Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

डीएवी कपिलदेव के पूर्व प्रिंसिपल को तीन साल की सजा, यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट का फैसला

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Ranchi News: रांची से सामने आए चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में सिविल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. झारखंड की राजधानी रांची स्थित डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है. अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला शुक्रवार को अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने सुनाया. कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा जगत और शहर में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है. गुरुवार को दोषी करार, शुक्रवार को सुनाई गई सजा इस मामले में अदालत ने गुरुवार को ही मनोज कुमार सिन्हा को दोषी करार दे दिया था. सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें यौन उत्पीड़न के आरोप में दोषी माना. इसके बाद अदालत ने सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. शुक्रवार को सजा सुनाते हुए कोर्ट ने तीन साल की कैद और आर्थिक दंड का आदेश दिया. पीड़िता की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका और अधिवक्ता शुभम कटारुका ने अदालत में पक्ष रखा. दोनों अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि पीड़िता को लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना और दबाव का सामना करना पड़ा. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा सुनाई. मई 2022 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी मामले की शुरुआत मई 2022 में हुई थी, जब स्कूल की एक स्त्री कर्मी ने तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा पर यौन उत्पीड़न और अश्लील मांग करने का आरोप लगाया था. पीड़िता ने रांची के अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. शिकायत में कहा गया था कि प्रिंसिपल द्वारा लगातार अनुचित व्यवहार किया जा रहा था और मानसिक दबाव बनाया जा रहा था. एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया था. आरोप सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से मनोज कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पीड़िता समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए गए. हाईकोर्ट से मिली थी जमानत, फिर रद्द हुई राहत मामले में गिरफ्तारी के बाद मनोज कुमार सिन्हा को नवंबर 2022 में झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. हालांकि जेल से बाहर आने के बाद पीड़िता ने उन पर धमकाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया. पीड़िता ने अदालत में कहा था कि आरोपी की ओर से समझौते का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें डराया जा रहा है. इसके बाद पीड़िता ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत रद्द करने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत रद्द कर दी. इसके खिलाफ मनोज कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने अदालत में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया. इसे भी पढ़ें: तेलंगाना में सरेंडर करने वाले नक्सलियों का झारखंड से है कनेक्शन, चाईबासा में फैला रखा था नेटवर्क जांच पूरी होने के बाद दाखिल हुई चार्जशीट मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी ने सभी साक्ष्यों और बयान दर्ज करने के बाद 25 जुलाई 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में पीड़िता के आरोपों को समर्थन देने वाले कई बिंदुओं का उल्लेख किया गया था. इसके बाद अदालत में लगातार सुनवाई चलती रही. करीब चार साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुनाया है. इस फैसले को स्त्री कर्मियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है. वहीं, मामले के फैसले के बाद शिक्षा संस्थानों में आंतरिक सुरक्षा और शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. इसे भी पढ़ें: एसपी का दावा: गुमला हुआ नक्सलमुक्त, 5 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर The post डीएवी कपिलदेव के पूर्व प्रिंसिपल को तीन साल की सजा, यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट का फैसला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

विनेश फोगाट को अयोग्य करने पर भड़का दिल्ली HC, WFI की क्लास लगाते हुए कह दी ये बड़ी बात 

Vinesh Phogat: चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने केंद्र प्रशासन को निर्देश दिया. इसमें कहा गया कि वे हर हाल में यह पक्का करें कि विनेश फोगाट को आने वाले एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में भाग लेने का मौका मिले. दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई फटकार दिल्ली हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट के मामले में कुश्ती महासंघ पर तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि आपसी विवादों की वजह से स्पोर्ट्स का नुकसान नहीं होना चाहिए. मां बनने के बाद विनेश की वापसी का स्वागत करते हुए कोर्ट ने कहा कि हमारे देश में मातृत्व का सम्मान होता है. लेकिन महासंघ के बदले नियमों से उनकी नीयत पर सवाल उठते हैं. कोर्ट ने केंद्र प्रशासन को एक एक्सपर्ट कमिटी बनाने का आदेश दिया है, ताकि विनेश के स्पोर्ट्स को परखकर उन्हें एशियाई स्पोर्ट्सों के ट्रायल में शामिल होने का पूरा मौका दिया जा सके. इस पूरे विवाद को 3 आसान पॉइंट्स में समझते है संन्यास से वापसी और स्पोर्ट्सने पर रोक: हिंदुस्तानीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने नियम का हवाला देते हुए विनेश फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू मैचों में स्पोर्ट्सने से रोक दिया था. महासंघ का कहना था कि डोपिंग के नियमों के मुताबिक, संन्यास से वापस आने वाले एथलीट के लिए स्पोर्ट्सने से पहले 6 महीने का नोटिस देना ज़रूरी होता है. हालांकि, विनेश ने इसके बावजूद गोंडा में हुए नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था. महासंघ के साथ पुराना विवाद: विनेश फोगाट का कुश्ती महासंघ के साथ विवाद काफी पुराना है. साल 2023 में स्त्री पहलवानों ने महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. इस बड़े विरोध प्रदर्शन और आंदोलन में विनेश फोगाट ने मुख्य भूमिका निभाई थी. ओलंपिक का दर्दनाक वाकया: अगस्त 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान विनेश फोगाट इतिहास रचने के बेहद करीब थीं और 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में पहुंच चुकी थीं. लेकिन फाइनल मैच की सुबह उनका वजन तय सीमा से सिर्फ 100 ग्राम ज़्यादा पाया गया, जिसकी वजह से उन्हें ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया था. The post विनेश फोगाट को अयोग्य करने पर भड़का दिल्ली HC, WFI की क्लास लगाते हुए कह दी ये बड़ी बात  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नमाज पर प्रतिबंध के बाद भोजशाला मंदिर परिसर में पहली बार शुक्रवार को हुई पूजा, सुरक्षाकर्मी मुस्तैद

Bhojshala Dhar : माता सरस्वती के मंदिर में कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार पूजा-अर्चना हुई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे. इस मौके पर मंदिर परिसर में शंख ध्वनि सुनाई दी और भक्तों ने पूजा की. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यहां नमाज पर रोक लगा दी है, कोर्ट का यह आदेश 15 मई को आया था. शुक्रवार सुबह हुई मंदिर में आरती #WATCH | Dhar, Madhya Pradesh | Devotees offer prayers to Goddess Saraswati and play the conch shell following the Madhya Pradesh High Court order, which banned Friday namaz at the Bhojshala complex. pic.twitter.com/23feA7wS8s — ANI (@ANI) May 22, 2026 मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद धार में देवी सरस्वती को समर्पित भोजशाला मंदिर में सुबह की आरती हुई और माता का जयकारा भी हुआ. कोर्ट के आदेश के बाद यहां शुक्रवार के नमाज की इजाजत नहीं है.भोजशाला मंदिर में दर्शन करने आई एक भक्त विद्या सोनी ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया कि हम आज सुबह अपना सारा काम छोड़कर भोजशाला आए हैं. हम बहुत खुश हैं. ऐसा पहली बार हुआ है जब हम शुक्रवार को यहां आ पाए हैं. यह सत्य की जीत है, हमने काफी लंबी लड़ाई लड़ी है. वहीं दूसरी भक्त ज्योति सोनी ने कहा कि हमें बहुत अच्छा लग रहा है, यह पहली बार है जब हम शुक्रवार को यहां दर्शन करने आ पाए हैं.पहले सिर्फ मंगलवार को ही यहां आ सकते थे या फिर वसंत पंचमी के दिन. सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम धार के एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद, सभी नियमों का सख्ती से पालन करवाना हमारी ड्यूटी है. हमने सभी से संपर्क बनाए रखा है और सभी ग्रुप्स के साथ लगातार मीटिंग की हैं. सभी ने भरोसा दिलाया है कि कोर्ट के आदेश का पालन होगा. मंदिर के बाहर लगभग 1800 से ज्यादा पुलिसवालों को तैनात किया गया है. ये भी पढ़ें : सीएम विजय ने एक बार फिर किया मंत्रिमंडल का विस्तार, IUML और VCK के 1-1 विधायक बने मंत्री The post नमाज पर प्रतिबंध के बाद भोजशाला मंदिर परिसर में पहली बार शुक्रवार को हुई पूजा, सुरक्षाकर्मी मुस्तैद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अमित शाह ने शुभेंदु को बताया कैबिनेट विस्तार का फार्मूला, बैठक में लिये गये कई फैसले

मुख्य बातें शाह-अधिकारी की मुलाकात में इन मुद्दों पर चर्चा राजनाथ और द्रोपदी मुमू से भी की मुलाकात Suvendu Adhikari: नई दिल्ली. बंगाल में नई प्रशासन बने दो सप्ताह हो चुके हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 14 दिनों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. हालांकि, राज्य में मंत्रिमंडल गठन पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. केवल 5 मंत्रियों को ही विभाग आवंटित किए गए हैं. पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन कब होगा और किसे कौन सा विभाग सौंपा जाएगा, इस पर अटकलें लगाई जा रही थीं. ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की दिल्ली यात्रा काफी महत्वपूर्ण है. जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अमित शाह के साथ बंगाल में मंत्रिमंडल गठन पर विस्तृत चर्चा की. सूत्रों के अनुसार, बंगाल में जल्द ही पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन होगा. शाह-अधिकारी की मुलाकात में इन मुद्दों पर चर्चा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की. मंत्रिमंडल के गठन के साथ-साथ सीमा पर कांटेदार तार लगाने और सीएए के कार्यान्वयन पर भी चर्चा हुई. मंत्रिमंडल में किस योग्यता के आधार पर लोगों को स्थान दिया जाएगा, इस पर चर्चा चल रही है. इसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल की हिंदू आबादी के सभी वर्गों का मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है. पूर्व में विधायक रह चुके लोगों के अलावा, नगरपालिकाओं और पंचायतों में जन प्रतिनिधित्व का अनुभव रखने वालों को भी महत्व दिया जाएगा. सूचना मिली है कि पूर्ण मंत्रिमंडल की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें राजनाथ और द्रोपदी मुमू से भी की मुलाकात शाह और शुभेंदु ने सीमा पर कांटेदार तार लगाने के लिए राज्य प्रशासन द्वारा भूमि की मंजूरी और आगे के कदमों पर चर्चा की. इस चर्चा में यह मुद्दा भी उठाया गया कि राज्य प्रशासन सीएए को लागू करने की दिशा में क्या कदम उठाएगी. समाचारों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करने के लिए सुझाव भी दिए हैं कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति, जो हमेशा सुर्खियों में रहती है, इस बार नियंत्रण में लाई जाए. इसी बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आज सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. दोनों ने कुछ देर तक बातचीत की. इसके बाद वे रायसीना हिल के लिए रवाना हो गए. वहां वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की. इसके बाद दोपहर में बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. Also Read: बंगाल में 20 जून तक तैनात रहेंगी केंद्रीय बलों की 500 कंपनियां, गृह मंत्रालय ने भेजा पत्र The post अमित शाह ने शुभेंदु को बताया कैबिनेट विस्तार का फार्मूला, बैठक में लिये गये कई फैसले appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कल है अधिक मासिक दुर्गाष्टमी, करें व्रत कथा का पाठ, जीवन में आएगी खुशहाली

Adhik Masik Durgashtami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ मनाई जाती है. यह पावन दिन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मां दुर्गा को समर्पित होता है. ज्येष्ठ माह में अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के संयोग के कारण इस पर्व को ‘अधिकमासिक दुर्गाष्टमी’ कहा जाएगा. धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त इस दिन सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करता है, उसके जीवन से दुख-कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है. पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि कथा-पाठ से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करती हैं. व्रत कथा महिषासुर का वरदान पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक असुर के कारण तीनों लोकों में भय और अत्याचार का अंधकार फैल गया था. महिषासुर नामक शक्तिशाली असुर ने देवताओं को पराजित कर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था. महिषासुर कोई साधारण असुर नहीं था. उसने वर्षों तक कठोर तपस्या करके त्रिदेवों—ब्रह्मा, विष्णु और महेश को प्रसन्न किया और एक अनोखा वरदान प्राप्त किया था कि “कोई भी देवता, दानव या पुरुष उसे युद्ध में कभी पराजित नहीं कर सकेगा.” इस वरदान के अहंकार में चूर होकर वह स्वयं को सर्वशक्तिमान समझने लगा. उसकी सेना ने निर्दोषों और ऋषि-मुनियों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया. तब देवराज इंद्र सहित सभी देवता अपनी रक्षा के लिए त्रिदेवों की शरण में पहुंचे. देवताओं की पीड़ा देखकर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा अत्यंत क्रोधित हुए. आदिशक्ति का प्राकट्य अधर्म के नाश और देवताओं के कष्टों के निवारण हेतु त्रिदेवों के शरीर से एक दिव्य ऊर्जा (तेज) प्रकट हुई. धीरे-धीरे सभी देवताओं का तेज भी उस ऊर्जा में समाहित हो गया. इस परम तेज के मिलन से जगत जननी मां आदिशक्ति दुर्गा का प्राकट्य हुआ. मां दुर्गा का दिव्य स्वरूप मां दुर्गा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और अद्भुत था. उनके मुखमंडल की आभा से संपूर्ण ब्रह्मांड प्रकाशित हो उठा. उनके शांत और ओजस्वी रूप को देखकर देवताओं का खोया हुआ विश्वास पुनः जागृत हो गया. सभी देवताओं ने उन्हें नमन किया. इसके बाद देवताओं ने मां दुर्गा को अपने-अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए. भगवान शिव ने त्रिशूल दिया, भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र, अग्निदेव ने शक्ति और पवनदेव ने धनुष-बाण प्रदान किए. अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर और सिंह पर सवार होकर मां दुर्गा महिषासुर का अंत करने के लिए युद्धभूमि की ओर प्रस्थान कर गईं. महिषासुर का अंत युद्धभूमि में पहुंचकर मां दुर्गा ने ‘रणचंडी’ का रौद्र रूप धारण किया. उनके शंखनाद और सिंह की दहाड़ से तीनों लोक कांप उठे. महिषासुर की विशाल सेना मां के सामने तिनके की तरह बिखरने लगी. महिषासुर ने अनेक रूप बदलकर मां को पराजित करने का प्रयास किया, लेकिन आदिशक्ति के सामने उसकी एक न चली. अंततः मां दुर्गा ने अपने त्रिशूल से उसके हृदय पर प्रहार कर उसका वध कर दिया और संसार में पूर्ण शांति की स्थापना की. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post कल है अधिक मासिक दुर्गाष्टमी, करें व्रत कथा का पाठ, जीवन में आएगी खुशहाली appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IRCTC घोटाले में फिर टला फैसला, लालू परिवार पर 9 जून को कोर्ट सुनाएगा आदेश, पूरा मामला समझिए

IRCTC Scam Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर फैसला टाल दिया है. अब इस मामले में 9 जून को आदेश सुनाया जाएगा. इस केस में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और मीसा हिंदुस्तानी समेत कई आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की है. इससे पहले 6 मई को भी मामले की सुनवाई हुई थी, लेकिन उस दिन भी अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट पहले ही आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं. लालू परिवार के खिलाफ ED की चार्जशीट प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. माना जा रहा है कि 9 जून को आने वाला कोर्ट का आदेश आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय कर सकता है. अदालत ने पहले की सुनवाई में यह भी माना था कि कथित टेंडर घोटाले की साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी. कोर्ट के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप और आर्थिक लाभ पहुंचाने के आरोप गंभीर हैं. क्या है IRCTC घोटाला? यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच यूपीए प्रशासन में रेल मंत्री थे. आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के अंतर्गत आने वाले रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों के टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं. जांच एजेंसियों के मुताबिक, नियमों को नजरअंदाज कर सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को होटल संचालन का ठेका दिया गया. इसके बदले कथित तौर पर लालू परिवार को पटना में बेशकीमती जमीन दी गई. टेंडर प्रक्रिया में दखल के आरोप राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप के पर्याप्त संकेत मिले हैं. अदालत के मुताबिक, इस कथित अनियमितता से लालू परिवार को आर्थिक लाभ पहुंचा. इसी आधार पर कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा हिंदुस्तानी समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी. CBI का दावा- बाजार कीमत से बेहद कम में मिली जमीन सीबीआई की जांच के अनुसार, होटल ठेका दिलाने के बदले विनय कोचर और विजय कोचर को फायदा पहुंचाया गया. एजेंसी का आरोप है कि इसके एवज में करीब तीन एकड़ जमीन लालू परिवार से जुड़ी कंपनी को ट्रांसफर की गई. जांच में सामने आया कि यह जमीन डिलाइट मार्केटिंग लिमिटेड से लारा प्रोजेक्ट्स के नाम केवल 65 लाख रुपये में ट्रांसफर की गई थी. जबकि जमीन की बाजार कीमत करीब 94 करोड़ रुपये और सर्कल रेट लगभग 32 करोड़ रुपये बताई गई. सत्ता के दुरुपयोग का आरोप जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला सत्ता के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है. आरोप है कि प्रशासनी प्रभाव का इस्तेमाल कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और बदले में लालू परिवार को आर्थिक फायदा मिला. अब 9 जून को आने वाले कोर्ट के आदेश पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला मामले की आगे की कानूनी दिशा तय कर सकता है. Also Read: बिहार के हर जिले में बनेगी हाईटेक नर्सरी, अब तैयार होंगे ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और विदेशी फूलों के पौधे The post IRCTC घोटाले में फिर टला फैसला, लालू परिवार पर 9 जून को कोर्ट सुनाएगा आदेश, पूरा मामला समझिए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

उमर खालिद को जमानत, आएंगे जेल के बाहर

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि मां की सर्जरी को देखते हुए उमर खालिद को एक जून से तीन जून तक अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा. Umar Khalid to be released on interim bail from June 1 to June 3 in view of his mother’s surgery: HC. — Press Trust of India (@PTI_News) May 22, 2026 सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद ने 21 जून को अधीनस्थ अदालत के उस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था जिसमें उसकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. अधीनस्थ अदालत ने दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में फरवरी 2020 के दंगों के पीछे ‘बड़ी साजिश’ के संबंध में आतंकवाद-रोधी कानून (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले के मद्देनजर यह याचिका खारिज कर दी थी. The post उमर खालिद को जमानत, आएंगे जेल के बाहर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव का ऐलान, झारखंड की दो सीटों पर भी होगी वोटिंग

Rajya Sabha Chunav: चुनाव आयोग ने 18 जून को राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव कराने की घोषणा की है. राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटों तथा झारखंड की दो सीटों पर कराया जाएगा. इसके अलावा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर भी चुनाव होंगे. झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर बढ़ी सियासी हलचल झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर नेतृत्वक सरगर्मी बढ़ गई है. इनमें एक सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है, जबकि दूसरी सीट झामुमो संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त है. View this post on Instagram A post shared by Naya Vichar Jharkhand (@prabhat.khabar_jharkhand) घोषणा के बाद दलों में रणनीति तेज  चुनाव आयोग की घोषणा के बाद सभी नेतृत्वक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में राज्य की नेतृत्व और गर्माने की संभावना है. राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम: 1 जून से शुरू होगी प्रक्रिया, 18 जून को मतदान चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 1 जून को अधिसूचना जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है. 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी. चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी. यह भी पढ़ें: झारखंड प्रशासन को हाईकोर्ट का झटका, सचिवालय सहायकों की तर्ज पर शिक्षकों के भी सुधरेंगे वेतन यह भी पढ़ें: आयकर विभाग बड़ा में फेरबदल: रांची, धनबाद और हजारीबाग में बदले कमिश्नर, निशा उरांव को रायपुर की कमान The post राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव का ऐलान, झारखंड की दो सीटों पर भी होगी वोटिंग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

योगी मॉडल की राह पर सम्राट सरकार? बिहार में 37 दिन में 11 एनकाउंटर, जहानाबाद में आधी रात मुठभेड़

Encounter In Bihar: बिहार में ताबड़तोड़ एनकाउंटर के बीच योगी मॉडल की चर्चा तेज हो गई है. ऐसे में जहानाबाद में गुरुवार की देर रात कुख्यात अपराधी बिक्कू सिंह उर्फ रावण का पुलिस ने एनकाउंटर किया. जिले के भेलावर थाना इलाके में दीपक कुमार नाम के युवक की हत्या कर दी गयी थी. उसी की हत्या में गिरफ्तार बिक्कू सिंह को लेकर पुलिस इस कांड में प्रयोग में लाए गए हथियार को बरामद करने घोसी थाना इलाके के धुरियारी गांव के पास नहर किनारे पहुंची थी. इसी दौरान अपराधी बिक्कू सिंह ने उसी हथियार से पुलिस पर फायरिंग कर दी. बिक्कू सिंह की ओर से की गई फायरिंग में एक गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में लगी, उसके बाद उसने वहां से भागने की कोशिश की. जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी. पुलिस की फायरिंग में बिक्कू सिंह के बायें पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर गया. पुलिस घायल बिक्कू सिंह को लेकर पीएचसी घोसी पहुंची, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जहानाबाद सदर अस्पतला में भर्ती कराया गया. ‘गोली चलाओगे तो गोली खाओगे’ बिहार सीएम सम्राट चौधरी ने साफ तौर पर कहा था कि पुलिस के हाथ खोल दिए गए हैं. अगर अपराधी गोली चलायेंगे तो गोली खायेंगे. इसके बाद से लगातार राज्य में कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी जारी है. इसके साथ ही मुठभेड़ के दौरान जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से फायरिंग कर अपराधियों का एनकाउंटर किया जा रहा है. सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद यानी कि 37 दिन में अब तक 11 अपराधियों का एनकाउंटर किया गया है. लगातार 5वें दिन छठा एनकाउंट हुआ. बिहार में कब-कब हुए 11 एनकाउंटर? 22 मई- जहानाबाद में बिक्कू सिंह उर्फ रावण का पुलिस ने एनकाउंटर किया. 21 मई- किशनगंज जिले में बाइक चोर गिरोह के सदस्य को लगी गोली. 20 मई- समस्तीपुर में पुलिस ने अपराधी का अनकाउंटर किया. 19 मई- पटना में 27 लाख रुपये लूटने वाली क्रिमिनल का एनकाउंटर. 18 मई- सीवान में लूटकांड के आरोपी के पैर में मारी गोली. 18 मई- पटना में टीचर पर फायरिंग करने वाले अपराधी का पुलिस ने एनकाउंटर किया. 13 मई- बिहटा में विदेशी राय और पप्पू राय का एनकाउंटर किया गया. (अपराधियों के पैर में गोली मारी गई) 3 मई- सिवान पुलिस ने बीजेपी नेता के भांजे हर्ष की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी सोनू यादव को एनकाउंटर में ढेर किया. 30 अप्रैल- हर्ष की हत्या में ही शामिल छोटू यादव का एनकाउंटर किया था. 29 अप्रैल- भागलपुर की नगर परिषद में घुसकर अफसर की हत्या करने वाले आरोपी रामधनी यादव का एनकाउंटर किया गया. 22 अप्रैल- पटना में ज्वेलरी शॉप लूटकांड के आरोपी दिलीप कुमार का एनकाउंटर किया गया था. गुरुवार के सीएम सम्राट चौधरी ने दिया था बयान गुरुवार को ही एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा था कि अगर कोई अपराधी पुलिस को चुनौती देता है तो उसे जवाब देने में 48 घंटे से ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए. बिहार पुलिस को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए प्रशासन हर जरूरी कदम उठाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय ने 150 करोड़ रुपये की मांग की है, लेकिन जरूरत पड़ी तो प्रशासन 200 करोड़ रुपये तक खर्च करेगी. उन्होंने साफ कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी. Also Read: BIHAR BREAKING : जहानाबाद में देर रात एक और इनकाउंटर, हथियार बरामद करवाने की जगह कर दी पुलिस पर फायरिंग The post योगी मॉडल की राह पर सम्राट प्रशासन? बिहार में 37 दिन में 11 एनकाउंटर, जहानाबाद में आधी रात मुठभेड़ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

X अकाउंट बंद करना गलत फैसला, Cockroach Janata Party पर आया शशि थरूर का रिएक्शन

शशि थरूर ने “Cockroach Janata Party” को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सिर्फ पांच दिनों में इंस्टाग्राम पर 1.5 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स जुटाना दिखाता है कि युवा किस तरह अपनी नाराजगी और भावनाएं जाहिर करना चाहते हैं. थरूर ने कहा कि युवाओं की इस आवाज को दबाना ठीक नहीं है और X पर अकाउंट बंद करना गलत फैसला है. शशि थरूर के मुताबिक, लोकतंत्र में असहमति, व्यंग्य, हास्य और गुस्से के लिए भी जगह होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अभी यह आंदोलन आगे क्या रूप लेगा, कहना मुश्किल है, लेकिन उम्मीद है कि इससे जुड़े युवा अपनी एनर्जी को मेन स्ट्रीम की नेतृत्व या वोट के जरिए बदलाव की ताकत में बदलेंगे. थरूर ने इसे विपक्ष के लिए भी बड़ा मौका बताया और कहा कि विपक्ष को इस भावना को समझना चाहिए. I’m incredibly intrigued by the rise of #CockroachJantaParty, which has already reached more than 15 million followers on @Instagram in just five days. I understand the frustrations of the youth and see why they are resonating with it. This is precisely why the account being… https://t.co/4qbaRN6oSz — Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) May 21, 2026 CJP अब सिर्फ इंटरनेट ट्रेंड नहीं सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रही “Cockroach Janta Party (CJP)” अब सिर्फ इंटरनेट ट्रेंड नहीं रह गई है, बल्कि यह युवाओं के मूड और उनकी नाराजगी की बड़ी अभिव्यक्ति बनती दिख रही है. थरूर ने The Indian Express को दिए इंटरव्यू में कहा कि CJP का उभार बताता है कि देश के युवा मौजूदा नेतृत्व से कितने निराश हैं. वे अपनी बात नए तरीकों से रखना चाहते हैं. थरूर ने इस ट्रेंड को मेन स्ट्रीम की नेतृत्व के लिए एक संकेत बताया. उन्होंने कहा कि इससे नेतृत्व की कमियां और बदलाव की संभावनाएं दोनों सामने आ रही हैं. यह भी पढ़ें : Cockroach Janta Party का X अकाउंट हिंदुस्तान में ‘withheld’ हुआ, आखिर इसका मतलब क्या है और ये बैन से कितना अलग है? The post X अकाउंट बंद करना गलत फैसला, Cockroach Janata Party पर आया शशि थरूर का रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top