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Author name: Vinod Jha

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LRLACM मिसाइल से बढ़ी भारत की लॉन्ग रेंज स्ट्राइक पावर, अब दूर बैठे दुश्मनों की भी खैर नहीं

LRLACM Missile: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार (15 जून) को ओडिशा स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लंबी दूरी की लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का सफल परीक्षण किया. परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अपने सभी तय लक्ष्य पूरे किए. डीआरडीओ ने बताया कि Integrated Test Range में तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से मिले आंकड़ों के विश्लेषण से इसकी पुष्टि हुई कि मिसाइल ने तय मानकों के अनुसार प्रदर्शन किया. रक्षा मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि लंबी दूरी की लैंड अटैक क्रूज मिसाइल स्वदेशी तकनीकों के भरोसे और क्षमता को प्रमाणित किया है. इस सफलता ने हिंदुस्तान की लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की बढ़ती सामरिक क्षमता का भी प्रदर्शन किया है. मंत्रालय ने कहा कि यह उपलब्धि आत्मनिर्भर हिंदुस्तान पहल को मजबूत करने और देश के रक्षा उत्पादन के साथ तकनीकी को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. DRDO successfully conducted the flight-test of the indigenously developed Long Range Land Attack Cruise Missile (LRLACM) from Dr APJ Abdul Kalam Island, Odisha. The missile achieved all mission objectives, validating critical technologies and demonstrating India’s growing… pic.twitter.com/wRc9rwaLoe — ANI (@ANI) June 15, 2026 पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित है LRLACM LRLACM एक स्वदेशी रूप से विकसित लंबी दूरी की लैंड अटैक क्रूज मिसाइल है. इसकी सभी प्रमुख उप-प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की प्रयोगशाला और हिंदुस्तानीय उद्योग भागीदारों के सहयोग से किया गया है. मिसाइल के विकास में Aeronautical Development Establishment, बेंगलुरु ने नोडल प्रयोगशाला के रूप में अहम भूमिका निभाई है. रक्षा मंत्री ने दी बधाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एलआरएलएसीएम (LRLACM) के सफल परीक्षण पर DRDO की टीम और उद्योग भागीदारों को बधाई दी है. उन्होंने इसे देश की रक्षा क्षमताओं को और अधिक ताकतवर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. वहीं मिसाइल परीक्षण के समय डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी, हिंदुस्तानीय नौसेना और हिंदुस्तानीय वायु सेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. हिंदुस्तान की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम LRLACM का सफल परीक्षण हिंदुस्तान की स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. यह मिसाइल आने वाले समय में हिंदुस्तानीय सेना की सामरिक क्षमता को और अधिक मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है. BMD प्रणाली का भी सफल परीक्षण इससे पहले हिंदुस्तान ने 10 और 11 जून को अपनी बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (BMD) प्रणाली के तीन सफल परीक्षण किया था. डीआरडीओ की ओर से विकसित इस प्रणाली ने वायुमंडल के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर लक्ष्य मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर दिया था. इसके साथ ही हिंदुस्तान अमेरिका, रूस और चीन जैसे चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) को रोकने की क्षमता है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह प्रणाली दुश्मनों की लंबी दूरी की परमाणु मिसाइलों और उन्नत हवाई खतरों से देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगी. Also Read: ईरान-अमेरिका टकराव के 108 दिन: भीषण हमले से शांति समझौते तक, जानें पूरी टाइमलाइन? The post LRLACM मिसाइल से बढ़ी हिंदुस्तान की लॉन्ग रेंज स्ट्राइक पावर, अब दूर बैठे दुश्मनों की भी खैर नहीं appeared first on Naya Vichar.

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वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच हुई धक्का-मुक्की, VIDEO वायरल

Vaibhav Sooryavanshi: हिंदुस्तान ए और श्रीलंका ए के बीच स्पोर्ट्सी जा रही ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम को सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, मैच के नतीजे से ज्यादा चर्चा मैदान पर हुए एक विवाद की हो रही है. मुकाबले के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब हिंदुस्तान के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई. उसके बाद मैदान पर मौजूद अन्य खिलाड़ियों और अंपायरों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो जाती है. सोशल मीडिया पर वायरल दावों के मुताबिक, श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने वैभव से कहा कि यह आईपीएल नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट है. इसके जवाब में हिंदुस्तानीय बल्लेबाज ने भी पलटवार करते हुए कहा कि यह टूर्नामेंट का अंत नहीं, बल्कि सिर्फ एक सामान्य मैच है. 🚨 HEATED ARGUMENT BETWEEN VAIBHAV AND SRI LANKA 🚨 Sri Lankan Players : This is not an IPL, this Int’l cricket 🧐 Vaibhav Sooryavanshi : This is not the end of the tournament, just a normal match 🤪 Sri Lankan started this and Vaibhav ended it 😳pic.twitter.com/QDNbFftd0t — Ajay Jadeja (@AjayJadeja171) June 15, 2026 वैभव के जवाब की हो रही चर्चा घटना के बाद सोशल मीडिया पर फैंस वैभव सूर्यवंशी के आत्मविश्वास और जवाबी अंदाज की जमकर चर्चा कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि युवा बल्लेबाज ने दबाव में आने के बजाय मैदान पर अपने अंदाज में जवाब दिया. सुपर ओवर तक पहुंचा मुकाबला हिंदुस्तान ए और श्रीलंका ए के बीच स्पोर्ट्सा गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा. पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए की टीम ने 265 रन बनाए. जवाब में श्रीलंका ए ने भी 265 रन बनाए. निर्धारित ओवरों में मैच टाई होने के बाद विजेता का फैसला सुपर ओवर से हुआ. आखिरकार श्रीलंका ए ने सुपर ओवर में बाजी मारते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ियों के बीच हुई इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. फैंस इस घटना पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. हालांकि, दोनों टीमों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. यह भी पढ़ें: वैभव-शेडगे भी नहीं दिला सके इंडिया ए को जीत, सुपर ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी The post वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच हुई धक्का-मुक्की, VIDEO वायरल appeared first on Naya Vichar.

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हेमंत कैबिनेट के फैसले: वन्यजीवों के हमले पर 10 लाख मुआवजा, सरकारी कर्मियों को एडवांस सैलरी

Jharkhand Cabinet Meeting, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित झारखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. कैबिनेट का सबसे बड़ा और संवेदनशील फैसला जंगली जानवरों के हमलों से प्रभावित होने वाले लोगों को लेकर है. राज्य प्रशासन ने वन्यजीवों के हमले में होने वाली मौत और घायल होने की स्थिति में दी जाने वाली मुआवजा राशि में भारी बढ़ोतरी (संशोधन) की है. इसके तहत अब जंगली जानवर के हमले में किसी व्यक्ति की दुखद मौत होने पर उसके आश्रितों को 4 लाख रुपये की जगह सीधे 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके साथ ही, पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए मृत्यु के मामलों में 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तुरंत (ऑन द स्पॉट) देने का भी नया प्रावधान किया गया है. प्रशासनी कर्मियों को मिलेगी एडवांस सैलरी की सुविधा संशोधित नियमावली के अनुसार, वन्यजीवों के हमले में गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्ति को अब 2 लाख रुपये और सामान्य रूप से चोटिल होने पर 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं, स्थाई रूप से अपंग (दिव्यांग) होने की स्थिति में मिलने वाली 3 लाख 25 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 3 लाख 50 हजार रुपये कर दिया गया है. आम जनता के साथ-साथ राज्य प्रशासन ने अपने कर्मचारियों को भी बड़ी राहत दी है. कैबिनेट ने प्रशासनी कर्मियों के लिए ‘अग्रिम वेतन और क्रेडिट सुविधा’ शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके तहत कर्मचारी जरूरत पड़ने पर 30 दिनों तक का एडवांस वेतन प्राप्त कर सकेंगे. इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए जल्द ही प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थानों का चयन किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतनमान में एकरूपता लाते हुए अब नई नियुक्तियां पे-लेवल-2 के आधार पर करने का फैसला हुआ है. Also Read: रांची में 16 जून को निकलेगी घरेलू कामगारों की रैली, फिर होगी जनसभा सड़कों के लिए 162 करोड़ से अधिक की स्वीकृति राजधानी रांची समेत राज्य के बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने 162 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी है. इसके तहत कई महत्वपूर्ण ग्रामीण और शहरी सड़कों का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण किया जाएगा. इसी कड़ी में रांची के सबसे बिजी इलाकों में से एक नामकुम-डोरंडा पथ और पोखरिया मोड़ से गोविंदपुर मार्ग को फोर लेन (Four Lane) में तब्दील करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है. सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पलामू की महत्वाकांक्षी ‘अमानत बराज योजना’ की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई है, जो अब बढ़कर 947 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. इसके साथ ही, राज्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए ‘झारनेट 2.0’ परियोजना की अवधि को बढ़ाते हुए इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 तक विस्तार दे दिया गया है. नवनियुक्त महाधिवक्ता रोशितस्य रॉय के नाम पर स्वीकृति खनन और प्रशासनिक क्षेत्र में भी कई अहम प्रस्तावों को पास किया गया है. इसके तहत बोकारो के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए ‘JSW स्टील लिमिटेड’ को तथा गोड्डा के जीतपुर कोल ब्लॉक के लिए ‘केरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड’ को खनन पट्टा (Mining Lease) देने की मंजूरी दी गई है. प्रशासनिक मोर्चे पर, राज्य प्रशासन ने हाल ही में नियुक्त किए गए नए महाधिवक्ता रोशितस्य रॉय की नियुक्ति को कैबिनेट से घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान कर दी है. इसके अलावा अपर महाधिवक्ता के पद में संशोधन और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित एजी की रिपोर्ट को भी मंजूर किया गया है. रोजगार और सेवा नियमितीकरण के तहत झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से मोटर यान निरीक्षकों की बहाली का रास्ता साफ किया गया है, जबकि गोड्डा और बोकारो समाहरणालय में लंबे समय से अनियमित रूप से कार्यरत कर्मियों की सेवा को अब स्थायी (नियमित) करने का बड़ा फैसला लिया गया है. Also Read: रांची में बढ़ी सियासी हलचल: CM हेमंत से मिले कांग्रेस के दिग्गज, राज्यसभा चुनाव पर मंथन The post हेमंत कैबिनेट के फैसले: वन्यजीवों के हमले पर 10 लाख मुआवजा, प्रशासनी कर्मियों को एडवांस सैलरी appeared first on Naya Vichar.

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वैभव-शेडगे भी नहीं दिला सके इंडिया ए को जीत, सुपर ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी

SL A vs IND A: इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच स्पोर्ट्से जा रहे ट्राई सीरीज के चौथा मुकाबला टाई रहा. मुकाबले का नतीजा सुपर ओवर से निकला. सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने हिंदुस्तान ए को 7 रन से हराकर मुकाबले को जीत लिया. इस जीत के साथ श्रीलंका टीम फाइनल में पहुंच गई है. पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए की टीम ने 265 रन बनाए. जवाब में श्रीलंका ए ने भी 265 रन बनाए. रंगिरी दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए मुकाबले में श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए हिंदुस्तानीय टीम की शुरुआत खराब रही. वैभव सूर्यवंशी 14 गेंदों का सामना करने के बाद 21 रन बनाकर आउट हो गए. प्रभसिमरन सिंह भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और 11 रन बनाकर पवेलियन लौटे. रुतुराज और तिलक वर्मा ने संभाली पारी हिंदुस्तानीय टीम ने 39 रन पर ही 2 विकेट गंवा दिए. उसके बाद तीसरे विकेट के लिए कप्तान तिलक वर्मा और उपकप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने 52 रन की साझेदारी की. तिलक 32 गेंदों का सामना करने के बाद 23 रन बनाकर आउट हुए. वहीं, ऋतुराज भी अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे और 37 रन बनाकर आउट हुए. उसके बाद निशांत सिंधु 6 और आयुष बदोनी 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. वहीं अनुकूल रॉय भी 15 रन बनाकर चलते बने. विपराज और सूर्यंश की शतकीय साझेदारी यहां से पारी को विपराज निगम और सूर्यंश शेडगे ने मिलकर संभाला और 8वें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की. निगम ने 49 गेंदों पर 51 रन बनाए, जबकि शेडगे ने 66 गेंदों में 72 रन की बेहतरीन पारी स्पोर्ट्सी. दोनों की बदौलत इंडिया ए 265 रन तक पहुंचने में सफल रही. श्रीलंका ए के लिए मोहम्मद शिराज ने 3, विजयकांत व्यासकांत ने 3 विकेट चटकाए. श्रीलंका ए की अच्छी शुरुआत जवाब में इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका ए की शुरुआत अच्छी रही. निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो के बीच पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी हुई. अविष्का फर्नांडो 22 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं विशेन हलंबागे 17 रन बनाकर चलते बने. निरोशन डिकवेला 37 रन बनाकर आउट हो गए. यहां से सदीरा समराविक्रमा एक छोर पर टिके रहे और लक्ष्य की तरफ धीरे-धीरे बढ़ते रहे. वहीं दूसरे छोर से बाकी बल्लेबाज जल्दी-जल्दी आउट हो गए. सहान अराछिगे 8, अहान विक्रमसिंघे 6, वनुजा सहन 25, विजयकांत व्यासकांत 18 रन बनाकर आउट हो गए. जबकि समराविक्रमा ने इस दौरान अपना अर्धशतक पूरा किया. 265 रन ही बना सकी श्रीलंका ए की टीम सदीरा समरविक्रमा ने 92 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. अंत में चमिका ने 18 रनों की पारी स्पोर्ट्सकर स्कोर पर बराबर किया. अंतिम गेंद पर दो रन चाहिए थे. लेकिन चमिका रन आउट हो गए. श्रीलंका ने 9 विकेट के नुकसान पर 265 रन बनाए. हिंदुस्तान के लिए आयुष बदोनी ने 2, विपराज निगम ने 1, अरशद खान ने 1, अनुकूल रॉय ने 1 विकेट चटकाए. सुपर ओवर से हुआ जीत का फैसला सुपर ओवर में श्रीलंका ए को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला. पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ए ने 16 रन बनाए. जवाब में हिंदुस्तान ए की टीम 9 रन ही बना सकी. श्रीलंका की टीम 7 रनों से जीत हासिल की. यह भी पढ़ें: इंडिया A पर क्यों लगा 10 रन का जुर्माना? विपराज निगम की इस गलती ने बढ़ाई टीम की मुश्किलें The post वैभव-शेडगे भी नहीं दिला सके इंडिया ए को जीत, सुपर ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी appeared first on Naya Vichar.

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FIFA World Cup 2026: ‘अब ये जर्सी करोड़ों की…’, रोनाल्डो के साइन ने सोशल मीडिया पर मचा दिया तहलका

Cristiano Ronaldo: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खुमार इन दिनों दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. मैदान पर खिलाड़ी अपनी टीमों को जीत दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं मैदान के बाहर भी खिलाड़ियों से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें चर्चा का विषय बने हुए हैं. इसी बीच पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक स्त्री प्रशंसक की जर्सी पर ऑटोग्राफ देते दिखाई दे रहे हैं. Cristiano Ronaldo signs Celine’s jersey. 🥹❤️ The value of that jersey just jumped to $ 1million. 😂 pic.twitter.com/RG2uMURZZr — RUTH 🇨🇦 (@it_Rutie) June 14, 2026 ऑटोग्राफ मिलते ही खुशी से झूम उठी फैन वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि रोनाल्डो अपने प्रशंसकों के बीच पहुंचते हैं और बेल्जियम की लोकप्रिय फुटबॉल कंटेंट क्रिएटर व यूट्यूबर सेलिन डेप्ट की पुर्तगाल जर्सी पर हस्ताक्षर करते हैं. अपने पसंदीदा खिलाड़ी से ऑटोग्राफ मिलने के बाद सेलिन डेप्ट की खुशी का ठिकाना नहीं रहता. उनके चेहरे पर उत्साह और भावुकता साफ नजर आती है. यही वजह है कि यह वीडियो कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच गया और सोशल मीडिया पर छा गया. फुटबॉल प्रशंसकों का मानना है कि अपने पसंदीदा खिलाड़ी से मिला ऐसा पल जिंदगीभर याद रहता है. कई यूजर्स ने इस वीडियो को खिलाड़ियों और उनके समर्थकों के बीच खास रिश्ते का बेहतरीन उदाहरण बताया. दुनिया के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल हैं रोनाल्डो क्रिस्टियानो रोनाल्डो दुनिया के सबसे सफल और लोकप्रिय फुटबॉलरों में गिने जाते हैं. उनके नाम क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं. हालांकि सिर्फ अपने स्पोर्ट्स की वजह से ही नहीं, बल्कि प्रशंसकों के साथ अपने व्यवहार के कारण भी वह हमेशा चर्चा में रहते हैं. इससे पहले भी कई बार रोनाल्डो अपने समर्थकों के साथ तस्वीरें खिंचवाते और उन्हें ऑटोग्राफ देते नजर आ चुके हैं. सोशल मीडिया पर आई दिलचस्प प्रतिक्रियाएं वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने लिखा कि रोनाल्डो के एक ऑटोग्राफ ने इस जर्सी को बेहद खास बना दिया है. वहीं कुछ प्रशंसकों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब इस जर्सी की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बीच वायरल हुआ यह वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि रोनाल्डो सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी अपने प्रशंसकों के दिलों पर राज करते हैं. यह भी पढ़ें: नेमार को मैच में न देख पाने पर फूट-फूटकर रो पड़ी नन्ही फैन, वीडियो देख पिघल जाएगा आपका दिल The post FIFA World Cup 2026: ‘अब ये जर्सी करोड़ों की…’, रोनाल्डो के साइन ने सोशल मीडिया पर मचा दिया तहलका appeared first on Naya Vichar.

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62370 टन LNG लेकर भारत आ रहा है जहाज दिशा, 3 महीने बाद किया होर्मुज पार

Ship Disha: हिंदुस्तानीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) के नेतृत्व वाले समूह द्वारा प्रबंधित यह जहाज 62,370 टन एलएनजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आगे बढ़ चुका है. पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, एलएनजी पोत दिशा सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है. यह 62,370 टन एलएनजी लेकर आ रहा है. इसके 18 जून के आसपास हिंदुस्तान के दहेज बंदरगाह पहुंचने की संभावना है. नाविकों की सुरक्षा के लिए विदेशी मंत्रालय और हिंदुस्तानीय दूतावास लगातार संपर्क में नौवहन महानिदेशालय हिंदुस्तानीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, हिंदुस्तानीय दूतावासों, पोत परिवहन कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय में है. #WATCH | Delhi: Director in the Shipping Division of the Ministry of Ports, Shipping and Waterways (MoPSW), Opesh Kumar Sharma says, “LNG carrier Disha, managed by Shipping Corporation of India-led consortium, has safely transited the Strait of Hormuz, and she’s carrying 62,370… pic.twitter.com/wccwfTpxnv — ANI (@ANI) June 15, 2026 नियंत्रण कक्ष में अब तक आ चुके हैं 12,737 कॉल स्थापित नियंत्रण कक्ष ने पिछले 96 घंटों में 12,737 कॉल और 28,299 से अधिक ईमेल का निपटान किया है. इस दौरान नाविकों, उनके परिवारों और अन्य समुद्री हितधारकों से 406 कॉल और 784 ईमेल प्राप्त हुए. मंत्रालय ने यह भी बताया कि महानिदेशालय ने अब तक 3,587 से अधिक हिंदुस्तानीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 96 घंटे में 50 नाविक शामिल हैं. देशभर में बंदरगाह परिचालन सामान्य हैं और कहीं से भी जाम की स्थिति की सूचना नहीं है. ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका टकराव के 108 दिन: भीषण हमले से शांति समझौते तक, जानें पूरी टाइमलाइन? The post 62370 टन LNG लेकर हिंदुस्तान आ रहा है जहाज दिशा, 3 महीने बाद किया होर्मुज पार appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क के शक में मधुबनी का इजहारुल हक गिरफ्तार, बिहार- एमपी ATS की कार्रवाई

Madhubani Man Arrested: बिहार और मध्य प्रदेश की एटीएस ने एक साझा ऑपरेशन चलाकर राष्ट्रविरोधी और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल एक शख्स को धर दबोचा है. गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम इजहारुल हक (56 साल) है. वह मूल रूप से मधुबनी का रहने वाला है. एटीएस का दावा है कि शुरुआती जांच और टेक्निकल सर्विलांस से यह पता चला है कि इजहारुल हक सीमा पार बैठे एक पाकिस्तानी हैंडलर के लगातार संपर्क में था. मधुबनी के रहमान चौक के पास से हुई गिरफ्तारी बिहार एटीएस से मिली जानकारी के मुताबिक, इजहारुल हक का पैतृक घर मधुबनी जिले के जाले थाना इलाके के नवानी गांव में है. वह फिलहाल मधुबनी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहम्मदी मोहल्ला में रह रहा था. सुरक्षा एजेंसियों को काफी समय से उसकी संदिग्ध हरकतों की भनक लग रही थी, जिसके बाद जाल बिछाकर उसे दबोच लिया गया. मध्य प्रदेश में दर्ज केस के सिलसिले में हुई छापेमारी एटीएस ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई मध्य प्रदेश एटीएस की ओर से दर्ज की गई एक एफआईआर की जांच के सिलसिले में की गई है. इस केस के तार इजहारुल हक से जुड़ रहे थे, जिसके बाद एमपी और बिहार एटीएस की टीमों ने मिलकर इस ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद, खंगाला जा रहा है डिजिटल डेटा इस छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने आरोपी इजहारुल हक के पास से दो एंड्रॉयड स्मार्टफोन जब्त किए हैं. एटीएस की टीम बरामद किए गए दोनों मोबाइल फोन और उसके अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल के कॉल डिटेल्स और चैट्स से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए मामले की गहन जांच जारी है और मिले सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इसे भी पढ़ें: ‘खान सर ने भाई को मरवाया और मुझे जेल में खत्म करना चाहते थे’, रौशन आनंद का नया विचार पर बड़ा खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़े रौशन आनंद, खान सर पर लगाए कई बड़े आरोप, CBI जांच की मांग की The post पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क के शक में मधुबनी का इजहारुल हक गिरफ्तार, बिहार- एमपी ATS की कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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ईरान-अमेरिका टकराव के 108 दिन: भीषण हमले से शांति समझौते तक, जानें पूरी टाइमलाइन?

Iran US Conflict: 28 फरवरी 2026 में ईरान अमेरिका में छिड़ी भीषण जंग अब समझैते की पटरी पर आ गयी है… अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार (15 जून) को घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है. शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर (साइन) किए जा सकते हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर जोरदार हमला बोला था. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई समेत कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे. इसके बाद 1 मार्च से इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ कई हमले किए. इधर, ईरान का भी पलटवार जारी रहा. उसने यूएई, कतर, यमन समेत कई और देशों में स्थित अमेरिका ठिकानों पर मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन से हमले किए. इजराइल पर भी ईरान ने कई मिसाइल दागी. पिछले 108 दिनों में क्या-क्या हुआ इसे एक टाइमलाइन की मदद से समझते हैं. मार्च महीन में क्या-क्या हुआ? एक मार्च : 28 फरवरी के हमले के जवाब में ईरान ने पलटवार किया. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें एक हिंदुस्तानीय भी शामिल था. दो मार्च : कुवैत ने गलती से अमेरिका के तीन लड़ाकू विमानों को मार गिराया. चार मार्च : हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी नौसेना के फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो हमले में डुबो दिया. पांच मार्च : ईरान ने इजराइल, अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमलों का नया दौर शुरू किया. छह मार्च : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान से ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ की मांग की. सात मार्च : ईरान ने ट्रंप की मांग ठुकरा दी. आठ मार्च : सऊदी अरब के एक आवासीय क्षेत्र में एक मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक हिंदुस्तानीय शामिल था. नौ मार्च : अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने दिवंगत पिता के उत्तराधिकारी के रूप में ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला. 12 मार्च : नए सर्वोच्च नेता ने पहला सार्वजनिक बयान जारी कर हमले जारी रखने की बात कही. 13 मार्च : ट्रंप ने जी-7 देशों के नेताओं से कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण कर सकता है. 17 मार्च : अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मारे गए. 18 मार्च : ईरानी प्रशासनी मीडिया ने कहा कि साउथ पार्स गैस क्षेत्र से जुड़ी सुविधाओं पर हमला हुआ. ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब भी मारे गए. 20 मार्च : हिंदुस्तान के दूतावास ने घोषणा की कि 18 मार्च की घटनाओं के कारण सऊदी अरब में एक हिंदुस्तानीय नागरिक की मौत हो गई. 21 मार्च : अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने की घोषणा की. 23 मार्च : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत की. ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पांच दिन की अतिरिक्त मोहलत दी. 25 मार्च : ईरान ने अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव खारिज कर अपनी शर्तें पेश कीं. 26 मार्च : ट्रंप ने होर्मुज खोलने की समयसीमा छह अप्रैल तक बढ़ाई. 27 मार्च : इजराइल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला किया. 30 मार्च : ट्रंप ने चेतावनी दी कि समझौता नहीं होने पर ईरान की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया जाएगा. 31 मार्च : चीन और पाकिस्तान ने युद्ध खत्म करने के लिए पांच सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया. अप्रैल महीने का घटनाक्रम तीन अप्रैल : ईरान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया. छह अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो चार घंटे के भीतर ईरान को तबाह कर दिया जाएगा. ईरान ने 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया. सात अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने नई समयसीमा का पालन नहीं किया तो ‘आज रात पूरी सभ्यता नष्ट हो सकती है.’ आठ अप्रैल : अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए. 11 अप्रैल : अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान में ईरानी डेलिगेट्स से आमने-सामने की बातचीत की. 12 अप्रैल : वार्ता में शांति समझौता नहीं हो सका. ट्रंप ने होर्मुज की नाकेबंदी की घोषणा की. 17 अप्रैल : ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला है, जबकि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी जारी रखने की बात कही. 18 अप्रैल : ईरान ने होर्मुज खोलने का फैसला वापस लिया. 20 अप्रैल : अमेरिका ने होर्मुज के निकट ईरानी ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया. 21 अप्रैल : अमेरिकी वार्ता प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण जे डी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा स्थगित कर दी गई. 22 अप्रैल : ट्रंप ने युद्धविराम अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया. ईरान ने होर्मुज में तीन जहाजों पर गोलीबारी की और दो को कब्जे में ले लिया. 24 अप्रैल : ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान पहुंचे. 26 अप्रैल : अराघची तीन दिन में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे और आसिम मुनीर से मुलाकात की. 27 अप्रैल: ईरान ने नाकेबंदी हटाने और युद्ध समाप्त करने की शर्त पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की. मई में क्या-क्या हुआ? एक मई : ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए नया प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा. चार मई : ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिकी जहाजों पर हमला होने पर ईरान को ‘‘धरती से मिटा दिया जाएगा.’’ छह मई : ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम को निलंबित कर दिया. आठ मई : अमेरिकी बलों ने होर्मुज में दो ईरानी तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया. 10 मई : पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान ने अपना जवाब भेजा, जिसे ट्रंप ने खारिज कर दिया. 11 मई : ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम गंभीर संकट में है. 13 मई : ओमान तट के निकट हिंदुस्तानीय ध्वज वाले एक जहाज पर हमला हुआ. 16 मई : पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे. 18 मई : ट्रंप ने कहा कि गंभीर वार्ता के चलते उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोक रखी है. 19 मई : ट्रंप ने कहा कि हमले फिर शुरू

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झारखंड के अपर महाधिवक्ता ने दिया इस्तीफा, नवनियुक्त महाधिवक्ता को भेजा त्यागपत्र

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड के अपर महाधिवक्ता (एडिशनल एडवोकेट जनरल) सचिन कुमार ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्य के नवनियुक्त महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय को सौंप दिया है. इस्तीफे के पीछे उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है. राज्य के विधि महकमे में लगातार हो रहे बदलावों के बीच यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है. व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला जानकारी के अनुसार, अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए निजी कारणों का उल्लेख किया है. उन्होंने इस संबंध में अपना त्यागपत्र नवनियुक्त महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय को भेजा है. फिलहाल उनके इस्तीफे को लेकर कोई अन्य आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है. पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन ने भी छोड़ा था पद गौरतलब है कि रविवार को झारखंड के तत्कालीन महाधिवक्ता राजीव रंजन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद राज्य प्रशासन ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को झारखंड का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया था. इसे भी पढ़ें: झारखंड BJP का रोडमैप तैयार, हर माह होगी बैठक, योग दिवस और आपातकाल पर विशेष कार्यक्रम विधि विभाग में लगातार हो रहे बदलाव महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता, दोनों के इस्तीफे के बाद झारखंड के विधि विभाग में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं. हालांकि सचिन कुमार के इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए गए हैं, लेकिन लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों पर कानूनी और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है. मानव व्यवस्था का एक दिलचस्प नियम है, कुर्सियां स्थायी नहीं होतीं, लेकिन उनसे जुड़ी समाचारें हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं. इसे भी पढ़ें: झारखंड के नए एडवोकेट जनरल रोहितश्य रॉय ने संभाला पदभार  The post झारखंड के अपर महाधिवक्ता ने दिया इस्तीफा, नवनियुक्त महाधिवक्ता को भेजा त्यागपत्र appeared first on Naya Vichar.

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‘दलबदलुओं को नकारें’ का नारा देने वाली पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को अपनाया, जानें पार्टी के बारे में

खास बातें त्रिपुरा चुनाव में एनसीपीआई के रहे थे निराशाजनक परिणाम पार्टी के उम्मीदवारों को नोटा के आसपास मिले थे वोट TMC Rebels Controversy: गुमनाम पार्टी राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में एनसीपीआई से जुड़ी खास बातें TMC Rebels Controversy: नेतृत्व में कभी-कभी छोटे दल अचानक बड़ा तूफान बनकर उभर आते हैं. रविवार को ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जब तृणमूल कांग्रेस के विद्रोही 20 लोकसभा सांसदों ने अचानक नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय करने का ऐलान किया. एनसीपीआई, जिसका पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में है और इसके अध्यक्ष का नाम शेउली कुंडू है, जैसा कि निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में है. वर्ष 2023 में त्रिपुरा में महज 4 सीटों पर उम्मीदवार उतारने के साथ गुमनामी के बीच चुनाव लड़ा था. उस समय पार्टी के प्रचार-चिह्न पर लिखा था- अपने अधिकारों की रक्षा के लिए नेतृत्वक दलबदलुओं को नकारें. नेतृत्वक हस्तियों की बजाय समाजसेवियों का समर्थन करें. त्रिपुरा चुनाव में एनसीपीआई के रहे थे निराशाजनक परिणाम हालांकि, इस पार्टी को चुनाव में निराशाजनक परिणाम मिले थे. पार्टी के प्रत्याशी चावमानु, अंबासा और कैलाशहर सीट पर ही मैदान में उतरे, लेकिन प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा. चावमानु सीट पर पार्टी के उम्मीदवार बरजेदा त्रिपुरा ने कहा- मैंने 2023 में चुनाव लड़ा था. अब 3 साल बाद यह सब कैसे हो गया? बरजेदा ने बताया कि उन्होंने कृष्ण देबबर्मा नाम के व्यक्ति के कहने पर चुनाव लड़ा था और आज वह दिहाड़ी मजदूर हैं. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी के हाथ से निकल गयी तृणमूल! 20 सांसदों ने TMC का इस पार्टी में कर दिया विलय पार्टी के उम्मीदवारों को नोटा के आसपास मिले थे वोट एनसीपीआई उस समय एक पंजीकृत पर गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी थी, जिसका चुनाव चिह्न ‘पेन की निब’ था. यह पार्टी सत्ता या व्यापक जनसमर्थन की कसौटी पर फिट नहीं थी. कई सीटों पर उसके उम्मीदवारों को ‘नोटा’ या उससे भी कम वोट मिले. फिर अचानक वही एनसीपीआई राष्ट्रीय नेतृत्वक अखाड़े में किस तरह आ गया? बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें TMC Rebels Controversy: गुमनाम पार्टी राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में जवाब है- तृणमूल कांग्रेस. ममता बनर्जी की पार्टी के बागी सांसदों ने इस पार्टी को राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में ला दिया. बागी गुट ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की और टीएमसी का एनसीपीआई में विलय करने का ऐलान कर दिया. टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि तृणमूल के दो-तिहाई सांसदों ने अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है. वे एनडीए का समर्थन करेंगे. दूसरी ओर तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि असंतुष्ट गुट पहले ही एनसीपीआई में विलय कर चुका है. एनसीपीआई को उन्होंने क्षेत्रीय दल बताया. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी को बड़ा झटका, सुदीप बनर्जी भी हुए बागी, बोले- दीदी को सिर्फ सलाहकार बनायेंगे एनसीपीआई से जुड़ी खास बातें एनसीपीआई : पंजीकृत, गैर-मान्यता प्राप्त, हावड़ा-आधारित दल, वर्ष 2023 में त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव लड़ा. प्रमुख नारा : अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दलबदलुओं को नकारें प्रदर्शन : कमजोर. कई सीटों पर ‘नोटा’ के आस-पास वोट. अब क्या हुआ : तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया. संसद में अलग समूह की मांग. संभावित प्रभाव : छोटे दल का राष्ट्रीय मंच पर उभरना गठबंधन की नेतृत्व, सदन के बैठने और मान्यता की लड़ाई को प्रभावित कर सकता है. इसे भी पढ़ें टीएमसी के बागियों को कुचलने की आखिरी कोशिश, अभिषेक ने ओम बिरला को लिखा- TMC को एक पार्टी मानें सायोनी घोष का बदला लुक, छोड़ी ममता बनर्जी की स्टाइल, न्यू मेकओवर का खुल गया राज टीएमसी संकट पर बोले डी राजा- ममता बनर्जी गहरे वैचारिक संकट में, कसम खाने वाले सांसद क्यों छोड़ रहे साथ? ममता बनर्जी को कल्याण के अल्टीमेटम से कालीघाट में खलबली, टीएमसी नेता बोले- अभिषेक को चुनें या हमें The post ‘दलबदलुओं को नकारें’ का नारा देने वाली पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को अपनाया, जानें पार्टी के बारे में appeared first on Naya Vichar.

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