निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया की जानकारी दी. आयोग के मुताबिक, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता तिथि माना जाएगा.
युवाओं और पहली बार वोट देने वालों पर जोर
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है. इसके तहत पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे. खासकर उन युवाओं और लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने पर जोर रहेगा, जो पहली बार मतदान करने के योग्य होंगे.
इसके अलावा, मतदाता सूची में दर्ज नाम, पते और अन्य जानकारियों में गलतियों को सुधारने के साथ जरूरी संशोधन भी किए जाएंगे.
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2027 में इन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव
आयोग ने जिन राज्यों में SSR की घोषणा की है, उनमें कई ऐसे राज्य हैं जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं और इसका कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा.
वहीं, मणिपुर की 60 सदस्यीय, गोवा की 40 सदस्यीय, पंजाब की 117 सदस्यीय और उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होगा.
कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले हो सकते हैं चुनाव
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत निर्वाचन आयोग को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले तक चुनाव कराने का अधिकार है. ऐसे में 2027 में चुनाव वाले राज्यों के लिए मतदाता सूची को समय पर अपडेट करना महत्वपूर्ण है.
मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज हों और मतदान से जुड़ी जानकारियां सही रहें.
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