कल 11 फरवरी को बन रहा ये संयोग, खरीदारी करना तथा नए कार्य करना होगा शुभ
Pushya Nakshatra February 2025: कल 11 फरवरी को एक शुभ संयोग बन रहा है, जो इस दिन खरीदारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उपयुक्त है. 11 फरवरी 2025 को पुष्य नक्षत्र का योग उपस्थित होगा, जिसे नक्षत्रों में अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है. इसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. पंचांग के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को विशेष रूप से शुभ माना गया है, और यह 27 नक्षत्रों में आठवें स्थान पर स्थित है. इस नक्षत्र का स्वामी शनि है, जबकि उप देवता देवगुरु वृहस्पति हैं. पुष्य नक्षत्र का राशि कर्क है, जिसका स्वामी चंद्रमा है. जब चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब व्यक्तियों को विभिन्न कार्यों में लाभ प्राप्त होता है. इस नक्षत्र के दिन किसी विशेष मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि इस नक्षत्र में किए गए कार्य शुभ माने जाते हैं. इसलिए, इस मुहूर्त को विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इस दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य करना विशेष रूप से लाभकारी होता है. पुष्य नक्षत्र के साथ रवि योग और सर्वार्थ सिद्ध योग का संयोग बन रहा है, जिसे खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है. रवि योग में किए गए कार्यों का फल हमेशा शुभ होता है और यह एक अत्यंत शक्तिशाली योग है, जिसका प्रभाव सूर्य की तरह प्रखर होता है. इस दिन भूमि और भवन की खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त उपलब्ध है. नया व्यापार आरंभ करने और नई नौकरी की शुरुआत के लिए भी यह दिन बहुत ही अनुकूल है. फाल्गुन मास 2025 का है बड़ा महत्व, इन बातों का ध्याना रखना जरूर धन की प्राप्ति के लिए पुष्य नक्षत्र में करें यह उपाय पुष्य नक्षत्र के दौरान माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से धन की प्राप्ति होती है. इस अवसर पर माता लक्ष्मी को खीर का भोग अर्पित करें और भगवान विष्णु का पूजन करें. तुलसी के पत्ते, चना दाल और गुड़ का भोग भी अर्पित करें. इस दिन लक्ष्मी यंत्र की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है. जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594/9545290847 The post कल 11 फरवरी को बन रहा ये संयोग, खरीदारी करना तथा नए कार्य करना होगा शुभ appeared first on Naya Vichar.