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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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CSE ब्रांच के लिए फेमस है NIT सुरथकल, जानें क्या है एडमिशन प्रोसेस

Best College Admission Episode 20: एनआईटी सुरथकल (NIT Surathkal), जिसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक (NITK) भी कहा जाता है. यह  हिंदुस्तान के सबसे बेहतरीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है. एनआईटी सुरथकल  पढ़ाई के साथ-साथ  प्लेसमेंट और कैंपस लाइफ के लिए फेमस है. इस कॉलेज में  कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) ब्रांच के लिए कटऑफ काफी हाई रहती है. NIRF रैंकिंग 2025 में इंजीनियरिंग के कैटेगरी में इस NIT को 17वां रैंक मिला है. आइए बेस्ट कॉलेज एडमिशन (Best College Admission) सीरिज के एपिसोड 20 में एनआईटी सुरथकल के एडमिशन प्रोसेस को जानेंगे. साथ ही यहां के प्लेसमेंट रिकॉर्ड के बारे में भी जानेंगे.  कोर्स डिटेल्स  एनआईटी सुरथकल (NITK) में केवल बीटेक ही नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग, साइंस और मैनेजमेंट के क्षेत्र में कई बेहतरीन कोर्सेज उपलब्ध हैं. BTech कोर्स यहां का सबसे पॉपुलर कोर्स है, जो 4 साल का होता है. इसमें एडमिशन JEE Main के जरिए होता है. इस कोर्स के  प्रमुख ब्रांच हैं:  कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (ECE) इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स (EEE) मैकेनिकल इंजीनियरिंग सिविल इंजीनियरिंग केमिकल इंजीनियरिंग माइनिंग इंजीनियरिंग मेटलर्जिकल एंड मैटेरियल्स इंजीनियरिंग बीटेक के लिए अनुमानित कटऑफ ब्रांच अन्य स्टेट  होम स्टेट  कंप्यूटर साइंस (CSE) 1,800 – 2,800 2,700 – 3,000 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) 2,600 – 3,500 3,500 – 4,000 इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE) 5,300 – 5,600 5,500 – 6,500 मैकेनिकल इंजीनियरिंग 12,000 – 14,000 11,000 – 15,000 सिविल इंजीनियरिंग 25,000 – 28,000 28,000 – 39,000  Best College Admission: एडमिशन प्रोसेस  NIT सुरथकल में BTech में एडमिशन लेने के लिए आपको सबसे पहले JEE Main एग्जाम पास करना पड़ता है. जेईई मेन में अच्छा स्कोर करने पर JoSAA काउंसलिंग के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसमें आप अपने पसंद के कॉलेज और ब्रांच चुन सकते हैं. इस काउंसलिंग में आपकी रैंक, कैटेगरी और सिलेक्ट की गई ब्रांच के बेसिस पर सीट मिलती है. एडमिशन रिलेटेड डिटेल्स जानने के लिए स्टूडेंट कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट nitk.ac.in चेक कर सकते हैं.  NIT सुरथकल प्लेसमेंट डिटेल्स  एनआईटी (NIT) सुरथकल का कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) ब्रांच अपने शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड के लिए जाना जाता है. CSE ब्रांच के स्टूडेंट्स का हाईएस्ट पैकेज लगभग 55 लाख का देखा गया है. यहां टॉप कंपनियां जैसे Google, Microsoft, Oracle, Amazon, Cisco और Goldman Sachs स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट ऑफर देने के लिए आती है. इसके अलावा IT और AI ब्रांच का परफॉरमेंस भी लगभग एक जैसा रहती है. यह भी पढ़ें: टॉप 10 में आता है ये IIT, जानें कितनी रैंक पर मिलेगा एडमिशन The post CSE ब्रांच के लिए फेमस है NIT सुरथकल, जानें क्या है एडमिशन प्रोसेस appeared first on Naya Vichar.

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‘भूत बंगला’ की धमाकेदार कमाई, 5 दिन में 100 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म

Bhoot Bangla Box Office Collection Day 5: ‘भूत बंगला’ एक मजेदार हॉरर कॉमेडी फिल्म है, जिसमें डर और हंसी दोनों का मिक्स देखने को मिलता है. फिल्म में अक्षय कुमार लीड रोल में नजर आ रहे हैं और उनकी एक्टिंग को लोग काफी पसंद कर रहे हैं. रिलीज के बाद फिल्म को कुछ जगहों पर मिक्स रिव्यू मिले, लेकिन इसके बावजूद दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. खास बात यह है कि फिल्म ने पहले वीकेंड में जोरदार शुरुआत की और अब वीकडेज में भी ठीक-ठाक कमाई कर रही है. यही वजह है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धीरे-धीरे मजबूत होती जा रही है और 100 करोड़ क्लब की तरफ बढ़ रही है. पांचवे दिन की कमाई जानें Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार फिल्म ने पहले दिन करीब 12.25 करोड़ रुपये से शुरुआत की, जो एक अच्छा ओपनिंग कलेक्शन माना जाता है. दूसरे दिन कमाई में और बढ़ोतरी हुई और फिल्म ने करीब 19 करोड़ रुपये कमा लिए. तीसरे दिन यानी रविवार को फिल्म ने सबसे ज्यादा कमाई की और यह आंकड़ा 23 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके बाद सोमवार को थोड़ी गिरावट देखने को मिली और फिल्म ने करीब 6.75 करोड़ रुपये कमाए. वहीं, पांचवे दिन यानी मंगलवार को फिर से थोड़ा उछाल आया और फिल्म ने करीब 7.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. इस तरह पहले 5 दिनों में फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया है. कुल कमाई और वर्ल्डवाइड कलेक्शन अब तक फिल्म हिंदुस्तान में करीब 72.40 करोड़ रुपये नेट कमा चुकी है, जो कि एक मजबूत आंकड़ा माना जाता है. वहीं, अगर ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो यह 86.21 करोड़ रुपये हो चुका है. विदेशों में भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जहां से अब तक करीब 31.50 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. इस तरह फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 117 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया है, जो दिखाता है कि फिल्म को दर्शक पसंद कर रहे हैं. फिल्म की स्टार कास्ट और रिलीज इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ परेश रावल, तब्बू, राजपाल यादव, राजेश शर्मा, जिस्सू सेनगुप्ता, मिथिला पालकर और वामिका गब्बी जैसे कई जाने-माने कलाकार नजर आ रहे हैं. फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है, जो पहले भी कई हिट कॉमेडी फिल्में बना चुके हैं. यह फिल्म 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, जबकि इसके पेड प्रीव्यू एक दिन पहले यानी 16 अप्रैल को दिखाए गए थे. यह भी पढ़ें: अक्षय कुमार के बेटे आरव ने चुनी अलग राह, फिल्मी दुनिया छोड़ इस फील्ड में कर रहे मेहनत The post ‘भूत बंगला’ की धमाकेदार कमाई, 5 दिन में 100 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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SIR in Bengal: बंगाल में आ गया वोटरों का फाइनल लिस्ट, पहले फेज में ये वोटर डाल सकेंगे वोट

मुख्य बातें अभी भी कई बूथों की सूची का इंतजार कल होना है मतदान SIR in Bengal: कोलकाता: ट्रिब्यूनल द्वारा तैयार की गई पूरक सूची बुधवार सुबह प्रकाशित की गई. चुनाव आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पूरक सूची प्रकाशित की. चयनित मतदाताओं में से जो ‘पास’ हुए हैं, वे पहले चरण के मतदान में भाग ले सकेंगे. हालांकि, पहले चरण के मतदान से पहले कितने नाम निर्धारित किए गए हैं, यह अभी तक ज्ञात नहीं है. मतदाता अपने ईपीआईसी नंबर का उपयोग करके यह जांच कर सकेंगे कि उनके नाम का निपटान हुआ है या नहीं. अभी भी कई बूथों की सूची का इंतजार बुधवार सुबह ट्रिब्यूनल द्वारा तैयार की गई सूची (जिसमें नए सदस्यों को जोड़ा और हटाया गया है) प्रकाशित कर दी गई है. साथ ही, जिन बूथों पर अभी तक समझौता नहीं हुआ है, उन पर क्लिक करने पर यह जानकारी मिलती है कि उस बूथ में ट्रिब्यूनल द्वारा कोई समझौता सूची उपलब्ध नहीं है. नेतृत्वक दलों को पूरक सूची आज शाम तक मिल जाएगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कल होना है मतदान राज्य में गुरुवार (23 अप्रैल) को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का चुनाव होगा. सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि जिन लोगों के नाम 21 अप्रैल तक न्यायाधिकरण द्वारा तय की जाने वाली सूची से बाहर नहीं किए गए हैं, वे पहले चरण के मतदान में भाग ले सकेंगे. कल दिन भर इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि ट्रिब्यूनल द्वारा नामित उम्मीदवारों की सूची कब प्रकाशित की जाएगी. यह इंतजार मंगलवार रात को समाप्त हुआ. Also Read: वोटर लिस्ट से अब तक हटे 27 लाख नाम, अंतिम सूची जारी होने से पहले एक और याचिका दायर The post SIR in Bengal: बंगाल में आ गया वोटरों का फाइनल लिस्ट, पहले फेज में ये वोटर डाल सकेंगे वोट appeared first on Naya Vichar.

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देर रात प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप यादव, एक्स पर राहुल-तेजस्वी-सम्राट को किया टैग

Bihar Politics: लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. नेतृत्वक गलियारे में यह चर्चा होनी भी शुरू हो गई है कि क्या कोई नया सियासी समीकरण बनने वाला है. इस मुलाकात से जुड़े वीडियो को तेज प्रताप ने एक्स अकाउंट के जरिए शेयर किया. नहीं थी सिर्फ औपचारिक मुलाकात एक्स पोस्ट में गौर करने वाली बात यह रही कि तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव, बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को टैग किया है. साथ ही प्रशांत किशोर के साथ मुलाकात को बेहद खास बताया. यह भी जानकारी दी कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी. एक्स पोस्ट में क्या-क्या लिखा? तेज प्रताप यादव ने एक्स पर लिखा, ‘आज का दिन नेतृत्वक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा. मेरी मुलाकात Prashant Kishor जी से हुई, जहां हमने जनहित और भविष्य की नेतृत्व को लेकर गहन चर्चा की. इस दौरान जनता की अपेक्षाओं और बदलते नेतृत्वक समीकरणों पर विस्तार से बात हुई. यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई ऐसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ जो आने वाले समय में नेतृत्व की दिशा तय कर सकते हैं.’ आगे तेज प्रताप यादव ने यह भी लिखा, ‘मैं तेज प्रताप यादव, इस संवाद को अपने नेतृत्वक जीवन के एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में देखता हूं. जहां सकारात्मक सोच और जनसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का संकल्प और भी मजबूत हुआ.’ JJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मुलाकात का वीडियो सामने आया. जनहित और भविष्य की नेतृत्व पर चर्चा हुई. तेजप्रताप ने इसे अहम बताया और तेजस्वी यादव,सीएम सम्राट चौधरी और राहुल गांधी को पोस्ट में किया टैग.#BiharPolitics #tejpratapyadav #prashantkishor… pic.twitter.com/D96lZZYGJL — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 22, 2026 सियासी उलटफेर की संभावना बिहार की नेतृत्व में कई बार ऐसा देखा गया है कि जब दो नेताओं की मुलाकात होती है तो उसे नेता औपचारिक या फिर शिष्टाचार मुलाकात ही बताते हैं. लेकिन एक्स अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए तेज प्रताप यादव ने यह क्लियर कर दिया कि सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं थी. साथ ही जिस तरह से तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी यादव यादव, सीएम सम्राट चौधरी और राहुल गांधी को टैग किया है, उसके बाद अब बिहार की सियासत में नए सियासी उलटफेर की संभावना जताई जा रही है. Also Read: बिहार के 26 जिलों में लू की चेतावनी, 44 डिग्री तक पहुंचा पारा, कब होगी बारिश? The post देर रात प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप यादव, एक्स पर राहुल-तेजस्वी-सम्राट को किया टैग appeared first on Naya Vichar.

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SRH vs DC: हालात देख बदली प्लानिंग, अभिषेक ने बताई जीत की कहानी

SRH vs DC: दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ नाबाद 135 रन की पारी के साथ सनराइजर्स हैदराबाद की बड़ी जीत के हीरो रहे अभिषेक शर्मा ने मंगलवार (21 अप्रैल) को कहा कि पिच पर गेंद थोड़ी धीमी आ रही थी जिससे पावरप्ले में टीम को अपनी प्लानिंग बदलनी पड़ी. सनराइजर्स ने दो विकेट पर 242 रन बनाने के बाद दिल्ली कैपिटल्स को नौ विकेट पर 195 रन पर रोक दिया. अभिषेक ने 68 गेंद की नाबाद पारी में 10 चौके और इतने ही छक्के लगाये. ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अभिषेक ने मैच के बाद कहा कि टीम ने शुरुआत में पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने की योजना बनाई थी, लेकिन पिच धीमी होने के कारण उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा. उन्होंने कहा कि हालात देखकर रणनीति बदलना जरूरी था और उसी हिसाब से बल्लेबाजी की. अभिषेक ने टीम मैनेजमेंट को क्यों कहा शुक्रिया? अभिषेक ने टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया जताते हुए कहा कि उन्हें अपने तरीके से स्पोर्ट्सने की पूरी आजादी मिलती है. उन्होंने कहा कि यहां स्पोर्ट्सना और फैंस का मनोरंजन करना उन्हें बहुत पसंद है. साथ ही कोच और कप्तान को खास धन्यवाद दिया, जो खिलाड़ियों को खुलकर स्पोर्ट्सने का मौका देते हैं. यह भी पढ़ें : SRH vs DC: सनराइजर्स ने दिल्ली को 47 रनों से हराया, अभिषेक शर्मा रहे हीरो उन्होंने कहा कि 2024 से सनराइजर्स हैदराबाद में मिला माहौल टीम के लिए गेमचेंजर रहा है. यही माहौल उन्हें खुलकर स्पोर्ट्सने का आत्मविश्वास देता है. अभिषेक बोले कि वे हमेशा ऐसे ही स्पोर्ट्सना चाहते थे, पंजाब के लिए भी यही अंदाज रखना चाहते हैं और SRH के लिए स्पोर्ट्सना खास एहसास देता है. ‘एल सेलिब्रेशन’ सिर्फ फैंस के लिए शतक के बाद जश्न पर अभिषेक ने कहा कि वह ‘एल सेलिब्रेशन’ काफी समय से करते आ रहे हैं. यह सिर्फ फैंस के लिए है, जो उन्हें स्टेडियम में खूब प्यार और सपोर्ट देते हैं. The post SRH vs DC: हालात देख बदली प्लानिंग, अभिषेक ने बताई जीत की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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अक्षय कुमार के बेटे आरव ने चुनी अलग राह, फिल्मी दुनिया छोड़ इस फील्ड में कर रहे मेहनत

Akshay Kumar Son: बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार जहां अपनी फिल्मों और करोड़ों की कमाई के लिए जाने जाते हैं, वहीं उनके बेटे आरव भाटिया अपनी सादगी और अलग सोच के कारण चर्चा में आ गए हैं. हाल ही में अक्षय कुमार ने एक पॉडकास्ट में अपने बेटे को लेकर कई अहम बातें साझा कीं, जिसके बाद आरव सुर्खियों में आ गए. विदेश में पढ़ाई और फैशन की ओर झुकाव अक्षय कुमार ने बताया कि आरव का फिल्मी दुनिया में आने का कोई इरादा नहीं है. वह अभिनय से दूरी बनाए हुए हैं और फैशन इंडस्ट्री में अपना करियर बनाना चाहते हैं. फिलहाल आरव विदेश में फैशन की पढ़ाई कर रहे हैं और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं. 4500 रुपये की नौकरी से की शुरुआत सबसे खास बात यह है कि आरव ने अपने करियर की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह 4500 रुपये की सैलरी पर काम कर रहे हैं और बेसिक लेवल पर अनुभव हासिल कर रहे हैं. यह कदम उनकी सीखने की लगन और मेहनत को दर्शाता है. गांवों से सीख रहे हैं फैशन की बारीकियां अक्षय कुमार ने बताया कि आरव अक्सर छोटे गांवों और क्षेत्रों में जाकर फैशन से जुड़ी चीजें सीखते हैं. वहां के लोकल प्रिंट, डिजाइन और पारंपरिक कला को समझकर वह अपने काम में शामिल कर रहे हैं. यह अनुभव उन्हें फैशन की असली जड़ों से जोड़ रहा है. अक्षय कुमार का सादगी भरा पैरेंटिंग स्टाइल अक्षय कुमार ने अपने पेरेंटिंग स्टाइल पर बात करते हुए कहा कि वह अपने बेटे को ज्यादा लेक्चर नहीं देते. वह सिर्फ इतना कहते हैं कि किसी को नुकसान मत पहुंचाओ और अपनी जिंदगी खुद संभालो. उनका मानना है कि बच्चों को अपनी राह खुद चुनने की आजादी मिलनी चाहिए. लाइमलाइट से दूर रहते हैं आरव आरव भाटिया को अक्सर अपने परिवार के साथ देखा जाता है, लेकिन वह लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं. सोशल मीडिया पर भी वह ज्यादा एक्टिव नहीं हैं. फैंस का कहना है कि आरव अपने नाना राजेश खन्ना की तरह दिखते हैं और उनमें भी एक अलग स्टार पावर है, लेकिन वह सादगी को प्राथमिकता देते हैं. यह भी पढ़ें: रितेश–जेनिलिया के बेटे राहिल देशमुख ने किया एक्टिंग डेब्यू, राजा शिवाजी में आएंगे नजर The post अक्षय कुमार के बेटे आरव ने चुनी अलग राह, फिल्मी दुनिया छोड़ इस फील्ड में कर रहे मेहनत appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी या बंगाल के नये ‘किंग’? 2026 का चुनाव अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’

खास बातें टीएमसी की रणनीति के केंद्र में अभिषेक, दक्षिण बंगाल की कमान नयी रणनीति से मैदान मारने की कोशिश में अभिषेक मुद्दों की लड़ाई : SIR और ध्रुवीकरण पर कड़ा रुख संदेशखाली और स्त्री सुरक्षा क्या शुभेंदु अधिकारी को दे पायेंगे मात? नेतृत्व पर ‘अपनों’ और ‘गैरों’ की नजर Abhishek Banerjee Political Future: बंगाल चुनाव 2026 केवल सत्ता की जंग नहीं है. यह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ‘युवराज’ अभिषेक बनर्जी के नेतृत्वक कद और भविष्य का भी फैसला करेगा. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के नतीजे तय कर देंगे कि अभिषेक अपनी बुआ ममता बनर्जी की विरासत को संभालने के लिए तैयार हैं या नहीं. पार्टी के भीतर ‘एक पद, एक व्यक्ति’ के नारे से लेकर चुनावी रणनीति तैयार करने तक, अभिषेक ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. 2026 का नतीजा उनके लिए केवल जीत-हार नहीं, बल्कि उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता की परीक्षा है. टीएमसी की रणनीति के केंद्र में अभिषेक, दक्षिण बंगाल की कमान इस बार ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल पर ध्यान केंद्रित किया है, तो दक्षिण बंगाल की जिम्मेदारी अभिषेक बनर्जी के कंधों पर है. इसे टीएमसी का सबसे मजबूत किला माना जाता है. दक्षिण बंगाल में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथ के बढ़ते प्रभाव को रोकना अभिषेक बनर्जी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. नयी रणनीति से मैदान मारने की कोशिश में अभिषेक अभिषेक बनर्जी इस बार नयी रणनीति से बंगाल में मैदान मारने की कोशिश में हैं. उन्होंने इस बार पार्टी में भारी बदलाव करते हुए पुराने दिग्गजों की जगह युवा और नये चेहरों को तरजीह दी है. अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो पार्टी पर उनकी पकड़ निर्विवाद हो जायेगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुद्दों की लड़ाई : SIR और ध्रुवीकरण पर कड़ा रुख अभिषेक बनर्जी ने इस बार रक्षात्मक होने की बजाय आक्रामक रुख अपनाया है. मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटने के मुद्दे पर अभिषेक ने सबसे मुखर होकर विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने दावा किया कि हटाये गये 63 प्रतिशत लोग बंगाली हिंदू हैं, जिससे उन्होंने भाजपा के ‘हिंदुत्व’ कार्ड को उसी की भाषा में जवाब देने की कोशिश की है. Abhishek Banerjee Political Future: संदेशखाली और स्त्री सुरक्षा संदेशखाली जैसी घटनाओं के बाद डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी भी अभिषेक बनर्जी ने खुद उठायी. उन्होंने रैलियों के जरिये जनता को यह समझाने की कोशिश की कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ही पश्चिम बंगाल की अस्मिता की रक्षा कर सकती है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ क्या शुभेंदु अधिकारी को दे पायेंगे मात? अभिषेक बनर्जी के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत और नेतृत्वक चुनौती शुभेंदु अधिकारी हैं. नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी को घेरने के लिए अभिषेक ने खुद मोर्चा संभाला है. 2021 में ममता बनर्जी की हार का बदला लेने के लिए उन्होंने नंदीग्राम में पवित्र कर जैसे उम्मीदवार को उतारकर नंदीग्राम के बेटे की घेराबंदी की है. अगर वे शुभेंदु अधिकारी के प्रभाव को कम करने में सफल होते हैं, तो टीएमसी के भीतर उनका कद ममता बनर्जी के बाद सबसे ऊंचा हो जायेगा. नेतृत्व पर ‘अपनों’ और ‘गैरों’ की नजर पार्टी के भीतर पुराने गार्ड (Old Guard) बनाम नयी पीढ़ी के बीच चल रही खींचतान किसी से छिपी नहीं है. 2026 के नतीजे तय करेंगे कि अभिषेक बनर्जी केवल एक ‘वंशवादी उत्तराधिकारी’ हैं या स्वतंत्र और सशक्त राजनेता. अगर टीएमसी बहुमत हासिल करती है, तो मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए उनके नाम की दावेदारी और भी मजबूत हो जायेगी. नतीजों में गिरावट आयी, तो पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व पर सवाल उठ सकते हैं. इसे भी पढ़ें BJP के 3 एजेंट और संदेशखाली में स्त्रीओं का सौदा, क्या है अभिषेक बनर्जी की नयी थ्योरी? अभिषेक बनर्जी बोले- कांग्रेस को वोट दिया तो भाजपा जीतेगी, ममता बनर्जी ने अकेले लड़ी SIR की लड़ाई अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र, कहा- 2021 से भी बड़ी जीत दर्ज करेगी TMC डबल इंजन प्रशासन पर बरसे अभिषेक बनर्जी, कहा- बंगाल में नहीं चलेगा मोदी का बुलडोजर The post ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी या बंगाल के नये ‘किंग’? 2026 का चुनाव अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’ appeared first on Naya Vichar.

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ये 5 किचन ट्रिक्स बदल देंगे आपकी दाल का पूरा स्वाद और खुशबू, घर पर ही मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा फील

Cooking Tips: दाल की अगर बात करें तो इसे हिंदुस्तानीय खाने की जान भी कहा जा सकता है. यह दिखने में भले ही एकदम साधारण सी लगे, लेकिन इसका स्वाद ऐसा होता है जो हर किसी को अपना फैन बना सकता है. बस जरूरत है इसे सही तरीके से तैयार करने की. अगर आप अपनी रोज की दाल को एक टेस्टी और मजेदार ट्विस्ट देना चाहते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके काफी काम आने वाला है. आज हम आपको कुछ ऐसे छोटे-छोटे सीक्रेट टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको हर दिन दाल बनाते समय जरूर अपनाना चाहिए. जब आप इन टिप्स को फॉलो करना शुरू करेंगे, तो न सिर्फ दाल का स्वाद बदल जाएगा, बल्कि उसकी खुशबू और टेक्सचर भी पहले से कहीं बेहतर हो जाएगा. तो चलिए इन टिप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. दाल को सही तरीके से धोना और भिगोना अगर आप ज्यादा टेस्टी दाल बनाना चाहते हैं तो इसकी शुरुआत हमेशा तरीके से सफाई करने से होती है. अक्सर हम हड़बड़ी के चक्कर में इसे जल्दबाजी में धोकर ही पकाने के लिए चढ़ा देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो दाल का असली स्वाद निखरकर सामने नहीं आ पाता. दाल को पकाने से पहले उसे कम से कम 2 से 3 मिनट तक अच्छे से जरूर धो लें. जब आप ऐसा करते हैं तो दाल में मौजूद गंदगी और स्टार्च बाहर निकल जाते हैं. इसके अलावा अगर आपके पास समय है तो दाल को 15 मिनट के लिए भिगोकर रख देना चाहिए. ऐसा करने से दाल सॉफ्ट और ज्यादा टेस्टी बनता है. इसके अलावा दाल का टेक्सचर भी बेहतर आता है. यह भी पढ़ें: अब नहीं होगा खाना बर्बाद, बासी खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये बेहतरीन कुकिंग हैक्स सही मसालों का सही समय पर इस्तेमाल दाल का स्वाद कैसा होगा यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसमें किन मसालों का इस्तेमाल किया गया है. कई लोगों की यह आदत होती है कि वे एक साथ ही सारे मसालों को डाल देते हैं, जो कि बिलकुल ही गलत तरीका है. जीरा, हींग और हल्दी जैसी चीजों को शुरुआत में तड़के में डालना चाहिए ताकि इन सभी चीजों का पूरा फ्लेवर दाल में घुल जाए. वहीं, गरम मसाले और अमचूर को हमेशा ही लास्ट में डालना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं तो यह और भी ज्यादा फ्रेश और टेस्टी लगने लगता है. तड़का ही है असली गेम चेंजर दाल का स्वाद बढ़ाने में एक काफी अहम भूमिका तड़के का होता है. घी में जीरा, लहसुन, प्याज और लाल मिर्च डालकर बनाया गया तड़का दाल को अलग ही लेवल पर ले जाता है. अगर आप चाहें तो इसमें करी पत्ते और राई को भी डाल सकते हैं. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि तड़का हमेशा दाल पर गर्मागर्म ही डालें ताकि सारे फ्लेवर्स अच्छे से मिक्स हो जाएं. यह भी पढ़ें: सिर्फ 2 मिनट में बढ़ जाएगा फीके खाने का स्वाद, ये आसान हैक्स आएंगे आपके काम टमाटर और नींबू का भी करें इस्तेमाल अगर आपको दाल में हल्की खटास पसंद है तो इसे लाने के लिए आप टमाटर या फिर नींबू का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. जब आप टमाटर का इस्तेमाल करते हैं तो दाल को गाढ़ापन और हल्की सी मिठास मिलती है. जबकि नींबू का इस्तेमाल करने से यह और भी फ्रेश और टेस्टी लगने लगता है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि आप दाल में नींबू हमेशा पकने के बाद ही डालें. हरे धनिये और गार्निशिंग से आएगा फर्क दाल जब पक जाए तो लास्ट में आपको फ्रेश धनिया के पत्तों की उसमें डालना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं, तो दाल का स्वाद और भी ज्यादा बेहतर हो जाता है. यह सिर्फ स्वाद को निखारता नहीं है, इसकी वजह से यह दिखने में भी ज्यादा अट्रैक्टिव लगने लगती है. आप अगर चाहें तो ऊपर से थोड़ा सा भुना हुआ जीरा पाउडर भी इसमें डाल सकते हैं. यह भी पढ़ें: सब्जी में पड़ गया ज्यादा मसाला? इन आसान तरीकों से करें स्वाद को बैलेंस The post ये 5 किचन ट्रिक्स बदल देंगे आपकी दाल का पूरा स्वाद और खुशबू, घर पर ही मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा फील appeared first on Naya Vichar.

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मौसम : लू का अलर्ट जारी, पारा जाएगा 40 के पार, IMD ने दी जानकारी

Weather Forecast :  मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 24-25 अप्रैल को और हिमाचल प्रदेश में 25-26 अप्रैल को 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना है. पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा में 22 से 27 अप्रैल के बीच मौसम बदलता रहेगा. कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. साथ ही बिजली गिरने और 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है. केरल और माहे में 22-23 अप्रैल के बीच, कर्नाटक (आंतरिक व तटीय), तेलंगाना, आंध्र प्रदेश (तटीय व यनम) में 22-25 अप्रैल के दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. Up weather उत्तर प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा? उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम ज्यादातर शुष्क और गर्म रहने वाला है. दिन में तेज धूप के साथ कई जगहों पर लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी काफी परेशान करेगी. 22 से 25 अप्रैल के बीच खासकर दिन के समय लू का असर ज्यादा रहेगा. हालांकि 27 अप्रैल के आसपास कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं. Delhi weather दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? दिल्ली में अगले सात दिनों तक मौसम ज्यादातर साफ और गर्म रहने वाला है. 22 से 24 अप्रैल के बीच कई जगहों पर लू चलने की संभावना है और तापमान 42-44 डिग्री तक पहुंच सकता है. दिन में तेज गर्म हवाएं भी चलेंगी. 25 अप्रैल के बाद हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन गर्मी से खास राहत नहीं मिलेगी और तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहेगा. यह भी पढ़ें : असम में भारी बारिश और तूफान से तबाही: बाढ़ जैसे हालात, एक की मौत राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा राजस्थान में अगले 4–5 दिनों तक मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा और तापमान 1–2 डिग्री तक बढ़ सकता है. अधिकतर इलाकों में दिन का तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहने की संभावना है. खासकर 23–25 अप्रैल के दौरान उत्तरी राजस्थान में कहीं-कहीं लू चल सकती है. वहीं पश्चिमी हिस्सों, खासकर जोधपुर संभाग में 22–23 अप्रैल को 20–30 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की भी संभावना है. राजस्थान मौसम अपडेट 21 अप्रैल pic.twitter.com/YZuHDmoIm8 — मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) April 21, 2026 पूरा प्रेस रिलीज देखने के लिए यहां क्लिक करें The post मौसम : लू का अलर्ट जारी, पारा जाएगा 40 के पार, IMD ने दी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा

खास बातें हर बूथ पर 10-15 नये वोटर जोड़ने का प्लान शाह का वार-रूम : 294 सीटों का डेटा और 40-50 सीटों का स्पोर्ट्स बदला हुआ अंदाज : व्यक्तिगत हमलों पर पूरी तरह रोक क्षेत्रीय रणनीति : उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल तक घेराबंदी सफारी रेनबो और अल्पसंख्यक फैक्टर BJP West Bengal Strategy 2026: बंगाल चुनाव 2026 के लिए हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है. 2021 की हार और व्यक्तिगत हमलों के ‘बैकफायर’ होने के बाद, इस बार अमित शाह ने खुद कमान संभालते हुए बंगाल के सियासी समर को ‘बूथ लेवल’ तक तोड़ दिया है. हर बूथ पर 10-15 नये वोटर जोड़ने का प्लान शोर-शराबे वाली रैलियों से ज्यादा ध्यान अब एक-एक बूथ पर 10-15 नये वोटर जोड़ने पर है. इस बार भाजपा का लक्ष्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि उन 60 सीटों को जीतना है, जहां पिछले चुनाव में हार का अंतर 5,000 से 10,000 वोटों से कम था. शाह का वार-रूम : 294 सीटों का डेटा और 40-50 सीटों का स्पोर्ट्स अमित शाह पिछले कुछ दिनों से लगातार बंगाल आ रहे हैं. वह यहां एक आधुनिक ‘वार-रूम’ चला रहे हैं. माइक्रो मैनेजमेंट : हर विधानसभा में 250-300 बूथ होते हैं. शाह का स्पष्ट निर्देश है कि अगर हर बूथ पर 10 अतिरिक्त वोटर जुड़ते हैं, तो प्रति सीट 3,000 वोटों का इजाफा होगा. यही वो जादुई आंकड़ा है, जो बंगाल की सत्ता की चाबी भाजपा को दिला सकता है. टारगेट सीटें : भाजपा ने 100-120 ‘जीतने वाली’ और 80-100 ‘मुकाबले वाली’ सीटों की पहचान की है. लक्ष्य 135-160 सीटों तक पहुंचना है, जबकि बहुमत के लिए 148 का आंकड़ा चाहिए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बदला हुआ अंदाज : व्यक्तिगत हमलों पर पूरी तरह रोक वर्ष 2021 के बंगाल चुनाव में ‘दीदी ओ दीदी’ जैसे नारों ने ममता बनर्जी को सहानुभूति बटोरने का मौका दिया था. इस बार भाजपा ने अपनी भाषा बदल ली है. मुद्दों पर फोकस : अब हमला सीधे तौर पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और प्रशासनी योजनाओं की विफलताओं पर है. स्थानीय चेहरे : इस बार फिल्मी सितारों और दलबदलुओं की बजाय उन स्थानीय नेताओं को टिकट दिया गया है, जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत है. आरजी कर मुद्दा : कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना को भाजपा ने बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया है. यहां तक कि पीड़ित डॉक्टर की मां को उत्तर 24 परगना के पानीहाटी से मैदान में उतार दिया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ‘दलबदल’ से खुलती है जीत की राह? चौंकाने वाले संकेत दे रहे 3 चुनावों के आंकड़े क्षेत्रीय रणनीति : उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल तक घेराबंदी भाजपा ने बंगाल को अलग-अलग जोन में बांटकर बड़े नेताओं को तैनात किया है. उत्तर बंगाल और जंगलमहल : राजबंशी समाज, चाय बागान श्रमिक और आदिवासी वोट बैंक पर नजर है. भाजपा को उम्मीद है कि 2-3 प्रतिशत का वोट स्विंग यहां की सीटों के नतीजों को पूरी तरह बदल देगा. बॉर्डर और मतुआ समाज : सीमावर्ती जिलों में नागरिकता और अधिकारों के मुद्दे पर मतुआ समुदाय के बीच ‘सॉफ्ट मैसेजिंग’ की जा रही है. दक्षिण बंगाल की चुनौती : भाजपा को 2021 में वोट तो मिले थे, पर सीटें नहीं मिलीं. अब व्यापारियों और मध्यम वर्ग के बीच ‘डोर टू डोर’ कैंपेन चलाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी राउंड-2, नंदीग्राम के बाद भवानीपुर बना जंग का मैदान, दीदी के गढ़ में बदली सियासत BJP West Bengal Strategy 2026: सफारी रेनबो और अल्पसंख्यक फैक्टर भाजपा का गेमप्लान दोतरफा है. पहला- हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण (OBC, SC, ST को जोड़कर) और दूसरा- अल्पसंख्यक वोटों का बिखराव. भाजपा को उम्मीद है कि कांग्रेस, वामपंथी दल और आईएसएफ मिलकर टीएमसी के अल्पसंख्यक वोट बैंक में सेंध लगायेंगे, जिसका सीधा फायदा भगवा खेमे को होगा. कुल मिलाकर, भाजपा 2026 में 2021 वाली आक्रामकता के बजाय एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम कर रही है, जहां जीत का रास्ता बड़ी रैलियों से नहीं, बल्कि पन्ना प्रमुखों के जरिये बूथों से होकर गुजरता है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव : थम गया पहले चरण का शोर, 23 को 3.60 करोड़ मतदाता चुनेंगे 152 विधायक, दांव पर शुभेंदु और अधीर की साख ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी राउंड-2, नंदीग्राम के बाद भवानीपुर बना जंग का मैदान, दीदी के गढ़ में बदली सियासत बंगाल में अमित शाह का वादा- भाजपा प्रशासन बनने के 180 दिन में सुलझेगा गोरखा मुद्दा, मतदाता सूची से कटे नाम होंगे वापस बंगाल में गरजे अमित शाह- 4 मई के बाद गुंडों को उल्टा टांगकर सीधा करेगी भाजपा, लागू होगा UCC, घुसपैठियों की खैर नहीं The post अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा appeared first on Naya Vichar.

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