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Author name: Vinod Jha

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ईरान और अमेरिका-इजराइल में भीषण जंग, 350 फ्लाइट्स कैंसिल

Iran US Israel War: सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने बताया- मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट की वजह से एयरस्पेस पर लगी रोक को देखते हुए, 01.03.2026 को इंडियन डोमेस्टिक कैरियर्स की कुल 350 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं. पैसेंजर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस संबंधित एयरलाइंस से चेक करें और किसी भी जरूरी मदद के लिए उनके साथ लगातार संपर्क में रहें. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री, स्थिति पर लगातार नजर रखने और पैसेंजर्स को जरूरी मदद देने के लिए एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार संपर्क में है. दिल्ली में 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द दिल्ली हवाई अड्डे पर रविवार को कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं. दिल्ली से उड़ान भरने वाली 60 और लैंड करने वाली करीब 40 विमाने को रद्द कर दिया गया है. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, पश्चिम एशिया में बदलती नेतृत्वक स्थिति के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान या समय-सारिणी में परिवर्तन हो सकता है. डायल राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) का संचालन करती है. यह देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा भी है, जहां प्रतिदिन 1,300 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं. एयर इंडिया ने 50 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं पश्चिम एशिया में ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर एयर इंडिया ने रविवार के लिए 22 और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं. इस घटना के कारण अब तक विदेश के लिए 50 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं. मुंबई-लंदन, दिल्ली-बर्मिंघम, दिल्ली-एम्स्टर्डम, दिल्ली-ज्यूरिख, दिल्ली-मिलान, दिल्ली-वियना और बेंगलुरु-लंदन (हीथ्रो) उड़ानों को आज के लिए रद्द कर दिया गया है. एयर इंडिया ने एक्स पर बताया कौन-कौन उड़ानें रद्द हुईं एयरलाइन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रद्द की गई अन्य उड़ानों में दिल्ली-कोपेनहेगन, दिल्ली-लंदन (हीथ्रो) तथा दिल्ली-फ्रैंकफर्ट सेवाएं शामिल हैं. एयर इंडिया ने रविवार के लिए विभिन्न मार्गों पर चलने वाली 28 विदेशी उड़ानों को रद्द करने की शनिवार को घोषणा की थी. ये भी पढ़ें: क्या ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए सऊदी अरब और यूएई ने अमेरिका और इजरायल को उकसाया? ईरान-इजरायल युद्ध का हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? जानें कारोबार पर कितनी आएगी आंच ईरानी सुप्रीम लीडर के परिवार में अब कौन-कौन बचा? हमले में खामेनेई समेत मारे गए कई परिवार वाले The post ईरान और अमेरिका-इजराइल में भीषण जंग, 350 फ्लाइट्स कैंसिल appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी, जिन्हें बनाया गया है ईरान का कार्यवाहक सुप्रीम लीडर

Ayatollah Arafi : 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके उत्तराधिकारी और कार्यवाहक सुप्रीम लीडर के रूप में अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को ईरान की बागडोर सौंपी गई है. अयातुल्ला अराफी एक मौलवी हैं और उनकी उम्र 67 वर्ष है. कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी? अयातुल्ला अलीरेजा अराफी पेशे से एक अनुभवी मौलवी हैं. उनके बारे में यह कहा जा रहा है कि वे अयातुल्ला खामेनेई के काफी करीबी थे. ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (ISNA) की ओर से यह जानकारी सामने आयी है कि अयातुल्ला अराफी को लीडरशिप काउंसिल का ज्यूरिस्ट सदस्य नियुक्त किया गया है. तीन सदस्यों वाली लीडरशिप काउंसिल में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और चीफ जस्टिस घोलमहुसैन मोहसेनी एजेई भी शामिल हैं. अराफी अभी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के डिप्टी चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे हैं, जो सुप्रीम लीडर को नियुक्त करती है. उनकी उम्र 67 साल है. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें ईरान में सुप्रीम लीडर का पद खाली हो जाये , तो क्या है व्यवस्था? ईरान के संविधान के अनुसार अगर वहां के सुप्रीम लीडर का पद खाली हो जाए तो एक अस्थायी लीडरशिप काउंसिल बनाई जाती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्जियन काउंसिल का एक ज्यूरिस्ट सदस्य शामिल हो सकता है. अराफी की नियुक्ति इसी ज्यूरिस्ट सदस्य के तौर पर हुई है जो यह सुनिश्चित करेगा कि देश के फैसले इस्लामी कानून और संविधान के अनुरूप हों. ईरान का सुप्रीम लीडर देश की मिलिट्री का कमांडर-इन-चीफ होता है, इसके अलावा ताकतवर रिवोल्यूशनरी गार्ड भी उनके असर वाले सर्कल का हिस्सा होता है. ये भी पढ़ें : क्या ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए सऊदी अरब और यूएई ने अमेरिका और इजरायल को उकसाया? एसआईआर के बाद बंगाल में जारी होना शुरू हुआ वोटरलिस्ट, किन लोगों को नहीं मिलेगा वोट देने का मौका? टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में कौन-कौन सी 4 टीम स्पोर्ट्सेगी मुकाबला, जानिए समीकरण  क्या थी दिल्ली प्रशासन की शराब नीति, जिसने अरविंद केजरीवाल को पहुंचाया था जेल, अब हुए बरी The post कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी, जिन्हें बनाया गया है ईरान का कार्यवाहक सुप्रीम लीडर appeared first on Naya Vichar.

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हमले तेज किए तो अमेरिका देगा ऐसा जवाब कि… डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी

Donald Trump Warning to Iran: ईरान पर इजराइल और अमेरिका का हमला जारी है. ईरान भी पलटवार कर रहा है. कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर उसने तेज हमले किए हैं. ईरान ने रविवार को भी इजराइल और खाड़ी अरब देशों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं. इजराइल और अमेरिका के हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने दोनों देशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का संकल्प दोहराया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान हमले तेज नहीं करे, वरना अमेरिका ‘ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा.’ खाड़ी देशों में तनाव का माहौल इससे पहले ईरान ने शनिवार को दावा किया कि तेहरान स्थित खामेनेई के कार्यालय पर हुए इजराइल-अमेरिका के हवाई हमले में खामेनेई की मौत हो गई. इस घटना के बाद इस्लामी गणराज्य के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका गहरा गई है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा ईरान के लोगों के लिए अपने देश की बागडोर अपने हाथ में लेने का यह सबसे बड़ा अवसर है.वहीं, ईरान के मंत्रिमंडल ने संकल्प जताया कि इस अपराध का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी इजराइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए अब तक का अपना सबसे तीव्र आक्रामक अभियान शुरू करने की धमकी दी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा “आपने सीमाएं पार कर दी हैं और आपको इसकी कीमत चुकानी होगी. हम ऐसा करारा जवाब देंगे कि आप खुद रहम की भीख मांगने पर मजबूर हो जाएंगे.” चरम पर ईरान-अमेरिका तनाव हाल के हफ्तों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों का सबसे बड़ा बेड़ा तैनात किया है. ईरान ने कहा था कि उसे युद्ध टलने की उम्मीद है लेकिन उसने यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को बरकरार रखा. इसने कहा कि उसने जून के बाद से परमाणु संवर्धन नहीं किया है, लेकिन उसने अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को उन स्थलों का दौरा करने से रोक दिया जिन पर अमेरिका ने बमबारी की थी. इजराइल ने कहा कि इस अभियान की योजना अमेरिका के साथ मिलकर महीनों पहले बनाई गई थी. इजराइली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने एक बयान में कहा कि वायुसेना के पायलटों ने ‘पूरे ईरान में सैकड़ों ठिकानों’ पर हमला किया. तेहरान में हुआ बड़ा धमाका, आसमान में उठा धुंए का गुबार इजराइली सेना ने कहा कि वह ईरान के शहर में हमला जारी रख रही है. इसी कड़ी में ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार को एक बड़ा धमाका हुआ. इस विस्फोट से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठते हुए देखा गया. यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस संस्थान को निशाना बनाया गया था. ऐसी रिपोर्ट आ रही है कि विस्फोट उस इलाके में हुआ, जहां देश का पुलिस मुख्यालय और ईरानी प्रशासनी टेलीविजन स्थित है. इजराइली सेना ने बताया कि वह मध्य तेहरान में ठिकानों को निशाना बनाकर हमला कर रही है. सेना ने कहा कि युद्ध के पहले दिन तेहरान तक जाने का रास्ता साफ किया और दूसरे दिन वह मध्य तेहरान पर हमला कर रही है. (भाषा इनपुट) इसे भी पढ़ें- ईरान-इजरायल युद्ध का हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? जानें कारोबार पर कितनी आएगी आंच The post हमले तेज किए तो अमेरिका देगा ऐसा जवाब कि… डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर क्या होगा असर? जानें कारोबार पर कितनी आएगी आंच

Iran-Israel War: मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेतों ने इस आग में घी डालने का काम किया है. हिंदुस्तान के लिए यह स्थिति कूटनीतिक और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर काफी अहम है. आइए समझते हैं कि इस युद्ध का हिंदुस्तान के व्यापार और आम आदमी पर क्या असर पड़ सकता है. ईरान संकट से हिंदुस्तान को कितना खतरा? हिंदुस्तान और ईरान के बीच व्यापारिक रिश्ते पिछले कुछ सालों में काफी बदल गए हैं. पहले हिंदुस्तान ईरान से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण अब यह बहुत कम हो गया है. पिछले वित्त वर्ष में दोनों देशों के बीच व्यापार सिमटकर महज 168 करोड़ डॉलर के आसपास रह गया है, जो हिंदुस्तान के कुल वैश्विक व्यापार का एक छोटा सा हिस्सा (0.01%) है. हिंदुस्तान ईरान को मुख्य रूप से बासमती चावल, चाय, चीनी और दवाइयां जैसी चीजें भेजता है, जबकि वहां से सेब, पिस्ता और खजूर मंगवाए जाते हैं. चूंकि यह कारोबार बहुत बड़ा नहीं है, इसलिए ईरान के साथ व्यापार रुकने से हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा सीधा संकट आने के आसार कम हैं. इजरायल के साथ बढ़ता रक्षा और तकनीक का कारोबार ईरान के मुकाबले इजरायल के साथ हिंदुस्तान के व्यापारिक समीकरण थोड़े अलग और ज्यादा संवेदनशील हैं. पिछले एक दशक में हिंदुस्तान और इजरायल के बीच डिफेंस (रक्षा) और हाई-टेक उपकरणों का लेनदेन काफी बढ़ा है. हिंदुस्तान इजरायल से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विमानों के पुर्जे आयात करता है. आंकड़ों के मुताबिक, इजरायल से हथियारों की खरीदारी में कई गुना की बढ़ोतरी हुई है. अगर यह जंग लंबी खिंचती है, तो हिंदुस्तान को मिलने वाली डिफेंस सप्लाई और तकनीकी सहयोग पर असर पड़ सकता है, जो हिंदुस्तान की सुरक्षा रणनीतियों के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है. हवाई मार्ग बंद होने से एक्सपोटर्स की बढ़ी चिंता जंग के कारण कई अहम हवाई रास्तों को बंद या डायवर्ट कर दिया गया है. इसका सीधा असर एयर कार्गो (Air Cargo) पर पड़ रहा है. ताजी सब्जियां और फल एयर कार्गो के जरिए भेजे जाते हैं ताकि वे जल्दी खराब न हों. फ्लाइट्स कैंसिल होने या रास्ता लंबा होने से ये उत्पाद समय पर नहीं पहुंच पाएंगे. डिलीवरी में देरी का मतलब है माल का सड़ना और बीमा लागत का बढ़ना. इससे हिंदुस्तानीय निर्यातकों को करोड़ों का घाटा हो सकता है, जिसका सीधा असर देश के किसानों की आय पर पड़ेगा. आम आदमी पर क्या होगा इसका असर? भले ही सीधा व्यापार कम हो, लेकिन इस युद्ध का सबसे बड़ा असर सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पर पड़ेगा. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते से मंगवाता है. अगर युद्ध के कारण यह समुद्री रास्ता बंद होता है, तो कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होगी जिससे हिंदुस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. इसके अलावा, लाल सागर (Red Sea) के रास्ते में तनाव बढ़ने से जहाजों का किराया और बीमा महंगा हो जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि विदेशों से आने वाली हर चीज महंगी हो सकती है और हिंदुस्तान से बाहर सामान भेजना भी महंगा पड़ेगा. Also Read: अमेरिका से दोस्ती का रूस पर क्या होगा असर? रक्षा सचिव का आया बयान The post ईरान-इजरायल युद्ध का हिंदुस्तान पर क्या होगा असर? जानें कारोबार पर कितनी आएगी आंच appeared first on Naya Vichar.

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आपके मूलांक के लिए कैसी रहेगी यह होली? जानें अंकशास्त्र के अनुसार शुभ रंग और उपाय

Holi Numerology 2026: क्या इस होली आपकी किस्मत का रंग गाढ़ा होने वाला है? अंकशास्त्र की मानें तो आपकी Birth Date में छिपे नंबर यह बता सकते हैं कि साल 2026 की होली आपके लिए क्या खास लेकर आई है. हर नंबर की अपनी एक पावर होती है, और अगर आप अपने लकी नंबर के हिसाब से सही रंग चुनते हैं, तो यह होली सिर्फ मस्ती ही नहीं, बल्कि आपके लिए तरक्की के दरवाजे भी खोल सकती है. तो चलिए, जानते हैं कि आपके मूलांक के लिए कौन सा रंग सुपर लकी साबित होगा और कौन सा एक छोटा सा उपाय आपकी लाइफ बदल देगा. कैसे जानें अपना मूलांक ? अपना मूलांक जानना बहुत आसान है. यदि आपकी जन्म तारीख 1 से 9 के बीच है, तो वही आपका मूलांक है. यदि तारीख दो अंकों में है, तो उन्हें आपस में जोड़ लें. उदाहरण: यदि आपका जन्म 25 तारीख को हुआ है, तो 2+5 = 7. आपका मूलांक 7 होगा. Holi Numerology 2026: मूलांक के अनुसार आपका भविष्य और शुभ रंग मूलांक 1 (तारीख 1, 10, 19, 28): इस होली आपके मान-सम्मान में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. आपके लिए सुनहरा या पीला रंग सबसे शुभ है. घर से निकलने से पहले सूर्य देव को जल अर्पित करें और पीले गुलाल से तिलक लगाएं. मूलांक 2 (तारीख 2, 11, 20, 29): आपको मानसिक शांति मिलेगी और रुके हुए काम पूरे होंगे. आपके लिए सफेद या हल्का नीला रंग लकी है. चांदी के बर्तन से थोड़ा सा जल शिवजी को चढ़ाएं. मूलांक 3 (तारीख 3, 12, 21, 30): करियर में बड़ी सफलता के योग बन रहे हैं. गहरा पीला या केसरिया रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा. अपने गुरु या बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर ही होली स्पोर्ट्सना शुरू करें. मूलांक 4 (तारीख 4, 13, 22, 31): आपको अचानक धन लाभ हो सकता है, लेकिन वाणी पर कंट्रोल रखें. आपके लिए नीला या भूरा रंग शुभ है. होलिका दहन की राख का तिलक लगाएं. मूलांक 5 (तारीख 5, 14, 23): व्यापार और नौकरी में नई ऊंचाइयां छुएंगे. आपका लकी कलर हरा (Green) है. गणेश जी को हरा गुलाल चढ़ाएं और पक्षियों को दाना डालें. मूलांक 6 (तारीख 6, 15, 24): प्यार और रिश्तों में मिठास बढ़ेगी. आपके लिए गुलाबी या सफेद रंग सबसे बेस्ट है. होली के दिन खुशबूदार इत्र (Perfume) का इस्तेमाल जरूर करें. मूलांक 7 (तारीख 7, 16, 25): इस होली आपको मन की शांति मिलेगी और आप काफी अच्छा महसूस करेंगे. आपके लिए हल्का पीला या सफेद रंग सबसे शुभ है. अपनी किस्मत चमकाने के लिए किसी गरीब शिशु को सफेद मिठाई जरूर खिलाएं, यह आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा. मूलांक 8 (तारीख 8, 17, 26): पुरानी मेहनत का फल मिलने वाला है. आपके लिए नीला या बैंगनी रंग बहुत लकी रहेगा. शनि देव के नाम का एक सरसों के तेल का दीपक जलाएं. मूलांक 9 (तारीख 9, 18, 27): आपके अंदर गजब का जोश और साहस रहेगा. आपके लिए लाल (Red) रंग सबसे उत्तम है. हनुमान जी को लाल सिंदूर चढ़ाएं और फिर होली स्पोर्ट्सें. ये भी पढ़ें: Numerology: अगर आपका मूलांक 8 है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें ये भी पढ़ें: Birth Date Numerology: अपनी जन्मतिथि से जानें अपना भविष्य, जानें किस मूलांक के लोगों के पास टिकता है सबसे ज्यादा पैसा ये भी पढ़ें: Numerology: अंक ज्योतिष से जानें अपने पार्टनर के साथ अपनी कम्पैटिबिलिटी, क्या जम पाएगी आपकी जोड़ी? Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post आपके मूलांक के लिए कैसी रहेगी यह होली? जानें अंकशास्त्र के अनुसार शुभ रंग और उपाय appeared first on Naya Vichar.

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ईडन गार्डन्स में भारत का दबदबा, वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड बेहद खराब, चौंका देंगे आंकड़े

Table of Contents ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का एक दूसरे के खिलाफ टी20I में कैसा रहा है रिकॉर्ड्स? ईडन गार्डन्स में एक साल से अधिक समय बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्सेगा हिंदुस्तान ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान को छोड़कर अन्य टीमों के खिलाफ शानदार रहा है वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड India vs West Indies: हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में शाम 7 बजे से स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए हर हाल में वेस्टइंडीज को हराना होगा. नेट रन रेट के आधार पर वेस्टइंडीज, हिंदुस्तान से आगे हैं. ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज का एक दूसरे के खिलाफ टी20I में कैसा रहा है रिकॉर्ड्स? ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 4 बार भिड़ंत हो चुकी है. जिसमें हर बार वेस्टइंडीज को हिंदुस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा है. दोनों टीमों के बीच टी20 4 नवंबर 2018 को पहली बार भिड़ंत हुई थी. उस मुकाबले को हिंदुस्तान ने 5 विकेट से जीत लिया था. करीब दो साल बाद 16 फरवरी 2022 को दूसरी भिड़ंत हुई, जिसमें हिंदुस्तान ने 6 विकेट से वेस्टइंडीज को हराया था. उसी साल फरवरी में ही 18 और 20 को दोनों टीमों के बीच भिड़ंत हुई थी. दोनों मुकाबलों को हिंदुस्तान ने रन से जीता था. ईडन गार्डन्स में एक साल से अधिक समय बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्सेगा हिंदुस्तान ईडन गार्डन्स में पिछले एक साल से हिंदुस्तान कोई भी मैच नहीं स्पोर्ट्सा है. जबकि वेस्टइंडीज यहां आखिरी बार 19 फरवरी 2026 को वर्ल्ड कप में इटली के खिलाफ मुकाबला स्पोर्ट्सा था. जिसमें वेस्टइंडीज को 42 रन से जीत मिली थी. दूसरी ओर से आखिरी बार हिंदुस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ 22 जनवरी 2025 को मैच स्पोर्ट्सा था. जिसमें हिंदुस्तान को 7 विकेट से जीत मिली थी. ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान को छोड़कर अन्य टीमों के खिलाफ शानदार रहा है वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड हिंदुस्तान के खिलाफ अच्छा नहीं रहा है, लेकिन अन्य टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. हिंदुस्तान के अलावा कोलकाता में वेस्टइंडीज की टीम तीन अन्य टीमों के खिलाफ टी20 मुकाबला स्पोर्ट्स चुकी है. जिसमें सभी मुकाबले में उसे जीत मिली है. इटली को वेस्टइंडीज ने 42 रन, स्कॉटलैंड को 35 रन और इंग्लैंड को 4 विकेट से हराया था. The post ईडन गार्डन्स में हिंदुस्तान का दबदबा, वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड बेहद खराब, चौंका देंगे आंकड़े appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद नगर निगम चुनाव: 8 साल जेल में रहने के बाद संजीव सिंह ने कैसे ध्वस्त किया BJP-JMM का किला

Dhanbad Municipal Election Results, धनबाद, (प्रतीक पोपट): धनबाद की नेतृत्व में बीजेपी के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह ने दमदार वापसी की है. दमदार इसलिए क्योंकि कि वे डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में लंबे समय तक जेल में थे, लेकिन अदालत ने उन्हें उस केस से बरी कर दिया. वर्षों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद जब वे सियासत के मैदान पर वापस लौटे तो उन्होंने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए दावेदारी ठोक दी. उन्होंने बकायदा प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की. लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिला. इसके बजाय पार्टी ने संजीव कुमार को अपना समर्थन दिया. दूसरी तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता रहे चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी समर्थन की आस में पार्टी से बगावत कर झामुमो का दामन थाम लिया. झामुमो ने चंद्रशेखर अग्रवाल को अपना समर्थन दिया. जबकि कांग्रेस ने शमशेर आलम को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया. ऐसे में संजीव सिंह ने बैगर किसी के समर्थन के मैदान में उतरने का फैसला किया. बस उनके इस निर्णय से लगने लगा था कि वह बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगायेंगे. हुआ भी यही. उन्होंने झामुमो समर्थित पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल को 31,902 मतों के भारी अंतर से हरा दिया. इस जीत को धनबाद की नेतृत्व में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है. मतगणना में साफ दिखी बढ़त चुनाव परिणामों के अनुसार, संजीव सिंह को कुल 1,43,362 मत मिले. वहीं चंद्रशेखर अग्रवाल को 82,460 वोट प्राप्त हुए. भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव कुमार 57,895 लाकर चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शमशेर आलम को 59,079 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे. संजीव सिंह शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाए हुए थे. धीरे धीरे यह बढ़त और मजबूत होती गयी और अंत में ये निर्णायक साबित हुई. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी जीत के पीछे का कारण क्या है. आज हम इस लेख में यही चीज को समझने की कोशिश करेंगे. युवाओं और सोशल मीडिया ने बदला माहौल संजीव सिंह की जीत में युवाओं की भूमिका अहम रही. चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में जबरदस्त माहौल बना. बड़ी संख्या में युवाओं ने न सिर्फ ऑनलाइन प्रचार किया, बल्कि बूथ स्तर पर भी सक्रियता दिखाई. इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत और नतीजों पर पड़ा. Also Read: रांची डिप्टी मेयर के लिए बिछ गयी बिसात, हर दल के नेता जुटा रहे समीकरण, होली बाद मचेगी असली हलचल सहानुभूति लहर बनी ताकत करीब आठ साल तक जेल में रहने और नीरज सिंह हत्याकांड में बरी होने के बाद संजीव सिंह के पक्ष में सहानुभूति की लहर बनी. आम लोगों के बीच यह संदेश गया कि उन्हें नेतृत्वक साजिश के तहत फंसाया गया था. इस भावना ने मतदाताओं को उनके पक्ष में एकजुट किया. भाजपा के कोर वोट बैंक में सेंध निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद संजीव सिंह ने भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की. खासकर धनबाद और बागमारा क्षेत्र में भाजपा समर्थकों का बड़ा हिस्सा उनके साथ चला गया, जिससे मुकाबला एकतरफा होता चला गया. ‘अकेले योद्धा’ की बनी छवि चुनाव के दौरान सभी बड़े दलों का निशाना सिर्फ संजीव सिंह पर रहा. विरोधियों की इस घेराबंदी ने मतदाताओं की नजर में उनकी छवि एक ‘अकेले योद्धा’ के रूप में बना दी. यही छवि उनके लिए निर्णायक साबित हुई. 2017 में जाना पड़ा था जेल संजीव सिंह को वर्ष 2017 में अपने चचेरे भाई नीरज सिंह की हत्या की साजिश के आरोप में जेल जाना पड़ा था. वे अप्रैल 2017 से अगस्त 2025 तक न्यायिक हिरासत में रहे. 8 अगस्त 2025 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिली, जबकि 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. ‘सिंह मेंशन’ परिवार की विरासत संजीव सिंह प्रसिद्ध ‘सिंह मेंशन’ परिवार से आते हैं, जिसकी नींव उनके पिता सूर्यदेव सिंह ने रखी थी. झरिया और धनबाद की नेतृत्व में इस परिवार की गहरी पकड़ रही है. उनकी मां कुंती देवी विधायक रह चुकी हैं, जबकि वर्तमान में उनकी पत्नी रागिनी सिंह भाजपा से विधायक हैं. Also Read: झारखंड के 1.95 लाख से अधिक लोगों का वोट रद्दी, इन 3 गलतियों के कारण ‘लोकतंत्र के महापर्व’ पर लगा दाग The post धनबाद नगर निगम चुनाव: 8 साल जेल में रहने के बाद संजीव सिंह ने कैसे ध्वस्त किया BJP-JMM का किला appeared first on Naya Vichar.

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ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच टेंशन में बिहार के कई परिवार, संजय झा ने विदेश मंत्रालय को सौंपा फीडबैक

Iran USA Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने बिहार के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. जनता दल यूनाइटेड के सांसद संजय झा ने इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए बताया कि बिहार और देश के अन्य राज्यों के लाखों लोग इन देशों में काम करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों से लगातार लोगों और उनके परिजनों के फोन आ रहे हैं, जो वहां के हालातों को लेकर काफी डरे हुए हैं. संजय झा ने इस संबंध में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से विस्तार से चर्चा की है और उन्हें जमीनी स्थिति से अवगत कराया है. हिंदुस्तान प्रशासन खाड़ी देशों के नेतृत्व और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है. संजय झा ने क्या बताया सांसद संजय झा ने बताया कि युद्ध जैसे हालातों के कारण फिलहाल वहां के कई प्रमुख एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं. इससे लोगों की तुरंत वापसी में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं. उन्होंने खाड़ी देशों में रह रहे हिंदुस्तानीय लोगों से अपील की है कि वे अभी अपने घरों के भीतर ही रहें और किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करें. जैसे ही वहां की स्थिति थोड़ी सामान्य होगी और हवाई सेवाएं बहाल होंगी, हिंदुस्तान प्रशासन सभी की सुरक्षित वतन वापसी के लिए ठोस रास्ता निकालेगी. इस पूरे मामले को लेकर बिहार प्रशासन भी केंद्र के साथ तालमेल बनाए हुए है ताकि प्रवासियों को हर संभव मदद पहुंचाई जा सके. बाहर जाने वालों को रोका इस तनाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ा है जो बिहार से वापस काम पर लौटने वाले थे. हैदराबाद एयरपोर्ट पर अररिया और पूर्णिया के कई परिवारों को उस समय रोक दिया गया जब वे कतर जाने के लिए उड़ान भरने की तैयारी में थे. एयरपोर्ट अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी. इस कारण इन यात्रियों को अब वापस बिहार लौटना पड़ेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें कुवैत में रहते हैं बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय कुवैत में इस समय करीब दस लाख से ज्यादा हिंदुस्तानीय रह रहे हैं और मिसाइल हमलों के बाद वहां काफी डर का माहौल है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुवैत स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास ने एक स्पेशल एडवाइजरी जारी की है. सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. किसी भी आपात स्थिति या मदद की जरूरत होने पर दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर 96565501946 जारी किया है. इस पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: 15 साल बाद सलवार-सूट में देखा और हो गया प्यार, जानिए जयमाला स्टेज पर दुल्हन को आशिक ने क्यों मारी गोली बिहार के इस जिले को मिले 4325 करोड़ का प्रोजेक्ट और गंडक पर पुल, नीतीश प्रशासन ने केंद्र से की सिफारिश The post ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच टेंशन में बिहार के कई परिवार, संजय झा ने विदेश मंत्रालय को सौंपा फीडबैक appeared first on Naya Vichar.

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बॉर्डर 2: क्या 350 करोड़ छू पाएगी ‘बॉर्डर 2’? सामने आया 37वें दिन का कलेक्शन

Border 2 Box Office Collection Day 37: सिनेमाघरों में इन दिनों कई नई फिल्में लगी हैं, ‘बॉर्डर 2’ अब भी मजबूती से टिकी हुई है. सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ जैसे सितारों से सजी यह फिल्म दर्शकों को लगातार थिएटर तक खींच रही है. रिलीज के 36 दिन पूरे होने के बाद भी इसका प्रदर्शन पूरी तरह थमा नहीं है. चलिए आपको 37वें दिन का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बताते हैं. 37वें दिन की कमाई कितनी रही? 23 जनवरी को बड़े पर्दे पर आई इस फिल्म ने शुरुआत से ही दमदार रफ्तार पकड़ी थी. अब जब फिल्म छठे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है, तब भी इसकी कमाई जारी है. sacnilk के मुताबिक, रिलीज के 37वें दिन यानी छठे शुक्रवार को फिल्म ने करीब 20 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया. पहले हफ्ते में फिल्म ने शानदार 224.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया. दूसरे हफ्ते में कमाई 70.15 करोड़ रही. तीसरे हफ्ते में 23.35 करोड़ रुपये जुड़े. चौथे हफ्ते में यह आंकड़ा घटकर 6.6 करोड़ पर आ गया, जबकि पांचवें हफ्ते में 2.55 करोड़ की कमाई हुई. इन सभी आंकड़ों को मिलाकर 36 दिनों में फिल्म की कुल नेट कमाई 327.10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. 330 करोड़ क्लब से बस कुछ कदम दूर अब ‘बॉर्डर 2’ 330 करोड़ क्लब में एंट्री के बेहद करीब है. लगभग 3 करोड़ रुपये और जुड़ते ही यह नया रिकॉर्ड बना लेगी. उम्मीद की जा रही है कि छठे वीकेंड में यह लक्ष्य हासिल हो सकता है. हालांकि कमाई की रफ्तार अब पहले जैसी नहीं रही, लेकिन स्थिर प्रदर्शन फिल्म की मजबूत पकड़ को दिखाता है. क्या यह फिल्म 350 करोड़ का आंकड़ा भी छू पाएगी या नहीं, ये तो आने वाले दिनों में पता चलेगा. यह भी पढ़ें- बॉर्डर 2: 36वें दिन 330 करोड़ क्लब के करीब पहुंची फिल्म, जानें कुल कमाई The post बॉर्डर 2: क्या 350 करोड़ छू पाएगी ‘बॉर्डर 2’? सामने आया 37वें दिन का कलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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ईरान किस सैन्य बल के लिए जाना जाता है? पढ़ें जीके के 100 ऐसे सवाल जवाब 

Top 100 GK Questions: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद वहां के माहौल बदल गए हैं. यह घटनाक्रम न केवल अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया है. ऐसे में आइए जानते हैं इजरायल और ईरान से जुड़े 100 सवाल जवाब. इजरायल-ईरान पर जीके के 10 सवाल जवाब इजरायल किस क्षेत्र में स्थित है?  मध्य पूर्व 2. ईरान की राजधानी क्या है? तेहरान 3. इजरायल की आर्थिक राजधानी कौन-सी है? तेल अवीव 4. ईरान की आधिकारिक भाषा क्या है? फारसी 5. इजरायल की संसद को क्या कहते हैं? केनेस्सेट 6. ईरान की संसद का नाम क्या है? मजलिस 7. इजरायल की स्थापना कब हुई? 1948 8. 1979 में ईरान में कौन-सी क्रांति हुई? इस्लामिक क्रांति 9. ईरान किस जलडमरूमध्य के पास स्थित है? होर्मुज जलडमरूमध्य 10. होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है? वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग इजरायल- ईरान से जुड़े जीके के 20 सवाल 11. इजरायल का प्रमुख सहयोगी देश कौन है? संयुक्त राज्य अमेरिका 12. ईरान किस सैन्य बल के लिए जाना जाता है? रिवोल्यूशनरी गार्ड 13. Islamic Revolutionary Guard Corps क्या है? ईरान की विशेष सैन्य इकाई 14. Hezbollah किस देश में सक्रिय है? लेबनान 15. Hamas कहां सक्रिय है? गाजा पट्टी 16. गाजा पट्टी किस क्षेत्र में है? फिलिस्तीन क्षेत्र 17. इजरायल और ईरान के बीच सीधी सीमा है? नहीं 18. दोनों देशों के बीच तनाव का मुख्य कारण क्या है? क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा मुद्दे 19. ईरान किस देश का समर्थन करता है? सीरिया 20. इजरायल किसे अपना सबसे बड़ा खतरा मानता है? ईरान के परमाणु कार्यक्रम को 21. ईरान का परमाणु समझौता किस नाम से जाना जाता है? JCPOA 22. JCPOA कब हुआ? 2015 23. JCPOA से अमेरिका कब बाहर हुआ? 2018 24. ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध क्यों लगे? परमाणु कार्यक्रम 25.इजरायल किस संगठन का सदस्य है? संयुक्त राष्ट्र 26. ईरान किस संगठन का सदस्य है? संयुक्त राष्ट्र 27. इजरायल का आधिकारिक धर्म क्या है? यहूदी धर्म प्रमुख 28. ईरान का आधिकारिक धर्म क्या है? शिया इस्लाम 29. ईरान की मुद्रा क्या है? रियाल 30. इजरायल की मुद्रा क्या है? शेकेल ईरान- इरायल की मुद्रा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध को लेकर जीके के 20 सवाल जवाब 31. इजरायल की खुफिया एजेंसी क्या है? मोसाद 32. ईरान की विशेष विदेश इकाई क्या कहलाती है? कुद्स फोर्स 33. कुद्स फोर्स किसका हिस्सा है? IRGC 34. इजरायल किस तकनीक के लिए प्रसिद्ध है? आयरन डोम 35. आयरन डोम क्या है? मिसाइल रक्षा प्रणाली 36. ईरान किस प्रकार की मिसाइलों के लिए जाना जाता है? बैलिस्टिक मिसाइल 37. लेबनान में किस संगठन का प्रभाव है? हिज़्बुल्लाह 38. सीरिया में ईरान की क्या भूमिका है? प्रशासन का समर्थन 39. इजरायल सीरिया में क्यों हमले करता है? ईरानी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 40. ईरान इजरायल को मान्यता देता है? नहीं 41. इजरायल किस समुद्र के किनारे है? भूमध्य सागर 42. ईरान किस खाड़ी के पास है? फारस की खाड़ी 43. फारस की खाड़ी क्यों अहम है? तेल भंडार 44. इजरायल की सेना को क्या कहते हैं? IDF 45. ईरान की सेना का नाम? आर्टेश 46. इजरायल और ईरान का संघर्ष प्रत्यक्ष है या परोक्ष? अधिकतर परोक्ष 47. परोक्ष संघर्ष का उदाहरण? प्रॉक्सी समूहों के जरिए 48. यमन में किस समूह को ईरान से समर्थन मिलता है? हूती 49. हूती किस क्षेत्र में सक्रिय हैं? लाल सागर क्षेत्र 50.लाल सागर क्यों महत्वपूर्ण है? व्यापार मार्ग इजरायल-ईरान पर आधारित जनरल नॉलेज के 30 और महत्वपूर्ण सवाल-जवाब 51. इजरायल का प्रमुख शहर? यरुशलम 52. ईरान का सर्वोच्च नेता कौन होता है? सुप्रीम लीडर 53. इजरायल का शासन प्रणाली क्या है? संसदीय लोकतंत्र 54. ईरान की शासन प्रणाली? इस्लामिक गणराज्य 55. 2023-24 में तनाव क्यों बढ़ा? क्षेत्रीय हमलों के कारण 56. गाजा संघर्ष का असर किस पर पड़ा? क्षेत्रीय स्थिरता 57. इजरायल किस तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी है? साइबर सुरक्षा 58. ईरान किस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाना चाहता है? मध्य पूर्व 59. इजरायल की जनसंख्या लगभग कितनी है? करीब 1 करोड़ 60. ईरान की जनसंख्या लगभग कितनी है? 8 करोड़ से अधिक 61. इजरायल किस महाद्वीप में है? एशिया 62. ईरान किस महाद्वीप में है? एशिया 63. इजरायल का राष्ट्रीय दिवस? स्वतंत्रता दिवस 64. ईरान का राष्ट्रीय दिवस? इस्लामिक क्रांति दिवस 65. इजरायल का आधिकारिक समय क्षेत्र? IST (Israel Standard Time) 66. ईरान का समय क्षेत्र? IRST 67. इजरायल की सीमा किन देशों से लगती है? मिस्र, जॉर्डन आदि 68. ईरान की सीमा किन देशों से लगती है? इराक, पाकिस्तान आदि 69. इजरायल की प्रमुख निर्यात वस्तु? तकनीक 70. ईरान की प्रमुख निर्यात वस्तु? तेल 71. दोनों देशों के बीच साइबर हमलों की समाचारें क्यों आती हैं? डिजिटल युद्ध 72. इजरायल का प्रमुख बंदरगाह? हाइफ़ा 73. ईरान का प्रमुख बंदरगाह? बंदर अब्बास 74. इजरायल की रक्षा नीति कैसी है? आक्रामक सुरक्षा 75. ईरान की क्षेत्रीय नीति कैसी है? प्रभाव विस्तार 76. क्या दोनों देशों के राजनयिक संबंध हैं? नहीं 77. संयुक्त राष्ट्र की भूमिका क्या है? शांति प्रयास 78. क्या दोनों परमाणु क्षमता से जुड़े हैं? हां, विवाद का विषय 79. IAEA क्या करता है? परमाणु निगरानी 80. IAEA किससे जुड़ा है? संयुक्त राष्ट्र इजरायल-ईरान पर जीके 20 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब 81. इजरायल किस गठबंधन का हिस्सा नहीं है? NATO 82. ईरान किस सैन्य गठबंधन में प्रमुख है? कोई औपचारिक नहीं 83. संघर्ष का वैश्विक असर? तेल कीमतें 84. होर्मुज बंद होने का असर? वैश्विक व्यापार प्रभावित 85. क्या दोनों के बीच सीधा युद्ध हुआ है? सीमित टकराव 86. प्रॉक्सी युद्ध का अर्थ? अन्य समूहों के माध्यम से लड़ाई 87. क्षेत्रीय तनाव किन देशों को प्रभावित करता है? लेबनान, सीरिया आदि 88. साइबर युद्ध क्यों अहम है? आधुनिक सुरक्षा 89. इजरायल का रक्षा बजट कैसा है? उच्च 90. ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध क्यों हैं? परमाणु और क्षेत्रीय गतिविधियां 91. क्या दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई? प्रत्यक्ष नहीं 92. वैश्विक शक्तियां किसे समर्थन देती हैं? अलग-अलग पक्ष 93. संघर्ष से किसे आर्थिक नुकसान? पूरे क्षेत्र को 94. क्या दोनों OPEC सदस्य हैं? ईरान हां, इजरायल नहीं 95. इजरायल का प्रमुख एयरपोर्ट? बेन गुरियन 96. ईरान का

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