Samrat Choudhary First BJP Cm: बिहार की नेतृत्व में 15 अप्रैल 2026 की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई. और इसी के साथ BJP के लिए भी यह तारीख स्वर्णिम अक्षरों से लिख दिया गया. अब आप ये सोच रहे होंगे ऐसा क्या हो गया! जिसे लिए इतने कसीदे गढ़े जा रहे हैं. दरअसल, सम्राट चौधरी ने बीजेपी को धन्य कर दिया है. आजादी के बाद बिहार में पहली बार भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाने में सफल हुई है. इसी के साथ मगध पर बीजेपी का भगवा लहरा गया है.
BJP ने बनाया रिकॉर्ड
सम्राट चौधरी ने जैसे ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, वैसे ही एक ऐसा रिकॉर्ड बन गया, जिसका इंतजार हिंदुस्तानीय जनता पार्टी आजादी के बाद से कर रही थी. बीजेपी को बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए दशकों का इंतजार करना पड़ा है. और यह पहली बार हो रहा है जब हिंदुस्तानीय जनता पार्टी का कोई नेता बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा है.
46 साल का इंतजार क्यों?
अगर बीजेपी के इतिहास को देखें, तो इसकी स्थापना 1980 में हुई थी। यानी करीब 46 साल बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी को बिहार में CM की कुर्सी मिली है. ये अगल बात है कि अब तक पार्टी सत्ता में साझेदार रही, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी तक कभी नहीं पहुंच सकी थी. ऐसे में सम्राट चौधरी का शपथ लेना सिर्फ एक नेतृत्वक घटना नहीं, बल्कि एक ‘स्ट्रैटेजिक ब्रेकथ्रू’ माना जा रहा है’
PRABHAT KHABAR SPECIAL: CM बनने के बाद पहली बार BJP ऑफिस में सम्राट चौधरी ने कहा, “आज बड़ा दिन है. बिहार के विकास के लिए काम करना है. BJP और NDA कार्यकर्ताओं के बल पर बनी है. उनसे मिलने आया हूं, उनका सम्मान आगे भी जारी रहेगा.#BiharPolitics #SamratChoudhary #BJP #prabhatkhabar… pic.twitter.com/9fsIGxkN2Q
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ये होगी Samrat के सामने नेतृत्वक चुनौती
सम्राट चौधरी के इस शपथ ग्रहण को बिहार की नेतृत्वक दिशा बदलने वाला क्षण माना जा रहा है. अब बीजेपी सामने सबसे बड़ी चुनौती बिहार की नेतृत्वक दिशा बीजेपी और आरएसएस के पक्ष में बदलने की होगी. यानी अब जो नेतृत्व नीतीश और जेडीयू के चारों ओर घूमती थी, अब उसे बीजेपी और सम्राट की ओर घुमाने का प्रयास करना होगा. साथ ही उन्हें नीतीश कुमार से बड़ी लकीर भी खींचनी होगी.
कई दौर से गुजरी बिहार की नेतृत्व
आजादी के बाद से लेकर अब तक बिहार की नेतृत्व कई दौरों से गुजरी. 1946 से अब तक कुल 23 नेता मुख्यमंत्री बने. सम्राट चौधरी 24वें मुख्यमंत्री हैं. आजादी के बाद शुरुआती दौर में पूरे देश में कांग्रेस का दबदबा था. बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह बने. जिन्होंने 1946 से 1961 तक लंबा कार्यकाल संभाला. इस दौर में लगभग पूरी नेतृत्व हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इर्द-गिर्द ही घूमती रही.
1967 के बाद अस्थिरता
साल 1967 के बाद बिहार में नेतृत्वक अस्थिरता और प्रयोग का दौर शुरू हो गया था. बिहार में कई छोटे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री भी बने. गठबंधन और दल-बदल की नेतृत्व भी हुई. बिहार उस दौर से भी गुजरा जब कुछ मुख्यमंत्री तो कुछ दिन या महीनों के लिए ही पद पर रहे. बिहार की नेतृत्व में इस फेस को ‘ट्रांजिशन’ कहा गया.
1990 से 2005 तक मंडल और MY समीकरण का दौर
यह दौर लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी का था. बिहार की नेतृत्व के लिए यह दौर बेहद खास था. इस दौरान आरजेडी का दबदबा रहा. लगभग 15 साल तक इस पार्टी ने बिहार की नेतृत्व को अगले 20 साल के लिए तैयार किया.
2005–2026: ‘सुशासन बाबू’ का युग
लालू के बाद बिहार में आया वो युग जिसे बिहार की नेतृत्व में सबसे स्वर्णिम काल कहा जा सकता है. इसे सुशासन बाबू का युग भी कहा जाता है. यह दौर नीतीश का था. इसे बिहार निर्माण का वो दौर कहा जा सकता है, जिसे नीतीश ने संघारों, सेनाओं और अव्यवस्थित बिहार को 20 सालों तक गढ़ा. जिससे ‘विकासशील बिहार’ तैयार हो सका.
पटना: मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी पहुंचे BJP ऑफिस. एक- एक कार्यकर्त्ता से मिले. #BiharPolitics #SamratChoudhary #BJP #prabhatkhabar @samrat4bjp @BJP4India pic.twitter.com/XJLu3QRrHy
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बिहार के सभी मुख्यमंत्री और उनका कार्यकाल
1. श्रीकृष्ण सिंह — 29 अप्रैल 1952 से 31 जनवरी 1961
2. बिनोदानंद झा — 18 फरवरी 1961 से 02 अक्टूबर 1963
3. कृष्ण बल्लभ सहाय — 02 अक्टूबर 1963 से 05 मार्च 1967
4. महामाया प्रसाद सिन्हा — 05 मार्च 1967 से 28 जनवरी 1968
5. बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल — 01 फरवरी 1968 से 22 मार्च 1968
6. भोला पासवान शास्त्री — 22 मार्च 1968 से 29 जून 1968
7. सरदार हरिहर सिंह — 26 फरवरी 1969 से 22 जून 1969
8. भोला पासवान शास्त्री — 22 जून 1969 से 04 जुलाई 1969
9. दरोगा प्रसाद राय — 16 फरवरी 1970 से 22 दिसंबर 1970
10. कर्पूरी ठाकुर — 22 दिसंबर 1970 से 02 जून 1971
11. भोला पासवान शास्त्री — 02 जून 1971 से 09 जनवरी 1972
12. केदार पांडेय — 19 मार्च 1972 से 02 जुलाई 1973
13. अब्दुल गफूर — 02 जुलाई 1973 से 11 अप्रैल 1975
14. जगन्नाथ मिश्रा — 11 अप्रैल 1975 से 30 अप्रैल 1977
15. कर्पूरी ठाकुर — 24 जून 1977 से 21 अप्रैल 1979
16. राम सुंदर दास — 21 अप्रैल 1979 से 17 फरवरी 1980
17. जगन्नाथ मिश्रा — 08 जून 1980 से 14 अगस्त 1983
18. चंद्रशेखर सिंह — 14 अगस्त 1983 से 12 मार्च 1985
19. बिंदेश्वरी दुबे — 12 मार्च 1985 से 13 फरवरी 1988
20. भागवत झा आजाद — 14 फरवरी 1988 से 10 मार्च 1989
21. सत्येंद्र नारायण सिंह — 11 मार्च 1989 से 06 दिसंबर 1989
22. जगन्नाथ मिश्रा — 06 दिसंबर 1989 से 10 मार्च 1990
23. लालू प्रसाद यादव — 10 मार्च 1990 से 03 अप्रैल 1995
24. लालू प्रसाद यादव — 04 अप्रैल 1995 से 25 जुलाई 1997
25. राबड़ी देवी — 25 जुलाई 1997 से 11 फरवरी 1999
26. राबड़ी देवी — 09 मार्च 1999 से 02 मार्च 2000
27. नीतीश कुमार — 03 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000
28. राबड़ी देवी — 11 मार्च 2000 से 06 मार्च 2005
29. नीतीश कुमार — 24 नवंबर 2005 से 25 नवंबर 2010
30. नीतीश कुमार — 26 नवंबर 2010 से 19 मई 2014
31. जीतन राम मांझी — 20 मई 2014 से 22 फरवरी 2015
32. नीतीश कुमार — 22 फरवरी 2015 से 19 नवंबर 2015
33. नीतीश कुमार — 20 नवंबर 2015 से 26 जुलाई 2017
34. नीतीश कुमार — 27 जुलाई 2017 से 12 नवंबर 2020
35. नीतीश कुमार — 16 नवंबर 2020 से 09 अगस्त 2022
36. नीतीश कुमार — 10 अगस्त 2022 से 28 जनवरी 2024
37. नीतीश कुमार — 28 जनवरी 2024 से 14 नवंबर 2025
38. नीतीश कुमार — 20 नवंबर 2025 से 14 अप्रैल 2026
39. सम्राट चौधरी — 15 अप्रैल 2026 से— अब तक
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