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Author name: Vinod Jha

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बैन कफ सिरप को कोसी-सीमांचल में खपा रहे नशे के सौदागर, कार और घर के अंदर बने गड्ढे से बड़ा खेप बरामद

बिहार में पूर्ण शराबबंदी है.वहीं शराब के अलावे ड्रग्स, गांजा, स्मैक आदि सूखे नशे का कारोबार भी फैला हुआ है. आए दिन पुलिस इसके खिलाफ कार्रवाई करती है लेकिन तस्कर चोरी-छिपे इसका कारोबार करते रहे हैं. कोसी-सीमांचल के जिलों में प्रतिबंधित कप सिरप की तस्करी भी धड़ल्ले से की जाती है. इसे नशे के लिए इस्तेमाल करने के लिए बेचा जाता है. पूर्णिया में एक गांव में जब छापेमारी की गयी तो घर में गड्ढे के अंदर से प्रतिबंधित कप सिरप का खेप बरामद हुआ. वहीं सुपौल में एक कार से खेप बरामद किया गया. 540 बोतल कोडिनयुक्त कफ सिरप के साथ तस्कर गिरफ्तार सुपौल की जदिया थाने की पुलिस ने रविवार को रघुनाथपुर के पास 540 बोतल कोडिनयुक्त कफ सिरप के साथ एक चालक को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार कार चालक की पहचान राजेश्वरी थाना क्षेत्र के तमुआ वार्ड नंबर 09 निवासी छोटू यादव के रूप में हुई है. थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक उजले रंग की कार से कोडिनयुक्त कफ सीरप कुमारखंड से त्रिवेणीगंज की ओर जा रही है. सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उक्त कार को रघुनाथपुर समीप पकड़ लिया. ALSO READ: Photos: बिहार में 50 किलोमीटर तक महाजाम, यूपी बॉर्डर से वाहनों की लगी कतार, लोगों के पसीने छूटे कार में सवार एक तस्कर पुलिस को देखकर भागा जब पुलिस ने पकड़ी गयी कार की तलाशी ली तो 540 बोतल कोडिनयुक्त कफ सिरप कार से बरामद हुआ. हालांकि इस दौरान कार में सवार एक तस्कर फरार हो गया. थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि उक्त चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में सुपौल भेज दिया गया. घर के अंदर गड्ढे से 201 बोतल कप सिरप बरामद वहीं एक अन्य मामला पूर्णिया के श्रीनगर थाना क्षेत्र का है. जहां जगेली पंचायत के मनकोल गांव में पुलिस ने छापेमारी की. पुलिस को सूचना थी कि यहां का निवासी मोहम्मद सद्दाम प्रतिबंधित कप सिरप का धंधा लंबे समय से कर रहा है. जिसके बाद मजिस्ट्रेट के रूप में सीओ निकिता अग्रवाल, थानाध्यक्ष दीपक कमार सिंह दलबल के साथ उसके घर पहुंच गए. जब छापेमारी की गयी तो घर के अंदर बहुत बड़ा गड्ढा खोद कर उसमें रखा कफ सिरप का खेप मिला. पुलिस ने बताया कि गड्ढे के ऊपर ईंट लगा दिए थे .धंधेबाज पुलिस को चकमा देकर भाग निकला. पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. The post बैन कफ सिरप को कोसी-सीमांचल में खपा रहे नशे के सौदागर, कार और घर के अंदर बने गड्ढे से बड़ा खेप बरामद appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: गुड न्यूज! बिहार की पहली ‘नमो भारत ट्रेन’ इन स्टेशनों के बीच दौड़ेगी, इन यात्रियों को होगा भरपूर फायदा

Bihar News: बिहार में डेली पैसेंजर्स के लिए रेलवे बड़ा तोहफा देने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोकल ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तानीय रेलवे ने पैसेंजर ट्रेनों की तरह “नमो हिंदुस्तान” ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है. बिहार की राजधानी पटना और मुजफ्फरपुर के बीच नमो हिंदुस्तान ट्रेन चलाई जाएगी. इसकी घोषणा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेतिया में छावनी रेल ओवरब्रिज के लोकार्पण के दौरान की. बता दें, यह बिहार की पहली नमो हिंदुस्तान ट्रेन होगी. बेतिया पहुंचे रेल मंत्री ने कहा कि ट्रेन संचालन की तैयारी शुरू हो चुकी है और अगले पांच सालों में बिहार के रेलवे नेटवर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. प्रदेश में करीब 95,000 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे सुविधाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा. 9 गुना अधिक बजट बेतिया स्टेशन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि साल 2009 से 2014 के बीच बिहार में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष औसतन 1,132 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया जाता था, लेकिन पीएम मोदी ने इस साल के बजट में बिहार में रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10 हजार 66 करोड़ रूपये का बजट दिया है. यानी पिछली प्रशासन की तुलना में करीब-करीब नौ गुना अधिक बजट आवंटित किया गया है. इसी रिकॉर्ड बजट का परिणाम है कि बिहार में नई रेल लाइनों के निर्माण, विद्युतीकरण, नई ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों का विकास, यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी के कार्य रिकॉर्ड स्तर पर किए जा रहे हैं. 5 सालों में बदल जाएगा रेल नेटवर्क उन्होंने आगे कहा कि बिहार में रेलवे के विकास के लिए 95 हजार 566 करोड़ रूपए का इंवेस्टमेंट किया जा रहा है, जिससे अगले 5 सालों में बिहार में रेलवे का नेटवर्क का पूरी तरह बदलने वाला है. उन्होंने कहा कि बिहार में चल रहे प्रोजेक्ट के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पटना-गोरखपुर के बीच जल्द चलेगी वंदे हिंदुस्तान ट्रेन इसके अलावा बीते दिन बिहार पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पटना और गोरखपुर के बीच वंदे हिंदुस्तान ट्रेन शुरू करने की भी घोषणा की. यह ट्रेन इसी साल शुरू होने की संभावना है, जिससे यूपी और बिहार के यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक रेल यात्रा का लाभ मिलेगा. ALSO READ: Bihar News: मरा हुआ व्यक्ति कर रहा बिजली चोरी! समाचार पढ़कर घूम जाएगा माथा The post Bihar News: गुड न्यूज! बिहार की पहली ‘नमो हिंदुस्तान ट्रेन’ इन स्टेशनों के बीच दौड़ेगी, इन यात्रियों को होगा भरपूर फायदा appeared first on Naya Vichar.

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Crime News : संपत्ति विवाद में हुई तीखी बहस, अमेरिका से लौटकर पोते ने दादा पर किया 70 बार चाकू से वार

Crime News : उद्योगपति वेलमति चंद्रशेखर जनार्दन राव की हत्या कर दी गई है. पुलिस ने सोमवार को बताया कि हैदराबाद के 86 वर्षीय राव की उनके घर पर उनके पोते ने कथित तौर पर संपत्ति बंटवारे को लेकर चाकू घोंपकर हत्या कर दी. दोनों के बीच हत्या के पहले तीखी बहस हुई. 29 साल के पोते किलारू कीर्ति तेजा ने कथित तौर पर वेलजन ग्रुप के चेयरमैन राव पर बहस के बाद हमला कर दिया. संपत्ति बंटवारे को लेकर हत्या की गई. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेजा को पैतृक संपत्ति के हिस्से के रूप में 4 करोड़ रुपये दिए गए थे. पोते ने दादा पर किया 70 बार चाकू से वार इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे ने समाचार प्रकाशित की है. समाचार में बताया गया कि विवाद बहुत ज्यादा बढ़ गया. इसके बाद पोते ने अपने दादा पर 70 बार चाकू से वार किया. इस झगड़े के दौरान तेजा की मां सरोजिनी देवी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की. वह भी हमले में घायल हो गई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. मां के साथ दादा के पास पहुंचा था तेजा तेजा हाल ही में अमेरिका में अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद हैदराबाद लौटे थे. विवाद और हमले के समय अपनी मां के साथ राव के घर पर गए थे. तेजा को गिरफ्तार कर लिया गया है. आगे मामले की जांच चल रही है. जनार्दन राव एक प्रसिद्ध उद्योगपति थे. उनका जहाज निर्माण, एनर्जी जैसी चीजों को कारोबा था. हत्या का बाद कपड़े बदलकर फरार पंजगुट्टा इंस्पेक्टर बी. शोभन ने बताया कि तेजा का जनार्दव राव के साथ संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद हुआ. राव की हत्या करने के बाद, तेजा ने अपने खून से सने कपड़े बदले. सोमाजिगुडा स्थित अपने दादा के घर से फरार हो गया. The post Crime News : संपत्ति विवाद में हुई तीखी बहस, अमेरिका से लौटकर पोते ने दादा पर किया 70 बार चाकू से वार appeared first on Naya Vichar.

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महाकुंभ से जल लेने वाले हो जाएं सतर्क, जानें गंगाजल लाने का सही नियम

Mahakumbh 2025: महाकुंभ के अवसर पर गंगा में स्नान करने से यह मान्यता है कि सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसी कारण श्रद्धालु संगम स्नान के लिए गंगाजल अपने साथ लाते हैं. गंगाजल का उपयोग पूजा-पाठ और अन्य शुभ कार्यों में आवश्यक होता है. यहां हम आपको महाकुंभ से गंगाजल लाने की सही विधि के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे. लोग महाकुंभ जाकर बाल्टी भर भर कर जल ला रहे हैं, महाकुम्भ से लाया गया जल केवल पवित्र नहीं होता, बल्कि इसमें अमृत का मिश्रण भी होता है. इस दिव्य जल को घर लाने की सही विधि का अगर हम पालन नहीं करें तो न केवल आप इस जल को अपवित्र कर देंगे, बल्कि इसके प्रभाव को भी कम कर देंगे. महाकुंभ से गंगाजल लाने वाले हो जाएं सावधान, इस जगह से जल लाना उचित नहीं है महाकुंभ से जल लाने का एक सही प्रावधान है. गंगाजल अगर किसी नदी से लाना चाहते हैं तो इसके बारे में मतस्यपुराण के खंड बी के 113 श्लोक में लिखा है कि यदि आप किसी पवित्र नदी से लाते हैं, तो जिस पात्र में आप जितना जल ला रहे हैं तो उसी पात्र से उतनी ही दूध उस नदी में अर्पित करना चाहिए. इसके बाद उस पवित्र नदी से आप जल ला सकते हैं. महाकुंभ से लाए गए जल को रखें सही स्थान पर महाकुंभ से लाए गए जल को सुरक्षित रखने के लिए उचित स्थान का चयन करें. इसे अपने घर के पूजा स्थल पर रखें और किसी तांबे, चांदी या पीतल के बर्तन में संग्रहित करें. यदि आपके पास पहले से गंगाजल है, तो महाकुंभ का जल उसी बर्तन में मिलाकर रख सकते हैं. जल की पवित्रता बनाए रखने के लिए इसे हमेशा ढंककर रखें. जल को उस स्थान पर रखें जहाँ सकारात्मक ऊर्जा हो और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता हो. इसके अतिरिक्त, इसे घर के उत्तर या पूर्व दिशा में रखना उचित रहेगा. इसे बाथरूम या अशुद्ध स्थानों के निकट नहीं रखना चाहिए. जल का बर्तन खुला न रखें. The post महाकुंभ से जल लेने वाले हो जाएं सतर्क, जानें गंगाजल लाने का सही नियम appeared first on Naya Vichar.

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Share Market: भारतीय शेयर बाजार में मिला-जुला रुख, Tax में कटौती और ट्रंप के टैरिफ का असर

Share Market: सोमवार को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार सपाट स्तर पर खुले, जहां एक ओर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा दर में कटौती का प्रभाव दिख रहा है. वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एल्यूमीनियम और स्टील आयात पर टैरिफ लगाने की धमकी ने बाजारों पर दबाव डाला. निफ्टी 50 23,543.80 अंकों पर खुला, जो 16.15 अंकों या 0.07% की गिरावट के साथ था, जबकि BSE सेंसेक्स 70.89 अंकों या 0.09% की गिरावट के साथ 77,789.30 पर खुला. वैश्विक व्यापार की चिंताएं बढ़ रही हैं विशेषज्ञों के अनुसार, जबकि बाजार ने आरबीआई की दर में कटौती को साकारात्मक रूप से लिया था, ट्रंप के स्टील और एल्यूमीनियम आयात पर 25% टैरिफ लगाने के बयान और “सार्वभौमिक” टैरिफ लगाने की धमकी ने बाजारों पर दबाव डाल दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार पर जोखिम बढ़ रहा है. बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने ANI से कहा, “आरबीआई की दर में कटौती स्वागतयोग्य कदम था, लेकिन प्रेस कांफ्रेंस में ‘न्यूट्रल’ नीति बनाए रखने का बचाव किया गया, जिससे बाजारों ने उसे पूरी तरह से सराहा नहीं. ट्रंप के बयान ने आज जोखिम-प्रतिकूल भावना को उजागर किया है.” क्षेत्रीय प्रदर्शन और प्रमुख शेयर क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी ऑटो ने मामूली लाभ दर्ज किया, जबकि अन्य अधिकांश क्षेत्र नकारात्मक रहे. निफ्टी मेटल में लगभग 2% की गिरावट आई. निफ्टी 50 में 18 शेयरों में बढ़त रही, जबकि 32 शेयरों में गिरावट आई. प्रमुख लाभार्थियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा रहे, जिनके शेयर में 1.91% से ज्यादा की बढ़त हुई, वहीं BEL के शेयर ने 1.35% से अधिक का उछाल लिया. दूसरी ओर, JSW स्टील सबसे बड़े नुकसान में रहा, जिसमें 2.5% से ज्यादा की गिरावट आई. बाजार की दिशा और वित्तीय परिणाम SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट और अल्फामोजो फाइनेंशियल सर्विसेज के संस्थापक सुनील गुर्जर ने कहा कि जब तक सूचकांक 23,450 के ऊपर रहता है, तब तक बाजार की दिशा सकारात्मक रह सकती है. उच्चतम स्तर पर 23,850 का प्रतिरोध है, और यदि सूचकांक इस स्तर को पार करता है, तो 24,050 तक की रैली हो सकती है. निफ्टी 50 शुक्रवार को एक अस्थिर दिन के बाद 23,550 पर बंद हुआ था, जो लगातार तीसरे सत्र में गिरावट थी. वित्तीय परिणामों के तहत, वरण बेवरेजेस, ग्रामस इंडस्ट्रीज, आइचर मोटर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज, पतंजलि फूड्स, एफएसएन ई-कॉमर्स (नायका), क्रिसिल, नेशनल एल्युमिनियम कंपनी, एस्कॉर्ट्स क्यूबोटा, और गिलेट इंडिया जैसी प्रमुख कंपनियां आज अपने तीसरी तिमाही के परिणाम घोषित करने वाली हैं. एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख ब्रॉडर एशियाई बाजार में मिला-जुला रुख दिखाई दिया. जापान का निकी 225, ताइवान का वेटेड और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक बिकवाली दबाव के कारण नकारात्मक रहे, जबकि हांग कांग का हैंग सेंग और सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स सूचकांक सकारात्मक थे. Also Read : H-1B वीजा, टैरिफ और रक्षा सहयोग पर हो सकते हैं बड़े समझौते, 12 फरवरी से अहम दौरा The post Share Market: हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में मिला-जुला रुख, Tax में कटौती और ट्रंप के टैरिफ का असर appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान में लागू होगा आर्टिकल 245, आर्मी-रेंजर उतरेंगे जमीन पर, बदल जाएंगे नियम, लेकिन क्या इतिहास भी बदलेगा?

एक बंटवारा हुआ, नक्शे पर एक लकीर खींची गई और दो मुल्क वजूद में आ गए Article 245: दुनिया के अहले सफे पर 1947 में एक मुल्क तकसीम हुआ, नाम पड़ा पाकिस्तान. बनाने वालों ने करोड़ों खून की कुर्बानी पर अपनी जिद पूरी की और एक महान देश को छिन्न भिन्न कर दिया. इस चाह में कि कौम की तरक्की और इज्जत तभी बरकरार रहेगी जब हम अलग होंगे. लेकिन 20वीं सदी में दहशत की राख अब तक वहां उड़ रही है. हर साल मासूमों की जिंदगी बिना किसी निशान के अतीत बनते जा रहे है और हिंदुस्तानीय प्रायद्वीप में शांति की बाट जोहती रूहें दुनिया से रुखसत हो रही हैं. पाकिस्तान की तरक्की का आलम ये है कि उसे एक अदद अंतर्राष्ट्रीय आयोजन करवाने के लिए अपने आईन (संविधान) की सबसे कड़े नियम को लगाना पड़ रहा है. पाकिस्तान में हिंदुस्तान की ही तरह क्रिकेट का खुमार सबसे ज्यादा है. लेकिन दो विश्वकप (वनडे और टी20) जीत चुके इस देश को आईसीसी ने किसी आयोजन के लिए 28 साल बाद काबिल माना है. यानी 1996 के विश्वकप के बाद उसे दोबारा अब चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी का अवसर मिला है. लेकिन वह भी आधा-अधूरा, क्योंकि हमसाया मुल्क हिंदुस्तान ने अपनी टीम को खुद से अलग हुए देश में अपनी टीम भेजने से मना कर दिया है. कारण बना आतंक. पाकिस्तान परस्त आतंकवाद की मार से त्रस्त हिंदुस्तान ने 2006 के बाद से जिन्ना के बनाए ‘जन्नत’ में कदम नहीं रखा है. श्रीलंका के खिलाड़ियो के ऊपर 2009 में हुए जानलेवा हमले के बाद से उसका नाम और भी खराब हो गया. एक दशक तक कई टीमों ने वहां का दौरा नहीं किया. लेकिन अब ऐसा लगता है कि पाकिस्तान ने अपने इतिहास में अब बदलाव करने की ठानी है. चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान ने अपने संविधान के अनुच्छेद 245 को लागू करने का फैसला किया है. यह पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक अधिनियम, 1997 के तहत की जा रही है. क्योंकि उसे अब अपना नाम बेहतर करना है. पाकिस्तान के न्यूज टीवी जियो टीवी के अनुसार इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान अपनी आर्मी और रेंजर्स की तैनाती भी करेगा, इसके लिए केंद्रीय प्रशासन से अनुमति मिल गई है. शहबाज शरीफ की प्रशासन कुल 12,664 अधिकारियों को तैनात करेगी. इनमें से 7,618 अधिकारी लाहौर में तैनात होंगे, जबकि 4,535 अधिकारी रावलपिंडी में सुरक्षा का प्रबंधन करेंगे. इसके अलावा, विशेष शाखा के 411 अधिकारी परिचालन दक्षता बढ़ाएंगे. पाकिस्तान का अनुच्छेद 245 सेना की तैनाती और उसकी जिम्मेदारियों से जुड़ा है. यह प्रशासन को आंतरिक सुरक्षा और बाहरी खतरों से निपटने के लिए सेना बुलाने का अधिकार देता है. इसके तहत, सेना देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर सकती है. यदि सेना को किसी क्षेत्र में तैनात किया जाता है, तो वहां नागरिक अदालतों के अधिकार सीमित हो सकते हैं. पाकिस्तानी संविधान में अनुच्छेद 17 के तहत प्रदत्त स्वतंत्रता के अधिकार भी बहुत हद तक सीमित हो जाते हैं. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भी इसे लगाया गया था. पाकिस्तान में इसका इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है. लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे आयोजन के लिए भी उसे काफी मेहनत करनी पड़ रही है. 1947 में देश के गठन के बाद भारी हिंसा हुई थी और 1951 के बाद से कई बार सेना ने नियंत्रण अपने हाथ में लिया. पाकिस्तान में 1958-1971, 1977-1988 और 1999-2008 के दौरान सैन्य शासन रहा, जिससे कई दशक मिलिट्री रूल के अधीन गिने जाते हैं. हाल के महीनों में, वहां के राजनेता और नेता फिर से सैन्य शासन की आशंका जता रहे थे. लेकिन चुनाव के बाद इमरान खान की हार ने माहौल कुछ हद तक शांत रखा है. लेकिन यह चिंगारी कब सुलग जाए कहा नहीं जा सकता. पाकिस्तान के मशहूर शायर हबीब जालिब ने मुल्क की इसी व्यवस्था पर तंज करते हुए एक शेर लिखा, जो काफी प्रसिद्ध रहा था- हुक्मरां हो गए कमीने लोगख़ाक में मिल गए नगीने लोगहर मुहिब्ब-ए-वतन ज़लील हुआरात का फ़ासला तवील हुआ आमिरों के जो गीत गाते रहेवही नाम-ओ-दाद पाते रहेरहज़नों ने रहज़नी की थीरहबरों ने भी क्या कमी की थी यह शायरी समाज की सच्चाई को बयां करती है, जहां सत्ता में बैठे लोग बेईमान हो चुके हैं और ईमानदार लोग हाशिए पर चले गए हैं. देशभक्तों को अपमान सहना पड़ा और अंधकार की रात और लंबी हो गई. जो लोग ताकतवरों की प्रशंसा करते रहे, उन्हें ही शोहरत और सम्मान मिला. लुटेरों ने अपनी लूट जारी रखी, लेकिन सबसे बड़ा दुख यह था कि मार्गदर्शकों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी. पाकिस्तान का यह हश्र शायद इसी चापलूसी और जिद का फलसफा है. खैर, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) हाल ही में अंतिम समय तक तैयारियों को अधूरा छोड़ने के लिए आलोचनाओं का शिकार हुआ था. लेकिन शुक्रवार को भव्य उद्घाटन समारोह में पुनर्निर्मित गद्दाफी स्टेडियम को जनता के लिए खोल दिया. अगले दिन 8 फरवरी को पाकिस्तान ने पहले मैच में न्यूजीलैंड का सामना किया. त्रिकोणीय टूर्नामेंट के पहले मैच में उन्हें न्यूजीलैंड के हाथों 78 रनों से हार का सामना करना पड़ा. यह सारी कवायद चैंपियंस ट्रॉफी को सुरक्षित करवा लेने के लिए है ताकि किसी तरह इस मुल्क में शांति की बहाली हो सके. पाकिस्तान अपने इतिहास के नाजुक मोड़ पर खड़ा है, अगर यह आयोजन शांत और सुरक्षित बीत गया तो वाहवाही मिलेगी और अगर कोई चूक हुई तो मुल्क की डगर और भी मुश्किल होने वाली है. इस टूर्नामेंट में मेजबान और गत चैंपियन पाकिस्तान 19 फरवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ कर्टेन-रेजर के दौरान कराची के नेशनल बैंक स्टेडियम में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 अभियान की शुरुआत करेगा. इसके बाद पाकिस्तानी टीम दुबई जाएगी, जहां 23 फरवरी को उसका मुकाबला चिर प्रतिद्वंद्वी हिंदुस्तान से होगा. इस टूर्नामेंट में हिंदुस्तान अपना पहला मुकाबला 20 फरवरी को बांग्लादेश से करेगा. आईसीसी के हाथों में बंद क्रिकेट की नियति हर बार यही तय करती है कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में रहें और इस बार भी यही हुआ है. आठ टीमों का यह टूर्नामेंट, जिसमें 15 मैच शामिल हैं, 19 फरवरी से 9 मार्च तक पाकिस्तान और दुबई में तीन स्थानों – कराची,

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Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, जानें आज का ताजा भाव

Gold-Silver Price: फरवरी के महीने में सोने की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं. हर दिन बढ़ती कीमतों से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आज भी सोने के दाम उच्चतम स्तर पर बने हुए हैं. चांदी के दाम भी ऊंचाई पर चांदी की कीमतें भी स्थिर बनी हुई हैं और यह एक लाख रुपये प्रति किलो के करीब कारोबार कर रही है. हालांकि, सोने की तुलना में इसमें थोड़ी स्थिरता देखी जा रही है. आज का सोना-चांदी रेट (10 फरवरी 2025) 22 कैरेट सोना – ₹7,959 प्रति ग्राम 24 कैरेट सोना – ₹8,681 प्रति ग्राम चांदी – ₹99.40 प्रति ग्राम या ₹99,400 प्रति किलोग्राम देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम शहर 22 कैरेट सोना (₹/ग्राम) 24 कैरेट सोना (₹/ग्राम) नई दिल्ली 7,959 8,681 लखनऊ 7,959 8,681 पटना 7,949 8,671 मुंबई 7,944 8,666 कोलकाता 7,944 8,666 Also Read : जानें इतिहास के सबसे अमीर मुसलमान के बारे में, 18 टन सोना और 60,000 गुलामों के साथ किया था मक्का की यात्रा The post Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, जानें आज का ताजा भाव appeared first on Naya Vichar.

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फाल्गुन मास इस दिन से होगा शुरू, यहां जानें जरूरी नियम

Falgun Month 2025 Start Date: फाल्गुन का महीना माघ की पूर्णिमा के बाद प्रारंभ होता है. हिंदू धर्म में फाल्गुन का महीना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस महीने में महाशिवरात्रि और होली जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं. इस अवधि में अनेक धार्मिक और मांगलिक कार्य संपन्न होते हैं. इस महीने का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसी समय भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. फाल्गुन माह 2025 की तिथि और समय पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की प्रतिपदा तिथि 13 फरवरी की रात 08 बजकर 21 मिनट पर प्रारंभ हो रही है. इस प्रकार, फाल्गुन माह की शुरुआत 13 फरवरी से होगी. वहीं, इस माह का समापन 13 मार्च को होगा. कुंभ संक्रांति पर इन चीजों का ना करें दान, नहीं मिलेगा पुण्य के फल फाल्गुन मास में क्या करें फाल्गुन मास के दौरान भगवान शिव की पूजा अर्चना करना आवश्यक है. प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए. इस मास में प्रतिदिन शिव चालीसा का पाठ करना अत्यंत महत्वपूर्ण है. भगवान शिव के स्रोत का पाठ भी इस समय शुभ माना जाता है. इसके अतिरिक्त, फाल्गुन मास में भगवान कृष्ण को नए वस्त्र अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान कृष्ण के साथ-साथ भगवान शिव की कृपा भी प्राप्त होती है. फाल्गुन मास में अन्न का दान करना सर्वोत्तम माना जाता है. इस महीने में किसी भी प्रकार का अन्न भगवान को दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. अन्न का दान करने से घर में समृद्धि बनी रहती है. फाल्गुन माह में क्या न करें फाल्गुन माह में मांस, मदिरा और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. इस माह में बुजुर्गों और स्त्रीओं का अपमान न करें. ऐसा करने से देवी-देवता नाराज हो सकते हैं. किसी के प्रति नकारात्मक विचार न रखें. घर और मंदिर को गंदा न करें. The post फाल्गुन मास इस दिन से होगा शुरू, यहां जानें जरूरी नियम appeared first on Naya Vichar.

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दबदबे की पैमाइश हो तो जलवा है इंडिया का, अंग्रेजों को परास्त कर जीत के रिकॉर्ड्स की भरमार कर दी

IND vs ENG: हिंदुस्तान ने कटक में स्पोर्ट्से गए दूसरे वनडे में इंग्लैंड को 4 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 304 रन बनाए, लेकिन हिंदुस्तानीय टीम ने रोहित शर्मा की 119 रन की बेहतरीन रिकॉर्ड्स से भरपूर शतकीय पारी के दम पर 44.4 ओवर में 308 रन बनाकर जीत दर्ज की. इस हार के साथ इंग्लैंड के नाम कई नकारात्मक रिकॉर्ड दर्ज हो गए. इंग्लैंड की लगातार सीरीज हारों का सिलसिला जारी वनडे क्रिकेट में इंग्लैंड का खराब प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा. आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023 में खराब प्रदर्शन के बाद से ही इंग्लैंड की टीम लगातार संघर्ष कर रही है. इंग्लैंड 2022 की शुरुआत से अब तक 45 वनडे मैच स्पोर्ट्सा है, जिसमें वह 22वीं बार ऑलआउट हुआ है. हिंदुस्तान ने इस सीरीज में अंग्रेजों को पटखनी देकर अपने घर में लगातार 7वीं सीरीज जीत चुका है (अभी तीसरी एकदिवसीय बाकी है). लेकिन इंग्लैंड के लिए ज्यादा कठिन समय है, क्योंकि विश्व कप 2023 के बाद से इंग्लैंड की यह लगातार चौथी वनडे सीरीज हार है. इतना ही नहीं इंग्लैंड ने हिंदुस्तान के खिलाफ सफेद गेंद क्रिकेट में पिछले 10 वर्षों में 10 में से 9 मुकाबले गंवाए हैं. वहीं इंग्लैंड की टीम हिंदुस्तान में पिछले 20 वर्षों में वनडे क्रिकेट में लगातार सातवीं सीरीज भी हारा. कभी विश्व क्रिकेट में दबदबे वाली टीम इंग्लैंड का यह प्रदर्शन बड़े स्कोर करने के बाद भी जारी है.  विश्व कप 2023 के बाद से वनडे में लगातार चौथी हार  पिछले 20 वर्षों में हिंदुस्तान में वनडे में लगातार सातवीं सीरीज हार  पिछले 10 वर्षों में हिंदुस्तान के खिलाफ सफेद गेंद के प्रारूप में दस में से नौवीं हार 𝗔 𝘀𝘂𝗽𝗲𝗿 𝘀𝗵𝗼𝘄 𝘁𝗼 𝘀𝗲𝗮𝗹 𝗮 𝘄𝗶𝗻 𝗶𝗻 𝗖𝘂𝘁𝘁𝗮𝗰𝗸! ✅ The Rohit Sharma-led #TeamIndia beat England by 4⃣ wickets in the 2nd ODI & take an unassailable lead in the ODI series! 👏 👏 Scorecard ▶️ https://t.co/NReW1eEQtF#INDvENG | @IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/G63vdfozd5 — BCCI (@BCCI) February 9, 2025 300+ स्कोर करने के बाद भी हार का सिलसिला जारी इंग्लैंड ने इस मैच में 304 रन बनाने के बावजूद हार झेली, जिससे यह साफ हो गया कि टीम की गेंदबाजी बेहद कमजोर रही. सफेद गेंद क्रिकेट में इंग्लैंड की कमजोरियां खुलकर सामने आ रही हैं, जिससे उनकी स्थिति लगातार बिगड़ रही है. सामने चैंपियंस ट्रॉफी है और उससे पहले वनडे क्रिकेट में 300+ का स्कोर बनाने के बावजूद सबसे ज्यादा हार झेलने वाली टीमों की सूची में इंग्लैंड (28 हार) शीर्ष पर पहुंच गया है. इस मामले में हिंदुस्तान के नाम पर दर्ज यह रिकॉर्ड अब अपने नाम पर कर लिया है. इससे पहले 300+ स्कोर करके हिंदुस्तान ने  27 बार मैच गंवाए थे. जबकि वेस्टइंडीज (23) और श्रीलंका (19) हार के साथ क्रमशः अब तीसरे और चौथे स्थान पर हैं.   टीम 300+ स्कोर के बाद हार की संख्या कुल मैच जिनमें 300+ स्कोर किए इंग्लैंड 28 99 हिंदुस्तान 27 136 वेस्टइंडीज 23 62 श्रीलंका 19 87 ‘बस तैनूं तकदे रहे’, रोहित शर्मा के ‘जश्न-ए-सेंचुरी’ में लुट गए अंग्रेज, कुर्बान हुए रिकॉर्ड्स, जानें हिटमैन के करिश्मे हिंदुस्तान के खिलाफ इंग्लैंड का दबदबा खत्म एक समय इंग्लैंड की टीम हिंदुस्तान के खिलाफ खतरनाक प्रतिद्वंद्वी मानी जाती थी, लेकिन हालिया प्रदर्शन इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर रहा है. हिंदुस्तान के खिलाफ इंग्लैंड का लगातार खराब रिकॉर्ड इंग्लिश क्रिकेट के लिए चिंता का विषय बन गया है. हिंदुस्तान की इस जीत के साथ इंग्लैंड का मनोबल और गिरेगा. अब चैंपियंस ट्रॉफी से पहले उनकी कोशिश अगले मैच में सम्मान बचाने की होगी, जबकि हिंदुस्तान सीरीज में क्लीन स्वीप करने की तैयारी में रहेगा. तीन मैचों की सीरीज का अगला मैच अहमदाबाद में बुधवार 12 फरवरी को स्पोर्ट्सा जाएगा. इंग्लैंड क्रिकेट इतिहास में जो रूट छा गए, फिफ्टी जड़ रिकॉर्ड बुक में हो गए सबसे ऊपर WTC Points Table: विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र का आखिरी लीग मैच फिनिश, जानें टीम इंडिया का सफर कहां तक चला  The post दबदबे की पैमाइश हो तो जलवा है इंडिया का, अंग्रेजों को परास्त कर जीत के रिकॉर्ड्स की भरमार कर दी appeared first on Naya Vichar.

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कुंभ संक्रांति पर इन चीजों का ना करें दान, नहीं मिलेगा पुण्य के फल

Kumbh Sankranti 2025: कुंभ संक्रांति एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो सूर्य और शनि देव से संबंधित है. इस दिन सूर्य देव शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करते हैं. यह दिन सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रतीक है, जब वह मकर राशि से कुंभ राशि में आते हैं. संक्रांति तिथि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक है. इस दिन स्नान, दान, जप और पूजा-पाठ करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है. गंगा स्नान और दान करने से पापों का नाश होता है और सूर्य देव की कृपा से जीवन में सुख और समृद्धि आती है. कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, कुंभ संक्रांति का पवित्र समय 12 फरवरी को प्रातः 07:45 बजे से आरंभ होकर दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा. इस अवधि में किए गए दान और पूजा का फल अत्यधिक लाभकारी होता है. महाशिवरात्रि के अवसर पर घर ले आएं ये चीजें, मिलेगा शुभफल कुंभ संक्रांति पर इन चीजों का नहीं करें दान कुंभ संक्रांति के अवसर पर सूर्य शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करते हैं. इस दिन इन दोनों ग्रहों से संबंधित वस्तुओं का दान करना आवश्यक है. ऐसा करने से शनि के प्रभाव से छुटकारा मिलता है. कुंभ संक्रांति के अवसर पर कपड़ों का दान करना आवश्यक है, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि कपड़े कहीं से भी कटे या फटे न हों. दान में सदैव उपयोगी, नई या स्वच्छ वस्तुएं होनी चाहिए. खराब वस्त्रों का दान करने से शनि देव नाराज होते हैं. कुंभ संक्रांति के दिन तेल का दान करना शुभ नहीं माना जाता है. शनि के नकारात्मक प्रभाव के कारण व्यक्ति की प्रगति, वैवाहिक जीवन और नौकरी में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. कुंभ संक्रांति पर लोहे की वस्तुओं का दान करने से बचना चाहिए. शास्त्रों में इसे अशुभ माना गया है. इसके स्थान पर तांबे या पीतल की वस्तुओं का दान करना अधिक उचित है. The post कुंभ संक्रांति पर इन चीजों का ना करें दान, नहीं मिलेगा पुण्य के फल appeared first on Naya Vichar.

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