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Author name: Vinod Jha

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Nagpur Explosion : कारखाने में धमाका, 17  की मौत, मची अफरा-तफरी

Nagpur Explosion : पुलिस ने बताया कि नागपुर जिले के काटोल में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाले कारखाने में हुए धमाके में 17 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में 18 लोग घायल भी हुए हैं. पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट कटोल तहसील के राउलगांव स्थित खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए विस्फोटक पदार्थ बनाने वाली कंपनी ‘एसबीएल एनर्जी लिमिटेड’ के कारखाने में हुआ. #WATCH | Maharashtra | Visuals from the spot at SBL Energy Limited in Nagpur where 17 people died and 18 were critically injured after an explosion NDRF and SDRF teams working on the spot https://t.co/gyQWRgsJiT pic.twitter.com/adOibBhAcj — ANI (@ANI) March 1, 2026 एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि यह घटना कंपनी की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में सुबह सात बजे से सवा सात बजे के बीच हुई. पुलिस ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद घायलों को नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं सीएम देवेंद्र फडणवीस सीएम देवेंद्र फडणवीस ने फैक्ट्री में हुए धमाके को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताया. उन्होंने पुष्टि की कि हादसे में 17 लोगों की मौत हुई है और 18 अन्य घायल हुए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं. धमाके के तुरंत बाद जिला कलेक्टर व एसपी मौके पर पहुंच गए थे. फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि NDRF और SDRF की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं, जबकि PESO और DISH की टीमें भी पहुंच चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने हादसे में हुई मौतों की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. विस्फोट का सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. The post Nagpur Explosion : कारखाने में धमाका, 17  की मौत, मची अफरा-तफरी appeared first on Naya Vichar.

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अयातुल्ला अली खामेनेई: एक युग का अंत, आखिरी सांस तक इजरायल-US से लड़ते रहे, ऐसा रहा 86 साल का सफर

Iran Ayatollah Ali Khamenei Death: मध्य पूर्व की नेतृत्व में शायद ही कोई घटना इतनी दूरगामी साबित हो जितनी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई घोषणा और बाद में ईरानी मीडिया की पुष्टि ने न सिर्फ ईरान बल्कि पूरे क्षेत्र की शक्ति-संरचना को हिला दिया है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान और इजरायल के बीच सीधा सैन्य टकराव अपने चरम पर है और अमेरिका खुलकर इजरायल के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है. इसी साझा कार्रवाई में 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर की हवाई हमले में मौत हो गई. 86 साल के खामेनेई का जीवन सफर कैसा रहा? आइए इस पर एक नजर डालते हैं. मशहद से तेहरान तक: खामेनेई का सफर अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के पवित्र शहर मशहद में हुआ. धार्मिक परिवार में पले-बढ़े खामेनेई ने कम उम्र में कुरान और इस्लामी शिक्षा ग्रहण की. बाद में क़ोम जाकर उन्होंने उन्नत इस्लामी अध्ययन किया, जहाँ वे अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमैनी के विचारों से गहराई से प्रभावित हुए. 1960 और 70 के दशक में उन्होंने शाह के खिलाफ आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा. 1979 की इस्लामिक क्रांति ने उनके जीवन की दिशा बदल दी. क्रांति के बाद वे सत्ता के केंद्र में तेजी से उभरे और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के सदस्य बने, फिर रक्षा मंत्रालय में अहम जिम्मेदारी संभाली और अंततः 1981 में ईरान के राष्ट्रपति चुने गए. सर्वोच्च नेता के रूप में 36 साल 1989 में खोमैनी की मृत्यु के बाद, Assembly of Experts ने खामेनेई को सर्वोच्च नेता नियुक्त किया. यहीं से उनका सबसे लंबा और विवादास्पद अध्याय शुरू हुआ. खामेनेई ने खुद को सिर्फ नेतृत्वक नहीं बल्कि धार्मिक सर्वोच्च सत्ता के रूप में स्थापित किया. धीरे-धीरे उन्होंने यह धारणा मजबूत की कि वे ‘धरती पर ईश्वर के प्रतिनिधि’ हैं. इसका संकेत उनके भाषणों और दावों में बार-बार दिखा. उनके शासनकाल में इस्लामिक रिवोल्यूश्नरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान की सबसे ताकतवर संस्था बनकर उभरी. सेना, नौसेना, वायुसेना, खुफिया तंत्र और विदेशी अभियानों तक फैला IRGC, खामेनेई की असली शक्ति था. राष्ट्रपति और संसद से ऊपर, खामेनेई सीधे इसी ढांचे के जरिए अपने फैसले लागू करते थे. अमेरिका ‘सबसे बड़ा दुश्मन’ खामेनेई की नेतृत्व का केंद्रबिंदु हमेशा अमेरिका विरोध रहा. वे अमेरिका को ‘ईरान का नंबर वन दुश्मन’ कहते रहे. उनके नेतृत्व में ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम आगे बढ़ा, जिसने पश्चिमी देशों के साथ तनाव को और गहरा किया. भले ही उन्होंने परमाणु हथियारों पर धार्मिक फ़तवा जारी किया हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय कभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हुआ. इस टकराव की कीमत ईरान को भारी पड़ी. कड़े आर्थिक प्रतिबंध, अंतरराष्ट्रीय अलगाव और देश के भीतर बढ़ती बेरोज़गारी व महंगाई. स्त्रीओं पर सख्ती, नेतृत्वक विरोध का दमन और बार-बार कुचले गए जनआंदोलन उनके शासन की पहचान बन गए. खामेनेई की मौत और क्षेत्रीय भूचाल अब उनकी मौत ने पूरे मध्य पूर्व को अनिश्चितता के दौर में धकेल दिया है. ईरान ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की है, लेकिन सड़कों पर सन्नाटा और सत्ता के गलियारों में बेचैनी साफ महसूस की जा रही है. सवाल यह है कि क्या इस्लामिक गणराज्य बिना खामेनेई के उसी तरह टिक पाएगा? इजरायल और अमेरिका के लिए यह रणनीतिक जीत हो सकती है, लेकिन इसके परिणाम खतरनाक भी हो सकते हैं. ईरान बदले की कार्रवाई कर सकता है, और क्षेत्रीय युद्ध और व्यापक रूप ले सकता है. खाड़ी देश, इजरायल, लेबनान और इराक सब इसकी चपेट में आ सकते हैं. जिसका संकेत ईरान ने हमले करके दर्शा भी दिए थे.  ईरान को लगा भारी झटका पिछले कुछ वर्षों से इजरायल और ईरान के बीच छद्म युद्ध चल रहा था. जिसमें, सीरिया, लेबनान, गाजा और यमन इसके प्रमुख मोर्चे रहे. लेकिन फरवरी के आखिरी सप्ताह में यह संघर्ष खुली जंग में बदल गया, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु, मिसाइल और नेतृत्व से जुड़े ठिकानों पर संयुक्त हमले किए. तेहरान में खामेनेई के कंपाउंड को निशाना बनाया जाना इसी रणनीति का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम था. इन हमलों का उद्देश्य केवल सैन्य ढांचे को कमजोर करना नहीं था, बल्कि ईरानी सत्ता की वैचारिक रीढ़ को तोड़ना भी था. खामेनेई की मौत की समाचार इसी संदर्भ में सामने आई. यह एक ऐसा झटका जो ईरानी इस्लामिक गणराज्य के लिए केवल सैन्य नहीं बल्कि वैचारिक हार भी मानी जा रही है. एक युग का अंत अली खामेनेई का जीवन एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने शाह के खिलाफ संघर्ष से लेकर इस्लामी शासन की सबसे ऊंची कुर्सी तक का सफर तय किया. समर्थकों के लिए वे इस्लामी प्रतिरोध के प्रतीक थे, तो आलोचकों के लिए दमन और तानाशाही का चेहरा. उनकी मौत के साथ ही ईरान के इतिहास का एक निर्णायक अध्याय बंद हो गया है. अब सवाल यह नहीं कि खामेनेई कौन थे, बल्कि यह है कि उनके बाद ईरान क्या बनेगा?  ये भी पढ़ें:- ईरान: खामेनेई की मौत के बाद कौन लेगा उनकी जगह? 5 नजदीकी या उनका बेटा बनेगा सुप्रीम लीडर ये भी पढ़ें:- इजरायल ने खत्म कर दी ईरानी सेना की लीडरशिप, 7 बड़े अधिकारी मारे गए The post अयातुल्ला अली खामेनेई: एक युग का अंत, आखिरी सांस तक इजरायल-US से लड़ते रहे, ऐसा रहा 86 साल का सफर appeared first on Naya Vichar.

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इंस्टाग्राम पर फीड क्लीन करना आसान, जानिए Bulk Delete और Archive करने का तरीका

आज की डिजिटल दुनिया में सोशल मीडिया प्रोफाइल को अपडेटेड और आकर्षक बना रखना बेहद जरूरी हो गया है. इंस्टाग्राम ने यूजर्स की इसी परेशानी को दूर करते हुए नया फीचर पेश किया है, जिससे आप अब एक साथ कई पोस्ट डिलीट या आर्काइव कर सकते हैं. क्यों जरूरी है Bulk Post Management? समय बचाने और प्रोफाइल को जल्दी रीफ्रेश करने के लिए पुराने या कमजोर परफॉर्मेंस वाले कंटेंट हटाने के लिए ब्रांडिंग और विजुअल स्टाइल को एक जैसा बनाये रखने के लिए बिना थर्ड-पार्टी ऐप्स के सुरक्षित मैनेजमेंट के लिए. डिलीट और आर्काइव करने में फर्क क्या है? Delete: पोस्ट हमेशा के लिए हट जाता है और वापस नहीं आता. Archive: पोस्ट पब्लिक से छिप जाता है लेकिन आपके अकाउंट में सुरक्षित रहता है. जरूरत पड़ने पर आप इसे फिर से बहाल कर सकते हैं. स्टेप-बाय-स्टेप गाइड इंस्टाग्राम ऐप खोलें और प्रोफाइल पेज पर जाएं. ऊपर दाईं ओर तीन लाइन वाले मेन्यू पर टैप करें. “Your Activity” चुनें. “Photos and Videos” → “Posts” पर जाएं. Sort & Filter से पोस्ट को डेट या टाइप के हिसाब से व्यवस्थित करें. “Select” पर टैप करके कई पोस्ट चुनें. अब “Delete” या “Archive” विकल्प चुनें. प्रोफाइल को क्लीन बनाना आसान इंस्टाग्राम का यह फीचर क्रिएटर्स, बिजनेस और आम यूजर्स सभी के लिए बेहद उपयोगी है. अब प्रोफाइल को क्लीन और ब्रांड-फ्रेंडली बनाये रखना पहले से कहीं आसान हो गया है. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल क्या कई पोस्ट एक साथ डिलीट हो सकते हैं? हां, “Your Activity” सेक्शन से. Instagram Bulk Post Management: क्या लिमिट है? इंस्टाग्राम ने कोई तय सीमा नहीं बताई, लेकिन छोटे बैच में डिलीट करना बेहतर है. क्या डिलीट करने से फॉलोअर्स कम होंगे? नहीं, लेकिन हाई-एंगेजमेंट पोस्ट हटाने से मेट्रिक्स प्रभावित हो सकते हैं. क्या डिलीट किये गए पोस्ट वापस आ सकते हैं? नहीं, केवल आर्काइव किये गए पोस्ट ही बहाल किए जा सकते हैं. यह भी पढ़ें: Instagram पर न ऑनलाइन दिखेंगे और न ही आपकी लास्ट सीन, बस इस सेटिंग को कर दें ऑफ The post इंस्टाग्राम पर फीड क्लीन करना आसान, जानिए Bulk Delete और Archive करने का तरीका appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के सारंडा जंगल में IED विस्फोट, घायल अफसर एयरलिफ्ट

IED Blast in West Singhbhum, पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी सिंहभूम में सारंडा के घने जंगलों में रविवार को नक्सलियों के खिलाफ चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट हुआ है. नक्सलियों द्वारा बिछाये गये इस आईईडी की चपेट में आकर 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गये. धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज जंगल के काफी दूर तक सुनाई दी. गुप्त सूचना मिलने के बाद निकली थी टीम जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी. इसी आधार पर कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना हुई थी. अभियान के दौरान जैसे ही टीम दुर्गम और घने जंगल क्षेत्र में आगे बढ़ी, उसी वक्त जमीन के नीचे प्लांट किया गया आईईडी विस्फोट कर गया. Also Read: Giridih: रिवाल्वर की नोंक पर भरकट्टा के व्यवसाय से जेवरात समेत 7 लाख 50 हजार की लूट जवानों ने संभाली स्थिति ब्लास्ट के तुरंत बाद मौके पर मौजूद जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए पूरे इलाके को घेर लिया. सुरक्षा बलों के जवानों ने किसी भी संभावित नक्सली हमले की आशंका को देखते हुए मोर्चा संभाल लिया है. तुरंत ही घटना की सूचना पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गयी. इसके बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों को इलाके में भेजकर सर्च ऑपरेशन को और तेज किया गया, ताकि जंगल में नक्सलियों की किसी और साजिश को नाकाम किया जा सके. घायल जवान को एयरलिफ्ट करने की तैयारी घायल सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची रेफर करने का निर्णय लिया गया है. उन्हें एयरलिफ्ट कर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. स्पोर्ट्सगांव स्थित हेलीपैड पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है. वहां से उन्हें सीधे राज अस्पताल ले जाया जाएगा. घटना के बाद से पूरे इलाके में हाई अलर्ट है. सुरक्षा बल की जंगल में तलाशी अभियान लगातार जारी है. Also Read: Bokaro: कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने बेरमो में भगवान परशुराम की प्रतिमा का किया अनावरण The post झारखंड के सारंडा जंगल में IED विस्फोट, घायल अफसर एयरलिफ्ट appeared first on Naya Vichar.

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ईरान: खामेनेई की मौत के बाद कौन लेगा उनकी जगह? 5 नजदीकी या उनका बेटा बनेगा सुप्रीम लीडर

Who after Khamenei: इजरायली एयरफोर्स ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई को एयरस्ट्राइक में मार दिया. शनिवार को तेहरान में खामेनेई के आधिकारिक आवास और कार्यालय पर हमला किया गया, जहां उनके साथ उनकी बेटी दामाद और अन्य लोगों की मौत हो गई. ईरान का पावर स्ट्रक्चर ऐसा है, जिसमें सभी नीतिगत या शासन वाले फैसले सुप्रीम लीडर ही लेते हैं. उनकी मौत के बाद, ईरान में सत्ता संकट उत्पन्न हो गया है, ऐसे में अब देश की कमान किसके हाथ में होगी? इस प्रश्न का जवाब शायद खामेनेई ही तय करके गए थे, लेकिन इसका खुला ऐलान नहीं हुआ था.   खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 40 दिनों के शोक और 7 दिनों की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है. 1989 से ईरान का नेतृत्व कर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई मध्य पूर्व के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले राष्ट्राध्यक्ष थे. 1979 की इस्लामी क्रांति के रूहोल्लाह खुमैनी के बाद खामेनेई ने शासन संभाला, राष्ट्रपति बने, आईआरजीसी बनाई, ईरान पर कठोरता से शासन किया, लेकिन इजरायल के हमले में 86 वर्षीय नेता की मौत हो गई.  अब इस्लामिक रिपबल्कि नए सर्वोच्च नेता के चयन की तैयारी कर रहा है. हालांकि इसका चयन कैसे होता है, इसे संक्षिप्त तरीके से समझ लेते हैं.  सर्वोच्च नेता का चयन कैसे होता है? ईरान के संविधान के अनुसार, विशेषज्ञों की सभा (मजलिस-ए-खोबरेगान-ए-रहबरी) सर्वोच्च नेता की नियुक्ति और निगरानी करता है. यह व्यवस्था ‘विलायत-ए-फकीह’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार केवल कोई प्रमुख इस्लामी धर्मगुरु ही इस पद पर आसीन हो सकता है. 88 सदस्यों वाली यह संस्था इस्लामिक स्कॉलर्स से बनी होती है, जिन्हें जनता सीधे मतदान के जरिये आठ साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है. इसके संवैधानिक दायित्वों में सर्वोच्च नेता की नियुक्ति, निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पद से हटाना शामिल है. हालाँकि सुप्रीम लीडर को हटाना आसान नहीं होता. असेंबली के उम्मीदवारों की छँटनी गार्जियन काउंसिल करता है. खुद गार्जियन काउंसिल के सदस्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सर्वोच्च नेता द्वारा चुने जाते हैं. हालांकि, यह सत्ता संरचना में एक तरह का क्लोज्ड सर्कल जैसा ही है.  खामेनेई की जगह लेने की दौड़ में प्रमुख नाम अमेरिका स्थित थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस की हालिया रिपोर्ट में संभावित उत्तराधिकारियों की चर्चा की गई थी. इसमें कई नामों का उल्लेख किया गया था. देखें-  होज्जत-उल-इस्लाम मोहसिन कोमी– खामेनेई के करीबी सलाहकार; समर्थकों का मानना है कि वह संक्रमण काल में निरंतरता और स्थिरता बनाए रख सकते हैं. आयतुल्लाह अलीरेजा आराफी– वरिष्ठ मौलवी; गार्जियन काउंसिल और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स दोनों के सदस्य; ईरान की मदरसा व्यवस्था के प्रमुख. आयतुल्लाह मोहसिन अराकी– असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के वरिष्ठ सदस्य; मज़बूत धार्मिक पृष्ठभूमि. आयतुल्लाह गुलाम हुसैन मोहसेनी एजई– वर्तमान में ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख; सुरक्षा और प्रशासनिक अनुभव. आयतुल्लाह हाशेम होसैनी बुशेहरी– कोम के जुमे की नमाज के इमाम और असेंबली के सदस्य. ये भी पढ़ें:- ईरानी हमलों से दहला यूएई, दुबई में बुर्ज खलीफा, पाम जुमैरा, एयरपोर्ट बने निशाना बेटे को भी बनाया जा सकता है सुप्रीम लीडर हालांकि, खामेनेई ने अपने जीवनकाल में किसी उत्तराधिकारी का औपचारिक ऐलान नहीं किया था, लेकिन खामेनेई के बेटे का नाम भी ईरान के सुप्रीम लीडर बनने के लिए आगे आ सकता है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति को लेकर जल्दबाजी में फैसला लेना चाहता है. इसके लिए संवैधानिक प्रक्रिया को किनारे करने की कोशिश भी की जा सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के शीर्ष नेतृत्व यह प्रयास कर रहा है कि रविवार, 1 मार्च की सुबह तक खामेनेई के उत्तराधिकारी के नाम पर सहमति बना ली जाए. ऐसे में दिवंगत नेता अली खामनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता घोषित किया जा सकता है. इन सभी के अलावा फिलहाल ईरान में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी शासन कर रहे हैं. उनके नाम पर सहमति भी बन सकती है, क्योंकि अगर ईरान लोकतंत्र के रास्ते पर चलना चाहता है, तो उन्हें चुन सकता है. इसके साथ ही खामेनेई की अनुपस्थिति में ईरान की सिक्योरिटी काउंसिल के अध्यक्ष अली लाजीरानी भी ईरान के धार्मिक शासन को अपने हाथ में ले सकते हैं. फिलहाल ईरान इसकी घोषणा करने में देरी भी कर सकता है, क्योंकि इजरायल और अमेरिकी के हमले अभी रुके हुए हैं, पूरी तरह बंद नहीं. आने वाले समय में स्थिति और साफ हो सकती है. ये भी पढ़ें:- ईरान के हमले में मारे गए सैकड़ों US सैनिक, IRGC का दावा, मिडिल ईस्ट में 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर किया था हमला ये भी पढ़ें:- इजरायल ने खत्म कर दी ईरानी सेना की लीडरशिप, 7 बड़े अधिकारी मारे गए The post ईरान: खामेनेई की मौत के बाद कौन लेगा उनकी जगह? 5 नजदीकी या उनका बेटा बनेगा सुप्रीम लीडर appeared first on Naya Vichar.

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इजरायल ने खत्म कर दी ईरानी सेना की लीडरशिप, 7 बड़े अधिकारी मारे गए

Israel Iran War: इजरायल के हमले में ईरान को भारी नुकसान हुआ है. अमेरिका के साथ मिलकर इजरायल ने ईरान के ऊपर 200 हवाई जहाजों के द्वारा अटैक किया. इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है. खामेनेई के अलावा ईरान के डिफेंस ऑफिशियल्स की भी बड़ी संख्या में कैजुअल्टी हुई है, जिसमें ईरानी रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और आईआरजीसी के कमांडर मोहम्मद पकपूर  शामिल हैं. इजरायली वायुसेना ने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनमें कथित तौर पर ईरान के शीर्ष रक्षा नेतृत्व से जुड़े सात वरिष्ठ अधिकारी मारे गए. इनमें अली शमखानी और मोहम्मद पाकपौर शामिल हैं. एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में इजरायली वायुसेना ने लिखा, ‘आईएएफ के लड़ाकू विमानों ने पूरे ईरान में सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमले किए और ईरानी रक्षा नेतृत्व के 7 वरिष्ठ अधिकारियों- अली शमखानी, मोहम्मद पाकपौर, सालेह असदी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नसीरजादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मोजफ्फरी-निया को निष्क्रिय किया. इनके बिना दुनिया एक बेहतर जगह है.’ हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है. कौन थे ये अधिकारी? अली शमखानी- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के पूर्व प्रमुख, ईरानी सेना के पूर्व प्रमुख और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शीर्ष सलाहकार. इजरायल ने पिछले जून के युद्ध में उन्हें निशाना बनाया था और शुरुआत में माना गया था कि वे मारे गए हैं. मोहम्मद पाकपौर- IRGC के कमांडर. IDF के अनुसार, पाकपौर ईरान की ‘इजरायल को नष्ट करने की योजना’ का नेतृत्व कर रहे थे. आईडीएफ का कहना है कि वे इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए जिम्मेदार थे, ईरान के प्रॉक्सी समूहों का समर्थन करते थे, और ‘पिछले महीने आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान ईरानी प्रदर्शनकारियों के हिंसक दमन की प्रभावी कमान’ संभाल रहे थे. सालह असदी- ईरान के सैन्य आपातकालीन मुख्यालय के खुफिया प्रमुख और ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के वरिष्ठ खुफिया अधिकारी. आईडीएफ के मुताबिक, वे भी ईरान की ‘इजरायल को नष्ट करने की योजना’ में शामिल थे. मोहम्मद शिराजी- 1989 से खामेनेई के सैन्य ब्यूरो के प्रमुख. आईडीएफ के अनुसार, वे ‘सशस्त्र बलों के शीर्ष कमांडरों और सर्वोच्च नेता के बीच संपर्क’ के लिए जिम्मेदार थे और ‘ईरानी आतंकवादी शासन के शीर्ष स्तरों में एक केंद्रीय शख्सियत’ थे. अजीज नसीरजादेह- ईरान के रक्षा मंत्री; ईरानी वायुसेना के पूर्व प्रमुख और डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ. आईडीएफ का कहना है कि वे ‘लंबी दूरी की मिसाइलों और शासन के प्रॉक्सी समूहों को सौंपे जाने वाले हथियारों के उत्पादन करने वाले उद्योगों’ के लिए जिम्मेदार थे, साथ ही डिफेंसिव इनोवेशन एंड रिसर्च का संगठन (SPND) के भी प्रभारी थे, जिसने परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों के क्षेत्रों में परियोजनाओं को आगे बढ़ाया. हुसैन जबल-अमेलियन- SPND के अध्यक्ष. आईडीएफ के अनुसार, वे ‘शासन के लिए उन्नत तकनीकों और हथियारों के विकास’ के जिम्मेदार थे और वर्षों तक ‘परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों’ से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाते रहे. रेजा मोजफ्फरी-निया- SPND के पूर्व अध्यक्ष. आईडीएफ का कहना है कि उन्होंने ‘परमाणु हथियार विकसित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया.’ इजरायल का दावा है कि उसके हमले में ईरान के 40 वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए हैं. आईडीएफ ने एक पोस्ट में कहा, ‘वायुसेना ने कुछ समय पहले एक और लहर में हमले पूरे किए, जिनका लक्ष्य ईरानी आतंकवादी शासन की बैलिस्टिक मिसाइल व्यवस्था और वायु रक्षा प्रणालियां थीं. ये हमले केंद्रीय ईरान के अतिरिक्त क्षेत्रों में किए गए.’ इन हमलों ने ईरान में भारी तबाही मचाई. अब तक ईरान में 200 से ज्यादा मौतें हुई हैं. इसमें एक स्कूल भी निशाना बना, जहां 40 लड़कियों की मौत हो गई. शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के संयुक्त मिसाइल हमलों के जवाब में  ईरान ने इजरायल और कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया.  ये भी पढ़ें:- ईरानी हमलों से दहला यूएई, दुबई में बुर्ज खलीफा, पाम जुमैरा, एयरपोर्ट बने निशाना ये भी पढ़ें:- ईरान के हमले में मारे गए सैकड़ों US सैनिक, IRGC का दावा, मिडिल ईस्ट में 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर किया था हमला The post इजरायल ने खत्म कर दी ईरानी सेना की लीडरशिप, 7 बड़े अधिकारी मारे गए appeared first on Naya Vichar.

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एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी, जानें 1 मार्च 2026 से क्या है ताजा भाव

LPG Prices From 1 March: देशभर में होली के त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं, और इसी बीच आम जनता के लिए राहत भरी समाचार आई है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने मार्च 2026 के लिए एलपीजी (LPG) सिलेंडर की नई कीमतें जारी कर दी हैं. इस बार 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 28 रुपये से लेकर 31 रुपये तक की कटौती की गई है. हालांकि, घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. आइए जानते हैं आपके शहर में अब सिलेंडर किस दाम पर मिलेगा. कमर्शियल सिलेंडर कितना सस्ता हुआ? फरवरी में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद, मार्च का महीना राहत लेकर आया है. दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 1740.5 रुपये का मिलेगा, जो पहले 1768.5 रुपये था. सबसे बड़ी कटौती कोलकाता में देखी गई है, जहां दाम 31 रुपये घटकर 1844.5 रुपये हो गए हैं. मुंबई में इसकी कीमत 1692 रुपये और चेन्नई में 1899.5 रुपये तय की गई है. घरेलू गैस के दाम क्यों नहीं बदले? जहां एक तरफ कमर्शियल सिलेंडर के दाम घट रहे हैं, वहीं 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतें 8 अप्रैल 2025 से स्थिर बनी हुई हैं. दिल्ली में यह आज भी 853 रुपये में मिल रहा है. प्रशासन और तेल कंपनियों (जैसे Indian Oil, HPCL और BPCL) ने पिछले करीब एक साल से आम जनता की रसोई के बजट को प्रभावित नहीं होने दिया है. आपके शहर में अब क्या है नया रेट? शहर 19kg सिलेंडर (नया रेट) 14.2kg सिलेंडर (रेट) दिल्ली ₹1740.5 ₹853 मुंबई ₹1692 ₹852.50 कोलकाता ₹1844.5 ₹879 चेन्नई ₹1899.5 ₹868.50 ये भी पढ़ें: क्या आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल हुआ सस्ता? देखें 1 मार्च की रेट लिस्ट The post एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी, जानें 1 मार्च 2026 से क्या है ताजा भाव appeared first on Naya Vichar.

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घर बैठे बनाएं होली के लिए होममेड कलर, ऐसे करें तैयार 

होली रंगों का त्योहार है इस दिन घर पर बाजार से कई तरह के रंग आते है. ऐसे में अब आप भी होली के खास अवसर पर घर पर ही होममेड कलर बना सकते हैं. आइए जानते हैं इस आर्टिकल में घर पर कुछ चीजों का इस्तेमाल करके 4 तरह के रंग बनाने का आसान तरीका.  पालक से हरा रंग (Green Colour from Spinach) हरा रंग बनाने के लिए आप पालक के पत्ते का इस्तेमाल कर सकते है. आप पालक को अच्छे से धो लें और थोड़ा सा पानी के साथ मिक्सर में पीस लें. अब आप इस पेस्ट को छान लें, जो हरा रस निकलेगा उसे आप इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आपको सूखा रंग चाहिए तो आप इसके रस को आटे में मिलाकर धूप में सुखाकर रखें. सूखने के बाद हरा रंग होली के लिए तैयार है.  चुकंदर से लाल/गुलाबी रंग (Red/Pink Colour from Beetroot) चुकंदर अपने लाल और गुलाबी रंग के लिए हमेशा से जाना जाता है. होली के लिए आप चुकंदर को काटकर पानी के साथ डालकर मिक्सर में पीस लें. आप इसका रस छानकर इस्तेमाल कर सकते हैं. सूखा रंग बनाने के लिए आप चुकंदर के रस को आटे या कॉर्नफ्लोर में रस मिलाकर धूप में सुखाएं. सूखने के बाद ये गुलाबी रंग का हो जाएगा.  हल्दी से पीला रंग (Yellow Colour from Turmeric) खाने बनाने के टाइम गलती से हाथ में हल्दी लग जाती हैं तो आपने देखा ही होगा कि ये पीले रंग की हो जाती हैं. ऐसे में होली के लिए आप हल्दी से पीला रंग आसानी से तैयार कर सकते हैं. आप हल्दी पाउडर में बेसन या कॉर्नफ्लोर मिलाएं और अच्छे से सुखा लें, इसके बाद आपका पीला रंग बनकर तैयार हो जाएगा.  अपराजिता से सूखा नीला/बैंगनी (Blue Colour From Aparajita) होली पर नीला रंग खूब पसंद किया जाता है. इसके लिए आप अपराजिता के फूल को पानी में उबाल लें, उबालने के बाद आप देखेंगे कि इसमें नीला रंग आ गया है आप इसे मैदा, आटे और कॉर्नफ्लोर के साथ मिक्स करके धूप में सुखाकर इस्तेमाल करें. यह भी पढ़ें: होली के मौके पर बनाएं मावा गुजिया, सबको आएगा खूब पसंद  यह भी पढ़ें: होली पर मेहमानों को पिलाएं कुछ खास, बनाएं ये स्पेशल ठंडाई The post घर बैठे बनाएं होली के लिए होममेड कलर, ऐसे करें तैयार  appeared first on Naya Vichar.

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ईरान के हमले में मारे गए सैकड़ों US सैनिक, IRGC का दावा, मिडिल ईस्ट में 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर किया था हमला

Iran attacked US Base: ईरान और यूएस-इजरायल के बीच छिड़ी जंग में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ईरान पर शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया, जिसमें 200 से ज्यादा ईरानी लोगों की मौतें हुईं. इनमें ईरान के सुप्रीम लीडर, ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पकपूर समेत आईआरजीसी के कई कमांडर और एक स्कूल में कई लड़कियां मारी गईं. इस हमले के जवाब ईरान ने मिडिल ईस्ट के अमेरिकी बेसेज पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसाईं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कई अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं.  ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने क्षेत्र के कई देशों में स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका के 14 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. उसका कहना है कि इन हमलों में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. ईरान ने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के प्रीएम्प्टिव हमलों के जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमले किए. उसने मिडिल ईस्ट में UAE, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, सऊदी अरब के अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. हालांकि, वॉशिंगटन ने इन दावों को खारिज कर दिया है.  अमेरिका का दावा सभी सुरक्षित यूएसए टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने कुछ घंटों बाद घोषणा की कि 28 फरवरी को अमेरिका–इजरायल के मिसाइल हमलों के जवाब में ईरान द्वारा मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमलों की लहर में किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी की न तो मौत हुई और न ही वे घायल हुए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के अनुसार किसी भी दिन इस क्षेत्र में 30,000 से 40,000 के बीच अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं. सेंट्रल कमांड ने 28 फरवरी को अपने बयान में कहा कि सेना ने सैकड़ों ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के खिलाफ सफलतापूर्वक रक्षा की. अमेरिकी हताहतों या युद्ध से जुड़ी चोटों की कोई रिपोर्ट नहीं है. बयान में यह भी कहा गया कि “अमेरिकी प्रतिष्ठानों को हुआ नुकसान मामूली था और इससे संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा.” 🚫The Iranian regime claims to have killed 50 U.S. service members. LIE.✅There have been no reported U.S. casualties. 🚫The IRGC claims that a U.S. Navy ship was struck by missiles. LIE.✅No U.S. Navy ship has been struck. The Armada is fully operational. 🚫The Iranian… pic.twitter.com/qGsZ45EmzD — U.S. Central Command (@CENTCOM) February 28, 2026 ईरान ने कहां-कहां हमला किया? यूएसए टुडे के अनुसार, ईरान ने U.S. Navy’s 5th Fleet के लिए एक सेवा केंद्र पर हमला किया. यह पहला हमला था, जिसका मुख्यालय बहरीन में है. इस पर मिसाइलों से हमला किया गया. इसका वीडियो भी सामने आया, जिसमें नौसैनिक अड्डे के पास मिसाइल गिरता दिखा, जिसके बाद धुएं का घना गुबार उठा. कतर के अल उदैद एयर बेस, जो US Central Command का मुख्यालय है, इसके ऊपर एक मिसाइल को मार गिराते हुए भी दिखा. कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अड्डे की ओर दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया.  वहीं, कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अली अल सलेम एयर बेस, जहां 386वीं एयर एक्सपीडिशनरी विंग तैनात है, इस पर हमले के बाद गिरते शरापनेल से कुवैत की सशस्त्र सेनाओं के तीन सदस्यों को मामूली चोटें आईं. इराक प्रशासन ने भी अपने बयान में कहा कि एरबिल अमेरिकी हवाई अड्डा पर भी मिसाइलें गिरीं. संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी के दक्षिण में स्थित अमेरिकी एयर बेस वाले इलाके अल दाफरा में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. इसके अलावा जॉर्डन के मुवफ्फक अल सालती एयर बेस, जहां 332वीं एयर एक्सपीडिशनरी विंग तैनात है, यहां भी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया. हमलों में खामेनेई की मौत शनिवार को यूएस-इजरायल के हमले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह दावा किया गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए. कुछ घंटों बाद ईरानी मीडिया ने भी अयातुल्ला की मौत की पुष्टि कर दी. खामेनेई के साथ उनकी बेटी, पोते/पोती, बहू और दामाद भी अमेरिका–इजरायल के हमलों में मारे गए. ईरानी प्रशासन ने अयातुल्ला की हत्या के बाद 40 दिनों के शोक की घोषणा भी की है. Channel 12 के अनुसार, खामेनेई के शव की तस्वीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दिखाई गई. अयातुल्ला की मौत के बाद ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने घोषणा की कि खामेनेई की शहादत तानाशाहों के खिलाफ एक बड़े विद्रोह की शुरुआत बनेगी. ईरान ने कसम खाई है कि अब और भी बड़े हमले होंगे. वहीं खामेनेई की मौत के ईरान में जश्न भी मनाए जाने की समाचारें सामने आईं हैं. हालांकि, ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी हमले के जवाब में ईरानी जनता सड़क पर उतरी है.  ये भी पढ़ें:- मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई, ईरानी मीडिया ने किया कंफर्म,  बेटी, पोते/पोती, बहू और दामाद की भी मौत ये भी पढ़ें:- ईरानी हमलों से दहला यूएई, दुबई में बुर्ज खलीफा, पाम जुमैरा, एयरपोर्ट बने निशाना The post ईरान के हमले में मारे गए सैकड़ों US सैनिक, IRGC का दावा, मिडिल ईस्ट में 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर किया था हमला appeared first on Naya Vichar.

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आज है प्रदोष व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त,  करें शिव चालीसा का पाठ

Pradosh Vrat 2026: आज 1 मार्च 2026, रविवार को प्रदोष व्रत किया जा रहा है. यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है. सप्ताह के जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, उसी दिन के अनुसार इस व्रत का नाम रखा जाता है. इस बार रविवार के दिन यह व्रत किया जा रहा है, इसलिए इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जा रहा है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के सभी दुख-दर्द और कष्ट दूर होते हैं तथा जीवन में खुशहाली आती है. रवि प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त रवि प्रदोष व्रत: 01 मार्च 2026, दिन रविवार त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ: 28 फरवरी 2026, रात 08 बजकर 05 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त: 01 मार्च 2026, शाम 06 बजकर 30 मिनट पर पूजा का शुभ समय: 01 मार्च को सुबह 07 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 02 मिनट तक प्रदोष काल पूजा का शुभ समय: 01 मार्च को शाम 05 बजकर 51 मिनट से 08 बजकर 56 मिनट तक व्रत पारण का शुभ समय: 02 मार्च को सुबह 06 बजकर 12 मिनट से 07 बजकर 38 मिनट तक भगवान शिव चालीसा ॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान.कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ श्री शिव चालीसा पाठ जय गिरिजा पति दीन दयाला. सदा करत संतों प्रतिपाला॥भाल चंद्रमा सोहत नीके. कानन कुंडल नागफनी के॥ अंग गौर, शिर गंग बहाए. मुंडमाल तन क्षार लगाए॥वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे. छवि को देख नाग मन मोहे॥ मैना मातु की हवे दुलारी. बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥कर त्रिशूल सोहत छवि भारी. करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥ नंदी गणेश सोहैं तहँ कैसे. सागर मध्य कमल हैं जैसे॥कार्तिक श्याम और गणराऊ. या छवि को कहि जात न काऊ॥ देवन जबहीं जाय पुकारा. तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥किया उपद्रव तारक भारी. देवन सब मिलि तुम्हहिं जुहारी॥ तुरत षडानन आप पठायउ. लव निमेष महँ मारि गिरायउ॥आप जलंधर असुर संहारा. सुयश तुम्हार विदित संसारा॥ त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई. सभहि कृपा कर लीन बचाई॥किया तपहिं भागीरथ भारी. पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी॥ दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं. सेवक स्तुति करत सदाहीं॥वेद माहि महिमा तुम गाई. अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥ प्रकटे उदधि मंथन में ज्वाला. जरत सुरासुर भए विहाला॥कीन्ही दया तहं करी सहाई. नीलकंठ तब नाम कहाई॥ पूजन रामचंद्र जब कीन्हा. जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥सहस कमल में हो रहे धारी. कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥ एक कमल प्रभु राखेउ जोई. कमल नयन पूजन चहं सोई॥कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर. भए प्रसन्न दिए इच्छित वर॥ जय जय जय अनंत अविनाशी. करत कृपा सब के घटवासी॥दुष्ट सकल नित मोहि सतावै. भ्रमित रहौं मोहि चैन न आवै॥ त्राहि-त्राहि मैं नाथ पुकारो. येहि अवसर मोहि आन उबारो॥लै त्रिशूल शत्रुन को मारो. संकट ते मोहि आन उबारो॥ मात-पिता भ्राता सब होई. संकट में पूछत नहीं कोई॥स्वामी एक है आस तुम्हारी. आय हरहु मम संकट भारी॥ धन निर्धन को देत सदा हीं. जो कोई जांचे सो फल पाहीं॥अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी. क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥ शंकर हो संकट के नाशन. मंगल कारण विघ्न विनाशन॥योगी यति मुनि ध्यान लगावैं. शारद नारद शीश नवावैं॥ नमो नमो जय नमः शिवाय. सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥जो यह पाठ करे मन लाई. ता पर होत है शंभु सहाई॥ ऋणी जो कोई हो अधिकारी. पाठ करे सो पावन हारी॥पुत्र होने की इच्छा जोई. निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥ पंडित त्रयोदशी को लावे. ध्यानपूर्वक होम करावे॥त्रयोदशी व्रत करै हमेशा. ताके तन नहीं रहै कलेशा॥ धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे. शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥जन्म-जन्म के पाप नसावे. अंत धाम शिवपुर में पावे॥ कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी. जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥ ॥ दोहा ॥ नित्य नेम उठि प्रातः ही, पाठ करो चालीसा.तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥ माघसिर छठि हेमंत ऋतु, संवत चौसठ जान.स्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥ यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post आज है प्रदोष व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त,  करें शिव चालीसा का पाठ appeared first on Naya Vichar.

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