Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CM सम्राट ने मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का किया उद्घाटन, अब 15 मिनट में तय होगी 6.2 किमी की दूरी

Patna Metro: पटना में मेट्रो नेटवर्क का एक और हिस्सा आम लोगों के लिए खुल गया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को मलाही पकड़ी मेट्रो सेक्शन का उद्घाटन किया. उद्घाटन के बाद उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम और नगर विकास मंत्री के साथ मेट्रो में सफर भी किया. इस नए सेक्शन के शुरू होने से पूर्वी पटना के लाखों लोगों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा. पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के तहत मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन किया.#PatnaMetro #Bihar #Infrastructure #Development #prabhatkhabar @samrat4bjp @BJP4India @PMRCLofficial pic.twitter.com/EhOnmHiQxv — Naya Vichar (@prabhatkhabar) July 2, 2026 अब ISBT से मलाही पकड़ी सिर्फ 15 मिनट में नए सेक्शन के चालू होने के बाद आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक की 6.2 किलोमीटर की दूरी अब करीब 15 मिनट में पूरी होगी. इस रूट पर यात्रा करने के लिए यात्रियों को 30 रुपये किराया देना होगा. चार स्टेशनों पर मिलेगी चढ़ने-उतरने की सुविधा फिलहाल मेट्रो मलाही पकड़ी, भूतनाथ, जीरो माइल और आईएसबीटी स्टेशन पर ही रुकेगी. हालांकि खेमनीचक स्टेशन का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है. इसके तैयार होने के बाद वहां भी यात्रियों को सुविधा मिलेगी. रूट बढ़ा, लेकिन फेरे हुए कम पहले मेट्रो केवल भूतनाथ से आईएसबीटी के बीच 3.45 किलोमीटर तक चल रही थी. अब मलाही पकड़ी तक विस्तार होने से कुल दूरी 6.2 किलोमीटर हो गई है. रूट बढ़ने के कारण मेट्रो के दैनिक फेरे 24 से घटकर 22 हो जाएंगे. एक पूरा चक्कर लगाने में करीब 35 मिनट लगेंगे. यानी यात्रियों को हर 35 मिनट पर मेट्रो मिलेगी. मलाही पकड़ी पहुंची मेट्रो बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें कंकड़बाग और बस स्टैंड जाने वालों को बड़ी राहत नई सेवा शुरू होने से कंकड़बाग, जीरो माइल और आसपास के इलाकों से आईएसबीटी जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी. सड़क पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा. पटना: मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर पहुंची मेट्रो. मेट्रो में जाते दिखे लोग.#PatnaMetro #Bihar #Infrastructure #Development #prabhatkhabar pic.twitter.com/MRrCxMC6bD — Naya Vichar (@prabhatkhabar) July 2, 2026 पटना में कुल 31.9 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना पर काम चल रहा है. इस प्रोजेक्ट की लागत 13,365 करोड़ रुपये है. इसमें राज्य प्रशासन, केंद्र प्रशासन और जापान की एजेंसी JICA के सहयोग से वित्तीय व्यवस्था की गई है. पूरी परियोजना तैयार होने के बाद दानापुर से पटना सिटी तक मेट्रो सेवा शुरू होगी. इससे राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी और लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा. Also Read: बिहार में 6715 करोड़ रुपये से बदलेगी गांवों की तस्वीर, नई रोजगार योजना लागू, प्रशासन ने बताया पूरा रोडमैप The post CM सम्राट ने मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का किया उद्घाटन, अब 15 मिनट में तय होगी 6.2 किमी की दूरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘महिंद्रा ऐंड मोहम्मद’ से शुरू होकर ‘महिंद्रा ऐंड महिंद्रा’ कैसे बनी भारत की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी? जानिए पूरी कहानी

आज महिंद्रा एंड महिंद्रा हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल और ट्रैक्टर कंपनियों में गिनी जाती है. एसयूवी से लेकर इलेक्ट्रिक व्हीकल और फार्म मशीनरी तक, कंपनी का कारोबार दुनिया के कई देशों में फैला हुआ है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मशहूर कंपनी का नाम शुरुआत में महिंद्रा एंड महिंद्रा नहीं था. देश के विभाजन ने न सिर्फ लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी, बल्कि हिंदुस्तान की इस दिग्गज कंपनी की पहचान भी हमेशा के लिए बदल गई. महिंद्रा की शुरुआत की यह कहानी इतिहास, दोस्ती और मुश्किल हालात में लिए गए फैसलों का अनोखा उदाहरण है. जब Mahindra & Mohammed के नाम से हुई थी शुरुआत महिंद्रा कंपनी की नींव 2 अक्टूबर 1945 को पंजाब के लुधियाना में रखी गई थी. उस समय कंपनी का नाम Mahindra & Mohammed था. इसकी स्थापना कैलाश चंद्र महिंद्रा, जगदीश चंद्र महिंद्रा और उनके करीबी सहयोगी गुलाम मोहम्मद ने मिलकर की थी. शुरुआत में यह कंपनी स्टील ट्रेडिंग का कारोबार करती थी और तीनों संस्थापकों ने साझेदारी की भावना को दर्शाने के लिए कंपनी के नाम में अपनी पहचान शामिल की थी. उस दौर में किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह छोटी सी ट्रेडिंग कंपनी आने वाले दशकों में हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल हो जाएगी. देश का बंटवारा और बदल गया कंपनी का नाम साल 1947 में हिंदुस्तान के विभाजन के बाद हालात पूरी तरह बदल गए. गुलाम मोहम्मद पाकिस्तान चले गए, जहां उन्होंने बाद में पाकिस्तान के पहले वित्त मंत्री और फिर गवर्नर जनरल जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालीं. दूसरी ओर महिंद्रा बंधुओं ने हिंदुस्तान में रहकर कंपनी को आगे बढ़ाने का फैसला किया. गुलाम मोहम्मद के अलग होने के बाद कंपनी के नाम को लेकर सवाल खड़ा हुआ. हालांकि तब तक कंपनी के दस्तावेजों, लेटरहेड और रिकॉर्ड में M&M की पहचान बन चुकी थी. ऐसे में नई शुरुआत करने के बजाय महिंद्रा बंधुओं ने सिर्फ कंपनी का पूरा नाम बदलने का फैसला किया. इसी तरह Mahindra & Mohammed से कंपनी Mahindra & Mahindra बन गई, जबकि M&M की पहचान पहले जैसी ही बनी रही. स्टील कारोबार से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तक का सफर नाम बदलने के बाद कंपनी ने सिर्फ कारोबार ही नहीं बढ़ाया, बल्कि नई इंडस्ट्री में भी कदम रखा. आजादी के तुरंत बाद महिंद्रा ने विलीज जीप की असेंबली शुरू की और यहीं से कंपनी का ऑटोमोबाइल सफर शुरू हुआ. 1949 में विलीज की जीपें सीकेडी किट के रूप में हिंदुस्तान पहुंचीं और मुंबई में उनकी असेंबली की गई. इसके बाद कंपनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1955 में महिंद्रा एंड महिंद्रा शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई और अगले कुछ वर्षों में ट्रैक्टर कारोबार में भी प्रवेश किया. कृषि क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए कंपनी ने इंटरनेशनल हार्वेस्टर के साथ साझेदारी कर हिंदुस्तानीय किसानों के लिए नए विकल्प पेश किए. कैसे बनी हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद ऑटो कंपनियों में से एक 1960 के दशक से महिंद्रा ने लगातार अपने कारोबार का विस्तार किया. कंपनी ने मित्सुबिशी और प्यूजो जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की और ऑटोमोबाइल के अलावा कई नए क्षेत्रों में भी कदम रखा. समय के साथ महिंद्रा की जीप और ट्रैक्टर ग्रामीण हिंदुस्तान की पहचान बन गए. आज कंपनी एसयूवी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल, ट्रैक्टर, आईटी, एयरोस्पेस, फाइनेंस और हॉस्पिटैलिटी समेत कई सेक्टर में सक्रिय है. XUV 3XO, Scorpio-N, Thar, BE सीरीज और XEV जैसे आधुनिक मॉडल महिंद्रा की नई पहचान बन चुके हैं. इतिहास में दर्ज है Mahindra की यह अनोखी कहानी महिंद्रा एंड महिंद्रा की कहानी सिर्फ एक कंपनी के विकास की कहानी नहीं है. यह उस दौर की भी कहानी है, जब देश का विभाजन लाखों लोगों की जिंदगी बदल रहा था. मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद महिंद्रा बंधुओं ने कंपनी को नई पहचान दी और उसे देश की सबसे सफल कंपनियों में शामिल कर दिया. यही वजह है कि आज भी Mahindra & Mahindra का इतिहास हिंदुस्तानीय उद्योग जगत के सबसे दिलचस्प अध्यायों में गिना जाता है. यह भी पढ़ें: Mahindra ने जून में रचा नया रिकॉर्ड, SUV से लेकर ट्रैक्टर तक हर सेगमेंट में जबरदस्त उछाल The post ‘महिंद्रा ऐंड मोहम्मद’ से शुरू होकर ‘महिंद्रा ऐंड महिंद्रा’ कैसे बनी हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी? जानिए पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आदिवासी युवाओं को मिलेगा स्टार्टअप फाउंडर बनने का मौका, JUT ने शुरू किया Idea Tribe-2026

Jharkhand Startup News: जेयूटी के सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रम की थीम ‘इनोवेट फ्रॉम रूट्स, क्रिएट फॉर द फ्यूचर’ रखी गई है. इसका उद्देश्य ट्राइबल स्टूडेंट इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित करना और वर्ष 2030 तक झारखंड से 100 से अधिक आदिवासी स्टार्टअप फाउंडर तैयार करना है. कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट्स अपने इनोवेटिव आइडिया प्रस्तुत करेंगे. चयनित प्रतिभागियों को कुल 20 से 25 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा. इस प्रतियोगिता में इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, फार्मेसी, मैनेजमेंट, आईटीआई, स्किल डेवलपमेंट के प्रशिक्षु, ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर, ट्राइबल एलुमनाई और युवा उद्यमी भाग ले सकते हैं. प्रत्येक टीम में दो से पांच सदस्य होंगे, जिनमें कम-से-कम एक सदस्य अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग का होना अनिवार्य होगा.  क्या है फोकस एरिया आइडिया ट्राइब-2026 के फोकस एरिया में क्रिटिकल मिनरल्स एंड माइनिंग इनोवेशन, ट्राइबल एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्ट इकोनॉमी, ग्रीन एनर्जी एंड क्लाइमेट एक्शन, ट्राइबल आर्ट्स, कल्चर एंड टूरिज्म, एआई एवं डिजिटल इन्क्लूजन और वुमन-लेड एंटरप्राइजेज शामिल हैं.  पांच चरणों में होगा पूरा आयोजन  कार्यक्रम पांच चरणों में आयोजित किया जाएगा. पहले चरण में जुलाई-अगस्त 2026 के दौरान 65 कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें 10 हजार छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है. दूसरे चरण में अगस्त-सितंबर के दौरान कैंपस आइडियाथॉन आयोजित होंगे, जिनसे 300 से 350 नवाचार आधारित आइडिया सामने आएंगे. तीसरे चरण में अक्टूबर में रांची, धनबाद, जमशेदपुर, दुमका और पलामू में बूटकैंप आयोजित किए जाएंगे. इनमें से 100 से अधिक शीर्ष टीमों का चयन किया जाएगा. चौथे चरण में नवंबर में जेयूटी, रांची में ट्राइबल इनोवेशन ग्रैंड चैलेंज का आयोजन होगा, जिसमें शीर्ष 50 टीमें शॉर्टलिस्ट की जाएंगी. इसके बाद दिसंबर में ग्रैंड फिनाले आयोजित होगा, जिसमें शीर्ष 20 स्टार्टअप का चयन किया जाएगा. सीड ग्रांट के तहत तीन प्लेटिनम विजेताओं को दो-दो लाख रुपये, पांच गोल्ड विजेताओं को एक-एक लाख रुपये और 12 सिल्वर विजेताओं को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. स्त्री उद्यमियों और सोशल इंपैक्ट अवार्ड के लिए विशेष ग्रांट का प्रावधान किया गया है. कुल सीड फंड 20 से 25 लाख रुपये का होगा. चयनित टीमों को जेयूटी में प्री-इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, आइपी फाइलिंग, मार्केट लिंकेज, इन्वेस्टर कनेक्ट और स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन में भी सहयोग किया जाएगा. यह भी पढ़ें: सरायकेला: 3 पंचायतों को मिला PCC सड़क और नाली का तोहफा, कीचड़ और जलजमाव की समस्या होगी दूर यह भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा माध्यमिक आचार्य नियुक्ति मामला, दस्तावेज सत्यापन के बावजूद नहीं मिला ज्वाइनिंग लेटर यह भी पढ़ें: साहिबगंज की 70 करोड़ की पेयजल योजना पर हाईकोर्ट सख्त, अपर मुख्य सचिव को खुद जांच का आदेश The post आदिवासी युवाओं को मिलेगा स्टार्टअप फाउंडर बनने का मौका, JUT ने शुरू किया Idea Tribe-2026 appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राम मंदिर भर्ती पर उठे सवाल, 125 नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों की जांच तेज

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. दान राशि में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही पुलिस को पूछताछ के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है. गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ के दौरान एक ट्रस्ट सदस्य का नाम बार-बार सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने भर्ती प्रक्रिया की पड़ताल तेज कर दी है. पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या मंदिर में नौकरियों के नाम पर अभ्यर्थियों से धन लिया गया था और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था. 125 नियुक्तियों पर जांच एजेंसियों की नजर द टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी समाचार के अनुसार जांच में यह आरोप सामने आया है कि राम मंदिर प्रतिष्ठान में विभिन्न पदों पर करीब 125 लोगों की नियुक्ति कथित रूप से रिश्वत लेकर की गई थी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उम्मीदवारों से नौकरी दिलाने के बदले धन लिया गया था. SIT इस पहलू को अपनी विस्तृत रिपोर्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकती है. अधिकारियों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए गए तो यह मामला केवल दान राशि तक सीमित न रहकर भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार से भी जुड़ सकता है. नियुक्ति दस्तावेजों की हो रही पड़ताल जांच के दौरान पुलिस को कई नियुक्त कर्मचारियों से जुड़े जरूरी दस्तावेज नहीं मिले हैं. सूत्रों के मुताबिक कई मामलों में नियुक्ति पत्र, सेवा अनुबंध और अन्य औपचारिक अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए. इससे भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं. जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन नियुक्तियों को किसके निर्देश पर मंजूरी दी गई थी. पुलिस उस ट्रस्ट सदस्य से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है, जिसके संबंध में नियुक्तियों को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है. बैंक खातों और लेन-देन की होगी जांच जांच एजेंसियों ने नियुक्त किए गए लोगों की सूची हासिल कर ली है और उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है, इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया से जुड़े लोगों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच होगी. पुलिस यह जानना चाहती है कि नियुक्ति से पहले या बाद में किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं. अधिकारियों का मानना है कि बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की पुष्टि या खंडन करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. रिश्तेदारों और संपत्तियों की भी जांच न्यायिक हिरासत में बंद अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की भूमिका भी जांच एजेंसियों के रडार पर है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या दोनों ने नियुक्तियों में किसी प्रकार की भूमिका निभाई थी. सूत्रों के अनुसार दोनों का संबंध एक ट्रस्ट सदस्य से बताया जा रहा है और इसी संबंध की भी जांच की जा रही है. इसके अलावा संबंधित ट्रस्ट सदस्य की संपत्तियों की भी पड़ताल हो रही है. जांच एजेंसियां यह सत्यापित कर रही हैं कि ट्रस्ट से जुड़े रहने के दौरान उनकी संपत्ति में कोई असामान्य वृद्धि तो नहीं हुई और उसका संबंध किसी कथित अनियमितता से तो नहीं है. यह भी पढ़ें: राम मंदिर दान विवाद: चंपत राय की भूमिका पर VHP प्रमुख आलोक बोले- जांच के बाद होगा फैसला The post राम मंदिर भर्ती पर उठे सवाल, 125 नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों की जांच तेज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आलिया और बॉबी देओल को कितनी फीस मिली? 2 घंटे 20 मिनट 48 सेकंड की ‘अल्फा’ की शूटिंग कहां हुई?

Alpha Cast Fees: यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की नई फिल्म ‘अल्फा’ 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. यह फिल्म इस यूनिवर्स की पहली फीमेल-ड्रिवन एक्शन फिल्म बताई जा रही है, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी. उनके साथ अनिल कपूर और बॉबी देओल भी अहम किरदार निभा रहे हैं. शिव रवैल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आलिया- शरवरी ने कितनी फीस ली, यहां जानिए. Alpha Cast Fees: ‘अल्फा’ के लिए आलिया भट्ट ने कितना किया चार्ज? रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ‘अल्फा’ की कास्ट को अलग-अलग मॉडल पर पेमेंट किया गया है. आलिया भट्ट ने फिल्म के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया है, यानी उन्होंने कम बेस फीस ली है और प्रॉफिट से हिस्सा मिलेगा. शरवरी को लगभग 3 करोड़ रुपये मिले हैं. अनिल कपूर और बॉबी देओल दोनों को करीब 6-6 करोड़ रुपये दिए गए हैं. View this post on Instagram A post shared by αlia bhatt 💛 (@aliaabhatt) Alpha Runtime: ‘अल्फा’ का रन टाइम सेंसर बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार, फिल्म की कुल लंबाई 140.48 मिनट (2 घंटे 20 मिनट 48 सेकंड) है. फिल्म को U/A सर्टिफिकेट मिल चुका है, लेकिन मेकर्स को कुछ बदलाव करने पड़े हैं- जिसमें पहले हाफ से एक गाली को हटाया गया है. इसके अलावा हिंसक सीन को थोड़ा कम करने के लिए कहा गया है. इन बदलावों के बाद फिल्म को फाइनल अप्रूवल मिला है. View this post on Instagram A post shared by Yash Raj Films (@yrf) Alpha Shooting Locations: इन जगहों पर की गई ‘अल्फा’ की शूटिंग ‘अल्फा’ की शूटिंग हिंदुस्तान और विदेश दोनों जगह हुई है. मुंबई के स्टूडियो में इसके एक्शन और फाइट सीक्वेंस शूट किए गए. वहीं कश्मीर के सोनमर्ग और पहलगाम में इसके इमोशनल और आउटडोर हिस्से फिल्माए गए हैं. इसके अलावा स्कॉटलैंड और पोलैंड इंटरनेशनल लोकेशंस ने फिल्म को ग्लोबल टच दिया है. यह भी पढ़ें- समय रैना ने आलिया भट्ट को नहीं बख्शा, ‘जिगरा’ से ‘कान्स’ तक पर किया रोस्ट, एक्ट्रेस ने भी दिए जवाब The post आलिया और बॉबी देओल को कितनी फीस मिली? 2 घंटे 20 मिनट 48 सेकंड की ‘अल्फा’ की शूटिंग कहां हुई? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

हॉर्मुज से परमाणु प्रतिबंध तक, दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता के केंद्र में रहे अहम मुद्दे

US-Iran Agreement : अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता में परमाणु समझौते के साथ-साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा सबसे अहम रहा. अमेरिका ने ईरान से साफ कहा कि अगर वह इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना छोड़ देता है, तो प्रतिबंध हटने के बाद उसे कहीं अधिक आर्थिक फायदा होगा. पुराने तनाव के बीच फिर गरमाया हॉर्मुज का मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा हॉर्मुज के पास नए शिपिंग रूट बनने के बाद कई व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया. इससे पहले भी ईरान कई बार हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव बढ़ाने की बात कहता रहा है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक रास्तों में गिना जाता है. यह भी पढ़ें- वेनेजुएला से लाया गया हिंदुस्तानीय नाविक का शव, परिजनों का आरोप-शव से दिमाग, हृदय, फेफड़े गायब ईरान का दावा- ओमान के साथ मिलकर करेंगे प्रबंधन ईरान का कहना है कि वह ओमान के साथ मिलकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संयुक्त प्रबंधन करना चाहता है. उसका दावा है कि 60 दिनों की समझौता अवधि पूरी होने के बाद वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जा सकता है. उधर, अमेरिका का कहना है कि इस तरह का कोई भी फैसला खाड़ी देशों की सहमति के बिना नहीं हो सकता. यह भी पढ़ें- इजराइल की दो टूक: ईरान पर भरोसा खतरनाक, हिंदुस्तान भी रहे अलर्ट 18 अगस्त तक समझौते की कोशिश अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून 2026 को हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत 18 अगस्त तक अंतिम समझौते की कोशिश की जा रही है. हालांकि कई बिंदुओं की अलग-अलग व्याख्या को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं. कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद दोनों पक्षों की अगली वार्ता होगी. दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह बातचीत परमाणु समझौते और हॉर्मुज विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाल पाएगी. यह भी पढ़ें- मेरा फोन बीजिंग नहीं, दिल्ली जाता है… अमेरिकी सीनेटर ने हिंदुस्तान की तारीफ की और चीन पर जताई नाराजगी The post हॉर्मुज से परमाणु प्रतिबंध तक, दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता के केंद्र में रहे अहम मुद्दे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

4.76 करोड़ की GMC Hummer EV ड्राइव करते दिखे रोहित शेट्टी, पहले से गैरेज में हैं कई लग्जरी कारें

बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने ‘लाफ्टर शेफ्स’ के ग्रैंड फिनाले में अपनी करोड़ों की नई GMC Hummer EV के साथ मारी. जैसे ही उनकी इलेक्ट्रिक SUV सेट पर पहुंची, पैपराजी ने इसे कैप्चर किया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. GMC Hummer EV Price: ऑरेंज कलर की लग्जरी कार की कीमत है 4.76 करोड़ रोहित शेट्टी के पास ऑरेंज कलर की GMC Hummer EV है. जिसकी कीमत 4.67 करोड़ है. यह कोई आम इलेक्ट्रिक SUV नहीं है. इसका बॉक्सी डिजाइन, बड़ा साइज और रोड प्रेजेंस इस बाकी गाड़ियों से काफी अलग बनाता है. कंपनी ने अभी तक इस मॉडल को हिंदुस्तान में ऑफिशियल तौर पर लॉन्च नहीं किया है. फिर भी कुछ चुनिंदा यूनिट्स प्राइवेट इम्पोर्ट के जरिए हिंदुस्तान पहुंच चुकी हैं. धुरंधर एक्टर रणवीर सिंह के पास भी ये कार है. View this post on Instagram A post shared by Instant Bollywood (@instantbollywood) Rohit Shetty Car Collection: रोहित शेट्टी के गैरेज में हैं कई लग्जरी गाड़ियां रोहित शेट्टी का लग्जरी कारों के प्रति प्यार किसी से छिपा नहीं है. उनकी सिंघम देख लीजिए या फिर गोलमाल या फिर सूर्यवंशी, हर किसी में कार स्टंट होता ही है. उनकी गैरेज में भी कई शानदार गाड़ियां हैं, जिनमें Ford Mustang, Range Rover Sport, Mercedes-Benz AMG G63 और Lamborghini Urus जैसी सुपर लग्जरी कारें शामिल हैं. View this post on Instagram A post shared by Rohit Shetty (@itsrohitshetty) Rohit Shetty Upcoming Projects: रोहित शेट्टी अपकमिंग प्रोजेक्ट्स वर्कफ्रंट की बात करें तो, रोहित शेट्टी को आखिरी बार सिंघम अगेन का निर्देशन करते देखा गया था. उन्होंने स्टंट बेस्ड रियालिटी शो खतरों के खिलाड़ी सीजन 15 की शूटिंग भी खत्म की है. जल्द ही वह मुंबई के एक्स पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया के जीवन पर आधारित एक नई एक्शन फिल्म पर काम कर रहे हैं, जिसमें जॉन अब्राहम और तमन्ना भाटिया के भी शामिल हो सकते हैं. हालांकि ऑफिशियल तौर पर कुछ भी सामने नहीं आया है. यह भी पढ़ें- Khatron Ke Khiladi 15 में होंगे रॉ और रियल स्टंट्स, रोहित शेट्टी ने शेयर किया जबरदस्त प्रोमो यह भी पढ़ें- Khatron Ke Khiladi 15: पहले कभी नहीं देखे होंगे ऐसे स्टंट… रोहित शेट्टी ने नए सीजन को लेकर किया बड़ा दावा The post 4.76 करोड़ की GMC Hummer EV ड्राइव करते दिखे रोहित शेट्टी, पहले से गैरेज में हैं कई लग्जरी कारें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

साड़ी पहनने का असली सीक्रेट जान लें, हर बार लोग कहेंगे, वाह! वाह!

Saree Draping Tips: शादी, त्योहार, ऑफिस या किसी खास मौके पर साड़ी पहनना आज भी पहली पसंद है. हालांकि कई बार महंगी और खूबसूरत साड़ी पहनने के बाद भी मनचाहा लुक नहीं मिल पाता. इसकी वजह केवल साड़ी का डिजाइन या फैब्रिक नहीं, बल्कि उसे पहनने का तरीका भी हो सकता है. यदि आप साड़ी में लंबी और स्लिम दिखना चाहती हैं, तो ये हैं रांची की मशहूर ब्यूटीशियन और साड़ी ड्रेपिंग एक्स्पर्ट स्वीटी सिंह के बताए हुए कुछ खास टिप्स. पहले पहनें फुटवियर, फिर बांधें साड़ी PC- Gemini साड़ी पहनने से पहले हमेशा अपनी हील्स या सैंडल पहन लें. इससे साड़ी की लंबाई सही रहती है और उसका फॉल भी बेहतर दिखाई देता है. अगर साड़ी पहनने के बाद फुटवियर बदले जाते हैं, तो साड़ी छोटी लग सकती है और आपकी हाइट भी कम नजर आ सकती है. बहुत चौड़ी प्लेट्स बनाने से बचें PC- Gemini साड़ी की प्लेट्स पूरे लुक को प्रभावित करती हैं. यदि प्लेट्स बहुत चौड़ी हों, तो पेट के आसपास अतिरिक्त फैब्रिक इकट्ठा हो जाता है, जिससे शरीर भारी दिखाई देता है. बेहतर होगा कि पतली, बराबर और साफ प्लेट्स बनाकर उन्हें अच्छी तरह पिन कर लें. इससे लुक ज्यादा सलीकेदार और स्लिम नजर आता है. पेटीकोट या शेपवियर की सही फिटिंग रखें PC- Gemini साड़ी का लुक काफी हद तक पेटीकोट या शेपवियर पर भी निर्भर करता है. इसे बहुत ऊपर या बहुत नीचे बांधने से शरीर का अनुपात बिगड़ सकता है. इसे नाभि के आसपास या थोड़ा नीचे बांधना बेहतर माना जाता है. अगर आप ज्यादा फिट और आकर्षक लुक चाहती हैं, तो साड़ी शेपवियर का इस्तेमाल कर सकती हैं. पल्लू की लंबाई का रखें ध्यान PC- Gemini अगर आप खुद को लंबा दिखाना चाहती हैं, तो पल्लू को बहुत छोटा न रखें. थोड़ा लंबा और अच्छी तरह सेट किया गया पल्लू शरीर पर एक सीधी लाइन का प्रभाव देता है, जिससे हाइट ज्यादा नजर आती है. साथ ही पल्लू को बहुत कसकर पिन करने से बचें, ताकि कंधे चौड़े न दिखें. सही फैब्रिक का चुनाव भी है जरूरी ड्रेपिंग के साथ-साथ साड़ी का फैब्रिक भी आपके लुक को प्रभावित करता है. शिफॉन, जॉर्जेट और साटन जैसे हल्के फैब्रिक शरीर पर अच्छी तरह बैठते हैं और आपको स्लिम व एलिगेंट लुक देने में मदद करते हैं. सही ड्रेपिंग और सही फैब्रिक के साथ आपकी साड़ी का स्टाइल और भी निखर सकता है. यह भी पढ़ें: अलमारी में रखी बनारसी साड़ी को दें नया लुक, इन 5 लेस से बनाएं डिजाइनर दुपट्टा The post साड़ी पहनने का असली सीक्रेट जान लें, हर बार लोग कहेंगे, वाह! वाह! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राम मंदिर चंदा चोरी : VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा-चंपत राय लापरवाही के दोषी हो सकते हैं, हम जिम्मेदार नहीं

Ram Mandir : आलोक कुमार ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि राम मंदिर के चंदा चोरी के मामले के लिए विश्व हिंदू परिषद जिम्मेदार नहीं है और वह चंपत राय पर एक्शन लेने के लिए केस की जांच का इंतजार करेगी. चंपत राय विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. एसआईटी सभी एंगल से करेगी जांच आलोक कुमार ने कहा कि हमें पक्का विश्वास है कि पुलिस और SIT इस केस की जांच विभिन्न एंगल से करेगी और सच्चाई को सामने लेकर आएगी. जो हुआ है वह बहुत बुरा है और इससे दुनिया भर के हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. इसी वजह से जो कुछ हुआ है उसका बचाव करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. हमें उम्मीद है कि जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसे सजा दी जाएगी. क्या चंदा चोरी होने से वीएचपी की साख पर असर पड़ा है? आलोक कुमार से जब हिंदुस्तान टाइम्स ने पूछा कि क्या राम मंदिर के चंदा चोरी होने से विश्व हिंदू परिषद की साख पर असर हुआ है, तो उन्होंने कहा कि हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं. जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, मैंने साफ कर दिया था कि वीएचपी का काम खत्म हो गया है. मंदिर बनाना और उसे चलाना हमारा काम नहीं है. क्या परिषद चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई करेगी? चंपत राय के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद क्या कार्रवाई करेगी, इसपर आलोक कुमार कहते हैं कि हमने उन्हें ट्रस्ट के महासचिव पद पर नियुक्त नहीं किया था. इस वजह से वीएचपी इस चोरी के लिए जिम्मेदार नहीं है. जो कुछ भी हुआ है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन वीएचपी, आरएसएस और प्रधानमंत्री कार्यालय को दोषी ठहराने की कोशिशें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं. आप चाहते हैं कि मैं जांच के नतीजे के बिना ही चंपत राय को बर्खास्त कर दूं, लेकिन अभी तक किसी ने राय पर आरोप नहीं लगाया है. आरोप उनके ड्राइवर पर हैं. चोरी के मामले में चंपत राय की भूमिका को आप कैसे देखते हैं? राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में चंपत राय की भूमिका पर आलोक कुमार ने कहा किमैं मान रहा हूं कि वह लापरवाही का दोषी हो सकते हैं. वीएचपी ने पहले से ही जांच की मांग की है जो चल रही है और इसलिए, हम कुछ समय इंतजार करेंगे. उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी. ये भी पढ़ें : राम मंदिर दान चोरी मामला: SIT जांच की समय-सीमा बढ़ी, 15 जुलाई तक देनी होगी रिपोर्ट The post राम मंदिर चंदा चोरी : VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा-चंपत राय लापरवाही के दोषी हो सकते हैं, हम जिम्मेदार नहीं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

वेनेजुएला से लाया गया भारतीय नाविक का शव, परिजनों का आरोप-शव से दिमाग, हृदय, फेफड़े गायब

Indian Sailor : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हिंदुस्तानीय नाविक राकेश चौहान की वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई. जब उनका शव हिंदुस्तान लाया गया तो परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए. परिजनों का कहना है कि शव से कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे. जिसका वीडियों सोशल पर मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस मामले के सामने आने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी है. दोबारा पोस्टमॉर्टम में मिले 22 टांके सोशल मीडिया पर वीडियों में दावा किया कि शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया. इस दौरान शरीर पर 22 टांके पाए गए. परिजनों का कहना है कि जांच के दौरान पता चला कि शव में कई आंतरिक अंग मौजूद नहीं थे. उन्होंने मामले मर्चेंट नेवी कंपनी के अधिकारियों पर फोन नहीं का आरोप लगाया है और मौत को हत्या बताया है. किन अंगों के गायब होने का दावा मृतक की पत्नी मुताबिक, राकेश के शव से दिमाग, हृदय, फेफड़े, लीवर, किडनी, तिल्ली, अग्न्याशय, आंतें, थायरॉयड, गॉल ब्लेडर और श्वास नली सहित कई अंग गायब मिले है, हालांकि, इन दावों की अभी तक संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. नवंबर 2025 में जॉइन की थी मर्चेंट नेवी राकेश चौहान ने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी ज्वाइन की थी। वे वेनेजुएला में मरीन फिटर के रूप में काम कर रहे थे। ड्यूटी के दौरान उनकी मौत कैसे हुई, इसे लेकर भी परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मृतक के परिजनों ने केंद्र और राज्य प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि मौत की असली वजह और शव से अंग गायब होने के आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए. फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से मामले में कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है. यह भी पढ़ें- मेरा फोन बीजिंग नहीं, दिल्ली जाता है… अमेरिकी सीनेटर ने हिंदुस्तान की तारीफ की और चीन पर जताई नाराजगी The post वेनेजुएला से लाया गया हिंदुस्तानीय नाविक का शव, परिजनों का आरोप-शव से दिमाग, हृदय, फेफड़े गायब appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top