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Author name: Vinod Jha

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राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संदेश: 2047 के विकसित भारत का सपना, विभाजन से ऑपरेशन सिंदूर तक का किया जिक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि शिक्षक, डॉक्टर, किसान और अन्य लोग अपने-अपने प्रयासों से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रपति ने कलाकारों, खिलाड़ियों, शिल्पकारों, बुद्धिजीवियों, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और न्यायपालिका से जुड़े लोगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने सफाई कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाले नागरिकों के साथ विदेशों में रह रहे हिंदुस्तानीय भी देश की प्रगति में भागीदार हैं. उन्होंने ‘प्यारे देशवासियों’ के साथ अपना संबोधन शुरू किया. कहा कि स्वाधीनता के शताब्दी वर्ष 2047 तक के विकसित हिंदुस्तान के सपने को साकार करने के लिए हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का संदेश, आजादी के संघर्ष को किया याद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का वेदवाक्य हमें हमेशा राष्ट्र के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में शामिल सभी लोगों का लक्ष्य एक था – हिंदुस्तान की आजादी. स्वदेशी आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ जन-जन का गीत बन गया था. उन्होंने महात्मा गांधी से जुड़े स्वतंत्रता सेनानियों और समाज सुधार में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के योगदान को भी याद किया. विभाजन की त्रासदी को याद कर भावुक हुईं राष्ट्रपति राष्ट्रपति ने 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि इस दिन उन लोगों को याद किया जाता है, जो विभाजन की त्रासदी में मारे गए या अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए. सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोग शरणार्थी बने, लेकिन इतनी यातना के बावजूद उन्होंने अपनी हिंदुस्तानीयता की पहचान नहीं छोड़ी. 550 से ज्यादा रियासतों को जोड़ना बड़ी चुनौती थी उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश 550 से ज्यादा रियासतों में बंटा हुआ था और उन्हें एक साथ लाना बड़ी चुनौती थी. रियासतों के विलय में सरदार वल्लभभाई पटेल की अहम भूमिका रही. राष्ट्रपति ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज देश संविधान के आधार पर आगे बढ़ रहा है और नागरिकों में जनभागीदारी की भावना हिंदुस्तान की ताकत रही है. समान अवसर और गरिमा को बताया संविधान का मूल आदर्श राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि प्रतिष्ठा, अवसर की समानता और व्यक्ति की गरिमा संविधान के प्रमुख आदर्श हैं. आज यह विश्वास मजबूत हो रहा है कि हर व्यक्ति बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है. उन्होंने कहा कि अभाव के कारण कोई भी व्यक्ति अवसरों से वंचित न रहे और खासकर वंचित वर्गों को समय पर सम्मान के साथ न्याय मिलना चाहिए. ज्योतिबा फुले के योगदान को किया याद राष्ट्रपति ने कहा कि देश महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मना रहा है. उन्होंने महात्मा फुले और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले के सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्त्री सशक्तिकरण और समानता के लिए किए गए योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों के अनुरूप पिछले कुछ वर्षों में वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है. परीक्षा सुधार और युवाओं की ताकत पर जोर राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि प्रशासन सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार, गलत तरीकों पर रोक लगाने और युवाओं के लिए व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है. उन्होंने हाल ही में 28 साल की औसत उम्र वाली युवा टीम के नेतृत्व में सफल स्पेस रॉकेट लॉन्च का भी जिक्र किया और इसे युवाओं की क्षमता का उदाहरण बताया. कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र राष्ट्रपति ने कहा कि सत्य और न्याय के पक्ष में मानवता विरोधी ताकतों पर जीत हासिल करना हिंदुस्तान की परंपरा रही है. उन्होंने 26 जुलाई को मनाए गए कारगिल विजय दिवस और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ का जिक्र करते हुए हिंदुस्तानीय सेनाओं के पराक्रम को याद किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन ने हिंदुस्तानीय सेनाओं की क्षमता को दिखाया और आतंकियों व उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे कहीं भी छिपें, उन्हें अपने किए की सजा जरूर मिलेगी. The post राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संदेश: 2047 के विकसित हिंदुस्तान का सपना, विभाजन से ऑपरेशन सिंदूर तक का किया जिक्र appeared first on Naya Vichar.

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BPSC 72वीं परीक्षा 25 अक्टूबर को, आ गया नया कैलेंडर, यहां करें चेक

BPSC 72nd Exam Date: बीपीएससी 72वीं परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स का इंतजार खत्म हो गया है. बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की तरफ से नया कैलेंडर जारी हो गया है. इस कैलेंडर के अनुसार, 72वीं परीक्षा कंबाइंड प्रीलिम्स परीक्षा का आयोजन 25 अक्टूबर 2026 को होगा. बता दें कि ये परीक्षा 26 जुलाई को होने वाली थी जिसे स्थगित कर दिया गया था. BPSC Exam Calendar: देखें नया कैलेंडर परीक्षा / पद विज्ञापन संख्या पदों की संख्या परीक्षा / अपडेट की तारीख 71वीं BPSC CCE 71 CCE 1298 मुख्य परीक्षा: अगस्त-सितंबर 2026 District Statistical Officer / Assistant Director 38/2025 47 इंटरव्यू: सितंबर 2026 Auditor, Panchayati Raj Department 09/2026 102 प्रारंभिक परीक्षा परिणाम: अगस्त 2026 Research Officer, Revenue Department 08/2026 3 प्रारंभिक परीक्षा परिणाम: अगस्त 2026 Prosecution Officer 13/2026 300 प्रारंभिक परीक्षा परिणाम: सितंबर 2026 72वीं BPSC CCE 72 CCE 1189 प्रारंभिक परीक्षा: 25 अक्टूबर 2026 Project Manager, Industry Department 109/2025 9 प्रारंभिक परीक्षा: 4 अक्टूबर 2026 33वीं Bihar Judicial Services 12/2026 173 प्रारंभिक परीक्षा: 30 मई 2026 Lower Division Clerk 43/2025 26 टाइपिंग टेस्ट: जनवरी 2026 बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन ने 72वीं परीक्षा को 26 जुलाई के लिए निर्धारित किया था. किहीं कारणों से परीक्षा को पोस्टपोन कर दिया गया. अब नई तारीख घोषित कर दी गई है. BPSC ने जारी किया कैलेंडर बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC ने 14 अगस्त 2026 को अपना अपडेटेड एग्जाम कैलेंडर जारी किया है. इसमें कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं के एग्जाम, रिजल्ट और इंटरव्यू से जुड़ी संभावित तारीखों की जानकारी दी गई है. 71st BPSC मेंस की तारीख कैलेंडर के मुताबिक 71वीं BPSC CCE के मुख्य परीक्षा का आयोजन अगस्त-सितंबर 2026 में किया जा सकता है. वहीं District Statistical Officer और असिस्टेंट डायरेक्टर भर्ती का इंटरव्यू सितंबर 2026 में प्रस्तावित है. Auditor और रिसर्च ऑफिसर भर्ती के प्रारंभिक परीक्षा परिणाम अगस्त 2026 में आने की संभावना है, जबकि Prosecution Officer का रिजल्ट सितंबर 2026 में प्रस्तावित है. BPSC 72वीं परीक्षा की तारीख इसके अलावा 72वीं BPSC CCE के लिए प्रारंभिक परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है. Industry Department के प्रोजेक्ट मैनेजर पद की प्रारंभिक परीक्षा 4 अक्टूबर 2026 को होगी. आयोग ने साफ किया है कि कैलेंडर में दी गई सभी तारीखें tentative हैं. इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम अपडेट के लिए BPSC की आधिकारिक सूचना देखते रहना चाहिए. ये भी पढ़ें: खलीफाबाग की बेटी बनी असिस्टेंट टैक्स कमिश्नर, Photos में देखें मोनालिशा की जर्नी The post BPSC 72वीं परीक्षा 25 अक्टूबर को, आ गया नया कैलेंडर, यहां करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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आरजी कर केस : TMC नेता निर्मल घोष के बाद संजीव मुखर्जी भी गिरफ्तार, सोमनाथ डे अब भी फरार

RG Kar Case Sanjib Mukherjee Arrested: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (RG Kar Medical College and Hospital) में अगस्त 2024 में हुए बहुचर्चित डॉक्टर दुष्कर्म-हत्या मामले में एक और गिरफ्तारी हुई है. पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करके साक्ष्य मिटाने की साजिश के आरोप में पुलिस ने एक अन्य मुख्य आरोपी संजीव मुखर्जी को भी गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मृतका का पड़ोसी है. उसे गुरुवार देर रात कोलकाता के चिनार पार्क स्थित एक गुप्त ठिकाने से पकड़ा गया. ओडिशा से पकड़े गये थे पूर्व विधायक निर्मल घोष यह गिरफ्तारी ओडिशा से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को दबोचे जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई. संजीव मुखर्जी घटना के बाद से ही फरार था. पुलिस ने संजीव मुखर्जी को उत्तर 24 परगना जिले की बैरकपुर उपमंडलीय अदालत में पेश किया. इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी और पानीहाटी नगरपालिका का तृणमूल कांग्रेस पार्षद सोमनाथ डे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. शुभेंदु अधिकारी का कड़ा रुख- सबूत मिटाने वाले सभी होंगे गिरफ्तार हाल ही में इस दुखद घटना की बरसी पर एक स्मृति कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा संदेश दिया था. उन्होंने कहा था कि पीड़िता के शव का जल्दबाजी में दाह-संस्कार करवाकर सबूत नष्ट करने की साजिश में शामिल सभी दोषियों को ढूंढ़ निकाला जायेगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी. ये भी पढ़ें: कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरजी कर केस की सीबीआई से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, 28 अगस्त तक का दिया समय अगस्त 2024 में देशभर में हुए थे प्रदर्शन अगस्त 2024 में आरजी कर अस्पताल के चेस्ट मेडिसिन विभाग में ऑन-ड्यूटी स्त्री डॉक्टर के साथ हुई इस बर्बर घटना के बाद पूरे पश्चिम बंगाल सहित देशभर में अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन हुए थे. तत्कालीन ममता बनर्जी प्रशासन पर इस केस को दबाने और दोषी लोगों को बचाने के आरोप लगे थे. कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी. ये भी पढ़ें: RG Kar केस में नया मोड़, साजिश, सबूत मिटाने के आरोप में पूर्व टीएमसी विधायक समेत 3 पर FIR The post आरजी कर केस : TMC नेता निर्मल घोष के बाद संजीव मुखर्जी भी गिरफ्तार, सोमनाथ डे अब भी फरार appeared first on Naya Vichar.

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चमोली में सुरंग के अंदर जिंदगी की जंग! 12 लोग सुरक्षित निकले, 7 शव बरामद ; 3 अब भी लापता

उत्तराखंड के चमोली जिले के पिपलकोटी में टिहरी में हुए सुरंग हादसे में कुल 22 लोग फंसे थे. अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. वहीं 7 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 3 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चला रही हैं. परिजनों की निगाहें अब सुरंग के बाहर चल रहे बचाव अभियान पर टिकी हैं. सुरंग में पानी बना चुनौती का कारण DIG मोहसिन शाहेदी ने बताया कि करीब 2.5 किलोमीटर लंबी सुरंग के अंदर 5 से 6 फीट तक पानी भरा हुआ है, पानी का बहाव लगातार बना हुआ है. इसके अलावा सुरंग के अंदर ऑक्सीजन का स्तर कम होने और लैंडस्लाइड के खतरे के कारण बचाव दल को बेहद सावधानी से आगे बढ़ना पड़ रहा है. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. 3 लोगों की तलाश जारी NDRF और अन्य एजेंसियां पानी, कम ऑक्सीजन और भूस्खलन के खतरे के बीच लापता लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सावधानियों के साथ अभियान जारी रहेगा. अब सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बचाव दल जल्द से जल्द तीनों लापता लोगों का पता लगा सके. चमोली की पुरानी त्रासदी ने बढ़ाई चिंता चमोली में ऐसी घटनाएं पहले भी बड़ी तबाही का कारण बन चुकी हैं.फरवरी 2021 में चमोली के रैणी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ ने ऋषिगंगा और धौलीगंगा घाटी में भारी तबाही मचाई थी. उस हादसे में कई लोगों की जान गई थी और बड़ी संख्या में लोग लापता हुए थे। इसी वजह से मौजूदा सुरंग हादसे ने एक बार फिर पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है. ये भी पढ़ें: चमोली सुरंग हादसा: सात लोगों की मौत, कई घायल, रेस्क्यू जारी The post चमोली में सुरंग के अंदर जिंदगी की जंग! 12 लोग सुरक्षित निकले, 7 शव बरामद ; 3 अब भी लापता appeared first on Naya Vichar.

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Samay Raina को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, FIR की रद्द ; जानें क्या है पूरा मामला

कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. दिव्यांग लोगों को लेकर की गई टिप्पणियों के मामले में कोर्ट ने समय रैना समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक केस रद्द कर दिए हैं. कोर्ट ने इस दौरान दिव्यांग लोगों के लिए किए गए उनके काम की भी तारीफ की. समय रैना के अलावा कॉमेडियन विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही भी सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दी. दिव्यांगों के लिए शतरंज टूर्नामेंट का किया आयोजन सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में दिव्यांग लोगों के लिए आयोजित किए गए शतरंज टूर्नामेंट का खास तौर पर जिक्र किया. कोर्ट ने कहा कि इस तरह के प्रयासों से दिव्यांग लोगों के लिए काम करने वाली संस्थाओं के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ती है. इन संस्थाओं में Spinal Muscular Atrophy यानी SMA जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे लोगों की मदद करने वाले संगठन भी शामिल हैं. कोर्ट ने इन लोगों की ओर से जागरूकता बढ़ाने और दिव्यांग लोगों के सम्मान को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की. सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि जब सही मायने में अच्छे प्रयास किए जाते हैं, तो उनके अच्छे नतीजे जरूर सामने आते हैं. बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे. कोर्ट ने मामले में समय रैना और बाकी चार लोगों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को खत्म कर दिया. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला समय रैना के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. कोर्ट ने मामले में बाद में किए गए सकारात्मक प्रयासों को भी ध्यान में रखा और दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में किए गए काम की सराहना की. ये भी पढ़ें – Batwara 1947 Movie Review : सनी देओल की यह पीरियड फिल्म हिंदुस्तान-पाकिस्तान में मचे कत्लेआम से होती है शुरू The post Samay Raina को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, FIR की रद्द ; जानें क्या है पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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कहीं बच्चे का भला करते-करते उसकी आजादी तो नहीं छीन रहे हैं आप? आपकी इन 5 आदतों में छिपा है जवाब

Parenting Tips: हर माता-पिता अपने बच्चों से बहुत प्यार करते हैं और हमेशा से उनका भला ही चाहते हैं. इसी चक्कर में कई बार पैरेंट्स ऐसी गलतियां भी कर देते हैं, जिनकी वजह से बच्चों की आजादी छिन जाती है. पैरेंट्स को ऐसा लगता है कि वे अपने बच्चों का भला कर रहे हैं, लेकिन असल में देखा जाए तो इन्हीं गलतियों की वजह से बच्चों का कॉन्फिडेंस कमजोर होने लगता है और वे अपनी ही जिंदगी खुलकर नहीं जी पाते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा जीवन में खुद के दम पर आगे बढ़े और हमेशा खुश रहे, तो आपको आज से ही अपनी कुछ आदतों पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं आदतों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जो प्यार की आड़ में बच्चों की आजादी को नुकसान पहुंचाती हैं. parenting mistakes शिशु के सारे फैसले खुद ही लेना कई बार पैरेंट्स ऐसा सोचते हैं कि बच्चा अभी छोटा या फिर नादान है. इसी सोच की वजह से पैरेंट्स ही अपने शिशु के छोटे-छोटे फैसले भी खुद लेने लग जाते हैं. शिशु के कपड़े, उसके दोस्त और यहां तक कि उसकी पढ़ाई से जुड़ी बातों का फैसला भी माता-पिता ही लेने लगते हैं. जब आप अपने शिशु को अपनी पसंद की चीजें चुनने का मौका नहीं देते हैं, तो वह कभी भी खुद से सही या फिर गलत का फैसला लेना सीख नहीं पाता है. इसकी वजह से आगे चलकर आपके शिशु को हर छोटे काम के लिए भी दूसरों से मदद लेनी पड़ जाती है. इसलिए शिशु को उसकी उम्र के हिसाब से छोटे-छोटे फैसले खुद लेने दीजिए. ये भी पढ़ें: क्या आपके शिशु की उम्र 10 से 13 साल के बीच है? भूलकर भी न कहें ये 5 बातें, वरना आपसे दूर होने लगेगा बच्चा शिशु पर 24 घंटे नजर रखना कई पैरेंट्स की यह आदत होती है कि वे अपने शिशु के पीछे हाथ धोकर पड़ जाते हैं. बच्चा किससे बात कर रहा है? फोन में क्या देख रहा है? या फिर कहां जा रहा है? हर बात पर दखल देना कभी भी सही नहीं होता है. जिस तरह बड़ों की अपनी एक अलग पर्सनल लाइफ होती है, वैसे ही बच्चों को भी थोड़े स्पेस की जरूरत होती है. अगर आप अपने शिशु पर हमेशा शक करेंगे या रोक-टोक करेंगे, तो उसे लगने लगेगा कि आप उस पर भरोसा नहीं करते हैं. बार-बार ऐसा होते रहने से आपका बच्चा आपसे बातें छुपाना शुरू कर देगा. हर बात पर टोकना और अपनी मर्जी थोपना छोटे शिशु गलतियां करते ही हैं क्योंकि यह उनकी उम्र का ही एक हिस्सा होता है. जब वे गिरते हैं, तो वापस उठकर सीखते हैं. लेकिन अगर आप अपने शिशु की हर छोटी गलती पर भी उसे डांटेंगे या फिर टोकेंगे, तो वह आपसे ही डरने लग जाएगा. इसके अलावा कई बार ऐसा भी होता है कि पैरेंट्स जो काम अपनी जिंदगी में नहीं कर पाते हैं, वे अपने बच्चों से वही करवाना चाहते हैं. इसके अलावा पैरेंट्स अपने शिशु की पसंद पूछे बिना भी उस पर अपनी मर्जी थोपने लग जाते हैं. जब बच्चा अपनी मर्जी के खिलाफ काम करता है, तो उसकी अपनी आजादी खत्म हो जाती है. ये भी पढ़ें: मां की ये 5 आदतें तय करती हैं बेटी का भविष्य, इन्हीं से बनती है उसकी सोच और पर्सनालिटी दूसरों के बच्चों से कम्पेयर करना आपको अपने शिशु की तुलना कभी भी दूसरे बच्चों से नहीं करनी चाहिए. जब आप अपने शिशु से कहते हैं कि, “देखो उसके कितने अच्छे मार्क्स आए हैं” या “अपने दोस्त से कुछ सीखो”, तो इस तरह की बातें उसे अंदर से तोड़कर रख देती हैं. जब आप ही अपने शिशु की तुलना दूसरे बच्चों से करने लगेंगे, तो उसे ऐसा लगने लगेगा कि वह आपके लिए कभी भी अच्छा नहीं बन पाएगा. हर शिशु का दिमाग और हुनर अलग होता है और तुलना करने से शिशु का आत्मसम्मान ही खत्म हो जाता है. उसकी दूसरों से तुलना करने के बजाय उसकी खुद की तारीफ कीजिए. शिशु को हर मुश्किल से बचाना हर माता-पिता की यही चाहत होती है कि उनके शिशु को कभी भी कोई तकलीफ न हो. इसी वजह से पैरेंट्स शिशु को हर एक मुसीबत से बचाने की कोशिश में लग जाते हैं. शिशु का स्कूल का प्रोजेक्ट खुद बना देना, उसकी छोटी-छोटी लड़ाइयों को खुद सुलझा देना या उसे किसी भी मुश्किल का सामना न करने देना, असल में उसे कमजोर बना देता है. जब तक बच्चा खुद लाइफ में थोड़ी-बहुत परेशानी नहीं देखेगा, वह मजबूत कैसे बनेगा? शिशु को गिरकर खुद उठना सीखने दीजिए. जब वह अपनी प्रॉब्लम्स का सॉल्यूशन खुद निकालेगा, तभी वह असली मायनों में आजाद बनेगा. ये भी पढ़ें: सिर्फ पढ़ाई नहीं, 5 से 10 साल की उम्र में बच्चों को जरूर सिखाएं ये आदतें, जो बनाएंगी उन्हें जिंदगी में सफल और जिम्मेदार The post कहीं शिशु का भला करते-करते उसकी आजादी तो नहीं छीन रहे हैं आप? आपकी इन 5 आदतों में छिपा है जवाब appeared first on Naya Vichar.

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मनचाहे जीवनसाथी की है तलाश? जानिए क्यों कुंवारी लड़कियों को भी रखना चाहिए हरियाली तीज का व्रत

Hariyali Teej fast for Unmarried Girls: हरियाली तीज का पवित्र पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है. इस दिन स्त्रीएं सुखी वैवाहिक जीवन, पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं. वर्ष 2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. इसी वजह से हरियाली तीज का व्रत सुहागिन स्त्रीओं के साथ कुंवारी लड़कियों के लिए भी विशेष माना जाता है. कुंवारी लड़कियां क्यों रखती हैं हरियाली तीज का व्रत? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम और मिलन का प्रतीक है. माना जाता है कि कुंवारी लड़कियां यदि श्रद्धा और विधि-विधान से यह व्रत करती हैं तो उन्हें मनचाहा और योग्य जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है. कुंवारी लड़कियां इस व्रत के जरिए भगवान शिव और माता पार्वती से अच्छे विवाह योग, योग्य वर और भविष्य में सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं. हालांकि, व्रत से जुड़ी ये मान्यताएं धार्मिक आस्था पर आधारित हैं. ये भी पढ़ें: हरियाली तीज व्रत कथा: सुहाग, समर्पण और शिव-पार्वती के असीम प्रेम की गाथा माता पार्वती से जुड़ी है व्रत की मान्यता पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करना चाहती थीं. इसके लिए उन्होंने लंबे समय तक कठोर तपस्या और व्रत किया. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया. पंडित पुरनेंदु पाठक कहते हैं कि इसलिए माना जाता है कि हरियाली तीज पर माता पार्वती की पूजा करने से अविवाहित कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति का आशीर्वाद मिल सकता है. कुंवारी लड़कियां कैसे रखें व्रत? हरियाली तीज का व्रत कठिन माना जाता है. कई परंपराओं में स्त्रीएं निर्जला व्रत रखती हैं, यानी पूरे दिन अन्न और जल का सेवन नहीं करतीं. व्रत रखने वाली कुंवारी लड़कियां अपनी श्रद्धा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूजा-पाठ कर सकती हैं. शिव-पार्वती की पूजा, कथा श्रवण और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है. ये भी पढ़ें: सोलह श्रृंगार और अखंड सौभाग्य का वरदान: हरियाली तीज पर जानें सिर से पांव तक सजने का धार्मिक अर्थ इसलिए कुंवारी लड़कियां भी हरियाली तीज का व्रत रख सकती हैं. यह व्रत उनके लिए अच्छे जीवनसाथी और सुखी वैवाहिक जीवन की धार्मिक कामना से जुड़ा हुआ है. The post मनचाहे जीवनसाथी की है तलाश? जानिए क्यों कुंवारी लड़कियों को भी रखना चाहिए हरियाली तीज का व्रत appeared first on Naya Vichar.

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TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: महिलाओं के लिए कौन-सा स्कूटर रहेगा सेफ और शानदार?

हिंदुस्तानीय टू-व्हीलर बाजार में स्कूटर की मांग हमेशा बनी रहती है. खासकर डेली काम करने वाली स्त्रीओं, कॉलेज जाने वाली लड़कियों और घर के रोजाना कामों के लिए स्कूटर एक सबसे आसान और आरामदायक साधन है. जब भी स्त्रीओं के लिए एक सुरक्षित, हल्के और टिकाऊ स्कूटर को चुनने की बात आती है, तो टीवीएस जुपिटर और सुजुकी एक्सेस 125 दो सबसे पॉपुलर नाम सामने आते हैं. लेकिन सवाल यह है कि सेफ्टी, स्टाइल, कम्फर्ट और बजट के मामले में स्त्रीओं के लिए कौन-सा स्कूटर ज्यादा बेहतर रहेगा. आइए इन दोनों स्कूटरों की तुलना इस आर्टिकल में करते हैं. TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: डिजाइन और वजन स्त्रीओं के लिए स्कूटर का वजन और उसका बैलेंस बहुत मायने रखता है. टीवीएस जुपिटर का डिजाइन काफी सिंपल और प्रैक्टिकल है. नए मॉडल में आपको मॉडर्न एलईडी लाइट्स और नया लुक मिलता है. इसका कुल वजन लगभग 105 से 106 किलो है. इसकी सीट की ऊंचाई बहुत सही रखी गई है, जिससे कम हाइट वाली स्त्रीएं भी आसानी से अपने पैर जमीन पर टिका सकती हैं. वहीं दूसरी ओर सुजुकी एक्सेस 125 का लुक थोड़ा क्लासिक और प्रीमियम यानी रेट्रो स्टाइल वाला है. इसका वजन भी करीब 103 से 105 किलो के आसपास रहता है. यह वजन में हल्का महसूस होता है और इसे ट्रैफिक में संभालना या पार्किंग में लगाना बहुत आसान रहता है. TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: इंजन और परफॉर्मेंस टीवीएस जुपिटर में 113.3 सीसी का इंजन मिलता है, जो शहर में रोजाना आने-जाने के लिए बहुत स्मूथ और शांत राइड देता है. इसमें शुरुआती पिकअप अच्छा है और झटके महसूस नहीं होते हैं. दूसरी तरफ सुजुकी एक्सेस में 124 सीसी का ज्यादा पावरफुल इंजन दिया गया है. अगर आपको थोड़ा ज्यादा पिकअप पसंद है या आप चढ़ाई वाले रास्तों पर अक्सर सफर करती हैं, तो इसका इंजन आपको ज्यादा मजबूत महसूस होगा. ये भी पढ़ें: 125cc स्कूटर खरीदना है? ये 5 मॉडल कीमत और माइलेज में हैं सबसे आगे, देखें लिस्ट TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: सेफ्टी और ब्रेकिंग सिस्टम सेफ्टी के लिहाज से दोनों ही स्कूटर स्त्रीओं के लिए काफी सुरक्षित माने जाते हैं. टीवीएस जुपिटर में सिंक्रोनाइज्ड ब्रेकिंग सिस्टम मिलता है, जिससे एक ब्रेक दबाने पर दोनों पहियों पर बराबर ब्रेक लगता है और फिसलने का खतरा कम रहता है. इसके बड़े 12-इंच के पहिए खराब रास्तों और गड्ढों में भी बेहतरीन संतुलन बनाए रखते हैं. वहीं सुजुकी एक्सेस 125 में कॉम्बी ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया है. इसके टॉप वेरिएंट्स में डिस्क ब्रेक और एबीएस यानी एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम का ऑप्शन भी उपलब्ध है, जो अचानक ब्रेक लगाने पर स्कूटर को फिसलने से रोकता है. TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: स्टोरेज और सहूलियत स्त्रीओं के लिए शॉपिंग बैग, हेलमेट या ऑफिस बैग रखने के लिए जगह होना बहुत जरूरी है. टीवीएस जुपिटर में आगे की तरफ बाहर ही पेट्रोल भरवाने का ढक्कन दिया गया है, जिससे पेट्रोल पंप पर सीट से उतरने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा इसमें बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज और आगे मोबाइल चार्जिंग पोर्ट की सुविधा मिलती है. दूसरी ओर सुजुकी एक्सेस 125 की सीट बहुत चौड़ी और आरामदायक है. इसकी डिब्बी यानी बूट स्पेस में भी काफी जगह मिलती है. इसमें आगे की तरफ मोबाइल रखने की जेब और बॉटल होल्डर की सुविधा दी गई है. ये भी पढ़ें: TVS Orbiter हुआ महंगा, कुछ राज्यों में ₹4,000 तक बढ़े दाम; जानें अब कितने में मिलेगा V1 और V2 TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: माइलेज और बचत टीवीएस जुपिटर अपने बेहतरीन माइलेज के लिए जाना जाता है. रियल वर्ल्ड में, यह शहर की सड़कों पर आसानी से 50 से 55 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज दे देता है. दूसरी तरफ 125 सीसी का बड़ा इंजन होने के बावजूद सुजुकी एक्सेस लगभग 45 से 50 किमी प्रति लीटर का माइलेज आसानी से निकाल देता है. TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: कीमत  कीमत की बात करें तो दोनों स्कूटर अलग-अलग बजट में फिट बैठते हैं. टीवीएस जुपिटर 125 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹86,110 से शुरू होती है और इसके टॉप मॉडल की कीमत करीब ₹89,935 तक जाती है. वहीं, सुजुकी एक्सेस 125 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹82,185 से शुरू होकर इसके टॉप ABS मॉडल के लिए ₹1,01,279 तक जाती है. स्त्रीओं के लिए कौन-सा रहेगा बेस्ट? अगर आपका बजट थोड़ा कम है, आपको हल्का और बेहद आरामदायक स्कूटर चाहिए, पेट्रोल भरवाते समय सीट से बार-बार उठने का झंझट नहीं चाहिए और माइलेज आपकी पहली प्राथमिकता है, तो टीवीएस जुपिटर आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है. लेकिन अगर आपको थोड़ा ज्यादा पावरफुल इंजन, क्लासिक-प्रीमियम लुक और सेफ्टी के लिए डिस्क या एबीएस ब्रेक वाला स्कूटर चाहिए, तो सुजुकी एक्सेस 125 आपके लिए सही रहेगा. दोनों ही स्कूटर बेहद भरोसेमंद हैं. खरीदारी करने से पहले दोनों की टेस्ट राइड लेकर अपनी लंबाई और कम्फर्ट के हिसाब से सही फैसला लें. The post TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: स्त्रीओं के लिए कौन-सा स्कूटर रहेगा सेफ और शानदार? appeared first on Naya Vichar.

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PoJK में क्यों भड़का पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा? मुजफ्फराबाद से हाजिरा तक सड़कों पर उतरी जनता

PoJK Protest : पाक अधिकृत कश्मीर के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शन बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर किए जा रहे हैं. साथ ही लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जनता के पास आजादी नहीं है, प्रशासन के हाथों कथित तौर पर कई लोग मारे गए. इसे लेकर वे जवाबदेही चाहते हैं. PoJK के मुजफ्फराबाद में जुलाई महीने के अंत से हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं. क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन? PoJK के खासकर मुजफ्फराबाद और सुधनोती में लोग प्रशासन के खिलाफ भड़के हुए हैं. वहां की जनता इसलिए प्रशासनी तंत्र पर ज्यादा हावी है क्योंकि उन्हें बेसिक सुविधाएं भी सही से मुहैया नहीं हो रही. महंगाई ने लोगों की जिन्दगी बदतर कर रखी है. बिजली, आटा, गेंहू जैसी रोज उपयोग की जाने वाली चीजें महंगी हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों की शिकायत रोजगार को लेकर भी है. योग्य लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा. PoJK के कई इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की घोर कमी है. इसके अलावा लोग बेहतर परिवहन और इंटरनेट की व्यवस्था चाहते हैं; और इन चीजों पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रही इसलिए लोगों का गुस्सा दिनों-दिन और अधिक भड़क रहा है. हाजिरा मंधोल में छात्रों का प्रदर्शन हाजिरा मंधोल में बड़ी संख्या में छात्रों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपने बुनियादी अधिकारों की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने पिछले प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के लिए जवाबदेही तय करने और उनके बलिदान को याद रखने की मांग की. उन्होंने PoJK से पाकिस्तानी सेना को तुरंत हटाने की भी मांग उठाई. ब्रसेल्स में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन ब्रसेल्स में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर UKPNP के नेता साजिद हुसैन ने प्रदर्शन करते हुए PoJK में मानवाधिकारों की स्थिति का मुद्दा उठाया. उन्होंने 5 जून को JKJAAC नेता सरदार उमर नज़ीर पर कथित हमले का जिक्र किया और कहा कि प्रदर्शनकारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं. हुसैन ने 4 अक्टूबर 2025 के समझौते को लागू करने की मांग करते हुए यूरोपीय संसद, यूरोपीय आयोग और अन्य यूरोपीय संस्थाओं से PoJK की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने पाकिस्तान से मानवाधिकारों का सम्मान करने और निर्दोष लोगों की कथित हत्याएं रोकने की मांग की. रावलकोट में तनाव का असर रावलकोट में हालिया प्रदर्शनों और झड़पों के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. Reuters की रिपोर्ट के अनुसार JAAC ने 30 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. वहीं, सड़क और इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रभावित होने की समाचारों के बीच पुंछ जिले की कई विधानसभा सीटों पर 10 अगस्त को होने वाली वोटिंग भी कानून-व्यवस्था की स्थिति के चलते टाल दी गई. Also read : चमोली में सुरंग के अंदर जिंदगी की जंग! 12 लोग सुरक्षित निकले, 7 शव बरामद ; 3 अब भी लापता The post PoJK में क्यों भड़का पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा? मुजफ्फराबाद से हाजिरा तक सड़कों पर उतरी जनता appeared first on Naya Vichar.

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स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली हाईकोर्ट, एयरपोर्ट सहित कई सरकारी कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी

यह जानकारी पीटीआई न्यूज एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से दी है. पुलिस ने तलाशी और सुरक्षा जांच के बाद सभी धमकियों को फर्जी करार दिया. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि दिल्ली छावनी स्थित एसडीएम कार्यालय को सुबह 11:18 बजे, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) के टर्मिनल 3 को सुबह 11:32 बजे, जामनगर हाउस को 11:40 बजे, साकेत एसडीएम कार्यालय को 11:42 बजे और झंडेवालान अग्निशमन नियंत्रण कक्ष को 11:57 बजे बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल मिले. दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अग्निशमन सेवा की टीमें सभी पांच स्थानों पर पहुंचीं और इन सभी धमकियों को फर्जी करार दिया. अदालत के सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं. सूचना मिलने के बाद बम निरोधक दस्ता और खोजी कुत्तों का दल उच्च न्यायालय परिसर में तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. राजधानी में स्वतंत्रता दिवस समारोह के कारण कई एजेंसियों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर तलाशी और सुरक्षा जांच शुरू कर दी है. वे हाई अलर्ट पर भी हैं. पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. सूत्रों ने कहा कि अब तक की तलाशी के दौरान किसी भी स्थल पर कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. ये भी पढ़ें : CJI का विरोध करने वाले छात्रों पर कार्रवाई को लेकर SC ने BCI को किया नोटिस, कहा- कानूनी तरीके से विरोध करना गलत नहीं The post स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली हाईकोर्ट, एयरपोर्ट सहित कई प्रशासनी कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी appeared first on Naya Vichar.

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