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Author name: Vinod Jha

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आपके मूलांक के लिए कैसी रहेगी यह होली? जानें अंकशास्त्र के अनुसार शुभ रंग और उपाय

Holi Numerology 2026: क्या इस होली आपकी किस्मत का रंग गाढ़ा होने वाला है? अंकशास्त्र की मानें तो आपकी Birth Date में छिपे नंबर यह बता सकते हैं कि साल 2026 की होली आपके लिए क्या खास लेकर आई है. हर नंबर की अपनी एक पावर होती है, और अगर आप अपने लकी नंबर के हिसाब से सही रंग चुनते हैं, तो यह होली सिर्फ मस्ती ही नहीं, बल्कि आपके लिए तरक्की के दरवाजे भी खोल सकती है. तो चलिए, जानते हैं कि आपके मूलांक के लिए कौन सा रंग सुपर लकी साबित होगा और कौन सा एक छोटा सा उपाय आपकी लाइफ बदल देगा. कैसे जानें अपना मूलांक ? अपना मूलांक जानना बहुत आसान है. यदि आपकी जन्म तारीख 1 से 9 के बीच है, तो वही आपका मूलांक है. यदि तारीख दो अंकों में है, तो उन्हें आपस में जोड़ लें. उदाहरण: यदि आपका जन्म 25 तारीख को हुआ है, तो 2+5 = 7. आपका मूलांक 7 होगा. Holi Numerology 2026: मूलांक के अनुसार आपका भविष्य और शुभ रंग मूलांक 1 (तारीख 1, 10, 19, 28): इस होली आपके मान-सम्मान में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. आपके लिए सुनहरा या पीला रंग सबसे शुभ है. घर से निकलने से पहले सूर्य देव को जल अर्पित करें और पीले गुलाल से तिलक लगाएं. मूलांक 2 (तारीख 2, 11, 20, 29): आपको मानसिक शांति मिलेगी और रुके हुए काम पूरे होंगे. आपके लिए सफेद या हल्का नीला रंग लकी है. चांदी के बर्तन से थोड़ा सा जल शिवजी को चढ़ाएं. मूलांक 3 (तारीख 3, 12, 21, 30): करियर में बड़ी सफलता के योग बन रहे हैं. गहरा पीला या केसरिया रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा. अपने गुरु या बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर ही होली स्पोर्ट्सना शुरू करें. मूलांक 4 (तारीख 4, 13, 22, 31): आपको अचानक धन लाभ हो सकता है, लेकिन वाणी पर कंट्रोल रखें. आपके लिए नीला या भूरा रंग शुभ है. होलिका दहन की राख का तिलक लगाएं. मूलांक 5 (तारीख 5, 14, 23): व्यापार और नौकरी में नई ऊंचाइयां छुएंगे. आपका लकी कलर हरा (Green) है. गणेश जी को हरा गुलाल चढ़ाएं और पक्षियों को दाना डालें. मूलांक 6 (तारीख 6, 15, 24): प्यार और रिश्तों में मिठास बढ़ेगी. आपके लिए गुलाबी या सफेद रंग सबसे बेस्ट है. होली के दिन खुशबूदार इत्र (Perfume) का इस्तेमाल जरूर करें. मूलांक 7 (तारीख 7, 16, 25): इस होली आपको मन की शांति मिलेगी और आप काफी अच्छा महसूस करेंगे. आपके लिए हल्का पीला या सफेद रंग सबसे शुभ है. अपनी किस्मत चमकाने के लिए किसी गरीब शिशु को सफेद मिठाई जरूर खिलाएं, यह आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा. मूलांक 8 (तारीख 8, 17, 26): पुरानी मेहनत का फल मिलने वाला है. आपके लिए नीला या बैंगनी रंग बहुत लकी रहेगा. शनि देव के नाम का एक सरसों के तेल का दीपक जलाएं. मूलांक 9 (तारीख 9, 18, 27): आपके अंदर गजब का जोश और साहस रहेगा. आपके लिए लाल (Red) रंग सबसे उत्तम है. हनुमान जी को लाल सिंदूर चढ़ाएं और फिर होली स्पोर्ट्सें. ये भी पढ़ें: Numerology: अगर आपका मूलांक 8 है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें ये भी पढ़ें: Birth Date Numerology: अपनी जन्मतिथि से जानें अपना भविष्य, जानें किस मूलांक के लोगों के पास टिकता है सबसे ज्यादा पैसा ये भी पढ़ें: Numerology: अंक ज्योतिष से जानें अपने पार्टनर के साथ अपनी कम्पैटिबिलिटी, क्या जम पाएगी आपकी जोड़ी? Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post आपके मूलांक के लिए कैसी रहेगी यह होली? जानें अंकशास्त्र के अनुसार शुभ रंग और उपाय appeared first on Naya Vichar.

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ईडन गार्डन्स में भारत का दबदबा, वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड बेहद खराब, चौंका देंगे आंकड़े

Table of Contents ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का एक दूसरे के खिलाफ टी20I में कैसा रहा है रिकॉर्ड्स? ईडन गार्डन्स में एक साल से अधिक समय बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्सेगा हिंदुस्तान ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान को छोड़कर अन्य टीमों के खिलाफ शानदार रहा है वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड India vs West Indies: हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में शाम 7 बजे से स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए हर हाल में वेस्टइंडीज को हराना होगा. नेट रन रेट के आधार पर वेस्टइंडीज, हिंदुस्तान से आगे हैं. ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का एक दूसरे के खिलाफ टी20I में कैसा रहा है रिकॉर्ड्स? ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 4 बार भिड़ंत हो चुकी है. जिसमें हर बार वेस्टइंडीज को हिंदुस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा है. दोनों टीमों के बीच टी20 4 नवंबर 2018 को पहली बार भिड़ंत हुई थी. उस मुकाबले को हिंदुस्तान ने 5 विकेट से जीत लिया था. करीब दो साल बाद 16 फरवरी 2022 को दूसरी भिड़ंत हुई, जिसमें हिंदुस्तान ने 6 विकेट से वेस्टइंडीज को हराया था. उसी साल फरवरी में ही 18 और 20 को दोनों टीमों के बीच भिड़ंत हुई थी. दोनों मुकाबलों को हिंदुस्तान ने रन से जीता था. ईडन गार्डन्स में एक साल से अधिक समय बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्सेगा हिंदुस्तान ईडन गार्डन्स में पिछले एक साल से हिंदुस्तान कोई भी मैच नहीं स्पोर्ट्सा है. जबकि वेस्टइंडीज यहां आखिरी बार 19 फरवरी 2026 को वर्ल्ड कप में इटली के खिलाफ मुकाबला स्पोर्ट्सा था. जिसमें वेस्टइंडीज को 42 रन से जीत मिली थी. दूसरी ओर से आखिरी बार हिंदुस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ 22 जनवरी 2025 को मैच स्पोर्ट्सा था. जिसमें हिंदुस्तान को 7 विकेट से जीत मिली थी. ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान को छोड़कर अन्य टीमों के खिलाफ शानदार रहा है वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड हिंदुस्तान के खिलाफ अच्छा नहीं रहा है, लेकिन अन्य टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. हिंदुस्तान के अलावा कोलकाता में वेस्टइंडीज की टीम तीन अन्य टीमों के खिलाफ टी20 मुकाबला स्पोर्ट्स चुकी है. जिसमें सभी मुकाबले में उसे जीत मिली है. इटली को वेस्टइंडीज ने 42 रन, स्कॉटलैंड को 35 रन और इंग्लैंड को 4 विकेट से हराया था. The post ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान का दबदबा, वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड बेहद खराब, चौंका देंगे आंकड़े appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद नगर निगम चुनाव: 8 साल जेल में रहने के बाद संजीव सिंह ने कैसे ध्वस्त किया BJP-JMM का किला

Dhanbad Municipal Election Results, धनबाद, (प्रतीक पोपट): धनबाद की नेतृत्व में बीजेपी के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह ने दमदार वापसी की है. दमदार इसलिए क्योंकि कि वे डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में लंबे समय तक जेल में थे, लेकिन अदालत ने उन्हें उस केस से बरी कर दिया. वर्षों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद जब वे सियासत के मैदान पर वापस लौटे तो उन्होंने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए दावेदारी ठोक दी. उन्होंने बकायदा प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की. लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिला. इसके बजाय पार्टी ने संजीव कुमार को अपना समर्थन दिया. दूसरी तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता रहे चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी समर्थन की आस में पार्टी से बगावत कर झामुमो का दामन थाम लिया. झामुमो ने चंद्रशेखर अग्रवाल को अपना समर्थन दिया. जबकि कांग्रेस ने शमशेर आलम को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया. ऐसे में संजीव सिंह ने बैगर किसी के समर्थन के मैदान में उतरने का फैसला किया. बस उनके इस निर्णय से लगने लगा था कि वह बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगायेंगे. हुआ भी यही. उन्होंने झामुमो समर्थित पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल को 31,902 मतों के भारी अंतर से हरा दिया. इस जीत को धनबाद की नेतृत्व में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है. मतगणना में साफ दिखी बढ़त चुनाव परिणामों के अनुसार, संजीव सिंह को कुल 1,43,362 मत मिले. वहीं चंद्रशेखर अग्रवाल को 82,460 वोट प्राप्त हुए. भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव कुमार 57,895 लाकर चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शमशेर आलम को 59,079 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे. संजीव सिंह शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाए हुए थे. धीरे धीरे यह बढ़त और मजबूत होती गयी और अंत में ये निर्णायक साबित हुई. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी जीत के पीछे का कारण क्या है. आज हम इस लेख में यही चीज को समझने की कोशिश करेंगे. युवाओं और सोशल मीडिया ने बदला माहौल संजीव सिंह की जीत में युवाओं की भूमिका अहम रही. चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में जबरदस्त माहौल बना. बड़ी संख्या में युवाओं ने न सिर्फ ऑनलाइन प्रचार किया, बल्कि बूथ स्तर पर भी सक्रियता दिखाई. इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत और नतीजों पर पड़ा. Also Read: रांची डिप्टी मेयर के लिए बिछ गयी बिसात, हर दल के नेता जुटा रहे समीकरण, होली बाद मचेगी असली हलचल सहानुभूति लहर बनी ताकत करीब आठ साल तक जेल में रहने और नीरज सिंह हत्याकांड में बरी होने के बाद संजीव सिंह के पक्ष में सहानुभूति की लहर बनी. आम लोगों के बीच यह संदेश गया कि उन्हें नेतृत्वक साजिश के तहत फंसाया गया था. इस भावना ने मतदाताओं को उनके पक्ष में एकजुट किया. भाजपा के कोर वोट बैंक में सेंध निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद संजीव सिंह ने भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की. खासकर धनबाद और बागमारा क्षेत्र में भाजपा समर्थकों का बड़ा हिस्सा उनके साथ चला गया, जिससे मुकाबला एकतरफा होता चला गया. ‘अकेले योद्धा’ की बनी छवि चुनाव के दौरान सभी बड़े दलों का निशाना सिर्फ संजीव सिंह पर रहा. विरोधियों की इस घेराबंदी ने मतदाताओं की नजर में उनकी छवि एक ‘अकेले योद्धा’ के रूप में बना दी. यही छवि उनके लिए निर्णायक साबित हुई. 2017 में जाना पड़ा था जेल संजीव सिंह को वर्ष 2017 में अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या की साजिश के आरोप में जेल जाना पड़ा था. वे अप्रैल 2017 से अगस्त 2025 तक न्यायिक हिरासत में रहे. 8 अगस्त 2025 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिली, जबकि 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. ‘सिंह मेंशन’ परिवार की विरासत संजीव सिंह प्रसिद्ध ‘सिंह मेंशन’ परिवार से आते हैं, जिसकी नींव उनके पिता सूर्यदेव सिंह ने रखी थी. झरिया और धनबाद की नेतृत्व में इस परिवार की गहरी पकड़ रही है. उनकी मां कुंती देवी विधायक रह चुकी हैं, जबकि वर्तमान में उनकी पत्नी रागिनी सिंह भाजपा से विधायक हैं. Also Read: झारखंड के 1.95 लाख से अधिक लोगों का वोट रद्दी, इन 3 गलतियों के कारण ‘लोकतंत्र के महापर्व’ पर लगा दाग The post धनबाद नगर निगम चुनाव: 8 साल जेल में रहने के बाद संजीव सिंह ने कैसे ध्वस्त किया BJP-JMM का किला appeared first on Naya Vichar.

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ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच टेंशन में बिहार के कई परिवार, संजय झा ने विदेश मंत्रालय को सौंपा फीडबैक

Iran USA Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने बिहार के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. जनता दल यूनाइटेड के सांसद संजय झा ने इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए बताया कि बिहार और देश के अन्य राज्यों के लाखों लोग इन देशों में काम करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों से लगातार लोगों और उनके परिजनों के फोन आ रहे हैं, जो वहां के हालातों को लेकर काफी डरे हुए हैं. संजय झा ने इस संबंध में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से विस्तार से चर्चा की है और उन्हें जमीनी स्थिति से अवगत कराया है. हिंदुस्तान प्रशासन खाड़ी देशों के नेतृत्व और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है. संजय झा ने क्या बताया सांसद संजय झा ने बताया कि युद्ध जैसे हालातों के कारण फिलहाल वहां के कई प्रमुख एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं. इससे लोगों की तुरंत वापसी में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं. उन्होंने खाड़ी देशों में रह रहे हिंदुस्तानीय लोगों से अपील की है कि वे अभी अपने घरों के भीतर ही रहें और किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करें. जैसे ही वहां की स्थिति थोड़ी सामान्य होगी और हवाई सेवाएं बहाल होंगी, हिंदुस्तान प्रशासन सभी की सुरक्षित वतन वापसी के लिए ठोस रास्ता निकालेगी. इस पूरे मामले को लेकर बिहार प्रशासन भी केंद्र के साथ तालमेल बनाए हुए है ताकि प्रवासियों को हर संभव मदद पहुंचाई जा सके. बाहर जाने वालों को रोका इस तनाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ा है जो बिहार से वापस काम पर लौटने वाले थे. हैदराबाद एयरपोर्ट पर अररिया और पूर्णिया के कई परिवारों को उस समय रोक दिया गया जब वे कतर जाने के लिए उड़ान भरने की तैयारी में थे. एयरपोर्ट अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी. इस कारण इन यात्रियों को अब वापस बिहार लौटना पड़ेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें कुवैत में रहते हैं बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय कुवैत में इस समय करीब दस लाख से ज्यादा हिंदुस्तानीय रह रहे हैं और मिसाइल हमलों के बाद वहां काफी डर का माहौल है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुवैत स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास ने एक स्पेशल एडवाइजरी जारी की है. सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. किसी भी आपात स्थिति या मदद की जरूरत होने पर दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर 96565501946 जारी किया है. इस पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: 15 साल बाद सलवार-सूट में देखा और हो गया प्यार, जानिए जयमाला स्टेज पर दुल्हन को आशिक ने क्यों मारी गोली बिहार के इस जिले को मिले 4325 करोड़ का प्रोजेक्ट और गंडक पर पुल, नीतीश प्रशासन ने केंद्र से की सिफारिश The post ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच टेंशन में बिहार के कई परिवार, संजय झा ने विदेश मंत्रालय को सौंपा फीडबैक appeared first on Naya Vichar.

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बॉर्डर 2: क्या 350 करोड़ छू पाएगी ‘बॉर्डर 2’? सामने आया 37वें दिन का कलेक्शन

Border 2 Box Office Collection Day 37: सिनेमाघरों में इन दिनों कई नई फिल्में लगी हैं, ‘बॉर्डर 2’ अब भी मजबूती से टिकी हुई है. सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ जैसे सितारों से सजी यह फिल्म दर्शकों को लगातार थिएटर तक खींच रही है. रिलीज के 36 दिन पूरे होने के बाद भी इसका प्रदर्शन पूरी तरह थमा नहीं है. चलिए आपको 37वें दिन का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बताते हैं. 37वें दिन की कमाई कितनी रही? 23 जनवरी को बड़े पर्दे पर आई इस फिल्म ने शुरुआत से ही दमदार रफ्तार पकड़ी थी. अब जब फिल्म छठे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है, तब भी इसकी कमाई जारी है. sacnilk के मुताबिक, रिलीज के 37वें दिन यानी छठे शुक्रवार को फिल्म ने करीब 20 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया. पहले हफ्ते में फिल्म ने शानदार 224.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया. दूसरे हफ्ते में कमाई 70.15 करोड़ रही. तीसरे हफ्ते में 23.35 करोड़ रुपये जुड़े. चौथे हफ्ते में यह आंकड़ा घटकर 6.6 करोड़ पर आ गया, जबकि पांचवें हफ्ते में 2.55 करोड़ की कमाई हुई. इन सभी आंकड़ों को मिलाकर 36 दिनों में फिल्म की कुल नेट कमाई 327.10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. 330 करोड़ क्लब से बस कुछ कदम दूर अब ‘बॉर्डर 2’ 330 करोड़ क्लब में एंट्री के बेहद करीब है. लगभग 3 करोड़ रुपये और जुड़ते ही यह नया रिकॉर्ड बना लेगी. उम्मीद की जा रही है कि छठे वीकेंड में यह लक्ष्य हासिल हो सकता है. हालांकि कमाई की रफ्तार अब पहले जैसी नहीं रही, लेकिन स्थिर प्रदर्शन फिल्म की मजबूत पकड़ को दिखाता है. क्या यह फिल्म 350 करोड़ का आंकड़ा भी छू पाएगी या नहीं, ये तो आने वाले दिनों में पता चलेगा. यह भी पढ़ें- बॉर्डर 2: 36वें दिन 330 करोड़ क्लब के करीब पहुंची फिल्म, जानें कुल कमाई The post बॉर्डर 2: क्या 350 करोड़ छू पाएगी ‘बॉर्डर 2’? सामने आया 37वें दिन का कलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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ईरान किस सैन्य बल के लिए जाना जाता है? पढ़ें जीके के 100 ऐसे सवाल जवाब 

Top 100 GK Questions: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद वहां के माहौल बदल गए हैं. यह घटनाक्रम न केवल अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया है. ऐसे में आइए जानते हैं इजरायल और ईरान से जुड़े 100 सवाल जवाब. इजरायल-ईरान पर जीके के 10 सवाल जवाब इजरायल किस क्षेत्र में स्थित है?  मध्य पूर्व 2. ईरान की राजधानी क्या है? तेहरान 3. इजरायल की आर्थिक राजधानी कौन-सी है? तेल अवीव 4. ईरान की आधिकारिक भाषा क्या है? फारसी 5. इजरायल की संसद को क्या कहते हैं? केनेस्सेट 6. ईरान की संसद का नाम क्या है? मजलिस 7. इजरायल की स्थापना कब हुई? 1948 8. 1979 में ईरान में कौन-सी क्रांति हुई? इस्लामिक क्रांति 9. ईरान किस जलडमरूमध्य के पास स्थित है? होर्मुज जलडमरूमध्य 10. होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है? वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग इजरायल- ईरान से जुड़े जीके के 20 सवाल 11. इजरायल का प्रमुख सहयोगी देश कौन है? संयुक्त राज्य अमेरिका 12. ईरान किस सैन्य बल के लिए जाना जाता है? रिवोल्यूशनरी गार्ड 13. Islamic Revolutionary Guard Corps क्या है? ईरान की विशेष सैन्य इकाई 14. Hezbollah किस देश में सक्रिय है? लेबनान 15. Hamas कहां सक्रिय है? गाजा पट्टी 16. गाजा पट्टी किस क्षेत्र में है? फिलिस्तीन क्षेत्र 17. इजरायल और ईरान के बीच सीधी सीमा है? नहीं 18. दोनों देशों के बीच तनाव का मुख्य कारण क्या है? क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा मुद्दे 19. ईरान किस देश का समर्थन करता है? सीरिया 20. इजरायल किसे अपना सबसे बड़ा खतरा मानता है? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को 21. ईरान का परमाणु समझौता किस नाम से जाना जाता है? JCPOA 22. JCPOA कब हुआ? 2015 23. JCPOA से अमेरिका कब बाहर हुआ? 2018 24. ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध क्यों लगे? परमाणु कार्यक्रम 25.इजरायल किस संगठन का सदस्य है? संयुक्त राष्ट्र 26. ईरान किस संगठन का सदस्य है? संयुक्त राष्ट्र 27. इजरायल का आधिकारिक धर्म क्या है? यहूदी धर्म प्रमुख 28. ईरान का आधिकारिक धर्म क्या है? शिया इस्लाम 29. ईरान की मुद्रा क्या है? रियाल 30. इजरायल की मुद्रा क्या है? शेकेल ईरान- इरायल की मुद्रा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध को लेकर जीके के 20 सवाल जवाब 31. इजरायल की खुफिया एजेंसी क्या है? मोसाद 32. ईरान की विशेष विदेश इकाई क्या कहलाती है? कुद्स फोर्स 33. कुद्स फोर्स किसका हिस्सा है? IRGC 34. इजरायल किस तकनीक के लिए प्रसिद्ध है? आयरन डोम 35. आयरन डोम क्या है? मिसाइल रक्षा प्रणाली 36. ईरान किस प्रकार की मिसाइलों के लिए जाना जाता है? बैलिस्टिक मिसाइल 37. लेबनान में किस संगठन का प्रभाव है? हिज़्बुल्लाह 38. सीरिया में ईरान की क्या भूमिका है? प्रशासन का समर्थन 39. इजरायल सीरिया में क्यों हमले करता है? ईरानी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 40. ईरान इजरायल को मान्यता देता है? नहीं 41. इजरायल किस समुद्र के किनारे है? भूमध्य सागर 42. ईरान किस खाड़ी के पास है? फारस की खाड़ी 43. फारस की खाड़ी क्यों अहम है? तेल भंडार 44. इजरायल की सेना को क्या कहते हैं? IDF 45. ईरान की सेना का नाम? आर्टेश 46. इजरायल और ईरान का संघर्ष प्रत्यक्ष है या परोक्ष? अधिकतर परोक्ष 47. परोक्ष संघर्ष का उदाहरण? प्रॉक्सी समूहों के जरिए 48. यमन में किस समूह को ईरान से समर्थन मिलता है? हूती 49. हूती किस क्षेत्र में सक्रिय हैं? लाल सागर क्षेत्र 50.लाल सागर क्यों महत्वपूर्ण है? व्यापार मार्ग इजरायल-ईरान पर आधारित जनरल नॉलेज के 30 और महत्वपूर्ण सवाल-जवाब 51. इजरायल का प्रमुख शहर? यरुशलम 52. ईरान का सर्वोच्च नेता कौन होता है? सुप्रीम लीडर 53. इजरायल का शासन प्रणाली क्या है? संसदीय लोकतंत्र 54. ईरान की शासन प्रणाली? इस्लामिक गणराज्य 55. 2023-24 में तनाव क्यों बढ़ा? क्षेत्रीय हमलों के कारण 56. गाजा संघर्ष का असर किस पर पड़ा? क्षेत्रीय स्थिरता 57. इजरायल किस तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी है? साइबर सुरक्षा 58. ईरान किस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाना चाहता है? मध्य पूर्व 59. इजरायल की जनसंख्या लगभग कितनी है? करीब 1 करोड़ 60. ईरान की जनसंख्या लगभग कितनी है? 8 करोड़ से अधिक 61. इजरायल किस महाद्वीप में है? एशिया 62. ईरान किस महाद्वीप में है? एशिया 63. इजरायल का राष्ट्रीय दिवस? स्वतंत्रता दिवस 64. ईरान का राष्ट्रीय दिवस? इस्लामिक क्रांति दिवस 65. इजरायल का आधिकारिक समय क्षेत्र? IST (Israel Standard Time) 66. ईरान का समय क्षेत्र? IRST 67. इजरायल की सीमा किन देशों से लगती है? मिस्र, जॉर्डन आदि 68. ईरान की सीमा किन देशों से लगती है? इराक, पाकिस्तान आदि 69. इजरायल की प्रमुख निर्यात वस्तु? तकनीक 70. ईरान की प्रमुख निर्यात वस्तु? तेल 71. दोनों देशों के बीच साइबर हमलों की समाचारें क्यों आती हैं? डिजिटल युद्ध 72. इजरायल का प्रमुख बंदरगाह? हाइफ़ा 73. ईरान का प्रमुख बंदरगाह? बंदर अब्बास 74. इजरायल की रक्षा नीति कैसी है? आक्रामक सुरक्षा 75. ईरान की क्षेत्रीय नीति कैसी है? प्रभाव विस्तार 76. क्या दोनों देशों के राजनयिक संबंध हैं? नहीं 77. संयुक्त राष्ट्र की भूमिका क्या है? शांति प्रयास 78. क्या दोनों परमाणु क्षमता से जुड़े हैं? हां, विवाद का विषय 79. IAEA क्या करता है? परमाणु निगरानी 80. IAEA किससे जुड़ा है? संयुक्त राष्ट्र इजरायल-ईरान पर जीके 20 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब 81. इजरायल किस गठबंधन का हिस्सा नहीं है? NATO 82. ईरान किस सैन्य गठबंधन में प्रमुख है? कोई औपचारिक नहीं 83. संघर्ष का वैश्विक असर? तेल कीमतें 84. होर्मुज बंद होने का असर? वैश्विक व्यापार प्रभावित 85. क्या दोनों के बीच सीधा युद्ध हुआ है? सीमित टकराव 86. प्रॉक्सी युद्ध का अर्थ? अन्य समूहों के माध्यम से लड़ाई 87. क्षेत्रीय तनाव किन देशों को प्रभावित करता है? लेबनान, सीरिया आदि 88. साइबर युद्ध क्यों अहम है? आधुनिक सुरक्षा 89. इजरायल का रक्षा बजट कैसा है? उच्च 90. ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध क्यों हैं? परमाणु और क्षेत्रीय गतिविधियां 91. क्या दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई? प्रत्यक्ष नहीं 92. वैश्विक शक्तियां किसे समर्थन देती हैं? अलग-अलग पक्ष 93. संघर्ष से किसे आर्थिक नुकसान? पूरे क्षेत्र को 94. क्या दोनों OPEC सदस्य हैं? ईरान हां, इजरायल नहीं 95. इजरायल का प्रमुख एयरपोर्ट? बेन गुरियन 96. ईरान का

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क्या ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए सऊदी अरब और यूएई ने अमेरिका और इजरायल  को उकसाया?

Iran War : मिडिल ईस्ट में तनाव ने शनिवार 28 फरवरी को बड़ा रूप ले लिया, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त अभियान चलाकर ईरान पर हमला कर दिया. अमेरिका और इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई अन्य अहम ठिकानों पर मिसाइल से हमले कर पूरे क्षेत्र को थर्रा दिया. इस हमले को कई नाम दिये गये हैं जिनमें से ऑपरेशन रोरिंग लाॅयन सबसे ज्यादा चर्चित है. इस हमले के जवाब में ईरान ने भी इजरायल की ओर मिसाइलें दागी हैं, लेकिन अमेरिका अपने मकसद में कामयाब हो गया क्योंकि उसने अपने पुराने विरोधी और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का परिवार सहित अंत कर दिया. यहां सवाल यह है कि क्या महज अमेरिका की दुश्मनी अयातुल्लाह खामेनेई के अंत का कारण है या कोई और लोग भी थे, जिन्होंंने अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया. सऊदी अरब और ईरान के बीच दुश्मनी ने खामेनेई का अंत करवाया? सऊदी अरब और ईरान दो ऐसे देश हैं, जिनकी जमीनी सीमाएं आपस में नहीं मिलती हैं, लेकिन दोनों देश आमने–सामने हैं और दोनों के बीच फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और कुछ हिस्सों में ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) है. इन दोनों देशों के बीच दुश्मनी या टकराव की सबसे बड़ी वजह धर्म है. 2023 से पहले दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के संबंध बहाल नहीं थे. दोनों के रिश्ते बहुत ही तनावपूर्ण भी रहे हैं. सऊदी अरब में सुन्नी इस्लाम लोग रहते हैं, जबकि ईरान शिया मुसलमानों का देश है. यहां 1979 में जो इस्लामिक क्रांति हुई, उसे ईरान अन्य मुस्लिम देशों में भी फैलाना चाहता था, जिसे सऊदी अरब के शाही शासकों ने अपने लिए खतरा माना और इससे इनके बीच टकराव बढ़ा. ईरान युद्ध : खामेनेई की मौत का शोक ईरान में इस क्रांति के राजशाही का अंत हो गया था. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय प्रभुत्व की भी जंग रही है, जिसमें दोनों देश आमने–सामने हो जाते हैं. इराक युद्ध, सीरिया युद्ध जैसे मुद्दों ने दोनों देशों के तनाव को और बढ़ाया, क्योंकि इससे दोनों के हित जुड़े थे. 2016 में दोनों देशों के रिश्ते बदतर हो गए थे क्योंकि जनवरी 2016 में सऊदी अरब ने शिया धर्मगुरु निम्र अल-निम्र को फांसी दी. जिसके बाद ईरान में सऊदी दूतावास पर हमला हुआ और संबंध तोड़ दिए गए थे. हाल के दिनों में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ट्रंप से मिलने गए थे और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उन्होंने ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेरिका को उकसाया या प्रेरित किया. क्या संयुक्त अरब अमीरात ने किया है पीठ में छुरा घोंपने का काम? संयुक्त अरब अमीरात के साथ ईरान के संबंध अच्छे तो नहीं थे, लेकिन यह कहना भी गलत होगा कि दोनों दुश्मन राष्ट्र हैं. करीब से देखें तो यह स्पष्ट मालूम होता है कि दोनों देशों के बीच सामरिक प्रतियोगिता है और दोनों के संबंध काफी सीमित हैं. दोनों देशों की सीमाएं नहीं लगती हैं , लेकिन दोनों आमने–सामने हैं और बीच में फारस की खाड़ी है. फारस की खाड़ी के तीन द्वीप भी ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच विवाद की वजहों में से एक है. दरअसल फारस की खाड़ी के तीन द्वीप अब मूसा, ग्रेटर तुंब और लेसर तुंब को संयुक्त अरब अमीरात अपना हिस्सा मानता था, जिसपर ब्रिटेन का कब्जा था. 1971 में जब ब्रिटेन ने यहां से अपनी सेनाएं हटाईं तो ईरान ने उन द्वीपों पर कब्जा कर लिया. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें इस वजह से दोनों देशों के बीच तनाव है और जो आज भी बना हुआ है. ईरान का खाड़ी क्षेत्र में काफी प्रभाव है और उसकी परमाणु क्षमता इस क्षेत्र के देशों के लिए बड़ी चिंता है. इस वजह से भी संयुक्त अरब अमीरात की भूमिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में नजर आती है, भले ही वह प्रत्यक्ष तौर पर नहीं है. हां, यह उन देशों में शामिल हो सकता है, जिन्हें विश्वास में लेकर इजरायल और अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की. यूएई ने इजरायल के साथ अब्राहम समझौते (Abraham Accords) पर भी हस्ताक्षर किए थे, जो यह साबित करते हैं कि यूएई का रुख किस ओर है. अब्राहम समझौते के तहत अरब के देशों ने इजरायल के साथ संबंध बहाल करने की पहल की थी, इसकी वजह यह थी कि ज्यादातर अरब देश इजरायल के खिलाफ रहे हैं. ईरान पर आक्रमण में इजरायल की क्या है भूमिका? ईरान और इजरायल के बीच जो विवाद है, उसकी मुख्य वजह यह है कि ईरान इजरायल के अस्तित्व को नकारता है. ईरान में जब इस्लामिक क्रांति हुई तो इजरायल को अवैध देश घोषित किया गया. इसकी वजह यह थी कि ईरान ने खुद को पीड़ित मुसलमानों का रहनुमा बताया और इजरायल मुसलमानों का विरोधी था. फिलिस्तीन के साथ उसके विवाद में ईरान फिलिस्तीन के साथ खड़ा रहा. इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान ने अमेरिका का विरोध किया और उसके करीबी शाह पहलवी को हटाया. इजरायल और अमेरिका की दोस्ती भी ईरान को खटकती रही. ईरान के परमाणु कार्यक्रम की वजह से भी इजरायल के साथ उसके संबंधों में खटास रही, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति पर खतरा है. ईरान द्वारा हमास और हिज्बुल्लाह जैसे आतंकवादी संगठनों को इजरायल के खिलाफ पनाह देने की वजह से भी दोनों देशों में कभी भी संबंध सामान्य नहीं हुए. पिछले साल जून के महीने में भी इजरायल ने हमास को समर्थन देने की वजह से ईरान पर मिसाइलों से हमला किया था, जिसे ईरान ने खुले युद्ध की संज्ञा दी थी. ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम कसना अमेरिका की चाल अमेरिका के साथ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का विवाद जगजाहिर है. 28 फरवरी के हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि हम ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने नहीं देंगे क्योंकि यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका विरोधी नीति की वजह से ही ट्रंप ने इजरायल के साथ ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया. इस सैन्य अभियान के लिए कई कूटनीतिक प्रयास भी किए गए, तभी ईरान पर हमला इतनी आसानी से हो सका. ये भी

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खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में बवाल, अमेरिकी दूतावास में घुसी भीड़, 6 की मौत

Karachi Protest : खामेनेई की मौत के बाद रविवार को पाकिस्तान के शहर कराची में सैकड़ों लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में घुस गए. भीड़ ने खिड़कियां तोड़ दीं. पुलिस अधिकारी मोहम्मद जवाद ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स ने लाठीचार्ज किया. आंसू गैस के गोले छोड़े. BREAKING: Six killed near US consulate in Pakistan’s Karachi 🔴 LIVE updates: https://t.co/hCUJd3sXwA pic.twitter.com/0nmRzzAINu — Al Jazeera Breaking News (@AJENews) March 1, 2026 अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में कम से कम 6 प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए. वाणिज्य दूतावास पर यह हमला इजराइल और अमेरिका के हमले में खामेनेई के मारे जाने के कुछ घंटे बाद हुआ. यह भी पढ़ें : क्या ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए सऊदी अरब और यूएई ने अमेरिका और इजरायल  को उकसाया? प्रदर्शन का वीडियो आया सामने पाकिस्तान न्यूज नाम के एक एक्स अकाउंट के पोस्ट में प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण रूप से विरोध जताने के रूप में हुई, लेकिन जल्दी ही यह हिंसक हो गया. कुछ प्रदर्शनकारियों ने दूतावास के बाहर लगे खिड़कियां और दरवाजे तोड़ दिए. भीड़ ने अमेरिकी और इजराइली नीतियों के खिलाफ नारे लगाए. Latest footage from the protests outside the U.S. Consulate in Karachi#AyatollahKhamenei #Iranian #IsraelIranWar #IranRevoIution2026 #USA #Karachi pic.twitter.com/uchNBKsH3L — Pakistan News (@News3Pakistan) March 1, 2026 संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ईरान पर हमले की निंदा की संयुक्त राष्ट्र (United Nation) प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों की निंदा की जबकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिकी व इजराइली राजदूतों की ईरानी राजदूत से जबरदस्त बहस हुई. महासचिव गुतारेस ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाई से दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्र में बेलगाम घटनाओं का सिलसिला शुरू होने का खतरा है. यह भी पढ़ें : ईरान: खामेनेई की मौत के बाद कौन लेगा उनकी जगह? ये 5 करीबी या बेटा बनेगा सुप्रीम लीडर The post खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में बवाल, अमेरिकी दूतावास में घुसी भीड़, 6 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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होली के रंगों से खराब नहीं होंगे आपके नाखून, रंग खेलने से पहले लड़कियां जरूर करें ये छोटा सा काम

Holi Nail Care Tips in Hindi: होली की मस्ती में हम चेहरे और बालों का तो ख्याल रख लेते हैं, लेकिन अक्सर अपने नाखूनों को भूल जाते हैं. होली के जिद्दी रंग नाखूनों के कोनों और पोरों में ऐसे जम जाते हैं कि हफ्तों तक नहीं निकलते, जिससे हाथ बहुत गंदे और भद्दे दिखने लगते हैं. कई बार रंगों के केमिकल की वजह से नाखून रूखे होकर टूटने भी लगते हैं. लेकिन लड़कियों को अब अपनी मैनीक्योर की चिंता करने की जरूरत नहीं है. बस रंग स्पोर्ट्सने से पहले आपको एक छोटा सा और आसान काम करना है, जिससे आपके नाखूनों पर रंगों का कोई असर नहीं होगा. इस आर्टिकल में हम आपको वो जादुई ट्रिक बताएंगे जो आपके नाखूनों को एक ढाल की तरह सुरक्षित रखेगी. तो इस बार बेफिक्र होकर रंगों से स्पोर्ट्सें, क्योंकि आपके नाखून रहेंगे बिल्कुल साफ और चमकदार. डार्क नेल पेंट का करें इस्तेमाल रंग स्पोर्ट्सने निकलने से पहले अपने नाखूनों पर किसी डार्क कलर की नेल पेंट (जैसे काला, नीला या गहरा लाल) का डबल कोट जरूर लगाएं. यह नेल पेंट आपके नाखूनों के ऊपर एक सुरक्षा की परत बना देगी. इससे होली के रंग सीधे आपके नाखूनों के संपर्क में नहीं आएंगे. जब होली स्पोर्ट्स लें, तो बस रिमूवर से नेल पेंट साफ कर लें, आपके नाखून नीचे से बिल्कुल साफ निकलेंगे. पेट्रोलियम जेली या तेल लगाएं नाखूनों के आसपास की खाल (Cuticles) बहुत नाजुक होती है और वहां रंग सबसे ज्यादा फंसता है. इससे बचने के लिए नाखूनों के कोनों पर और नाखूनों के अंदरूनी हिस्से में अच्छी तरह वैसलीन या सरसों का तेल लगा लें. तेल की चिकनाहट की वजह से रंग वहां टिक नहीं पाएगा और हाथ धोते ही तुरंत निकल जाएगा. नाखूनों को छोटा रखें अगर आप होली स्पोर्ट्सने की शौकीन हैं, तो बेहतर होगा कि आप अपने नाखूनों को थोड़ा छोटा कर लें. लंबे नाखूनों के अंदर रंग और कीचड़ जमा होने का डर ज्यादा रहता है, जिसे निकालना बहुत मुश्किल होता है. छोटे नाखूनों को साफ रखना आसान होता है और उनके टूटने का खतरा भी कम रहता है. ये भी पढ़ें: Holi Skin Care Tips: सेंसिटिव स्किन वालों के लिए होली गाइड, बिना किसी डर के स्पोर्ट्सें रंग, बस याद रखें ये 3 बातें ये भी पढ़ें: Holi Hair Care Hacks: होली के रंगों से कहीं झाड़ू जैसे न हो जाएं आपके बाल! बालों को डैमेज से बचाने के लिए अपनाएं ये 3 टिप्स Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post होली के रंगों से खराब नहीं होंगे आपके नाखून, रंग स्पोर्ट्सने से पहले लड़कियां जरूर करें ये छोटा सा काम appeared first on Naya Vichar.

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Nagpur Explosion : कारखाने में धमाका, 17  की मौत, मची अफरा-तफरी

Nagpur Explosion : पुलिस ने बताया कि नागपुर जिले के काटोल में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाले कारखाने में हुए धमाके में 17 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में 18 लोग घायल भी हुए हैं. पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट कटोल तहसील के राउलगांव स्थित खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए विस्फोटक पदार्थ बनाने वाली कंपनी ‘एसबीएल एनर्जी लिमिटेड’ के कारखाने में हुआ. #WATCH | Maharashtra | Visuals from the spot at SBL Energy Limited in Nagpur where 17 people died and 18 were critically injured after an explosion NDRF and SDRF teams working on the spot https://t.co/gyQWRgsJiT pic.twitter.com/adOibBhAcj — ANI (@ANI) March 1, 2026 एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि यह घटना कंपनी की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में सुबह सात बजे से सवा सात बजे के बीच हुई. पुलिस ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद घायलों को नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं सीएम देवेंद्र फडणवीस सीएम देवेंद्र फडणवीस ने फैक्ट्री में हुए धमाके को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताया. उन्होंने पुष्टि की कि हादसे में 17 लोगों की मौत हुई है और 18 अन्य घायल हुए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं. धमाके के तुरंत बाद जिला कलेक्टर व एसपी मौके पर पहुंच गए थे. फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि NDRF और SDRF की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं, जबकि PESO और DISH की टीमें भी पहुंच चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने हादसे में हुई मौतों की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. विस्फोट का सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. The post Nagpur Explosion : कारखाने में धमाका, 17  की मौत, मची अफरा-तफरी appeared first on Naya Vichar.

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