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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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अमेरिकी टैरिफ बना वरदान! चीन को मिला सोने का भंडार

China Discovered Gold Reserve: दुनियाभर में सोने की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं और हिंदुस्तान में शुक्रवार को यह 91,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई. सोने की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय में देखा जा रहा है जब वैश्विक वित्तीय स्थिति में अनिश्चितता का माहौल है. डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण चीन और हिंदुस्तान समेत कई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ रहा है. इस ट्रेड वॉर के कारण वैश्विक मंदी की आशंका भी बढ़ गई है. ऐसे माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं, जिसके चलते इसकी मांग में तेज़ी आई है. केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद और चीन की बड़ी खोज सोने की बढ़ती कीमतों के बीच दुनियाभर के केंद्रीय बैंक बड़ी मात्रा में सोने की खरीद कर रहे हैं. इसी बीच चीन से एक बड़ी समाचार आई है. चीन ने दावा किया है कि उसे देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में 1000 टन सोने का विशाल भंडार मिला है. यह खोज चीन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि इससे देश के सोने के भंडार में भारी बढ़ोतरी होगी. इससे पहले, पिछले वर्ष भी चीन ने 80 अरब डॉलर के सोने का भंडार खोजने का दावा किया था. चीन के अलावा ऑस्ट्रेलिया ने भी सोने के खनन में बड़ा कदम उठाया है. ऑस्ट्रेलिया ने सोने के उत्पादन को तेजी से बढ़ाते हुए बड़े पैमाने पर सोने की निकासी शुरू कर दी है. विशाल भंडार से चीन को मिल सकती है बढ़त विशेषज्ञों का मानना है कि चीन को मिला नया सोने का भंडार दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में से एक हो सकता है. किसी देश के पास बड़े पैमाने पर सोने का भंडार होने से उसे वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने में मदद मिलती है. इसके अलावा, सोना बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण में भी उपयोगी होता है, जिससे इसका औद्योगिक महत्व भी बढ़ जाता है. चीन पहले से ही दुनिया में सबसे अधिक सोना उत्पादन करने वाला देश है. साल 2024 में चीन ने 380 टन सोने का उत्पादन किया था. हालांकि, भंडार के मामले में वह अभी भी दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से पीछे है. विशेषज्ञों ने चीन के दावे पर जताया संदेह चीन के लाइओनिंग प्रांत में मिला यह नया सोने का भंडार चीन को उत्पादन के क्षेत्र में बढ़त देने में मदद करेगा. हालांकि, कई विशेषज्ञ इस भंडार की सटीकता और गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की खदानों से वास्तव में कितना सोना निकाला जा सकता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है. चीन का दावा है कि यह खानें खनन के लिए उपयुक्त हैं और यहां बड़े पैमाने पर सोने की निकासी की जा सकती है. इससे पहले भी चीन ने नवंबर में वुनान प्रांत के वांगू गोल्डफील्ड में 80 अरब डॉलर मूल्य के सोने का भंडार मिलने की घोषणा की थी. वांगू में मिला सोना लगभग एक मील गहराई में चट्टानों के भीतर स्थित है. चीन का मानना है कि यह खोज देश की आर्थिक और संसाधन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. हालांकि, भूगर्भ विज्ञानियों ने चीन के इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच करने की मांग की है और कहा है कि इस सोने को निकालने में कई साल लग सकते हैं. इसे भी पढ़ें: गटर में किताब, चेहरे पर मुस्कान, वीडियो देख कहेंगे वाह रे बचपना तुझे सलाम  ऑस्ट्रेलिया बना सोने के उत्पादन का बड़ा खिलाड़ी दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ने भी सोने के उत्पादन को तेज़ी से बढ़ाने की योजना बनाई है. दुनिया में सोने की बढ़ती मांग को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियां शुरू कर दी हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल 2030 तक ऑस्ट्रेलिया दुनिया का सबसे बड़ा सोना उत्पादक देश बन सकता है. वर्तमान में, ऑस्ट्रेलिया हर साल 289 टन सोना निकाल रहा है, लेकिन 2030 तक यह उत्पादन बढ़कर 377 टन तक पहुंच सकता है. इससे वह चीन और रूस जैसे देशों को पीछे छोड़ सकता है. सोने की कीमतों में उछाल के पीछे कई कारण हैं, जिनमें वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, व्यापार युद्ध, और बढ़ती निवेश मांग शामिल हैं. चीन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश सोने के भंडार और उत्पादन में बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, चीन के हालिया दावे पर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं और इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की है. आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा देश सोने के उत्पादन और भंडारण में शीर्ष पर रहता है और वैश्विक वित्तीय स्थिति पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है. इसे भी पढ़ें: 7 की मौत, अगले 3 दिन भारी बारिश-तूफान-बवंडर और बाढ़ का खतरा, संकट में 40 लाख लोग The post अमेरिकी टैरिफ बना वरदान! चीन को मिला सोने का भंडार appeared first on Naya Vichar.

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Darbhanga Airport News: दरभंगा-दिल्ली रूट पर रोजाना 11 विमान भरेंगे उड़ान

अकासा ने शुक्रवार से दरभंगा- दिल्ली रूट पर विमान सेवा की शुरुआत की. नयी विमानन कंपनी अकासा की बिहार में यह पहली उड़ान सेवा है. दिल्ली व दरभंगा एयरपोर्ट पर उद्घाटन कार्यक्रम हुआ. नागरिक उड्डयन मंत्री केआरएम नायडू, राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा व स्थानीय सांसद गोपालजी ठाकुर ने दीप जलाकर उड़ान सेवा का उद्घाटन किया. संजय कुमार झा ने कहा कि नई उड़ान से मिथिला और बिहार के लोगों के लिए हवाई सफर और सुगम होगा. प्रदेश में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को बल मिलेगा. बिहार के विकास को मिलेगी नई गति दरभंगा एयरपोर्ट पर भूमि व राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने नई उड़ान सेवा का शुभारंभ किया. मंत्री ने प्रथम यात्री को बोर्डिंग पास सौंपते हुए बधाई दी. कहा कि यह उड़ान सेवा दरभंगा और नई दिल्ली के बीच आवागमन को और अधिक सहज, सुगम और सुलभ बनाएगी. इससे मिथिला समेत बिहार के विकास को नई गति मिलेगी. समय से पहले दरभंगा पहुंची फ्लाइट दिल्ली से उड़ा अकासा का विमान क्यूपी 1405 निर्धारित समय 10.55 बजे से आठ मिनट पहले ही सुबह 10.47 बजे दरभंगा हवाई अड्डा पर लैंड कर गया.  दिल्ली के लिए फ्लाइट क्यूपी 1406 सुबह 11.58 बजे यात्रियों को लेकर यहां से रवाना हुई. विमान की सभी सीटें फुल थीं. आज पहली बार दिल्ली रूट पर तीन विमानन कंपनी इंडिगो, स्पाइसजेट व अकासा ने सर्विस दी. इस रूट पर पैसेंजरों को अब बेहतर विकल्प के साथ किफायती दर पर टिकट उपलब्ध होने की संभावना बन गयी है. ये भी पढ़ें.. Gopal Mandal Controversy : तू मेरा दामाद हो क्या… अब पटना में पत्रकारों से भिड़े JDU विधायक गोपाल मंडल The post Darbhanga Airport News: दरभंगा-दिल्ली रूट पर रोजाना 11 विमान भरेंगे उड़ान appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड कैडर के 18 IPS को आंतरिक सुरक्षा पदक, अमोल विनुकांत होमकर समेत इन्हें मिला सम्मान

Police Antrik Suraksha Seva Padak: रांची-पुलिस सेवा में बेहतर योगदान के लिए झारखंड कैडर के 18 आईपीएस अफसरों को आंतरिक सुरक्षा पदक मिला है. यह पदक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (गृह मंत्रालय) की ओर से झारखंड पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराया गया है. इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय ने पत्र भेजा है. इन आईपीएस को आंतरिक सुरक्षा पदक आंतरिक सुरक्षा पदक पानेवालों में अमोल विनुकांत होमकर, पंकज कंबोज, कुलदीप द्विवेदी, ए विजयालक्ष्मी, डॉ एम तमिलवाणन, अनीश गुप्ता, इंद्रजीत महथा, सुरेंद्र कुमार झा, वाइएस रमेश, कार्तिक एस, एम अर्शी, प्रशांत आनंद, आशुतोष शेखर, अनुदीप सिंह, शंभु कुमार सिंह, दीपक कुमार पांडेय, राजकुमार मेहता और के विजय शंकर शामिल हैं. ये भी पढ़ें: ACB Trap: रांची में एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, नामकुम थाने का दारोगा चंद्रदीप प्रसाद 30 हजार रिश्वत लेते अरेस्ट ये भी पढ़ें: Dream 11: करोड़पति दर्जी भर रहा सपनों की उड़ान, खपरैल मकान से फ्लैट में होगा शिफ्ट, 49 रुपए से चमकी है किस्मत ये भी पढ़ें: Indian Air Force Air Show: झारखंड में वायुसेना का पहला एयर शो रांची में, रांची DC से मिले एयरफोर्स अफसर The post झारखंड कैडर के 18 IPS को आंतरिक सुरक्षा पदक, अमोल विनुकांत होमकर समेत इन्हें मिला सम्मान appeared first on Naya Vichar.

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सिवान : स्कूल में घुसकर दबंग ने शिक्षक को मारा, बोला- केस किया तो जान से मार दूंगा

सिवान, अरविंद कुमार सिंह : जिले के जीरादेई प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बढ़ेया के सहायक शिक्षक अमित कुमार पर गांव के ही मैनेजर यादव द्वारा स्कूल में घुसकर उन  पर लाठी से जानलेवा हमला कर दिया गया. अचानक हुए हमले में अमित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. जैसे ही इसकी सूचना अन्य शिक्षकों को मिली तो वह अमित को बचाने के लिए दौड़े. इस पर आरोपी ने अन्य शिक्षकों पर भी हमला कर दिया.  आरोपी मैनेजर यादव सफेद लोवर-टीशर्ट में केस किया तो समझ लेना : आरोपी  इस दौरान दूसरे शिक्षक अपने आप को बचाने का प्रयास लगे. तभी आरोपी मैनेजर यादव स्कूल के कार्यालय में घुस गया और ऑफिस में रखे हुए आवश्यक कागजात को फाड़ने लगा. इसके साथ ही उसने शिक्षकों को धमकी दी कि अगर तुम लोग केस करोगे तो सबको जान से मार दूंगा. शिक्षकों के साथ अक्सर मारपीट करता है आरोपी : अमित  घटना के बाद से ही सभी शिक्षकों में डर का माहौल है. वहीं, सहायक शिक्षक अमित कुमार ने बताया की मैनेजर कुमार द्वारा हमेशा हम शिक्षकों पर हमला किया जाता है. इससे पहले आरोपी ने हमारे विद्यालय के सहायक शिक्षिका तरन्नुम बानो पर भी जानलेवा हमला किया था. जिसका आवेदन 26 नवंबर 2024 को स्थानीय थाना जीरादेई में दिया गया था. जिस पर थाना ने करवाई किया था. लेकिन आज फिर उसने हमला कर हम सभी को दहशत में डाल दिया.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें आरोपी के खिलाफ करेंगे कार्रवाई : पुलिस घटना के बाद स्कूल में मौजूद शिक्षकों ने मांग किया है कि आरोपी के खिलाफ उचित करवाई किया जाए. वहीं, इस घटना के संबंध में जीरादेई थाना प्रभारी सोनी कुमारी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि शिक्षकों द्वारा फोन से सूचना दिया गया था. पुलिस तत्परता दिखाते हुए घटना स्थल पर पहुंची. लेकिन मैनेजर यादव भागने में सफल रहा. आवेदन आया है, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा.  इसे भी पढ़ें : Waqf Bill: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा वक्फ विधेयक, ओवैसी समेत कांग्रेस नेता ने दी चुनौती, सदन के बाद सड़क पर भी छिड़ा है संग्राम इसे भी पढ़ें : BJP जो चाहती है वो करती है, संसद से पास हुआ वक्फ बिल तो छलका कांग्रेस सांसद का दर्द  The post सिवान : स्कूल में घुसकर दबंग ने शिक्षक को मारा, बोला- केस किया तो जान से मार दूंगा appeared first on Naya Vichar.

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Babu Jagjivan Ram Jayanti: बचपन में थीं मुश्किलें…पर ‘बाबूजी’ बने उपप्रधानमंत्री, ऐसे तय किया स्वतंत्रता सेनानी से राजनेता का सफर

Babu Jagjivan Ram Jayanti in Hindi: हिंदुस्तान की आजादी की बात हो और बाबू जगजीवन राम का नाम न आए तो ऐसा नहीं हो सकता. उन्होंने देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई. आजादी के बाद वे हिंदुस्तान के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री भी बने थे. बाबू जगजीवन राम का जन्म 5 अप्रैल 1908 को हुआ था. उनके शुरुआती जीवन में कठिनाइयां थी लेकिन वह सभी चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़े. हर वर्ष 5 अप्रैल को उनकी जयंती मनाई जाती है. इसलिए इस अवसर पर जानते हैं बाबू जगजीवन राम (Babu Jagjivan Ram Jayanti in Hindi) के बारे में. बाबू जगजीवन राम का संक्षिप्त जीवन परिचय (Babu Jagjivan Ram Jayanti) बाबू जगजीवन राम का जन्म 5 अप्रैल 1908 को बिहार के आरा (अब भोजपुर जिला) के चंदवा गांव में हुआ था. जगजीवन राम को 6 साल की उम्र में गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ने भेजा गया. उसी साल उनके पिता का देहांत हो गया. उन्होंने आगे की पढ़ाई आरा के महाजनी स्कूल और टाउन स्कूल से की. 1925 में वे आरा में होने वाले एक छात्र सम्मेलन में शामिल हुए. वहां उन्हें पंडित मदन मोहन मालवीय का स्वागत भाषण देने का मौका मिला. उनका भाषण सुनकर मालवीय जी बहुत प्रभावित हुए और उन्हें आगे पढ़ाई के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय बुलाया.  यह भी पढ़ें- Dr Ambedkar Education Qualification: शिक्षा शेरनी का दूध है…जो पिएगा वो दहाड़ेगा बोलने वाले ‘बाबा साहेब’ आंबेडकर के पास थीं इतनी डिग्रियां काशी विश्वविद्यालय से की पढ़ाई (Babu Jagjivan Ram in Hindi) मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास करने के बाद जुलाई 1926 में बाबू जगजीवन राम ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, बनारस में एडमिशन लिया. 1928 में आईएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद वे स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े और महात्मा गांधी के संपर्क में आए. गांधीजी ने कहा था ‘आग में तपा सोना’ (Babu Jagjivan Ram in Hindi) स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान से महात्मा गांधी बहुत प्रभावित हुए और गांधी जी ने बाबू जगजीवन राम को ‘आग में तपा सोना’ कहकर सम्मानित किया. 1935 के हिंदुस्तानीय अधिनियम के तहत 1937 में चुनाव हुए जिसमें बिहार और आठ अन्य प्रांतों में कांग्रेस की जीत हुई.  बाबू जगजीवन राम: एक संघर्षशील स्वतंत्रता सेनानी (Babu Jagjivan Ram) बाबू जगजीवन राम एक साहसी स्वतंत्रता सेनानी थे वे 1931 में हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य बने 1934-35 में उन्होंने “अखिल हिंदुस्तानीय शोषित वर्ग लीग” की स्थापना में अहम भूमिका निभाई बाबूजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन और हिंदुस्तान छोड़ो आंदोलन में भाग लिया. जगजीवन जी को 1940 और 1942 में जेल भी जाना पड़ा. जेल जाने के बाद भी वे समाज सेवा से पीछे नहीं हटे और वे हमेशा त्याग और बलिदान की भावना से देश के लिए काम करते रहे. उनके कार्यों से वे सामाजिक समानता और शोषित वर्गों के अधिकारों के प्रतीक बन गए. यह भी पढ़ें- Mangal Pandey in Hindi: मारो फिरंगी को…कहने वाले आजादी के ‘महानायक’ मंगल पांडे, जानें क्यों दी गई थी फांसी? बाबू जगजीवन राम: आजादी के बाद योगदान (बाबू जगजीवन राम की हिस्ट्री) आजादी के बाद बनी पहली प्रशासन में बाबू जगजीवन राम को श्रम मंत्री बनाया गया. यह पद उन्हें पसंद था क्योंकि उन्होंने खेत मजदूरों और मिल मजदूरों की मुश्किलें बचपन और छात्र जीवन में करीब से देखी थीं. श्रम मंत्री रहते हुए उन्होंने मजदूरों के लिए बेहतर कानून बनाए, जो आज भी हमारे देश की नीतियों का हिस्सा हैं. जगजीवन जी ने 1952 तक श्रम मंत्रालय का नेतृत्व किया. बाबू जगजीवन राम: सबसे लंबे समय तक मंत्री रहने का रिकॉर्ड बाबू जगजीवन राम 32 वर्षों तक कैबिनेट मंत्री रहे, जो एक रिकॉर्ड है. वे पंडित नेहरू की प्रशासन में कई मंत्रालयों में कार्यरत रहे: संचार मंत्रालय (1952-56) परिवहन और रेलवे मंत्रालय (1956-62) परिवहन और संचार मंत्रालय (1962-63) 1971 हिंदुस्तान-पाक युद्ध के समय वे हिंदुस्तान के रक्षा मंत्री थे. इसी युद्ध के परिणामस्वरूप बांग्लादेश का जन्म हुआ. उनका निधन 6 जुलाई 1986 को हुआ. यह भी पढ़ें- Essay on Dr Ambedkar in Hindi: हिंदुस्तानीय संविधान के ‘जनक’ डाॅ. आंबेडकर पर निबंध ऐसे लिखें तो सभी करेंगे तारीफ! The post Babu Jagjivan Ram Jayanti: बचपन में थीं मुश्किलें…पर ‘बाबूजी’ बने उपप्रधानमंत्री, ऐसे तय किया स्वतंत्रता सेनानी से राजनेता का सफर appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

नया विचार सरायरंजन : प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगापुर में शुक्रवार को विद्यालय की नवमी कक्षा में उत्तीर्ण एक दर्जन मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पाठ्य सामग्री देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संकुल समन्वयक अखिलेश ठाकुर ने कहा कि मेहनत से मेधावी छात्र –छात्राएं अपनी अलग पहचान बनाते हैं। उनके लिए दुनिया में कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। इसलिए आप सभी मेहनत के साथ पढ़ाई करें ताकि अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें । साथ ही अपने माता-पिता के सपनों को भी साकार कर सकें। सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं में राहुल कुमार, सोनी कुमारी,खुशबू कुमारी, साक्षी कुमारी,प्रिया कुमारी, सचिन कुमार, अमन कुमार, सोनाक्षी कुमारी आदि शामिल हैं। मौके पर शिक्षक– शिक्षिकाओं में राकेश कुमार,नदीम खान, नवीन कुमार, दुर्गेश कुमार, कमलेश कुमार,मीरा कुमारी आदि मौजूद रहे।

समस्तीपुर

अघोषित राष्ट्र कवि थे माखनलाल चतुर्वेदी

नया विचार सरायरंजन: एक अघोषित राष्ट्र कवि थे माखनलाल चतुर्वेदी। उक्त बातें मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. विपिन कुमार झा ने शुक्रवार कोे केएसआर कॉलेज सरायरंजन में हिंदी विभाग के द्वारा आयोजित माखनलाल चतुर्वेदी जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो .अवधेश कुमार झा की अध्यक्षता में विशिष्ट अतिथि सिनेटर डॉ. विजय कुमार झा ने माखनलाल चतुर्वेदी को महान देश भक्त बताया। प्रो. शेखर प्रसाद चौधरी ने माखनलाल चतुर्वेदी के महान व्यक्तित्व एवं कृतित्व तथा चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि अपनी देशभक्ति परक क्रांति कारी कविताओं से हिंदुस्तानवासियों को प्रेरित कर हिंदुस्तान माता को आजादी दिलाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्य वक्ताओं ने कहा कि ऐसे तो माखनलाल चतुर्वेदी की सारी रचनाएं देशभक्ति से ओत-प्रोत हैं,तथापि पुष्प की अभिलाषा एक मात्र कविता ही लिखते तब भी अमर महाकवि बन जाते। वक्ताओं ने कहा कि आज के अवसर वादी राजनेताओं को महान हिंदुस्तानीय आत्मा माखनलाल चतुर्वेदी से प्रेरणा लेकर देश और समाज को गौरवान्वित करना चाहिए। शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. शर्देनन्दु कुमार झा,प्रो .मनोज कुमार झा,प्रो. हरेकृष्ण चौधरी,प्रो. पवन कुमार चौधरी, डॉ. चंद्रशेखर झा,प्रो.अभय कुमार झा,प्रो. अभय कुमार ठाकुर,प्रो चंद्रमौलेश्वर झा, डॉ सुवंश कुमार चौधरी,प्रो .अनिल कुमार झा,प्रो .अंकेश कुमार चौधरी आदि ने जयंती समारोह को सम्बोधित किया। इसके पूर्व माखनलाल चतुर्वेदी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौके पर संपूर्ण महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद थे।

समस्तीपुर

BJP NEWS- भाजपा की बैठक में पार्टी के स्थापना दिवस एवं अंबेडकर जयंती को सफल बनाने का निर्णय

नया विचार सरायरंजन : आगामी 6 अप्रैल को भाजपा के स्थापना दिवस और 14 अप्रैल को हिंदुस्तानरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के जयंती समारोह को सफल बनाने हेतु प्रखंड के धर्मपुर पंचायत में शुक्रवार को भाजपा मण्डल स्तरीय बैठक आहूत की गई। इसकी अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष बबलू झा ने की। बैठक में भाजपा समस्तीपुर दक्षिणी के जिला अध्यक्ष शशिधर झा भी उपस्थित थे। वहीं जिला उपाध्यक्ष वीणा साह,हरेराम झा,राम सागर सिंह कुशवाहा,चंदेश्वर राय, सुदर्शन प्रसाद साह आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने एवं हर बूथ पर कार्यक्रम कैसे हो,इसका मार्गदर्शन दिया। मौके पर पूर्व मण्डल अध्यक्ष अमरेश झा,दुर्गा सिंह,कुंदन सिंह,रंजीत राय,संतोष कुमार साह, घनश्याम सिंह,सुरेश चौरसिया,शुंभ सिंह,प्रेम कुमार,किशोर सिंह सहित मण्डल के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

समस्तीपुर

Samastipur News- रायपुर बुजुर्ग में जौनार के साथ शुरू हुआ बाबा केवल मेला, भव्य भंडारा का भी हुआ आयोजन 

नया विचार सरायरंजन: राजकीय मेला बाबा केवल की शुरुआत जौनार के साथ हो गई है। प्रखंड के रायपुर बुजुर्ग पंचायत की गांगमोहन अखाड़ा घाट पर शुक्रवार को ध्वजारोहण तथा विधिवत बाबा केवल महराज की पूजा– अर्चना हुई। –पूजा अर्चना के बाद विशाल भंडारा आयोजित किया गया। इसमें हजारों लोग शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। पूजा समिति के अध्यक्ष रामचन्द्र सहनी ने बताया कि हर वर्ष जौनार के साथ पूजा की शुरुआत की जाती है।मौके पर पूर्व जिला परिषद् सदस्य हरेराम सहनी, सरपंच प्रतिनिधि मुकेश कुमार, पूर्व मुखिया दीपनारायण सहनी, समाजसेवी मुकेश झा, उमेश सहनी, अशोक ईश्वर, तेजनरायण सहनी, पंसस गनौर साह,जीवछ सहनी, बालेश्वर सहनी, राधाकांत ईश्वर,राज कुमार सहनी, विकास सहनी,राम एकबाल सहनी, महेश्वर सहनी, दशरथ सहनी, जोगिंद्र सहनी, महादेव सहनी, राजेन्द्र सहनी, हरेंद्र सहनी, सूर्य नारायण सहनी,कमल सहनी,लखण सहनी,कारी सहनी,हरिहर सहनी, अमरजीत सहनी उर्फ व्यास, राजगीर सहनी,नन्हकी सहनी आदि मौजूद रहे।

समस्तीपुर

Samastipur News-बथुआ बुजुर्ग में पान बरेठा में लगी आग ,20 लाख की क्षति का अनुमान

नया विचार सरायरंजन :मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बथुआ बुजुर्ग स्थित वार्ड 16 में शुक्रवार की दोपहर पान के बरेठा में अचानक आग लग गई।आग लगने से आधा दर्जन किसानों के लहलहाते पान बरेठा जलकर राख हो गए। इस अगलगी में लगभग बीस लाख रूपए के नुकसान का अनुमान है। हालांकि इस अगलगी में नुकसान का आकलन नहीं हुआ है।आग लगने की सूचना पर आसपास के लोगों एवं पांच दमकल की गाड़ी पहुंचकर दमकल कर्मियों द्वारा आग पर काबू पाया गया । आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। इस अगलगी में हुए नुकसान को लेकर मुआवजा की मांग पीड़ित किसानों ने की है। इस अगलगी की सूचना सीओ को दे दी गई है। अग्निपीड़ितों में यशवंत चौरसिया, महेश चौरसिया, दिनेश चौरसिया, घनश्याम चौरसिया, शंकर चौरसिया, शिवदयाल चौरसिया, श्रवण चौरसिया, रामलाल चौरसिया, सज्जन चौरसिया, विश्वनाथ चौरसिया, बालेश्वर चौरसिया आदि शामिल हैं।

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