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Author name: Vinod Jha

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न कभी टूटे न कभी झूके, जानिए नेमरा से निकलकर शिबू सोरेन कैसे बने ‘दिशोम गुरु’?

Shibu Soren Life History: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में से एक शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, आंदोलन और नेतृत्वक उत्थान की प्रेरक गाथा है. उनका जन्म 11 जनवरी 1944 को वर्तमान रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था. बचपन में उनका नाम शिवलाल था, बाद में शिबू सोरेन के रूप में जाना गया. बचपन और पारिवारिक संघर्ष शिबू सोरेन ने प्रारंभिक शिक्षा नेमरा गांव के प्रशासनी स्कूल और बाद में गोला हाई स्कूल से प्राप्त की. 27 नवंबर 1957 को उनके पिता सोबरन सोरेन की महाजनों द्वारा हत्या कर दी गई, जो शिक्षक और गांधीवादी विचारधारा के समर्थक थे. जमीन कब्जे और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनकी हत्या हुई. इस घटना ने शिबू सोरेन के जीवन की दिशा बदल दी और उन्होंने पढ़ाई छोड़कर संघर्ष का रास्ता अपनाया. आंदोलन की शुरुआत युवावस्था में ही उन्होंने महाजनों के खिलाफ संगठित आंदोलन शुरू किया. उन्होंने संताल नवयुवक संघ और सोनोत संताल समाज का गठन कर आदिवासी समाज को एकजुट करने का प्रयास किया. इसके बाद उन्होंने धनकटनी आंदोलन चलाया, जिसने आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी. गोला, बोकारो, जैनामोड़ और टुंडी क्षेत्रों में आंदोलन को मजबूत करने के बाद उनकी मुलाकात विनोद बिहारी महतो से हुई. बाद में उन्होंने पारसनाथ की पहाड़ियों और टुंडी क्षेत्र को अपना आंदोलन केंद्र बनाया. समानांतर प्रशासन और संघर्ष टुंडी और आसपास के क्षेत्रों में उन्होंने सामूहिक खेती, पशुपालन और रात्रि पाठशालाओं जैसी व्यवस्थाएं शुरू कीं. कहा जाता है कि उस समय वहां उनकी एक तरह की समानांतर सामाजिक व्यवस्था भी चलती थी, जहां वे विवादों का निपटारा करते थे. झारखंड आंदोलन और झामुमो का गठन 1973 में उन्होंने विनोद बिहारी महतो और एके राय के साथ मिलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की स्थापना की. विनोद बिहारी महतो अध्यक्ष और शिबू सोरेन महासचिव बने. आपातकाल (1975) के दौरान उन्हें जेल जाना पड़ा. बाद में 1977 में उन्होंने टुंडी से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए. नेतृत्वक उभार 1980 में वे दुमका से सांसद बने और इसके बाद कई बार लोकसभा सांसद रहे. वे राज्यसभा के सदस्य भी बने. झारखंड राज्य के गठन के लिए चले लंबे आंदोलन में उनकी भूमिका निर्णायक रही.1987 में निर्मल महतो की हत्या के बाद वे झामुमो के अध्यक्ष बने. मुख्यमंत्री बनने का सफर झारखंड राज्य गठन (15 नवंबर 2000) के बाद भी वे पहले मुख्यमंत्री नहीं बन सके. 2005: पहली बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाए 2008: दूसरी बार मुख्यमंत्री बने 2009: तमाड़ से चुनाव हारने के बाद इस्तीफा देना पड़ा 2009 (दिसंबर): तीसरी बार मुख्यमंत्री बने 2010: प्रशासन गिर गई सांसद और राष्ट्रीय नेतृत्व 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद वे दुमका से जीतकर सांसद बने. 2019 में चुनाव हारने के बाद बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया. झामुमो में बदलाव 15 अप्रैल 2025 को झामुमो के महाधिवेशन में हेमंत सोरेन को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया, जबकि शिबू सोरेन को संस्थापक संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई. दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में हुआ निधन  81 साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त 2025 को अंतिम सांस ली थी.  इसे भी पढ़ें : Shibu Soren Political Career: समाज सुधारक से सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री, ऐसी रही शिबू सोरेन की जीवन यात्रा The post न कभी टूटे न कभी झूके, जानिए नेमरा से निकलकर शिबू सोरेन कैसे बने ‘दिशोम गुरु’? appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर चंदा मामलाः SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्राथमिक रिपोर्ट, पैसों के लेन-देन की हुई जांच

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के राम मंदिर के दान पेटी में हुए कथित चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है. इस रिपोर्ट को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने एसआईटी के अन्य दो सदस्यों के साथ पेश किया गया है. इस की मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कई स्तरों पर जारी है. शुरुआती रिपोर्ट में जुटाए गए तथ्यों का उल्लेख एसआईटी द्वारा सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में अब तक जुटाए गए दस्तावेजों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है. जांच टीम ने विभिन्न संबंधित पक्षों से जानकारी एकत्र की है और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है. एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट सिर्फ शुरुआती निष्कर्षों पर आधारित है और अभी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है. #WATCH | Uttar Pradesh: The 3-member Special Investigation Team (SIT), probing the alleged Ram Temple donation embezzlment case, submits its preliminary report to Sanjay Prasad, UP Additional Chief Secretary (Home). pic.twitter.com/xixuOAhhor — ANI (@ANI) June 23, 2026 सभी पहलुओं की गहन जांच जारी एसआईटी टीम के सदस्यों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच- पड़ताल की जा रही है. मंदिर में चढ़ावे की राशि के संग्रह, लेखा-जोखा, उपयोग और प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है. इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित अनियमितता का पता लगाया जा सके. अंतिम रिपोर्ट के बाद हो सकती है आगे की कार्रवाई एसआईटी टीम ने साफ तौर कहा कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और कई महत्वपूर्ण जानकारियां अभी जुटाई जा रही हैं. एसआईटी के सदस्यों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत अंतिम रिपोर्ट राज्य प्रशासन को सौंपी जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या जिम्मेदारी तय होती है, तो उससे जुड़े अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले पर योगी प्रशासन और प्रशासन की नजर बनी हुई है. The post राम मंदिर चंदा मामलाः SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्राथमिक रिपोर्ट, पैसों के लेन-देन की हुई जांच appeared first on Naya Vichar.

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लोक अदालत में चालान माफी का नियम बदला, अब जेब से ढीले करने होंगे 50% पैसे

Traffic Challan New Rule : अगर आपकी गाड़ी का भी कोई चालान कटा हुआ है और आप इस उम्मीद में हैं कि आगामी लोक अदालत में जाकर इसे पूरी तरह माफ या बेहद कम करा लेंगे, तो आपके लिए एक बड़ी और जरूरी समाचार है. प्रशासन ने लोक अदालत के नियमों में 50-45 का एक नया फॉर्मूला (Traffic Challan New Rule) शामिल कर दिया है. इस नए नियम के मुताबिक, अब आप सीधे लोक अदालत का रुख नहीं कर सकते. आपको राहत पाने के लिए भी पहले अपनी जेब ढीली करनी होगी. क्या है 50-45 का नया फॉर्मूला ? नए नियमों के अनुसार, अब किसी भी चालान के निपटारे के लिए लोक अदालत में आवेदन करने से पहले आपको उस चालान की कुल राशि का 50 प्रतिशत (आधा हिस्सा) राज्य प्रशासन के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करना होगा. जब तक आप यह आधा भुगतान नहीं करेंगे, तब तक लोक अदालत में आपके केस की सुनवाई नहीं की जाएगी. इसके साथ ही 45 दिनों की एक समय-सीमा भी तय की गई है. वाहन मालिक को चालान कटने के 45 दिनों के भीतर या तो यह आधा जुर्माना भरना होगा या फिर पोर्टल पर अपनी आपत्ति/शिकायत दर्ज करानी होगी. इस मियाद के बीत जाने के बाद ही लोक अदालत में जाने का विकल्प मिलेगा. 5 चालान कटते ही ड्राइविंग लाइसेंस होगा रद्द ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को लेकर भी प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है. इसके तहत: लाइसेंस कैंसिलेशन: 1 जनवरी 2026 से लागू नियम के मुताबिक, यदि किसी वाहन चालक का एक साल के भीतर 5 या उससे ज्यादा बार चालान कटता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस स्वतः (Automatically) रद्द कर दिया जाएगा. गाड़ी होगी ब्लैकलिस्ट: जिन वाहनों के चालान लंबे समय से बकाया (Pending) हैं, उन्हें परिवहन विभाग द्वारा ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. ब्लैकलिस्ट होने पर रुक जाएंगी ये सुविधाएं अगर आपकी गाड़ी एक बार ब्लैकलिस्ट हो गई, तो आप परिवहन विभाग की वेबसाइट पर केवल टैक्स पेमेंट कर पाएंगे. इसके अलावा गाड़ी से जुड़ी अन्य कोई भी सामान्य सेवा जैसे गाड़ी का मालिकाना हक बदलना (Ownership Transfer), घर का पता बदलना, गाड़ी की कैटेगरी बदलना, परमिट, फिटनेस और हाइपोथेकेशन कैंसिलेशन (लोन खत्म होने की प्रक्रिया) जैसी सभी जरूरी सेवाएं पूरी तरह ब्लॉक कर दी जाएंगी. अब 50 साल तक वैलिड रहेगा DL सख्त नियमों के बीच वाहन चालकों के लिए एक राहत भरी समाचार भी आ रही है. वर्तमान नियमों के मुताबिक, एक बार ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने के बाद वह 20 साल के लिए या फिर आवेदक की उम्र 40 साल होने तक ही वैध (Valid) रहता है. लेकिन प्रशासन अब इस 40 साल की उम्र सीमा को बढ़ाकर 50 साल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. अगर यह फैसला लागू होता है, तो आम जनता को बार-बार आरटीओ (RTO) के चक्कर काटने और रिन्यूअल के झंझट से लंबी मुक्ति मिल जाएगी. इसके साथ ही, ऑनलाइन माध्यम से गाड़ियों के ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल की प्रक्रिया को भी पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित बनाने की तैयारी चल रही है. Also Read : ‘जीरो’ देखने के बाद भी ऐसे कट जाती है जेब, पेट्रोल पंपों पर धोखाधड़ी के 3 नए तरीके उड़ा देंगे होश The post लोक अदालत में चालान माफी का नियम बदला, अब जेब से ढीले करने होंगे 50% पैसे appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में SDM बनेंगी यूपी की लड़कियां, प्रतापगढ़ की श्रद्धा को BPSC में रैंक 1, उपासना और नेहा राय भी लिस्ट में

BPSC 70th Toppers From UP: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की तरफ से साल 2024 की बीपीएससी 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी हुआ. रिजल्ट के साथ-साथ टॉपर्स की लिस्ट भी आ गई है. बिहार की सबसे कठिन परीक्षा में इस बार उत्तर प्रदेश की कई लड़कियों का सेलेक्शन हुआ है. आइए BPSC 70वीं परीक्षा की टॉपर्स लिस्ट (BPSC 70th Toppers) में शामिल होने वाली यूपी की बेटियों के जानते हैं. BPSC 70th Toppers From UP: श्रद्धा पांडेय को रैंक 1 बीपीएससी 70वीं परीक्षा में रैंक 1 लाने वाली श्रद्धा पांडेय यूपी के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली हैं. श्रद्धा की स्कूलिंग से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई होम टाउन में ही हुई है. इसके बाद वो सिविल सर्विस की तैयारी में लग गईं. Up pcs 2024 रिजल्ट में श्रद्धा पांडेय का नाम श्रद्धा पांडेय ने यूपी पीसीएस 2024 की परीक्षा भी शानदार रैंक से क्रैक की थी. उनका सेलेक्शन असिस्टेंट कमिश्नर कमर्शियल टैक्स पोस्ट पर हुआ था. फिलहाल वो लखनऊ में तैनात हैं. बीपीएससी में सेलेक्ट (BPSC 70th Toppers) होने के बाद श्रद्धा को एसडीएम का पद मिलेगा. BPSC 70th Toppers List Check Here BPSC 70th Rank 9 उपासना शर्मा बिहार 70वीं कंबाइंड परीक्षा में रैंक 9 लाकर टॉपर्स लिस्ट में शामिल होने वाली उपासना शर्मा भी उत्तर प्रदेश की ही बेटी हैं. वो मूलरूप से गाजियाबाद की रहने वाली हैं. हालांकि, उपासना की स्कूलिंग से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई दिल्ली से ही हुई है. Up pcs 2024 रिजल्ट में उपासना का नाम उपासना शर्मा ने भी UP PCS 2024 की परीक्षा क्रैक की है. उनका सेलेक्शन स्टेट टैक्स ऑफिसर के तौर पर हुआ था. उपासना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अपने सेलेक्शन की जानकारी साझा की है. बता दें कि BPSC में सेलेक्ट होने के बाद वो बिहार में एसडीएम बन सकती हैं. यह भी पढ़ें: यूपी में टैक्स ऑफिसर, बिहार में SDM, उपासना को BPSC में मिला रैंक 9 गाजीपुर की नेहा राय को Rank 16 बीपीएससी 70वीं परीक्षा में रैंक 16 प्राप्त करने वाली नेहा राय यूपी के गाजीपुर की रहने वाली हैं. नेहा राय वर्तमान में गोरखपुर में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं. उनका UP PCS 2024 में नायब तहसीलदार के पद पर चयन हुआ था. नेहा राय की पढ़ाई जेएनयू और बीएचयू जैसी टॉप यूनिवर्सिटी से हुई है. वो बीएचयू से पीएचडी की स्टूडेंट रही हैं. बेहद साधारण परिवार से आने वाली नेहा का सेलेक्शन जैसे ही BPSC में हुआ सोशल मीडिया पर उनको बधाई देते हुए कई पोस्ट शेयर किए गए. BPSC 70th में रैंक के अनुसार नेहा राय एसडीएम के लिए सेलक्ट हुई हैं. यह भी पढ़ें: BPSC में यूपी की बेटी का जलवा, Rank 1 टॉपर श्रद्धा असिस्टेंट कमिश्नर के बाद बिहार में बनेंगी SDM The post बिहार में SDM बनेंगी यूपी की लड़कियां, प्रतापगढ़ की श्रद्धा को BPSC में रैंक 1, उपासना और नेहा राय भी लिस्ट में appeared first on Naya Vichar.

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सेट पर इज्जत नहीं, 90 दिनों बाद पेमेंट, फ्री में काम करवाने की कोशिश… कैरेक्टर आर्टिस्ट्स ने खोला बॉलीवुड का काला सच

Sunita Rajwar Jatin Negi On Bollywood Payment Delay: सुनीता राजवार और जतिन नेगी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री की पोल खोली है. उन्होंने पेमेंट सिस्टम और कई बार फ्री में काम के कला को लेकर बात की. स्टार्स ने कहा, हमें सेट पर इज्जत नहीं मिलती है. Sunita Rajwar Said Spot Boy Dont Give Respect: सुनीता राजवार बोली- स्पॉट बॉय तक नहीं देते हैं रिस्पेक्ट सुनीता राजवार ने स्क्रीन संग बात करते हुए कहा, “सेट पर लीड एक्टर्स और कैरेक्टर आर्टिस्ट्स के बीच काफी बड़ा फर्क देखने को मिलता है. यह बिल्कुल हमारे समाज जैसा है. अगर किसी कलाकार का मेन रोल है, तो उसे फाइव स्टार ट्रीटमेंट मिलेगा. उसे अच्छा कमरा मिलता है, उसका अपना स्टाफ होता है और उसकी हर जरूरत का ध्यान रखा जाता है, लेकिन अगर आप छोटा किरदार निभा रहे हैं, किसी एक-दो सीन के लिए आए हैं या सिर्फ 2-3 दिन का काम कर रहे हैं, तो कई बार स्पॉट बॉय भी आपको रिस्पेक्ट नहीं देगा.” View this post on Instagram A post shared by Sunita Rajwar (@sunita_rajwar) Jatin Negi On Set Culture: जतिन नेगी बोले- सेट पर चाय-कॉफी मांगने पर भी नहीं मिलता है वहीं जतिन नेगी ने कहा, “कई बार बात सिर्फ सुविधाओं तक नहीं होती. छोटे और सपोर्टिंग रोल करने वाले कलाकारों के नाम तक याद नहीं रखे जाते हैं. स्क्रिप्ट में भी उनके असली नाम की जगह सिर्फ ‘मैन 1’ या ऐसे ही किसी टैग से काम चलाया जाता है. हालत यह थी कि अगर कोई खाने के लिए पूछ ले तो खुद को खुशकिस्मत समझते थे. कई बार चाय या कॉफी मांगने पर भी वह हमारे पास नहीं पहुंचती थी.” यह भी पढ़ें- फिल्म सेट पर A, B और C कैटेगरी का स्पोर्ट्स, लीड एक्टर्स को 4 वैनिटी… जूनियर को टेंट भी नसीब नहीं, बी-टाउन का कड़वा सच Jatin Negi On Payment: बी-टाउन में पेमेंट को लेकर क्या बोले जतिन नेगी जतिन नेगी ने कहा, “सपोर्टिंग और छोटे किरदार निभाने वाले कलाकारों के साथ पेमेंट को लेकर भी काफी दिक्कतें होती हैं. लीड स्टार्स को करोड़ों रुपये आसानी से दे दिए जाते हैं, लेकिन अगर किसी कैरेक्टर आर्टिस्ट को 5 लाख रुपये भी मिलने हों, तो उसे कई बार लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. कई बार जब कोई फिल्म अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो कहा जाता है कि पूरा बजट प्रोजेक्ट पर खर्च हो गया और बाकी कलाकारों को देने के लिए पैसे नहीं बचे.” View this post on Instagram A post shared by Jatin Negi (@jatinonthegram) Late Payment In Bollywood: कई महीने लेट मिलती है पेमेंट उन्होंने आगे कहा, “लीड एक्टर्स और कैरेक्टर आर्टिस्ट्स की फीस में जमीन-आसमान का फर्क होता है. छोटे किरदार निभाने वाले कलाकारों को कई बार 5,000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से रखा जाता है. अगर उन्हें दो दिन का काम मिला, तो कुल 8 से 10 हजार रुपये मिलते हैं और वह भी कई बार दो महीने बाद. Sunita Said Industry Try To Get Work Done For Free: सुनीता बोली- इंडस्ट्री में फ्री में काम करवाने की करते हैं कोशिश वहीं सुनीता राजवार ने कहा, “इंडस्ट्री में हर कलाकार की फीस अलग होती है और यह उसकी मार्केट वैल्यू पर निर्भर करता है. कई डायरेक्टर्स, यहां तक कि बड़े नाम भी, कलाकारों से यह कहकर कम पैसों में या मुफ्त काम करवाने की कोशिश करते हैं कि उन्हें एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिल रहा है. कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि कोई कलाकार सिर्फ पांच दिन काम करके ज्यादा पैसे कमा लेता है, जबकि दूसरा कलाकार 15 दिन काम करने के बाद भी उससे कम कमाता है. फ्लॉप होने पर फीस अचानक कर दी जाती है कम, रिलीज के 90 दिनों बाद मिलता है पेमेंट अभिनेत्री ने आगे कहा, ”मैंने सुना है कि जब किसी प्रोजेक्ट को नुकसान होता है या बजट कम किया जाता है, तो सबसे पहले असर कैरेक्टर आर्टिस्ट्स पर पड़ता है. मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ, लेकिन मेरी एक दोस्त को कहा गया था कि प्रोजेक्ट में नुकसान होने की वजह से उसकी फीस कम कर दी जाएगी. पहले पेमेंट का साइकिल 45 दिन का हुआ करता था, फिर 60 दिन और अब कई जगह 90 दिन हो गया है. खास बात यह है कि यह 90 दिन शूटिंग खत्म होने के बाद नहीं, बल्कि टेलीकास्ट के बाद गिने जाते हैं.” यह भी पढ़ें- ‘ऑब्सेशन’ और ‘राज’ में क्या है कनेक्शन? विक्रम भट्ट ने किया दिलचस्प खुलासा यह भी पढ़ें- संचिता उगाले का नहीं था बॉयफ्रेंड… करीबी दोस्त का सनसीखेज खुलासा, बोली- जिंदगी खत्म के बारे में कहा The post सेट पर इज्जत नहीं, 90 दिनों बाद पेमेंट, फ्री में काम करवाने की कोशिश… कैरेक्टर आर्टिस्ट्स ने खोला बॉलीवुड का काला सच appeared first on Naya Vichar.

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तेज प्रताप यादव ने जिसे पार्टी से किया था निलंबित उसी को बनाया नया PA, लेटर किया जारी

Tej Pratap PA: जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने नए पीए को नियुक्त कर लिया है. उन्होंने मिशाल कुमार सिन्हा को पीए बनाया है. एक लेटर पार्टी की ओर से जारी किया गया है. उस लेटर में लिखा गया कि मैं मिशाल कुमार सिन्हा को जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और अपना निजी सहायक नियुक्त करता हूं. जुलाई 2025 में मिशाल को तेज प्रताप ने किया था निलंबित जानकारी के मुताबिक, मिशाल सिन्हा को तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो वायरल होने को लेकर निलंबित कर दिया था. 2025 के जुलाई महीने में जब तेज प्रताप यादव का सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुआ था, उस दौरान तेज प्रताप यादव ने अपने निजी सचिव मिशाल सिन्हा को निलंबित कर दिया था. तेज प्रताप ने क्या आरोप लगाया था? तेज प्रताप यादव ने कहा था कि मैं आप सभी साथियों को सूचित करना चाहता हूं कि मिशाल सिन्हा मेरे यहां रहकर कुछ काम देखा करता था. लेकिन पिछले कुछ दिनों में उसने मेरे खिलाफ षड्यंत्र किया, जिसके ऑडियो, वीडियो और अन्य दस्तावेज मुझे प्राप्त हुए हैं. इसलिए मैं तत्काल प्रभाव से मिशाल सिन्हा को अपने सभी कार्यों से स्थायी रूप से निलंबित करता हूं. पूर्व पीए मोतीलाल के खिलाफ दर्ज कराया FIR तेज प्रताप यादव ने अपने पूर्व पीए मोतीलाल राय पर चोरी का आरोप लगाया. सोमवार की रात ही एफआईआर दर्ज करवाने के लिए थाने पहुंचे थे. FIR में तेज प्रताप यादव ने लिखा, मैं यह सूचित करना चाहता हूं कि मेरे निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय द्वारा मेरे आवास से नकद राशि और अन्य मूल्यवान सामान चोरी कर लिया गया है. उन्होंने यह भी बताया था कि 22 जून को मेरे घर में रखी अलमारी से लगभग 20 लाख रुपये, जो मेरी पार्टी फंड की राशि थी, 2 तोला सोने की चेन, 1 सोने की अंगूठी, Sony की 4 पेन ड्राइव, 2 हार्ड डिस्क, 1 iPad, 1 MacBook लैपटॉप, 1 Lenovo लैपटॉप और 4 iPhone 17 Pro Max मोबाइल फोन चोरी हो गए हैं. आगे एफआईआर में लिखा, उस दिन रात लगभग 11:30 बजे मेरे ड्राइवर अनिल यादव और मेरे साथ रहने वाले विशाल ने मोतीलाल राय को एक बैग लेकर मेरे आवास की बाउंड्री फांदकर भागते हुए देखा. दोनों व्यक्ति इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं कि चोरी मोतीलाल राय द्वारा की गई है. Also Read: ‘भरत तिवारी के पास कैसे आया अवैध हथियार?’, मंत्री ने उठाया सवाल, सीएम-सांसद ने कैसे किया रिएक्ट? The post तेज प्रताप यादव ने जिसे पार्टी से किया था निलंबित उसी को बनाया नया PA, लेटर किया जारी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल: नदिया में सब्यसाची के करीबी के घर छापा, तृणमूल नेता के घर करोड़ों का सोना बरामद

कल्याणी से सामु रजक की रिपोर्ट Sabyasachi : सोमवार देर रात नदिया जिले के तेहट्टा में तृणमूल नेता के घर से करीब 4.39 करोड़ रुपये के भारी सोने के गहने बरामद किए गए. बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की एक स्पेशल जांच टीम ने सोमवार रात यह सरप्राइज सर्च ऑपरेशन पूरा किया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच करने वाले गिरफ्तार नेता सब्यसाची दत्ता को उनकी कस्टडी से लेकर नदिया जिला परिषद सदस्य और असरदार तृणमूल नेता टीना भौमिक सहर तेहट्टा के घर गए. पुलिस ने कन्फर्म किया कि तलाशी के दौरान घर से करीब 3 किलोग्राम कीमती सोने के गहने ज़ब्त किए गए. सव्यसाची दत्ता पर लगे हैं वसूली के आरोप सव्यसाची दत्ता को हाल ही में बिधाननगर साउथ पुलिस स्टेशन ने ज़बरदस्ती वसूली, ज़बरदस्ती घुसने और इनकम से ज़्यादा संपत्ति जमा करने के कई खास आरोपों में गिरफ्तार किया था. बिधाननगर के पूर्व मेयर, जो कभी बहुत ताकतवर आदमी थे, ने पिछले विधानसभा चुनाव में रूलिंग पार्टी के बड़े कैंडिडेट के तौर पर बारासात सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे. गिरफ्तारी के बाद, पुलिस को नदिया जिला के नेता के साथ उनके करीबी रिश्तों के बारे में उनके कई सीक्रेट ठिकानों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के डॉक्यूमेंट्स की जांच करने के बाद ही पता चला. कई खास रसीदें और वाउचर पुलिस के हाथ लगे जांच अधिकारियों ने बताया कि सब्यसाची दत्ता की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, उनके राजारहाट फ्लैट और कई प्रशासनी और प्राइवेट बैंकों के लॉकरों की कई स्टेप्स में तलाशी ली गई. वहां से करीब साढ़े तीन किलो सोना पहले ही बरामद हो चुका था. न सिर्फ सोना बरामद हुआ, बल्कि पुलिस को राजारहाट फ्लैट की तलाशी के दौरान करोड़ों रुपये का सोना खरीदने की कई खास रसीदें और वाउचर भी मिले. गिरफ्तार नेता से लगातार पूछताछ के बाद सोने की भारी खरीद के पीछे की बेईमानी की असली तस्वीर सामने आई. करीबी दोस्तों की लिस्ट में सबसे ऊपर पूछताछ में सब्यसाची दत्ता ने माना कि जैसे उसने खुद सोने में भारी मात्रा में गैर-कानूनी पैसा लगाया था, वैसे ही उसने अपने नेतृत्वक प्रभाव का इस्तेमाल करके अपने करीबी लोगों को अलग-अलग तरीकों से सोना खरीदने में मदद की थी. नदिया की नेता टीना भौमिक साहा उसके नेतृत्वक और निजी करीबी दोस्तों की लिस्ट में सबसे ऊपर थीं. जांच के बाद पुलिस को पता चला कि टीना रेगुलर तौर पर सब्यसाची के राजारहाट फ्लैट पर जाती थीं और उनके बीच बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन होता था. इलाके में रात भर भारी हंगामा सोने की खरीद में गैर-कानूनी निवेश के कागज़ात और सब्यसाची दत्ता की दी गई गोपनीय जानकारी के आधार पर बिधाननगर पुलिस की एक स्पेशल टीम सोमवार रात सब्यसाची को लेकर तेहट्ट के लिए रवाना हुई. देर रात नदिया जिला पहुंचने के बाद नेता टीना भौमिक साहा के घर पर अचानक छापेमारी की गई और मैराथन तलाशी और पूछताछ का दौर शुरू हुआ. रात के अंधेरे में चारों ओर सन्नाटे के बीच भारी पुलिस फोर्स की इस नाटकीय कार्रवाई से संबंधित इलाके में रात भर भारी हंगामा हुआ. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें लगभग 3 किलोग्राम सोना बरामद कई घंटों की लंबी तलाशी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, बरामद सभी गहनों का माप लेने पर पता चला कि उनका कुल वजन लगभग 3 किलोग्राम था. बाजार में सोने की मौजूदा बहुत ऊंची कीमत के हिसाब से, बरामद इस भारी मात्रा में सोने की बाजार कीमत 4 करोड़ 39 लाख रुपये से भी ज्यादा आंकी जा रही है. पुलिस इन सभी सोने के गहनों को जब्त करके थाने ले आई और इस भारी मात्रा में सोने की खरीद के सभी फाइनेंशियल सोर्स की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है. Also Read: बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र The post बंगाल: नदिया में सब्यसाची के करीबी के घर छापा, तृणमूल नेता के घर करोड़ों का सोना बरामद appeared first on Naya Vichar.

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iPhone समेत कई Apple प्रोडक्ट के बढ़ेंगे दाम, CEO टिम कुक ने दिया बड़ा संकेत

अगर आप भी आने वाले समय में Apple के डिवाइस खरीदने की सोच रहे हैं तो थोड़े एक्स्ट्रा पैसे जेब में रखिएगा. दरअसल Apple के CEO टिम कुक ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में Apple के कुछ प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं. Wall Street Journal को दिए एक इंटरव्यू में टिम कुक ने कहा कि Apple ने अब तक कस्टमर्स को बढ़ती लागत का बोझ महसूस न हो, इसके लिए हर संभव कोशिश की है. लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कीमतें बढ़ाने से बचना मुश्किल होता जा रहा है. आइए डिटेल में जानते हैं आखिर टिम कुक ने ऐसा क्यों कहा है. क्यों महंगे होंगे Apple प्रोडक्ट्स? Apple के CEO टिम कुक के मुताबिक, iPhone की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सेक्टर की तेजी से बढ़ती मांग है. दरअसल, AI कंपनियां मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की भारी मात्रा में खरीदारी कर रही हैं. यही चिप्स स्मार्टफोन, लैपटॉप, सर्वर, गेमिंग कंसोल और कई दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज में यूज होते हैं. AI पर बढ़ते निवेश के कारण इन चिप्स की मांग लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि उनकी कीमतें ऊपर जा रही हैं और सप्लाई पर भी लोड बन रहा है. टिम कुक ने खास तौर पर मेमोरी चिप्स के बाजार को लेकर चिंता जताई. उनका कहना है कि AI सर्वर्स के लिए बड़ी मात्रा में मेमोरी रिजर्व की जा रही है, जिसके चलते कंस्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए उपलब्ध सप्लाई कम पड़ रही है. ऐसे में आने वाले समय में iPhone समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की कीमतों पर इसका असर देखने को मिल सकता है. कब तक बढ़ेंगे प्राइस? कुक ने यह नहीं बताया कि कीमतों में बढ़ोतरी कब से लागू होगी या फिर किन-किन प्रोडक्ट्स पर इसका असर पड़ेगा. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि कंपनी सप्लायर्स की तरफ से बढ़ाई जा रही लागत को कम करने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन लगातार बढ़ते खर्चों को लंबे समय तक अपने ऊपर लेना अब टिकाऊ नहीं रह गया है. यह भी पढ़ें: ट्रांसपेरेंट डिजाइन के साथ आ सकता है Nothing Phone 4b, हिंदुस्तान में लॉन्च की तैयारी तेज The post iPhone समेत कई Apple प्रोडक्ट के बढ़ेंगे दाम, CEO टिम कुक ने दिया बड़ा संकेत appeared first on Naya Vichar.

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‘अक्षय कुमार से 1 रुपये ज्यादा चाहिए थे’, संजीव कपूर ने रखी थी ऐसी शर्त, कहा था- ‘ये मेरा फील्ड है’

MasterChef India: सेलेब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने हाल ही में ‘मास्टरशेफ इंडिया’ को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसे फैंस जानते नहीं होंगे. संजीव ने बताया कि जब उन्हें पहली बार ‘मास्टरशेफ इंडिया’ ऑफर हुआ था, तब उन्होंने शो करने से इनकार कर दिया था. वजह थी उनकी एक खास शर्त, जिसे मेकर्स मानने के लिए तैयार नहीं थे. Sanjeev Kapoor Reveals His Condition: ‘मेरी एक ही शर्त थी’ Culinary Culture से बातचीत में संजीव कपूर ने कहा, “जब वे पहली बार मेरे पास आए थे, तब उन्होंने मेरी शर्त नहीं मानी. मेरी शर्त सिर्फ इतनी थी कि मुझे अक्षय कुमार से एक रुपया ज्यादा फीस मिलनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “यह शो का पहला सीजन था और मुझे लगता था कि इस काम को मुझसे बेहतर कोई नहीं कर सकता. जब उन्होंने मुझसे बात की, तो मैंने कहा कि मेरी एक शर्त है. उन्होंने उसे नहीं माना और मैं समझौता नहीं करना चाहता था. मैं अपने फैसले से खुश था.” संजीव ने यह भी बताया कि शो छोड़ने के बाद भी मेकर्स लगातार उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे. Sanjeev Kapoor Refused Guest Appearance: गेस्ट बनकर भी नहीं पहुंचे शो में शेफ ने बताया कि मेकर्स ने उन्हें कई बार एक एपिसोड के लिए गेस्ट बनकर आने का ऑफर भी दिया, लेकिन उन्होंने हर बार मना कर दिया. संजीव कपूर ने कहा, “वे लोग बार-बार कहते थे कि सर, एक एपिसोड के लिए आ जाइए. लेकिन मैंने साफ कह दिया था कि मैं ऐसा नहीं करूंगा.” Sanjeev Kapoor Finally Joined MasterChef India: तीसरे सीजन में बदली पूरी कहानी संजीव कपूर ने बताया, “तीसरे सीजन में उन्होंने मुझसे कहा कि शो सही तरीके से नहीं चल रहा है और उन्हें मेरी जरूरत है. मैंने कहा कि मुझे नहीं लगता मैं कर पाऊंगा. तब उन्होंने कहा कि हम बिल्कुल वैसा ही करेंगे जैसा आप कहेंगे.” इसके बाद संजीव ने अपनी शर्तों पर शो साइन किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या आखिरकार उन्हें अक्षय कुमार से ज्यादा फीस मिली थी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “बिल्कुल मिली थी. वह शर्त कभी बदलने वाली नहीं थी. अगर मैं अपने फील्ड में यह नहीं कर सकता, तो फिर क्या मतलब है?” यह भी पढ़ें- वर्ड ऑफ माउथ ने बदली ‘मैं वापस आऊंगा’ की किस्मत, इम्तियाज अली ने जताई खुशी, बोले- दर्शकों के प्यार का कमाल है यह भी पढ़ें- ‘कॉकटेल 2’ की आंधी में भी डटी रही इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’, 10वें दिन छापे ताबड़तोड़ नोट The post ‘अक्षय कुमार से 1 रुपये ज्यादा चाहिए थे’, संजीव कपूर ने रखी थी ऐसी शर्त, कहा था- ‘ये मेरा फील्ड है’ appeared first on Naya Vichar.

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पहले जमीन खरीदी, फिर बनी सड़कें? मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव के परिवार की 168 एकड़ संपत्ति चर्चा में

मध्य प्रदेश का उज्जैन इस समय बड़े स्तर पर शहरी विकास का केंद्र बना हुआ है. शहर में नई सड़कें, हाईवे और कई आधारभूत ढांचा परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं. साथ ही भूमि उपयोग में बदलाव किए जा रहे हैं. इससे रेजिडेंशियल और कमर्शियल क्षेत्रों के विस्तार का रास्ता खुल रहा है. उज्जैन में तेजी से हो रहे विकास और नई परियोजनाओं की वजह से शहर देश के सबसे चर्चित प्रॉपर्टी बाजारों में शामिल हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती निवेशकों में मुख्यमंत्री मोहन यादव, उनके परिवार के सदस्य, भाई-बहन और चचेरे भाई भी शामिल हैं. यह समाचार indianexpress.com ने प्रकाशित की है. रिपोर्ट के मुताबिक, 13 दिसंबर 2023 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में कम से कम 137 प्लॉट खरीदे. इनकी कुल जमीन करीब 168 एकड़ बताई गई है, जिसकी कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये है. दावा है कि ये ज्यादातर जमीन उन इलाकों में खरीदी गई, जहां प्रशासन की सड़क, हाईवे और अन्य विकास परियोजनाओं का सीधा फायदा मिलने वाला था. जमीन रिकॉर्ड्स के अनुसार, इनमें से कम से कम छह प्लॉट बाद में बेच भी दिए गए. हालांकि, 2026 में परिवार द्वारा किए गए संभावित सौदे इस आंकड़े में शामिल नहीं हैं, क्योंकि प्रशासनी रिकॉर्ड तुरंत अपडेट नहीं किये जाते हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार के लोगों ने खरीदी जमीन खतौनी रिकॉर्ड (जमीन संबंधी रिकॉर्ड) के अनुसार, ये जमीनें मुख्यमंत्री मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव, बेटे वैभव यादव की पत्नी शालिनी यादव, भाइयों नंदलाल और नारायण यादव, नारायण की पत्नी रेखा यादव, उनके बेटे अभय यादव के अलावा चचेरे भाइयों गोविंद और निलेश यादव के नाम खरीदी गईं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये खरीदारी सीधे तौर पर या परिवार द्वारा संचालित चार रियल एस्टेट कंपनियों के माध्यम से की गई. किन जगहों पर खरीदी गई जमीन? रिपोर्ट के अनुसार, खरीदे गए ज्यादातर प्लॉट या तो उज्जैन और उसके आसपास घोषित नई सड़क परियोजनाओं के करीब हैं, या फिर उन इलाकों में स्थित हैं जिन्हें उज्जैन मास्टर प्लान-2035 में कृषि भूमि से रेजिडेंशियल और कमर्शियल उपयोग के लिए चिन्हित किया गया है. इससे इन जमीनों के भविष्य में अधिक कीमत बढ़ने की संभावना है. हालांकि उज्जैन मास्टर प्लान-2035 मई 2023 में जारी हो गया था, जो मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से पहले की बात है. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, यादव लंबे समय से उज्जैन के पर्यटन और बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े रहे हैं. वे 2004 से 2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे, 2011 से 2013 तक एमपी टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नेतृत्व किया. 2013 से लगातार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक हैं. यह भी पढ़ें : मालवा से होगा विकसित मध्य प्रदेश का आगाज, 2781 गांव और सवा करोड़ लोगों की बदलेगी तस्वीर इन इलाकों में की गई नई सड़क और हाईवे परियोजनाओं की घोषणा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2024 में मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद राज्य प्रशासन ने उन्हीं इलाकों में कई नई सड़क और हाईवे परियोजनाओं की घोषणा की, जहां जमीन खरीदी गई थी. स्थानीय प्रॉपर्टी कारोबारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से भविष्य में उन जमीनों की कीमत और मांग काफी बढ़ सकती है. स्थानीय प्रॉपर्टी कारोबारियों का कहना है कि भूमि उपयोग में बदलाव के बाद कई कृषि क्षेत्रों को आवासीय और व्यावसायिक विकास के लिए खोल दिया गया. इसी वजह से इन प्लॉटों को शुरुआती निवेश के लिहाज से बेहद फायदेमंद माना जा रहा है. The post पहले जमीन खरीदी, फिर बनी सड़कें? मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव के परिवार की 168 एकड़ संपत्ति चर्चा में appeared first on Naya Vichar.

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