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Author name: Vinod Jha

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सीएम नीतीश कुमार ने किया PMCH का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए ये आदेश

CM Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पीएमसीएच का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान सीएम ने रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में बनी स्वास्थ्य सुविधाओं और कार्यों का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बताया कि रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में वर्ल्ड क्लास सीटी स्कैन, एमआरआई मशीनों के अलावा हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. नवनिर्मित आपातकालीन भवन के शिशु विभाग में उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सुविधाओं का भी सीएम नीतीश ने निरीक्षण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने एनआईसीयू (निओनेटिकल इंटैन्सिव केयर यूनिट) वार्ड, नर्स स्टेशन समेत अन्य सुविधाओं का जायजा लिया. अधिकारियों से सीएम नीतीश ने ली जानकारी मुख्यमंत्री ने अस्पताल में चल रहे पुनर्विकास और निर्माणाधीन कार्यों का भी जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पटना मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के बारे में तमाम जानकारियां ली. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पुनर्विकास कार्य के तहत पीएमसीएच को 5462 बेड की क्षमता के रूप में विस्तार कर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. मरीजों के लिए वर्ल्ड क्लास मेडिकल सुविधा भी सुनिश्चित कराई जा रही है. अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने क्या दिया आदेश? इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा के अंदर काम पूरा कराएं. निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए काम को पूरा और मेडिकल सुविधाओं को आधुनिक बनाने के साथ ही यहां डॉक्टरों के रहने की सुविधा भी सुनिश्चित कराएं. सीएम नीतीश कुमार ने यह भी आदेश दिया कि पीएमसीएच में आने वाले मरीजों को किसी भी तरह की कठिनाई न हो, उन्हें अत्याधुनिक मेडिकल सुविधा और समय से इलाज मिल सके इसका विशेष रूप से ख्याल रखें. स्टूडेंट्स को लेकर सीएम ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमसीएच में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ के लिए जो रहने की व्यवस्था की जाएगी, उसका निर्माण भी बेहतर ढंग से और तेजी से पूरा कराएं. पीएमसीएच को 5462 बेड की क्षमता के रूप में डेवलप किया जा रहा है. यहां अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं की सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं. Also Read: बिहार के इन 12 जिलों में घने कुहासे का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी The post सीएम नीतीश कुमार ने किया PMCH का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए ये आदेश appeared first on Naya Vichar.

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₹50,000 से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर: खरीदने से पहले क्या जानना जरूरी है?

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और शहरों में रोजमर्रा की छोटी दूरी की यात्राओं ने इलेक्ट्रिक स्कूटर को आम लोगों की पहली पसंद बना दिया है. खासकर 2026 में ₹50,000 से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर बजट खरीदारों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बने हुए हैं. ये स्कूटर दिखने में साधारण, फीचर्स में सीमित, लेकिन जेब पर हल्के माने जाते हैं. हालांकि, सस्ती कीमत के पीछे कुछ ऐसे सवाल भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है. क्यों बढ़ रही है ₹50,000 से कम ई-स्कूटरों की मांग? देश के छोटे शहरों और कस्बों में लोग अब महंगे पेट्रोल वाहन से बचना चाहते हैं. दफ्तर आना-जाना, बच्चों को स्कूल छोड़ना या बाजार तक सफर जैसे कामों के लिए कम खर्च वाला साधन तलाशा जा रहा है. इसी जरूरत को देखते हुए कुछ कंपनियों ने बेहद कम कीमत पर इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किए, जो बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के भी चलाए जा सकते हैं. रेंज और रफ्तार: सीमित लेकिन कामचलाऊ इस श्रेणी के अधिकतर इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार चार्ज करने पर लगभग 50 से 70 किलोमीटर तक चलने का दावा करते हैं. इनकी अधिकतम गति आमतौर पर 25 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रहती है. यानी ये स्कूटर हाईवे या लंबी दूरी के लिए नहीं, बल्कि शहर की तंग गलियों और रोजमर्रा के छोटे सफर के लिए बनाए गए हैं. कौन-कौन से मॉडल रहे हैं बाजार में? हिंदुस्तानीय बाजार में कभी उजास एनर्जी ईगो, एवोलेट डर्बी, इंडस यो इलेक्ट्रॉन, पालाटिनो सनशाइन और टेक्नो इलेक्ट्रा नियो जैसे मॉडल बिकते रहे हैं. इनकी सबसे बड़ी खासियत इनकी कम कीमत रही है. कुछ स्कूटरों में एलईडी लाइट, डिजिटल मीटर और साधारण बैटरी सिस्टम जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं, जो बेसिक जरूरतें पूरी कर देते हैं. सस्ता है लेकिन रिस्क भी है 2026 में इन स्कूटरों को खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल भरोसे का है. कई कंपनियां अब पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं या उनका नेटवर्क सीमित हो चुका है. ऐसे में सर्विस सेंटर, स्पेयर पार्ट्स और बैटरी बदलवाना मुश्किल हो सकता है. पुराने मॉडल होने के कारण तकनीक भी नई नहीं मानी जाती. केवल कीमत देखकर फैसला करना आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकता है. क्या ये स्कूटर आपके लिए सही हैं? अगर आपकी जरूरत रोजाना 10-20 किलोमीटर की दूरी तय करने की है और आप कम खर्च में इलेक्ट्रिक वाहन चाहते हैं, तो ₹50,000 से कम के स्कूटर एक विकल्प हो सकते हैं. लेकिन लंबी दूरी, बेहतर भरोसे और मजबूत सर्विस नेटवर्क की चाह रखने वालों को थोड़ा बजट बढ़ाकर स्थापित कंपनियों के स्कूटर देखना ज्यादा समझदारी भरा कदम होगा. यह भी पढ़ें: गाड़ी के लिए VIP नंबर चाहिए? जान लीजिए ऑनलाइन ऑक्शन, कीमत और पूरा प्रोसेस The post ₹50,000 से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर: खरीदने से पहले क्या जानना जरूरी है? appeared first on Naya Vichar.

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फ्लाइट में सोती महिला से छेड़छाड़: भारतीय मूल का वरुण दोषी, स्लीप मास्क लगाकर की थी हरकत

Indian Man Varun Arora: अमेरिका में एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है. रोड आइलैंड से वॉशिंगटन जा रही एक डोमेस्टिक फ्लाइट में 38 साल के एक हिंदुस्तानीय नागरिक, वरुण अरोड़ा को स्त्री यात्री के साथ यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल असॉल्ट) का दोषी पाया गया है. वर्जीनिया की एक कोर्ट ने इस मामले में वरुण को दोषी ठहराया है और अब उसे 2 साल तक की जेल हो सकती है. क्या है पूरा मामला?   यूएस अटॉर्नी ऑफिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह घटना 29 अगस्त 2024 की है. वरुण अरोड़ा फ्लाइट में एक स्त्री के बगल वाली सीट पर बैठा था. जब विमान लैंड करने वाला था और नीचे उतर रहा था, तब स्त्री की नींद खुली और उसने पाया कि वरुण उसके साथ गंदी हरकतें (Groping) कर रहा है. सोने का नाटक कर रहा था आरोपी कोर्ट के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि वरुण ने अपनी आंखों पर ‘स्लीप मास्क’ लगा रखा था. जब स्त्री ने बार-बार उसका हाथ हटाने की कोशिश की, तब भी वह रुका नहीं. वह मास्क लगाकर ऐसे एक्टिंग कर रहा था जैसे वह गहरी नींद में हो, ताकि पकड़े जाने पर बहाना बना सके. लेकिन उसकी यह चालाकी काम नहीं आई और स्त्री की शिकायत पर उसे पकड़ लिया गया. आरोपी के पास नहीं थे वैध दस्तावेज जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है. यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने बताया कि वरुण अरोड़ा अमेरिका में बिना किसी कानूनी दर्जे के रह रहा था. यानी उसके पास वहां रहने के वैध डॉक्यूमेंट्स नहीं थे. अब 7 मई को फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का जज उसकी सजा तय करेगा. इस पूरे मामले की जांच FBI की वाशिंगटन फील्ड ऑफिस ने की है. ब्रिटेन में भी सामने आया था ऐसा ही मामला आर्टिकल में एक और पुरानी घटना का जिक्र है. नवंबर 2025 में ब्रिटेन में भी 34 साल के एक हिंदुस्तानीय शख्स, जावेद इनामदार को 21 महीने की जेल हुई थी. जावेद ने दिसंबर 2024 में मुंबई से लंदन जा रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में एक 12 साल की बच्ची के साथ गलत हरकत की थी. मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए: आरोपी का नाम: वरुण अरोड़ा (38 साल). जुर्म: फ्लाइट में स्त्री के साथ बदसलूकी और यौन हमला. सजा: 2 साल तक की जेल हो सकती है (फैसला 7 मई को आएगा). स्टेटस: आरोपी अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था. ये भी पढ़ें: वेनेजुएला के बाद अब नाइजीरिया मिशन पर अमेरिका, जानें ट्रंप ने क्यों तैनात की अपनी स्पेशल टीम ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी फौज ने बलूचिस्तान के आगे टेके घुटने? रक्षा मंत्री का संसद में कबूलनामा- ‘विद्रोहियों के पास हमसे बेहतर हथियार’  The post फ्लाइट में सोती स्त्री से छेड़छाड़: हिंदुस्तानीय मूल का वरुण दोषी, स्लीप मास्क लगाकर की थी हरकत appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान की नई चाल, भारत में नहीं दिखेगा पीएसएल, अब होगा करोडों का नुकसान

Highlights वली टेक्नोलॉजीज को मिले ग्लोबल राइट्स पाकिस्तान को हो सकता है भारी नुकसान CEO सलमान नासिर का दावा पिछले साल बीच में ही रोका गया था प्रसारण टी20 वर्ल्ड कप के बाद शुरू होगा टूर्नामेंट PSL 2026: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने हिंदुस्तान के खिलाफ अपना रुख और कडा करते हुए एक नया फैसला लिया है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में टीम इंडिया के खिलाफ मैच के बॉयकॉट की बात करने के बाद, अब पीसीबी ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के मैचों को हिंदुस्तान में दिखाए जाने पर रोक लगा दी है. पीसीबी ने PSL के 11वें सीजन के इंटरनेशनल ब्रॉडकास्ट राइट्स बेचते समय यह फैसला लिया. हालांकि, क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि पीसीबी का यह दांव उल्टा पड सकता है और इससे पाकिस्तान को ही भारी नुकसान झेलना पडेगा. इसका मैन कारण है कि क्रिकेट जगत में विज्ञापन देने वाली ज्यादातर बडी कंपनियां हिंदुस्तानीय हैं. वली टेक्नोलॉजीज को मिले ग्लोबल राइट्स मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने PSL 11 के ग्लोबल मीडिया राइट्स के लिए बोलियां मंगवाई थीं. इसमें वली टेक्नोलॉजीज नाम की कंपनी सबसे बड़ी बोलीदाता बनकर सामने आई. पीसीबी ने हिंदुस्तान में प्रसारण के अधिकार को होल्ड कर दिया है यानी रोक दिया है और बाकी पूरी दुनिया के लिए प्रसारण के अधिकार वली टेक्नोलॉजीज को एक साल के लिए दे दिए हैं. वली टेक्नोलॉजीज खुद को मेड इन पाकिस्तान तकनीक को बढावा देने वाली कंपनी बताती है. पीसीबी का यह कदम बताता है कि वह क्रिकेट को भी अब नेतृत्वक चश्मे से देख रहा है, जिसका असर स्पोर्ट्स पर पडना तय है. पाकिस्तान को हो सकता है भारी नुकसान PCB के इस फैसले से लीग की कमाई पर गहरा असर पडने की संभावना है. दुनिया में क्रिकेट की सबसे ज्यादा व्यूअरशिप हिंदुस्तान में है. हिंदुस्तान की करीब 140 करोड की आबादी में से लगभग 80 फीसदी लोग क्रिकेट देखते हैं. जब किसी टूर्नामेंट को हिंदुस्तान में नहीं दिखाया जाता है, तो उसकी व्यूअरशिप में भारी गिरावट आती है. व्यूअरशिप कम होने का सीधा मतलब है कि विज्ञापन से होने वाली कमाई कम हो जाएगी. क्रिकेट मैच के दौरान टीवी पर दिखने वाले विज्ञापन और मैदान पर लगे होर्डिंग्स में हिंदुस्तानीय ब्रांड्स का दबदबा रहता है. ऐसे में हिंदुस्तान में प्रसारण रोकने से पीसीबी को मोटे राजस्व से हाथ धोना पड सकता है. CEO सलमान नासिर का दावा तमाम आशंकाओं के बीच पीएसएल के सीईओ सलमान नासिर ने इस डील को फायदेमंद बताया है. उन्होंने कहा कि वली टेक्नोलॉजीज ने पिछले साल की तुलना में 149 फीसदी ज्यादा कीमत देकर ग्लोबल मीडिया राइट्स खरीदे हैं. नासिर के मुताबिक, यह पीएसएल की बढती ब्रांड वैल्यू और इंटरनेशनल डिमांड को दिखाता है. उन्होंने कहा कि हम एक नया बेंचमार्क तय करने के लिए वली टेक्नोलॉजीज के आभारी हैं. हालांकि, उन्होंने इस बात पर चुप्पी साधे रखी कि हिंदुस्तान में प्रसारण न होने से जो लॉन्ग टर्म नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे की जाएगी. पिछले साल बीच में ही रोका गया था प्रसारण यह पहली बार नहीं है जब पीएसएल का प्रसारण विवादों में आया है. पिछले साल पीएसएल को हिंदुस्तान में दिखाने के अधिकार सोनी स्पोर्ट्स और फैनकोड के पास थे. लेकिन कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए हमले के बाद हिंदुस्तान में भारी विरोध हुआ था. इसके चलते सोनी स्पोर्ट्स और फैनकोड ने बीच टूर्नामेंट में ही पीएसएल का प्रसारण रोक दिया था. इतना ही नहीं, इन ब्रॉडकास्टर्स ने अपनी वेबसाइट और ऐप से इस लीग का सारा कंटेंट और वीडियो भी हटा दिया था. इस बार पीसीबी ने पहले ही कदम उठाते हुए राइट्स न बेचने का फैसला किया है. टी20 वर्ल्ड कप के बाद शुरू होगा टूर्नामेंट PSL 2026 का आयोजन अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के बाद किया जाएगा. जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, यह लीग 26 मार्च से शुरू होगी और इसका फाइनल 3 मई को स्पोर्ट्सा जाएगा. इस सीजन के लिए खिलाडियों की ऑक्शन 11 फरवरी को आयोजित की जाएगी. वर्ल्ड कप के तुरंत बाद होने के कारण खिलाडियों की उपलब्धता और थकान भी एक मुद्दा हो सकता है, लेकिन पीसीबी को उम्मीद है कि यह सीजन सफल रहेगा. अब देखना यह होगा कि बिना हिंदुस्तानीय दर्शकों के पीएसएल को कितनी सफलता मिलती है. ये भी पढ़ें- उम्र नहीं फिटनेस जरूरी, धोनी ने दिया बड़ा बयान, क्या 2027 वर्ल्ड कप में स्पोर्ट्सेंगे विराट-रोहित? धोनी ने की भविष्यवाणी, बताया कौन सी चीज रोक सकती है हिंदुस्तान का रास्ता? जानिए क्या कहा हरारे में होगी हिंदुस्तान और अफगानिस्तान की टक्कर, जानें कैसा है हेड-टू-हेड रिकॉर्ड The post पाकिस्तान की नई चाल, हिंदुस्तान में नहीं दिखेगा पीएसएल, अब होगा करोडों का नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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एक जमीन पर दो खतियान का खेल खत्म, सरकार का आदेश— जमीन पर मालिकाना हक का सबूत देना होगा

Bihar Bhumi: बिहार में एक ही जमीन पर कैडस्ट्रल सर्वे और रिविजनल सर्वे के दो-दो अधिकार अभिलेख के स्पोर्ट्स पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रशासनी भूमि पर मालिकाना हक का दावा करने वालों को अब ठोस ‘स्वामित्व प्रमाण’ देना होगा. बिना वैध दस्तावेज के किसी भी निजी दावे को मान्य नहीं किया जाएगा. दरभंगा से उठा सवाल, पूरे बिहार के लिए जवाब इस मुद्दे की गंभीरता मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा और उपमुख्यमंत्री के जन कल्याण संवाद के दौरान सामने आई थी. खासकर दरभंगा के जिलाधिकारी ने यह सवाल उठाया था कि जब एक ही भूमि पर दो अलग-अलग अभिलेख मौजूद हों, तो किसे अंतिम माना जाए. इसी के बाद विभाग ने 3 फरवरी को सभी जिलों के समाहर्ताओं को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए. कैडस्ट्रल सर्वे को माना गया मूल दस्तावेज राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1890 से 1920 के बीच हुआ कैडस्ट्रल सर्वे बिहार का पहला और मूल भूमि सर्वे है. इसमें प्रशासनी भूमि, सैरात और गैरमजरूआ जैसी श्रेणियां स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। ऐसे में जहां कैडस्ट्रल सर्वे में भूमि का स्वरूप प्रशासनी दर्ज है, वही प्रविष्टि प्राथमिक और मूल प्रमाण मानी जाएगी. प्रशासन ने साफ किया है कि यदि रिविजनल सर्वे में किसी प्रशासनी भूमि का नाम निजी व्यक्ति के नाम दर्ज हो गया हो, तो भी वह स्वतः रैयती नहीं मानी जाएगी. भूमि का स्वरूप तभी बदलेगा, जब समाहर्ता द्वारा विधिवत आदेश पारित कर प्रशासनी भूमि का बंदोबस्त किसी व्यक्ति के नाम किया गया हो और उसका प्रमाण राज्य प्रशासन के अभिलेख में मौजूद हो. दावा करने वालों को देना होगा ठोस सबूत अब कोई भी व्यक्ति यदि प्रशासनी भूमि पर मालिकाना हक का दावा करता है, तो उसे यह साबित करना होगा कि भूमि का वैध रूप से हस्तांतरण हुआ है. सिर्फ लंबे समय से कब्जा या नाम दर्ज होना पर्याप्त नहीं होगा. समाहर्ता के आदेश से लैंड सेटलमेंट अनिवार्य शर्त होगी. प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रशासनी भूमि पर यदि कोई व्यक्ति 30 वर्ष या उससे अधिक समय से अवैध कब्जे में है, तब भी अंचल अधिकारी नोटिस जारी करेंगे और भूमि का संरक्षण करेंगे. यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक इस विषय पर सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय का कोई विपरीत आदेश लागू न हो. भूमि विवादों पर बड़ा असर इस फैसले को बिहार में प्रशासनी जमीन की सुरक्षा और भूमि माफियाओं पर लगाम कसने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले दिनों में इससे हजारों भूमि विवादों की तस्वीर बदल सकती है. Also Read: सांसद पप्पू यादव समेत 3 के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश, जानिए क्या है पूरा मामला The post एक जमीन पर दो खतियान का स्पोर्ट्स खत्म, प्रशासन का आदेश— जमीन पर मालिकाना हक का सबूत देना होगा appeared first on Naya Vichar.

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जानकी जयंती पर करें इन 5 मंत्रों का जाप, बरतें ये सावधानियां, घर में आएगी बरकत

Janki Jayanti 2026: जानकी जयंती को सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. हर वर्ष फाल्गुन मास की अष्टमी तिथि को जानकी जयंती मनाई जाती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 9 फरवरी को मनाया जाएगा. यह दिन माता सीता के धरती पर अवतरण की खुशी में मनाया जाता है.मान्यता है कि इस दिन जो भक्त पूरे विधि-विधान से माता सीता की आराधना करता है और उनके मंत्रों का जाप करता है, उस पर माता की विशेष कृपा बनी रहती है. इससे जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता आती है. साथ ही वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और संबंध मजबूत होते हैं. माता सीता के मंत्र 1. माता सीता का मूल मंत्र “ॐ श्री सीतायै नमः” महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सीता साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं. कहा जाता है कि जानकी जयंती के दिन इस मंत्र का जाप करने से परिवार में सुख-शांति और खुशहाली आती है. 2. वैवाहिक सुख के लिए मंत्र “श्री जानकीरामाभ्यां नमः” महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन जातकों के वैवाहिक जीवन में तनाव है या विवाह में बाधाएं आ रही हैं, उन्हें इस मंत्र का जाप करना चाहिए. माना जाता है कि इससे विवाह संबंधी समस्याएं दूर होती हैं. 3. सर्व बाधा मुक्ति मंत्र “ॐ जानकीवल्लभाय स्वाहा” महत्व: कहा जाता है कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में आर्थिक, पारिवारिक, सामाजिक या अन्य कोई समस्या चल रही हो, तो उसे इस मंत्र का जाप करना चाहिए. नियमित रूप से 108 बार जाप करने से जीवन की परेशानियों का नाश होता है, दरिद्रता दूर होती है और समृद्धि आती है. 4. सीता गायत्री मंत्र “ॐ जनकनन्दिन्यै विद्महे, मिथिलेशकुमारी धीमहि. तन्नो सीता प्रचोदयात्॥” महत्व: आध्यात्मिक चेतना और मानसिक शांति के लिए माता सीता के गायत्री मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है. मंत्र जाप करते समय रखें ये सावधानियां स्पष्ट उच्चारण: मंत्रों का उच्चारण शुद्ध और स्पष्ट करें, गलत उच्चारण से सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है. शुद्धता: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर ही जाप करें. सही आसन और दिशा: कुश या ऊनी आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखें. एकाग्रता और मौन: जाप के दौरान बातचीत न करें और ध्यान माता सीता की छवि पर केंद्रित रखें. सात्विकता: जाप के दिन सात्विक भोजन करें, प्याज-लहसुन से परहेज रखें और मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें. यह भी पढ़ें: Janaki Jayanti 2026: जानकी जयंती कब है? नोट करें तिथि, पूजा विधि और महत्व The post जानकी जयंती पर करें इन 5 मंत्रों का जाप, बरतें ये सावधानियां, घर में आएगी बरकत appeared first on Naya Vichar.

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फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न, जानें उपाय

Falgun Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत विशेष महत्व माना गया है. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी 2026 को पड़ रही है. यह दिन विशेष रूप से पितरों को समर्पित होता है. इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है. पितरों के लिए क्यों खास है अमावस्या? मान्यता है कि अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा धरती के करीब आती है. इस दिन पितरों के नाम से पिंडदान और तर्पण करने से उन्हें शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. पितर प्रसन्न होते हैं तो घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है. साथ ही, अमावस्या का दिन पितृदोष और कालसर्प दोष से राहत पाने के लिए भी बहुत उत्तम माना जाता है. फाल्गुन अमावस्या पर जरूर करें ये काम फाल्गुन अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए. अगर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान संभव न हो, तो घर के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. इसके बाद पीपल के पेड़ की पूजा करें. पीपल के वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें और उसके नीचे सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं. इससे पितृ दोष शांत होता है. पितरों को प्रसन्न करने के आसान उपाय पितरों का आशीर्वाद परिवार के लिए बहुत जरूरी होता है. इस अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ पर गंगाजल, काले तिल, शक्कर या चीनी, चावल और फूल अर्पित करें. मन ही मन अपने पितरों का स्मरण करें और उनसे आशीर्वाद मांगें. कहा जाता है कि अमावस्या का दिन शनि देव से भी जुड़ा होता है, इसलिए इस दिन शनि देव को नीले रंग का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. फाल्गुनी अमावस्या क्यों है विशेष? शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास की अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. महाशिवरात्रि जैसे पावन दिन के बाद आने वाली अमावस्या और भी शुभ मानी जाती है. इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करना बहुत फलदायी माना गया है. विशेष रूप से प्रयागराज के संगम तट पर स्नान का बहुत महत्व है. मान्यता है कि फाल्गुन अमावस्या के दिन देवताओं का वास संगम तट पर होता है. यदि कुंभ का आयोजन हो, तो संगम स्नान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. The post फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न, जानें उपाय appeared first on Naya Vichar.

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भूलकर भी बेडरूम में न रखें ये 3 चीजें, वरना कंगाली और बीमारियां घेर लेंगी आपको

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे घर में रखी हर चीज का असर हमारी जिंदगी पर पड़ता है. खास तौर पर हमारा बेडरूम वह जगह है जहां हम सुकून की नींद लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बेडरूम में रखी कुछ गलत चीजें आपकी तरक्की रोक सकती हैं? कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसी चीजें अपने पास रख लेते हैं जो घर में नकारात्मक ऊर्जा लाती हैं. इसकी वजह से न केवल आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है, बल्कि सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. अगर आप भी अक्सर बीमार रहते हैं या पैसा हाथ में नहीं टिकता, तो सावधान हो जाइए. आज हम आपको ऐसी 3 चीजों के बारे में बताएंगे जिन्हें बेडरूम से तुरंत हटा देना चाहिए. टूटे हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान या कबाड़ अक्सर हम खराब घड़ी, टूटा हुआ मोबाइल या पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को बेडरूम के कोने में या बेड के नीचे रख देते हैं. वास्तु के अनुसार खराब सामान से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है. यह आपकी तरक्की में रुकावट डालता है और आपके काम बिगड़ने लगते हैं. अगर कोई घड़ी बंद है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं या हटा दें. कांटेदार पौधे या मुरझाए हुए फूल कई लोग बेडरूम को सजाने के लिए पौधे लगाते हैं. लेकिन याद रखें कि बेडरूम में कभी भी कैक्टस या कांटेदार पौधे नहीं रखने चाहिए. ये पौधे रिश्तों में तनाव और कड़वाहट पैदा करते हैं. इसके साथ ही, अगर गुलदस्ते में रखे फूल मुरझा गए हैं, तो उन्हें भी तुरंत फेंक दें. मुरझाए फूल घर में बीमारियों और उदासी को न्योता देते हैं. जूते-चप्पल और फटे पुराने कपड़े बहुत से लोग बाहर से आकर जूते-चप्पल बेडरूम के अंदर ले आते हैं या बेड के नीचे रख देते हैं. वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल अपने साथ बाहर की नकारात्मक ऊर्जा लेकर आते हैं. इससे मानसिक तनाव बढ़ता है और घर में दरिद्रता आती है. इसी तरह फटे-पुराने कपड़े बेडरूम में रखने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. ये भी पढ़ें: Vastu Tips: मनी प्लांट लगाते समय भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, फायदे की जगह हो सकता है बड़ा नुकसान ये भी पढ़ें: Vastu Tips for Money: घर की इस दिशा में रखें तिजोरी, खिंची चली आएगी लक्ष्मी, कभी नहीं होगी धन की कमी ये भी पढ़ें: Vastu Tips for Home: क्या आपके घर में भी हमेशा रहता है कलह? इन 5 अशुभ चीजों को आज ही बाहर निकालें, घर में आएगा सुकून The post भूलकर भी बेडरूम में न रखें ये 3 चीजें, वरना कंगाली और बीमारियां घेर लेंगी आपको appeared first on Naya Vichar.

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जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को राहत, 8 साल पुराने केस से हुए आजाद

Bihar News: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे और बिहार प्रशासन में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन को पटना हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है. अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज आठ साल पुराने आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है. यह फैसला न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने सुनाया, जिसे सुमन के लिए बड़ी राहत और नेतृत्वक रूप से अहम माना जा रहा है. क्या था आठ साल पुराना विवाद यह मामला अप्रैल 2017 का है, जब गया जिले के बोधगया थाना में संतोष कुमार सुमन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर में उन पर गैरकानूनी भीड़ इकट्ठा करने, सड़क जाम करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने, लोगों पर हमला करने और प्रशासनी अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. इसी मामले में सुमन और अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई चल रही थी. हाई कोर्ट का साफ संदेश मंगलवार को सुनवाई के दौरान पटना हाई कोर्ट ने बोधगया थाने में दर्ज एफआईआर से शुरू हुई पूरी आपराधिक प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश दिया. न्यायमूर्ति संदीप कुमार की सिंगल बेंच ने माना कि मामले में लगाए गए आरोप आपराधिक कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. नेतृत्वक भाषण या आपराधिक कृत्य? संतोष कुमार सुमन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीनू कुमार और वरदान मंगलम ने कोर्ट में दलील दी कि एफआईआर को सिर्फ पढ़ने भर से कोई आपराधिक मामला नहीं बनता. उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल जनता को संबोधित कर नेतृत्वक भाषण दे रहे थे, जिसे गलत तरीके से आपराधिक रंग दिया गया. पटना: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे और बिहार प्रशासन में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन को बड़ी राहत. पटना हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज 8 साल पुराने आपराधिक मामले को किया रद्द. न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने सुनाया फैसला. संतोष सुमन को मिली बड़ी राहत को… pic.twitter.com/q7JIDCcICP — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 4, 2026 वकीलों ने अदालत में यह भी कहा कि दर्ज एफआईआर बदनीयत से प्रेरित है और इसका उद्देश्य एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को परेशान करना है. अदालत ने इन दलीलों को पर्याप्त मानते हुए एफआईआर रद्द करने का फैसला सुनाया. राज्य प्रशासन की ओर से प्रशासनी वकील झारखंडी उपाध्याय ने एफआईआर रद्द करने की याचिका का विरोध किया, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया. नेतृत्वक असर भी अहम संतोष कुमार सुमन वर्तमान में बिहार प्रशासन में मंत्री हैं और जीतन राम मांझी की नेतृत्वक विरासत से जुड़े बड़े चेहरे माने जाते हैं. ऐसे में हाई कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ कानूनी बल्कि नेतृत्वक तौर पर भी अहम माना जा रहा है. इस आदेश के बाद सुमन की छवि को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग सकता है. Also Read: बजट बिना पढ़े ही विद्वान बन गया विपक्ष, मंत्री दिलीप जायसवाल का पलटवार The post जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को राहत, 8 साल पुराने केस से हुए आजाद appeared first on Naya Vichar.

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मुंह से नहीं जाएगा आलू चाट सुशी रोल का स्वाद, नोट कर लें रेसिपी

Aloo Chaat Sushi Roll: फेमस स्ट्रीट फूड आलू चाट का स्वाद तो आपने कई बार चखा होगा. लेकिन क्या कभी आलू चाट सुशी रोल ट्राई किया है. अगर नहीं तो इसे आप एक बार जरूर ट्राई करके देखें. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि खाने वाले आपसे इसकी रेसिपी पूछेंगे. घर में होने वाली किसी पार्टी के लिए भी आप इसे बना सकते हैं. इसे बनाना बहुत आसान और दिखने में भी यह खूबसूरत लगती है. आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं.   आलू चाट सुशी रोल बनाने की सामग्री उबले आलू – 3 हरी मिर्च – 1 हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच चाट मसाला – ½ छोटा चम्मच नींबू का रस – ½ छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार कसा हुआ पनीर – ½ कप शिमला मिर्च – 1 बड़े चम्मच चिली मेयो – 1 बड़ा चम्मच चिली फ्लेक्स – ½ छोटा चम्मच काली मिर्च – ¼ छोटा चम्मच सेव – ½ कप दही – 2 बड़े चम्मच इमली की चटनी – 1 बड़ा चम्मच अनार के दाने – 2 बड़े चम्मच नोरी शीट यह भी पढ़ें: Gajar Cutlet Recipe: इस रेसिपी से घर पर बनाएं कुरकुरे गाजर कटलेट, हर किसी को आएगा पसंद आलू चाट सुशी रोल बनाने की विधि इसे बनाने के लिए पहले उबले हुए आलू को अच्छी तरह मसल लें. इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, नींबू का रस और धनिया को मिक्स करें. फिर एक बोर्ड पर नोरी शीट बिछाएं और आलू के मिश्रण को आयताकार आकार में फैलाएं अब एक कटोरे में पनीर, शिमला मिर्च और चिली मेयो लें. इसमें चिली फ्लेक्स और काली मिर्च डालकर मिला लें. इस मिश्रण को फैली हुई आलू की परत के एक तरफ एक लाइन में रख लें. अब आप सुशी को बेलें सुशी मोल्ड का इस्तेमाल करते हुए इसे कसकर बेलकर लॉग की तरह बनाएं. फिर इस रोल के चारों तरफ हल्के से सेव लगा दें और इसे जमने के लिए 10 मिनट के लिए फ्रिज में रखें. अब आप एक चाकू से सुशी के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें. इसके ऊपर दही और इमली की चटनी, अनार और धनिया से सजाएं. अब आप इसे एक प्लेट में डालकर सर्व कर दें. यह भी पढ़ें: Basket Chaat Recipe: शाम के नाश्ते में चटपटा खाने का करे दिल, तो ट्राई करें बास्केट चाट यह भी पढ़ें: Paneer Kathi Rolls Recipe: रोजाना एक ही स्नैक्स खाकर भर चुका है दिल, तो आज ही ट्राई करें पनीर काठी रोल The post मुंह से नहीं जाएगा आलू चाट सुशी रोल का स्वाद, नोट कर लें रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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