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Author name: Vinod Jha

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1000 अंकों से ज्यादा गिरा सेंसेक्स, इंवेस्टर्स के डूबे 7 लाख करोड़ रुपये

Share Market Crash: हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार में ऐसी बिकवाली आई कि इंवेस्टर्स के पोर्टफोलियो लाल हो गए. अमेरिका से शुरू हुई गिरावट की लहर हिंदुस्तानीय बाजार तक पहुंच गई और देखते ही देखते बीएसई (BSE) का मार्केट कैप करीब 7 लाख करोड़ रुपये कम हो गया. बाजार में मचे इस शोर के बीच रिलायंस, टीसीएस और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने सबसे ज्यादा निराश किया. क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट? मार्केट के जानकारों का कहना है कि इस भगदड़ के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बनी अनिश्चितता एक बड़ी वजह है. आईटी सेक्टर में जिस तरह के बदलाव आ रहे हैं, उससे निवेशक डरे हुए हैं कि पुरानी कंपनियों के बिजनेस मॉडल का क्या होगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईटी सेक्टर एक बड़े टर्निंग पॉइंट पर खड़ा है, इसलिए अभी थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है. सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा हाल बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 1048 अंक टूटकर 82,626 के करीब आ गया. वहीं, निफ्टी में भी 336 अंकों की बड़ी गिरावट रही और यह 25,471 पर क्लोज हुआ. सिर्फ आईटी ही नहीं, बल्कि मेटल, रियल्टी और बैंकिंग जैसे हर बड़े सेक्टर में जम कर बिकवाली हुई. हैरानी की बात यह रही कि टॉप 30 शेयरों में से 28 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, सिर्फ एसबीआई और बजाज फाइनेंस ही अपनी साख बचा पाए. गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को अरबों का नुकसान बाजार की इस गिरावट ने तगड़ा झटका दिया है. गुरुवार को जो मार्केट वैल्यू 472.48 लाख करोड़ थी, वह शुक्रवार को गिरकर 465.31 लाख करोड़ रह गई. उधर अमेरिकी बाजार का हाल और भी बुरा है, जहां पिछले तीन दिनों में करीब 90 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. टाटा स्टील, टाइटन और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे बड़े शेयर भी 5% तक टूट गए. किस सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान? शुरुआत में तो लगा कि गिरावट सिर्फ आईटी शेयरों तक सीमित रहेगी, लेकिन धीरे-धीरे एनर्जी, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और फाइनेंस सर्विसेज भी इसकी चपेट में आ गए. बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही, जिससे छोटे और बड़े दोनों तरह के इंवेस्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा. Also Read: मुथूट फाइनेंस के ग्राहकों में कमी, साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट The post 1000 अंकों से ज्यादा गिरा सेंसेक्स, इंवेस्टर्स के डूबे 7 लाख करोड़ रुपये appeared first on Naya Vichar.

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क्या खालिदा के बेटे तारिक रहमान भारत–बांग्लादेश संबंधों को देंगे ऊंचाई या कायम रहेगी अराजकता

Bangladesh Election Results : बांग्लादेश आम चुनाव का परिणाम आ जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि हिंदुस्तान के साथ उसके संबंध स्थिर होंगे और दोनों देशों के बीच पिछले साल से जो तनाव सी स्थिति बनी हुई है, वह दूर होगी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि बांग्लादेश के चुनाव में जिस बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को जीत मिली है, उसका रुख हिंदुस्तान के प्रति बहुत दोस्ताना नहीं रहा है. ऐसे में अगर वहां तारिक रहमान प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेते हैं, जो वहां की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं, तो दोनों देशों के संबंधों पर क्या असर होगा? खालिदा जिया के बेटे हैं तारिक रहमान, जिनके तेवर हिंदुस्तान के विपरीत रहा है बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता तारिक रहमान अगले पीएम बनेंगे. वे बांग्लादेश की दो बार प्रधानमंत्री रहीं खालिया जिया के बेटे हैं. खालिया जिया दो बार 1991–96 और 2001–2006 के बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनी. उस दौरान इनकी विचारधारा बांग्लादेशी राष्ट्रवाद पर आधारित थी, इस्लामिक पहचान से ज्यादा जुड़ी थी. साथ ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सोच पाकिस्तान के प्रति नरम और हिंदुस्तान के प्रति उग्र रवैया रखती थी. अब जबकि खालिदा जिया के बेटे बांग्लादेश की प्रशासन के मुखिया बनेंगे, तो क्या यह संभव है कि वे अपनी मां की विचारधारा के साथ ही हिंदुस्तान के साथ संबंध बनाएंगे? खालिदा जिया का ऐसा मानना था कि हिंदुस्तान शेख हसीना के साथ ज्यादा मजबूती के साथ खड़ा दिखता है. खालिदा जिया और तारिक रहमान के कार्यकाल में बहुत बदल चुका है बांग्लादेश : प्रो धनंजय त्रिपाठी यह नया बांग्लादेश है, जिसकी नींव युवाओं की अपेक्षाओं पर रखी गई है. कोई भी नयी प्रशासन यह नहीं चाहेगी कि वो कोई ऐसा कदम उठाए जिससे युवाओं की अपेक्षाओं को ठेस पहुंचे. बांग्लादेश का युवा यह चाहता है कि हिंदुस्तान के साथ संबंध सुधरें और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ें. इन परिस्थितियों में तारिक रहमान हिंदुस्तान के संबंध खराब करने की नहीं सोचेंगे. साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डाॅ धनंजय त्रिपाठी बताते हैं कि इस बार जो प्रशासन बनी है वह पूर्ण बहुमत की प्रशासन है. इससे पहले दो बार जब खालिदा जिया प्रधानमंत्री बनी थीं, तो वह गठबंधन की प्रशासन थी. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को जमात ए इस्लामी के समर्थन की जरूरत थी. जमात का रुख हमेशा ही हिंदुस्तान विरोधी रहा है, लेकिन अब परिस्थिति वैसी नहीं है. आज तारिक रहमान की पार्टी पूर्ण बहूुमत में है, इसलिए उन्हें किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं है. यह नया बांग्लादेश है, जो हिंदुस्तान के साथ बेहतर संबंध विकसित करेगा. इसके संकेत भी मिलने शुरू हो गए है, जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान को चुनाव में जीत पर धन्यवाद दिया और उनका सकारात्मक जवाब सामने आया है. बहुत मुमकिन है कि पिछले एक–डेढ़ साल में जिस तरह के रिश्ते बन गए थे उसमें सुधार होगा और अराजकता समाप्ति होगी. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें कैसा हो सकता है तारिक रहमान का कार्यकाल? खालिदा जिया के कार्यकाल में हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच जो कुछ हुआ, उसे नेतृत्वक मजबूरी कहा जा सकता है, लेकिन तारिक रहमान को काफी सोच–समझकर कदम उठाना होगा. बांग्लादेश के सामने हिंदुस्तान एक बहुत बड़ी शक्ति है, जिससे मेल–जोल बांग्लादेश के लिए फायदेमंद ही साबित होगा. बांग्लादेश को अपने देश में विकास करने और युवाओं को बेहतर जीवन देने की कोशिश में हिंदुस्तान के सहयोग की जरूरत है. इस बात को तारिक रहमान समझते हैं. हिंदुस्तान यह चाहेगा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद और सीमा की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश से सहयोग मिले, अगर ऐसा होता है, तो बेहतर है. अगर ऐसा नहीं हुआ और तारिक रहमान इस्लामिक कट्टरता के पक्षधर बने, तो फिर अराजकता बढ़ सकती है. ये भी पढ़ें : अकेलापन समाज में बन रहा डिफाॅल्ट सेटिंग, फ्रेंडशिप का आया रेसेशन लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ, तो क्या प्रशासन पर होगा कोई असर?  एपस्टीन फाइल्स पर हंगामा है क्यों मचा? दलाईलामा को क्यों देनी पड़ी सफाई The post क्या खालिदा के बेटे तारिक रहमान हिंदुस्तान–बांग्लादेश संबंधों को देंगे ऊंचाई या कायम रहेगी अराजकता appeared first on Naya Vichar.

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पटना कोचिंग कांड: छात्रा की मौत पर बवाल, परिजनों का आरोप- दरिंदगी के बाद छत से फेंका

Patna Coaching Student death case: पटना के फुलवारी शरीफ में 16 वर्षीय कोचिंग छात्रा की मौत ने इलाके को झकझोर दिया है. परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि छात्रा के साथ दरिंदगी की गई. विरोध करने पर उसे कोचिंग सेंटर की छत से फेंक दिया गया. घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. दरिंदगी और हत्या का आरोप परिजनों के अनुसार छात्रा फंडामेंटल कोचिंग पढ़ने गई थी. वहीं कुछ लोगों ने उसके साथ गलत काम किया. विरोध करने पर उसे छत से नीचे फेंक दिया गया. परिवार का दावा है कि शरीर पर कई गंभीर चोट के निशान थे. जख्म साफ दिख रहे थे. यही देखकर परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं. पटना एम्स में पोस्टमार्टम मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया. यह प्रक्रिया पटना एम्स में कई घंटों तक चली. हालांकि रिपोर्ट अभी नहीं आई है. तीन से चार दिन में रिपोर्ट आने की संभावना है. शुक्रवार सुबह छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया. सड़क जाम, आगजनी और प्रदर्शन घटना के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए. एम्स गोलंबर के पास सड़क जाम कर दिया गया. कई किलोमीटर लंबा जाम लगा. आम लोगों को भारी परेशानी हुई. प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी हुई. कुछ जगह आगजनी की भी सूचना है. स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. पूर्व विधायक की 24 घंटे की चेतावनी पूर्व विधायक गोपाल रविदास पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने घटना को शर्मनाक बताया. उन्होंने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. साथ ही एसआईटी जांच पर सवाल उठाए. न्यायिक जांच आयोग बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि छात्राएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं. बिहार में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं. मौके पर पहुंचे सीनियर एसएसपी मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के सीनियर एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा खुद घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है. तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. इलाके में तनाव, पुलिस की जांच जारी फुलवारी शरीफ में तनावपूर्ण माहौल है. लोगों में डर और गुस्सा है. पुलिस का कहना है कि हर पहलू से जांच होगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर टिकी है. Also Read: बिहार की स्त्रीओं के खाते में आएंगे 20-20 हजार रुपए, जानिए कब आएगी स्त्री रोजगार योजना की दूसरी किस्त The post पटना कोचिंग कांड: छात्रा की मौत पर बवाल, परिजनों का आरोप- दरिंदगी के बाद छत से फेंका appeared first on Naya Vichar.

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मुथूट फाइनेंस के ग्राहकों में कमी, साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट

Muthoot Finance Q3 Results: गोल्ड लोन देने वाली मशहूर कंपनी मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) के निवेशकों के लिए 13 फरवरी का दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा है. कंपनी के शेयर 12% से ज्यादा टूट गए, जो पिछले साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट है. दोपहर के कारोबार में शेयर 11.2% गिरकर 3,610 रुपये पर आ गए. हैरान करने वाली बात यह है कि यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने अपना मुनाफा लगभग दोगुना (2,656 करोड़ रुपये) होने की जानकारी दी थी. क्या यह मुनाफा सिर्फ दिखावा है? बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी के मुनाफे में जो भारी उछाल दिखा है, उसका बड़ा हिस्सा लोन रिकवरी से आया है. आसान भाषा में कहें तो, जो पुराने कर्ज फंसे हुए थे, उनकी वसूली से करीब 640 करोड़ रुपये मिले है. जानकारों के मुताबिक, यह कमाई बार-बार नहीं होने वाली है. अगर इसे हटा दिया जाए, तो कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक ही रहा है. ग्राहकों की संख्या क्यों घट रही है? इतने अच्छे नतीजों के बावजूद निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण ग्राहकों की घटती संख्या है. जेफरीज (Jefferies) जैसी बड़ी ब्रोकरेज फर्म्स ने बताया कि कंपनी के एक्टिव कस्टमर्स में 1% की कमी आई है. साथ ही, कंपनी का कोर मार्जिन (असली कमाई का अंतर) भी कम हुआ है. सोना महंगा होने की वजह से लोग अब कम मात्रा में गोल्ड लोन ले रहे हैं. सोने की कीमतों का क्या असर हुआ? सिर्फ कंपनी के अंदरूनी कारण ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट भी इस गिरावट की वजह बना है. 12 फरवरी को सोने की कीमतों में 3% की बड़ी गिरावट आई और यह 5,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया. अमेरिका में मजबूत रोजगार के आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि ब्याज दरें अभी कम नहीं होंगी, जिससे सोने की चमक कम हो गई. इसका असर मुथूट के साथ-साथ मणप्पुरम फाइनेंस और IIFL फाइनेंस के शेयरों पर भी दिखा है. आगे क्या उम्मीद की जाए? फिलहाल निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर है. जून में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है, जिससे सोने की मांग फिर बढ़ सकती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि मुथूट के लिए इस रिकॉर्ड मुनाफे को बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती होगी. ये भी पढ़ें: नौकरी छोड़ने के बाद भी बढ़ता रहेगा आपका PF का पैसा, बस न करें ये एक गलती The post मुथूट फाइनेंस के ग्राहकों में कमी, साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट appeared first on Naya Vichar.

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प्वाइंट्स टेबल में बदलाव, ऑस्ट्रेलिया को झटका, T20 WC से बाहर होने की संभावना

Highlights प्वाइंट्स टेबल में जिम्बाब्वे की छलांग ग्रुप ए में हिंदुस्तान का दबदबा बरकरार 146 रन पर ढेर हुए कंगारू मुजरबानी और इवांस की घातक गेंदबाजी 2007 का इतिहास फिर से दोहराया टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का रोमांच बढ़ता जा रहा है. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में 13 फरवरी 2026 को टी20 वर्ल्ड कप में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला. ग्रुप बी के मुकाबले में जिम्बाब्वे ने मजबूत ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हरा दिया. इस नतीजे ने टी20 वर्ल्ड कप की प्वाइंट्स टेबल (Points Table) के समीकरण को भी पूरी तरह से बदल दिया है. इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है, जबकि जिम्बाब्वे ने सुपर-8 की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं. प्वाइंट्स टेबल में जिम्बाब्वे की छलांग ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद ग्रुप बी की प्वाइंट्स टेबल में भारी बदलाव आया है. जिम्बाब्वे की टीम अब 2 मैचों में 2 जीत के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. उनके पास अब कुल 4 अंक हैं और उनका नेट रनरेट (NRR) +1.984 हो गया है. इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम तीसरे नंबर पर खिसक गई है. ऑस्ट्रेलिया के 2 मैचों में 1 जीत और 1 हार के साथ 2 अंक हैं और उनका रनरेट +1.100 है. ग्रुप बी में श्रीलंका अभी भी टॉप पर बनी हुई है. श्रीलंका के भी 4 अंक हैं लेकिन उनका नेट रनरेट +3.125 है जो जिम्बाब्वे से बेहतर है. आयरलैंड और ओमान अभी तक अपना खाता नहीं खोल पाए हैं. टीम मैच जीत हार नेट रनरेट अंक श्रीलंका 2 2 0 +3.125 4 जिम्बाब्वे 2 2 0 +1.984 4 ऑस्ट्रेलिया 2 1 1 +1.100 2 आयरलैंड 2 0 2 -2.175 0 ओमान 2 0 2 -4.306 0 ग्रुप ए में हिंदुस्तान का दबदबा बरकरार ग्रुप बी के साथ-साथ अगर ग्रुप ए की अंक तालिका पर नजर डालें तो हिंदुस्तानीय टीम (IND) का दबदबा कायम है. हिंदुस्तान 2 मैचों में 2 जीत और 4 अंकों के साथ पहले स्थान पर है. हिंदुस्तान का नेट रनरेट +3.050 है जो काफी शानदार है. वहीं पाकिस्तान (PAK) भी 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, लेकिन उनका रनरेट +0.932 है. नीदरलैंड 2 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि अमेरिका (USA) और नामीबिया (NAM) अभी तक कोई भी मैच नहीं जीत पाए हैं. टीम मैच जीत हार नेट रनरेट अंक हिंदुस्तान 2 2 0 +3.050 4 पाकिस्तान 2 2 0 +0.932 4 नीदरलैंड 2 1 1 +0.356 2 अमेरिका 2 0 2 -1.525 0 नामीबिया 2 0 2 -2.884 0 146 रन पर ढेर हुए कंगारू जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के सामने 170 रनों का लक्ष्य रखा. इसका पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही. पावरप्ले में ही टीम ने अपने 4 विकेट गंवा दिए और स्कोर बोर्ड पर सिर्फ 38 रन लगे. जोश इंग्लिस, कैमरून ग्रीन, टिम डेविड और ट्रेविस हेड जैसे बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए. बीच के ओवरों में ग्लेन मैक्सवेल और मैट रेनशॉ ने 77 रनों की साझेदारी कर उम्मीद जगाई, लेकिन डेथ ओवरों में वे भी टीम को जीत नहीं दिला सके. पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 19.3 ओवर में 146 रन पर सिमट गई. मुजरबानी और इवांस की घातक गेंदबाजी जिम्बाब्वे की इस ऐतिहासिक जीत की पटकथा उनके गेंदबाजों ने लिखी. तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने अपने 4 ओवर के कोटे में महज 17 रन देकर 4 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को आउट किया. उनका साथ ब्रैड इवांस ने बखूबी दिया, जिन्होंने 3.3 ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट चटकाए. वेलिंगटन मसाकाद्जा और रयान बर्ल को भी एक-एक सफलता मिली. इन गेंदबाजों के अनुशासन के आगे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. 2007 का इतिहास फिर से दोहराया टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है. इससे पहले साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में भी जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर सबको चौंका दिया था. हैरान करने वाला आंकड़ा यह है कि टी20 वर्ल्ड कप में इन दोनों टीमों के बीच अब तक सिर्फ 2 ही मैच स्पोर्ट्से गए हैं और दोनों बार बाजी जिम्बाब्वे के हाथ लगी है. यह जीत जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. ये भी पढ़ें- शर्मनाक हार: जिम्बाब्वे से हार के बाद कंगारुओं पर T20WC से बाहर होने का खतरा वायरल: अभिषेक का वजन घटा, वीडियो में हुआ खुलासा वायरल सच: क्या शुभमन गिल ले रहे तांत्रिक की मदद? The post प्वाइंट्स टेबल में बदलाव, ऑस्ट्रेलिया को झटका, T20 WC से बाहर होने की संभावना appeared first on Naya Vichar.

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महाशिवरात्रि 2026: देवघर में इस दिन भारी वाहनों का प्रवेश बैन, यहां देखें पूरा रूट चार्ट

Deoghar: देवघर पुलिस ने 15 फरवरी 2026 (रविवार) को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और भव्य शिव बारात के मद्देनजर यातायात प्रबंधन योजना लागू कर दी है. पुलिस अधीक्षक, देवघर के निर्देश पर यातायात में कई बदलाव किए गए हैं, जिससे शिव बारात को परेशानी न हो और न ही श्रद्धालुओं को बाबा मंदिर में दर्शन करने में कोई दिक्कत हो. शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से बैन लगा दिया गया है और उनके लिए डायवर्जन प्लान जारी किया गया है. महाशिवरात्रि के मद्देनजर 14 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि से 16 फरवरी 2026 तक देवघर शहर में भारी वाहनों (बस, ट्रक, ट्रैक्टर, मालवाहक वाहन, कंटेनर) का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग शहर के बाहर से आने वाले बस, ट्रक, ट्रैक्टर और मालवाहक वाहनों के लिए निम्नलिखित निषेध बिंदु और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं… हिण्डोलावरण (दुमका मार्ग) : यहां से भारी वाहन बाएं मुड़कर तपोवन, चड़की पहाड़ी, उजाला चौक, पुराना कुंडा मोड़ और कोरियासा चौक होते हुए गिरिडीह की ओर जाएंगे. चौपा मोड़ (गोड्डा मार्ग) : यहां से बाएं होकर हिण्डोलावरण से दाहिने मुड़कर तपोवन और कोरियासा चौक होते हुए गिरिडीह की ओर डायवर्जन रहेगा. कोरियासा चौक (गिरिडीह मार्ग) : यहां से दाहिने मुड़कर पुराना कुंडा थाना मोड़, उजाला चौक और तपोवन होते हुए दुमका की ओर जा सकेंगे. रोहिणी शहीद द्वार/मेहर गार्डेन : यहां से भारी वाहन जसीडीह की ओर भेजे जाएंगे. टाभाघाट मोड़ (जसीडीह/चकाई मार्ग) : भागलपुर, दुमका और गोड्डा जाने वाले वाहन यहां से बाएं मुड़कर मोहनपुर की ओर जाएंगे. मोहनपुर बाजार मोड़ (भागलपुर मार्ग) : यहां से भारी वाहन रिखिया होते हुए दर्दमार बॉर्डर (चकाई/जमुई) की ओर निकलेंगे. पुराना कुंडा थाना मोड़ (सारवां/सारठ मार्ग) : यहां से भारी वाहन दाहिने मुड़कर उजाला चौक, तपोवन और हिण्डोलावरण होते हुए दुमका/भागलपुर की ओर जाएंगे. कोठिया मोड़ (सुलतानगंज मार्ग) : यहां से भारी वाहन बाएं रिखिया आश्रम होते हुए मोहनपुर बाजार की ओर जाएंगे. शिव बारात रूट, कई जगह प्रवेश निषेध शिव बारात के दौरान भीड़ नियंत्रित करने के लिए नीचे दिए स्थलों पर ड्रॉप गेट और रोड स्लाइड बैरियर लगाए गए हैं… प्रस्थान एवं स्टेडियम क्षेत्र : केकेएन स्टेडियम, स्टेडियम बाईपास, नवीन स्पोर्ट्स मोड़ और रेड रोज स्कूल मोड़. फव्वारा चौक (झरना चौक) : टैंकर स्टैंड, आरएल सर्राफ स्कूल गेट के सामने, सदर अस्पताल मोड़ और शहीद आश्रम मोड़ से आने वाले रास्तों पर रोक रहेगी. बस स्टैंड एवं कुंडा क्षेत्र : बस स्टैंड प्रवेश द्वार, क्लब ग्राउंड प्रवेश द्वार, सारवां मोड़, ठाड़ी दुलूमपुर मोड़, नौलखा मंदिर मोड़, और पुराना थाना कुंडा मोड़. बाजला चौक एवं आसपास : बाजला चौक (दोनों तरफ), सुभाष चौक, देवसंघ मार्ग, संत फ्रांसिस स्कूल मोड़, महेंद्र ट्रैक्टर शोरूम, दादी मंदिर मार्ग, शंख मोड़ और बाजला चौक सब्जी मंडी मोड़ (डीएवी स्कूल मार्ग). मध्य शहर एवं बाजार : बावन बीघा मोड़, परशुराम चौक, जैन मंदिर (पूर्वी एवं पश्चिमी मोड़), बजरंगी चौक, धोबिया गली मोड़, शिवलोक ग्राउंड प्रवेश द्वार और बिग बाजार मोड़. राय एंड कंपनी मोड़ : यहां से राज रेडियो, वैद्यनाथधाम रेलवे स्टेशन और टावर चौक तक मोजो बैरिकेटिंग रहेगी. टावर चौक : यहां थाना मोड़, मस्जिद मोड़, चांदन स्टैंड, अंबेदकर चौक, सत्संग चौक और रोहिणी शहीद द्वार मोड़ से प्रवेश बंद रहेगा. अन्य चौक : आजाद चौक, अवंतिका गली, भैरो बाजार, इंटरनेशनल होटल मोड़, ड्रोलिया गली (गणेश मार्केट), कन्या विद्यालय मोड़, विद्यापति चौक, डोमासी मोड़ और नरसिंह टॉकीज मोड़. शिक्षा सभा चौक : यहां मंदिर मोड़, सदर अस्पताल मोड़ और शहीद आश्रम मोड़ की ओर से प्रवेश निषेध रहेगा. चांदनी चौक : यहां लक्ष्मीपुर चौक और दुखीसाह लेन मंदिर की ओर से आने वाले रास्तों पर रोक रहेगी. मंदिर क्षेत्र एवं शहर में प्रवेश निषेध श्रद्धालुओं के पैदल भ्रमण और जलार्पण हेतु इन क्षेत्रों को सुरक्षित किया गया है… मंदिर मुख्य पहुंच : पटेल चौक, जलसार, सब्जी मंडी, हिंदुस्तानी होटल (मानसंघी मार्ग) और जोड़ा तालाब बजरंगबली मंदिर. शिवगंगा एवं बिलासी मार्ग : सीता होटल (शिवगंगा मार्ग), मिलन पैलेस, लक्ष्मीपुर चौक, हरिहर बाड़ी मोड़, बिलासी बजरंगबली मंदिर (विवाह भवन), बिलासी मोड़, और चार नंबर फाड़ी (बिलासी). विशेष बिंदु : चिल्ड्रेन पार्क. डायवर्जन-02 : शिवराम झा चौक, मानसिंघी, सम्राट होटल, हिन्दी विद्यापीठ, ड्रोलिया गली, भुरभुरा मोड़, दर्शनिया मोड़, हदहदिया पुल और तिवारी चौक. बिजली विभाग क्षेत्र : बिजली ऑफिस मोड़ और बिजली कोठी मोड़ (बाजला चौक मार्ग). आवासीय/बस्ती क्षेत्र : कानीजोर बस्ती मोड़ और पुरनदाहा दुर्गा मंदिर मोड़. ये भी पढ़ें… Deoghar news : निर्धारित रूट से ही निकलेगा जुलूस, डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध बाबा और पार्वती मंदिर के शिखर से खुलेंगे पंचशूल, महाशिवरात्रि की तैयारी जोरों पर The post महाशिवरात्रि 2026: देवघर में इस दिन भारी वाहनों का प्रवेश बैन, यहां देखें पूरा रूट चार्ट appeared first on Naya Vichar.

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JEE Main से BTech में एडमिशन, बिहार के कॉलेज में तगड़ा प्लेसमेंट

Bihar Best College: आज के समय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए सही कॉलेज का चुनाव बहुत जरूरी होता है. बिहार में स्थित Indian Institute of Information Technology Bhagalpur यानी IIIT भागलपुर, JEE Main के जरिए BTech में एडमिशन के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन चुका है. यहां से पढ़ाई करने वाले छात्रों को अच्छा प्लेसमेंट और मजबूत करियर का मौका मिलता है. Bihar Best College: IIIT भागलपुर में एडमिशन IIIT भागलपुर में एडमिशन JEE Main के स्कोर के आधार पर होता है. इसके लिए छात्रों को Joint Seat Allocation Authority यानी JoSAA और Central Seat Allocation Board यानी CSAB के जरिए आवेदन करना होता है. छात्रों को पहले JoSAA या CSAB की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके बाद अपनी रैंक के अनुसार कॉलेज और ब्रांच का चुनाव करना होता है. IIIT Bhagalpur BTech Admission Process Check Here IIIT Bhagalpur Fees: कितनी है बीटेक की फीस? IIIT भागलपुर में पहले सेमेस्टर की फीस लगभग 1,62,719 रुपये है. यह सभी कैटेगरी के लिए समान है. पहले साल के छात्रों के लिए हॉस्टल लेना जरूरी होता है. हॉस्टल फीस लगभग 38,000 होती है, जिसमें मेस चार्ज भी शामिल है. कुछ खास मामलों में छूट दी जा सकती है. Iiit bhagalpur fees structure कॉलेज छात्रों को प्रशासनी और प्राइवेट स्कॉलरशिप दिलाने में भी मदद करता है. पिछले साल करीब 80 प्रतिशत छात्रों को स्कॉलरशिप मिली थी. इसके अलावा बैंक से बिना गारंटी के एजुकेशन लोन भी आसानी से मिल जाता है. इन्हीं कारणों IIIT भागलपुर बिहार के बेस्ट कॉलेजों (Bihar Best College) की लिस्ट में शामिल है. शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड IIIT भागलपुर का प्लेसमेंट रिकॉर्ड हर साल बेहतर होता जा रहा है. यहां से पढ़ाई करने वाले छात्रों को IT कंपनियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अच्छी नौकरियां मिलती हैं. इस कॉलेज में हाईएस्ट प्लेसमेंट 83 लाख रुपये का देखा गया है. BTech कंप्यूटर साइंस में हाईएस्ट पैकेज मिला. यहां 27 कंपनियां 20 लाख से ज्यादा कै प्लेसमेंट ऑफर कर चुकी हैं. यह भी पढ़ें: 2 पीस से ज्यादा नहीं मिलता, Girls Hostel की स्टूडेंट्स ने खोली BHU की पोल The post JEE Main से BTech में एडमिशन, बिहार के कॉलेज में तगड़ा प्लेसमेंट appeared first on Naya Vichar.

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2026 में पोस्ट ऑफिस की ये FD स्कीम है सबकी पसंद, जानें कैसे होगा आपका पैसा डबल

Post Office FD Scheme 2026: आज के समय में जब मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहता है और बैंक की ब्याज दरें भी बदलती रहती हैं, तो इंडियन फैमिलीज अपने पैसे की सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं. ऐसे में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (Post Office FD) एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बन गया है. हिंदुस्तान प्रशासन के भरोसे के साथ यह स्कीम सुरक्षा और अच्छे मुनाफे का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन पेश कर रही है. तो आइये जानते हैं इसके बारे में विस्तार से. Post Office FD Scheme 2026: क्या आपका पैसा वाकई सुरक्षित है? निवेश करने से पहले हर किसी के मन में ये सवाल जरुर आता है की वो जहां निवेश करने जा रहे है वहां उनका पैसा सुरक्षित है या नहीं. पोस्ट ऑफिस एफडी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह सीधे हिंदुस्तान प्रशासन द्वारा संचालित है. इसका मतलब है कि आपके निवेश किए गए पैसे और उस पर मिलने वाले ब्याज पर कोई आंच नहीं आएगी. प्राइवेट स्कीमों की तरह यहां मार्केट गिरने का कोई डर नहीं है. Post Office FD Scheme 2026: ब्याज दरें और टैक्स में कितनी राहत? 2026 में पोस्ट ऑफिस एफडी पर 9% तक का गारंटीड रिटर्न मिल रहा है. आप इसे 1, 2, 3 या 5 साल के लिए चुन सकते हैं. खास बात यह है कि अगर आप 5 साल वाली एफडी चुनते हैं, तो आपको इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है. ये स्कीम किन लोगों के लिए है बेस्ट? यह स्कीम हर वर्ग के लिए फायदेमंद है. जैसे: बुजुर्ग: नियमित और फिक्स्ड कमाई के लिए. नौकरीपेशा लोग: बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसे लक्ष्यों के लिए. युवा: बिना रिस्क लिए इमरजेंसी फंड बनाने के लिए. बैंक एफडी से बेहतर क्यों? बैंकों में ब्याज दरें अक्सर बदलती रहती हैं, लेकिन पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा करते समय जो दर तय हो गई, वह पूरे समय तक उतनी ही रहती है. ये भी पढ़ें: बैंकों ने घटाया ब्याज तो क्या हुआ? प्रशासन की इन 3 स्कीमों में पैसा डालिए और हो जाइए मालामाल The post 2026 में पोस्ट ऑफिस की ये FD स्कीम है सबकी पसंद, जानें कैसे होगा आपका पैसा डबल appeared first on Naya Vichar.

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भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्ते अब कैसे होंगे? पीएम उम्मीदवार तारिक रहमान की पार्टी का आया जवाब

Bangladesh Elections Result: बीएनपी ने देश के आम चुनाव के नतीजे को मान्यता देने के लिए हिंदुस्तान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. साथ ही उम्मीद जताई कि नयी प्रशासन के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे. बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य और 2026 के चुनाव के मुख्य समन्वयक नजरुल इस्लाम खान का रिएक्शन सामने आया है.  उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मोदी द्वारा जनादेश को मान्यता दिए जाने की सराहना करती है. नजरुल इस्लाम खान ने कहा कि हम हमारे नेता तारिक रहमान को बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हैं. किसी लोकतांत्रिक देश द्वारा जनता के फैसले को मान्यता दिया जाना अच्छी बात है. नरेंद्र मोदी ने ऐसा किया है. हमारा विश्वास है कि हमारे नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में इन दोनों देशों और उनके लोगों के बीच संबंध मजबूत होंगे. VIDEO | Bangladesh Elections 2026: Nazrul Islam Khan, BNP’s polls coordination committee chief on PM Modi’s congratulatory message BNP chief Tarique Rahman, says , “We also on behalf of our party thank him and we believe that under the leadership of our leader Tarique Rahman,… pic.twitter.com/ePNTIFLlxa — Press Trust of India (@PTI_News) February 13, 2026 तारिक रहमान की जीत पर आया पीएम मोदी का रिएक्शन इससे पहले, मोदी ने बीएनपी के नेता तारिक रहमान को निर्णायक जीत पर शुक्रवार को बधाई दी. उन्होंने कहा कि वह विकास के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जीत ने रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दर्शाया है. I convey my warm congratulations to Mr. Tarique Rahman on leading BNP to a decisive victory in the Parliamentary elections in Bangladesh. This victory shows the trust of the people of Bangladesh in your leadership. India will continue to stand in support of a democratic,… — Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026 तारिक रहमान बन सकते हैं बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने पहली बार संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का नेतृत्व किया. खुद भी चुनाव में हिस्सा लिया. उनके नेतृत्व में पार्टी ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है. इस जीत के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं. यह भी पढ़ें : कौन हैं तारिक रहमान? 17 साल का वनवास खत्म कर बन सकते हैं बांग्लादेश के PM दो-तिहाई बहुमत हासिल किया बीएनपी ने बीएनपी ने 12 फरवरी को हुए चुनाव में 300 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया. यह छात्रों के नेतृत्व में 2024 में हुए प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश में पहला संसदीय चुनाव है. इस प्रदर्शन की वजह से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था. हालांकि बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग (ईसी) ने चुनाव परिणाम की अभी औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थानीय मीडिया के अनुमान के अनुसार, बीएनपी और उसके सहयोगियों ने 210 से अधिक सीट जीत ली हैं जबकि जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्ष के रूप में उभरी है. The post हिंदुस्तान के साथ बांग्लादेश के रिश्ते अब कैसे होंगे? पीएम उम्मीदवार तारिक रहमान की पार्टी का आया जवाब appeared first on Naya Vichar.

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महाशिवरात्रि पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानें किन लोगों पर पड़ेगा असर

Mahashivratri 2026: देवों के देव महादेव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव-पार्वती के दिव्य विवाह के उपलक्ष्य में यह उत्सव देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. स साल का महाशिवरात्रि पर राज लक्ष्मी नारायण राजयोंग बना रहा है, जिस कारण से यह दिन ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास होने वाली है. लक्ष्मी-नारायण राजयोग ज्योतिषविदों के अनुसार, इस साल महाशिवरात्रि पर कुंभ राशि में शुक्र और बुध की युति होने जा रही है, जिससे ‘लक्ष्मी-नारायण राजयोग’ का निर्माण होगा. यह दुर्लभ संयोग शिव भक्तों के लिए सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य के द्वार खोलने वाला माना जा रहा है. किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव मिथुन राशि: लक्ष्मी-नारायण राजयोग मिथुन राशि वालों के लिए आय के नए मौके लेकर आएगा. हालांकि धन में वृद्धि के साथ-साथ खर्चों में भी बढ़ोतरी की संभावना है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. वृश्चिक राशि: यह विशेष योग वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है. नौकरी और व्यवसाय में उन्नति की संभावना है. पुराने अटके हुए कार्य पूरे होंगे. आय के नए अवसर प्राप्त होंगे. किसी नई जगह यात्रा की योजना बन सकती है. कुंभ राशि: कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह योग कई नई खुशियां लेकर आएगा. पारिवारिक संबंधों में तनाव कम होगा. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. पुराना अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है. महाशिवरात्रि तिथि और शुभ मुहूर्त धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव पूजा में मध्यरात्रि (निशीथ काल) का विशेष महत्व है. पर्व की तिथि: 15 फरवरी 2026 (रविवार) चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी, शाम 05:04 बजे से चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी, शाम 05:34 बजे तक व्रत पारण: 16 फरवरी, सूर्योदय के पश्चात पूजा की विधि: कैसे प्रसन्न करें महादेव? स्नान: महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्ममुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. व्रत संकल्प: भगवान शिव के सामने हाथों में थोड़ा जल लेकर व्रत का संकल्प लें. जलाभिषेक: शिवलिंग पर सबसे पहले गंगाजल चढ़ाएं. पंचामृत स्नान: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से भोलेनाथ का अभिषेक करें. अर्पण: बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भस्म और सफेद चंदन अर्पित करें. मंत्र जप: इसके बाद ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. जागरण: रात्रि के चारों प्रहर में शिव अर्चना और भजन-कीर्तन का विशेष महत्व है. नंदी के कान में कहें अपनी मनोकामना मंदिर में भगवान शिव की पूजा के बाद नंदी के बाएं कान में अपनी इच्छा बोलने की परंपरा है. नंदी के पैर स्पर्श कर उनके कान में अपनी बात कहने से पहले ‘ॐ’ बोलें, फिर अपनी मुराद कहें. बाद में नंदी महाराज को जल और पुष्प अर्पित करना न भूलें. महाशिवरात्रि व्रत के आहार नियम शिवरात्रि का व्रत आत्म-शुद्धि का पर्व है, इसलिए आहार का विशेष ध्यान रखें. क्या खाएं: महाशिवरात्रि के दिन केवल सात्विक फलाहार ग्रहण करें. आप सेब, केला, साबुदाना खिचड़ी, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें और सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं. क्या न खाएं: इस दिन अनाज, प्याज, लहसुन और साधारण नमक का सेवन न करें. इन्हें अशुभ माना जाता है. वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह शिव और शक्ति के मिलन की रात मानी जाती है. वहीं वैज्ञानिक रूप से इस रात्रि पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध इस तरह स्थित होता है कि मनुष्य के शरीर में ऊर्जा का प्रवाह प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर यानी रीढ़ की हड्डी के माध्यम से बढ़ता है. इसी कारण इस रात जागकर ध्यान करना स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए लाभकारी माना जाता है. यह भी पढ़ें: महाशिवरात्रि पर शिव मंदिर से जरूर लाएं ये खास चीजें The post महाशिवरात्रि पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानें किन लोगों पर पड़ेगा असर appeared first on Naya Vichar.

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