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Author name: Vinod Jha

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पाथुम निसांका की एक और तूफानी पारी, श्रीलंका ने जिंबाब्वे को दिया 179 रन का टारगेट

Sri Lanka vs Zimbabwe: जिंबाब्वे के खिलाफ आखिरी लीग मुकाबले में पाथुम निसांका ने 41 गेंद में 62 रन बनाये जिसमें आठ चौके शामिल थे. जबकि पवन रत्नायके ने 25 गेंद में 44 रन की पारी स्पोर्ट्सी. जिम्बाब्वे के लिये ग्रीम क्रेमर, ब्लेसिंग मुजरबानी और ब्राड इवांस ने दो दो विकेट लिये. पाथुम निसांका और कुसल परेरा के बीच पहले विकेट लिए 54 रनों की साझेदारी श्रीलंका की ओर से पाथुम निसांका और कुसल परेरा ने 54 रनों की ओपनिंग साझेदारी निभाई. हालांकि परेरा कुछ अधिक नहीं कर पाए और 14 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 22 रन बनाकर ब्लेसिंग मुजारबानी की गेंद पर आउट हो गए. उसके बाद निसांका ने कुसल मेंडिस के साथ मिलकर टीम के स्कोर को 100 तक पहुंचाया. हालांकि मेंडिस 20 गेंदों में केवल 14 रन बनाकर आउट हो गए. उनके आउट होने के बाद पाथुम भी 62 रन बनाकर आउट हो गए. पाथुम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 100 रनों की पारी स्पोर्ट्सी थी. अपनी पारी में पाथुम ने 52 गेंदों का सामना किया था, जिसमें 10 चौके और 5 छक्के जमाए थे. श्रीलंका के खिलाफ जिंबाब्वे के गेंदबाजों का कैसा रहा प्रदर्शन श्रीलंका के खिलाफ जिंबाब्वे के तेज गेंदबाजों ने 10 से अधिक के औसत से रन लुटाए. 7 ओवर में 4 विकेट लेकर 73 रन दिए. जबकि स्पिनरों ने 7.84 के औसत से रन लुटाए. 13 ओवर की गेंदबाजी में जिंबाब्वे के स्पिनरों ने 102 रन देकर 3 विकेट चटकाए. टूर्नामेंट में जिंबाब्वे ने फील्डिंग में किया कमाल टी20 वर्ल्ड कप में जिंबाब्वे की टीम ने शानदार प्रर्दशन किया है. बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में खिलाड़ियों ने बेहतरीन स्पोर्ट्स दिखाया. टूर्नामेंट में जिंबाब्वे के खिलाड़ियों ने अब तक कुल 20 कैच लपके हैं, जबकि केवल एक कैच ड्रॉप हुआ है. इसी से फील्डिंग के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है. The post पाथुम निसांका की एक और तूफानी पारी, श्रीलंका ने जिंबाब्वे को दिया 179 रन का टारगेट appeared first on Naya Vichar.

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CAA एक्ट के खिलाफ 200 से अधिक याचिकाएं, 5 मई से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Table of Contents याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर डेढ़ दिन तक सुनवाई होगी 12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होगी असम और त्रिपुरा से जुड़े मामलों की अलग-अलग सुनवाई क्या है सीएए? CAA Act: चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने 2019-2020 से लंबित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के संबंध में निर्देश जारी किया है. याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर डेढ़ दिन तक सुनवाई होगी पीठ ने कहा कि वह याचिकाकर्ताओं, जिनमें इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रमुख भी शामिल हैं, की दलीलों पर डेढ़ दिन तक सुनवाई करेगी और केंद्र को अपनी दलीलें पेश करने के लिए एक दिन का समय दिया जाएगा. Supreme Court has fixed the final hearing in the batch of petitions challenging the constitutionality of the Citizenship (Amendment) Act, 2019, for the week commencing on May 5, 2026. The petitioners challenging the CAA Act will be heard on May 5 and for half a day on May 6. The… — ANI (@ANI) February 19, 2026 12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होगी चीफ जस्टिस ने कहा कि पीठ 12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर लेगी. पीठ ने पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अतिरिक्त दस्तावेज और दलीलें दाखिल करने को कहा. इसने कहा कि वह पहले पूरे हिंदुस्तान में सीएए के लागू होने से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. असम और त्रिपुरा से जुड़े मामलों की अलग-अलग सुनवाई असम और त्रिपुरा से जुड़े मामलों की अलग-अलग सुनवाई बाकी मामलों के तुरंत बाद होगी, लेकिन सुनवाई 12 मई को खत्म होगी. क्या है सीएए? सीएए का उद्देश्य हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों से संबंधित उन प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करना है जो 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से हिंदुस्तान में आए थे. ये भी पढ़ें: ‘एक और गोडसे तैयार किया जा रहा’, राहुल को जान से मारने की धमकी पर बोली कांग्रेस The post CAA एक्ट के खिलाफ 200 से अधिक याचिकाएं, 5 मई से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026 से पहले भाजपा विधायक ने पार्टी छोड़ी, थामा तृणमूल कांग्रेस का झंडा

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का झंडा थाम लिया है. तृणमूल कांग्रेस के ऑफिशियल एक्स हैंडल से बृहस्पतिवार को यह जानकारी शेयर की गयी. बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा है कि उत्तर बंगाल के कर्सियोंग के भाजपा विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा तृणमूल कांग्रेस परिवार में शामिल हो गये हैं. ममता बनर्जी के नेतृत्व में जताया विश्वास शर्मा के टीएमसी में शामिल होने का वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया है. टीएमसी ने कहा है कि ब्रात्य बसु और डॉ शशि पांजा की मौजूदगी में विष्णु प्रसाद शर्मा ने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ली. इसमें आगे कहा गया है कि भाजपा के जनविरोधी और बांग्ला विरोधी रवैये से नाराज होकर शर्मा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करने का फैसला किया है. Today, in the presence of Shri @basu_bratya and Smt. @DrShashiPanja, @BJP4Bengal MLA from Kurseong, Shri Bishnu Prasad Sharma, joined the Trinamool Congress family. Disillusioned by BJP’s jono-birodhi and Bangla-birodhi stance, he has chosen to stand firmly beside Smt.… pic.twitter.com/dzJIemHVdK — All India Trinamool Congress (@AITCofficial) February 19, 2026 West Bengal Politics: टीएमसी ने किया विष्णु प्रसाद शर्मा का स्वागत टीएमसी ने कहा है कि विष्णु प्रसाद शर्मा का मानना है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ही बंगाल का विकास कर सकती है. अब वह ममता बनर्जी की लीडरशिप में वह बंगाल की जनता की सेवा करेंगे. तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि विष्णु प्रसाद शर्मा का पार्टी में तहे दिल से स्वागत है. पार्टी को विश्वास है कि शर्मा के टीएमसी में शामिल होने से उसकी ताकत बढ़ेगी. इन्क्लूसिव डेवलपमेंट और जनहित के कार्यों में वह अहम भूमिका निभायेंगे. इसे भी पढ़ें बंगाल की नेतृत्व में राम-कृष्ण की एंट्री, अमित शाह की मायापुर यात्रा के बाद TMC और BJP में छिड़ी जंग भाजपा नेता को फिल्मी अंदाज में धमकी, घर के सामने रखवाये सफेद फूल, धोती और अगरबत्ती The post बंगाल चुनाव 2026 से पहले भाजपा विधायक ने पार्टी छोड़ी, थामा तृणमूल कांग्रेस का झंडा appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026 से पहले Swasthya Sathi पर सवाल, हुगली की कैंसर मरीज से वसूले जा रहे पैसे

Table of Contents क्या है पूरा मामला? काम करके परिवार चलाती थी सुप्रिया कोलकाता के न्यू टाउन जाना पड़ता है इलाज कराने Swasthya Sathi Cancer Payment Issue: डॉक्टरों और अस्पताल पर आरोप नेतृत्वक बयानबाजी भी शुरू प्रशासन ने क्या कहा? योजना पर फिर उठे सवाल Swasthya Sathi Cancer Payment Issue: बंगाल चुनाव 2026 से पहले पश्चिम बंगाल प्रशासन की बहुचर्चित स्वास्थ्य योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. हुगली जिले के चुंचुड़ा-मगरा ब्लॉक के माखला ग्राम पंचायत क्षेत्र में एक कैंसर पीड़ित स्त्री को स्वास्थ्य साथी कार्ड होने के बावजूद इलाज के लिए अलग से पैसे देने पड़ रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी दोनों दलों के नेताओं ने उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी मदद की जायेगी. क्या है पूरा मामला? कैंसर पीड़िता सुप्रिया विश्वास ने बताया कि उनके पास स्वास्थ्य साथी कार्ड है. इसके तहत कैशलेस इलाज का लाभ मिलना चाहिए. लेकिन, अस्पताल की ओर से इलाज के लिए अतिरिक्त पैसे जमा करने को कहा जा रहा है. परिवार का कहना है कि वे पहले ही आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. काम करके परिवार चलाती थी सुप्रिया सुप्रिया ने बताया कि वह काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी. कैंसर होने के बाद काम करना संभव नहीं हो पा रहा. वह पंचायत सदस्य सुजय पंडित से मिलीं. अपनी समस्या बतायी. इसके बाद भाजपा नेता स्वराज घोष उनके घर आये और मदद का आश्वासन दिया. कोलकाता के न्यू टाउन जाना पड़ता है इलाज कराने सुप्रिया ने भाजपा नेता के प्रति आभार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि इलाज के लिए उन्हें कोलकाता के न्यू टाउन जाना पड़ता है. डॉक्टरों ने उनसे कहा है कि स्वास्थ्य साथी योजना से जितना संभव हो पायेगा, उतना खर्च को कवर किया जायेगा. फिर भी उन्हें एक्सट्रा पैसे देने पड़ रहे हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Swasthya Sathi Cancer Payment Issue: डॉक्टरों और अस्पताल पर आरोप परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अलग-अलग जांच और प्रक्रियाओं के नाम पर अलग से पैसे लिये जा रहे हैं. उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से जारी स्वास्थ्य साथी कार्ड, जो लोगों को 5 लाख रुपए तक किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराता है, लोगों को अपनी जेब से पैसे देने पड़ रहे हैं. इससे उनका आर्थिक बोझ कम नहीं हो रहा है. स्वास्थ्य साथी कार्ड होने के बावजूद अस्पताल के द्वारा गरीबों से पैसे लेना दुर्भाग्यपूर्ण है. जरूरत पड़ी, तो प्रधानमंत्री राहत कोष से स्त्री को स्वास्थ्य दिलाने का प्रयास किया जायेगा. स्वराज घोष, भाजपा नेता, हुगली नेतृत्वक बयानबाजी भी शुरू मामले ने अब नेतृत्वक रंग भी ले लिया है. स्थानीय नेताओं ने स्वास्थ्य साथी योजना को लागू किये जाने पर सवाल उठाये हैं. विपक्ष का आरोप है कि जमीनी स्तर पर योजना को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है. कैंसर पीड़ित महला को स्वास्थ्य साथी योजना का लाभ मिल रहा है. हालांकि, पूरी तरह से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. मैंने पीड़िता से कहा है कि वह पंचायत अथवा बीडीओ कार्यालय से संपर्क करे. उनको जरूरी सहयोग दिया जायेगा. मानस मजूमदार, जिला परिषद सदस्य और तृणमूल कांग्रेस नेता, हुगली प्रशासन ने क्या कहा? स्थानीय प्रशासन ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच का आश्वासन दिया है. अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. योजना पर फिर उठे सवाल स्वास्थ्य साथी योजना के तहत राज्य प्रशासन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने का दावा करती है. इस तरह की शिकायतें योजना की पारदर्शिता और कार्यान्वयन पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं. इसे भी पढ़ें लक्ष्मी भंडार के 5 साल बाद ममता प्रशासन का ट्रंप कार्ड ‘युवा साथी योजना’, आवेदन के लिए उमड़ी बेरोजगारों की भीड़ लक्ष्मी भंडार योजना 2026: बंगाल की सबसे बड़ी प्रशासनी योजना में कितने रुपए मिलते हैं, कौन और कैसे ले सकता है लाभ? The post बंगाल चुनाव 2026 से पहले Swasthya Sathi पर सवाल, हुगली की कैंसर मरीज से वसूले जा रहे पैसे appeared first on Naya Vichar.

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‘एक और गोडसे तैयार किया जा रहा’, राहुल को जान से मारने की धमकी पर बोली कांग्रेस

Table of Contents आरएसएस-भाजपा तंत्र एक गोडसे फैक्टरी : खेड़ा रीजीजू ने झूठ बोला और देश को गुमराह किया : खेड़ा भाजपा के लोग नेतृत्वक विरोधियों को कट्टर दुश्मन मानते हैं : केसी वेणुगोपाल Rahul Gandhi Death Threat: कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि पहले भी नाथूराम गोडसे तैयार किया गया था, आज फिर एक और गोडसे को तैयार किया जा रहा है. आरएसएस-भाजपा तंत्र एक गोडसे फैक्टरी : खेड़ा पवन खेड़ा ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया जिसमें एक व्यक्ति को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत 25 सांसदों को गोली मारने की धमकी देते सुना जा सकता है. खेड़ा ने दावा किया, पूरा आरएसएस-भाजपा तंत्र एक गोडसे फैक्टरी है. तथाकथित करणी सेना द्वारा राहुल गांधी और 25 सांसदों के खिलाफ दी गई धमकी कोई अलग-थलग पड़ी घटना नहीं है. यह एक सुनियोजित और कपटपूर्ण साजिश का हिस्सा है. पूरा RSS-भाजपा तंत्र एक “गोडसे फैक्ट्री” है। तथाकथित करणी सेना द्वारा राहुल गांधी और “25 सांसदों” के खिलाफ दी गई धमकी कोई अलग-थलग पड़ी घटना नहीं है। यह एक सुनियोजित और कपटपूर्ण साज़िश का हिस्सा है। ▪️पहले, @KirenRijiju ने सार्वजनिक रूप से झूठ बोला और देश को गुमराह किया कि… pic.twitter.com/jB8HjM9MdP — Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) February 19, 2026 रीजीजू ने झूठ बोला और देश को गुमराह किया : खेड़ा कांग्रेस नेता ने कहा, पहले, किरेन रीजीजू ने सार्वजनिक रूप से झूठ बोला और देश को गुमराह किया कि कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा में ओम बिरला का अपमान किया, जबकि उपलब्ध वीडियो फुटेज इस दावे का खंडन करती है, जिसमें ऐसा कोई अपमान दिखाई नहीं देता. बल्कि, उस दौरान लोकसभा अध्यक्ष को मुस्कराते हुए देखा जा सकता है. खेड़ा ने कहा, भाजपा सांसदों ने विभिन्न मंचों पर लगभग एक जैसी पंक्ति दोहरानी शुरू कर दी कि राहुल गांधी हिंदुस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतर हैं. यह विपक्ष को बदनाम करने और नेतृत्वक प्रतिद्वंद्वियों, विशेषकर राहुल जी के खिलाफ हिंसा को वैध ठहराने का एक सुनियोजित अभियान है. भाजपा के लोग नेतृत्वक विरोधियों को कट्टर दुश्मन मानते हैं : केसी वेणुगोपाल कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट किया, स्वघोषित मोदी भक्त, नेता प्रतिपक्ष को जान से मारने की खुलेआम धमकियां दे रहे हैं. यह संसद से लेकर नेतृत्वक रैलियों तक, राष्ट्रीय विमर्श में भाजपा द्वारा पैदा की गई शत्रुता और प्रतिशोध की जहरीली संस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के लोग नेतृत्वक विरोधियों को कट्टर दुश्मन मानते हैं जिनको वे खत्म करना चाहते हैं और नफरत में चूर समर्थकों को विपक्षी नेताओं को धमकाने के लिए लगा दिया जाता है. कांग्रेस नेता ने कहा, भाजपा-आरएसएस का तंत्र भूल जाता है कि राहुल जी, इंदिरा गांधी जी और राजीव गांधी जी की विरासत से हैं और उन्होंने हम सभी को डरो मत का नारा दिया है! वह ऐसे घटिया ट्रोल से डरेंगे नहीं और हर विरोधी का डटकर मुकाबला करते रहेंगे. ये भी पढ़ें: क्या बंद होंगी फ्री वाली प्रशासनी योजनाएं? सुप्रीम कोर्ट ने लगायी फटकार The post ‘एक और गोडसे तैयार किया जा रहा’, राहुल को जान से मारने की धमकी पर बोली कांग्रेस appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के जंगलों में 11817 बिल्लियों का बसेरा, कैमरों से कराया गया सर्वे

जमशेदपुर से ब्रजेश सिंह की रिपोर्ट Wild Cats Survey: झारखंड के वनों में 11817 जंगली बिल्लियों ने अपना आशियाना बना रखा है. यहां के जंगल इनकी चहलकदमी से गुलजार हैं. इनमें दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी की 121 बिल्लियां भी शामिल हैं. झारखंड की जंगली बिल्लियों में नर 3117 और मादा की संख्या 8700 है. इसका खुलासा झारखंड के जंगलों के करीब 20881 वर्ग किमी एरिया का सर्वे करने के बाद हुआ. देश में पहली बार जंगली बिल्लियों की गणना की गयी है, जिससे पता चला है कि देश में जंगली बिल्लियों की संख्या लगभग तीन लाख है. सर्वे में तीन संस्थान शामिल यह सर्वे वन्य जीव संस्थान, देहरादून (डब्ल्यूडब्ल्यूआई), इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (आईएनएसए) और नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेस, बेंगलुरु (एनसीबीएस) ने अमेरिका के वायोमिंग स्थित हॉब स्कूल ऑफ एनवायरनमेंट एंड नेचुरल रिसोर्स के साथ मिलकर किया है. इस सर्वे के लिए 26,838 कैमरे लगाये गये थे. पूरे देश में करीब 3.48 करोड़ तस्वीरें ली गयी थीं, जिनकी समीक्षा की गयीं. सर्वे में पाया गया कि सबसे ज्यादा जंगली बिल्लियां मध्य प्रदेश और राजस्थान में हैं. झारखंड जंगली बिल्लियों के मामले में देश में छठे स्थान पर है. किसानों की मददगार होती हैं जंगली बिल्लियां जंगली बिल्लियां वेटलैंड, घास के मैदान और जंगल से लेकर मानव आबादी के आसपास मिलती हैं. यह किसानों की मददगार भी होती हैं, क्योंकि यह खेती में चूहे को नियंत्रित करती है. अगर यह नहीं हो, तो इको सिस्टम पर असर पड़ सकता है. जंगली बिल्लियां चूहे, खरगोश और पक्षियों का शिकार करती हैं. इन बिल्लियों के समक्ष कई चुनौतियां हैं. इसकी वजह मानवीय हस्तक्षेप है. जंगलों में लगातार वाहनों के जाने और सड़कें बनने से भी इनकी संख्या कम हो रही है. इसके अलावा मानव आबादी के पास होने के कारण घरेलू बिल्लियों के साथ उनके हाइब्रिड बनने लगे हैं. इसे भी पढ़ें: 21 फरवरी को झारखंड आ रहीं जया प्रदा, मेदिनीनगर में करेंगी रोड शो इन्हें कानूनी सुरक्षा प्राप्त है हिंदुस्तान में जंगली बिल्लियां वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के शेड्यूल-2 के तहत प्रोटेक्टेड हैं. इसका मतलब है कि इनका शिकार करना, इन्हें पकड़ना या नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है. शेर के खानदान का यह वन्यजीव हल्के लाल और भूरे रंग का होता है. स्थानीय तौर पर वनबिलाव भी कहा जाता है. इसे भी पढ़ें: रांची में किसी ने तेज आवाज में बाजा बजाई, तो सीधे होगी सख्त कार्रवाई The post झारखंड के जंगलों में 11817 बिल्लियों का बसेरा, कैमरों से कराया गया सर्वे appeared first on Naya Vichar.

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‘इस्लामाबाद या भारत नहीं है’, अमेरिका में 90 फुट की हनुमान मूर्ति देख भड़का एक्टिविस्ट

Hanuman Statue Texas Controversy: अमेरिका के टेक्सास में भगवान हनुमान की 90 फुट ऊंची प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता कार्लोस टर्सियोस ने इस प्रतिमा का वीडियो शेयर करते हुए इसे ‘विदेशी घुसपैठ’ करार दिया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्यों सोशल मीडिया पर लोग भिड़ गए हैं. ‘स्टैच्यू ऑफ यूनियन’ को लेकर एक्टिविस्ट को हुई दिक्कत टेक्सास के शुगर लैंड स्थित श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर में अगस्त 2024 में भगवान हनुमान की एक विशाल प्रतिमा का अनावरण किया गया था. ‘पंचलोह अभय हनुमान’ नाम की यह प्रतिमा 90 फुट ऊंची है और इसे उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा माना जाता है. इसे ‘स्टैच्यू ऑफ यूनियन’ का नाम दिया गया है. हाल ही में, MAGA (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) मूवमेंट से जुड़े लातिनी रूढ़िवादी कार्यकर्ता कार्लोस टर्सियोस ने इसका एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि यह इस्लामाबाद या नई दिल्ली नहीं, बल्कि शुगर लैंड, टेक्सास है. थर्ड वर्ल्ड के एलियंस (विदेशी) धीरे-धीरे टेक्सास और अमेरिका पर कब्जा कर रहे हैं. अमेरिका की तीसरी सबसे बड़ी मूर्ति यह क्यों है? इस घुसपैठ को रोकें! 🚨SUGAR LAND, TEXAS🚨This is not Islamabad, Pakistan, or New Delhi, India. This is Sugar Land, Texas. Third World Aliens are slowly taking over Texas and America. Why is the third-largest statue in the US this??! Stop the INVASION! Follow:@Carlos__Turcios pic.twitter.com/hzNIunlyQ4 — Carlos Turcios (@Carlos__Turcios) February 16, 2026 मंदिर प्रशासन और समर्थकों का करारा जवाब टर्सियोस के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. मंदिर से जुड़े लोगों और समर्थकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उनके अनुसार: यह मूर्ति हिंदू-अमेरिकियों की धार्मिक पहचान का प्रतीक है. पूरा मंदिर परिसर निजी दान (प्राइवेट डोनेशन) से बनाया गया है. यह किसी नेतृत्वक संदेश के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक बहुलवाद (रिलीजियस प्लूरेलिज्म) का उदाहरण है. समर्थकों ने तर्क दिया कि जैसे अमेरिका में चर्च के ऊंचे शिखर या बड़ी क्रॉस की मूर्तियां होती हैं, वैसे ही यह भी आस्था का प्रतीक है. इंडियंस और मुस्लिमों को पहले भी बना चुके हैं निशाना यह पहली बार नहीं है जब टर्सियोस ने प्रवासियों के खिलाफ जहर उगला हो. रिपोर्ट्स के अनुसार, वह पहले भी हिंदुस्तानीय आईटी प्रोफेशनल्स (H-1B वीजा धारक) और मुस्लिम समुदाय की आलोचना कर चुके हैं. H-1B वीजा पर टिप्पणी: उन्होंने एक बार लिखा था कि फ्रिस्को के निवासी हिंदुस्तानीय कामगारों के आने से परेशान हैं क्योंकि अमेरिकियों को नौकरियां और घर नहीं मिल रहे. इस्लाम को लेकर दावा: उन्होंने ह्यूस्टन का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां ‘शरिया कानून’ का प्रभाव बढ़ रहा है और इसे भी उन्होंने ‘घुसपैठ’ (Invasion) का नाम दिया था. टेक्सास में हिंदुस्तानीयों का योगदान अगर आंकड़ों की बात करें, तो टेक्सास में हिंदुस्तानीय समुदाय का बड़ा प्रभाव है. आबादी: टेक्सास में एशियाई मूल के करीब 22 लाख लोग रहते हैं (2025 के अनुमानित डेटा के अनुसार), जिनमें हिंदुस्तानीयों की संख्या काफी ज्यादा है. H-1B वीजा: टेक्सास में 40,000 से ज्यादा लोग H-1B वीजा पर काम कर रहे हैं. कॉग्निजेंट और इंफोसिस जैसी कंपनियां यहां बड़ी संख्या में रोजगार देती हैं. इकोनॉमी: हिंदुस्तानीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिका की वित्तीय स्थिति में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले और शिक्षित समूहों में से एक माना जाता है. कौन हैं कार्लोस टर्सियोस? कार्लोस टर्सियोस उत्तरी टेक्सास के एक लातिनी रूढ़िवादी कार्यकर्ता हैं. उनकी बायोग्राफी के अनुसार, उन्होंने ‘क्रिटिकल रेस थ्योरी’ के खिलाफ अभियान चलाकर और पुलिस के समर्थन में रैलियां निकालकर पहचान बनाई है. वह डोनाल्ड ट्रम्प और टेड क्रूज जैसे रिपब्लिकन नेताओं के बड़े समर्थक माने जाते हैं. ये भी पढ़ें: वीडियो: ‘तुम बहुत खूबसूरत हो’, व्हाइट हाउस में इस दिग्गज रैपर पर फिदा हुए ट्रंप ये भी पढ़ें: बिल गेट्स का इंडिया AI समिट से किनारा, एपस्टीन केस की फाइलों ने बढ़ाई टेंशन! The post ‘इस्लामाबाद या हिंदुस्तान नहीं है’, अमेरिका में 90 फुट की हनुमान मूर्ति देख भड़का एक्टिविस्ट appeared first on Naya Vichar.

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मुलायम त्वचा के लिए चेहरे पर लगाएं ये फेस पैक, इस तरह करें तैयार

Beauty Tips: बदलते मौसम का असर हमारी त्वचा पर भी देखने को मिलता है. ऐसे मौसम में त्वचा ड्राई होने की वजह से रूखी और बेजान दिखने लगती है. साफ-साफ कहें तो ऐसे मौसम में चेहरे की रौनक ही खो जाती है. थोड़ी सी देखभाल आपके चेहरे की रौनक को वापस ला सकती है. इसके लिए आप चाहें तो घर में फेस पैक बनाकर चेहरे पर लगा सकते हैं. इस फेस पैक को सप्ताह में दो बार चेहरे पर लगाने से आपका चेहरा खिला-खिला लग सकता है. यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और घर में रखी चीजों से ही इसे तैयार किया जा सकता है. केले और मलाई का फेस पैक चेहरे की रौनक लौटाने के लिए केले और मलाई का फेस पैक बहुत बढ़िया ऑप्शन है. मलाई त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. ड्राई स्किन वालों को तो इसे नियमित लगाना चाहिए. वहीं दूसरी ओर केला सभी पोषक तत्वों से भरपूर होने की वजह से चेहरे पर झुर्रियां जल्दी नहीं आने देता है. फेस पैक बनाने की सामग्री आधा पका केला एक चम्मच मलाई आधा चम्मच शहद फेस पैक बनाने की विधि इस फेस पैक को बनाने के लिए पहले आधा पका केला लें. फिर इसे चम्मच से अच्छी तरह से मैश करें. इसके बाद इसमें मलाई और शहद डाल कर क्रीमी दिखने तक अच्छे से मिला लें. अब आप इसे चेहरे पर लगा कर 15 मिनट तक सूखने दें. उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धोकर लाइट मॉइश्चराइजर लगा लें.   यह भी पढ़ें: चेहरे को बेदाग और नेचुरल ग्लो देगा इन चीजों से बना फेस मास्क कब और कैसे लगाएं इस फेस पैक को आप सप्‍ताह में दो बार लगाएं. इसे लगाने के लिए रात को सोने से पहले चेहरे को अच्‍छी तरह साफ कर लें. फिर अब इस पर फेस पैक को चेहरे पर लगाकर सूखने दें. फिर 15 मिनट बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें. Disclaimer: हमारी समाचारें जनसामान्य के लिए हितकारी हैं. लेकिन दवा या किसी मेडिकल सलाह को डॉक्टर से परामर्श के बाद ही लें. यह भी पढ़ें: Beauty Tips: इंस्टेंट निखार के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे, चुटकियों में दूर होगी चेहरे की थकान यह भी पढ़ें: Skin Care Tips In Hindi: मसूर दाल से दमक उठेगा चेहरा, बस जान लें लगाने का सही तरीका The post मुलायम त्वचा के लिए चेहरे पर लगाएं ये फेस पैक, इस तरह करें तैयार appeared first on Naya Vichar.

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अगले हफ्ते निवेश के लिए तैयार रहें! मार्केट में आ रहे हैं ये 3 नए आईपीओ

Upcoming IPOs Next Week: हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में अगले हफ्ते हलचल बढ़ने वाली है. 23 फरवरी से तीन नई कंपनियों के आईपीओ निवेश के लिए खुलने जा रहे हैं. इनमें क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी, श्री राम ट्विस्टेक्स और पीएनजीएस रेवा डायमंड शामिल हैं. हालांकि, ग्रे मार्केट (GMP) के संकेत बताते हैं कि इनकी शुरुआत उतनी शानदार नहीं होगी जितनी उम्मीद है. Upcoming IPOs: क्लीन मैक्स आईपीओ में क्या है खास? क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी देश की बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक है. यह कंपनी अपना 3,100 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 फरवरी को लॉन्च करेगी. इसका प्राइस बैंड 1,000-1,053 रुपये रखा गया है. यह मुख्य रूप से डेटा सेंटर्स और टेक कंपनियों को बिजली सप्लाई करती है. हालांकि, ग्रे मार्केट में इसका भाव अभी सिर्फ 0.85% प्रीमियम पर चल रहा है, जो निवेशकों के लिए थोड़ी चिंता की बात हो सकती है. Upcoming IPOs: पीएनजीएस रेवा के क्या हैं प्लान? पुणे की मशहूर ज्वेलरी कंपनी पीएनजीएस रीवा डायमंड ज्वेलरी का 380 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 फरवरी को खुलेगा. इस कंपनी का मकसद साल 2028 तक 15 नए स्टोर खोलना है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस आईपीओ में कोई भी पुराना शेयर नहीं बेचा जा रहा है. सारा पैसा कंपनी के विकास में लगेगा. इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल 5.44% के आसपास है, जो धीरे-धीरे बढ़ रहा है. श्री राम ट्विस्टेक्स में कितना निवेश? कॉटन धागा बनाने वाली कंपनी श्री राम ट्विस्टेक्स भी 23 फरवरी को ही अपना आईपीओ लाएगी. कंपनी का लक्ष्य 110 करोड़ रुपये जुटाना है और इसके एक शेयर की कीमत 95-104 रुपये तय की गई है. एक आम निवेशक को कम से कम 14,976 रुपये लगाने होंगे. कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल नया विंड पावर प्लांट लगाने और अपना कर्ज चुकाने के लिए करेगी. क्या आपको निवेश करना चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन तीनों ही कंपनियों की लिस्टिंग 2 मार्च को हो सकती है. वर्तमान में इनका ग्रे मार्केट रिस्पॉन्स एवरेज दिख रहा है. इसलिए किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी के काम और मार्केट की स्थिति को अच्छे से समझना जरूरी है. ये भी पढ़ें: IT सेक्टर में भारी उछाल, निफ्टी 25,873 के पार The post अगले हफ्ते निवेश के लिए तैयार रहें! मार्केट में आ रहे हैं ये 3 नए आईपीओ appeared first on Naya Vichar.

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बची हुई सब्जी से तैयार करें ये आसान रेसिपी, इन आइडियाज को करें ट्राई  

Leftover Sabji Recipe Ideas: अक्सर खाना खाने के बाद सब्जी बच जाती है. ऐसे में आप सब्जी को फेंकने के बजाय इससे नई रेसिपी तैयार कर सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको कुछ रेसिपी आइडियाज बताएंगे जिनसे आप बची हुई सब्जियों से टेस्टी डिश तैयार कर सकते हैं.  पकौड़े बना लें  मिक्स वेज की सब्जी बच गई है तो आप टेस्टी पकौड़े तैयार कर सकते हैं. बची हुई सब्जी को हल्का सा गर्म कर लें. बेसन, हरी मिर्च, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक को मिक्स कर लें. इसमें सब्जी को डालें. चावल का आटा डाल दें और सभी चीजों को मिक्स कर लें. तेल में छोटे छोटे हिस्से डालकर पकौड़े को फ्राई कर लें.  पराठा बना सकते हैं आप पराठा तैयार कर सकते हैं. बची हुई सब्जी को आप मैश कर लें. इसे आप आटा में मिला लें. आटा में आप लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और अमचूर पाउडर मिला लें. आटा को गूंथ लें और ढककर थोड़ी देर छोड़ दें. इसके बाद आटे से लोई बना लें. लोई को गोल बेल लें. तवा कर्म करें और पराठा को दोनों तरफ से सेंक लें.  सैंडविच तैयार करें पनीर या मशरूम की बची हुई सब्जी से कुछ झटपट बनाना चाहते हैं तो सैंडविच ट्राई कर सकते हैं. ब्रेड स्लाइस को लें. इसके ऊपर आप हरी चटनी को लगा लें. ऊपर से सब्जी को डालकर फैला लें. इसके ऊपर आप कटे हुए प्याज, चिली फ्लेक्स और काली मिर्च का पाउडर डाल दें. आप चाहें तो ऊपर थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ चीज भी डाल सकते हैं.  कचौड़ी तैयार करें  अगर आपके पास आलू की सब्जी है तो कचौड़ी बना सकते हैं. आप आटा में तेल और नमक डालकर गूंथ लें.  एक पैन में तेल गर्म करके उसमें जीरा, हरी मिर्च और अदरक डालकर भूनें. प्याज डालें. इसके बाद धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर और गरम मसाला डाल दें. बची हुई सब्जी को मैश करके डाल दें. अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हल्का सा बेल लें और बीच में आलू का मिश्रण रखकर अच्छी तरह बंद करें. फिर कचौड़ी को तेल में डालकर फ्राई कर लें.  यह भी पढ़ें- Murmura Upma Recipe: घर पर मिनटों में बनाएं स्पेशल मुरमुरा उपमा, इस तरीके से करें तैयार यह भी पढ़ें: Rajma Recipe: आलू की सब्जी खा-खाकर हो गए हैं परेशान, तो आज ही घर पर बनाएं लाजवाब राजमा  The post बची हुई सब्जी से तैयार करें ये आसान रेसिपी, इन आइडियाज को करें ट्राई   appeared first on Naya Vichar.

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