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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

घटनाएँ, ताजा ख़बर, बिहार

बिहार के सासाराम में रिटायर्ड होमगार्ड जवान की हत्या, लाठी से पीटकर मार डाला

नया विचार सासाराम –  बड़ी समाचार बिहार के सासाराम से है जहां एक बुजुर्ग की पीट कर हत्या कर दी गयी है। मृतक होमगार्ड जवान की सेवा से रिटायर हुआ था। उसके ग्रामीण ने ही उसे मार डाला। घटना सासाराम के नौहट्टा थाना क्षेत्र के उल्ली गांव की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हत्या का आरोपी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि मृतक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। अक्सर उटपटांग हरकतें करता रहता था। घटना के संबंध में बताया जाता है कि गांव का जयराम साह होमगार्ड से रिटायर्ड व्यक्ति था तथा अर्द्धविक्षिप्त रहता है। रविवार को वह पागलपन मे ठुमका डोम उर्फ इंदल राम का सिलवट लेकर भाग रहा था। जब इंदल राम ने उसे पकड़ा तो लाठी से सिर पर मार दिया। रविवार की शाम उसे रेफरल अस्पताल लाया गया। रेफरल अस्पताल से उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज मे हॉस्पिटल में उसे ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने वहीं से उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके पहले डेड बॉडी की प्रारंभिक जांच पड़ताल की गई। जमुहार थाना पुलिस कांड की जांच कर रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आरोपी को जल्द दबोच लिया जाएगा। पुलिस गंभीरता के साथ मामले में काम कर रही है। घटना के बारे में परिजनों और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जा रही है।

ताजा ख़बर, बिहार

स्पीकरों के सम्मेलन में शिरकत नहीं करेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जानें क्या रही वजह

नया विचार पटना– बिहार विधानमंडल में आयोजित अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिरकत नहीं करेंगे. मुख्यमंत्री सोमवार को प्रगति यात्रा के तहत सुपौल जायेंगे और रात मधेपुरा में ही गुजारेंगे. अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में उनके शामिल होने की कोई सूचना नहीं है. कार्यक्रम के पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर और नाम शामिल हैं, लेकिन उद्घाटन सत्र में उनके संबोधन का कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया है. इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए 19 जनवरी की शाम को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पटना पहुंच चुके हैं. बिहार विधानसभाध्यक्ष नंदकिशोर यादव और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने उनका स्वागत किया. 43 साल बाद पटना में हो रहा आयोजन बिहार में 43 साल बाद अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. सोमवार से दो दिवसीय 85वां अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की शुरुआत हो रही है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत सभी राज्यों की विधानसभा के अध्यक्ष इस बैठक में शामिल होंगे. जहां संसद और विधायिका पर चर्चा होगी. विधानसभा में संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में संसद और राज्य विधायी निकायों का योगदान’ विषय पर चर्चा करेंगे. रविवार की शाम ही पटना पहुंचे ओम बिरला 19 जनवरी को देर शाम तक अधिकतर पीठासीन अधिकारी भी बिहार आ गए हैं. 20 जनवरी को सभी पीठासीन अधिकारी और सचिव अपने परिवार के सदस्य के साथ राज भवन में ब्रेकफास्ट करेंगे. 10:15 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में सभी अतिथियों का आगमन होगा. 10:35 बजे विधानसभा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विधानसभा पहुंचेंगे. फिर इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारियों की फोटोग्राफी होगी, जबकि 12:00 बजे से सेंट्रल हॉल में नेशनल एंथम से कार्यक्रम की शुरुआत होगी.

स्वास्थ्य

सर्दियों में क्यों बढ़ती है ब्लड शुगरः डायबिटीज है तो ये 10 फल-सब्जियां खाएं, शुगर लेवल कंट्रोल रहेगा

नया विचार – कड़कड़ाती ठंड और सर्द हवाओं की वजह से कई मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से क्रॉनिक डायबिटीज है, उन्हें इस मौसम में अधिक ऐहतियात बरतने की जरूरत है। दरअसल सर्दियों में डायबिटिक लोगों का ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसका मुख्य कारण है ठंड के मौसम में मेटाबॉलिज्म का फास्ट होना। ठंड में अक्सर पाचन बढिया रहता है और हम ज्यादा खाना खा लेते हैं। हालांकि, कुछ ऐसे मौसमी फल और सब्जियां हैं, जिन्हें अपनी डाइट में शामिल करके ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। तो चलिए, आज जरूरत की समाचार में बात करेंगे कि सर्दियों में डायबिटिक लोगों के लिए कौन से फल-सब्जियां खाना फायदेमंद है? साथ ही जानेंगे कि- • ठंड में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का क्या कारण है? • ब्लड शुगर लेवल को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं? सवाल- सर्दियों में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का खतरा क्यों रहता है? जवाब- सर्दियों में तापमान में गिरावट होने के साथ शरीर में बनने वाले इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है, जबकि ठंड में इसकी जरूरत अधिक होती है। यही वजह है कि सर्दियों में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का रिस्क होता है। इसके अलावा कुछ और कारण भी हैं। जैसे कि- ठंड में लोगों की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। अक्सर लोग एक्सरसाइज करना बंद कर देते हैं। इससे कैलोरीज बर्न नहीं हो पाती हैं और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। सर्दियों में खानपान में बदलाव की वजह से भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है। ऐसे में ड्रिहाइड्रेशन की वजह से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। सवाल- ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) क्या होता है? जवाब– ग्लाइसेमिक इंडेक्स वह पैमाना है, जिससे हमें पता चलता है कि कोई खाद्य पदार्थ कितनी तेजी से हमारे ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है। हम कुछ भी खाते हैं तो उसके बाद शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है। हरी सब्जियों का GI इंडेक्स सबसे कम होता है। उन्हें खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल बहुत देर से और बहुत मामूली सा बढ़ता है। वहीं ग्लूकोज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 100 होता है। यह पेट में जाने के बाद ब्लड शुगर लेवल को तुरंत बढ़ा देता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर जो खाद्य पदार्थ हाई रेटिंग वाले होते हैं, उनमें कार्ब की मात्रा ज्यादा होती है। ये पेट में जाकर जल्दी और आसानी से पचते हैं और ब्लड शुगर लेवल को तुरंत बढ़ाते हैं। वहीं जिन खाद्य पदार्थों की रैंकिंग ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर कम होती है, वो पचने में वक्त लेते हैं और उन्हें खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने की गति बहुत धीमी होती है, जैसे फाइबर, प्रोटीन और हाई क्वालिटी फैट। सवाल- ग्लाइसेमिक लोड (GL) क्या होता है? जवाब- ग्लाइसेमिक लोड यह बताता है कि खाद्य पदार्थ में कितनी मात्रा में शुगर मौजूद है और वह ब्लड शुगर लेवल को कितना बढ़ाता है। इससे उसका ग्लाइसेमिक लोड पता चलता है। सवाल- सर्दियों में कौन से फल डायबिटिक लोगों के लिए फायदेमंद हैं? जवाब- सर्दियों के सीजन में कई ऐसे मौसमी फल हैं, जो डायबिटिक लोगों के लिए रामबाण का काम करते हैं। ये ठंड में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार हैं। सवाल- क्या फ्रूट्स खाने के बजाय उसका जूस पी सकते हैं? जवाब- कई लोगों को लगता है कि फ्रूट जूस भी फ्रूट्स की तरह पोषण से भरपूर होते हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह महज एक मिथ है। फ्रूट जूस निकालते समय उसके फाइबर और मिनरल्स निकल जाते हैं। इस वजह से फ्रूट जूस ब्लड शुगर लेवल को ज्यादा बढ़ाते हैं। इसलिए डायबिटिक लोगों को फ्रूट जूस पीने के बजाय मौसमी फल ही खाने चाहिए। सवाल- फल खाते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? जवाब– फल खाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि- • किसी भी फल को भोजन के साथ न खाएं। • हमेशा ताजे फल ही खाएं। फ्रोजन और कटे हुए फल खाने से बचें। • फल उसी समय काटें, जब आप उन्हें खाना चाहते हैं। देर तक काटकर रखने से उसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं। सवाल- सर्दियों में कौन सी सब्जियां डायबिटिक लोगों के लिए फायदेमंद हैं? जवाब– सर्दियों में मिलने वाली कुछ हरी सब्जियां ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार हैं। पालक पालक का ग्लाइसेमिक लोड कम होता है। इसका आप साग बनाकर खा सकते हैं। इससें फाइबर, विटामिन्स, कैल्शियम और आयरन जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। मेथी साग मेथी को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें फाइबर और अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है। मेथी के साग को डाइट में शामिल कर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। बैंगन बैंगन की सब्जी बनाकर या इसे बॉइल करके खा सकते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार है। ब्रोकली यह एक सुपरफूड है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी डायबिटिक प्रॉपर्टीज होती हैं। इसकी वजह से यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार है। सरसों का साग सरसों का साग विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने का काम करता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए सरसों का साग फायदेमंद होता है।

आस्था, ताजा ख़बर, बिहार

महाकुंभ में न खोएं बच्चे-बुजुर्गः बरतें 7 सावधानियां, जाने से पहले करें प्लानिंग, 5 बातों का रखें ख्याल

नया विचार – प्रयागराज में महाकुंभ, 2025 की शुरुआत हो चुकी है। हर रोज महाकुंभ में लाखों लोग स्नान करने पहुंच रहे हैं। सड़क से लेकर घाटों तक श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर अक्सर लोगों की अपने परिजनों से बिछड़ने की आशंका रहती है। महाकुंभ के पहले ही दिन शुरू के पांच घंटे में ही तकरीबन साढ़े चार हजार लोग अपने परिजनों से बिछड़ गए। इनमें ज्यादातर शिशु और बुजुर्ग थे। ऐसे में अगर आप भी परिवार के साथ महाकुंभ में स्नान करने जा रहे हैं तो पहले से कुछ तैयारियां करने की जरूरत है। इससे महाकुंभ के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपका परिवार सुरक्षित रहेगा। तो चलिए, आज जरूरत की समाचार में बात करेंगे कि बच्चों-बुजुर्गों के साथ महाकुंभ की यात्रा के दौरान क्या सावधानियां बरतें। साथ ही जानेंगे कि- • परिवार के साथ महाकुंभ की प्लानिंग कैसे करें? अगर महाकुंभ में कोई बिछड़ जाए तो क्या करें? सवाल- महाकुंभ में हर रोज कितने लोग अपने परिजनों से बिछड़ रहे हैं? जवाब– महाकुंभ में मकर संक्रांति के दिन • अमृत स्नान के समय सुबह 4 बजे से 9 बजे के बीच करीब 4500 लोग अपनों से बिछड़ गए। बाद में खोया-पाया केंद्र के जरिए उन लोगों को उनके परिवार वालों से मिलवाया गया। ये महज पहले दिन के कुछ ही घंटों का आंकड़ा है। इसी तरह वहां भीड़भाड़ के चलते हर रोज सैकड़ों लोग अपने परिजनों से बिछड़ते हैं। सवाल- अगर छोटे बच्चों-बुजुर्गों के साथ महाकुंभ जा रहे हैं तो क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब– अगर महाकुंभ स्नान के लिए बच्चों-बुजुर्गों के साथ जा रहे हैं तो उनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। शिशु समझदार हैं तो उन्हें अपना मोबाइल नंबर और एड्रेस याद कराएं। बच्चों-बुजुर्गों को एक पर्ची में एड्रेस व मोबाइल नंबर लिखकर दें, जिससे बिछड़ने पर वह तुरंत किसी की मदद से संपर्क कर सकें। • साथ ही उन्हें डार्क कलर के कपड़े पहनाएं। इससे वह दूर से ही पहचान में आ सकेंगे। इसके अलावा कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है। सवाल- बच्चों-बुजुर्गों को साथ लेकर महाकुंभ जाते हुए क्या सावधानियां बरतें? जवाब– महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन है। इसमें हर रोज दुनियाभर से लाखों-करोड़ों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। • प्रयागराज मेला प्राधिकरण के मुताबिक, 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में तकरीबन 40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। • ऐसे में इतनी बड़ी संख्या के बीच सुरक्षित रहना और महाकुंभ का पूरा आनंद लेना अपने आपमें एक चुनौती है। इसलिए बच्चों-बुजुर्गों के साथ महाकुंभ जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। सवाल- अगर महाकुंभ में कोई परिजन बिछड़ जाए तो क्या करें? जवाब– महाकुंभ की लाखों-करोड़ों की • भीड़ में पलक झपकते ही शिशु या बुजुर्ग बिछड़ सकते हैं। अगर आपके सामने ऐसी स्थिति आती है तो बिल्कुल घबराएं नहीं, धैर्य से काम लें। तुरंत नजदीकी खोया-पाया केंद्र पर जाएं और अपने परिजन के खोने का अनाउंसमेंट करवाएं। • प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा महाकुंभ में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं, जो आपकी मदद करेंगे। इसके अलावा अपने नजदीकी पुलिस बूथ से संपर्क करें। • अगर ज्यादा भीड़ की वजह से आप खोया-पाया केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो कुंभ हेल्पलाइन नंबर 1920 पर कॉल करके भी मदद मांग सकते हैं। सवाल- महाकुंभ में जाने से पहले क्या तैयारियां करनी चाहिए? जवाब– ठंड का समय है। ऐसे में महाकुंभ जाने से पहले बहुत जरूरी है कि इसकी सही तरीके से प्लानिंग की जाए। अगर आप बस, ट्रेन या हवाई जहाज से जाना चाहते हैं तो इसके लिए टिकट की प्री-बुकिंग करा लें। इसके अलावा प्रयागराज में ठहरने के लिए होटल, लॉज, धर्मशाला या फिर टेंट सिटी की एडवांस बुकिंग कराएं। ताकि सर्दी के मौसम में परिवार के साथ किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ध्यान रहे कि होटल की बुकिंग के समय सिर्फ ऑथराइज्ड वेबसाइट्स या मोबाइल नंबर्स का ही इस्तेमाल करें। कभी भी किसी व्यक्ति के जरिए सस्ते दामों में बुकिंग के चक्कर में न पड़ें। ऐसा करने से आप फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा महाकुंभ में अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। जैसे कि- • स्नान के लिए हमेशा ऑथराइज्ड घाटों पर ही जाएं। • हमेशा बच्चों-बुजुर्गों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही रहें। घाट पर सभी एक ही जगह स्नान करें। • अगर घाट पर भीड़ ज्यादा है तो बच्चों को वहां ले जाने से बचें। • स्नान के लिए घाट पर पहुंचते समय अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर रख दें। भीड़भाड़ वाली जगह पर सामान के चोरी होने का ज्यादा खतरा रहता है। • महाकुंभ में किसी भी अजनबी पर भरोसा न करें। इसके अलावा अनऑथराइज्ड जगह पर खाना खाने से भी बचें। • अपना पहचान पत्र, होटल या लॉज का नाम और बुकिंग से जुड़ी डिटेल्स साथ रखें। महाकुंभ के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।

ताजा ख़बर, बिहार

आज पटना में जुटेंगे देशभर के विधानसभा अध्यक्षः 42 साल बाद बिहार को मिली मेजबानी, संसद और विधायिका पर होगी चर्चा

नया विचार पटना – बिहार में करीब 42 साल बाद आज यानी सोमवार को दो दिवसीय अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन सम्मेलन शुरू हो रहा है। कार्यक्रम विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में होगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में भाषण लोकसभा स्पीकर ओम बिरला देंगे। बता दें कि यह सम्मेलन 1982 के बाद बिहार में हो रहा है। तब कांग्रेस के राधा नंदन झा विधानसभा अध्यक्ष थे। इस सम्मेलन में पूरे देश के पीठासीन पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा 28 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, 6 विधानसभा परिषद के सभापति और केंद्र शासित प्रदेशों के स्पीकर समेत करीब 300 अतिथि शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश भी मौजूद रहेंगे। विधानसभा में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के चैंबर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के बैठने की व्यवस्था की गई है। वहीं, राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश के लिए संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी के चैंबर में व्यवस्था की गई है। लोकसभा के महासचिव डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के चैंबर में बैठेंगे तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के चैंबर में राज्यसभा के महासचिव के बैठने की व्यवस्था की गई है। सम्मेलन में संसद और विधायिका (चुने हुए प्रतिनिधियों का समूह) की भूमिका पर विस्तार से चर्चा होगी। पटना के पर्यटन स्थल भी देखेंगे गेस्ट सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी अतिथि 19 जनवरी यानी रविवार की शाम से ही पटना पहुंच चुके हैं। सम्मेलन का समापन सत्र 21 जनवरी को सेंट्रल हॉल में होगा और इसके बाद सभी गेस्ट पटना के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे हरि मंदिर साहिब गुरुद्वारा, बापू टावर, सभ्यता द्वार और बिहार संग्रहालय जाएंगे। 1982 के बाद हो रहा सम्मेलन अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन, हिंदुस्तान के विधायी निकायों की सर्वोच्च संस्था है। सम्मेलन के आयोजक लोकसभा सचिवालय होते है। पटना में यह सम्मेलन इससे पहले 1982 में हुआ था। तब बिहार विधानसभा के अध्यक्ष कांग्रेस नेता राधानंदन झा थे। अभी देश के 22 राज्यों और 3 केन्द्र शासित प्रदेशों में विधानसभा हैं। जबकि 6 राज्यों में विधानसभा और विधान परिषद दोनों हैं। सम्मेलन में लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी भी शामिल होते हैं।

ताजा ख़बर, बिहार

20 करोड़ दो नहीं तो…, तेजस्वी यादव के करीबी नेता को जोगा डॉन ने दी धमकी

नया विचार – पटना में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें RJD सांसद और तेजस्वी यादव के करीबी नेता संजय यादव से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई. इस मामले को लेकर पटना के सचिवालय थाना में केस दर्ज किया गया है. सचिवालय थाने की पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू कर दी है. RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने बताया कि राज्य सभा सांसद संजय यादव को अंतर्राष्ट्रीय कुख्यात अपराधी जोगिंदर ग्योंग उर्फ़ जोगा डॉन ने विदेशी नंबर से कॉल कर धमकी दी. यह मामला नेतृत्वक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि संजय यादव राजद के एक प्रमुख नेता और तेजस्वी यादव के करीबी हैं. अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले में किस प्रकार की कार्रवाई करती है और रंगदारी मांगने वालों को पकड़ने में कितनी सफलता प्राप्त होती है.  

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प्रयागराज: महाकुंभ मेला क्षेत्र में सिलेंडर ब्लास्ट, सेक्टर 19 में कई टेंट जलकर हुए खाक, दमकल के साथ NDRF भी मौके पर मौजूद

नया विचार – प्रयागराज महाकुंभ मेला क्षेत्र में आग लगने की जानकारी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि महाकुंभ मेला क्षेत्र के शास्त्री ब्रिज सेक्टर-19 कैंप में भीषण आग लगी गई. आग लगने की सूचना मिलने के बाद मौके पर फायर बिग्रेड की कई गाड़ियां पहुंच गई हैं. बताया जा रहा है कि खाना बनाने के दौरान सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया था, जिसके बाद आग आसपास के पूरे इलाके में फैल गई है. वहीं, आग की इस घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. अधिकारियों ने बताया कि अखिल हिंदुस्तानीय धर्म संघ गीता प्रेस गोरखपुर के कैंप में आग लगी है. कैंप में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया है. ये आग इतनी भीषण है कि आसपास के पूरे इलाके में आसमान में काला धुआं छा गया है. साथ ही दमकल की टीम ने आसपास के पूरे इलाके को खाली करा लिया है. मौके पर दमकल की टीम के साथ NDRF और SDRF की भी टीमें मौजूद हैं. वहीं, इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिससे ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने ऊपर से रिकॉर्ड किया है. यूपी के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि महाकुंभ मेला क्षेत्र में सिलेंडर फटने की वजह से भीषण आग लग गई. सीएम ने लिया घटना पर संज्ञान प्रयागराज में महाकुंभ मेला क्षेत्र में लगी आग मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. सीएम ने मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सीएम ने घायलों के उचित इलाज का भी निर्देश दिया है.  बताया जा रहा है कि आग की घटना में अभी तक किसी भी हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है. सेक्टर19 में लगी आग तेज हवा होने की वजह से आग धीरे-धीरे बढ़कर 20 तक पहुंच गई है और आसपास के टेंटों को भी अपनी चपेट में ले लिया. मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने आजतक को बताया कि ये किसी अखाड़े का टेंट है. हालांकि, अभी-भी घटना के बारे में पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.  वीडियो देखें https://youtube.com/shorts/wWk-ASfjvhw?si=qysZXuyn4EiPxUfX

समस्तीपुर

वारंटी गिरफ्तार 

नया विचार मोरवा। हलई थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने इंद्रवाड़ा से एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान अमरजीत राय के रूप में की गई है। वह पुराना वारंटी बताया गया है।

समस्तीपुर

आवास योजना के लिए जियो टैग शुरू 

नया विचार मोरवा । प्रखंड के सारंगपुर पश्चिमी पंचायत में अधिकारियों के निर्देशानुसार,मुखिया सुनील कुमार राय के मार्गदर्शन में आवास सहायक संजीव कुमार के द्वारा जियो टैग शुरू कर दिया गया है। आवास विहीन लोगों की पहचान करते हुए जिओ टैग शुरू किया गया है। मौके पर पंचायत के सभी प्रतिनिधि मौजूद थे।

समस्तीपुर

मुखिया संघ की बैठक 

नया विचार मोरवा । प्रखंड के इंद्रवाड़ा पंचायत भवन परिसर में मुखिया संघ अध्यक्ष प्रिय रंजन गोपाल की अध्यक्षता में मुखिया संघ की आवश्यक बैठक आयोजित हुई। बैठक में पंचायती राज के तहत मुखिया को दिए गए अधिकारों में राज्य प्रशासन द्वारा की जा रही कटौती की तीव्र भर्त्सना करते हुए आगामी 28 जनवरी को पटना के मिलर हाई स्कूल मैदान में प्रदेश मुखिया संघ द्वारा आहूत की गई अधिकार रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से मोरवा विधानसभा सहित समस्तीपुर जिले से अधिक से अधिक मुखिया गणों को अधिकार रैली में शामिल होकर मुखिया के अधिकारों की पुनर्बहाली के लिए सहभागी बनने का आग्रह किया गया। मुखिया रिंकू देवी, सुनील कुमार राय,धर्मेंद्र कुमार आजाद, अरमान अली, रानी कुमारी,वरुण कुमार सिंह, अरुण कुमार सक्सेना, पिंटू कुमार गिरी,संजू सक्सेना, निक्की गिरी,चन्द्रशेखर राय, चन्देश्वर पासवान,अशोक दास,विभा देवी, सहित अधिकांश मुखिया मौजूद थे।

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