते हुए आज के मैच में भी जो टीम टॉस जीतेगी, वह पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी। चैपॉक का अब तक का इतिहास इस ग्राउंड पर अब तक कुल 97 मैच स्पोर्ट्से गए है. इसमें पहले बैटिंग करने वाली टीम 51 मैच जीती और चेज करने वाली टीम 44 मैच जीती है. वहीं, 2 मुकाबले टाई रहे है. CSK vs SRH मैच पर बारिश का साया चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में आज मौसम गर्म और बहुत उमस वाला रहेगा. शाम को आसमान में बादल दिख सकते हैं और हल्की बारिश या गरज की संभावना है. यहाँ दिन का सबसे ज़्यादा तापमान 36°C और रात का सबसे कम तापमान 27°C तक जा सकता है.  ये भी पढ़ें:- IPL में विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, 9वीं बार 500 रन पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी ये भी पढ़ें:- पंजाब किंग्स की लगातार छठी हार, प्लेऑफ में क्वालीफाई करने वाली पहली टीम बनी RCB CSK vs SRH टीमों की संभावित खिलाड़ी (12) चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अंशुल कंबोज, स्पेंसर जॉनसन, नूर अहमद, मुकेश चौधरी, गुरजपनीत सिंह. सनराइजर्स हैदराबाद: ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, आर स्मरण, नीतीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा और प्रफुल हिंगे. The post आज चेन्नई के लिए करो या मरो का मुकाबला, SRH या CSK किसका पलड़ा रहेगा भारी? जानें appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश, 23 मई तक खराब रहेगा मौसम 

रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट  Jharkhand Weather: झारखंड में भी क्लाइमेट चेंज का प्रभाव साफ दिख रहा है. 1 मार्च से अब तक मौसम का असामान्य पैटर्न देखने को मिल रहा है. जिस मई महीने में तेज गर्मी पड़नी चाहिए थी, उस समय पांच जिलों को छोड़कर 19 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इससे तापमान सामान्य से कम बना हुआ है और लोगों को गर्मी का एहसास नहीं हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती दिनों में जबरदस्त गर्मी पड़ी थी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था, लेकिन इसके बाद मौसम में बदलाव आ गया है. मई के महीने में दो-तीन जिलों को छोड़कर किसी भी जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं रहा. राज्य में औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है. जिलों में बारिश का हाल  6 जिलों बोकारो, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, रांची और सिमडेगा जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं चतरा, गढ़वा, लोहरदगा और साहिबगंज में सामान्य से कम बारिश हुई है.  मई के अंतिम सप्ताह तक बदला रहेगा मौसम मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान जारी किया है कि मई महीने के अंतिम सप्ताह तक मौसम बदला रहेगा. 23 मई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवा, बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. 19 और 20 मई को संताल परगना वाले इलाके के साथ-साथ मध्य झारखंड सहित राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है.  मौसम विशेषज्ञ के अनुसार वरीय मौसम वैज्ञानिक (रांची केंद्र) अभिषेक आनंद के अनुसार, झारखंड में बदलता मौसम क्लाइमेट चेंज का असर है, हालांकि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हैं. इसी वजह से पूरे राज्य में एक जैसा मौसम नहीं दिख रहा है. पहले बारिश सामान्य होती थी और उसमें खतरा कम रहता था, लेकिन अब तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं. सुबह में तेज धूप और गर्मी रह रही है. अभिषेक आनंद ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होते ही सतर्क रहें, सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और वज्रपात के दौरान मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने तथा सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचें.  यह भी पढ़ें : बाबा दरबार पहुंचीं झरिया विधायक, कहा : राज्य में विकास कार्यों पर लगा ब्रेक यह भी पढ़ें : Deoghar News : मथुरापुर में सात घंटे का रेलवे ट्रैफिक ब्लॉक, आठ ट्रेनें रद्द, कई घंटों विलंब से चलीं The post झारखंड के 19 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश, 23 मई तक खराब रहेगा मौसम  appeared first on Naya Vichar.

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योगी सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार, भूपेंद्र चौधरी, मनोज पाण्डेय समेत कई नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट

UP Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ प्रशासन ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा नेतृत्वक कदम उठाते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है. यह मंत्रिमंडल विस्तार 10 मई को किया गया था. इसके बाद से ही विभागों के बंटवारे के कयास लगाए जा रहे थे. अब विस्तार के 8वें दिन- रविवार 17 मई को नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. इसके बाद प्रशासन ने उनके विभागों का भी बंटवारा कर दिया. इस फेरबदल को आगामी चुनावों की रणनीति और संगठनात्मक संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है. राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली प्रशासन ने नई जिम्मेदारियों की घोषणा की. भूपेंद्र चौधरी को MSME, मनोज पाण्डेय को खाद्द विभाग मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे चर्चित नाम पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का रहा. उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं भाजपा नेता मनोज कुमार पाण्डेय को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है. उन्हें खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभाग का प्रभार दिया गया है. स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को भी नई जिम्मेदारियां प्रशासन ने स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया है. अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सौंपा गया. वहीं सोमेंद्र तोमर को नेतृत्वक पेंशन, सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल की जिम्मेदारी मिली है. प्रशासन का मानना है कि इन विभागों में नए चेहरों के आने से प्रशासनिक कामकाज को और मजबूती मिलेगी. राज्य मंत्रियों को विकास से जुड़े विभाग कृष्णा पासवान को पशुधन एवं डेयरी विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली. कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग सौंपा गया. सुरेंद्र दिलेर को राजस्व विभाग में जिम्मेदारी दी गई. हंस राज विश्वकर्मा को MSME मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया है, जहां वे भूपेंद्र चौधरी के साथ काम करेंगे. मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल नए राज्य मंत्रियों को भी अलग-अलग अहम विभाग दिए गए हैं. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कुल 8 मंत्रियों को शपथ दिलाई है. इसमें दो कैबिनेट मंंत्री, दो स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्री हैं. इनमें से 6 मंत्री योगी प्रशासन में बिल्कुल नए चेहरे हैं. ये भी पढ़ें:- केरलम कैबिनेट में दिखेगा कांग्रेस का दबदबा: शपथ ग्रहण से पहले मंत्रियों की लिस्ट फाइनल, देखें सूची कृष्णा पासवान ने जताया आभार शपथ ग्रहण से पहले कृष्णा पासवान ने भाजपा नेतृत्व और राज्य प्रशासन के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया जाएगा. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सोमवार 18 मई को योगी प्रशासन की कैबिनेट बैठक होगी. इसमें नए मंत्री भी शामिल होंगे. ये भी पढ़ें:- UP को मिलेगा एक और इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड: गोरखपुर में 30000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम का भूमि पूजन 2027 चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा योगी प्रशासन का यह मंत्रिमंडल विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी और एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटे हैं नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि नए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार किया गया है, ताकि संगठन और प्रशासन दोनों स्तरों पर संतुलन बनाया जा सके. The post योगी प्रशासन के मंत्रिमंडल में विस्तार, भूपेंद्र चौधरी, मनोज पाण्डेय समेत कई नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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ऑफिस का स्ट्रेस धीरे-धीरे बिगाड़ रहा है आपकी लाइफ? ये 5 आसान उपाय तुरंत दिलाएंगे आपको राहत

Stress Relieving Tips: आज की इस बिजी लाइफस्टाइल में पर्सनल लाइफ के अलावा ऑफिस का स्ट्रेस होना भी सबसे बड़ी प्रॉब्लम्स में से एक बन गया है. हर समय काम का प्रेशर, समय पर अपने सारे टार्गेट्स अचीव करने की टेंशन और घंटों तक स्क्रीन की तरफ ही देखते रहना आपको मेंटली और फिजिकली दोनों ही तरीके से थका देता है. ऐसे में यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप इस स्ट्रेस को जितना जल्दी हो सके कम करने की कोशिश करें. अगर आप समय रहते इसे कम नहीं करते हैं, तो इसका सीधा असर आपके हेल्थ, नींद और रिश्तों पर पड़ता है. आज की इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी आसान आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप काफी आसानी से ऑफिस के स्ट्रेस को कम कर सकते हैं. तो चलिए इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं ताकि आपका मेंटल और फिजिकल हेल्थ एक बार फिर से सही ट्रैक पर वापस आ जाए. काम के बीच लें छोटे-छोटे ब्रेक जब आप घंटों तक एक ही जगह पर बैठकर एक ही तरह का काम करते रहते हैं, तो आपका दिमाग थकना शुरू हो जाता है और स्ट्रेस भी बढ़ने लगता है. अगर आप ऑफिस में बैठकर लगातार काम कर रहे हैं तो हर एक से दो घंटे के बीच एक बार कम से कम 10 मिनट का ब्रेक जरूर लें. इस समय अपनी सीट से उठ जाएं और थोड़ी देर टहलें, पानी पीएं या फिर खिड़की के पास खड़े होकर फ्रेश ऑक्सीजन लें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपका दिमाग रिलैक्स हो जाता है और साथ ही दोबारा काम करने में आपका मन लगने लगता है. ये भी पढ़ें: ऑफिस की कुर्सी से चिपके रहने के कारण अकड़ गई है कमर? हर दिन करें ये 5 आसान एक्सरसाइज और पाएं तुरंत आराम अपनी डेली रूटीन को रखें व्यवस्थित अक्सर हमारी यह आदत होती है कि हम एक ही समय में कई काम करने की कोशिश करते हैं. आपकी इस आदत की वजह से भी स्ट्रेस काफी ज्यादा बढ़ सकता है. स्ट्रेस से बचने के लिए सुबह सोकर उठते ही अपने सभी जरूरी कामों की लिस्ट तैयार कर लें और उन्हें प्रायोरिटी के हिसाब से सेट करके पूरा कर लें. जब सारे काम व्यवस्थित तरीके से होने लगते हैं, तो आपके दिमाग पर प्रेशर काफी कम पड़ता है और साथ ही आपकी समय भी बेकार की चीजों में बर्बाद नहीं होता है. हेल्दी डाइट और हाइड्रेशन का रखें ख्याल जब आप स्ट्रेस में होते हैं तो इसका काफी गहरा असर आपके खाने-पीने की आदत पर भी पड़ता है. कई लोग स्ट्रेस में होने की वजह से जंक फूड्स खाना शुरू कर देते हैं. इसकी वजह से आपका शरीर और भी ज्यादा सुस्त महसूस करने लगता है. जब आप ऑफिस में काम कर रहे हों तो हमेशा एक हेल्दी और लाइट डाइट ही लें. इसके अलावा फलों, ड्राई फ्रूट्स और सही मात्रा में पानी पीने की आदत को भी अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं. जब आपका शरीर हाइड्रेटेड रहेगा तो आपका दिमाग काफी ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने लग जाएगा. ये भी पढ़ें: क्या आप भी रातभर जागकर पुरानी बातें सोचते रहते हैं? जानें ओवरथिंकिंग के इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने का तरीका स्मार्टफोन और स्क्रीन से बनाएं थोड़ी दूरी अगर आप ऑफिस के कामों को खत्म करने के बाद भी लगातार स्मार्टफोन और लैपटॉप में ही घुसे हुए रहते हैं, तो इसकी वजह से आपके दिमाग को आराम करने का बिलकुल भी समय नहीं मिलता है. कोशिश करें कि जब भी आपका काम खत्म हो जाए, तो कुछ देर के लिए स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसी चीजों से दूर रहें. आपके लिए बेहतर होगा कि आप अपने परिवार के साथ समयबिताएं , इस समय कोई किताब पढ़ें या फिर अपनी पसंद का कोई काम ही कर लें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपका मेंटल स्ट्रेस देखते ही देखते खत्म होने लग जाता है. योगा और मेडिटेशन की ले सकते हैं मदद अगर आप वाकई में ऑफिस में होने वाली स्ट्रेस को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो अपनी डेली रूटीन में योगा और मेडिटेशन को जरूर शामिल कर लें. जब आप हर दिन कम से कम 15 मिनट मेडिटेशन करना, गहरी सांसें लेना और एक्सरसाइज करना शुरू कर देंगे तो आपका मन काफी ज्यादा शांत रहने लग जाएगा. इससे आपका स्ट्रेस भी कम होगा और साथ ही गुस्सा भी कंट्रोल में रहने लगेगा. यह छोटा सा उपाय आपके कामों को करने की कैपसिटी को भी बढ़ा देता है. ये भी पढ़ें: 30 की उम्र के बाद आपकी ये पुरानी आदतें पड़ सकती हैं भारी, आज ही अपनाएं नया लाइफस्टाइल The post ऑफिस का स्ट्रेस धीरे-धीरे बिगाड़ रहा है आपकी लाइफ? ये 5 आसान उपाय तुरंत दिलाएंगे आपको राहत appeared first on Naya Vichar.

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43 वर्ष का हुआ गुमला जिला: नक्सल खत्म, लेकिन भ्रष्टाचार विकास में बाधक

दुर्जय पासवानGumla: 18 मई को गुमला जिला 43 साल का हो गया. आज ही के दिन 1983 को गुमला को जिला का दर्जा मिला था. गुमला जिले में कुछ अपवाद बातों को छोड़ दें तो निरंतर कुछ नया हो रहा है, लेकिन भ्रष्टाचार विकास में बाधक है. हालांकि, गुमला जिला नक्सल से मुक्त हो गया है. पहले नक्सल के कारण गांवों का विकास रुका हुआ था. अब जब नक्सल खत्म हुआ तो भ्रष्टाचार विकास में बाधक बन गया है. भ्रष्टाचार के अलावा साइबर क्राइम, नशापान व अंधविश्वास जिले के विकास में बाधक बनी हुई है. गुमला के विकास के लिए प्रशासन करोड़ों रुपये दे रही है, लेकिन एक टेबल से दूसरे टेबल होते हुए पब्लिक तक विकास का पैसा पहुंचने में देरी हो रही है. टेबल दर टेबल बढ़ने में विकास का आधा पैसा खत्म हो जा रहा है. ऐसे, गुमला में प्रशासन की कई योजनाओं को धरातल में उतारा गया है. जिसका फल है. गुमला को पीएम अवार्ड मिल चुका है. गुमला में नित्य नये काम हो रहे हैं. गुमला कई उतार चढ़ाव के बाद भी आगे बढ़ा है. जरूर कुछ स्थानों पर गुमला पीछे है. फिर भी वर्तमान में गुमला जिले की जो स्थिति है, वह पहले से बेहतर है. गुमला में धार्मिक, पर्यटक व ऐतिहासिक स्थल भरे पड़े हैं झारखंड राज्य के अंतिम छोर में बसे गुमला जिले का इतिहास गौरवपूर्ण है. भ्रष्टाचार, नशापान, अंधविश्वास से जूझ रहे गुमला में सभी जाति व धर्म के लोग रहते हैं. यह आदिवासी बहुल जिला है. उरांव जनजाति की जनसंख्या अधिक है. इसाईयों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. यह श्रीराम भक्त हनुमान की जन्मस्थली है. गुमला में पग-पग पर धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल हैं. दक्षिणी कोयल व शंख नदी गुमला से होकर बहती है. धार्मिक आस्था के केंद्र टांगीनाथ धाम, देवाकी धाम, महामाया मंदिर, वासुदेव कोना मंदिर है. रमणीय पंपापुर, नागफेनी, बाघमुंडा, हीरादह गुमला जिले की पहचान है. ऐतिहासिक धरोहर डोइसागढ़ है. गुमला धर्मप्रांत में 41 चर्च है. कई चर्च पुराने हैं जो अपने अंदर प्राचीन इतिहास समेटे हुए है. अंग्रेजों को धूल चटाने वाले बख्तर साय, मुंडन सिंह, तेलंगा खड़िया व जतरा टाना भगत जैसे वीर सैनानियों की जन्म भूमि है. परमवीर चक्र विजेता शहीद अलबर्ट एक्का जैसे वीर सपूत इसी गुमला के जारी प्रखंड की धरती पर जन्म लिये. गुमला शहीदों की भूमि है. गुमला के प्रमुख धार्मिक, पर्यटक व ऐतिहासिक स्थलों को बढ़ावा मिले तो स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा. स्पोर्ट्स के क्षेत्र में निरंतर बढ़ते गुमला की धरती से कई राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का जन्म हुआ है. बस अब बुलंदियों को छूने की आशा है और यह तभी संभव है. जब हम सब मिलकर एक सोच, नये उत्साह, उमंग, जोश से आगे बढ़ेंगे. गुमला जिले का इतिहास गौरवपूर्ण है इतिहास पर गौर करें तो खनिज संपदाओं से परिपूर्ण गुमला 18 मई 1983 को रांची से अलग होकर जिला बना. गुमला जिला 5327 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है. कुल जनसंख्या 1246249 है. जिसमें पुरुषों की जनसंख्या 625292 व स्त्री जनसंख्या 620957 है. लिंगानुपात 993 प्रति हजार पुरुष है. गुमला जिले में 12 प्रखंड और तीन अनुमंडल गुमला, चैनपुर व बसिया है. पंचायतों की संख्या 159 है. राजस्व गांव 952 है. दो राजस्व गांव बेचिरागी है. गुमला शहरी क्षेत्र में एक नगर परिषद है. जिसकी आबादी 51307 है. जिले में कृषि योग्य भूमि 3.296 लाख व वन क्षेत्र 1.356 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है. खनिज के रूप में बॉक्साइड है. परंतु कारखाना नहीं है. जबकि, लंबे समय से गुमला में अल्युमिनियम कारखाना की स्थापना की मांग उठ रही है. दो राज्यों की सीमाएं लगती हैं गुमला गांवों में बसा है. यहां के लोग जीविका के लिए खेतीबारी, घरेलू उद्योग धंधे व मजदूरी करते हैं. गुमला के बगल में लोहरदगा, सिमडेगा, रांची व लातेहार जिला का बॉर्डर सटता है. यह छत्तीसगढ़ व ओड़िशा राज्य का प्रवेश द्वार है. पलायन, गरीबी, अशिक्षा, सिंचाई, बेरोजगारी जैसी कई चुनौतियों का सामना करते हुए गुमला आगे बढ़ रहा है, लेकिन गुमला के कुछ हालात ऐसे हैं. जिसे बदलना है. जरूरत है, हम सभी के अच्छे सोच की. जिससे गुमला झारखंड ही नहीं पूरे देश में मॉडल जिला बन सके. प्लानिंग के तहत काम हो तो गुमला के लोग अच्छे हैं जो हर समय विकास में सहयोग करते हैं. परंतु, कथित तौर पर कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के कारण गुमला का विकास पर असर पड़ते रहा है. यहां कमीशनखोरी है. जिसका सीधा असर विकास के काम पर पड़ रहा है. गुमला की आबादी धर्म के अनुसार हिंदू – 376305मुस्लिम – 62517इसाई – 246097सिख – 269बौद्ध – 645जैन – 28अघोषित – 4290अन्य – 556098कुल – 1246249 गुमला जिला एक नजर में प्रखंड : 12अनुमंडल : 03पंचायत : 159गांव : 952थाना : 18नगर परिषद : 01 ये भी पढ़ें… गुमला में तेंदुआ का आतंक, वन विभाग ट्रेस करने में जुटा विलुप्त होती असुरी भाषा को बचाने की पहल, गुमला में होगा सर्वे  The post 43 वर्ष का हुआ गुमला जिला: नक्सल खत्म, लेकिन भ्रष्टाचार विकास में बाधक appeared first on Naya Vichar.

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‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ को आमिर खान ने बताया ‘शोले’ जैसी, बोले- दोनों का फॉर्मूला एक था

आमिर खान ने अपनी फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ की असफलता को लेकर पहली बार खुलकर बात की है. मुंबई में आयोजित एक मास्टरक्लास के दौरान आमिर खान ने बताया कि फिल्म की ओरिजिनल स्क्रिप्ट को कास्टिंग की वजह से कई बार बदला गया, जिससे पूरी कहानी का असर कमजोर पड़ गया. साल 2018 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी. ‘मैं हमेशा कहानी देखकर फिल्म चुनता हूं’ व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल में आयोजित स्क्रीन अकादमी मास्टरक्लास में आमिर खान ने कहा, “मेरे लिए मैं कौन सा किरदार निभा रहा हूं, यह दूसरी बात होती है. सबसे पहले मैं कहानी और स्क्रिप्ट देखता हूं.” आमिर ने अपनी सुपरहिट फिल्म ‘दंगल’ का उदाहरण देते हुए कहा, “जब मैंने ‘दंगल’ के लिए हां कहा था, तो उसकी वजह शानदार स्क्रिप्ट थी. फिल्म की कहानी बहुत मजबूत थी और हर किरदार के पास कुछ अच्छा करने के लिए था. उसके बाद मैंने महावीर सिंह फोगाट के किरदार पर ध्यान दिया. मैंने सिर्फ इसलिए फिल्म नहीं की कि महावीर का किरदार बहुत दमदार था.” ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ को लेकर क्या बोले आमिर? आमिर खान ने स्वीकार किया कि ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ के मामले में उन्होंने अपनी ही सोच के खिलाफ फैसला लिया था. उन्होंने कहा, “‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ की कहानी बहुत सामान्य थी. यह काफी हद तक ‘शोले’ जैसी थी.” आमिर ने आगे समझाया, “‘शोले’ में ठाकुर अपने परिवार की मौत का बदला लेना चाहता है और जय-वीरू उसकी मदद करते हैं. उसी तरह ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ में जफीरा के परिवार को खत्म कर दिया जाता है और फिरंगी उसकी मदद करता है. यानी फिल्म की असली कहानी जफीरा की थी, फिरंगी की नहीं.” “कास्टिंग की वजह से स्क्रिप्ट बदल दी गई” आमिर खान ने खुलासा किया कि फिल्म की स्क्रिप्ट को लगातार बदला गया क्योंकि टीम को मनचाही कास्टिंग नहीं मिल पा रही थी. उन्होंने कहा, “हमसे एक बुनियादी गलती हो गई. कास्टिंग की वजह से हम बार-बार स्क्रिप्ट बदलते रहे. हमें ऐसा नहीं करना चाहिए था. अगर हमें पसंद की कास्टिंग नहीं मिल रही थी, तब भी स्क्रिप्ट नहीं बदलनी चाहिए थी.” यह भी पढ़ें- 34 साल बाद बेटे ने खोला अमजद खान की मौत का राज, आखिरी पलों में क्या हुआ था ‘गब्बर’ के साथ? The post ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ को आमिर खान ने बताया ‘शोले’ जैसी, बोले- दोनों का फॉर्मूला एक था appeared first on Naya Vichar.

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