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UNGA में ट्रंप का दावा: भारत-पाकिस्तान कॉन्फ्लिक्ट सहित 8 युद्ध खत्म कराए, ईरान को दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान हिंदुस्तान-पाकिस्तान समेत 8 युद्धों को खत्म कराने का दावा किया. ट्रंप ने कहा कि इन विवादों को सुलझाने में रिश्तों, व्यापार, टैरिफ और टैरिफ की धमकी जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि कई देशों के नेताओं ने उन्हें धन्यवाद पत्र भी भेजे. ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हवाले से यह भी दावा किया कि उन्हें बताया गया कि ट्रंप के प्रयासों से 3 करोड़ लोगों की जान बची. ईरान पर ट्रंप की सबसे कड़ी चेतावनी United Nations General Assembly (UNGA) ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता किया जाए, जिससे वह दोबारा एक मजबूत देश बन सके या फिर उसके खिलाफ और कड़ा सैन्य कदम उठाया जाए. ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ही उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने ईरान को आतंकवाद का प्रमुख प्रायोजक बताते हुए उसके शासन पर गंभीर आरोप लगाए. ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव का भी जिक्र किया, जिसमें ईरान के वाणिज्यिक शिपिंग पर हमलों की निंदा की गई थी. उनके भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वॉकआउट की भी रिपोर्ट सामने आई. ये भी पढ़े: अमेरिका के बड़े चैनलों ने रोक दी ट्रंप की कवरेज, जानें व्हाइट हाउस में 21 सिंतबर को क्या हुआ? ‘मैंने शांति की, सिर्फ बात नहीं की’ ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि दूसरे लोगों ने शांति की बात की, जबकि उन्होंने शांति स्थापित की. उन्होंने अमेरिका को दुनिया की सबसे शक्तिशाली वित्तीय स्थिति, सेना और तकनीकी ताकत वाला देश बताया. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके प्रशासन ने अमेरिका को पिछले प्रशासन के ‘अंधकार युग’ से निकालकर ‘गोल्डन एज’ में पहुंचाया है. ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिकी नौसेना ने वहां से बड़ी मात्रा में तेल की आवाजाही को एस्कॉर्ट किया है. ईरान युद्ध और होर्मुज संकट पहले से ही वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं. The post UNGA में ट्रंप का दावा: हिंदुस्तान-पाकिस्तान कॉन्फ्लिक्ट सहित 8 युद्ध खत्म कराए, ईरान को दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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JSSC-CGL और JPSC में 500 करोड़ के घोटाले का दावा, राज्यसभा चुनाव पर भी योगेंद्र साव ने उठाए सवाल

रांची से अभिषेक आनंद की रिपोर्ट JSSC-CGL Scam: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने मंगलवार को JSSC-CGL और JPSC भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि JSSC-CGL में 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और इस मामले में CBI जांच ही एकमात्र विकल्प है. साथ ही उन्होंने राज्यसभा चुनाव में गठबंधन की हार पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका पर भी आरोप लगाए. हालांकि, ये सभी आरोप योगेंद्र साव के हैं और उन्होंने बातचीत के दौरान इनके समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया. मंत्री की मौत को भी बताया जांच का विषय बातचीत के दौरान योगेंद्र साव ने हाल ही में एक मंत्री के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि वह भी जांच का विषय होना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया, लेकिन कहा कि CBI जांच होने पर कई बातें सामने आ सकती हैं. JSSC-CGL में 500 करोड़ के घोटाला योगेंद्र साव ने कहा कि JSSC-CGL और JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्र लंबे समय से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच चुका है और सर्वोच्च न्यायालय तक चला गया है. उन्होंने दावा किया कि JSSC-CGL में 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और उनके पास इसके “पक्के सबूत” हैं. साव ने कहा कि कई लोग उन्हें फोन कर दस्तावेज और जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्हें वह उचित मंच पर प्रस्तुत करेंगे. CBI जांच की मांग दोहराई पूर्व मंत्री ने कहा कि भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच मौजूदा एजेंसियों से संभव नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रहे अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल हैं. इसी वजह से उन्होंने JSSC-CGL मामले में CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए. JPSC भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल योगेंद्र साव ने JPSC भर्ती प्रक्रिया का भी जिक्र करते हुए कहा कि भर्ती से जुड़े विवादों के कारण छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हुए. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे जरूरी है. उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवालों का स्पष्ट और निष्पक्ष जवाब मिलना चाहिए. CBI जांच की मांग दोहराई योगेंद्र साव ने CGL मामले में CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि मौजूदा जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने CID के तत्कालीन अधिकारियों पर भी आरोप लगाए और कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है. उन्होंने कहा कि वह मीडिया के माध्यम से भी CBI जांच की मांग कर रहे हैं. MDO और आउटसोर्सिंग कंपनियों पर साधा निशाना योगेंद्र साव ने कोयला परियोजनाओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि चट्टी बरियातू, केरेदारी और पकरी बरवाडीह जैसे क्षेत्रों में कारपोरेट लूट मची हुई है. उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के नाम पर बनी प्रशासन में MDO और आउटसोर्सिंग कंपनियां भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था आम लोगों की बजाय कंपनियों के प्रभाव में काम कर रही है, जिससे ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है. राज्यसभा चुनाव की हार पर सवाल योगेंद्र साव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि जब गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या में विधायक थे, तब चुनाव हार जाना कई सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री 58 विधायकों के नेता थे, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वोट कहां गया. उन्होंने परिमल नाथवानी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके मुख्यमंत्री आवास आने-जाने और उसके बाद हुई नेतृत्वक गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए. 58 विधायकों के बावजूद हार: योगेंद्र साव कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के खिलाफ नहीं गए हैं और राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं. साव ने दावा किया कि असम और पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई. उन्होंने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री 58 विधायकों के नेता थे, तब चुनाव हार जाना सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा, “किसने वोट दिया और किसने नहीं दिया, यह उनके नियंत्रण में था.” यह सभी आरोप योगेंद्र साव के हैं, जिन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है. कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप साव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लगातार कांग्रेस को नेतृत्वक नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हुई. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में हैं और राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं. उनके अनुसार यदि कोई कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो वह उसका विरोध करेंगे. खुद की सुरक्षा को लेकर जताई आशंका योगेंद्र साव ने कहा कि हजारीबाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया का वह सम्मान करते हैं, लेकिन उनके ऊपर “चोर” और “ब्लैकमेलर” जैसे आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि यदि उनके नेता के बारे में कोई गलत बात करेगा तो वह उसका विरोध करेंगे. साथ ही उन्होंने यह आशंका भी जताई कि उनके खिलाफ साजिश रची जा सकती है और उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है. The post JSSC-CGL और JPSC में 500 करोड़ के घोटाले का दावा, राज्यसभा चुनाव पर भी योगेंद्र साव ने उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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नई Mahindra Thar OG लॉन्च, कीमत 10.32 लाख रुपये से शुरू, 3-डोर SUV में हुए ये बदलाव

Mahindra Thar OG Launched: महिंद्रा की लोकप्रिय 3-डोर SUV Thar OG लॉन्च हो गई है. कंपनी ने लॉन्च से पहले इसके कई टीजर जारी किए थे. और अब फाइनली गाड़ी को लॉन्च कर दिया है. नई Thar Facelift में Thar Roxx से प्रेरित डिजाइन एलिमेंट्स, नए लाइटिंग एलिमेंट्स और कुछ नए फीचर्स आए हैं. आइए जानते हैं नई Thar में क्या-क्या बदल गया है और इसकी कीमत कितनी है. Thar Facelift का लुक हुआ ज्यादा दमदार नई Thar Facelift के डिजाइन में सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट प्रोफाइल में देखने को मिला है. गाड़ी को नई ग्रिल, अपडेटेड LED हेडलैंप और C-Shape DRLs मिले हैं. अलॉय व्हील्स के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है. इसके अलावा नई Thar Facelift में Thar Roxx से प्रेरित कुछ डिजाइन एलिमेंट्स भी देखने को मिलते हैं. फ्रंट और रियर बंपर में भी बदलाव किया गया है. रियर प्रोफाइल में भी C-Shape लाइटिंग एलिमेंट्स मिले हैं. गाड़ी को आकर्षक बनाने के लिए नए कलर ऑप्शन भी जोड़े गए हैं. ये भी पढ़ें: 4 करोड़ की कुल संपत्ति, फिर 13 करोड़ की Rolls-Royce में कैसे नजर आईं विधायक मैथिली ठाकुर? जानें पूरा सच केबिन में क्या-क्या बदला? नई Thar Facelift का बेसिक डैशबोर्ड लेआउट मौजूदा मॉडल जैसा ही है. हालांकि, कंपनी ने इसे ज्यादा प्रीमियम बनाने के लिए कुछ छोटे बदलाव किए है. नई Thar टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, फिजिकल शॉर्टकट बटन, सर्कुलर AC वेंट्स और मैनुअल क्लाइमेट कंट्रोल देखने को मिलते हैं. इसके कुछ वेरिएंट में लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री भी मिलती है. स्टीयरिंग व्हील पर Mahindra का Twin Peaks लोगो भी ग्लॉस ब्लैक फिनिश में देखने को मिलता है. नई Thar Facelift को मिले ये नए फीचर्स 2025 के अपडेट में Thar को पहले ही कई नए फीचर्स मिले थे. इनमें 26.03 cm HD इंफोटेनमेंट स्क्रीन, रियर AC वेंट्स, रियर वॉशर-वाइपर और रियर व्यू कैमरा शामिल हैं. अब नए फेसलिफ्ट के साथ Mahindra ने कुछ और आधुनिक फीचर्स जोड़े हैं. नए फीचर्स: 360-डिग्री कैमरा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स वायरलेस फोन चार्जर ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल नए इंटीरियर ट्रिम और अपहोल्स्ट्री इंजन में नहीं किए गए बड़े बदलाव नई Mahindra Thar Facelift में मौजूदा इंजन लाइनअप ही जारी रखा गया है. इसमें 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल, 1.5-लीटर डीजल और 2.2-लीटर डीजल इंजन मिला है. मौजूदा स्पेसिफिकेशन के अनुसार: इंजन पावर टॉर्क 1.5L डीजल 119hp 300Nm 2.2L डीजल 132hp 300Nm 2.0L टर्बो-पेट्रोल 152hp 300Nm (MT) / 320Nm (AT) 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और चुनिंदा इंजन के साथ 6-स्पीड ऑटोमैटिक जारी रखा गया है. 1.5-लीटर डीजल RWD कॉन्फिगरेशन में और 2.2-लीटर डीजल 4WD सेटअप के साथ मिलता है, जबकि 2.0-लीटर पेट्रोल में RWD और 4WD दोनों विकल्प उपलब्ध हैं. कितनी है Thar Facelift की कीमत नई Thar Facelift की आधिकारिक कीमत सामने आ गई है. पुरानी Thar की कीमत Mahindra की वेबसाइट पर ₹10.32 लाख से शुरू होती है. फेसलिफ्ट में डिजाइन और फीचर्स बढ़ाए गए हैं. इसीलिए इसकी कीमत मौजूदा मॉडल से ज्यादा रखी गई है. नई Thar Facelift की कीमत ₹11 लाख से ₹18.50 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है. 2026 Mahindra Thar: 6 एयरबैग और 4-व्हील डिस्क ब्रेक सेफ्टी के मामले में भी महिंद्रा ने 2026 थार में कई अहम बदलाव किए हैं. अब थार OG रेंज में 6 एयरबैग और चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं. एसयूवी में ESP के साथ रोलओवर मिटिगेशन, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल-होल्ड कंट्रोल और व्हीकल डायनेमिक्स कंट्रोल जैसे सेफ्टी फीचर्स भी मिलते हैं. इंटीरियर की बात करें तो यहां बदलाव ज्यादा बड़े नहीं हैं, लेकिन इन्हें उपयोगी बनाया गया है. केबिन में ट्रफल ब्राउन लेदरेट सीटिंग दी गई है. इसके अलावा दूसरी रो में इंटीग्रेटेड कपहोल्डर्स के साथ आर्मरेस्ट भी दिया गया है. महिंद्रा का कहना है कि नए थार में पिछले मॉडल की तुलना में NVH यानी नॉइज, वाइब्रेशन और हार्शनेस का स्तर भी कम किया गया है. हालांकि थार का आइकॉनिक डिजाइन और 3-डोर लेआउट पहले की तरह बरकरार है, लेकिन इसके प्लेटफॉर्म, सस्पेंशन, स्टीयरिंग, इंजन, सेफ्टी फीचर्स, ऑफ-रोड इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सटीरियर डिजाइन में बदलाव किए गए हैं. इस वजह से 2026 थार OG में सिर्फ डिजाइन अपडेट नहीं, बल्कि कई स्तरों पर बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं. किन SUVs से होगा मुकाबला? नई Mahindra Thar Facelift का मुकाबला मुख्य रूप से Maruti Suzuki Jimny और Force Gurkha 3-Door जैसी SUVs से जारी रहेगा. ये भी पढ़ें: देश में सबसे ज्यादा बिक रहा ये इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, अगस्त में धड़ाधड़ बिक गईं 52 हजार यूनिट्स The post नई Mahindra Thar OG लॉन्च, कीमत 10.32 लाख रुपये से शुरू, 3-डोर SUV में हुए ये बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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Video : 320 की रफ्तार में भी नहीं लगेगा झटका? मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में पहली बार लगी ये खास तकनीक

Video : हिंदुस्तानीय रेलवे में पहली बार मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में ऐसे खास टर्नआउट लगाए जा रहे हैं, जिनमें मूवेबल क्रॉसिंग यानी स्विंग-नोज तकनीक का इस्तेमाल होगा. ये टर्नआउट 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली ट्रेनों के लिए बनाए गए हैं. इसकी खासियत यह है कि ट्रैक पर पहियों के गुजरने के दौरान कोई गैप नहीं रहता. इससे ट्रेन के पहियों को बेहतर सहारा मिलता है और झटके, कंपन, शोर और ट्रैक की टूट-फूट कम होती है. हर हाई-स्पीड टर्नआउट में दो पॉइंट मशीनें लगी हैं. ये स्विच और मूवेबल क्रॉसिंग को नियंत्रित करती हैं. सुरक्षित संचालन के लिए कई स्तरों पर इसकी जांच भी की जाती है. मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट का एक वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की लंबाई 508 किलोमीटर पीआईबी ने 25 मार्च 2026 को बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की लंबाई 508 किलोमीटर है. यह गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा. इस रूट पर मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती समेत 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. प्रशासन के अनुसार प्रोजेक्ट के लिए जरूरी 1,389.5 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. सभी जरूरी प्रशासनी मंजूरियां भी मिल गई हैं. प्रोजेक्ट से जुड़ी 1,651 बिजली, पानी और दूसरी सेवाओं की लाइनों को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जा चुका है. महाराष्ट्र में जमीन मिलने में देरी के कारण 2021 तक काम प्रभावित रहा. 2022 से वहां जमीन अधिग्रहण में तेजी आई. ये भी पढ़ें: बिहार में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन! बक्सर से किशनगंज तक बनेगा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, पटना से सिलीगुड़ी का सफर 2 घंटे में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की खास जानकारी जानने के लिए यहां क्लिक करें प्रोजेक्ट में समुद्र के नीचे बनने वाली है करीब 21 किलोमीटर लंबी सुरंग मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में समुद्र के नीचे बनने वाली करीब 21 किलोमीटर लंबी सुरंग का काम शुरू हो चुका है. इसमें महाराष्ट्र के घनसोली से शिलफाटा के बीच 4.8 किलोमीटर सुरंग बनकर तैयार हो गई है. महाराष्ट्र के रेलवे बजट में 20 गुना बढ़ोतरी किसी रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले उसकी विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाती है. इसके बाद राज्य प्रशासन समेत अलग-अलग विभागों से राय ली जाती है. प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए नीति आयोग और वित्त मंत्रालय जैसी संस्थाओं की भी मंजूरी जरूरी होती है. इसलिए किसी प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने की तय समयसीमा पहले से बताना मुश्किल होता है. महाराष्ट्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए बजट में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. 2009-14 के दौरान जहां हर साल औसतन 1,171 करोड़ रुपये मिलते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 23,778 करोड़ रुपये हो गया. यानी करीब 20 गुना बढ़ोतरी हुई है. The post Video : 320 की रफ्तार में भी नहीं लगेगा झटका? मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में पहली बार लगी ये खास तकनीक appeared first on Naya Vichar.

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IIT में 5 साल में 53 की मौत, साहिल की मौत पर बवाल के बीच SC-ST OBC छात्रों को लेकर आया ये आंकड़ा

IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस और इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल वाकोडे हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे.  बीटेक दूसरे वर्ष के छात्र साहिल की मौत के बाद आक्रोशित छात्रों ने IIT परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. परिवार ने साहिल की मौत के पीछे जातिगत उत्पीड़न को वजह बताया. मुंबई पुलिस ने परिवार की ओर से लगाए गए आरोप के आधार पर SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब देश के शिक्षण संस्थानों में जातीय आधार पर उत्पीड़न और आत्महत्या की घटनाओं पर नई बहस छिड़ गई है. SC-ST और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों से जुड़े आत्महत्या के मामलों की गूंज संसद में भी सुनाई देती रही है. साल 2024 में इसे लेकर सांसद एंटो एंटनी ने लोकसभा में सवाल भी पूछा था. सांसद एंटो एंटनी ने किया था ये सवाल लोकसभा में सांसद एंटो एंटनी ने 25 नवंबर 2024 को शिक्षा मंत्री से IIT में छात्रों की आत्महत्या को लेकर सवाल पूछा था. उन्होंने जानना चाहा कि पिछले पांच साल में हर IIT में कितने छात्रों ने आत्महत्या की, इनमें SC, ST और OBC वर्ग के कितने छात्र थे और इनका साल और संस्थान के हिसाब से आंकड़ा क्या है. साथ ही, प्रशासन से यह भी पूछा गया कि IIT में आत्महत्या रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और हर IIT में इस समय कितने मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ काम कर रहे हैं. उस वक्त शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि आत्महत्या से जुड़े आंकड़े राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) पुलिस में दर्ज मामलों के आधार पर जुटाता है. छात्रों की आत्महत्या से जुड़े 2022 के आंकड़े NCRB की ‘Accidental Deaths & Suicide in India (ADSI) 2022’ रिपोर्ट में उपलब्ध हैं. ये भी पढ़ें: IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या केस, डीन सूर्यनारायण डूला सस्पेंड सवाल से संबंधित कागजात देखने के लिए यहां क्लिक करें. वहीं, हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में IIT में छात्रों की मौत से जुड़ा आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-21 से 2024-25 के बीच देश के अलग-अलग IIT में कम से कम 53 छात्रों की मौत हुई. इनमें आधे से ज्यादा छात्र SC, ST और OBC वर्ग से थे. इन 53 मामलों में 45 आत्महत्या और 8 अप्राकृतिक मौत के मामले शामिल हैं. IIT छात्रों की मौत का डेटा संसद में नहीं हुआ पेश हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, उच्च शिक्षा विभाग के अंडर सेक्रेटरी नीलेश चंद्र श्रीवास्तव ने 1 दिसंबर 2025 को सभी IIT को पत्र भेजकर छात्रों की आत्महत्या से जुड़ी जानकारी मांगी थी. यह जानकारी लोकसभा में पूछे जाने वाले एक सवाल के जवाब के लिए मांगी गई थी. इस सवाल का डायरी नंबर 3682 था और इसे 8 दिसंबर 2025 को पेश किया जाना था. मंत्रालय को सभी IIT से जानकारी मिल गई थी, लेकिन यह आंकड़ा संसद में पेश नहीं किया गया. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने 8 दिसंबर को IIT और दूसरे केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या से जुड़े सवाल पूछे थे. ये भी पढ़ें: IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम क्यों आया? जानें कौन हैं IIT में छात्रों की मौत के आंकड़े बढ़े IIT की ओर से शिक्षा मंत्रालय को दी गई जानकारी के मुताबिक, देश के इन बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्रों की मौत के मामले बढ़े हैं. 2020-21 में 5 छात्रों की मौत हुई थी. 2021-22 और 2022-23 में यह संख्या 6-6 रही. इसके बाद 2023-24 में 17 और 2024-25 में 19 छात्रों की मौत दर्ज की गई. कुल मौतों में 84.9 फीसदी मामले आत्महत्या के थे. वहीं, 2024-25 में 19 मौतों में से 6 को अप्राकृतिक मौत की श्रेणी में रखा गया. इन 53 मौतों में सबसे ज्यादा 23 छात्र जनरल कैटेगरी से थे, जो कुल मामलों का 43.4 फीसदी है. इसके बाद OBC वर्ग के 12 छात्र (22.6 फीसदी), SC वर्ग के 10 छात्र (18.9 फीसदी), ST वर्ग के 7 छात्र (13.2 फीसदी) और EWS वर्ग का 1 छात्र (1.9 फीसदी) शामिल था. यानी SC, ST और OBC वर्ग को मिलाकर कुल 29 छात्रों की मौत हुई, जो सभी मामलों का 54.7 फीसदी है. The post IIT में 5 साल में 53 की मौत, साहिल की मौत पर बवाल के बीच SC-ST OBC छात्रों को लेकर आया ये आंकड़ा appeared first on Naya Vichar.

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SC/ST एक्ट जैसा कानून दुनिया के 7 देशों में कैसे काम करता है? जानिए आदिवासी और अल्पसंख्यक अधिकारों की कानूनी सुरक्षा

हिंदुस्तान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के खिलाफ होने वाले विशिष्ट अत्याचारों से निपटने के लिए Scheduled Castes and the Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, 1989 लागू है. यह सामान्य anti-discrimination कानून से अलग है. इसका उद्देश्य केवल भेदभाव को रोकना नहीं, बल्कि SC/ST समुदायों के खिलाफ कानून में परिभाषित कई विशिष्ट कृत्यों को अपराध बनाना, उनके लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था करना और पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास देना है. कानून 11 सितंबर 1989 को पारित हुआ और 30 जनवरी 1990 से लागू हुआ. इस कानून की जरूरत के पीछे संसद के Statement of Objects and Reasons में सामाजिक और आर्थिक वंचना, नागरिक अधिकारों से वंचित किए जाने, अपमान, हिंसा, भूमि और श्रम से जुड़े विवाद तथा अस्पृश्यता जैसी ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख किया गया था. लेकिन क्या दुनिया के दूसरे देशों में भी ऐसा कोई कानून है? जवाब है—हां, लेकिन बिल्कुल उसी रूप में नहीं. कई देशों ने अपने इतिहास, उपनिवेशवाद, नस्लीय भेदभाव, दासता, Indigenous dispossession या जातीय संघर्ष के अनुभवों के आधार पर अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाएं बनाई हैं. आइए 10 देशों को समझते हैं. Read more: The post SC/ST एक्ट जैसा कानून दुनिया के 7 देशों में कैसे काम करता है? जानिए आदिवासी और अल्पसंख्यक अधिकारों की कानूनी सुरक्षा appeared first on Naya Vichar.

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MP Police के 7500 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, 10वीं पास ऐसे करें अप्लाई

MP Police Constable Recruitment 2026: मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए आवेदन का इंतजार खत्म हो गया है. मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB ने पुलिस कांस्टेबल जीडी भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं. इस भर्ती के तहत कुल 7500 कांस्टेबल पद भरे जाएंगे. आवेदन की प्रक्रिया आज यानी 22 सितंबर से शुरू हुई है. योग्य उम्मीदवार 6 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. आवेदन के बाद करेक्शन के लिए 11 अक्टूबर तक मौका मिलेगा. लिखित परीक्षा 19 नवंबर 2026 से शुरू होगी.  10वीं पास कर सकते हैं आवेदन MP Police Constable Recruitment 2026 में सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है. एसटी वर्ग के उम्मीदवार 8वीं पास होने पर भी आवेदन कर सकते हैं. उम्र की बात करें तो 6 अक्टूबर 2026 को उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 साल और अधिकतम 33 साल होनी चाहिए. आरक्षित वर्गों को नियम के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट मिलेगी. जरूरी तारीखें एक नजर में कार्यक्रम तारीख आवेदन शुरू 22 सितंबर 2026 आवेदन की लास्ट डेट 6 अक्टूबर 2026 करेक्शन की लास्ट डेट 11 अक्टूबर 2026 लिखित परीक्षा 19 नवंबर 2026 से कितनी है आवेदन फीस? सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन फीस 500 रुपये है. एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए फीस 250 रुपये रखी गई है. आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को ऑफिशियल नोटिफिकेशन जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि अलग-अलग श्रेणी और भर्ती व्यवस्था के अनुसार फीस से जुड़े प्रावधान लागू हो सकते हैं. ऑफिशियल नोटिफिकेशन नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर देखा जा सकता है. MP Police Constable Recruitment 2026 Official Notification ऐसे करें MP Police Constable का ऑनलाइन फॉर्म सबसे पहले MPESB की ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं. इसके बाद पुलिस कांस्टेबल जीडी भर्ती 2026 के Online Form लिंक पर क्लिक करें. अब रजिस्ट्रेशन के लिए मांगी गई जानकारी दर्ज करें और लॉगिन करें. आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और कैटेगरी से जुड़ी जानकारी भरें. इसके बाद जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें और उपलब्ध पद/कैडर से जुड़ी जानकारी को ध्यान से भरें. अब ऑनलाइन आवेदन फीस जमा करें. फॉर्म सबमिट करने से पहले पूरी जानकारी दोबारा चेक कर लें. सब कुछ सही होने पर फाइनल सबमिशन करें और कंफर्मेशन पेज का प्रिंटआउट या पीडीएफ सेव करके रख लें. चार चरणों में होगा सेलेक्शन उम्मीदवारों का सेलेक्शन कंप्यूटर बेस्ड लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के जरिए किया जाएगा. लिखित परीक्षा 19 नवंबर 2026 से शुरू होगी.  ये भी पढ़ें: IBPS RRB ग्रामीण बैंक क्लर्क और पीओ भर्ती की लास्ट डेट बढ़ी, अब इस दिन तक भरें फॉर्म The post MP Police के 7500 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, 10वीं पास ऐसे करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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किचन में चूल्हा रखते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? घर का माहौल बिगड़ने के साथ बढ़ सकती हैं परेशानियां

Kitchen Vastu Tips: आपको शायद यह जानकर हैरानी हो, लेकिन आपके घर की खुशहाली, अच्छी सेहत और पैसों की बचत का डायरेक्ट कनेक्शन आपके किचन से ही होता है. आपके घर का किचन सिर्फ वह जगह नहीं है जहां हर दिन एक से बढ़कर एक पकवान बनते हैं, बल्कि यह आपके घर का वह पावरहाउस है जहां से आपके घर की पूरी एनर्जी और मूड तय होता है. हमारे वास्तु शास्त्र में भी घर के किचन को मां अन्नपूर्णा और अग्नि देव का बहुत ही पवित्र स्थान बताया गया है. मान्यताओं के अनुसार आप इस जगह पर जो भी चीजें रखते हैं, उसका सीधा असर आपकी जिंदगी पर देखने को मिलता है. लेकिन, सबसे ज्यादा फर्क तो उस समय पड़ता है जब आप गैस-चूल्हे को गलत दिशा में रख देते हैं. अक्सर लोग किचन में चूल्हा रखते समय कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जो आगे चलकर उनके घर की शांति को पूरी तरह से बिगाड़ देती हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको बहुत ही आसान शब्दों में गैस-चूल्हे से जुड़े कुछ जरूरी वास्तु नियम समझाने जा रहे हैं. जब आप इन नियमों का सही तरीके से पालन करना शुरू कर देंगे, तो आपके घर में देखते ही देखते खुशियां आने लगेंगी. अग्नि कोण में ही रखें गैस चूल्हा वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको किचन में गैस-चूल्हे को हमेशा ही साउथ-ईस्ट कोने यानी कि अग्नि कोण में ही रखना चाहिए. इस कोने को ही अग्नि का कोना माना जाता है. जब आप इस जगह पर चूल्हे को रखकर खाना पकाते हैं, तो घर के लोगों की सेहत अच्छी बनी रहती है और साथ ही आपको पॉजिटिव वाइब्स का भी एहसास होता है. अगर किसी कारण से साउथ-ईस्ट कोने में चूल्हा रखना संभव न हो, तो आप इसे पूर्व यानी कि ईस्ट डायरेक्शन में भी बिना किसी परेशानी के रख सकते हैं. खाना बनाते समय किस तरफ होना चाहिए चेहरा ? किचन में चूल्हा किस जगह पर रखना है, यह तो जरूरी है ही, लेकिन साथ ही यह भी बहुत मायने रखता है कि खाना बनाते समय आपका चेहरा या मुंह किस तरफ है. वास्तु शास्त्र के अनुसार खाना बनाते समय आपका चेहरा हमेशा पूर्व दिशा की तरफ ही होना चाहिए. जब आप खाना बनाते समय इस दिशा की तरफ अपना मुंह करके रखते हैं, तो आपके घर और परिवार में खुशहाली आने लगती है और बीमारियां भी दूर रहती हैं. इसके ठीक विपरीत, अगर आप खाना बनाते समय अपना मुंह दक्षिण दिशा की तरफ करके रखते हैं, तो इससे परिवार के सदस्यों की तबियत खराब हो सकती है. इसके अलावा, अगर आपका मुंह पश्चिम दिशा की तरफ होता है, तो यह पैसों से जुड़ी दिक्कतों का कारण बन सकता है. ये भी पढ़ें: पर्स में पैसे रखने का सही तरीका क्या है? इन छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान, बढ़ेगी पैसों की बचत सिंक और चूल्हे को कभी पास-पास न रखें वास्तु शास्त्र की अगर मानें तो आपके किचन में पानी और आग का सही बैलेंस होना बहुत ही जरूरी है. पानी का सिंक या फिर पीने का पानी कभी भी गैस-चूल्हे के आसपास नहीं होना चाहिए. अगर आग और पानी अगल-बगल होंगे, तो आपके घर में बिना किसी वजह के भी लड़ाई-झगड़े और क्लेश बढ़ने लग जाएंगे. ऐसा न हो, इसलिए कोशिश करें कि इन दोनों ही चीजों के बीच कम से कम 2 से 3 फीट की दूरी जरूर हो. चूल्हे के ठीक ऊपर अलमारी या भारी बीम न बनवाएं आजकल लोग किचन में जगह बचाने के चक्कर में गैस-चूल्हे के ठीक ऊपर कैबिनेट या फिर अलमारी बनवा लेते हैं, या फिर इसी जगह पर छत की भारी बीम भी मौजूद होती है. वास्तु के नजरिये से अगर देखें तो ऐसा करना आपकी बहुत ही बड़ी गलती साबित हो सकती है. मान्यताओं के अनुसार जब आप चूल्हे के ठीक ऊपर भारी चीज बनवा देते हैं, तो इसकी वजह से खाना बनाने वाले इंसान पर बेवजह ही मेंटल स्ट्रेस बढ़ने लग जाता है. इसके अलावा इस एक गलती की वजह से परिवार की सुख-शांति पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है. जानकारों के अनुसार आपको चूल्हे के ऊपर की जगह को हमेशा खुला और साफ-सुथरा ही रखना चाहिए. रात को गंदा चूल्हा छोड़कर न सोएं कई लोगों में यह आदत देखने को मिलती है कि वे रात को खाना बनाने के बाद चूल्हे को वैसा ही गंदा छोड़ देते हैं और फिर अगली सुबह इसकी सफाई करते हैं. मान्यताओं के अनुसार यह छोटी सी आदत आपके घर में नेगेटिव एनर्जी को लेकर आती है और सेहत को भी बिगाड़ने का काम करती है. जब रात में सारे काम खत्म हो जाएं, तो आपको चूल्हे और स्लैब की अच्छे से सफाई कर लेनी चाहिए. मान्यताओं के अनुसार एक साफ-सुथरे और व्यवस्थित किचन में ही मां अन्नपूर्णा का निवास होता है. इनके आशीर्वाद से आपके घर में कभी भी खाने-पीने की चीजों की और पैसों की कमी नहीं होती है. किचन में गैस चूल्हे से जुड़ी इन छोटी-छोटी और सिंपल बातों का ध्यान रखकर आप अपने घर से नेगेटिविटी को बाहर निकाल सकते हैं और अपने परिवार में सुख, शांति और तरक्की ला सकते हैं. ये भी पढ़ें: तिजोरी में रखते हैं पैसा तो भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, बढ़ जाएंगे बेवजह के खर्चे और आने लगेंगी पैसों से जुड़ी परेशानियां The post किचन में चूल्हा रखते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? घर का माहौल बिगड़ने के साथ बढ़ सकती हैं परेशानियां appeared first on Naya Vichar.

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72nd National Film Awards: ‘Article 370’ के लिए यामी गौतम को मिला बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड, पति आदित्य धर ने जमकर बजाईं तालियां

हिंदुस्तानीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में अभिनेत्री यामी गौतम ने इतिहास रच दिया है. गुजरात के एकता नगर केवड़िया में मंगलवार 22 सितंबर 2026 को आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यामी गौतम को फिल्म ‘Article 370’ में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया. यह यामी गौतम के करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है. इस ऐतिहासिक मौके पर उनके पति और मशहूर निर्देशक आदित्य धर भी हॉल में मौजूद रहे और उन्होंने यामी की इस उपलब्धि पर गर्व से जमकर तालियां बजाईं. ब्लैक साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत पुरस्कार समारोह के दौरान यामी गौतम पारंपरिक ब्लैक और गोल्डन बॉर्डर वाली साड़ी में बेहद खूबसूरत और खूबसूरत नज़र आईं. जैसे ही उनका नाम पुकारा गया, उन्होंने मंच पर पहुँचकर सबसे पहले हाथ जोड़कर दर्शकों का अभिवादन किया और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह सर्वोच्च सम्मान स्वीकार किया. यामी गौतम का भावुक संदेश: ’14 साल की मेहनत रंग लाई’ नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद यामी गौतम ने सोशल मीडिया (X) पर एक बेहद भावुक नोट शेयर करते हुए अपनी खुशी जाहिर की. यामी ने लिखा: “हर सफर में एक ऐसा पल आता है जो आपको याद दिलाता है कि आपने कभी हार क्यों नहीं मानी. मेरे लिए आज वही पल है. ‘Article 370’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिलना एक ऐसा सम्मान है जिसे मैं जीवन भर संभालकर रखूंगी.” उन्होंने आगे कहा: “14 सालों से मैंने सिर्फ अपने काम के प्रति सच्चे रहने, ईमानदारी से काम करने और अपनी अदाकारी को बोलने देने की कोशिश की है. यह सम्मान उम्मीद, दृढ़ता और सिनेमा के प्रति अटूट प्यार से भरे सफर का नतीजा लगता है. ‘Article 370’ मेरे लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, यह एक ऐसी कहानी थी जिस पर मुझे गहरा विश्वास था. यह हमारी होम प्रोडक्शन फिल्म थी, जिसने इस सम्मान को और भी अधिक भावुक और खास बना दिया है.” पहली बार दिल्ली से बाहर हुआ आयोजन 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह का आयोजन इस बार राजधानी दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में किया गया. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब दिल्ली के बाहर इस भव्य कार्यक्रम को आयोजित किया गया था. ‘Article 370’ को मिला दर्शकों का भी भरपूर प्यार फिल्म ‘Article 370’ को आदित्य धर के बैनर तले बनाया गया था, जिसमें यामी गौतम ने एक इंटेलिजेंस ऑफिसर की दमदार भूमिका निभाई थी. उनके इस किरदार की समीक्षाओं में भी काफी तारीफ हुई थी और अब नेशनल अवॉर्ड मिलने से उनके 14 साल के फिल्मी करियर पर एक बड़ा ऐतिहासिक ठप्पा लग गया है. ये भी पढ़ें: National Film Awards: बिहार के लाल संजय मिश्रा को मिला पहला नेशनल अवॉर्ड, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित The post 72nd National Film Awards: ‘Article 370’ के लिए यामी गौतम को मिला बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड, पति आदित्य धर ने जमकर बजाईं तालियां appeared first on Naya Vichar.

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संताली फिल्म ‘आंगेन’ के लिए रवि राज मुर्मू को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

जमशेदपुर : संताली सिनेमा और झारखंड के लिए मंगलवार का दिन महत्वपूर्ण रहा. संताली लघु फिल्म ‘आंगेन’ के निर्देशक रवि राज मुर्मू को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में ‘बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर’ (नॉन-फीचर) का पुरस्कार प्रदान किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित समारोह में पुरस्कार प्रदान किया. रवि राज मुर्मू की फिल्म ‘आंगेन’ ने संताली भाषा और झारखंड की लोककथा आधारित सिनेमा को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई. पहली बार किसी संताली फिल्म को नॉन-फीचर फिल्म श्रेणी में सम्मान 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में पहली बार किसी संताली फिल्म को नॉन-फीचर फिल्म श्रेणी में सम्मान मिला. ‘आंगेन’ के लिए रवि राज मुर्मू को बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर का पुरस्कार दिया गया.‘आंगेन’ को संताली भाषा में बनी ऐसी फिल्म के रूप में देखा गया, जिसने स्थानीय संस्कृति, लोककथाओं और आदिवासी समाज की कहानी को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का काम किया. फिल्म की सफलता ने संताली भाषा में फिल्म निर्माण को लेकर नई चर्चा भी शुरू की है. झारखंड के जमशेदपुर से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे रवि राज रवि राज मुर्मू झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा क्षेत्र से जुड़े फिल्म निर्देशक हैं. उनकी फिल्म ‘आंगेन’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए सम्मानित किए जाने की घोषणा जुलाई 2026 में हुई थी. इसके बाद से ही झारखंड और संताली समाज में इस उपलब्धि को लेकर चर्चा रही. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हिंदुस्तानीय सिनेमा के प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों में शामिल हैं. 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में वर्ष 2024 की फिल्मों और फिल्म निर्माण से जुड़ी उपलब्धियों को सम्मानित किया गया. पुरस्कारों की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की गई थी. ‘आंगेन’ ने दिखाई संताली कहानी कहने की ताकत ‘आंगेन’ की उपलब्धि केवल एक फिल्म या एक निर्देशक के पुरस्कार तक सीमित नहीं रही. इसने संताली भाषा में बनने वाली फिल्मों और स्थानीय कहानियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की संभावनाओं को भी सामने रखा. फिल्म के माध्यम से लोककथा, गांव की मिट्टी, परंपरा और अपनी जड़ों से जुड़े रहने जैसे विषयों को सामने लाया गया है.राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद संताली सिनेमा से जुड़े कलाकारों, लेखकों और युवाओं के बीच भी नई उम्मीद जगी है. इससे संताली भाषा में फिल्म निर्माण को आगे बढ़ाने और स्थानीय कथाओं को बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए प्रेरणा मिलने की संभावना है. झारखंड लौटने पर होगा स्वागत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने के बाद रवि राज मुर्मू के झारखंड लौटने पर उनके स्वागत की तैयारी की गई है. बुधवार को बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, रांची पर उनके आगमन के दौरान स्वागत कार्यक्रम रखा गया है. रवि राज मुर्मू की यह उपलब्धि संताली सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज हुई है. ‘आंगेन’ के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान झारखंड की स्थानीय भाषा, संस्कृति और कहानी कहने की परंपरा को देश के बड़े फिल्म मंच तक पहुंचाने वाला अवसर बना है. The post संताली फिल्म ‘आंगेन’ के लिए रवि राज मुर्मू को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित appeared first on Naya Vichar.

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