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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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सम्राट के CM बनने पर भावुक हुए पिता शकुनी चौधरी, बोले- जो मैं नहीं कर सका, बेटे ने कर दिखाया

Samrat Choudhary: सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर उनके पिता और वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार के लिए गौरव का क्षण है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो मुकाम वह खुद नहीं हासिल कर सके, वह उनके बेटे ने हासिल कर लिया. संघर्ष भरा रहा शकुनी चौधरी का नेतृत्वक सफर शकुनी चौधरी ने अपने लंबे नेतृत्वक जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कई सालों तक संघर्ष किया. उन्होंने लव-कुश समीकरण को मजबूत करने में भूमिका निभाई और समता पार्टी व हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा जैसे दलों के निर्माण में भी योगदान दिया. इसके बावजूद वह मुख्यमंत्री पद तक नहीं पहुंच सके. उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी का इस पद तक पहुंचना उनके लिए एक सपने के पूरा होने जैसा है. बड़े नेताओं के भरोसे से मिली जिम्मेदारी शकुनी चौधरी ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि बड़े नेताओं के भरोसे का परिणाम है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नीतीश कुमार के समर्थन को इसका बड़ा कारण बताया. उनके मुताबिक, किसी भी नेता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी तभी मिलती है, जब उसमें खास क्षमता और नेतृत्व की ताकत हो. दो बड़े दलों की सहमति से बढ़ी अहमियत उन्होंने यह भी कहा कि जब भाजपा और जदयू जैसे अलग-अलग नेतृत्वक विचारधारा वाले दल एक नाम पर सहमत होते हैं, तो यह उस नेता की स्वीकार्यता को दिखाता है. सम्राट चौधरी ने न सिर्फ अपनी पार्टी, बल्कि गठबंधन के सभी नेताओं और जनता का भरोसा जीता है, यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. युवा नेतृत्व से जुड़ी बड़ी उम्मीदें शकुनी चौधरी ने यह भी कहा कि जब किसी युवा नेता को देश के प्रधानमंत्री और राज्य के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिलता है, तो उससे बड़ी उम्मीदें भी जुड़ जाती हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी इन उम्मीदों पर खड़े उतरेंगे. Also Read: सुशील मोदी ने सम्राट को दिलाई थी BJP में एंट्री, 9 साल में ऐसे तय किया मुख्यमंत्री पद तक का सफर The post सम्राट के CM बनने पर भावुक हुए पिता शकुनी चौधरी, बोले- जो मैं नहीं कर सका, बेटे ने कर दिखाया appeared first on Naya Vichar.

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500 में से 499 मार्क्स, देखें एमपी बोर्ड 10वीं की टॉपर प्रतिभा की मार्कशीट

MP Board 10th Topper 2026 Marksheet: एमपी बोर्ड द्वारा जारी ऑनलाइन मार्कशीट के अनुसार प्रतिभा सिंह सोलंकी ने लगभग हर विषय में परफेक्ट स्कोर किया है. 10वीं की मार्कशीट में उनके सभी विषयों में डिस्टिंक्शन दर्ज है, यानी हर विषय में बेहतरीन प्रदर्शन. आइए उनकी उनकी पूरी मार्कशीट पर नजर डालते हैं. MP Board 10th Topper 2026 कौन हैं प्रतिभा सिंह सोलंकी? प्रतिभा सिंह सोलंकी मूलरूप से राजस्थान के पन्ना जिले की रहने वाली हैं. वो सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल की स्टूडेंट हैं. प्रतिभा के पिता का नाम भर्तेंदु सिंह सोलंकी है. उनकी माता का नाम मेवा सिंह दर्ज है. परिवार ने प्रतिभा की पढ़ाई में लगातार सहयोग किया. View this post on Instagram A post shared by Naya Vichar (@prabhat.khabar) MP Board 10th Topper 2026 Marksheet: प्रतिभा की मार्कशीट अगर उनकी मार्कशीट को ध्यान से देखें तो प्रतिभा ने हिंदी में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं. इसमें 75 थ्योरी और 25 इंटरनल/प्रैक्टिकल मार्क्स शामिल हैं. अंग्रेजी में उन्हें 99 अंक मिले हैं, जिसमें 74 थ्योरी और 25 इंटरनल मार्क्स हैं. यही एक विषय रहा जिसमें उनका 1 नंबर कटा. संस्कृत में प्रतिभा ने 98 अंक हासिल किए हैं. इसमें 73 थ्योरी और 25 इंटरनल मार्क्स शामिल हैं मैथमेटिक्स में उन्होंने 100 में 100 नंबर हासिल किए हैं. साइंस में भी प्रतिभा ने पूरे 100 अंक प्राप्त किए हैं. सोशल साइंस में भी उन्होंने 100 में 100 नंबर लेकर अपनी शानदार तैयारी साबित की है. मार्कशीट में बेस्ट ऑफ 5 नियम एमपी बोर्ड 10वीं की मार्कशीट बेस्ट ऑफ 5 नियम से तैयार की जाती है. इसमें आपने जिन 6 विषयों की परीक्षा दी है, उनमें से जिन 5 में आपके सबसे ज्यादा नंबर होंगे, उन्हीं को जोड़कर आपका रिजल्ट और प्रतिशत (Percentage) निकाला जाता है. प्रतिभा की मार्कशीट में संस्कृत उनका छठा सब्जेक्ट है. यह भी पढ़ें: एमपी बोर्ड 12वीं टॉपर्स की लिस्ट, कॉमर्स में खुशी और चांदनी ने किया टॉप The post 500 में से 499 मार्क्स, देखें एमपी बोर्ड 10वीं की टॉपर प्रतिभा की मार्कशीट appeared first on Naya Vichar.

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Khatron Ke Khiladi 15: क्या ‘इश्कबाज’ के ओमकार बनेंगे शो का हिस्सा? कुणाल जयसिंह ने दिया जवाब

Khatron Ke Khiladi 15: स्टंट रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सीजन 15 को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं और शो से जुड़ी नई-नई अपडेट्स लगातार सामने आ रही हैं. इसी बीच ‘इश्कबाज’ के ओमकार यानी कुणाल जयसिंह ने इस शो में शामिल होने को लेकर अपनी राय शेयर की है. अब सवाल यह है कि क्या वह इस सीजन का हिस्सा बनेंगे या नहीं? आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा. क्या कहा कुणाल जयसिंह ने? कुणाल जयसिंह से जब FilmiBeat ने सवाल किया कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ और ‘बिग बॉस 20’ आने वाले हैं, क्या आप रियलिटी शो में हिस्सा लेने के बारे में सोचेंगे? इसपर उन्होंने कहा कि रियलिटी शो एक अलग तरह की जगह होती है, जहां इंसान का वो साइड दिखता है जो एक्टिंग में नहीं दिखता. यह उन्हें अच्छा और दिलचस्प लगता है, लेकिन वह तभी इसमें हिस्सा लेंगे जब सही समय होगा और उन्हें लगेगा कि यह उनके लिए सही अनुभव है. उन्होंने यह भी कहा कि वह सिर्फ लाइमलाइट के लिए शो नहीं करना चाहते. अभी के लिए उन्होंने साफ कर दिया कि यह साल उनके लिए रियलिटी शो करने का नहीं है. टीवी पर वापसी कब होगी? इस पर कुणाल जयसिंह ने कहा कि वह नए शो और OTT स्क्रिप्ट्स देख रहे हैं, लेकिन बहुत सोच-समझकर चुन रहे हैं. वह ऐसा प्रोजेक्ट करना चाहते हैं जो उन्हें और दर्शकों को अच्छा लगे. ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के संभावित कंटेस्टेंट्स (Tentative List) पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार, ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में गौरव खन्ना, अविनाश मिश्रा, ईशा मालविया, अंकित गुप्ता, फरहाना भट्ट, दिग्विजय राठी, मनीषा रानी, हर्ष गुज्राल, प्रणाली राठोड़, अभिषेक बाजाज, अरबाज पटेल जैसे कई बड़े नाम देखने को मिल सकते हैं. हालांकि, अभी तक मेकर्स ने किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. कब और कहां होगा शूट? Siasat.com की रिपोर्ट के अनुसार, ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जून 2026 में शुरू हो सकता है. इसका शूट साउथ अफ्रीका के केप टाउन में होगा, जो खतरनाक स्टंट्स के लिए परफेक्ट लोकेशन है. यह भी पढ़ें: Telugu OTT Releases: थ्रिलर से लेकर हॉरर तक, इस हफ्ते OTT पर देखने को मिलेगा पूरा तेलुगु एंटरटेनमेंट पैक The post Khatron Ke Khiladi 15: क्या ‘इश्कबाज’ के ओमकार बनेंगे शो का हिस्सा? कुणाल जयसिंह ने दिया जवाब appeared first on Naya Vichar.

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धोनी टीम से बाहर, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दिख रहा माही का असर

MS Dhoni : चेन्नई सुपर किंग्स की टीम पर उनके पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का प्रभाव इस तरह का है कि उनके बिना टीम अधूरी सी मालूम पड़ती है. टीम के खिलाड़ी भी उनका बहुत सम्मान करते हैं और उनसे अपने प्रदर्शन पर सलाह भी लेते हैं. ऐसा ही एक उदाहरण टीम के स्पिनर नूर अहमद का भी है, जो इस आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन धोनी से बात करने के बाद उनकी बाॅलिंग में जबरदस्त बदलाव दिखा है. नेट पर अभ्यास के दौरान नूर की हुई धोनी से बातचीत आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के स्पिनर नूर अहमद अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने चार मैच स्पोर्ट्सने के बाद भी सिर्फ एक विकेट ही लिया था. केकेआर के साथ स्पोर्ट्से गए मैच से पहले नेट पर अभ्यास के दौरान धोनी से लंबी बातचीत के बाद नूर अहमद ने मैच में शानदार प्रदर्शन किया और मैच के हीरो बन गए. नूर ने 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट चटकाए. टीम के सहायक कोच श्रीधरन ने नूर और धोनी की बातचीत के बारे में बताया सीएसके के सहायक कोच श्रीधरन श्रीराम ने नूर की मैच से पहले धोनी के साथ हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि धोनी पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण नहीं स्पोर्ट्स पा रहे हैं. पिच से गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिल रही थी, लेकिन नूर बल्लेबाजों पर हावी होने में कामयाब रहे. श्रीराम ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, विकेट से थोड़ी मदद मिल रही थी. आज उसकी गेंद की गति हवा में थोड़ी धीमी थी. गेंद पर साइड स्पिन ज्यादा थी और ड्रॉप भी ज्यादा था. इस पर वह काम कर रहा है. धोनी ने अभ्यास सत्र के दौरान उनसे काफी देर तक बात की और उन्हें प्रेरित किया, जिसका असर गेम में दिखा. ये भी पढ़ें : रविचंद्रन अश्विन की रुतुराज गायकवाड़ को सलाह-हवा में शॉट न स्पोर्ट्सें बीजेपी की हाइब्रिड पॉलिटिक्स, नीतीश फैक्टर और जातीय समीकरण को साधा; जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम बनाए गए The post धोनी टीम से बाहर, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दिख रहा माही का असर appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में अब चलेगा मोदी-नीतीश मॉडल- मुख्यमंत्री बनते ही सम्राट चौधरी का पहला ऐलान

Samrat Choudhary: बिहार की नेतृत्व में सम्राट युग की विधिवत शुरुआत हो चुकी है. पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद बिहार के 24वें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं. मीडिया के सामने आए मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में कहा कि राज्य में विकास की गति थमेगी नहीं, बल्कि अब नए जोश के साथ डबल इंजन की रफ्तार पकड़ेगी. मोदी-नीतीश मॉडल पर मुहर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया कि बिहार के विकास का खाका नरेंद्र मोदी और नीतीश मॉडल के संगम पर आधारित होगा. उन्होंने राज्य की समृद्धि का संकल्प दोहराते हुए कहा कि जिस रास्ते पर बिहार ने पिछले दो दशकों में सुशासन और स्थिरता की नींव रखी है, उसी पैटर्न को और अधिक मजबूती दी जाएगी. पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण करने के बाद पहला बयान दिया. कहा- आज से ही मैं बिहार के लिए काम करना शुरू कर दूंगा. लोग पूरी तरह से संतुष्ट रहें, बिहार में नरेंद्र मोदी और नीतीश मॉडल ही चलेगा.#BiharPolitics #SamratChoudhary #NarendraModi… pic.twitter.com/W1RLAjTitc — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 15, 2026 सम्राट के इस बयान को गठबंधन के भीतर समन्वय और प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार की जनता का विश्वास ही उनकी प्रशासन के लिए सर्वोपरी होगा. सोशल मीडिया पर भावुक संदेश- “ईश्वर की शपथ लेता हूं…” शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने डिजिटल मंच से जनता और एनडीए नेतृत्व का आभार व्यक्त किया. उन्होंने अपनी शपथ के शब्दों को साझा करते हुए लिखा कि विकास और समृद्धि की दिशा में उनका हर कदम समर्पित होगा. मैं सम्राट चौधरी ईश्वर की #शपथ लेता हूँ कि… लोकभवन में आज बिहार के #मुख्यमंत्री पद का #शपथग्रहण किया। बिहार की देवतुल्य जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखते हुए, विकास और समृद्धि की दिशा में हर कदम समर्पित होगा। इस नवीन जिम्मेदारी के लिए देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री… pic.twitter.com/StHOcWmFyB — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 15, 2026 अपनी इस नई पारी के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जेडीयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के प्रति विशेष कृतज्ञता प्रकट की. सम्राट ने स्पष्ट किया कि एनडीए के सामूहिक परिश्रम और मार्गदर्शन में एक सशक्त बिहार का निर्माण करना ही उनका अंतिम लक्ष्य है. नीतीश की विरासत को आगे ले जाने का संकल्प पूर्व सीएम नीतीश कुमार के शुभकामना संदेश का जवाब देते हुए सम्राट चौधरी ने उन्हें आदरणीय संबोधित किया और कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार को सुशासन की जो मजबूत नींव मिली है, उसे वे नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. आदरणीय श्री @NitishKumar जी आपके नेतृत्व में बिहार को विकास, सुशासन और स्थिरता की मजबूत नींव मिली है। आपके मार्गदर्शन पर चलते हुए हम इस विरासत को और आगे बढ़ाएंगे। आपकी आत्मीय शुभकामनाओं और विश्वास के लिए हृदय से आभार। यह दायित्व हम सभी के सामूहिक संकल्प और एनडीए के परिश्रम का… https://t.co/khAB5NbVC7 — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 15, 2026 नीतीश कुमार के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताते हुए सम्राट ने संदेश दिया कि यह नई प्रशासन अनुभव और युवा जोश का एक संतुलित मिश्रण होगी, जो 2030 के विकसित बिहार के सपने को पूरा करेगी. Also Read: बिहार की नेतृत्व में पावर स्टार की एंट्री, पवन सिंह ने सम्राट चौधरी को दी बधाई, बढ़ाया हौसला The post बिहार में अब चलेगा मोदी-नीतीश मॉडल- मुख्यमंत्री बनते ही सम्राट चौधरी का पहला ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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जनगणना के नाम पर साइबर ठगी से बचें, एक गलती और आपका खजाना खाली

देशभर में जनगणना की प्रक्रिया शुरू होते ही साइबर अपराधियों की सक्रियता भी बढ़ गई है. आम लोगों की जानकारी जुटाने के इस प्रशासनी अभियान को अब ठग अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां जनगणना के नाम पर लोगों को फर्जी कॉल, लिंक और वेबसाइट के जरिए निशाना बनाया जा रहा है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. नकली वेबसाइट और फर्जी पोर्टल का जाल साइबर ठग सबसे पहले प्रशासनी वेबसाइट जैसे दिखने वाले नकली पोर्टल तैयार करते हैं. इन वेबसाइट्स का डिजाइन इतना असली लगता है कि आम यूजर आसानी से धोखा खा जाता है. जैसे ही आप इसमें अपनी निजी जानकारी भरते हैं, आपकी डिटेल्स सीधे ठगों के पास पहुंच जाती हैं, जिससे बैंकिंग फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है. OTP और कॉल के जरिये ठगी कई लोगों को कॉल करके बताया जा रहा है कि जनगणना के लिए वेरिफिकेशन जरूरी है और इसके लिए OTP शेयर करना होगा. ध्यान रखें, जनगणना प्रक्रिया में कभी भी OTP की जरूरत नहीं होती. अगर कोई ऐसा दावा करता है, तो समझ जाएं कि यह ठगी का तरीका है. बैंक डिटेल और QR कोड स्कैम जनगणना सिर्फ परिवार और जनसंख्या से जुड़ी जानकारी के लिए होती है, इसका बैंकिंग डिटेल से कोई संबंध नहीं है. अगर कोई व्यक्ति आपसे अकाउंट नंबर, कार्ड डिटेल या QR कोड स्कैन करने को कहे, तो तुरंत मना कर दें. ऐसे मामलों में आपकी पूरी जमा पूंजी खतरे में पड़ सकती है. खतरनाक लिंक से रहें दूर फोन पर SMS या WhatsApp के जरिये जनगणना फॉर्म भरने के नाम पर लिंक भेजे जा सकते हैं. इन लिंक पर क्लिक करते ही आपका फोन हैक हो सकता है या आपकी जानकारी चोरी हो सकती है. हमेशा ऐसे लिंक से दूरी बनाकर रखें और किसी भी अनजान URL पर भरोसा न करें. खुद को कैसे रखें सुरक्षित? प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि जनगणना के दौरान कोई भी अधिकारी आपसे OTP, पैसे या बैंक डिटेल नहीं मांगता. साथ ही, किसी भी वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचने के लिए उसका डोमेन “.gov.in” होना जरूरी है. थोड़ी सतर्कता और सही जानकारी आपको इस तरह के साइबर जाल से बचा सकती है. यह भी पढें: WhatsApp – Telegram पर फैल रहे फर्जी mParivahan ऐप और RAT मैलवेयर, सेकेंडों में हो जाएगी आपकी पहचान और कमाई की चोरी The post जनगणना के नाम पर साइबर ठगी से बचें, एक गलती और आपका खजाना खाली appeared first on Naya Vichar.

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Samrat Choudhary : 46 साल का लंबा इंतजार खत्म, CM बनते ही सम्राट ने रचा इतिहास, BJP हुई ‘धन्य’

Samrat Choudhary First BJP Cm: बिहार की नेतृत्व में 15 अप्रैल 2026 की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई. और इसी के साथ BJP के लिए भी यह तारीख स्‍वर्णिम अक्षरों से लिख दिया गया. अब आप ये सोच रहे होंगे ऐसा क्‍या हो गया! जिसे लिए इतने कसीदे गढ़े जा रहे हैं. दरअसल, सम्राट चौधरी ने बीजेपी को धन्‍य कर दिया है. आजादी के बाद बिहार में पहली बार भाजपा अपना मुख्‍यमंत्री बनाने में सफल हुई है. इसी के साथ मगध पर बीजेपी का भगवा लहरा गया है. BJP ने बनाया रिकॉर्ड सम्राट चौधरी ने जैसे ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, वैसे ही एक ऐसा रिकॉर्ड बन गया, जिसका इंतजार हिंदुस्तानीय जनता पार्टी आजादी के बाद से कर रही थी. बीजेपी को बिहार में अपना मुख्‍यमंत्री बनाने के लिए दशकों का इंतजार करना पड़ा है. और यह पहली बार हो रहा है जब हिंदुस्तानीय जनता पार्टी का कोई नेता बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा है. 46 साल का इंतजार क्यों? अगर बीजेपी के इतिहास को देखें, तो इसकी स्थापना 1980 में हुई थी। यानी करीब 46 साल बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी को बिहार में CM की कुर्सी मिली है. ये अगल बात है कि अब तक पार्टी सत्ता में साझेदार रही, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी तक कभी नहीं पहुंच सकी थी. ऐसे में सम्राट चौधरी का शपथ लेना सिर्फ एक नेतृत्वक घटना नहीं, बल्कि एक ‘स्ट्रैटेजिक ब्रेकथ्रू’ माना जा रहा है’ PRABHAT KHABAR SPECIAL: CM बनने के बाद पहली बार BJP ऑफिस में सम्राट चौधरी ने कहा, “आज बड़ा दिन है. बिहार के विकास के लिए काम करना है. BJP और NDA कार्यकर्ताओं के बल पर बनी है. उनसे मिलने आया हूं, उनका सम्मान आगे भी जारी रहेगा.#BiharPolitics #SamratChoudhary #BJP #prabhatkhabar… pic.twitter.com/9fsIGxkN2Q — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 15, 2026 ये होगी Samrat के सामने नेतृत्वक चुनौती सम्राट चौधरी के इस शपथ ग्रहण को बिहार की नेतृत्वक दिशा बदलने वाला क्षण माना जा रहा है. अब बीजेपी सामने सबसे बड़ी चुनौती बिहार की नेतृत्वक दिशा बीजेपी और आरएसएस के पक्ष में बदलने की होगी. यानी अब जो नेतृत्व नीतीश और जेडीयू के चारों ओर घूमती थी, अब उसे बीजेपी और सम्राट की ओर घुमाने का प्रयास करना होगा. साथ ही उन्‍हें नीतीश कुमार से बड़ी लकीर भी खींचनी होगी.  कई दौर से गुजरी बिहार की नेतृत्व आजादी के बाद से लेकर अब तक बिहार की नेतृत्व कई दौरों से गुजरी. 1946 से अब तक कुल 23 नेता मुख्यमंत्री बने. सम्राट चौधरी 24वें मुख्यमंत्री हैं. आजादी के बाद शुरुआती दौर में पूरे देश में कांग्रेस का दबदबा था. बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह बने. जिन्होंने 1946 से 1961 तक लंबा कार्यकाल संभाला. इस दौर में लगभग पूरी नेतृत्व हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इर्द-गिर्द ही घूमती रही. 1967 के बाद अस्थिरता  साल 1967 के बाद बिहार में नेतृत्वक अस्थिरता और प्रयोग का दौर शुरू हो गया था. बिहार में कई छोटे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री भी बने. गठबंधन और दल-बदल की नेतृत्व भी हुई. बिहार उस दौर से भी गुजरा जब कुछ मुख्यमंत्री तो कुछ दिन या महीनों के लिए ही पद पर रहे. बिहार की नेतृत्व में इस फेस को ‘ट्रांजिशन’ कहा गया.  1990 से 2005 तक मंडल और MY समीकरण का दौर यह दौर लालू प्रसाद और उनकी पत्‍नी राबड़ी देवी का था. बिहार की नेतृत्व के लिए यह दौर बेहद खास था. इस दौरान आरजेडी का दबदबा रहा. लगभग 15 साल तक इस पार्टी ने बिहार की नेतृत्व को अगले 20 साल के लिए तैयार किया.  2005–2026: ‘सुशासन बाबू’ का युग लालू के बाद बिहार में आया वो युग जिसे बिहार की नेतृत्व में सबसे स्‍वर्णिम काल कहा जा सकता है. इसे सुशासन बाबू का युग भी कहा जाता है. यह दौर नीतीश का था. इसे बिहार निर्माण का वो दौर कहा जा सकता है, जिसे नीतीश ने संघारों, सेनाओं और अव्‍यवस्थित बिहार को 20 सालों तक गढ़ा. जिससे ‘विकासशील बिहार’ तैयार हो सका. पटना: मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी पहुंचे BJP ऑफिस. एक- एक कार्यकर्त्ता से मिले. #BiharPolitics #SamratChoudhary #BJP #prabhatkhabar @samrat4bjp @BJP4India pic.twitter.com/XJLu3QRrHy — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 15, 2026 बिहार के सभी मुख्यमंत्री और उनका कार्यकाल 1. श्रीकृष्ण सिंह — 29 अप्रैल 1952 से 31 जनवरी 19612. बिनोदानंद झा — 18 फरवरी 1961 से 02 अक्टूबर 19633. कृष्ण बल्लभ सहाय — 02 अक्टूबर 1963 से 05 मार्च 19674. महामाया प्रसाद सिन्हा — 05 मार्च 1967 से 28 जनवरी 19685. बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल — 01 फरवरी 1968 से 22 मार्च 19686. भोला पासवान शास्त्री — 22 मार्च 1968 से 29 जून 19687. सरदार हरिहर सिंह — 26 फरवरी 1969 से 22 जून 19698. भोला पासवान शास्त्री — 22 जून 1969 से 04 जुलाई 19699. दरोगा प्रसाद राय — 16 फरवरी 1970 से 22 दिसंबर 197010. कर्पूरी ठाकुर — 22 दिसंबर 1970 से 02 जून 197111. भोला पासवान शास्त्री — 02 जून 1971 से 09 जनवरी 197212. केदार पांडेय — 19 मार्च 1972 से 02 जुलाई 197313. अब्दुल गफूर — 02 जुलाई 1973 से 11 अप्रैल 197514. जगन्नाथ मिश्रा — 11 अप्रैल 1975 से 30 अप्रैल 197715. कर्पूरी ठाकुर — 24 जून 1977 से 21 अप्रैल 197916. राम सुंदर दास — 21 अप्रैल 1979 से 17 फरवरी 198017. जगन्नाथ मिश्रा — 08 जून 1980 से 14 अगस्त 198318. चंद्रशेखर सिंह — 14 अगस्त 1983 से 12 मार्च 198519. बिंदेश्वरी दुबे — 12 मार्च 1985 से 13 फरवरी 198820. भागवत झा आजाद — 14 फरवरी 1988 से 10 मार्च 198921. सत्येंद्र नारायण सिंह — 11 मार्च 1989 से 06 दिसंबर 198922. जगन्नाथ मिश्रा — 06 दिसंबर 1989 से 10 मार्च 199023. लालू प्रसाद यादव — 10 मार्च 1990 से 03 अप्रैल 199524. लालू प्रसाद यादव — 04 अप्रैल 1995 से 25 जुलाई 199725. राबड़ी देवी — 25 जुलाई 1997 से 11 फरवरी 199926. राबड़ी देवी — 09 मार्च 1999 से 02 मार्च 200027. नीतीश कुमार — 03 मार्च 2000 से 10 मार्च 200028. राबड़ी देवी — 11 मार्च 2000 से 06 मार्च 200529. नीतीश कुमार — 24 नवंबर 2005 से 25 नवंबर 201030. नीतीश कुमार — 26 नवंबर 2010 से 19 मई 201431. जीतन राम मांझी — 20 मई

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सारंडा के जंगलों में मिसिर बेसरा के दस्ते और सुरक्षा बलों में मुठभेड़, रुक-रुक हो रही गोलीबारी

सारंडा से संदीप गुप्ता की रिपोर्ट Naxal Encounter: झारखंड के सारंडा जंगल में बुधवार को एक बार फिर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई. यह मुठभेड़ कुख्यात इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ हो रही है. जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल इलाके में लंबे समय से चल रहे सर्च ऑपरेशन के तहत जंगल में तलाशी अभियान चला रहे थे. इसी दौरान नक्सली अचानक सामने आ गए और उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की. कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त कार्रवाई मौके पर सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस बल के जवान मौजूद हैं. ये सभी यूनिट्स नक्सल विरोधी ऑपरेशन में विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि कुख्यात नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ सारंडा के जंगलों में सक्रिय है. इसी सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन तेज किया गया था. कैंप शिफ्ट कर रहे नक्सलियों से टकराव बताया जा रहा है कि मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब नक्सली जंगल के अंदर अपने ठिकाने को बदल रहे थे. इसी दौरान सुरक्षाबलों की टीम वहां पहुंच गई और दोनों का आमना-सामना हो गया. पुलिस को देखते ही नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें घेरने की कोशिश की. कई नक्सलियों के मारे जाने की आशंका, पुष्टि नहीं सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, अभी तक किसी भी नक्सली का शव बरामद नहीं हुआ है और न ही सर्च ऑपरेशन में जुटे सुरक्षा बलों के अधिकारियों की ओर से इसकी पुष्टि ही की गई है. जंगल का घना इलाका और लगातार फायरिंग के कारण सुरक्षाबलों को सटीक स्थिति का आकलन करने में समय लग रहा है. इलाके में हाई अलर्ट, ऑपरेशन जारी फिलहाल पूरे इलाके को घेर लिया गया है और अतिरिक्त बलों को भी तैनात कर दिया गया है. सुरक्षाबल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि नक्सलियों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके. अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता. बीच-बीच में फायरिंग कर रहे नक्सली: एसपी जिले के एसपी अमित रेणू ने बताया कि कोबरा जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. नक्सलियों की ओर से बीच-बीच में फायरिंग हो रही है, जिसका सुरक्षा बल सतर्कता के साथ जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आ पाएगी. फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्च अभियान जारी है. इसे भी पढ़ें: सारंडा के बीहड़ में खुल गई विकास की पोल, कोल्हान रक्षा संघ की बैठक में लगी समस्याओं की झड़ी नक्सल गतिविधियों का गढ़ है सारंडा सारंडा का घना जंगल लंबे समय से नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से नक्सल गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन बीच-बीच में इस तरह की मुठभेड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं. इसे भी पढ़ें: गढ़वा का ‘मॉडल’ बना रंका सीएचसी, जिला अस्पताल जैसी सुविधाओं से लैस The post सारंडा के जंगलों में मिसिर बेसरा के दस्ते और सुरक्षा बलों में मुठभेड़, रुक-रुक हो रही गोलीबारी appeared first on Naya Vichar.

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प्रेग्नेंसी स्ट्रेच मार्क्स से परेशान? अपनाएं ये घरेलू उपाय, जल्द दिखेगा असर

How To Remove Pregnancy Stretch Marks Naturally: गर्भावस्था के दौरान स्त्रीओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिनमें स्ट्रेच मार्क्स एक आम समस्या है. पेट, जांघों, कमर और स्तनों के आसपास त्वचा खिंचने के कारण ये हल्के या गहरे निशान दिखाई देने लगते हैं. ये भले ही दर्दनाक न हों, लेकिन कई स्त्रीओं के लिए यह आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकते हैं. हार्मोनल बदलाव और त्वचा की लोच कम होने के कारण ये ज्यादा उभरते हैं. हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सही देखभाल और कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से इन्हें काफी हद तक कम किया जा सकता है और त्वचा को स्वस्थ रखा जा सकता है. स्ट्रेच मार्क्स हटाने का 5 आसान घरेलू उपाय 1. एलोवेरा जेल एलोवेरा जेल त्वचा को गहराई से नमी प्रदान करता है और उसे रिपेयर करने में मदद करता है. यह स्ट्रेच मार्क्स को हल्का करने के साथ-साथ त्वचा को ठंडक भी देता है. रोजाना प्रभावित हिस्से पर हल्के हाथों से मसाज करें, इससे धीरे-धीरे फर्क दिखने लगता है. 2. नारियल तेल  हल्का गुनगुना नारियल तेल त्वचा की गहराई तक जाकर उसे पोषण देता है. नियमित मसाज करने से त्वचा की इलास्टिसिटी बढ़ती है और स्ट्रेच मार्क्स कम दिखाई देने लगते हैं. इसे दिन में कम से कम एक बार जरूर लगाएं. 3. बादाम का तेल बादाम तेल विटामिन E से भरपूर होता है, जो त्वचा को रिपेयर करने में मदद करता है. यह त्वचा की कोशिकाओं को पोषण देकर स्ट्रेच मार्क्स को धीरे-धीरे हल्का करता है. रोजाना रात में सोने से पहले इसका उपयोग करें. 4. शहद  शहद एक प्राकृतिक मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है. इसे प्रभावित जगह पर हल्के हाथों से लगाकर 10–15 मिनट तक छोड़ दें, फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है. 5. नींबू का रस नींबू में प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण होते हैं जो दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करते हैं. इसे हल्के हाथों से स्ट्रेच मार्क्स पर लगाकर कुछ देर बाद साफ कर लें. नियमित उपयोग से त्वचा टोन बेहतर होता है. यह भी पढ़ें: प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में करें ये 4 आसान एक्सरसाइज, रहें फिट और सुरक्षित  यह भी पढ़ें: पीरियड से पहले क्यों बदल जाता है मूड? डॉ. प्रियंका त्रिवेदी ने बताई वजह  The post प्रेग्नेंसी स्ट्रेच मार्क्स से परेशान? अपनाएं ये घरेलू उपाय, जल्द दिखेगा असर appeared first on Naya Vichar.

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डिप्टी सीएम विजय चौधरी बोले- नीतीश कुमार जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता, उन्हीं की नीतियों पर चलेगी सरकार

Bihar Politics: पटना के लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. उनके साथ दो उपमुख्यमंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई. इस मौके पर कई बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहे. जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. दोनों नेताओं का लंबे समय से बिहार की नेतृत्व में बड़ा अनुभव रहा है. विजय चौधरी ने जताया नीतीश कुमार पर भरोसा शपथ लेने के बाद विजय चौधरी ने कहा कि यह जिम्मेदारी उन्हें नीतीश कुमार के भरोसे की वजह से मिली है. उन्होंने साफ कहा कि नीतीश कुमार जैसा कोई दूसरा नेता नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए जो रास्ता, नीतियां और कार्यक्रम नीतीश कुमार ने बनाए हैं, उसी पर आगे काम किया जाएगा. उनके मुताबिक, प्रशासन में किसी तरह का भ्रम नहीं है और सभी दल मिलकर आगे बढ़ेंगे. ‘नीतीश मॉडल’ पर ही चलेगी प्रशासन विजय चौधरी ने कहा कि बिहार का विकास मॉडल वही रहेगा, जिसमें नीतीश कुमार की सोच और भाजपा दोनों शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार से बहुत कुछ सीखा है और उसी अनुभव के आधार पर प्रशासन काम करेगी. बिजेंद्र यादव का बयान भी चर्चा में डिप्टी सीएम बने बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. जेडीयू नेता निशांत कुमार के शपथ समारोह में शामिल नहीं होने पर उन्होंने कहा कि यह उनका निजी फैसला है कि वे नेतृत्व में आएंगे या नहीं. वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि पहले यह देखना चाहिए कि वे खुद किस पृष्ठभूमि से आए हैं. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार में एक नए नेतृत्वक अध्याय की शुरुआत हो गई है. पहली बार भाजपा के नेतृत्व में राज्य की कमान संभाली गई है, जिससे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं. Also Read: सुशील मोदी ने सम्राट को दिलाई थी BJP में एंट्री, 9 साल में ऐसे तय किया मुख्यमंत्री पद तक का सफर The post डिप्टी सीएम विजय चौधरी बोले- नीतीश कुमार जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता, उन्हीं की नीतियों पर चलेगी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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