Bihar Education Scam: आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार प्रशासन और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर पर कई आरोप लगाए हैं. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि बिहार के शिक्षा विभाग में पिछले कई सालों से बहुत बड़े लेवल पर घोटाले हो रहे हैं. उन्होंने आनंद किशोर को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे सबसे बड़े माफिया हैं और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के साथ-साथ घोटालों का पूरा नेटवर्क खड़ा करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. सांसद ने पिछले 10 सालों में हुई परीक्षाओं की धांधली और टॉपर घोटाले को भी इसी का हिस्सा बताया.
रिशु श्री मामले को लेकर घेरा, टेंडर देने का लगाया आरोप
सांसद सुधाकर सिंह ने विवादों में चल रहे रिशु श्री मामले का जिक्र करते हुए प्रशासन को घेरा. उन्होंने दावा किया कि रिशु श्री को सबसे पहले प्रशासनी टेंडर दिलाने का काम आनंद किशोर ने ही किया था. इसी टेंडर के बाद से शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर पैसों की हेराफेरी शुरू हुई. सांसद ने इन आरोपों से जुड़ा कोई भी दस्तावेज अभी पब्लिक के सामने नहीं रखा है.
पटना: आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के आईएएस अधिकारी आनंद किशोर और रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. IAS आनंद किशोर और रिशु श्री टेंडर मामले पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने शिक्षा विभाग में घोटाले, टॉपर घोटाले और पिछले 10 साल की परीक्षाओं में… pic.twitter.com/rMB5cMIvOb
— Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 29, 2026
पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार पर भी साधा निशाना, नौ आईएएस रडार पर
सुधाकर सिंह ने सिर्फ आनंद किशोर ही नहीं, बल्कि बिहार के पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि आनंद किशोर को दीपक कुमार का पूरा सपोर्ट हासिल है. उन्होंने मांग की है कि आनंद किशोर समेत राज्य के नौ आईएएस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए.
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घोटाले का पैसा विदेशों में लगाया
आरजेडी सांसद ने दावा किया कि इस घोटाले के जरिए अरबों-खरबों रुपये की चोरी की गई है और उस पैसे को विदेशों में इन्वेस्ट किया गया है. उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रशासन उनके खिलाफ कोर्ट जाना चाहती है तो जाए, क्योंकि उनके पास अपने आरोपों को सच साबित करने के लिए पूरे सबूत हैं.
सुधाकर सिंह ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच चारा घोटाले की तरह ही सीधे कोर्ट की देखरेख में होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार प्रशासन भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है.
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