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Author name: Vinod Jha

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गया को अगले महीने मिलेगा टेक्नोलॉजी सेंटर का तोहफा, PM मोदी कर सकते हैं शिलान्यास

गया इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में प्रमंडलस्तरीय इंस्टीट्यूट और इंडस्ट्री मीट 2025 का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने किया. इस समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उद्योग और पढ़ाई के बीच समन्वय स्थापित कर देश और राज्य के विकास को नयी दिशा दी जा सकती है. मई व जून में खिजरसराय में टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास किया जायेगा. इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से समाय मांगा गया है. टेक्नोलॉजी सेंटर के बनने से 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा. इतना ही नहीं इस टेक्नोलॉजी सेंटर में ड्रोन बनाने के लिए भी फैसिलिटी उपलब्ध करायी जायेगी. कार्यक्रम का उद्धाटन करते केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी विशेष बुलावे पर गया आया : मांझी   केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि आज के युवा संस्कृति व परंपरा को बनाये रखते हुए प्राकृतिक के साथ खिलवाड़ नहीं करें. उन्होंने कहा कि विशेष बुलावे पर वह संसद के अंतिम दिन का सत्र छोड़कर कार्यक्रम में भाग लेने आये हैं. उन्होंने लोगों को यह भी बताया कि पढ़-लिख कर इंजीनियर किस तरह उनके विभाग एमएसएमइ से मदद लेकर जिंदगी में आगे बढ़ सकते हैं. बिहार के सभी जिलों में है इंजीनियरिंग कॉलेज मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि बिहार एक ऐसा राज्य है जहां सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हो चुकी है और सभी कॉलेज अपने भवन में चल रहे हैं. एक कप चाय की कीमत में बिहार प्रशासन इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक की शिक्षा बच्चों को दे रही है. आज बिहारी कहलाना गर्व का विषय है. उन्होंने इंडस्ट्री जगत के आये प्रतिनिधियों से अपील की कि अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर के दम पर बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेज किसी से कमतर नहीं हैं और आप यहां के बच्चों को रोजगार दीजिए, ताकि उनकी प्रतिभा से आप रूबरू हो सकें और वह आपको निराश नहीं करेंगे. विगत चार वर्षों के मेहनत का फल है कि हमारे संस्थान में अब केंद्रीय मंत्री आ रहे हैं और सभी का वातावरण और स्ट्रक्चर देखने योग्य है. इंजीनियरिंग कॉलेज को 20-20 लाख रुपये अनुदान देने की अपील मंत्री सुमित कुमार सिंह ने केंद्रीय मंत्री से अपील की कि उन्होंने जिस तरह गया अभियंत्रण महाविद्यालय को 20 लाख रुपये का अनुदान दिया है इस तरह सभी इंजीनियरिंग कॉलेज को अनुदान देने की कृपा करें. कम से कम मगध प्रमंडल के इंजीनियरिंग कॉलेजों को तो अनुदान जरूर दें. उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों में नियमित प्रोफेसर की बहाली हो रही है और अच्छे-अच्छे फैकल्टी यहां आ रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें फ्रेंच व जर्मन भाषा में भी जल्द शुरू होगी पढ़ाई : कुलपति मंत्री सुमित कुमार सिंह ने चाणक्य सभागार का उद्घाटन भी किया. कुलपति डॉ सुरेश कांत वर्मा ने कहा कि बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा सत्र को नियमित कर लिया गया है. फ्रेंच व जर्मन भाषा में भी यहां पढ़ाई शुरू की जायेगी, ताकि छात्रों को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने यह भी कहा की स्थापना के चार वर्ष के अंदर ही बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय को बेस्ट इमर्जिंग यूनिवर्सिटी का खिताब मिल चुका है. हमारे शिशु भी अब बाहर जाकर अच्छे संस्थानों के बच्चों से मुकाबला कर अपना स्थान बनाने में सफल रहते हैं. इसे भी पढ़ें : BJP जो चाहती है वो करती है, संसद से पास हुआ वक्फ बिल तो छलका कांग्रेस सांसद का दर्द  इसे भी पढ़ें : 15 अगस्त से पहले शुरू हो जायेगा बिहार का ये एयरपोर्ट, डिप्टी सीएम ने दी जानकारी The post गया को अगले महीने मिलेगा टेक्नोलॉजी सेंटर का तोहफा, PM मोदी कर सकते हैं शिलान्यास appeared first on Naya Vichar.

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Babu Jagjivan Ram Net Worth: उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम ‘बाबूजी’ अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़कर गए? ऐसी है विरासत

Babu Jagjivan Ram Net Worth in Hindi: हिंदुस्तान की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रा सेनानी और हिंदुस्तान के उप-प्रधानमंत्री रहे जगजीवन राम बाबू का शुरुआती जीवन कठिनाइयों भरा था. हालांकि वह अपने दृढ़ संकल्प से सभी चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़े. उनका जन्म 5 अप्रैल 1908 को और उनका निधन 6 जुलाई 1986 में हुआ था. पूरे जीवन काल में जगजीवन राम बाबू जी की कितनी संपत्ति रही (Babu Jagjivan Ram Net Worth) और उनकी विरासत के बारे में यहां बताया जा रहा है.  बाबू जगजीवन राम की कुल संपत्ति (Babu Jagjivan Ram Net Worth) बाबू जगजीवन राम की कुल संपत्ति को लेकर को ऑफिशियल डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन दृष्टि आईएएस और “Jagjivan Ram: A Biography” by S.R. Bakshi के अनुमान के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति 1986 के समय में कुछ लाख रुपये होगी. हालांकि आज के समय की बात की जाए तो यह मूल्य 1 या 2 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है.  यह भी पढ़ें- Sanjiv Goenka Net Worth: लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका के पास कितनी संपत्ति है? हिंदुस्तान के अमीर उद्योगपतियों में हैं शामिल संपत्ति का स्रोत और करियर (Babu Jagjivan Ram Net Worth) बाबू जगजीवन राम की आय का मुख्य स्रोत उनकी नौकरी और मंत्रालयों से मिलने वाला वेतन था. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास बिहार में पैतृक जमीन और दिल्ली में एक आवास था. इसके अलावा उन्हें पद्म भूषण (1954) और हिंदुस्तान रत्न (मरणोपरांत) आदि सम्मानों से नवाजा गया लेकिन ये आर्थिक संपत्ति में नहीं गिने जाते.  बाबू जी ने हिंदुस्तान छोड़ो आंदोलन में भी लिया भाग (Babu Jagjivan Ram) बाबू जगजीवन राम एक साहसी स्वतंत्रता सेनानी थे. वे 1931 में हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य बने. 934-35 में उन्होंने “अखिल हिंदुस्तानीय शोषित वर्ग लीग” की स्थापना में अहम भूमिका निभाई. बाबूजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन और हिंदुस्तान छोड़ो आंदोलन में भाग लिया. जगजीवन जी को 1940 और 1942 में जेल भी जाना पड़ा. जेल जाने के बाद भी वे समाज सेवा से पीछे नहीं हटे और वे हमेशा त्याग और बलिदान की भावना से देश के लिए काम करते रहे. यह भी पढ़ें- Babu Jagjivan Ram Jayanti: बचपन में थीं मुश्किलें…पर ‘बाबूजी’ बने उपप्रधानमंत्री, ऐसे तय किया स्वतंत्रता सेनानी से राजनेता का सफर The post Babu Jagjivan Ram Net Worth: उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम ‘बाबूजी’ अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़कर गए? ऐसी है विरासत appeared first on Naya Vichar.

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Railway: लोकोमोटिव के बाद वैगन उत्पादन के मामले में भी हुआ रिकॉर्ड उत्पादन

Railway: हिंदुस्तानीय रेलवे रिकॉर्ड लोकोमोटिव उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के बाद वैगन के उत्पादन में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 41929 वैगन का उत्पादन किया है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में 37650 वैगन का उत्पादन हुआ था. यानी इस दौरान वैगन उत्पादन में 11 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी. वर्ष 2022-23 में 22790 वैगन का उत्पादन हुआ. पिछले तीन साल में एक लाख से अधिक वैगन का उत्पादन हुआ. वर्ष 2004-14 के दौरान देश में सालाना 13262 वैगन का उत्पादन हुआ, जबकि वर्ष 2014-24 के दौरान सालाना उत्पादन 15875 हो गया. इससे रेलवे की उत्पादन क्षमता का पता चलता है.  रेलवे माल ढुलाई की क्षमता में लगातार इजाफा कर रहा है. यह देश के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण है. रेलवे की कोशिश घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और व्यापार को गति देना है. वैश्विक स्तर आर्थिक ताकत बनाने में रेलवे की अहम भूमिका है.  वैगन के उत्पादन में वृद्धि से माल ढुलाई के समक्ष आने वाली चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलेगी और कार्गो परिवहन आसान होगा. आर्थिक विकास की गति होगी तेज वैगन उत्पादन में वृद्धि का असर आर्थिक और पर्यावरण सुरक्षा पर पड़ना तय है.अधिक वैगन की उपलब्धता से परिवहन की चुनौतियां कम होगी और माल ढुलाई की गति तेज होगी. कोयला, सीमेंट, स्टील कंपनियों को इसका फायदा होगा. सड़क पर निर्भरता कम होने से ऊर्जा खपत में भी कमी आएगी और इससे गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी. माल ढुलाई की बेहतर व्यवस्था होने  से परिवहन पर होने वाला खर्च कम होगा और इसका फायदा आम लोगों को भी होगा. इससे महंगाई कम करने में भी मदद मिलेगी. गौरतलब है कि रेलवे अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार आधुनिक बनाने का काम कर रहा है. रेलवे नेटवर्क के विस्तार के अलावा सुरक्षा, यात्री सुविधा और माल ढुलाई को बेहतर करने का काम हो रहा है. देश के अधिकांश रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण हो चुका है. इससे रेलवे की ऊर्जा खपत कम होगी और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी. वैगन के अधिक उत्पादन से यात्री सुविधा के साथ माल ढुलाई भी अधिक होगी और इससे रेलवे का राजस्व बढ़ेगा.  The post Railway: लोकोमोटिव के बाद वैगन उत्पादन के मामले में भी हुआ रिकॉर्ड उत्पादन appeared first on Naya Vichar.

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Chaiti Chhath Puja 2025: उदीयमान सूर्य को अर्घ के साथ महापर्व छठ संपन्न, घाटों पर उमड़े श्रद्धालु

Chaiti Chhath Puja 2025: झारखंड में चार दिवसीय महापर्व छठ का समापन शुक्रवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ अर्पित करने के साथ श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हो गया. सुबह लगभग साढ़े चार बजे से ही व्रती और श्रद्धालु विभिन्न छठ घाटों के लिए निकलने लगे थे. सुबह पांच बजे तक घाटों की रौनक दीपों की जगमगाहट से और बढ़ गयी थी. छट घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ रांची के हटनिया तालाब, लाइन टैंक तालाब, चडरी तालाब, डोरंडा बटन तालाब, स्वर्णरेखा नदी तट, धुर्वा, कांके, गेतलसूद डैम, रातू तालाब सहित अन्य जलाशयों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. छठ व्रतियों ने स्नान कर घाटों पर भगवान सूर्य के ध्यान में लीन होकर पूजा प्रारंभ की. छठ व्रतियों ने भगवान सूर्य को दिया अर्घ पूरब दिशा में जैसे ही सूर्य की लालिमा फैलनी शुरू हुई, भक्तों ने जय सूर्य देव के जयघोष के साथ अर्घ देना शुरू किया. अर्घ देने की इस पावन बेला में परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आस-पड़ोस के लोगों ने भी भाग लिया और भगवान सूर्य से परिवार व समाज की मंगलकामना की. छठ घाट पर हुआ हवन अर्घ के बाद व्रतियों ने घाट पर ही हवन आदि किया और पारंपरिक रूप से बजरी लुटाकर सूर्य देव को नमन किया. इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ. प्रसाद वितरण के बाद व्रती घर लौटे और मंदिरों में पूजा की. प्रसाद अर्पित कर भगवान के आशीर्वाद लिया. घर में भी पूजा संपन्न कर व्रती ने भगवान के समक्ष शीश नवाया और प्रसाद ग्रहण कर पारण किया. ये भी पढ़ें: Dream 11: करोड़पति दर्जी भर रहा सपनों की उड़ान, खपरैल मकान से फ्लैट में होगा शिफ्ट, 49 रुपए से चमकी है किस्मत ये भी पढ़ें: ACB Trap: रांची में एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, नामकुम थाने का दारोगा चंद्रदीप प्रसाद 30 हजार रिश्वत लेते अरेस्ट The post Chaiti Chhath Puja 2025: उदीयमान सूर्य को अर्घ के साथ महापर्व छठ संपन्न, घाटों पर उमड़े श्रद्धालु appeared first on Naya Vichar.

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रोहित शर्मा को मुंबई इंडियंस ने कर दिया बाहर, लखनऊ के खिलाफ हार्दिक का पहले गेंदबाजी का फैसला

IPL 2025 LSG vs MI: इंडियन प्रीमियर लीग 2025 मैच नंबर 16 में मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. दोनों टीमों में अब तक तीन-तीन मुकाबले स्पोर्ट्से हैं और एक ही जीत दर्ज की है. नेट रन रेट के मामले में मुंबई की टीम लखनऊ से एक अंक ऊपर है. दोनों ही टीमों की जीत की दरकार है और आज के मुकाबले में कड़ा संघर्ष होने की उम्मीद है. मुंबई के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा अब तक अपने फॉर्म में नहीं आए हैं और पिछले तीनों मुकाबलों में वह रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे. मुंबई ने रोहित को इस मुकाबले के लिए ड्रॉप कर दिया है. Rohit Sharma dropped by Mumbai Indians घुटने में चोट के कारण नहीं स्पोर्ट्स रहे रोहित शर्मा टॉस जीतने के बाद मुंबई के कप्तान हार्दिक पंड्या, ‘हम पहले गेंदबाजी करेंगे. एक नया विकेट लग रहा है. निश्चित नहीं कि यह कैसे स्पोर्ट्सेगा. एक अच्छा ट्रैक लग रहा है. बाद में ओस आ सकती है. बेहतर होगा कि हम पीछा करें. मुझे लगता है कि हम एक समूह में बात कर चुके हैं कि हम विकेटों के बारे में बात नहीं करना चाहते हैं. हम यहां अच्छा क्रिकेट स्पोर्ट्सने आए हैं. हम सही योजनाओं पर टिके रहना और होशियार रहना चाहते हैं. बहुत सारे रन बन रहे हैं. रोहित के घुटने में चोट लगी थी. वह चूक रहा है. जसप्रीत को जल्द ही वापस आना चाहिए. Rohit Sharma dropped 🚨 Toss 🚨 Mumbai Indians won the toss and opted to bowl first against Lucknow Super Giants. Updates ▶️ https://t.co/HHS1Gsaw71#TATAIPL | #LSGvMI | @LucknowIPL | @mipaltan pic.twitter.com/sMnXPV2Xnx — IndianPremierLeague (@IPL) April 4, 2025 टॉस के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा, मुझे लगता है कि हम बल्लेबाजी इकाई के रूप में काफी आश्वस्त हैं. एक बहुत मजबूत इकाई है. मेरे सहित हमारे कुछ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. हमने पूरे टूर्नामेंट में इसी तरह स्पोर्ट्सने की बात की थी. सामान्य चर्चा यह है कि हम वहां जाएं और खुद को अभिव्यक्त करें. हमने उस लक्ष्य के बारे में बात नहीं की है जिसे हम हासिल करना चाहते हैं. बस गेंद को स्पोर्ट्सें और गेंद को देखें और प्रतिक्रिया दें. मुझे लगता है कि हम काफी आश्वस्त हैं. जिस तरह से मैंने खुद को स्थापित किया है. एक बार जब हम शुरुआत करेंगे, तो हम इसका फायदा उठाएंगे. हमारे लिए बस एक बदलाव है. सिद्धार्थ की जगह आकाश दीप आए हैं. दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन लखनऊ सुपर जायंट्स (प्लेइंग इलेवन) : एडेन मार्करम, मिशेल मार्श, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (विकेट कीपर/कप्तान), आयुष बदोनी, डेविड मिलर, अब्दुल समद, शार्दुल ठाकुर, दिग्वेश सिंह राठी, आकाश दीप, आवेश खानइंपैक्ट सब्स्टीट्यूट : रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, शाहबाज अहमद, एम सिद्धार्थ, आकाश सिंह.मुंबई इंडियंस (प्लेइंग इलेवन) : विल जैक्स, रयान रिकेल्टन (विकेट कीपर), सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या (कप्तान), नमन धीर, राज बावा, मिशेल सेंटनर, ट्रेंट बोल्ट, अश्विनी कुमार, दीपक चाहर, विग्नेश पुथुर.इंपैक्ट सब्स्टीट्यूट : तिलक वर्मा, कॉर्बिन बॉश, रॉबिन मिंज, सत्यनारायण राजू, कर्ण शर्मा. ये भी पढ़ें… ‘खुद को लॉर्ड बोल रहा है’, रोहित शर्मा और शार्दुल ठाकुर की हंसी-ठिठोली इंटरनेट पर वायरल CSK इस बवाल खिलाड़ी को करेगा टीम में शामिल, लगातार हार के बाद होगा रणनीति में बदलाव The post रोहित शर्मा को मुंबई इंडियंस ने कर दिया बाहर, लखनऊ के खिलाफ हार्दिक का पहले गेंदबाजी का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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Panchayati Raj: आदिवासी परंपरा के पालन से ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या से मिल सकती है मुक्ति

Panchayati Raj: हिंदुस्तान के आदिवासियों की विरासत को समझने के लिए सरहुल महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘हमारी परंपरा, हमारी विरासत’ का विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय और झारखंड प्रशासन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में हुआ. इस दौरान झारखंड में आदिवासियों की कला, संस्कृति और विरासत को बचाने के पहलुओं पर विचार किया गया.  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय पंचायती राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति, उनकी भाषा, संगीत, खानपान, परंपरा को सहेजना काफी जरूरी है. आदिवासियों की लोक भाषा, भूषा, भोजन और संगीत का दस्तावेजीकरण करना भावी पीढ़ी को देश की विरासत के बारे में जानने के लिए अहम है. भगवान बिरसा मुंडा और आदिवासी समुदाय का ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है. जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को कभी भुला नहीं जा सकता है. पर्यावरण संरक्षण में आदिवासी समुदाय का विशेष योगदान पर्यावरण संरक्षण में आदिवासी समुदाय का अहम योगदान रहा है. आदिवासी पर्यावरण संरक्षण का काम सिर्फ विरासत के तौर पर नहीं कर रहे हैं, यह भूमि  के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है. जमीन और पर्यावरण से आदिवासियों के लगाव के कारण ही पीढ़ियों से प्राकृतिक संसाधन बचा हुआ है. अगर आम लोग भी आदिवासियों की तरह प्रकृति का सम्मान करें तो ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण, पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्या का समाधान हो सकता है. केंद्रीय मंत्री ने आदिवासियों से बच्चों की शिक्षा पर जोर देने का आग्रह किया ताकि उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके.  भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष भावी पीढ़ी के लिए है प्रेरणा Panchayati raj: आदिवासी परंपरा के पालन से ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या से मिल सकती है मुक्ति 2 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने भगवान बिरसा मुंडा की विरासत का जिक्र करते हुए झारखंड के आदिवासी समुदाय के सांस्कृतिक जागरूकता की प्रशंसा की. देश के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में झारखंड के आदिवासियों का अहम योगदान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरासत को विकास से जोड़ने की बात करते है. इस विचार को आगे बढ़ाने के लिए सरहुल महोत्सव का आयोजन दिल्ली में किया गया. इस आयोजन का मकसद देश के लोगों को जल, जंगल और जमीन को बचाने का संदेश देना है. देश की संस्कृति को बचाने में आदिवासी समुदाय का अहम योगदान रहा है. सरहुल यह संदेश देता है कि हम प्रकृति से जितने करीब होंगे, जीवन उतना ही उल्लास और खुशी से भरा होगा.  झारखंड के आदिवासी प्रतिनिधियों ने की शिरकत पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि देश के विविध परंपरा में आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का अहम रोल है. आदिवासी संगीत, गाने, लोकगीत और परंपरा देश की अमूल्य धरोहर है. अगर इसकी सुरक्षा नहीं की गयी तो यह खत्म हो जायेगा. भावी पीढ़ी के लिए भी इस विरासत को बचाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. झारखंड के 3 हजार गांवों ने ‘हमारी परंपरा, हमारी विरासत’ अभियान में शामिल होने की प्रतिबद्धता जतायी है. आदिवासी संस्कृति और विरासत का संरक्षण कर झारखंड दूसरे राज्यों के लिए मॉडल पेश कर सकता है. इस कार्यक्रम में  झारखंड के आदिवासी समूहों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया और ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श हुआ. कार्यक्रम में केंद्र और राज्य प्रशासन के अधिकारी के अलावा झारखंड के 560 आदिवासी प्रतिनिधि शामिल हुए.  The post Panchayati Raj: आदिवासी परंपरा के पालन से ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या से मिल सकती है मुक्ति appeared first on Naya Vichar.

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Tariff: अमेरिका ने भारत पर आयात शुल्क घटाया, ट्रंप प्रशासन ने दी रियायत

Tariff: अमेरिका ने हिंदुस्तान पर लगाए जाने वाले आयात शुल्क को 27% से घटाकर 26% कर दिया है. ये नए शुल्क 9 अप्रैल से प्रभावी होंगे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित जवाबी शुल्क में इस संशोधन को व्यापार नीति में नरमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. हिंदुस्तान पर शुल्क में कटौती का असर अमेरिका के व्हाइट हाउस दस्तावेजों में पहले हिंदुस्तान पर 27 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने का उल्लेख था, लेकिन नवीनतम संशोधन में इसे घटाकर 26% कर दिया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि 1 प्रतिशत की कटौती से व्यावसायिक असर सीमित रहेगा. अमेरिका और हिंदुस्तान के व्यापारिक संबंध अमेरिका वित्त वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक हिंदुस्तान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहा. हिंदुस्तान के कुल वस्तु निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत रही. आयात में अमेरिका की भागीदारी 6.22 प्रतिशत रही. द्विपक्षीय व्यापार में अमेरिका की हिस्सेदारी 10.73 प्रतिशत रही. हिंदुस्तान ने 2023-24 में अमेरिका के साथ 35.32 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया. हिंदुस्तान के प्रमुख निर्यात उत्पाद (2024) औषधि निर्माण और जैविक उत्पाद: 8.1 अरब डॉलर दूरसंचार उपकरण: 6.5 अरब डॉलर कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर: 5.3 अरब डॉलर पेट्रोलियम उत्पाद: 4.1 अरब डॉलर सोना और दूसरी कीमती धातु के आभूषण: 3.2 अरब डॉलर सूती तैयार वस्त्र (सहायक उपकरण सहित): 2.8 अरब डॉलर लोहा और इस्पात उत्पाद: 2.7 अरब डॉलर हिंदुस्तान के प्रमुख आयात उत्पाद (2024) कच्चा तेल: 4.5 अरब डॉलर पेट्रोलियम उत्पाद: 3.6 अरब डॉलर कोयला और कोक: 3.4 अरब डॉलर कटे और पॉलिश किए हुए हीरे: 2.6 अरब डॉलर इलेक्ट्रिक मशीनरी: 1.4 अरब डॉलर विमान, अंतरिक्ष यान और उसके पुर्जे: 1.3 अरब डॉलर सोना: 1.3 अरब डॉलर इसे भी पढ़ें: अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए मनोज कुमार? जानिए पूरी जानकारी दूसरे देशों के शुल्क में भी संशोधन अमेरिका ने हिंदुस्तान के अलावा बोस्निया और हर्जेगोविना, बोत्सवाना, कैमरून, फॉकलैंड द्वीप, मलावी और म्यांमा सहित 12 से अधिक देशों पर लगने वाले शुल्क में 1% तक का बदलाव किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामूली बदलाव से व्यापारिक समीकरणों पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है. इसे भी पढ़ें: ट्रंप के टैरिफ मिसाइल का बैक फायर शुरू! झुलस उठा अमेरिकी शेयर बाजार, चौतरफा हाहाकार The post Tariff: अमेरिका ने हिंदुस्तान पर आयात शुल्क घटाया, ट्रंप प्रशासन ने दी रियायत appeared first on Naya Vichar.

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Cabinet: केंद्र सरकार ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के दूसरे चरण को दी मंजूरी

Cabinet: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के दूसरे चरण को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्र प्रायोजित इस योजना पर होने वाला पूरा खर्च केंद्र प्रशासन वहन करेगी. यह सुरक्षित, संरक्षित और जीवंत भूमि सीमाओं का विकास करेगा और वर्ष 2047 तक विकसित हिंदुस्तान के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा. यह कार्यक्रम वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के पहले चरण के तहत कवर की गयी उत्तरी सीमा के अलावा अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं (आईएलबीएस) से सटे ब्लॉकों में स्थित गांवों के व्यापक विकास में मदद करेगा. इस योजना पर 6839 करोड़ रुपये के खर्च होगा.  बिहार सहित अन्य राज्यों में होगा लागू यह कार्यक्रम अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के चुनिंदा रणनीतिक गांवों में वित्त वर्ष 2028-29 तक लागू किया जाएगा. इस कार्यक्रम का मकसद समृद्ध और सुरक्षित सीमाओं को सुनिश्चित करने, सीमा पार अपराध को नियंत्रित करने और सीमावर्ती आबादी को देश की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें ‘सीमा सुरक्षा बलों की आंख और कान’ के रूप में विकसित करने के लिए बेहतर जीवन स्थितियां और पर्याप्त आजीविका के अवसर पैदा करना है. यह आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.  क्या होगी विशेष पहल यह कार्यक्रम गांव या गांवों के समूह के भीतर बुनियादी ढांचे के विकास, मूल्य श्रृंखला विकास (सहकारी समितियों, एसएचजी आदि के माध्यम से), सीमा आउटरीच गतिविधि, स्मार्ट कक्षाओं, शिक्षा बुनियादी ढांचे, पर्यटन सर्किट के विकास और सीमावर्ती क्षेत्रों में विविध और टिकाऊ आजीविका के अवसर सर्जित करने के लिए लिए फंड देगा. इन गांवों के लिए ऑल वेदर रोड ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत पहले से स्वीकृत पीएमजीएसवाई-4 के तहत किया जाएगा. कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति सीमावर्ती क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए योजनाबद्ध दिशानिर्देशों में उपयुक्त छूट पर विचार करेगी. इस कार्यक्रम का मकसद योजना मानदंडों के अनुसार पहचाने गए गांवों में मौजूद व्यक्तिगत और घरेलू स्तर की कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करना है.  स्थानीय संस्कृति और विरासत को मिलेगा बढावा इस कार्यक्रम में मेले और त्यौहार, जागरूकता शिविर, राष्ट्रीय दिवसों का उत्सव, मंत्रियों, केंद्र और राज्य, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ प्रशासनी अधिकारियों द्वारा नियमित दौरे और ऐसे गांवों में रात्रि विश्राम जैसी गतिविधियों का आयोजन करके इन गांवों में जीवंतता बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इससे पर्यटन की संभावना बढ़ेगी और इन गांवों की स्थानीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा मिलेगा. परियोजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए तकनीक का प्रयोग होगा और पीएम गति शक्ति जैसे सूचना डेटाबेस का उपयोग किया जाएगा. The post Cabinet: केंद्र प्रशासन ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के दूसरे चरण को दी मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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सिवान : तालाब से युवती का शव बरामद, इलाके में मची सनसनी, मौके पर पहुंचे CO

सिवान, अरविंद कुमार सिंह : जिले के बढ़हरिया थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां जमुनागढ़ देवी मंदिर परिसर स्थित तालाब से एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ है. शव मिलने की समाचार से इलाके में हड़कंप मच गया. ग्रामीणों ने सुबह तालाब में शव को पानी पर तैरते देखा और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची बढ़हरिया थाना पुलिस ने शव को बाहर निकाला और जांच शुरू की.  शव से 100 और 500 के नोट बरामद  पुलिस के अनुसार, युवती ने जींस और शर्ट पहन रखी थी.उसके गले में एक चेन, हाथ में काला धागा और कड़ा था. शव के पास से पुलिस ने जेब से 500 और 100 रुपये के नोट भी बरामद किए हैं. प्रारंभिक जांच में हत्या या आत्महत्या का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है. शव को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और उन्होंने तुरंत थाना अध्यक्ष रूपेश कुमार वर्मा को सूचित किया.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें जांच में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष रूपेश वर्मा और सीओ पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिवान सदर अस्पताल भेज दिया. पुलिस अब शव की शिनाख्त में जुट गई है और आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू कर दी है. थाना अध्यक्ष ने बताया कि जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा. इस घटना ने इलाके में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है.  इसे भी पढ़ें : सिवान : स्कूल में घुसकर दबंग ने शिक्षक को मारा, बोला- केस किया तो जान से मार दूंगा इसे भी पढ़ें : Patna Crime : मरीन ड्राइव पर युवक की गोली मारकर हत्या, पटना में बना नया क्राइम स्पॉट The post सिवान : तालाब से युवती का शव बरामद, इलाके में मची सनसनी, मौके पर पहुंचे CO appeared first on Naya Vichar.

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Waqf Bill: वक्फ बिल के खिलाफ मुस्लिमों का जोरदार प्रदर्शन, बिल वापस लेने की मांग पर अड़े

Waqf Bill: लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन बिल के पास होने के बाद देश के कई हिस्सों में इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है.  मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतरकर बिल के खिलाफ हल्ला बोल कर रहे हैं. मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद कई और हिस्सों में मुस्लिम संगठनों का प्रदर्शन जारी है. इस बिल को कांग्रेस और AIMIM सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी है. कोलकाता के पार्क सर्कस क्रॉसिंग पर अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. विरोध कर रहे लोगों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को तत्काल वापस लेने की मांग की है. सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन सैकड़ों मुसलमान इस विधेयक के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए कोलकाता की सड़कों पर उतरे. कई अल्पसंख्यक संगठन भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा “यह विधेयक देश को बांटने के लिए बीजेपी की चाल है. उन्होंने अपने बहुमत के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विधेयक पारित करा दिया है. हम इस तानाशाही दृष्टिकोण का विरोध करते हैं. यह न केवल मुस्लिम संपत्तियों को जब्त करने का प्रयास है, बल्कि हमें बदनाम करने का भी प्रयास है.” प्रदर्शनों के कारण क्षेत्र में यातायात बाधित हो गया तथा बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर एकत्र हो गए। विपक्षी दलों ने विधेयक पर जताई है कड़ी आपत्ति पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी वक्फ विधेयक पेश करने के लिए भाजपा की आलोचना की है और उस पर देश को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया है. सीएम बनर्जी ने संकल्प लिया कि जब “मौजूदा प्रशासन को हटाकर नई प्रशासन बनेगी” तो वह विधेयक को निष्प्रभावी करने के लिए संशोधन लाएंगी. संसद में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई और उन्होंने इसे मुस्लिम विरोधी और असंवैधानिक करार दिया. विपक्ष बना रहा है आगे की रणनीति वक्फ संशोधन विधेयक पर समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा “हमने और विपक्ष की तमाम पार्टियों ने वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किया है और इस सिलसिले में आगे की क्या रणनीति बनानी है, यह तय करना है कि यह बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया है. हमारे पास अब कोर्ट का रास्ता बचा है. हम सबसे चर्चा करके आगे का कदम उठाएंगे. हमारे लिए यह इतिहास का एक बुरा दिन रहेगा.” #WATCH दिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक पर समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा, “हमने और विपक्ष की तमाम पार्टियों ने वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किया है और इस सिलसिले में आगे की क्या रणनीति बनानी है, यह तय करना है…यह बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया है। हमारे पास… pic.twitter.com/25IlN4ufSS — ANI_HindiNews (@AHindinews) April 4, 2025 वक्फ संशोधन विधेयक बनेगा नई उम्मीद-  दानिश आज़ाद अंसारी कई मुस्लिम नेता इस बिल के समर्थन में भी खड़े हैं. उनका कहना है कि इस बिल से मुस्लिम समाज के विकास का दायरा बढ़ेगा. उत्तर प्रदेश प्रशासन में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा “वक्फ संशोधन विधेयक जल्द ही कानून बनकर आम मुसलमानों के जीवन में एक नई उम्मीद और रोशनी बनकर आगे बढ़ेगा. हमें पूरा विश्वास है कि यह बिल सकारात्मक तरीके से हमारे गरीब मुसलमानों के जीवन में एक बदलाव लाएगा”. उन्होंने कहा कि इससे वक्फ बोर्ड की संपत्ति और आय में इजाफा होगा. #WATCH लखनऊ: उत्तर प्रदेश प्रशासन में मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा, “… वक्फ संशोधन विधेयक जल्द ही कानून बनकर आम मुसलमानों के जीवन में एक नई उम्मीद और रोशनी बनकर आगे बढ़ेगा। हमें पूरा विश्वास है कि यह बिल सकारात्मक तरीके से हमारे गरीब मुसलमानों के जीवन… pic.twitter.com/LNdT1YO9wM — ANI_HindiNews (@AHindinews) April 4, 2025 लोकसभा और राज्यसभा में विधेयक पास गुरुवार को राज्यसभा में 128 सदस्यों ने वक्फ संशोधन विधेयक के पक्ष में जबकि 95 ने विरोध में मतदान किया, जिसके बाद इसे पारित कर दिया गया. इससे पहले लोकसभा ने तीन अप्रैल को विधेयक को मंजूरी दे दी थी. लोकसभा में 288 सदस्यों ने विधेयक का समर्थन किया था, जबकि 232 ने विरोध किया था. Also Read: Waqf Bill: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा वक्फ विधेयक, ओवैसी समेत कांग्रेस नेता ने दी चुनौती, सदन के बाद सड़क पर भी छिड़ा है संग्राम The post Waqf Bill: वक्फ बिल के खिलाफ मुस्लिमों का जोरदार प्रदर्शन, बिल वापस लेने की मांग पर अड़े appeared first on Naya Vichar.

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