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Author name: Vinod Jha

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Valentine’s Day Brunch Ideas: वैलेंटाइन डे पर पार्टनर को करना है सरप्राइज? ट्राई करें ये रोमांटिक ब्रंच आइडियाज

Valentine’s Day Brunch Ideas: वैलेंटाइन डे प्यार को खास अंदाज में महसूस कराने का दिन होता है, और इसकी शुरुआत अगर पार्टनर के साथ एक खूबसूरत ब्रंच से हो जाए तो दिन और भी यादगार बन जाता है. स्वादिष्ट खाने, हल्के म्यूजिक और सजे हुए टेबल के साथ बिताया गया यह समय रिश्ते में मिठास घोल देता है. घर पर प्यार से तैयार किए गए ब्रंच आइडियाज आपके जज्बातों को बिना कहे ही बयां कर देते हैं और पार्टनर को यह एहसास दिलाते हैं कि वे आपके लिए कितने खास हैं.   हार्ट शेप पैनकेक विद हनी नरम और फूले हुए पैनकेक को हार्ट शेप में बनाएं और ऊपर से शहद, स्ट्रॉबेरी या चॉकलेट सिरप डालें. यह ब्रंच की सबसे प्यारी शुरुआत हो सकती है. एवोकाडो टोस्ट विद चीज हल्का, हेल्दी और स्टाइलिश-एवोकाडो टोस्ट वैलेंटाइन ब्रंच के लिए एक परफेक्ट चॉइस है. ऊपर से चीज और ऑलिव ऑयल डालकर इसे और खास बनाया जा सकता है. वेज ग्रिल्ड सैंडविच विद ग्रीन चटनी क्रिस्पी ग्रिल्ड सैंडविच के अंदर ताजी सब्जियां और पुदीना-धनिया चटनी का स्वाद पार्टनर के दिल को छू जाएगा. चीज ऑमलेट या पनीर भुर्जी अगर आपका पार्टनर प्रोटीन पसंद करता है, तो चीज ऑमलेट या हल्की मसालेदार पनीर भुर्जी ब्रंच में जरूर शामिल करें. फ्रूट और योगर्ट परफे ताजे फलों की मिठास और क्रीमी योगर्ट से बना परफे हेल्दी भी है और दिखने में भी बेहद खूबसूरत. रेड वेलवेट वाफल या केक स्लाइस वैलेंटाइन डे बिना मीठे के अधूरा है. रेड वेलवेट वाफ़ल या केक का छोटा सा टुकड़ा प्यार का मीठा एहसास देगा. स्पेशल ड्रिंक्स – कॉफी या मॉकटेल हार्ट आर्ट वाली कॉफी, स्ट्रॉबेरी स्मूदी या रोज फ्लेवर मॉकटेल ब्रंच को और रोमांटिक बना देते हैं. यह भी पढ़ें: पार्टनर की इन 3 आदतों को न करें इग्नोर, वैलेंटाइन डे से पहले जान लें रिश्ते का सच यह भी पढ़ें: Numerology: इस तारीख को जन्मी लड़कियां दिल की होती हैं साफ, पार्टनर के लिए साबित होती हैं बेस्ट लाइफ पार्टनर The post Valentine’s Day Brunch Ideas: वैलेंटाइन डे पर पार्टनर को करना है सरप्राइज? ट्राई करें ये रोमांटिक ब्रंच आइडियाज appeared first on Naya Vichar.

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छठी बार विश्व विजेता बनने उतरेगी टीम इंडिया, फाइनल में इंग्लैंड से महामुकाबला आज

Highlights सेमीफाइनल में दिखाया दम, अब फाइनल की बारी डिफेंडिंग चैंपियन को हराकर आया इंग्लैंड विराट और कैफ की विरासत आगे बढ़ाने का मौका कब और कहां देखें मैच? दोनों टीमों का स्क्वाड IND U19 vs ENG U19: अंडर-19 विश्व कप 2026 (U19 World Cup 2026) के फाइनल मुकाबले में आज हिंदुस्तान और इंग्लैंड (India vs England) की टीमें आमने-सामने होंगी. टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही हिंदुस्तानीय टीम की नजरें अपनी छठी वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर टिकी हैं. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में स्पोर्ट्सा जाने वाला यह मुकाबला हिंदुस्तानीय समयानुसार दोपहर 1:00 बजे शुरू होगा. जिस तरह से ‘यंग इंडिया’ ने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ बड़े टारगेट का पीछा किया, वह शानदार था. वहीं, इंग्लैंड भी डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में पहुंची है, जिससे यह खिताबी जंग बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है. सेमीफाइनल में दिखाया दम, अब फाइनल की बारी हिंदुस्तानीय टीम ने इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार स्पोर्ट्स दिखाया है. अमेरिका के खिलाफ पहले ग्रुप मैच से लेकर सेमीफाइनल तक, टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है. खासतौर से सेमीफाइनल मुकाबला हिंदुस्तानीय फैंस के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं था. अफगानिस्तान के खिलाफ 300 से अधिक के विशाल टारगेट का पीछा करते हुए हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने जिस संयम और आक्रामकता का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ था. कप्तान आयुष म्हात्रे (Ayush Mhatre) और आरोन जॉर्ज ने उस मैच में यादगार पारियां स्पोर्ट्सकर टीम को फाइनल में पहुंचाया. हिंदुस्तानीय बल्लेबाजी क्रम में गहराई है और किसी भी परिस्थिति में मैच पलटने का माद्दा यह टीम रखती है. डिफेंडिंग चैंपियन को हराकर आया इंग्लैंड इंग्लैंड की टीम भी इस टूर्नामेंट में एक और अजेय टीम है. उनके हौसले इसलिए भी बुलंद हैं क्योंकि उन्होंने सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाकर फाइनल में जगह बनाई है. इंग्लैंड के कप्तान थॉमस रियू अपनी टीम का नेतृत्व बहुत सूझबूझ से कर रहे हैं. रल्फी अल्बर्ट और बेन डाकिस जैसे खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं. हिंदुस्तान का रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ अच्छा रहा है और पिछले टूर्नामेंट में भी हिंदुस्तान ने उन्हें हराया था. विराट और कैफ की विरासत आगे बढ़ाने का मौका अंडर-19 विश्व कप में हिंदुस्तान का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है. हिंदुस्तान ने अब तक रिकॉर्ड पांच बार यह खिताब अपने नाम किया है. आज आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम के पास उस ‘एलीट क्लब’ में शामिल होने का मौका है. इससे पहले मोहम्मद कैफ (2000), विराट कोहली (2008), उन्मुक्त चंद (2012), पृथ्वी शॉ (2018) और यश धुल (2022) अपनी कप्तानी में हिंदुस्तान को विश्व विजेता बना चुके हैं. आज की युवा ब्रिगेड अगर यह मैच जीतती है, तो वे हिंदुस्तानीय क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लेंगे. यह हिंदुस्तान का 10वां फाइनल है, जो दर्शाता है कि जूनियर स्तर पर हिंदुस्तानीय क्रिकेट का ढांचा कितना मजबूत है. कब और कहां देखें मैच? आज का यह महामुकाबला हरारे में स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तान में क्रिकेट प्रेमी इस मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकते हैं, जबकि डिजिटल स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध होगी. मैच की शुरुआत दोपहर 1:00 बजे (IST) होगी. दोनों टीमों का स्क्वाड हिंदुस्तान U19 टीम:- आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, हरवंश पंगालिया, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, दीपेश देवेंद्रन, हेनिल पटेल, मोहम्मद एनान, उद्धव मोहन और किशन सिंह. इंग्लैंड U19 टीम:- थॉमस रियू (कप्तान), रल्फी अल्बर्ट, अली फारूक, बेन डाकिस, कालेब फाकनेर, फरहान अहमद, एलेक्स फ्रेंच, एलेक्स ग्रीन, ल्यूक हैंड्स, इसाक मोहम्मद, मैन्नी लुम्सडेन, बेन मायेस, जेम्स मिंटो, जोसेफ मूरेस, सेबेस्टियन मोर्गन. ये भी पढ़ें- अंडर-19 विश्व कप: अफगानिस्तान को हराकर हिंदुस्तान फाइनल में, इंग्लैंड से खिताबी भिड़ंत पाकिस्तान के बायकॉट ड्रामे पर कप्तान सूर्या का स्ट्रेड ड्राइव, कहा- हम ‘जंग’ के लिए तैयार The post छठी बार विश्व विजेता बनने उतरेगी टीम इंडिया, फाइनल में इंग्लैंड से महामुकाबला आज appeared first on Naya Vichar.

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बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है स्क्रीन टाइम घटाना

Ghaziabad Sisters Suicide : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुई हालिया घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है. यहां की ‘हिंदुस्तान सिटी सोसायटी’ में रहनेवाली तीन बहनों ने अपनी बालकनी से कूद जान दे दी. कारण बना मोबाइल. मोबाइल के जरिये तीनों बहनों का कोरियाई संस्कृति और संगीत से परिचय हुआ, जो धीरे-धीरे उनका जुनून बन गया. इस संस्कृति से वे इस कदर जुड़ाव महसूस करने लगीं कि अपने आप को हिंदुस्तानीय मानने से ही इनकार करने लगीं. घरवालों ने उनकी इस सनक को देख मोबाइल छीन लिया. मोबाइल का जाना तीनों बहनों के लिए उनकी सबसे प्यारी चीज का छिन जाना था. बस फिर क्या था, तीनों ने मोबाइल के बिना जीने से बेहतर जान देना समझा. मोबाइल के लत की यह अकेली घटना नहीं है, यदि आप अपने आसपास नजर दौड़ायेंगे, तो पायेंगे कि शिशु अब स्पोर्ट्सने या एक-दूसरे से बातचीत करने की बजाय मोबाइल देखना पसंद कर रहे हैं. यही हाल बड़ों का भी है. कई वर्ष पहले की बात है. दिल्ली के एक हवाई अड्डे पर बैठी थी. सामने ही एक युवा जोड़ा बैठा था. उनके दो शिशु थे. एक तीन-चार वर्ष की लड़की, दूसरा सात-आठ महीने का बच्चा प्रैम में. बच्ची इधर-उधर दौड़-भागकर स्पोर्ट्स रही थी. शिशु के हाथ में मोबाइल था. उस पर वह कार्टून देख रहा था. माता-पिता अपनी बातचीत में व्यस्त थे. अचानक छोटा बच्चा रोने लगा. पता चला कि प्रोग्राम खत्म हो जाने के कारण बच्चा रो रहा है. पिता ने फौरन दूसरा कार्टून लगा दिया. इतने में बच्ची आयी और पिता से मोबाइल पर कार्टून देखने की जिद करने लगी. मां ने फौरन अपना मोबाइल निकाल उसे दे दिया. इतने छोटे बच्चों को मोबाइल पर आंखें गड़ाये लगभग पौने दो घंटे तक यह लेखिका देखती रही. ऐसे अनेक वीडियो और रील्स भी मैं देखती रही हूं, जिनमें माता-पिता बच्चों की शैतानियों और सवालों से बचने के लिए उन्हें मोबाइल पकड़ा देते हैं. अनेक ऐसी समाचारें भी पढ़ने में आती हैं कि बच्चों को जब तक मोबाइल और उस पर देखने वाले कार्यक्रम न मिल जायें, वे सोते नहीं, दूध नहीं पीते, खाना तक नहीं खाते हैं. विशेषज्ञ कहते हैं कि शिशु तमाम तरह के कार्यक्रम देखते हुए खुश होते हैं, हंसते हैं, तो हम मान लेते हैं कि ये सब उनके लिए कितना अच्छा है. मगर यह सच नहीं है. यदि बच्चों को मोबाइल की लत लग जाये, तो यह हर तरह से उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. मोबाइल पर लगातार कार्टून या कार्यक्रम देखने से उनका दिमाग सुस्त होने लगता है. इसे ब्रेन रॉट कहते हैं. शिशु जिद्दी हो जाते हैं. ऐसे मामले भी सामने आ चुके हैं कि मोबाइल की लत के कारण शिशु देर से बोल पा रहे हैं. तीन-तीन वर्ष तक के शिशु डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं. दिल्ली के एक नौ वर्ष के शिशु के बारे में समाचार छपी थी कि वह बिना मोबाइल के स्कूल नहीं जाता. ऐसे अनेक बच्चों के बारे में समाचारें आयी थीं, जिन्हें मोबाइल स्क्रीन पर लगातार कार्यक्रम देखने के कारण सर्वाइकल, तेज पीठ दर्द, आंखों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. एक अध्ययन में बताया गया था कि अधिकांश शिशु अब तमाम तरह की शारीरिक गतिविधियों में चालीस मिनट तक का समय भी नहीं बिताते हैं. वे लगातार बैठकर स्क्रीन देखते रहते हैं. बाहर दोस्तों के साथ स्पोर्ट्सने भी नहीं जाते हैं. असल में, बच्चों के लिए कार्यक्रम बनाने वाली कंपनियां लगातार इस रणनीति पर काम करती हैं कि कैसे अधिक से अधिक बच्चों को आकर्षित किया जा सके. वे बच्चों की आदतों का अध्ययन करती हैं. सर्वे कराती हैं. जिन पात्रों को शिशु पसंद करते हैं, उन्हें अपने कार्यक्रमों में शामिल करती हैं. इसके लिए वे पात्रों और बैकग्राउंड में चटख रंगों का इस्तेमाल करती हैं. ऐसी धुनें बनाती हैं जिन्हें सुनकर शिशु रोमांचित हो उठें. विशेषज्ञों और डॉक्टरों की मानें, तो बच्चों की शारीरिक और दिमागी सेहत के लिए लगातार स्क्रीन देखना खतरनाक है. इसका पता कई बार फौरन नहीं, बहुत देर से चल पाता है. यही कारण है कि पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए मोबाइल पर प्रतिबंध लगा दिया. डेनमार्क में स्कूलों ने मोबाइल पर प्रतिबंध लगा दिया है. हमारे यहां भी बहुत से स्कूलों ने ऐसा किया है, लेकिन यह भी सामने आया है कि बच्चों में स्मार्टफोन पर कार्यक्रम देखने की आदत भी बढ़ती जा रही है. अगर स्कूलों में इस पर रोक लगा भी दी जाये, तो घर में शिशु और किशोर क्या कर रहे हैं, इसकी निगरानी स्कूल नहीं कर सकते. इसलिए यह घरवालों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को इस तरफ न धकेलें. यह बात सच है कि आज के समय में, जब तरह-तरह की स्क्रीन हमारे घरों में मौजूद है, जैसे टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल, ऐसे में बच्चों के जीवन से इन्हें पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन निश्चित ही इनका समय घटाया जा सकता है. बच्चों के लिए काम करने वाली संस्थाएं कहती हैं कि बच्चों को अधिक से अधिक दूसरी गतिविधियों में लगाकर उनका फोकस स्क्रीन से हटाया जा सकता है. इससे उनकी शारीरिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी. सबसे बड़ी बात, यदि माता-पिता चाहते हैं कि शिशु स्क्रीन को कम से कम समय दें, तो पहले वे इसका उपयोग कम करें और बच्चों के साथ अधिक समय बितायें.(ये लेखिका के निजी विचार हैं.) The post बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है स्क्रीन टाइम घटाना appeared first on Naya Vichar.

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रोशनी खलखो पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग से शिकायत

Ranchi Mayor Election: रांची नगर निगम मेयर पद की प्रत्याशी रोशनी खलखो के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज करायी गयी है. शिकायत में कहा गया है कि नामांकन के दौरान प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने ऐसे कृत्य किये, जो चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के खिलाफ हैं. इस मामले ने नगर निगम चुनाव की नेतृत्व को और गर्मा दिया है. नामांकन के दौरान जुलूस और नारेबाजी का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चार फरवरी को रोशनी खलखो ने नामांकन दाखिल करने के दौरान समर्थकों के साथ जुलूस निकाला. यह जुलूस कमिश्नरी गेट तक पहुंचा, जहां धार्मिक नारों का प्रयोग किया गया. आरोप है कि भगवा झंडे के साथ प्रचार किया गया, जो आदर्श चुनाव आचार संहिता का प्रत्यक्ष उल्लंघन है. पत्र में इसे चुनावी नियमों के विरुद्ध बताया गया है. धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर सवाल शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान धार्मिक प्रतीकों, नारों या भावनाओं का उपयोग प्रतिबंधित है. इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होती है और मतदाताओं पर गलत प्रभाव पड़ सकता है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के कृत्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मर्यादा के खिलाफ हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए. शिकायतकर्ताओं की मांग रोशन तिर्की, सुजल विजय आनंद कुजूर, सुजीत कुजूर समेत अन्य लोगों द्वारा दी गयी शिकायत में राज्य निर्वाचन आयोग से मांग की गयी है कि पूरे मामले का संज्ञान लिया जाए. साथ ही, आरोप सही पाए जाने पर संबंधित प्रत्याशी के नामांकन को रद्द करने की कार्रवाई की जाए. शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि यदि ऐसे मामलों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो चुनावी व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होगा. वार्ड 18 से जुड़ा एक अन्य मामला इसी बीच वार्ड संख्या 18 के पार्षद प्रत्याशी सोमवित माजी ने अपने वार्ड के कुछ प्रत्याशियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी. इस शिकायत को लेकर जिला प्रशासन के निर्वाची पदाधिकारी ने सभी अभ्यर्थियों के कागजातों की जांच करायी. जांच के दौरान सोमवित माजी द्वारा लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए. इसे भी पढ़ें: 40 दिन से लापता गिरिडीह की किशोरी रांची से बरामद, सुखदेवनगर से लापता जांच के बाद आरोप खारिज निर्वाची पदाधिकारी की रिपोर्ट के बाद वार्ड 18 से संबंधित सभी आरोपों को खारिज कर दिया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी रही और नियमों के अनुसार सभी दस्तावेजों की जांच की गयी. फिलहाल, रोशनी खलखो से जुड़ी शिकायत पर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है, जिस पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी. इसे भी पढ़ें: देवघर की रीता चौरसिया के पास अफरात पैसा, डॉ गौरव सबसे अमीर The post रोशनी खलखो पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग से शिकायत appeared first on Naya Vichar.

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एंटी-नक्सल ऑपरेशन : अबूझमाड़ में तीन नक्सली ढेर, दुर्गम इलाके से बाहर लाया गया शव

Anti-Naxal Operation : अबूझमाड़ में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन में शुक्रवार सुबह इलाके से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए. अब तक कुल तीन शव मिल चुके हैं. मौके से एक AK-47 और एक SLR राइफल भी मिली है. पुलिस के मुताबिक, तीनों नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. गढ़चिरौली पुलिस मामले की जांच कर रही है. अबूझमाड़ के घने जंगल से सुबह एयरलिफ्ट कर भामरागढ़ उपजिला अस्पताल लाए गए घायल C60 जवान दीपक चिन्ना मडावी की इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं, दूसरे जवान जोगा मडावी को गोली लगी थी, लेकिन अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. गढ़चिरौली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है. माओवादियों के बारे में मिली खुफिया जानकारी इससे पहले समाचार आई कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पिछले 24 घंटे से मुठभेड़ जारी थी. एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार शाम को प्रतिबंधित हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की कंपनी नंबर 10 के उग्रवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली. इसके बाद भामराग के एसडीपीओ के नेतृत्व में 14 सी-60 यूनिटों के साथ गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर फोडेवाड़ा गांव के पास यह अभियान शुरू किया गया. दुर्गम इलाके और घने जंगल के कारण आई परेशानी अधिकारी ने कहा कि बुधवार को हुई मुठभेड़ के परिणामस्वरूप दो नक्सली शिविरों का भंडाफोड़ हुआ. इस दौरान नक्सलियों का सामान बरामद हुआ, हालांकि दुर्गम इलाके और घने जंगल के कारण नक्सलियों का पता नहीं लगाया जा सका. गुरुवार की सुबह मौजूदा घेराबंदी के तहत अतिरिक्त चार सी-60 यूनिट और सीआरपीएफ की क्यूएटी की एक यूनिट को तैनात किया गया. Abujhmaad anti-Naxal operation | Bodies of two naxals have been retrieved from the area this morning. A total of 3 bodies have been recovered till now, along with one AK-47 and one SLR. The identity of all three naxals is yet to be established: Gadchiroli Police, Maharashtra… — ANI (@ANI) February 6, 2026 गुरुवार शाम क्या आई थी समाचार गुरुवार शाम समाचार आई कि सुबह से मुठभेड़ जारी है. अब तक एक नक्सली का शव बरामद किया गया है. इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि एक एके-47 राइफल और एक सेल्फ-लोडिंग राइफल भी बरामद की गई है. अन्य माओवादियों के घायल होने या मारे जाने की संभावना का पता लगाया जा रहा है. सी-60 के एक जवान को गोली लग गई जिसे निकालने की प्रक्रिया जारी है. The post एंटी-नक्सल ऑपरेशन : अबूझमाड़ में तीन नक्सली ढेर, दुर्गम इलाके से बाहर लाया गया शव appeared first on Naya Vichar.

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आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट हुए भारत-अरब

India-and-Arab : हाल ही में नयी दिल्ली में अरब देशों के विदेश मंत्रियों, लीग ऑफ अरब स्टेट के महासचिव और अरब देशों के प्रमुखों के एक प्रतिनिधिमंडल की जो बैठक हुई, उन्हें हिंदुस्तान-अरब देशों के रिश्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए. बहरीन में 2016 में हुए इस सम्मेलन के दस साल बाद नयी दिल्ली में संपन्न इस बैठक ने हिंदुस्तान के कूटनीतिक प्रभाव में भी वृद्धि की. बैठक में मौजूद 22 अरब देशों ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार लाने और इसे मौजूदा वैश्विक जरूरतों के अनुरूप गठित किये जाने की मांग की. हिंदुस्तान भी वर्षों से यही कहता आ रहा है. हिंदुस्तान के लिए अरब देशों का महत्व नि:संदेह बहुत अधिक है. हमारी खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा अरब देशों से जुड़ी है. जबकि यह क्षेत्र आज दुनिया का सबसे ज्यादा अशांत क्षेत्र और उथल-पुथल से भरा है. मध्य-पूर्व या पश्चिम एशिया में तीन ज्वलंत मुद्दों की पृष्ठभूमि में संपन्न हुई इस बैठक के दूरगामी महत्व को समझा जा सकता है. ये तीन मुद्दे हैं- ईरान-अमेरिका विवाद, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच चल रही तकरार और इस्राइल-फिलिस्तीन समस्या के हल के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बोर्ड ऑफ पीस की पहल. और इन तीनों ही मुद्दों से हिंदुस्तान के हित कमोबेश जुड़े हुए हैं. जहां तक ईरान पर अमेरिकी आक्रामकता का सवाल है, तो बैठक में इस पर चुप्पी ही रही. ईरान के आसपास अमेरिकी सैन्य तैयारियों पर चर्चा करने से भी बैठक में बचा गया, जो द्विपक्षीय दृष्टिकोण बनाये रखने और क्षेत्रीय अस्थिरता से बचने के प्रयासों को दर्शाता है. हाालंकि, सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब लीग के प्रमुख देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने के प्रयास में लगे हुए हैं. लेकिन इस मामले में हिंदुस्तान की रणनीति इंतजार करने और ईरान के साथ संतुलित संबंध बनाये रखने की है. एक तरफ जहां बजट में मोदी प्रशासन ने ईरान स्थित चाबहार बंदरगाह के लिए कोई आवंटन न कर इस मामले में फूंक-फूंककर कदम रखने का संकेत दिया, वहीं देश के राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार ने तेहरान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख से मुलाकात में यह संदेश दिया कि ईरान के संकट की इस घड़ी में हिंदुस्तान उसके साथ खड़ा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व वाले बोर्ड ऑफ पीस का भी बैठक में जिक्र नहीं हुआ. उल्लेखनीय है कि कई खाड़ी देशों के इसमें शामिल होने के बावजूद हिंदुस्तान ने इससे दूरी बनायी है, जो इस मुद्दे पर नयी दिल्ली की रणनीतिक सतर्कता के बारे में बताती है. यह ठीक है कि अरब देशों में से कुछ की पाकिस्तान से भी नजदीकी है. उदाहरण के लिए, हाल ही में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच सैन्य सुरक्षा समझौता हुआ है. पर यह याद रखना होगा कि पाकिस्तान से नजदीकी जताने वाले अरब देश पाकिस्तान से हिंदुस्तान की तुलना भी करते होंगे. और वे पाते होंगे कि व्यापार और दूसरे मुद्दों पर हिंदुस्तान से पाकिस्तान की कोई तुलना ही नहीं हो सकती. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरब देशों के विदेश मंत्रियों, अरब लीग के महासचिव और अरब देशों के प्रमुखों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात तो की ही, उन्होंने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, तकनीक, स्वास्थ्य और दूसरे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को गहरा करने के लिए हिंदुस्तान की प्रतिबद्धता दुहरायी. उन्होंने फिलिस्तीन के लोगों के प्रति हिंदुस्तान के समर्थन की बात की और गाजा शांति योजना समेत चल रहे दूसरे शांति प्रयासों का स्वागत किया. बैठक के अंत में जारी किया गया दिल्ली घोषणापत्र भी उतना ही महत्वपूर्ण है. इस घोषणापत्र में हिंदुस्तान और अरब लीग के बीच पांच मुख्य मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही गयी है. ये हैं-वित्तीय स्थिति, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति. चूंकि हिंदुस्तान और अरब लीग के बीच का सालाना व्यापार 240 अरब डॉलर से अधिक है, इसलिए दोनों पक्ष आने वाले दिनों में इन पांच क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ाने की उम्मीद करते हैं. घोषणापत्र में सूडान, सोमालिया और लीबिया की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाये रखने की बात कही गयी और इनके आंतरिक मामलों में दखल देने का विरोध किया गया. गौरतलब है कि ये वही तीन देश हैं, जिनके कारण पश्चिम एशिया में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के दो ध्रुव बन गये हैं. जहां तक सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच जारी तनाव की बात है, तो घोषणापत्र में दोनों के भीतर के मतभेदों को, और विशेषकर सूडान और लीबिया में उनकी भूमिकाओं को रेखांकित किया गया. घोषणापत्र में समस्याग्रस्त देशों में नागरिकों पर होने वाले अत्याचारों की निंदा की गयी और लीबिया तथा सूडान में वैध प्रशासनों का समर्थन किया गया. हिंदुस्तान और अरब लीग, दोनों ने यमन में हूथी हमलों की निंदा की और यमन की एकता के लिए सऊदी अरब के समर्थन के साथ एकजुटता दिखाई. घोषणापत्र में सीरिया का बहुत कम उल्लेख किया गया, और आइएसआइएस के खिलाफ आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर ही अधिक ध्यान केंद्रित किया गया. हालांकि, सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात के बीच के विवाद का हिंदुस्तान से सीधे कोई लेना-देना नहीं है, पर पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए इन दोनों के बीच जारी विवाद का हल होना चाहिए. पश्चिम एशिया में व्याप्त मुद्दों में से बेहद महत्वपूर्ण इस्राइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर बैठक में अलग से घोषणापत्र जारी किया गया. इसमें अरब शांति पहल (2002) का समर्थन किया गया. इस मुद्दे पर हिंदुस्तान और अरब लीग की मूल सहमति स्पष्ट दिखी. इसमें 2025 में शर्म-अल-शेख में हुए सम्मेलन के निष्कर्षों पर भी सहमति जतायी गयी. हिंदुस्तान और अरब लीग ने गाजा में शांति प्रयास की दिशा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की तो सराहना की, लेकिन इस्राइल और फिलिस्तीन मुद्दे पर ड्रंप की महत्वाकांक्षी योजना पर दोनों पक्षों ने खामोशी बरती. गौरतलब है कि हिंदुस्तान और अरब लीग, दोनों फिलिस्तीन की संप्रभुता के पक्षधर हैं, जिसकी छाप इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में भी दिखी. दिल्ली घोषणापत्र हिंदुस्तान की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें वह पश्चिम एशिया में संतुलनकारी शक्ति बने रहना चाहता है, वह क्षेत्रीय स्थिरता, वैध प्रशासनों और संप्रभुता को प्राथमिकता

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40 दिन से लापता गिरिडीह की किशोरी रांची से बरामद, सुखदेवनगर से लापता

Crime News: झारखंड के गिरिडीह जिले की सोनबाद पंचायत के एक गांव से लापता नाबालिग किशोरी को बेंगाबाद पुलिस ने 40 दिन बाद रांची से सकुशल बरामद कर लिया है. इस मामले में नामजद आरोपी विकास कुमार को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया गया. किशोरी को मेडिकल जांच के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के हवाले कर दिया गया है. दुकान से निकली, फिर नहीं लौटी किशोरी पुलिस के अनुसार 26 दिसंबर की शाम किशोरी अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित एक दुकान में सामान खरीदने के लिए निकली थी. इसके बाद वह वापस नहीं लौटी. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं मिला. किशोरी की मां के आवेदन पर बेंगाबाद थाना में मामला दर्ज कराया गया. नामजद आरोपी पर पहले से था शक एफआईआर में गादी गांव के विकास कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया था. किशोरी की मां ने आवेदन में बताया था कि विकास मोबाइल फोन पर उनकी बेटी से लगातार बात करता था. आशंका जताई गई थी कि आरोपी युवक गलत नीयत से नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है. घर से पूछताछ, लेकिन नहीं मिला सुराग मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी विकास कुमार को उसके घर से थाना लाकर पूछताछ की. हालांकि, उस समय किशोरी का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया. इसके बावजूद पुलिस लगातार जांच में जुटी रही और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई. एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी विशेष टीम किशोरी की बरामदगी के लिए एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया. तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम सक्रिय रही. बुधवार को टीम को बड़ी सफलता मिली, जब रांची के एक घर से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया. रांची में कर रही थी काम पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी युवक घटना के दिन किशोरी को बाइक से लेकर फरार हो गया था और उसे रांची ले गया. बाद में मामला गंभीर होता देख युवक घर लौट आया, जबकि किशोरी रांची में ही एक घर में काम करने लगी. पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. किशोरी की कराई गई मेडिकल जांच थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 40 दिन बाद किशोरी को रांची से बरामद कर मेडिकल जांच करायी गई. इसके बाद उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हवाले कर दिया गया है. वहीं, आरोपी युवक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इसे भी पढ़ें: देवघर की रीता चौरसिया के पास अफरात पैसा, डॉ गौरव सबसे अमीर रांची में भी लापता नाबालिग का मामला इधर, राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से भी एक 15 वर्षीय छात्रा लापता होने का मामला सामने आया है. श्रीनगर इलाके की रहने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा चार फरवरी से गायब है. छात्रा की मां ने थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है और एक युवक पर संदेह जताया है. मां के अनुसार, उनकी बेटी एक युवक से लगातार बातचीत करती थी. वह सहेली से मिलने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. पुलिस मामले की जांच कर रही है. इसे भी पढ़ें: पांच साल से गायब है बोकारो की सेजल, सात महीने से पुष्पा The post 40 दिन से लापता गिरिडीह की किशोरी रांची से बरामद, सुखदेवनगर से लापता appeared first on Naya Vichar.

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अपनी जन्म तारीख से जानें कौन सा करियर दिलाएगा आपको खूब पैसा और शोहरत, आज ही देखें अपना मूलांक

Numerology: क्या आप जानते हैं कि आपकी जन्म की तारीख केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि यह आपके आने वाले भविष्य का आईना है. अंक ज्योतिष यानी न्यूमेरोलॉजी के अनुसार, हर इंसान का एक मूलांक होता है जो उसके स्वभाव और करियर को तय करता है. अगर आप अपनी मेहनत के हिसाब से सफलता नहीं पा रहे हैं, तो हो सकता है कि आप अपनी किस्मत के अंकों के अनुसार सही दिशा में काम न कर रहे हों. सही नंबर का चुनाव आपको न केवल खूब पैसा दिला सकता है, बल्कि समाज में मान-सम्मान भी दिलाता है. आज के इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि आपकी जन्म तारीख के हिसाब से आपके लिए कौन सा काम सबसे अच्छा है. अपना लकी नंबर पहचान कर आप भी अपनी बंद किस्मत का ताला खोल सकते हैं और सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं. अपना मूलांक (Lucky Number) कैसे निकालें? मूलांक निकालना बहुत ही आसान काम है. आपकी जन्म की तारीख को जोड़कर जो नंबर आता है, वही आपका मूलांक है. जैसे, अगर आपका जन्म 24 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 2 + 4 = 6 होगा. इसी तरह अगर तारीख 19 है, तो 1 + 9 = 10 और फिर 1 + 0 = 1 होगा. मूलांक 1 (तारीख: 1, 10, 19, 28) इस नंबर वाले लोग स्वभाव से राजा की तरह होते हैं. इन्हें दूसरों के इशारों पर काम करना बिल्कुल पसंद नहीं होता है. अगर आप नेतृत्व में जाते हैं या अपना खुद का कोई बड़ा काम शुरू करते हैं, तो आपको बहुत सफलता मिलेगी. समाज में आपका नाम बहुत ऊंचा होगा और लोग आपकी बात मानेंगे. मूलांक 2 (तारीख: 2, 11, 20, 29) इन लोगों का मन बहुत कोमल और चंचल होता है. ये लोग कला और कल्पना की दुनिया में बहुत नाम कमाते हैं. इनके लिए कविता लिखना, पेंटिंग करना या बच्चों को पढ़ाना बहुत अच्छा रहता है. शांति से किए जाने वाले कामों में ये लोग बहुत सारा पैसा कमाते हैं. मूलांक 3 (तारीख: 3, 12, 21, 30) ये लोग बहुत ज्ञानी होते हैं और हमेशा कुछ नया सीखना चाहते हैं. इनके लिए बैंक की नौकरी, वकालत या सलाह देने का काम सबसे बेहतर होता है. ये लोग अपनी बुद्धिमानी से बहुत जल्दी अमीर बन जाते हैं. बड़ों का आशीर्वाद इनके लिए हमेशा काम करता है. मूलांक 4 (तारीख: 4, 13, 22, 31) इस नंबर वाले लोग बहुत मेहनती और जिद्दी होते हैं. ये लोग पुरानी परंपराओं को तोड़कर नई चीजें करना पसंद करते हैं. इनके लिए कंप्यूटर, इंटरनेट या बिजली से जुड़े काम बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ये लोग जीवन में अचानक तरक्की करके सबको हैरान कर देते हैं. मूलांक 5 (तारीख: 5, 14, 23) ये लोग बोलने में बहुत माहिर होते हैं और बहुत जल्दी दूसरों का दिल जीत लेते हैं. इनके लिए व्यापार करना, दुकान चलाना या हिसाब-किताब का काम करना बहुत शुभ होता है. ये लोग अपनी मीठी बातों से मुश्किल काम भी आसानी से निकाल लेते हैं. मूलांक 6 (तारीख: 6, 15, 24) इन लोगों को सुंदर चीजें और सजना-संवरना बहुत पसंद होता है. ये लोग फिल्म लाइन, कपड़ों के बिजनेस या होटल के काम में बहुत तरक्की करते हैं. इनके पास सुख-सुविधाओं की कभी कोई कमी नहीं रहती है. इनका व्यक्तित्व बहुत ही प्यारा और आकर्षक होता है. मूलांक 7 (तारीख: 7, 16, 25) ये लोग बहुत गहरे विचार वाले होते हैं और भीड़ से अलग रहना पसंद करते हैं. इनके लिए योग सिखाना, ज्योतिष या किसी खास विषय पर रिसर्च करना बहुत अच्छा करियर है. ये लोग दुनिया को एक अलग नजरिए से देखते हैं और बहुत सम्मान पाते हैं. मूलांक 8 (तारीख: 8, 17, 26) ये लोग मेहनत से कभी नहीं घबराते और धीरे-धीरे अपनी मंजिल तक पहुंच जाते हैं. इनके लिए लोहे का काम, प्रॉपर्टी या बड़ी मशीनों का व्यापार बहुत पैसा लाता है. इन्हें सफलता थोड़ी देर से मिलती है पर वह बहुत लंबे समय तक टिकी रहती है. मूलांक 9 (तारीख: 9, 18, 27) इन लोगों के अंदर बहुत जोश और हिम्मत होती है. ये लोग फौज, पुलिस या किसी भी साहसी काम में बहुत नाम कमाते हैं. इन्हें गुस्सा जल्दी आता है पर ये दिल के बहुत साफ होते हैं. जमीन से जुड़े कामों में इन्हें बहुत लाभ मिलता है. ये भी पढ़ें: Numerology: इन 3 तारीखों को जन्मे लड़के कभी नहीं हारते, जानिए क्यों दुनिया मानती है इनका लोहा ये भी पढ़ें: Numerology: इस तारीख को जन्मी लड़कियां दिल की होती हैं साफ, पार्टनर के लिए साबित होती हैं बेस्ट लाइफ पार्टनर ये भी पढ़ें: Numerology: इस तारीख को जन्मे लोग होते हैं पैदाइशी अमीर, किस्मत के धनी और मेहनत से हासिल करते हैं हर मुकाम Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post अपनी जन्म तारीख से जानें कौन सा करियर दिलाएगा आपको खूब पैसा और शोहरत, आज ही देखें अपना मूलांक appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव से पहले ममता सरकार का बड़ा एलान, मुर्शिदाबाद में खुलेगा एक और विश्वविद्यालय

मुख्य बातें असंतोष को कम करने का प्रयास विकास की नेतृत्व Murshidabad: मुर्शिदाबाद: विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद जिले को बड़ा तोहफा मिला है. ममता प्रशासन ने इस जिले में एक और विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया है. इस विश्वविद्यालय का नाम ‘मुर्शिदाबाद हजारदुआरी विश्वविद्यालय होगा. मुर्शिदाबाद जिले में पहले से ही एक विश्वविद्यालय है. राज्य प्रशासन ने एक और विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है. गुरुवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस निर्णय को मंजूरी दी गई. इस विधेयक को मौजूदा विधानसभा सत्र में ही पेश किया जा सकता है. असंतोष को कम करने का प्रयास अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद इलाके में विश्वविद्यालय की मांग लंबे समय से चली आ रही थी. हाल के दिनों में मुर्शिदाबाद धार्मिक उन्मादों के कारण चर्चा में हैं. वहां हुमायूं कबीर दल का गठन हुआ है. बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. अन्य राज्यों में यहां के प्रवासी श्रमिकों पर हमले जारी हैं. कुछ लोग इसके लिए भी तृणमूल प्रशासन को दोषी ठहरा रहे हैं. नेतृत्वक विश्लेषकों का कहना ​​है कि हाल के दिनों में यहां तृणमूल कांग्रेस के प्रति लोगों में असंतोष बढ़ा है. ऐसे में चुनाव के दौरान तृणमूल को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. विकास की नेतृत्व कुल मिलाकर, बंगाल में सत्ताधारी पार्टी नवाब के इस जिले में अपना जनाधार को मजबूत कर रही है. वैसे यह कह पाना अभी मुश्किल है कि मुर्शिदाबाद में एक अलग विश्वविद्यालय बनाने का राज्य प्रशासन का निर्णय विकास का संदेश है या नेतृत्वक. संयोगवश, मुर्शिदाबाद राज्य का सबसे बड़ा जिला है और देश के सबसे बड़े जिलों में से एक है. यदि वहां एक और विश्वविद्यालय का निर्माण होता है, तो इससे आम लोगों को लाभ होगा. गुरुवार को, राज्य का बजट पेश किया गया. राज्य प्रशासन ने अपने बजट में भी कई लोकलुभावन योजनाएं पेश की हैं. चुनाव से पहले एक के बाद एक बड़ी घोषणाएं की जा रही हैं. Also Read: अभिषेक बनर्जी का भाजपा व चुनाव आयोग पर निशाना, बोले- अब SIR का स्पोर्ट्स खत्म The post बंगाल चुनाव से पहले ममता प्रशासन का बड़ा एलान, मुर्शिदाबाद में खुलेगा एक और विश्वविद्यालय appeared first on Naya Vichar.

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ब्रैंडमैन रिटेल में पैसा लगाने का आखिरी दिन, जानें कितना है मुनाफा?

Brandman Retail IPO: अगर आप शेयर मार्केट में निवेश का मौका ढूंढ रहे हैं, तो ब्रैंडमैन रिटेल (Brandman Retail) का आईपीओ इन दिनों चर्चा में है. इंटरनेशनल स्पोर्ट्स और लाइफस्टाइल ब्रैंड्स की डिस्ट्रीब्यूशन करने वाली इस कंपनी का आईपीओ आज, यानी 6 फरवरी को बंद होने जा रहा है. कैसा रहा अब तक का रिस्पॉन्स? निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर काफी उत्साह दिख रहा है. दूसरे दिन (Day 2) तक यह 4.59 गुना सब्सक्राइब हो चुका था. कंपनी ने लगभग 35 लाख शेयरों का ऑफर रखा था, जिसके मुकाबले 1.60 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां लग चुकी हैं. पैसों का क्या करेगी कंपनी? कंपनी इस आईपीओ के जरिए 86.09 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. अच्छी बात यह है कि यह पूरा पैसा फ्रेश इश्यू है, यानी सारा फंड कंपनी के पास जाएगा. इसका इस्तेमाल 15 नए स्टोर (EBOs/MBOs) खोलने और बिजनेस को बढ़ाने में किया जाएगा. आईपीओ की खास बातें (Key Highlights): प्राइस बैंड: 167 रुपये से 176 रुपये प्रति शेयर. लॉट साइज: कम से कम 800 शेयर (रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 2 लॉट यानी 1,600 शेयर). ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP): मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका शेयर 202 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो इसके ऊपरी दाम से लगभग 14.77% ज्यादा है. रिजल्ट कब आएगा? शेयर किसे मिले और किसे नहीं, इसका फैसला यानी अलॉटमेंट सोमवार, 9 फरवरी को होने वाला है. स्टेटस कैसे चेक करें? आप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या रजिस्ट्रार (Bigshare Services) की वेबसाइट पर जाकर अपना पैन कार्ड (PAN) नंबर डालकर स्टेटस चेक कर सकते हैं: NSE वेबसाइट: nseindia.com पर जाएं या रजिस्ट्रार वेबसाइट: Bigshare Services की वेबसाइट पर जाएं. अपना PAN या Application Number डाल कर और सर्च करें. लिस्टिंग कब होगी? ब्रैंडमैन रिटेल के शेयर बुधवार 11 फरवरी को NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे. अगर मार्केट का मूड अच्छा रहा, तो निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही अच्छे मुनाफे की उम्मीद है. ये भी पढ़ें: 9 फरवरी से खुलेगा आय फाइनेंस का IPO, निवेश से पहले जान लें प्राइस बैंड और GMP की पूरी डिटेल The post ब्रैंडमैन रिटेल में पैसा लगाने का आखिरी दिन, जानें कितना है मुनाफा? appeared first on Naya Vichar.

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