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Author name: Vinod Jha

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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट बोइंग 737 मैक्स के हाईजैक होने की खबर! बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने किया इनकार

दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट बोइंग 737 मैक्स ने बुधवार को इमरजेंसी घोषित की और उत्तरी सऊदी अरब के ऊपर से वापस लौट गई. फ्लाइट के वापस लौटने के बाद हड़कंप मच गया कि एक यात्री विमान का अपहरण हो गया है. यात्री विमान की हुई सुरक्षित लैंडिंग इस इमरजेंसी की घोषणा के बाद हिब्रू मीडिया ने बताया कि हाइजैकिंग की आशंका की वजह से इजराइली एयर फोर्स के फाइटर जेट प्लेन की ओर बढ़ाए गए थे. इन फाइटर जेट्‌स ने यात्री विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई. बाद में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस के एक प्रवक्ता ने कहा है कि हाईजैक का कोई डर नहीं था. इस तरह की कोई स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी. दो पायलटों के बीच झगड़ा बना इमरजेंसी की वजह इजरायली मीडिया ने सिक्योरिटी अधिकारियों के हवाले से कहा कि यह घटना प्लेन के दो पायलटों के बीच झगड़े की वजह से हुई और प्लेन में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं. प्लेन किंगडम के सिविलियन और मिलिट्री बेस, तबुक में उतरा. ये भी पढ़ें : कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जमा हो रहे हैं इंडिया गठबंधन के नेता, मोदी प्रशासन को चुनौती देने की है तैयारी The post दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट बोइंग 737 मैक्स के हाईजैक होने की समाचार! बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने किया इनकार appeared first on Naya Vichar.

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750 करोड़ के जीएसटी घोटाले में कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ईडी की दबिश, दस्तावेज जब्त

जमशेदपुर : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने अहले सुबह आठ बजे बिष्टुपुर स्थित उनके आवासीय परिसर और आदित्यपुर व गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लांट में एक साथ धावा बोला. इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. जांच के दायरे में आए परिसरों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, वहीं अंदर मौजूद लोगों को भी बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है. कांट्रैक्टर्स एरिया से लेकर औद्योगिक क्षेत्र तक तलाशी ईडी की टीमें बिष्टुपुर के कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित ज्ञानचंद जायसवाल के आवास, बर्मामाइंस, जुगसलाई और आदित्यपुर हथियाडीह स्थित शारदा एंडेवर्स फैक्ट्री में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं. जांच दल में शामिल अधिकारी वित्तीय लेनदेन, खरीद-बिक्री से जुड़े अभिलेखों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क सहित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की गहन पड़ताल कर रहे हैं. कई महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए जाने की सूचना है. छापेमारी के दौरान पुलिस बल की भी तैनाती की गई है. 750 करोड़ के जीएसटी घोटाले में कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ईडी की दबिश. 750 करोड़ के फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी की जांच प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई लगभग 750 करोड़ रुपए के बड़े जीएसटी घोटाले और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़ी है. कारोबारी बबलू जायसवाल पर बोगस कंपनियों के जरिए फर्जी बिलिंग करने, अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त करने और बड़े पैमाने पर राजस्व को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं. हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने अभी आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है. पहले 55.66 करोड़ के मामले में जा चुके हैं जेल ज्ञानचंद जायसवाल इससे पूर्व भी उन पर 55.66 करोड़ रुपए के जीएसटी घोटाले का आरोप लगा था, जिसमें उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. उस मामले में मेसर्स जय भोलानाथ कंपनी, मेसर्स मां शारदा एंडेवर और मेसर्स मेकर्स कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड से 22.31 करोड़ रुपए तथा मेसर्स केदारनाथ ट्रैक्सीन, ज्ञानदीप आयरन प्राइवेट लिमिटेड व मेसर्स विभ्रान स्क्रैप कंपनी से 33.35 करोड़ रुपए का गलत तरीके से आईटीसी लेने की बात सामने आई थी. पूर्व में 7 अगस्त 2025 को भी इनके ठिकानों पर कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद अब नए सिरे से जांच का दायरा बढ़ाया गया है. The post 750 करोड़ के जीएसटी घोटाले में कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ईडी की दबिश, दस्तावेज जब्त appeared first on Naya Vichar.

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iPhone से Apple Pay पेमेंट कैसे करें? जानिए कार्ड जोड़ने से लेकर भुगतान तक का पूरा आसान तरीका

हिंदुस्तान में डिजिटल भुगतानों के बढ़ते दायरे के बीच ऐपल (Apple) ने आखिरकार हिंदुस्तानीय यूजर्स के लिए अपनी लोकप्रिय पेमेंट सेवा Apple Pay को आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया है. 30 सितंबर 2026 से लाइव हुई इस सुविधा के बाद अब आईफोन यूजर्स को बार-बार अपना कार्ड निकालने या ऑनलाइन चेकआउट के दौरान कार्ड क्रेडेंशियल्स भरने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी. अगर आपके पास सपोर्टेड डिवाइस और बैंक कार्ड है, तो आप दुकानों पर केवल फोन टैप करके और ऑनलाइन ऐप्स पर सिंगल क्लिक में सुरक्षित पेमेंट कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि हिंदुस्तान में Apple Pay की मदद से अपने iPhone से पेमेंट कैसे करें और इसके लिए क्या-क्या सेटिंग्स करनी होंगी. iPhone में Apple Pay सेटअप करने और कार्ड जोड़ने की प्रक्रिया अगर आप पहली बार अपने आईफोन में ऐपल पे शुरू कर रहे हैं, तो इसके लिए Apple Wallet ऐप का इस्तेमाल करना होगा. सेटअप करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका बेहद आसान है: अपने आईफोन में इन-बिल्ट Wallet ऐप खोलें. सबसे ऊपर दाईं ओर दिख रहे ‘+’ (प्लस) आइकॉन पर टैप करें. ‘Debit or Credit Card’ का विकल्प चुनें और Continue पर क्लिक करें. अपने योग्य Axis Bank Visa या Mastercard क्रेडिट कार्ड को कैमरे से स्कैन करें या डिटेल्स मैनुअली दर्ज करें. बैंक की ओर से मिलने वाले ओटीपी (OTP) को दर्ज कर कार्ड वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करें. नोट: आप चाहें तो सीधे Axis Bank के मोबाइल ऐप में जाकर भी ‘Add to Apple Wallet’ विकल्प पर टैप करके अपने कार्ड को सीधे लिंक कर सकते हैं. Apple Pay से Stores में iPhone द्वारा पेमेंट कैसे करें? स्टोर्स, रिटेल आउटलेट्स, रेस्टोरेंट्स या पेट्रोल पंप पर जहां भी NFC/कॉन्टैक्टलेस मशीन उपलब्ध हो, वहां अपने iPhone से भुगतान करने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें: साइड बटन दबाएं: अपने आईफोन का साइड बटन (Home Button वाले फोन में होम बटन) दो बार (Double Click) लगातार दबाएं. ऑथेंटिकेट करें: स्क्रीन पर आपका कार्ड दिखते ही अपने Face ID, Touch ID या फोन का पासकोड दर्ज कर पहचान सत्यापित करें. टैप एंड पे करें: अपने आईफोन के ऊपरी हिस्से को मर्चेंट की कॉन्टैक्टलेस पेमेंट मशीन (NFC Reader) के पास कुछ सेकंड के लिए ले जाएं. पेमेंट पूरा: जैसे ही स्क्रीन पर ‘Done’ लिखा हुआ टिक-मार्क आएगा, आपका भुगतान सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा. Apps और Websites पर Apple Pay से ऑनलाइन भुगतान करने का तरीका Zomato, Blinkit, Croma, Tata 1mg, Ixigo और Reliance जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन शॉपिंग करते समय अब आपको कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट या CVV डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी: खरीदारी करते समय चेकआउट पेज पर ‘Apple Pay’ का बटन चुनें. अपनी बिलिंग और डिलीवरी एड्रेस चेक करें. आईफोन के साइड बटन को डबल-क्लिक करें और Face ID या Touch ID से ऑथेंटिकेट करें. आपका ट्रांजैक्शन सेकंडों में पूरा हो जाएगा. Apple Pay सपोर्ट करने वाले iPhones और Apple Watches की लिस्ट हिंदुस्तान में Apple Pay का इस्तेमाल करने के लिए आपके पास सही हार्डवेयर और अपडेटेड सॉफ्टवेयर होना जरूरी है: iPhone Models: यह सुविधा कम से कम iPhone XR और उसके बाद के सभी नए मॉडल्स पर काम करेगी, जिसके लिए iOS 18 या उससे नया सॉफ्टवेयर वर्जन होना अनिवार्य है. Apple Watch Models: स्मार्टवॉच से पेमेंट करने के लिए Apple Watch Series 6 या उससे नया मॉडल होना चाहिए, जो watchOS 11 या नए अपडेट पर चल रहा हो और iPhone XR या नए मॉडल से पेयर हो. Apple Pay और iPhone पेमेंट से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) 1. iPhone से Apple Pay के जरिए पेमेंट करने के लिए कौन से कार्ड काम करेंगे? शुरुआती चरण में हिंदुस्तान में केवल Axis Bank द्वारा जारी किए गए Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड ही Apple Pay पर समर्थित हैं. जल्द ही अन्य बैंकों को जोड़ा जाएगा. 2. क्या iPhone से Apple Pay पेमेंट करते समय PIN या OTP डालना पड़ता है? नहीं, दुकानों पर टैप-टू-पे करते समय आपको कोई पिन या ओटीपी दर्ज नहीं करना पड़ता. भुगतान को आपके Face ID, Touch ID या डिवाइस पासकोड से सुरक्षित रूप से ऑथेंटिकेट किया जाता है. 3. क्या Apple Pay से पेमेंट करने पर कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलेंगे? जहां, जब आप Apple Pay के माध्यम से अपने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते हैं, तो आपको अपने कार्ड पर मिलने वाले सभी कैशबैक, रिवॉर्ड पॉइंट्स और ऑफर्स पहले की तरह ही मिलते रहते हैं. ये भी पढ़ें: Apple Pay India Launch: iPhone में कैसे करें इस्तेमाल, कौन से Bank और Cards हैं Supported? The post iPhone से Apple Pay पेमेंट कैसे करें? जानिए कार्ड जोड़ने से लेकर भुगतान तक का पूरा आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जमा हो रहे हैं इंडिया गठबंधन के नेता, मोदी सरकार को चुनौती देने की है तैयारी

इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेता बैठक में शामिल होने के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंच रहे हैं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बैठक स्थल पहुंच चुके हैं. उनके अलावा कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल और सोनिया गांधी भी कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंच चुके हैं. उनके अलावा राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी बैठक में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं. टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे. आज ममता बनर्जी भी पहुंची हैं. आम आदमी के नेता नहीं पहुंचे इंडिया गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आम आदमी पार्टी का कोई नेता अबतक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब नहीं पहुंचा है. पार्टी के नेता संजय सिंह ने एएनआई के साथ बातचीत में कहा है कि आम आदमी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है,इसलिए पार्टी के मीटिंग में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता. हालांकि उन्होंने कहा कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार से जुड़ा मुद्दा एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है और पॉलिटिकल पार्टियों से 2 अक्टूबर को होने वाले प्रोटेस्ट को सपोर्ट करने की अपील की. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग तेज इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के देश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग तेज हो गई है. रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर लिखित आपत्ति दर्ज की थी. रिपोर्ट में ये आपत्तियां मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उससे जुड़े फैसलों से संबंधित बताई गईं. चुनाव आयोग ने इन दावों के बीच कहा कि अलग-अलग विचार संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं. उसके बाद से विपक्षी दलों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नया प्रस्ताव लाने की तैयारी की समाचारें हैं. 2 अक्टूबर से दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन शुरू कर रहा है और कई पार्टियां उन्हें समर्थन भी दे रही हैं. ये भी पढ़ें: ‘चुनाव आयोग लोकतंत्र की गरिमा का प्रतीक, कांग्रेस नहीं पचा पा रही हार’, खरगे पर स्मृति ईरानी का पलटवार The post कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जमा हो रहे हैं इंडिया गठबंधन के नेता, मोदी प्रशासन को चुनौती देने की है तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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भारत में Apple Pay की एंट्री, क्या 15 अक्टूबर से इसपर भी लगेगा MDR?

Apple Pay MDR: हिंदुस्तान में आखिरकार एप्पल पे (Apple Pay) की एंट्री हो चुकी है. टेक दिग्गज एप्पल ने इसे देश में आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है. शुरुआत में एप्पल पे का सपोर्ट एक्सिस बैंक (Axis Bank) के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड यूजर्स को मिला है. यानी अब आईफोन और एप्पल वॉच यूजर्स बिना कार्ड निकाले या PIN/OTP डाले आसानी से पेमेंट कर सकेंगे. लेकिन इस लॉन्च के साथ ही देश में 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए UPI नियमों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या एप्पल पे से पेमेंट करने पर भी MDR टैक्स या चार्ज लगेगा? आइए इसे समझते हैं. Apple Pay क्या है और यह कैसे काम करता है? एप्पल पे एक डिजिटल वॉलेट सेवा है. इसमें यूज़र अपने एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड को एप्पल वॉलेट में ऐड कर सकते हैं. दुकान पर पेमेंट करते समय आईफोन का साइड बटन या होम बटन डबल-क्लिक करके फेस आईडी (Face ID) या टच आईडी (Touch ID) से वेरिफिकेशन करना होता है. सुरक्षा के लिहाज से आपका असल कार्ड नंबर डिवाइस या सर्वर पर स्टोर नहीं होता. इसकी जगह एक यूनिक एनक्रिप्टेड कोड काम करता है. ब्लिंकिट, जोमैटो, क्रोमा, रिलायंस ब्रांड्स और टाटा 1mg जैसी जगहों पर यह सुविधा चालू हो चुकी है. क्या 15 अक्टूबर से Apple Pay पर भी MDR लगेगा? नहीं, 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए यूपीआई (UPI) नियमों के तहत ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR लागू हो रहा है. लेकिन एप्पल पे कार्ड टोकनाइजेशन पर काम करता है, यूपीआई पर नहीं. इसलिए एप्पल पे से पेमेंट करने पर यूपीआई वाला 0.4% MDR लागू नहीं होगा. फीचर UPI Payments Apple Pay पेमेंट नेटवर्क UPI (NPCI) Visa / Mastercard (क्रेडिट कार्ड) 15 अक्टूबर से MDR ₹2,000 से ऊपर 0.4% (अधिकतम ₹300) यूपीआई वाला MDR लागू नहीं होगा विशेष सेक्टर शुल्क फ्यूल, रेलवे आदि पर ₹5 फ्लैट मर्चेंट और बैंक के बीच तय स्टैंडर्ड कार्ड फीस एप्पल पे और UPI में क्या अंतर है? दोनों सेवाओं के बीच सबसे बड़ा अंतर इनके काम करने के तरीके में है: पेमेंट रूट: एप्पल पे वीजा और मास्टरकार्ड के क्रेडिट कार्ड नेटवर्क से प्रोसेस होता है, जबकि यूपीआई सीधे बैंक-टू-बैंक ट्रांजेक्शन करता है. दुकानदार के लिए खर्च: क्रेडिट कार्ड पेमेंट में पहले से ही मर्चेंट फीस (MDR) तय होती है, जो दुकानदार और उसके पेमेंट बैंक के बीच का मामला होता है. UPI का सपोर्ट: एप्पल पे में फिलहाल यूपीआई का कोई सपोर्ट नहीं दिया गया है. सरल शब्दों में कहें तो एप्पल पे का नया नियम आपके यूपीआई वॉलेट या बारकोड पेमेंट से पूरी तरह अलग है. अगर आप एप्पल पे से कार्ड से पेमेंट कर रहे हैं, तो आपको यूपीआई के नए चार्ज की चिंता करने की जरूरत नहीं है. ये भी पढ़ें: Apple Pay India Launch: iPhone में कैसे करें इस्तेमाल, कौन से Bank और Cards हैं Supported? The post हिंदुस्तान में Apple Pay की एंट्री, क्या 15 अक्टूबर से इसपर भी लगेगा MDR? appeared first on Naya Vichar.

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INDIA ब्लॉक की बैठक से AAP ने बनाई दूरी, संजय सिंह बोले- हम गठबंधन में नहीं

हालांकि, संजय सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद को राष्ट्रीय मुद्दा बताया. संजय सिंह ने 2 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सभी नेतृत्वक दलों से इसमें समर्थन देने की अपील की. उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुद्दा राष्ट्रीय मुद्दा है. जो लोग उनके साथ बैठते हैं, वे भी शिकायतें उठा रहे हैं. 2 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन है और मेरा मानना है कि सभी नेतृत्वक दलों को इसका समर्थन करना चाहिए.” संविधान क्लब में जुटे INDIA ब्लॉक के नेता इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी नयी दिल्ली स्थित संविधान क्लब पहुंचे. INDIA ब्लॉक में शामिल कई अन्य दलों के नेता भी बैठक में मौजूद रहे. बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. बैठक में विपक्षी दल आगे की रणनीति पर भी विचार कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वॉर, विपक्षी नेताओं के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग NCP-SCP नेता ने उठाए संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े सवाल NCP-SCP नेता जितेंद्र आव्हाड भी बैठक में शामिल होने पहुंचे. उन्होंने कहा कि बैठक में संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज को लेकर उठ रही चिंताओं पर चर्चा होगी. आव्हाड ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि उनके अनुसार संविधान और बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने साथ ही कहा कि INDIA ब्लॉक में सब ठीक है. SIR और निर्वाचन आयोग पर आगे की रणनीति पर चर्चा CPI सांसद पी. संदोश ने इससे पहले कहा था कि INDIA गठबंधन के दल SIR और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक करेंगे. उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की. संदोश ने कहा कि मौजूदा नेतृत्वक परिस्थितियों में INDIA गठबंधन की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा होगी. ये भी पढ़ें: 2024 में नीतीश कुमार के INDIA ब्लॉक छोड़ने पर CWC में मतभेद, सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह की राय अलग BJP ने विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार विपक्ष के आरोपों को BJP ने खारिज किया है. BJP सांसद भोला सिंह ने कहा कि विपक्ष सत्ता की चाहत में घबराहट की स्थिति में है और प्रधानमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता से चिंतित है. उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचन आयोग ने चुनाव में धांधली की होती, तो कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना या कर्नाटक में प्रशासन नहीं बना पाती और न ही उसे लोकसभा में 100 सीटें मिलतीं. उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया. SIR के मुद्दे पर भोला सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में एक व्यक्ति केवल एक वोट डाल सकता है और निर्वाचन आयोग निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित नहीं हैं. The post INDIA ब्लॉक की बैठक से AAP ने बनाई दूरी, संजय सिंह बोले- हम गठबंधन में नहीं appeared first on Naya Vichar.

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पूर्व IAF ऑफिसर ने राहुल गांधी की कसाब से की तुलना, कांग्रेस ने कहा- “नहीं किया जाएगा बर्दाश्त”

पूर्व IAF फ्लाइट लेफ्टिनेंट अनूप वर्मा द्वारा किए एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कांग्रेस सेवा दल ने एक साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है. पूर्व IAF ऑफिसर ने अपने इस पोस्ट में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तुलना अजमल कसाब से की थी, जिसने 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमला किया था. वर्मा ने अपनी पोस्ट में दो फोटो का एक कोलाज शेयर किया. जिसमें एक फोटो राहुल गांधी की है और दूसरी आतंकवादी कसाब की. आमतौर पर आप अगर कसाब की फोटो सर्च करेंगे तो उसकी एक तस्वीर पीठ पर बैग लिए इंटरनेट पर मिलती है. ऐसी ही एक फोटो राहुल गांधी की है. इन दोनों की फोटोज मिलाकर अनूप वर्मा ने कोलाज बनाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दी. कांग्रेस ने इसे लेकर घोर आपत्ति जताई है. पोस्ट में क्या लिखा अनूप वर्मा ने अपनी इस पोस्ट में राहुल गांधी और आतंकवादी की तुलना भी कर डाली. उन्होंने लिखा कि वह व्यक्ति जो फोटो में बाईं ओर नजर आ रहा है, वह हिंदुस्तान के लिए ज्यादा खतरनाक है. कांग्रेस टोलरेट नहीं करेगी कांग्रेस सेवा दल के लीगल सेल द्वारा कहा गया कि मामले की उचित कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी तरीके से कांग्रेस नेताओं को गैरकानूनी तरीके से टारगेट किया जाना सहन नहीं किया जाएगा. वहीं पोस्ट को लेकर IAF के ऑफिसर सार्जेंट कर्मवीर सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है. कर्मवीर सिंह ने गांधी की एक दोषी आतंकवादी से की गई तुलना की आलोचना भी की. कर्मवीर सिंह ने पोस्ट कर क्या कहा IAF ऑफिसर कर्मवीर सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि आप विपक्ष के नेता (LoP) की तुलना एक आतंकवादी से कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नेतृत्वक असहमति होती है, लेकिन सम्मान और शालीनता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने लिखा- “लोकतंत्र में गहरे नेतृत्वक मतभेदों की गुंजाइश होती है, लेकिन इस स्तर तक गिरना बुनियादी मानवीय शालीनता और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता है. हिंदुस्तानीय वायुसेना ने 24 साल तक आपको सेवा का मौका दिया. जिसके बाद ऐसी हरकतें घटिया और बेहद शर्मनाक लगती हैं. आपका यह व्यवहार आपके और आपके परिवार के लिए भी शर्मिंदगी का विषय है. कसाब को 2012 में दी गई थी फांसी कसाब का नाम आपने सुना होगा. इसका पूरा नाम अजमल आमिर कसाब था. जिसे 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के दौरान पकड़ा गया था. कसाब पाकिस्तानी मूल का था, जिसे 21 नवंबर 2012 में पुणे के येरवडा जेल में फांसी दी गई थी. 26/11 का विभत्स हमला 26 नवंबर को मुंबई के इस आतंकवादी हमले में कुल 175 लोग मारे गए थे और 300 से ज्यादा घायल हुए थे. कसाब और उसके साथी इस्माइल खान ने मुख्य रूप से छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CSMT) रेलवे स्टेशन पर हमला किया था. इसी जगह पर उन दोनों ने 58 लोगों की जान ले ली थी. ये भी पढ़ें: MP Weather Today : 19 जिलों में IMD का अलर्ट, बारिश के बाद रात में बढ़ेगी ठंड ये भी पढ़ें: महाकाल नगरी पहुंचे क्रिकेटर रिंकू सिंह: पहली बार भस्म आरती में हुए शामिल, कहा- यहां आकर धन्य हो गया The post पूर्व IAF ऑफिसर ने राहुल गांधी की कसाब से की तुलना, कांग्रेस ने कहा- “नहीं किया जाएगा बर्दाश्त” appeared first on Naya Vichar.

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NEET PG 2026 Seat Matrix Released: 11% सीटें बढ़ी, इन ब्रांच में बढ़ा एडमिशन का मौका

NEET PG 2026 Seat Matrix: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्टग्रेजुएट (PG) मेडिकल कोर्सेज की Seat Matrix जारी कर दी है. नई सीट मैट्रिक्स के अनुसार, MD, MS और Diploma कोर्सेज में कुल सीटों की संख्या बढ़कर करीब 58,000 हो गई है. पिछले साल यह संख्या 52,173 थी. इस तरह इस बार PG मेडिकल सीटों में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. NEET PG 2026 Seat Matrix 2026-27 Official Notice Check Here PG Seat Matrix Status: किन मेडिकल काॅलेज में बढ़ी सीट? NDTV की रिपोर्ट के अनुसार सीटों में बढ़ोतरी प्रशासनी और प्राइवेट दोनों तरह के मेडिकल कॉलेजों में हुई है. आंकड़ों के मुताबिक, प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में PG सीटों की संख्या करीब 10 फीसदी बढ़ी है, जबकि प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज में सीटों में लगभग 32 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ये भी पढ़ें: Bihar Medical College 2026: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज पूर्णिया में लेना चाहते हैं एडमिशन? जानें काॅलेज का पूरा डिटेल्स Seat Matrix Increased In Medical Colleges: कई प्रमुख मेडिकल काॅलेज में बढ़ी सीट NMC की ओर से जारी जानकारी में यह भी सामने आया है कि कई प्रमुख मेडिकल स्पेशियलिटी में सीटों की संख्या बढ़ी है. इनमें Anaesthesia, Ophthalmology, ENT, Pathology, Psychiatry और Respiratory Medicine जैसे विषय शामिल हैं. यानी इन ब्रांच में PG करने की योजना बना रहे मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए इस बार उपलब्ध सीटों का दायरा बढ़ा है. ये भी पढ़ें: MBBS और BDS कोर्स में क्या है अंतर? डाॅक्टर बनने के लिए क्या बेस्ट है, जानें कोर्स डयूरेशन से करियर स्कोप तक की पूरी जानकारी PG Seat Matrix: एडमिशन सिर्फ स्वीकृत सीटों की संख्या के आधार पर होगा NMC ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि एडमिशन सिर्फ स्वीकृत सीटों की संख्या के आधार पर ही किया जाए. यानी किसी कॉलेज को जितनी PG सीटों की मंजूरी मिली है, उससे अधिक सीटों पर दाखिला नहीं दिया जा सकता. NDTV की रिपोर्ट के अनुसार जारी सीट मैट्रिक्स में मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के साथ-साथ उनके PG कोर्स और हर साल स्वीकृत सीटों की संख्या की जानकारी दी गई है. यही सीटें 2026-27 के काउंसलिंग प्रोसेस में शामिल होंगी. जारी सीट मैट्रिक्स में मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के साथ-साथ उनके PG कोर्स और हर साल स्वीकृत सीटों की संख्या की जानकारी दी गई है. यही सीटें 2026-27 के काउंसलिंग प्रोसेस में शामिल होंगी. ये भी पढ़ें: Bihar NEET UG Round 1 Seat Allotment Result 2026: किसे मिला कौन सा मेडिकल कॉलेज, 31 अगस्त तक डाउनलोड करें अलाॅटमेंट ऑर्डर The post NEET PG 2026 Seat Matrix Released: 11% सीटें बढ़ी, इन ब्रांच में बढ़ा एडमिशन का मौका appeared first on Naya Vichar.

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महंगी दवा यानी बेहतर इलाज? डॉक्टर ने खोला दवाइयों के दाम और ‘डिस्काउंट’ का पूरा खेल!

अक्सर जब हम या परिवार का कोई सदस्य बीमार पड़ता है तो मेडिकल स्टोर पर जाकर हम कई बार एक अजीब सी उलझन में फंस जाते हैं. डॉक्टर ने पर्चे पर जो दवा लिखी है, उसका एमआरपी 100 रुपए है और इस बारे में पूछताछ करने पर पता चलता है कि यही दवा दूसरी कंपनी की 20 रुपए में उपलब्ध है या फिर उस दवा पर 85% तक का भारी डिस्काउंट है. उस स्थिति में मन में कुछ सवाल आते हैं- क्या इतनी सस्ती दवा असर करेगी?, कहीं डिस्काउंट के चक्कर में मुझे घटिया या नकली दवा तो नहीं दी जा रही है? झारखंड की राजधानी रांची में आर्किड मेडिकल हॉस्पिटल और नागरमल मोदी सेवा सदन से जुड़े डॉ. रमन कुमार दवाओं की कीमत और मरीजों के सामने मौजूद इस भ्रम को लेकर पारदर्शिता की जरूरत पर जोर देते हैं. MRP ज्यादा है तो दवा बेहतर है? मान लीजिए बाजार में एक ही ऐक्टिव इंग्रीडिएंट वाली 3 दवाएं हैं. पहली दवा का एमआरपी 100 रुपए है और वह 90 रुपए में मिल रही है, दूसरी का एमआरपी 100 रुपए है और वह 20 रुपए में मिल रही है और तीसरी का एमआरपी 100 रुपए है और कंपनी 85% डिस्काउंट बताकर उसे 15 रुपए में बेच रही है. ऐसे में दवा खरीददार के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर 15 रुपए और 90 रुपए वाली दवा में इतना अंतर क्यों है?  डॉ. रमन कुमार के अनुसार, यहीं कीमत में पारदर्शिता की जरूरत महसूस होती है. मरीज को यह समझ में आना चाहिए कि दवा की वास्तविक बिक्री कीमत क्या है, उसका लागू अधिकतम मूल्य क्या है और वह वास्तव में कितने रुपए चुका रहा है. 85% डिस्काउंट देखकर प्रभावित न हों बड़ी छूट देखकर किसी भी ग्राहक को लगता है कि उसे बहुत सस्ता सौदा मिल रहा है, लेकिन दवाओं के मामले में सिर्फ डिस्काउंट का प्रतिशत देखकर फैसला करना सही नहीं है. उदाहरण के लिए अगर किसी दवा का एमआरपी 100 रुपए है और वह 20 रुपए में बिक रही है तो उसे 80% डिस्काउंट कहना गणित के हिसाब से तो सही हो सकता है लेकिन इससे मरीज को यह भी लग सकता है कि दवा की असली कीमत 100 रुपए ही है. मतलब अगर 100 रुपए एमआरपी वाली दवा 15 रुपए या 20 रुपए में ही बेची जा रही है, तो उसका एमआरपी 100 रखा ही क्यों गया? यह भारी-भरकम एमआरपी का स्पोर्ट्स सिर्फ मरीजों को “बड़ी बचत” का मनोवैज्ञानिक अहसास कराने के लिए होता है? असली मुद्दा यह होना चाहिए कि मरीजो को पता हो कि दवा की ‘वास्तविक और सही कीमत’ क्या है. इसलिए दवाओं में डिस्काउंट के दावों को लेकर स्पष्ट नियम और पारदर्शिता मरीजों के हित में महत्वपूर्ण हो सकती है. मरीज को दवा खरीदने से पहले 4 बातें जरूर पता होनी चाहिए दवा खरीदते समय मरीज को बहुत ज्यादा तकनीकी जानकारी समझने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। डॉ. रमन कुमार ने बताया कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि मरीज आसानी से 4 सवालों के जवाब जान सके: मैं कौन सी दवा खरीद रहा हूं? क्या यह दवा जरूरी गुणवत्ता मानकों को पूरा करती है? इसका लागू अधिकतम मूल्य क्या है? मैं वास्तव में कितने रुपए चुका रहा हूं? अगर इन 4 सवालों के जवाब आसानी से मिल जाएं तो दवा खरीदने को लेकर भ्रम काफी हद तक कम हो सकता है. पैकेट पर QR कोड से लोगो को मिले पूरी जानकारी एक बेहतर व्यवस्था के तहत दवा के पैकेट पर ऐसा क्यूआर कोड दिया जा सकता है, जिसे स्कैन करने पर मरीज को उस दवा के बारे में जरूरी जानकारी मिल सके.  जेनेरिक दवा का मतलब खराब क्वालिटी नहीं प्रशासन ने सस्ती जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने और आवश्यक दवाओं के मूल्यों को रेगुलेट करने के लिए काफी प्रयास किए हैं लेकिन जेनेरिक दवाओं को लेकर समाज में एक आम धारणा है कि सस्ती दवा शायद कम अच्छी होगी. लेकिन केवल कीमत के आधार पर ऐसा निष्कर्ष निकालना सही नहीं है. बहस इस बात पर होनी चाहिए कि दवा की क्वालिटी कैसी है, तय मानकों को पूरा करती है या नहीं, उसकी कीमत क्या है और मरीज को कितनी पारदर्शी जानकारी मिल रही है. ग्रामीण इलाकों में ज्यादा जरूरत डॉक्टर रमन कुमार ने कहा कि दवा की कीमत और क्वालिटी से जुड़ी पारदर्शिता की जरूरत ग्रामीण इलाकों में और भी ज्यादा हो सकती है. कई जगह मरीजों के पास दवा की कीमतों की तुलना करने के लिए सीमित विकल्प होते हैं. यह जानकारी हिंदी और स्थानीय भाषाओं में हो तो इसे समझना और आसान होगा. डॉक्टर की भूमिका क्या हो? उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद डॉक्टर के इलाज संबंधी फैसले को सीमित करना नहीं होना चाहिए. हालांकि, दवा के प्रिस्क्रिप्शन में जहां उचित हो, जेनेरिक नाम और खुराक आदि की जानकारी देना मरीज के लिए मददगार हो सकता है. हर साल दवाओं की कीमतों की हो समीक्षा डॉक्टर रमन ने सुझाव दिया है कि अगर किसी दवा के सबसे कम बाजार मूल्य और सबसे ज्यादा एमआरपी के बीच बहुत अधिक अंतर है तो ऐसी दवाओं की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए. इसमें देखा जा सकता है कि कीमत में इतना अंतर क्यों है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दवाओं की आसमान छूती कीमतों पर जताई गई चिंता के बीच दवा की कीमत पारदर्शी होना सिर्फ नियमों का विषय नहीं है, बल्कि मरीज के भरोसे से जुड़ा सवाल भी है. यह भी पढ़ें: रात में लाइट जलाकर सोते हैं? दिल से जुड़ी ये बात जरूर जान लें The post महंगी दवा यानी बेहतर इलाज? डॉक्टर ने खोला दवाइयों के दाम और ‘डिस्काउंट’ का पूरा स्पोर्ट्स! appeared first on Naya Vichar.

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थियेटर को ही बना दिया ‘छठ घाट’, The Vvaan देखने से पहले उतारे जूते-चप्पल, अंदर बंटा ठेकुआ… सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

The Vvaan Movie: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ इन दिनों सिनेमाघरों में दर्शकों का ध्यान खींच रही है. फिल्म में बिहार की संस्कृति और खासतौर पर छठ पूजा को जिस तरह दिखाया गया है, उसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. लेकिन अब मुजफ्फरपुर से सामने आया एक वीडियो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. फिल्म में छठ का सीक्वेंस के कारण वीडियो में कुछ दर्शक फिल्म देखने से पहले थिएटर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारते और ठेकुआ तक बांटते नजर आए.  थिएटर के बाहर उतार दिए जूते-चप्पल मुजफ्फरपुर के एक थिएटर के बाहर लोगों को जूते-चप्पल उतारते देखा गया. इसके बाद वे फिल्म देखने के लिए अंदर गए. यह नजारा इसलिए खास बन गया क्योंकि फिल्म में छठ पूजा से जुड़े कई दृश्य दिखाए गए हैं और बिहार के लोगों के लिए यह पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा है. View on Instagram लोगों का यह अंदाज बताता है कि पर्दे पर दिखाई जा रही छठ की झलक उनके लिए कितनी निजी और इमोशनल हो सकती है. थिएटर में ठेकुआ बांटती दिखी एक औरत  इतना ही नहीं थिएटर में  फिल्म ‘वन’ (Vvan) देखने पहुंचीं स्त्रीओं ने कुछ ऐसा किया, जिसने सोशल  मीडिया पर मीम का बौछार कर दिया हैं. थिएटर के अंदर ही स्त्रीओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाया और दर्शकों के बीच ठेकुआ बांटा. छठ महापर्व की छटा बिखेरते इस अनोखे जश्न ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं. थिएटर में ठेकुआ बांटती दिखी एक औरत, फोटो- इंस्टाग्राम शारदा सिन्हा की आवाज ने बढ़ाया इमोशन फिल्म के छठ सीक्वेंस में दिवंगत लोकगायिका शारदा सिन्हा का गीत भी सुनाई देता है. उनकी आवाज बिहार और छठ से जुड़ी भावनाओं का अहम हिस्सा रही है. यही वजह है कि फिल्म में उनके गीत की मौजूदगी ने कई दर्शकों को इमोशनल कर दिया. View on Instagram सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म में दिखा छठ का रंग ‘द वन’ में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने ऋषि नाम के मुंबई में रहने वाले इंजीनियर का किरदार निभाया है. कहानी में वह अपनी पत्नी ममता यानी तमन्ना भाटिया के साथ बिहार के देवांचल गांव पहुंचते हैं. इसी दौरान छठ पूजा और बिहार की लोक मान्यताओं की कहानी में अहम भूमिका दिखाई गई है. फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. ये भी पढ़ें: जगमगाता छठ घाट, सूर्य देव को अर्घ्य और लाल साड़ी में व्रती, कुछ ऐसे शूट हुआ था ‘द वन’ का छठी मैया गीत The post थियेटर को ही बना दिया ‘छठ घाट’, The Vvaan देखने से पहले उतारे जूते-चप्पल, अंदर बंटा ठेकुआ… सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ appeared first on Naya Vichar.

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