BRICS Summit 2026 Highlights : मोदी-जिनपिंग की टॉक, पुतिन संग खास केमिस्ट्री और चीन को अगली कमान; जानें समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ
BRICS Summit 2026 Highlights : हिंदुस्तान की अध्यक्षता में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित किया जा रहा है. 12 सितंबर को सारे ब्रिक्स देशों द्वारा नई दिल्ली घोषणापत्र को मंजूर कर लिया गया है. घोषणापत्र में हिंदुस्तान के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की एक स्वर में कड़ी निंदा की गई है. वहीं पूरी दुनिया की नजर इस वक्त हिंदुस्तान पर टिकी हैं, जहां दुनिया की वित्तीय स्थिति में 40 फीसदी का योगदान करने वाले देशों के लीडर्स जुटे हुए हैं. पुतिन से हाई लेबल टॉक: 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का रोडमैप प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बैठक में यूक्रेन संकट, पश्चिम एशिया के हालात और वैश्विक समुद्री गलियारों पर पड़ रहे प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श हुआ. हिंदुस्तान ने दोहराया कि किसी भी विवाद का स्थायी हल केवल कूटनीति और संवाद से ही संभव है. बातचीत में ब्लैक सी (काला सागर) क्षेत्र में फंसे हिंदुस्तानीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का संकल्प लिया. इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को रूस यात्रा का न्योता भी दिया. एकतरफा व्यापारिक पाबंदियों और शुल्कों के खिलाफ साझा मोर्चा दस्तावेज में बिना अंतरराष्ट्रीय सहमति के थोपे जाने वाले आर्थिक प्रतिबंधों और टैरिफ की कड़ी आलोचना की गई. ब्रिक्स देशों ने आगाह किया कि ऐसे मनमाने कदमों से वैश्विक विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सुरक्षा को गंभीर खतरा पहुंचता है. सदस्य राष्ट्रों ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों पर आधारित स्वतंत्र, पारदर्शी और बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के संरक्षण पर बल दिया. वित्तीय लेनदेन में स्थानीय मुद्राओं को प्राथमिकता डॉलर पर निर्भरता घटाने के क्रम में सदस्य देशों ने अपनी घरेलू मुद्राओं में व्यापार और लेनदेन को बढ़ावा देने का फैसला किया. इसका उद्देश्य सीमा पार भुगतानों को अधिक किफायती, तेज और सुरक्षित बनाना है. हालांकि साझा ब्रिक्स करेंसी का एलान नहीं हुआ, लेकिन देशों की आंतरिक बैंकिंग और मैसेजिंग प्रणालियों को आपस में जोड़ने के लिए ‘ब्रिक्स पेमेंट टास्कफोर्स’ के काम को गति दी गई. यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार और विकासशील देशों की आवाज घोषणा पत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के व्यापक पुनर्गठन की मांग दोहराई गई, ताकि अंतरराष्ट्रीय निर्णयों में विकासशील देशों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके. विशेष रूप से चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदुस्तान व ब्राजील की बड़ी भूमिका की आकांक्षाओं का समर्थन किया. पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि वैश्विक संकटों का सबसे अधिक दंश झेलने वाले ग्लोबल साउथ को नीति-निर्धारण में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए. भविष्य की तकनीक: समावेशी एआई और साइबर सुरक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नियमन को लेकर भी ब्रिक्स ने साझा सहमति बनाई. ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुरूप सुरक्षित, उत्तरदायी और पारदर्शी एआई तकनीक के विकास पर बल दिया गया. हिंदुस्तान ने तर्क दिया कि एआई, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा और बायोटेक्नोलॉजी जैसी उन्नत तकनीकें सिर्फ आर्थिक लाभ का माध्यम नहीं हैं, बल्कि भविष्य के वैश्विक मानक भी तय कर रही हैं, इसलिए इनमें सभी की समान भागीदारी जरूरी है. हिंदुस्तान के डिजिटल मॉडल और औद्योगिक पहलों को स्वीकृति घोषणा पत्र में हिंदुस्तान के ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) के प्रसार और अनुभव साझा करने पर सहमति बनी. स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण केंद्रों और मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क की योजना बनाई गई. साथ ही, लघु उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से हिंदुस्तान में ‘ब्रिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र’ की स्थापना का स्वागत किया गया. 2027 के लिए कमान: चीन को मिली 19वें शिखर सम्मेलन की जिम्मेदारी शुरुआती सत्र में ही आगामी वर्ष के सम्मेलन की रूपरेखा तय हो गई. वर्ष 2027 में 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता चीन संभालेगा. शी जिनपिंग ने आश्वस्त किया कि उनका देश ब्रिक्स साझेदारों के साथ मिलकर पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभाएगा. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 LIVE : ब्रिक्स समिट का आखिरी दिन आज, PM मोदी करेंगे 4 बाइलेटरल मीटिंग्स; हाई सिक्योरिटी जोन में हिंदुस्तान मंडपम The post BRICS Summit 2026 Highlights : मोदी-जिनपिंग की टॉक, पुतिन संग खास केमिस्ट्री और चीन को अगली कमान; जानें समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ appeared first on Naya Vichar.

