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India Vs Japan T20I: आखिरी ओवर में अंपायर के फैसले पर क्यों छिड़ी बहस? जानें क्या कहता है ICC का नियम

Wide Controversy: हिंदुस्तान और जापान के बीच स्पोर्ट्सा गया ऐतिहासिक टी20 इंटरनेशनल मुकाबला भले ही हिंदुस्तान की जीत के साथ खत्म हुआ, लेकिन आखिरी ओवर का एक फैसला चर्चा का विषय बन गया. जापान को जीत के लिए आखिरी चार गेंदों में सिर्फ 6 रन चाहिए थे. तभी अक्षर पटेल की एक गेंद लेग साइड की ओर गई और जापान के बल्लेबाज अलेक्जेंडर शिराई-पैटमोर रिवर्स स्वीप स्पोर्ट्सने से चूक गए. मैदानी अंपायर ने शुरुआत में गेंद को वाइड करार दिया. हालांकि, अक्षर पटेल और हिंदुस्तानीय कप्तान श्रेयस अय्यर की आपत्ति के बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस छिड़ गई. खास बात यह रही कि जापान अंत में सिर्फ 2 रन से मुकाबला हार गया, इसलिए आखिरी ओवर का यह फैसला और भी अहम हो गया. लेकिन सवाल यह है कि क्या अंपायर अपना वाइड का फैसला बदल सकता है? और रिवर्स स्वीप जैसी स्थिति में वाइड का नियम क्या कहता है? लेग साइड की गेंद कब होती है वाइड? आईसीसी के मौजूदा स्पोर्ट्स नियमों के अनुसार, किसी गेंद को वाइड तभी माना जाता है जब वह बल्लेबाज की पहुंच से इतनी दूर हो कि सामान्य क्रिकेट शॉट से उसे स्पोर्ट्सना संभव न हो. नियम 22.1.2 के मुताबिक, गेंद को बल्लेबाज से बाहर माना जाएगा, जब तक कि वह इतनी पहुंच के भीतर न हो कि बल्लेबाज उसे सामान्य क्रिकेट शॉट से मार सके. यानी सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि गेंद लेग साइड पर गई है. अंपायर को यह भी देखना होता है कि क्या बल्लेबाज सामान्य शॉट स्पोर्ट्सकर उस गेंद तक पहुंच सकता था. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट रिवर्स स्वीप ने बढ़ाया पेंच हिंदुस्तान-जापान मैच में यही स्थिति थोड़ी पेचीदा हो गई. शिराई-पैटमोर रिवर्स स्वीप स्पोर्ट्सने की कोशिश कर रहे थे और गेंद लेग साइड की ओर घूम गई. बल्लेबाज शॉट से चूक गए और अंपायर ने पहले इसे वाइड दे दिया. बाद में फैसला बदलने के पीछे यह तर्क हो सकता है कि बल्लेबाज ने एक सामान्य क्रिकेट शॉट स्पोर्ट्सने की कोशिश की थी और गेंद उसकी पहुंच में थी. हालांकि, गेंद के काफी ज्यादा लेग साइड की ओर घूमने की वजह से यह सवाल भी उठता है कि क्या वह वास्तव में बल्लेबाज की पहुंच में थी. आईसीसी के नियमों में रिवर्स स्वीप या स्विच हिट के लिए अलग से कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है. यही वजह है कि ऐसी परिस्थितियों में अंपायर का फैसला परिस्थितियों की व्याख्या पर निर्भर कर सकता है. क्या अंपायर अपना फैसला बदल सकता है? यह फैसला बदलना भले ही मैदान पर कम देखने को मिलता हो, लेकिन क्रिकेट के नियम अंपायर को कुछ परिस्थितियों में ऐसा करने की अनुमति देते हैं. लॉ 2.12 के अनुसार, अंपायर अपना फैसला बदल सकता है, बशर्ते बदलाव तुरंत किया जाए और वह डेड बॉल से जुड़े नियमों के खिलाफ न हो. एक बार फैसला लेने के बाद वह अंतिम माना जाता है, लेकिन उसे तुरंत बदलने की सीमित गुंजाइश मौजूद है. इसलिए हिंदुस्तान-जापान मुकाबले में अंपायर का वाइड का फैसला बदलना नियमों से पूरी तरह बाहर की बात नहीं थी. असली बहस इस बात पर है कि क्या उस गेंद को वाइड माना जाना चाहिए था या नहीं. ऐसा पहली बार नहीं हुआ रिवर्स स्वीप पर वाइड का फैसला बदलने का ऐसा मामला पहले भी सामने आ चुका है. सितंबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की स्त्री टी20 सीरीज के दौरान भी एलिस पेरी लेग साइड की गेंद पर रिवर्स स्वीप स्पोर्ट्सने से चूक गई थीं. अंपायर ने पहले गेंद को वाइड दिया, लेकिन तुरंत अपना फैसला बदल दिया था. ये भी पढ़ें: Colin Ingram Retirement: 41 साल की उम्र में साउथ अफ्रीकी दिग्गज का संन्यास, अब इस नई भूमिका में आएंगे नजर The post India Vs Japan T20I: आखिरी ओवर में अंपायर के फैसले पर क्यों छिड़ी बहस? जानें क्या कहता है ICC का नियम appeared first on Naya Vichar.

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UP सरकार 2026 में क्यों नहीं करा पा रही ग्राम पंचायत चुनाव?, जानिए 10 महत्वपूर्ण बातें

UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर गांवों में बेचैनी बढ़ती जा रही है. ग्राम प्रधान से लेकर बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य बनने की तैयारी कर रहे दावेदार चुनाव की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अब तक मतदान कार्यक्रम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है. खास बात यह है कि एक ओर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गयी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कार्यक्रमों के जरिए जनता के बीच पहुंच रहे हैं, विपक्षी दल भी चुनावी तैयारियों में जुटे हैं और पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी लगातार कार्यक्रम कर रहे हैं, लेकिन पंचायत चुनाव की तारीख को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों की ओर से चुप्पी बनी हुई है. दूसरी ओर, प्रदेश की निगाहें कोर्ट में चल रही सुनवाई पर टिकी हैं, लेकिन सुनवाई भी आगे बढ़ती जा रही है. ऐसे में सवाल है कि पंचायत चुनाव आखिर कब होगा और 2026 में चुनाव कराने की राह में कौन-कौन से पेंच फंसे हैं? पंचायतों का कार्यकाल पूरा, लेकिन चुनाव कार्यक्रम नहीं आया उत्तर प्रदेश में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल 2021 में हुआ था. पांच साल का कार्यकाल 2026 में पूरा हो चुका है, इसके बावजूद अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग ने आम पंचायत चुनाव के लिए मतदान कार्यक्रम जारी नहीं किया है. यही वजह है कि गांवों में संभावित प्रत्याशियों की नजर लगातार चुनाव की तारीख पर बनी हुई है. सबसे बड़ा पेच OBC आरक्षण का यूपी पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC आरक्षण तय करना इस पूरी प्रक्रिया की अहम कड़ी है, इसके लिए प्रशासन ने समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था. आयोग को पिछड़ेपन से जुड़े आंकड़ों और सामाजिक-नेतृत्वक स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करनी है, इसके बाद आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट होगी. आरक्षण तय हुए बिना सीटों का अंतिम गणित अधूरा ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के पदों पर किस सीट को किस वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा, यह चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है. आरक्षण सूची जारी होने के बाद ही दावेदारों को अपनी सीट की वास्तविक स्थिति पता चलेगी, इसलिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी हुए बिना चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देना कठिन है. हाईकोर्ट में भी चुनाव को लेकर सुनवाई हुई यूपी पंचायत चुनाव में देरी का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है. अदालत ने चुनाव प्रक्रिया और OBC आरक्षण को लेकर प्रशासन तथा राज्य निर्वाचन आयोग से जानकारी मांगी है. अदालत ने पंचायतों का कार्यकाल पांच साल से आगे बढ़ाने के सवाल पर भी सख्त रुख अपनाया है. मतदाता सूची में भी हुआ बदलाव पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया चली. राज्य निर्वाचन आयोग ने 2026 की पंचायत मतदाता सूची उपलब्ध कराई है और मतदाता खोजने की सुविधा भी जारी है. आयोग की वेबसाइट पर अब पंचायत 2025-26 की मतदाता सूची और वोटर सर्च की व्यवस्था मौजूद है. परिसीमन से बदले पंचायत और वार्ड के समीकरण चुनाव से पहले पंचायतों और वार्डों की स्थिति में बदलाव भी महत्वपूर्ण है. अलग-अलग जिलों में परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के क्षेत्र में बदलाव हुआ है, इसका सीधा असर सीटों और चुनावी समीकरण पर पड़ता है. राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत और वार्ड का विवरण भी उपलब्ध कराया गया है. सिर्फ चुनाव की तारीख तय करना काफी नहीं पंचायत चुनाव एक बड़े स्तर की चुनावी प्रक्रिया है. मतदाता सूची, पंचायत और वार्ड का विवरण, आरक्षण, मतदान केंद्र, कर्मचारियों की तैनाती और चुनावी तकनीकी व्यवस्था जैसी तैयारियां पूरी करनी होती हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अगस्त 2026 में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के लिए FRS सर्वर की सुरक्षा, फायरवॉल, MDM और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी ऑडिट से जुड़ी ई-निविदा भी जारी की गई, इससे साफ है कि चुनाव की तकनीकी तैयारियां चल रही हैं. चुनाव में EVM की तैयारियां भी शामिल राज्य निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में मई 2026 में पंचायत चुनाव के लिए EVM खरीद से संबंधित ई-टेंडर का उल्लेख है. चुनाव प्रक्रिया के लिए सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि तकनीकी और मतदान संबंधी तैयारियां भी आगे बढ़ाई जा रही हैं. सोशल मीडिया पर चल रही तारीखों पर भरोसा नहीं पंचायत चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तारीखें वायरल होती रही हैं, लेकिन जब तक राज्य निर्वाचन आयोग आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं करता, इन तारीखों को चुनाव की पक्की तारीख मानना सही नहीं है. सितंबर 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंचायत चुनाव के लिए मतदान कार्यक्रम की घोषणा दिखाई नहीं देती. अब सबसे बड़ा इंतजार आरक्षण और चुनाव कार्यक्रम का यूपी पंचायत चुनाव की कई अहम तैयारियां आगे बढ़ चुकी हैं, लेकिन आरक्षण की अंतिम तस्वीर और आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम अभी सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पंचायत चुनाव 2025-26 के लिए मतदाता सूची, पंचायत विवरण और तकनीकी तैयारियों से संबंधित गतिविधियां जारी हैं. ऐसे में अब गांवों की नजर आरक्षण सूची और चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना पर है. यह भी पढ़ें: यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव का ऐलान, 16 अक्टूबर को वोटिंग, ऐसे समझें BJP-सपा के बीच सीटों का गणित The post UP प्रशासन 2026 में क्यों नहीं करा पा रही ग्राम पंचायत चुनाव?, जानिए 10 महत्वपूर्ण बातें appeared first on Naya Vichar.

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Maruti की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली गाड़ियां हुई महंगी, जानें कौन सी कार पर कितने बढ़ेंगे दाम

अगर आप Maruti Suzuki की कोई सस्ती कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो यह समाचार आपके लिए है. त्योहारी सीजन से पहले कंपनी ने अपनी दो सबसे पापुलर और अफोर्डेबल हैचबैक कारों को महंगा कर दिया है. आइए जानते हैं किन गाड़ियों के दाम बढ़ें हैं और आपकी जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा. किन वेरिएंट्स की कीमत बढ़ी? Maruti Suzuki Celerio के VXi, ZXi और ZXi Plus पेट्रोल वेरिएंट्स की कीमत में ₹2,500 की बढ़ोतरी हुई है. यह बढ़ोतरी मैनुअल और AMT दोनों पेट्रोल वेरिएंट्स पर लागू है. मौजूदा एक्स-शोरूम कीमतों के मुताबिक: LXi MT: ₹4.69 लाख VXi MT: ₹5.18 लाख VXi AGS: ₹5.63 लाख ZXi MT: ₹5.73 लाख ZXi AGS: ₹6.18 लाख ZXi+ MT: ₹6.30 लाख ZXi+ AGS: ₹6.75 लाख VXi CNG: ₹5.97 लाख नोट: ये Maruti Suzuki की मौजूदा वेबसाइट पर दी गई कीमतें हैं. ये भी पढ़ें: Honda QC3 इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च: 145 km की रेंज और ₹1.35 लाख शुरुआती कीमत, मात्र ₹5,000 में शुरू हुई बुकिंग CNG मॉडल की कीमत में बदलाव नहीं Celerio VXi CNG की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹5.97 लाख बनी हुई है. CNG मॉडल में 1.0-लीटर इंजन मिलता है, जो 56bhp की पावर और 82Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसे सिर्फ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ पेश किया जाता है. कंपनी के मुताबिक इसकी क्लेम्ड माइलेज 34.43 km/kg है. Celerio में कितना पावरफुल इंजन? Maruti Celerio में 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर K10C पेट्रोल इंजन मिलता है. पेट्रोल इंजन: पावर: 66bhp टॉर्क: 89Nm गियरबॉक्स: 5-स्पीड मैनुअल/AMT AMT माइलेज: 26 kmpl तक Maruti की वेबसाइट पर Celerio के अलग-अलग पेट्रोल वेरिएंट्स के लिए 24.97 से 26 kmpl तक की फ्यूल एफिशिएंसी दी गई है. सेफ्टी में 3-स्टार रेटिंग Celerio की सेफ्टी को लेकर भी हाल में टेस्टिंग हुई है. 6 एयरबैग वाले Celerio वेरिएंट को Bharat NCAP में 3-स्टार रेटिंग मिली है. यह रेटिंग 6-airbag वर्जन के लिए है, जबकि टेस्ट में 2-airbag वर्जन भी शामिल था. Alto K10 भी हुई महंगी Maruti Suzuki ने हाल में Alto K10 के कुछ वेरिएंट्स की कीमत में भी ₹2,500 तक की बढ़ोतरी की है. इसमें चुनिंदा VXi (O) पेट्रोल मैनुअल, VXi (O) पेट्रोल ऑटोमैटिक और CNG वेरिएंट्स शामिल हैं. Alto K10 में 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है. कंपनी के मुताबिक इसके पेट्रोल मैनुअल और ऑटोमैटिक वेरिएंट क्रमशः 24.39 kmpl और 24.90 kmpl तक माइलेज देते हैं. CNG वेरिएंट की क्लेम्ड माइलेज 33.85 km/kg है. 7-सीटर Grand Vitara से लेकर Ertiga Facelift तक तैयारी Maruti Suzuki आने वाले समय में अपने पोर्टफोलियो में कई बड़े अपडेट करने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 7-सीटर Grand Vitara पर काम कर रही है. इसका कोडनेम Y17 बताया जा रहा है और इसे 2027 में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है. इसमें 6 और 7 सीटिंग लेआउट के विकल्प मिलने की संभावना है. हालांकि, कंपनी की ओर से अभी इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. Ertiga Facelift में क्या बदलेगा? Maruti Ertiga Facelift को भी अपडेट के साथ लाने की तैयारी की जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे 2026 के आखिर से फरवरी 2027 के बीच लॉन्च किया जा सकता है. संभावित बदलावों में शामिल हैं: नई ग्रिल स्लिम LED हेडलाइट नए DRLs अपडेटेड बंपर नए 16-इंच अलॉय व्हील 9-इंच SmartPlay Pro+ टचस्क्रीन हालांकि, इन आगामी मॉडल्स की लॉन्च टाइमलाइन और फीचर्स को लेकर Maruti की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है. ये भी पढ़ें: 1 मिनट में 100 km की रेंज और 10 साल की वारंटी, चीन ने पेश की हैरान करने वाली टेक्नोलॉजी The post Maruti की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली गाड़ियां हुई महंगी, जानें कौन सी कार पर कितने बढ़ेंगे दाम appeared first on Naya Vichar.

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भारत में सस्ता होगा कीवी? 20 अक्टूबर से लागू होगा भारत-न्यूजीलैंड FTA

हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच Free Trade Agreement यानी FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है. इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड से हिंदुस्तान आने वाले कीवी फल की कीमत पर असर पड़ सकता है. हिंदुस्तान ने न्यूजीलैंड के कीवी के लिए Tariff Rate Quota (TRQ) का प्रावधान किया है, जिसके तहत तय मात्रा में आने वाले कीवी पर इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी. अभी कीवी पर कितनी इंपोर्ट ड्यूटी लगती है? हिंदुस्तान में न्यूजीलैंड से आने वाले कीवी पर मौजूदा कस्टम्स ड्यूटी 33% है. FTA के तहत पहले साल न्यूजीलैंड के लिए 6,250 टन कीवी का ड्यूटी-फ्री कोटा तय किया गया है. यह कोटा धीरे-धीरे बढ़ेगा और छठे साल तक 15,000 टन हो जाएगा. Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में कीमत में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित रह सकती है. हालांकि, इंपोर्टर अगर ड्यूटी से हुई बचत का हिस्सा आगे बढ़ाते हैं तो ग्राहकों को फायदा मिल सकता है. हिंदुस्तान में कितनी कीवी आती है? हिंदुस्तान कीवी की मांग के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. Moneycontrol ने Tridge के व्यापार आंकड़ों के हवाले से बताया है कि 2024 में हिंदुस्तान ने करीब 49.14 मिलियन किलो यानी लगभग 49,140 टन ताजा कीवी आयात की, जिसकी कीमत करीब 60.51 मिलियन डॉलर थी. 2024 में हिंदुस्तान को कीवी सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में ईरान, चिली, न्यूजीलैंड, ग्रीस और इटली शामिल रहे. इनमें न्यूजीलैंड से हिंदुस्तान ने करीब 5.84 मिलियन किलो यानी 5,840 टन कीवी आयात की थी. हिंदुस्तान प्रशासन की FTA फैक्टशीट में भी न्यूजीलैंड से 5,840 टन के आयात का आंकड़ा दिया गया है. न्यूजीलैंड के कीवी के लिए कितना बढ़ेगा कोटा? पहले साल 6,250 टन कीवी को 0% ड्यूटी वाले कोटे में जगह मिलेगी. यह मात्रा छठे साल तक बढ़कर 15,000 टन हो जाएगी. इसके लिए 1 अप्रैल से 15 अक्टूबर तक की Seasonal Window रखी गई है. यानी आने वाले वर्षों में ज्यादा मात्रा में न्यूजीलैंड का कीवी ड्यूटी-फ्री कोटे के तहत हिंदुस्तान आ सकेगा. इससे बाजार में न्यूजीलैंड के कीवी की प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है. ये भी पढे़ें: PM Kisan Yojana: ₹2,000 की किस्त से जुड़ी हर जरूरी जानकारी, e-KYC से लेकर स्टेटस चेक करने का तरीका कब से लागू होगा नया नियम? हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड ने FTA पर 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर किए थे. दोनों देशों ने अब इसे लागू करने की घरेलू प्रक्रिया पूरी कर ली है और समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. यानी ड्यूटी में यह नई राहत 20 अक्टूबर से लागू होने वाले FTA के तहत मिलेगी. इसका असर बाजार में आने वाले कीवी की सप्लाई, इंपोर्ट लागत और अंततः खुदरा कीमत पर धीरे-धीरे दिखाई दे सकता है. The post हिंदुस्तान में सस्ता होगा कीवी? 20 अक्टूबर से लागू होगा हिंदुस्तान-न्यूजीलैंड FTA appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बन रहा है. क्या यह चक्रवात ‘अर्नब’ का रूप लेगा?

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब और मजबूत होने की राह पर है. क्या यह सिस्टम आगे चलकर Cyclone Arnab बन सकता है? हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन अगले 24 घंटे में डीप डिप्रेशन में बदल सकता है. IMD के अनुसार, यह सिस्टम 21 सितंबर की शाम डिप्रेशन में बदला था. उस समय यह पुरी से करीब 310 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, गोपालपुर से करीब 310 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और विशाखापत्तनम से करीब 470 किलोमीटर पूर्व में था. क्या Cyclone Arnab बनेगा? हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक चक्रवाती तूफानों के नामों की सूची के अनुसार, उत्तर हिंद महासागर में बनने वाले अगले चक्रवाती तूफान का नाम ‘अर्नब’ होगा. यानी यदि बंगाल की खाड़ी में बन रहा डीप डिप्रेशन साइक्लोन का रूल लेता है, तो इसका नाम अर्नब होगा. हालांकि अभी IMD ने इसे Cyclone नहीं बताया है. फिलहाल सिस्टम की स्थिति डिप्रेशन की है और इसके डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है. ये भी पढे़ें: 22 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बन रहा डीप डिप्रेशन, बिहार-झारखंड समेत इन राज्यों में अलर्ट ओडिशा-आंध्र में कब पहुंचेगा असर? IMD के मुताबिक, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है. इसके 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की शुरुआती सुबह के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच डीप डिप्रेशन के रूप में तट पार करने की संभावना है. इसके प्रभाव से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. उत्तर ओडिशा और उत्तर आंध्र तट पर भी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. The post बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बन रहा है. क्या यह चक्रवात ‘अर्नब’ का रूप लेगा? appeared first on Naya Vichar.

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जमुई वायरल वीडियो मामले में 5 पकड़े गये, मुठभेड़ में नंदन यादव घायल, एसपी ने बतायी पूरी कहानी

जमुई. नाबालिग छात्रा से बदसलूकी से जुड़े वायरल वीडियो मामले में जमुई पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए अब तक तीन नाबालिगों को पकड़ा है, जबकि दो को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव को मंगलवार को सदर थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के समीप नदी किनारे से गिरफ्तार किया गया. पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी, जबकि भागने के प्रयास में हरेराम यादव भी घायल हो गया. दोनों को पुलिस अभिरक्षा में जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एसपी विश्वजीत दयाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी एसपी विश्वजीत दयाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को नाबालिग छात्रा से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी पुलिस को मिली थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गयी. सोमवार को पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपितों को गिरफ्तार किया था. उनसे पूछताछ के साथ तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपितों तक पहुंची. हरेराम ने बतायी नंदन के छिपे होने की जानकारी एसपी के अनुसार मंगलवार को पुलिस टीम नंदन यादव की गिरफ्तारी के लिए प्रतापपुर गांव के समीप नदी किनारे पहुंची थी. इसी दौरान पुलिस को देखकर एक युवक भागने लगा. पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया. पूछताछ में उसने अपना नाम हरेराम यादव बताया. पुलिस के अनुसार हरेराम ने बताया कि नंदन यादव भी आसपास ही छिपा हुआ है. भागने के दौरान गिरने से हरेराम के पैर में चोट लगी थी. इसके बाद पुलिस टीम नंदन यादव की तलाश में आगे बढ़ी. पुलिस के अनुसार नंदन ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली एसपी ने बताया कि नंदन यादव को पकड़ने के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. इसके बाद पुलिस की ओर से एक राउंड जवाबी फायरिंग की गयी. इसमें नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी. घायल अवस्था में उसे पुलिस अभिरक्षा में सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. वीडियो वायरल करने के मामले में भी तीन गिरफ्तार एसपी ने बताया कि नाबालिग छात्रा से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में भी कार्रवाई की गयी है. पुलिस के अनुसार रामाशीष चौधरी द्वारा वीडियो वायरल किया गया था और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब वीडियो बनाने, उसे प्रसारित करने और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. बालू और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े होने की भी जांच पुलिस के अनुसार नंदन यादव और हरेराम यादव के पूर्व में अवैध बालू एवं शराब कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी मिली है. हालांकि, वर्तमान मामले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपितों से संबंध की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है. एसपी ने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. वायरल वीडियो, उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपितों की भूमिका को जोड़कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आयेगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जायेगी. ये भी पढ़ें : जमुई एनकाउंटर : कुंदर बराज के पास पुलिस पर हमला कर नंदन यादव ने की थी भागने की कोशिश The post जमुई वायरल वीडियो मामले में 5 पकड़े गये, मुठभेड़ में नंदन यादव घायल, एसपी ने बतायी पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Chatra: टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू की मौत के बाद चतरा के लूटूं और सोहावन गांव में नहीं मना करमा, तीन दिनों से पसरा है मातम

Chatra: टीएसपीसी के सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोगता की मौत के बाद चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र के दो गांव लूटूं और सोहावन गांव में गम का माहौल बना हुआ है. मंगलवार को दोनों गांवों में करमा पर्व नहीं मनाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से दोनों गांव शोक में डूबे हैं और इस दौरान दो दिनों तक कई घरों में चूल्हा भी नहीं जला. करमा पर्व की खुशियां मातम में बदली ग्रामीणों के अनुसार, हर साल करमा पर्व के दौरान पूरे इलाके में उत्साह का माहौल रहता था, लेकिन इस बार ब्रजेश गंझु की मौत के बाद लोगों ने पर्व नहीं मनाने का फैसला किया. कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने घटना के विरोध में भोजन तक नहीं किया और गांव में शोक का माहौल बना रहा. ग्रामीणों ने बताई अलग पहचान स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही ब्रजेश गंझु टीएसपीसी के सुप्रीमो थे, लेकिन गांव और प्रखंड स्तर पर कई लोग उन्हें एक साधारण व्यक्ति के रूप में जानते थे. ग्रामीणों के मुताबिक इसी वजह से उनकी मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है. मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल ब्रजेश गंझु की वृद्ध मां टुकनी देवी और पत्नी उषा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों के मुताबिक दोनों लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं. उषा देवी ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को पुलिस ने पकड़ने के बाद मार दिया. उन्होंने कहा कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगी और न्यायालय के साथ-साथ मानवाधिकार संस्थाओं से भी न्याय की गुहार लगाएंगी. इसे भी पढ़ें: पलामू रितु हत्याकांड: विधायक आलोक चौरसिया बोले – ‘न्याय दिलाने की बजाय कुछ लोग कर रहे नेतृत्व’ एटीएस ने मुठभेड़ में मार गिराने का किया था दावा तीन दिन पहले उत्तर प्रदेश के रामनगर थाना क्षेत्र में एटीएस ने ब्रजेश गंझू को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था. वहीं, इस कार्रवाई को लेकर परिजनों ने अलग आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है. इस घटना के बाद लावालौंग क्षेत्र के इन दोनों गांवों में सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित दिखाई दे रही हैं और लोग अब मामले की आगे की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं. इसे भी पढ़ें: Palamu: कजरी में NH-39 का कट बंद करने गई NHAI टीम, ग्रामीणों ने किया विरोध तो ठेकेदार हो गए चंपत The post Chatra: टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू की मौत के बाद चतरा के लूटूं और सोहावन गांव में नहीं मना करमा, तीन दिनों से पसरा है मातम appeared first on Naya Vichar.

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Jamui Encounter: कुंदर बराज में कहां छिपा था नंदन यादव? पुलिस को कैसे मिली लोकेशन, फिर हुई मुठभेड़

Jamui Encounter: जमुई में 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की. वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने कई सुराग जुटाए. जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची और इसके बाद आरोपियों की तलाश तेज हुई. पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई. वीडियो और दूसरी जानकारी के आधार पर कई लोगों की पहचान की गई. नंदन यादव को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया गया और वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था. पुलिस को कुंदर बराज में छिपे होने की सूचना मिली नंदन की तलाश में पुलिस अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थी. इसी दौरान मंगलवार तड़के एसआईटी को सूचना मिली कि नंदन यादव कुंदर बराज इलाके में छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस टीम ने कुंदर बराज के आसपास पहुंचकर घेराबंदी शुरू की. घेराबंदी के बाद क्या हुआ? पुलिस के मुताबिक, टीम ने इलाके को घेरा तो नंदन ने वहां से निकलने की कोशिश की. इस दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला किया और भागने लगा. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की. इसी फायरिंग में नंदन यादव के पैर में गोली लगी. उसके साथ मौजूद हरेराम यादव भी घायल हुआ और उसका पैर टूट गया. दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया और इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में दोनों का इलाज पुलिस की निगरानी में चल रहा है. नंदन तक पहुंचने में वीडियो बना बड़ा सुराग इस पूरे मामले में वायरल वीडियो जांच की शुरुआत का सबसे अहम सुराग बना. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पहले पीड़ितों को ट्रेस किया, फिर वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान शुरू हुई. इसके बाद नंदन समेत फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी चलती रही. नंदन के कुंदर बराज में होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वहां ऑपरेशन चलाया. पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन किस व्यक्ति या किस तकनीकी माध्यम से मिली. इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अब जांच में आगे क्या होगा? मुठभेड़ के बाद पुलिस अब मामले में शामिल बाकी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना में कौन-कौन शामिल था और किसकी क्या भूमिका थी. पुलिस ने वीडियो और दूसरे सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की है. इसलिए आगे की जांच में इन सभी कड़ियों को जोड़ा जाएगा. इसे भी पढ़ें : Nandan Yadav Encounter: कौन हैं जमुई केस के मुख्य आरोपी नंदन और हरेराम? जानें बालू ढोने से लेकर पुलिस मुठभेड़ तक की कहानी The post Jamui Encounter: कुंदर बराज में कहां छिपा था नंदन यादव? पुलिस को कैसे मिली लोकेशन, फिर हुई मुठभेड़ appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में 10 दिन के अंदर रेप के 3 मामले, AAP बोली- गुंडों पर लगाम नहीं तो ऐसे ही होंगे अपराध

दिल्ली में 10 दिन के अंदर रेप के तीन मामले सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी प्रशासन और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है. AAP के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि स्त्रीओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की कार्रवाई प्रभावी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर सड़कों पर घूमने वाले गुंडों पर लगाम नहीं लगाई जाएगी तो इस तरह के अपराध होते रहेंगे. पिछले 10 दिनों के अंदर, दिल्ली के स्वरूप नगर में नाबालिग से गैंगरेप और हत्या, केशवपुरम में एक स्त्री के साथ कथित रेप और कालकाजी में पुलिसकर्मी बनकर 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं. कालकाजी मामले में पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. 11 सितंबर: स्वरूप नगर में नाबालिग से गैंगरेप और हत्या दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, घटना 11 सितंबर की रात हुई थी. लड़की अपने दोस्त से मिलने गई थी. आरोप है कि वहां उसके दोस्त ने तीन अन्य लोगों को बुलाया और चारों ने उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया. पुलिस के अनुसार, लड़की ने घटना की शिकायत करने की बात कही तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी और शव को एक खुले खेत में फेंक दिया. उसका शव 13 सितंबर को बरामद हुआ. मामले में एक 19 वर्षीय युवक और तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है. 19 सितंबर: केशवपुरम में स्त्री से कथित रेप केशवपुरम इलाके में 32 वर्षीय विकास पर 43 वर्षीय स्त्री को आंखों की जांच कराने के बहाने अपने घर बुलाकर कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने स्त्री को अपने घर ले जाने के बाद कथित तौर पर उसे बेहोश किया और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया. स्त्री की शिकायत के आधार पर केशवपुरम थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है. 21 सितंबर: कालकाजी में पुलिसकर्मी बनकर 17 वर्षीय लड़की से गैंगरेप दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके में 21 सितंबर की शाम 17 वर्षीय लड़की के साथ तीन लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया. पुलिस के मुताबिक, लड़की अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी. इसके बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे. आरोप है कि पार्क में तीन लोग उनके पास पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया. उन्होंने लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया और उसे सुनसान जगह पर ले गए. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में शामिल आसिफ ने लड़की को पिस्तौल और चाकू दिखाकर धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद उसके साथ मौजूद दो अन्य लोगों ने भी कथित तौर पर लड़की से दुष्कर्म किया. घटना की सूचना रात करीब 8:45 बजे PCR को दी गई. पुलिस ने लड़की की चिकित्सीय जांच कराई और मामले में BNS तथा POCSO की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की. पुलिस ने मंगलवार को एक आरोपी आसिफ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी. उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. AAP का बीजेपी प्रशासन और दिल्ली पुलिस पर हमला इन घटनाओं को लेकर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था और स्त्रीओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए. उन्होंने जनकपुरी में तीन साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पुलिस शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं करती. भारद्वाज ने कहा कि अगर किसी लड़की के साथ उसकी कॉलोनी के लड़के छेड़छाड़ करते हैं और वह पुलिस के पास शिकायत लेकर जाती है तो पुलिस को शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस तब तक इंतजार करती है, जब तक मामला गंभीर अपराध में तब्दील न हो जाए. AAP नेता ने दिल्ली पुलिस पर नेतृत्वक इस्तेमाल का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिस को स्त्रीओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सड़कों पर घूमने वाले अपराधियों पर लगाम लगानी चाहिए. ये भी पढ़ें: Jamui Encounter News: जमुई में छात्रा से बदसलूकी करने वाले का एनकाउंटर, पुलिस ने नंदन यादव को मारी गोली The post दिल्ली में 10 दिन के अंदर रेप के 3 मामले, AAP बोली- गुंडों पर लगाम नहीं तो ऐसे ही होंगे अपराध appeared first on Naya Vichar.

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Asian Games: भारत ने जीता पहला गोल्ड, श्रीलंका को रौंदकर महिला क्रिकेट टीम लगातार दूसरी बार चैंपियन

IND W vs SL W Asian Games Result: हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया है. कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में स्पोर्ट्से गए फाइनल में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को 147 रन से रौंदकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस जीत के साथ हिंदुस्तानीय टीम ने एशियन गेम्स में स्त्री क्रिकेट का खिताब लगातार दूसरी बार जीत लिया. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन बनाए. यह एशियन गेम्स में स्त्री क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर रहा. जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 69 रन पर सिमट गई और हिंदुस्तान ने मुकाबला एकतरफा अंदाज में अपने नाम कर लिया. स्मृति-शेफाली ने दी तूफानी शुरुआत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हिंदुस्तानीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी की. शेफाली वर्मा 48 रन बनाकर आउट हुईं. इसके बाद हरमनप्रीत कौर ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन वह 19 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं. दूसरे छोर पर स्मृति मंधाना तेजी से रन बनाती रहीं. उन्होंने 79 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. मंधाना के आउट होने के बाद ऋचा घोष ने मोर्चा संभाल लिया. ऋचा घोष ने आखिरी ओवरों में मचाई तबाही ऋचा घोष ने आते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 49 रन की नाबाद पारी स्पोर्ट्सी. ऋचा की इस तूफानी पारी की बदौलत हिंदुस्तान ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़े और स्कोर को 216 रन तक पहुंचा दिया. श्रीलंका की ओर से सुंगधिका कुमारी, कविशा दिलहारी और चामुडी ने एक-एक विकेट लिया. 80 रन पर ढेर हुई श्रीलंका 216 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही. हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा. श्रीलंका की ओर से सबसे ज्यादा रन चमारी अट्टापट्टू ने बनाए. वह 29 रन की पारी स्पोर्ट्सकर आउट हुईं. उनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं स्पोर्ट्स सकी. पूरी श्रीलंकाई टीम 80 रन पर ऑलआउट हो गई. हिंदुस्तान की ओर से दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट चटकाए, जबकि शेफाली वर्मा और श्री चरणी को 2-2 विकेट मिले. हिंदुस्तान ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड श्रीलंका को 147 रन से हराने के साथ हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने एशियन गेम्स में अपना दबदबा कायम रखा. हिंदुस्तान ने इससे पहले 2010 के बाद 2026 में स्त्री क्रिकेट में अपना दूसरा एशियन गेम्स गोल्ड जीता है. इस जीत के साथ हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मंच पर वह दबाव के बीच भी शानदार प्रदर्शन कर सकती है. पहले बल्ले से 216 रन का रिकॉर्ड स्कोर, फिर गेंद से श्रीलंका को सिर्फ 80 रन पर समेटना- हिंदुस्तान ने फाइनल को पूरी तरह एकतरफा बनाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया. The post Asian Games: हिंदुस्तान ने जीता पहला गोल्ड, श्रीलंका को रौंदकर स्त्री क्रिकेट टीम लगातार दूसरी बार चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

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