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Author name: Vinod Jha

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भवानीपुर में स्ट्रांग रूम में आधी रात तक डटी रहीं ममता बनर्जी, बोलीं- जनता का वोट लूटा तो खैर नहीं, सुरक्षा बल अलर्ट

खास बातें हाई-वोल्टेज ड्रामा, रात 2 बजे तक जमी रहीं मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह छावनी में तब्दील हुए मतगणना केंद्र 4 मई का इंतजार, नर्वस हैं नेतृत्वक दल Mamata Banerjee Bhabanipur: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले राज्य में सरगर्मी चरम पर है. कोलकाता समेत सभी जिलों में मतगणना केंद्रों के अंदर और बाहर सुरक्षा बलों ने लोहे का घेरा तैयार कर दिया है. इस बीच, दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर स्थित शेखावत मेमोरियल स्कूल (मतगणना केंद्र) में गुरुवार देर रात उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गयी, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वहां पहुंच गयीं. ईवीएम में संभावित गड़बड़ी की शिकायतों के बाद दीदी ने करीब 4 घंटे वहां बिताये और चुनाव आयोग को चेतावनी दी कि मतगणना में किसी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जायेगी. हाई-वोल्टेज ड्रामा, रात 2 बजे तक जमी रहीं मुख्यमंत्री मतदान के बाद ईवीएम मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए बनाये गये स्ट्रांग रूम की सुरक्षा का जायजा लेने ममता बनर्जी अचानक भवानीपुर पहुंची थीं. उन्होंने काउंटिंग सेंटर के बाहर पत्रकारों से कहा- लोकतंत्र में पारदर्शिता सबसे जरूरी है. जनता के एक-एक वोट की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है. मुझे गड़बड़ी की कुछ शिकायतें मिली थीं, इसलिए मैं तुरंत यहां पहुंची. उन्होंने कहा कि 4 मई को होने वाली मतगणना के दौरान यदि किसी ने जनादेश से खिलवाड़ करने की कोशिश की, तो उसके परिणाम गंभीर होंगे. Mamata Banerjee Bhabanipur: शुक्रवार सुबह छावनी में तब्दील हुए मतगणना केंद्र देर रात के हंगामे के बाद शुक्रवार सुबह भवानीपुर और राज्य के अन्य केंद्रों पर स्थिति शांतिपूर्ण रही. केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस के जवानों ने स्ट्रांग रूम के चारों ओर ‘थ्री-लेयर’ सुरक्षा घेरा बना रखा है. चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये मशीनों की निगरानी की जा रही है. किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को केंद्र के 100 मीटर के दायरे में फटकने की अनुमति नहीं है. चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार विभिन्न केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट कर रहे हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 4 मई का इंतजार, नर्वस हैं नेतृत्वक दल करीब ढाई दशक बाद दो चरणों में संपन्न हुए मतदान के बाद अब सबकी निगाहें सोमवार (4 मई) पर टिकी हैं. ममता बनर्जी के इस औचक दौरे ने यह साफ कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस मतगणना के एक-एक राउंड पर बाज जैसी नजर रखने वाली है. पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को भी स्ट्रांग रूम के बाहर पहरा देने और सजग रहने के निर्देश दिये हैं. इसे भी पढ़ें बंगाल के ‘सिंहासन’ पर कौन बैठेगा? ये 7 फैक्टर तय करेंगे चुनाव परिणाम, पढ़ें पूरा विश्लेषण बंगाल चुनाव के Exit Poll पर कितना करें भरोसा? 2021 में दिग्गज एजेंसियां हो गयी थी फेल, जानें 2011 और 2016 में किसका गणित था सबसे सटीक बंगाल चुनाव 2026: दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर महामुकाबला, भवानीपुर में ममता-शुभेंदु की प्रतिष्ठा दांव पर कोलकाता, 24 परगना और हावड़ा की 91 सीटों से तय होगा ‘नबान्न का नवाब’, क्या दीदी का किला ढाह पायेगी भाजपा? The post भवानीपुर में स्ट्रांग रूम में आधी रात तक डटी रहीं ममता बनर्जी, बोलीं- जनता का वोट लूटा तो खैर नहीं, सुरक्षा बल अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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श्मशान में आये एक फोन ने बदल दी किस्मत, हाथ पर ‘चे ग्वेरा’ और दिल में ‘राम’, जानें बीजेपी विधायक शंकर घोष की अनसुनी कहानी

खास बातें श्मशान घाट, जलती चिता और एक लाइफ चेंजिंग कॉल गुरु को हराया, अब मेयर से मुकाबला शंकर घोष की शख्सीयत का विरोधाभास Shankar Ghosh Biography: नेतृत्व में रातों-रात तकदीर बदलने की कहानियां तो बहुत हैं, लेकिन शंकर घोष का किस्सा किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं है. कभी उत्तर बंगाल में वामपंथी नेतृत्व (CPM) का चमकता चेहरा रहे शंकर घोष आज बीजेपी के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकारों में से एक हैं. 51 वर्षीय शंकर घोष ने न केवल अपनी विचारधारा बदली, बल्कि अपने नेतृत्वक गुरु को हराकर यह साबित कर दिया कि वह उत्तर बंगाल की सियासत के नये ‘चाणक्य’ हैं. 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में वह एक बार फिर सिलीगुड़ी की पिच पर बड़ी लड़ाई के लिए तैयार हैं. श्मशान घाट, जलती चिता और एक लाइफ चेंजिंग कॉल शंकर घोष के ‘वाम’ से ‘राम’ होने की कहानी बड़ी नाटकीय है. दो बिंदुओं में उस पूरी कहानी को समझिये. अंतिम संस्कार के बीच फैसला : 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, शंकर घोष एक सीपीएम कार्यकर्ता के शवदाह के लिए श्मशान घाट पर थे. वह चिता की आग के सामने खड़े थे, तभी उनके पास दार्जिलिंग के बीजेपी सांसद राजू बिष्ट का फोन आया. विचारधारा का अंत : कहा जाता है कि उस एक फोन कॉल ने शंकर के मन में चल रहे अंतर्द्वंद्व को खत्म कर दिया. उन्होंने अपनी बरसों पुरानी मार्क्सवादी विचारधारा को श्मशान की उसी ‘विद्युत भट्ठी’ में छोड़ दिया और हिंदुत्व की राह चुन ली. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें गुरु को हराया, अब मेयर से मुकाबला 2021 के विधानसभा चुनाव में शंकर घोष ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद कम ही लोगों को थी. उन्होंने अपने नेतृत्वक गुरु और सिलीगुड़ी के दिग्गज वामपंथी नेता अशोक भट्टाचार्य को पटखनी दी और पहली बार विधायक बने. विधानसभा में वाकपटुता और तर्कों के कारण वह नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के ‘दाहिने हाथ’ बन गये. उन्हें बीजेपी विधायक दल का मुख्य सचेतक (Chief Whip) बनाया गया. इस बार उनका मुकाबला सिलीगुड़ी के मेयर और कद्दावर नेता गौतम देव से है, जो इस लड़ाई को और भी हाई-प्रोफाइल बना रहा है. इसे भी पढ़ें : सोनारपुर या रूपा-पुर? दक्षिण सोनारपुर फतह करने निकलीं ‘द्रौपदी’, जानें क्यों छप्पन भोग छोड़ मांगती हैं सिर्फ ‘अंडे की झोल’ Shankar Ghosh Biography: शंकर घोष की शख्सीयत का विरोधाभास शंकर घोष की शख्सीयत में एक विरोधाभास आज भी जिंदा है, जो उनके शरीर पर अंकित है. शंकर घोष कभी क्रांतिकारी चे ग्वेरा के इतने बड़े प्रशंसक थे कि उन्होंने अपनी बायीं बांह पर उनका टैटू बनवा लिया था. आज झंडा लाल से भगवा हो गया, प्रतीक बदल गये, मंत्र भी बदल गये. लेकिन शंकर ने अपने हाथ से ‘चे ग्वेरा’ का वह टैटू नहीं हटाया. वह अपने शरीर पर इस अतीत को आज भी ढो रहे हैं, भले ही उनकी आत्मा अब हिंदुत्व में रमी हो. इसे भी पढ़ें : मौसम की तरह बदली सियासत, विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा जाने वाली इकलौती नेता, कांग्रेस में वापसी का क्या है स्पोर्ट्स? विधानसभा सत्र के दौरान हमेशा धोती-कुर्ता पहने नजर आने वाले शंकर घोष बीजेपी के उन चुनिंदा नेताओं में से हैं, जो रणनीति बनाने में माहिर माने जाते हैं. अब देखना यह है कि सिलीगुड़ी की जनता उनके इस ‘बदलाव’ पर दोबारा मुहर लगाती है या नहीं. इसे भी पढ़ें ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा’, 60 हजार का टार्गेट शुभेंदु अधिकारी का ‘हिंदुत्व’ अवतार : श्रीखोल बजाकर संकीर्तन और 500 किमी का सफर, 35 साल तक नहीं देखी फिल्म कटवा में ‘लाल गढ़’ पर दीदी का कब्जा, क्या युवा और किसान बिगाड़ेंगे स्पोर्ट्स? जानें अजय-हुगली के संगम का सियासी मिजाज कोलकाता, 24 परगना और हावड़ा की 91 सीटों से तय होगा ‘नबान्न का नवाब’, क्या दीदी का किला ढाह पायेगी भाजपा? The post श्मशान में आये एक फोन ने बदल दी किस्मत, हाथ पर ‘चे ग्वेरा’ और दिल में ‘राम’, जानें बीजेपी विधायक शंकर घोष की अनसुनी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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हाई हील्स और झुमकों का फैशन नहीं चलेगा, NEET परीक्षा के लिए NTA ने दिए सख्त आदेश 

NEET Exam Guidelines: नीट यूजी परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दिशा -निर्देश जारी किए हैं. NTA ने खासकर ड्रेस कोड को लेकर एक नोटिस जारी किया है. एनटीई ने साफ कर दिया है कि सभी कैंडिडेट्स को सिंपल कपड़े पहनकर आना होगा. एग्जाम सेंटर पर किसी भी तरह की आभूषण प्रतिबंधित है.  NTA ने जारी किया नोटिस NTA ने अपने X पर एक नोटिस के जरिए नीट अभ्यर्थी को बताया कि एग्जाम सेंटर पर कौन-कौन सी चीजें बैन है. नीट ने एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें तस्वीरों और इंसट्रक्शन के सहारे बताया गया है कि किस तरह के कपड़े बैन हैं.  NEET UG 2026 is on 03 May 2026.Follow the dress code and carry only permitted items for a smooth entry.Report early and stay calm on exam day.#NTA #NTAUpdate #NTAExams #NEETUG2026 #ExamDayGuidelines pic.twitter.com/ooNgaTm7zW — National Testing Agency (@NTA_Exams) April 30, 2026 NEET UG 2026: जारी गाइडलाइंस के अनुसार, क्या-क्या बैन है?  फुल स्लीव या वुलेन कपड़े बैन हैं (अगर किसी परिस्थिति में जरूरी है तो पहले से रिपोर्ट करना होगा)  किसी भी तरह के धार्मिक कपड़े जैसे कि पगड़ी, हिजाब पहनने की अनुमति है  ट्रांसपेरेंट बोतल लाने की अनुमति है  पैरों में चप्पल या कम हील वाली सैंडल पहन सकते हैं. जूते पहनने की अनुमति नहीं है  NEET UG Do’s and Don’t: क्या करें और क्या न करें  क्या करें (Do’s) क्या न करें (Don’ts) ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल ला सकते हैं महंगे या भारी आभूषण पहनकर न जाएं सिंपल और हल्के कपड़े पहनें हाई हील्स या मोटे सोल वाली सैंडल न पहनें एडमिट कार्ड और जरूरी डॉक्यूमेंट साथ रखें इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (मोबाइल, स्मार्टवॉच) न ले जाएं समय से पहले एग्जाम सेंटर पहुंचें देरी से पहुंचने की गलती न करें केवल जरूरी स्टेशनरी (जैसे पेन) रखें बैग, नोट्स या किताबें सेंटर में न ले जाएं एग्जाम सेंटर पर सही समय पर पहुंचें इसी के साथ NTA ने सभी स्टूडेंट्स को सलाह दी है कि एग्जाम सेंटर पर मौजूद सभी स्टाफ से अच्छे से पेश आएं और कॉर्डिनेट करें. एग्जाम सेंटर पर सही समय में पहुंचें. लेट से आने वालों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा. NTA ने कहा कि नीट परीक्षा के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. हमें मिलकर इस परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है. यह भी पढ़ें- MP PAT के लिए एडमिट कार्ड जारी, 8 मई को होगी परीक्षा The post हाई हील्स और झुमकों का फैशन नहीं चलेगा, NEET परीक्षा के लिए NTA ने दिए सख्त आदेश  appeared first on Naya Vichar.

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Mirzapur के ‘मुन्ना भैया’ अब नहीं बनना चाहते गुंडा, दिव्येंदु बोले- अब चाहिए सीधा-साधा रोमांटिक किरदार

‘मिर्जापुर’ में मुन्ना भैया का रोल करने के बाद दिव्येंदु की इमेज एक ‘गुस्से वाले आदमी’ की बन गई है. इस वजह से उन्हें बार-बार वैसे ही रोल मिल रहे हैं. लेकिन अब दिव्येंदु इस इमेज को तोड़ना चाहते हैं. हाल ही में उन्होंने बताया कि वह अब पर्दे पर एक लवर बॉय बनना चाहते हैं. वह अब मार-धाड़ से दूर रोमांस करना चाहते हैं. गुस्सा छोड़ अब प्यार करेंगे दिव्येंदु शर्मा दिव्येंदु ने न्यूज 18 को दिए एक लेटेस्ट इंटरव्यू में कहा कि वह अब कोई रोमांटिक कॉमेडी फिल्म करना चाहते हैं, जैसे हॉलीवुड की फिल्म ’50 First Dates’ थी. वह चाहते हैं कि वह एक ऐसा किरदार निभाएं जो बहुत सीधा-साधा और प्यारा हो, न कि ऐसा जो अंदर ही अंदर गुस्से में जल रहा हो. इसी बीच उनके दोस्त और एक्टर पुलकित सम्राट ने मजाक में कहा कि “तेरे पास जो गुस्से वाले रोल आ रहे हैं वो मुझे भेज दे और मेरे पास जो प्यार वाले रोल हैं वो तू रख ले.” मिर्जापुर फिल्म पर बड़ी अपडेट फैंस लंबे समय से ‘मिर्जापुर’ फिल्म का इंतजार कर रहे हैं. इस पर दिव्येंदु ने बताया कि यह फिल्म बहुत बड़ी होने वाली है. उन्होंने कहा कि इसकी शूटिंग में बहुत मजा आया और यह पूरी तरह से ‘पैसा वसूल’ फिल्म होगी. उन्होंने ज्यादा जानकारी तो नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि जो भी उन्होंने शूट किया है वह बहुत शानदार है. नई सीरीज ‘ग्लोरी’ की कहानी दिव्येंदु की नई सीरीज ‘ग्लोरी’ हरियाणा के बॉक्सिंग की दुनिया पर आधारित है. इसमें दो भाइयों की कहानी दिखाई गई है जो अपने परिवार के साथ हुए अन्याय का बदला लेना चाहते हैं. यह सीरीज दिखाती है कि कैसे वे अपनी इज्जत वापस पाने के लिए लड़ते हैं. अगर आप ‘ग्लोरी’ देखना चाहते हैं तो यह आज 1 मई से नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है. यह भी पढ़ें: Moondram Pirai OTT Release: 44 साल बाद OTT पर आई कमल हासन-श्रीदेवी की सुपरहिट फिल्म, जानें कहां देखें The post Mirzapur के ‘मुन्ना भैया’ अब नहीं बनना चाहते गुंडा, दिव्येंदु बोले- अब चाहिए सीधा-साधा रोमांटिक किरदार appeared first on Naya Vichar.

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पटना में फूलों से सजाया जा रहा 7 सर्कुलर रोड आवास, आज ही शिफ्ट हो सकते हैं नीतीश कुमार

Nitish Kumar: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आवास बदलने वाला है. संभावना जताई जा रही है कि आज ही वे अपने नये आवास 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट हो सकते हैं. इससे पहले आवास को सजाने के लिए फूलों की माला लाई गई है. ऐसे में लगभग 20 सालों तक बिहार की सत्ता का केंद्र रहा ‘1 अणे मार्ग’ स्थित सीएम आवास अब खाली होने वाला है. नीतीश कुमार कर चुके हैं निरीक्षण जानकारी के मुताबिक, कई बार नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड आवास में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करने जा चुके हैं. इसके अलावा आज (शुक्रवार) की सुबह भी ट्रैक्टर से सामान ढोए गए. इस दौरान गमला, चेयर, कपड़ा स्टैंड, फोल्डिंग आइटम समेत कई सामानों को ढोया गया. इससे पहले भी सामान 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट किए गए थे. खुद की देखरेख में नीतीश कुमार ने बनवाया था बंगला बताया जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार ने खुद की देखरेख में ही बंगले को बनवाया था. 2014 में लोकसभा चुनाव में जब हार हुई थी, तब उन्होंने सीएम पद छोड़ दिया था. उस वक्त जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया गया था. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड में रह रहे थे. लेकिन एक बार फिर वे मुख्यमंत्री बने और 1 अणे मार्ग में शिफ्ट हुए. लेकिन अब राज्यसभा सांसद बनने के बाद 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट होने वाले हैं. कैसा है नीतीश कुमार नया बंगला? जानकारी के मुताबिक, 7 सर्कुलर रोड पटना के वीआईपी और हाई सिक्योरिटी जोन में आता है. यहां चारों तरफ ऊंची दीवारें हैं और एंट्री गेट पर सुरक्षाकर्मी मौजूद होते हैं. हर जगह CCTV कैमरे लगे हैं, पुलिस और विशेष सुरक्षा बल की तैनाती है. आवास में आने वाले लोगों के लिए अलग चेकिंग गेट हैं. नीतीश कुमार जैसे वरिष्ठ नेता के लिए सुरक्षा कड़ी रखी जाएगी. परिसर का हर कोना निगरानी में रहेगा. इसके साथ ही यह बंगला बड़ा और शानदार है. मुख्य भवन के सामने और पीछे लॉन फैला हुआ है. लॉन के बीच तालाब जैसा स्थान है, जहां छठ पूजा के समय अर्घ्य दिया जाता है. बंगले के चारों ओर पेड़-पौधे और हरियाली से घिरा शांत वातावरण है. अलग गार्डन और वॉकिंग एरिया भी मौजूद है. नीतीश कुमार को सादगी और हरियाली पसंद है. इसलिए यह परिसर उनके जीवनशैली के अनुरूप है. Also Read: मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन का DPR तैयार, 3000 करोड़ की लागत से बनेगा रोड, NHAI ने भेजी रिपोर्ट The post पटना में फूलों से सजाया जा रहा 7 सर्कुलर रोड आवास, आज ही शिफ्ट हो सकते हैं नीतीश कुमार appeared first on Naya Vichar.

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मई के महीने में कब-कब रखा जाएगा एकादशी का व्रत, जानें सही तिथि

May 2026 Ekadashi Calendar: एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक विशेष व्रत है. प्रत्येक मास में दो एकादशी तिथियां आती हैं एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में. प्रत्येक एकादशी व्रत का नाम और महत्व अलग-अलग होता है. मई 2026 में दो महत्वपूर्ण एकादशी अपरा और पद्मिनी मनाई जाएंगी. अपरा एकादशी (13 मई, बुधवार) मई महीने की पहली एकादशी कृष्ण पक्ष में आएगी, जिसे अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इसे ‘अचला एकादशी’ भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को अपार पुण्य की प्राप्ति होती है और अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है. तिथि: 13 मई 2026, बुधवार एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 मई 2026 को दोपहर 02:52 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 13 मई 2026 को दोपहर 01:30 बजे तक पारण का समय: 14 मई को सुबह सूर्योदय के बाद पद्मिनी एकादशी (27 मई, बुधवार) मई की दूसरी एकादशी शुक्ल पक्ष में पद्मिनी एकादशी के रूप में मनाई जाएगी. इसे कमला एकादशी भी कहा जाता है. यह तिथि भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए सर्वोत्तम मानी गई है. तिथि: 27 मई 2026, बुधवार एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 मई 2026 को सुबह 05:10 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 27 मई 2026 को सुबह 06:21 बजे तक पारण का समय: 28 मई को सुबह शुभ मुहूर्त में कैलेंडर गणना के अनुसार कुछ स्थानों पर तिथियों में आंशिक बदलाव हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या मंदिर के पुजारी से व्रत को लेकर सलाह लेना उचित रहता है. एकादशी व्रत के नियम व्रत का पालन दशमी तिथि की रात्रि से ही शुरू हो जाता है. एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें. भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और उन्हें पीले फूल, फल व तुलसी दल अर्पित करें. भगवान विष्णु को बिना तुलसी के भोग अधूरा माना जाता है, लेकिन ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. इस दिन चावल खाना पूरी तरह वर्जित होता है. साथ ही क्रोध और झूठ बोलने से बचना चाहिए. व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसका पारण (व्रत खोलना) अगले दिन द्वादशी तिथि के शुभ मुहूर्त में किया जाए. यह भी पढ़ें: Vaishakh Buddha Purnima 2026: आज है वैशाख पूर्णिमा, करें व्रत कथा का पाठ, मिलेगा शुभ फल The post मई के महीने में कब-कब रखा जाएगा एकादशी का व्रत, जानें सही तिथि appeared first on Naya Vichar.

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मोबाइल पर आयेगा इमरजेंसी अलर्ट, जानिए कैसे एक मैसेज से जान बचा सकता है नया सिस्टम

देश में आपदा के समय लोगों तक सूचना पहुंचाने का तरीका अब पूरी तरह बदलने वाला है. 2 मई 2026 को केंद्र प्रशासन एक ऐसी मोबाइल आधारित चेतावनी प्रणाली शुरू करने जा रही है, जो भूकंप, चक्रवात या बिजली गिरने जैसे खतरों की जानकारी सीधे आपके फोन पर तुरंत पहुंचाएगी. खास बात यह है कि इस सिस्टम के जरिए अलर्ट किसी एक इलाके के सभी मोबाइल यूजर्स तक एक साथ भेजा जाएगा. इससे समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सकेगा और नुकसान कम करने में मदद मिलेगी. SACHET सिस्टम से तेज और सटीक अलर्ट यह नई प्रणाली National Disaster Management Authority और Department of Telecommunications के सहयोग से तैयार की गई है. इसमें C-DOT द्वारा विकसित ‘SACHET’ प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है. यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल पर आधारित है, जिससे अलग-अलग एजेंसियां एक ही प्लेटफॉर्म से अलर्ट जारी कर सकती हैं. इससे सूचना में देरी कम होगी और संदेश ज्यादा सटीक तरीके से लोगों तक पहुंचेगा. अब SMS नहीं, Cell Broadcast से मिलेगा रियल टाइम मैसेज अब तक आपदा से जुड़ी जानकारी ज्यादातर SMS के जरिए भेजी जाती थी. लेकिन नई व्यवस्था में Cell Broadcast तकनीक जोड़ी गई है. इस तकनीक की मदद से किसी खास इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट पहुंचाया जा सकता है. इसका मतलब यह है कि नेटवर्क व्यस्त होने पर भी मैसेज डिले नहीं होगा और लगभग रियल टाइम में चेतावनी मिलेगी. 134 अरब से ज्यादा अलर्ट पहले ही भेजे जा चुके इस सिस्टम का बेसिक वर्जन पहले से इस्तेमाल में है और अब तक 19 से ज्यादा भाषाओं में 134 अरब से अधिक अलर्ट भेजे जा चुके हैं. इन अलर्ट का इस्तेमाल मौसम चेतावनी, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किया गया है. नई तकनीक जुड़ने के बाद इसकी क्षमता और भी मजबूत हो जाएगी. लॉन्च के साथ देशभर में होगा टेस्ट लॉन्च के दिन देश के सभी राज्यों की राजधानियों, दिल्ली और NCR में टेस्ट मैसेज भेजा जाएगा. यह मैसेज हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में होगा. प्रशासन ने साफ किया है कि यह सिर्फ परीक्षण है, इसलिए लोगों को घबराने या किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है. आपदा प्रबंधन में बड़ा बदलाव नई प्रणाली का मकसद समय रहते लोगों को अलर्ट देना है. भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने या केमिकल हादसों जैसी स्थितियों में कुछ सेकंड की चेतावनी भी जान बचा सकती है. यह पहल हिंदुस्तान के आपदा प्रबंधन सिस्टम को और मजबूत करेगी और भविष्य में बड़े हादसों के प्रभाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है. यह भी पढ़ें: लिफ्ट में फंस जाएं तो क्या करें? छोटी सी गलती बन सकती है बड़ा खतरा, जान बचाने के ये आसान तरीके याद रखें The post मोबाइल पर आयेगा इमरजेंसी अलर्ट, जानिए कैसे एक मैसेज से जान बचा सकता है नया सिस्टम appeared first on Naya Vichar.

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भारत में मुस्लिम, उर्दू और कश्मीर की पहचान मिट रही, RSS-हिंदुत्व फैल रहा… फिर बिलबिलाया पाकिस्तान

Pakistan Comment on India: हिंदुस्तान के कई  अंदरूनी मसलों पर पाकिस्तान ने भड़काऊ टिप्पणी की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने अपने वीकली प्रेस ब्रीफिंग में ये बातें कीं. उन्होंने हिंदुस्तान की यूनिवर्सिटी में हुए कार्यक्रम और बीजेपी नेताओं के बयान पर आपत्ति जताई है. इसके साथ ही अंद्राबी ने कश्मीर और कश्मीर में उर्दू भाषा पर भी कमेंट किया है. इस प्रेस ब्रीफिंग के बहाने पाकिस्तान ने आरएसएस, बीजेपी पर हमला बोलते हुए हिंदुस्तान को नसीहत दी है.   राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 पूरे होने पर शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम हो रहे हैं. इसी के तहत जामिया मिलिया इस्लामिया के FET ऑडिटोरियम में भी मगंलवार 28 अप्रैल को युवा कुंभ कार्यक्रम होना था. इसे लेकर हिंदुस्तान के कुछ छात्र संगठनों ने विरोध किया. अब इस मामले पर पाकिस्तान भी कूद पड़ा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को इस्लामाबाद में प्रेस ब्रीफिंग की. अंद्राबी ने कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए इसके बारे में पता चला, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान में कट्टर हिंदू विचारधारा अब शैक्षणिक संस्थानों तक भी पहुंच रही है. अंद्राबी के मुताबिक, जामिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की अपनी एक सुदृढ़ परंपरा और पहचान रही है, इसलिए वहां ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं. उन्होंने यह भी जोर दिया कि शिक्षा संस्थानों का इस्तेमाल किसी तरह के प्रचार या नफरत फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए. अंद्राबी बोले- मुस्लिम समुदाय की पहचान खतरे में उन्होंने कहा कि यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जामिया हिंदुस्तानीय अल्पसंख्यकों का एक प्रमुख संस्थान रहा है, जिसका इतिहास काफी समृद्ध और गौरवशाली रहा है. ताहिर अंद्राबी ने जामिया में आरएसएस से जुड़े ऐसे किसी भी प्रयास की कड़ी निंदा की. उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान में मुस्लिम समुदाय की भाषा और पहचान की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आना चाहिए और इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहिए. उनके मुताबिक, जामिया मिलिया में आरएसएस से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन शिक्षा के हिंदूकरण की दिशा में एक कदम है और इसे हिंदुस्तानीय अल्पसंख्यक संस्थानों पर दबाव या हस्तक्षेप के रूप में देखा जाना चाहिए.  नेता के मुस्लिमों पर बयान हेट स्पीच: अंद्राबी पाकिस्तान के प्रवक्ता ने हिंदुस्तानीय नेता के एक कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. एक पाकिस्तानी पत्रकार के हवाले से दावा किया गया कि एक राजनेता ने मुस्लिमों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी (मुस्लिम जिहाद करते हैं और सूअरों की तरह शिशु पदा करते हैं) की है. इस पर ताहिर अंद्राबी ने कहा कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल बेहद अनुचित और निंदनीय है. इस तरह के बयान पहले भी कुछ हिंदुस्तानीय नेताओं विशेषकर बीजेपी और हिंदुत्व से जुड़े लोगों द्वारा आते रहे हैं, ऐसे बयान उनके व्यक्तिगत विचारों को दर्शाते हैं.  उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से हेट स्पीच बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसका संज्ञान लेना चाहिए. अंद्राबी ने कहा कि हिंदुस्तान को अपने अंतराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए हिंदुस्तानीय अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिमों के खिलाफ दिए जा रहे बयानों पर रोक लगानी चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए. Weekly Press Briefing by the Spokesperson @TahirAndrabi On Ingress of RSS/Hindutva Extremist in Jamia Millia University in Delhi & Anti-Muslim Statements by BJP Leader pic.twitter.com/GIKdpaWk9p — Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) April 30, 2026 अंद्राबी का आरोप- बदला जा रहा कश्मीर का इतिहास एक पत्रकार ने प्रश्न पूछा कि कश्मीर में बाहरी हस्तक्षेप लगातार बढ़ रहा है और वहां के स्थानीय मुस्लिमों की पहचान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. कश्मीर का इतिहास बदला जा रहा है, पाठ्यपुस्तकों में कश्मीर से जुड़ी सामग्री को हटाया या बदला जा रहा है. ईरान युद्ध की वजह से लोगों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है. हम इसके बारे में दुनिया को कैसे बता सकते हैं कि वहां क्या हो रहा है?  जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर ताहिर अंद्राबी ने अपने जवाब में कहा कि हिंदुस्तान प्रशासन पर जनसांख्यिकीय बदलाव करने के साथ-साथ उर्दू भाषा और मुस्लिम संस्कृति को खत्म करने के प्रयास के आरोप लगते रहे हैं. उनके अनुसार, उर्दू पूरे हिंदुस्तानीय उपमहाद्वीप, खासकर मुस्लिम समुदाय की साझा पहचान का हिस्सा रही है और इस पर किसी भी तरह का दबाव चिंता का विषय है. Weekly Press Briefing by the Spokesperson @TahirAndrabi On Indian efforts to Erase Muslim Identity & Urdu Language from Indian Illegally Occupied Jammu and Kashmir pic.twitter.com/74WfndzCzC — Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) April 30, 2026 उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर में मुस्लिमों की पहचान, भाषा और परंपराओं को निशाना बनाया जाना गलत है और इस पर वैश्विक समुदाय को ध्यान देना चाहिए. ताहिर ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान इस मुद्दे को उठाता रहेगा और दुनिया को भी इस पर चुप नहीं रहना चाहिए. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि कश्मीर में हिंदुस्तान की मौजूदगी गैरकानूनी है. उनके मुताबिक, कश्मीर में हिंदुस्तान की पकड़ तेजी से मजबूत हुई है और वहां की स्थानीय संस्कृति पर बाहरी प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने फिर से दोहराया कि जनसांख्यिकीय बदलाव के साथ-साथ उर्दू भाषा और मुस्लिम संस्कृति पर भी असर डाला जा रहा है. Weekly Press Briefing by the Spokesperson @TahirAndrabi On Alteration in the Indian Occupied Ladakh Territory of the Indian Illegally Occupied Jammu & Kashmir pic.twitter.com/OCohAYbHzN — Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) April 30, 2026 ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान एक सिग्नेचर से रिलीज कर सकता है, लेकिन हम नहीं… पाकिस्तानी मंत्री ने तेल संकट पर खोली अपने देश की पोल  ये भी पढ़ें:- UAE में पाकिस्तानियों पर गिरी गाज: एतिहाद एयरवेज ने 15 कर्मचारियों को निकाला, 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश घर की मुश्किलों को भूलकर हिंदुस्तान को नसीहत पाकिस्तानी अथॉरिटी द्वारा यह बयान ऐसे समय आ रहे हैं, जब वहां के अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन पर होने वाले हमले रूकने का नाम नहीं ले रहे. हिंदू, क्रिश्चियन ग्रुप अपनी धार्मिक पहचान के लिए लड़ रहे हैं. शिया, अहमदिया और बलोच मुस्लिम संगठन भी अपनी आवाज समय-समय पर उठाते रहते हैं. खुद के साथ भेदभाव की आवाज बुलंद करते हुए कई प्रांतों में अलगाववाद की

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पवन खेड़ा को मिली सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, कांग्रेस ने कहा- सच की जीत हुई

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को (1 मई) उन्हें अग्रिम जमानत दे दी. यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज मानहानि और जालसाजी केस से जुड़ा है, जो असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान की शिकायत पर दर्ज हुआ था. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं. कोर्ट ने साफ किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली व्यक्तिगत आजादी को खतरे में नहीं डाला जा सकता. इसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए. #WATCH | Delhi | On Supreme Court granting anticipatory bail to Congress leader Pawan Khera, Congress leader Pawan Khera says, “The truth has won and justice prevailed…The Chief Minister (Himanta Biswa Sarma) should have kept the facts forward in connection with his wife, but… pic.twitter.com/ibtU8Lhiy6 — ANI (@ANI) May 1, 2026 सरमा को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई हक नहीं : कांग्रेस खेड़ा को अग्रिम जमानत मिलने के बाद कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सच की जीत हुई है और न्याय मिला है. उन्होंने सीएम सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी पत्नी से जुड़े मामले में तथ्य सामने रखने चाहिए थे, लेकिन कांग्रेस को बदनाम करने के लिए दिल्ली और हैदराबाद तक कार्रवाई करवाई गई. सरमा को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है. Supreme Court grants anticipatory bail to Congress leader Pawan Khera in forgery and defamation case linked to the allegedly making false allegations against the wife of Assam CM Himanta Biswa Sarma, Riniki Bhuyan Sharma. pic.twitter.com/tvqYgeGpEh — ANI (@ANI) May 1, 2026 इससे पहले 30 अप्रैल को खेड़ा ने सरमा की कथित टिप्पणियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में उनकी तुलना ‘‘संवैधानिक काउबॉय या रैम्बो’’ (बाहुबली) से की थी. कोर्ट ने खेड़ा की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उन्होंने सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी. वकील अभिषेक सिंघवी ने कोर्ट में क्या कहा खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस चंदुरकर की पीठ से वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा था कि मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता के खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं. सरमा की कथित अभद्र टिप्पणियों का जिक्र करते हुए, सिंघवी ने आशंका जताई कि अगर खेड़ा को इस मामले में गिरफ्तार होने दिया गया तो उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाएगा. यह भी पढ़ेंं : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पुलिस की दस्तक, असम सीएम की पत्नी पर लगाए थे गंभीर आरोप सिंघवी ने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने यदि यह कल्पना की होती कि कोई संवैधानिक पदाधिकारी ‘‘संवैधानिक काउबॉय’’ या ‘‘संवैधानिक रैम्बो’’ की तरह बोलेगा, तो वे बेचैन हो उठते. उन्होंने असम के मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए इस मामले को ‘‘अभूतपूर्व’’ करार दिया. सिंघवी ने कहा कि सरमा ने धमकी दी है कि खेड़ा को अपना शेष जीवन असम की जेल में बिताना पड़ेगा, जबकि मामले का मूल आधार मानहानि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के आरोप से जुड़ा है. The post पवन खेड़ा को मिली सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, कांग्रेस ने कहा- सच की जीत हुई appeared first on Naya Vichar.

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गढ़वा में नीट परीक्षा को लेकर धारा 163 लागू, केंद्रों पर रहेगी कड़ी चौकसी

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट Garhwa News: आगामी 3 मई (रविवार) को आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) को लेकर गढ़वा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. परीक्षा को निष्पक्ष, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने जिले के तीनों परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है. गढ़वा सदर अनुमंडल के अंतर्गत कुल तीन केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी प्लस टू गोविंद उच्च विद्यालय, नामधारी कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय.  सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक लागू रहेगा आदेश  मिली जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी यह आदेश रविवार सुबह 6 बजे से प्रभावी होगा और शाम 7 बजे तक लागू रहेगा. परीक्षा केंद्रों की चहारदीवारी से 200 मीटर की परिधि को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है.  अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई  एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि परीक्षा की शुचिता भंग करने या किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी है. किसी भी तरह की अव्यवस्था या कदाचार की स्थिति से निपटने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड भी सक्रिय रहेगा.  इन गतिविधियों पर पाबंदी प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के आसपास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी अनाधिकृत प्रवेश:- परीक्षा से संबंधित व्यक्तियों के अलावा अन्य बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित होगा. हथियार और गैजेट:- किसी भी तरह के घातक हथियार, विस्फोटक या एनटीए  द्वारा प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर रोक. भीड़ और नारेबाजी:- निर्धारित परिधि में अनावश्यक आवागमन, मजमा लगाने, प्रदर्शन करने या नारेबाजी करने पर पाबंदी. लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के शोर मचाने वाले यंत्रों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी. यह भी पढ़ें: झारखंड ट्रेजरी घोटाला: 8 मई को बोकारो पहुंचेगी डॉ. अमिताभ की हाई लेवल कमेटी, 6 साल के रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी यह भी पढ़ें: IIM कोलकाता सिखाएगा व्यापार के गुर: झारखंड की 50 हजार स्त्री उद्यमियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी The post गढ़वा में नीट परीक्षा को लेकर धारा 163 लागू, केंद्रों पर रहेगी कड़ी चौकसी appeared first on Naya Vichar.

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