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Author name: Vinod Jha

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NEET PG 2026 Seat Matrix Released: 11% सीटें बढ़ी, इन ब्रांच में बढ़ा एडमिशन का मौका

NEET PG 2026 Seat Matrix: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्टग्रेजुएट (PG) मेडिकल कोर्सेज की Seat Matrix जारी कर दी है. नई सीट मैट्रिक्स के अनुसार, MD, MS और Diploma कोर्सेज में कुल सीटों की संख्या बढ़कर करीब 58,000 हो गई है. पिछले साल यह संख्या 52,173 थी. इस तरह इस बार PG मेडिकल सीटों में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. NEET PG 2026 Seat Matrix 2026-27 Official Notice Check Here PG Seat Matrix Status: किन मेडिकल काॅलेज में बढ़ी सीट? NDTV की रिपोर्ट के अनुसार सीटों में बढ़ोतरी प्रशासनी और प्राइवेट दोनों तरह के मेडिकल कॉलेजों में हुई है. आंकड़ों के मुताबिक, प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में PG सीटों की संख्या करीब 10 फीसदी बढ़ी है, जबकि प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज में सीटों में लगभग 32 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ये भी पढ़ें: Bihar Medical College 2026: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज पूर्णिया में लेना चाहते हैं एडमिशन? जानें काॅलेज का पूरा डिटेल्स Seat Matrix Increased In Medical Colleges: कई प्रमुख मेडिकल काॅलेज में बढ़ी सीट NMC की ओर से जारी जानकारी में यह भी सामने आया है कि कई प्रमुख मेडिकल स्पेशियलिटी में सीटों की संख्या बढ़ी है. इनमें Anaesthesia, Ophthalmology, ENT, Pathology, Psychiatry और Respiratory Medicine जैसे विषय शामिल हैं. यानी इन ब्रांच में PG करने की योजना बना रहे मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए इस बार उपलब्ध सीटों का दायरा बढ़ा है. ये भी पढ़ें: MBBS और BDS कोर्स में क्या है अंतर? डाॅक्टर बनने के लिए क्या बेस्ट है, जानें कोर्स डयूरेशन से करियर स्कोप तक की पूरी जानकारी PG Seat Matrix: एडमिशन सिर्फ स्वीकृत सीटों की संख्या के आधार पर होगा NMC ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि एडमिशन सिर्फ स्वीकृत सीटों की संख्या के आधार पर ही किया जाए. यानी किसी कॉलेज को जितनी PG सीटों की मंजूरी मिली है, उससे अधिक सीटों पर दाखिला नहीं दिया जा सकता. NDTV की रिपोर्ट के अनुसार जारी सीट मैट्रिक्स में मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के साथ-साथ उनके PG कोर्स और हर साल स्वीकृत सीटों की संख्या की जानकारी दी गई है. यही सीटें 2026-27 के काउंसलिंग प्रोसेस में शामिल होंगी. जारी सीट मैट्रिक्स में मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के साथ-साथ उनके PG कोर्स और हर साल स्वीकृत सीटों की संख्या की जानकारी दी गई है. यही सीटें 2026-27 के काउंसलिंग प्रोसेस में शामिल होंगी. ये भी पढ़ें: Bihar NEET UG Round 1 Seat Allotment Result 2026: किसे मिला कौन सा मेडिकल कॉलेज, 31 अगस्त तक डाउनलोड करें अलाॅटमेंट ऑर्डर The post NEET PG 2026 Seat Matrix Released: 11% सीटें बढ़ी, इन ब्रांच में बढ़ा एडमिशन का मौका appeared first on Naya Vichar.

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महंगी दवा यानी बेहतर इलाज? डॉक्टर ने खोला दवाइयों के दाम और ‘डिस्काउंट’ का पूरा खेल!

अक्सर जब हम या परिवार का कोई सदस्य बीमार पड़ता है तो मेडिकल स्टोर पर जाकर हम कई बार एक अजीब सी उलझन में फंस जाते हैं. डॉक्टर ने पर्चे पर जो दवा लिखी है, उसका एमआरपी 100 रुपए है और इस बारे में पूछताछ करने पर पता चलता है कि यही दवा दूसरी कंपनी की 20 रुपए में उपलब्ध है या फिर उस दवा पर 85% तक का भारी डिस्काउंट है. उस स्थिति में मन में कुछ सवाल आते हैं- क्या इतनी सस्ती दवा असर करेगी?, कहीं डिस्काउंट के चक्कर में मुझे घटिया या नकली दवा तो नहीं दी जा रही है? झारखंड की राजधानी रांची में आर्किड मेडिकल हॉस्पिटल और नागरमल मोदी सेवा सदन से जुड़े डॉ. रमन कुमार दवाओं की कीमत और मरीजों के सामने मौजूद इस भ्रम को लेकर पारदर्शिता की जरूरत पर जोर देते हैं. MRP ज्यादा है तो दवा बेहतर है? मान लीजिए बाजार में एक ही ऐक्टिव इंग्रीडिएंट वाली 3 दवाएं हैं. पहली दवा का एमआरपी 100 रुपए है और वह 90 रुपए में मिल रही है, दूसरी का एमआरपी 100 रुपए है और वह 20 रुपए में मिल रही है और तीसरी का एमआरपी 100 रुपए है और कंपनी 85% डिस्काउंट बताकर उसे 15 रुपए में बेच रही है. ऐसे में दवा खरीददार के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर 15 रुपए और 90 रुपए वाली दवा में इतना अंतर क्यों है?  डॉ. रमन कुमार के अनुसार, यहीं कीमत में पारदर्शिता की जरूरत महसूस होती है. मरीज को यह समझ में आना चाहिए कि दवा की वास्तविक बिक्री कीमत क्या है, उसका लागू अधिकतम मूल्य क्या है और वह वास्तव में कितने रुपए चुका रहा है. 85% डिस्काउंट देखकर प्रभावित न हों बड़ी छूट देखकर किसी भी ग्राहक को लगता है कि उसे बहुत सस्ता सौदा मिल रहा है, लेकिन दवाओं के मामले में सिर्फ डिस्काउंट का प्रतिशत देखकर फैसला करना सही नहीं है. उदाहरण के लिए अगर किसी दवा का एमआरपी 100 रुपए है और वह 20 रुपए में बिक रही है तो उसे 80% डिस्काउंट कहना गणित के हिसाब से तो सही हो सकता है लेकिन इससे मरीज को यह भी लग सकता है कि दवा की असली कीमत 100 रुपए ही है. मतलब अगर 100 रुपए एमआरपी वाली दवा 15 रुपए या 20 रुपए में ही बेची जा रही है, तो उसका एमआरपी 100 रखा ही क्यों गया? यह भारी-भरकम एमआरपी का स्पोर्ट्स सिर्फ मरीजों को “बड़ी बचत” का मनोवैज्ञानिक अहसास कराने के लिए होता है? असली मुद्दा यह होना चाहिए कि मरीजो को पता हो कि दवा की ‘वास्तविक और सही कीमत’ क्या है. इसलिए दवाओं में डिस्काउंट के दावों को लेकर स्पष्ट नियम और पारदर्शिता मरीजों के हित में महत्वपूर्ण हो सकती है. मरीज को दवा खरीदने से पहले 4 बातें जरूर पता होनी चाहिए दवा खरीदते समय मरीज को बहुत ज्यादा तकनीकी जानकारी समझने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। डॉ. रमन कुमार ने बताया कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि मरीज आसानी से 4 सवालों के जवाब जान सके: मैं कौन सी दवा खरीद रहा हूं? क्या यह दवा जरूरी गुणवत्ता मानकों को पूरा करती है? इसका लागू अधिकतम मूल्य क्या है? मैं वास्तव में कितने रुपए चुका रहा हूं? अगर इन 4 सवालों के जवाब आसानी से मिल जाएं तो दवा खरीदने को लेकर भ्रम काफी हद तक कम हो सकता है. पैकेट पर QR कोड से लोगो को मिले पूरी जानकारी एक बेहतर व्यवस्था के तहत दवा के पैकेट पर ऐसा क्यूआर कोड दिया जा सकता है, जिसे स्कैन करने पर मरीज को उस दवा के बारे में जरूरी जानकारी मिल सके.  जेनेरिक दवा का मतलब खराब क्वालिटी नहीं प्रशासन ने सस्ती जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने और आवश्यक दवाओं के मूल्यों को रेगुलेट करने के लिए काफी प्रयास किए हैं लेकिन जेनेरिक दवाओं को लेकर समाज में एक आम धारणा है कि सस्ती दवा शायद कम अच्छी होगी. लेकिन केवल कीमत के आधार पर ऐसा निष्कर्ष निकालना सही नहीं है. बहस इस बात पर होनी चाहिए कि दवा की क्वालिटी कैसी है, तय मानकों को पूरा करती है या नहीं, उसकी कीमत क्या है और मरीज को कितनी पारदर्शी जानकारी मिल रही है. ग्रामीण इलाकों में ज्यादा जरूरत डॉक्टर रमन कुमार ने कहा कि दवा की कीमत और क्वालिटी से जुड़ी पारदर्शिता की जरूरत ग्रामीण इलाकों में और भी ज्यादा हो सकती है. कई जगह मरीजों के पास दवा की कीमतों की तुलना करने के लिए सीमित विकल्प होते हैं. यह जानकारी हिंदी और स्थानीय भाषाओं में हो तो इसे समझना और आसान होगा. डॉक्टर की भूमिका क्या हो? उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद डॉक्टर के इलाज संबंधी फैसले को सीमित करना नहीं होना चाहिए. हालांकि, दवा के प्रिस्क्रिप्शन में जहां उचित हो, जेनेरिक नाम और खुराक आदि की जानकारी देना मरीज के लिए मददगार हो सकता है. हर साल दवाओं की कीमतों की हो समीक्षा डॉक्टर रमन ने सुझाव दिया है कि अगर किसी दवा के सबसे कम बाजार मूल्य और सबसे ज्यादा एमआरपी के बीच बहुत अधिक अंतर है तो ऐसी दवाओं की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए. इसमें देखा जा सकता है कि कीमत में इतना अंतर क्यों है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दवाओं की आसमान छूती कीमतों पर जताई गई चिंता के बीच दवा की कीमत पारदर्शी होना सिर्फ नियमों का विषय नहीं है, बल्कि मरीज के भरोसे से जुड़ा सवाल भी है. यह भी पढ़ें: रात में लाइट जलाकर सोते हैं? दिल से जुड़ी ये बात जरूर जान लें The post महंगी दवा यानी बेहतर इलाज? डॉक्टर ने खोला दवाइयों के दाम और ‘डिस्काउंट’ का पूरा स्पोर्ट्स! appeared first on Naya Vichar.

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थियेटर को ही बना दिया ‘छठ घाट’, The Vvaan देखने से पहले उतारे जूते-चप्पल, अंदर बंटा ठेकुआ… सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

The Vvaan Movie: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ इन दिनों सिनेमाघरों में दर्शकों का ध्यान खींच रही है. फिल्म में बिहार की संस्कृति और खासतौर पर छठ पूजा को जिस तरह दिखाया गया है, उसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. लेकिन अब मुजफ्फरपुर से सामने आया एक वीडियो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. फिल्म में छठ का सीक्वेंस के कारण वीडियो में कुछ दर्शक फिल्म देखने से पहले थिएटर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारते और ठेकुआ तक बांटते नजर आए.  थिएटर के बाहर उतार दिए जूते-चप्पल मुजफ्फरपुर के एक थिएटर के बाहर लोगों को जूते-चप्पल उतारते देखा गया. इसके बाद वे फिल्म देखने के लिए अंदर गए. यह नजारा इसलिए खास बन गया क्योंकि फिल्म में छठ पूजा से जुड़े कई दृश्य दिखाए गए हैं और बिहार के लोगों के लिए यह पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा है. View on Instagram लोगों का यह अंदाज बताता है कि पर्दे पर दिखाई जा रही छठ की झलक उनके लिए कितनी निजी और इमोशनल हो सकती है. थिएटर में ठेकुआ बांटती दिखी एक औरत  इतना ही नहीं थिएटर में  फिल्म ‘वन’ (Vvan) देखने पहुंचीं स्त्रीओं ने कुछ ऐसा किया, जिसने सोशल  मीडिया पर मीम का बौछार कर दिया हैं. थिएटर के अंदर ही स्त्रीओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाया और दर्शकों के बीच ठेकुआ बांटा. छठ महापर्व की छटा बिखेरते इस अनोखे जश्न ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं. थिएटर में ठेकुआ बांटती दिखी एक औरत, फोटो- इंस्टाग्राम शारदा सिन्हा की आवाज ने बढ़ाया इमोशन फिल्म के छठ सीक्वेंस में दिवंगत लोकगायिका शारदा सिन्हा का गीत भी सुनाई देता है. उनकी आवाज बिहार और छठ से जुड़ी भावनाओं का अहम हिस्सा रही है. यही वजह है कि फिल्म में उनके गीत की मौजूदगी ने कई दर्शकों को इमोशनल कर दिया. View on Instagram सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म में दिखा छठ का रंग ‘द वन’ में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने ऋषि नाम के मुंबई में रहने वाले इंजीनियर का किरदार निभाया है. कहानी में वह अपनी पत्नी ममता यानी तमन्ना भाटिया के साथ बिहार के देवांचल गांव पहुंचते हैं. इसी दौरान छठ पूजा और बिहार की लोक मान्यताओं की कहानी में अहम भूमिका दिखाई गई है. फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. ये भी पढ़ें: जगमगाता छठ घाट, सूर्य देव को अर्घ्य और लाल साड़ी में व्रती, कुछ ऐसे शूट हुआ था ‘द वन’ का छठी मैया गीत The post थियेटर को ही बना दिया ‘छठ घाट’, The Vvaan देखने से पहले उतारे जूते-चप्पल, अंदर बंटा ठेकुआ… सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ appeared first on Naya Vichar.

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609km रेंज, 22 मिनट में 80% चार्ज और V8 इंजन की ताकत; Range Rover की इस इलेक्ट्रिक SUV की भारत में बुकिंग शुरू

Range Rover Sport Electric:जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने हिंदुस्तान में अपनी पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक SUV- Range Rover Sport Electric की बुकिंग शुरू कर दी है. कंपनी का दावा है कि यह इलेक्ट्रिक अवतार अपनी पुरानी V8 इंजन वाली कारों जैसी ही दमदार स्पोर्टी परफॉर्मेंस देगा. कंपनी ने इसमें 118.5kWh का बड़ा बैटरी पैक लगाया है. वहीं, डुअल-मोटर सेटअप के साथ यह SUV 550hp की पावर और 850Nm का टॉर्क जेनेरेट करती है. Range Rover Sport Electric Features: बैटरी, पावर और धांसू रेंज रेंज और बैटरी: इसमें 118.5 kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है, जो फुल चार्ज पर 609 किलोमीटर (WLTP) तक की शानदार रेंज देता है. बैटरी पर 8 साल या 1.6 लाख किलोमीटर की वारंटी मिलेगी. पावर और टॉर्क: डुअल-मोटर ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सेटअप के साथ यह 550hp की पावर और 850Nm का जबरदस्त टॉर्क जनरेट करती है. यह टॉर्क Range Rover Sport के अब तक के किसी भी मॉडल में सबसे ज्यादा है. रफ्तार: 0 से 100 kmph की स्पीड पकड़ने में इसे सिर्फ 4.5 सेकंड लगते हैं. फास्ट चार्जिंग: 800V आर्किटेक्चर और 350kW DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ, यह 10 से 80% तक सिर्फ 22 मिनट में चार्ज हो जाती है. केवल 10 मिनट के प्लग-इन में 220km चलने का दावा है. ये भी पढ़ें: 900 km तक की रेंज, 9 मिनट में 97% चार्जिंग, 657hp पावर और फ्लैश चार्जिंग, BYD Formula S की डिलीवरी शुरू डिजाइन और ड्राइविंग डायनामिक्स मजबूत ढांचा: नई SUV की बॉडी ICE (पेट्रोल/डीजल) मॉडल की तुलना में 61% ज्यादा सख्त है. इसका सेंटर ऑफ ग्रेविटी 73mm नीचे किया गया है, जिससे हाई स्पीड हैंडलिंग काफी बेहतर होगी. एक्सटीरियर लुक: इसका डिजाइन मौजूदा मॉडल से काफी मिलता-जुलता है. हालांकि, स्लीक LED हेडलाइट्स, एयरोडायनामिक ब्लैक ग्रिल, फ्लश-फिटिंग डोर हैंडल और 22 इंच के अलॉय व्हील्स इसे एक क्लीन और फ्यूचरिस्टिक लुक देते हैं. इंटीरियर: केबिन में 13.1 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और 13.7 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है. वायरलेस चार्जिंग, 4-जोन क्लाइमेट कंट्रोल और आगे-पीछे हीटेड/वेंटिलेटेड सीट्स जैसी लग्जरी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है. Range Rover Sport Electric Variants: वेरिएंट्स और कस्टमाइजेशन यह SUV कुल चार वेरिएंट्स में उपलब्ध होगी: Dynamic SE Dynamic HSE Autobiography First Edition शुरुआती ‘First Edition’ मॉडल एक्सक्लूसिव Zadar Grey कलर, सैटिन रैप और ब्लैक कॉन्ट्रास्ट रूफ के साथ आएगा. वहीं, Autobiography के ग्राहकों को Range Rover Bespoke के जरिए अपनी SUV को पूरी तरह कस्टमाइज करने का विकल्प मिलेगा. हिंदुस्तान में लॉन्च और संभावित कीमत Range Rover Sport Electric के मार्च 2027 तक हिंदुस्तान में लॉन्च होने की उम्मीद है. इसे CBU (पूरी तरह बनी हुई यूनिट) रूट से लाया जाएगा. हिंदुस्तान-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत फिलहाल कोई रियायत न मिलने के कारण, इसकी संभावित कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये हो सकती है. मौजूदा ICE मॉडल (1.43-1.60 करोड़ रुपये) के मुकाबले, इसे एक अल्ट्रा-प्रीमियम, हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक SUV के तौर पर पोजीशन किया गया है. ये भी पढ़ें: सिंगल चार्ज में 715km की रेंज, 10 मिनट की चार्जिंग में 300km का सफर, पलक झपकते ही 100 की रफ्तार, 4 नवंबर को हिंदुस्तान में दस्तक देगी मर्सिडीज की ये इलेक्ट्रिक SUV The post 609km रेंज, 22 मिनट में 80% चार्ज और V8 इंजन की ताकत; Range Rover की इस इलेक्ट्रिक SUV की हिंदुस्तान में बुकिंग शुरू appeared first on Naya Vichar.

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October 2026 Hindu Festivals List: नवरात्र से लेकर करवा चौथ, जानिए अक्टूबर के किस दिन कौन सा त्योहार

October 2026 Hindu Festivals List: अक्टूबर का महीना आते ही देशभर में त्योहारों की रौनक बढ़ने लगती है. इस बार अक्टूबर 2026 में पितृ पक्ष से लेकर शारदीय नवरात्र, दशहरा, शरद पूर्णिमा और करवा चौथ तक कई प्रमुख व्रत और त्योहार पड़ेंगे. महीने की शुरुआत पितृ पक्ष के अंतिम दिनों से होगी और इसके बाद दुर्गा पूजा, नवरात्र के साथ त्योहारों का सिलसिला तेज हो जाएगा.  2 अक्टूबर से शुरू होगी धार्मिक गतिविधियों की रफ्तार 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के साथ रोहिणी व्रत और सप्तमी श्राद्ध मनाया जाएगा. इसके अगले दिन यानी 3 अक्टूबर को जीवित्पुत्रिका यानी जितिया व्रत होगा. इसी दिन महालक्ष्मी व्रत पूर्ण और अष्टमी श्राद्ध भी रहेगा.  पितृ पक्ष के बाद शुरू होगा नवरात्र पर्व 6 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी और 8 अक्टूबर को प्रदोष व्रत व मासिक शिवरात्रि होगी. 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष समाप्त होगा. इसके अगले दिन 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र शुरू होगा और घटस्थापना की जाएगी.  ये भी पढ़ें: दुर्गा पूजा की मूर्ति में सबसे आखिर में क्यों बनाई जाती हैं मां की आंखें? नवरात्र में दुर्गा पूजा की बढ़ेगी रौनक 16 अक्टूबर को सरस्वती आवाहन और स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी. 17 अक्टूबर को तुला संक्रांति होगी. इसके बाद 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी का पर्व मनाया जाएगा. 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा होगा और इसी दिन दुर्गा विसर्जन भी किया जाएगा.  अक्टूबर के आखिरी दिनों में भी रहेंगे कई पर्व 22 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी मनाई जाएगी. 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा और कोजागर पूजा होगी. 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती और आश्विन पूर्णिमा का पर्व रहेगा. महीने के अंत में 29 अक्टूबर को सुहागिन स्त्रीओं का प्रमुख पर्व करवा चौथ मनाया जाएगा.  अक्तूबर 2026 के व्रत त्योहार अक्टूबर 2026 का त्योहार कैलेंडर इस महीने में धार्मिक आस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण अवसर एक साथ आने वाले हैं. ऐसे में व्रत, पूजा और त्योहारों की तैयारी करने वालों के लिए अक्टूबर का यह कैलेंडर काफी उपयोगी रहेगा.  The post October 2026 Hindu Festivals List: नवरात्र से लेकर करवा चौथ, जानिए अक्टूबर के किस दिन कौन सा त्योहार appeared first on Naya Vichar.

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Asian Games 2026: तीरंदाजी में भारत को डबल गोल्ड, चिकिथा-साहिल ने लगाया सटीक निशाना

Asian Games 2026: एशियन गेम्स में हिंदुस्तानीय कंपाउंड तीरंदाजों ने बुधवार को ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. पहले हिंदुस्तानीय स्त्री कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीता और 238 के स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की. इसके कुछ ही देर बाद चिकिथा तनिपर्थी और साहिल राजेश जाधव की जोड़ी ने भी कमाल कर दिया. दोनों ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम फाइनल में दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर हिंदुस्तान की झोली में एक और गोल्ड डाल दिया. कंपाउंड आर्चरी में हिंदुस्तान ने एक ही दिन में डेबल गोल्ड अपने नाम किया. पहले स्त्रीओं ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर खोला गोल्ड का खाता दिन की शुरुआत हिंदुस्तानीय स्त्री कंपाउंड टीम के शानदार प्रदर्शन से हुई. ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिथा तनिपर्थी की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराया. हिंदुस्तानीय टीम का 238 का स्कोर इसलिए भी खास रहा, क्योंकि इस स्कोर के साथ उसने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. यही जीत हिंदुस्तान के लिए कंपाउंड आर्चरी में दिन के गोल्डन प्रदर्शन की शुरुआत बनी और इसके बाद बारी थी मिक्स्ड टीम की. फाइनल में कोरिया के सामने भी नहीं डगमगाया हिंदुस्तान चिकिथा तनिपर्थी और साहिल राजेश जाधव ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबला जीता. हिंदुस्तानीय जोड़ी ने 156-155 के अंतर से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई. उसके बाद फाइनल में हिंदुस्तान का सामना साउथ कोरिया से हुआ. मुकाबला शुरू होते ही दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. हालांकि, हिंदुस्तान का हौसला नहीं डगमगाया. दूसरे हाफ में मुकाबला फिर रोमांचक हो गया और निर्धारित शूटिंग पूरी होने के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 हो गया. अब गोल्ड का फैसला शूट-ऑफ से होना था. जिसके बाद हिंदुस्तानीय मिक्स्ड टीम अपने लक्ष्य पर अडिग रही और शूट-ऑफ में साउथ कोरिया को हराकर गोल्ड अपने नाम किया. हिंदुस्तान की कंपाउंड आर्चरी में एक दिन, दो गोल्ड हिंदुस्तानीय तीरंदाजों के लिए यह दिन बेहद खास रहा. पहले स्त्री कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड जीता और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की. इसके बाद चिकिथा और साहिल ने शूट-ऑफ के रोमांच में दक्षिण कोरिया को पछाड़ दिया. इस गोल्ड के साथ हिंदुस्तान ने एशियन गेम्स में अब तक 8 गोल्ड जीता. The post Asian Games 2026: तीरंदाजी में हिंदुस्तान को डबल गोल्ड, चिकिथा-साहिल ने लगाया सटीक निशाना appeared first on Naya Vichar.

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UP Rajya Sabha Election: 99 वोट से कैसे बनेगा 3 सीटों का गणित? तीसरे प्रत्याशी के लिए सपा ने शुरू किया वोटों का खेल

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है. चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए वोटों का गणित साधना शुरू कर दिया है. पार्टी के रणनीतिकारों के मुताबिक तीनों उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए कुल 111 मतों की जरूरत होगी. सपा के पास फिलहाल करीब 99 वोट आसानी से उपलब्ध बताए जा रहे हैं. ऐसे में तीसरे प्रत्याशी की जीत के लिए पार्टी को 12 अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे. 37 वोटों पर टिकी जीत की पूरी बाजी राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की एक सीट जीतने के लिए 37 मतों की जरूरत होगी. इसी हिसाब से तीन प्रत्याशियों के लिए 111 वोट चाहिए. सपा के पास मौजूदा संख्या के आधार पर दो सीटों का गणित मजबूत माना जा रहा है, लेकिन तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना जरूरी होगा. यही वजह है कि पार्टी अब अपने खेमे से बाहर के विधायकों पर भी नजर बनाए हुए है और ऐसे नेताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है. बीजेपी के नाराज विधायकों पर सपा की नजर तीसरी सीट के लिए सपा की रणनीति में बीजेपी के उन विधायकों को साधना भी शामिल बताया जा रहा है, जिन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट कटने की आशंका है. पार्टी की ओर से ऐसे विधायकों को राज्यसभा चुनाव में समर्थन के बदले आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट का भरोसा दिए जाने की बात कही जा रही है. सपा का प्रयास है कि बीजेपी के भीतर संभावित नाराजगी को अपने पक्ष में वोटों में बदला जाए. पुराने बागियों की भी वापसी पर नजर सपा की नजर उन विधायकों पर भी है, जिन्होंने पिछले राज्यसभा चुनाव में पार्टी से बगावत करते हुए बीजेपी के पक्ष में मतदान किया था. पार्टी को उम्मीद है कि इनमें से कम से कम दो विधायक इस बार उसके साथ वापस आ सकते हैं. हालांकि, बीजेपी पदाधिकारी बन चुकीं पूजा पाल को लेकर सपा को कोई उम्मीद नहीं बताई जा रही है. ऐसे में पार्टी पुराने बागियों में से संभावित वापसी करने वाले विधायकों के जरिए अपने तीसरे प्रत्याशी का आंकड़ा मजबूत करने में जुटी है. सुभासपा के दो वोट भी अहम तीसरे प्रत्याशी के लिए वोट जुटाने की कवायद में सुभासपा के दो विधायक भी सपा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. जगदीश नारायण राय और मो. अब्बास अंसारी के वोट सपा को मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. यदि इन विधायकों का समर्थन मिलता है तो पार्टी के तीसरे उम्मीदवार के लिए जरूरी अतिरिक्त वोटों के इंतजाम में मदद मिलेगी. इसके अलावा सपा की नजर अन्य संभावित समर्थन और नाराज विधायकों के रुख पर भी बनी हुई है. खुली वोटिंग के बीच नामांकन पर सस्पेंस राज्यसभा चुनाव में खुला मतदान होता है, जिसमें विधायक को अपना वोट अधिकृत एजेंट या प्रत्याशी को दिखाकर डालना होता है. इसी बीच सपा प्रत्याशी प्रो. रामगोपाल यादव के बुधवार को नामांकन दाखिल करने की बात कही गई है. पार्टी ने कुल चार पर्चे खरीदे हैं, लेकिन बाकी दो प्रत्याशियों के नामों को लेकर नेतृत्व ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं. ऐसे में तीसरे प्रत्याशी को लेकर सपा की रणनीति और वोटों का गणित दोनों चर्चा के केंद्र में हैं. यह भी देखें: UP MLC Election: भाजपा का ‘ब्राह्मण दांव’! 11 में 5 टिकट इसी समाज को, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले क्या है सियासी संदेश? The post UP Rajya Sabha Election: 99 वोट से कैसे बनेगा 3 सीटों का गणित? तीसरे प्रत्याशी के लिए सपा ने शुरू किया वोटों का स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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शेयर बाजार में संभलकर रखें कदम: TCS और IT शेयरों में तेजी, जानिए 22800 के नीचे क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह

Indian Stock Market Today: बुधवार को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार की शुरुआत मिली-जुली रही. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से उपजी वैश्विक चिंताओं के कारण निवेशक संभलकर कदम उठा रहे हैं. घरेलू बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है, जहां निफ्टी में हल्की गिरावट है तो सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बना हुआ है. बाजार में क्या चल रहा है? कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 50 मामूली कमजोरी के साथ लाल निशान में खुला, जबकि सेंसेक्स ने बढ़त दर्ज की: इंडेक्स (Index) शुरुआती/मौजूदा स्तर बदलाव (अंक) बदलाव (%) निफ्टी 50 (Nifty 50) 22,679.50 -36.70 -0.16% बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 72,660.64 +131.57 +0.18% इससे पहले मंगलवार को निफ्टी 64.05 अंक गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ था, जो इसकी लगातार दूसरे दिन की गिरावट थी. बाजार में उतार-चढ़ाव की क्या वजह है? अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिका में 30 साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.6% के पार पहुंच गई है, जो 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज (HSL) के एक्सपर्ट देवर्ष वकील के अनुसार, बॉन्ड यील्ड बढ़ने से उधारी लागत बढ़ती है, जिससे महंगे वैल्यूएशन वाले शेयरों और क्रिप्टो बाजार पर दबाव बनता है. कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड ऑयल $96.59 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. अमेरिका-ईरान बातचीत में प्रगति और क्रूड की कीमतों में नरमी से बाजार को सहारा मिल सकता है, लेकिन तेल में फिर तेजी आई तो दबाव बढ़ेगा. FII की बिकवाली: बाजार विश्लेषक विपिन दिक्सेना के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. कौन से सेक्टर और शेयर चमक रहे हैं? कमजोर वैश्विक माहौल के बावजूद आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखी जा रही है: बढ़ने वाले सेक्टर: निफ्टी मीडिया (+1.37%), ऑयल एंड गैस (+1.15%), पीएसयू बैंक (+1.11%) और आईटी (+0.85%). दबाव वाले सेक्टर: मेटल (-0.54%) और फाइनेंशियल सर्विसेज. दिग्गज शेयर: टीसीएस (TCS) में 1.78% की तेजी रही. इसके अलावा टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक हरे निशान में हैं. वहीं दूसरी ओर, बीएसई, मैक्स हेल्थकेयर और अदाणी पोर्ट्स में गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों के लिए आगे के क्या लेवल हैं? अक्षिस डायरेक्ट के एक्सिस डायरेक्ट के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट हेमांग गोर का कहना है कि जब तक निफ्टी 22,800 के नीचे है, तब तक बाजार का मूड थोड़ा सुस्त ही रहेगा. सपोर्ट लेवल (Support): निफ्टी के लिए 22,600-22,570 का दायरा मजबूत सपोर्ट है. अगर यह टूटता है, तो निफ्टी 22,380 और फिर 22,200 के स्तर तक नीचे गिर सकता है. रेजिस्टेंस लेवल (Resistance): सुधार की स्थिति में निफ्टी को ऊपर की तरफ 22,850 से 22,900 पर पहला झटका (रुकावट) मिल सकता है. इसके पार जाने पर 23,100 का स्तर देखने को मिल सकता है. ये भी पढ़ें: सोना-चांदी खरीदने का शानदार मौका! 30 सितंबर को गिरे दाम, देखें पटना-रांची से दिल्ली तक के लेटेस्ट रेट्स The post शेयर बाजार में संभलकर रखें कदम: TCS और IT शेयरों में तेजी, जानिए 22800 के नीचे क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह appeared first on Naya Vichar.

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Video: पहलगाम हमले का मोस्ट वॉन्टेड था हाशिम मूसा, लश्कर आतंकी को सुरक्षाबलों ने ऐसे मार गिराया

बुधवार सुबह यूसमर्ग के पालमैदान इलाके में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को उसका शव और युद्ध जैसे सामान बरामद हुए. चिनार कॉर्प्स ने भी इसकी पुष्टि की है. कैसे मारा गया हाशिम मूसा? सुरक्षाबलों ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर यूसमर्ग इलाके में ‘ऑपरेशन कोराग’ शुरू किया था. संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि नजर आई. सुरक्षाबलों ने संदिग्धों को चुनौती दी तो आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें हाशिम मूसा मारा गया. सुरक्षाबलों के मुताबिक, इलाके में तलाशी अभियान अभी जारी है. आसपास के क्षेत्रों में किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी और हथियारों या अन्य सामान की बरामदगी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. कौन था हाशिम मूसा? मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी था. 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसका स्केच जारी किया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. पुलिस ने हमले के बाद पाकिस्तान के नागरिकों और लश्कर के आतंकियों आदिल हुसैन ठोकर, अली भाई और हाशिम मूसा की गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना देने पर 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, मूसा पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) में पैरा-कमांडो के तौर पर काम कर चुका था. पहलगाम हमले की जांच में भी था नाम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को भी आरोपी बनाया गया. NIA ने अपनी 1,597 पन्नों की चार्जशीट में हमले की साजिश, उसकी तैयारी और उसे अंजाम देने में पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क की भूमिका का विवरण दिया था. पाकिस्तानी हैंडलर और आतंकी सजिद जट्ट को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है. हाशिम मूसा के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों का अभियान इलाके में जारी है. अब तलाशी अभियान के दौरान किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी और अतिरिक्त हथियारों की बरामदगी पर नजर है. ये भी पढ़ें: Jammu kashmir: कठुआ में बहस के बाद जवान ने साथियों पर बरसाईं गोलियां, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत The post Video: पहलगाम हमले का मोस्ट वॉन्टेड था हाशिम मूसा, लश्कर आतंकी को सुरक्षाबलों ने ऐसे मार गिराया appeared first on Naya Vichar.

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वाशु भगनानी को क्या हुआ? लंदन के अस्पताल में भर्ती हैं प्रोड्यूसर, अकेला छोड़ने की बात कही

बॉलीवुड के दिग्गज प्रोड्यूसर वाशु भगनानी को लेकर बड़ी समाचार सामने आ रही है. एएनआई के मुताबिक, वह लंदन में अस्पताल में भर्ती हैं. हालांकि उन्हें क्या हुआ है, इसको लेकर डिटेल्स सामने नहीं आए हैं. उनका हॉस्पिटलाइजेशन ऐसे समय में हुआ, जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले की जांच कर रहा है. अस्पताल में भर्ती हुए प्रोड्यूसर वाशु भगनानी एएनआई ने जब वाशु भगनानी से उनकी हेल्थ को लेकर बात की, तो प्रोड्यूसर ने प्राइवेसी की अपील की और उन्हें अकेला छोड़ने की बात कही. वाशु भगनानी की अस्पताल में भर्ती होने की समाचार मुंबई में हुई इनकम टैक्स की कार्रवाई के कुछ दिन बाद सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु भगनानी, उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े ठिकानों के साथ-साथ Panorama Studios से जुड़े कुल 12 परिसरों पर तलाशी ली थी. रकुल प्रीत सिंह और वासु भगनानी, फोटो- इंस्टाग्राम इनकम टैक्स अधिकारी फिल्म प्रोडक्शन और उससे जुड़े खर्चों के सिलसिले में विदेश भेजी गई कथित रकम की जांच कर रहे हैं. हालांकि, इन लेनदेन की पूरी डिटेल या कथित तौर पर शामिल रकम की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. अभी तक किसी टैक्स उल्लंघन की ऑफिशियल पुष्टि भी नहीं की गई है. 1995 में शुरू किया था पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी ने साल 1995 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी. उन्होंने बॉलीवुड की कई चर्चित फिल्मों को प्रोड्यूस किया, जिनमें कुली नंबर 1, हीरो नंबर 1, बीवी नंबर 1, प्यार किया तो डरना क्या और रहना है तेरे दिल में जैसी फिल्में शामिल हैं. वह अपने बेटे जैकी भगनानी के साथ कंपनी चलाते हैं. प्रोड्यूसर के तौर पर उन्होंने सरबजीत, बेल बॉटम और 2024 में रिलीज हुई बड़े मियां छोटे मियां जैसी फिल्मों को भी सपोर्ट किया गया है. दूसरी तरफ, प्रोड्यूसर कुमार मंगत की कंपनी पैनोरमा स्टूडियोज भी इस मामले में जांच के दायरे में बताई जा रही है. यह कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट से अलग प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है. ये भी पढ़ें: रकुल प्रीत सिंह से लेकर वासु भगनानी तक, बॉलीवुड के इन दिग्गजों के घर IT की रेड, विदेशों में पैसा भेजने का आरोप The post वाशु भगनानी को क्या हुआ? लंदन के अस्पताल में भर्ती हैं प्रोड्यूसर, अकेला छोड़ने की बात कही appeared first on Naya Vichar.

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