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Author name: Vinod Jha

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Air India की फ्लाइट उड़ाने वाला था पायलट, उड़ान से पहले नशे में पकड़ा गया

Air India के एक को-पायलट को शराब जांच में फेल होने के बाद सस्पेंड कर दिया गया है. 6 सितंबर को Zurich Airport पर दिल्ली जाने वाली फ्लाइट से पहले उसका अल्कोहल टेस्ट किया गया था. शराब पीने का शक होने के बाद दिल्ली जाने वाली फ्लाइट के उड़ान भरने से कुछ देर पहले उसे विमान से उतार दिया गया. कुछ हफ्ते पहले भी Air India के एक पायलट की जांच में गांजा लेने की पुष्टि हुई थी. यह मामला Phuket-Delhi फ्लाइट के बाद सामने आया था. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, को-पायलट ने शुरुआती अल्कोहल टेस्ट पास नहीं किया. Air India के अधिकारियों के मुताबिक, Zurich में ही किए गए दूसरे टेस्ट की रिपोर्ट का अभी इंतजार है. बाद में को-पायलट को यात्री के तौर पर हिंदुस्तान वापस भेज दिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, मेडिकल जांच की अंतिम रिपोर्ट आने तक उन्हें सस्पेंड रखा गया है. AI 151 फ्लाइट तय समय पर उड़ान नहीं भर सकी. इसके बाद अगले दिन यह फ्लाइट Zurich से दिल्ली के लिए रवाना हुई. ये भी पढ़ें: Air India Pilot Fired: Phuket-Delhi फ्लाइट के पायलट को नौकरी से निकाला गया, हवा में 300 फीट गिरा था विमान Air India ने कहा, “कंपनी सुरक्षा, नियमों या अपने प्रोटोकॉल के किसी भी उल्लंघन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती. अगर किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो कंपनी नियामक नियमों और अपनी नीति के तहत सख्त कार्रवाई करती है.” पायलटों को लेकर Air India सख्त एयर इंडिया ने कहा कि वह अपने सभी पायलट और फ्लाइट क्रू को सुरक्षा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए लगातार जागरूक करता है. कंपनी नियमित रूप से ट्रेनिंग और नियमों से जुड़ी जानकारी देती है. क्रू मेंबर्स की नशीले पदार्थों की जांच भी की जाती है. नियमों का उल्लंघन मिलने पर कंपनी सख्त कार्रवाई करती है. एयर इंडिया ने कहा कि कई मामलों में उसकी कार्रवाई तय प्रशासनी नियमों से भी ज्यादा सख्त हो सकती है. Phuket-Delhi फ्लाइट अचानक 300 फीट नीचे गिरा 4 अगस्त को Phuket से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट को उड़ान के दौरान अचानक ऊंचाई कम होने की घटना का सामना करना पड़ा था. AI-2379 में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे. Odisha के ऊपर उड़ते समय विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया था. इस दौरान 20 से ज्यादा यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए थे. विमान की दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग हुई थी. बाद में जांच में फ्लाइट के पायलट के ड्रग टेस्ट में दो बार गांजा लेने की पुष्टि हुई. The post Air India की फ्लाइट उड़ाने वाला था पायलट, उड़ान से पहले नशे में पकड़ा गया appeared first on Naya Vichar.

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जमुई, समस्तीपुर और बांका के वायरल वीडियो पर मंत्री बोले- यह राजद की साजिश, सरकार को किया जा रहा बदनाम

Bihar Viral Video: बिहार प्रशासन के योजना विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने जमुई, समस्तीपुर और बांका में सामने आए वीडियो को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग वीडियो को वायरल कर प्रशासन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर आने वाली हर चीज को तुरंत सच नहीं मानना चाहिए. पहले उसकी सच्चाई जांचनी चाहिए. जमुई पीड़िता की फोटो पर POCSO का सवाल जमुई की पीड़ित छात्रा और उसके परिवार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुलाकात की थी. इसके बाद उनकी फोटो सोशल मीडिया पर सामने आई. इस फोटो को लेकर तेजस्वी यादव ने POCSO एक्ट के उल्लंघन का सवाल उठाया था. इसी पर मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि इसमें POCSO एक्ट का उल्लंघन नहीं हुआ है. मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री इसी इलाके के हैं और लोगों से उनका पारिवारिक रिश्ता बन जाता है. उन्होंने कहा कि रिश्ते के हिसाब से भी मुख्यमंत्री परिवार से मिलने गए होंगे. भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद बिहार के मुख्यमंत्री हैं, ऐसे में फोटो सामने आने को POCSO एक्ट का उल्लंघन बताना सही नहीं है. उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं है, इसलिए इस तरह की बातें की जा रही हैं. बांका के मंदार वीडियो पर क्या बोले मंत्री? बांका के मंदार पर्वत पर लड़का और लड़की के साथ अभद्र व्यवहार के वायरल वीडियो को लेकर भी मंत्री से सवाल पूछा गया. भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने वह वीडियो देखा ही नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग वीडियो बनाकर बेवजह वायरल करते रहते हैं. मंत्री ने मीडिया को सलाह दी कि किसी वीडियो को देखकर तुरंत समाचार नहीं चलानी चाहिए. पहले उसकी सच्चाई की जांच करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कई बार जब लोग वीडियो की सच्चाई तक पहुंचते हैं तो मामला कुछ और निकलता है. समस्तीपुर की घटना पर भी बोले मंत्री समस्तीपुर की घटना के बारे में सवाल पूछे जाने पर मंत्री ने पहले कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है. जब उनसे कहा गया कि वहां की स्थानीय जेडीयू विधायक ने भी इस घटना की बात कही है, तो मंत्री ने कहा कि उनकी वहां के एसपी से बात होती है. एसपी ने उन्हें इस बारे में कुछ नहीं बताया है. बोले- घटना होगी तो कार्रवाई होगी बिहार में लड़कियों के साथ हो रही छेड़खानी की घटनाओं को लेकर मंत्री ने कहा कि प्रशासन को बदनाम करने की साजिश हो रही है और वीडियो जानबूझकर वायरल किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मीडिया को सिर्फ वीडियो के पीछे नहीं जाना चाहिए, बल्कि उसकी सच्चाई जानने की कोशिश करनी चाहिए. सोशल मीडिया पर आज कुछ भी किया जा सकता है और अलग-अलग चीजों को जोड़कर गलत तरीके से दिखाया जा सकता है. मंत्री ने कहा कि अगर प्रशासन का लोगों में डर नहीं होगा तो अपराध होंगे. उन्होंने कहा कि घटना होने पर कार्रवाई की जाएगी. मंत्री बोले- बिहार में बच्चियां सुरक्षित हैं भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार की बच्चियों में कोई डर नहीं है और वे खुलेआम घूम रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने बच्चियों को अकेले घूमने की ताकत दी है. मंत्री के मुताबिक बिहार में सभी लोग सुरक्षित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया कई बार चीजों को आपस में जोड़कर बड़ा करके दिखाती है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें यादव समाज पर भी दिया बयान जीतन राम मांझी के यादव समाज को अपराध से जोड़कर दिए गए बयान के बारे में भी भगवान सिंह कुशवाहा से सवाल पूछा गया. इस पर मंत्री ने कहा कि मांझी का मूल्यांकन सही है. उन्होंने यादव समाज को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अपराध और गुंडागर्दी में इस समाज के लोगों की संख्या ज्यादा है. उन्होंने कहा कि जेल में बंद लोगों के आंकड़े सामने आने पर इसका पता चल जाएगा. इसे भी पढ़ें: Bihar Ka Mausam: बिहार के 15 से ज्यादा जिलों में 30-40 KMPH की स्पीड से चलेगी हवा, IMD ने बारिश को लेकर जारी किया येलो अलर्ट The post जमुई, समस्तीपुर और बांका के वायरल वीडियो पर मंत्री बोले- यह राजद की साजिश, प्रशासन को किया जा रहा बदनाम appeared first on Naya Vichar.

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WATCH VIDEO: एक करोड़ रुपये दो, वरना गोली मार देंगे… धनबाद CO को व्हाट्सऐप पर धमकी; मामला दर्ज

धनबाद सदर अंचलाधिकारी रामप्रवेश कुमार से व्हाट्सऐप संदेश के जरिए एक करोड़ रुपये की मांग और रकम नहीं देने पर गोली मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. मामले को लेकर अंचलाधिकारी ने धनबाद थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. धनबाद थाना पुलिस धमकी देने में इस्तेमाल किये गये मोबाइल नंबर और बताए गये बैंक खाते की जानकारी जुटा रही है. इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी के पीछे कौन लोग हैं और एक करोड़ रुपये की मांग क्यों की गयी. The post WATCH VIDEO: एक करोड़ रुपये दो, वरना गोली मार देंगे… धनबाद CO को व्हाट्सऐप पर धमकी; मामला दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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15 अक्टूबर से बदल रहा है ट्रेन टिकट बुकिंग का नियम, ₹2000 से ऊपर के पेमेंट पर लगेगा ₹5 चार्ज

अगर आप अक्सर ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते हैं और भुगतान के लिए UPI (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm) का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद काम की समाचार है. 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के रेल टिकट पेमेंट पर Merchant Discount Rate (MDR) से जुड़ा नया नियम लागू होने जा रहा है. लेकिन घबराने की बिलकुल जरूरत नहीं है, इस बदलाव का आपकी जेब पर ₹1 का भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा. आइए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है. नया नियम क्या है और यह कब से लागू हो रहा है? 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के रेल टिकट UPI से बुक करने पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा. आम मर्चेंट लेन-देन (जैसे दुकानों या अन्य सर्विस) पर ₹2,000 से ऊपर की रकम पर 0.4% शुल्क तय किया गया है, लेकिन रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसे खास सेक्टरों को विशेष कैटेगरी में रखा गया है. इसलिए, टिकट चाहे ₹3,000 का हो या ₹10,000 का, रेलवे पर सिर्फ ₹5 का फिक्स्ड शुल्क ही लगेगा. ट्रांजैक्शन का प्रकार रकम (Amount) नया MDR नियम आम UPI ट्रांसफर (P2P) कितनी भी राशि पूरी तरह फ्री छोटे मर्चेंट पेमेंट ₹2,000 तक पूरी तरह फ्री (कोई MDR नहीं) सामान्य मर्चेंट पेमेंट ₹2,000 से अधिक 0.4% (अधिकतम ₹300) रेलवे टिकट बुकिंग ₹2,000 से अधिक ₹5 (फ्लैट शुल्क) क्या यात्रियों को टिकट के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे? जी नहीं, वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि यह ₹5 का MDR मर्चेंट (यानी रेलवे/IRCTC) की तरफ से चुकाया जाएगा. कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं: बैंक या मर्चेंट इस शुल्क को किसी भी हाल में यात्रियों से नहीं वसूल सकते. उदाहरण से समझें: अगर आप ₹3,000 का टिकट बुक करते हैं, तो आपको ₹3,000 ही देने होंगे, ₹3,005 नहीं. बड़ी बचत का गणित: अगर 0.4% वाला नियम रेलवे पर लगता, तो ₹10,000 के टिकट पर ₹40 का MDR बनता. लेकिन स्पेशल कैटेगरी में होने के कारण मर्चेंट साइड पर सिर्फ ₹5 ही लगेंगे. ये भी पढ़ें: अब बोलकर होगा UPI Payment? AI से बदलने वाला है पेमेंट का तरीका, NPCI CEO ने बताया प्लान The post 15 अक्टूबर से बदल रहा है ट्रेन टिकट बुकिंग का नियम, ₹2000 से ऊपर के पेमेंट पर लगेगा ₹5 चार्ज appeared first on Naya Vichar.

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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIR से जुड़े सभी फैसले रद्द करने की मांग

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमारके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि एसआईआर से जुड़े फैसलों में वैधानिक दायित्वों का उल्लंघन किया गया. वकील चांद कुरैशी के माध्यम से वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह याचिका दाखिल की है. याचिका में क्या किया गया दावा, सभी फैसलों को रद्द करने की मांग याचिका में दावा किया गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना कुछ फैसले लिए गए. इसके अलावा दिशा-निर्देश जारी करने और सॉफ्टवेयर में बदलाव करने के आरोप भी लगाए गए हैं. याचिका में इन फैसलों और बदलावों को असंवैधानिक और अमान्य घोषित करने की मांग की गई है. साथ ही एसआईआर से जुड़े सभी फैसलों को रद्द करने और मूल ‘फॉर्म-6’ को बहाल करने का अनुरोध किया गया है. करीब 13 करोड़ नाम हटाने की जांच की मांग याचिका में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की जांच की मांग भी की गई है. इसके लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध किया गया है. याचिकाकर्ता ने CEC ज्ञानेश कुमार के अलावा उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग और निर्वाचन आयोग की आईटी प्रमुख सीमा खन्ना के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई की मांग की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन अधिकारियों ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अपने वैधानिक दायित्वों का उल्लंघन किया. ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार को CEC से हटाने के लिए संसद में महाभियोग लाएगी कांग्रेस, जानिए प्रक्रिया इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का भी हवाला याचिका में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी. याचिका के अनुसार, रिपोर्ट से तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में एसआईआर से जुड़े फैसलों को लेकर मतभेद सामने आने का दावा होता है. ये भी पढ़ें: SIR विवाद के बीच राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, ‘तुरंत इस्तीफा दें, जांच का सामना करें’ The post CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIR से जुड़े सभी फैसले रद्द करने की मांग appeared first on Naya Vichar.

अपराध, समस्तीपुर

वायरल वीडियो मामले में एक गिरफ्तार, चार लोगों की पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लाटबसेपुरा से जुड़ा मामला

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन – समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान चार लोगों की पहचान की गई है। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार, 24 सितंबर की शाम सोशल मीडिया निगरानी के दौरान एक वीडियो सामने आया था। वीडियो की तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने घटनास्थल की पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लाटवसेपुरा से मोरवा जाने वाली सड़क के रूप में की। प्रारंभिक जांच में वीडियो में दिखाई दे रही लड़की नाबालिग प्रतीत हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान पर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुसरीघरारी थाना कांड संख्या 159/26 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच शुरू की। करीब पांच घंटे में एक युवक गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, अनुसंधान के दौरान घटना करीब 14 अगस्त 2025 की होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की गई। पुलिस ने मामले में चार लोगों की पहचान किए जाने की बात कही है। सूचना मिलने के करीब पांच घंटे के भीतर लाटवसेपुरा गांव निवासी धर्मेंद्र सहनी, पिता शंकर सहनी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है। वीडियो के स्रोत और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से की अपील समस्तीपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग से जुड़े इस मामले में उसकी पहचान उजागर करने वाले किसी भी फोटो, वीडियो या पोस्ट को सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस ने कहा कि संवेदनशील मामलों से जुड़े कंटेंट को बिना सत्यापन के प्रसारित करने से बचना चाहिए। नोट: वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। समाचार पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। नाबालिग की पहचान से जुड़ी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की गई है।

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जमशेदपुर हादसे के बाद पूरे राज्य में बदलेगा सड़क सुरक्षा का सिस्टम, परिवहन मंत्री ने X पर किया पोस्ट

जमशेदपुर: सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के समीप गुरुवार की अलसुबह हुए भीषण सड़क हादसे में झारखंड प्रशासन की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री युविका सिंह समेत चार युवाओं की दर्दनाक मौत हो गयी. तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक भारी ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार से चारों शवों को बाहर निकाला. इस हादसे के बाद मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. घटना ने आम लोगों के साथ-साथ जिला प्रशासन और प्रशासन का भी ध्यान इस ओर खींचा है. कुणाल षाडंगी ने जताया गहरा दुख कुणाल षाडंगी के पोस्ट पर परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह इस घटना से बेहद व्यथित हैं. मंत्री ने आश्वासन दिया कि जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में जल्द ही एक सख्त व्यवस्था लागू की जायेगी, ताकि सड़कों पर इस तरह की हृदयविदारक घटनाएं न हों. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का धरातल पर कड़ाई से अनुपालन कराया जायेगा और दोषी पाये जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. चार युवाओं की मौत के बाद मरीन ड्राइव समेत राज्य की सड़कों पर अवैध पार्किंग और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. अब परिवहन विभाग की ओर से इस दिशा में क्या कदम उठाये जाते हैं, इस पर नजर रहेगी. Also read: Jamshedpur accident: रात में घर से निकले चारों, अभिभावकों को दी अलग-अलग वजह, सुबह हादसे में गई जान The post जमशेदपुर हादसे के बाद पूरे राज्य में बदलेगा सड़क सुरक्षा का सिस्टम, परिवहन मंत्री ने X पर किया पोस्ट appeared first on Naya Vichar.

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ज्ञानेश कुमार को CEC से हटाने के लिए संसद में महाभियोग लाएगी कांग्रेस, जानिए प्रक्रिया

देश में निष्पक्ष चुनाव की जिम्मेदारी जिस चुनाव आयोग के कंधों पर है, उसकी निष्पक्षता सवालों के घेरे में है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर संदेह जताए जा रहे हैं. विपक्षी कांग्रेस ज्ञानेश कुमार के रोल पर सवाल उठाते हुए इसे देशद्रोह ठहरा रही है. वहीं, हालिया Gen-Z आंदोलन से सुर्खियों में आई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सीईसी को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग लिया है. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केस चलाने की मांग जोर पकड़ रही है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत विपक्षी दल सड़कों पर उतर आए हैं, प्रोटेस्ट कर रहे हैं. विपक्षी पार्टियां संसद के शीतकालीन सत्र में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए महाभियोग लाने की तैयारी में हैं. वहीं, केंद्र की सत्ता पर काबिज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की अगुवाई कर रही हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) खुलकर सीईसी के बचाव में उतर आई है. बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तो ज्ञानेश कुमार को पद्मश्री देने की मांग कर दी है. समझते हैं यह पूरा विवाद क्या है, ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी दल क्या आरोप लगा रहे हैं. विपक्षी पार्टियां अगर महाभियोग प्रस्ताव लेकर आती हैं, दोनों सदनों में किस पक्ष की ताकत कितनी है? ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए हैं क्या आरोप? एक अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर, चुनाव आयोग के अंदर मतभेद और वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर विवाद का दावा किया गया है. रिपोर्ट में CEC पर मुख्य रूप से दो गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर आरोप है. इस प्रक्रिया में मतदाता सूची को दोबारा जांचा और अपडेट किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए. दूसरा आरोप यह है कि दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता डेटा के केंद्रीकरण, नाम हटाने और कुछ मतदाताओं के नाम जोड़ने से जुड़े मामलों पर आपत्ति जताई थी. इसके लिए पिछले 10 महीनों में आयोग की प्रक्रियाओं और फैसलों को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां भी दर्ज कराई गई थीं, जिन्हें कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया. मामले को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’, ‘संस्था चोरी’ और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए इसे ‘देशद्रोह’ (Treason) करार दिया है. हालांकि, चुनाव आयोग ने ये आरोप सिरे से नकार दिए हैं. चुनाव आयोग का दावा है कि फैसले सभी तीन आयुक्तों की सहमति से ही लिए गए. क्या मांग कर रहे हैं विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोप लेकर विपक्ष ने प्रशासन और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला है. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन में शामिल कई दलों के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने 24 सितंबर को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दी. उन्होंने SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों में कथित आपराधिक आचरण की जांच और एफआईआर की मांग की है. हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त को इम्युनिटी मिली हुई है और सीईसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता. NDA के पक्ष में है नंबर गेम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष एक बार फिर संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि यह उतना आसान भी नहीं है. क्योंकि इसमें सिर्फ NDA बनाम विपक्ष की संख्या देखना पर्याप्त नहीं होता है, हटाने के प्रस्ताव को दोनों सदनों में अलग-अलग बहुमत चाहिए होता है. इसलिए यह गणित काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. 543 सदस्यों वाली लोकसभा में मौजूदा नेतृत्वक गणित के अनुसार एनडीए के पास 318 सांसद हैं, जबकि इंडिया गठबंधन के पास 184 सांसद हैं. बाकी सीटें अन्य दलों के पास हैं. राज्यसभा की 242 सीटों में एनडीए के पास कम से कम 152 सदस्य हैं, जबकि विपक्षी दलों के पास 63 सदस्य हैं. डीएमके, बीजेडी, वाईएसआरसीपी और बीआरएस जैसे दलों के कुल 22 सदस्य हैं, जिनका रुख अलग-अलग मुद्दों पर महत्वपूर्ण हो सकता है. ये भी पढ़ें: Explained: ज्ञानेश कुमार को हटाने की तैयारी में कांग्रेस! कैसे होती है CEC की नियुक्ति और हटाने का क्या है नियम? क्या इससे पहले किसी CEC को हटाया गया है? अब तक हिंदुस्तान में किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को इस प्रक्रिया के जरिए पद से नहीं हटाया गया है. CEC को हटाने की प्रक्रिया को हिंदुस्तानीय संविधान में बेहद मजबूत सुरक्षा दी गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्वाचन आयोग पर नेतृत्वक दबाव के कारण उसके प्रमुख को आसानी से हटाया न जा सके. हालांकि मार्च 2026 में विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्ताव दिए थे. इन प्रस्तावों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे. लेकिन लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति ने इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया. The post ज्ञानेश कुमार को CEC से हटाने के लिए संसद में महाभियोग लाएगी कांग्रेस, जानिए प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: EC पर सवाल उठे तो चिराग पासवान बोले- राहुल गांधी नहीं, जनता के सामने अपना पक्ष रखें CEC

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और अगर चुनाव प्रक्रिया पर ही लोगों के मन में संदेह पैदा होने लगे, तो यह चिंता की बात है. चिराग पासवान ने कहा कि आयोग को अपना पक्ष राहुल गांधी के सामने नहीं, बल्कि देश की जनता के सामने रखना चाहिए. ‘CEC की जिम्मेदारी है कि अपना पक्ष साफ करें’ चिराग पासवान ने कहा कि अगर चुनाव आयोग जैसे स्वतंत्र संवैधानिक संस्थान पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जिम्मेदारी है कि वे अपना पक्ष स्पष्ट तौर पर रखें. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए. ‘राहुल गांधी नहीं, जनता के सामने जवाब दे EC’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह जवाब किसी एक नेता को देने के बजाय देश की जनता के सामने होना चाहिए. चिराग पासवान के मुताबिक, विपक्ष क्या कहता है, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि लोगों के मन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई शंका न रहे. क्या है मामला? इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तहत लिए गए कई अहम फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की. ये भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान, CJP ने तय की तारीख; दीपके ने मांगा इस्तीफा The post VIDEO: EC पर सवाल उठे तो चिराग पासवान बोले- राहुल गांधी नहीं, जनता के सामने अपना पक्ष रखें CEC appeared first on Naya Vichar.

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Kal Ka Rashifal 26 September 2026: कल मिथुन के अटके पैसे आएंगे वापस, वृश्चिक को संतान पक्ष से मिल सकती है चिंता

Kal Ka Rashifal 26 September 2026: कल 26 सितंबर 2026, शनिवार का दिन सभी राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आएगा. किसी को नौकरी-व्यापार में सफलता मिलेगी, तो किसी को धन और परिवार से जुड़ी खुशसमाचारी मिलेगी. जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से कल का राशिफल मेष राशि का कल का राशिफल कल 26 सितंबर 2026, शनिवार का दिन को मेष राशि वालों को नौकरी और व्यापार में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आज वर्कप्लेस में जरूरत से ज्यादा मेहनत करनी होगी, स्टूडेंट्स के लिए दिन अच्छा है, कहीं एजुकेशनल टूर पर जाने का मौका मिलेगा. वृषभ राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 के दिन वृषभ राशि के जातकों को संपत्ति से जुड़े विवादों से जूझना पड़ सकता है. आज किसी खास व्यक्ति के सहयोग से बिगड़ते काम बनेंगे. आज आर्थिक पक्ष अच्छा रहने वाला है. किसी भी डॉक्यूमेंट को बना पढ़े साइन ना करें. मिथुन राशि का कल का राशिफल कल 26 सितंबर 2026, शनिवार का दिन को मिथुन राशि वालों के लिए वर्कप्लेस पर में अच्छा वातावरण मिलेगा. आज ऑफिस से जुड़ी परेशानियां कम होंगी. आज लंबे समय से अटके पैसे वापस मिलने की संभावना है. परिवार के किसी सदस्य से मिलने वाला सहयोग भी आपके लिए उपयोगी रहेगा. कर्क राशि का कल का राशिफल कल मंगलवार 26 सितंबर का दिन कर्क राशि के जातकों की किसी पुरानी महत्वाकांक्षा को पूरी कर सकता है. परिवार में भी सकारात्मक वातावरण रहेगा. कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार जरूर करें. सिंह राशि का कल का राशिफल कल 26 सितंबर 2026 शनिवार का दिन कोई पुराना रुका काम पूरा हो सकता है. संतान की तरफ से शुभ समाचार मिल सकता है. आज परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. वर्कप्लेस पर आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है कन्या राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 का दिन कन्या राशि वाले जातकों के लिए उन्नति के रास्ते को खोलेगा. आज किसी काम में आ रही रुकावट दूर होगी. आज आपको आर्थिक लाभ हो सकता है. घर-गृहस्थी में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा. परिवार के सदस्यों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा. ये भी पढ़ें: Budh Nakshatra Parivartan: 1 अक्टूबर से शुरू होंगे इन 6 राशि वालों के अच्छे दिन, स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे बुध तुला राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 को तुला राशि के घर पर मांगलिक कार्य संपन्न होगा. आज दोस्तों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा. वर्कप्लेस पर नई जिम्मेवारी मिल सकती है. आज तरक्की के कोई अच्छा अवसर प्राप्त होगा. वृश्चिक राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर को वृश्चिक राशि के जातकों के जमीन जायदाद से जुड़ा मामला आगे बढ़ सकता है. आज संतान की तबीयत आपकी परेशानी का कारण बन सकती है. किसी भी संपत्ति संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ना उचित रहेगा. धनु राशि का कल का राशिफल आज शनिवार 26 सितंबर 2026 को धनु राशि के जातकों को कोई महत्वपूर्ण समाचार प्राप्त हो सकता है. आज रोधियों पर विजय मिलने के योग हैं और किसी पुराने विवाद में राहत मिल सकती है. अपने आसपास के लोगों की बातों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने के बजाय अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना आपके लिए बेहतर रहेगा. मकर राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 का दिन मकर राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाएगा. आज आय के साधनों में भी सुधार होगा. परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा. घर के सदस्यों के साथ संबंध बेहतर होंगे और मानसिक तनाव कम हो सकता है. कुंभ राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 का दिन कुंभ राशि वालों की मुलाकात इष्ट मित्रों से करवाएगा. आपर भावनात्मक रुप से किसी से जुड़ सकते हैं. नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को नया अवसर मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा. मीन राशि का कल का राशिफल कल शनिवार 26 सितंबर 2026 का दिन वर्कप्लेस पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. लंबे समय से अटकी हुई रकम वापस मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी. महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क भविष्य में आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है. The post Kal Ka Rashifal 26 September 2026: कल मिथुन के अटके पैसे आएंगे वापस, वृश्चिक को संतान पक्ष से मिल सकती है चिंता appeared first on Naya Vichar.

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