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BRICS Summit 2026 Highlights : मोदी-जिनपिंग की टॉक, पुतिन संग खास केमिस्ट्री और चीन को अगली कमान; जानें समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ

BRICS Summit 2026 Highlights : हिंदुस्तान की अध्यक्षता में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित किया जा रहा है. 12 सितंबर को सारे ब्रिक्स देशों द्वारा नई दिल्ली घोषणापत्र को मंजूर कर लिया गया है. घोषणापत्र में हिंदुस्तान के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की एक स्वर में कड़ी निंदा की गई है. वहीं पूरी दुनिया की नजर इस वक्त हिंदुस्तान पर टिकी हैं, जहां दुनिया की वित्तीय स्थिति में 40 फीसदी का योगदान करने वाले देशों के लीडर्स जुटे हुए हैं. पुतिन से हाई लेबल टॉक: 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का रोडमैप प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बैठक में यूक्रेन संकट, पश्चिम एशिया के हालात और वैश्विक समुद्री गलियारों पर पड़ रहे प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श हुआ. हिंदुस्तान ने दोहराया कि किसी भी विवाद का स्थायी हल केवल कूटनीति और संवाद से ही संभव है. बातचीत में ब्लैक सी (काला सागर) क्षेत्र में फंसे हिंदुस्तानीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का संकल्प लिया. इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को रूस यात्रा का न्योता भी दिया. एकतरफा व्यापारिक पाबंदियों और शुल्कों के खिलाफ साझा मोर्चा दस्तावेज में बिना अंतरराष्ट्रीय सहमति के थोपे जाने वाले आर्थिक प्रतिबंधों और टैरिफ की कड़ी आलोचना की गई. ब्रिक्स देशों ने आगाह किया कि ऐसे मनमाने कदमों से वैश्विक विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सुरक्षा को गंभीर खतरा पहुंचता है. सदस्य राष्ट्रों ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों पर आधारित स्वतंत्र, पारदर्शी और बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के संरक्षण पर बल दिया. वित्तीय लेनदेन में स्थानीय मुद्राओं को प्राथमिकता डॉलर पर निर्भरता घटाने के क्रम में सदस्य देशों ने अपनी घरेलू मुद्राओं में व्यापार और लेनदेन को बढ़ावा देने का फैसला किया. इसका उद्देश्य सीमा पार भुगतानों को अधिक किफायती, तेज और सुरक्षित बनाना है. हालांकि साझा ब्रिक्स करेंसी का एलान नहीं हुआ, लेकिन देशों की आंतरिक बैंकिंग और मैसेजिंग प्रणालियों को आपस में जोड़ने के लिए ‘ब्रिक्स पेमेंट टास्कफोर्स’ के काम को गति दी गई. यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार और विकासशील देशों की आवाज घोषणा पत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के व्यापक पुनर्गठन की मांग दोहराई गई, ताकि अंतरराष्ट्रीय निर्णयों में विकासशील देशों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके. विशेष रूप से चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदुस्तान व ब्राजील की बड़ी भूमिका की आकांक्षाओं का समर्थन किया. पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि वैश्विक संकटों का सबसे अधिक दंश झेलने वाले ग्लोबल साउथ को नीति-निर्धारण में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए. भविष्य की तकनीक: समावेशी एआई और साइबर सुरक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नियमन को लेकर भी ब्रिक्स ने साझा सहमति बनाई. ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुरूप सुरक्षित, उत्तरदायी और पारदर्शी एआई तकनीक के विकास पर बल दिया गया. हिंदुस्तान ने तर्क दिया कि एआई, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा और बायोटेक्नोलॉजी जैसी उन्नत तकनीकें सिर्फ आर्थिक लाभ का माध्यम नहीं हैं, बल्कि भविष्य के वैश्विक मानक भी तय कर रही हैं, इसलिए इनमें सभी की समान भागीदारी जरूरी है. हिंदुस्तान के डिजिटल मॉडल और औद्योगिक पहलों को स्वीकृति घोषणा पत्र में हिंदुस्तान के ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) के प्रसार और अनुभव साझा करने पर सहमति बनी. स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण केंद्रों और मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क की योजना बनाई गई. साथ ही, लघु उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से हिंदुस्तान में ‘ब्रिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र’ की स्थापना का स्वागत किया गया. 2027 के लिए कमान: चीन को मिली 19वें शिखर सम्मेलन की जिम्मेदारी शुरुआती सत्र में ही आगामी वर्ष के सम्मेलन की रूपरेखा तय हो गई. वर्ष 2027 में 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता चीन संभालेगा. शी जिनपिंग ने आश्वस्त किया कि उनका देश ब्रिक्स साझेदारों के साथ मिलकर पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभाएगा. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 LIVE : ब्रिक्स समिट का आखिरी दिन आज, PM मोदी करेंगे 4 बाइलेटरल मीटिंग्स; हाई सिक्योरिटी जोन में हिंदुस्तान मंडपम The post BRICS Summit 2026 Highlights : मोदी-जिनपिंग की टॉक, पुतिन संग खास केमिस्ट्री और चीन को अगली कमान; जानें समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ appeared first on Naya Vichar.

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Ganesh Chaturthi Special: शनिदेव की नजर पड़ी और बदल गया गणेश जी का स्वरूप, जानें पूरी कहानी

Ganesh Chaturthi Special: गणेश चतुर्थी 2026 इस साल कल यानी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. यहां जानें गणेश चतुर्थी से जुड़ी आज की पौराणिक कथा में कि गणेश जी को गजानन नाम कैसे मिला. गणेश जी से जन्म से जुड़ी एक पौराणिक कथा प्रचलित है. इस कहानी में शनिदेव का उल्लेख मिलता है. उस कथा का उल्लेख ब्रह्मवैवर्त पुराण के गणपति खंड में मिलता है. जब बाल गणेश का जन्म हुआ तो कई देवी-देवता उन्हें आशीर्वाद देने पहुंचे, वहां शनिदेव भी आए पर उन्होंने गणेश जी को देखने से मना कर दिया. गणेश जी को क्यों नहीं देखना चाहते थे शनि देव? शनि देव ने माता पार्वती से कहा कि उनकी दृष्टि अगर बालक (गणेश जी) पर पड़ी तो शायद कोई अनिष्ट न हो जाए, क्योंकि उनकी दृष्टि अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है. माता के बार-बार आग्रह करने पर शनिदेव ने गणेश जी की ओर देखा. ब्रह्मवैवर्त पुराण के गणपति खंड में वर्णित इस कथा के अनुसार, शनिदेव की दृष्टि पड़ते ही बाल गणेश का सिर धड़ से अलग हो गया. इस बात से मां पार्वती काफी दुखी हो गईं. भगवान विष्णु ने लाया हाथी का सिर कथा के अनुसार, भगवान विष्णु गरुड़ पर सवार होकर पुष्पभद्रा नदी के तट से हाथी का सिर लेकर आए और उसी से बाल गणेश को पुनर्जीवन मिला. इसके बाद शिवजी ने उस सिर को गणेश जी के सिर पर स्थापित किया, इसके बाद से ही गणेश जी को गजानन कहा जाने लगा. ये भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi Special: भगवान गणेश ने चूहे को ही क्यों बनाया अपना वाहन? जानें रोचक पौराणिक कथा भगवान विष्णु गरुड़ पर सवार होकर पुष्पभद्रा नदी के तट से हाथी का सिर लेकर आए पुराणों में है इसका जिक्र शिव पुराण और स्कंद पुराण में गणेश जी से जुड़ी कई कथाएं मिलती हैं. शनि देव की दृष्टि वाली कथा धार्मिक लोकपरंपराओं और कुछ पुराणिक कथाओं में प्रचलित है. शनि देव को शत्रु मानना सही नहीं धार्मिक मान्यताओं में शनिदेव को केवल अनिष्ट से जोड़ा जाने वाला देवता नहीं माना जाता, ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं में शनिदेव को कर्मफल और न्याय से जोड़ा जाता है . उनके बारे में मान्यता है कि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल मिलता है. The post Ganesh Chaturthi Special: शनिदेव की नजर पड़ी और बदल गया गणेश जी का स्वरूप, जानें पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 LIVE : ब्रिक्स समिट का आखिरी दिन आज, PM मोदी करेंगे 4 बाइलेटरल मीटिंग्स

BRICS Summit 2026 Live : समिट का आज आखिरी दिन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान मंडपम में चार देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. इन मुलाकातों में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. हर अपडेट के लिए बने रहें नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 LIVE : ब्रिक्स समिट का आखिरी दिन आज, PM मोदी करेंगे 4 बाइलेटरल मीटिंग्स appeared first on Naya Vichar.

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Ganesh Chaturthi Special: शनिदेव ने बाल गणेश को देखने से क्यों किया इनकार? जानें गजानन बनने की पौराणिक कथा

Ganesh Chaturthi Special: गणेश चतुर्थी 2026 इस साल कल यानी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. यहां जानें गणेश चतुर्थी से जुड़ी आज की पौराणिक कथा में कि गणेश जी को गजानन नाम कैसे मिला. गणेश जी से जन्म से जुड़ी एक पौराणिक कथा प्रचलित है. इस कहानी में शनिदेव का उल्लेख मिलता है. उस कथा का उल्लेख ब्रह्मवैवर्त पुराण के गणपति खंड में मिलता है. जब बाल गणेश का जन्म हुआ तो कई देवी-देवता उन्हें आशीर्वाद देने पहुंचे, वहां शनिदेव भी आए पर उन्होंने गणेश जी को देखने से मना कर दिया. गणेश जी को क्यों नहीं देखना चाहते थे शनि देव? शनि देव ने माता पार्वती से कहा कि उनकी दृष्टि अगर बालक (गणेश जी) पर पड़ी तो शायद कोई अनिष्ट न हो जाए, क्योंकि उनकी दृष्टि अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है. माता के बार-बार आग्रह करने पर शनिदेव ने गणेश जी की ओर देखा. ब्रह्मवैवर्त पुराण के गणपति खंड में वर्णित इस कथा के अनुसार, शनिदेव की दृष्टि पड़ते ही बाल गणेश का सिर धड़ से अलग हो गया. इस बात से मां पार्वती काफी दुखी हो गईं. भगवान विष्णु ने लाया हाथी का सिर कथा के अनुसार, भगवान विष्णु गरुड़ पर सवार होकर पुष्पभद्रा नदी के तट से हाथी का सिर लेकर आए और उसी से बाल गणेश को पुनर्जीवन मिला. इसके बाद शिवजी ने उस सिर को गणेश जी के सिर पर स्थापित किया, इसके बाद से ही गणेश जी को गजानन कहा जाने लगा. ये भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi Special: भगवान गणेश ने चूहे को ही क्यों बनाया अपना वाहन? जानें रोचक पौराणिक कथा पुराणों में है इसका जिक्र शिव पुराण और स्कंद पुराण में गणेश जी से जुड़ी कई कथाएं मिलती हैं. शनि देव की दृष्टि वाली कथा धार्मिक लोकपरंपराओं और कुछ पुराणिक कथाओं में प्रचलित है. शनि देव को शत्रु मानना सही नहीं धार्मिक मान्यताओं में शनिदेव को केवल अनिष्ट से जोड़ा जाने वाला देवता नहीं माना जाता, ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं में शनिदेव को कर्मफल और न्याय से जोड़ा जाता है . उनके बारे में मान्यता है कि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल मिलता है. The post Ganesh Chaturthi Special: शनिदेव ने बाल गणेश को देखने से क्यों किया इनकार? जानें गजानन बनने की पौराणिक कथा appeared first on Naya Vichar.

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13 सितंबर की टॉप 20 खबरें: भारत-चीन रिश्तों पर पीएम मोदी के 3 मंत्र, ब्रिक्स का नया रोडमैप, बिहार में टूटा महागठबंधन?

1. मोदी-जिनपिंग बैठक: 7 साल बाद हिंदुस्तान पहुंचे चीनी राष्ट्रपति: पीएम मोदी के 3 मंत्रों से बदलेंगे हिंदुस्तान-चीन रिश्ते? PM Modi Xi Jinping Meeting: हिंदुस्तान-चीन रिश्तों में नई गर्माहट के संकेत मिले हैं. नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने रिश्तों को लंबे नजरिए से देखने, मतभेदों को विवाद न बनने देने और आपसी सम्मान पर जोर दिया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. BRICS Delhi Declaration: UNSC में हिंदुस्तान की बड़ी भूमिका के पक्ष में चीन-रूस, फिर दोहराया समर्थन BRICS Delhi Declaration: BRICS के दिल्ली घोषणापत्र में हिंदुस्तान के लिए एक अहम संदेश सामने आया है. चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र और UNSC में हिंदुस्तान और ब्राजील की बड़ी भूमिका की आकांक्षा का समर्थन दोहराया है. साथ ही ब्रिक्स ने संयुक्त राष्ट्र सुधारों के जरिए ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने पर जोर दिया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. BRICS Summit 2026: पावर पिरामिड से पार्टनरशिप के प्लेटफॉर्म तक, PM मोदी ने रखा 20 साल का रोडमैप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS के अगले 20 साल के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडा पेश किया है. उन्होंने ‘पावर की पिरामिड’ जैसी वैश्विक व्यवस्था को ‘पार्टनरशिप के प्लेटफॉर्म’ में बदलने की बात कही है, जहां हर देश की आवाज हो. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. BRICS Gala Dinner: मोदी की दावत में पुतिन समेत दुनिया के कई बड़े दिग्गज नेता, जानिए गाला डिनर के खास मेन्यू नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के नेताओं के लिए एक शानदार गाला डिनर का आयोजन किया. मेहमानों को खास तौर पर तैयार किया गया पारंपरिक हिंदुस्तानीय मेन्यू परोसा गया, जिसमें खंडवी से लेकर जलेबी तक शामिल किया गया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. BRICS Summit 2026: मोदी-पुतिन-शी ने थामा एक-दूसरे का हाथ, दुनिया को क्या संदेश दे गई ये तस्वीर? BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की एक तस्वीर चर्चा में है. तीनों नेता हाथ थामे मुस्कुराते नजर आए. औपचारिक बैठकों और कूटनीतिक संदेशों से अलग यह पल आपसी सहजता और एकजुटता की झलक देता है, जिसने सम्मेलन की नेतृत्वक तस्वीर को और दिलचस्प बना दिया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. बिहार MLC चुनाव से पहले टूटा महागठबंधन? RJD के 6 प्रत्याशियों के ऐलान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम का बड़ा बयान बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन में नेतृत्वक सरगर्मी तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है, जिसके बाद कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. पटना और तिरहुत सीट से कौन लड़ेगा चुनाव? जानिए जेडीयू के संभावित उम्मीदवारों के नाम Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले JDU ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. पार्टी चार सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. सूत्रों के अनुसार पटना स्नातक से नीरज कुमार और तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा समेत कुछ नाम लगभग तय माने जा रहे हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. Trump on Iran War: मिडटर्म चुनाव के बाद खत्म हो जाएगी ईरान जंग? ट्रंप बोले- तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध मिडटर्म चुनावों के बाद खत्म हो सकता है. उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त होते ही तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी. जानें इसका असर. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. Marital Rape : पति द्वारा की गई जबरदस्ती को क्यों नहीं कहा जाता रेप? जानिए, पति-पत्नी के संबंध पर क्या कहता है कानून संविधान ने हिंदुस्तानीय स्त्रीओं के साथ भले ही कोई भेदभाव नहीं किया है, लेकिन कई बार कई ऐसे मुद्दे सामने आते हैं जब समानता के अधिकार पर बहस छिड़ जाती है. हिंदुस्तानीय कानूनों में कई बार इसी वजह से कई बड़े बदलाव भी हुए हैं. खासकर स्त्रीओं के यौन शोषण और उनकी सामाजिक स्थिति को दुरुस्त करने के लिए संपत्ति के अधिकार जैसे मुद्दों को लेकर. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. न्यूटाउन में 2000 बेड का अस्पताल और DRDO प्रोजेक्ट, जानिए बंगाल के लिए अदाणी और अंबानी का क्या है मास्टर प्लान पश्चिम बंगाल में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहल. वह अगले हफ्ते मुंबई में मुकेश अंबानी से मिलेंगे और उन्हें बंगाल में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे. साथ ही, 24 सितंबर को कोलकाता के पास न्यूटाउन में अडाणी समूह द्वारा प्रस्तावित 2,000 बेड वाले अस्पताल का शिलान्यास भी होगा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. आजमगढ़ में अलकायदा का नेटवर्क! ATS के हत्थे चढ़ा नबील, WhatsApp ग्रुप से युवाओं को कर रहा था ट्रेंड UP Crime News: उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ से प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है. नबील सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को आतंकी विचारधारा से जोड़ रहा था और उन्हें ‘मुजाहिद’ बनने के लिए तैयार कर रहा था. यह गिरफ्तारी यूपी में आतंकी गतिविधियों पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. Watch Video: लेडी तस्कर नेहा झा की जेल में पहली रात कैसे कटी? खाना छोड़ा, नींद नहीं आई और फिर कही ये बात स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कूपे से शराब के साथ गिरफ्तार नेहा झा फिलहाल समस्तीपुर जेल में बंद है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने जेल में बंद स्त्रीओं को पढ़ाने की इच्छा जताई. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. झारखंड आ सकते हैं राहुल गांधी, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में दौरा प्रस्तावित कांग्रेस का दावा है कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को देशभर में समर्थन मिल रहा है. इसी क्रम में राहुल गांधी नवंबर या दिसंबर में झारखंड आ सकते हैं. यह कार्यक्रम युवाओं के मुद्दों को उठाने का एक मंच होगा. बीजेपी ने इस पर पलटवार किया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. देश के लिए जीते 3 इंटरनेशनल गोल्ड, अब रांची में सब्जी बेचने को मजबूर पैरा एथलीट पुष्पा मिंज रांची की पैरा एथलीट पुष्पा मिंज ने अंतरराष्ट्रीय

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Mahima Chaudhry Birthday: पहली फिल्म से बनीं स्टार, हादसे में चेहरे से निकले 67 कांच के टुकड़े, फिर कैंसर को मात देकर की शानदार वापसी

90 के दशक में अपनी पहली ही फिल्म से लाखों दिलों पर राज करने वाली खूबसूरत अभिनेत्री महिमा चौधरी का आज जन्मदिन है. 13 सितंबर को जन्मी महिमा की लाइफ स्टोरी किसी फिल्मी ड्रामा से कम नहीं रही है. ‘परदेस’ की सीधी-सादी ‘गंगा’ बनकर दर्शकों के दिलों में बसने वाली महिमा ने अपनी जिंदगी में ऐसे-ऐसे दर्द झेले हैं, जिनकी हम और आप कल्पना भी नहीं कर सकते. चेहरे को छलनी कर देने वाले खौफनाक कार हादसे से लेकर ब्रेस्ट कैंसर जैसी बीमारी तक, महिमा ने हर मुश्किल को मात देकर यह साबित किया है कि वह सिर्फ रील नहीं, बल्कि असली जिंदगी की भी हीरो हैं. महिमा चौधरी के जन्मदिन के खास मौके पर आइए जानते हैं उनके संघर्ष और शानदार वापसी की पूरी कहानी. ऋतु चौधरी से कैसे बनीं ‘महिमा’? महिमा चौधरी का असली नाम ऋतु चौधरी था. फिल्मों में आने से पहले वह विज्ञापनों में काम करती थीं. आमिर खान और ऐश्वर्या राय के साथ पेप्सी के एक मशहूर विज्ञापन में नजर आने के बाद फिल्ममेकर सुभाष घई की नजर उन पर पड़ी. सुभाष घई अपनी फिल्म ‘परदेस’ के लिए ‘M’ अक्षर से नाम वाली हीरोइन ढूंढ रहे थे, इसलिए उन्होंने ऋतु का नाम बदलकर ‘महिमा चौधरी’ रख दिया. महिमा चौधरी SRK के साथ डेब्यू और पहली ही फिल्म से स्टारडम साल 1997 में आई फिल्म ‘परदेस’ में महिमा ने शाहरुख खान के साथ काम किया. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और महिमा को उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए ‘फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू’ का अवॉर्ड मिला. इसके बाद उन्होंने ‘दाग: द फायर’, ‘धड़कन’, ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘लज्जा’ जैसी एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं. एक हादसे ने चेहरे पर दिए 67 कांच के जख्म साल 1999 में फिल्म ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग के दौरान बेंगलुरु में महिमा की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी. इस हादसे में कार के शीशे टूटकर उनके चेहरे में धंस गए. डॉक्टरों को उनके चेहरे से करीब 67 कांच के टुकड़े निकालने पड़े थे. चेहरे पर लगे गहरे जख्मों की वजह से महिमा लंबे समय तक कैमरे और रोशनी से दूर रहीं और उनका करियर अचानक ढलान पर आ गया. View on Instagram कैंसर को हराकर की धाकड़ वापसी हादसे के दर्द से उबरीं तो महिमा को ब्रेस्ट कैंसर का पता चला. उन्होंने मुंबई में इसका इलाज कराया और कीमोथेरेपी के मुश्किल दौर से गुजरीं. अनुपम खेर ने जब उनका एक वीडियो शेयर किया, तो बिना बालों के भी महिमा के चेहरे की मुस्कान ने करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया. कैंसर को पूरी तरह हराने के बाद महिमा ने एक बार फिर एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा. ये भी पढ़ें: Exclusive: ‘अब क्या फायदा…’ सुशांत के पिता ने स्टिंग देखने से किया इनकार, बोले मामा- हर बार जाग उठता है दर्द ये भी पढ़ें: Prachi Desai Birthday: 17 में बनीं टीवी स्टार, 19 में बॉलीवुड पहुंचीं, फिर जिस छवि ने बनाया स्टार उसी ने रोक दिया करियर The post Mahima Chaudhry Birthday: पहली फिल्म से बनीं स्टार, हादसे में चेहरे से निकले 67 कांच के टुकड़े, फिर कैंसर को मात देकर की शानदार वापसी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल उपचुनाव 2026: ममता बनर्जी नंदीग्राम से अखिल गिरि को बना सकती हैं उम्मीदवार, टीएमसी सुप्रीमो ने कालीघाट बुलाया

Nandigram Assembly ByPoll 2026: नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं. समाचार है कि बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल प्रशासन के पूर्व मंत्री और पूर्व मेदिनीपुर के तृणमूल नेता अखिल गिरि से फोन पर बातचीत की है. कहा जा रहा है कि ममता ने गिरि को कालीघाट स्थित अपने आवास पर बुलाया था. इसके बाद से चर्चा तेज है कि अखिल गिरि को नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है. हालांकि, पार्टी ने अब तक उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. अखिल गिरि को ममता ने WhatsApp पर दिये सुझाव अखिल गिरि ने पत्रकारों से कहा कि शुक्रवार से पहले भी उनकी ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत हुई थी. उन्होंने उपचुनाव को लेकर उनसे सलाह मांगी थी और अपनी राय से अवगत कराया था. वाट्सएप के जरिये भी उन्होंने पार्टी को चुनाव संबंधी सुझाव दिये थे. पार्टी जो कहेगी करूंगा : अखिल गिरि उम्मीदवारी की अटकलों पर पूर्व मंत्री अखिल गिरि ने कहा कि वह पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी जो जिम्मेदारी या निर्देश देगी, उसका पालन करेंगे. उम्मीदवार के चयन पर उन्होंने ममता बनर्जी के फैसले पर भरोसा जताया. हालांकि, उन्होंने स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की राय भी रखी. साथ ही कहा कि यदि पार्टी उन्हें नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाती है, तो वह निर्देश का पालन करेंगे. ये भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा उपचुनाव : नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट, 9 को आयेगा रिजल्ट नंदीग्राम में तृणमूल के भीतर खींचतान नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर तृणमूल के भीतर नेतृत्वक और सांगठनिक विवाद भी चल रहा है. सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी दो खेमों में बंटी हुई है. चुनाव चिह्न ‘जोड़ाफूल’ और पार्टी के कोष पर अधिकार को लेकर ममता बनर्जी खेमे और रीतब्रत बनर्जी गुट के बीच विवाद है. शनिवार को चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत की. अब आयोग के फैसले पर नजर है. रीतब्रत खेमे ने कहा है कि यदि ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ती हैं, तो वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. ये भी पढ़ें: बंगाल उपचुनाव : नंदीग्राम में क्यों बार-बार हार जाती है तृणमूल, कुणाल घोष ने बतायी अपनी ही पार्टी की कमजोरी The post बंगाल उपचुनाव 2026: ममता बनर्जी नंदीग्राम से अखिल गिरि को बना सकती हैं उम्मीदवार, टीएमसी सुप्रीमो ने कालीघाट बुलाया appeared first on Naya Vichar.

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कैब स्टार्टअप से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की दिग्गज कंपनी बनने तक, कैसी रही ओला इलेक्ट्रिक की रोमांचक यात्रा?

आज के इस नया विचार स्पेशल सेगमेंट ‘ऑटोकथा’ में हम पढ़ने वाले हैं हिंदुस्तान के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाली कंपनी ‘ओला इलेक्ट्रिक’ (Ola Electric) के बारे में. एक कैब-एग्रीगेटर स्टार्टअप से देश की सबसे बड़ी ईवी (EV) कंपनी बनने और फिर सर्विस से जुड़ी चुनौतियों के कारण अपनी मार्केट लीडरशिप गंवाने तक, ओला की यात्रा किसी थ्रिलर से कम नहीं रही है. तो चलिए इस सफर का अनुभव करते हैं इस एपिसोड से जिसका नाम है- ‘Ola Electric का सफरनामा’. ओला इलेक्ट्रिक का शुरुआती सफर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) ने जब 2010 में ओला कैब्स (Ola Cabs) की शुरुआत की थी, तब मोबिलिटी का अर्थ केवल कैब बुक करना था. लेकिन 2017 आते-आते यह साफ हो गया कि भविष्य इलेक्ट्रिक है. ओला कैब्स के एक छोटे से प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई ‘ओला इलेक्ट्रिक’ ने 2019 में एक अलग इकाई के रूप में काम करना शुरू किया. उस समय हिंदुस्तान का ईवी बाजार शुरुआती दौर में था. एथर एनर्जी (Ather Energy) जैसे गिने-चुने प्रीमियम प्लेयर्स थे, जबकि अन्य ब्रांड्स सस्ते, चीनी पार्ट्स से बने स्कूटर्स बेच रहे थे. भाविश अग्रवाल ने 2020 में नीदरलैंड की कंपनी एटरगो (Etergo) का अधिग्रहण किया, जिसने ओला के पहले स्कूटर के लिए एक मजबूत इंजीनियरिंग बेस तैयार किया. Ola Electric का सफरनामा पोर्टफोलियो का विस्तार: S1 Air, S1 X और MoveOS जैसे-जैसे बाजार परिपक्व हुआ, ओला ने महसूस किया कि केवल प्रीमियम सेगमेंट से वॉल्यूम नहीं आएगा. इसके बाद कंपनी ने किफायती मॉडल S1 Air और फिर बड़े बाजार के लिए S1 X और S1 X+ सीरीज उतारी. MoveOS: ओला का दृष्टिकोण ‘सॉफ्टवेयर-फर्स्ट’ रहा है. कंपनी का अपना ऑपरेटिंग सिस्टम, MoveOS, स्कूटर्स को स्मार्टफोन की तरह ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट्स के जरिए नए फीचर्स देता है. डीलरशिप नेटवर्क: D2C मॉडल में आ रही दिक्कतों के बाद कंपनी ने ‘एक्सपीरियंस सेंटर्स’ खोलकर अपना ऑफलाइन सेल्स नेटवर्क तेजी से बढ़ाया. Gen 2 प्लेटफॉर्म: ओला ने 2023 में अपने स्कूटर्स को Gen 2 प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया, जिसमें चेसिस को ट्यूबलर फ्रेम से बदला गया और बैटरी व मोटर के डिजाइन को ज्यादा एफिशिएंट बनाया गया. Ola Electric का सफरनामा ओला इलेक्ट्रिक IPO और उसका महत्व  9 अगस्त 2024 को ओला इलेक्ट्रिक शेयर बाजार पर लिस्ट हुई. कंपनी का इश्यू प्राइस ₹76 प्रति शेयर था और इसका कुल इश्यू साइज ₹6,145.56 करोड़ था, जिसमें ₹5,500 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल था. इस IPO ने कंपनी को नई सेल मैन्युफैक्चरिंग तकनीक और ऋण चुकाने के लिए बड़ी पूंजी दी.  Ola Electric का सफरनामा सर्विस नेटवर्क की चुनौतियां, CCPA नोटिस और हाइपरसर्विस 2024 के अंत तक, ओला की सबसे बड़ी ताकत यानी तेज बिक्री ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई. आफ्टर-सेल्स सर्विस का ढांचा चरमरा गया. अक्टूबर 2024 में, सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ओला को कारण बताओ नोटिस जारी किया. यह नोटिस नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर मिली 10,644 शिकायतों के आधार पर दिया गया था, जिनमें सर्विस और डिलीवरी में देरी के मामले सबसे ज्यादा थे. हाइपरसर्विस पहल: इस संकट से उबरने के लिए ओला ने ‘हाइपरसर्विस’ अभियान शुरू किया. कंपनी ने सर्विस सेंटर्स की संख्या दोगुनी करने, स्पेयर-पार्ट्स की सप्लाई चैन को मजबूत करने का वादा किया. ओला ने रेगुलेटर को बताया कि उसने 99.1% शिकायतों का समाधान कर दिया है, हालांकि स्वतंत्र फोरम्स पर इसे लेकर ग्राहकों ने लंबी बहस भी की. Ola Electric का सफरनामा बाजार की वर्तमान स्थिति और प्रतिस्पर्धी 2024 तक ओला इलेक्ट्रिक हिंदुस्तान में लगभग 35% मार्केट शेयर (4.29 लाख यूनिट्स की बिक्री) के साथ निर्विवाद रूप से पहले स्थान पर थी. लेकिन सर्विस की शिकायतों और टीवीएस (TVS) व बजाज (Bajaj) जैसे पारंपरिक ब्रांड्स के आक्रामक रवैये के कारण ओला का मार्केट शेयर 2025 में 50% तक गिरकर 16.1% (लगभग 1.96 लाख यूनिट्स) रह गया. 2025 के वाहन (VAHAN) डेटा के अनुसार, TVS मोटर 24.2% शेयर (2,95,315 यूनिट्स) के साथ पहले स्थान पर और बजाज ऑटो 21.9% के साथ दूसरे स्थान पर आ गए. Ola Electric का सफरनामा Ola Electric at a Glance पैमाना विवरण फाउंडर भाविश अग्रवाल IPO लिस्टिंग 9 अगस्त 2024 (BSE & NSE) FY25 रेवेन्यू ₹4,514 करोड़ FY25 कुल घाटा ₹2,276 करोड़ प्रमुख मॉडल्स S1 Pro, S1 Air, S1 X सीरीज प्रमुख मॉडल्स Roadster X, Roadster, Roadster Pro मुख्य प्रतिस्पर्धी TVS (iQube), Bajaj (Chetak), Ather Energy बैटरी सेल 4680 ‘Bharat Cell’ (In-house) Ola Electric का सफरनामा The post कैब स्टार्टअप से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की दिग्गज कंपनी बनने तक, कैसी रही ओला इलेक्ट्रिक की रोमांचक यात्रा? appeared first on Naya Vichar.

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बर्तन सूखते ही पड़ जाते हैं सफेद दाग? जानें 2 मिनट में चमकाने का आसान तरीका

White Spots on Utensils: रोज घर में बर्तन धोने के बाद उन्हें सूखने के लिए रख देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि सूखते ही साफ बर्तनों पर सफेद-सफेद निशान नजर आने लगते हैं. खासकर स्टील के गिलास, प्लेट और चम्मच पर ये दाग काफी साफ दिखाई देते हैं. इन्हें देखकर अक्सर लगता है कि शायद बर्तन ठीक से साफ नहीं हुए, लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता. आज की काम की बात में इसी रोज की परेशानी का आसान हल जानेंगे. आखिर बर्तन सूखने के बाद ये सफेद निशान क्यों पड़ते हैं और इन्हें बिना ज्यादा मेहनत के कैसे हटाया जा सकता है. इसके लिए आपको हर बार महंगे क्लीनर की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. बर्तन सूखने के बाद सफेद निशान क्यों पड़ते हैं? इसकी एक आम वजह हार्ड वॉटर हो सकती है. ऐसे पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज ज्यादा मात्रा में होते हैं. जब बर्तन पर लगा पानी सूख जाता है, तो पानी तो उड़ जाता है, लेकिन ये खनिज सतह पर रह जाते हैं. इसी वजह से सफेद निशान दिखाई देने लगते हैं. इसलिए हर बार इन निशानों का मतलब यह नहीं है कि बर्तन ठीक से साफ नहीं हुआ. क्या सफेद निशानों को 2 मिनट में हटाया जा सकता है?  हां, सफेद सिरका इसमें मदद कर सकता है. एक कटोरी में बराबर मात्रा में सफेद सिरका और पानी लें. मुलायम कपड़े या स्पंज को इस घोल में हल्का गीला करके निशान वाली जगह पर लगाएं. करीब 1-2 मिनट बाद साफ पानी से बर्तन धो लें और सूखे कपड़े से पोंछ दें. हल्के मिनिरल्स डिपॉजिट पर यह तरीका काम आ सकता है. बर्तन को बहुत जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे चमकदार सतह पर खरोंच पड़ सकती है. PC: AI Generated यह भी पढ़ें: बारिश में जूते भीगते ही आती है बदबू? सिर्फ धूप में रखना नहीं है इलाज, ऐसे करें ड्राई White Spots on Utensils: सिरका नहीं है तो क्या करें? आप सिरके की जगह नींबू का इस्तेमाल कर सकते हैं. नींबू के रस को थोड़े पानी के साथ मिलाकर सफेद निशान वाली जगह पर लगाएं. कुछ देर बाद मुलायम स्पंज से साफ करके पानी से धो लें. नींबू में मौजूद अम्लीय तत्व कुछ तरह के मिनिरल्स डिपॉजिट को ढीला करने में मदद कर सकते हैं. क्या हर बर्तन पर सिरका या नींबू इस्तेमाल कर सकते हैं? नहीं, हर बर्तन पर एक ही तरीका आजमाना सही नहीं है. स्टेनलेस स्टील जैसे सामान्य बर्तनों पर हल्के सफेद निशान हटाने के लिए इसका इस्तेमाल (White Spots on Utensils) किया जा सकता है. लेकिन नॉन-स्टिक, कुछ एल्युमिनियम, प्राकृतिक पत्थर या विशेष कोटिंग वाली सतह पर अम्लीय चीजें इस्तेमाल करने से पहले निर्माता के निर्देश जरूर देखें. सिरका, ब्लीच या दूसरे क्लीनिंग केमिकल्स को आपस में कभी न मिलाएं. खासकर ब्लीच को अम्लीय चीजों के साथ मिलाने पर खतरनाक गैस बन सकती है. सफेद निशान बार-बार न पड़ें, इसके लिए क्या करें? बर्तन धोने के बाद उन्हें लंबे समय तक पानी में या गीला छोड़ने के बजाय साफ कपड़े से पोंछ दें. इससे पानी के सूखने के बाद खनिजों की परत जमने की संभावना (White Spots on Utensils0 कम हो सकती है. अगर घर के कई बर्तनों पर लगातार सफेद परत बन रही है, तो यह कठोर जल का संकेत हो सकता है. ऐसे में पानी की कठोरता की जांच कराना ज्यादा सही तरीका रहेगा. उम्मीद है आज की यह छोटी-सी जानकारी आपके काम आएगी. ऐसी ही आसान और उपयोगी बातों के साथ अगली कड़ी में फिर मिलेंगे. यह भी पढ़ें: बारिश में नमक हो जाता है गीला? डिब्बे में बस ये छोटा सा जुगाड़ करें, नहीं बनेगी गांठ The post बर्तन सूखते ही पड़ जाते हैं सफेद दाग? जानें 2 मिनट में चमकाने का आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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Women’s Asia Cup: फाइनल से पहले हरमनप्रीत कौर ने दुबई की पिच को बताया मुश्किल, बोलीं- खुद पर भरोसा रखना होगा

Harmanpreet Kaur: हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम रविवार, 13 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ स्त्री एशिया कप फाइनल में उतरेगी. दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले से पहले कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पिच को लेकर अपनी राय रखी है. उन्होंने माना कि यहां बल्लेबाजी करना थोड़ा मुश्किल है. साथ ही उन्होंने टीम को अपनी क्षमता और बल्लेबाजी क्रम पर भरोसा रखने की सलाह दी. दुबई की पिच पर बल्लेबाजी आसान नहीं फाइनल से पहले हरमनप्रीत ने दुबई की पिच को लेकर कहा कि यहां बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां थोड़ी चुनौतीपूर्ण हैं. ऐसे में टीम को अपनी ताकत पर भरोसा रखना होगा. हिंदुस्तानीय कप्तान ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘यह पिच बल्लेबाजी के लिए थोड़ी मुश्किल है. लेकिन हमें खुद पर और अपनी ताकत पर भरोसा रखना होगा. हमें पता है कि हमारी बल्लेबाजी काफी मजबूत है. जिस दिन जो खिलाड़ी अच्छा स्पोर्ट्स रहा हो, उसे जिम्मेदारी लेकर टीम के लिए मैच खत्म करना होगा.’ हिंदुस्तान के लिए फाइनल में बल्लेबाजी अहम रहने वाली है. टीम की कई बल्लेबाजों ने टूर्नामेंट में अच्छी शुरुआत की है, लेकिन बड़ी पारी स्पोर्ट्सने में लगातार कामयाबी नहीं मिली है. ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ हिंदुस्तानीय बल्लेबाजी क्रम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी. बल्लेबाजों को उठानी होगी जिम्मेदारी हरमनप्रीत ने साफ किया कि बड़े मुकाबले में किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर रहने के बजाय जिस बल्लेबाज को लय मिले, उसे पारी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी निभानी होगी. हिंदुस्तान के पास स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर और अन्य अनुभवी बल्लेबाजों का मजबूत क्रम है. फाइनल में टीम की कोशिश शुरुआती मौकों का फायदा उठाकर बड़ा स्कोर खड़ा करने की होगी. ये भी पढ़ें: BBL 2026-27: फिन एलन से बेन स्टोक्स तक, कौन किस टीम का होगा हिस्सा; देखें स्टार प्लेयर्स की पूरी लिस्ट चमारी अटापट्टू के लिए खास रणनीति श्रीलंका की स्टार बल्लेबाज चमारी अटापट्टू हिंदुस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होंगी. वह अगर शुरुआत में ही लय हासिल कर लेती हैं तो मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं. हरमनप्रीत ने कहा कि हिंदुस्तानीय टीम अटापट्टू को जल्द आउट करना चाहेगी. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदुस्तान की रणनीति केवल एक बल्लेबाज तक सीमित नहीं होगी. उन्होंने कहा, ‘हम निश्चित रूप से उनका विकेट जल्द लेना चाहेंगे, क्योंकि हम जानते हैं कि बल्लेबाजी करते समय वह कितनी खतरनाक हो सकती हैं. हम उनके खिलाफ ठोस योजना के साथ उतरना चाहते हैं. सिर्फ उनके खिलाफ ही नहीं, बल्कि श्रीलंका की सभी बल्लेबाजों के लिए हमारी योजना होगी.’ फाइनल में अपनी ताकत पर भरोसा जरूरी हरमनप्रीत कौर हिंदुस्तान और श्रीलंका ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई है. ऐसे में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है. हरमनप्रीत का मानना है कि खिताबी मुकाबले में कागज पर टीमों की ताकत से ज्यादा उस दिन का प्रदर्शन मायने रखेगा. हिंदुस्तानीय कप्तान ने कहा कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में खिलाड़ियों को अपनी योजनाओं पर भरोसा रखना चाहिए. जरूरत से ज्यादा प्रयोग करने या कुछ असाधारण करने की कोशिश के बजाय अपनी ताकत के मुताबिक स्पोर्ट्सना जरूरी है. हरमनप्रीत ने कहा, ‘जब आप टूर्नामेंट जीतने के लिए इतना महत्वपूर्ण मैच स्पोर्ट्स रहे होते हैं तो उस दिन अपनी ताकत के अनुसार स्पोर्ट्सना और खुद पर भरोसा रखना सबसे जरूरी होता है. बहुत ज्यादा चीजें आजमाने या कुछ असाधारण करने के बारे में सोचने के बजाय अपनी ताकत पर टिके रहना चाहिए. खुद पर भरोसा रखना और अपने फैसले पर विश्वास करना जरूरी है.’ हिंदुस्तान के पास आठवीं बार चैंपियन बनने का मौका हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच स्त्री एशिया कप का फाइनल रविवार को दुबई में स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तानीय टीम इस मुकाबले को जीतकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम करना चाहेगी. वहीं, श्रीलंका पहली बार स्त्री एशिया कप का खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगा. ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट The post Women’s Asia Cup: फाइनल से पहले हरमनप्रीत कौर ने दुबई की पिच को बताया मुश्किल, बोलीं- खुद पर भरोसा रखना होगा appeared first on Naya Vichar.

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