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Author name: Vinod Jha

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बंगाल में बीजेपी को 48 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान, 10 फीसदी के ‘स्विंग’ से डगमगाया ममता बनर्जी का किला!

खास बातें 10 प्रतिशत का वोट स्विंग कैसे बदलेगा बाजी? क्यों खिसक रहा है ममता का आधार? क्या कहता है पोलस्टर का विश्लेषण? टीएमसी को योजनाओं पर भरोसा ‍BJP Vote Share: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले आये एक ताजा सर्वे ने राज्य की नेतृत्व में भूचाल ला दिया है. एक प्रमुख पोलस्टर (Pollster) के विश्लेषण के मुताबिक, इस बार बंगाल में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में जबरदस्त ‘वोट शेयर स्विंग’ देखने को मिल रहा है. अनुमान है कि भाजपा 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर 10 अंकों की बढ़त बना सकती है. यदि यह अनुमान नतीजों में तब्दील होता है, तो ममता बनर्जी के लिए अपनी सत्ता को बचा पाना नामुमकिन हो सकता है. 10 प्रतिशत का वोट स्विंग कैसे बदलेगा बाजी? नेतृत्वक विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल जैसे राज्य में 10 प्रतिशत का वोट शेयर स्विंग किसी चुनावी भूकंप से कम नहीं होगा. 2021 के चुनाव में भाजपा का वोट शेयर करीब 38 प्रतिशत था, जिसके अब बढ़कर 48 प्रतिशत होने का अनुमान है. तृणमूल कांग्रेस के वोट शेयर में भारी सेंध लगने की आशंका है. भ्रष्टाचार के आरोप और सत्ता विरोधी लहर इसका मुख्य कारण मानी जा रही है. 10 अंकों की यह बढ़त भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े (148) से आगे ले जा सकती है. क्यों खिसक रहा है ममता का आधार? सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, इस बड़े बदलाव के पीछे 3 प्रमुख कारण हैं. संदेशखाली जैसी घटनाओं और सुरक्षा के मुद्दों ने स्त्री वोटरों के एक वर्ग को टीएमसी से दूर किया है. भर्ती घोटालों और बेरोजगारी के मुद्दे पर युवाओं ने इस बार बदलाव के लिए वोट किया है. उत्तर और दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में मतों का ध्रुवीकरण भाजपा के पक्ष में जाता दिख रहा है. क्या कहता है पोलस्टर का विश्लेषण? पोलस्टर का दावा है कि बंगाल में इस बार मौन लहर (Silent Wave) चल रही है. लोग प्रशासनी योजनाओं का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन वोटिंग मशीन पर बटन दबाते समय उनकी प्राथमिकता बदल गयी है. अगर भाजपा 48 फीसदी के आंकड़े को छू लेती है, तो टीएमसी 100 सीटों के नीचे भी सिमट सकती है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग पर जश्न के बीच गहराया सस्पेंस, क्या डरा-धमकाकर डलवाये गये वोट? जानें भारी मतदान का सच ‍BJP Vote Share: टीएमसी को योजनाओं पर भरोसा हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी ‘लक्ष्मी भंडार’ और अन्य जनहितकारी योजनाएं किसी भी स्विंग को रोकने में सक्षम हैं. 4 मई को होने वाली मतगणना ही तय करेगी कि पोलस्टर का यह ‘स्विंग थ्योरी’ सही साबित होता है या ममता बनर्जी एक बार फिर सबको चौंका देंगी. इसे भी पढ़ें भवानीपुर में स्ट्रांग रूम में आधी रात तक डटी रहीं ममता बनर्जी, बोलीं- जनता का वोट लूटा तो खैर नहीं, सुरक्षा बल अलर्ट श्मशान में आये एक फोन ने बदल दी किस्मत, हाथ पर ‘चे ग्वेरा’ और दिल में ‘राम’, जानें बीजेपी विधायक शंकर घोष की अनसुनी कहानी बंगाल के ‘सिंहासन’ पर कौन बैठेगा? ये 7 फैक्टर तय करेंगे चुनाव परिणाम, पढ़ें पूरा विश्लेषण बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल? The post बंगाल में बीजेपी को 48 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान, 10 फीसदी के ‘स्विंग’ से डगमगाया ममता बनर्जी का किला! appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव में ‘ड्रेस कोड’! वायरल न्यूज पर भड़की टीएमसी, चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा विवाद

खास बातें टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला क्या है विवाद की जड़? चुनाव आयोग ने कहा- कोई ड्रेस कोड नहीं भाजपा बनाम टीएमसी काउंटिंग से पहले ‘ड्रेस कोड’ विवाद का तड़का West Bengal Election 2026 Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की वोटिंग का दौर समाप्त हो चुका है. लेकिन विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा विवाद बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के ड्रेस कोड (Dress Code) को लेकर शुरू हुआ है. टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ समाचारों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि कुछ मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग मतदाताओं को विशेष तरह के कपड़े पहनकर आने या खास रंगों से परहेज करने का मौखिक निर्देश दिया गया. टीएमसी ने इसे मतदाताओं को डराने और उनकी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने की साजिश करार दिया. क्या है विवाद की जड़? विवाद की शुरुआत दक्षिण कोलकाता के कुछ मतदान केंद्रों से हुई, जहां कथित तौर पर पोलिंग अधिकारियों ने होम वोटिंग और बूथ पर आने वाले बुजुर्गों के पहनावे को लेकर कुछ टिप्पणियां की थी. टीएमसी का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर कुछ अधिकारियों ने बुजुर्ग मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की. कुछ स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर शिकायत की कि उन्हें मतदान केंद्र के भीतर अपनी पसंद के पारंपरिक पहनावे (जैसे शॉल या गमछा) के लिए टोकने की कोशिश की गयी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें चुनाव आयोग ने कहा- कोई ड्रेस कोड नहीं मामले के तूल पकड़ते ही चुनाव आयोग (ECI) ने स्पष्टीकरण जारी किया. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मतदाताओं के लिए कोई ‘ड्रेस कोड’ तय नहीं किया गया. नियम केवल इतना है कि मतदाता ऐसा कोई कपड़ा या चिह्न पहनकर न आये, जिससे किसी विशेष नेतृत्वक दल का प्रचार होता हो (जैसे पार्टी का लोगो या झंडा). इसे भी पढ़ें : बंगाल के ‘सिंहासन’ पर कौन बैठेगा? ये 7 फैक्टर तय करेंगे चुनाव परिणाम, पढ़ें पूरा विश्लेषण भाजपा बनाम टीएमसी भाजपा ने इन आरोपों को टीएमसी की ‘झुंझलाहट’ बताया. भाजपा नेताओं ने कहा कि जब हार सामने दिखती है, तो टीएमसी ऐसे बेबुनियाद मुद्दे उठाती है. टीएमसी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की कि मतदान के दिन किसी भी मतदाता को उनके पहनावे के आधार पर वोट देने से न रोका जाये. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में स्ट्रांग रूम में आधी रात तक डटी रहीं ममता बनर्जी, बोलीं- जनता का वोट लूटा तो खैर नहीं, सुरक्षा बल अलर्ट West Bengal Election 2026 Controversy: काउंटिंग से पहले ‘ड्रेस कोड’ विवाद का तड़का 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले इस ‘ड्रेस कोड’ विवाद ने बंगाल के चुनावी माहौल में एक नया तड़का लगा दिया है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. मतगणना भी कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न होगी. इसे भी पढ़ें बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल? बंगाल में ‘वोट लूट’ पर आर-पार, धरने पर बैठीं ममता की मंत्री शशि पांजा, चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा मामला डायमंड हार्बर या बंगाल का ‘ल्यारी’? अभिषेक बनर्जी के गढ़ का क्या है पाकिस्तान कनेक्शन? कोलकाता में बोले मेयर हकीम- 6 मई को शपथ लेंगी ममता बनर्जी, दुर्गापुर में ‘गुड़-बतासा’ और ‘पाचन’ वाली सियासत The post बंगाल चुनाव में ‘ड्रेस कोड’! वायरल न्यूज पर भड़की टीएमसी, चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा विवाद appeared first on Naya Vichar.

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BPSC प्रिलिम्स परीक्षा का बदला नियम, फिर मिलेगा ‘E’ ऑप्शन, ऐसा करने पर कटेंगे मार्क्स

BPSC Rule Change: बीपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के पास एक बार फिर परीक्षा में ‘E’ ऑप्शन मिलने वाला है. पहले भी यह नियम लागू था लेकिन अभ्यर्थियों के विरोध के बाद इसे हटा दिया गया था. लेकिन एक बार फिर इसे लागू किया जा रहा है. आयोग का मानना है कि इस व्यवस्था से परीक्षा पारदर्शी के साथ-साथ व्यवस्थित और अनुशासित भी होगी. अभी क्या है नियम? अगली बार आयोजित होने वाली बीपीएससी प्रिलिम्स की परीक्षा में यह नियम लागू हो जाएगा. अभी की बात करें तो, अभ्यर्थियों के पास A, B, C और D का ऑप्शन मिलता है. साथ ही अभ्यर्थियों को हर एक क्वेश्चन का आंसर देना जरूरी नहीं होता है. ऐसे में अभ्यर्थी कुछ सवालों के जवाब खाली छोड़ देते हैं. माना जा रहा है कि ऐसा करने पर इवैल्यूएशन पर असर पड़ता है. नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को क्या करना होगा? नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब अभ्यर्थियों के पास A, B, C और D के साथ ‘E’ ऑप्शन भी मिलेगा. ऑप्शन ‘E’ का मीनिंग होगा- प्रयास नहीं किया गया. यानी कि अगर सवाल का जवाब अभ्यर्थी को पता होगा तो वह A, B, C और D में से किसी एक ऑप्शन को मार्क करेगा. अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता है तो अनिवार्य रूप से ‘E’ ऑप्शन मार्क करना होगा. नियम नहीं फॉलो करने पर कटेंगे नंबर जानकारी के मुताबिक, अगर अभ्यर्थी A, B, C, D और E में से कोई भी ऑप्शन पर मार्क नहीं करते हैं तो उसके लिए नंबर काटे जायेंगे. ऐसा करने पर अभ्यर्थियों के 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी. साथ ही इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर क्वेश्चन पर अभ्यर्थी अपनी स्पष्ट स्थिति दर्ज करें. इस तरह से इस नए नियम के लागू होने पर संभावना जताई जा रही है कि अभ्यर्थी इसका विरोध फिर कर सकते हैं. Also Read: बिहार में घूमने आने वालों को मिलेगा गाड़ी और घर, लोकल डिश का ले सकेंगे मजा, इन जिलों को मिलेगी सुविधा The post BPSC प्रिलिम्स परीक्षा का बदला नियम, फिर मिलेगा ‘E’ ऑप्शन, ऐसा करने पर कटेंगे मार्क्स appeared first on Naya Vichar.

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Bajaj ने लॉन्च की Pulsar NS400Z, दमदार इंजन और फीचर्स के साथ अब ज्यादा किफायती

स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में हलचल मचाते हुए Bajaj Auto ने अपनी नई Pulsar NS400Z को अपडेट के साथ लॉन्च कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि नई बाइक पहले से ज्यादा पावरफुल होने के बावजूद अब सस्ती हो गई है. कंपनी ने इसमें नया इंजन दिया है और साथ ही कीमत में भी कटौती की है, जिससे यह अपने सेगमेंट में और ज्यादा आकर्षक विकल्प बन गई है. नया इंजन, बढ़ी ताकत नई Pulsar NS400Z में 349cc का इंजन दिया गया है, जो करीब 40.6 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करता है. यह इंजन शहर और हाईवे दोनों तरह की राइडिंग के लिए बेहतर परफॉर्मेंस देता है. खासकर अर्बन यूजर्स के लिए यह बाइक स्मूद और पावरफुल एक्सपीरियंस देने का दावा करती है. इस अपडेट के बाद यह बाइक अपने सेगमेंट में पावर और कीमत के संतुलन के कारण खास बन गई है. कीमत में बड़ी कटौती, ग्राहकों को फायदा नई Pulsar NS400Z की एक्स-शोरूम कीमत अब लगभग 1.80 लाख रुपये रखी गई है. GST स्लैब में बदलाव के कारण बाइक की कीमत में कमी आई है. इसके चलते ग्राहकों को कुल मिलाकर करीब 24,500 रुपये तक की बचत हो सकती है. इसमें सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन लागत में भी राहत मिलती है. फीचर्स में भी कोई समझौता नहीं कम कीमत के बावजूद कंपनी ने फीचर्स में कोई कटौती नहीं की है. इस बाइक में चार राइडिंग मोड्स, क्विक शिफ्टर, ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम और डुअल चैनल ABS जैसे एडवांस फीचर्स मिलते हैं. इसके अलावा ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और रेडियल टायर भी दिए गए हैं, जो राइडिंग को और सुरक्षित और स्मार्ट बनाते हैं. मार्केट में मजबूत पकड़ Pulsar सीरीज लंबे समय से हिंदुस्तानीय बाजार में मजबूत पकड़ बनाए हुए है. मार्च 2026 में कंपनी ने Pulsar नेमप्लेट के तहत 1.32 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेचीं. इससे साफ है कि यह ब्रांड अभी भी ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय है. हालांकि यह आंकड़ा पूरे Pulsar पोर्टफोलियो का है, लेकिन इससे सीरीज की डिमांड का अंदाजा लगाया जा सकता है. क्या यह आपके लिए सही बाइक है अगर आप ऐसी स्पोर्ट्स बाइक चाहते हैं जो पावरफुल भी हो और बजट में भी फिट बैठे, तो नई Pulsar NS400Z एक अच्छा विकल्प बन सकती है. इसमें परफॉर्मेंस, फीचर्स और कीमत का संतुलन देखने को मिलता है, जो इसे युवा राइडर्स के लिए खास बनाता है. ज्यादा वैल्यू फॉर मनी बनी बाइक Bajaj Auto ने Pulsar NS400Z को नए इंजन और कम कीमत के साथ पेश करके इसे और ज्यादा वैल्यू फॉर मनी बना दिया है. यह बाइक उन लोगों के लिए खास है जो कम बजट में ज्यादा पावर और एडवांस फीचर्स चाहते हैं. यह भी पढ़ें: Hero Xtreme – Bajaj Pulsar – TVS Apache: सबसे सस्ती ड्यूल-चैनल ABS बाइक कौन? The post Bajaj ने लॉन्च की Pulsar NS400Z, दमदार इंजन और फीचर्स के साथ अब ज्यादा किफायती appeared first on Naya Vichar.

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‘राजा शिवाजी’ ने पहले दिन कितनी की कमाई? दोपहर 2 बजे तक के आंकड़े आए सामने

Raja Shivaji Box Office Collection Day 1: फिल्म ‘राजा शिवाजी’ आज रिलीज हो गई है. रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वह खुद छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में दिखाई दे रहे हैं. मूवी में संजय दत्त, जेनेलिया देशमुख, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, महेश मांजरेकर, सचिन खेडेकर, बोमन ईरानी, ​​भाग्यश्री, फरदीन खान अहम किरदार निभा रहे हैं. सलमान खान का कैमियो भी चर्चा में है. पहले दिन मूवी कितने करोड़ की कमाई कर सकती है, यहां जानिए. एडवांस बुकिंग में बनाया नया रिकॉर्ड Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, ‘राजा शिवाजी‘ ने एडवांस बुकिंग में करीब 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया, जो किसी भी मराठी फिल्म के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है. सिर्फ मराठी वर्जन ने ही लगभग 3 करोड़ रुपये की प्री-सेल्स हासिल कर ली थी. महाराष्ट्र में फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. पहले दिन की कमाई ने बढ़ाई उम्मीदें Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, पहले दिन फिल्म करीब ‘राजा शिवाजी’ करीब 2,793 शो में रिलीज हुई. अभी तक इसने 3.88 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है. हिंदुस्तान में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 4.58 करोड़ और कुल नेट कलेक्शन 3.88 करोड़ हो गया है. ये नंबर्स 2 बजे के है. हालांकि यह शुरुआती आंकड़े हैं और फाइनल कलेक्शन अभी आना बाकी है. लेकिन ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म आने वाले दिनों में और तेज रफ्तार पकड़ सकती है. मल्टी-लैंग्वेज रिलीज से मिलेगा फायदा फिल्म सिर्फ मराठी में ही नहीं, बल्कि हिंदी और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज की गई है. अगर इन वर्जन को भी दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो फिल्म आसानी से डबल डिजिट ओपनिंग हासिल कर सकती है. महाराष्ट्र डे के मौके पर 1 मई को रिलीज होने का भी फिल्म को पूरा फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इस दिन छुट्टी होने की वजह से थिएटर्स में दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है. यह भी पढ़ें- X यूजर्स ने ‘राजा शिवाजी’ को बताया धमाकेदार, सलमान खान का कैमियो बना सरप्राइज फैक्टर The post ‘राजा शिवाजी’ ने पहले दिन कितनी की कमाई? दोपहर 2 बजे तक के आंकड़े आए सामने appeared first on Naya Vichar.

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जब क्रूड था सबसे सस्ता, तब कंपनियों ने बनाया ₹1.37 लाख करोड़ का मुनाफा; अब घाटे का दावा कितना सच?

Oil Companies Profit: पिछले कुछ दिनों से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर घमासान मचा है. तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों का हवाला देकर रेट बढ़ाने का दबाव बना रही हैं. लेकिन अगर हम वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रशासनी आंकड़ों को खंगालें, तो एक बिल्कुल अलग और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आती है. रोज की कमाई ₹116 करोड़ प्रशासनी दस्तावेजों के मुताबिक, देश की चार दिग्गज तेल कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में ही 1.37 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) कमाया. अगर इसे दिनों में बांटें, तो इन कंपनियों ने हर रोज ₹116 करोड़ की कमाई की है. यह आंकड़ा तब का है जब बाजार में कोई बड़ी हलचल नहीं थी और कंपनियां शांति से मुनाफा बटोर रही थीं. कोरोना काल के बाद सबसे सस्ता था कच्चा तेल कंपनियों के लिए पिछले साल ‘हनीमून पीरियड’ जैसा था. वित्त वर्ष 2025-26 में कच्चे तेल के औसत दाम महज 71 डॉलर प्रति बैरल रहे. यह कीमत 2020-21 के कोरोना काल के बाद का सबसे निचला स्तर है. जब कच्चा तेल सस्ता था, तब भी आम जनता को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतनी राहत नहीं मिली, जितनी कंपनियों ने अपनी बैलेंस शीट सुधारने में इस्तेमाल की. क्या वाकई कंपनियां डूब रही हैं? 28 फरवरी 2026 को ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद कच्चा तेल उछलकर 126 डॉलर तक पहुंच गया. अब कंपनियां दावा कर रही हैं कि उन्हें हर दिन ₹2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा है. पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का ‘अंडर-रिकवरी’ (घाटा) हो रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियों ने जो 9 महीनों में ₹1.37 लाख करोड़ कमाए हैं, वह इस 2 महीने के युद्ध वाले घाटे को झेलने के लिए काफी है. फिर भी, कंपनियां जनता पर बोझ डालने की तैयारी में हैं. प्रशासन का ‘विंडफाल टैक्स’ बना सुरक्षा कवच प्रशासन जानती है कि कंपनियां निर्यात (Export) से मोटा पैसा कमा रही हैं. इसीलिए जब कंपनियां देश के बाहर डीजल बेचकर मुनाफा कमा रही थीं, तो प्रशासन ने विंडफाल टैक्स को ₹21.50 से बढ़ाकर ₹55.5 प्रति लीटर कर दिया. अकेले डीजल एक्सपोर्ट से प्रशासन को महीने में ₹10,500 करोड़ मिल रहे हैं. यह पैसा उस घाटे की भरपाई करता है जो प्रशासन ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर (₹12,000 करोड़ महीना) सहा था. मुनाफा कम न हो, इसके लिए कंपनियों ने अब ‘राशनिंग’ शुरू कर दी है. पंपों पर डीजल की बिक्री सीमित कर दी गई है और एक बार में 200 लीटर से ज्यादा तेल नहीं दिया जा रहा. यह कदम इंडस्ट्री को होने वाली सप्लाई रोकने के लिए है, ताकि कंपनियां रिटेल घाटे से बच सकें. Also Read: कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 993 रुपये बढ़े, जानें घरेलू गैस सिलेंडर का हाल The post जब क्रूड था सबसे सस्ता, तब कंपनियों ने बनाया ₹1.37 लाख करोड़ का मुनाफा; अब घाटे का दावा कितना सच? appeared first on Naya Vichar.

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UPSC क्रैक करने की जिद, शादी के बाद दिव्या ने लहराया परचम

Divya Gehlawat Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस 2025 की परीक्षा रैंक 182 से क्रैक करने वाली दिव्या गहलावत की कहानी काफी रोचक है. उन्होंने छठे प्रायस में इस एग्जाम को क्रैक किया है. यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हर बार गिरकर खुद को फिर से संभाला और आगे बढ़ती रहीं. आइए दिव्या की यूपीएससी जर्नी (Divya Gehlawat Success Story) पर एक नजर डालते हैं. Divya Gehlawat Success Story: कौन हैं दिव्या गहलावत? दिव्या गहलावत हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं और उनकी शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से हुई. उन्होंने ग्रेजुएशन साइंस स्ट्रीम से किया और इसके बाद एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक से भूगोल विषय में मास्टर्स पूरा किया. पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव सिविल सर्विस की तरफ होने लगा था. मास्टर्स के बाद उन्होंने क्लाइमेट चेंज विषय में पीएचडी शुरू की, लेकिन उनके मन में यूपीएससी क्लियर करने का लक्ष्य साफ था. लगातार मिली असफलता दिव्या ने साल 2018 में पहली बार UPSC परीक्षा दी. शुरुआत आसान नहीं रही और पहले दो प्रयासों में वह प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाईं. तीसरे प्रयास में उन्होंने मेन्स तक पहुंच बनाई, लेकिन इंटरव्यू में सेलेक्शन नहीं हो सका. इसके बाद भी हालात ज्यादा नहीं बदले और अगली दो बार फिर से प्रीलिम्स में ही रुकना पड़ा. इस दौरान कई बार निराशा भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. UPSC Interview देने गईं दिव्या शादी के बाद जारी रही तैयारी दिव्या की शादी साल 2024 में हो गई थी. आमतौर पर लोग सोचते हैं कि शादी के बाद पढ़ाई पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है, लेकिन दिव्या ने इसे अपनी राह में रुकावट नहीं बनने दिया. उन्होंने घर की जिम्मेदारियों के साथ अपनी तैयारी को बैलेंस किया. छठे प्रयास में रैंक 192 लगातार असफलताओं के बाद भी दिव्या (Divya Gehlawat UPSC AIR 182) ने अपनी तैयारी जारी रखी. उन्होंने अपने कमजोर हिस्सों पर काम किया और पढ़ाई का तरीका बदला. आखिरकार छठे प्रयास में दिव्या की मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC परीक्षा में 182वीं रैंक हासिल कर ली. उन्हें यूपीएससी में कुल 985 मार्क्स प्राप्त हुए. इसमें उन्हें लिखित परीक्षा में 825 और इंटरव्यू में 165 मार्क्स मिले. यह भी पढ़ें: IIT बॉम्बे से BTech, UPSC में हैट्रिक, IPS बनीं सानिया सीरवी The post UPSC क्रैक करने की जिद, शादी के बाद दिव्या ने लहराया परचम appeared first on Naya Vichar.

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Motorola ने उतारे लंबी बैटरी वाले नये स्मार्टफोन्स, जानिए कीमत और सभी फीचर्स

मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में बैटरी और परफॉर्मेंस की रेस अब और तेज हो गई है. इसी बीच Motorola ने अपने नए Moto G37 और Moto G37 Power को ग्लोबल मार्केट में पेश कर दिया है. खास बात यह है कि इन फोन्स में बड़ी बैटरी, मजबूत डिजाइन और लेटेस्ट सॉफ्टवेयर का कॉम्बिनेशन दिया गया है. Moto G37 Power खासतौर पर उन यूजर्स को टारगेट करता है, जो लंबे बैकअप वाले फोन की तलाश में हैं. बैटरी में बड़ा अपग्रेड, Power वेरिएंट बना खास Moto G37 और Moto G37 Power के बीच सबसे बड़ा फर्क बैटरी का है.Moto G37 में 5200mAh बैटरी दी गई है, जो डेली यूज के लिए पर्याप्त है. वहीं Moto G37 Power में 7000mAh की बड़ी बैटरी मिलती है, जिसे एक बार चार्ज करने पर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है.कंपनी का दावा है कि Power वेरिएंट सिंगल चार्ज पर करीब 78 घंटे तक चल सकता है. इसके साथ 30W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है. परफॉर्मेंस और डिस्प्ले में बैलेंस दोनों स्मार्टफोन में 6nm MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है, जो रोजमर्रा के काम और हल्की गेमिंग के लिए अच्छा माना जाता है.डिवाइस में 6.67 इंच HD+ LCD डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है. स्क्रीन ब्राइटनेस 1050 निट्स तक जाती है, जिससे आउटडोर यूज भी आसान हो जाता है.साथ ही Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन दिया गया है, जो फोन को स्क्रैच से बचाता है. कैमरा और डिजाइन में दमदार फीचर्स फोटोग्राफी के लिए दोनों फोन में 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो डेली फोटो और वीडियो के लिए पर्याप्त है.डिवाइस Android 16 पर चलते हैं और IP64 रेटिंग के साथ आते हैं, जिससे यह धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहते हैं.इसके अलावा MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन भी दिया गया है, जो फोन की मजबूती को बढ़ाता है. कीमत और उपलब्धता Moto G37 की कीमत 249 यूरो यानी करीब 27,000 रुपये रखी गई है. वहीं Moto G37 Power की कीमत 279 यूरो यानी करीब 31,000 रुपये है.फिलहाल इन दोनों स्मार्टफोन को जर्मनी में लॉन्च किया गया है. आने वाले समय में इन्हें अन्य बाजारों में भी पेश किया जा सकता है. क्या ये फोन आपके लिए सही हैं अगर आप ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं जिसमें बैटरी सबसे मजबूत हो, तो Moto G37 Power एक अच्छा विकल्प हो सकता है.वहीं बैलेंस्ड फीचर्स के लिए Moto G37 भी एक ठीक-ठाक पैकेज देता है. दोनों फोन उन यूजर्स के लिए सही हैं जो स्टेबल परफॉर्मेंस और लंबा बैकअप चाहते हैं. बैटरी और ड्यूरेबिलिटी पर खास फोकस Motorola ने अपने नए G-सीरीज स्मार्टफोन के जरिए बैटरी और ड्यूरेबिलिटी पर खास फोकस किया है.Moto G37 Power खासतौर पर लंबी बैटरी लाइफ के कारण भीड़ से अलग नजर आता है, जबकि स्टैंडर्ड वेरिएंट बैलेंस्ड एक्सपीरियंस देता है. यह भी पढ़ें: ₹15,000 में कौन सा 5G फोन लें? ये 5 ऑप्शंस हैं बेस्ट The post Motorola ने उतारे लंबी बैटरी वाले नये स्मार्टफोन्स, जानिए कीमत और सभी फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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Love Mocktail 3 OTT Release: कन्नड़ की सुपरहिट फिल्म अब OTT पर आने को तैयार, जानें कहां देखें पिता-बेटी की ये इमोशनल कहानी

Love Mocktail 3 OTT Release: कन्नड़ की मशहूर रोमांटिक फिल्म ‘लव मॉकटेल’ का तीसरा और आखिरी हिस्सा यानी ‘लव मॉकटेल 3’ अब घर बैठे देखने के लिए तैयार है. मेकर्स ने अनाउंस किया है कि यह फिल्म 8 मई को ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 पर रिलीज हो रही है. View this post on Instagram A post shared by ZEE5 Kannada (@zee5kannada) फिल्म की कहानी क्या है? इस बार की कहानी ‘लव मॉकटेल 2’ के कई सालों बाद की है. फिल्म में दिखाया गया है कि आदित्य अब एक अकेला पिता (Single Father) है और अपनी गोद ली हुई बेटी निधि की परवरिश कर रहा है. दोनों की जिंदगी बहुत शांति से बीत रही होती है, लेकिन तभी एक बुजुर्ग स्त्री डॉक्टर शांता की एंट्री होती है. वह दावा करती हैं कि निधि उनकी सगी पोती है. इसके बाद आदित्य और शांता के बीच कानूनी लड़ाई शुरू हो जाती है. आदित्य को अपनी बेटी को अपने पास रखने के लिए न केवल अदालत में लड़ना पड़ता है, बल्कि अपने अतीत के अनसुलझे पन्नों का भी सामना करना पड़ता है. यह फिल्म दिखाती है कि एक पिता अपनी बेटी को बचाने के लिए किस हद तक जा सकता है. कौन-कौन है इस फिल्म में? इस फिल्म को डार्लिंग कृष्णा ने ही लिखा और डायरेक्ट किया है. फिल्म में डार्लिंग कृष्णा के साथ मिलाना नागराज, संवृथा, अमृता अयंगर और दिलीप राज जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं. मेकर्स और कलाकारों का क्या कहना है? फिल्म के एक्टर और डायरेक्टर डार्लिंग कृष्णा ने बताया कि यह फिल्म उनके लिए बहुत खास है. उन्होंने कहा, “‘लव मॉकटेल’ मेरे लिए एक सफर की तरह है और तीसरा हिस्सा इसे बहुत ही भावुक तरीके से पूरा करता है.” कृष्णा के मुताबिक, यह फिल्म सिर्फ लड़का-लड़की के प्यार के बारे में नहीं है, बल्कि यह बच्चों को पालने की जिम्मेदारी और दूसरों की परवाह करने की हिम्मत के बारे में है. वह बहुत खुश हैं कि उनकी यह फिल्म Zee5 पर आ रही है, ताकि लोग घर बैठे आराम से इस इमोशनल कहानी को देख सकें और उन यादों को ताजा कर सकें जो इस सीरीज के साथ शुरू से जुड़ी हुई हैं. यह भी पढ़ें: Mirzapur के ‘मुन्ना भैया’ अब नहीं बनना चाहते गुंडा, दिव्येंदु बोले- अब चाहिए सीधा-साधा रोमांटिक किरदार The post Love Mocktail 3 OTT Release: कन्नड़ की सुपरहिट फिल्म अब OTT पर आने को तैयार, जानें कहां देखें पिता-बेटी की ये इमोशनल कहानी appeared first on Naya Vichar.

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भारत की हवाई सुरक्षा का ‘सुदर्शन चक्र’ है एस 400

हिंदुस्तान को रूस से एक दीर्घकालीन समझौते के तहत मिलने वाली एस 400 एयर डिफेंस सिस्टम की पांच स्क्वाड्रन (इकाइयों) में से चौथी इकाई इसी महीने (मई, 2026 में) हिंदुस्तान पहुंचने वाली है. सुदर्शन चक्र के हिंदुस्तानीय नाम से जाने जाने वाले इस सिस्टम की पांच इकाइयों के लिए 2018 में रूस के साथ पांच सौ करोड़ डॉलर मूल्य का समझौता हुआ था. गत वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस प्रणाली ने कम से कम पांच पाकिस्तानी जेट लड़ाकू विमानों को गिराकर और संभवतः एक एयरबॉर्न इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस विमान को तीन सौ किलोमीटर दूरी पर उड़ते हुए मार गिराकर शानदार सफलता प्राप्त की थी. छह सौ किलोमीटर की दूरी तक मार करने की क्षमता वाली इस प्रणाली की चौथी इकाई की स्थापना और उपयोग राजस्थान-पाकिस्तान सीमा पर किया जायेगा. हिंदुस्तान अब एक नये समझौते के अंतर्गत कई और ऐसे सिस्टम आयात करने के साथ ही इसके विकसित संस्करण एस 500 के आयात की योजना भी बना रहा है. इतनी विकसित रक्षा प्रणालियां भारी खर्च के बिना नहीं मिलतीं. वर्ष 2026-27 के लिए हिंदुस्तान का रक्षा बजट लगभग 7.86 लाख करोड़ रुपये होगा जो वर्तमान में जीडीपी का लगभग दो प्रतिशत है. हिंदुस्तान ने 2026-27 के लिए अनुमोदित राशि में से 2.19 लाख करोड़ रुपये सेनाओं के आधुनिकीकरण पर खर्च किये जाने का प्रावधान रखा है. क्या यह खर्च विकास की कीमत पर किया जायेगा? एस 400 मिसाइल प्रणाली और परमाणु पनडुब्बियों (एसएसबीएन) जैसे बड़े निवेश ‘विकास बनाम सुरक्षा’ की बहस का हिस्सा रहे हैं. पर विश्वभर में चल रहे कई युद्ध याद दिलाने के लिए काफी हैं कि रणनीतिक सुरक्षा ही विकास की नींव होती है. यह भी समझना जरूरी है कि पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) में रक्षा के लिए आवंटित राशि का बड़ा हिस्सा घरेलू उद्योगों से खरीद में खर्च होता है. इसी से देश के भीतर रोजगार और तकनीक का विकास होता है. दिलचस्प तथ्य यह है कि कुल प्रशासनी खर्च में रक्षा का हिस्सा पिछले दशक में 17 प्रतिशत से गिरकर लगभग 14.6 प्रतिशत पर आ गया है. युद्ध का इतिहास गवाह है कि जब कोई तकनीक बहुत महंगी और दुर्लभ हो जाती है, तो उसे एक सस्ती और बड़े पैमाने पर उत्पादित तकनीक चुनौती देती है. युद्ध केवल जीतना काफी नहीं है, उसकी लागत भी मायने रखती है. एक एक करोड़ रुपये की मिसाइल या 500 करोड़ रुपये का फाइटर जेट छोटे-मोटे सीमा विवादों में इस्तेमाल नहीं किये जा सकते. इसलिए, दुर्गा जैसे लेजर हथियारों और इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स का उत्पादन वित्तीय रूप से अधिक समझदारी भरा है. हिंदुस्तान में तेजस फाइटर जेट के विकसित संस्करणों के उत्पादन में जीई इंजन की ढीली सप्लाई के कारण बहुत धीमी रफ्तार से हो रहे काम ने सिद्ध कर दिया है कि विदेशी हथियारों के साथ हमेशा डिलीवरी और ब्लैकमेल का जोखिम रहता है. सौभाग्य से, ब्रह्मोस के निर्माण में हिंदुस्तान का नियंत्रण बहुत अधिक है. राफेल फाइटर जेट विमानों का बहुत बड़ा सौदा उसके निर्माता डसाल्ट एविएशन और फ्रांस प्रशासन की इन लड़ाकू विमानों की सारी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली और आक्रामक सिस्टम की पूरी जानकारी देने में आनाकानी करने के कारण खटाई में पड़ता दिख रहा है. उसकी जगह रूसी एसयू 57 भी सस्ता सौदा तभी होगा, जब भविष्य में हिंदुस्तान में उसके निर्माण और निर्यात की अनुमति मिल जाये. पर ड्रोन तकनीक में हिंदुस्तान के पास हजारों छोटे स्टार्टअप्स हैं, जिन्हें किसी अमेरिकी या फ्रांसीसी कंपनी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है. यह ‘आत्मनिर्भरता’ युद्ध के समय सबसे बड़ा हथियार साबित होगी. भविष्य में एक अकेला फाइटर जेट नहीं, बल्कि सैकड़ों छोटे ड्रोन का एक टिड्डी दल जैसा झुंड हमला करेगा, जिन्हें एक रडार या एक मिसाइल सिस्टम एक साथ नहीं रोक सकता. एस 400 सिस्टम के मिसाइलों की मारक क्षमता और ड्रोनों की संख्यात्मक शक्ति का मेल किसी भी देश की सीमा को भेदने के लिए पर्याप्त है. इसका प्रमाण है इस्राइल के अभेद्य माने जाने वाले आयरन डोम को धता बताकर ईरान के मिसाइलों का तेल अवीव तक हमला कर पाना. भविष्य के आकाशीय युद्ध का एक दिलचस्प पहलू ‘लॉयल विंगमैन’ प्रोजेक्ट है, जिस पर कई विकसित देश काम कर रहे हैं. इसमें एक पायलट वाला फाइटर जेट होगा, जिसके साथ 10-12 मानवरहित ड्रोन उड़ेंगे. डीआरडीओ अब दुर्गा 2 जैसी लेजर तकनीक अस्त्रों पर काम कर रहा है, जो कम खर्च में शत्रु ड्रोन को गिरा सकेंगे. इन तथ्यों के आधार पर यही निष्कर्ष निकलता है कि हिंदुस्तान को अब महंगे प्लेटफॉर्म्स (जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर या जेट्स) से हटकर सटीक और सस्ते वेपंस (मिसाइल, ड्रोन और साइबर) की ओर बजट का रुख करना चाहिए. हिंदुस्तान ने हाल ही में बड़ी संख्या में आत्मघाती ड्रोन के लिए अनुबंध किये हैं. ‘आइडीइएक्स’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदुस्तानीय स्टार्टअप्स को सस्ते और प्रभावी ड्रोन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. पर हिंदुस्तान को अपनी विशाल भौगोलिक स्थिति और चीन जैसी बड़ी वायुसेना का मुकाबला करने के लिए महंगे इंटरसेप्टर (एस 400) और सस्ते ड्रोन, दोनों के संतुलन की आवश्यकता है. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post हिंदुस्तान की हवाई सुरक्षा का ‘सुदर्शन चक्र’ है एस 400 appeared first on Naya Vichar.

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