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Author name: Vinod Jha

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प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली के लिए बनाये गये थे कई फर्जी वेबसाइट

सीबीआइ ने हाइकोर्ट में रिपोर्ट पेश कर किया दावा संवाददाता, कोलकाताराज्य के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले पर सीबीआइ ने मंगलवार को कलकत्ता हाइकोर्ट में रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट में सनसनीखेज दावे किये गये हैं. सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्राथमिक शिक्षक पद पर नौकरी देने के नाम पर कई फर्जी वेबसाइटें बनायी गयी थीं और उन वेबसाइटों के माध्यम से करोड़ों रुपये जुटाये गये. सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि फर्जी वेबसाइट के माध्यम से अयोग्य व असफल अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर नियुक्ति दी गयी. सीबीआइ की रिपोर्ट में एक ऐसे अभ्यर्थी का भी उल्लेख है, जो 2014 की टीइटी परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गया था और परीक्षा में खाली उत्तर पुस्तिका जमा करने के बाद भी अवैध रूप से नौकरी कर रहा है. सीबीआइ रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने एक अतिरिक्त पैनल बनाया और अयोग्य अभ्यर्थियों की नियुक्तियां कर दीं. कलकत्ता हाइकोर्ट में सोमवार को पेश की गयी सीबीआइ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पैसे के बदले अयोग्य अभ्यर्थियों को नौकरी दी गयी. कुंतल घोष और तापस मंडल ने तृणमूल नेताओं की सांठगांठ से भारी धन एकत्र किया. बताया गया है कि छह वर्षों (2016-2022) में 141 अभ्यर्थियों से लगभग चार करोड़ 13 लाख रुपये एकत्र किये गये. यह धन एजेंटों के माध्यम से एकत्र किये गये थे. कुंतल घोष ने नौकरी दिलाने के नाम पर तीन करोड़ 13 लाख रुपये उगाहे थे. गौरतलब है कि न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने पिछले सप्ताह 2014 की नियुक्ति पर सवाल उठाये थे. उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो 42,000 अभ्यर्थियों की नियुक्तियां रद्द भी की जा सकती हैं. उन्होंने सीबीआइ से पूछा था कि उन्होंने अब तक क्या जांच की है. सीबीआइ ने मंगलवार को मामले पर जांच प्रगति की रिपोर्ट पेश की. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली के लिए बनाये गये थे कई फर्जी वेबसाइट appeared first on Naya Vichar.

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भाई की शादी में नहीं पहुंचे शुभेंदु

संवाददाता, कोलकाता विपक्ष के नेता व भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी के अपने भाई व कांथी के सांसद सौमेंदु अधिकारी की शादी में शामिल नहीं होने के बाद से अटकलें लग रही हैं. कांथी के शिशिरकुंजा निवासी 42 वर्षीय सौमेंदु अधिकारी तृणमूल के पूर्व सांसद शिशिर अधिकारी के सबसे छोटे बेटे हैं. सौमेंदु ने सोमवार रात यानी तीन मार्च को महिषादल के बसुलिया इलाके की निवासी सोनाक्षी अधिकारी से शादी कर ली. दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से संबंध हैं. एमए पास सोनाक्षी के पिता सत्यचरण अधिकारी राज्य पुलिस में थे. शादी में दोनों परिवारों के सदस्यों के अलावा प्रदेश भाजपा के कई शीर्ष नेता भी मौजूद थे. हालांकि, राज्य के नेता प्रति प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी शादी के दौरान मौजूद नहीं थे. सूत्रों ने बताया कि वह नेतृत्वक कार्यक्रम के कारण अपनी भाई की शादी में शामिल नहीं हो सके. बता दें कि सौमेंदु ने गत शुक्रवार को सोनाक्षी से गुपचुप तरीके से कोर्ट मैरिज की थी. इसके बाद दंपती ने मंदिर में पूजा-अर्चना की. फिर सोमवार को कांथी के भाजपा सांसद ने शुभ मुहूर्त देख कर आधिकारिक रूप से विवाह कर लिया. हालांकि, शुभेंदु अधिकारी के शादी में मौजूद नहीं होने से स्वाभाविक रूप से अटकलें शुरू हो गयी हैं. वहीं, अधिकारी परिवार और भाजपा सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु शादी के दौरान संदेशखाली में थे. संदेशखाली के भाजपा नेता विकास सिंह की बेटी की शादी सोमवार को थी. वह उस शादी में शामिल होने पहुंचे थे. गौरतलब है कि संदेशखाली आंदोलन के दौरान पुलिस ने भाजपा नेता विकास सिंह को गिरफ्तार किया था. जमानत पर रिहा होने के बाद पुलिस ने उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, बाद में विकास को रिहा कर दिया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post भाई की शादी में नहीं पहुंचे शुभेंदु appeared first on Naya Vichar.

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ब्रात्य ने घायल छात्र के पिता को फोन कर घटना पर जताया खेद

जादवपुर यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन अब भी है जारीसंवाददाता, कोलकाताजादवपुर विश्वविद्यालय की घटना को लेकर मंगलवार को भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा. वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने रैली निकाली और राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु के इस्तीफे तथा छात्रों के खिलाफ पुलिस शिकायत को वापस लेने की मांग की. उधर, शिक्षा मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से घायल छात्र इंद्रानुज राय के परिवार से संपर्क किया और घटना पर खेद व्यक्त किया. छात्र के पिता अमित राय ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने उन्हें कॉल किया और उन्होंने खेद प्रकट किया. उन्होंने इंद्रानुज के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. उन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी बेहद दुखी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इंद्रानुज उनके बेटे जैसा है. गौरतलब है कि विश्वविद्यालय परिसर में एक मार्च को बसु के काफिले की एक कार के कथित रूप से बहुत नजदीक से गुजरने के बाद इंद्रानुज सहित दो छात्र घायल हो गये थे. यह घटना उस समय हुई जब वामपंथी छात्रों ने मंत्री को परिसर से बाहर जाने से रोकने का प्रयास किया. कैंपस में एसएफआइ के छात्र छात्र यूनियन चुनाव कराये जान पर चर्चा की मांग कर रहे थे, जो कई वर्षों से नहीं हुए थे. विरोध प्रदर्शन के दौरान बसु की कार का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया और इस घटना में वह स्वयं भी घायल हो गये. सोमवार रात को आम सभा की बैठक के बाद छात्रों ने मांग की कि कुलपति भास्कर गुप्ता परिसर में वापस आयें और उनकी मांगों का समाधान शीघ्र करें. छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर वह ऐसा करने में विफल रहे तो वे उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विश्वविद्यालय घायल छात्रों के उपचार का पूरा खर्च उठायें और बसु के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करायी जाये. शनिवार की घटना के बाद वाइस चांसलर अभी तक परिसर में वापस नहीं आये हैं. सूत्रों ने बताया कि वह अस्वस्थ हैं और उनका रक्तचाप भी घट-बढ़ रहा है और उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी गयी है. कुलपति ने शनिवार की रात अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी, लेकिन उन्हें छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा. इस दौरान कथित तौर पर उनकी शर्ट फट गयी और स्वास्थ्य संबंधी उनकी जटिलतायें और बढ़ गयीं. उन्होंने कहा कि डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बाद वह विश्वविद्यालय लौट आयेंगे. विरोध के बावजूद, विश्वविद्यालय के कुछ विभागों ने प्रथम वर्ष और पार्श्व इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों सहित सेमेस्टर परीक्षाएं जारी रखीं. वहीं कुछ विभागों ने स्वेच्छा से कक्षाएं स्थगित कर दीं, जबकि अन्य ने निर्धारित परीक्षाएं जारी रखीं. डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) सहित कई अति वाम छात्र संगठनों ने मंगलवार और बुधवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. माकपा की छात्र शाखा स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ) ने मंगलवार की हड़ताल में भाग नहीं लिया, लेकिन पूरे राज्य में अलग-अलग प्रदर्शन आयोजित किये. शनिवार की घटना के बाद से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्र कोलकाता. जादवपुर विश्वविद्यालय में शनिवार की घटना के बाद से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. जेयू में अशांति जारी है. मंगलवार को सड़कों पर एसएफआइ ने प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु के इस्तीफे की मांग की. इस घटना को लेकर राज्य की नेतृत्व उथल-पुथल में है. माकपा की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ) ने कहा कि ऐसी घटना फिर से न हो, इसके लिए प्रशासन को कड़ा कदम उठाना होगा. एसएफआइ सदस्यों का कहना है कि शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ब्रात्य ने घायल छात्र के पिता को फोन कर घटना पर जताया खेद appeared first on Naya Vichar.

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जेयू: वीसी ने शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

संवाददाता, कोलकाता शनिवार को जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई घटना की जांच के लिए मंगलवार को कुलपति ने विश्वविद्यालय शिक्षक संगठनों के साथ बैठक की गयी. बैठक में कुलपति ने आदेश दिया कि परिसर में तुरंत शांति बहाल की जानी चाहिए, इसलिए उन्होंने सभी को मिलकर काम करने का सुझाव दिया. जेयू के कार्यवाहक कुलपति भास्कर गुप्ता ने न्यायिक जांच का प्रस्ताव रखा है. बैठक में चार शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. इसमें शनिवार की घटना पर चर्चा की गयी. कुलपति ने सभी पक्षों के बयान सुने. अस्वस्थ होने के कारण वह बैठक में वर्चुअल रूप से ही जुड़े . विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक में कार्यवाहक कुलपति भास्कर गुप्ता, अन्य अधिकारियों और चार शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से उच्च शिक्षा विभाग के समक्ष छात्र संघ चुनाव कराने का मुद्दा उठाने का भी निर्णय लिया जो 2020 से लंबित है. गौरतलब है कि वामपंथी विद्यार्थियों ने शनिवार को शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु को जेयू परिसर से बाहर जाने से रोकने का प्रयास किया तथा छात्र संघ चुनाव कराने के विषय पर चर्चा की मांग की. विरोध प्रदर्शन के दौरान बसु की कार का शीशा क्षतिग्रस्त कर दिये जाने से वह खुद भी घायल हो गये. दो छात्र भी घायल हो गये. बैठक में छात्र यूनियन चुनाव की मांग उठायी गयी. हालांकि, समाचार है कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी चर्चा की गयी है कि सब कुछ बदले हुए नियमों के अनुसार ही हो. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु को पिछले शनिवार को जेयू में परेशान किया गया. मंत्री उस समय घायल हो गये जब उनके आसपास विरोध प्रदर्शन चल रहा था और छात्र उनकी गाड़ी रोकने की कोशिश कर रहे थे. शिक्षा मंत्री के आसपास प्रदर्शन कर रहे दो छात्र भी घायल हो गये. आरोप है कि दो छात्रों में से एक को मंत्री की कार ने कुचल दिया. कार का पहिया किसी एक छात्र के पैरों पर चढ़ गया. इस घटना को लेकर तनाव बढ़ गया. कथित तौर पर किसी ने रात में परिसर के तृणमूल समर्थित कार्यकर्ता संगठन ‘शिक्षाबंधु’ समिति के कार्यालय में आग लगा दी, जिससे माहौल और गरम हो गया. इन सभी मुद्दों पर मंगलवार को चर्चा की गयी. एक छात्र को कुचलने के आरोप पर एफआइआर दर्ज करने की मांग की गयी. हालांकि वेबकूपा ने इस पर आपत्ति जतायी है. इसके विपरीत उन्होंने ””””””””””””””””शिक्षाबंधु”””””””””””””””” समिति कार्यालय में आग लगने की घटना की जांच की मांग की. बैठक में शनिवार की घटना की न्यायिक जांच का प्रस्ताव भी पारित किया गया. इसके अलावा सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड की मांग राज्य प्रशासन से की गयी. मंगलवार की बैठक में परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी संभावित कदमों पर गहन विचार किया गया. जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर अमिताभ दत्ता ने बताया कि हमने सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की. विश्वविद्यालय में सामान्य स्थिति कैसे शीघ्र बहाल की जाये और विद्यार्थियों का ध्यान उनकी पढ़ाई पर कैसे केंद्रित किया जाये. कुछ प्रस्ताव स्वीकार कर लिये गये हैं. जेयूटीए के महासचिव पार्थ प्रतिम रॉय ने कहा कि वाइस चांसलर से बात करने के बाद निर्णय लिया जायेगा. ””””””””विश्वविद्यालय में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा. यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह घटना दोबारा न घटे. इसके लिए तत्काल छात्र परिषद चुनाव की आवश्यकता है. वहीं जेयू के वामपंथी छात्र संगठन एसएफआइ ने मंगलवार की बैठक पर रोष व्यक्त करते हुए पूछा कि वीसी छात्रों से बात क्यों नहीं कर रहे हैं? एसएफआइ नेता शुभजीत बनर्जी ने कहा कि अगर वीसी हितधारकों के साथ ऑनलाइन बैठक कर सकते हैं, तो वह छात्रों से बात क्यों नहीं कर रहे हैं? हम कुलपति से बात करना चाहते हैं. अगर वह हमसे बात नहीं करते हैं, तो हम अरविंद भवन को बंद करने और विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे. अगला निर्णय जीबी की बैठक के बाद लिया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जेयू: वीसी ने शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक appeared first on Naya Vichar.

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संपत्ति विवाद के बीच ढाई साल के बच्चे के साथ फंदे से लटके मिले माता-पिता

घटना में संपत्ति विवाद का मामला आ रहा सामने पुलिस ने मृत सोमनाथ राय के मामा प्रदीप घोषाल और मामी नीलिमा को किया गिरफ्तार प्रदीप पुलिस से रिटायर्ड कांस्टेबल हैं, जबकि नीलिमा होमगार्ड पद पर कार्यरत हैं संवाददाता, कोलकाता कसबा थाना क्षेत्र के हालतू के पूर्व पल्ली इलाके में मंगलवार को एक शिशु समेत एक परिवार के तीन सदस्य अपने घर में मृत पाये गये. मृतकों की पहचान सोमनाथ राय (40), उनकी पत्नी सुमित्रा (35) और उनके ढाई साल के बेटे रुद्रनील के रूप में हुई है. शिशु के साथ उनके माता-पिता का फंदे से लटका शव बरामद किया गया. सोमनाथ राय और सुमित्रा अलग-अलग फंदे से झूल रहे थे. शिशु को सोमनाथ ने अपने सीने से बांध लिया था. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो तीनों मृत मिले. पुलिस ने देखा कि घर की दीवार पर पेंसिल से सुसाइड नोट लिखा है. उस आधार पर पुलिस ने सोमनाथ के मामा प्रदीप घोषाल एवं मामी नीलिमा घोषाल को गिरफ्तार कर लिया. दंपती ने अपनी मौत के लिए चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. सोमनाथ ने मामा-मामी पर संपत्ति विवाद के कारण अत्याचार करने का आरोप लगाया है. उसके मामा कोलकाता पुलिस के रिटायर्ड कांस्टेबल हैं, जबकि मामी अब भी कोलकाता पुलिस में होमगार्ड के पद पर कार्यरत है. बताया जा रहा है कि सोमनाथ राय पेशे से ऑटो चालक थे. कसबा थाने की पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह से परिवार के सदस्यों को घर से बाहर नहीं निकलते देख आसपास के लोगों ने सोमनाथ को फोन किया. कोई जवाब नहीं मिलने पर लोग घर के कमरे में पहुंचे तो शिशु के माता-पिता को फंदे पर लटके हालत में पाया. इसके बाद कसबा थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी गयी. पुलिस का अनुमान यह है कि माता-पिता ने अपने शिशु की हत्या करके आत्महत्या कर ली. कर्ज के बोझ तले दबा था परिवार! पुलिस को प्राथमिक जांच में पड़ोसियों ने बताया कि सोमनाथ का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. हाल ही में बाजार से सोमनाथ ने काफी कर्ज ले रखा था. कुछ रिश्तेदारों का दावा है कि सोमनाथ का अपने परिवार के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. इन सबके कारण वह मानसिक रूप से कुछ हद तक टूट गया था. हो सकता है कि इसीलिए परिवार ने आत्महत्या का फैसला लिया हो. पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तीनों की मौैत कैसे व कब हुई है. इस घटना के बाद से इलाके में शोक व्याप्त है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post संपत्ति विवाद के बीच ढाई साल के शिशु के साथ फंदे से लटके मिले माता-पिता appeared first on Naya Vichar.

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ट्राम लाइन हटाने पर रोक के हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम पहुंची राज्य सरकार

संवाददाता, कोलकाता कलकत्ता हाइकोर्ट ने राज्य प्रशासन को महानगर से ट्राम लाइन हटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया था और अब तक कितने ट्राम लाइनों को हटाया गया है, इस बारे में मंगलवार तक रिपोर्ट तलब की थी. मंगलवार को हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम व न्यायाधीश चैताली चट्टोपाध्याय (दास) की खंडपीठ में राज्य के महाधिवक्ता ने बताया कि हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी है, इसलिए हाइकोर्ट में मामले पर सुनवाई स्थगित रखी जाये. इसके बाद ही मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहने तक हाइकोर्ट में सुनवाई स्थगित रहेगी. गौरतलब है कि इससे पहले मुख्य न्यायाधीश ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था कि कोलकाता की ट्राम सेवा, इस शहर की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, इसे बंद नहीं किया जाना चाहिए. इसके साथ ही हाइकोर्ट ने शहर में जहां भी ट्राम लाइन को अवैध रूप से दबाया गया है, उस ट्राम ट्रैक को बहाल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा कि हिंदुस्तान के किसी अन्य शहर में ये इलेक्ट्रिक ट्राम्स नहीं चलतीं. जनहित याचिका पर सुनवाई करते हए खंडपीठ ने कहा था कि शहर की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए नेतृत्वक इच्छाशक्ति होनी चाहिए. कोर्ट ने कोलकाता पुलिस को ट्राम ट्रैक को दबाने की शिकायतों की जांच करने और इसे करने वालों की पहचान करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने पहले यह निर्देश दिया था कि ट्राम ट्रैक को दबाया नहीं जाये, लेकिन दो शिकायतें कोलकाता पुलिस के पास आयीं थीं, जिनमें यह आरोप था कि कुछ स्थानों पर यह काम किया गया है. पीठ ने कहा कि यह विश्वास करना कठिन है कि बिना संबंधित अधिकारियों की निर्देश के इस तरह की कार्रवाई की गयी होगी. हालांकि, अब राज्य प्रशासन ने कलकत्ता हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, इसलिए अब महानगर की ट्राम सेवा का भविष्य सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर होगा. क्या कहा था हाइकोर्ट ने हाइकोर्ट की खंडपीठ ने कहा था कि ट्राम सेवाओं को बंद करना एक आसान कार्य है, लेकिन फिर भी राज्य को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह कोलकाता की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए भी जिम्मेदार है. पीठ ने यह भी कहा कि जब पश्चिम बंगाल प्रशासन ने महानगर में धरोहर भवनों को संरक्षित करने के लिए एक अलग विभाग बनाया है, तो वह यह समझ नहीं पा रही कि ट्राम लाइन के मामले में ऐसा विचार क्यों नहीं किया जा रहा. कोर्ट ने यह भी कहा कि दुनिया के अन्य देशों में, जैसे स्विट्जरलैंड, जहां ट्राम्स चलती हैं, वहां भी इन ट्राम ट्रैकों का रास्ता सड़कों के बीच से गुजरता है, ठीक वैसे ही जैसे कोलकाता में होता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ट्राम लाइन हटाने पर रोक के हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम पहुंची राज्य प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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Hemant Soren Gift: सीएम हेमंत सोरेन 49 ट्रेनिंग ऑफिसर्स को देंगे सरकारी नौकरी का तोहफा, सौंपेंगे नियुक्ति पत्र

Hemant Soren Gift: रांची-झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को नवचयनित प्रशिक्षण पदाधिकारियों (ट्रेनिंग ऑफिसर्स) को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे. श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से हाल ही में इन प्रशिक्षण पदाधिकारियों की नियुक्ति की गयी है. कुछ प्रशिक्षण पदाधिकारियों को पहले भी नियुक्ति पत्र मिला है. 49 प्रशिक्षण पदाधिकारियों को अब नियुक्ति पत्र सौंपा जाएगा. नियुक्ति पत्र वितरण समारोह दिन के एक बजे रांची के प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयोजित किया गया है. विधि व्यवस्था के लिए रांची समेत आठ जिलों को 2.98 करोड़ रुपये विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए गृह विभाग द्वारा रांची समेत आठ जिलों को 2.98 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. इनमें रांची जिला को 1.50 करोड़, खूंटी जिले को 70 लाख, हजारीबाग को 25 लाख, गोड्डा को नौ लाख, लातेहार को पांच लाख, लोहरदगा को चार लाख, पलामू को 10 लाख व कोडरमा को 25 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं. पूर्व में भी इन आठ जिलों को विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए 12 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इस राशि में सेमिनार, समारोह या कार्यशाला के आयोजन का खर्च समाहित है. इनके आयोजन के बाद बिल जमा करने पर डीसी द्वारा भुगतान किया जायेगा. राज्यपाल से मिले आइसीएआई रांची शाखा के पदाधिकारी आइसीएआई, रांची शाखा के नवनियुक्त पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने राज्यपाल संतोष गंगवार से शिष्टाचार भेंट की. रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अभिषेक केडिया ने राज्यपाल को बताया कि रांची शहर सीए कोर्स के अध्ययन के लिए सीए विद्यार्थियों के बीच महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. इस दौरान रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए अनीश जैन, कोषाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, सीए स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए दिलीप कुमार और सीपीइ कमेटी के अध्यक्ष सीए हरेंद्र उपस्थित थे. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:Mughal Harem Stories : शाहजहां ने अपनी बेटी जहांआरा के प्रेमियों को दी थी रूह कंपाने वाली मौत The post Hemant Soren Gift: सीएम हेमंत सोरेन 49 ट्रेनिंग ऑफिसर्स को देंगे प्रशासनी नौकरी का तोहफा, सौंपेंगे नियुक्ति पत्र appeared first on Naya Vichar.

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Patna News: अब टीन के बने शेड में चलेगा कंकड़बाग थाना, कैदियों को रखना होगा मुश्किल

Patna News: पटना के कंकड़बाग थाना टीन के बने शेड में चलेगा. आवास बोर्ड के पुराने भवन में चल रहे कंकड़बाग थाना को बगल में ही स्थित मैदान में बने टीन के शेड में स्थानांतरित कर दिया गया है. वहां से थाना का कार्य संचालित होना भी शुरू हो गया है. कंप्यूटर रूम, थाना प्रभारी कक्ष, बैरक सभी टीन के बने शेड में बनाया गया है. यह व्यवस्था इसलिए की गयी है क्योंकि कंकड़बाग थाना के जर्जर भवन को तोड़ कर वहां जी प्लस फोर की बहुमंजिली इमारत बनेगी. कंकड़बाग थाना से लगभग आधे से अधिक सामान को टीन के शेड में सुसज्जित कर दिया गया है. थाना के अगल-बगल पड़े जर्जर वाहनों को हटाने का कार्य भी शुरू किया गया है. चार-पांच दिनों में थाना से सारे सामान को हटा कर नयी जगह पर शिफ्ट कर देना है, ताकि आवास बोर्ड के जर्जर भवन को तोड़ कर वहां पर नयी बहुमंजिली इमारत बनायी जा सके. कंकड़बाग पुलिस के अनुसार, आधे सामान को नयी जगह पर स्थानांतरित कर दिया गया है. कैदियों को रखना होगा मुश्किल नयी इमारत बनने में करीब एक साल का समय लग सकता है. इसके कारण पुलिसकर्मियों को गर्मी व बरसात में काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. गर्मी के मौसम में शेड होने के कारण काफी तपिश होगी और बरसात में पानी भी प्रवेश कर सकता है. इसके साथ ही शेड के अंदर कैदियों को रखने में भी परेशानी होगी. क्योंकि शेड को तोड़ कर कैदी आसानी से भाग सकते हैं. इसके कारण कैदियों को दूसरे थाने के हाजत में रखना पड़ सकता है. क्या होगा नये थाना भवन में कंकड़बाग थाना अब तक बिहार राज्य आवास बोर्ड के जर्जर भवन में कई वर्षों से कार्यरत है. नये भवन में आधुनिक जरूरतों के हिसाब से व्यवस्था की जायेगी. इन थानों में अलग वर्क स्टेशन के साथ ही गवाहों से पूछताछ, अनुसंधान और रिकॉर्ड रखने को अलग-अलग कमरे होंगे. साथ ही पुलिसकर्मियों के रहने की भी सुविधा दी जायेगी. Also Read: Vande Bharat: होली पर चलेगी पटना से वंदेहिंदुस्तान स्पेशल, राजधानी से पहले पहुंचेगी दिल्ली The post Patna News: अब टीन के बने शेड में चलेगा कंकड़बाग थाना, कैदियों को रखना होगा मुश्किल appeared first on Naya Vichar.

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Weather Report: 125 वर्षों में कौन सा साल रहा सबसे गर्म, इस साल कैसी रहेगी गर्मी? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

Weather Report: रांची-हिंदुस्तान द्वारा वर्ष 1901 में अपने मौसम संबंधी रिकॉर्ड की शुरुआत करने के बाद से साल 2024 सबसे गर्म साल के तौर पर दर्ज किया गया है. इसका असर ठंड के सीजन पर भी दिखा और 2024 की सर्दियां भी अब तक सबसे गर्म रहीं. पृथ्वी का तापमान इस बार 1.55 डिग्री सेल्सियस बढ़ा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी एजेंसियों और वैश्विक परामर्श के बाद राज्यों को इस वर्ष भी भीषण गर्मी पड़ने को लेकर चेतावनी जारी की है. 1901 के बाद यह पहली बार था, जब फरवरी में औसत न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा. साल 1901 वही समय है, जब से हिंदुस्तान समेत दुनिया भर में तापमान का लेखा-जोखा रखा जाता है. हीट वेव को लेकर जारी एडवाइजरी में कई निर्देश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, हिंदुस्तान प्रशासन के जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य के अतिरिक्त निदेशक एवं प्रमुख डॉ आकाश श्रीवास्तव ने हीट वेव को लेकर जारी एडवाइजरी में कई निर्देश दिये हैं. इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों पर जल्दी ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है. एक्स्ट्रीम हीट को लेकर यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी द्वारा आबादी पर इसके प्रभाव के कारण अत्यधिक गर्मी के प्रभावों को रोकने, इसका पता लगाने, प्रबंधित करने, निगरानी करने की सलाह दी गयी है. विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल), वैश्विक ताप कार्रवाई दिवस (2 जून) और विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के दिन विशेष जागरूकता अभियान आयोजित करने का सुझाव दिया गया है. राज्यों को जागरूक करने का निर्देश गर्मी से प्रभावित क्षेत्रों और हॉटस्पॉट जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों, शहरी हॉटस्पॉट, रेलवे और बस स्टेशनों पर निगरानी के साथ ही हीट वेब से निबटने के लिए इंतजाम के निर्देश दिये गये हैं. शिशु, शिशु, स्त्रीएं (खास तौर पर गर्भवती), बुजुर्ग, बाहरी कामगारों, विक्रेता, मजदूर, डिलीवरी करने वाले गिग वर्कर, गार्ड, रिक्शा चालक, आग से संबंधित व्यवसाय में लगे लोग, प्रवासी और बेघर लोगों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है. पर्यटन स्थलों और सामूहिक समारोहों, स्पोर्ट्स आयोजनों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी है. हीट से होनेवाली बीमारी और मौत की होगी निगरानी अस्पतालों को गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के कारण अग्नि सुरक्षा चिंता को ध्यान में रखने को कहा गया है. राज्यों को सलाह दी गयी है कि वे अपनी स्वास्थ्य सुविधा सूची को यथाशीघ्र दिये गये मानदंडों के अनुरूप अपडेट करें. नियमित रूप से हीट बेव पर रिपोर्टिंग की निगरानी करने के साथ ही 2023 और 2024 के लिए आइएचआइपी पर अपने पोस्ट-सीजन डेटा की जांच करने की सलाह दी गयी है. हीट स्ट्रोक को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने और एंबुलेंस के लिए आवश्यक उपकरणों जैसे रेक्टल थर्मामीटर-जांच और आपातकालीन कोल्ड उपकरण जैसे पोर्टेबल बाथटब, बर्फ बनाने और उसका स्टोरेज, तिरपाल, स्वच्छ, ठंडा पेयजल, वाटर स्प्रेयर खरीदने की सलाह दी गयी है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Mughal Harem Stories : शाहजहां ने अपनी बेटी जहांआरा के प्रेमियों को दी थी रूह कंपाने वाली मौत The post Weather Report: 125 वर्षों में कौन सा साल रहा सबसे गर्म, इस साल कैसी रहेगी गर्मी? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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Vande Bharat: होली पर चलेगी पटना से वंदेभारत स्पेशल, राजधानी से पहले पहुंचेगी दिल्ली

Vande Bharat: पटना से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी समाचार है. अब जल्द पटना दिल्ली रूट पर नयी वंदेहिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेन चलायी जायेगी. हालांकि इसकी शुरुआत पहले होली स्पेशल के तौर पर की जायेगी, इसके बाद इस ट्रेन को यात्रियों के लिए नियमित कर दिया जायेगा. रेलवे से जुड़े जानकारों के अनुसार अब तक की वंदेहिंदुस्तान ट्रेन में दिल्ली की दूरी सबसे अधिक होगी. वंदेहिंदुस्तान की इस रैक को चेन्नई स्थित इंट्रीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है और इसका संचालन पूर्व मध्य रेलवे की ओर से किया जायेगा. 12 घंटे से भी कम समय में दिल्ली पहुंचेंगे यात्री रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यदि पटना से दिल्ली वंदेहिंदुस्तान चलती है तो यह ट्रेन देश की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस हो जायेगी. जो करीब एक हजार किलोमीटर का सफर 12 घंटे से भी कम समय में पूरा कर लेगी. इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली और पटना के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक सफर के साथ सफर करने का मौका मिलेगा. वहीं वर्तमान में राजेंद्र नगर टर्मिनल से चलने वाली ट्रेन नंबर 12309 तेजस राजधानी एक्सप्रेस भी करीब 12:30 घंटे का समय लेती है. राजधानी के आगे-आगे चलेगी वंदेहिंदुस्तान तय रूट के अनुसार इस ट्रेन को तेजस राजधानी के आगे-आगे चलाने की तैयारी की गयी है. पटना नयी दिल्ली वंदेहिंदुस्तान पटना जंक्शन से रात 19 बजे चलकर अगले दिन सुबह 7:30 बजे नयी दिल्ली पहुंचेगी. जबकि वापसी में यह ट्रेन नयी दिल्ली से सुबह 8:25 पर रवाना होगी और रात 20 बजे पटना जंक्शन आ जायेगी. यह ट्रेन पटना के बाद आरा, बक्सर, डीडीयू, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल के बाद सीधे नयी दिल्ली स्टेशन रुकेगी. वहीं तेजस राजधानी भी राजेंद्र नगर टर्मिनल से 7:10 व जंक्शन से 7:35 बजे खुलती है. इससे ठीक 35 मिनट पहले वंदेहिंदुस्तान को प्रस्थान करने की तैयारी की गयी है. हालांकि पूर्व मध्य रेलवे में इसका अभी नोटिफिकेशन नहीं आया है. नोटिफिकेशन आते ही जल्द इसे चलाने की तैयारी शुरू कर दी जायेगी. Also Read: Bihar Train: वाराणसी मंडल में मेगा ब्लॉक, आम्रपाली सहित कई ट्रेनों के बदले मार्ग The post Vande Bharat: होली पर चलेगी पटना से वंदेहिंदुस्तान स्पेशल, राजधानी से पहले पहुंचेगी दिल्ली appeared first on Naya Vichar.

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