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Author name: Vinod Jha

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क्या सुप्रीम कोर्ट वक्फ बिल को कर सकता है निरस्त, समझें संविधान में क्या है प्रावधान?

Table of Contents कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों पर क्या कहता है संविधान वक्फ बिल के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट क्या कर सकता है? Waqf Amendment Bill 2025 : वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को संसद ने पास कर दिया है. इस बिल को लोकसभा ने 2 अप्रैल और राज्यसभा ने 3 अप्रैल को पारित किया. यह विधेयक राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त करके कानून का रूप ले लेगा. विधेयक के कानून बनने की जो प्रक्रिया होती है, उसपर यह विधेयक पूरी तरह से सटीक बैठता है, बावजूद इसके इसे असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. इस परिस्थिति में देशवासियों के मन में यह सवाल है कि क्या सुप्रीम कोर्ट इस बिल को निरस्त कर सकता है? इस सवाल  का जवाब हमारा संविधान देता है. कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों पर क्या कहता है संविधान हिंदुस्तानीय लोकतंत्र जिन स्तंभों पर खड़ा है वे हैं-कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका. हिंदुस्तान का संविधान लिखित है और उसमें इन तीनों स्तंभों की भूमिका और अधिकार स्पष्ट तौर पर बताए गए हैं. संविधान ने तीनों स्तंभों के कार्यों का बंटवारा किया है और यह भी सुनिश्चित किया है कि तीनों स्तंभों में कभी टकराव ना हो और ऐसा भी ना हो कि किसी की शक्ति अत्यधिक और किसी की कम हो जाए. संविधान ने तीनों स्तंभों को जो कार्य दिए हैं वे इस प्रकार हैं- विधायिका यानी वह संस्था जो कानून बनाती है. कार्यपालिका यानी वह संस्था जो कानून को देश में लागू करती है न्यायपालिका इस बात की निगरानी करती है कि जो कानून बने हैं, उनका सही से पालन हो रहा है या नहीं. देश के इन तीनों स्तंभों के बीच शक्ति का संतुलन भी बनाया गया है. विधायिका कार्यपालिका को प्रश्न पूछकर नियंत्रित करती है और उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है. जबकि कार्यपालिका विधायिका को भंग करने की क्षमता रखती है. वहीं न्यायपालिका विधायिका और कार्यपालिका के कार्यों की समीक्षा करता है, ताकि संविधान के अनुसार काम हो. वक्फ बिल के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट क्या कर सकता है? वक्फ बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जो याचिकाएं दाखिल की गई हैं, उसमें संविधान यानी देश के कानून के अनुसार कोई गलती नहीं हुई है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का काम ही है संविधान की व्याख्या करना. अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट उस बिल के साथ क्या करेगा, जिसे संसद पास कर चुकी है? इस संबंध में विधायी मामलों के जानकार अधोध्या नाथ मिश्रा ने बताया कि संविधान में यह व्यवस्था है कि ना तो सुप्रीम कोर्ट और ना ही संसद यानी ना तो न्यायपालिका और ना ही विधायिका एक दूसरे के कार्य में हस्तक्षेप करते हैं. इस लिहाज से जब किसी विधेयक को संसद पास कर चुकी है, तो सुप्रीम कोर्ट उसे निरस्त कर देगा, यह संभव नहीं है. हां, यह हो सकता है कि बिल के किसी खास क्लॉज यानी कंडिका पर आपत्ति हो, तो सुप्रीम कोर्ट उसे देख सकता है और अगर उसे उचित लगे तो वह उसपर कुछ सुझाव विधायिका को दे सकता है. लेकिन यह सुझाव होगा, जजमेंट नहीं. यह संभव नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट वक्फ बिल पर स्टे लगा दे, क्योंकि वक्फ बिल को पूरी तरह संविधान सम्मत प्रक्रियाओं के तहत लाया गया है. अगस्त 2024 में यह बिल संसद में पेश किया गया, उसके बाद इसे विस्तृत चर्चा के लिए जेपीसी के पास भेजा गया. जेपीसी ने इस बिल पर कई तरह के सुझावों पर गौर किया और फिर उसमें बदलाव भी किया. जेपीसी की सिफारिशों के साथ बिल संसद में फिर आया और संसद द्वारा पास किया गया. बिल पर बहस हुई है, सभी पार्टियों को बोलने का मौका भी मिला है, इसलिए इसे पेश करने की जो व्यवस्था है वह पूरी तरह न्याय सम्मत है.  Also Read : क्या है रेसिप्रोकल टैरिफ जिसके बढ़ने से अमेरिका फर्स्ट की नीति हुई मजबूत, हिंदुस्तान को होगा नुकसान? हिंदू और मुसलमान के बीच हिंदुस्तान में नफरत की मूल वजह क्या है? आजाद हिंदुस्तान में मुगलों ने मांगी भीख, अंग्रेजों ने 29 बेटों और पोतों का किया था कत्ल Magadha Empire : अजातशत्रु के बेटे उदयिन ने की थी पटालिपुत्र की स्थापना, लेकिन अन्य शासक निकले नाकाबिल विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें The post क्या सुप्रीम कोर्ट वक्फ बिल को कर सकता है निरस्त, समझें संविधान में क्या है प्रावधान? appeared first on Naya Vichar.

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MBOSE SSLC Result 2025 Declared: मेघालय बोर्ड कक्षा 10 का रिजल्ट जारी, यहां सबसे पहले देखें

MBOSE SSLC Result 2025 Declared: मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (MBOSE) ने सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SSLC) या कक्षा 10वीं परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है. छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट mbose.in mboseresults.in और megresults.nic.in पर अपने अंक देख सकते हैं. Many congratulations to the students who passed with flying colours in the SSLC, MBOSE examinations. May this first leap to your future motivate you to strive for greater things. This year’s result, touching 87.10 % pass percentage is a path breaking result, exceeding the record… pic.twitter.com/bnhdJsxjhI — Conrad K Sangma (@SangmaConrad) April 5, 2025 MBOSE SSLC Result 2025: रिजल्ट देखने के लिए वेबसाइट mbose.in mboseresults.in  megresults.nic.in यह भी पढ़ें- CBSE Exam 2025: सीबीएसई ने इन स्टूडेंट्स के लिए जारी की 10वीं-12वीं की नई डेटशीट, देख लें परीक्षाओं की तारीख MBOSE SSLC Result 2025 Declared: कैसे चेक करें? MBOSE SSLC Result 2025 Declared: कैसे चेक करें के बारे में यहां बताया गया है- सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट mbose.in या megresults.nic.in पर जाएं होमपेज पर ‘मेघालय बोर्ड कक्षा 10 बोर्ड परिणाम 2025’ शीर्षक वाले लिंक पर क्लिक करें एक नया पेज खुलेगा, अपना रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें आवश्यक जानकारी दर्ज करने के बाद, ‘सबमिट’ पर क्लिक करें आपका मेघालय SSLC परिणाम 2025 स्क्रीन पर दिखाई देगा अपना परिणाम देखें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट लें. इतना रहा पासिंग प्रतिशत (MBOSE SSLC Result 2025 Declared) मेघालय बोर्ड 10वीं परीक्षा 2025 में लगभग 60,000 छात्रों ने हिस्सा लिया. इस बार कुल पास प्रतिशत 87.10 प्रतिशत रहा. यह प्रतिशत राज्य की शैक्षणिक प्रगति को दर्शाता है. बेहतर परिणामों ने छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के सहयोग को सफल बनाया है. कब हुई थी परीक्षा? (MBOSE SSLC Result in Hindi) मेघालय बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा 10 फरवरी से 25 फरवरी, 2025 तक हुई थी. यह परीक्षा हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की गई थी. मेघालय बोर्ड की 10वीं परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को हर विषय और कुल मिलाकर कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है. अगर किसी छात्र को किसी एक विषय में भी 33% से कम अंक मिलते हैं, तो उसे उस विषय में फेल माना जाएगा. यह भी पढ़ें- Rajasthan Pashu Parichar Result 2025: राजस्थान एनिमल अटेंडेंट भर्ती का रिजल्ट जारी, चेक करने का आसान तरीका यहां The post MBOSE SSLC Result 2025 Declared: मेघालय बोर्ड कक्षा 10 का रिजल्ट जारी, यहां सबसे पहले देखें appeared first on Naya Vichar.

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Obesity: किचेन में पड़ी इस ‘लकड़ी’ से दूर भगाएं मोटापा, मधुमेह और हार्ट की समस्या को कहें No

Obesity: मोटापा एक बड़ी समस्या है. यह कई बीमारियों को अपने साथ लाता है. इसलिए समय रहते सचेत हो जाने में ही समझदारी है. पीएम मोदी भी इसे लेकर लगातार चिंता जाहिर करते हैं. देहरादून में 38वें राष्ट्रीय स्पोर्ट्सों के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में मोटापे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि मोटापा, युवाओं सहित सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है और मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है. आज हम आपको एक ऐसा नुस्खा बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप घर पर रखे सामान से मोटापा को कम कर सकते हैं. हमारे घर के किचेन में दालचीनी आसानी से मिल जाता है. इसी दालचीनी की मदद से हम मोटापे को कंट्रोल कर सकते हैं. वजन घटाने में दालचीनी मददगार है, करने के कई कारण हैं.  मेटाबोलिजम को बढ़ाती है: दालचीनी के सेवन मेटाबोलिजम बढ़ता है. शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता बढ़ जाती है. जब हमारे शरीर का मेटाबोलिजम तेज होता है, तो शरीर अधिक कैलोरी जलाता है. इससे वजन घटाने में मदद मिलती है. ब्लड शुगर कंट्रोल: दालचीनी हमारे शरीर में इंसुलिन की मात्रा को नियंत्रित करता है. जब इंसुलिन का लेवल स्थिर रहता है, तो शरीर अधिक समय तक ऊर्जा प्रदान करता है और अत्यधिक भूख का अनुभव नहीं होता है. इससे मोटापे को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. चर्बी को घटाने में मदद: दालचीनी में सिनामिक एसिड पाया जाता है, जो शरीर के फैट को जलाने में मदद करता है.  पेट भरने का एहसास: दालचीनी का सेवन भूख पर भी कंट्रोल रखने में मदद करता है. दालचीनी का सेवन कैसे करें: एक गिलास गुनगुने पानी में 1/2 चम्मच दालचीनी पाउडर और 1 चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से वजन घटाने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा आप दालचीनी की चाय बना कर भी पी सकते हैं. नोट: ध्यान दें कि दालचीनी का सेवन संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ ही प्रभावी रूप से वजन घटाने में मदद कर सकता है. अकेले दालचीनी का सेवन वजन घटाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा. यह जानकारी इंटरनेट से ली गई है. नया विचार इस तरह का कोई दावा नहीं करता है. कोई भी सामान को प्रयोग में लाने से पहले एक्सपर्ट की राय या फिर डॉक्टर से सलाह जरूर लें. ALSO READ: “पापा के सीने पर बैठी थी मां…” बच्चों ने बताई हैवान मां की करतूत, अवैध संबंध का आरोप The post Obesity: किचेन में पड़ी इस ‘लकड़ी’ से दूर भगाएं मोटापा, मधुमेह और हार्ट की समस्या को कहें No appeared first on Naya Vichar.

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UGC New Rules 2025: विदेश से की है पढ़ाई? अब आसान होगी डिग्री की मान्यता, UGC ने बदले नियम

UGC New Rules 2025 in Hindi: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विदेशी शिक्षण संस्थानों से प्राप्त डिग्रियों को मान्यता देने और समकक्षता प्रदान करने के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं. इनका उद्देश्य विदेशी डिग्रियों की मान्यता में होने वाली देरी और अस्पष्टता को कम करना है.   UGC New Rules 2025: नए नियमों की आवश्यकता  विदेश से पढ़ाई करके लौटने वाले हिंदुस्तानीय छात्रों की बढ़ती संख्या को अक्सर अपनी डिग्रियों की मान्यता में देरी और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है, चाहे वह हिंदुस्तानीय संस्थानों में प्रवेश के लिए हो या रोजगार के लिए. इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, यूजीसी ने  (UGC Recognition and Grant of Equivalence to Qualifications Obtained from Foreign Educational Institutions Regulations, 2025) अधिसूचित किए हैं.   UGC New Rules Foreign Degree Recognition 2025 in Hindi: नए नियमों के मुख्य बिंदु पारदर्शी और प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली: नए नियमों के तहत, विदेशी शैक्षणिक योग्यताओं की मान्यता पारदर्शी और प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में निष्पक्षता और गति सुनिश्चित होगी.   व्यावसायिक डिग्रियों के लिए अपवाद: ये नियम चिकित्सा, फार्मेसी, नर्सिंग, कानून, वास्तुकला आदि जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों की डिग्रियों पर लागू नहीं होंगे, क्योंकि इन क्षेत्रों में पहले से ही हिंदुस्तान में संबंधित नियामक परिषदों के नियम हैं.   स्थायी समिति का गठन: मान्यता प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया जाएगा, जो विदेशी संस्थानों और उनकी योग्यता की वैधता तथा हिंदुस्तानीय मानकों के साथ उनकी समतुल्यता की समीक्षा करेगी.  ऑनलाइन पोर्टल की स्थापना: आवेदकों के लिए अपने मान्यता अनुरोध प्रस्तुत करने तथा अपनी स्थिति की जांच करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल स्थापित किया जाएगा.  UGC notifies new rules for recognition of foreign degrees, aims to cut delays and ambiguity Read @ANI | Story https://t.co/7rgy9XwEGI#UGC #ForeignDegrees pic.twitter.com/uC7ONoECCw — ANI Digital (@ani_digital) April 5, 2025 पढ़ें: अब MTech के लिए नहीं जाना होगा बाहर, बिहार में ही इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुरू होगी पढ़ाई नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कार्य करना यूजीसी के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार के अनुसार, यह सुधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है तथा इससे हिंदुस्तान को शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि यदि हिंदुस्तानीय संस्थानों को अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करना है, तो हमें विदेशी डिग्रियों की निष्पक्ष तथा समयबद्ध मान्यता सुनिश्चित करनी होगी.  इन नए नियमों के माध्यम से विदेशी डिग्रियों की मान्यता की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी तथा त्वरित बनाया जाएगा, जिससे छात्रों तथा पेशेवरों को लाभ होगा.  पढ़ें: बिहार में बिना लिखित परीक्षा हो रही है सीधी बहाली, योग्य उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका यह भी पढ़ें: Sarkari Naukri: प्रशासनी नौकरी चाहने वालों के लिए खुशसमाचारी! इस राज्य में आई नई भर्तियां, फटाफट करें आवेदन The post UGC New Rules 2025: विदेश से की है पढ़ाई? अब आसान होगी डिग्री की मान्यता, UGC ने बदले नियम appeared first on Naya Vichar.

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पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए 40 करोड़, बाकी 6 एयरपोर्ट के लिए 25-25 रुपये की मंजूरी, जदयू सांसद ने बताया सरकार का प्लान

Airport in Bihar: जदयू सांसद संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हमें साझा करते हुए खुशी है कि उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत बिहार में कई नये एयरपोर्ट के विकास के बिहार प्रशासन के अनुरोध को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है.मंत्रालय की प्रोजेक्ट इवेलुएशन कमिटी (पीईसी) ने राज्य में छह छोटे एयरपोर्ट की स्थापना या विकास के पहले चरण में 25-25 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश कर दी है. इसके अलावा पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास के लिए भी 40 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी गई है. इस तरह राज्य में उड़ान योजना के तहत सात नये एयरपोर्ट की स्थापना या विकास के लिए कुल 190 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है.” इन एयरपोर्ट के लिए 25-25 करोड़ रुपये मंजूर संजय झा ने आगे लिखा, “केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हाल में हुई पीईसी की बैठक में बिहार के जिन छह शहरों में एयरपोर्ट के विकास के लिए 25-25 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई, वे हैं- मधुबनी, वीरपुर (सुपौल), सहरसा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर और वाल्मीकि नगर. सीएम नीतीश कुमार ने इस वर्ष जनवरी-फरवरी माह में अपनी ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान इन शहरों में उड़ान योजना के तहत छोटे एयरपोर्ट की स्थापना के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश राज्य प्रशासन के अधिकारियों को दिये थे.” राज्य से हर हिस्से के 200 किलोमीटर के अंदर हो एयरपोर्ट जदयू एमपी ने आगे लिखा, “इससे पहले सितंबर 2024 में उन्होंने पटना में राज्य प्रशासन के वरीय अधिकारियों और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा था कि ‘राज्य के किसी भी हिस्से से अधिकतम 200 किलोमीटर के अंदर हवाई अड्डे की व्यवस्था हो जाए, ताकि आम लोगों को हवाई सफर में सहूलियत हो सके तथा राज्य के किसानों और व्यवसायियों के उत्पाद देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में सुगमतपूर्वक पहुंच सकें.” बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पूर्णिया एयरपोर्ट पर क्या अपडेट संजय झा ने आगे कहा, “पीईसी की बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उड़ान योजना के तहत बिहार के पूर्णिया में एयरपोर्ट के विकास का कार्य शुरू कर दिया गया है और टर्मिनल भवन के निर्माण का कार्य 20 फरवरी 2025 को आवंटित कर दिया गया है. साथ ही अनुरोध किया गया कि पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किये जाएं. पीईसी ने इसे भी स्वीकार कर लिया और पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए 40 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश कर दी है. राज्य प्रशासन द्वारा उड़ान स्कीम के तहत भागलपुर में भी एक एयरपोर्ट के विकास अनुरोध किया गया था. पीईसी की बैठक में इस पर भी विस्तृत चर्चा हुई. लेकिन, तय किया गया कि भागलपुर में एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित स्थल की फिजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट आने के बाद पीईसी की अगली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा.” इसे भी पढ़ें: Waqf Bill: वक्फ बिल पर सीएम नीतीश ने पीएम मोदी को क्यों दिया समर्थन, मुस्लिम नेताओं ने कर दिया खुलासा The post पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए 40 करोड़, बाकी 6 एयरपोर्ट के लिए 25-25 रुपये की मंजूरी, जदयू सांसद ने बताया प्रशासन का प्लान appeared first on Naya Vichar.

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Crime-Thriller Web Series: असुर से भी ज्यादा खतरनाक है ये वेब सीरीज, क्राइम-सस्पेंस देख घूम जाएगा दिमाग

Crime-Thriller Web Series: ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर हर तरह की वेब सीरीज उपलब्ध होती है. दर्शक अपनी पसंद से कॉमेडी, क्राइम और रोमांस से भरी फिल्मों और सीरीज को देखना चाहते है, लेकिन आज हम क्राइम और थ्रिलर प्रेमियों के लिए लेकर आए है, असुर जैसी कुछ खतरनाक सीरीज, जो आपके वीकेंड को सस्पेंस और थ्रिलर से भर देगा. ये सीरीज आपको आखिर तक बांधे रखेगी और आप अंत तक अपनी नजरों को हटा नहीं पाएंगे. तो आइये इन वेब सीरीज को अपने वॉच लिस्ट में सेव कर लीजिए. सिटाडेलजोश एप्पेलबाम, ब्रायन ओह और डेविल वेइल की ओर से निर्मित यह फिल्म एक अमेरिकन स्पाई एक्शन सीरीज है. इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा जोनस, रिचर्ड मैडेन, स्टेनली टुची, लेस्ली मैनविले, रोलाण्ड मोलर और ओसी इखिले जैसी कई स्टार्स है. इसे आप अमेजन प्राइम वीडियो पर देख सकते है. कहानी में एक जासूसी एजेंसी सिटाडेल को खत्म कर, उनकी यादों को भी मिटा दिया जाता है और उनके अतीत की याद और वापस लड़ने की ताकत को दिखाया जाता है. दहाड़जोया अख्तर और रीमा कागती द्वारा निर्मित इस सीरीज में सोनाक्षी सिन्हा, विजय वर्मा, सोहम शाह,जयती भटिआ, अंकुर वर्मा जैसे कई कलाकार है. सीरीज में छोटे शहर में एक इंस्पेक्टर की कहानी को दिखाया गया है. वह एक ऐसे अपराध की जांच करती है, जो उसके दिल को हिला के रख देता है. इस सीरीज को आप अमेजन प्राइम वीडियो पर देख सकते है. यह मिस्ट्री ड्रामा 12 मई 2023 में रिलीज हुआ था. IMBD पर इसे 10 में से 7.6 रेटिंग मिले है. डेयरडेविल: बोर्न अगेनइस सीरीज का अगला एपिसोड 8 अप्रैल को रिलीज होने वाला है. इसे मैट कॉर्मन और क्रिस ऑर्ड ने निर्माण किया है. चार्ली कॉक्स, मार्गारीटा लेविएवा, विन्सेंट डी’ऑनफ्रियो, गेनेया वाल्टन, विल्सन बेथेल, जॉन बर्नथल, डेबोरा एन वोल और कई स्टार्स इस सीरीज में शामिल है. इसे आप जियोहॉटस्टार में देख सकते है. सीरीज में मैट मर्डॉक की कहानी को दिखाया गया है, जो विल्सन फिश के साथ टकराव के रास्ते पर जाता है और उनकी पिछली पहचान सामने आने लगती है. ये भी पढ़ें: Coolie Release Date: रजनीकांत की फिल्म ‘कुली’ की रिलीज डेट का हुआ ऐलान, बॉलीवुड की इन तीन फिल्मों से होगा टक्कर The post Crime-Thriller Web Series: असुर से भी ज्यादा खतरनाक है ये वेब सीरीज, क्राइम-सस्पेंस देख घूम जाएगा दिमाग appeared first on Naya Vichar.

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Vidur Niti: मूर्खों की निशानी है ये आदतें, संबंध रखना हो सकता है घातक

Vidur Niti: महात्मा विदुर एक अत्यंत बुद्धिमान और विचारशील व्यक्ति थे, जिनकी दी हुई शिक्षा आज भी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उनका जन्म एक दासी के गर्भ से हुआ था और वे महर्षि वेदव्यास के पुत्र थे, लेकिन इस कारण उन्हें हस्तिनापुर का राजा बनने का अधिकार नहीं मिला. इसके बावजूद, विदुर को हस्तिनापुर का महामंत्री बनाया गया था. उनकी दूरदृष्टि और गहरी सोच ने उन्हें एक महान कूटनीतिज्ञ और नेतृत्वक विचारक बना दिया. विदुर और धृतराष्ट्र के बीच हुए संवाद को ‘विदुर नीति’ के नाम से जाना जाता है. इसमें युद्धनीति, कूटनीति और नेतृत्व की जटिलताओं को समझाया गया है. महाहिंदुस्तान काल के महान विचारकों में विदुर का योगदान अनमोल है. उनकी नीति आज के समय में भी जीवन को सरल, सही और प्रबंधित तरीके से जीने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है. उन्होंने विद्वान और मूर्ख लोगों के पहचानने का आसान तरीका बताया है. अगर किसी व्यक्ति में ये कमियां पाई जाती हैं, तो उससे दूरियां बनाना ही उचित होता है. अगर इन कमियों को जानकर भी उसके साथ संबंध रखते हैं, तो यह आपके लिए घातक साबित हो सकता है. विदुर नीति के अनुसार, जिस व्यक्ति में ज्ञान हो फिर वह किसी बात पर गर्व करता हो या उसे किसी बात का घमंड हो, तो उससे दूरी बना लेना चाहिए. ऐसे लोग ज्ञानी नहीं मूर्ख कहलाते हैं. यह भी पढ़ें- Vidur Niti: सच्चा ज्ञानी वही, जिसे ये 3 चीजें नहीं कर पाती प्रभावित यह भी पढ़ें- Vidur Niti: इन चीजों को कभी नहीं मिलती संतुष्टि, विदुर ने बताया जीवन का रहस्य विदुर नीति के मुताबिक, जो बहुत दरिद्र यानी जिनके पास धन-दौलत नहीं रहती, फिर बड़े-बड़े मंसूबे बनाते हैं, तो ऐसे लोग ज्ञानी नहीं मूर्ख होते हैं. महात्मा विदुर कहते हैं कि जो व्यक्ति बिना काम किए धन पाने की इच्छा रखता है, वह मनुष्य ज्ञानी नहीं मूर्ख होता है, क्योंकि बिना काम किए कुछ भी पाना असंभव है. यह भी पढ़ें- Vidur Niti: छात्रों के लिए खतरनाक लतें जो बनाती हैं जीवन को अंधकारमय Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Vidur Niti: मूर्खों की निशानी है ये आदतें, संबंध रखना हो सकता है घातक appeared first on Naya Vichar.

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Manoj Kumar Last Rites: पंचतत्व में विलीन हुए मनोज कुमार, पहला Video आया सामने, फूट-फूटकर रोई पत्नी

Manoj Kumar Last Rites: दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार का आज यानी 5 अप्रैल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. श्मशान घाट से कुछ वीडियो सामने आए हैं. जिसमें हिंदुस्तान कुमार के पार्थव शरीर को उनके बड़े बेटे कुणाल गोस्वामी मुखाग्नि देते नजर आए. पंचतत्व में विलीन होने से पहले उन्हें राजकीय सम्मान के साथ 21 तोपों की सलामी दी गई. यही नहीं पुलिस अधिकारियों ने एक्टर के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर श्मशान घाट तक कंधा दिया. मनोज कुमार की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल मनोज कुमार के पार्थिव शरीर को देखकर उनकी पत्नी शशि गोस्वामीफूट-फूटकर रोई. अभिताभ बच्चन, अभिषेक, सलीम खान और अरबाज खान जैसे बॉलीवुड सेलेब्स भी पवन हंस श्मशान घाट पर मनोज कुमार को अंतिम विदाई देने पहुंचे. इस दौरान एक्टर प्रेम चोपड़ा ने कहा, “हम शुरू से साथ रहे हैं, और यह एक शानदार यात्रा रही है. उनके साथ काम करके सभी को लाभ हुआ है, मुझे भी उनसे लाभ हुआ है. वह मेरे बहुत-बहुत अच्छे दोस्त थे.” VIDEO | Maharashtra: Mortal remains of actor Manoj ‘Bharat’ Kumar were consigned to flames at Pawan Hans Crematorium in Mumbai. He was given state honours a while back. (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvqRQz) pic.twitter.com/2dcT7npEnC — Press Trust of India (@PTI_News) April 5, 2025 View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) मनोज कुमार का कैसे हुआ निधन दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार का 4 अप्रैल, 2025 को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया. वह 87 वर्ष के थे और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. मनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी ने उनके निधन की समाचार की पुष्टि करते हुए एएनआई को बताया, “मेरे पिता मनोज कुमार का आज सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया. वह लंबे समय से अस्वस्थ महसूस कर रहे थे, लेकिन उन्होंने हर बाधा का डटकर मुकाबला किया. भगवान की कृपा और साईं बाबा के आशीर्वाद से उन्होंने शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली. सिया राम.” View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) यह भी पढ़ें- अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए मनोज कुमार? जानिए पूरी जानकारी The post Manoj Kumar Last Rites: पंचतत्व में विलीन हुए मनोज कुमार, पहला Video आया सामने, फूट-फूटकर रोई पत्नी appeared first on Naya Vichar.

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इमाम उल हक के साथ बड़ा हादसा, हेलमेट में घुसी गेंद और सीधा चेहरे पर लगी, मैदान से सीधा अस्पताल रवाना

PAK vs NZ Imam-Ul-Haq Injured: पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज का आखिरी मैच स्पोर्ट्सा जा रहा है. बे ओवल, माउंट माउंगानुई में आयोजित हो रहे इस मैच में बारिश ने खलल डाला, इसलिए मैच 42 ओवरों का स्पोर्ट्सा गया. न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 264 रन का स्कोर बनाया. दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरे पाकिस्तान को तीसरे ही ओवर में झटका लग गया. पाकिस्तान के बल्लेबाज इमाम-उल-हक को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले के दौरान चेहरा पर गेंद लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. शॉर्ट कवर से आया एक थ्रो उनके हेलमेट से फिसलकर सीधे उनके चेहरे पर जा लगा, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. गेंद लगते ही इमाम दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर पड़े. टीम के फिजियो ने उनकी प्राथमिक जांच की और फिर उन्हें मेडिकल कार्ट के जरिए मैदान से बाहर ले जाया गया. उन्हें सिर में चोट (कंकशन) के लिए चेक किया गया और बाद में उस्मान खान को उनकी जगह सब्स्टिट्यूट के तौर पर लाया गया. मैच में कमेंट्री कर रहे कमेंटेटर्स की ओर से बाद में बताया गया कि इमाम को चोट के चलते अस्पताल ले जाया गया है. जब इमाम को चोट लगी, तब वह 7 गेंदों पर 1 रन बनाकर स्पोर्ट्स रहे थे. pic.twitter.com/37NwAtMO5W — urooj Jawed 🥀 (@cricketfan95989) April 5, 2025 यह घटना लगातार दूसरी वनडे है जिसमें किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को चोट लगी है. पिछले मैच में नसीम शाह ने हारिस राउफ की जगह ली थी, जिन्हें बल्लेबाजी करते समय हेलमेट पर चोट लगी थी. वहीं इस मैच की बात करें तो पाकिस्तान ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. न्यूजीलैंड की ओर से ओपनर रीस मारियू ने अर्धशतक लगाते हुए 58 रन बनाए, हालांकि इसके बाद न्यूजीलैंड को लगातार झटके लगे. लेकिन अंत में कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने भी 59 रनों का योगदान देते हुए कीवी स्कोर को 264 तक पहुंचा दिया.  42 ओवर में 265 रनों के लक्ष्य का पीछाा करने उतरे पाकिस्तान को पहला झटका इमाम उल हक के रूप में ही लग गया. हालांकि इसके बाद बाबर आजम ने फिफ्टी बनाई, लेकिन उनके अलावा और कोई बल्लेबाज 40 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका. पाकिस्तान यह मैच भी हारने की कगार पर है. अगर वह यह मैच हारता है, तो न्यूजीलैंड के खिलाफ वह इस साल में लगातार छठवां मैच हारेगा.  पाकिस्तान पहले ही यह 3 मैचों की वनडे सीरीज हार चुका है. उन्हें नेपियर और हैमिल्टन में स्पोर्ट्से गए पहले दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. मोहम्मद रिजवान की अगुवाई वाली टीम को माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में स्पोर्ट्स रही न्यूजीलैंड टीम ने बुरी तरह हराया. पहले मैच में मार्क चैपमैन की शानदार शतकीय पारी ने मेज़बान टीम को 73 रन से जीत दिलाई थी. वहीं दूसरे मैच में माइकल हे और बेन सीयर्स ने शानदार गेंदबाजी कर पाकिस्तान को 80 रन से करारी शिकस्त दी. ऋषभ का बल्ला तो चला नहीं, BCCI ने बिल अलग फाड़ दिया, गलती की और दिग्वेश-पंत पर लगा लाखों का जुर्माना सूर्यकुमार यादव का धांसू छक्का; बॉल गर्ल का सिर बचा कंधा चोटिल, लेकिन उफ्फ तक नहीं…Video तिलक को रिटायर्ड आउट करने का फैसला किसका? हेड कोच की आई सफाई, बताया- उससे रन… The post इमाम उल हक के साथ बड़ा हादसा, हेलमेट में घुसी गेंद और सीधा चेहरे पर लगी, मैदान से सीधा अस्पताल रवाना appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video : वे दुखी होंगे! वक्फ बिल पर अनिरुद्धाचार्य महाराज ने ये क्या कह दिया

Watch Video : वक्फ संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो चुका है. इस बिल को लेकर आध्यात्मिक वक्ता अनिरुद्धाचार्य जी ने कहा, “यह अच्छी बात है कि विधेयक पारित हो गया है, और अब गरीब मुसलमानों को उनका हक मिलेगा. पहले सत्ता केवल चंद लोगों के हाथ में थी. केंद्र प्रशासन ने आम लोगों की सेवा में सराहनीय काम किया है. जिन्होंने आज तक सत्ता का दुरुपयोग किया, उनकी शक्ति छीन ली गई है, इसलिए स्वाभाविक है कि वे दुखी होंगे.” देखें वीडियो #WATCH | Mathura | On #WaqfAmendmentBill, Spiritual orator Aniruddhacharya says, “It’s good that the bill has been passed, and now the poor Muslims will get their rights. Earlier, the power was just in the hands of a few people. The central government has done praiseworthy work… pic.twitter.com/fT8tHw3y04 — ANI (@ANI) April 5, 2025 सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कांग्रेस, एआईएमआईएम के नेता कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 की वैधता को चुनौती दी और कहा कि यह संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है. जावेद की याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधेयक में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन पर “मनमाने प्रतिबंध” लगाने के प्रावधान किये गये हैं. इससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता कमजोर होगी. यह भी पढ़ें : Waqf Bill: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा वक्फ विधेयक, ओवैसी समेत कांग्रेस नेता ने दी चुनौती, RJD भी दायर कर सकता है याचिका राज्यसभा और लोकसभा से बिल पास राज्यसभा में 128 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में जबकि 95 ने विरोध में मतदान किया. इसके बाद इसे पारित कर दिया गया. लोकसभा ने तीन अप्रैल को विधेयक को मंजूरी दे दी थी. लोकसभा में 288 सदस्यों ने विधेयक का समर्थन, जबकि 232 ने विरोध किया. The post Watch Video : वे दुखी होंगे! वक्फ बिल पर अनिरुद्धाचार्य महाराज ने ये क्या कह दिया appeared first on Naya Vichar.

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