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बारिश ने बिगाड़ा खेल, भारत-अफगानिस्तान मैच के टॉस में हुई देरी

IND vs AFG: धर्मशाला में हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच क्रिकेट इतिहास का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, लेकिन फिलहाल बारिश ने टॉस का मजा किरकिरा कर दिया है. मौसम विभाग के मुताबिक आज 55% बारिश के चांस हैं. इतिहास इस मायने में नया है कि दोनों टीमें पहली बार किसी बाइलेटरल वनडे सीरीज में टकरा रही हैं. हालांकि, बीसीसीआई ने टॉस देरी होने की भी जानकारी दी है. 🚨 Update from Dharamshala 🚨 Toss for the 1️⃣st #INDvAFG ODI has been delayed due to rain. Stay tuned for more updates ▶️ https://t.co/lCuohEZYAl#TeamIndia | @IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/cMPZs6Kj8r — BCCI (@BCCI) June 13, 2026 नए चेहरों पर नजरें टीम इंडिया इस सीरीज में अपनी ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को आजमा रही है. विराट कोहली और हार्दिक पंड्या चोट के कारण इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं, जबकि मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को आराम दिया गया है. सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा गेंदबाजों की लॉटरी लग सकती है. माना जा रहा है कि आज के मैच में प्रिंस यादव और गुरनूर बरार में से किसी एक खिलाड़ी को वनडे क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिल सकता है. हेड टू हेड हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच अब तक कुल 4 वनडे मुकाबले स्पोर्ट्से गए हैं जहां टीम इंडिया का पलड़ा हमेशा भारी रहा है. इन 4 मैचों में से 3 में हिंदुस्तान ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर टाई रहा था. अफगान टीम आज तक वनडे फॉर्मेट में हिंदुस्तान को हराने का स्वाद नहीं चख सकी है. दोनों टीमें आखिरी बार 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में दिल्ली के मैदान पर आमने-सामने थीं, जहाँ हिंदुस्तानीय टीम ने अफगानिस्तान को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेलते हुए 8 विकेट से एकतरफा मात दी थी. दोनों टीमों की संभावित खिलाड़ी हिंदुस्तान– शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव/गुरनूर बरार. अफगानिस्तान– इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी/इकराम अलिखिल , राशिद खान, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, जिया-उर-रहमान. इसे भी पढ़े- डेनियल व्याट हॉज ने जड़ा शानदार शतक, मैदान पर अनोखे अंदाज में बेटी पर लुटाया प्यार The post बारिश ने बिगाड़ा स्पोर्ट्स, हिंदुस्तान-अफगानिस्तान मैच के टॉस में हुई देरी appeared first on Naya Vichar.

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‘बिहार के नटवरलाल को बधाई…’, पटना में RJD MLC सुनील सिंह के खिलाफ लगे पोस्टर, पत्नी-बेटे पर भी लगाए गंभीर आरोप

Bihar Politics: पटना में RJD के नवनिर्वाचित MLC सुनील सिंह को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. शहर के प्रमुख इलाके में लगाए गए एक पोस्टर ने नेतृत्वक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. पोस्टर में सिर्फ सुनील सिंह ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और बेटे को भी निशाना बनाया गया है. पोस्टर में लगाए गए गंभीर आरोप विवादित पोस्टर में सुनील सिंह को ‘बिहार का नटवरलाल’ बताया गया है. साथ ही उनके MLC बनने पर तंज भरे अंदाज में बधाई भी दी गई है. पोस्टर में कई एफआईआर नंबरों का जिक्र करते हुए परिवार के सदस्यों पर कथित धोखाधड़ी और गबन के आरोप लगाए गए हैं. पत्नी और बेटे का भी किया गया उल्लेख पोस्टर में दावा किया गया है कि एक मामले में सुनील सिंह पर लाखों रुपये के कथित गबन का आरोप है. वहीं उनकी पत्नी और बेटे पर भी अलग-अलग मामलों में वित्तीय अनियमितता के आरोप बताए गए हैं. पोस्टर में तीनों की तस्वीरें लगाकर पूरे परिवार को निशाने पर लिया गया है. किसने लगाया पोस्टर, अब तक नहीं हुआ खुलासा सबसे बड़ी बात यह है कि पोस्टर किसने लगाया है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है. पोस्टर पर किसी संगठन, व्यक्ति या नेतृत्वक दल का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है. इससे इसे लेकर कई तरह की नेतृत्वक चर्चाएं शुरू हो गई हैं. फोटो पर क्लिक कर रजिस्टर करें हाल ही में बने हैं MLC सुनील सिंह हाल ही में राजद कोटे से बिहार विधान परिषद पहुंचे हैं. वे पार्टी के मुखर नेताओं में गिने जाते हैं और अक्सर नेतृत्वक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते हैं. ऐसे में उनके खिलाफ लगाए गए इस पोस्टर को कई लोग नेतृत्वक हमला मान रहे हैं. भाजपा ने साधा महागठबंधन पर निशाना पोस्टर विवाद के बाद भाजपा ने महागठबंधन और राजद पर हमला बोला है. भाजपा प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि यह पोस्टर महागठबंधन की अंदरूनी नेतृत्व और विरोधाभास को उजागर करता है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पोस्टर में लगाए गए आरोप सही हैं तो ऐसे व्यक्ति को विधान परिषद क्यों भेजा गया. वहीं अगर आरोप गलत हैं तो इस तरह के पोस्टर लगाने का मकसद क्या है. Also Read: BPSC AEDO परीक्षा में कैसे हुआ स्पोर्ट्स? जांच में खुलीं कई परतें, EOU ने बताया – कैंडिडेट ही बने बायोमेट्रिक कर्मी The post ‘बिहार के नटवरलाल को बधाई…’, पटना में RJD MLC सुनील सिंह के खिलाफ लगे पोस्टर, पत्नी-बेटे पर भी लगाए गंभीर आरोप appeared first on Naya Vichar.

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‘मर्यादा नहीं लांघनी चाहिए’, प्रणित मोरे की 370 रुपये बिरयानी विवाद पर भड़के CM देवेंद्र फडणवीस

CM Devendra Fadnavis on Pranit More: स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे से जुड़ा 370 रुपये बिरयानी विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ यह मामला अब नेतृत्वक और कानूनी स्तर तक पहुंच चुका है. इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने की बात कही है. क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत एक स्टैंडअप शो के दौरान हुई टिप्पणी से हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए नाराजगी जाहिर की. हालांकि विवादित टिप्पणी सीधे तौर पर प्रणित मोरे ने नहीं की थी, लेकिन शो के होस्ट होने की वजह से उन्हें भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री ने दी संतुलित प्रतिक्रिया ANI से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश का संविधान सभी नागरिकों को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता देता है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब सामाजिक मर्यादाओं और जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करना नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टैंडअप कॉमेडी मनोरंजन का एक लोकप्रिय माध्यम है और हास्य का समाज में महत्वपूर्ण स्थान है. लेकिन मनोरंजन के नाम पर किसी व्यक्ति, वर्ग या समाज की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के साथ जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है. राष्ट्रीय स्त्री आयोग ने भी लिया संज्ञान इस मामले पर राष्ट्रीय स्त्री आयोग ने भी संज्ञान लिया है. आयोग ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर निर्धारित तारीख पर उपस्थित होने के लिए कहा है. वहीं मामले को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है. 370 रुपये बिरयानी विवाद अब केवल सोशल मीडिया बहस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने अभिव्यक्ति की आजादी और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. यह भी पढ़ें: 370 रुपये बिरयानी विवाद पर आखिरकार टूटी प्रणित मोरे की चुप्पी, कहा- मैं नफरत डिजर्व करता हूं The post ‘मर्यादा नहीं लांघनी चाहिए’, प्रणित मोरे की 370 रुपये बिरयानी विवाद पर भड़के CM देवेंद्र फडणवीस appeared first on Naya Vichar.

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Karuppu की ब्लॉकबस्टर सक्सेस पर गदगद हुए डायरेक्टर, इस शख्स को खास अंदाज में कहा थैंक्यू

Karuppu: साउथ सुपरस्टार सूर्या की फिल्म ‘करुप्पु’ इस वक्त जबरदस्त चर्चा में है. फिल्म ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई की. इसने 300 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर तबाही मचा दी. मूवी ओटीटी पर दस्तक दे चुकी है. इसी बीच डायरेक्टर आरजे बालाजी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर सूर्या का शुक्रियादा किया. करप्पु के ब्लॉकबस्टर होने पर डायरेक्टर ने सूर्या को कहा थैंक्यू आरजे बालाजी ने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर किया. जिसके कैप्शन में सूर्या का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने लिखा, “पहले दिन से ही, आपने मुझ पर भरोसा किया. उसी भरोसे ने मेरे सपने को सच कर दिखाया. उसी साथ ने मेरी जिंदगी में एक नए सफर की शुरुआत की और फिर… ‘करुप्पु’ (Karuppu) बन गई. मैंने आपसे जो वादा किया था, वह एक मेगा ब्लॉकबस्टर फिल्म के तौर पर सच हो गया…!!! @actorsuriya सर, आपके बिना यह सब मुमकिन नहीं हो पाता!!! आपने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है, सर, आपको बहुत प्यार… आपके भरोसे, सम्मान और सबसे जरूरी बात, इस खूबसूरत रिश्ते के लिए शुक्रिया, जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा…!” यह फिल्म अभी प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है. करुप्पु, तमिल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘करुप्पु’ साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्मों में शामिल हो चुकी है और एक बार फिर साबित कर दिया है कि सूर्या की फैन फॉलोइंग आज भी बेहद मजबूत है. इसमें सूर्या करुप्पुस्वामी के दमदार किरदार में नजर आए हैं. वहीं आरजे बालाजी ने एडवोकेट बेबी कन्नन नाम के विलेन का रोल निभाया है. फिल्म में तृषा कृष्णन, शिवदा, इंद्रंस, अनघा माया रवि और स्वासिका जैसे कलाकार भी गैं. इसका म्यूजिक साई अभ्यंकर ने तैयार किया है. क्या है करप्पु की कहानी करप्पु एक ऐसे रक्षक देवता वेट्टई करुप्पु के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक वकील बन जाता है, जब सिस्टम भ्रष्ट होता है. उसका मकसद एक मासूम लड़की को न्याय दिलाना और उसकी जिंदगी बचाना है, जिसे तुरंत लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है. दमदार कहानी, इमोशनल मोमेंट्स और शानदार परफॉर्मेंस की वजह से ‘करुप्पु’ दर्शकों के दिलों में खास जगह बना रही है. यह भी पढ़ें- Main Vaapas Aaunga Box Office Collection Day 1: ओपनिंग डे पर फिल्म पास हुई या फेल, कलेक्शन देख रह जाएंगे हैरान The post Karuppu की ब्लॉकबस्टर सक्सेस पर गदगद हुए डायरेक्टर, इस शख्स को खास अंदाज में कहा थैंक्यू appeared first on Naya Vichar.

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TVS iQube vs Orbiter: मई 2026 में खूब बिकीं TVS की ये दो इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें आपके लिए सही कौन?

TVS मोटर कंपनी फिलहाल हिंदुस्तान की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनियों में से एक बन चुकी है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कंपनी ने मई 2026 में 42,459 यूनिट्स की बिक्री के साथ टॉप पर जगह बनाई है. इसने बाजार में Bajaj Auto, Ather Energy और Hero MotoCorp जैसी बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर दी है. फिलहाल कंपनी के पास इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में दो मॉडल मौजूद हैं. पहला TVS iQube और दूसरा Orbiter. अगर आप भी इनमें से किसी एक को लेने की सोच रहे हैं लेकिन कन्फ्यूज हैं, तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. हमने आपके लिए दोनों स्कूटर्स का आसान और डिटेल्ड कम्पैरिजन किया है, ताकि आप सही फैसला ले सकें. चलिए शुरू करते हैं. TVS iQube vs Orbiter: डिजाइन  TVS iQube का लुक ज्यादा प्रीमियम और फैमिली-फ्रेंडली लगता है. वहीं Orbiter का डिजाइन ज्यादा सिंपल और बजट-फोकस्ड है. iQube में आपको क्लीन बॉडी लाइनें, मैच्योर डिजाइन और बेहतर फिट-फिनिश मिलता है. वहीं Orbiter को खास तौर पर प्रैक्टिकल और सस्ता ऑप्शन रखने के लिए डिजाइन किया गया है. इसका लाइट और मिनिमल लुक डेली राइड को ध्यान में रखकर बनाया गया है. कुल मिलाकर कहें तो, अगर आपको स्टाइल और प्रीमियम फील चाहिए तो iQube बेहतर होगा. लेकिन अगर आपका फोकस बजट और सिंपल यूज है तो Orbiter ज्यादा सही ऑप्शन है. TVS iQube vs Orbiter: बैटरी और रेंज TVS iQube में 2.2 kWh 3.1 kWh, 3.5 kWh, 4.7 kWh and 5.3 kWh तक के वेरिएंट मिलते हैं. इसकी रेंज भी काफी अच्छी है. एक बार फुल चार्ज करने पर यह लगभग 94 km से लेकर 212 km तक चल सकता है. हालांकि इसमें फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट नहीं मिलता. 0 से 80% चार्ज होने में करीब 4 घंटे 18 मिनट तक लग सकते हैं. ये वेरिएंट-वेरिएंट पर डिपेंड करता है. यह भी पढ़ें: फ्यूल खर्च से परेशान लोगों के लिए ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर हैं बेहतर चॉइस, फटाफट डालें नजर वहीं दूसरी तरफ TVS Orbiter एक बजट-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक स्कूटर है, जो सिर्फ 1.8 kWh और 3.1 kWh ऑप्शन के साथ आता है. इसकी रेंज भी iQube के मुकाबले थोड़ी कम है, जो 86 km से लेकर 158 km तक जाती है. लेकिन चार्जिंग के मामले में यह थोड़ा तेज है. छोटी बैटरी लगभग 2 घंटे 20 मिनट में 80% तक चार्ज हो जाती है और बड़ी बैटरी को करीब 4 घंटे 10 मिनट लगते हैं. TVS iQube vs Orbiter: सेफ्टी पैकेज सेफ्टी के मामले में TVS iQube और Orbiter दोनों ही स्कूटर्स अच्छे फीचर्स के साथ आते हैं, लेकिन दोनों का फोकस थोड़ा अलग है. iQube ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी पर जोर देता है. वहीं Orbiter को रोजमर्रा की प्रैक्टिकल यूज के हिसाब से बनाया गया है. iQube में आपको रेगेनरेटिव ब्रेकिंग, ट्यूबलेस टायर्स, डे/नाइट डिस्प्ले मोड, जियोफेंसिंग, एंटी-थेफ्ट अलर्ट, क्रैश और फॉल डिटेक्शन जैसे स्मार्ट सेफ्टी फीचर्स मिलते हैं. वहीं TVS Orbiter में भी जरूरी सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जैसे एंटी-थेफ्ट और जियोफेंस अलर्ट, क्रैश और फॉल डिटेक्शन, टॉव अलर्ट और पानी-धूल से बचाव की सुविधा. इसमें 14-इंच का बड़ा फ्रंट अलॉय व्हील और 34 लीटर का स्टोरेज भी मिलता है. साथ ही इसे 600 से ज्यादा सेफ्टी टेस्ट्स से भी गुजारा गया है. TVS iQube vs Orbiter: टेक्नोलॉजी और फीचर्स iQube में Smart LED हेडलैंप DRLs के साथ, HMI कंट्रोलर, TFT डिस्प्ले, 32-लीटर स्टोरेज और SmartXonnect जैसे स्मार्ट फीचर्स मिलते हैं. इसमें म्यूजिक कंट्रोल, कॉल अलर्ट, OTA अपडेट, पार्किंग और रिवर्स असिस्ट, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, TPMS, इनकॉग्निटो मोड और USB चार्जिंग जैसी खूबियां भी हैं. वहीं Orbiter भी फीचर्स के मामले में पीछे नहीं है. इसमें LED हेडलैंप, SmartXonnect, नेविगेशन, कॉल और मैसेज अलर्ट, OTA अपडेट, लाइव लोकेशन शेयरिंग, क्रूज कंट्रोल, हिल-होल्ड असिस्ट, रिवर्स पार्किंग असिस्ट, USB चार्जिंग, Eco और City राइड मोड, LCD क्लस्टर और DTE जैसी सुविधाएं मिलती हैं. TVS iQube vs Orbiter: कीमत TVS iQube की एक्स-शोरूम कीमत 94,434 रुपये है, लेकिन अगर आप BaaS (Battery as a Service) ऑप्शन चुनते हैं तो यह सिर्फ 59,999 रुपये में मिल जाता है. वहीं दूसरी तरफ TVS Orbiter की कीमत 84,500 रुपये है, जबकि BaaS के साथ यह सिर्फ 49,999 रुपये में उपलब्ध हो जाता है. TVS iQube vs Orbiter: आपको कौन सा खरीदना चाहिए? TVS iQube थोड़ी प्रीमियम प्राइस पर आता है क्योंकि इसमें ज्यादा फीचर्स, बेहतर डिजाइन और एडवांस टेक्नोलॉजी मिलती है. वहीं Orbiter को खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो बजट में एक सिंपल और काम का इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं. इसका डिजाइन सीधा-साधा है और रोजमर्रा की सिटी राइडिंग के लिए यह काफी कम्फर्टेबल और प्रैक्टिकल है. अब दोनों में से कौन सा बेहतर है, ये आपकी जरूरत पर डिपेंड करता है. अगर आपको प्रीमियम लुक, नए फीचर्स और टेक्नोलॉजी चाहिए तो iQube सही रहेगा. लेकिन अगर आपका फोकस कम कीमत, इजी यूज और डेली कम्यूट है तो Orbiter ज्यादा बेहतर ऑप्शन है. यह भी पढ़ें: एक बार चार्ज करिए और लंबा चलाइए, कम बजट में ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स देते हैं सबसे ज्यादा रेंज The post TVS iQube vs Orbiter: मई 2026 में खूब बिकीं TVS की ये दो इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें आपके लिए सही कौन? appeared first on Naya Vichar.

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JoSAA राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी, ऐसे डाउनलोड करें अलॉटमेंट लेटर

JoSAA Round 1 Seat Allotment Result 2026: ज्वॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) ने काउंसलिंग 2026 के तहत राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी कर दिया है. ऐसे उम्मीदवार जिन्हें IIT, NIT, IIIT और GFTI संस्थानों में एडमिशन चाहिए, वे JoSAA काउंसलिंग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना सीट अलॉटमेंट चेक कर सकतेह हैं. किस आधार पर अलॉट हुई है सीट?  छात्रों को JEE Main या JEE Advanced रैंक, उनके द्वारा सेलेक्ट की गई च्वॉइसेज, कैटेगरी और उपलब्ध सीटों के आधार पर सीट अलॉट की गई है. राउंड-1 में सीट मिलने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्रक्रिया पूरी करनी होगी. देखें जोसा काउंसलिंग का शेड्यूल इवेंट तारीख राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 13 जून 2026 राउंड-1 ऑनलाइन रिपोर्टिंग शुरू 13 जून 2026 सीट स्वीकृति शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2026 राउंड-2 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 30 जून 2026 कैसे करें JoSAA Round 1 Result 2026  JoSAA की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं. View Seat Allotment Result लिंक पर क्लिक करें. JEE Main/JEE Advanced आवेदन संख्या, पासवर्ड और सुरक्षा पिन दर्ज करें. लॉगिन करने के बाद सीट आवंटन का डिटेल स्क्रीन पर दिखाई देगा. अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करें और फ्यूचर के लिए उसका प्रिंटआउट निकाल लें.  सीट मिलने के बाद क्या करें? राउंड-1 में सीट आवंटित होने के बाद उम्मीदवारों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी. इस दौरान उन्हें फीस जमा करनी होगी और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे. इसके अलावा उम्मीदवार अपनी पसंद के अनुसार Freeze, Float या Slide ऑप्शन भी चुन सकते हैं. Freeze: आवंटित सीट स्वीकार कर आगे की काउंसलिंग में भाग नहीं लेना. Float: वर्तमान सीट स्वीकार करते हुए अगले राउंड में बेहतर संस्थान/कोर्स का इंतजार करना. Slide: उसी संस्थान में बेहतर पसंदीदा ब्रांच मिलने की संभावना बनाए रखना. रजिस्ट्रेशन करने के लिए ऊपर दी गई तस्वीर पर क्लिक करें देश के 138 संस्थानों में मिलेगा प्रवेश JoSAA 2026 के माध्यम से देशभर के 138 प्रमुख तकनीकी संस्थानों में प्रवेश दिया जाएगा. इनमें 23 IIT, IISc बेंगलुरु, 31 NIT, 26 IIIT, IIEST शिबपुर और 56 अन्य प्रशासनी वित्तपोषित तकनीकी संस्थान (GFTI) शामिल हैं. यह भी पढ़ें- IIT हैदराबाद का AI या CS कौन सी ब्रांच है बेस्ट? सीटें, कटऑफ और करियर स्कोप से समझें अंतर The post JoSAA राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी, ऐसे डाउनलोड करें अलॉटमेंट लेटर appeared first on Naya Vichar.

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कौन से यूरोपीय देश पाकिस्तान को देते हैं हथियार? जिससे भारत पर हुए हमले; जयशंकर ने उठाए सवाल

Europe Weapon Supply Pakistan: हिंदुस्तान के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हालिया बयान के बाद पाकिस्तान के रक्षा तंत्र को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. पाकिस्तान की सैन्य ताकत लगभग पूरी तरह चीन पर निर्भर हो चुकी है, लेकिन उसकी थलसेना, वायुसेना और नौसेना आज भी कई महत्वपूर्ण यूरोपीय हथियार प्रणालियों और प्लेटफॉर्म पर निर्भर है. तो आखिर कौन से देश हैं, जो पाकिस्तान को सैन्य सहायता देते हैं.  फिनलैंड में आयोजित कुलतारांता टॉक्स कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने यूरोपीय देशों द्वारा पाकिस्तान को हथियार बेचने के मुद्दे को उठाया. हिंदुस्तान द्वारा रूस से तेल खरीदने पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान ने अमेरिका के कहने पर तेल खरीदा था. इसी के बाद उन्होंने यूरोप के दोहरे रवैये पर भी कटाक्ष किया और कहा कि हिंदुस्तान ने कभी यूरोप की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला, लेकिन यूरोप से मिले हथियारों का इस्तेमाल हिंदुस्तान के खिलाफ किया गया. उनके कहने का अर्थ था कि यूरोपीय देश उन्हें हथियार बेचते हैं जो इस्तेमाल हिंदुस्तान पर हमले के लिए करते हैं.  लंबे समय से यूरोप रहा है पाकिस्तान का सप्लायर स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के अनुसार, 1990 के दशक से लेकर 2010 के दशक तक पाकिस्तान ने अपनी वायुसेना और नौसेना के आधुनिकीकरण के लिए यूरोपीय देशों पर काफी भरोसा किया. उस दौर में पाकिस्तान के कुल हथियार आयात में यूरोपीय देशों की हिस्सेदारी लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. हालांकि हालात अब पहले जैसे नहीं हैं. SIPRI की 2021-2025 अवधि की रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान की यूरोपीय हथियारों पर निर्भरता काफी कम हो चुकी है. वर्तमान में नीदरलैंड्स, तुर्किये और ब्रिटेन सीमित स्तर पर पाकिस्तान को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं.  यूरोपीय देशों में पाकिस्तान को सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने वालों में नीदरलैंड्स सबसे आगे माना जाता है. SIPRI के अनुसार 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के कुल हथियार आयात में नीदरलैंड्स की हिस्सेदारी 4.6 प्रतिशत रही. डच कंपनी डेमन पाकिस्तान नौसेना के लिए जहाज और गश्ती पोत निर्माण से जुड़ी रही है.  पाकिस्तान की सेना में आज भी इस्तेमाल हो रहे यूरोपीय हथियार पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां और सैन्य इकाइयां कई यूरोपीय हथियारों का इस्तेमाल करती हैं. इनमें इटली की बेरेटा और ऑस्ट्रिया की ग्लॉक पिस्तौलें शामिल हैं. इसके अलावा एसआईजी कंसोर्टियम के हथियार, जर्मनी की हेकलर एंड कोच द्वारा निर्मित एमपी-5 सबमशीन गन और जी-3 राइफल भी पाकिस्तान के शस्त्रागार का हिस्सा हैं. बेल्जियम की एफएन हर्स्टल कंपनी की एफएन पी-90 सबमशीन गन भी पाकिस्तानी बलों के पास मौजूद है. दुनिया के कई देशों की विशेष सुरक्षा इकाइयां और वीआईपी सुरक्षा दस्ते भी इन हथियारों का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रिया निर्मित आर्गेस 84 पी2ए1 ग्रेनेड लांचर, स्पेन का अलकोतान-100 और फ्रांस का एमओ-120-आरटी मोर्टार भी पाकिस्तान के सैन्य उपकरणों में शामिल हैं. जमीनी वाहनों में भी यूरोप की मौजूदगी सिर्फ हथियार ही नहीं, पाकिस्तान कुछ यूरोपीय सैन्य वाहनों का भी इस्तेमाल करता है. ब्रिटेन की लैंड रोवर डिफेंडर गाड़ियां और ब्रिटिश मूल का आर्डवार्क माइनस्वीपिंग वाहन आज भी विभिन्न सैन्य भूमिकाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं. पिछले साल ब्रिटेन के सैन्य अधिकारियों ने पाकिस्तान का दौरा भी किया था.  वायुसेना की ताकत में यूरोप का अहम योगदान हालांकि पाकिस्तान वायुसेना ने हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में चीनी लड़ाकू विमानों को शामिल किया है, लेकिन उसके बेड़े में कई यूरोपीय प्लेटफॉर्म अब भी सक्रिय हैं. फ्रांस के डसॉल्ट मिराज लड़ाकू विमान पाकिस्तान की वायु शक्ति का लंबे समय से हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा स्वीडन का साब एरीआई एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम भी पाकिस्तान के पास है, जो हवाई निगरानी और कमांड क्षमताओं को मजबूत बनाता है.  फ्रांस निर्मित डसॉल्ट फाल्कन-20 विमान का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर मिशनों में किया जाता है. वहीं एमबीडीए स्पाडा-2000 एयर डिफेंस सिस्टम भी पाकिस्तान की वायु रक्षा व्यवस्था में शामिल है. समुद्री सुरक्षा में भी यूरोपीय प्लेटफॉर्म की भूमिका पाकिस्तान नौसेना भी यूरोप से मिले प्लेटफॉर्म पर काफी हद तक निर्भर रही है. उसके बेड़े में 1970 के दशक में विकसित फ्रांसीसी अगोस्ता श्रेणी की पनडुब्बियां शामिल हैं. ये लंबे समय से पाकिस्तान की समुद्री रणनीति का अहम हिस्सा रही हैं. इसके अलावा ब्रिटेन निर्मित सी किंग हेलीकॉप्टर भी पाकिस्तान नौसेना के पास हैं. ये हेलीकॉप्टर पनडुब्बी रोधी अभियानों में इस्तेमाल किए जाते हैं और अमेरिकी सिकोरस्की एस-61 के लाइसेंस प्राप्त संस्करण माने जाते हैं. तुर्किये बना महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार पाकिस्तान के लिए तुर्किये भी एक अहम रक्षा सहयोगी है. SIPRI के आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान के हथियार आयात में तुर्किये की हिस्सेदारी करीब 7 प्रतिशत है. पाकिस्तान ने तुर्किये से बैयराक्तार टीबी-2 ड्रोन, सैन्य वाहन और नौसेना के लिए विभिन्न जहाज खरीदे हैं. दोनों देश संयुक्त रूप से लड़ाकू विमान विकास परियोजनाओं पर भी काम कर चुके हैं. ये भी पढ़ें:- अमेरिका ने फिर वेनेजुएला में बरसाया बम, ट्रंप का दावा- मारा गया ‘खून का प्यासा’ ट्रेन डी अरागुआ का सरगना ये भी पढ़ें:- किसने मारा 3 हिंदुस्तानीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन चीन बना पाकिस्तान का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता वर्तमान समय में पाकिस्तान की सैन्य जरूरतों का सबसे बड़ा आधार चीन है. SIPRI के अनुसार 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के कुल बड़े हथियार आयात का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा चीन से आया. वहीं 2015 से 2024 की अवधि में भी चीन की हिस्सेदारी करीब 78 प्रतिशत रही थी. पाकिस्तान लंबे समय से चीन से लड़ाकू विमान, युद्धपोत और अन्य उन्नत सैन्य उपकरण खरीदता रहा है. मई 2025 में हिंदुस्तान-पाकिस्तान तनाव के बाद चीन ने पाकिस्तान को जे-10सी लड़ाकू विमान उपलब्ध कराए. इसके अलावा पाकिस्तान ने एफसी-31 स्टेल्थ फाइटर विमान भी हासिल किए हैं. पाकिस्तान को चीन से तोप और टैंक तकनीक में भी चीन से सहायता मिली है.  वहीं हाल ही में पाकिस्तान को चीन से हैंगोर क्लास की पनडुब्बियों की भी सप्लाई मिलने लगी है. दोनों देशों के बीच 5 अरब डॉलर समझौते के तहत इस तरह की 8 सबमरीन बनाई जानी है, जिसमें से चार चीन में बनेंगी, जबकि चार का निर्माण कराची शिपयार्ड में होगा.   इसके अलावा पाकिस्तान को

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जामताड़ा : एंबुलेंस सेवा फेल, ट्रैक्टर से अस्पताल पहुंचे मरीज की इलाज के दौरान मौत

जामताड़ा से उमेश कुमार की रिपोर्ट  Jamtara News: स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक संवेदनहीनता की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. समय पर एंबुलेंस सेवा नहीं मिलने के कारण एक गंभीर मरीज को ट्रैक्टर पर खटिया लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनी आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या है पूरा मामला?  मामला जामताड़ा थाना क्षेत्र के गोपालपुर पंचायत अंतर्गत शहरबेड़ा गांव का है. जानकारी के अनुसार शुक्रवार 12 जून की रात को मोनू टुडू की अचानक तबीयत बिगड़ गई. हालत गंभीर होने पर परिजनों ने प्रशासनी 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन आरोप है कि कई बार कॉल करने और मदद की गुहार लगाने के बावजूद एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची. ट्रैक्टर से अस्पताल पहुंचाने के बावजूद मरीज की मौत जब कोई प्रशासनी सहायता नहीं मिली तो परिजनों और ग्रामीणों ने खुद मरीज को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया. गांव में उपलब्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली पर खटिया रखकर मोनू टुडू को लिटाया गया और किसी तरह जामताड़ा सदर अस्पताल लाया गया. हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी. अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उपचार के दौरान ही मोनू टुडू की मौत हो गई. सिविल सर्जन ने जांच के दिए आदेश, एंबुलेंस कॉल की होगी जांच मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा कि कहां से चूक हुई है, मामले का जांच किया जाएगा, साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि परिजन द्वारा 108 एंबुलेंस को फोन किया था या नहीं. यह भी पढ़ें: झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बारिश में नहीं रुकेगा सफर, NHAI ने शुरू किया ड्रेनेज सफाई का विशेष अभियान यह भी पढ़ें: Dhanbad: युवा संगम में मध्य प्रदेश का 56 सदस्यीय दल पहुंचा IIT धनबाद, झारखंड की संस्कृति से हुए रू-ब-रू यह भी पढ़ें: पश्चिमी सिंहभूम: बायोमेट्रिक व्यवस्था के विरोध में सेल प्रबंधन का पुतला दहन करेगी संयुक्त यूनियन The post जामताड़ा : एंबुलेंस सेवा फेल, ट्रैक्टर से अस्पताल पहुंचे मरीज की इलाज के दौरान मौत appeared first on Naya Vichar.

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जमशेदपुर: पुलिसकर्मी बनकर एडवोकेट से ठगी की कोशिश, पकड़े जाने के डर से भागे बदमाश

जमशेदपुर से संजीव की रिपोर्ट Jamshedpur News: जमशेदपुर शहर में खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले शातिर ठगों ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता विद्या सिंह को अपना शिकार बनाने की कोशिश की. लेकिन अधिवक्ता ने अपनी कानूनी समझ और सूझबूझ से तुरंत ठगों की चाल को समझ लिया. इसके बाद पकड़े जाने के डर से ठग तुरंत मौके से फरार हो गए.  कोर्ट से लौट रहे थे अधिवक्ता, बुलेट सवारों ने रोका रास्ता  जानकारी के अनुसार, कोर्ट से काम निपटाकर वरिष्ठ अधिवक्ता विद्या सिंह मोटरसाइकिल से मानगो स्थित अपने घर लौट रहे थे. मानगो बस स्टैंड गोलचक्कर के पास एक बुलेट पर सवार दो युवक उनका पीछा करने लगे. अधिवक्ता जैसे ही मानगो पुल पार कर आगे बढ़े, बुलेट सवारों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका. कुछ दूरी पर ही मानगो यातायात पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी. बाइक चला रहे युवक ने पीछे बैठे व्यक्ति की तरफ रौब से इशारा करते हुए कहा कि ये हमारे बड़ा बाबू (इंस्पेक्टर) हैं. इसके तुरंत बाद पीछे बैठे तथाकथित इंस्पेक्टर ने डराने वाले लहजे में कहा कि आगे क्षेत्र में एक बड़ी हत्या हो गई है. माहौल बहुत खराब है, आपको डर नहीं लगता. अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतारकर चुपचाप रख लीजिए, नहीं तो कुछ भी अनहोनी हो सकती है. इस पर अधिवक्ता विद्या सिंह ने कहा कि तुम शायद मुझे नहीं पहचानते. मैं एक अधिवक्ता हूं और किसी से नहीं डरता. इसके बाद दोनों बदमाश तुरंत अपनी बुलेट पर सवार होकर वहां से भाग गए.  कद-काठी से दिख रहे थे असली पुलिसवाले अधिवक्ता विद्या सिंह ने बताया कि अचानक हुई बातचीत से वे पल भर के लिए हैरान रह गए. दोनों बदमाशों की कद-काठी लंबी-चौड़ी और रंग गोरा था और वे दिखने में बिल्कुल पुलिसवाले ही लग रहे थे.  सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ हुई ठगी के प्रयास की सूचना मिलते ही साकची और बिष्टुपुर थाना पुलिस तुरंत रेस हो गई. पुलिस टीम ने मानगो पुल, बस स्टैंड गोलचक्कर और घटनास्थल के आस-पास की दुकानों व चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला. पुलिस बुलेट सवार बदमाशों की तलाश में जुटी है. लगातार हो रही हैं ठगी की वारदातें  खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्गों को डराने और उनके जेवर ठगने वालों ने जमशेदपुर पुलिस की नींद उड़ा रखी है. आशंका है कि यह ईरानी गिरोह का काम है. इस गिरोह ने पिछले कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दिया है. पिछले दिनों जुगसलाई में बुजुर्ग से छह लाख, बिष्टुपुर में बुजुर्ग स्त्री से दो लाख और साकची में 2.15 लाख रुपये के गहनों की ठगी कर फरार हो गए थे. यह भी पढ़ें: Dhanbad: युवा संगम में मध्य प्रदेश का 56 सदस्यीय दल पहुंचा IIT धनबाद, झारखंड की संस्कृति से हुए रू-ब-रू यह भी पढ़ें: पश्चिमी सिंहभूम: बायोमेट्रिक व्यवस्था के विरोध में सेल प्रबंधन का पुतला दहन करेगी संयुक्त यूनियन The post जमशेदपुर: पुलिसकर्मी बनकर एडवोकेट से ठगी की कोशिश, पकड़े जाने के डर से भागे बदमाश appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी के घर की हुई तलाशी, बीजेपी बोली- किसी को भी जांच से छूट नहीं मिल सकती

मामले पर रिएक्शन देते हुए बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा कि अगर किसी मामले में भ्रष्टाचार, शिकायत या एफआईआर दर्ज है, तो जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई करेंगी. उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी जांच से छूट नहीं मिल सकती. लॉकेट ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कई बार ऐसे बयान दिए, जो लोगों को भड़काने वाले थे. उनके मुताबिक, किसी मुख्यमंत्री को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ये नेतृत्वक बदले की कार्रवाई नहीं : लॉकेट चटर्जी लॉकेट चटर्जी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने चुनाव में अपना फैसला सुना दिया और अब जिन मामलों में शिकायतें दर्ज हैं, उनकी जांच आगे बढ़ेगी. लॉकेट का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस के कई नेता, पार्षद और पंचायत प्रतिनिधि पहले से ही अलग-अलग मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं या जेल जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि इसे नेतृत्वक बदले की कार्रवाई बताना सही नहीं है. VIDEO | Kolkata: On recent searches at former West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee’s residence and TMC’s office in Kalighat, BJP leader Locket Chatterjee says, “If there is corruption, an FIR, or a case, then raids are bound to happen. That is just how the legal system and… pic.twitter.com/cnUSL4xTTw — Press Trust of India (@PTI_News) June 13, 2026 लॉकेट चटर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय तक गलत काम और भ्रष्टाचार हुआ, जिसकी वजह से जनता नाराज हुई. उन्होंने कहा कि जो लोग कानून तोड़ते हैं, उन्हें आखिरकार जवाब देना पड़ता है. उनके मुताबिक, जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और आने वाले समय में सच्चाई सबके सामने आ जाएगी. यह भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी के घर 4 घंटे तक चली छापेमारी, ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर कार्रवाई चार घंटे से ज्यादा समय तक चली पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी थाने की टीम ने कोलकाता पुलिस की मदद से शनिवार तड़के करीब तीन बजे अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी शुरू की. यह कार्रवाई चार घंटे से ज्यादा समय तक चली. इस छापेमारी को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जताई और सवाल उठाए हैं. The post अभिषेक बनर्जी के घर की हुई तलाशी, बीजेपी बोली- किसी को भी जांच से छूट नहीं मिल सकती appeared first on Naya Vichar.

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