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Author name: Vinod Jha

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बिहार राज्यसभा चुनाव: पांचवीं सीट पर फंसा पेच, तेजस्वी यादव से AIMIM ने मांगा समर्थन

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में इस बार राज्यसभा चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. कुल पांच सीटों पर चुनाव होना है. चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है. लेकिन पांचवीं सीट ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. इस सीट पर कड़ी टक्कर के आसार हैं. तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि महागठबंधन इस चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगा. उन्होंने दावा किया कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन मजबूती से चुनाव लड़ेगा और जीतेगा भी. तेजस्वी ने यह भी कहा कि उम्मीदवारों के नामों पर विचार चल रहा है. पार्टी वरिष्ठ नेताओं से राय ले रही है. सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखा जाएगा. नामों की घोषणा जल्द की जाएगी. एआईएमआईएम की समर्थन की मांग इसी बीच एआईएमआईएम ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Akhtarul Iman ने कहा कि उन्होंने तेजस्वी यादव से मुलाकात कर समर्थन का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम का कोई नेता अभी राज्यसभा में नहीं है. इसलिए इस बार उन्हें मौका मिलना चाहिए. सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं की मुलाकात गोपनीय तरीके से हुई. चर्चा राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने और समर्थन के समीकरण पर केंद्रित रही. इस मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है. पांचवीं सीट पर फंसा गणित बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होना है. इनमें से बीजेपी और जेडीयू की दो-दो सीटें पक्की मानी जा रही हैं. असली मुकाबला पांचवीं सीट पर है. संख्या बल के हिसाब से महागठबंधन को छह अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी. वहीं एनडीए को तीन विधायकों का समर्थन और चाहिए. ऐसे में एआईएमआईएम के पांच विधायक और बीएसपी का एक विधायक किंगमेकर की भूमिका में दिख रहे हैं. संख्या बल पर तेजस्वी का भरोसा तेजस्वी यादव ने संख्या बल की कमी के सवाल को खारिज किया. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के पास जरूरी आंकड़े मौजूद हैं. उन्होंने दोहराया कि वे पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेंगे. उनका दावा है कि रणनीति तय है और अंतिम समय तक समीकरण उनके पक्ष में बन जाएंगे. इस बयान के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है. नामांकन और मतगणना की तारीख राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. नामांकन 5 मार्च तक चलेगा. 16 मार्च को वोटों की गिनती होगी. उसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे. एनडीए खेमे में भी बैठकों का दौर जारी है. उम्मीदवारों के नाम और रणनीति पर मंथन हो रहा है. कुल मिलाकर बिहार का राज्यसभा चुनाव इस बार साधारण नहीं, बल्कि रणनीति और जोड़-तोड़ की परीक्षा बनता दिख रहा है. Also Read: बिहार में शिक्षकों का होगा प्रमोशन, सदन में बीजेपी बोली- धर्म परिवर्तन के खिलाफ बने कानून The post बिहार राज्यसभा चुनाव: पांचवीं सीट पर फंसा पेच, तेजस्वी यादव से AIMIM ने मांगा समर्थन appeared first on Naya Vichar.

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एयरपोर्ट पर साथ नजर आए विजय–रश्मिका, नई नवेली दुल्हन ने हाथ जोड़कर किया नमस्ते

Rashmika Mandanna After Wedding Look: शादी के बाद पहली बार Vijay Deverakonda और Rashmika Mandanna को एक साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया, और उनकी इस झलक ने फैंस का दिल जीत लिया. नई नवेली दुल्हन रश्मिका लाल सूट में बेहद खूबसूरत नजर आईं, चेहरे पर ब्राइडल ग्लो और सादगी भरी मुस्कान साफ दिख रही थी. वहीं विजय हमेशा की तरह कूल अंदाज में नजर आए. दोनों ने फैंस और पैपराजी को हाथ जोड़कर नमस्ते किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) रश्मिका की सुंदरता और संस्कार View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) लाल सूट में सजी नई दुल्हन का यह अंदाज/ हर किसी का दिल जीत रहा है. शादी के बाद पहली झलक में Rashmika Mandanna का ब्राइडल ग्लो साफ नजर आया, सादगी, शालीनता और हल्की मुस्कान के साथ वह बेहद खूबसूरत दिखीं. सिंपल मेकअप, खुले बाल और लाल रंग की पारंपरिक ड्रेस ने उनके लुक को और भी खास बना दिया. एयरपोर्ट पर आते ही उन्होंने हाथ जोड़कर सबको नमस्ते किया, जिसने उनके इस देसी अंदाज़ को और भी प्यारा बना दिया. शादी के बाद पहली बार साथ नजर आए Vijay Deverakonda और Rashmika Mandanna की यह झलक किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगी. भीड़ और कैमरों के बीच दोनों एक-दूसरे के साथ बेहद सहज और शांत दिखाई दिए. रश्मिका का सादगी भरा दुल्हन वाला अंदाज और विजय का केयरिंग जेस्चर यह दिखा रहा था कि दोनों अपने नए रिश्ते के हर पल को खुलकर जी रहे हैं. एयरपोर्ट पर उनकी यह छोटी-सी मौजूदगी फैंस के लिए किसी बड़े सेलिब्रेशन से कम नहीं रही. यह भी पढ़ें: रश्मिका की रस्ट-ऑरेंज साड़ी और विजय का वर्मिलियन अंगवस्त्रम लुक, ट्रेडिशन और एलीगेंस का परफेक्ट कॉम्बो The post एयरपोर्ट पर साथ नजर आए विजय–रश्मिका, नई नवेली दुल्हन ने हाथ जोड़कर किया नमस्ते appeared first on Naya Vichar.

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कैसा रहा CBSE का कंप्यूटर का पेपर? स्टूडेंट्स ने बताया NCERT…

CBSE Board Computer Paper Analysis: कंप्यूटर सब्जेक्ट का पेपर आसान रहा. सभी सवाल NCERT और सिलेबस से पूछे गए थे. स्टूडेंट्स ने कहा कि IT का पेपर आसान था और समय के भीतर सॉल्व करने वाला था. विशेषज्ञों का कहना है कि पेपर स्टूडेंट फ्रेंडली था. कैसा रहा कंप्यूटर का पेपर? छात्रों के अनुसार, IT का क्वेश्चन बेसिक और बैलेंसड था. जिन छात्रों ने व्यवस्थित तैयारी की थी, वे सभी प्रश्न कॉन्फिडेंस के साथ बना सके. एआई प्रोजेक्ट साइकिल, डेटा हैंडलिंग और एआई एथिक्स जैसे टॉपिक्स से सवाल पूछे गए. MCQ के सवाल सीधे और स्पष्ट थे विशेषज्ञों का कहना है कि एमसीक्यू (MCQ) सेक्शन सीधा और स्पष्ट था, जिसमें कॉन्सेप्ट की समझ पर जोर दिया गया. ये प्रश्न स्कोरिंग थे और भ्रमित करने वाले नहीं थे. 2 अंकों के प्रश्न सरल थे, जबकि 4 अंकों के प्रश्नों में समझ की जांच की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि जिन छात्रों ने सैंपल पेपर का नियमित अभ्यास किया था, उनके लिए ये प्रश्न भी ज्यादा कठिन नहीं रहे होंगे. शिक्षकों ने प्रश्नपत्र को अच्छा बताया. समय सीमा भी ठीक था. हालांकि कुछ छात्रों ने माना कि कुछ प्रश्न थोड़े भ्रमित करने वाले थे, खासकर सेक्शन A में कुछ विकल्प मिलते-जुलते होने के कारण. सेक्शन B में 2 और 4 अंकों के एनालिसिस प्रश्नों में दो सवाल ऐसे थे, जिन्हें समझने के लिए बेहतर व्याख्या की जरूरत थी. अधिकांश छात्रों को सेक्शन A, सेक्शन B की तुलना में आसान लगा, क्योंकि सेक्शन B में एनालिसिस बेस्ड सवाल अधिक थे. यह भी पढ़ें- अब बोर्ड परीक्षा में भी ले जाना होगा पहचान पत्र, इस राज्य ने की पहल  The post कैसा रहा CBSE का कंप्यूटर का पेपर? स्टूडेंट्स ने बताया NCERT… appeared first on Naya Vichar.

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IND vs ZIM: रिंकू से कैच छूटा तो सबने कहा, वो तो ऐसा नहीं करते; सुबह खबर आई- पिता नहीं रहे

IND vs ZIM: हिंदुस्तानीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को शुक्रवार को गहरा आघात लगा. उनके पिता खानचंद सिंह का स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया. यह दुखद घटना शुक्रवार तड़के हुई. जबकि इससे एक रात पहले रिंकू मैदान पर टीम इंडिया को जिताने में लगे थे. भले ही रिंकू मैदान पर थे, लेकिन उनका मन और दिल उनके पापा के पास लगा हुआ था, क्योंकि उन्होंने मैच के दौरान ऐसी गलती की, जो अमूमन उनसे नहीं होती.  रिंकू सिंह वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का हिस्सा हैं. हालांकि गुरुवार को जिम्बॉब्वे के खिलाफ एक अहम मैच में वह प्लेइंग इलेवन में नहीं थे, लेकिन हिंदुस्तानीय टीम की फील्डिंग के दौरान वह मैदान पर जरूर उतरे. रिंकू के चेहरे पर टेंशन साफ नजर आ रहा था. पिता अस्पताल में और टीम इंडिया का अहम मैच; केवल जीत जरूरी नहीं, बल्कि सेमीफाइनल का टिकट भी दांव पर लगा था.  टेंशन में थी टीम इंडिया हिंदुस्तानीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 256 रन बनाए, सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए हिंदुस्तान अपना नेट रन रेट सुधारना चाहता था, लेकिन 5 ओवर बीत जाने के बाद भी हिंदुस्तान के खाते में  कोई विकेट नहीं था. इसी बीच छठा ओवर लेकर आए वरुण चक्रवर्ती, उनके ओवर की पहली ही गेंद पर तदिवानाशे मारुमानी ने जोरदार छक्का मारा. टीम इंडिया थोड़ी चिंतित नजर आने लगी. स्कोरबोर्ड पर 5.1 ओवर में बिना विकेट 39 रन बन गए.  रिंकू ने वो कर दिया, जो उनसे रेयर मामलों में होता है वरुण के इसी ओवर में चौथी गेंद डाली, मैच की कहानी में थोड़ा सा मोड़ आया, लेकिन रिंकू से लॉन्ग-ऑन पर तदिवानाशे मरुमानी का एक बेहद आसान कैच छूट गया. अपने घरेलू मैदान पर स्पोर्ट्स रहे और अहमदाबाद में एक खराब रात झेल चुके वरुण ने निराशा में अपना चेहरा ढक लिया. हार्दिक पंड्या ने हाथों से जोरदार इशारे किए. वह आमतौर पर ऐसे कैच नहीं छोड़ते. यह स्लॉग-स्वीप शॉट था, जिसे मरुमानी ठीक से टाइम नहीं कर पाए. रिंकू पीछे की ओर दौड़े और पारंपरिक तरीके से कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से फिसल गई. मरुमानी को जीवनदान मिल गया. क्रिकबज ने इस मोमेंट पर कमेंट्री की, ‘रिंकू इस समय किसी और ही सोच में नजर आए.’ जो बिल्कुल सही थी. रिंकू कहीं और थे शायद अपने पिता के नजदीक, शरीर से नहीं बल्कि मन से. सोशल मीडिया ने रिंकू को ट्रोल करना शुरू कर दिया शायद जीत इतनी पक्की नजर आ रही थी कि हिंदुस्तान की तेजी थोड़ी कम हो गई. ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों का हडल काफी जोशीला दिखा, जहां सूर्यकुमार उन्हें संभलने और अपना स्पोर्ट्स सुधारने के लिए प्रेरित करते नजर आए. सोशल मीडिया पर लोगों ने रिंकू सिंह को ट्रोल करना शुरू कर दिया, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में भी उनसे एक कैच छूटा था. रिंकू के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था, शायद अनहोनी का अंदेशा, जो सुबह होते ही घट गई.  कैंसर से लंबी जंग के बाद रिंकू के पिता ने ली आखिरी सांस एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह ग्रेटर नोएडा के यशार्थ हॉस्पिटल में भर्ती थे. अस्पताल के पीआरओ ने बताया, ‘चौथे चरण के कैंसर से जूझने के बाद आज सुबह 5 बजे क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता ने अंतिम सांस ली.’ रिंकू के लिए सोशल मीडिया पर क्रिकेट फ्रैटरनिटी और प्रशंसकों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की. लेकिन एक यूजर ने इस घटना की सामाजिक सच्चाई को बयान किया है.  कासिम हुसैन ने लिखा, ‘कल जब रिंकू सिंह से वह कैच छूटा, तो कई लोग तुरंत उनकी आलोचना करने लगे. लेकिन हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि खिलाड़ी पहले इंसान होते हैं. हम उन्हें शायद ही कभी ऐसी गलती करते देखते हैं, फिर भी कई बार मैदान के बाहर की लड़ाइयाँ मैदान की चुनौतियों से कहीं ज्यादा भारी होती हैं. अपने प्रियजनों की चिंता और दर्द चुपचाप सबसे मजबूत कंधों को भी झुका सकते हैं. आज उन्होंने अपने पिता को खो दिया है. इस कठिन समय में रिंकू सिंह और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं. ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति और शांति प्रदान करे.’ Yesterday, when Rinku Singh dropped that catch, many were quick to criticize.But we often forget that athletes are human first.We rarely see him make such mistakes, yet sometimes the battles off the field are far heavier than the ones on it.The worry and pain for our loved… pic.twitter.com/YL1xyeZ0G4 — Qasim Husain 🇮🇳 (@qasim_says_) February 27, 2026 स्टेज-4 को पार नहीं कर सके रिंकू के पिता रिंकू सिंह के पिता की तबीयत हाल के दिनों में काफी बिगड़ गई थी. उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल चुका था. स्टेज-4 लिवर कैंसर बीमारी का सबसे गंभीर चरण होता है, जिसमें इलाज बेहद कठिन हो जाता है. दवाइयों से दर्द कम करने और बीमारी की रफ्तार धीमी करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इलाज के बावजूद खानचंद सिंह इस बीमारी से उबर नहीं सके. टीम से कुछ समय दूर रह सकते हैं रिंकू रिंकू T20 World Cup 2026 के दौरान गुरुवार को चेन्नई में जिम्बॉब्वे के खिलाफ मैच के लिए हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा थे. वे जिम्बाब्वे मुकाबले से पहले टीम छोड़कर गए थे, लेकिन अहम मैच से पहले दोबारा जुड़ गए थे. अब उम्मीद है कि वे टीम से कुछ समय का ब्रेक लेकर परिवार के साथ रहेंगे. रविवार को कोलकाता में होने वाले हिंदुस्तान बनाम वेस्ट इंडीज सुपर-8 मुकाबले में उनकी उपलब्धता पर भी संशय है. इस मैच में भी विजेता बनेगा वह सेमीफाइनल में पहुंचेगा. ये भी पढ़ें:- ‘टीम जो बोलेगी, वही करूंगा’, नंबर 6 पर तिलक का ‘गदर’, 16 गेंद में कूटे 44 रन ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया, वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड टूटा The post IND vs ZIM: रिंकू से कैच छूटा तो सबने कहा, वो तो ऐसा नहीं करते; सुबह समाचार आई- पिता नहीं रहे appeared first on Naya Vichar.

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‘लंगर लगा रहता है, आधा पंजाब बैठा है’, कपिल शर्मा के शो पर Sunil Pal का तंज

Sunil Pal एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं. इससे पहले उन्होंने कुछ कॉमेडियनों पर स्त्रीओं की तरह कपड़े पहनकर “अश्लील और सस्ती कॉमेडी” करने का आरोप लगाया था. अब हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने कपिल शर्मा के साथ अपने रिश्ते और उनके शो को लेकर खुलकर बात की. उनका कहना है कि कपिल शर्मा के शो में लंगर लगा रहता है. अब उन्होंने ऐसा क्यों कहा, आइए बताते हैं. कपिल शर्मा के फैन हैं सुनील पाल Meri Saheli के पॉडकास्ट के दौरान जब उनसे कपिल शर्मा के साथ उनके रिश्ते के बारे में पूछा गया, तो सुनील पाल ने साफ कहा कि उन्हें कपिल से कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने कहा कि वह कपिल शर्मा के बहुत बड़े फैन हैं. सुनील पाल के मुताबिक, कपिल पिछले 12 साल से ज्यादा समय से अपना कॉमेडी शो चला रहे हैं और लगातार अच्छा काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कपिल हमेशा अपने दोस्तों को आगे बढ़ने का मौका देते हैं और वह दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले कॉमेडियनों में से एक हैं. सुनील पाल: ‘आधा पंजाब वहां पर बैठा है’ सुनील ने आगे बताया कि उन्होंने कभी कपिल से उन्हें अपने शो में लेने के लिए नहीं कहा और कहा, “वो मुझे कई बार बोलता है, मेरे सेट पे आया करो, मिला करो मुझसे. बहुत प्यार करता है, मानता है मुझे. लेकिन मैं कहता हूं वो मुझे मानता है वो उसकी महानता है. मैं तभी जाऊंगा जब उसको लगेगा सुनील पाल के लिए सच में काम है. वरना उसके यहां तो लंगर लगा रहता है. आधा पंजाब वहां पर बैठा है.” सुनील ग्रोवर और अन्य कॉमेडियनों पर भी साधा निशाना एक अन्य बातचीत में सुनील पाल ने कुछ कॉमेडियनों की कॉमेडी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने सुनील ग्रोवर का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें अब उनकी कॉमेडी में नई बात नहीं लगती. सुनील पाल ने आरोप लगाया कि बार-बार स्त्रीओं के किरदार में आकर कॉमेडी करना और वल्गर बातें करना उन्हें पसंद नहीं आता. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कलाकारों को दूसरों को ज्ञान देने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए. यह भी पढ़ें: अक्षय कुमार की ‘जॉली एलएलबी 3’ को पछाड़ आगे निकली ये तेलुगु फिल्म, Netflix पर टॉप-5 में कर रही ट्रेंड The post ‘लंगर लगा रहता है, आधा पंजाब बैठा है’, कपिल शर्मा के शो पर Sunil Pal का तंज appeared first on Naya Vichar.

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सोने-चांदी के ETF में बड़ा बदलाव, 1 अप्रैल 2026 से नया नियम लागू

New rule for gold-silver ETFs: हिंदुस्तान के बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने सोना और चांदी में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड और ETF के लिए नियम बदल दिए हैं. आसान भाषा में समझें तो अब इनकी कीमत विदेशी रेट से नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के स्टॉक एक्सचेंज पर जारी होने वाली स्पॉट कीमत से तय होगी. यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. पहले क्या होता था ? अब तक गोल्ड और सिल्वर ETF की वैल्यू London Bullion Market Association (LBMA) के लंदन वाले रेट से तय होती थी. फिर उस कीमत को डॉलर से रुपये में बदला जाता था. टैक्स और कस्टम ड्यूटी जोड़ी जाती थी. ट्रांसपोर्ट खर्च जोड़ा जाता था. तब जाकर हिंदुस्तान में उसकी कीमत तय होती थी. मतलब, सीधा हिंदुस्तानीय बाजार का रेट नहीं लिया जाता था. अब क्या बदलेगा ? अब म्यूचुअल फंड कंपनियां सोना-चांदी की कीमत हिंदुस्तानीय स्टॉक एक्सचेंज पर जारी स्पॉट प्राइस से तय करेंगी. यानी जो असली घरेलू बाजार का रेट है, उसी के आधार पर ETF की NAV (नेट एसेट वैल्यू) निकलेगी. निवेशकों को क्या फायदा ? ज्यादा पारदर्शिता: अब कीमत समझना आसान होगा. विदेशी रेट + जोड़-घटाव का झंझट नहीं रहेगा. स्कीमों की तुलना आसान: अलग-अलग गोल्ड ETF के रिटर्न में जो छोटा-मोटा फर्क दिखता था, वह कम हो सकता है. घरेलू बाजार से सीधा लिंक: अब कीमत हिंदुस्तानीय मांग और सप्लाई के हिसाब से ज्यादा सही दिखेगी. यह नियम कब से लागू होगा ? यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसे लागू कराने में Association of Mutual Funds in India (AMFI) भी सेबी के साथ मिलकर एक समान नीति बनाएगा, ताकि सभी म्यूचुअल फंड कंपनियां एक ही तरीका अपनाएं. Also Read: 1 अप्रैल 2026 से बदल सकते हैं क्रेडिट कार्ड के नियम, जान लीजिए क्या है नया The post सोने-चांदी के ETF में बड़ा बदलाव, 1 अप्रैल 2026 से नया नियम लागू appeared first on Naya Vichar.

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मार्च में स्मार्टफोन लॉन्च की भरमार, Nothing और Motorola के फोन भी एंट्री को तैयार

फरवरी का महीना स्मार्टफोन लॉन्च के मामले में काफी व्यस्त रहा. इस दौरान हमने Samsung Galaxy S26 सीरीज, Vivo V70, iQOO 15R और Google Pixel 10a जैसे बड़े लॉन्च देखे. लेकिन अगर आपको लगा था कि अब लॉन्च की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ेगी, तो मार्च के लिए तैयार हो जाइए. आने वाले हफ्तों में कई नए स्मार्टफोन्स लॉन्च होने वाले हैं. कुछ बजट सेगमेंट में हलचल मचाएंगे, तो कुछ परफॉर्मेंस के मामले में फ्लैगशिप लेवल का दम दिखाएंगे. आइए, एक नजर डालते हैं उन डिवाइसेज पर जो जल्द बाजार में एंट्री कर सकते हैं और जानते हैं कि वे अपने साथ क्या नया लेकर आ सकते हैं. Nothing Phone 4a Series Nothing ने कंफर्म कर दिया है कि उसकी Phone 4a सीरीज 5 मार्च 2026 को हिंदुस्तान समेत दुनियाभर में लॉन्च होने वाली है. Nothing ने कंफर्म कर दिया है कि Phone 4a सीरीज में Qualcomm का Snapdragon चिपसेट मिलेगा. उम्मीद है कि इस फोन में Snapdragon 7s Gen 4 SoC दिया जा सकता है. खास बात ये है कि लंदन की इस कंपनी ने इस बार व्हाइट के साथ-साथ एक नया पिंक कलर ऑप्शन भी टीज किया है. iPhone 17e ऐसा माना जा रहा है कि Apple अपने 4 मार्च के इवेंट में iPhone 17e से पर्दा उठा सकता है. उम्मीद है कि इस फोन में A19 चिप मिलेगी, जो स्टैंडर्ड iPhone 17 में भी देखने को मिली थी. लीक रिपोर्ट्स की मानें तो डिजाइन और कैमरा हार्डवेयर काफी हद तक iPhone 16e जैसा ही रह सकता है. Motorola Edge 70 Fusion Motorola अपना नया Edge 70 Fusion 6 मार्च को लॉन्च करेगा. Motorola Edge 70 Fusion में Qualcomm का Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट दिया जाएगा. फोन में बड़ी 7,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी मिलेगी, जो 68W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी. इसमें पीछे की तरफ 50MP का Sony LYT-710 प्राइमरी कैमरा, 13MPका अल्ट्रावाइड कैमरा और एक मैक्रो कैमरा भी मिलेगा. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा होगा Poco X8 Pro सीरीज टिप्स्टर Abhishek Yadav (@yabhishekhd) के X पोस्ट के मुताबिक, Poco X8 Pro Max हिंदुस्तान में मिड-मार्च तक लॉन्च हो सकता है. बताया जा रहा है कि यह फोन Poco X8 Pro के साथ ही डेब्यू करेगा. टिप्स्टर का दावा है कि Pro Max वेरिएंट के एक शुरुआती टेस्टिंग यूनिट ने AnTuTu बेंचमार्क पर करीब 36,12,095 का स्कोर हासिल किया है. यह भी पढ़ें: Samsung Galaxy S26 सीरीज का कमाल : Bixby, Gemini और Perplexity- एक फोन में तीन AI The post मार्च में स्मार्टफोन लॉन्च की भरमार, Nothing और Motorola के फोन भी एंट्री को तैयार appeared first on Naya Vichar.

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अक्षय कुमार की ‘जॉली एलएलबी 3’ को पछाड़ आगे निकली ये तेलुगु फिल्म, Netflix पर टॉप-5 में कर रही ट्रेंड

Netflix Trending Movie: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इन दिनों साउथ फिल्मों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच तेलुगु फिल्म ‘अनगनागा ओका राजू’ ने भी दर्शकों का ध्यान खींच लिया है. करीब 2 घंटे 30 मिनट की यह कॉमेडी-ड्रामा फिल्म इन दिनों नेटफ्लिक्स पर पांचवें नंबर पर ट्रेंड कर रही है. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म ने ओटीटी ट्रेंडिंग लिस्ट में ‘जॉली एलएलबी 3’ को भी पीछे छोड़ दिया है. अक्षय कुमार की यह फिल्म फिलहाल लिस्ट में छठे नंबर पर है. आइए आपको फिल्म की कहानी और बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस के बारे में बताते हैं. क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी राजू नाम के एक युवक के इर्द-गिर्द घूमती है. राजू कभी एक ताकतवर और बेहद अमीर जमींदार परिवार का पोता हुआ करता था. लेकिन उसके दादा ने परिवार की सारी दौलत ऐशो-आराम और गलत उदारता में खर्च कर दी. ऐसे में राजू को विरासत में सिर्फ एक मशहूर सरनेम ही मिला. अमीरी का भ्रम बनाए रखने के लिए राजू अपने गांव में खुद को अमीर आदमी की तरह पेश करता रहता है. लेकिन एक दिन अपने दोस्त की शानदार शादी में उसे सबके सामने बेइज्जती का सामना करना पड़ता है. इस घटना के बाद वह तय करता है कि वह किसी अमीर लड़की से शादी करके अपनी खोई हुई इमेज वापस हासिल करेगा. इसी दौरान गांव के एक मेले में उसकी मुलाकात चारुलता से होती है. राजू अपने वफादार असिस्टेंट और दोस्तों के साथ मिलकर उसका दिल जीतने के लिए एक मिशन शुरू करता है, जिसे वे ‘ऑपरेशन चारुलता’ नाम देते हैं. आखिरकार उनका प्लान कामयाब हो जाता है और दोनों की शादी हो जाती है. लेकिन असली ट्विस्ट शादी की रात आता है, जब राजू को अपने ससुर का एक चौंकाने वाला लेटर मिलता है. इसमें बताया जाता है कि चारुलता का परिवार पूरी तरह दिवालिया हो चुका है. दरअसल चारुलता और उसके पिता ने यह सोचकर शादी करवाई थी कि राजू अमीर है और वह उनकी आर्थिक परेशानियों को दूर कर देगा. जब सच्चाई सामने आती है तो दोनों को एहसास होता है कि उन्होंने एक-दूसरे को धोखे में रखा है. इसके बाद क्या होता है, इसे देखने के लिए आपको पूरी फिल्म देखनी होगी. बॉक्स ऑफिस और OTT परफॉर्मेंस फिल्म को रिलीज के बाद दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला. वर्ल्डवाइड थिएटर में 83.81 करोड़ कमाने के बाद यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई और फिलहाल टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में पांचवें नंबर पर बनी हुई है. दर्शक इसकी हल्की-फुल्की कहानी और कॉमिक अंदाज को काफी पसंद कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: थिएटर के बाद अब OTT पर ‘Ikkis’, धर्मेंद्र को आखिरी बार देखने का मौका The post अक्षय कुमार की ‘जॉली एलएलबी 3’ को पछाड़ आगे निकली ये तेलुगु फिल्म, Netflix पर टॉप-5 में कर रही ट्रेंड appeared first on Naya Vichar.

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क्या है डूरंड लाइन विवाद? अफगान-पाक की 2611 किमी लंबी सरहद क्यों सुलग रही है, जानें

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालात अब पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं. डूरंड लाइन (Durand Line) पर शुरू हुई झड़प अब ‘खुली जंग’  (ओपन वॉर) में बदल गई है. दोनों तरफ से भारी बमबारी, हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई हो रही है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तो इसे ‘ओपन वॉर’ करार दे दिया है. आइए समझते हैं कि आखिर 2,611 किमी लंबी यह सरहद क्यों सुलग रही है और अब तक क्या-क्या हुआ. डूरंड लाइन: आखिर इस बॉर्डर पर झगड़ा क्यों है? इस पूरे फसाद की जड़ ‘डूरंड लाइन’ है. यह 2,611 किमी लंबी वह सीमा रेखा है जिसे 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान खींचा गया था. पाकिस्तान इसे अपनी आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है, लेकिन अफगानिस्तान की कोई भी प्रशासन (चाहे वो पिछली हो या अब की तालिबान प्रशासन) इसे मानने को तैयार नहीं है. अफगानिस्तान का कहना है कि यह रेखा उनके देश को बांटती है. यही वजह है कि यहां अक्सर गोलीबारी और तनाव बना रहता है. कैसे शुरू हुआ ताजा विवाद?  ताजा झड़प तब शुरू हुई जब काबुल ने पाकिस्तान पर अफगान इलाके में घुसकर आम नागरिकों पर हवाई हमले करने का आरोप लगाया. 26 फरवरी (9 रमजान): रात 8:00 बजे अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान की इस ‘जुर्रत’ का जवाब देने के लिए जवाबी कार्रवाई शुरू की. अफगानिस्तान का दावा: अफगान सेना ने पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान जैसे इलाकों में पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को निशाना बनाया. नुकसान का आंकड़ा: अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. उन्होंने 2 बेस और 19 चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया है. साथ ही एक टैंक को तबाह करने और भारी मात्रा में हथियार जब्त करने की बात कही है. इस लड़ाई में अफगानिस्तान ने अपने 8 मुजाहिदीन के शहीद होने और 11 के घायल होने की जानकारी दी है. पाकिस्तान का पलटवार: ऑपरेशन ‘गजब लिल हक’ पाकिस्तान ने भी इन दावों पर चुप्पी तोड़ी और ‘गजब लिल हक’ नाम से एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया. पाकिस्तानी मीडिया (एआरवाई और जियो न्यूज) के अनुसार: पाकिस्तान का दावा है कि उन्होंने 133 अफगान तालिबान लड़ाकों को मार गिराया है और 200 से ज्यादा घायल हैं. उन्होंने तालिबान की 27 चौकियों को तबाह करने और 9 पर कब्जे का दावा किया है. रक्षा मंत्री की चेतावनी: ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब पानी सिर से ऊपर निकल चुका है. उन्होंने तालिबान पर आतंकवाद एक्सपोर्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब हमारे बीच ‘ओपन वॉर’ है. उन्होंने कहा कि तालिबान शासन के खिलाफ ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू कर दिया है. हिंदुस्तान पर मढ़ा दोष: बिना सबूत लगाए गंभीर आरोप हमेशा की तरह, पाकिस्तान ने अपनी अंदरूनी सुरक्षा की विफलता का ठीकरा हिंदुस्तान पर फोड़ने की कोशिश की. फ्रांस 24 को दिए इंटरव्यू में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि दिल्ली और काबुल मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ ‘प्रॉक्सि वॉर’ (छद्म युद्ध) लड़ रहे हैं. हालांकि, जब पत्रकार ने सबूत मांगे, तो उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं था. उन्होंने बस इतना कहा कि हिंदुस्तान इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा. बड़े नेताओं ने क्या कहा? हामिद करजई (पूर्व राष्ट्रपति): उन्होंने पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि अफगान अपनी धरती की रक्षा करना जानते हैं. उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह बमबारी के बजाय अच्छे पड़ोसी की तरह रहना सीखे. जबीहुल्लाह मुजाहिद (तालिबान प्रवक्ता): उन्होंने पाकिस्तान के हमलों को ‘कायरतापूर्ण’ बताया और कहा कि डूरंड लाइन पर उनके ‘मंसूरी कोर’ और ‘खालिद बिन वलीद कोर’ के सैनिक डटे हुए हैं. आतंकवाद का बिजनेस और अंदरूनी नेतृत्व: निर्वासित अफगान सांसद मरियम सोलेमानखिल ने एक इंटरव्यू (एनआई) में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने खुद तालिबान जैसे गुट बनाए और आतंकवाद को एक बिजनेस की तरह इस्तेमाल किया, जो अब खुद उन पर भारी पड़ रहा है. मरियम का कहना है कि इस लड़ाई में सिर्फ पश्तून और बलूच लोग मर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के पंजाबी इलाकों पर कोई आंच नहीं आ रही. उन्होंने यह भी अंदेशा जताया कि पाकिस्तान इस लड़ाई का बहाना बनाकर IMF (इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड) से और ज्यादा मदद मांगने की फिराक में है. ये भी पढ़ें: अफगानिस्तान ने गिराया पाकिस्तान का F-16, सोशल मीडिया पर आया वीडियो, सच्चाई क्या? अभी क्या हैं हालात? सीमा पर अभी भी भारी तनाव है. तोरखम गेट और आसपास के इलाकों में दोनों सेनाएं आमने-सामने हैं. पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि फिलहाल उनका तालिबान प्रशासन से कोई सीधा संपर्क नहीं है और वे मध्यस्थता के लिए दूसरे देशों की मदद लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है. काबुल में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे लग रहा है कि यह संघर्ष अभी और खिंच सकता है. ये भी पढ़ें:- अफगानिस्तान के हमले से तिलमिलाया पाकिस्तान, रक्षा मंत्री बोले- हिंदुस्तान और काबुल मिलकर कर रहे ‘प्रॉक्सी वॉर’ The post क्या है डूरंड लाइन विवाद? अफगान-पाक की 2611 किमी लंबी सरहद क्यों सुलग रही है, जानें appeared first on Naya Vichar.

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क्या थी दिल्ली सरकार की शराब नीति, जिसने अरविंद केजरीवाल को पहुंचाया था जेल, अब हुए बरी

Arvind Kejriwal : दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को शराब घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया. सभी आरोपियों को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने जो चार्टशीट दाखिल की है उसमें कई कमियां हैं. इसी वजह से कोर्ट ने सीबीआई के चार्टशीट पर संज्ञान लेने से मना कर दिया. कोर्ट ने कहा कि चार्टशीट में जो बातें कही गई हैं, उनसे सबूतों का मेल नहीं बैठता है. कोर्ट द्वारा क्लीन चिट मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने फफक कर रो पड़े और कहा कि मैं भ्रष्ट नहीं हूं मैं और मेरी पार्टी आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है. उन्होंने कहा कि शराब घोटाले में हमारा नाम आना एक नेतृत्वक साजिश थी. आइए समझते हैं क्या था पूरा मामला और कोर्ट ने क्यों सभी आरोपियों को बरी कर दिया… क्या थी दिल्ली की नयी शराब नीति जिसपर हुआ था बवाल ? साल 2021–22 में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल प्रशासन राजस्व में वृद्धि के  लिए नयी शराब नीति  लेकर आई थी. इस नीति के तहत प्रशासन ने खुदरा शराब की बिक्री का पूरी तरह से निजीकरण कर दिया था और निजी कंपनियों को लाइसेंस देकर राजस्व जुटाने की पहल की गई थी. इस नयी शराब नीति का उद्देश्य शराब बिक्री में प्रशासनी दखल कम करना, निजी दुकानों को बढ़ावा देना, राजस्व की वृद्धि और अवैध शराब की बिक्री को बंद करना था. इस नीति के तहत प्रशासनी शराब दुकानों को बंद कर दिया गया और दिल्ली शहर को जोन में बांटकर निजी कंपनियों को लाइसेंस दिया गया. इसके साथ ही प्रशासन ने यह अनुमति दी कि दुकानदार छूट और ऑफर दे सकते हैं. प्रशासन पर क्या लगे आरोप? अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया दिल्ली तत्कालीन एलजी वीके सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल प्रशासन की नयी शराब नीति पर सवाल उठाए थे और जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की थी और बाद में इस घोटाले की जांच में ईडी भी शामिल हुआ था. जांच में यह बात सामने आयी कि कुछ शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने के लिए नियम बदले गए और उसके बदले में उनसे रिश्वत लिया गया. जांच एजेंसियों ने यह आरोप लगाया कि रिश्वत लेने के लिए कई शर्तों में भी ढील दी गई थी. अरविंद केजरीवाल की प्रशासन पर यह आरोप लगा कि हवाला और शेल कंपनियों (नकली कंपनियां, जो सिर्फ कागजों पर चलती हैं) के जरिए पैसों का लेन–देन हुआ और पैसे का हस्तांतरण किया गया. एक साउथ ग्रुप के जरिए बड़े पैमाने पर पैसे देने का आरोप भी लगा. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें किसके खिलाफ हुई कार्रवाई? शराब घोटाला के सामने आने के बाद विपक्ष हमलावर हो गया और अरविंद केजरीवाल से इस मामले में जिम्मेदारी तय करने को कहा. जांच के दौरान सबसे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की गिरफ्तारी हुई क्योंकि आबकारी विभाग उनके ही पास था. इस केस में मनी लाॅड्रिंग के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई और उनपर यह आरोप लगा कि लाइसेंस देने के दौरान जो रिश्वत की लेन–देन हुई उसमें सिसौदिया और केजरीवाल दोनों की भूमिका थी. इनके अलावा भी कई और लोगों पर इस पूरे मामले में शामिल होने का आरोप लगा जिनकी कुल संख्या 23 थी. शराब नीति को लेकर जब विवाद बढ़ा, तो प्रशासन ने 2022 में ही इसे रद्द कर दिया था, लेकिन तबतक मामला बहुत तूल पकड़ चुका था. ये भी पढ़ें : क्या टीम इंडिया, टीम हिंदुत्व है? सोशल मीडिया पर भिड़े आकाश चोपड़ा और बिहार के सीनियर पत्रकार रिफत जावेद  केरलम को हां, बांग्ला को ना क्यों? राज्यों और शहरों का नाम बदलने की प्रक्रिया और नेतृत्व लिव इन पार्टनर के प्राइवेट पार्ट को सेनेटाइजर से जलाना, मानसिक विकृति का उदाहरण; बच्चों को संभालिए वरना… The post क्या थी दिल्ली प्रशासन की शराब नीति, जिसने अरविंद केजरीवाल को पहुंचाया था जेल, अब हुए बरी appeared first on Naya Vichar.

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