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Author name: Vinod Jha

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वैभव-शेडगे भी नहीं दिला सके इंडिया ए को जीत, सुपर ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी

SL A vs IND A: इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच स्पोर्ट्से जा रहे ट्राई सीरीज के चौथा मुकाबला टाई रहा. मुकाबले का नतीजा सुपर ओवर से निकला. सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने हिंदुस्तान ए को 7 रन से हराकर मुकाबले को जीत लिया. इस जीत के साथ श्रीलंका टीम फाइनल में पहुंच गई है. पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए की टीम ने 265 रन बनाए. जवाब में श्रीलंका ए ने भी 265 रन बनाए. रंगिरी दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए मुकाबले में श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए हिंदुस्तानीय टीम की शुरुआत खराब रही. वैभव सूर्यवंशी 14 गेंदों का सामना करने के बाद 21 रन बनाकर आउट हो गए. प्रभसिमरन सिंह भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और 11 रन बनाकर पवेलियन लौटे. रुतुराज और तिलक वर्मा ने संभाली पारी हिंदुस्तानीय टीम ने 39 रन पर ही 2 विकेट गंवा दिए. उसके बाद तीसरे विकेट के लिए कप्तान तिलक वर्मा और उपकप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने 52 रन की साझेदारी की. तिलक 32 गेंदों का सामना करने के बाद 23 रन बनाकर आउट हुए. वहीं, ऋतुराज भी अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे और 37 रन बनाकर आउट हुए. उसके बाद निशांत सिंधु 6 और आयुष बदोनी 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. वहीं अनुकूल रॉय भी 15 रन बनाकर चलते बने. विपराज और सूर्यंश की शतकीय साझेदारी यहां से पारी को विपराज निगम और सूर्यंश शेडगे ने मिलकर संभाला और 8वें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की. निगम ने 49 गेंदों पर 51 रन बनाए, जबकि शेडगे ने 66 गेंदों में 72 रन की बेहतरीन पारी स्पोर्ट्सी. दोनों की बदौलत इंडिया ए 265 रन तक पहुंचने में सफल रही. श्रीलंका ए के लिए मोहम्मद शिराज ने 3, विजयकांत व्यासकांत ने 3 विकेट चटकाए. श्रीलंका ए की अच्छी शुरुआत जवाब में इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका ए की शुरुआत अच्छी रही. निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो के बीच पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी हुई. अविष्का फर्नांडो 22 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं विशेन हलंबागे 17 रन बनाकर चलते बने. निरोशन डिकवेला 37 रन बनाकर आउट हो गए. यहां से सदीरा समराविक्रमा एक छोर पर टिके रहे और लक्ष्य की तरफ धीरे-धीरे बढ़ते रहे. वहीं दूसरे छोर से बाकी बल्लेबाज जल्दी-जल्दी आउट हो गए. सहान अराछिगे 8, अहान विक्रमसिंघे 6, वनुजा सहन 25, विजयकांत व्यासकांत 18 रन बनाकर आउट हो गए. जबकि समराविक्रमा ने इस दौरान अपना अर्धशतक पूरा किया. 265 रन ही बना सकी श्रीलंका ए की टीम सदीरा समरविक्रमा ने 92 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. अंत में चमिका ने 18 रनों की पारी स्पोर्ट्सकर स्कोर पर बराबर किया. अंतिम गेंद पर दो रन चाहिए थे. लेकिन चमिका रन आउट हो गए. श्रीलंका ने 9 विकेट के नुकसान पर 265 रन बनाए. हिंदुस्तान के लिए आयुष बदोनी ने 2, विपराज निगम ने 1, अरशद खान ने 1, अनुकूल रॉय ने 1 विकेट चटकाए. सुपर ओवर से हुआ जीत का फैसला सुपर ओवर में श्रीलंका ए को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला. पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ए ने 16 रन बनाए. जवाब में हिंदुस्तान ए की टीम 9 रन ही बना सकी. श्रीलंका की टीम 7 रनों से जीत हासिल की. यह भी पढ़ें: इंडिया A पर क्यों लगा 10 रन का जुर्माना? विपराज निगम की इस गलती ने बढ़ाई टीम की मुश्किलें The post वैभव-शेडगे भी नहीं दिला सके इंडिया ए को जीत, सुपर ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी appeared first on Naya Vichar.

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FIFA World Cup 2026: ‘अब ये जर्सी करोड़ों की…’, रोनाल्डो के साइन ने सोशल मीडिया पर मचा दिया तहलका

Cristiano Ronaldo: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खुमार इन दिनों दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. मैदान पर खिलाड़ी अपनी टीमों को जीत दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं मैदान के बाहर भी खिलाड़ियों से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें चर्चा का विषय बने हुए हैं. इसी बीच पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक स्त्री प्रशंसक की जर्सी पर ऑटोग्राफ देते दिखाई दे रहे हैं. Cristiano Ronaldo signs Celine’s jersey. 🥹❤️ The value of that jersey just jumped to $ 1million. 😂 pic.twitter.com/RG2uMURZZr — RUTH 🇨🇦 (@it_Rutie) June 14, 2026 ऑटोग्राफ मिलते ही खुशी से झूम उठी फैन वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि रोनाल्डो अपने प्रशंसकों के बीच पहुंचते हैं और बेल्जियम की लोकप्रिय फुटबॉल कंटेंट क्रिएटर व यूट्यूबर सेलिन डेप्ट की पुर्तगाल जर्सी पर हस्ताक्षर करते हैं. अपने पसंदीदा खिलाड़ी से ऑटोग्राफ मिलने के बाद सेलिन डेप्ट की खुशी का ठिकाना नहीं रहता. उनके चेहरे पर उत्साह और भावुकता साफ नजर आती है. यही वजह है कि यह वीडियो कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच गया और सोशल मीडिया पर छा गया. फुटबॉल प्रशंसकों का मानना है कि अपने पसंदीदा खिलाड़ी से मिला ऐसा पल जिंदगीभर याद रहता है. कई यूजर्स ने इस वीडियो को खिलाड़ियों और उनके समर्थकों के बीच खास रिश्ते का बेहतरीन उदाहरण बताया. दुनिया के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल हैं रोनाल्डो क्रिस्टियानो रोनाल्डो दुनिया के सबसे सफल और लोकप्रिय फुटबॉलरों में गिने जाते हैं. उनके नाम क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं. हालांकि सिर्फ अपने स्पोर्ट्स की वजह से ही नहीं, बल्कि प्रशंसकों के साथ अपने व्यवहार के कारण भी वह हमेशा चर्चा में रहते हैं. इससे पहले भी कई बार रोनाल्डो अपने समर्थकों के साथ तस्वीरें खिंचवाते और उन्हें ऑटोग्राफ देते नजर आ चुके हैं. सोशल मीडिया पर आई दिलचस्प प्रतिक्रियाएं वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने लिखा कि रोनाल्डो के एक ऑटोग्राफ ने इस जर्सी को बेहद खास बना दिया है. वहीं कुछ प्रशंसकों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब इस जर्सी की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बीच वायरल हुआ यह वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि रोनाल्डो सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी अपने प्रशंसकों के दिलों पर राज करते हैं. यह भी पढ़ें: नेमार को मैच में न देख पाने पर फूट-फूटकर रो पड़ी नन्ही फैन, वीडियो देख पिघल जाएगा आपका दिल The post FIFA World Cup 2026: ‘अब ये जर्सी करोड़ों की…’, रोनाल्डो के साइन ने सोशल मीडिया पर मचा दिया तहलका appeared first on Naya Vichar.

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62370 टन LNG लेकर भारत आ रहा है जहाज दिशा, 3 महीने बाद किया होर्मुज पार

Ship Disha: हिंदुस्तानीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) के नेतृत्व वाले समूह द्वारा प्रबंधित यह जहाज 62,370 टन एलएनजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आगे बढ़ चुका है. पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, एलएनजी पोत दिशा सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है. यह 62,370 टन एलएनजी लेकर आ रहा है. इसके 18 जून के आसपास हिंदुस्तान के दहेज बंदरगाह पहुंचने की संभावना है. नाविकों की सुरक्षा के लिए विदेशी मंत्रालय और हिंदुस्तानीय दूतावास लगातार संपर्क में नौवहन महानिदेशालय हिंदुस्तानीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, हिंदुस्तानीय दूतावासों, पोत परिवहन कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय में है. #WATCH | Delhi: Director in the Shipping Division of the Ministry of Ports, Shipping and Waterways (MoPSW), Opesh Kumar Sharma says, “LNG carrier Disha, managed by Shipping Corporation of India-led consortium, has safely transited the Strait of Hormuz, and she’s carrying 62,370… pic.twitter.com/wccwfTpxnv — ANI (@ANI) June 15, 2026 नियंत्रण कक्ष में अब तक आ चुके हैं 12,737 कॉल स्थापित नियंत्रण कक्ष ने पिछले 96 घंटों में 12,737 कॉल और 28,299 से अधिक ईमेल का निपटान किया है. इस दौरान नाविकों, उनके परिवारों और अन्य समुद्री हितधारकों से 406 कॉल और 784 ईमेल प्राप्त हुए. मंत्रालय ने यह भी बताया कि महानिदेशालय ने अब तक 3,587 से अधिक हिंदुस्तानीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 96 घंटे में 50 नाविक शामिल हैं. देशभर में बंदरगाह परिचालन सामान्य हैं और कहीं से भी जाम की स्थिति की सूचना नहीं है. ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका टकराव के 108 दिन: भीषण हमले से शांति समझौते तक, जानें पूरी टाइमलाइन? The post 62370 टन LNG लेकर हिंदुस्तान आ रहा है जहाज दिशा, 3 महीने बाद किया होर्मुज पार appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क के शक में मधुबनी का इजहारुल हक गिरफ्तार, बिहार- एमपी ATS की कार्रवाई

Madhubani Man Arrested: बिहार और मध्य प्रदेश की एटीएस ने एक साझा ऑपरेशन चलाकर राष्ट्रविरोधी और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल एक शख्स को धर दबोचा है. गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम इजहारुल हक (56 साल) है. वह मूल रूप से मधुबनी का रहने वाला है. एटीएस का दावा है कि शुरुआती जांच और टेक्निकल सर्विलांस से यह पता चला है कि इजहारुल हक सीमा पार बैठे एक पाकिस्तानी हैंडलर के लगातार संपर्क में था. मधुबनी के रहमान चौक के पास से हुई गिरफ्तारी बिहार एटीएस से मिली जानकारी के मुताबिक, इजहारुल हक का पैतृक घर मधुबनी जिले के जाले थाना इलाके के नवानी गांव में है. वह फिलहाल मधुबनी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहम्मदी मोहल्ला में रह रहा था. सुरक्षा एजेंसियों को काफी समय से उसकी संदिग्ध हरकतों की भनक लग रही थी, जिसके बाद जाल बिछाकर उसे दबोच लिया गया. मध्य प्रदेश में दर्ज केस के सिलसिले में हुई छापेमारी एटीएस ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई मध्य प्रदेश एटीएस की ओर से दर्ज की गई एक एफआईआर की जांच के सिलसिले में की गई है. इस केस के तार इजहारुल हक से जुड़ रहे थे, जिसके बाद एमपी और बिहार एटीएस की टीमों ने मिलकर इस ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद, खंगाला जा रहा है डिजिटल डेटा इस छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने आरोपी इजहारुल हक के पास से दो एंड्रॉयड स्मार्टफोन जब्त किए हैं. एटीएस की टीम बरामद किए गए दोनों मोबाइल फोन और उसके अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल के कॉल डिटेल्स और चैट्स से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए मामले की गहन जांच जारी है और मिले सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इसे भी पढ़ें: ‘खान सर ने भाई को मरवाया और मुझे जेल में खत्म करना चाहते थे’, रौशन आनंद का नया विचार पर बड़ा खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़े रौशन आनंद, खान सर पर लगाए कई बड़े आरोप, CBI जांच की मांग की The post पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क के शक में मधुबनी का इजहारुल हक गिरफ्तार, बिहार- एमपी ATS की कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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ईरान-अमेरिका टकराव के 108 दिन: भीषण हमले से शांति समझौते तक, जानें पूरी टाइमलाइन?

Iran US Conflict: 28 फरवरी 2026 में ईरान अमेरिका में छिड़ी भीषण जंग अब समझैते की पटरी पर आ गयी है… अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार (15 जून) को घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है. शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर (साइन) किए जा सकते हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर जोरदार हमला बोला था. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई समेत कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे. इसके बाद 1 मार्च से इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ कई हमले किए. इधर, ईरान का भी पलटवार जारी रहा. उसने यूएई, कतर, यमन समेत कई और देशों में स्थित अमेरिका ठिकानों पर मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन से हमले किए. इजराइल पर भी ईरान ने कई मिसाइल दागी. पिछले 108 दिनों में क्या-क्या हुआ इसे एक टाइमलाइन की मदद से समझते हैं. मार्च महीन में क्या-क्या हुआ? एक मार्च : 28 फरवरी के हमले के जवाब में ईरान ने पलटवार किया. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें एक हिंदुस्तानीय भी शामिल था. दो मार्च : कुवैत ने गलती से अमेरिका के तीन लड़ाकू विमानों को मार गिराया. चार मार्च : हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी नौसेना के फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो हमले में डुबो दिया. पांच मार्च : ईरान ने इजराइल, अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमलों का नया दौर शुरू किया. छह मार्च : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान से ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ की मांग की. सात मार्च : ईरान ने ट्रंप की मांग ठुकरा दी. आठ मार्च : सऊदी अरब के एक आवासीय क्षेत्र में एक मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक हिंदुस्तानीय शामिल था. नौ मार्च : अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने दिवंगत पिता के उत्तराधिकारी के रूप में ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला. 12 मार्च : नए सर्वोच्च नेता ने पहला सार्वजनिक बयान जारी कर हमले जारी रखने की बात कही. 13 मार्च : ट्रंप ने जी-7 देशों के नेताओं से कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण कर सकता है. 17 मार्च : अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मारे गए. 18 मार्च : ईरानी प्रशासनी मीडिया ने कहा कि साउथ पार्स गैस क्षेत्र से जुड़ी सुविधाओं पर हमला हुआ. ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब भी मारे गए. 20 मार्च : हिंदुस्तान के दूतावास ने घोषणा की कि 18 मार्च की घटनाओं के कारण सऊदी अरब में एक हिंदुस्तानीय नागरिक की मौत हो गई. 21 मार्च : अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने की घोषणा की. 23 मार्च : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत की. ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पांच दिन की अतिरिक्त मोहलत दी. 25 मार्च : ईरान ने अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव खारिज कर अपनी शर्तें पेश कीं. 26 मार्च : ट्रंप ने होर्मुज खोलने की समयसीमा छह अप्रैल तक बढ़ाई. 27 मार्च : इजराइल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला किया. 30 मार्च : ट्रंप ने चेतावनी दी कि समझौता नहीं होने पर ईरान की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया जाएगा. 31 मार्च : चीन और पाकिस्तान ने युद्ध खत्म करने के लिए पांच सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया. अप्रैल महीने का घटनाक्रम तीन अप्रैल : ईरान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया. छह अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो चार घंटे के भीतर ईरान को तबाह कर दिया जाएगा. ईरान ने 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया. सात अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने नई समयसीमा का पालन नहीं किया तो ‘आज रात पूरी सभ्यता नष्ट हो सकती है.’ आठ अप्रैल : अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए. 11 अप्रैल : अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान में ईरानी डेलिगेट्स से आमने-सामने की बातचीत की. 12 अप्रैल : वार्ता में शांति समझौता नहीं हो सका. ट्रंप ने होर्मुज की नाकेबंदी की घोषणा की. 17 अप्रैल : ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला है, जबकि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी जारी रखने की बात कही. 18 अप्रैल : ईरान ने होर्मुज खोलने का फैसला वापस लिया. 20 अप्रैल : अमेरिका ने होर्मुज के निकट ईरानी ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया. 21 अप्रैल : अमेरिकी वार्ता प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण जे डी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा स्थगित कर दी गई. 22 अप्रैल : ट्रंप ने युद्धविराम अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया. ईरान ने होर्मुज में तीन जहाजों पर गोलीबारी की और दो को कब्जे में ले लिया. 24 अप्रैल : ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान पहुंचे. 26 अप्रैल : अराघची तीन दिन में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे और आसिम मुनीर से मुलाकात की. 27 अप्रैल: ईरान ने नाकेबंदी हटाने और युद्ध समाप्त करने की शर्त पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की. मई में क्या-क्या हुआ? एक मई : ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए नया प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा. चार मई : ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिकी जहाजों पर हमला होने पर ईरान को ‘‘धरती से मिटा दिया जाएगा.’’ छह मई : ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम को निलंबित कर दिया. आठ मई : अमेरिकी बलों ने होर्मुज में दो ईरानी तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया. 10 मई : पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान ने अपना जवाब भेजा, जिसे ट्रंप ने खारिज कर दिया. 11 मई : ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम गंभीर संकट में है. 13 मई : ओमान तट के निकट हिंदुस्तानीय ध्वज वाले एक जहाज पर हमला हुआ. 16 मई : पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे. 18 मई : ट्रंप ने कहा कि गंभीर वार्ता के चलते उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोक रखी है. 19 मई : ट्रंप ने कहा कि हमले फिर शुरू

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झारखंड के अपर महाधिवक्ता ने दिया इस्तीफा, नवनियुक्त महाधिवक्ता को भेजा त्यागपत्र

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड के अपर महाधिवक्ता (एडिशनल एडवोकेट जनरल) सचिन कुमार ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्य के नवनियुक्त महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय को सौंप दिया है. इस्तीफे के पीछे उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है. राज्य के विधि महकमे में लगातार हो रहे बदलावों के बीच यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है. व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला जानकारी के अनुसार, अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए निजी कारणों का उल्लेख किया है. उन्होंने इस संबंध में अपना त्यागपत्र नवनियुक्त महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय को भेजा है. फिलहाल उनके इस्तीफे को लेकर कोई अन्य आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है. पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन ने भी छोड़ा था पद गौरतलब है कि रविवार को झारखंड के तत्कालीन महाधिवक्ता राजीव रंजन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद राज्य प्रशासन ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को झारखंड का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया था. इसे भी पढ़ें: झारखंड BJP का रोडमैप तैयार, हर माह होगी बैठक, योग दिवस और आपातकाल पर विशेष कार्यक्रम विधि विभाग में लगातार हो रहे बदलाव महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता, दोनों के इस्तीफे के बाद झारखंड के विधि विभाग में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं. हालांकि सचिन कुमार के इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए गए हैं, लेकिन लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों पर कानूनी और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है. मानव व्यवस्था का एक दिलचस्प नियम है, कुर्सियां स्थायी नहीं होतीं, लेकिन उनसे जुड़ी समाचारें हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं. इसे भी पढ़ें: झारखंड के नए एडवोकेट जनरल रोहितश्य रॉय ने संभाला पदभार  The post झारखंड के अपर महाधिवक्ता ने दिया इस्तीफा, नवनियुक्त महाधिवक्ता को भेजा त्यागपत्र appeared first on Naya Vichar.

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‘दलबदलुओं को नकारें’ का नारा देने वाली पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को अपनाया, जानें पार्टी के बारे में

खास बातें त्रिपुरा चुनाव में एनसीपीआई के रहे थे निराशाजनक परिणाम पार्टी के उम्मीदवारों को नोटा के आसपास मिले थे वोट TMC Rebels Controversy: गुमनाम पार्टी राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में एनसीपीआई से जुड़ी खास बातें TMC Rebels Controversy: नेतृत्व में कभी-कभी छोटे दल अचानक बड़ा तूफान बनकर उभर आते हैं. रविवार को ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जब तृणमूल कांग्रेस के विद्रोही 20 लोकसभा सांसदों ने अचानक नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय करने का ऐलान किया. एनसीपीआई, जिसका पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में है और इसके अध्यक्ष का नाम शेउली कुंडू है, जैसा कि निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में है. वर्ष 2023 में त्रिपुरा में महज 4 सीटों पर उम्मीदवार उतारने के साथ गुमनामी के बीच चुनाव लड़ा था. उस समय पार्टी के प्रचार-चिह्न पर लिखा था- अपने अधिकारों की रक्षा के लिए नेतृत्वक दलबदलुओं को नकारें. नेतृत्वक हस्तियों की बजाय समाजसेवियों का समर्थन करें. त्रिपुरा चुनाव में एनसीपीआई के रहे थे निराशाजनक परिणाम हालांकि, इस पार्टी को चुनाव में निराशाजनक परिणाम मिले थे. पार्टी के प्रत्याशी चावमानु, अंबासा और कैलाशहर सीट पर ही मैदान में उतरे, लेकिन प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा. चावमानु सीट पर पार्टी के उम्मीदवार बरजेदा त्रिपुरा ने कहा- मैंने 2023 में चुनाव लड़ा था. अब 3 साल बाद यह सब कैसे हो गया? बरजेदा ने बताया कि उन्होंने कृष्ण देबबर्मा नाम के व्यक्ति के कहने पर चुनाव लड़ा था और आज वह दिहाड़ी मजदूर हैं. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी के हाथ से निकल गयी तृणमूल! 20 सांसदों ने TMC का इस पार्टी में कर दिया विलय पार्टी के उम्मीदवारों को नोटा के आसपास मिले थे वोट एनसीपीआई उस समय एक पंजीकृत पर गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी थी, जिसका चुनाव चिह्न ‘पेन की निब’ था. यह पार्टी सत्ता या व्यापक जनसमर्थन की कसौटी पर फिट नहीं थी. कई सीटों पर उसके उम्मीदवारों को ‘नोटा’ या उससे भी कम वोट मिले. फिर अचानक वही एनसीपीआई राष्ट्रीय नेतृत्वक अखाड़े में किस तरह आ गया? बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें TMC Rebels Controversy: गुमनाम पार्टी राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में जवाब है- तृणमूल कांग्रेस. ममता बनर्जी की पार्टी के बागी सांसदों ने इस पार्टी को राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में ला दिया. बागी गुट ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की और टीएमसी का एनसीपीआई में विलय करने का ऐलान कर दिया. टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि तृणमूल के दो-तिहाई सांसदों ने अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है. वे एनडीए का समर्थन करेंगे. दूसरी ओर तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि असंतुष्ट गुट पहले ही एनसीपीआई में विलय कर चुका है. एनसीपीआई को उन्होंने क्षेत्रीय दल बताया. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी को बड़ा झटका, सुदीप बनर्जी भी हुए बागी, बोले- दीदी को सिर्फ सलाहकार बनायेंगे एनसीपीआई से जुड़ी खास बातें एनसीपीआई : पंजीकृत, गैर-मान्यता प्राप्त, हावड़ा-आधारित दल, वर्ष 2023 में त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव लड़ा. प्रमुख नारा : अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दलबदलुओं को नकारें प्रदर्शन : कमजोर. कई सीटों पर ‘नोटा’ के आस-पास वोट. अब क्या हुआ : तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया. संसद में अलग समूह की मांग. संभावित प्रभाव : छोटे दल का राष्ट्रीय मंच पर उभरना गठबंधन की नेतृत्व, सदन के बैठने और मान्यता की लड़ाई को प्रभावित कर सकता है. इसे भी पढ़ें टीएमसी के बागियों को कुचलने की आखिरी कोशिश, अभिषेक ने ओम बिरला को लिखा- TMC को एक पार्टी मानें सायोनी घोष का बदला लुक, छोड़ी ममता बनर्जी की स्टाइल, न्यू मेकओवर का खुल गया राज टीएमसी संकट पर बोले डी राजा- ममता बनर्जी गहरे वैचारिक संकट में, कसम खाने वाले सांसद क्यों छोड़ रहे साथ? ममता बनर्जी को कल्याण के अल्टीमेटम से कालीघाट में खलबली, टीएमसी नेता बोले- अभिषेक को चुनें या हमें The post ‘दलबदलुओं को नकारें’ का नारा देने वाली पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को अपनाया, जानें पार्टी के बारे में appeared first on Naya Vichar.

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मणिपुर में तनाव: कुकी घायलों को अस्पताल लाने पर नागाओं का हंगामा, सुरक्षा बलों ने दागे आंसू गैस के गोले

Manipur: सुरक्षा बलों ने लैम्पहेलपट स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया. ये लोग लेइलोन वाइफेई गांव के तीन घायल कुकी के दाखिले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. अस्पताल परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है. ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने सुरक्षा बलों पर लगाया आरोप ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन के असेंबली मामलों के सेक्रेटरी, टीपी डाइनिंग ने कहा, RIMS (रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में जो हो रहा है, उसे जानकर हमें बहुत हैरानी हुई है. जब कुकी लोगों ने हमारे छह बेगुनाह भाइयों की हत्या कर दी थी, तब मणिपुर प्रशासन, हिंदुस्तान प्रशासन और सुरक्षा बल समय पर तैनात होने में नाकाम रहे थे. आज 3 कुकी उग्रवादियों को इंफाल लाया गया. इन 3 कुकी उग्रवादियों को हिंदुस्तानीय सुरक्षा बलों की मदद से RIMS लाया गया; उनमें से दो की हालत बहुत गंभीर है. मणिपुर प्रशासन और कुकी समुदाय के बीच संबंधों के पीछे जरूर कोई वजह होगी, उन्होंने उन्हें सुरक्षित क्यों लाया? #WATCH | Imphal, Manipur: Heavy security has been deployed at the campus of the Regional Institute of Medical Sciences in Lamphelpat over the admission of three injured Kuki men from Leilon Vaiphei village. pic.twitter.com/CVXt4OFq0I — ANI (@ANI) June 15, 2026 नागा और कुकी समुदाय के बीच सुबह हुई थी गोलीबारी गोलीबारी सुबह करीब छह बजे लेइलोन वैप्हेई गांव के पास हुई, जब दो आदिवासी समुदायों से जुड़े हथियारबंद लोगों ने कुकी बहुल इस जिले में एक-दूसरे पर गोलीबारी की. सभी घायल कुकी समुदाय से थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने इलाज के लिए इंफाल स्थित क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में पहुंचाया. उनकी पहचान जेन्लेनमांग वैफेई (18), लुनलियंदाव वैफेई (20) और पाओगौ लाल (18) के रूप में हुई है. The post मणिपुर में तनाव: कुकी घायलों को अस्पताल लाने पर नागाओं का हंगामा, सुरक्षा बलों ने दागे आंसू गैस के गोले appeared first on Naya Vichar.

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़े रौशन आनंद, खान सर पर लगाए कई बड़े आरोप, CBI जांच की मांग की

Raushan Anand: बेऊर जेल से बाहर आने के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के निदेशक रौशन आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े आरोप लगाए. मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए और कैमरे के सामने रोने लगे. उन्होंने कहा कि उनके साथ साजिश की गई और उनके भाई प्रिंस यादव की मौत भी इसी साजिश का हिस्सा है. रौशन आनंद ने दावा किया कि जेल के अंदर उन्हें मारने की योजना बनाई जा रही थी. 13 तारीख को खान सर के एक गार्ड ने उन पर दबाव बनाया था और कहा था कि मामला मैनेज कर लीजिए, नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा. रौशन आनंद ने कहा कि उसी दिन रात में उनके भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को साजिश का हिस्सा बताया और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की. जेल से निकलते ही कोचिंग पहुंचे, छात्रों ने किया समर्थन जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद सीधे अपने कोचिंग सेंटर पहुंचे. वहां पहले से बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे. उनके पहुंचते ही छात्रों ने उनके समर्थन में नारे लगाए. इस दौरान कुछ छात्रों ने खान सर के खिलाफ भी नारेबाजी की. रौशन आनंद ने छात्रों और मीडिया के सामने कहा कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से कार्रवाई कराई गई और उन्हें फंसाया गया. गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर उठाए सवाल रौशन आनंद ने पटना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बिना पूरी जांच के उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने पूछा कि आखिर किसके दबाव में उनकी गिरफ्तारी हुई. साथ ही यह भी कहा कि जब फैजल खान के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, तब पुलिस के पास कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. पटना: प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कैमरे के सामने फूट-फूट कर रोने लगे रोशन आनंद सर.#Patna #RoshanAnand #PressConference #prabhatkhabar pic.twitter.com/xTPSjpQNi0 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 15, 2026 भाई की मौत को लेकर लगाए गंभीर आरोप रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर भी कई आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि उनके भाई की मौत स्वाभाविक नहीं थी और पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनका भाई पूरी तरह स्वस्थ था और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं थी. इसलिए बीमारी से मौत की बात पर उन्हें भरोसा नहीं है. किसान कोल्ड स्टोरेज और फैजल खान पर निशाना रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक और उनके परिवार को लाभ पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में आर्थिक लेन-देन और अन्य पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतनी बड़ी मात्रा में पैसा कहां से आया और इसकी जांच एजेंसियों को करनी चाहिए. रौशन आनंद ने केंद्र प्रशासन और बिहार प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत की जांच CBI से कराई जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने प्रिंस यादव के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की भी मांग उठाई. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी. पटना: ” फैजल खान GO BACK…GO BACK” रौशन सर के जेल से बाहर आते ही भीड़ ने लगाए नारे.#Patna #StudentProtest #FaizalKhan #prabhatkhabar pic.twitter.com/RyFHm7gdkH — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 15, 2026 बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें नेताओं के संरक्षण का भी लगाया आरोप रौशन आनंद ने दावा किया कि फैजल खान को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है. इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि नेतृत्वक संरक्षण मिलने के कारण जांच प्रभावित हो रही है. रौशन आनंद ने कहा कि उन्होंने अपने भाई को खो दिया है और यह दर्द कभी कम नहीं होगा. उन्होंने कहा कि वह अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे. इसे भी पढ़ें: ‘खान सर ने भाई को मरवाया और मुझे जेल में खत्म करना चाहते थे’, रौशन आनंद का नया विचार पर बड़ा खुलासा The post प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़े रौशन आनंद, खान सर पर लगाए कई बड़े आरोप, CBI जांच की मांग की appeared first on Naya Vichar.

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‘खान सर ने भाई को मरवाया और मुझे जेल में खत्म करना चाहते थे’, रौशन आनंद का प्रभात खबर पर बड़ा खुलासा

Khan Sir Coaching Controversy: ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के बाद कई बड़े आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि उन्हें पहले एक सुनियोजित साजिश के तहत जेल भिजवाया गया और बाद में उनके भाई की हत्या कर दी गई. रौशन आनंद का कहना है कि उनके खिलाफ आपराधिक सोच के साथ पूरी योजना बनाई गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें नुकसान पहुंचाने और बर्बाद करने की कोशिश की गई. जेल में हत्या की साजिश का आरोप रौशन आनंद ने दावा किया कि जेल में रहते समय उन्हें मारने की साजिश रची गई थी. उनका आरोप है कि खान सर के एक बॉडीगार्ड ने जेल के अंदर उनके खिलाफ साजिश बनाई थी. हालांकि उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की सतर्कता और कार्रवाई की वजह से उनकी जान बच गई. उनका दावा है कि यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं होता तो उनके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी. पटना: रौशन आनंद सर का नया विचार पर बड़ा खुलासा. कहा- जेल में मुझे मारने की साजिश की गई थी. खान सर के बॉडीगार्ड ने जेल के अंदर मुझे मारने की साजिश रची, लेकिन जेल प्रशासन की वजह से मैं जिंदा बच गया. रौशन आनंद सर ने आरोप लगाया कि फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक ने मिलकर… pic.twitter.com/7KzHSSynmA — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 15, 2026 भाई की हत्या को लेकर लगाए आरोप रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को हत्या बताते हुए कहा कि इसके पीछे साजिश रची गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक ने मिलकर उनके भाई की हत्या कराई. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके. रौशन आनंद का आरोप है कि उनके परिवार को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. मुझे बर्बाद करना चाहता है फैजल खान- रौशन आनंद रौशन आनंद ने कहा कि फैजल खान उन्हें बर्बाद करना चाहता है. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उन्हें कानूनी मामलों में फंसाकर जेल भेजा गया और अब उनके भाई की मौत हुई है. यह घटनाएं सामान्य नहीं हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए. रौशन आनंद ने कहा कि वे इस मामले को अंत तक लड़ेंगे. उन्होंने दावा किया कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी. उन्होंने यह भी कहा कि खान सर को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें केंद्र और राज्य प्रशासन से की मांग रौशन आनंद ने केंद्र प्रशासन और बिहार प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने मांग की कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए. रौशन आनंद ने अपने भाई के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की भी मांग उठाई है. फिलहाल इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले को लेकर जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है. इसे भी पढ़ें: बिना किसी सदन के सदस्य बने मंत्री रहने पर घिरे दीपक प्रकाश, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार प्रशासन से मांगा जवाब The post ‘खान सर ने भाई को मरवाया और मुझे जेल में खत्म करना चाहते थे’, रौशन आनंद का नया विचार पर बड़ा खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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