बिहार के 12 शहरों में बनेगा रिवर फ्रंट, इन गंगा घाटों पर मनोरंजन का मिलेगा पूरा इंतजाम…
नया विचार पटना- बिहार के कई जिलों में रिवर फ्रंट बनने वाला है. पटना के आसपास भी अब रिवर फ्रंट बनने वाला है. जबकि पटना के अलावा भागलपुर और कटिहार समेत कई अन्य जिलों में भी रिवर फ्रंट बनाने की तैयारी है. गंगा किनारे रिवर फ्रंट का डीपीआर बनाने के लिए निविदा के जरिए एजेंसी का सेलेक्शन किया जाना है. फरवरी में इसका टेंडर खुल जाएगा. डीपीआर बनने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा. पटना में भी होगा विस्तार पटना में दीघा में पाटीपुल घाट से मीनार घाट होते हुए जनार्दन घाट तक और पटना सिटी में झावगंज घाट से कंगन घाट होते हुए कच्ची घाट तक रिवर फ्रंट बनेगा. गंगा किनारे सौंदर्यीकरण का भी काम होगा ताकि लोग पैदल चल सकेंगे और मनोरंजन के लिए एक से बेहतर एक स्पॉट भी यहां लोगों को मिलेंगे. भागलपुर में 14 गंगा घाट आपस में जुड़ेंगे… पटना के अलावे भागलपुर में भी रीवर ड्राइव बनेगा. चंपा पुल घाट से बरारी तक लोग गंगा किनारे पैदल यात्रा कर सकेंगे. बुडको का दावा है कि अप्रैल तक डीपीआर बन जाएगी और एजेंसी का चयन करके निर्माण शुरू कर दिया जाएगा. भागलपुर में 14 गंगा घाट आपस में जुड़ जाएंगे. इन जिलों में भी बनेंगे रिवर फ्रंट… बक्सर: अहिल्या घाट से जेल घाट तक कुल 18 घाट मुजफ्फरपुर: नवनिर्मित सिद्धि घाट, मुक्ति धाम घाट और आश्रम घाट विस्तार वैशाली: नारायणी नदी के तट पर घाट और श्मशान आरा: मुहाली और सिन्हा घाट कटिहार: खरहा गोला और कुरसेला घाट लखीसराय; बड़हिया घाट बेगूसराय: मघुरापुर गंगा घाट छपरा: रिविलगंज घाट मुंगेर: कंकर घाट और मकसुसपुर घाट रिवर फ्रंट से क्या फायदे होंगे… पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. नदी किनारे लोग आएंगे. पानी से जुड़ी गतिविधियों का लाभ मिलेगा. तैरना, नौका विहार, मछली पकड़ना, लंबी पैदल यात्रा आदि कर सकेंगे. बोले प्रोजेक्ट डायरेक्टर… गंगा किनारे रिवर फ्रंट बनना है. डीपीआर बनाने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी निविदा के जरिये चयनीत की जा रही है. फरवरी में टेंडर खुलेगा. डीपीआर बन जाने के बाद कार्य एजेंसी बहाल करके निर्माण शुरू कराया जाएगा. मनीष कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, बुडको पटना








