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Author name: Vinod Jha

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आठ बैरिकेड तोड़ विधानसभा पहुंचे छात्र, देर शाम पुलिस ने किया लाठीचार्ज

रांची: जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितता के विरोध में छात्र संगठनों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधानसभा मार्च किया. प्रदर्शनकारी छात्र कई समूहों में विभाजित होकर विधानसभा की ओर बढ़े और योगदा सत्संग कॉलेज से आगे निकलते हुए पुलिस की आठ बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा परिसर तक पहुंच गए. छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने कई बार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे. देर शाम तक बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा परिसर और योगदा सत्संग कॉलेज के आसपास डटे रहे. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि यह पहली बार है जब कोई छात्र संगठन प्रदर्शन करते हुए झारखंड विधानसभा परिसर के भीतर तक पहुंचा है. पानी की बौछार में नाचते रहे छात्र विधानसभा मार्च को रोकने के लिए शुरुआत में पुलिस ने पानी की तेज बौछार की, लेकिन कई छात्र उसी में नाचते और नारे लगाते रहे. आंसू गैस छोड़े जाने के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं. देर शाम लाठीचार्ज पुलिस ने शुरुआत में संयम बरता, लेकिन भीड़ बढ़ने पर देर शाम लाठीचार्ज करना पड़ा. भगदड़ के दौरान एक छात्रा भीड़ में दब गई, हालांकि अन्य छात्रों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस द्वारा लाठी उठाते ही छात्र राष्ट्रगान गाने लगते थे. प्रदर्शन के दौरान दर्जनों छात्र घायल हुए. पुलिस के छह जवान भी चोटिल हुए, जिनमें आइआरबी के जवान फाल्गुनी यादव के सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें पारस अस्पताल के आइसीयू में भर्ती कराया गया है. एक छात्र का सिर भी फट गया. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए विधानसभा के सभी गेट बंद कर दिए गए. देर शाम प्रदर्शनकारी परिसर के पास धरना देने का प्रयास कर रहे थे, तब पुलिस ने फिर लाठीचार्ज कर क्षेत्र खाली कराया. ये भी पढ़ें: JSSC CGL का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले मिला था: अभय तिवारी देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से पहुंचे आंदोलन के दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल पहुंचे. वे स्ट्रेचर पर लेटकर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते दिखाई दिए. बाद में पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया. भाजपा ने आज झारखंड बंद का आह्वान किया घटना के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है पार्टी ने प्रशासन पर छात्र आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है. वहीं मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर नेतृत्वक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री ने कहा- युवाओं की आवाज का सम्मान जरूरी प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ स्थिति संभालने के लिए वे प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों और जवानों का धन्यवाद करते हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना छात्रों का अधिकार है और उनकी आवाज का सम्मान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, प्रशासन किसी को नहीं बख्शेगी और व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. राहुल गांधी ने बल प्रयोग को गलत बताया लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत है. छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और समाधान बातचीत से निकलना चाहिए. उन्होंने राज्य प्रशासन से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की अपील की. ये भी पढ़ें: JPSC घोटाला: डॉ. दिलीप प्रसाद के बाद गिरफ्तार होने वाले जेपीएससी के दूसरे अध्यक्ष बने एल खियांग्ते The post आठ बैरिकेड तोड़ विधानसभा पहुंचे छात्र, देर शाम पुलिस ने किया लाठीचार्ज appeared first on Naya Vichar.

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JPSC घोटाला: डॉ. दिलीप प्रसाद के बाद गिरफ्तार होने वाले जेपीएससी के दूसरे अध्यक्ष बने एल खियांग्ते

रांची : JPSC और अन्य नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितता मामले में गिरफ्तार एल खियांग्ते आयोग के दूसरे ऐसे अध्यक्ष बन गए हैं जिन्हें जेल जाना पड़ा है। इससे पहले पहली और दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में डॉ. दिलीप प्रसाद गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं. झारखंड में राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में जेपीएससी की अब तक 14 संयुक्त सिविल सेवा परीक्षाएं आयोजित हुई हैं और इनमें दो अध्यक्षों की गिरफ्तारी हो चुकी है. एल खियांग्ते ने 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी अध्यक्ष का पद संभाला था. उनका कार्यकाल लगभग 17 माह का ही रहा. 21 जुलाई 2026 को सीआइडी की छापेमारी के दौरान उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. सीआइडी ने उनसे पहले दो बार पूछताछ की और 10 अगस्त 2026 को नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितता के मामले में गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में उप परीक्षा नियंत्रक, टीडीपीएल के निदेशक सहित 19 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है. विवाद से गिरफ्तारी तक 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई थी. परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप लगाए और 3 जुलाई 2026 से विवाद तेज हो गया. आरोपों में ब्लैकलिस्टेड कंपनी से काम कराना, परीक्षा संचालन में गड़बड़ी, परिणाम प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और एक ही एजेंसी टीडीपीएल को बार-बार काम दिए जाने जैसे मुद्दे शामिल थे. सीआइडी ने 21 और 23 जुलाई 2026 को जेपीएससी कार्यालय, खियांग्ते के आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए गए. छापेमारी के दिन ही खियांग्ते ने पद से इस्तीफा दे दिया था. ये भी पढ़ें: Jharkhand Bandh Live Updates: JPSC धांधली के विरोध में सड़कों पर उतरी BJP, रांची में टायर जलाकर रोड ब्लॉक खियांग्ते का प्रशासनिक करियर मिजोरम के रहने वाले एल खियांग्ते वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों में रहे हैं. उन्होंने झारखंड प्रशासन में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, निदेशक और उपायुक्त सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. दिसंबर 2023 में उन्हें झारखंड का 24वां मुख्य सचिव बनाया गया था. 31 अक्तूबर 2024 को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर वे सेवानिवृत्त हुए. जेपीएससी अध्यक्ष डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा के अगस्त 2024 में सेवानिवृत्त होने के बाद लगभग छह माह तक पद खाली रहा था, जिसके बाद राज्य प्रशासन की अनुशंसा पर राज्यपाल ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी. नियमानुसार उन्हें 25 अक्तूबर 2026 तक पद पर रहना था, लेकिन उससे लगभग तीन माह पहले ही उन्हें पद छोड़ना पड़ा. कार्यकाल के दौरान बढ़ती शिकायतें खियांग्ते के कार्यकाल में जेपीएससी ने कई भर्ती परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया, लेकिन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहीं. 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के अलावा फॉरेस्ट रेंज अफसर और सहायक वन संरक्षक भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी. आरोप लगाया गया कि परीक्षा संचालन और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा. जेपीएससी के अब तक के अध्यक्ष जेपीएससी के स्थायी अध्यक्षों में फटिक चंद्र हेंब्रम, डॉ. दिलीप प्रसाद, शिव बसंत, देवाशीष गुप्ता, डीके श्रीवास्तव, के. विद्यासागर, सुधीर त्रिपाठी, अमिताभ चौधरी, डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा और एल खियांग्ते शामिल रहे हैं. कार्यकारी अध्यक्षों में डॉ. दिलीप प्रसाद, आलोक जैन, डॉ. परवेज हसन और एके चट्टोराज शामिल रहे हैं. राज्य गठन के बाद जेल गए सात आइएएस अधिकारी झारखंड राज्य गठन के बाद अब तक सात आइएएस अधिकारियों को विभिन्न मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इनमें सजल चक्रवर्ती, डॉ. प्रदीप कुमार, सियाराम प्रसाद सिन्हा, पूजा सिंघल, छवि रंजन, विनय कुमार चौबे और एल खियांग्ते शामिल हैं. एल खियांग्ते को 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोप में सीआइडी ने गिरफ्तार किया है. ये भी पढ़ें: JSSC CGL का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले मिला था: अभय तिवारी The post JPSC घोटाला: डॉ. दिलीप प्रसाद के बाद गिरफ्तार होने वाले जेपीएससी के दूसरे अध्यक्ष बने एल खियांग्ते appeared first on Naya Vichar.

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बेंगलुरु: 5-स्टार होटल का कमरा बुक कर दो बेटियों की हत्या, फिर पिता ने खुद पर चलाया चाकू

बेंगलुरु के एक होटल में दो मासूम बहनों (उम्र 5 और 10 साल) की उनके पिता द्वारा गला घोंटकर हत्या करने का मामला सामने आया है. आरोपी पिता की पहचान 40 वर्षीय एस.जी. इमरान के रूप में हुई है, जिसने इस वारदात के बाद खुद भी आत्महत्या करने का प्रयास किया. शुरुआती जांच और पूर्वोत्तर बेंगलुरु के डीसीपी जी.के. मिथुन कुमार के अनुसार, घटना के बाद आरोपी को गंभीर हालत में मणिपाल अस्पताल भर्ती कराया गया था, जहां अब वह खतरे से बाहर है. मौके से एक सुसाइड नोट मिला पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पारिवारिक विवाद और पत्नी पर शक किए जाने की बात कही गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हत्या की मुख्य वजह तथा पूरी घटना की गहनता से जांच कर रही है. ये भी पढ़ें: त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस मुख्यालय में मिला शव; खुदकुशी की आशंका कमरे के भीतर दोनों मासूम बच्चियों के शव मिले पुलिस के अनुसार, जांच अधिकारियों को होटल के कमरे के भीतर दोनों मासूम बच्चियों के शव मिले. वहीं उनका पिता उसी कमरे में गंभीर रूप से कटे हुए गले के साथ बेहोश पड़ा हुआ था. उसे तुरंत इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. DCP जी. के. मिथुन कुमार ने कहा, “हम सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूत और एकत्र किए गए अन्य सामान की भी जांच कर रहे हैं. आरोपी के चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ (मेडिकली फिट) होते ही उसका बयान दर्ज किया जाएगा.” घटनास्थल पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम जांच में जुटी हुई है. फॉरेंसिक टीम वहां से नमूने (सैंपल) और साक्ष्य एकत्र कर रही है, जिससे घटनाक्रम का सही क्रम समझकर पूरे मामले की वजह और परिस्थितियों का खुलासा किया जा सके. The post बेंगलुरु: 5-स्टार होटल का कमरा बुक कर दो बेटियों की हत्या, फिर पिता ने खुद पर चलाया चाकू appeared first on Naya Vichar.

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पूर्वोत्तर भारत का इंडस्ट्रियल हब बनेगा बिहार, करोड़ों के प्रोजेक्ट्स से बदलेगी सूरत, कुछ ऐसा है मास्टर प्लान

Bihar Industrial Development: ‘प्रशासन का लक्ष्य राज्य के हर जिले में कम-से-कम एक बड़ा उद्योग स्थापित करना है. पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारने की दिशा में काम किया जाएगा. इसके लिए PPP मॉडल के तहत उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने की योजना है’. यह ऐलान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया था. सम्राट चौधरी प्रशासन के 100 साल पूरे होने पर राज्यस्तरीय विकास उत्सव का आयोजन किया गया था. इस दौरान उन्होंने 11,464 करोड़ रुपये की 2,476 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था. इसमें स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, उद्योग और निवेश से जुड़े कई अहम फैसलों की जानकारी दी गई थी. इस तरह से बिहार में उद्योग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इसे लेकर प्रशासन का मानना है कि औद्योगिक निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का पलायन कम होगा. ऐसे में बिहार प्रशासन की ओर से बिहार में औद्योगिक विकास के लिए क्या कुछ प्लानिंग की गई है, कौन-कौन प्रमुख योजनाएं लाई गईं हैं और कौन-कौन से बड़े ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं, जो बिहार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकेंगे… पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बिहार में औद्योगिक विकास के लिए प्रशासन के प्रमुख ऐलान 51,600 करोड़ का होगा निवेश- बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में उद्योग विभाग ने करीब 51,600 करोड़ रुपये के निवेश के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू किए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुए इन समझौतों से स्टील, टेक्सटाइल, ऊर्जा और फार्मा क्षेत्र में नई परियोजनाएं आने की उम्मीद है. ग्लोबल रिन्यूएबल एडवांस्ड क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (ग्रेस) न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में 22,500 करोड़ रुपये निवेश करेगी. जबकि क्रिएटिव ग्रुप और अनुभव एपरेल्स बिहार में टेक्सटाइल इकाइयां लगाने की तैयारी में हैं. गयाजी में मेगा स्टील प्लांट- बिहार के गयाजी में स्टील प्लांट लगाया जाएगा. इसके लिए 6000 करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे. गयाजी में बड़े एकीकृत इस्पात (Large Integrated Steel Project) लगाने के लिए उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप के बीच एमओयू साइन किया गया है. प्रस्तावित परियोजना की उत्पादन क्षमता 1.0 से 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) होगी. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा- बिहार प्रशासन ने नए उद्योगों के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाकर इसे अधिकतम 30 दिनों में अनिवार्य कर दिया है. जानकारी के मताबिक, निर्धारित समय-सीमा में निर्णय न होने पर प्रोजेक्ट को स्वतः मंजूरी (Deemed Clearance) मिल जाएगी, जिसका उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है. नई और बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करना- बिहार में नई और पुरानी चीनी मिलों को खोलने की योजना बनाई गई है. गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने शुगरकेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पोर्टल (SIPP) शुरू किया है. गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने पोर्टल लॉन्च करते हुए बताया था कि इसके जरिए निवेशकों को एक ही जगह पर जरूरी सुविधाएं और जानकारी मिल सकेगी. यह पहल बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत की गई. नई चीनी मिल लगाने वाले निवेशकों को प्रशासन 70 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी देगी. साथ ही पांच साल तक 100 फीसदी SGST की वापसी का प्रावधान है. 25000 करोड़ का वित्तपोषण का फैसला- प्रशासन ने राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 25000 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया था. इसके लिए सीएम सम्राट चौधरी ने जमीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आयडा) को वित्तीय संस्थानों से राज्य प्रशासन की गारंटी पर 25000 करोड़ रुपये लोन लेने के लिए अधिकृत करने की स्वीकृति दी थी. 51,600 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किया गया साइन बिहार में औद्योगिक विकास से जुड़े 5 बड़े और प्रमुख प्रोजेक्ट्स गयाजी इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट गयाजी में करीब 6,000 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह परियोजना बिहार को स्टील उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इससे विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. मुजफ्फरपुर मेगा फूड पार्क मोतीपुर में स्थापित मेगा फूड पार्क का उद्देश्य कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना है. इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार और प्रसंस्करण की आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी. बिहटा ईवी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पटना के बिहटा स्थित सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में Empara Life India Private Limited की ओर से करीब 5,600 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है. परियोजना में लिथियम-आयन बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण की योजना है. कंपनी के अनुसार इससे करीब 3,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. यह परियोजना बिहार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैटरी निर्माण का नया औद्योगिक आधार तैयार कर सकती है. बिहार में न्यूक्लियर पावर प्लांट परियोजना मुख्य रूप से बिहार के बांका और नवादा में न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं की संभावनाओं पर काम किए जाने की जानकारी सामने आई है. प्रस्तावित परियोजनाओं में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक के इस्तेमाल की बात कही गई है. परियोजनाओं को लेकर NPCIL और NTPC से जुड़े स्तर पर सर्वे और अन्य प्रारंभिक गतिविधियों की चर्चा है. बक्सर में कोका-कोला और जेके सीमेंट की यूनिट्स बक्सर में करीब 1,700 करोड़ रुपये की लागत से बॉटलिंग प्लांट और सीमेंट निर्माण से जुड़ी इकाइयों के संचालन से क्षेत्र में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिला है. इससे स्थानीय रोजगार, लॉजिस्टिक्स और छोटे कारोबारों को भी गति मिलने की उम्मीद है. कोका कोला प्लांट की सांकेतिक तस्वीर किस-किस क्षेत्र में उद्योग लगाने की है योजना कृषि आधारित एवं फूड प्रोसेसिंग उद्योग बिहार की कृषि वित्तीय स्थिति को उद्योग से जोड़ने के लिए मखाना, मक्का, फल, सब्जियां और अनाज के प्रसंस्करण और पैकेजिंग से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे किसानों को बेहतर बाजार मिलने के साथ कृषि उत्पादों का वैल्यू एडिशन और स्थानीय रोजगार बढ़ सकता है. वस्त्र और चर्म उद्योग टेक्सटाइल, लेदर गुड्स और फुटवियर निर्माण को रोजगार आधारित उद्योगों के रूप में विकसित करने की संभावनाएं हैं. इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से विशेषकर युवाओं और स्त्रीओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. स्टील और विनिर्माण उद्योग गया समेत राज्य के अन्य हिस्सों में प्रस्तावित

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‘अम्मा-भौजी’ का टैग तोड़ने के लिए रानी चटर्जी ने पार की बोल्डनेस की हद! ‘मस्तराम’ के बस वाले सीन पर बोलीं- मुझे लोगों को झटका देना था

Rani Chatterjee Bold Scene: भोजपुरी सिनेमा की ग्लैमरस एक्ट्रेस रानी चटर्जी ने जब ‘मस्तराम’ में बोल्ड अंदाज दिखाया तो हर तरफ उनकी चर्चा होने लगी. जिस अभिनेत्री को कभी ‘अम्मा-भौजी’ वाले किरदारों तक सीमित कर दिया गया था, उसने अचानक ऐसा अवतार दिखाया कि फैंस भी हैरान रह गए. अब सालों बाद रानी ने नया विचार डिजिटल से एक्सक्लूसिव बातचीत में उस चर्चित बस सीक्वेंस की पूरी कहानी सुनाई है. ‘रानी सेक्सी नहीं लग सकती…’ रानी चटर्जी ने बताया कि ‘मस्तराम’ करने के पीछे कोई मजबूरी नहीं थी. इसके पीछे उनके करियर को लेकर बनी एक धारणा को तोड़ने की जिद थी. वह बताती हैं कि एक समय इंडस्ट्री में उनके बारे में कहा जाने लगा था कि रानी सेक्सी नहीं लग सकतीं, गुड लुकिंग नहीं लग सकतीं और वह सिर्फ अम्मा या भौजी जैसे किरदारों के लिए ही सही हैं. यही बातें धीरे-धीरे उनके अंदर जिद पैदा करने लगीं. “मुझे ये अम्मा-भौजी वाला टैग हटाना था. मुझे ये साबित करना था कि मैं एक ही तरह के रोल करने नहीं आई हूं.” रानी ने कहा. पहले ठुकरा दिया था ‘मस्तराम’ दिलचस्प बात यह है कि जब रानी को ‘मस्तराम’ ऑफर हुई थी, तो उन्होंने शुरुआत में इसे करने से मना कर दिया था. लेकिन मेकर्स ने उन्हें शूटिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई. रानी के मुताबिक, टीम कनाडा से आई थी और उनके चर्चित सीक्वेंस को दो स्त्री डायरेक्टर्स ने कोरियोग्राफ किया था. उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से हर मूवमेंट और शॉट समझाया गया था. सीन को तीन कैमरा एंगल से शूट किया जाना था और इसे बिना कट के पूरा किया गया.  स्क्रीन पर ‘बोल्ड’, सेट पर बिल्कुल अलग था माहौल रानी कहती हैं कि स्क्रीन पर यह सीक्वेंस देखने के बाद दर्शकों को लग सकता है कि आखिर इतना बोल्ड सीन कैसे शूट कर लिया गया. लेकिन सेट पर उनके लिए पूरा सीन एक कोरियोग्राफ्ड परफॉर्मेंस की तरह था. उन्होंने बताया कि उनके को-एक्टर ने भी उन्हें भरोसा दिया था कि अगर किसी चीज में असहज महसूस हो तो वह मना कर सकती हैं. रानी के मुताबिक, शूटिंग शुरू होने के बाद उन्हें लगा कि सीक्वेंस डांस स्टेप्स की तरह ही डिजाइन किया गया है और पूरी शूटिंग बेहद स्मूथ तरीके से हो गई. “कट सुना तो मुझे लगा- यार, ये तो बिना किसी हिचकिचाहट के सब शूट कर लिया.” मां को लगा- ‘तुमने ये क्यों किया?’ लेकिन असली ड्रामा शूटिंग के बाद शुरू हुआ. जब रानी की मां ने यह वीडियो देखा तो वह काफी नाराज हो गईं. आखिर उनकी बेटी, जो भोजपुरी फिल्मों में किसिंग सीन तक नहीं करती थी, अचानक इतने ग्लैमरस अंदाज में कैसे नजर आ रही थी? रानी बताती हैं कि मां ने उनसे सवाल किया कि आखिर इसकी जरूरत क्या थी. इसके बाद रानी ने उन्हें समझाया कि शूटिंग किस तरह हुई थी और पूरा सीक्वेंस कैसे डिजाइन किया गया था. तब जाकर उनकी मां शांत हुईं.  ‘या तो सलमान खान लॉन्च या फिर कुछ ऐसा…’ रानी ने बातचीत में अपने करियर की उस बेचैनी का भी जिक्र किया, जिसने उन्हें यह फैसला लेने के लिए प्रेरित किया. उनका कहना था कि वह एक ही तरह के नॉन-ग्लैमरस किरदारों में बंधना नहीं चाहती थीं. उन्हें ऐसा कुछ करना था, जिसके बाद लोग उनके बारे में अपनी राय बदलने पर मजबूर हों. और ‘मस्तराम’ ने ठीक यही किया. सीरीज के बाद रानी की चर्चा अचानक बढ़ गई. सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स बढ़े और लोगों का उनके प्रति नजरिया भी बदलने लगा.  ‘मुझे लोगों को झटका देना था’ रानी के लिए ‘मस्तराम’ सिर्फ एक बोल्ड सीक्वेंस नहीं था. यह उनकी इमेज बदलने की सोची-समझी कोशिश थी. वह साफ कहती हैं कि उन्होंने यह काम किसी मजबूरी में नहीं किया था. वह पूरी तरह सोच-समझकर इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनी थीं.उनका मकसद साफ था- लोगों के दिमाग में बनी ‘अम्मा-भौजी’ वाली रानी की तस्वीर को तोड़ना. ‘मस्तराम’ के बाद उन्हें अलग तरह के प्रोजेक्ट्स भी मिले. बाद में ‘आश्रम’ के ऑफर को ठुकरा कर वहां भी उन्होंने खुद को किसी एक इमेज में बांधने से बचाया. रानी चटर्जी की कहानी में सबसे दिलचस्प बात यही है कि जिस बोल्ड सीन को दर्शकों ने सिर्फ सनसनी के तौर पर देखा, रानी उसे अपने करियर की इमेज तोड़ने वाली चाल मानती हैं. The post ‘अम्मा-भौजी’ का टैग तोड़ने के लिए रानी चटर्जी ने पार की बोल्डनेस की हद! ‘मस्तराम’ के बस वाले सीन पर बोलीं- मुझे लोगों को झटका देना था appeared first on Naya Vichar.

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आज का राशिफल: आज 11 अगस्त को सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत, जानिए आज किस राशि पर बरसेगा सौभाग्य

Aaj Ka Rashifal 11 August 2026:आज सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि और मंगलवार 11 अगस्त है. आज दूसरा मंगला गौरी व्रत है. शिव-पार्वती की पूजा से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना करें. मेष राशि आज आपकी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है. नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो अच्छे विकल्प सामने आएंगे. व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ हो सकता है. रुका हुआ धन मिलने की संभावना है. परिवार में पुरानी गलतफहमी दूर होगी. सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक करें और मंगला गौरी को सुहाग सामग्री अर्पित करें. शुभ अंक: 6, शुभ रंग: सिंदूरी वृषभ राशि आज मेहनत और धैर्य का अच्छा परिणाम मिल सकता है. नौकरी में आपकी कार्यशैली की प्रशंसा होगी. व्यापार में पुराने ग्राहकों से लाभ और नए ऑर्डर मिलने के योग हैं. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिल सकती है. परिवार में मांगलिक कार्य की चर्चा हो सकती है. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आराम का ध्यान रखें. शिव-पार्वती की पूजा आपके लिए शुभ रहेगी. शुभ अंक: 4, शुभ रंग: क्रीम मिथुन राशि आज आपकी वाणी और समझदारी आपको आगे बढ़ाएगी. कार्यस्थल की बैठक में आपके विचारों को महत्व मिलेगा. व्यापार में डिजिटल माध्यम और नए संपर्क लाभ दे सकते हैं. विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सफलता के संकेत हैं. मित्रों के साथ भविष्य की योजना बन सकती है. छोटी यात्रा भी लाभदायक रह सकती है. शुभ अंक: 8, शुभ रंग: हरा कर्क राशि आज परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण रहेंगी. घर में शुभ कार्य की तैयारी हो सकती है. नौकरी में वरिष्ठ आपकी जिम्मेदारी और धैर्य से प्रभावित होंगे. व्यापार में ग्राहकों से मधुर व्यवहार लाभ देगा. माता-पिता का सहयोग मिलेगा. मानसिक शांति के लिए अनावश्यक चिंता से बचें. सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल चढ़ाना आपके लिए शुभ रहेगा. शुभ अंक: 2, शुभ रंग: मोती सफेद सिंह राशि आज आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता मजबूत रहेगी. नौकरी में पद या जिम्मेदारी से जुड़ी अच्छी समाचार मिल सकती है. व्यापार में प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनेगा. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी. परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि खुशी देगी. सफलता मिलने पर अहंकार से बचें. मंगला गौरी व्रत पर माता पार्वती की पूजा करने से पारिवारिक सुख की कामना पूरी हो सकती है. शुभ अंक: 9, शुभ रंग: केसरिया कन्या राशि आज आपकी सूझबूझ और अनुशासन आपको सफलता दिलाएंगे. नौकरी में महत्वपूर्ण रिपोर्ट या दस्तावेज का काम पूरा हो सकता है. व्यापार में नई योजना लाभ देगी. विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. परिवार के किसी जरूरी काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा करेंगे. स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त पानी पिएं और दिनचर्या नियमित रखें. शुभ अंक: 3, शुभ रंग: जैतूनी ये भी पढ़ें: 11 अगस्त 2026 का लव राशिफल: आज 11 अगस्त को क्या आपकी लव लाइफ में दस्तक देगा कोई खास? पढ़ें मेष से मीन तक का प्रेम भविष्यफल तुला राशि आज सामाजिक और व्यावसायिक संबंध मजबूत होंगे. नौकरी में टीम के सहयोग से बड़ी उपलब्धि मिल सकती है. व्यापार में साझेदारी से लाभ के संकेत हैं. कला, फैशन, संगीत और मीडिया से जुड़े लोगों को नई पहचान मिल सकती है. जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा. आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें. शिव-पार्वती की पूजा दांपत्य जीवन में सुख की कामना के लिए शुभ रहेगी. शुभ अंक: 7, शुभ रंग: गुलाबी वृश्चिक राशि आज आपकी रणनीतिक सोच कठिन परिस्थितियों में भी रास्ता दिखाएगी. नौकरी में जटिल काम पूरा करने का अवसर मिलेगा. व्यापार में नई योजना उम्मीद से अधिक लाभ दे सकती है. आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लें. परिवार में पुराने विवाद का समाधान संभव है. अपनी निजी बातें हर किसी से साझा न करें. शिवलिंग पर जल अर्पित कर मन की शांति की प्रार्थना करें. शुभ अंक: 5, शुभ रंग: मरून धनु राशि आज ज्ञान और अनुभव आपके लिए लाभदायक रहेंगे. उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण, शोध और यात्रा से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं. नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. व्यापार में नए बाजारों से जुड़ने का मौका मिलेगा. परिवार के साथ धार्मिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं. सकारात्मक सोच आपको नई दिशा देगी. शुभ अंक: 1, शुभ रंग: भगवा मकर राशि आज मेहनत और अनुशासन का उचित फल मिलेगा. नौकरी में समय पर काम पूरा करने की आपकी आदत वरिष्ठों को प्रभावित करेगी. व्यापार में संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल लाभ बढ़ाएगा. भविष्य की आर्थिक योजना बनाने के लिए दिन अच्छा है. परिवार में आपकी जिम्मेदारी की सराहना होगी. नियमित दिनचर्या बनाए रखें और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं. शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: स्लेटी कुंभ राशि आज रचनात्मक सोच आपको नई उपलब्धियां दिला सकती है. तकनीक, शिक्षा, शोध और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल है. नौकरी में आपके सुझावों को महत्व मिलेगा. व्यापार में नई तकनीक अपनाने से फायदा हो सकता है. मित्रों के साथ नए काम की शुरुआत संभव है. परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा. शुभ अंक: 4, शुभ रंग: फिरोजी मीन राशि आज आपकी कल्पनाशक्ति और संवेदनशीलता आपको विशेष पहचान दिला सकती है. कला, साहित्य, संगीत, योग और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है. नौकरी में शांत स्वभाव से सहयोगियों का विश्वास जीतेंगे. व्यापार में ग्राहकों की संतुष्टि पर ध्यान देना लाभ देगा. परिवार में आत्मीयता रहेगी. मन की आवाज पर भरोसा करें. शुभ अंक: 6, शुभ रंग: जामुनी The post आज का राशिफल: आज 11 अगस्त को सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत, जानिए आज किस राशि पर बरसेगा सौभाग्य appeared first on Naya Vichar.

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घर के मेन गेट पर लगाएं ये 4 पौधे, वास्तु में माना जाता है शुभ

Vastu Tips For Main Door: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को खास जगह माना गया है. माना जाता है कि घर में आने वाली सकारात्मकता पर मुख्य द्वार का असर पड़ता है. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, मुख्य द्वार के पास कुछ खास पौधे लगाना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं ऐसे 4 पौधों के बारे में. तुलसी का पौधा तुलसी को घर के लिए शुभ+ पौधा माना जाता है. वास्तु मान्यता के अनुसार, इसे मुख्य द्वार के पास रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है. तुलसी के लिए उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा को अच्छा माना जाता है. इसके आसपास साफ-सफाई रखना भी जरूरी है. शमी का पौधा शमी का पौधा भी घर के लिए शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता में इसका संबंध शनि देव और भगवान शिव से बताया गया है. इसे घर के मुख्य द्वार के पास रखा जा सकता है. पौधे की नियमित देखभाल करने से यह हरा-भरा बना रहता है. मनी प्लांट मनी प्लांट को घर की खुशहाली और धन से जोड़कर देखा जाता है. वास्तु के अनुसार, इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है. मुख्य द्वार के पास इसे साफ जगह पर रखें और इसकी बेल को सही तरीके से सहारा दें. जेड प्लांट जेड प्लांट देखने में सुंदर होने के साथ घर की सजावट के लिए भी अच्छा विकल्प है. वास्तु मान्यता के अनुसार, इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है. इसे मुख्य द्वार के पास ऐसी जगह रखें, जहां इसे पर्याप्त रोशनी मिल सके. पौधों को लेकर इन बातों का रखें ध्यान पौधों के आसपास हमेशा सफाई रखें. सूखा या मुरझाया पौधा समय पर हटा दें. पौधे की जरूरत के अनुसार पानी दें. मुख्य द्वार के पास कांटेदार पौधे लगाने से बचें. पौधों को ऐसी जगह रखें, जहां उन्हें सही रोशनी और हवा मिल सके. यह भी पढ़ें: रसोई से आती है घर में खुशहाली, सुबह-शाम करें ये 3 आसान वास्तु उपाय The post घर के मेन गेट पर लगाएं ये 4 पौधे, वास्तु में माना जाता है शुभ appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका की धरती पर कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड? 2017 में किया था क्लीन स्वीप

श्रीलंका में जाकर टेस्ट क्रिकेट स्पोर्ट्सना आसान नहीं रहा है. अब एक बार फिर हिंदुस्तानीय टीम श्रीलंका में टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने को लिए पूरी तरह से तैयार है. 15 अगस्त से शुरू होने वाले दो मैचों की टेस्ट सीरीज में शुभमन गिल पहली बार श्रीलंका में बतौर टेस्ट कप्तान टीम की अगुवाई करेंगे. ऐसे में उनके सामने सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि पुराने दबदबे को कायम रखने की भी जिम्मेदारी होगी. श्रीलंका में हिंदुस्तान के टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो हिंदुस्तानीय टीम का पलड़ा भारी रहा है. हिंदुस्तान ने श्रीलंका की धरती पर अब तक 24 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से हैं. इनमें टीम इंडिया ने 9 मुकाबले जीते, जबकि 7 में उसे हार का सामना करना पड़ा. वहीं 8 टेस्ट ड्रॉ रहे. यानी श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पोर्ट्सने के बावजूद हिंदुस्तानीय टीम ने हार से ज्यादा जीत हासिल की है. 2017 के दौरे में कोहली की टीम ने मचाया था धमाल श्रीलंका में हिंदुस्तान के सबसे यादगार दौरों में 2017 का दौरा भी शामिल है. विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने उस सीरीज में ऐसा प्रदर्शन किया था. शानदार प्रदर्शन के कारण श्रीलंकाई टीम के पास ज्यादा मौके ही नहीं बचे. हिंदुस्तान ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका का 3-0 से क्लीन स्वीप किया था. उस दौरे पर हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया था. टेस्ट के लिए 9 साल बाद हिंदुस्तानीय टीम कर रही है श्रीलंका का दौरा अब करीब नौ साल बाद हिंदुस्तानीय टीम टेस्ट स्पोर्ट्सने फिर श्रीलंका पहुंची है. इस बार कप्तान विराट कोहली नहीं, बल्कि शुभमन गिल हैं. गिल के लिए यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि टेस्ट कप्तान के रूप में उनके नेतृत्व की असली परीक्षा विदेशी परिस्थितियों में होगी. ये भी पढ़ें: अजीत अगरकर की जगह चीफ सेलेक्टर नहीं बनना चाहते VVS लक्ष्मण? BCCI के सामने बढ़ी चुनौती ओवरऑल रिकॉर्ड में भी हिंदुस्तान का पलड़ा भारी हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट का इतिहास देखें तो हिंदुस्तानीय टीम का दबदबा और साफ नजर आता है. दोनों टीमों के बीच अब तक 46 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से गए हैं. इनमें हिंदुस्तान ने 22 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका को सिर्फ 7 मुकाबलों में जीत मिली है. यानी टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ हिंदुस्तान का रिकॉर्ड काफी मजबूत है. दोनों टीमों की आखिरी टेस्ट भिड़ंत 2022 में हुई थी. तब रोहित शर्मा की कप्तानी में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को दो मैचों की सीरीज में 2-0 से मात दी थी. इस लिहाज से पिछले कुछ वर्षों में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तान का पलड़ा लगातार भारी रहा है. इस रिकॉर्ड को बढ़ाने की जिम्मेदारी गिल के कंधों पर अब इस रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी शुभमन गिल के कंधों पर है. कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनके लिए एक और अहम पड़ाव है. हिंदुस्तान अगर श्रीलंका में अच्छी शुरुआत करता है तो गिल के नेतृत्व को भी मजबूती मिलेगी. अभ्यास मैच में हिंदुस्तानीय टीम ने हासिल की जीत सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया ने तीन दिवसीय अभ्यास मैच में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया है. अभ्यास मैच में यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा और खुद कप्तान शुभमन गिल अच्छी लय में नजर आए. खास तौर पर पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 142 रन की नाबाद पारी स्पोर्ट्सी. अब अभ्यास मैच में मिली इस लय को हिंदुस्तानीय टीम 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट में भी बरकरार रखना चाहेगी. ये भी पढ़ें: ICC प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए ये तीन खिलाड़ी हुए नॉमिनेट, एक ने तो हिंदुस्तानीय टीम के खिलाफ मचाई थी तबाही The post श्रीलंका की धरती पर कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड? 2017 में किया था क्लीन स्वीप appeared first on Naya Vichar.

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15 अगस्त स्पेशल: 5 मिनट में ऐसे तैयार करें जोशीला स्पीच, नहीं छूटेगा एक भी पॉइंट

Independence Day Speech in Hindi: 15 अगस्त का दिन हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है. इसी दिन साल 1947 में हमारे देश को वर्षों की गुलामी के बाद आजादी मिली थी. इस खास मौके पर देश भर के स्कूलों, कॉलेजों में स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान मंच पर जाकर स्पीच देना हर छात्र और वक्ता के लिए एक बड़ा और गर्व का अनुभव होता है. अगर आपको भी 15 अगस्त के दिन मंच पर बोलना है और समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कैसे करें, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. Independence Day Speech तैयार करने के लिए बस 5 मिनट का एक सरल ढांचा समझ लें. इससे आपका एक भी पॉइंट नहीं छूटेगा और आपका भाषण लोगों के दिलों को छू जाएगा. 5 मिनट का स्पीच तैयार करने का सही तरीका किसी भी सफल स्पीच को मुख्य रूप से 3 भागों में बांटा जाता है- शुरुआत (1 मिनट): अतिथियों का अभिवादन करें और एक देशभक्ति शायरी या नारे से शुरुआत करें. मुख्य विषय (3 मिनट): आजादी के इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की प्रगति पर बात करें. निष्कर्ष व अंत (1 मिनट): देश के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लें, धन्यवाद कहें और ‘जय हिंद’ के नारे के साथ भाषण समाप्त करें. ये भी पढ़ें: क्या आप जानते हैं हिंदुस्तान की आजादी से जुड़े इन 10 सवालों के जवाब? स्पोर्ट्सें ये आसान Independence Day Quiz 5 मिनट की स्पीच स्क्रिप्ट आप नीचे दी गई स्क्रिप्ट का इस्तेमाल सीधे अपने भाषण के लिए कर सकते हैं: शुरुआत (अभिवादन): आदरणीय मुख्य अतिथिगण, आदरणीय शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को 79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है, हम लहराएंगे हर जगह यह तिरंगा, नशा यह हिंदुस्तान की शान का है. मुख्य भाषण (इतिहास व बलिदान): आज हम सब यहां अपने देश का स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं. 15 अगस्त 1947 को हिंदुस्तान अंग्रेजों की लगभग 200 वर्षों की गुलामी से आजाद हुआ था. इस आजादी को पाने के लिए हमारे देश के वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था. महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई जैसे अनगिनत वीरों के कड़े संघर्ष और बलिदान की बदौलत ही आज हम आजाद हिंदुस्तान में सांस ले पा रहे हैं. आजादी का यह दिन हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलने और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की याद दिलाता है. देश का विकास और हमारी जिम्मेदारी: आज हमारा हिंदुस्तान विज्ञान, तकनीक, स्पोर्ट्स और रक्षा के क्षेत्र में दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहा है. लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि हम देश में फैली गरीबी, अशिक्षा और गंदगी जैसी समस्याओं को मिटाने में अपना योगदान दें. जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी हमारा हिंदुस्तान सही मायनों में विश्व गुरु बनेगा. समापन: आइए आज इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा हमेशा करेंगे. मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए – हिंदुस्तान माता की जय. जय हिंद. जय हिंदुस्तान. ये भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस पर स्पेशल 20+ GK के सवाल! क्या आप दे सकते हैं इन 30 सवालों के सही जवाब? The post 15 अगस्त स्पेशल: 5 मिनट में ऐसे तैयार करें जोशीला स्पीच, नहीं छूटेगा एक भी पॉइंट appeared first on Naya Vichar.

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5G डेटा इतनी तेजी से क्यों खत्म हो रहा है? अपने फोन का बैकग्राउंड डेटा और बैटरी ड्रेन ऐसे करें फिक्स

हिंदुस्तान में 5G नेटवर्क का विस्तार होने के बाद से मोबाइल इंटरनेट का दायरा काफी बदल चुका है. जहां एक तरफ पलक झपकते ही 4K वीडियो प्ले हो रहे हैं और फाइलें डाउनलोड हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्मार्टफोन यूजर्स एक नई सिरदर्दी से जूझ रहे हैं. लगभग हर दूसरा यूजर शिकायत कर रहा है कि 5G इस्तेमाल करने के बाद उनका दैनिक डेटा कोटा समय से पहले ही खत्म हो जाता है और फोन की बैटरी भी तेजी से ड्रेन होने लगती है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो समस्या आपके नेटवर्क में नहीं बल्कि आपके हैंडसेट के अंदर चल रहे बैकग्राउंड प्रॉसेस और सेटिंग्स में छिपी है. क्यों 5G नेटवर्क पर उड़ जाता है इंटरनेट डेटा और तेजी से घटती है बैटरी? 5G तकनीक की मूल कार्यप्रणाली ही 4G की तुलना में काफी अलग है. जब आप 5G स्पीड पर सर्फिंग करते हैं, तो इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे ऐप्स ऑटोमैटिकली बिना आपकी अनुमति के हाई-डेफिनिशन (HD) या 4K में कंटेंट लोड करना शुरू कर देते हैं. जो वीडियो 4G पर 480p या 720p में चलता था, वही अब 1080p या हाई रेजॉल्यूशन में रेंडर होता है, जिससे डेटा की खपत दोगुनी से तीन गुनी हो जाती है. इसके साथ ही, 5G नेटवर्क के अस्थिर कवरेज के कारण फोन का मॉडेम बार-बार 5G और 4G के बीच स्विच करता रहता है. यह लगातार सर्चिंग प्रॉसेस फोन के प्रॉसेसर पर भारी लोड डालती है, जिससे डिवाइस गर्म होता है और बैटरी पलक झपकते ही खाली हो जाती है. बैकग्राउंड डेटा की चोरी ऐसे रोकें: चुटकियों में बचेगी MB अगर आप चाहते हैं कि जब आप फोन का इस्तेमाल न कर रहे हों तब इंटरनेट खर्च न हो, तो बैकग्राउंड डेटा ऐक्सेस को ब्लॉक करना जरूरी है. इसके लिए अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन की Settings में जाएं और Network & Internet (या Connection & Sharing) के अंदर Data Usage विकल्प पर टैप करें. यहां आपको उन ऐप्स की लिस्ट दिखेगी जो सबसे ज्यादा इंटरनेट की खपत कर रहे हैं. सोशल मीडिया और शॉपिंग ऐप्स पर क्लिक करके Allow Background Data Usage टॉगल को ऑफ (Disable) कर दें. इससे ऐप्स केवल तभी डेटा का इस्तेमाल करेंगे जब वे स्क्रीन पर खुले होंगे, जिससे फालतू डेटा ड्रेन पूरी तरह थम जाएगा. 5G बैटरी ड्रेन को रोकने वाली 3 जादुई सेटिंग्स बैटरी की लाइफ को दोगुना करने के लिए फोन में कुछ बेसिक बदलाव करने होंगे. सबसे पहले, सेटिंग्स में Mobile Network में जाकर Smart 5G (या Auto 5G) मोड ऑन करें, जिससे नेटवर्क स्थिर न होने पर फोन जबरदस्ती 5G से कनेक्ट रहने के बजाय अपने आप 4G पर शिफ्ट हो जाए. दूसरी अहम सेटिंग Wi-Fi & Bluetooth Scanning को बंद करना है; लोकेशन सेटिंग्स में जाकर इसे ऑफ कर देने से फोन बैकग्राउंड में नेटवर्क सर्च करना बंद कर देगा. इसके अतिरिक्त, सेटिंग्स के Battery सेक्शन में जाकर गैर-जरूरी ऐप्स के लिए Restricted Battery Usage या Auto-Optimize विकल्प चुनें, ताकि स्क्रीन लॉक होने के बाद ऐप्स पावर न खींचें. डेटा सेवर मोड और ऑटो-अपडेट्स का सही इस्तेमाल स्मार्टफोन में मौजूद Data Saver फीचर को ऑन करना 5G डेटा बचाने का सबसे आसान और प्रभावी उपाय है. इसे चालू करते ही सिस्टम-वाइड बैकग्राउंड सिंक सीमित हो जाता है. साथ ही, गूगल प्ले स्टोर (Play Store) और ऐप स्टोर की सेटिंग्स में जाकर Auto-update apps को Over Wi-Fi only पर सेट करें. अक्सर 5G नेटवर्क मिलते ही प्ले स्टोर बैकग्राउंड में भारी-भरकम ऐप अपडेट्स डाउनलोड करने लगता है, जिससे कुछ ही मिनटों में 1GB से 2GB तक डेटा साफ हो जाता है. इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने 5G डेटा और बैटरी दोनों को पूरे दिन के लिए सुरक्षित रख सकते हैं. ये भी पढ़ें: क्या मैग्नेट से खराब हो सकता है आपका स्मार्टफोन? जानिए क्या है सच और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान ये भी पढ़ें: क्या मोबाइल नंबर से लाइव लोकेशन ट्रैक हो सकता है? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? The post 5G डेटा इतनी तेजी से क्यों खत्म हो रहा है? अपने फोन का बैकग्राउंड डेटा और बैटरी ड्रेन ऐसे करें फिक्स appeared first on Naya Vichar.

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