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Author name: Vinod Jha

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डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को RBI के SOP को पूरे देश में लागू करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय (MHA) को निर्देश दिया है कि वह 2 जनवरी, 2026 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को पूरे हिंदुस्तान में औपचारिक रूप से अपनाए और लागू करे, ताकि साइबर फ्रॉड के मामलों में प्रभावी इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित किया जा सके. जिसमें धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों की लोकेशन का पता लगाना भी शामिल है. कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि इसे लागू करने के लिए जरूरी नियम दो हफ्ते के अंदर नोटिफाई किए जाएं. कोर्ट ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पहले ही SOP तैयार कर लिया है, जो बैंकों को साइबर फ्रॉड के खिलाफ बचाव के तौर पर खातों पर अस्थायी डेबिट रोक लगाने का अधिकार देता है. बैंकों को डिजिटल फ्रॉड मामले में समय पर कार्रवाई करने का निर्देश हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक एवं अन्य बैंकों को डिजिटल धोखाधड़ी के मामले में समय पर कार्रवाई करने के लिए कहा. कोर्ट ने यह भी कहा कि बैंक अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही के कारण धोखाधड़ी की यह घटना हो सकती है. Digital arrest/cyber fraud case | Supreme Court has directed the Ministry of Home Affairs (MHA) to formally adopt and implement, across India, the Standard Operating Procedure (SOP) issued by the Reserve Bank of India (RBI) dated January 2, 2026, to ensure effective inter-agency… pic.twitter.com/CP7fUoXLyf — ANI (@ANI) February 9, 2026 चार हफ्ते में एमओयू का एक मसौदा तैयार करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि डिजिटल धोखाधड़ी से असरदार तरीके से निपटने के लिए अंतर विभागीय एजेंसियां ​​चार हफ्ते में एमओयू का एक मसौदा तैयार करें. सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट के मामलों की पहचान करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट के मामलों की पहचान करने का निर्देश दिया और गुजरात एवं दिल्ली प्रशासनों से पहचान किये गए मामलों में जांच की अनुमति देने का आदेश दिया. The post डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र प्रशासन को RBI के SOP को पूरे देश में लागू करने का निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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संसद में विस्फोट और दिल्ली के 15 स्कूलों को उड़ाने की धमकी, खालिस्तान के नाम पर मिला ईमेल

धमकी भरे ईमेल में परेशान करने वाली और भड़काऊ सामग्री थी, जिसमें लिखा था, दिल्ली खालिस्तान बन जाएगी. पंजाब खालिस्तान है. अफजल गुरु की याद में. 13 फरवरी को संसद के अंदर विस्फोट की धमकी एक ईमेल में धमकी दी गई कि 13 फरवरी को दोपहर एक बजकर 11 मिनट पर संसद के अंदर एक विस्फोट होगा. इसके मद्देनजर सुरक्षा सतर्कता और एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ा दिया गया है. बम की धमकी मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते की तैनाती दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित कई शैक्षणिक संस्थानों से सुबह के समय आपातकालीन कॉल प्राप्त हुए, जिसके बाद दमकल गाड़ियां और बम निरोधक दस्ते तुरंत उन स्थानों पर भेजे गए. डीएफएस के अनुसार, अभी तक कुल 15 विद्यालयों को बम की धमकी मिली. दिल्ली के इन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी डीएफएस के एक अधिकारी ने बताया कि जिन विद्यालयों को धमकियां मिली हैं, उनमें दिल्ली छावनी स्थित लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित कैम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर स्थित द इंडियन स्कूल, आईएनए स्थित डीटीईए स्कूल, रोहिणी स्थित वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल, रोहिणी और शालीमार बाग स्थित सीएम श्री स्कूल, पीतमपुरा में आधारशिला विद्यापीठ, शालीमार बाग स्थित मॉर्डन पब्लिक स्कूल एवं जसपाल कौर पब्लिक स्कूल, न्यू राजेंद्र नगर स्थित मानव स्थली स्कूल, द्वारका में राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय और रोहिणी स्थित बाल हिंदुस्तानी स्कूल शामिल हैं. बम की धमकी के बाद साइबर टीम अलर्ट वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल कहां से भेजे गए, इसका पता लगाने के लिए साइबर टीम को काम पर लगाया गया है, जबकि राजधानी में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है. अधिकारियों ने बताया कि किसी भी स्कूल परिसर से अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है और तलाशी अभियान जारी है. The post संसद में विस्फोट और दिल्ली के 15 स्कूलों को उड़ाने की धमकी, खालिस्तान के नाम पर मिला ईमेल appeared first on Naya Vichar.

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उत्साह इतना कि भूल गया समर्थक कपड़े का रंग, नितिन नवीन के स्वागत में लहरा दिया अपना काला गमछा

Nitin Nabin: फागुन का महीना चल रहा है. फागुन मतलब होली. होली मतलब रंग. रंगों का त्योहार. लेकिन अब रंग सिर्फ खुशियों और उल्लास तक सीमित नहीं रहे. हमने रंगों को मजहब, विचारधारा और नेतृत्व के खांचों में बांट दिया है. हरा मतलब इस्लाम, भगवा मतलब सनातन. मगर बात यहीं खत्म नहीं होती है. नेतृत्व ने भी अपने-अपने रंग तय कर लिए हैं. भगवा भाजपा का प्रतीक बन गया है. हरा आरजेडी और टीएमसी का. काला-लाल डीएमके और वामपंथ का. नीला बसपा जैसे नेतृत्वक दलों का. सूची लंबी है और लगातार बढ़ती जा रही है. मगर इन सब के बीच काला विरोध का रंग माना लिया गया है. हालांकि कई बार उत्साह और भावनाएं इन मायनों को बदल भी देती हैं. ऐसा ही एक दिलचस्प नजारा सोमवार को पटना के बापू सभागार में देखने को मिला. भगवा रंग में रंगा हुआ था बापू सभागार मौका था हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत का. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला पटना दौरा था. बापू सभागार पूरी तरह भगवा रंग में रंगा हुआ था. मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक भगवा गमछे और पटके लहराए जा रहे थे. कार्यकर्ता उत्साह में थे. जो हाथ में आया, उसे लहराते नजर आए. ठीक मोदी स्टाइल में. भावनाएं रंग नहीं देखतीं, कार्यकर्ता के पास जो था वही लहरा दिया इसी भगवामय माहौल के बीच अचानक एक काला गमछा भी लहराता दिखा. सैकड़ों भगवा गमछों और झंडों के बीच वह काला गमछा अलग जरूर दिखा, लेकिन उसके मायने किसी विरोध से नहीं जुड़े थे. वह भी आज समर्थन का ही प्रतीक था. भावनाएं रंग नहीं देखतीं. कार्यकर्ता के पास जो गमछा था, वही लहरा दिया गया. समर्थन का रंग तब काला भी हो गया. पटना: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहुंचे बापू सभागार. पवन सिंह के गाने ‘मोदी और नीतीश के जोड़ी हिट होई’ से हुआ स्वागत. गमछा लहराकर कार्यकर्ताओं ने किया अभिनंदन. सभागार में बीजेपी बिहार के सभी विधायक, एमएलसी और सांसद मौजूद. कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं का उत्साह.… pic.twitter.com/0VXQ0ctvbC — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 9, 2026 स्वागत में बजा पवन सिंह का गाना सोमवार को नितिन नवीन के पटना पहुंचते ही उनका जोरदार स्वागत किया गया. पटना एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया. स्वागत के दौरान “जोड़ी मोदी-नीतीश के हिट हो गइल” गीत बजाया गया. जिससे माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया. एयरपोर्ट से लेकर शहर तक जगह-जगह स्वागत पोस्टर लगाए गए थे. बाइक रैली भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. पूरे रास्ते उत्साह और जोश साफ नजर आया. हजारों कार्यकर्ता पहुंचे पटना बापू सभागार में आयोजित अभिनंदन समारोह में बिहार के सभी जिलों से हजारों कार्यकर्ता पहुंचे. नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं से संवाद करने और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे बिहार के लिए गर्व का क्षण बताया. Also Read: पवन सिंह के गाने पर नितिन नवीन का वेलकम, पटना के बापू सभागार में लहराया भगवा गमछा The post उत्साह इतना कि भूल गया समर्थक कपड़े का रंग, नितिन नवीन के स्वागत में लहरा दिया अपना काला गमछा appeared first on Naya Vichar.

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Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: मिहिर की सर्जरी से पहले हॉस्पिटल में बवाल, तुलसी-नॉयना के रिश्ते में आया मोड़

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ इन दिनों दर्शकों को लगातार इमोशनल कर रहा है. कहानी में अचानक मिहिर को घायल देख तुलसी के पैरों तले जमीन खिसक जाती है. बिना देरी किए अंगद, वृंदा और पूरे परिवार के लोग अस्पताल पहुंचते हैं. माहौल इतना भारी हो जाता है कि हर चेहरे पर डर और चिंता साफ दिखाई देती है. दूसरी तरफ सुहास को इस बात का डर सता रहा है कि अगर मिहिर के एक्सीडेंट का सच सामने आ गया, तो उसके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. वहीं रणविजय भी बेचैन होकर अस्पताल जाता है. नॉयना ने तुलसी को लगाया गले डॉक्टर्स मिहिर की हालत को गंभीर बताते हैं. बेहोशी की हालत में भी मिहिर तुलसी की साड़ी का पल्लू कसकर पकड़ लेता है, मानो उसे छोड़ना ही नहीं चाहता. यह देखकर तुलसी खुद को संभाल नहीं पाती और फूट-फूटकर रोने लगती है. तभी वहां नॉयना की एंट्री होती है. तुलसी चुपचाप अपना पल्लू छुड़ाकर पीछे हट जाती है. तुलसी मिहिर के एडमिशन फॉर्म में अपने रिश्ते के कॉलम में “पत्नी” लिखती है. वहीं जब नॉयना दूसरा फॉर्म भरने जाती है, तो उसे एहसास होता है कि उसे मिहिर की कई जरूरी बातें, जैसे ब्लड ग्रुप और एलर्जी, पता ही नहीं हैं. तब तुलसी मिहिर की जानकारी देती है. भावनाओं में बहकर नॉयना तुलसी को गले लगा लेती है. राहुल के सामने आया मुन्नी का अतीत इसी बीच मुन्नी अपने मंगेतर राहुल के साथ अस्पताल पहुंचती है. तभी मिताली एक चौंकाने वाला खुलासा कर देती है. वह राहुल को मुन्नी और ऋतिक के पुराने रिश्ते के बारे में बता देती है, यहां तक कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट वाली बात भी सामने आ जाती है. यह सुनकर राहुल सन्न रह जाता है. थोड़ी देर बाद रणविजय भी अस्पताल आता है, लेकिन ऋतिक गुस्से में उसे वहां से जाने के लिए मजबूर कर देता है. सर्जरी को लेकर हुआ झगड़ा डॉक्टर बताते हैं कि मिहिर को तुरंत सर्जरी की जरूरत है. यह सुनते ही अंगद घबरा जाता है और ऑपरेशन के लिए मना करने लगता है. जब उसे पता चलता है कि ऋतिक ने बिना पूछे सर्जरी की मंजूरी दे दी है, तो उसका गुस्सा फूट पड़ता है और दोनों के बीच तीखी बहस हो जाती है. तुलसी बीच में आकर सबको शांत करने की कोशिश करती है. आखिरकार तुलसी और नॉयना दोनों मानती हैं कि मिहिर की जान बचाने के लिए सर्जरी जरूरी है, लेकिन गुस्से में अंगद अस्पताल छोड़कर चला जाता है. ये भी पढ़ें: Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: तुलसी की जान बचाकर मौत के मुंह में जाएगा मिहिर, सुहास-रणविजय की शुरू हुई उलटी गिनती The post Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: मिहिर की सर्जरी से पहले हॉस्पिटल में बवाल, तुलसी-नॉयना के रिश्ते में आया मोड़ appeared first on Naya Vichar.

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ओमान के सामने जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, ऐसी है दोनों टीम की प्लेइंग 11

Highlights सिकंदर रजा ने क्यों चुनी गेंदबाजी  दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन जतिंदर सिंह ने बताया अपना प्लान पिच और मौसम का मिजाज  टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में जिम्बाब्वे और ओमान (Zim vs Oman) के बीच स्पोर्ट्से जा रहे इस रोमांचक मुकाबले में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा (Sikandar Raza) ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. दोनों टीमें इस मैच के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही हैं. टॉस जीतने के बाद जिम्बाब्वे ने परिस्थितियों का फायदा उठाने का मन बनाया है, वहीं ओमान की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए एक मजबूत स्कोर खड़ा करने की कोशिश करेगी. मैच से पहले दोनों कप्तानों ने पिच और अपनी रणनीतियों को लेकर खुलकर बात की. सिकंदर रजा ने क्यों चुनी गेंदबाजी  जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा का मानना है कि पिच पर अभी नमी है और तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे उनके गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिल सकती है. रजा ने कहा कि विकेट देखने में ऐसा लग रहा है कि यह बाद में बल्लेबाजी के लिए बेहतर हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हम अपने तेज गेंदबाजों (सीमर्स) को गेंद से कमाल दिखाने का पूरा मौका देना चाहते हैं. रजा ने श्रीलंका और जिम्बाब्वे के अच्छे क्रिकेट संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि श्रीलंका बोर्ड ने उन्हें एक हफ्ते पहले आने की अनुमति दी थी, जिससे टीम ने हंबनटोटा में जमकर अभ्यास किया. पिछले 10-12 दिनों की तैयारी ने उन्हें यहां की परिस्थितियों में ढलने में काफी मदद की है और वे जीत के साथ शुरुआत करना चाहते हैं. दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन ओमान (प्लेइंग XI): जतिंदर सिंह (कप्तान), आमिर कलीम, हम्माद मिर्जा, वसीम अली, करन सोनावले, जितेन रमानंदी, विनायक शुक्ला (विकेटकीपर), सुफियान महमूद, नदीम खान, शाह फैसल, शकील अहमद. जिम्बाब्वे (प्लेइंग XI): ब्रायन बेनेट, तदीवानाशे मारुमानी, डायोन मायर्स, ब्रेंडन टेलर (विकेटकीपर), सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, तशिंगा मुसेकिवा, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्जा, रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुजारबानी. जतिंदर सिंह ने बताया अपना प्लान ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह ने कहा कि यह एक अच्छी सतह है और दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए थोड़ी और बेहतर हो सकती है, लेकिन उनकी तैयारी भी शानदार रही है. जतिंदर ने बताया कि उनकी टीम भी श्रीलंका काफी जल्दी आ गई थी और उन्होंने यहां कुछ मैच स्पोर्ट्सकर खुद को तैयार किया है. ओमान की तुलना में यहां उमस काफी ज्यादा है, इसलिए परिस्थितियों से तालमेल बिठाना जरूरी था. जतिंदर सिंह के मुताबिक, पिच को देखते हुए 160 से 165 रन का स्कोर आदर्श रहेगा और अगर वे इसके आसपास भी पहुंचते हैं, तो मैच में कड़ी टक्कर दे सकते हैं. पिच और मौसम का मिजाज  मैच के दौरान हवा और शुरुआती मूवमेंट बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. जिम्बाब्वे की नजरें अपने तेज गेंदबाजों के जरिए ओमान के शीर्ष क्रम को जल्दी समेटने पर होंगी. वहीं, ओमान के बल्लेबाजों को शुरुआती ओवरों में संभलकर स्पोर्ट्सना होगा ताकि वे डेथ ओवर्स में तेजी से रन बना सकें. दोनों ही टीमें अपनी तैयारियों को लेकर आश्वस्त हैं, जिससे दर्शकों को एक कांटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है. ये भी पढ़ें- इटली को हराकर स्कॉटलैंड को मिली पहली जीत, 73 रन से दी मात, बेकार गई मैनेंटी की फिफ्टी रणजी ट्रॉफी: केएल राहुल का धमाका, चौथी पारी में शतक लगाकर कर्नाटक को मुश्किल से निकाला इटली को लगा झटका, कप्तान वेन मैडसन पहले ही मैच में बाहर, स्कॉटलैंड ने दिया 208 का टारगेट The post ओमान के सामने जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, ऐसी है दोनों टीम की प्लेइंग 11 appeared first on Naya Vichar.

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इटली को हराकर स्कॉटलैंड को मिली पहली जीत, 73 रन से दी मात, बेकार गई मैनेंटी की फिफ्टी

Highlights स्कॉटलैंड के लिए मुन्से का धमाका कप्तान के जाने से इटली बिखरी पहली ही गेंद पर इटली को झटका 134 रन पर पूरी टीम हुई ढेर SCO vs ITA: कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 9 फरवरी को स्पोर्ट्से गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सातवें मुकाबले में स्कॉटलैंड ने इटली को 73 रन से करारी शिकस्त दी. टॉस जीतकर इटली ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो गलत साबित हुआ. स्कॉटलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 207 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में इटली की टीम 134 रन पर ही सिमट गई. स्कॉटलैंड के लिए मुन्से का धमाका मैच की शुरुआत स्कॉटलैंड के लिए बेहद शानदार रही. सलामी बल्लेबाज जॉर्ज मुन्से और माइकल जोन्स ने इटली के गेंदबाजों की जमकर समाचार ली. दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 13 ओवर में 115 रन जोड़े. जॉर्ज मुन्से ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 84 रनों की शानदार पारी स्पोर्ट्सी और अपना अर्धशतक पूरा किया. वहीं, माइकल जोन्स ने भी उनका अच्छा साथ दिया और 37 रन बनाए. इटली को पहली सफलता 14वें ओवर में जाकर मिली, लेकिन तब तक स्कॉटलैंड एक बड़े स्कोर की नींव रख चुका था. कप्तान के जाने से इटली बिखरी इटली की गेंदबाजी इस मैच में काफी कमजोर नजर आई. टीम को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब चौथे ओवर में ही उनके कप्तान वेन मैडसेन को मैदान छोड़ना पड़ा. कप्तान के बाहर जाने के बाद इटली की टीम दबाव में आ गई. इसका फायदा स्कॉटलैंड के बल्लेबाजों ने उठाया. इटली के गेंदबाज विकेट के लिए तरसते दिखे और पूरी पारी में सिर्फ 4 विकेट ही निकाल सके. स्कॉटलैंड के बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में भी तेजी से रन बटोरे. पहली ही गेंद पर इटली को झटका 208 रन के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी इटली की शुरुआत बेहद खराब रही. पारी की पहली ही गेंद पर माइकल लिस्क ने जस्टिन मोस्का को आउट कर दिया. इसके बाद इटली के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की, जिससे उनके विकेट लगातार गिरते रहे. हालांकि, बेन मैनेंटी ने एक छोर संभाले रखा. उन्होंने 31 गेंदों में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 52 रन की जुझारू पारी स्पोर्ट्सी. 12 ओवर तक टीम का स्कोर 3 विकेट पर 113 रन था. 134 रन पर पूरी टीम हुई ढेर बेन मैनेंटी की पारी के बावजूद इटली की टीम लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सकी. 16वें ओवर तक टीम का स्कोर 8 विकेट पर 133 रन हो गया था. इसके तुरंत बाद पूरी टीम 134 रन पर ऑलआउट हो गई. स्कॉटलैंड की सधी हुई गेंदबाजी के आगे इटली के बल्लेबाज टिक नहीं सके और उन्हें 73 रन से बड़ी हार का सामना करना पड़ा. इस जीत के साथ स्कॉटलैंड ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. ये भी पढ़ें- इटली को लगा झटका, कप्तान वेन मैडसन पहले ही मैच में बाहर, स्कॉटलैंड ने दिया 208 का टारगेट इटली को मिला 208 रन का टारगेट, स्कॉटलैंड के लिए मुन्सी ने लगाई फिफ्टी हिंदुस्तान-पाक मैच पर सस्पेंस खत्म, लाहौर मीटिंग के बाद पीसीबी ने आईसीसी के सामने रखी 3 शर्तें The post इटली को हराकर स्कॉटलैंड को मिली पहली जीत, 73 रन से दी मात, बेकार गई मैनेंटी की फिफ्टी appeared first on Naya Vichar.

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गुस्से में क्यों हैं गजराज, झारखंड में इंसानी बस्ती में तांडव का क्या है राज?

बोकारो से सीपी सिंह की रिपोर्ट Elephant Attack: झारखंड में गजराज गुस्से में हैं. राज्य विभिन्न जिलों की इंसानी बस्ती में उनके द्वारा मचाया तांडव हमेशा सुर्खियां बनता रहता है. उनके तांडव से लोगों को जानमाल का नुकसान हो जाता है. पिछले कुछ सालों में उन्होंने इंसानी बस्ती पर अपने हमले तेज कर दिए हैं. खासकर, अभी हाल के दिनों में बोकारो जिले के गोमिया और पेटरवार क्षेत्र में गजराज के हमले अधिक तेज हो गए हैं. आदमी उनके हमलों से त्राहिमाम कर रहा है. लेकिन, उनके इस गुस्से को कोई समझने की कोशिश नहीं कर रहा है? बोकारो में हाथियों का तांडव, दहशत में लोग बोकारो के पेटरवार और गोमिया क्षेत्र में गजराज का हमला बीते कुछ महीनों में बेहद भयावह हो गया है. पिछले दो दिनों में ही हाथियों ने घरों से खींचकर पांच लोगों की जान ले ली, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. 05 फरवरी की रात तीन लोगों की मौत हुई, एक घायल हुआ. इसके अगले दिन यानी 06 फरवरी को दो और लोगों की जान चली गई. इससे पहले 18 जनवरी को एक व्यक्ति की मौत और 11 नवंबर 2025 को हुए हमले में दो लोगों की जान गई थी. इन आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि लगातार बढ़ने वाला संकट है. डर इस बात का भी है कि अब गजराज उन इलाकों में भी पहुंच रहे हैं, जहां उनका पहले कभी आना-जाना नहीं था. क्यों भटक रहे हैं गजराज? जंगल संरक्षण और दामोदर बचाओ अभियान से जुड़े गुलाब चंद्र बताते हैं कि हाथियों का भटकाव कोई बेतरतीब प्रक्रिया नहीं है. उनका एक निश्चित पारंपरिक रास्ता होता है. मौसम के अनुसार, वे साल में दो बार इन्हीं रास्तों से गुजरते हैं. बोकारो से रांची जाने के दौरान रामगढ़ की सिकिदरी घाटी में सड़क किनारे लगे बोर्ड “हाथी विचरण क्षेत्र” इसी सच्चाई की याद दिलाते हैं. हाथियों की याददाश्त बेहद तेज होती है. वे दशकों पुराने रास्तों को भी नहीं भूलते और उसी के सहारे विचरण करते हैं. बंद होते हाथी कॉरिडोर समस्या तब शुरू होती है, जब इन पारंपरिक रास्तों में इंसानी दखल बढ़ जाती है. जानकारों के मुताबिक, झारखंड में खनन, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों ने हाथियों के कई पुराने रास्ते बंद कर दिए हैं. रास्ता बंद होने पर हाथी अपने मूल निवास की ओर लौट नहीं पाते और भटक जाते हैं. मजबूरी में गांवों, खेतों और कस्बों की ओर बढ़ जाते हैं. यही भटकाव बाद में इंसा-–हाथी संघर्ष का रूप ले लेता है. झारखंड के तीन प्रमुख हाथी रूट विशेषज्ञों के अनुसार, झारखंड में हाथियों का विचरण मुख्य रूप से तीन रूट से होता है. पहला रूट चतरा से लातेहार होते हुए दलमा अभयारण्य तक जाता है. दूसरा रूट हजारीबाग से घाटो, गोला और सिल्ली होते हुए दलमा अभयारण्य तक पहुंचता है. तीसरा रूट हजारीबाग से गिरिडीह, भंडारीदह और पुरूलिया के रास्ते दलमा की ओर जाता है. इसका मतलब है कि झारखंड में हाथियों का मूल निवास दलमा के जंगल में है. गुलाब चंद्र बताते हैं कि हाथी इन रूटों पर सालों से बसंत ऋतु और अक्तूबर से दिसंबर के बीच आते-जाते रहे हैं. लेकिन खनन और बुनियादी ढांचे के विकास ने इन रास्तों को बुरी तरह प्रभावित किया है. खनन ने बढ़ाया संकट उन्होंने कहा कि भंडारीदह वाला रूट खनन के कारण लगभग बंद हो चुका है. इसका सीधा असर बोकारो के नावाडीह, बोकारो थर्मल और आसपास के इलाकों में दिख रहा है, जहां हाथियों का उत्पात बढ़ गया है. हजारीबाग-गोला-सिल्ली रूट पर नेशनल हाईवे और खनन गतिविधियों ने हाथियों की आवाजाही मुश्किल कर दी है. चतरा से दलमा वाले रूट में जंगलों की संघनता कम हो गई है और खनन भी बढ़ा है. नतीजा यह है कि हाथी अब नए गांवों की ओर बढ़ रहे हैं. क्या महुआ है वजह? हाथियों के इंसानी इलाकों में आने को लेकर कुछ योजनाकार महुआ को वजह मानते हैं. लेकिन, ग्रामीण इस तर्क को सिरे से खारिज करते हैं. उनका कहना है कि महुआ झारखंड में सदियों से रहा है. अगर यही वजह होती, तो संघर्ष नया नहीं होता. असल समस्या हाथियों के रास्तों में बढ़ता इंसानी हस्तक्षेप है. जंगल सिकुड़ते जा रहे हैं और हाथियों के लिए सुरक्षित गलियारे खत्म हो रहे हैं. हाथी कॉरिडोर का प्रस्ताव और नई चुनौती झारखंड में चार हाथी कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है. लेकिन इसके चलते करीब 400 गांवों के प्रभावित होने की आशंका है. इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या समाधान एक नई समस्या को जन्म देगा? वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की 2017 की रिपोर्ट बताती है कि झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और दक्षिणी पश्चिम बंगाल के करीब 21 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में केवल 3128 हाथी बचे हैं. देश में मानव–हाथी संघर्ष से होने वाली कुल मौतों में से 45 फीसदी इसी इलाके में होती हैं. वन विभाग की कोशिशें बोकारो के डीएफओ संदीप शिंदे के मुताबिक, हाथियों के भटकाव को रोकने के लिए वन विभाग कई स्तरों पर काम कर रहा है. ड्रोन के जरिए हाथियों की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है. क्विक रिस्पॉन्स टीम गांवों में जाकर लोगों को सतर्क और जागरूक कर रही है. शिंदे बताते हैं कि पिछले दो-तीन महीनों में बोकारो में ही एक हथिनी ने आठ लोगों की जान ली है, जबकि रामगढ़ जिले में भी कुछ घटनाएं हुई हैं. हथिनी को काबू में करने के लिए वनतारा बचाव टीम से संपर्क किया गया है. इसे भी पढ़ें: रांची-टोरी लाइन के सवारियों के लिए खुशसमाचारी, 15 मार्च से फिर दौड़ेंगी ट्रेन समाधान की राह कहां? झारखंड में इंसान–हाथी संघर्ष अब केवल वन्यजीवों का मुद्दा नहीं रह गया है. यह विकास मॉडल पर भी सवाल खड़ा करता है. जब तक विकास के साथ जंगल और हाथी कॉरिडोर को बचाने की संतुलित नीति नहीं बनेगी, तब तक गजराज का गुस्सा यूं ही इंसानी बस्तियों पर टूटता रहेगा. यह लड़ाई हाथी और इंसान के बीच नहीं, बल्कि अव्यवस्थित विकास और प्रकृति के बीच है. अगर समय रहते संतुलन नहीं बनाया गया, तो नुकसान दोनों का तय है. इसे भी पढ़ें: रांची में ईंट को तोड़ेगा बिस्कुट या एसी से कांपेगी बेंच, 23 फरवरी को फैसला

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महाशिवरात्रि पर लगाएं सिंपल मेहंदी डिजाइन, जो दिखें हाथों में सुंदर

Simple Mehndi Design For Mahashivratri: महाशिवरात्रि भगवान शिव की भक्ति और पूजा का पवित्र त्योहार है. इस दिन स्त्रीएं व्रत रखती हैं और पूरे मन से भगवान शिव की आराधना करती हैं. शिवरात्रि के मौके पर हाथों में सिंपल मेहंदी डिजाइन लगाना शुभ माना जाता है. हल्की और सादी मेहंदी न सिर्फ हाथों को सुंदर बनाती है, बल्कि भक्ति और श्रद्धा का भाव भी दिखाती है. ऐसे डिजाइन पूजा-पाठ के समय भी आरामदायक रहते हैं और कम समय में आसानी से लगाए जा सकते हैं. शिवरात्रि के लिए सिंपल मेहंदी डिजाइन आइडियाज 1. त्रिशूल मेहंदी डिजाइन हथेली के बीच या कलाई पर बना छोटा त्रिशूल डिजाइन शिवरात्रि के लिए सबसे शुभ माना जाता है. त्रिशूल मेहंदी डिजाइन (image: ai generated) 2. ओम सिंपल डिजाइन ॐ का चिन्ह शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. इसे उंगलियों या हथेली के सेंटर में बनाया जा सकता है. ओम मेहंदी डिजाइन (image: ai generated) 3. बेलपत्र मोटिफ डिजाइन भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र को मेहंदी में शामिल करना बहुत ही पावन माना जाता है. बेलपत्र मेहंदी डिजाइन (image: ai genertaed) 4. डॉट और लाइन बेस्ड डिजाइन सरल बिंदु, कर्व और लाइन से बना मेहंदी डिजाइन शिवरात्रि के लिए एकदम परफेक्ट रहता है. डॉटस मेहंदी डिजाइन (image: ai generated) 5. चंद्रमा डिजाइन भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित अर्धचंद्र को सिंपल मेहंदी डिजाइन में दर्शाया जा सकता है. चांद मेहंदी डिजाइन (image: ai generated) यह भी पढ़ें: Simple Mehndi Design For Mahashivratri: महाशिवरात्रि पर लगाएं सिंपल मेहंदी डिजाइन, जो दिखें हाथों में सुंदर यह भी पढ़ें: Beautiful Peacock Mehndi Design: अपने सुंदर हाथों के लिए देखें ये लेटेस्ट मोर वाली मेहंदी डिजाइन The post महाशिवरात्रि पर लगाएं सिंपल मेहंदी डिजाइन, जो दिखें हाथों में सुंदर appeared first on Naya Vichar.

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रईसजादे ने 5 करोड़ की गाड़ी से 6 को रौंदा, पुलिस ने लैंबोर्गिनी पर चढ़ाया कवर 

हादसे में चमनगंज के रहने वाले तौफीक अहमद के पैर में गंभीर चोट आई, जो फुटपाथ पर खड़े होकर दोस्त का इंतजार कर रहे थे. बुलेट सवार खलासी लाइन के रहने वाले विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी भी घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर भीड़ जुट गई. बाउंसरों ने लोगों को हटाया, शीशा तोड़कर निकाला ड्राइवर  लोगों ने कार को घेर लिया, तभी लैंबोर्गिनी के पीछे चल रही कार से आए बाउंसरों ने धक्कामुक्की कर भीड़ को हटाया. बॉडीगार्ड्स ने ईंट से कार का शीशा तोड़ा और ड्राइवर को बेहोशी की हालत में बाहर निकालकर प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया. ड्राइवर की ओर से दावा किया गया कि उसे दौरा आने के कारण हादसा हुआ. नंबर प्लेट छिपाने की कोशिश का आरोप मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ सुरक्षा कर्मियों ने कार मालिक की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट तोड़ने की कोशिश भी की. लोग कार की फोटो और वीडियो बनाते रहे. सूचना पर पहुंची ग्वालटोली पुलिस ने घायल तौफीक अहमद को उर्सला अस्पताल भेजा और लैंबोर्गिनी कार को थाने ले गई. थाने में कार देखने उमड़ी भीड़, पुलिस ने ढकवाया कवर थाने में खड़ी करोड़ों रुपये की लग्जरी कार को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे. पुलिस ने कार पर कवर डलवा दिया. डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी. पहले भी विवादों में रहा कारोबारी परिवार आर्यनगर के रहने वाले केके मिश्रा बंशीधर श्रीराम फर्म के नाम से तंबाकू का बड़ा कारोबार करते हैं. उनके बेटे शिवम मिश्रा पहले भी अपनी महंगी गाड़ियों और शौक के कारण चर्चा में रहे हैं. मार्च 2024 में इनकम टैक्स ने कानपुर, गुजरात और दिल्ली के ठिकानों पर 5 दिन तक छापेमारी कर 70 से 80 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा किया था. आयकर छापे में करोड़ों की बरामदगी छापेमारी के दौरान करीब 70 करोड़ रुपये की लग्जरी गाड़ियां, साढ़े 12 करोड़ रुपये की पांच महंगी घड़ियां, साढ़े चार करोड़ रुपये कैश और करीब ढाई करोड़ रुपये के ज्वेलरी जब्त किए गए थे. इसके अलावा 17 संपत्तियों के डॉक्युमेंट्स और 6 शेल कंपनियों (ऐसी कंपनी जिनका ऐक्टिव बिजनेस नहीं हूत है) का भी खुलासा हुआ था. अधिकारियों के अनुसार, इन कंपनियों के जरिए कथित तौर पर काले धन को सफेद किया जाता था, जबकि आयकर रिटर्न में सालाना केवल ढाई से तीन करोड़ रुपये की आय दिखाई जाती थी. The post रईसजादे ने 5 करोड़ की गाड़ी से 6 को रौंदा, पुलिस ने लैंबोर्गिनी पर चढ़ाया कवर  appeared first on Naya Vichar.

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स्कूल फीस ने तोड़ी अभीरा की हिम्मत, अरमान भी मायरा से बिछड़कर रोया

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: टीवी का पॉपुलर शो ये रिश्ता क्या कहलाता है एक बार फिर इमोशनल ड्रामे की ऊंचाई छूने वाला है. कहानी में 8 साल का लंबा लीप दर्शकों के सामने कई ऐसे रिश्ते खोलने वाला है, जिन पर वक्त की धूल जम चुकी थी. आने वाले एपिसोड में अभीरा और अरमान का आमना-सामना होने वाला है, लेकिन इस मुलाकात की वजह प्यार नहीं बल्कि बच्चों का भविष्य बनेगा. मुक्ति के एडमिशन से बढ़ी अभीरा की परेशानी अभीरा की बेटी मुक्ति को उसके ड्रीम स्कूल में एडमिशन तो मिल जाता है, लेकिन इसके साथ ही शुरू होती है पैसों की टेंशन. स्कूल फीस और सालाना खर्च जोड़ने पर रकम करीब 7.50 लाख रुपये पहुंचती है. यह सुनते ही जानकी काकी के होश उड़ जाते हैं. अभिरा खुद को संभालने की कोशिश करती है, लेकिन अंदर ही अंदर डर और चिंता उसे तोड़ने लगती है. अरमान की जिंदगी में मायरा की नई शुरुआत दूसरी ओर मेहर, अरमान से मिलने आती है और मायरा के एडमिशन की बात करती है. मायरा का एडमिशन शहर के बेस्ट स्कूल और हॉस्टल में हो जाता है. यह समाचार अरमान को खुश तो कर देती है, लेकिन विद्या इस फैसले के खिलाफ होती है. वह मायरा को हॉस्टल भेजने के लिए तैयार नहीं होती, मगर अरमान अपने फैसले पर अड़ा रहता है. रात को अकेले में वह मायरा के बिना जिंदगी की कल्पना कर टूट जाता है. पैसों की किल्लत में अभिरा के छलके आंसू इधर अभीरा हालात से जूझ रही होती है. मजबूरी में वह ज्यादा ब्याज पर पैसे लेने का फैसला करती है. भगवान से सवाल करती हुई वह अपने और मुक्ति के संघर्ष भरे पुराने दिन याद करती है, जब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें जद्दोजहद करनी पड़ती थी. इसी बीच मुक्ति का एक दोस्त अभिरा की डायरी की फोटो क्लिक कर लेता है, जो आगे चलकर बड़ी मुसीबत बन सकती है. पोद्दार हाउस में मचेगा बवाल अगले दिन पोद्दार हाउस में ब्रेकफास्ट के दौरान माहौल गरमा जाता है. कृष, माधव से कहता है कि उसने अरमान को सुनाकर ठीक नहीं किया. तभी तान्या बीच में बोलकर अरमान और कृष दोनों को गलत ठहरा देती है. इस पर संजय और काजल तान्या पर भड़क जाते हैं और पुरानी बातें उछलने लगती हैं. बहस इतनी बढ़ जाती है कि काजल भावुक होकर कह देती है कि अरमान उसके बेटे कृष को अपने इशारों पर नचाता है. मुक्ति बोलेगी झूठ, बढ़ेगा ड्रामा कहानी यहीं नहीं रुकती. स्कूल की भारी फीस जानकर मुक्ति पढ़ाई छोड़ने का फैसला कर लेती है और अभीरा से झूठ बोलने लगती है. वह स्कूल से जुड़ी फेक समाचारें दिखाकर मां को गुमराह करती है, जबकि अभिरा अपनी परेशानियों में उलझी होने के कारण सच्चाई नहीं देख पाती. वहीं अरमान मायरा की दोस्त के घर पहुंचता है, जहां नाइट पार्टी चल रही होती है. आने वाले एपिसोड्स में बच्चों की पढ़ाई, मां-बाप की मजबूरी और पुराने रिश्तों का टकराव ये रिश्ता क्या कहलाता है को एक नए इमोशनल मोड़ पर ले जाएगा. यह भी पढ़ें: 50 साल की उम्र में भी कुंवारी क्यों हैं एकता कपूर? पहली बार बताया सबकुछ The post स्कूल फीस ने तोड़ी अभीरा की हिम्मत, अरमान भी मायरा से बिछड़कर रोया appeared first on Naya Vichar.

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