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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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पटना SSP की बड़ी कार्रवाई, इस लापरवाही पर महिला थानाध्यक्ष को किया सस्पेंड, जानें किसे मिला प्रभार

Patna News: पटना जिले के खुसरूपुर थानाध्यक्ष अंकिता कुमारी को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. यह कार्रवाई एसएसपी अवकाश कुमार के निर्देश पर की गई है. अंकिता कुमारी के स्थान पर 2018 बैच के सब इंस्पेक्टर मनजीत कुमार ठाकुर को नया प्रभारी नियुक्त किया गया है.यह कार्रवाई लोदीपुर गांव में सोमवार को हुई गोलीबारी की घटना के बाद की गई है, जिसमें उदय सिंह के पुत्र अनमोल कुमार की मौत हो गई थी. स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लगाया आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते अगर प्रशासन एक्टिव रहती तो किसी की जान नहीं जाती. इस घटना के विरोध में मंगलवार को मृतक के परिजनों ने आरोपी पक्ष के घरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खुसरूपुर, सालिमपुर और दनियावां पुलिस मौके पर पहुंची थी. Also Read: महाकुंभ में भगदड़ के बाद भी ट्रेनों में कम नहीं हो रही तीर्थयात्रियों की भीड़, AC कोच का जनरल सा हाल घटना के विरोध में परिजनों ने आरोपी के घरों में की थी तोड़फोड़ बता दें कि यह विवाद 2022 से चल रहा था. जिसमें उदय सिंह और राजेंद्र प्रसाद के परिवारों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि राजेंद्र प्रसाद के परिवार के दो सदस्य मंजू देवी और उनके पति अरुण सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के विरोध में मंगलवार को मृतक के परिजनों ने आरोपी पक्ष के राजेंद्र प्रसाद, शैलेंद्र प्रसाद, राजू कुमार, कमलेश सिंह, राजकुमार और कुंदन कुमार के घरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खुसरूपुर, सालिमपुर और दनियावां पुलिस मौके पर पहुंची थी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें The post पटना SSP की बड़ी कार्रवाई, इस लापरवाही पर स्त्री थानाध्यक्ष को किया सस्पेंड, जानें किसे मिला प्रभार appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Bhumi: बिहार सरकार ने जमीन की ई-मापी के लिए जारी की अहम सूचना, नहीं किया ये काम तो रद्द होगा आवेदन

Bihar Bhumi: बिहार में भूमि मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वालों के लिए बिहार प्रशासन के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है. विभाग ने कहा है कि ई-मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी आवेदकों को अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर रजिस्टर कराना अनिवार्य है. इससे आवेदकों को कार्रवाई से संबंधित सभी जानकारी उनके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से मिलती रहेगी. 60 दिनों में राशि जमा नहीं करने पर रद्द होगा आवेदन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब आवेदक आवेदन करेगा तो उसे उसके रजिस्टर्ड नंबर पर एसएमएस के जरिए भूमि मापी के लिए जमा की जाने वाली राशि की जानकारी दी जाएगी. यदि 60 दिनों के भीतर मापी के लिए राशि जमा नहीं की जाती है तो आवेदन स्वतः ही रद्द माना जाएगा. यह व्यवस्था एक फरवरी 2025 से लागू होगी. ई-मापी ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन ई-मापी के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत सरल है. आप राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करते समय आपको अपनी जमीन से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. Also Read : महाकुंभ के कारण कैमूर में 72 घंटों से महाजाम, आठ घंटे से हिला तक नहीं है गाड़ियों का पहिया ई-मापी के लिए कैसे करें आवेदन आवेदन के लिए सबसे पहले वेबसाइट https://emapi.bihar.gov.in/ खोलें यदि आप नए यूजर हैं, तो पोर्टल पर रजिस्टर करें, मौजूदा यूजर अपने मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त करके लॉगिन कर सकते हैं. लॉगिन करने के बाद अप्लाई फॉर मापी पर क्लिक करें. मापी के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपनी जमीन की जमाबंदी से संबंधित दस्तावेज की पीडीएफ कॉपी बना लें, साथ ही लॉगिन के अंदर उपलब्ध ‘मापी के लिए शपथ पत्र’ की पीडीएफ तैयार कर लें. अब जिला, अंचल का चयन करें और आगे बढ़ें बटन पर क्लिक करें. इसके बाद हल्का, मौजा, चालू खंड संख्या (हिंदी में), पृष्ठ संख्या भरें और ‘रजिस्टर II विवरण प्राप्त करें’ बटन पर क्लिक करें. अब आपको अपनी जमाबंदी का विवरण दिखाई देगा और आपको मापी के लिए खाता, खेसरा और क्षेत्रफल भरने का विकल्प मिलेगा. आप ADD बटन पर क्लिक करके उस जमाबंदी के एक से अधिक प्लॉट जोड़ सकते हैं. खेसरा जोड़ने के बाद Proceed बटन पर क्लिक करें. अब स्क्रीन पर आवेदक का विवरण मांगा जाएगा. आवेदक द्वारा अपना विवरण दर्ज करने के बाद Save & Next बटन पर क्लिक करें. अब आपको मापी के लिए आवेदन किए गए खेसरा के सीमाधारक का विवरण (नाम, पता, मोबाइल, ईमेल) भरने का विकल्प मिलेगा. खेसरा के सभी सीमाधारकों का विवरण भरने के बाद Save & Next बटन पर क्लिक करें. अब यदि आप मापी से संबंधित जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को देना चाहते हैं, तो आपको संबंधित व्यक्ति का विवरण (नाम, पता, मोबाइल, ईमेल) भरने का विकल्प मिलेगा. सभी संबंधित व्यक्तियों का विवरण भरने के बाद Save & Next बटन पर क्लिक करें. अब आपको मापी से संबंधित कुछ घोषणा/प्रश्नावली मिलेगी. उन्हें भरने के बाद Save & Next बटन पर क्लिक करें. अंत में आपको जमाबंदी, रशीद, कोर्ट ऑर्डर एफिडेविट आदि साक्ष्य अपलोड करने होंगे तथा अंतिम घोषणा स्वीकार करने के बाद आपका आवेदन जमा हो जाएगा तथा आपको माप आवेदन संख्या प्राप्त होगी. आवेदन स्थिति मेन्यू के अंतर्गत आपको स्वीकृत आवेदन के लिए माप शुल्क जमा करने तथा मापी के लिए तिथि चुनने का विकल्प दिया गया है. The post Bihar Bhumi: बिहार प्रशासन ने जमीन की ई-मापी के लिए जारी की अहम सूचना, नहीं किया ये काम तो रद्द होगा आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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‘महाकुंभ में 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु मौजूद, लेकिन स्थिति नियंत्रण में; सीएम योगी ने लोगों से की ये अपील

नया विचार – महाकुंभ में हुई भगदड़ के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कुंभ मेला क्षेत्र में मौजूद आला अधिकारियों से अपडेट ले रहे हैं। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जिस घाट के पास हैं वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर जाने से बचें। उन्होंने कहा कि स्नान के लिए कई घाट बनाए गए हैं जिनका उपयोग किया जा सकता है। सीएम योगी ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है। सीएम योगी ने कहा- महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। संगमनगरी में आज करीब 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु मौजूद हैं। मौनी अमावस्या के अमृत स्नान से एक दिन पूर्व 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रयागराज में महाकुंभ में श्रद्धालुओं के सकुशल स्नान करने के लिए, उनकी व्यवस्था के लिए पीएम मोदी सुबह से ही लगातार चार बार जानकारी ले चुके हैं। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी प्रातः से ही श्रद्धालुओं के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं। उच्च स्तरीय मीटिंग जारी श्रद्धालुओं सुचारू रूप से स्नान कर सके, इसके लिए डीजीपी, प्रमुख सचिव समेत कई बड़े अधिकारियों के साथ हाई लेवेल की मीटिंग चल रही है। प्रयागराज में हालात वर्तमान में नियंत्रण में हैं लेकिन भीड़ का दबाव बहुत बना हुआ है। श्रद्धालुओं के बाद संत करेंगे स्नान मुख्यमंत्री ने अखाड़ा परिषद से जुड़े हुए पदाधिकारियों से बात की है। सीएम के निवेदन पर संतों ने कहा, पहले श्रद्धालु स्नान करके निकल जाएंगे उसके बाद ही हम स्नान के लिए संगम की तरफ करेंगे। सभी अखाड़े इसके लिए सहमत हैं। अफवाहों पर न दें ध्यान: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, लगातार संगम, नागवासुकी और अखाड़ा मार्ग पर दबाव बना हुए है। लोगों से अपील है कि अफवाह पर ध्यान न दें। संयम से काम लें। ये आयोजन लोगों का है। प्रशासन उनकी सेवा के लिए लगा है। प्रशासन मजबूती के साथ हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तत्पर है। आवश्यक नहीं है कि संगम नोज की तरफ ही आएं। 15-20 किलोमीटर के दायरे में अस्थायी घाट बनाए गए हैं, आप जहां पर हैं वहीं पर स्नान करें।”

अपराध, बिहार

बिहार में मेडिकल टेक्नीशियन की पीट-पीट कर हत्या, एंबुलेंस पलटने से नाराज थे मरीज के परिजन

नया विचार – बिहार में एक एंबुलेंस के पलट जाने के बाद मरीज के आक्रोशित परिजनों ने एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की पीट-पीट कर हत्या कर दी. वारदात गया जिले के बथानी की है. 30 साल के मृतक का नाम कुंदन कुमार बताया जा रहा है. इस पूरे मामले में मरीज के परिजनों और आसपास के लोगों पर पीटने का आरोप लगा है. कुंदन कुमार नालंदा जिला के परवलपुर थाना क्षेत्र के एक सारी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. पुलिस मरीज के परिजनों से पूछताछ कर रही है. गुस्साये परिजनों ने पीट-पीट कर मार डाला जानकारी के अनुसार, बथानी थाना क्षेत्र के ढकनी बी से एक मरीज को लाने के लिए यह एम्बुलेंस गया था. मरीज को एम्बुलेंस में रखने के बाद जब गाड़ी को बैक किया जा रहा था, इसी दौरान मरीज सहित एंबुलेंस पलट गयी. एंबुलेंस पलटने पर ईएमटी कुंदन कुमार ने दूसरे एंबुलेंस के लिए अस्पताल को फोन किया. इस बीच, इसके बाद मरीज के परिजन और कुछ स्थानीय लोग भड़क गए. एम्बुलेंस पलटने की जानकारी मिलते ही वहां पर ग्रामीण जुट गये. उग्र होती भीड़ को देखकर ड्राइवर और मृतक कुंदन वहां से भागने लगे. ड्राइवर ने बताया कि वह खेत के रास्ते भागा, जबकि कुंदन सड़क के रास्ते भागने कोशिश में पकड़ा गया. वहां पर कुछ लोगों ने उसे पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया.   जांच में जुटी पुलिस दूसरा एंबुलेंस लेकर जब 112 की टीम के साथ एंबुलेंसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा गया कि सड़क पर कुंदन अधमरा स्थिति में पड़ा हुआ था. उसे आनन-फानन में बिहार शरीफ के एक निजी क्लीनिक में ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एंबुलेंस में मौजूद गर्भवती स्त्री को 112 की टीम ने अस्पताल पहुंचा. इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है. नीमचक बथानी थाना ने कुंदन के शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल अस्पताल भेजा है. इस घटना को लेकर कुंदन के परिजन में कोहराम मचा हुआ है. वहीं अस्पताल के कर्मी इस घटना को लेकर स्तब्ध है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में पुलिस अब एंबुलेंस बुलानेवाली आशा देवी से पूछताछ कर रही है.  

बिहार, समस्तीपुर

हायोरब्बा! मास्टर साहब ने किया घोटाला, एक साथ पांच टीचर सस्पेंड, डबल बर्थडे वाले गुरुजी पर भी शिकंजा

नया विचार समस्तीपुर: एक साथ पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। ये मामला मोरवा प्रखंड के बाजितपुर करनैल स्थित प्लस टू जनता उच्च विद्यालय का है। स्कूल के निर्माण कार्य में लगभग 60 लाख रुपये के गबन का आरोप है। विभागीय निर्देशों की अनदेखी और मानक से अधिक भुगतान भी किया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच हुई और ये घोटाला सामने आया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य का पैसा एक शिक्षक के निजी खाते में भेजा गया था। डीईओ ने पूर्व प्रधानाचार्य समेत पांच शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। एक अलग मामले में, परिहार के एक शिक्षक पर फर्जी जन्मतिथि के आधार पर नौकरी करने का आरोप है, जिसकी जांच की जा रही है। समस्तीपुर के मोरवा में पांच स्कूल टीचर सस्पेंड समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड में स्थित प्लस टू जनता उच्च विद्यालय, बाजितपुर करनैल में एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। इस घोटाले में स्कूल के निर्माण कार्य में लगभग 60 लाख रुपये के गबन का आरोप है। इसके साथ ही विभागीय निर्देशों की अनदेखी और मानक से अधिक भुगतान जैसे आरोप भी सामने आए हैं। इस मामले में स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य समेत पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब स्थानीय ग्रामीणों ने स्कूल के नवनिर्माण और चारदीवारी निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत की। ग्रामीणों को शक था कि निर्माण कार्य में प्रशासनी नियमों की अनदेखी की जा रही है और पैसे का गबन हो रहा है। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत मोरवा विधायक रणविजय साहू से की। विधायक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को मामले की जांच के आदेश दिए। स्कूल की बाउंड्री निर्माण में गड़बड़झाला डीईओ के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) कुमार सत्यम के नेतृत्व में एक जांच दल गठित किया गया। जांच में पाया गया कि स्कूल के निर्माण कार्य में लगभग 60 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में स्कूल प्रबंधन समिति और अन्य सदस्यों को कोई जानकारी नहीं दी गई। यह भी पता चला कि निर्माण कार्य के लिए जो पैसा स्कूल के खाते से संबंधित एजेंसी को भेजा जाना चाहिए था, वो एक शिक्षक के निजी खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। चारदीवारी निर्माण में 20 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया, जो वास्तविक लागत से कहीं ज्यादा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त तरुण कुमार झा, वर्तमान प्रभारी प्रधानाचार्य विकास कुमार झा और शिक्षक अमरेन्द्र कुमार, राजीव कुमार और चंदन कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है। डीईओ के आदेश पर विभागीय प्रक्रिया के तहत दोषी शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। मोरवा के बीईओ राकेश कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। डबल बर्थडे वाले मास्टर साहब पर भी शिकंजा वहीं, एक अलग मामले में, परिहार में जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रमोद कुमार साहू ने बीडीओ आलोक कुमार को मध्य विद्यालय शिवनगर के प्रखंड शिक्षक राम दिनेश राय पर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। राम दिनेश राय पर फर्जी जन्मतिथि के आधार पर नौकरी करने का आरोप है। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि राम दिनेश राय फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से मामले की जांच करवाई। जांच में यह बात सामने आई कि राम दिनेश राय ने दो अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज कराकर प्रशासनी नौकरी हासिल की है। इसके बाद डीईओ ने बीडीओ को पत्र लिखकर राम दिनेश राय के खिलाफ विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

बिहार

बिहार में 15000 कमाने वाले लोगों की बल्ले-बल्ले, अब मिलेगा इस योजना का लाभ; जानें

नया विचार पटना– बिहार के गरीब परिवारों के लिए खुशसमाचारी है। अब उन्हें पक्का घर मिलने का सपना जल्द ही पूरा हो सकता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत घर-घर सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इस सर्वे का मकसद उन सभी योग्य परिवारों की पहचान करना है, जो अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं। यह सर्वेक्षण 31 मार्च तक चलेगा। इस दौरान अधिकारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी इकट्ठा करेंगे। योजना में किए गए बड़े बदलाव इस बार योजना में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले अगर आपके पास बाइक थी या आपकी आमदनी 10000 रुपये से ज्यादा थी, तो आपको इस योजना का लाभ नहीं मिलता था। लेकिन अब नियम बदल गए हैं। अगर आपके पास बाइक है और आप 15000 रुपये प्रतिमाह कमाते हैं, तब भी आप पीएम आवास योजना का लाभ ले सकते हैं। बनाए गए हैं खास नियम लाभार्थियों के चयन के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं। सबसे पहले तो आपके पास प्रशासनी नौकरी नहीं होनी चाहिए। दूसरे आपके पास ट्रैक्टर या हार्वेस्टर जैसा कोई कृषि यंत्र नहीं होना चाहिए। और तीसरा, आपका नाम योजना की पुरानी सूची में नहीं होना चाहिए। इनके अलावा कुछ और भी नियम हैं। अगर आपके पास कार या कोई अन्य चार पहिया वाहन है, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा 50000 रुपये या उससे ज्यादा है, आप इनकम टैक्स या व्यापार कर देते हैं, या आपके परिवार में किसी सदस्य की मासिक आय 15,000 रुपये या उससे ज्यादा है, तो आपको इस योजना से बाहर रखा जाएगा। योजना का लाभ लेने को चाहिए ये कार्ड पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास मनरेगा का जॉब कार्ड और आधार कार्ड होना जरूरी है। अगर आपके पास जॉब कार्ड नहीं है, तो आपको योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सर्वे के दौरान अधिकारी इन सभी बातों की जांच करेंगे। सर्वे पूरा होने के बाद योग्य लाभार्थियों के नाम आवास प्लस 2.0 ऐप में जोड़े जाएंगे।

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महाकुंभ में जब नेहरू के लिए 1954 में मची थी भगदड़, 1000 लोगों की हुई थी मौत

नया विचार – महाकुंभ 1954 संगम तट पर एक बार फिर से मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ मच गई. इसमें कई लोगों की मौत हो गई है. इसमें पहले वर्ष 1954 और 2013 में भी मौनी अमावस्या के दिन ही भगदड़ मचने से कई लोगों की मौत हो गई थी. कहा जाता है कि वर्ष 1954 के महाकुंभ मे मची भगदड़ से करीब एक हजार लोगों की मौत हो गई थी. इसी प्रकार 2013 में कुंभ स्नान कर वापस लौट रहे 36 लोगों की मौत प्रयागराज स्टेशन पर मची भगदड़ में हुई थी. कई लोगों को तो कफन तक नसीब नहीं हुआ था. 1954 में मची थी भगदड़ 1000 लोगों की हुई थी मौत वर्ष 1954 के 3 फरवरी को मौनी अमावस्या था. इसको लेकर लाखों लोग संगम स्नान के लिए पहुंचे थे. इसी बीच सुबह करीब 8-9 बजे मेले में समाचार फैली कि प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू आ रहे हैं. इस समाचार के बाद संगम में स्नान करने आई भीड़ पंडित नेहरू को देखने के लिए उमड़ पड़ी. भीड़ उस ओर दौडी जस तरफ नागा साधु ठहरे हुए थे. भीड़ को अपनी तरफ भीड़ आती देख नागा साधुओं को लगा कि भीड़ उनपर हमले को आ रही है. इस कारण संन्यासी तलवार और त्रिशूल लेकर भीड़ पर हमला करने के लिए दौड़ पड़े. भगदड़ मच गई. जो एक बार गिरा, वो फिर उठ नहीं सका. जान बचाने के लिए लोग बिजली के खंभों से चढ़कर तारों पर लटक गए. कहा जाता है कि भगदड़ में एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. यूपी प्रशासन इस हादसे से इंकार करती रही. उसका कहन था कि इस हादसा में किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन एक फोटोग्राफर की तस्वीर ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया और नेतृत्वक हंगामा खड़ा हो गया. पंडति नेहरू को संसद में इसपर बयान तक देना पड़ा था. इस हादसे में करीब एक हजार लोगों की मौत हुई थी. प्रशासन की ओर से की गई कई व्यवस्था आजाद हिंदुस्तान में पहली बार वर्ष 1954 में पहला महाकुंभ लगा था. यह कुंभ भी इलाहाबाद यानी अब के प्रयागराज में लगा था. वर्ष 1954 में 3 फरवरी को मौनी अमावस्या था. मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने के लिए लाखों लोग संगम पहुंचे थे. लेकिन, सुबह से हो रही बारिश के कारण चारों तरफ कीचड़ और फिसलन थी. हालांकि आजाद हिंदुस्तान का पहला महकुंभ होने के कारण तब की प्रशासन की ओर से बड़ी तैयारी की गई थी. संगम के करीब ही अस्थाई रेलवे स्टेशन बनाया गया था. बड़ी संख्या में टूरिस्ट गाइड अपॉइंट किए गए थे. उबड़-खाबड़ जमीनों को समतल कर दिया गया था. इसके साथ ही सड़कों पर बिछी रेलवे लाइनों के ऊपर पुल बनाए गए थे. पहली बार कुंभ में बिजली के खंभे लगाए गए थे. इसके साथ ही महकुंभ को लेकर 9 अस्पताल खोले गए थे, ताकि कोई बीमार पड़े या फिर हादसे होने पर उसका फौरन इलाज हो सके.

घटनाएँ, ताजा ख़बर

महाकुंभ में भीड़ बेकाबू, बैरिकेडिंग गिराकर घुसे:मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए प्रयागराज में हुजूम;

नया विचार – महाकुंभ में सोमवार को बहुत ज्यादा भीड़ रही। इसलिए पांटून पुल नंबर- 15 बंद कर दिया गया। इसको लेकर लोगों ने सेक्टर- 20 में प्रदर्शन किया। कुछ लोगों की पुलिस से बहस हो गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मेले के अंदर चले गए। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि पुलिस वाले भी लोगों को रोकने की हिम्मत नहीं दिखा सके। हालांकि, रात करीब 9 बजे अधिकारियों के आदेश पर पांटून पुल 13, 14 और 15 को खोल दिया गया। दरअसल, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान पर्व है। इस पर्व पर संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु अभी से पहुंचने लगे हैं। इससे जबरदस्त भीड़ हो गई है। अमेरिकी रॉक बैंड कोल्डप्ले के को-फाउंडर और सिंगर क्रिस मार्टिन महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उनकी गर्लफ्रेंड और अमेरिकी एक्ट्रेस डकोटा जॉनसन भी नजर आईं। क्रिस और डकोटा को एक कार में बैठे देखा गया। दोनों भगवा रंग की ड्रेस पहने थे। वहीं, गंगा स्नान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्य प्रदेश के महू में भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- गंगा में स्नान करने से गरीबी दूर नहीं होगी। भाजपा नेता गंगा स्नान जैसी गतिविधियों के जरिए जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं, जैसे कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याएं। महाकुंभ में सोमवार को 1.55 करोड़, मंगलवार को लगभग 5 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई व रात तक 8-10 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है। 13 जनवरी से लेकर अब तक कुल 19.76 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं।

आपदा, आस्था, ताजा ख़बर

महाकुंभ- संगम तट पर भगदड़, 14 की मौत:प्रयागराज में श्रद्धालुओं की एंट्री रोकी; सभी 13 अखाड़ों का अमृत स्नान रद्द

नया विचार – प्रयागराज के संगम तट पर मंगलवार-बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे भगदड़ मच गई। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वरूपरानी अस्पताल में मौजूद रिपोर्टर के मुताबिक, 14 शव पोस्टमॉर्टम के लिए लाए जा चुके हैं। हालांकि, प्रशासन ने मौत या घायलों की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। मेला प्रशासन के अनुरोध पर सभी 13 अखाड़ों ने अमृत स्नान को रद्द कर दिया है। ग्राउंड जीरो पर मौजूद के रिपोर्टर्स के मुताबिक, अफवाह के चलते यह भगदड़ मची। कुछ स्त्रीएं जमीन पर गिर गईं और लोग उन्हें कुचलते हुए निकल गए। समाचार मिलते ही 50 से ज्यादा एंबुलेंस संगम तट पर पहुंच गई हैं। घायलों को अलग-अलग अस्पताल में भिजवाया जा रहा है। NSG कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया है। संगम नोज इलाके को आम लोगों के लिए सील कर दिया गया है। यहां सिर्फ साधुओं को स्नान के लिए जाने की इजाजत है। मीडिया रिपोर्ट्स में अब मौके पर हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। एंबुलेंस को भी घटनास्थल से लौटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रयागराज में लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है। सीमा वाले सभी जिलों में अधिकारियों को श्रद्धालुओं को रोकने के लिए मुस्तैद कर दिया गया है। महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या का स्नान है, जिसके चलते करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज में मौजूद होने का अनुमान है। श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अब भी जारी है। प्रशासन के मुताबिक, संगम समेत 44 घाटों पर देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की संभावना है। इससे ठीक, एक दिन पहले यानी मंगलवार को साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। सुरक्षा के लिए 60 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं।

समस्तीपुर

जिलाधिकारी ने 15 दिनों के अंदर निलाम पत्र वादों को निष्पादन करने का दिया निर्देश

नया विचार समस्तीपुर-  जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा द्वारा समाहरणालय सभागार समस्तीपुर में मंगलवार को नीलाम पत्र वादों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी समस्तीपुर द्वारा सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी को 1990 तक के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर अगले 10 से 15 दिनों में निष्पादन करने का निर्देश दिया गया ।इसके अलावा सभी नीलाम पत्र वादों को लगातार सुनवाई करते हुए यथाशीघ्र निष्पादन हेतु सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया। विदित को पूरे जिले में कुल 57 पदाधिकारी को नीलाम पत्र वाद की सुनवाई की शक्ति प्रदत्त है जिनमें सभी अनुमंडल पदाधिकारी ,सभी भूमि सुधार उपसमाहर्ता,प्रखंड विकास पदाधिकारी,अंचलाधिकारी , वरीय उप समाहर्ताओ सहित अन्य पदाधिकारी सम्मिलित हैं। बैठक में अपर समाहर्ता समस्तीपुर श्री अजय कुमार तिवारी, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन श्री राजेश सिंह , विशेष कार्य पदाधिकारी श्री महमूद आलम सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं नीलाम पत्र पदाधिकारी शामिल रहे।

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