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Author name: Vinod Jha

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सोन-कोयल तट पर किसानों की फसल पर जंगली जानवरों का हमला, बढ़ी परेशानी

नीलगाय व जंगली सूअर कर रहे रबी फसलों को बर्बाद, स्त्री किसानों पर दोहरी मार प्रतिनिधि, मोहम्मदगंज प्रखंड के अधौरा, कोइरियाडीह, डीलापर, बीघापर, पंसा और रानीदेवा गांव सोन व कोयल नदी के तटीय इलाके में स्थित है. दोनों नदियों का संगम क्षेत्र किसानों के लिए उपजाऊ भूमि का वरदान माना जाता है. इसी कारण नदी किनारे कई एकड़ भूमि पर किसानों ने रबी फसल लगायी है, लेकिन अब इन फसलों को बचाना किसानों के लिए मुश्किल हो गया है. रात के समय जंगली सूअर और नीलगाय खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. इससे किसान आहत और परेशान हैं. कई किसान रात में रखवाली करने के बाद भी फसल नहीं बचा पा रहे हैं. किसानों ने गेहूं, सरसों, मटर, आलू, अरहर, मसूर, चना, फूलगोभी, टमाटर सहित कई प्रकार की फसलें लगायी है, लेकिन नीलगायों का झुंड पलभर में खेत साफ कर देता है, जबकि जंगली सूअर फसल खाने के साथ-साथ जड़ों से उखाड़कर बर्बाद कर देते हैं. स्त्री किसानों को हो रही अधिक परेशानी सोन व कोयल नदी तटीय इलाके के कई पुरुष रोजगार के लिए बाहर गए हुए हैं. ऐसे में घर की स्त्रीओं को खेती और गृहस्थी दोनों की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है. सुबह घरेलू काम निबटाकर स्त्रीएं खेतों में जुट जाती हैं और बुआई से लेकर कटाई तक मेहनत करती हैं. स्त्री किसान शारदा देवी, अनिता देवी, सीमा देवी, मीना देवी, सरिता देवी, संजू देवी समेत अन्य स्त्रीओं ने बताया कि पुरुषों के बाहर चले जाने के बाद खेती की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गयी है. कई एकड़ में लगी रबी, दलहन, तेलहन और सब्जी की फसलें जंगली जानवर बर्बाद कर रहे हैं. जितनी लागत और मेहनत खेती में लगती है, उसकी भरपाई नहीं हो पा रही है. जंगली जानवरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं. नदी की झाड़ियां बनी जानवरों का ठिकाना किसानों ने बताया कि नदी के बीच और किनारे घनी झाड़ियों की भरमार है, जो जंगली सूअर और नीलगायों का सुरक्षित आशियाना बन चुकी है. जंगली सूअरों के भय से लोग उस इलाके में जाने से भी कतराते हैं. किसानों का कहना है कि स्थायी रूप से उगी झाड़ियों को हटाया जाये, तो काफी हद तक जानवरों के आतंक से राहत मिल सकती है. इसको लेकर किसानों ने वन विभाग से पहल करने की मांग की है, ताकि झाड़ियों की सफाई और जंगली जानवरों से बचाव के लिए विभागीय उपाय किए जा सके. The post सोन-कोयल तट पर किसानों की फसल पर जंगली जानवरों का हमला, बढ़ी परेशानी appeared first on Naya Vichar.

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जंगल से हरी लकड़ी काटते पांच पकड़ाये, वन विभाग ने बढ़ायी गश्त

मोहम्मदगंज में अवैध कटाई पर कार्रवाई प्रतिनिधि, मोहम्मदगंज प्रखंड क्षेत्र के लमिया, लकडाही, भौराहा, झरहा, सिताचुआं व माहूर जंगलों से अवैध लकड़ी कटाई की सूचना पर वन विभाग ने कार्रवाई की है. शनिवार अहले सुबह वनकर्मियों ने छापेमारी कर राजनडीह गांव के पांच लोगों को हरी लकड़ी काटते पकड़ा. उनके पास से धव प्रजाति की कच्ची लकड़ी और टांगी जब्त की गयी. वन विभाग ने जब्त सामान अपने कब्जे में लेकर सभी को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा. वनकर्मियों ने कहा कि जंगलों से हरी लकड़ी की कटाई कानूनन अपराध है. इसे रोकने के लिए क्षेत्र के जंगलों में गश्त तेज कर दी गयी है. इधर, जंगल बचाने की मुहिम में लगे रामनगर के वनप्रेमी रामजन्म राम ने वनों की लगातार कटाई पर चिंता जतायी. उन्होंने बताया कि उनके प्रयास से घर के समीप वीरान पड़ा डीहई पहाड़ अब विकसित हो चुका है और पेड़ों से हरा-भरा नजर आता है. कोरोना काल से शुरू किया गया यह अभियान अब रंग ला रहा है. उन्होंने बताया कि इस जंगल की सुरक्षा गांव के लोग मिलकर करते हैं, जिसके कारण अब यहां जंगली जानवरों का भी बसेरा बन गया है. रामजन्म राम ने कहा कि केवल विभाग के भरोसे जंगल और पहाड़ों का विनाश नहीं रोका जा सकता. इसके लिए पलामू के जंगलों व पहाड़ों के आसपास बसे ग्रामीणों को जागरूक होना होगा. पर्यावरण के प्रति गंभीरता दिखाने से ही जंगलों और पहाड़ों को बचाया जा सकता है. The post जंगल से हरी लकड़ी काटते पांच पकड़ाये, वन विभाग ने बढ़ायी गश्त appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, बदल दिया मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय का नाम

Table of Contents 1853 में बरहमपुर में हुई थी कृष्णनाथ कॉलेज की स्थापना ब्रात्य बसु ने फैसले को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताया महाराजा कृष्णनाथ राय ने विश्वविद्यालय के लिए दान में दी थी जमीन मात्र 22 साल की उम्र में हो गयी थी महाराजा कृष्णनाथ की मृत्यु शिक्षा में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्व को सम्मान का प्रयास कृष्णनाथ कॉलेज को अपग्रेड करके हुई थी मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय की स्थापना पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी प्रशासन ने मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय का नाम बदलकर मुर्शिदाबाद महाराजा कृष्णनाथ विश्वविद्यालय, बहरमपुर करने का रास्ता साफ कर दिया है. शनिवार को विधानसभा में मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इस निर्णय को सत्तापक्ष के साथ-साथ विपक्ष का भी समर्थन मिला. बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले किसी मुद्दे पर सदन में दुर्लभ सहमति देखने को मिली. 1853 में बरहमपुर में हुई थी कृष्णनाथ कॉलेज की स्थापना इस संशोधन के माध्यम से विश्वविद्यालय को 19वीं सदी के प्रसिद्ध महाराजा कृष्णनाथ राय के नाम से जोड़ा गया है. वर्ष 1853 में उन्होंने ही बहरमपुर में कृष्णनाथ कॉलेज की स्थापना की थी. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को आज भी याद किया जाता है. ब्रात्य बसु ने फैसले को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताया विधेयक पेश करते हुए शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर लिया गया है, जिसमें मुर्शिदाबाद के लोगों की महाराजा कृष्णनाथ के साथ भावनात्मक जुड़ाव का सम्मान करने की बात कही गयी थी. उन्होंने इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताते हुए कहा कि इससे राज्य की शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान मिलेगा. महाराजा कृष्णनाथ राय का उच्च शिक्षा के प्रसार में योगदान अविस्मरणीय है. उनका नाम विश्वविद्यालय के माध्यम से जिले से बाहर तक जाना चाहिए. ब्रात्य बसु, शिक्षा मंत्री, पश्चिम बंगाल महाराजा कृष्णनाथ राय ने विश्वविद्यालय के लिए दान में दी थी जमीन विधानसभा में चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि महाराजा कृष्णनाथ राय ने न केवल शिक्षा को बढ़ावा दिया, बल्कि इसके लिए अपनी बहुमूल्य जमीन भी दान की. उसी जमीन पर विश्वविद्यालय और अन्य एजुकेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हुई. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मात्र 22 साल की उम्र में हो गयी थी महाराजा कृष्णनाथ की मृत्यु मुर्शिदाबाद के तृणमूल कांग्रेस विधायक मोहम्मद अली चर्चा के दौरान भावुक हो गये. उन्होंने कहा कि महाराजा कृष्णनाथ की मृत्यु मात्र 22 वर्ष की उम्र में हो गयी थी. इतनी छोटी उम्र में उन्होंने ऐसा विजन छोड़ा, जिसका लाभ आज भी जिले के हजारों स्टूडेंट्स को मिल रहा है. शिक्षा में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्व को सम्मान का प्रयास विपक्ष के विधायक विश्वनाथ कर ने कहा कि नाम बदलने के साथ-साथ विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए भी समान प्रतिबद्धता दिखनी चाहिए. विपक्ष ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी नेतृत्वक विचारधारा से प्रेरित नहीं है, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले एक महान व्यक्तित्व को सम्मान देने का प्रयास है. कृष्णनाथ कॉलेज को अपग्रेड करके हुई थी मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय की स्थापना जवाबी भाषण में शिक्षा मंत्री ने महाराजा कृष्णनाथ की वसीयत का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से उन्होंने अपनी संपत्ति शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए दान कर दी थी. इसे आधुनिक हिंदुस्तान के शैक्षणिक इतिहास में एक दुर्लभ और प्रेरणादायक कदम बताया गया. मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय की स्थापना मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय अधिनियम 2018 के तहत कृष्णनाथ कॉलेज को उन्नत कर की गयी थी. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव से पहले ममता प्रशासन का बड़ा एलान, मुर्शिदाबाद में खुलेगा एक और विश्वविद्यालय मुर्शिदाबाद में भी चुनाव पूर्व हिंसा, तृणमूल कार्यकर्ता की बम मारकर हत्या The post ममता बनर्जी प्रशासन का ऐतिहासिक फैसला, बदल दिया मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय का नाम appeared first on Naya Vichar.

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jamshedpur news : सोनारी और कदमा के पार्कों का रखरखाव अब निजी एजेंसियां करेंगी

जेएनएसी ने शुरू की प्रक्रिया, 16 फरवरी को लगेगी बंदोबस्ती के लिए बोली jamshedpur news : जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) ने प्रशासनी पार्कों के बेहतर रखरखाव और राजस्व वृद्धि को लेकर तैयारी पूरी कर ली है. पहले चरण में सोनारी दोमुहानी स्थित ””वीर शहीद निर्मल महतो उद्यान”” और कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-4 स्थित नवनिर्मित पार्क का संचालन व रखरखाव का कार्य निजी हाथों में सौंपा जायेगा. इस संबंध में जेएनएसी के उप-नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने आदेश जारी कर दिया है. सालाना पांच लाख रुपये से अधिक का होगा बंदोबस्त जेएनएसी ने दोनों पार्कों के लिए न्यूनतम डाक की बोली निर्धारित कर दी है. 5.18 करोड़ की लागत से बने सोनारी दोमुहानी पार्क के लिए 4 लाख रुपये प्रति वर्ष और 75 लाख की लागत से तैयार शास्त्रीनगर पार्क के लिए एक लाख रुपये प्रति वर्ष की न्यूनतम राशि तय की गयी है. सबसे अधिक बोली लगाने वाले को एक साल की बंदोबस्ती आवंटित की जायेगी. आगामी 16 फरवरी को शाम 5 बजे जेएनएसी कार्यालय में बोली लगेगी. विज्ञापन और कार्यक्रमों से होगी कमाई पार्क का संचालन लेने वाली एजेंसी को उपभोक्ता शुल्क (एंट्री फीस) वसूली, सामाजिक कार्यक्रमों के लिए पार्क की बुकिंग और परिसर के भीतर विज्ञापन लगाने का अधिकार होगा, जिसकी दर जेएनएसी तय करेगी. इसके बदले एजेंसी को पार्क की दैनिक साफ-सफाई, लाइटिंग, बागवानी और संरचनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालनी होगी. पार्कों की खासियत पर एक नजर वीर शहीद निर्मल महतो उद्यान (सोनारी) लागत —- 5.18 करोड़ रुपये प्रमुख सुविधाएं — भूल-भुलैया पाथवे, फव्वारे, ओपन जिम, रेस्टोरेंट, झारखंडी कला-संस्कृति की प्रतिमाएं व पार्किंग कदमा शास्त्रीनगर पार्क (मरीन ड्राइव के समीप) लागत —- 75 लाख रुपयेप्रमुख सुविधाएं — जॉगिंग ट्रैक, बच्चों के स्पोर्ट्सने का मैदान, बैठने की सुविधा व प्रस्तावित ओपन जिम The post jamshedpur news : सोनारी और कदमा के पार्कों का रखरखाव अब निजी एजेंसियां करेंगी appeared first on Naya Vichar.

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jamshedpur news : एक साल चार माह के बच्चे ने 10 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद जीती जिंदगी की जंग

फोटो एमजीएम एमजीएम : शिशु के पूरी तरह स्वस्थ होने पर भेजा गया घर jamshedpur news : एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों के मरीज की आखिरी सांस तक उसे बचाने के प्रयास की जीवटता ने एक मासूम की जिंदगी में मुस्कान लौटा कर सबका दिल जीत लिया. दरअसल, चाईबासा के कुमारडुंगरी निवासी एक साल चार माह के मासूम को गत 20 जनवरी को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया. हालत बेहद नाजुक थी, इसलिए डॉक्टरों ने बिना देरी किये उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा. लगातार 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद जब शिशु को होश आया, तो यह पल न सिर्फ परिजनों, बल्कि डॉक्टरों के लिए भी भावुक और राहत भरा था. चिकित्सकों के अनुसार इतनी कम उम्र में लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद स्वस्थ होना बेहद दुर्लभ है. प्रोफेसर डॉ केके चौधरी की यूनिट में इलाज के दौरान पता चला कि बच्चा एक्यूट वायरल इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित था. डॉक्टर के अनुसार, ऐसी स्थिति में 10 में से सिर्फ 1-2 शिशु ही बच पाते हैं. शिशु की देखरेख के लिए विशेष मेडिकल टीम गठित की गयी. डॉक्टर केके चौधरी के नेतृत्व में सीनियर रेजीडेंट डॉ जैनुल आवेदिन, डॉ पल्लवी, डॉ मेधा, डॉ तावेंदा, डॉ साहिल और डॉ तान्या ने दिन-रात इलाज किया. विभागाध्यक्ष डॉ रवींद्र कुमार और सिस्टर इंचार्ज सीमा कुमारी की भूमिका भी अहम रही. करीब 15 दिनों के इलाज के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया. सबसे बड़ी बात यह रही कि आयुष्मान हिंदुस्तान योजना के तहत पूरा इलाज नि:शुल्क हुआ, जिससे मजदूर परिवार को बड़ी राहत मिली. The post jamshedpur news : एक साल चार माह के शिशु ने 10 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद जीती जिंदगी की जंग appeared first on Naya Vichar.

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jamshedpur news : लापरवाह संवेदकों पर की जायेगी कार्रवाई : डीसी

फोटो-संजीव विकास योजनाओं की समीक्षा में पेयजल और आधारभूत संरचना को समय पर पूरा करने के दिये निर्देश jamshedpur news : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में विभिन्न मदों से संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में अनाबद्ध निधि, डीएमएफटी, नीति आयोग फंड, सीएसआर तथा सांसद-विधायक लैड से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की गयी. उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होगा. लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर विधि सम्मत कार्रवाई या भुगतान में कटौती की जायेगी. उपायुक्त ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को फरवरी माह के अंत तक आवंटित राशि का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया. जिला योजना अनाबद्ध निधि के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 117 योजनाओं को समय पर पूर्ण कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया. धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उप-विकास आयुक्त को दैनिक मॉनिटरिंग के आदेश दिये गये. साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 की 59 नयी योजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया. वहीं, आगामी गर्मी को देखते हुए पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता देने, आंगनबाड़ी, पुल-पुलिया, सड़क, स्कूल कक्ष व शौचालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिये गये. नीति आयोग और डीएमएफटी योजनाओं को भी तय समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया. बैठक में उप-विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, निदेशक एनइपी संतोष गर्ग, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, जिला योजना पदाधिकारी सुदीप्त राज सहित भवन निर्माण, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे. The post jamshedpur news : लापरवाह संवेदकों पर की जायेगी कार्रवाई : डीसी appeared first on Naya Vichar.

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jamshedpur news : ””रिफॉर्म एक्सप्रेस”” से झारखंड की विकास दर पकड़ेगी रफ्तार : जुएल उरांव

केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री ने केंद्रीय बजट को ””रिफॉर्म एक्सप्रेस”” करार दिया कहा-जमशेदपुर बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब jamshedpur news : केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने शनिवार को बिष्टुपुर के एक होटल में संवाददाता सम्मेलन के दौरान केंद्रीय बजट 2026-27 को ””रिफॉर्म एक्सप्रेस”” करार दिया. उन्होंने कहा कि इस ””रिफॉर्म एक्सप्रेस”” से झारखंड की विकास दर रफ्तार पकड़ेगी. साथ ही जमशेदपुर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट लोकलुभावन वादों के बजाय ठोस आर्थिक सुधारों और ””विकसित हिंदुस्तान”” की बुनियाद रखने वाला है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट में ईज ऑफ लिविंग, रोजगार सृजन और उत्पादन वृद्धि पर विशेष फोकस है. मंत्री ने कहा कि यह बजट आदिवासी समुदायों और खासकर ओडिशा के आदिवासियों को हिंदुस्तान की विकास यात्रा के केंद्र में स्थापित करता है. हिंदुस्तान के जनजातीय और खनिज परिदृश्य में ओडिशा की केंद्रीय भूमिका को स्वीकृति देता है. उन्होंने बताया कि केंद्र प्रशासन ने सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए अगले 5 वर्षों में 40,000 करोड़ रुपये और बायो-फार्मा क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. उन्होंने जमशेदपुर-राउरकेला के औद्योगिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ और एमएसएमइ ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश से इस क्षेत्र को सीधा लाभ होगा. साथ ही, माइक्रो एंटरप्राइज के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. झारखंड को 2025-26 में टैक्स डिवोल्यूशन के तहत 51,236 करोड़ और रेलवे बजट के लिए 17,600 करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं. राज्य में 7 वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें और टाटानगर समेत 57 अमृत हिंदुस्तान स्टेशनों का विकास हो रहा है. इसके अलावा, 30,575 करोड़ रुपये की लागत से एक हजार किमी हाइवे और रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है. जनजातीय कल्याण के लिए ””पीएम जनमन”” और ””धरती आबा योजना”” पर 79 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन का विस्तार देवघर और जमशेदपुर एयरपोर्ट को ऑपरेशनल बनाने तथा रांची एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल करने की बात कही गयी. झारखंड में 5 नये मेडिकल कॉलेज और 85 केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत किये गये हैं. बाबा बैद्यनाथ धाम और दलमा-बेतला जैसे क्षेत्रों को टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित किया जायेगा. इस दौरान सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि यह बजट झारखंड के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अभूतपूर्व अवसर लायेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा. विधायक पूर्णिमा साहू ने ””शीमार्ट””, लखपति दीदी योजना और वर्किंग वीमेन हॉस्टल की घोषणाओं को स्त्री सशक्तीकरण के लिए मील का पत्थर बताया. इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जिला महामंत्री संजीव सिंह और मीडिया प्रभारी प्रेम झा भी उपस्थित थे. The post jamshedpur news : ””रिफॉर्म एक्सप्रेस”” से झारखंड की विकास दर पकड़ेगी रफ्तार : जुएल उरांव appeared first on Naya Vichar.

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jamshedpur news : बिरसानगर : शॉर्ट सर्किट से टेंट हाउस गोदाम में लगी आग, चार लाख का सामान खाक

फोटो- 7 आग 1,2 jamshedpur news : बिरसानगर थानांतर्गत जोन नंबर एक स्थित बेदी टेंट हाउस के गोदाम में अचानक से आग लग गयी. आग लगाने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. आगजनी की घटना के बाद आसपास के लोग और पुलिस की मदद से दमकल की चार गाड़ियां माैके पर पहुंचीं. करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. टेंट हाउस के मालिक राजू ने बताया कि आगजनी में करीब चार लाख रुपये से ज्यादा के सामान का नुकसान हुआ है. घटना शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे की है. जानकारी के अनुसार, बेदी टेंट हाउस का गोदाम उसके घर के तीसरे तल्ले पर बना हुआ है. शनिवार की सुबह शॉर्ट सर्किट होने के कारण कपड़े और साेफा में आग लग गयी. थोड़ी ही देर में काफी ज्यादा धुआं निकलने लगा. उसके बाद उसके पड़ोस के लोगों ने घर जाकर इसकी जानकारी दी. इसके बाद बेदी टेंट हाउस के मालिक राजू का बेटा आनन- फानन में ऊपर गया और आगजनी को देखा. उसके बाद आसपास के लोगों ने आग बुझाने का काम शुरू कर दिया. फिर बिरसानगर पुलिस और दमकल केंद्र को फोन कर इसकी जानकारी दी. दमकल की चार गाड़ियां बारी-बारी से मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया. राजू ने बताया कि गोदाम में रखा हुआ पूरा सामान जल कर राख हो गया. साथ ही आग की गर्मी से दीवार और छत भी क्षतिग्रस्त हो गयी है. लगन के लिये थे कई ऑर्डर बेदी टेंट हाउस के मालिक राजू ने बताया कि लगन का मौसम आने के साथ ही इतनी बड़ी दुर्घटना हो गयी, जिसमें अधिकांश सामान जल कर राख हो गया. इस माह के लगन के कई ऑर्डर भी उन्होंने लिया है. अब सभी शादी के लगन पूरा करने के लिए दूसरे टेंट हाउस से सहयोग लेकर काम करना होगा. ऐसे में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. The post jamshedpur news : बिरसानगर : शॉर्ट सर्किट से टेंट हाउस गोदाम में लगी आग, चार लाख का सामान खाक appeared first on Naya Vichar.

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Bokaro News : 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान

बोकारो, ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा, बोकारो की ओर से सीआरएम 3 विभाग में शनिवार को सीजीएम कार्यालय के समक्ष एक मजदूर सभा कर 12 फरवरी की आहूत देशव्यापी हड़ताल को बोकारो स्टील प्लांट में सफल बनाने का आह्वान किया गया. एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि यह अभियान 12 को अपने उत्कर्ष पर पहुंचेगा, जब चार लेबर कोड रद्द किए जाने की मांग पर मजदूर हड़ताल पर रहेंगे. सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि वर्तमान केंद्र प्रशासन मेहनतकशों के जीवन और जीविका पर संगठित हमले कर रही है. एक ओर वह देश की प्राकृतिक संपदा की लूट के लिए कार्पोरेट घरानों को खुली छूट दे रही है, वहीं दूसरी ओर मजदूरों-किसानों के अधिकारों को सीमित करते हुए उन्हें गरीबी के दलदल में धकेल रही है. सभा की अध्यक्षता एसपी सिंह ने की. सभा को देव कुमार, प्राण सिंह ने भी संबोधित किया. इधर, ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा की ओर से की हड़ताल को सफल करने के लिए दूसरी सभा शाम को तीन नंबर गेट के समक्ष हुई. सभा को आरके वर्मा,आरआर दास,आरएन सिंह, जेएन सिंह आदि ने संबोधित किया. कार्यक्रम में काफी संख्या में सेल के नियमित और ठेका मजदूरों ने भाग लिया. The post Bokaro News : 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान appeared first on Naya Vichar.

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Bokaro News : चास में कचरा निस्तारण प्लांट नहीं, जहा-तहां होता है डंप

चास, चास नगर निगम क्षेत्र में वर्षों से कचरा निस्तारण प्लांट नहीं बन पाया है. निगम प्रशासन 11 वर्षों में कचरा निस्तारण प्लांट बनाने में विफल रहा. निगम क्षेत्र के 35 वार्डों से निकलने वाले कई टन कचरा का डंपिंग जहां-तहां किया जा रहा है. इस कारण शहर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है. 2015 से प्रस्तावित यह परियोजना भूमि विवाद व अन्य कारणों से लटकी है. वर्तमान में निगम प्रशासन द्वारा चास के अलकुशा पंचायत में प्लांट के लिए जमीन खरीदी गयी है. पहले लोगों ने प्लांट निर्माण का विरोध भी किया था लेकिन अभी स्थिति सामान्य है और चहादीवारी और कार्य चल रहा है. बताते चलें कि कालापत्थर गांव में ग्रामीणों के विरोध के कारण कचरा निस्तारण प्लांट का निर्माण नहीं हो सका था . प्लांट लगने से चास शहर को मिलेगी कचरा से मुक्ति बोकारो जिले में चास नगर निगम प्रमुख शहर में से एक है और मुख्य व्यावसायिक शहर के रूप में जाना जाता है. नगर परिषद से नगर निगम हो गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. चास नगर निगम, बोकारो में ठोस कचरा प्रबंधन आधुनिक कचरा निस्तारण प्लांट का निर्माण प्रस्तावित है. इस परियोजना का उद्देश्य शहर से निकलने वाले रोजाना के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण, पुनर्चक्रण और पर्यावरण को स्वच्छ बनाना है. लगभग 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण होगा. जिसमे कचरे को अलग कर खाद बनाने और रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने की योजना भी है. चास नगर निगम इस प्रोजेक्ट के जरिए शहर की साफ-सफाई और डंपिंग साइट की समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहा है. The post Bokaro News : चास में कचरा निस्तारण प्लांट नहीं, जहा-तहां होता है डंप appeared first on Naya Vichar.

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